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नोटबन्दी के कारण नकली नोटों में भारी कमी आई

नोटबन्दी के कारण नकली नोटों में भारी कमी – डिजिटल पेमेंट में 30 प्रतिशत वृद्धि
8.11.2021, नोटबन्दी के 5 साल पूरा होने पर भाजपा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नोटबन्दी का ही परिणाम है कि नकली नोटों में भारी कमी आ गई। जहां 2018-19 में 3.1 लाख पीस नकली नोट पाए गए थे वहीं 2020-21 में मात्र 2 लाख पीस पाए गए।

डिजिटल पेमेंट में 2019-20 मार्च की तुलना में 2020-21 में 30.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिजर्व बैंक का डिजिटल भुगतान सूचकांक जहां एक वर्ष पूर्व 207.84 था वह मार्च, 21 में 270.59 पर पहुंच गया।

2017 में एटीएम कुल ट्रान्जेक्शन का 58 प्रतिशत था वह 2021 में घटकर 16 प्रतिशत रह गया तथा मोबाइल बैकिंग, मोबाइल वालेट तथा पाॅस से ट्रान्जेक्शन 40 प्रतिशत से बढ़कर 85 प्रतिशत हो गया। इसी प्रकार अनौपचारिक अर्थ व्यवस्था कुछ वर्ष पूर्व तक जहां जी.डी.पी का 50 प्रतिशत था वहां अब 20 प्रतिशत की कमी के साथ जी.डी.पी का 30 प्रतिशत है जो यूरोप एवं कई लैटिन अमेरीकी देशों के समकक्ष है।

नोटबन्दी का ही परिणाम है कि नक्सली हिंसा, आतंकवादी घटनाएं तथा आतंकी फंण्डिग में भारी कमी आयी है।

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