मुख्यमंत्री ने पटना म्युजियम और बिहार म्युजियम का किया भ्रमण, नये प्रस्तावित बस अड्डा के निर्माण को लेकर विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण
पटना, 17 नवम्बर 2021 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज पटना म्युजियम का भ्रमण कर वहां चलाए जा रहे अपग्रेडेशन एवं एक्सटेंशन कार्यों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पटना म्युजियम के ग्राउंड प्लान, पटना म्यूजियम सब-वे लेबल प्लान तथा पटना म्यूजियम एवं बिहार म्युजियम की अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी को लेकर प्रस्तावित सब–वे की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने पटना म्युजियम एवं बिहार म्युजियम को जोड़ने वाले अंडरग्राउंड टनल (पाथ) बनाने की योजना की विस्तृत जानकारी ली और निर्माण कार्य को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा बड़ी संख्या में लोग पटना म्युजियम एवं बिहार म्युजियम आते हैं और आगे भी आयेंगे। इसे ध्यान में रखते हुये यहां पार्किंग की समुचित व्यवस्था करें ताकि यहां आने वाले लोगों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो।
पटना म्युजियम का सीएम ने किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पाटलिपुत्र एक ऐतिहासिक स्थल है। पुरातात्विक दृष्टिकोण से पटना म्युजियम का यह स्थल काफी महत्वपूर्ण है। इस दृष्टिकोण से पटना म्युजियम के एक हिस्से में खुदाई कराना आवश्यक है। ताकि पुरातात्विक अवशेषों की प्राप्ति से यहां के इतिहास के बारे में और विशेष जानकारी मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने पटना म्युजियम भ्रमण के उपरांत बिहार म्युजियम का भी निरीक्षण किया और पटना म्युजियम एवं बिहार म्युजियम को जोड़ने वाले अंडरग्राउंड पाथ के निर्माण कार्य को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पटना म्युजियम एवं बिहार म्युजियम के भ्रमण के पश्चात् नये प्रस्तावित बस अड्डे के निर्माण हेतु फुलवारीशरीफ के मुरादपुर, बिहटा के नेउरा तथा कन्हौली में स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के परामर्शी श्री अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव पथ निर्माण श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री आनंद किशोर, प्रमंडलीय आयुक्त श्री संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, कला-संस्कृति एवं युवा विभाग की सचिव श्रीमती बंदना प्रेयसी, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, अपर सचिव कला संस्कृति एवं युवा विभाग श्री दीपक आनंद, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री उपेंद्र शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।
पटना हाईकोर्ट ने फुलवारीशरीफ के टमटम पड़ाव स्थित वक्फ बोर्ड की भूमि पर बने मजार और कब्रिस्तान पर हुए अतिक्रमण की जांच कर उसे अतिक्रमण से मुक्त कराने का निर्देश डी एम, पटना को दिया। मंसूर आलम द्वारा दायर किये गए जनहित याचिका जस्टिस राजन गुप्ता की डिवीजन बेंच ने पर सुनवाई की।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि फुलवारीशरीफ में टमटम पड़ाव के पास 3.5 एकड़ में सुन्नी वक्फ का काफी समय से कब्रिस्तान है।यह मिनहाज रहमातुल्लाह अल्लाएह मजार और बाबा मखदूम साहेब मजार के नाम से जाना जाता है।
इस भूमि को सुल्तान मियां नामक व्यक्ति द्वारा अतिक्रमित कर लिया गया है।अतिक्रमणकारी द्वारा इस कब्रिस्तान के भूमि पर अवैध रूप से दुकान का निर्माण भी किये जाने लगा है।
कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता द्वारा अतिक्रमण करने वाले जमीन माफिया के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर राज्य के मुख्य मंत्री को एक आवेदन भी 25 सितंबर, 2020 को दिया गया।
साथ ही याचिकाकर्ता ने संयुक्त आवेदन पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी, सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, फुलवारीशरीफ के डी एस पी व एस एच ओ को भी दिया, जिसकी प्रति राज्य के डी जी पी, फुलवारीशरीफ के सी ओ व राज्य के गृह सचिव को भी भेजा गया, लेकिन अबतक अतिक्रमण हटाने के लिए को प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नही की गई। कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर उक्त आदेश देने के बाद मामले को निष्पादित कर दिया।
पटना हाईकोर्ट ने राज्य में सीनियर सेकेंड्री स्कूल हेडमास्टर के नियुक्ति के लिए बनी नियमावली की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है । टेट/एस टेट उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ की रिट याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार को चार हफ्ते में जवाब देने का आदेश दिया
हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में इस नियमावली के तहत हो रही नियुक्तियां इस याचिका में पारित फैसले पर निर्भर करेगा ।
याचिकाकर्ता के वकील कुमार शानू ने कोर्ट को बताया कि 18 अगस्त 2021 को अधिसूचित हुई बिहार राज्य उच्चतर माध्यमिक स्कूल हेडमास्टर नियमावली में हेडमास्टर की नियुक्ति की शर्ते परस्पर विरोधी हैं । एक ओर 2012 नियमावली के तहत टी ई टी परीक्षा पास करना अनिवार्य है ,वही दूसरी ओर शैक्षणिक कार्य अनुभव को न्यूनतम 10 साल रखा गया है ।
इसमें मुश्किल ये हैं कि 2012 की नियमावली के तहत टीईटी परीक्षा को पास कर अधिकांश अभ्यर्थी 2014 में शिक्षक बने । इसलिए टीईटी पास शिक्षकों का न्यूनतम कार्य अनुभव 10 साल तक का नही हो पाया । इस कारण हेडमास्टर बहाली में मनमानी हो रही है।
हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के आरोपों पर सरकार को जवाब देने के लिए चार सप्ताह की मोहलत दिया है।इस मामले पर अगली सुनवाई 8 हफ्ते बाद होगी ।
बिहार में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने बुधवार को बोध गया स्थित मगध यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के ठिकानों पर छापेमारी की। कुलपति के ऑफिस के साथ-साथ घर को खंगाला जा रहा है। इस बात की पुष्टि स्पेशल विजिलेंस यूनिट ADG नैयर हसनैन खान ने की है।
कुलपति के कार्यालय में चल रहा है छापामारी
कुलपति पर रुपए की हेराफेरी का आरोप है। इसमें कुलपति अकेले नहीं हैं। कुलपति के PA सुबोध कुमार, आरा स्थित वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी के फाइनेंशियल ऑफिसर ओम प्रकाश, पटना स्थित पाटलिपुत्रा यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार जितेंद्र कुमार और लखनऊ के मेसर्स पूर्वा ग्राफिक्स एंड ऑफसेट व मेसर्स एक्सलिकट सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के मालिक शामिल हैं।
ADG के मुताबिक, इन सभी के खिलाफ 16 नवंबर को SVU ने IPC की धारा 120B, 420, R/W की धारा 12 के सेक्शन 13(2) & 13(B) और PC एक्ट 1988 के तहत FIR दर्ज की गई। फिर स्पेशल विजिलेंस कोर्ट से कुलपति के ठिकानों पर छापेमारी करने और वहां की जांच करने के लिए सर्च वारंट मांगा। इसे कोर्ट ने जारी कर दिया। इसके बाद बुधवार सुबह छापेमारी की गई।
पत्रकार अविनाश झा हत्याकांड मामले में पुलिस प्रशासन क्या कर रही है इस पर मेरी भी नजर है और अविनाश को न्याय कैसे मिले इसको लेकर राज्य के सीनियर अधिकारियों से भी लगातार संपर्क में है आईजी दरभंगा को देखने का निर्देश पुलिस मुख्यालय की और से दिया गया है।
जो जानकारी मिल रही है अविनाश मधुबनी जिले में चल रहे अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ अभियान चला रखा था और उसी वजह से उसकी हत्या हुई है ऐसा परिवार के लोगों का कहना है ।
वजह जो भी रहा हो लेकिन इस तरह के सार्वजनिक हितों से जुड़े मामले में झूठे मुकदमे में फंसाने से लेकर हत्या तक की घटनाए आम होती जा रही है वही इस तरह के व्हिसल ब्लोअर के संरक्षण के लिए जो कानून बनाये गये वो अब निष्प्रभावी होते जा रहा है। वजह भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लड़ने वालों को सरकार ,न्यायपालिका और मीडिया से जो पहले संरक्षण मिलता था वो अब नहीं मिल रहा है मीडिया का हाल क्या कहना है शहाबुद्दीन की बेटी की शादी में व्यस्त है, रहे भी क्यों नहीं सबसे अधिक इसी तरह के खबर को लोग पढ़ते हैं ।
वही पुलिस और प्रशासन का हाल यह है कि सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है तो आवाज उठाने वालो पर ही पुलिस कार्रवाई करनी शुरु कर देती है, पहले ये सब थाना स्तर पर होता था लेकिन अब यह सब डीएम और एसपी के स्तर पर होने लगा है ऐसे में आप किससे न्याय की उम्मीद करते हैं ।
कोर्ट का हाल आप देख ही रहे हैं याद है या भुल गये पटना हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में रिपोर्ट करने पर रोक लगा दिया था ।ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस भ्रष्ट व्यवस्था से कैसे लड़ा जाये ,मैं अपने अनुभव के आधार पर कुछ बाते कहना चाहता हूं भारत में लोकतंत्र के अंदर जो व्यवस्था है आप उन्ही के सहारे लड़ाई लड़ सकते हैं ।
1970 के दशक में हमारे कुछ उत्साही नौजवान बंदूक के सहारे व्यवस्था बदलने की सोच को लेकर नक्सल आंदोलन की शुरुआत किये भले ही आज यह आंदोलन एक अपराधी गैंग के हाथों सिमट कर रह गया है लेकिन इस आंदोलन ने सिस्टम को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने के लिए जरुर मजबूर किया लेकिन हिंसा आधारित आन्दोलन का जो हश्र होता है वही हश्र नक्सल आंदोलन का भी हुआ ।
दूसरा विकल्प गांधीवाद है उसके लिए आपके अंदर नैतिक बल होना चाहिए साथ ही जेल जाने के डर से बाहर निकलना पड़ेगा आज ना तो इसके लिए समाज तैयार है ना ही हमारी युवा पीढ़ी ।सोशल मीडिया के आने से थोड़ी उम्मीद जगी थी लेकिन भाई साहब लोग इसको भी गर्त में पहुंचा दिये आज हर गांव में एक सोशल मीडिया से जुड़े लोग मिल जायेंगे जो सुबह से शाम तक मिड डे मील की जांच करने स्कूल स्कूल में घूमता रहता है , बात नहीं बनी तो फिर जनवितरण प्रणाली के दुकान पर चला जाता है, इससे भी बात नहीं बनी तो अस्पताल पहुंच जाता है और दिन भर में सौ दो सौ करते करते एक हजार रुपया तक उगाही कर लेता है ।
यही चल रहा है बिहार में हाल ही छपरा से एक सीनियर पुलिस अधिकारी का फोन आया संतोष जी सामने एक लड़का बैठा है कह रहा है कि मैं पटना के एक पोर्टल का संपादक हूं देखिए कैसे ये जनाब एक गरीब का फसा दिया है। हुआ ऐसा कि संपादक महोदय कुछ दिन पहले छपरा गये थे और एक चप्पल बनाने वाले कारोबारी को ऑर्डर दिया कि इस नाम से एक हजार हवाई चप्पल बना दो और इसके लिए एडभान्स के रूप में 5 हजार रुपया भी दे दिया, जिस दिन चप्पल लेने के लिए वो कारोबारी फोन किया उस दिन संपादक महोदय उस कंपनी के बिहार हेड को लेकर छपरा पहुंचे और थाने में बड़े ब्रांड का नकली समान बनाने का आरोप लगाते हुए केस करवा दिया ।
पुलिस उस कारोबारी के घर छापा मारा तो ब्रांडेड कंपनी का नकली चप्पल उसके घर से बरामद हुआ पुलिस वहां काम करने वाला जो भी कारीगर था सबको पकड़ कर थाने ले आया पुलिस के लिए ये बड़ी उपलब्धि थी इसलिए पूछताछ के लिए सीनियर अधिकारी भी थाने पहुंच गये इस बीच संपादक महोदय पुलिस की कार्रवाई का लाइव रिपोर्टिंग करते रहे।
सीनियर अधिकारी जब थाना पहुंचा तो पूछताछ में पता चला कि चप्पल कारोबारी कानपुर के चप्पल बनाने वाली कंपनी में काम करता था लॉकडाउन में कंपनी बंद हो गया तो छपरा लौट आये और यहां आकर चप्पल बनाना जानते थे ही ,यही घर पर छोटा सा फैक्ट्री बैठा कर चप्पल बनाते हैं और गांव गांव घूम कर बेचते हैं ये मेरा भतीजा है जो साथ कानपुर में काम करता था।
ये जो मोबाइल चला रहे हैं वहीं आये हुए थे एक माह पहले मुझे एक नाम दिये और पांच हजार एडभान्स दिये और बोले जो एक हजार पीस चप्पल इस नाम से बना दो मैंने बना करके फोन कर दिये फिर ये घटना घटी है ।
पुलिस जब कंपनी वाले से पूछा तो पता चला ब्रांडेड कंपनी इस तरह जो नकली सामान बेचता है उसको पकड़ने पर कंपनी पकड़वाने वाले व्यक्ति को अच्छा खासा पैसा देता है, संपादक महोदय मीडिया के आर में यही धंधा चला रहा है ।
कभी सूने हैं पत्रकार को भी जिला बदर किया जाता है नहीं ना सूने हैं तो सुन लीजिए यह घटना दरभंगा का है जहां एक राष्ट्रीय चैनल के पत्रकार को डीएम जिला बदर कर दिया इसलिए कि वो रोज एफसीआई गोदाम पहुंच कर उगाही करना चाह रहे थे।
यही हाल सूचना का अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले अधिकांश आरटीआई कार्यकर्ता का हर पंचायत में आपको दो चार मिल जाएगा जिसका दिन भर काम यही है सूचना मांगना और पैसा लेना और यही वजह है कि यह कानून ही निष्प्रभावी हो गया ।ऐसे में समाज भी तय नहीं पा रही है कि असली कौन है और नकली कौन है और इसी का फायदा सिस्टम उठा रहा है ।
ऐसे में भ्रष्टाचार और जुल्म के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए संगठित होने कि जरूरत है आज हो क्या रहा है भ्रष्टाचार और गलत काम करने वालो को बचाने के लिए सारा चोर एक साथ खड़ा हो जा रहा है लेकिन सही के लिए लड़ाई लड़ने वाले अक्सर अकेले पड़ जाता है ।
पटना हाईकोर्ट ने पूर्व चम्पारण के केसरिया ज़िला परिषद के चुनाव में उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि के समक्ष मतगणना नहीं होने के मामले पर सुनवाई की।हेमंत कुमार की जनहित याचिका पर जस्टिस राजन गुप्ता की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को मतगणना के समय वीडिओ और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इस जनहित याचिका में यह आरोप लगाया गया कि चुनाव के बाद हुए मतगणना के दौरान न तो उम्मीदवार उपस्थित थे और न ही उनके प्रतिनिधि।मतगणना उनके अनुपस्थिति में हुआ और बाद में एक चार्ट में मतगणना का परिणाम दे दिया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग के वरीय अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया गया कि चुनाव के बाद मतगणना नियमानुकूल हुई।इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई।साथ ही सारी मतगणना प्रक्रिया का वीडिओ और सीसीटीवी फुटेज मौजूद है।
इस पर कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि मतगणना से सम्बंधित वीडिओ और सीसी टीवी फुटेज की जांच व् परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करें।इसके साथ ही कोर्ट ने मामले को निष्पादित कर दिया।
पटना हाईकोर्ट में राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों से जारी की जाने वाली मेडिकल,इंजुरी व पोस्टमार्टम रिपोर्ट को computerised (डिजिटल) करने के जनहित याचिका दायर किया गया है।ये जनहित याचिका अधिवक्ता ओम प्रकाश ने दायर किया है।
उन्होंने इस जनहित याचिका में यह आरोप लगाया कि अधिकतर सरकारी और निजी अस्पतालों से निर्गत मेडिकल,इंजुरी व पोस्टमॉर्टम हस्तलिखित होता हैं।इससे न सिर्फ पढ़ने में कठिनाई होती है, बल्कि सही अर्थ भी नहीं निकल पाता है। रिपोर्ट की लिखावट स्पष्ट नहीं होने के कारण पढ़ने में बहुत मुश्किलें होती है।यहीं रिपोर्ट पुलिस थाना से होते हुए कोर्ट में आता है।यहाँ इस तरह के रिपोर्ट पढ़ने में मुश्किल होने के कारण न्यायिक प्रक्रिया मे बाधा उत्पन्न होता हैं।
इससे पूर्व 16 दिसंबर,2020 को याचिकाकर्ता ने इस सम्बन्ध में जनहित याचिका दायर किया था।हाईकोर्ट ने इस मामले पर सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिकाकर्ता को राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को इस सम्बन्ध में अभ्यावेदन दायर करने का आदेश दिया था।साथ ही सम्बंधित अधिकारी को यह निर्देश दिया था कि इस मामले में विचार कर दो माह में निर्णय लें।लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट के निर्देश के अनुसार इस सम्बन्ध में याचिककर्ता दुबारा हाईकोर्ट के समक्ष ये मामला विचार के लिए रखा।
पटना हाईकोर्ट ने कथित रूप से पुलिस कस्टडी में गुड्डु राय नाम के एक क़ैदी के मृत्यु के मामले में इंस्पेक्टर कमलेश कुमार की अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस अरविन्द श्रीवास्तव ने अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई करते हुए केस डायरी तलब किया है। साथ ही साथ कोर्ट ने याचिकाकर्ता कमलेश कुमार की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है।
याचिकाकर्ता के विरुद्ध हुई विभागीय जांच में यह पाया गया था कि मारने की वजह से गुड्डु राय की मृत्यु हुई थी। छपरा स्थित सदर अंचल के पुलिस निरीक्षक हीरालाल प्रसाद द्वारा 20 अगस्त, 2019 को सारण के दाउदपुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी।
प्राथमिकी के अनुसार याचिकाकर्ता तत्कालीन थाना प्रभारी दाउदपुर पर कस्टडी में जाने के बाद जांच के क्रम में गुड्डु राय को गंभीर रूप से मारपीट करने का आरोप है। जिसकी वजह से इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। घटना स्थल दाउदपुर थाना परिसर स्थित थानाध्यक्ष का कक्ष बताया गया है।
याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने आरोपी पुलिस अधिकारी का बचाव करते हुए कहा कि मृतक गुड्डु राय एक कुख्यात अपराधी था। उसके विरुद्ध बहुत सारे केस थे। पुलिस अधिकारी द्वारा कानून के दायरे में मृतक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की गई थी।
जेल में ही कुछ कैदियों द्वारा मारपीट किये जाने की वजह से इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। आगे उन्होंने बताया कि गुड्डु राय को 21 जुलाई, 2017 को जुडिशियल रिमांड में जेल भेजा गया था।उसकी मृत्यु 26 जुलाई, 2017 को पटना के पी एम सी एच में इलाज के दौरान हुई थी।मृतक का पोस्टमार्टम भी पटना के पी एम सी एच में किया गया था।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 7 घंटे तक मद्य निषेध के क्रियान्वयन से संबंधित उच्च स्तरीय मैराथन समीक्षा बैठक की
मुख्यमंत्री के निर्देश :
शराबबंदी के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिन्हें जिम्मेदारी दी गई है वे पूरी मुस्तैदी एवं मनोयोग के साथ काम करें।
न राज्य में शराब आने देंगे और न किसी को शराब पीने देंगे इसी मानसिकता के साथ काम करें।
जो भी सरकारी अधिकारी, कर्मी गड़बड़ी करते हैं उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें।
शराब के धंधे एवं शराब के सेवन में लिप्त किसी भी व्यक्ति पर कठोरता के साथ कार्रवाई करें।
पटना राजधानी है यहां विशेष सतर्कता बरतें।
शराब सेवन से होने वाली हानि के बारे में लोगों को जागरुक करें। मद्य निषेध को लेकर गांधी जी के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
वर्ष 2016 में डब्ल्यू०एच०ओ० ने एक सर्वे कराया था, जिसमें शराब के सेवन से होने वाली हानियों के संबंध में रिपोर्ट प्रकाशित की गयी थी, इसके बारे में भी लोगों को बतायें।
सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत लाभार्थियों की सही पहचान कर उन्हें इसका लाभ दिलाएं।
कॉल सेंटर में कॉल करने वाले लोगों की गोपनीयता बरकरार रखें और इसका बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करें। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और शिकायतों के निष्पादन के संबंध में पूरी तरह से एक्टिव रहें ।
बॉर्डर एरिया में शराब सप्लाई के रुट्स को चिन्हित कर लगातार छापेमारी करें।
ए०डी०जी० / आई०जी० / डी०आई०जी० स्तर के पदाधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करें और निचले स्तर तक क्रियान्वयन का जायजा लें।गृह विभाग तथा मद्य निषेध विभाग आंतरिक सतर्कता विंग की व्यवस्था करें ताकि विभागीय अधिकारियों/ कर्मियों पर भी नियमित नजर रखी जा सके।
15 दिन में जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक, उत्पाद अधीक्षक एवं विशेष लोक अभियोजक एक बार साथ बैठक कर शराबबंदी के क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा करें। जिलों के प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव महीने में एक बार जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा करने के साथ-साथ शराबबंदी के क्रियान्वयन की भी समीक्षा करें।
सभी थानों में चौकीदारों पर विशेष नजर रखें और उन्हें गांव में गड़बड़ी करने वालों के संबंध में पूरी सूचना देने को कहें। जिन थाना प्रभारियों के कार्य में शिथिलता पायी गई हैं उन्हें 10 वर्षों तक थाना प्रभारी नहीं बनाए जाने का निर्णय लिया गया था, इस पर पूरी सख्ती से अमल करें।
पटना, 16 नवम्बर 2021 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 7 घंटे तक मद्य निषेध के क्रियान्वयन से संबंधित उच्च स्तरीय मैराथन समीक्षा बैठक की। समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक मद्य निषेध ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रोविशन इनफोर्समेंट लीकर रिकवरी एंड डिस्ट्रक्शन, केस रजिस्टर्ड एंड अरेस्टिंग, कन्विक्शन, प्रोनिशन कॉल सेंटर, डिसिप्लिनरी एक्शन, प्रचार-प्रसार अभियान आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
समीक्षा के दौरान पुलिस महानिदेशक श्री एस०के० सिंघल ने मुख्यमंत्री द्वारा पूछे गये शराबबंदी से जुड़े प्रश्नों का सिलसिलेवार जवाब दिया और आगे की जाने वाली कार्रवाईयों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी।
अपर मुख्य सचिव, गृह श्री चैतन्य प्रसाद ने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के संबंध में अद्यतन जानकारी दी।
सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक ने अपने-अपने जिलों में मद्य निषेध के क्रियान्वयन के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी दी। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की मांग पर 05 अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू की गयी। विधानसभा और विधान परिषद् में सर्वसम्मति से शराबबंदी कानून परित किया गया। सभी विधान सभा एवं विधान परिषद् सदस्यों सहित सभी सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शराबबंदी के पक्ष में शपथ ली थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से 2019 तक शराबबंदी के क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा भी की गई है। उसके बाद कोरोना का दौर आया और उसमें भी शराबबंदी के क्रियान्वयन को लेकर समय-समय पर समीक्षा की जाती रही है। 21 जनवरी 2017 को 04 करोड़ लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर शराबबंदी के पक्ष में अपना समर्थन दिया था। हाल ही में 05 नवंबर को शराबबंदी को लेकर भी समीक्षा बैठक हुई थी, जिसमें तय किया गया था कि 18 नवंबर को शराबबंदी के क्रियान्वयन के एक-एक बिंदु पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में डब्ल्यूएचओ ने सर्वे कराया था, जिसमें बताया गया था कि शराब के सेवन से कितनी हानि होती है 20 से 39 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की पूरी दुनिया में जितनी मौतें होती है उसमें शराब पीने के कारण 13.5 प्रतिशत लोगों की मृत्यु होती है 2018 में पूरी दुनिया में शराब पीने के कारण 30 लाख लोगों की मृत्यु हुयी है जो कुल मृत्यु का 6.3 प्रतिशत है। इस रिपोर्ट में शराब पीने के कारण होने वाली कई गंभीर बीमारियों के बारे में बताया गया है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के कारण राज्य में अपराध की घटनाओं में और कमी आयी है। पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। उन सभी जनप्रतिनिधि महिलाओं, अन्य संस्थाओं एवं जीविका के माध्यम से लोगों को शराब सेवन से होने वाली हानि के बारे में जागरूक किया जा रहा है, इस काम में और तेजी लायें मद्य निषेध को लेकर गांधी जी के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को शराब से होने वाली हानि के संबंध में जागरूक करें। शराब सेवन से छुटकारे के लिए अस्पतालों में बनाए गए नशामुक्ति केंद्र में जाने के लिए लोगों को प्रेरित करें।
शराबबंदी को लेकर सरकार एक्शन में
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है वो पूरी मुस्तैदी एवं मनोयोग के साथ काम करें। न राज्य में शराब आने देंगे और न किसी को शराब पौने देंगे, इसी मानसिकता के साथ काम करें जो भी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी गड़बड़ी करते हैं उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें। समाज में कुछ गड़बड़ करने वाले लोग होते हैं। ज्यादातर लोग अच्छे होते हैं गड़बड़ करने वाले लोगों की पहचान कर उन पर ऐक्शन लें कोई भी व्यक्ति किसी से संबद्ध हो पूरी पारदर्शिता के साथ उन पर कार्रवाई करें। सभी लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई किसी को बख्शना नहीं है। वास्तविक रूप से शराब के धंधे में लिप्त लोगों की गिरफ्तारी हर हालत में हो। पटना राजधानी है यहां विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 नवंबर को नशामुक्ति दिवस पर सभी सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक बार पुनः शराबबंदी को लेकर मजबूती से शपथ दिलाएं सभी मंत्रीगण, सभी विधायकगण, सभी विधान पार्षदगण सहित सभी जनप्रतिनिधि भी शपथ लें। उन्होंने कहा कि सभी को संकल्प लेकर शराबबंदी को कारगर बनाने के लिए एकजुट होकर काम करना है। उन्होंने कहा कि नीरा उपयोगी है। इसका न सिर्फ स्वाद अच्छा है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। इससे लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी और रोजगार भी मिलेगा। नीरा के उत्पादन को पुनः शुरू करायें सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत लाभार्थियों की सही पहचान कर उन्हें इसका लाभ दिलाएं।
शराबबंदी पर सरकार किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉल सेंटर में कॉल करने वाले लोगों की गोपनीयता बरकरार रखें और इसका बेहतर क्रियान्वयन करें शिकायतकर्ता की संतुष्टि और शिकायतों के निष्पादन के संबंध में पूरी तरह से एक्टिव रहें बिजली के पोल तथा ट्रांसफार्मर पर कॉल सेंटर का नंबर हर जगर अंकित होना चाहिए। बॉर्डर एरिया में शराब सप्लाई के फट्स की पहचान करें और लगातार छापेमारी करें। उन्हों कहा कि एण्डी०जी० आई०जी० / डी०आई०जी० स्तर के पदाधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर निचले स्तर पर क्रियान्वयन का जायजा लें गृह विभाग तथा मद्य निषेध विभाग आंतरिक सतर्कता विंग की व्यवस्था करे ताकि विभागीय अधिकारियों/ कर्मियों पर भी नियमित नजर रखी जा सके 15 दिन में जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक, उत्पाद अधीक्षक एवं लोक अभियोजक एक बार साथ बैठक कर शराबबंदी के क्रियान्वयन को लेकर अवश्य समीक्षा करें जिलों के प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव महीने में एक बार जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा करने के साथ-साथ शराबबंदी के क्रियान्वयन की भी समीक्षा करें। सभी थानों में चौकीदारों पर विशेष नजर रखें और उन्हें गांव में गड़बड़ी करने वालों की पूरी सूचना देने के लिए कहें। जिन थाना प्रभारियों के कार्य में शिथिलता पायी गई हैं उन्हें 10 वर्षों तक थाना प्रभारी नहीं बनाए जाने का निर्णय लिया गया था. इस पर पूरी सख्ती से अमल करें।मुख्यमंत्री ने कहा कि विधि व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण के लिए हर हालत में काम करना है साथ ही शराबबंदी के नियंत्रण के लिए भी उतनी ही मुस्तैदी के साथ काम करना है।
जिस थाने क्षेत्र में शराब बरामद होगा थानेदार की जायेंगी नौकरी
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री श्रीमती रेणु देवी, ऊर्जा सह योजना एवं विकास मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन मंत्री श्री सुनील कुमार, उद्योग मंत्री श्री शाहनवाज हुसैन, जल संसाधन मंत्री श्री संजय झा, भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडे, समाज कल्याण मंत्री श्री मदन सहनी, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री श्री सुमित कुमार सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री जमां खान, पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री रामप्रीत पासवान, पर्यटन मंत्री श्री नारायण प्रसाद, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री श्री मुकेश सहनी, लघु जल संसाधन मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री जयंत चौधरी, परिवहन मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, कृषि मंत्री श्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, खान एवं भूतत्व मंत्री श्री जनक राम, कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री श्री आलोक रंजन, श्रम संसाधन-सह- सूचना एवं प्रावैधिकी मंत्री श्री जीवेश कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री राम सूरत कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0 सिंघल, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव गृह श्री चैतन्य प्रसाद मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, अ पुलिस महानिदेशक लॉ एंड ऑर्डर श्री विनय कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय श्री जे०एस० गंगवार, अपर पुलिस महानिदेशक, स्पेशल ब्रांच श्री सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, उत्पाद आयुक्त श्री बी० कार्तिकेय धनजी विशेष सचिव गृह श्री विकास वैभव, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अन्य मंत्रीगण, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव, संबंधित विभागों के अन्य वरीय अधिकारी, रेंज के पुलिस महानिरीक्षक / पुलिस उप महानिरीक्षक, जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक जुड़े हुए थे।
पत्रकार अविनाश कुमार उर्फ बुद्धिनाथ झा की हत्या को लेकर आज भी पूरे बिहार में हंगामा जारी रहा वहीं अविनाश के परिजन मधुबनी पुलिस के कार्यशैली को लेकर सड़क पर उतर आये और थाने के सामने सड़क पर बैठकर परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया।
अविनाश सोशल मीडिया पर खबरों का चैनल चलाते थे। साथ ही वे नवजातों की थेरेपी का क्लीनिक भी चलाते थे। परिजनों का आरोप है कि अविनाश बेनीपटट्टी के कई फर्जी नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई के लिए कागजी प्रक्रिया कर रहे थे, इसलिए उनकी हत्या की गई है।
पुलिस ने इस मामले में नर्स समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। बेनीपट्टी एसडीपीओ अरुण कुमार सिंह ने जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने का दावा भी किया है। उन्होंने बताया कि अविनाश झा हत्याकांड में अरेर थाना क्षेत्र के अतरौली की पूर्णकला देवी, बेनीपट्टी के रोशन कुमार साह, बिट्टू कुमार पंडित, दीपक कुमार पंडित, पवन कुमार पंडित व मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया है। सभी से सघन पूछताछ की जा रही है। हत्या मामले में पुलिस प्रेम प्रसंग और नर्सिंग होम संचालकों की संलिप्तता दोनों बिन्दुओं पर जांच कर रही है।
विधानसभा के आम चुनाव में देरी है। सो, तारापुर-कुशेश्वरस्थान के उप चुनाव को मिनी आम चुनाव तो नहीं, रिहर्सल कह सकते हैं। उप चुनाव के अनुभव से आम चुनाव के लिए सटीक पात्र तय होंगे। विषय वस्तु का निर्धारण होगा। दर्शकों की रुचि की विविधता को देखते हुए कुछ रोचक पटकथा लिखी जाएगी। तारापुर में जदयू और राजद-दोनों ने कठोर श्रम किया।
हाल के दिनों का यह पहला उप चुनाव था, जिसमें हर घर नेता पहुंचे। कड़ी मेहनत किसे कहते हैं, इसका अहसास सभी दलों को हुआ।जदयू के नए बने राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह इसी क्षेत्र में बंधे रहे। भवन निर्माण मंत्री डा. अशोक चौधरी प्रभारी बनाए गए थे।
चुनाव के दौरान वह एक दिन के लिए भी पटना नहीं आए। मतदान के दिन भी वे जमुई जिले में बैठे थे। राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने रोड शो किया। केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने कई गांवों में गए। पार्टी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा इस क्षेत्र के गांवों में गए।
विधानसभा के पिछले चुनाव में रालोसपा उम्मीदवार को पांच हजार से अधिक वोट मिले थे। कुशवाहा ने इन वोटरों को जदयू में हस्तांतरित कराने की पूरी कोशिश की। सरकार का शायद ही कोई मंत्री और जदयू का सांसद या विधायक हो, जिन्होंने उप चुनाव में वोट नहीं मांगा।
जाति बनाम विकास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नारा न्याय के साथ विकास है। चुनाव जीतने के लिए यह काफी नहीं होता है। इसलिए जिस जाति का गांव था, उसी जाति के नेता की ड्यूटी लगाई गई। प्रचार के दौरान यह भी पता चला कि अंदरूनी हिस्से में विकास की रफ्तार ठीक नहीं है।
प्रचार के दौरान जदयू प्रवक्ता संजय सिंह को ग्रामीणों ने खराब सड़क की शिकायत की। ललन सिंह को कई जगहों पर कहना पड़ा कि प्राथमिकता के आधार पर अंदरूनी सड़कों की मरम्मत करा देंगे। इसके अलावा अफसरों की काम टालू प्रवृति और रिश्वखोरी की शिकायतें भी इफरात में मिली। सवाल उठता है कि किसी एक क्षेत्र में इतनी मेहनत आम चुनाव में भी संभव है क्या?
तेजस्वी को शुद्ध लाभ कड़ी मेहनत के बावजूद राजद चुनाव हार गया। जदयू की तरह उसके भी विधायक-पूर्व विधायक पंचायतों में भर चुनाव मौजूद रहे। तेजस्वी यादव ने अकेले चुनाव लड़ने और अपने समीकरण से बाहर का उम्मीदवार देकर नया प्रयोग किया था। इन प्रयोगों पर उन्हें अफसोस करने की जरूरत नहीं है। तेजस्वी को शुद्ध लाभ यह हुआ कि परिवार ने भी उनके नेतृत्व को स्वीकार कर लिया।
विश्लेषण का एक पक्ष यह भी है कि राजद अपने संस्थापक लालू प्रसाद के दौर से निकल गया है। उनकी पुरानी शैली राजद के बदले प्रतिद्वंद्वी को लाभ पहुंचाती है। हां, लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को भी उप चुनाव से संदेश मिला-अकेले चलते रहे तो घाटे में ही रहेंगे।
स्पीड का कहर जी है बिहार में इन दिनों अपराधिक घटनाओं से कही अधिक मौते स्पीड के कहर से हो रहा है आज सुबह से ही बिहार के अलग अलग हिस्सों से अभी तक एक दर्जन से अधिक लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत की खबर आ चुकी है वही कई लोग जिंदगी और मौत से जुझ रहे हैं ।
सुशांत सिंह राजपूत के रिश्तेदारों की सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत
सुबह सुबह आज लखीसराय जिले में हुए एक हादसे में (Lakhisarai Road Accident) जमुई जिले के खैरा थाना इलाके के भंडरा गांव के एक परिवार के छह लोगों की मौत हो गई. हादसे का शिकार हुए छह लोगों में से चार लोग सुशांत सिंह राजपूत के जीजा के रिश्तेदार थे. जीजा जी हरियाणा कैडर के डीजी रैक के अधिकारी ओमप्रकाश सिंह के चार रिश्तेदार इस दुर्घटना में मारे गए हैं.
ओमप्रकाश सिंह की बहन का अंतिम संस्कार कर उनकी बहन के पति अपने दो बेटे और एक बेटी समेत कुल 10 लोगों के साथ सुमो विक्टा में सवार थे जो अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद पटना से अपने घर लौट रहे थे. लखीसराय के पास उनकी गाड़ी सड़क हादसे का शिकार हो गई जिसमें 6 लोगों की मौत मौके पर ही हो गई जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों में दो लोगों को जमुई जबकि दो लोगों को पटना रेफर किया गया है. दूसरी खबर बगहा से है जहां बगहा नगर थाना के सिकटिया मच्छरगावा गांव के समीप तेज गति से आ रहे बाइक व बैल गाड़ी के आमने सामने हुई भिड़ंत में एक की मौत हो गई। वही दो लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज स्थानीय स्तर पर चल रहा है। मृतक चिउटांहा थाना क्षेत्र के रतनपुरवा के निवासी मृतक अतुल कुमार है जो अपने मां बाप के एकलौता संतान था। तीसरी खबर कटिहार के पोठिया प्रखंड से कुरसेला से आ रही है अनियंत्रित मारुति कार पेड़ से टकराई,जिसमे कार में सवार एक दिव्यांग महिला की मौत इलाज के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हो गयी ,जबकि चालक गंभीर रूप से घायल है,मृतक फारबिसगंज के बताए जा रहे है और अपने घर से महेशखूंट जा रहे थे,घटना कुर्सेला के महेशपुर के समीप की है चौथी खबर गोपालगंज से आ रही है जहां मीरगंज थाना के नरैनिया एसबीआई बैक के पास एक जिला प्रशासन लिखी तेज़ रफ़्तार अनियंत्रित गाडी ने एक बाइक को कुचल दिया। घटना स्थल पर ही बाइक सवार की मौत हो गयी। वहीं दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया। मृतक की पहचान मीरगंज थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव निवासी कपिल देव पंडित के पुत्र हरि किशुन पंडित के तौर पर हुई है। घायल युवक नगर थाना के गोसाई टोला निवासी घोघी पण्डित के पुत्र मुंद्रिका पण्डित है।
आज के सभी अखबारों में शराबबंदी को लेकर आपका एक संदेश छपा है जिसमें शराबबंदी को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव है ।साथ ही आज आप शराबबंदी कानून को और प्रभावी ढंग से कैसे लागू किया जाये इस पर बैठक करने वाले हैं । शायद आपको याद नहीं होगा लेकिन मुझे पूरी तौर पर याद है जब आपकी सरकार ने बिहार के गांव गांव में शराब बिक्री केन्द्र खोलने का निर्णय लिया था उस निर्णय के एक वर्ष पूरे होने पर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग द्वारा अभियंता भवन में बड़े स्तर पर मध निषेध दिवस का आयोजन किया गया था । कार्यक्रम के समापन के बाद चलते चलते मैंने आपसे एक सवाल किया था एक तरफ आप शराब से होने वाले नुकसान को लेकर आज पूरे बिहार में मध निषेध दिवस मना रहे हैं दूसरी और गांव गांव में आप शराब बिक्री केन्द्र खोल रहे हैं जिस वजह से गांव स्तर पर शराब पीने वाले एक नये वर्ग का उदय हुआ, घरेलू हिंसा और अन्य अपराध में काफी वृद्धि हुई है और गांव की शांति समाप्त हो गयी है । आप हंसते हुए उस समय के उत्पाद एवं मद्य निषेध विजेंद्र यादव की ओर देखते हुए कहा था विजेंद्र बाबू संतोष जी के सवाल का जबाव दीजिए, ऐसा लगा मंत्री जी इस सवाल के जबाव को लेकर पूरी तैयारी के साथ कार्यक्रम में भाग लेने आये थे । मंत्री जी बोलने लगे महाराष्ट्र ,हरियाणा ,पंजाब और उत्तर प्रदेश में आबादी के हिसाब से जितनी दुकाने हैं उससे आज भी बिहार में आधे से कम शराब की दुकाने हैं अभी भी बिहार में और शराब की दुकाने खोलने पर सरकार विचार कर रही है और बात घरेलू हिंसा कि है तो इसलिए तो आज पूरे बिहार में स्कूल स्तर पर भी मध निषेध दिवस मनाया जा रहा है ताकी लोगों में जागरुकता आ सके कि शराब पीना से सेहत और परिवार का कितना नुकसान होता है । खैर अब इन सवालों का कोई मतलब नहीं रह गया है बात अब हम शराबबंदी कानून को लेकर करते हैं पहली बात आपके जानकारी के लिए पत्रकार होने के बावजूद शराब के एक बूंद का सेवन मैंने अभी तक नहीं किया हूं । मैं ही नहीं मेरे पूरे परिवार में चाहे वो बहन का पक्ष हो ,ससुराल का पक्ष हो, ननिहाल का पक्ष हो स्थिति यह है कोई लेता भी होगा तो पता किसी को नहीं है शराब को लेकर यह धरना आज भी है इसलिए शराबबंदी कानून के पक्षकार में भी हूं लोग इस कानून की जीतनी भी आलोचना कर ले आज भी कितने भी रसुख वाले लोग क्यों ना हो शराब पीकर चौक चौहारे पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता है पीये हुए हैं तो साइज में है यह स्थिति अभी भी है। वहीं दूसरी ओर सच्चाई यह भी सच्चाई है कि शराब बिहार के हर गांव में उपलब्ध है और जब चाहे आपको आपके घर पहुंचा दिया जायेगा और यह सब पुलिस और उत्पाद विभाग से जुड़े कर्मियों के सहयोग से ही चल रहा है और इसको रोकना आपके बस में नहीं है क्यों कि इस धंधे ने पूरे बिहार में एक ऐसा नेटवर्क खड़ा कर दिया है जिसको तोड़ना सम्भव नहीं है कुछ दिन पहले तक इस खेल में पुलिस मुख्यालय के आलाधिकारी भी शामिल थे लेकिन फिलहाल वैसी स्थिति नहीं है लेकिन अवैध शराब से जो कमाई हो रही है उसका हिस्सा गांव के चौकीदार से लेकर पटना तक पहुंचता है । आज बिहार का हर थाना धनबाद के किसी भी थाने से कम नहीं है बिहार के अधिकांश जिलों का हाल यह है कि इन दिनों धनबाद भी फेल है थाने की बोली लाखो में लगती है और फिर महिना अलग से आपको जानकारी में हो या नहीं हो सीनियर अधिकारी से लेकर थाने स्तर पर पोस्टिंग के लिए पटना में एक लाँबी काम कर रही है हलांकि इसको आप तोड़ सकते हैं । लेकिन शराब के अवैध कारोबार की वजह से गांव गांव में शराब कारोबारी पैदा हो गया जो लाखो में खेल रहा है और अब स्थिति यह है कि हर गांव में एक अलग तरह का अर्थतंत्र पैदा ले लिया है जो गांव की पूरी व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है। मुख्यमंत्री जी आपके जानकारी के लिए इस बार के पंचायत चुनाव में 500 करोड़ से अधिक की राशी मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए उम्मीदवारों की और से खर्च किया गया है और इसमें शराब कारोबारी सबसे आगे हैं कैमूर से शुरु करिए और किशनगंज पहुंच जाइए बगहा से शुरु करिए वैशाली पहुंच जाइए कई शराब माफिया तो जेल में रहते हुए चुनाव जीता है । हलात यह है कि पंचायत में दो तरह के माफिया पैसा लूटा रहा है एक तरफ शराब माफिया पैसा बहा रहा है तो दूसरी और हर घर नल जल योजना को लूटने वाला मुखिया है एक एक पंचायत में मुखिया उम्मीदवार 40 से 50 लाख रुपया खर्च किया है,बड़ी संख्या में शराब कारोबारी चुनाव जीत कर आया है हाल ही छठ के दौरान बिहार के कई अधिकारियों से मिलने के मौका मिला जब इस विषय पर चर्चा हुई तो उन्होंने कहा कि संतोष जी जिस शराब माफिया को पकड़ने के लिए खगड़िया ,बेगूसराय और समस्तीपुर की पुलिस परेशान था दो माह पूर्व वो पकड़ा गया अभी जेल में बंद है और कल वो जेल में रहते मुखिया का चुनाव जीत गया है । हर पंचायत का यही हाल है हर पद पर शराब कोराबारी चुनाव लड़ रहा है ऐसे में पुलिस और प्रशासन क्या करेंगा कल वो प्रखंड प्रमुख बनेगा ,जिला परिषद का अध्यक्ष बनेगा ,मुखिया बन ही गया है ऐसे में इन लोगों पर कार्रवाई करना और मुश्किल हो जायेंगा अवैध पैसा का इस्तमाल इस स्तर पर होने लगा है । पुलिस के आलाधिकारी का कहना है कि शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई करना बहुत मुश्किल होता जा रहा है जो थानेदार हाथ डालता है उसके क्षेत्र में अलग तरह का क्राइम बढ़ जाता है कोई भी घटना घटती है ऐसे तत्व पुलिस पर हमला कराने में जुट जाता है बहुत मुश्किल होता जा रहा है फिल्ड में काम करना। छठ के दौरान बेगूसराय के बखरी में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गयी और इस घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने बखरी के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (डीएसपी) के सरकारी आवास पर हमला बोल दिया उस वक्त उनकी पत्नी और बच्चा घर में मौजूद था वो चिखती और चिल्लाती रही और भीड़ आवास में तोड़फोड़ करता रहा तत्तकालिक कारण जो भी रहा लेकिन उस हंगामे में शराब माफिया की बड़ी भूमिका थी । आये दिन पुलिस को लोग पीट रहे है कही पैर में बांध कर तो कही बिजली के खम्भे में बांध कर पिटाई करते वीडियो वाइरल हो रहा है यू कहे तो सरकार का इकबाल खतरे में है ऐसे में ये अब आपके जिद्द से राज्य को नुकसान हो रहा है कानून का राज खतरे में है ,पूरी व्यवस्था भ्रष्ट होने के कगार पर है ऐसे में शराबबंदी कानून पर नये सिरे से सोचने कि जरुरत है ।
मधुबनी जिले के आरटीआई एक्टिविस्ट और पत्रकार बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश हत्याकांड मामले में पुलिस ने हत्या का जो कारण बताया है उसको लेकर परिजनों में खासा आक्रोश है । पत्रकार अविनाश झा हत्याकांड के विरोध में आज भी पूरे बिहार में लोग सड़क पर उतरे हैं।
मधुबनी पत्रकार हत्याकांड को लेकर सड़क पर उतरे लोग
देश भर में ‘पढ़ाई कमाई दवाई’ का नारा देने वाले अनुपम के नेतृत्व में चल रहे ‘युवा हल्ला बोल’ ने पत्रकार अविनाश झा की निर्मम हत्या के विरोध में बिहार के कई जिलों में प्रदर्शन किया।
मधुबनी पत्रकार हत्याकांड मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जॉच की माँग
वही अविनाश हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर मधुबनी प्रेस क्लब ने मुख्यमंत्री को लिखा है जिसमें अविनाश झा की निर्मम हत्या की जांच में जिले के पुलिस अधिकारियों को अलग रखाने की मांग की है वही 5 दिनों तक प्रेस क्लब के पत्रकारों द्वारा काला बिल्ला लगाकर काम करने का निर्णय लिया है ।
3270 स्थाई आयुष चिकित्सकों नियुक्ति शीघ्रः मंगल पाण्डेय प्रदेश के लोगों में देसी चिकित्सा के प्रति बढ़ रहा विश्वास
पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में देसी चिकित्सा पद्धति को विकसित करने का लगातार प्रयास कर रही है। साथ ही आयुष अस्पतालों की स्थिति को सुधारने के लिए भी कवायद चल रही है। इसके तहत देसी चिकित्सा कॉलेज और अस्पतालों को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके लिए आधारभूत संरचनाओं को मजबूत और चिकित्सको के रिक्त पदों पर नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि अगले साल जनवरी तक 3270 आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी। श्री पांडेय ने कहा कि आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथिक चिकित्सकों की 3270 पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना बिहार तकनीकी सेवा आयोग को भेजी गयी थी। इसके आलोक में आयोग द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। कुल 3270 पदों में से 50 फीसदी यानि 1635 पर आयुर्वेद, 30 फीसदी यानि 981 पर होमियोपैथी और 20 फीसदी यानि 654 पदों पर यूनानी चिकित्सक नियुक्त किये जाएंगे। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में आयुष चिकित्सा के प्रति भी लोगों का आकर्षण बढ़ा है। राज्य आयुष समिति की रिपोर्ट भी इस बात की तस्दीक करती है कि प्रदेश के लोग एलोपैथी के साथ-साथ आयुष चिकित्सा को एक बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं। श्री पाण्डेय ने कहा कि आयुष चिकित्सा के विकास-विस्तार एवं इसकी सुविधा जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। राज्य के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 1384 आयुष चिकित्सकों का चयन कर नियोजन किया गया है। आयुर्वेदिक के 704, होमियोपैथी के 428 व यूनानी के 252 चिकित्सक हैं। 3270 नियमित आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति होने से राज्य के लोग और बेहतर तरीके से अपना देसी चिकित्सा पद्धति से उपचार करा सकेंगे। इन चिकित्सकों की नियुक्ति आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक और यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के साथ-साथ अन्य अस्पतालों में की जाएगी।
बिहार पंचायत चुनाव में सातवें चरण की सीटों पर मतदान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया है । आज 37 जिलों के 63 प्रखंडों के 903 पंचायतों में वोटिंग हुई है आज के वोटिंग में भी महिलाए बढ़ चढ़ कर हिस्सा ली है । आज के मतदान का मतगणना17 और 18 नवंबर को होगी। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार सातवें चरण के मतदान में भी मतदाताओं ने जमकर उत्साह दिखाया 65 से 70 प्रतिशत मतदान की खबर है और अभी भी कई मतदान केन्द्रों पर अभी भी वोटिंग चल रही है ।आयोग के अनुसार आज के वोटिंग में 7 जगह ईवीएम खराब हुए हैं,मतदान केंद्र पर मारपीट हंगामा की तीन घटनाएं घटी है, बोगस वोटिंग के दो मामले हुए हैं बूथ कैपचरिंग के तीन मामले हुए हैं ।
ईवीएम अंधेरे में होने के 1 मामले सामने आए हैं,मतदान केंद्र पर विधुत व्यवस्था नहीं होने के 1 मामले सामने आए हैं वही कुछ नेपाली उपद्रवियों द्वारा मतदान केंद्र पर हंगामा बूथ कैपचरिंग का एक मामला सामने आया है।इन सभी मामलों को लेकर आयोग गंभीर है अभी तक प्राप्त शिकायत के आधार पर3 बूथो पर पुनर्मतदान का निर्णय आयोग ने लिया है ।
आज के मतदान में क्या खास रहा
1– सीतामढ़ी के सुरसंड प्रखंड बूथ संख्या 199 पर EVM खराब हो गया था इस वजह से प्रत्याशियों ने जमकर हंगामा किया ।
2–छपरा की नगरा पंचायत की सरपंच चंदू देवी के पति वोटिंग के दौरान शराब की बोतल के साथ गिरफ्तार। नशे में धुत सरपंच पति पर शराब और पैसे बांटने का आरोप
3–अररिया के रामपुर उत्तर बूथ संख्या 91 पर ईवीएम खराब होने के चलते दो घंटे तक मतदान बाधित रहा।
4—अररिया के फ़ारबिसगंज प्रखंड के रामपुर दक्षिण बूथ नंबर 104 पर बायोमेट्रिक नहीं होने पर लोगों ने हंगामा किया।
5—पूर्वी चंपारण के छौड़ादानो प्रखंड क्षेत्र के जुआफर गांव में मतदान के दौरान पुलिस व पब्लिक के बीच झड़प के बाद पहुंचे पुलिस अधीक्षक नवीन चंद्र झा ने दबंग निवर्तमान मुखिया व मुखिया प्रत्याशी सोनू कुमार उर्फ सोनू मुखिया सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मतदान के दौरान पुलिस से झड़प के दौरान पुलिस टीम पर पथराव भी हुआ था। इस झड़प में कुछ पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे और कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।
6———-सीतामढ़ी जिले के सुरसंड के दिवारी मतौना टोला प्राथमिक विद्यालय बूथ नंबर 189 क पर फर्जी मतदाता द्वारा मतदान करने को लेकर दो प्रत्याशियों के पोलिंग एजेंट आपस में भिड़े । पुलिस ने एक पोलिंग एजेंट मनजीत राय को हिरासत में लिया। दूसरा फरार हो गया। पुलिस कर रही तलाश।
7———भागलपुर में बड़ी कार्रवाई! एसएसपी निताशा गुड़िया ने मतदान प्रभावित होने से रोकने के लिए चार लोगों को हिरासत में लिया है। उन्हें मतदान खत्म होने के बाद छोड़ा जाएगा। एसएसपी के आदेश पर बूथ संख्या 78 के पास से हिरासत में लिए गए पप्पू सिंह।
8—-लखीसराय के सूर्यगढ़ा प्रखंड की चंदनपुरा पंचायत के मानो गाव में मुखिया प्रत्याशियों के दो गुटों के बीच झड़प हो गई है। इसमें कई लोग इसमें जख्मी हो गए हैं। पुलिस ने उपद्रवी तत्वों को बूथ के पास से खदेड़कर भगा दिया है।
9—दरभंगा के केवती में पंचायत चुनाव की वोटिंग के दौरान दो गांव के लोगों को बीच भिड़ंत हो गई. बोगस वोटिंग के आरोपों के बाद समैला के उसराहि मदरसे के पास समेला गांव और लालगंज गांव के लोगों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें 6 लोग घायल हो गए. कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई ।
10—हाजीपुर के भगवानपुर में पंचायत चुनाव की वोटिंग के दौरान बिठौली में बूथ नंबर 122 पर दो पक्षों में भिड़ंत हो गई. बूथ पर भारी हंगामा हुआ. पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है ।
11—मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड के पिपरौन पंचायत में सोमवार को सातवें चरण में 6 पदों के लिए मतदान हुआ. पिपरौन पंचायत बूथ नंबर 134, 135, 136 पर हंगामे की खबर के बाद स्थानीय लोगों ने मिलकर मामले को शांत किया. वहीं प्रत्याशियों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया है ।
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज 4 देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए। ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 121 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
आज जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, पथ निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, परिवहन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग योजना एवं विकास विभाग, पर्यटन विभाग, भवन निर्माण विभाग, वाणिज्य कर विभाग, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग, गन्ना (उद्योग) विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी।
‘जनता दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में गोपालगंज से आए एक युवक ने बताया कि वर्ष 2013 में उसने बिजली का कनेक्शन लिया था। वह बिजली बिल का नियमित भुगतान करता है। बावजूद इसके उसे एक माह का बहुत अधिक बिल भेज दिया गया और संबंधित विभाग के oo द्वारा तंग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इसकी जांच कर समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। रोहतास जिले से आयीं एक वार्ड सदस्या ने मुख्यमंत्री को बताया कि नल-जल योजना की सारी राशि मुखिया द्वारा निकासी कर ली गई है। योजना के तहत सही तरीके से काम भी नहीं कराया गया है। वहीं समस्तीपुर से आए एक शख्स ने बताया कि 35-40 वर्ष पूर्व उनके गांव की सड़क बनाई गई थी। अब यह सड़क पूरी तरह बदहाल हो गई है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
छपरा से आये एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि परिवहन विभाग ने निजी फिटनेस केंद्र को कार्यपालक के आदेश से बंद दिया है। फिटनेस सेंटर बंद होने से बिना फिटनेस के ही सड़कों पर गाड़ियां दौड़ रही हैं। फिटनेस सेंटर के बंद होने से बहुत सारे लोग बेरोजगार हो गये हैं।
मुख्यमंत्री ने फरियादी की शिकायत सुनने के उपरांत संबंधित विभाग को मामले की जांच कर न्यायोचित कदम उठाने का निर्देश दिया। कटिहार के एक युवक द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने के संबंध में शिकायत की तो वहीं गोपालगंज के एक व्यक्ति ने ऊर्जा विभाग से अवकाश प्राप्त करने के बाद उन्हें पेंशन, जी०पी०एफ० एवं ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बांका के एक व्यक्ति जन वितरण प्रणाली द्वारा अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्यान्न का वितरण नहीं किए जाने की शिकायत की तो वहीं शिवहर की एक महिला ने शौचालय निर्माण कराने के दो वर्ष बाद भी राशि नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
पूर्णिया के एक व्यक्ति ने गुलाबबाग में वर्षों से बंद पड़े जलमीनार को चालू करने के संबंध में शिकायत की और कहा कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने में दिक्कत हो रही है। वहीं पूर्वी चंपारण के एक शिकायतकर्ता ने शिकायत करते हुए कहा कि लाइसेंस प्राप्त उनके आरा मशीन को अनुचित तरीके से बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
पटना सदर के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि उद्योग विभाग द्वारा बिहार राज्य हस्तकरघा बुनकर सहयोग समिति संघ लिमिटेड के खाता पर रोक लगा दी है, जिससे सतरंगी चादर का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है और बुनकरों के काम में दिक्कत हो रही है। वहीं किशनगंज के एक व्यक्ति ने महानंदा नदी पर ठाकुरगंज प्रखंड खरखरी एवं भेरभेरी के बीच पुल निर्माण को लेकर आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।
प्रदेश के बलिया जिले से आए एक बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वे बिहार में सरकारी कर्मी थे और इसी साल सेवानिवृत्त हुये हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि कुछ दिनों से उनको मिलने वाली पेंशन में कटौती कर दी गई है। मुख्यममंत्री ने संबंधित विभाग को पूरे मामले की जांचकर समस्या समाधान करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराब बंदी की समीक्षा करने जा रहे हैं इसको लेकर आज मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने दो टुक कह दिया कि मेरे रहते शराबबंदी कानून के वापस होने का सवाल ही पैदा नहीं होगा है इतना ही नहीं नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शराबबंदी कानून में कोताही बरतने वाले पदाधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शराबबंदी को लेकर एक्शन में नीतीश कुमार
साथ ही शराब का सेवन लोग नहीं करें इसको लेकर जागरूकता अभियान चलेगा।बैठक में सभी मंत्री, पदाधिकारी और डीएम-एसपी बैठक में मौजूद रहेंगे।
मेरे रहते शराबबंदी कानून को वापस लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता
वही समीक्षा बैठक पर तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि यह समीक्षा नहीं भिक्षा बैठक है जहां आरसीपी टैक्स की वसूली होगी ,अभी तक जितनी भी समीक्षा बैठक हुई है उसका क्या रिजल्ट निकला है देख लीजिए बिहार का सारा शराब माफिया और पदाधिकारी सीधे सीएम आवास से जुड़ा है ।
देश में बिहार नजीर पेश करता रहा है शराबबंदी भी सफल होगा
बिहार पंचायत चुनाव में सातवें चरण की सीटों पर मतदान जारी है।सुबह से ही अधिकांश मतदान केन्द्रों पर लम्बी कतारे देखी जा रही है ,आज 37 जिलों के 63 प्रखंडों के 903 पंचायतों में वोटिंग हो रही है। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक सातवें चरण के 3389 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो गया है। इस बार 1 लाख 8 हजार 61 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में कुल 72 लाख 85 हजार 589 मतदाता मतदान कर रहे हैं। इसमें 34 लाख 50 हजार 436 महिला मतदाता जबकि 38 लाख 34 हजार 881 पुरूष मतदाता हैं। 8232 भवनों में कुल 12,822 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
सातवें चरण में कुल पदों की संख्या 27,730 है। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य पद की संख्या 12,272 है, ग्राम पंचायत मुखिया के 904 पद, पंचायत समिति सदस्य के लिए 1245, जिला परिषद सदस्य के 135 पद, ग्राम कचहरी सरपंच के 904 पद और ग्राम कचहरी पंच के 12,272 पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं।
11 बजे तक 20 प्रतिशत के करीब मतदान होने की खबर है
3389 पदों पर निर्विरोध हो चुका है निर्वाचन सातवें चरण की सीटों पर 3389 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य के 134, पंचायत समिति सदस्य के 5, ग्राम कचहरी सरपंच के एक और ग्राम कचहरी पंच के 3249 पद शामिल हैं। इसके साथ कुल 217 पद ऐसे हैं, जहां किसी ने नामांकन नहीं किया है। लिहाजा ये पद रिक्त रह गए हैं। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य के 10 पद हैं और ग्राम कचहरी पंच के 207 पद हैं। वोटिंग सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक होगी।
1—आज जहां मतदान हो रहा है पटना के फुलवारीशरीफ, दनियावां और पटना सदर प्रखंड की 28 पंचायतों में मतदान बक्सर के चक्की और चौगाई प्रखंड की 9 पंचायतों में मतदान रोहतास के शिवसागर और चेनारी प्रखंड की 26 पंचायतों में मतदान नालंदा के चण्डी और नूरसराय प्रखंड की 30 पंचायतों में मतदान कैमूर के भगवानपुर और रामपुर प्रखंड की 18 पंचायतों में मतदान भोजपुर (आरा) के अगिऑव और संदेश प्रखंड की 26 पंचायतों में मतदान गया के बोधगया, टनकुप्पा और डोभी प्रखंड की 36 पंचायतों में मतदान नवादा के वारिसलीगंज और काशीचक प्रखंड की 23 पंचायतों में मतदान औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड की 19 पंचायतों में मतदान जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड की 22 पंचायतों में मतदान सारण के रिविलगंज, जलालपुर और नगरा प्रखंड की 34 पंचायतों में मतदान सिवान के गोरेयाकोठी और बसंतपुर प्रखंड की 30 पंचायतों में मतदान गोपालगंज के कुचायकोट प्रखंड की 31 पंचायतों में मतदान वैशाली के भगवानपुर और गौरोल प्रखंड की 33 पंचायतों में मतदान मुजफ्फरपुर के कॉटी और मीणापुर प्रखंड की 60 पंचायतों में मतदान पूर्वी चंपारण ( मोतीहारी ) के छौड़ादानो, संग्रामपुर और मेहसी प्रखंड की 42 पंचायतों में मतदान बेतिया ( पश्चिम चम्पारण ) के सिकटा और मैनाटॉड़ प्रखंड की 32 पंचायतों में मतदान सीतामढ़ी के सुरसण्ड, परसौनी और बैरगनिया प्रखंड की 30 पंचायतों में मतदान शिवहर के शिवहर प्रखंड की 10 पंचायतों में चुनाव दरभंगा के केवटी और जाले प्रखंड की 47 पंचायतों में मतदान मधुबनी के हरलाखी और मधवापुर प्रखंड की 30 पंचायतों में मतदान समस्तीपुर के सरायरंजन और मोरवा प्रखंड की 35 पंचायतों में मतदान सुपौल के त्रिवेणीगंज प्रखंड की 23 पंचायतों में मतदान सहरसा के बनमा ईटहरी प्रखंड की 7 पंचायतों में मतदान मधेपुरा के बिहारीगंज प्रखंड की 10 पंचायतों में मतदान किशनगंज के बहादुरगंज प्रखंड की 20 पंचायतों में मतदान पूर्णिया के कसबा एवं जलालगढ़ प्रखंड की 22 पंचायतों में मतदान कटिहार के अमदाबाद और मनिहारी प्रखंड की 25 पंचायतों में मतदान अररिया के फारबिसगंज प्रखंड की 31 पंचायतों में मतदान लखीसराय के सूर्यगढ़ा प्रखंड की 11 पंचायतों में मतदान शेखपुरा के चेवाडा प्रखंड की 6 पंचायतों में मतदान बेगूसराय के बेगूसराय प्रखंड की 25 पंचायतों में मतदान खगड़िया की 12 पंचायतों में मतदान मुंगेर के जमालपुर प्रखंड की 10 पंचायतों में मतदान जमुई के झाझा प्रखंड की 20 पंचायतों में मतदान भागलपुर के गोराडीह प्रखंड की 15 पंचायतों में मतदान नवगछिया (पुलिस जिला) के रंगराचौक प्रखंड की 10 पंचायतों में मतदान बांका के शंभूगंज प्रखंड की 19 पंचायतों में मतदान
1—1–समस्तीपुर में पंचायत चुनाव की वोटिंंग के दौरान मोरवा प्रखंड में दो बूथों पर हल्की झड़प हुई। स्थानीय लोगों ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर किसी तरह शांत कराया। बताया जा रहा है कि तिसवारा में मतदान केंद्र संख्या 101 पर दो पक्षों में मतदान को लेकर झड़प हुई। इससें कुछ देर के लिए मतदान बाधित हुआ। स्थानीय लोगों ने तुरंत बीच-बचाव कर दोनो पक्षों को शांत कराया। इसके बाद मतदान दोबारा शुरू कराया गया। इसी तरह बूथ नम्बर 117 पर भी मतदान को लेकर दो पक्षों में हल्की झड़प हुई लेकिन सुलह-समझौता करा दिया गया।
2—ईवीएम में खराबी की वजह से रतनपुर स्थित गंगेश्वरस्थान बूथ संख्या 309 पर मतदान आधा घंटा विलंब से शुरू हुआ।
3—पूर्वी चंपारण के छौड़ादानो के भतनहिया बूथ संख्या 138 पर मुखिया प्रत्याशी सर्मथको के बीच झड़प हुई। जिला परिषद सदस्य प्रत्याशी जीतेंद्र कुमार के पोलिंग एजेंट को मुखिया समर्थकों ने पीट दिया। मौके पर पुलिस पहुंची। अभी शांति है। मतदान बाधित नहीं हुआ है।
4—-पटना की कोरोयवं पंचायत में एक बूथ पर ईवीएम खराब है। कैमूर के रामपुर प्रखंड के सबार मध्य विद्यालय के पूर्वी भाग बूथ 73 पर भी ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के कारण मतदान 25 मिनट विलंब से शुरू हुआ।
5–गोपालगंज – पंचायत चुनाव अपडेट। उपद्रव मचाने के आरोप में अबतक 80 लोग लिए गए हिरासत में। कुचायकोट प्रखंड में हुई कारवाई। सदर एसडीएम उपेंद्र कुमार पाल ने दी जानकारी।
जहरीली शराब से मौत मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 नवंबर को समीक्षा बैठक बुलाये हैं जिसमें सरकार के सभी सीनियर अधिकारी मौजूद रहेंगे इसको देखते हुए पूरे बिहार में शराब को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है इसी सिलसिले में बिहार सरकार के निबंधन उत्पाद व मधनिषेध मंत्री सुनील कुमार गोपालगंज पहुंचे और पूरे मामले की समीक्षा की सुनील कुमार खुद बिहार के सीनियर पुलिस पदाधिकारी रहे हैं और उनके बिहार पुलिस की बेहतर समझ भी है ।गोपालजंग पहुंचने के बाद डीएम एसपी ,उत्पाद अधीक्षक सहित सभी आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में जो दुखद घटना हुई हैं उसकी पुनरावृत्ति न हो और उस घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त करवाई की जाए इसको लेकर बैठक में चर्चा हुई है साथ ही आने वाले समय में इसके रोकथाम के लिए कौन से ऐसे कारगर उपाय किये जाये इस पर विचार किया गया है ।
जहानाबाद की चर्चित झोला छाप डां की हत्या मामले में एसपी ने बड़ा खुलासा किया है हलांकि एसपी के खुलासे से परिवार वाले सहमत नहीं है । जहानाबाद नगर थाना क्षेत्र के निजामुद्दीन पुर के समीप धनतेरस की रात अपराधियों द्वारा सुनील मस्ताना नामक एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी इस घटना को लेकर इस घटना को लेकर जिले के एसपी दीपक रंजन के द्वारा लगातार हत्या के कारणों को हर बिंदु पर खंगालने में जुटी हुई थी और आज इस पूरे मामले में हत्याकांड में शामिल तीन अपराधियों को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है एसपी की माने तो इस हत्या का तार तंत्र मंत्र से जुड़ा है,जिसको लेकर हत्या की साजिश रची गई थी उन्होंने कहा कि एक अन्य महिला भी ओझा गुनी का कार्य करती थी और उसका यह धंधा सुनील मस्ताना की वजह से नही चल रहा था जिसके वजह से महिला के पुत्र ने हत्या की साजिश रही और घात लगाकर धनतेरस की रात अपनी पत्नी के साथ अपने दुकान जा रहे सुनील मस्ताना और उनकी पत्नी को गोली मार दी थी इस घटना में सुनील मस्ताना की मौत घटना स्थल पर ही हो गई थी जबकि मृतक की पत्नी गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी।
मुख्यमंत्री ने श्री प्रमोद भगत को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड एवं श्री शरद कुमार को अर्जुन अवार्ड मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं ।
पटना, 13 नवम्बर 2021 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने हाजीपुर निवासी श्री प्रमोद भगत को पैरा बैडमिंटन के लिये मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड एवं मुजफ्फरपुर निवासी श्री शरद कुमार को पैरा हाई जंप के लिये अर्जुन अवार्ड मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा कि दोनों खिलाड़ियों को मिले इस प्रतिष्ठित सम्मान से बिहार एक बार फिर गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की भी कामना की।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित खेल सम्मान समारोह में महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेता श्री प्रमोद भगत को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड एवं कांस्य पदक विजेता श्री शरद कुमार को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया।
15 से 21 नवम्बर तक मनेगा राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताहः मंगल पांडेय नवजात की समुचित देखभाल के लिए राज्य में चलेगा जागरुकता अभियान
पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय कहा कि शिशु के पहले 28 दिन उसके अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण होते हैं और यह बच्चे के विकास की नींव रखते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवजात की समुचित देखभाल और उसके बचपन को खुशहाल बनाने के लिए जगरुकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। यह अभियान 15 से 21 नवंबर तक राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह के रूप में चलाया जाएगा।
श्री पांडेय ने कहा कि अभियान के तहत हर वर्ग को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा, जिसके जरिये शिशुओं को ‘आयुष्मान’ बनाया जा सके। एसआरएस 2018 के डाटा के अनुसार एक हजार में से करीब 25 बच्चों की जान जन्म से 28 दिनों के बीच ही चली जाती है। इसलिए नवजात शिशु की देखभाल के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना जरूरी है, ताकि नवजात का बचपन खुशहाल बन सके। इस सप्ताह के दौरान लोगों को नवजात शिशु स्वास्थ्य के साथ बेहतर देखभाल के बारे में जागरूक किया जाएगा। राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह के दौरान स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट का संचालन, न्यूबॉर्न केयर कॉर्नर को सशक्त करने के लिए एक्सपर्ट की टीम जिलों का दौरा करेगी। इसके अलावा समुदाय स्तर पर आशा दीदियों द्वारा संस्थागत प्रसव के प्रथम दिन के बाद से ही गृह भ्रमण कर स्वास्थ्य की नियमित देखभाल की जाती है। कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को भी इसके लिए जागरूक किया जाएगा, जिससे नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
श्री पांडेय ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बिहार में शिशु मृत्यु दर 29 प्रति हजार है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे 2019 की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि बिहार की शिशु मृत्यु दर 32 से 3 अंक घटकर राष्ट्रीय औसत से भी नीचे 29 पर पहुंच गई है। यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। सरकार के प्रयास का ही नतीजा है कि मातृत्व, शिशु और नवजात मृत्यु दर में निरंतर कमी आयी है।
बिहार पंचायत चुनाव के छठे चरण की मतगणना शुरु हो गयी है , छठे चरण में 3 नवंबर को 37 जिलों के 57 प्रखंडों में वोटिंग 3 हुई थी। सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई। मतगणना केंद्र के बाहर सुबह 7 बजे से ही प्रत्याशी और उनके समर्थकों की भीड़ लगने लगी। केंद्र के बाहर और अंदर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। बिना पास के किसी को भी सेंटर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है , दो दिनों तक मतगणना चलेगा ।
छठे चरण की सीटों पर नतीजे छठे चरण में पदों की कुल संख्या 26 हजार 200 है, जिसमें ग्राम पंचायत के सदस्य के 11,592 पद हैं। मुखिया के 848 पद हैं, पंचायत समिति सदस्य के 1186, जिला परिषद सदस्य के 134, ग्राम कचहरी पंच के 11592 और सरपंच के 848 पद हैं। इस चरण में चुनाव लड़ने वाले कुल उम्मीदवारों की संख्या 94188 है। पुरूष उम्मीदवारों की संख्या 43 हजार 840 है तो महिला उम्मीदवारों की संख्या 50348 है।
पद वार उम्मीदवारों की संख्या की बात करें तो ग्राम पंचायत सदस्य पद पर 53 हजार 192 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा मुखिया पद पर 6976 उम्मीदवार मैदान में हैं। पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 7844 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिला परिषद सदस्य पद पर 1378 उम्मीदवार, ग्राम कचहरी पंच पद पर 19 हजार 633 उम्मीदवार मैदान में है। ग्राम कचहरी सरपंच के पद पर 5 हजार 165 उम्मीदवार मैदान में हैं।
इस चरण में चुनाव लड़ने वालों की कुल संख्या 94,188 है। इसमें 43,840 पुरुष और 50,348 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। पद वार महिला पुरुष उम्मीदवार कि संख्या की बात करे तो पंचायत सदस्य के लिए 53,192 उम्मीदवार (25,218 पुरुष व 27,974 महिला) चुनाव मैदान में हैं। वहीं, मुखिया के लिए 6,976 (3,392 पुरुष व 3,584 महिला), पंचायत समिति सदस्य के लिए 7844 (3,712 पुरुष व 4,132 महिला), जिला परिषद सदस्य के लिए 1,378 (606 पुरुष व 772 महिला), पंच हेतु 19,633 (8,222 पुरुष एवं 11,411 महिला) और सरपंच हेतु 5,165 (2,690 पुरुष एवं 2,475 महिला) उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा।
3540 पदों पर निर्विरोध हो चुका है निर्वाचन छठे चरण की सीटों पर 3540 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। ग्राम पंचायत सदस्य पद पर 135 उम्मीदवार, ग्राम कचहरी पंच पद पर 3403 , ग्राम कचहरी सरपंच पद पर 1 और पंचायत समिति सदस्य के 1 सीट पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है।
इस चरण में पंच के 144 पदों के लिए कोई नामांकन नहीं हुआ था। ऐसे में ये पद रिक्त रह गए हैं।
जहरीली शराब से मौत का सिलसिला जारी है आज सुबह समस्तीपुर सरायरंजन थाना क्षेत्र के नरघोघी टोला खैरवन निवासी गांगो दास के पुत्र चंदन कुमार की जहराली शराब पीने से मौत हो गयी है और उसका दोस्त पंकज कुमार का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है जहां इसकी स्थिति गम्भीर बनी हुई है ।
मृतक के पिता गांगो दास ने कहा- ‘छठ पूजा के संध्या अर्घ्य के दिन 10 नवंबर की शाम उसने अपने दोस्त पंकज व गंगा राम के साथ दारू पी थी। इसके बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई।समस्तीपुर में अभी तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है ।
चिराग पासवान पहुंचे गोपालगंज नीतीश पर साधा निशाना
1- जहरीली शराब से मौत मामले की जांच को लेकर पुलिस गंभीर नहीं कहने को जहरीली शराब से मौत मामले में पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद राज्य के सभी जिले में जहरीली शराब के खिलाफ बड़ी कारवाई चल रही है । पुलिस मुख्यालय की माते तो अभी तक 1313 छापेमारी हो चुकी है 487 मामले दर्ज किए जा चुके हैं 823 लोगों की गिरफ्तारी हुई है जबकि 16230 विदेशी शराब बरामद हुआ है 4510 देसी शराब बरामद हुआ है जबकि महुआ चुराई शराब 529 लीटर बरामद हुआ है महुआ जावा 14504 बरामद हुआ है इसके अलावा 86 वाहन जप्त किए गए हैं 8 लाख से ज्यादा रुपए बरामद किए गए ।
लेकिन इस मामले में अनुसंधान को लेकर पुलिस अभी भी संवेदनशील नहीं है गोपालगंज बेतिया और समस्तीपुर में जहराली शराब पीने से मौत हुई है उसको लेकर अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आयी है इसी तरह मुजफ्फरपुर जिले में शराब से मौत का सिलसिला जारी है और 13 दिन बीत गए, लेकिन सरैया शराब कांड में पुलिस ने अब तक एफएसएल की रिपोर्ट नहीं ले पाई है। एक्सपर्ट का मानना है कि पुलिस और एफएसएल टीम गंभीरता बरते तो मौके से जब्त शराब या शराब के बोतलों की एफएसएल रिपोर्ट 5 से 6 दिन में जारी हो सकती है। पुलिस अधिकारी अबतक केवल आशंकाओं के आधार पर ही मिथेनॉल से मौत की बात बता रहे हैं। घटना में मृत लोगों का एसकेएमसीएच में सभी का विसरा सुरक्षित रखा है। अब तक पुलिस ने विसरा भी प्राप्त नहीं किया है। इसे कोर्ट से अनुमति लेकर जांच के लिए एफएसएल भेजा जाना है। इसकी रिपोर्ट आने में भी महीना भर से अधिक लग सकता है।
शराब के खिलाफ राज्य में शुरु हुआ विशेष अभियान
2- शराब से मौत मामले में सियासत थमलने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार में शामिल बीजेपी जहराली शराब से मौत मामले में नीतीश कुमार को जब भी मौका मिला रहा है घेरने से परहेज नहीं कर रहा है .राजद, कांग्रेस और वामदल तो पहले से ही हमलावर था ।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद चिराग पासवान जहरीली शराब से मौत मामले में नीतीश कुमार पर सीधे सीधे हमला बोला है उन्होंने कहा कि बिहार सरकार शराबबंदी को लेकर सिर्फ नौटंकी कर रही है। शराबबंदी पूरे सूबे में पूरी तरह से फेल है। यह अधिकारियों के कमाई का साधन है और इस भ्रष्टाचार में सरकार भी लिप्त है । वे शुक्रवार की दोपहर बाद जिले के नौतन प्रखंड के तेल्हुआ गांव में जहरीली शराब पीकर मृत 16 लोगों के स्वजनों से मिलने के लिए पहुंचे थे। शराबकांड के मृतकों के स्वजनों से मिलकर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है।
उन्होंने जहरीली शराब से प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 25 लाख रुपये मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। कहा कि अगर सरकार इस मांग को पूरा नहीं करती है कि पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
प्रमंडलीय आयुक्त पटना ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण/ विशेष अभियान दिवस के सफल एवं सुचारु आयोजन हेतु प्रमंडल के सभी डीएम, ईआरओ , राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
1 नवंबर 2021 को मतदाता सूची के प्रारूप का हुआ प्रकाशन। -30 नवंबर 2021 तक दर्ज किया जा सकता है दावा एवं आपत्ति।
मृत मतदाता, स्थानांतरित मतदाता ,दोहरी प्रविष्टि का नोटिस देकर मतदाता सूची से होगी विलोपन की कार्रवाई।
21 नवंबर को होगा विशेष अभियान दिवस का आयोजन।
मतदान केंद्रों पर बीएलओ रहेंगे मौजूद।
व्यापक प्रचार प्रसार करने तथा बीएलओ को घर-घर भ्रमण कर 21 नवंबर के बारे में अवगत कराने का दिया निर्देश।
-राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से लिया आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक।
प्रमंडलीय आयुक्त पटना श्री संजय कुमार अग्रवाल ने निर्वाचक सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम / विशेष अभियान दिवस के सफल एवं सुचारु संपादन कराने तथा उसे गति प्रदान करने हेतु प्रमंडल के सभी जिलाधिकारी, सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी /उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की गई तथा आवश्यक निर्देश दिया गया।
“कोई मतदाता नहीं छूटे” के उद्देश्य से मतदाता सूची का विशेष अभियान जारी।
1 नवंबर 2021 को मतदाता सूची का प्रारूप हुआ प्रकाशित।
30 नवंबर 2021 तक दर्ज किया जा सकता है दावा एवं आपत्ति
सभी डीएम/ ईआरओ को कार्य में तेजी लाने का दिया निर्देश।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत अर्हता तिथि 1 नवंबर 2022 के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने ,शुद्धिकरण करने, आदि का कार्य जारी है। इस क्रम में 1 नवंबर 2021 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन हो चुका है तथा 30 नवंबर तक दावा/ आपत्ति किया जा सकता है ताकि योग्य मतदाता का वोटर लिस्ट में इंट्री किया जा सके। इसके लिए सभी जिलाधिकारी एवं निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया ।
मृत मतदाता/ स्थानांतरित मतदाता /दोहरी प्रविष्टि का विलोपन करने का दिया निर्देश
प्रमंडलीय आयुक्त ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को मृत मतदाताओं को चिन्हित करने तथा नोटिस देकर नियमानुसार विलोपन की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही किसी मतदाता का नाम एक जगह पर ही हो इसके लिए निर्वाचक सूची में मतदाता की दोहरी प्रविष्टि न रहे इसके लिए नोटिस देने तथा चिन्हित कर एक जगह से नाम विलोपित करने का निर्देश दिया।
महिला मतदाता की संख्या बढ़ाने तथा लिंगानुपात पर ध्यान देने का दिया निर्देश।
कॉलेजों में कैंप करने का दिया निर्देश
मतदाताओं की संख्या विशेषकर महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने हेतु कॉलेजों में कैंप आयोजित करने तथा बीएलओ को घर-घर भ्रमण कर महिलाओं का नाम जोड़ने हेतु सूची बनाने का निर्देश दिया। इस अभियान को गति प्रदान करने हेतु आयुक्त ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को अपने स्तर पर बीएलओ के साथ बैठक करने तथा उनका ब्रीफिंग कर प्रभावी गति प्रदान कराने का निर्देश दिया।
21 नवंबर को होगा विशेष अभियान दिवस
मतदान केंद्रों पर बीएलओ रहेंगे मौजूद।
व्यापक प्रचार प्रसार करने तथा बीएलओ को घर-घर भ्रमण कर विशेष अभियान दिवस की जानकारी देने का दिया निर्देश
सभी डीएम को प्रभावी मॉनिटरिंग कर सफल बनाने का दिया निर्देश
21 नवंबर को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान दिवस का आयोजन किया गया है इस दिन प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ उपस्थित रहेंगे तथा विहित प्रपत्र में फॉर्म प्राप्त करेंगे तथा मतदाताओं के पंजीकरण/ विलोपन /शुद्धिकरण की अपेक्षित कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने सभी जिलाधिकारी को व्यापक प्रचार प्रसार करने तथा बीएलओ को घर-घर भ्रमण कर 21 नवंबर के विशेष अभियान दिवस के बारे में लोगों को जानकारी देने का निर्देश दिया।
राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से लिया गया आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक
आयुक्त ने राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से भी मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 30 नवंबर तक दावा आपत्ति दर्ज कराने तथा 21 नवंबर को विशेष अभियान दिवस के आयोजन के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही प्रतिनिधियों से आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किया गया।
बैठक में रोहतास, कैमूर ,भोजपुर एवं बक्सर के जिला पदाधिकारी, सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सभी उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा राजनीतिक दल के प्रतिनिधि तथा आयुक्त कार्यालय में क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी पटना प्रमंडल सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे
बिहार के जल-जीवन-हरियाली अभियान के लक्ष्य वैश्विक सम्मेलन COP26 के एजेंडे के अनुरूप: संजय झा
बिहार के जल संसाधन मंत्री ने दिल्ली में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठकों में हिस्सा लिया, बिहार का पक्ष रखा
नदियों को आपस में जोड़ने की योजनाओं और जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों पर हुई सार्थक चर्चा
* श्री संजय झा ने राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण के पटना कार्यालय और सुदृढ़ करने का किया अनुरोध
पटना। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में शुक्रवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (NWDA) की 35वीं वार्षिक सामान्य बैठक और नदियों को आपस में जोड़ने के लिए गठित विशेष समिति की 19वीं बैठक में बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने भी हिस्सा लिया। बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और जलशक्ति राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल के अलावा कई राज्यों के मंत्रियों और केंद्र तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।
इन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठकों में श्री संजय झा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में उभरते संकट से निपटने के उपाय करने में बिहार अग्रणी प्रदेश रहा है। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में एक व्यापक एवं बहुआयामी अभियान ‘जल-जीवन-हरियाली’ की शुरुआत की गई है, जिसके अंतर्गत पौधारोपण, सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने, वर्षा जल के संचयन, तमाम मृतप्राय जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने आदि के लिए बड़े पैमाने पर काम हो रहे हैं। 2020 के जनवरी में बिहार के लगभग 5 करोड़ लोगों इस अभियान के समर्थन में विश्व के सबसे लंबे मानव श्रृंखला का निर्माण भी किया था। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के जरिये बिहार पूरी दुनिया के लिए नजीर पेश कर रहा है। इस अभियान के लक्ष्य अभी संपन्न हुए वैश्विक सम्मेलन COP26 के एजेंडा के अनुरूप हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी सोच के कारण जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा 24 सितंबर 2020 को आयोजित इंटरनेशनल राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में उन्हें ‘ग्लोबल क्लाइमेट लीडर’ पुकारा गया। श्री झा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय-2 के अंतर्गत ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक गांव एवं टोलों का सर्वेक्षण कर कुल 29,952 सिंचाई योजनाओं का चयन किया गया है, जिस पर कार्यान्वयन की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बिहार में अब जलवायु के अनुकूल खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
नदियों को आपस में जोड़ने के मुद्दे पर श्री संजय झा ने कहा कि बिहार में बाढ़ और सुखाड़ की समस्या को कम करने के लिए राज्य के अंदर नदियों को जोड़ने की योजना तैयार करने का काम राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (NWDA) को दिया गया है और इसकी अच्छी प्रगति हो रही है। बिहार की कोशी मेची लिंक परियोजना को इन्वेस्टमेंट क्लियरेंस मिल चुका है और इसे राष्ट्रीय योजना में शामिल करने की अनुशंसा कर दी गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि कोशी-मेची लिंक परियोजना के लिए 90:10 के आधार पर केंद्रीय सहायता दी जाए। इस योजना से उत्तर पूर्वी बिहार के चार जिलों को काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा जल संसाधन विभाग को निदेश दिया गया है कि छोटी-छोटी नदियों को जोड़ते हुए जल संरक्षण एवं किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य करें। उत्तर बिहार में बागमती, कमला एवं कोशी बेसिन और दक्षिण बिहार में पुनपुन, किउल-हरोहर बेसिन में छोटी-छोटी़ नदियों को आपस में जोड़ते हुए इन क्षेत्रों की बाढ़ की समस्या को दूर करने के साथ-साथ सिंचाई देने की योजनाओं की असीम संभावनाएं हैं।
श्री संजय झा ने इंट्रा स्टेट रिवर लिंकिंग के तहत बिहार की बागमती गंगा लिंक, बूढ़ी गंडक नून बाया गंगा लिंक और बागमती बूढ़ी गंडक लिंक योजना की संभाव्यता पर पुनर्विचार करने के लिए राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण को धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने अनुरोध किया अभिकरण पटना स्थित अपने अंचलीय कार्यालय को और सुदृढ़ करते हुए वहां पदाधिकारियों की कमी को दूर करे।
राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का करा रही इलाजः मंगल पांडेय मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से इलाज हेतु दी जा रही आर्थिक सहायता इस साल अप्रैल से लेकर सितंबर तक 7342 मरीजों को मिली आर्थिक सहायता न्यूनतम 20 हजार और अधिकतम 5 लाख रुपये तक मिलते हैं सरकारी अनुदान
पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि गंभीर रोगों से पीड़ित गरीब मरीजों के बेहतर इलाज को लेकर राज्य सरकार मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इस कोष से 14 असाध्य बीमारियों के इलाज के लिए राशि दी जाती है। प्रदेश के अलावा प्रदेश के बाहर इलाज कराने पर भी कोष से सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत 20 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इस साल अप्रैल से लेकर सिंतंबर माह तक 7 हजार 342 मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 11 हजार 180 मरीज लाभान्वित हुए।
श्री पांडेय ने कहा कि कहा कि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष कमिटी की अनुशंसा पर सूची में शामिल 14 बीमारियों के अलावे भी अन्य दूसरी बीमारियों के इलाज के लिये सरकार की तरफ से एक लाख रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान है। सालाना ढाई लाख रुपये से कम आय तथा प्रदेश के सरकारी और सीजीएचएस से मान्यता प्राप्त अस्पताल में इलाज कराने वाले रोगी को ही सहायता दी जाती है। इन अस्पतालों से इलाज के लिए दूसरे प्रदेश में रेफर करने वाले रोगी को भी ह्ृदय रोग, कैंसर, कुल्हा रिप्लेसमेंट, घुटना रिप्लेसमेंट, नस रोग, एसिड अटैक से जख्मी, बोन मेरौ ट्रांसप्लान्ट, एड्स, हेपेटाइटिस, कोकिलेर इम्प्लांट, ट्रांस जेंडर सर्जरी, नेत्र रोग समेत चौदह तरह की बीमारियों के इलाज के लिए सरकारी सहायता दी जाती है।
श्री पांडेय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वास्थ्य विभाग में आर्थिक सहायता के लिए 13 हजार 155 आवेदन आये, जिसमें से 11 हजार 180 आवेदन स्वीकृत किये गए। इसके लिए सरकार की तरफ से 93 करोड़ 63 लाख दो हजार 500 रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। इस साल अप्रैल से लेकर सितंबर तक 8 हजार 583 आवेदन आये, जिसमें से स्वीकृत 7 हजार 342 मरीजों के इलाज मद में 65 करोड़ 30 लाख 38 हजार रुपये की मंजूरी प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को इलाज कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसका पूरा ख्याल रखता है।
बिहार में मनाया जाने वाला छठ का त्योहार अमेरिका में भी मनाया गया। इस दौरान लोगों ने अस्थायी जलाशयों में पूजा की। अमेरिका में मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के भारतीय-अमेरिकियों ने सूर्य भगवान की पूजा कर छठ पर्व मनाया।
महापर्व छठ बिहार की दहलीज से निकलकर विदेश में भी अद्भुत छटा बिखेर रहे हैं। अमेरिका के बोस्टन और बर्जीनिया में छठ पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
अमेरिका के बोस्टनशहर छठ की गीत से गूंजा
विदेश में बसे बिहारियों का कहना है कि वे बाहर रहने गये हैं। लेकिन अपनी परंपरा और सूर्योपासना के पर्व छठ को कैसे भूल सकते हैं। सूर्य की महिमा पूरी दुनिया जान सके, यही उनका मकसद है।
लोगों में एक आम जिज्ञासा यह रही है कि सूर्य की उपासना के इस महापर्व में सूर्य के साथ जिन छठी मैया की अथाह शक्तियों के गीत गाए जाते हैं, वे कौन हैं। ज्यादातर लोग इन्हें शास्त्र की नहीं, लोक कल्पना की उपज मानते हैं। लेकिन हमारे पुराणों में यत्र-तत्र इन देवी के संकेत जरूर खोजे जा सकते हैं।
एक पौराणिक कथा के अनुसार सूर्य और षष्ठी या छठी का संबंध भाई और बहन का है। षष्ठी एक मातृका शक्ति हैं जिनकी पहली पूजा स्वयं सूर्य ने की थी। ‘मार्कण्डेय पुराण’ के अनुसार प्रकृति ने अपनी शक्तियों को कई-कई अंशों में विभाजित कर रखा है। प्रकृति के छठे अंश को ‘देवसेना’ कहा गया है। प्रकृति का छठा अंश होने के कारण इनका एक नाम षष्ठी भी है। देवसेना या षष्ठी श्रेष्ठ मातृका और समस्त लोकों के बालकों की रक्षिका हैं। इनका एक नाम कात्यायनी भी है जिनकी पूजा नवरात्रि की षष्ठी तिथि को होती है। पुराणों में निःसंतान राजा प्रियंवद द्वारा देवी षष्ठी का व्रत करने की कथा है। छठी षष्ठी का अपभ्रंश हो सकता है। आज भी छठव्रती छठी मैया से अपनी संतानों के लंबे जीवन, आरोग्य और सुख-समृद्धि का वरदान मांगते हैं। शिशु के जन्म के छह दिनों बाद इन्हीं षष्ठी या छठी देवी की पूजा का आयोजन होता है जिसे छठी या छठिहार कहते हैं।
छठी मैया की इस परिकल्पना की एक आध्यात्मिक पृष्ठभूमि भी हो सकती है। अध्यात्म के अनुसार सूर्य की सात किरणों का मानव जीवन पर अलग – अलग प्रभाव पड़ता है। सूर्य की छठी किरण को आरोग्य और भक्ति का मार्ग प्रशस्त करने वाला माना गया है। संभव है कि सूर्य की इस छठी किरण का प्रवेश अध्यात्म से लोकजीवन में छठी मैया के रूप में हुआ हो।
नोटबन्दी के कारण नकली नोटों में भारी कमी – डिजिटल पेमेंट में 30 प्रतिशत वृद्धि 8.11.2021, नोटबन्दी के 5 साल पूरा होने पर भाजपा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नोटबन्दी का ही परिणाम है कि नकली नोटों में भारी कमी आ गई। जहां 2018-19 में 3.1 लाख पीस नकली नोट पाए गए थे वहीं 2020-21 में मात्र 2 लाख पीस पाए गए।
डिजिटल पेमेंट में 2019-20 मार्च की तुलना में 2020-21 में 30.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिजर्व बैंक का डिजिटल भुगतान सूचकांक जहां एक वर्ष पूर्व 207.84 था वह मार्च, 21 में 270.59 पर पहुंच गया।
2017 में एटीएम कुल ट्रान्जेक्शन का 58 प्रतिशत था वह 2021 में घटकर 16 प्रतिशत रह गया तथा मोबाइल बैकिंग, मोबाइल वालेट तथा पाॅस से ट्रान्जेक्शन 40 प्रतिशत से बढ़कर 85 प्रतिशत हो गया। इसी प्रकार अनौपचारिक अर्थ व्यवस्था कुछ वर्ष पूर्व तक जहां जी.डी.पी का 50 प्रतिशत था वहां अब 20 प्रतिशत की कमी के साथ जी.डी.पी का 30 प्रतिशत है जो यूरोप एवं कई लैटिन अमेरीकी देशों के समकक्ष है।
नोटबन्दी का ही परिणाम है कि नक्सली हिंसा, आतंकवादी घटनाएं तथा आतंकी फंण्डिग में भारी कमी आयी है।
राज्य में सात करोड़ से अधिक हुआ कोरोना टीकाकरणः मंगल पांडेय सबों के सहयोग से राज्य मेंं तेजी से बढ़ रहा टीकाकरण का आंकड़ा पिछले 15 सप्ताह में पांच करोड़ लाभार्थियों को किया गया टीकाकृत
पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने रविवार को कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा सात करोड़ पार करने पर कहा कि आज का दिन बिहार के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में राज्य में टीकाकरण का कार्य द्रुत गति से हो रहा है। श्री पांडेय ने कहा कि सबों के अथक प्रयास से सात नवंबर को टीकाकरण का आंकडा सात करोड़ का आंकड़ा पार गया है।
अब तक पांच करोड़ छह लाख 76 हजार लोगों को प्रथम खुराक दे दिया गया है, वहीं रविवार की देर रात्रि तक दूसरी खुराक का आंकड़ा भी 2 करोड़ पार होने का अनुमान है।
श्री पांडेय ने कहा कि 31 दिसम्बर 2021 तक आठ करोड़ से अधिक टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। दो करोड़ से 7 करोड़ का आंकड़ा पिछले 15 सप्ताह में पूरा किया गया है।
रविवार को चले कोरोना टीकाकरण अभियान में राज्य में कुल 8 हजार 846 मोटरसाइकिल पर सवार टीकाकरण टीम ने घर-घर जाकर लोगों को टीकाकृत करने का काम किया।
इसके अलावे छूटे हुए लोगों के अलावा टीका लेने से इंकार करने वाले और गर्भवती महिलाओं का सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा वोटर लिस्ट के आधार पर घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है, ताकि कोई भी लाभार्थी टीकाकरण से वंचित नहीं रह सके।
इस उपलब्धि के लिए कोरोना टीका के लाभार्थियों समेत टीकाकरण अभियान से जुड़े डॉर्क्ट्स, स्वास्थककर्मी, कोरोना वॉरियर्स एवं फ्रंट लाइन वर्कर्स धन्यवाद के पात्र हैं, जिनकी वजह से राज्य ने यह उपलब्धि हासिल की।
श्री पांडेय ने छठ पर्व पर बाहर से आये लोगों से अपील की है कि वे टेस्टिंग और टीकाकरण अवश्य करायें। गंगा घाटों के अलावे अन्य पूजा स्थलों पर टेस्टिंग और टीकाकरण की व्यवस्था की गई है।
जिन लोगों ने प्रथम डोज ले लिया है, वैसे लाभार्थी दूसरी डोज अवश्य लें। साथ ही सरकार द्वारा जारी कोरोना प्रोटोकॉल के नियम का अवश्य पालन करें, ताकि खुद और दूसरों को सुरक्षित रख सकें।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय सिंह, अपर कार्यपालक निदेशक अनिमेश परासर एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
जहरीली शराब से मौत को लेकर जारी सियासत के बीच बीजेपी ने नीतीश कुमार के शराबबंदी नीति को लेकर सवाल खड़े करने लगे हैं ।
जहरीली शराब से मौत मामले में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अपने सरकार को घेरा
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद संजय जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शराबबंदी कानून फेल होने का कारण पुलिस है ,बिहार पुलिस के संरक्षण में शराब बेची जा रही है जहां पर पुलिस का प्रभाव ज्यादा है वहां पर चोरी-छिपे शराब बिक्री हो रहा है,शराबबंदी कानून की समीक्षा की जरूरत है ।
खुलेआम शराब बिक रही है गांव गांव में– पीड़ित परिजन
पूर्वी चंपारण मेरे संसदीय क्षेत्र अवैध शराब बिक्री की स्थिति भयावह है,पूर्वी चंपारण मैं पुलिस प्रशासन के सहयोग से शराब का काम चल रहा है।बिहार में शराबबंदी कानून को लागू हुए पांच वर्ष हो गये हैं इसके सफलता और असफलता पर विचार करना बेहद जरूरी है।
राजद ने नीतीश पर बोला हमला कहां नीतीश थक गये हैं
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान पर राजद ने चुटकी ली है और राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहां कि जब सरकार में शामिल पार्टी के अध्यक्ष ही कह रहे हैं कि पुलिस की मिली भगत से अवैध शराब का धंधा चलता है तो फिर विपक्ष जो सवाल खड़ा कर रहा था उसकी पुष्टि हो रही है नीतीश कुमार लाचार और कमजोर मुख्यमंत्री है उससे कुछ होने वाला नहीं है इसी तरह लोग तरप तरप कर मरते रहेंगे ।
नेता विरोधी दल तेजस्वी यादव ने एक बार फिर जरिए शराब से मौत पर सरकार पर जमकर निशाना साधा है तेजस्वी यादव ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की है
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा है कि शराबबंदी का ढोंग करने वाले संवेदनहीन मुखिया चुप क्यों हैं क्योंकि मिलीभगत जो है नीतीश सरकार की अवैध शराब के कारोबार मे तस्करी में सीधी एव प्रत्यक्ष लिखता है
तेजस्वी यादव ने तंज कसा है कि क्या यह सच्चाई नहीं है कि कारणों से शराब की बिक्री हो रही है क्या यह सच नहीं है कि वरिष्ठ अधिकारियों और सत्ताधारी नेताओं तक कमीशन नहीं पहुंच रहा है क्या यह सच नहीं है कि कुछ आसरा माफियाओं के मुख्यमंत्री आवास में सीधी पहुंच नहीं है क्या यह यथार्थ नहीं है शराबबंदी के नाम पर मुख्यमंत्री के द्वारा की गई हजारों समीक्षा बैठक का अब तक कोई परिणाम नहीं निकला जबकि या बैठक तस्करों को प्रोत्साहित करने वाला ही साबित हुआ है
छठ घाट की तैयारी को लेकर उपमुख्यमंत्री ने शहरी निकाय के पदाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक, तैयारियों का लिया जायजा, दिए आवश्यक निर्देश
छठ घाट के तैयारी हेतु शहरी निकायों को मिलेगी अतिरिक्त राशि। नगर निगम को 2 लाख रुपये, नगर परिषद् को 1.50 लाख रुपये एवं नगर पंचायत को 01 लाख रुपए की राशि मिलेगी।
बिहार के उपमुख्यमंत्री -सह- नगर विकास एवं आवास मंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने गंगा एवं अन्य नदियों के किनारे स्थित नगर निगम, नगर परिषद् एवं नगर पंचायत के पदाधिकारियों के साथ छठ घाट की आवश्यक तैयारी एवं सुविधाओं को लेकर वर्चुअल रूप से समीक्षा बैठक की।
उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के दौरान आवश्यक साफ-सफाई एवं स्वच्छता की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक छठ घाटों पर वाच टावर, चेंजिंग रूम, मजबूत बैरीकटिंग, विद्युत व्यवस्था, पर्याप्त लाइटिंग एवं एंबुलेंस की व्यवस्था, पावर बैकअप के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़क मार्ग से छठ घाट की ओर जाने वाले संपर्क पथों की भी आवश्यक मरम्मति सुनिश्चित करायी जाए। प्रत्येक छठ घाट पर शहरी निकाय के पदाधिकारी कैंप कार्यालय संचालित कर स्टाफ की प्रतिनियुक्ति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें, ताकि छठ व्रतियों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो।
उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक घाटों पर जहां जल स्तर अधिक है, उसे खतरनाक घाट के रूप में चिन्हि्त कर लाल कपड़े लगाए जाएं, साइनेज, ध्वनि विस्तारक यंत्र की व्यवस्था रखें। उन्होंने कहा कि छठ घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु आवश्यक व्यवस्था के लिए नगर निगम को 02 लाख रुपये, नगर परिषद् को 1.50 लाख रुपये एवं नगर पंचायत को 01 लाख रुपए की राशि मुहैया कराई गई है। इस राशि का उपयोग कर सभी शहरी निकाय छठ व्रतियों की सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि पटना नगर निगम के अंतर्गत छठ घाटों की आवश्यक तैयारी हेतु अलग से राशि का प्रबंध किया गया है, जिसके अंतर्गत कार्य चल रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री ने छठ व्रतियों से अपील करते हुए कहा कि यथासंभव छठ पूजा घर पर ही करें। यदि घाटों पर जाएं तो गहरे पानी में न जाएं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सुरक्षित रूप से छठ का पर्व मनाएं। बैठक के दौरान राज्य मुख्यालय से नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री आनंद किशोर एवं अन्य वरीय विभागीय पदाधिकारी तथा वर्चुअल रूप से पटना नगर निगम को छोड़कर अन्य सभी नगर निगमों के नगर आयुक्त, नगर परिषद् और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारीगण, अभियंतागण आदि उपस्थित थे।
बिहार के गोपालगंज सहित तीन जिलों में जहरीली शराब पीने से 30 से ज्यादा लोगों के मरने की अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद प्रशासन को दोषियों की पहचान कर तुरंत कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसे मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिये मौत के सौदागरों को फाँसी की सजा दिलायी जानी चाहिए।
वर्ष 2016 में गोपालगंज के खजूरबन्ना में जहरीली शराब से 19 लोगों की मृत्यु के बाद दोषी पाए गए 9 को फाँसी और 4 महिलाओं को उम्र कैद की सजा सुनायी गई थी। ऐसी घटना में मृतक के परिवार का कोई दोष नहीं होता, इसलिए सरकार ने उस समय हर आश्रित परिवार को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा दिया था। इस बार भी सरकार को पीड़ित आश्रितों को 4 – 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का विचार करना चाहिए।
जहरीली शराब से मौत की घटनाएँ उन राज्यों में भी हुईं, जहां मद्यनिषेध लागू नहीं है, इसलिए ऐसी दुखद घटनाओं के बहाने शराबबंदी हटाने की दलील नहीं दी जानी चाहिए। बिहार की जनता और विशेष कर आधी आबादी ने शराबबंदी को सहर्ष स्वीकार कर लिया है।
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र भाई मोदी ने मद्यनिषेध लागू रखा और बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पाड़ित महिलाओं की एक आवाज पर इसे सख्ती से लागू किया। शराबबंदी लागू होने से घरेलू हिंसा और स्कूल-कालेज जाने वाली लड़कियों पर भद्दी छींटाकशी की घटनाएँ काफी कम हुईं। राज्य सरकार को शराबबंदी के फैसले पर दृढ रहना चाहिए।
भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा ने समस्तीपुर थाने में हुई पुलिस पिटाई से सफाईकर्मी रामसेवक राम की मौत को हत्या बताया है और कहा है कि आज बिहार में पुलिस राज कायम हो गया है. उन्होंने थाना प्रभारी और रोसड़ा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी पर अविलम्ब कार्रवाई की मांग की.
रोसड़ा नगर परिषद के सफाईकर्मी रामसेवक राम की मौत की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी पुलिस- पदाधिकारी को बर्खास्त करने, परिजन को 10 लाख रूपये मुआवजा एवं नौकरी देने; पत्रकार, पार्षद व मजदूर पर दर्ज रोसड़ा थाना झूठा कांड संख्या-343/21 तत्काल समाप्त करने की मांग को लेकर आज भाकपा- माले के कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद क्षेत्र के मोतीपुर कालीस्थान से विरोध मार्च निकाला. अपने-अपने हाथों में झंडे, बैनर एवं मांगों से संबंधित नारे लिखे कार्डबोर्ड लेकर माले कार्यकर्ताओं ने आक्रोशपूर्ण नारे लगाए और लगाते हुए नेशनल हाईवे-28 से गुजरते हुए बाजार क्षेत्र गांधी चौक पर सभा की, जिसकी अध्यक्षता प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने की.
किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, बासुदेव राय, बखेरी सिंह, हरिदेव प्रसाद सिंह, ललन दास, श्याम चंद्र दास, रामसेवक राय, रामबाबू सिंह, मंजीत कुमार, महेंद्र दास, अनील सिंह आदि ने सभा को संबोधित करते हुए हत्यारे को बर्खास्त कर सफाईकर्मी रामसेवक राम को न्याय देने अन्यथा आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी.
अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रखण्ड सचिव ने कहा कि हाजत लोगों को सुरक्षा देने के लिए होता है, न की पिटाई कर मार देने के लिए. हाजत में हत्या जघन्य अपराध है और इसके दोषियों को दंड मिलना ही चाहिए. भाकपा माले इस संघर्ष को सड़क से विधानसभा तक ले जाएगी.
बिहार में जहरीली शराब से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है आज चौथा जिला समस्तीपुर इसके आकोश में आ गया है जहां जहरीली शराब पीने से एक सेना का जवान सहित चारों लोगों की मौत हो गयी है एक दर्जन से अधिक व्यक्ति बीमार पड़ गये हैं।
जिले के पटोरी प्रखंड के रुपौली पंचायत में संदिग्ध हालत में एक साथ चार लोगों की मौत होने के साथ ही आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। बीमार लोगों को इलाज के लिए अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया है। मृतकों में एक बीएसएफ का और एक सेना का जवान भी शामिल है। दोनों छुट्टी में घर आये हुए थे।
1–जहरीली शराब से मौत का सिलसिला जारी मिली जानकारी के अनुसार जिले के शाहपुर पटोरी अनुमंडल स्थित रुपौली गांव में शुक्रवार की शाम से बीमार पड़ने और मरने का सिलसिला शुरू हुआ।
गोपालगंज में दो और लोगों की जहरीली शराब पीने से हुई मौत
गांव में व्याप्त चर्चा के अनुसार शुक्रवार शाम तीन से चार बजे के बीच लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और एक-एक कर करीब दस लोगों की तबीयत बिगड़ने से गांव में हड़कंप मच गया।इसके अलावा मरने वालों में किसान श्यामनंदन चौधरी और वीर चंद्र राय शामिल हैं। वहीं इलाजरत लोगों में अभिलाख राय, बेंगा राय, सुमन कुमार, दीपक कुमार और कुंदन कुमार का नाम बताया जा रहा है। एक साथ चार लोगों की मौत और आधे दर्जन लोग भर्ती है ।
वही दूसरी ओर गोपालजंग में इलाज के दौरान आज सुबह दो और लोगो की हुई मौत।इस तरह मृतकों की गोपालगंज में बढ़कर 13 हो गयी है आज इलाज के दौरान राजकुमार मिश्रा और मनोरंजन सिंह की मृत्यु मोतिहारी और पटना पीएमसीएच में इलाज के दौरान हो गयी है ये दोनों भी मोहम्मदपुर में शराब पीने के दौरान हुए थे बीमार।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लगाई फटकार वही सीएम ने कल देर शाम बिहार के अलग-अलग जिलों में जहरीली शराब पीने से लगातार हो रही मौतों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाई लेवल बैठक बुलाई जिसमें पुलिस और उत्पाद विभाग के आला अफसरों को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि जो भी इसमें शामिल है कारवाई करिए। साथ ही 16 नवंबर को शराबबंदी की समीक्षा बैठक करने का ऐलान किया।
समस्तीपुर एसपी ने शुरु की जॉच
इससे पहले उन्होंने शराब पीने वालों को नसीहत देते हुए कहा – ‘देख लीजिए की क्या स्थिति है। हम बार-बार कहते हैं कि गलत चीज पीजिएगा तो ये नौबत आएगी।’ सीएम ने कहा कि अगर किसी इलाके में कोई शराब बेच रहा है तो ये दुखद है। साथ ही महापर्व छठ के बाद शराबबंदी की विस्तृत समीक्षा करने की बात कही है।
मोतिहारी से एक फोन आया सर जय भीभ फिल्म देखे, मैंने कहां नहीं अरे सर जरुर देखिए आपको बहुत पसंद आयेगा आपके मिजाज से बहुत मेल खाता है। ऑफिस से लौटने के बाद फिल्म देखना शुरु किये पता नहीं क्यों यह फिल्म मुझे उत्साहित नहीं कर पाया ,बार बार मेरे जेहन में एक ही सवाल उठ रहा था कि जिस अत्याचार को लेकर फिल्म बनी है आज उस तरह के अत्याचार को लेकर मीडिया ,कोर्ट और पुलिस महकमे में कही से भी न्याय के साथ खड़े होने की एक छोटी सी भी किरण दिखायी दे रही है ।
मुझे तो नहीं दिखायी दे रही है तो फिर इस तरह के फिल्म का मतलब क्या है , अंबेडकर का जयकारा लगाइए और अपना पीठ आप खुद थपथपाइए ।क्यों कि ये जो सुशासन की सरकार है ना एक एक करके उन तमाम सिविल राइट्स के लिए लड़ने वाले और संरक्षण देने वाली संस्थान को खत्म कर दिया जिसके सहारे आप इस तरह की जुल्म के खिलाफ आवाज उठा सकते थे ।
शुरुआत मीडिया पर नियंत्रण से हुई और जैसे ही मीडिया का जुबान बंद करने में सुशासन की सरकार कामयाब हो गयी ,फिर सामाजिक बदलाव और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वालो की जुबान बंद करने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपनाये जाने लगे और अंत में जिस पर भरोसा था कि ऐसे जुल्म करने वालों पर कारवाई कर कोर्ट लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने का काम करेगा उसका हाल तो और बुरा हो गया है ।
किसके भरोसे इस तरह की लड़ाई लड़ी जाए जनता ना बाबा ना ऐसा समझदार तो कोई है ही नहीं । फिल्म जय भीम में पुलिस के जिस तरह के जुल्म को देख कर आप आक्रोशित है वैसा जुल्म आज पुलिस नहीं कर रही ऐसा नहीं है फिल्म में जो दिखाया गया है उससे भी बड़ी बड़ी जुल्म पुलिस आज भी कर रही है ।कल की ही बात ले लीजिए घटना मेरे रोसड़ा से जुड़ा हुआ है कई माह से वेतन नहीं मिलने के कारण नगर परिषद के सफाई कर्मचारी आक्रोशित हो गये और कार्यपालक पदाधिकारी पर हाथ चला दिया।
पदाधिकारी पर हाथ चला देने की खबर जैसे ही सामने आयी सवाल सिस्टम के पुरुषार्थ से जुड़ गया और देखते देखते डीएम से लेकर एसपी तक की भौहें तन गयी और फिर क्या था बेचारा दलित सफाई कर्मचारी पर वो तमाम धाराएं लगी दी गयी जिससे उस दलित कर्मचारी को जल्द जमानत नहीं मिले। किसी ने यह सवाल उस कार्यपालक पदाधिकारी से नहीं किया कि पर्व का समय है चार माह से इन सफाई कर्मचारियों को वेतन क्यों नहीं मिल रहा है।
बस इतने से सकून नहीं मिला पुलिस शहर के शराब माफिया के साथ उस सफाई कर्मचारी के घर पहुंचा और उसे पीटते हुए थाना लाया ताकि आगे कोई साहस नहीं कर सके, पुलिस इतनी पिटाई किया गया कि कल उसकी पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गयी उससे पहले सफाई कर्मचारी की पिटाई को लेकर स्थानीय लोग इतने गुस्से में आ गये कि थाना पर हमला बोल दिया रोसड़ा मेरा घर है और मैं पटना में पत्रकार हूं स्वाभाविक है रोसड़ा से फोन आने लगा मामला बिगड़ रहा है जरा उपर बोलिए और सफाई कर्मचारी का बेहतर इलाज हो इसकी कोई व्यवस्था करा दीजिए ।
मैं पुलिस मुख्यालय के एक सीनियर अधिकारी को फोन किया थोड़ी देर में एसपी पहुंचा और हंगामा कर रही महिलाओं से बात करने के बजाय पिटवाना शुरू करवा दिया पुलिस थाना पर हमला करने के मामले में एक दर्जन से अधिक महिलाओं को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया ,कई पत्रकारों को भी अभियुक्त बनाया गया उन पर आरोप है कि ये लोग भीड़ को भड़का रहे थे ।
कल रोसड़ा से ही फोन आया सफाई कर्मचारी की मौत हो गयी है और उसके बेटे के साथ पुलिस मारपीट करके पीएमसीएच में कुछ लिखवाना चाह रही है मैं अपने रिपोर्टर को तुरंत पीएमसीएच भेजा आजकल पीएमसीएच में एक अलग खेला शुरु है कैमरा लेकर आप अस्पताल परिसर में भी नहीं जा सकते हैं खैर उसके बेटे से मेरा टीम मिला पूरी खबर बनाये और फिर पुलिस मुख्यालय से आग्रह किया कि उस सफाई कर्मचारी का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा दीजिए और उसके बेटे के साथ जो रोसड़ा पुलिस व्यवहार कर रही है ये सही नहीं है। खैर प्रक्रिया शुरु हो गयी है लेकिन मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि इस सिस्टम में उस दलित को न्याय मिलने कि बात करना भी बेमानी है ।
रोसड़ा का विधायक दलित है सांसद भी दलित है रोसड़ा से जिसका भी फोन आया मैंने यही कहां सांसद और विधायक से बात करिए विधायक बीजेपी से हैं और सांसद पारस गुट लोजपा से हैं सरकार के खासमखास है वही से कुछ हो सकता है सोचिए एक पत्रकार जो खुद खबर के सहारे सिस्टम का ईट से ईट बजा सकता है वह आज विधायक और सांसद से बात करने की सलाह दे रहा है क्यों जरा आप भी सोचिए। इस तरह की घटना कोई नयी बात नहीं है पूरे बिहार में रोजाना इस तरह की घटनाए घट रही है लेकिन जिसे आवाज उठानी चाहिए थी जी है मीडिया उसकी जुबान बंद कर दी गयी है तो फिर इस तरह के जुल्म की खबर आप तक पहुंचेगी कैसे याद करिए मीडिया खबर चला रही थी
तब तो आप शहाबुद्दीन से लड़ने वाले चंदा बाबू को जान रहे हैं लेकिन आज चंदा बाबू से भी बड़ी लड़ाई लड़ने वाला मोतिहारी का आरटीआई कार्यकर्ता बिपिन अग्रवाल की सरेआम हत्या कर दी जाती है उसकी पत्नी पुलिस के रवैये से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास करती है बाप अन्न त्याग दिया है लेकिन सिस्टम को कोई मतलब नहीं है क्यों कि हत्यारो का रिश्ता सत्ता रुढ़ दल से जुड़ा है जंगलराज में क्या यह सम्भव था पुलिस कारवाई नहीं करती तो रोजोना अखबार में लीड खबर छपती आज क्या हो रहा है ,इसी तरह मुजफ्फरपुर के एक आरटीआई कार्यकर्ता दो वर्ष से जेल में इसलिए है कि वो सूबे के पूर्व डीजीपी के खिलाफ आवाज उठाता रहता था मामला जो भी हो लेकिन जिस तरीके से जेल में रहते हुए
उस आरटीआई कार्यकर्ता में पांच मुकदमा जेल से फो कर के रंगदारी मांगने और हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया गया ये तो नाइंसाफी है कही किसी कोनो से कोई आवाज सुनाई दी है नहीं ना मुझे पता है पोस्ट जैसे ही पब्लिक होगा मेरे फोन की घंटी बजने लगेंगी क्यों ऐसा लिख दिए। ये स्थिति है आप जुल्म के खिलाफ खबर नहीं लिख सकते हैं आवाज उठानी तो बड़ी बात है आज की तारीख में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि बिना पैसा लिए थाने और प्रखंड मुख्यालय में एक काम नहीं हो सकता है मोबाइल खोने का सनहा भी करने जाएगा ना तो पांच सौ रुपया देना पड़ता है यही सुशासन है।
जहरीली शराब से मौत पर राज पुलिस मुख्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि गोपालगंज में 3 अक्टूबर को मोहम्मदपुर में कथित रूप से जहरीली शराब का सेवन करने से 11 व्यक्ति की मृत्यु हो गई 4 का इलाज चल रहा है सभी मृतकों का पोस्टमार्टम करा लिया गया है और बेसरा को जांच हेतु भेजा जा रहा है इस संबंध में महमदपुर थाने में धारा 272 273 320 307 304 120b और 34 a33 b 33 और 34 उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है इसके साथ ही थाना अध्यक्ष मोहम्मद पूर्ण शशि रंजन कुमार चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है इस मामले में अभी तक तीन अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है
4 अक्टूबर को पश्चिम चंपारण के बेतिया के नौतन थाना अंतर्गत जहरीली शराब के सेवन करने से 12 व्यक्ति की मृत्यु हो गई 10 लोग अभी इलाज रत है इस मामले में धारा 272 273 328 307 304 120b सहित कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है इस मामले में अभी तक 2 लोगों की गिरफ्तारी की गई है 11 लोगों का पोस्टमार्टम करा लिया गया है सभी कांडों का अनुसंधान जारी है और प्राथमिकता के आधार पर इस मामले में कड़क कार्रवाई की जा रही है
मुजफ्फरपुर के सरैया में हुए जहरीली शराब के सेवन से सात लोग बीमार हो गए थे और सभी की मृत्यु हो गई इस संबंध में भी सरिया थाने में धारा 284 328 307 302 34 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है और अभी तक 11 लोग गिरफ्तार किए गए हैं पांच व्यक्ति का पोस्टमार्टम करा दिया गया है।
126 अस्पतालों में मिलने लगी डिजिटल एक्सरे की सुविधा: मंगल पांडेय पीपीपी मोड पर 146 जगहों पर लोगों को मिलेंगे डिजिटल एक्स-रे सेवा
पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए स्वास्थ्य विभाग कृत संकल्पित है। राज्य के सरकारी अस्पतालों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य डिजिटल एक्स-रे की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।
श्री पांडेय ने बताया कि बिहार के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर 146 डिजिटल एक्स-रे सेवा शुरू होने हैं। इसमें से 126 अस्पतालों में इसे चालू कर दिया गया है। बांकी 20 जगहों पर डिजिटल एक्स-रे लगाने की प्रक्रिया जारी है। श्री पांडेय ने कहा कि बदलते समय के अनुसार डिजिटल एक्सरे की काफी जरूरत थी।
अभी तक मैनुअल एक्सरे ही किया जा रहा था। राज्य के अस्पतालों में डिजिटल एक्स-रे की सेवा से मरीजों को काफी सुविधा मिल रही है। कुछ मिनटों में ही उन्हें एक्स-रे की रिपोर्ट मिल जा रही है।
श्री पांडेय ने कहा कि अब उन जरूरतमंद मरीजों को डिजिटल एक्स-रे कराने का लाभ मिल रहा है, जिन्हें किसी निजी नर्सिंग होम या निजी एक्स-रे सेंटर जाना पड़ता था। इसमें ज्यादा फीस चुकानी पड़ती थी, लेकिन अब जिलों में डिजिटल एक्स-रे शुरू हो जाने के बाद मरीजों को सरकारी अस्पताल में ही सुविधा उपलब्ध हो जा रही है। इससे गरीब मरीजों को आर्थिक राहत मिल रही है। डिजिटल एक्स-रे से 50 फीसदी तक रेडिएशन कम होगा। वहीं रिपोर्ट को कम्प्यूटर में आसानी से स्टोर किया जा सकेगा।
बिहार के मुजफ्फरपुर,गोपालगंज और बेतिया जिले में जहरीली शराब पीने से 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। दो दर्जन से अधिक लोगों की अभी भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। मरने वालों में सबसे अधिक 18 गोपालगंज के रहने वाले थे। यहां 7 लोगों की हालत गंभीर है। इनमें 3 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। पश्चिम चंपारण में 15 मौतें हुई हैं। यहां 4 लोगों की हालत गंभीर है।अभी तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आने के कारण प्रशासन इन्हें संदिग्ध मौत मान रहा है।
1–जहरीली शराब मामले में नपे कई थाने के थानेदार शुरुआती समय में प्रशासन जहरीली शराब से मौत मामले को लीपापोती करने में लगा हुआ था लेकिन जैसे जैसे मौत का आकड़ा बढ़ने लगा प्रशासन की परेशानी बढ़ने लगी और प्रशासन के चुप्पी पर सवाल खड़े होने लगे ।ऐसे में मुजफ्फरपुर गोपालगंज और बेतिया जिले के उन इलाके के थानेदार को सस्पेंड कर दिया गया है जिनके इलाके में जहरीली शराब पीने से मौत हुई है ।
मुजफ्फरपुर एसएसपी ने सरैया के थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार यादव समेत दो पुलिसकर्मी पर निलंबन कर दिया है और अभी तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है वही गोपालगंज SP आनंद कुमार ने महम्मदपुर थानाध्यक्ष शशि रंजन कुमार और एक चौकीदार को सस्पेंड किया है, वहीं पश्चिम चंपारण के नौतन थानेदार और चौकीदार को भी सस्पेंड किया गया है।वही चंपारण रेंज के डीआईजी प्रणव कुमार प्रवीण ने नौतन के थानाध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं बेतिया एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा द्वारा स्थानीय चौकीदार और दफदार को सस्पेंड कर दिया है।
उत्पाद विभाग और जिला प्रशासन की टीम इलाके में छापेमारी कर रही है। गोपालगंज में 3 घरों को सील किया गया है, जबकि चार धंधेबाज तुरहा टोले के छोटेलाल साह, अशोक शर्मा, रामप्रवेश साह और जितेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है। गोपालगंज प्रशासन ने 11 शवों का पोस्टमॉर्टम कराया है, ।
2—जहरीली शराब से मौत मामले में तीन दिनों तक प्रशासन लीपापोती करने में लगा प्रशासन तीन दिनों तक जहरीली शराब से मौत मामले को लीपापोती करने में लगा रहा इस वजह से परिजन घर में ही छुप कर इलाज कराने को विवश हुए इस वजह से मौत संख्या बढ़ने लगी।
हुआ ऐसा कि गोपालगंज के महम्मदपुर थाने के कुशहर तुरहा टोले और दलित बस्ती में मंगलवार की शाम दो दर्जन लोगों ने जहरीली शराब पी थी। पाउच की शराब पीने के बाद हालत बिगड़ने लगी। पेट में जलन और मुंह से झाग आने के बाद परिजनों ने आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल और सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बुधवार को 10 लोगों की मौत हो गई वहीं गुरुवार को अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 18 हो गई।
नीतीश का अटपटा बयान गलत चीज का सेवन करेंगे तो भरेगा कौन
3—शराबकांड पर सियासी बयान हुआ तेज जहरीली से हुई मौत मामले में अब राजनीति भी शुरू हो गई। मृतक के परिजनों से मिलने विभिन्न पार्टी के नेता पहुंचने लगे हैं। साथ ही पीड़ित परिजनों को सांत्वना देकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार का एक वीडियो बयान ट्वीट करते हुए लिखा है कि नीतीश कुमार कहते हैं कि ‘जब गड़बड़ चीज पीजिएगा तो आप चले जाइएगा।’ आगे यादव ने कहा है कि शराबबंदी पर बड़बड़ करने वालों के राज में विगत तीन दिनों में ही जहरीली शराब से 50 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री स्वयं, प्रशासन, माफिया और तस्कर पुलिस पर कार्रवाई की बजाय पीने वालों को कड़ा सबक सिखाने की धमकी देते रहते हैं।
वही राजद के पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि दुनिया में कहीं भी पूर्ण शराबबंदी सफल नहीं हुई है। आप शराब या नशे को नियंत्रित तो कर सकते हैं, लेकिन पूर्ण रूप से समाप्त नहीं कर सकते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लाठी-डंडे के जोर पर बिहार के समाज को साधु और महात्मा बनाना चाहते हैं। दुनिया के किसी समाज में यह अब तक मुमकिन नहीं हुआ है।
बिहार में जहां व्यापक गरीबी, बेरोजगारी और प्रशासनिक भ्रष्टाचार है। वहां अवैध शराब के धंधे का फलना-फूलना स्वाभाविक है। इसका प्रतिकूल प्रभाव सामने आया है। जानकार बता रहे हैं कि नौजवानों में ड्रग का सेवन तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसका कोई असर नीतीश पर नहीं पड़ने वाला है। उनकी जिद पता नहीं और कितनों की जान लेगी।
वही बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व मंत्री जनक राम पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि मरने वाले सभी दलित परिवार के सदस्य हैं, जिन्हें साजिश के तहत जहरीली शराब पिलाई गई है। मंत्री ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराने का आश्वासन परिजनों को दिया। वहीं जिला प्रशासन को बीमार लोगों का बेहतर इलाज करने की बात कही।
इस बीच मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गलत चीज पीजिएगा तो भुगतना ही पड़ेगा वैसे छठ पर्व के बाद शराबबंदी को और प्रभावी बनाने के लिए बड़े स्तर पर कारवाई की जायेंगी ।
उप चुनाव के मतगणना से ठीक एक दिन पहले वामपंथ से जुड़े के एक बड़े नेता का फोन आया जिनका मिथिलांचल से भी गहरा रिश्ता है, संतोष जी क्या फीडबैक है चुनाव का ,मैंने उन्हें कहां तारापुर जीत सकते हैं लेकिन कुशेश्वरस्थान को लेकर स्पष्ट कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
संतोष जी कुशेश्वर स्थान 12 से 15 हजार वोट से जीत रहे हैं मैंने पूछा कैसे संतोष जी वहां से सीपीआई दो दो बार विधायक रह चुका है, हमलोगों का भी संगठन है सीपीआई ,सीपीएम और भाकपा माले तीनों का वोटर 15 हजार के करीब है और मुसहर 80 प्रतिशत वोट दिया है फिर लड़ाई कहां रहा कुशेश्वरस्थान ।
हां सही कर रहे हैं आप अगर ऐसा हुआ होगा तब तो लड़ाई कहां रहेंगा लेकिन मुसहर का कई गांव ऐसा है जहां यादव और मुसहर के बीच हिंसक लड़ाई होता रहता है वहां यादव के साथ मुसहर तो वोट नहीं किया होगा नहीं संतोष जी मिल बैठकर सब सुलझा लिया गया देखिएगा रिजल्ट।
यह अनुमान एक ऐसे पार्टी के नेता का था जिसकी पहुंच कुशेश्वरस्थान के वैसे अंतिम वोटर से रहा है जो गरीब है ,फटेहाल है ,महिला है, जिसकी वोट से सरकार बनती और बिगड़ती है लेकिन परिणाम क्या आया ठीक उलट राजद गठबंधन 12 हजार से अधिक वोट से चुनाव हार गया।
वही दूसरी ओर वोटर के मिजाज की बात करे तो महंगाई खास करके सरसों तेल की कीमत को लेकर काफी गुस्से में थी महिलाएं 10 में 8 महिला इसको लेकर नाराज थी, फिर शराब को लेकर नाराजगी थी, अब तो गांव गांव में शराब मिल रहा है,सरकारी तंत्र के भ्रष्टाचार को लेकर उतना ही गुस्सा लेकिन जब ईवीएम पर बटन दबाने की बारी आयी तो इन तमाम मुद्दों को वोटर ने खारिज कर दिया वहीं राजद के उस आइडेंटिटी पॉलिटिक्स(पहचान की राजनीति) को भी स्वीकार नहीं किया ।
1—क्या बिहार में आइडेंटिटी पॉलिटिक्स (पहचान की राजनीति) की राजनीति का दौर खत्म हो गया बिहार में लालू प्रसाद आइडेंटिटी पॉलिटिक्स (पहचान की राजनीति) के अभिनेता रहे है कभी पत्थर तोड़ने वाली को तो कभी सुअर चराने वाले को सांसद और विधायक बनाते रहे हैं बाद के दिनों में मुसलमान में भी ऐसे चेहरे को आइडेंटिटी पॉलिटिक्स के तौर पर इस्तेमाल जो देखने के कट्टर मुसलमान लगता हो लेकिन इस तरह की राजनीति से वोट जरूर मिले लेकिन उस राजनीति का समाज के विकास में खास प्रभाव नहीं पड़ा और यही वजह रहा है कि धीरे धीरे इस तरह का पॉलिटिक्स हाशिए पर चला गया ।
2019 के लोकसभा चुनाव में पहली बार बड़े स्तर पर राजद ने एक बार फिर आइडेंटिटी पॉलिटिक्स (पहचान की राजनीति) के तहत गैर यादव को जोड़ने कि कोशिश किया लेकिन यह प्रयोग बुरी तरह से फेल गया है 2020 के विधानसभा में एक बार राजद आइडेंटिटी पॉलिटिक्स (पहचान की राजनीति) का सहारा लिया और गैर यादव उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा इसका लाभ मिला और उसी को देखते हुए राजद इस बार कुशेश्वर स्थान विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी दलित आबादी मुसहर को टिकट दिया ताकि जातिगत राजनीति के तहत मुसहर का वोट मिल जायेंगा साथ में यादव और मुसलमान का वोट जीत तय है लेकिन हुआ क्या मुसहर राजद के आइडेंटिटी पॉलिटिक्स (पहचान की राजनीति)को पूरी तौर स्वीकार नहीं किया जबकि टिकट मिलने के बाद मुसहर में काफी उत्साह था साथ ही राजद ऐसे मुसहर को टिकट दिया था तो पहले से ही उस इलाके में मुसहर की राजनीति कर रहा था और जदयू के उम्मीदवार को पंचायत समिति के चुनाव में हरा चुका था फिर भी विधायक के रूप में मुसहर राजद के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार नहीं किया।हलांकि तारापुर में राजद जिस स्तर पर फाइट दिया उसकी वजह वैश्य प्रत्याशी रहा लेकिन दूसरा वोटर इससे अलग भी हुआ ।
2–आने वाले समय में बिहार की राजनीति में भाकपा माले का हाल सीपीआई सीपीएम जैसा हो जाये तो बड़ी बात नहीं होगी बिहार की राजनीति की समझ रखने वाले भी मानते हैं कि भाकपा माले जिस तरीके से जाति आधारित राजनीति की ओर बढ़ रहा है इसका हाल भी बिहार के अन्य वामपंथी पार्टियों की तरह होना तय है उसकी बड़ी वजह यह है कि भाकपा माले क्लास की जगह कास्ट पॉलिटिक्स की तरफ काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है ऐसे में जाति आधारित राजनीति करने वाली पार्टियां कभी भी इनके वोट बेस को खत्म कर सकता है ।
कुशेश्वर स्थान में वामपंथी पार्टियों का कैडर है लेकिन वहां के कैंडर की राजनीति क्या है जिस मुसहर समाज के वोट का ठेका ले रहे थे उस समाज के आर्थिक और सामाजिक संघर्ष में वामपंथी पार्टियां कहां खड़ी है यही मूल सवाल है जिस पर कुशेश्वर स्थान की वामपंथी पार्टियां खड़ी नहीं उतर रही है और उसका परिणाम यह हुआ कि मुसहर को टिकट देकर जिस आइडेंटिटी पॉलिटिक्स (पहचान की राजनीति) के सहारे जीतने चले थे वह फेल कर गया क्यों कि उसके दिन दैनिकी संघर्ष में वामपंथी पार्टियां कही खड़ी नहीं दिख रही है जबकि सरकार विकास मित्र के सहारे हर दलित वस्ती में पहुंच गया है जो सरकार के पार्टी कार्यकर्ता के रूप में काम करता है ।
3–मूल मुद्दे पर चुनाव क्यों नहीं हो पा रहा हैकुशेश्वरस्थान उप चुनाव के दौरान महिलाओं नें सरकार के शराब नीति पर जमकर भड़ास निकाली थी गांव गांव में शराब माफिया पैदा ले लिया है अब तो घर में पहुंचा दे रहा है ,महंगाई पर उतनी ही महिलाएं गरम थी भ्रष्टाचार को लेकर भी इसी तरह की प्रतिक्रिया थी लेकिन ईवीएम पर जब बटन दबाने की बारी आयी तो इसका प्रभाव नहीं दिखा मतलब भारतीय लोकतंत्र में हो क्या रहा है 4 वर्ष 11 माह जिस समस्या से आप तबाह से वो कभी भी ईवीएम के बटन तक नहीं महंगाई ,बेरोजगारी ,भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर आज हर कोई परेशान है लेकिन चुनाव आते आते ये सारे मुद्दे छुट जाते हैं और एक माह के प्रचार अभियान के दौरान नेता जो चाहता कही ना कही वही आकर राजनीति ठहर जाती है ।जेपी और गांधी विचार से जुड़े विचारक का मानना है कि हमारी जो शिक्षा नीति है वही इस तरह की मतलबी सोच को बढ़ाता है जिसका प्रभाव आप भारतीय राजनीति पर भी दिख रहा है ।
आज दिवाली भी है और चार नवम्बर भी। 1974 में आज के ही तानाशाही ने लोकतंत्र के सर पर लाठियां बरसाईं थी, जिसे 74 साल के एक बुढ़े ने अपने सर और कांधे पर रोक लिया था । जैसा भी था हमारा जनतंत्र तानाशाही के काल कोठरी से बाहर आया।
यह बुढ़ा आदमी वही था जो जो अपनी जवानी में आज के ही दिन 1942 में हजारीबाग जेल की ऊंची दीवारों को फांद कर निकल आया था आजादी की रथ का जुआ अपने कांधों पर लेने को। तब कांग्रेस के सभी बड़े लीडरान गांधी, नेहरू, सरोजिनी नायडू, कस्तूरबा गांधी…..सभी जेल में बंद कर दिए गए थे।
कहते हैं जिसको जयप्रकाश वह नहीं मरण से डरता है ज्वाला को बुझते देख कुंड में स्वयं कूद जो पड़ता है। (दिनकर) आज हमारा जनतंत्र उससे भी घनघोर तानाशाही ही नहीं फ़ासिज़्म के अंधियारे में घिरा है। देश को ‘धन-धान्य’ देने वाला किसान करीबन एक साल से सड़कों पर है, आम जन के हित में बोलने वाले दर्जनों कवि, लेखक, अध्यापक, वकिल, कार्यकर्त्ता सालों से बिन मुकदमा जेलों में ठूंस दिए गए हैं।
84 साल के बुजुर्ग फादर स्टेन स्वामी जेल से ही अंतिम यात्रा पर निकल गये। इसी घनघोर अंधेरे में नन्हें से दीये का संकल्प: लड़ेंगे साथी कि दूसरा रास्ता नहीं है।
बिहार में पिछले 72 घंटों के दौरान जहरीली शराब पीने से 21 लोगों की मौत हो गयी है और दो दर्जन से अधिक लोगों का इलाज चल रहा है ।मामला बेतिया और गोपालगंज जिला से जुड़ा हुआ है ।
बेतिया से खबर आ रही है कि जिले के नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिणी तेलहुआ गांव में 5 लोगों की मौत हुई। परिजनों का कहना है कि बुधवार शाम को इन लोगों ने गांव में शराब पी थी। देर रात तबीयत बिगड़ने लगी तो इलाज कराने अस्पताल में भर्ती करवाया। इनमें से 8 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना के बाद बेतिया प्रशासन ने चुप्पी साध ली है पुलिस कप्तान का कहना है कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाता है कहना मुश्किल है कि मौत की वजह जहरीली शराब है ।
वही DM कुंदन कुमार ने बताया कि 8 लोगों की मौत की सूचना मिली है। मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। मेडिकल टीम भेजकर जांच करवाई जा रही है।
ऐसी ही सूचना गोपालगंज से आ रही है जहां जहरीली शराब पीने से अभी तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और एक दर्जन से बिमार लोगों का इलाज चल रहा है।गोपालगंज में सबसे अधिक प्रभावित थानों में बैकुंठपुर ,सिधवलियाऔर मोहम्मद थाने क्षेत्र का दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित है।
दरभंगा सांसद गोपाल जी ठाकुर ने मिथिला के केंद्र दरभंगा में बनने वाले एम्स हेतु 200 एकड़ की भूमि स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार को निःशुल्क हस्तांतरित करने हेतु कैबिनेट निर्णय किये जाने पर बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी व बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि दरभंगा एम्स के निर्माण को लेकर लगातार सभी स्तरों पर प्रयासरत हूं।
सांसद ने कहा कि बीते दिनों कुशेश्वरस्थान उपचुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के जनसभा के दौरान दरभंगा एम्स निर्माण की दिशा में गति प्रदान करते हुए, एम्स हेतु प्रस्तावित स्थल पर सभी मूलभूत कार्यों को पूर्ण करने का आग्रह किया था ताकि शिलान्यास हेतु प्रस्तावित स्थल को जल्द से जल्द तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में दरभंगा एम्स के प्रस्तावित स्थल के लो लैंड पर मिट्टीकरण हेतु राशि भी स्वीकृत की जा चूँकि है। उन्होंने कहा कि मिट्टीकरण के साथ- साथ बाउंड्री वाल निर्माण का कार्य भी होगा।
दरभंगा सासंद गोपाल जी ठाकुर
सांसद श्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एम्स निर्माण के साथ आठ करोड़ मिथिलवासियों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 1264 करोड़ की लागत से 750 बेड वाले एम्स के निर्माण मिथिला के केंद्र दरभंगा में होगा। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक अस्पताल के बन जाने से निकट भविष्य में 8 करोड़ मिथिलवासी सहित पड़ोसी देश नेपाल और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के करोड़ों लोग दरभंगा एम्स से लाभन्वित होंगे। उन्होंने कहा कि कुल 10 करोड़ से ऊपर की आबादी दरभंगा एम्स से लाभान्वित होगी।
सांसद गोपाल जी ठाकुर ने दीपावली की पूर्व संध्या मिथिलवासियों को ऐतिहासिक सौगात देने हेतु बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी, उपमुख्यमंत्री द्वय तारकिशोर प्रसाद जी व रेणु देवी जी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय जी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय और दरभंगा जिला के प्रभारी मंत्री सम्राट चौधरी जी के प्रति हृदय की गहराई से आभार व्यक्त किया।
बिहार पंचायत चुनाव का छठा चरण हिंसा के बीच सम्पन्न हो गयी मोतिहारी,औरंगाबाद,गोपालगंज में मतदाताओं ने जमकर बवाल काटा कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं एतियातन पुलिस को गोली चलानी पड़ी है।हालांकि हिंसा के बीच भी मतदाताओं ने जमकर वोटिंग किया है मतदान समाप्ति तक 61.07 प्रतिशत वोटिंग की खबर आ रही है हालांकि अभी भी कई मतदान केन्द्रों पर वोटिंग चल ही रही है ।
इसके साथ ही छठे चरण में 26 हजार 200 पद पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम मशीन में बंद हो गया, जिसमें ग्राम पंचायत के सदस्य के 11,592 पद हैं। मुखिया के 848 पद हैं, पंचायत समिति सदस्य के 1186, जिला परिषद सदस्य के 134, ग्राम कचहरी पंच के 11592 और सरपंच के 848 पद हैं। छठे चरण के चुनाव में आज क्या खास रहा
1–औरंगाबाद के गोह प्रखंड के मेहंदीपुर में पुलिस पर लोगों ने मतदान केंद्र पर पथराव किया है। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी है। हालांकि, विवाद की वजह का अभी खुलासा नहीं हुआ है।
2–मोतिहारी के पिपरा खेम में बूथ संख्या 273 पर जमकर बवाल हुआ है। ईवीएम के 4 कंट्रोल यूनिट को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इस घटना में करीब आधा दर्जन पुलिस पदाधिकारी घायल हो गए हैं, जिसमें दो पुलिसकर्मी को गंभीर चोट आई है। पुलिस की कार्रवाई में कई लोगों को भी चोट आई है। एक महिला सिपाही प्रिया कुमारी ने बंदूक छीनने का भी आरोप लगाई है। महिला सिपाही का मोबाइल भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।
3—मोतिहारी के पिपरा खेम में बूथ संख्या 273 पर बवाल हुआ , कई पुलिसकर्मी जख्मी।
4—छपरा के कुरैया पंचायत की बूथ संख्या 105 पर मुखिया प्रत्याशी जमील अंसारी को निवर्तमान मुखिया के समर्थकों ने पीटा। इसके बाद बूथ पर हंगामा हो गया।
5–नवादा के साहोपुर गांव में मतदान केंद्र पर दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस विवाद में तीन लोग जख्मी हो गए हैं।
6–लखीसराय—-महिसोना पंचायत के पंचायत समिति पद के लिए वोटिंग रद्द, दूसरे पंचायत का ईवीएम रहने के कारण चुनाव रद्द। मतदान केंद्र संख्या 128 पर पंचायत समिति पद के लिए वोटिंग रद्द।
7—छपरा- दिघवारा प्रखण्ड के बस्ती जलाल पंचायत के मध्य विद्यालय बस्ती जलाल में बोगस वोटिंग का विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने बूथ से खदेड़ा। एसपी संतोष कुमार बूथ पर पहुँचे। मृत व्यक्ति के नाम पर हुई वोटिंग की ग्रामीणों ने की शिकायत।
8—सहरसा के सोनबरसा प्रखंड के बसनही थाना क्षेत्र के पचलख गांव में गोली चली है. चुनावी रंजिश के कारण गोलीबारी की गई. तीन युवकों को गोली लगी है. एक युवक पंकज कामत की हालत गंभीर है. जख्मी मंगल यादव और राज कुमार ठाकुर खतरे से बाहर है. इन दोनों को गोली हाथ और पांव में लगी है. घटना का कारण पंचायत चुनाव बताया जा रहा है ।
9–वैशाली — राजापाकर प्रखंड के फरीदपुर में बूथ संख्या 147 पर जमकर हुआ हंगामा। उपद्रवियों ने ईवीएम तोड़ दी है। लोग प्रशासन पर गड़बड़ी करने का आरोप लगा रहे हैं।
10—गोपालगंज के उचकागांव प्रखंड के इटावा धाम गांव में पुलिस पर रोड़ेबाजी हुई है। एसडीएम और डीएसपी की गाड़ियों के काफिले पर पथराव हुआ है। जिससे गाड़ियों के शीशे टूटे हैं। पथराव में कई जख्मी हुए हैं। करीब 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
बिहार पंचायत चुनाव के छठे चरण में 61,07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है
जदयू के लिए उप चुनाव में जीत कितना महत्वपूर्ण था इसका आज एसहास मुख्यमंत्री पार्टी दफ्तर में पहुंच कर रहा दिया पहली बार नीतीश कुमार के पहुंचने पर फूल की बारिश हुई पार्टी कार्यकर्ता इतना उत्साहित थे जैसे बिहार जीत लिया हो,जबकि ये दोनों सीट 2020 के विधानसभा चुनाव में भी जदयू के खाते में ही गया था
जद ज१न वाली खबर में सीएम का यह बाइट लगाना है
जीत की खुशी सीएम के चेहरे पर साफ झलक रही थी। इस दौरान उन्होंने जीत की बधाई दी साथ ही इशारों-इशारों में विपक्ष और खासकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर खूब तंज कसा। कहा कि हमारे लिए जनता मालिक है। लेकिन उनके लिए कोई खुद मालिक हैं। हमारी दिलचस्पी काम करने में है। जब तक जनता चाहेगी काम करते रहेंगे।