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हाईकोर्ट ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डां राजेन्द्र प्रसाद के जन्मस्थली के खस्ताहाल को लेकर दायर याचिका पर हुई सुनवाई

पटना हाईकोर्ट ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डाक्टर राजेंद्र प्रसाद की जन्मस्थली जीरादेइ और वहां उनके स्मारक की दुर्दशा पर गंभीर रुख अपनाया।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने विकास कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र व राज्य सरकार से 3 जनवरी,2022 तक जवाब देने का निर्देश दिया है।
साथ ही कोर्ट ने वकीलों की एक तीन सदस्यीय टीम गठित किया है।ये टीम जीरादेइ और वहां स्थित स्मारकों,पटना के सदाकत आश्रम और बांसघाट स्थित स्मारकों का जायजा ले कर कोर्ट को रिपोर्ट अगली सुनवाई में देगा।
जनहित याचिका में कोर्ट को बताया गया कि जीरादेई गांव व वहां डाक्टर राजेंद्र प्रसाद के पुश्तैनी घर और स्मारकों की हालत काफी खराब हो चुकी है।याचिकाकर्ता अधिवक्ता विकास कुमार ने बताया कि जीरादेई में बुनियादी सुविधाएं नहीं के बराबर है।न तो वहां पहुँचने के सड़क की हालत सही है,न ही गांव में स्थित उनके घर और स्मारकों स्थिति ठीक है।
उन्होंने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण लगातार हालत खराब होती जा रही है।कोर्ट को बताया गया कि पटना के सदाकत आश्रम और बांसघाट स्थित उनसे सम्बंधित स्मारकों की दुर्दशा भी साफ दिखती हैं।इस स्थिति में शीघ्र सुधार के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा युद्ध स्तर पर कार्रवाई करने की जरूरत हैं।

डॉ राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर,1884 को सिवान के पास जीरादेई गांव में हुआ था।वे बड़े ही मेधावी छात्र थे।उन्होंने वकालत की डिग्री ले कर कुछ समय तक वकालत की बाद वे भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में अग्रणी नेता रह कर भाग लिया।
भारतीय संविधान की निर्माण कर रही संविधान सभा के वे अध्यक्ष भी रहे।

बाद में भारत के पहले राष्ट्रपति बने।इस पद पर उन्होंने मई,1962 तक कार्य किया।बाद में राष्ट्रपति के पद से हटने के बाद पटना के सदाकत आश्रम में रहे,जहां 28 फरवरी,1963 को उनकी मृत्यु हुई।
ऐसे महान नेता के स्मृतियों व् स्मारकों की केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किया जाना उचित नहीं हैं।इनके स्मृतियों और स्मारकों को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 3 जनवरी,2022 को की जाएगी।

सृजन घोटाले से जुड़े अभियुक्त अब अपनी सम्पति नहीं बेच सकते हैं।

सृजन घोटाले से जुड़े अभियुक्तों के खिलाफ ईडी ने बड़ी कार्यवाही की है इस मामले में चार्जशीट सभी अभियुक्तों के अचल संपत्ति की खरीद और बिक्री पर रोक लगा दिया है ।                 

ईडी ने भागलपुर और देश के अन्य हिस्सों में सृजन घोटाले से प्राप्त राशी द्वारा 34 जगहों पर खरीदी गयी जमीन, प्लॉट और फ्लैट काे खरीद और बिक्री पर रोक लगा दिया है । अब उन जमीन, फ्लैट की खरीद-बिक्री नहीं हाे सकेगी। इसके लिए ED के सहायक निदेशक संतोष कुमार मंडल ने जिला अवर निबंधक काे 12 अगस्त 2021 काे पत्र के जरिए इसकी खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए कहा था। ED ने सूची के साथ तीन पन्नों की रिपोर्ट भी भेजी थी।अब इस दिशा में ही जिला अवर निबंधक की ओर से कार्रवाई करते हुए उन सभी प्लॉट व फ्लैट को लॉक करवा दिया है। इनमें सृजन महिला विकास सहयोग समिति की सचिव मनोरमा देवी, उनके बेटे अमित कुमार, प्रणव कुमार, बहु रजनी प्रिया, प्रणय कुमार की पत्नी सीमा कुमारी, परणजीत कुमार लाल की पत्नी अर्चना लाल, दिवाकर कुमार कर्ण की पत्नी कल्पना कर्ण, बिपिन कुमार और जिला नजारत के पूर्व नाजिर अमरेंद्र कुमार यादव की पत्नी पूजा कुमारी के नाम से जमीन व फ्लैट हैं। इसमें ज्यादातर जमीन व प्लॉट सबौर, रानी तालाब स्थित अंगिका विहार अपार्टमेंट, प्राणवती लेन के पास, बेहरपुरा के अलावा खलीफाबाग में भी है।सृजन के घोटालेबाजों ने कहां और कितनी खरीदी जमीन व फ्लैट1. डॉ. प्रणव कुमार, पिता : स्वर्गीय अवधेश कुमारसबौर अराज हल्का नंबर-2: 8804 वर्गफीटजमीन : सबौर मौजा में 12.5 डिसमिल2. पूजा कुमारी, पति : अमरेंद्र कुमार यादवजमीन : कुतुबगंज, मोजाहिदपुर, बरहपुरा प्राणवती लेन, भागलपुर शहर में दाे जगहों पर।3. अर्चना लाल, पति : परणजीत कुमार लालजमीन : सबौर में 5 कट्ठा4. सीमा कुमारी , पति : प्रणय कुमारजमीन : सबौर में 5 कट्ठा5. कल्पना कर्ण, पति- दिवाकर कुमार कर्णजमीन- सबौर में पांच कट्ठा6. अमित कुमार, पिता : स्वर्गीय अवधेश कुमारजमीन : सबौर में 10 कट्ठा, रजंदीपुर मौजा में 88 डिसमिल, फतेहपुर में 4.5 डिसमिल, सबौर में 4.248 डिसमिल, सबौर में 10.90 डिसमिल, सबौर के फतेहपुर में 1240 वर्गफीट, नाथनगर के पुरानी राय में 11.75 डिसमिल।मकान : प्राणवती लेन होल्डिंग नंबर-1 3.908 डिसमिल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड खलीफागाब : 3565 वर्गफीटफ्लैट : रानी तालाब स्थित अंगिका विहार अपार्टमेंट के थर्ड प्लोर पर : 1734 वर्गफीट, अंगिका विहार के ग्राउंड फ्लोर में नंबर एजी-2: 1734 वर्गफीट।7. मनोरमा देवी, पति : स्वर्गीय अवधेश कुमारजमीन : सबौर में एक एकड़ 51 डिसमिल, 15.5 डिसमिल, 5.5 डिसमिल, बरहपुरा में 1440 वर्गफीट, फतेहपुर में 6.746 डिसमिल।फ्लैट : अंगिका विहार के थर्ड फ्लोर में फ्लैट नंबर-ए/3018. रजनी प्रिया, पति : अमित कुमारजमीन : सबौर में 25 डिसमिल, बरहपुरा में 355 वर्गफीट, फतेहपुर में 1240 वर्ग फीट, 1685 वर्ग फीट, 1685 वर्गफीट।फ्लैट : सेंट्रल जेल रोड के सामने वाली गली में कृष्णाधाम अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर -3079. अमित व बिपिन कुमार अमित कुमार, पिता : स्वर्गीय अवधेश कुमार और बिपिन कुमार पिता-कार्तिक कुमार।प्लॉट : डीएन सिंह रोड, कोतवाली के पास 1072.5 वर्गफीट।मनोरमा, अमित व रजनी के नाम अंगिका विहार में फ्लैटसृजन महिला विकास सहयोग समिति के पदधारकों ने न केवल जमीन खरीदी, बल्कि सबौर के रानी तालाब स्थित अंगिका विहार और सेंट्रल जेल रोड के सामने की गली में कृष्ण धाम अपार्टमेंट में फ्लैट भी खरीदी। अंगिका विहार अपार्टमेंट में जहां अमित कुमार का थर्ड और ग्राउंड प्लोर में फ्लैट है। वहीं, मनोरमा का फ्लैट भी अंगिका विहार अपार्टमेंट में थर्ड फ्लोर पर है। जबकि रजनी प्रिया के नाम से एक फ्लैट कृष्णाधाम अपार्टमेंट में है।बरहपुरा और बाईपास के पास भी खरीदी थी जमीनसबसे अधिक सरकारी खजाने के लूट के पैसे से मनोरमा देवी और अमित कुमार ने जमीन खरीदी है। सबसे अधिक सबौर में जमीन की खरीद की गई है। इसके अलावा शहर और आसपास के इलाके में भी जमीन खरीदी। इसमें बरहपुरा में ताे काफी जमीन खरीदी। जबकि, नाथनगर में पुरानी सराय में बाइपास के बगल में भी जमीन खरीदी थी। इसके अलावा जिला नजारत के पूर्व नाजिर अमरेंद्र कुमार यादव ने अपनी पत्नी पूजा कुमारी के नाम से कुतुबगंज, मोजाहिदपुर, बरहपुरा प्राणवती लेन के अलावा शहर में भी दाे जगहों पर जमीन खरीदी है। इसके अलावा मनोरमा देवी ने केवल सबौर में एक एकड़ 51 डिसमिल जमीन अपने नाम से खरीदी थी। इसके अलावा एक बाजार में डीएन सिंह रोड, कोतवाली के पास अमित कुमार और बिपिन कुमार ने संयुक्त रूप से 1072.5 वर्गीफीट का प्लॉट खरीदा था।

क्या नीचता को रोकने को लेकर जबावदेह नहीं है सरकार

2020 में मेरी बेटी 10वीं की परीक्षा दी थी रिजल्ट आने के एक सप्ताह के बाद बेटी के नामांकन को लेकर जो फोन कॉल आना शुरू हुआ वो अभी तक जारी है कभी देहरादून से जो कभी कटक से तो कभी बेंगलुरु से इस कॉलेज या फिर स्कूल से बोल रहे हैं आप चाहे तो नाम लिखा सकते हैं।                

कोटा के इस कोचिंग संस्थान से बोल रहे हैं आपकी बेटी का रिजल्ट बहुत अच्छा है आईआईटी कम्पीट कर सकती है दो वर्ष के लिए हमारे कोचिंग संस्थान में भेज दीजिए सभी तरह कि सुविधाएं मौजूद हैं दिल्ली के कोचिंग संस्थान से बोल रहे हैं आप अपनी बेटी को कोचिंग के लिए नाम लिखा सकते हैं इससे पहले ऑल इंडिया स्तर पर एक ऑनलाइन टेस्ट होने जा रहा है उसमें पास करने पर कोचिंग के फीस में 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है ना जाने इस तरह के कितने फोन काॅल अभी भी आ रहे हैं मैसेज की तो बात ही छोड़ दीजिए।    

मुझे ये समझ में नहीं आ रहा था कि मेरा मोबाइल नम्बर इन लोगों के पास कैसे पहुंच गया पता चला बेटी के फर्म भरने के दौरान मैंने अपना नम्बर लिख दिया था मतलब यह नम्बर कही ना कही सीबीएसई  से ऑल ओवर इंडिया के कोचिंग संस्थान और कॉलेज चलाने वाले लोगों के पास पहुंच गया ।                                        

2020 में ही मेरे साथ साइबर क्राइम हुआ था जांच में पता चला कि मेरा मोबाइल नम्बर बैक से ही सार्वजनिक हुआ था बैंक में आज कल हो क्या रहा है बैंक से जुड़े उपभोगता ज्यादा से ज्यादा क्रेंडिट कार्ड ले इसके लिए निजी लोगोंं को बैक आज कल हमार आपका डाटा उपलब्ध करता रहता है जिसमें नम्बर के साथ साथ आपके किस तरह के ग्राहक है वर्ष में कितना लेन देन करते हैं उसकी जानकारी उन लोगों को मिल जाता है फिर वही से वो डाटा साइबर क्राइम से जुड़े अपराधियों के पास पहुंच जाता है इतना ही नहीं मेरे बैंक खाते से जितनी भी राशी निकाली गयी थी वो सारी राशी पश्चिम बंगाल ,उड़ीसा और महाराष्ट्र के साथ साथ दिल्ली के 30 से अधिक खाते में आंन लाइन ट्रान्सफर हुआ था सभी खाते आधार से लिंक था लेकिन जिस व्यक्ति का आधार का इस्तमाल किया गया था उसको पता भी नहीं है कि उसके नाम पर कोई बैंक खाता है और सारे खाते को आंन लाइन ट्रानजेक्सन की सुविधा उपलब्ध है कई स्टेट की पुलिस से हमारी बात हुई कहां रोजाना लाखो ऐसे खाता खोले जा रहा है और एक फ्रोड के बाद खाता बंद हो जाता है इसी तरह इस पूरे घटना में खाते के साथ जो मोबाइल नम्बर लिखा हुआ था या फिर जिस मोबाइल नम्बर से सारा खेल हुआ वो सभी के सभी आधार से लिंक था लेकिन आधार का गलत इस्तमाल हुआ है यह साफ दिख रहा था ।               

रोजाना इस देश में एक लाख से अधिक साइबर फ्रॉड हो रहा है हाई प्रोफाइल मामला रहा तो पुलिस कार्यवाही करती है नहीं तो इस तरह के मुकदमों को पुलिस झांकने तक नहीं जाती है । इस घटना का मैं जिक्र इसलिए कर रहा हूं कि दो दिन पहले लोकसभा में फर्जी वोटिंग रोकने के लिए एक बिल पास हुआ है सरकार और चुनाव आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने पर फर्जी मतदान को रोका जा सकता है पता नहीं इस बिल के पास होने से फर्जी वोटिंग पर कितना रोक लगेगा क्यों कि फर्जी वोटिंग तो मतदान केन्द्रों पर मौजूद पार्टी के पोलिंग एजेंट या फिर मतदान पदाधिकारी के मिली भगत से ही होता है ।   लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोशल मीडिया पर मंत्री नेता और पदाधिकारी के बारे में टिप्पणी करने पर आप जेल जा सकते हैं लेकिन मेरा डाटा जो लिंक करता है या फिर आधार कार्ड का जो गलत इस्तेमाल करता है उसको लेकर  कठोर कानून क्यों नहीं बन रहा है जबकि आज साइबर फ्रॉड से हर कोई परेशान है मॉल में या किसी भी बड़े दुकान पर अपना मोबाइल नम्बर देना क्यों अनिवार्य है इस पर क्यों नहीं कानून बन रहा है बहुत सारी ऐसी बाते है जिसको लेकर कठोर कानून बनाने कि जरूरत है लेकिन सरकार इस पर चर्चा करने से क्यों बचती है ।

बिहार में नॉन-इंटरलॉकिंग का काम शुरु होने के कारण 24 से 28 दिसंबर के बीच 22 ट्रेनों का परिचालन रहेंगा प्रभावित

पटना. बिहार में सोनपुर रेल मंडल के कुरसेला व कोसी ब्लॉक हट में नॉन-इंटरलॉकिंग का काम शुरु होने के कारण 24 से 28 दिसंबर के बीच 22 ट्रेनों का परिचालन अलग-अलग तारीख में रद्द किया गया है. इसके अलावा कई ट्रेनों का मार्ग बदला गया है.कटिहार-पटना और पटना-कटिहार 26 दिसंबर को रद्द रहेगी. वहीं बिलासपुर मंडल में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण पटना-बिलासपुर ट्रेन 26 दिसंबर व बिलासपुर-पटना ट्रेन 24 दिसंबर को रद्द रहेगी।

बिहार में रोजगार के सृजन पर गिरिराज ने दी सफाई


परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेन
25 दिसंबर को 12424 नयी दिल्ली–डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाया दानापुर-पटना-मोकामा-किउल-मालदा टाउन के रास्ते, 24 दिसंबर को 15635 ओखा-गुवाहाटी एक्सप्रेस मोकामा-किउल-मालदा टाउन व 26 दिसंबर को 15715 किशनगंज-अजमेर एक्सप्रेस मालदा टाउन-किउल-पटना-पाटलिपुत्र-परमानंदपुर के रास्ते जायेगी.
दोहरीकरण काम से ट्रेनों के परिचालन में किया गया बदलाव
सोनपुर मंडल के हाजीपुर -चकमकरंद स्टेशन के बीच हाजीपुर-बछवारा दोहरीकरण के कारण 23 दिसंबर को पाटलीपुत्र से खुलने वाली गाड़ी संख्या 13206 पाटलीपुत्र-सहरसा एक्सप्रेस व गाड़ी संख्या 13106 बलिया-सियालदह एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाया हाजीपुर-मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर-बरौनी होकर चलेगी.
22 दिसंबर को आनंद विहार से खुलने वाली गाड़ी संख्या 20502 आनंद विहार-अगरतला राजधानी एक्सप्रेस दानापुर-पटना-मोकामा-न्यू बरौनी जंक्शन होकर चलेगी.यह ट्रेन पाटलिपुत्र के बजाय पटना जंक्शन पर रुकेगी. वहीं, 23 दिसंबर को पटना से खुलने वाली गाड़ी संख्या 03284 पटना-बरौनी मेमू पैसेंजर का आंशिक समापन व गाड़ी संख्या 03283 बरौनी-पटना मेमू पैसेंजर का आंशिक प्रारंभ हाजीपुर से होगा।

मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

पटना हाईकोर्ट में मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के दौरान कई व्यक्तियों के आंख की रौशनी खो जाने के मामले में एक जनहित याचिका दायर की गई है। मुकेश कुमार व अन्य के द्वारा दायर ये जनहित याचिका दायर की गई है।
जनहित याचिका में यह माँग की गई कि हाई लेवल कमेटी से जांच करवाई जाए।

इस जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर आई हॉस्पिटल के प्रबंधन व राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा बरती गई अनियमितता और गैर कानूनी कार्यों की वजह से कई लोगों की ऑंखें चली गई।
इस याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार के अधिकारियों को भी एक नियमित अंतराल पर अस्पताल का निरीक्षण करना चाहिए था।
कोर्ट को बताया गया कि जिम्मेदार अधिकारियों व अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज करनी चाहिए, क्योंकि इन्हीं की लापरवाही के कारण ही सैकड़ों लोगों को अपनी आँखे गंवानी पड़ी। अस्पताल प्रबंधन व जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही की वजह से आंख खोए व्यक्तियों को मुआवजा देने की मांग किया गया है। पीड़ितों को सरकारी अस्पताल में उचित इलाज करवाने को लेकर आदेश देने की भी मांग किया गया है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विजय कुमार सिंह ने बताया कि उक्त अस्पताल को राज्य सरकार व केंद्र सरकार से आर्थिक मदद भी मिली है। 22 नवंबर से 27 नवंबर, 2021 के बीच 330 व्यक्तियों का कैटरेक्ट मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था।

शराबी बेटे के व्यवहारा से तंग एक मां पहुंची थाना दिलायी सजा

बिहार में इन दिनों एक माँ खासे चर्चा में है वजह वो अपने शराबी बेटे के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी है और इस गवाही की वजह से कोर्ट ने शराबी बेटे को पांच वर्ष का सजा सुनाया है । मामला आरा शहर के नगर थाना क्षेत्र के शीतल टोला मोहल्ले का है जहां 10 जून 2021 को रामावती देवी ने अपने शराबी बेटे से तंग आकर नगर थाना को फोन कर सूचना दी थी। रामावती का पुत्र आदित्य राज उर्फ बिट्टू शराब के नशे में अपनी मां और पिता के साथ मारपीट कर रहा था। नगर थाना पुलिस ने शराबी बेटे को नशे की हालत में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पीड़ित मां ने पुलिस से शिकायत की थी कि बेटा शराब के नशे में हमेशा घर पर आकर पैसे छीन लेता था और मारपीट करता रहता था। मां ने यह भी आरोप लगाया था कि बेटा उन्हें जबरन कमरे में बंद कर देता था।एक माह तक जेल में रहने के बाद मां ने बेटे का जमानत करवा कर जेल से बाहर निकलवाया लेकिन बेटे के स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया
इस बीच कोर्ट में स्पीडी ट्रायल के तहत सुनवाई शुरु हुई कोर्ट में भी मां उपस्थित हुई औरअपने बेटे के खिलाफ गवाही दी गवाही के बाद ADJ-4 त्रिभुवन यादव की विशेष एक्साइज अदालत ने सोमवार को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इसमें एक बेटे को उसी की मां द्वारा दर्ज कराई गई FIR के आधार पर चल रहे ट्रायल में 5 साल के सश्रम कारावास के साथ एक लाख रुपए अर्थदंड की सजा दी गई है।
मां के साथ 3 गवाह, बेटे का साथ किसी ने नहीं दिया
लोक अभियोजक राजेश कुमार ने बताया कि ट्रायल में अभियोजन की तरफ से तीन गवाह प्रस्तुत किए गए। इस कांड में अभियुक्त की मां रामावती देवी ने गवाही दी। साथ ही पुलिस की तरफ से मजहर हुसैन तथा अनुसंधानकर्ता नीता कुमारी ने अपना बयान अदालत के समक्ष दर्ज कराया। शराबी बेटे के पक्ष में कोई भी सामने नहीं आया। यहां तक कि दोस्तों ने भी साथ नहीं दिया।
राजेश कुमार के अनुसार रामावती देवी ने पहले अपने बेटे के शराब की लत छुड़ाने की हरसंभव कोशिश की थी। उसे चिकित्सक के पास भी दिखाया, दवा भी कराई। बावजूद इसके बेटे की शराब की लत नहीं छूट सकी। तंग आकर मां ने यह कड़ा फैसला किया।
पहली बार मां ने दिलाई बेटे को सजा
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद यह पहला मामला है, जिसमें एक मां ने अपने बेटे को 5 साल की सजा दिलाई है। इसमें एक मां ने अपने बेटे को सही दिशा दिखाने के लिए न सिर्फ अदालत की शरण ली, मां के इस निर्णय की बिहार में हर जगह चर्चा हो रही है और कहां जाने लगा है कि रामावती जैसी पांच दस मां और सामने आ जाये तो बिहार में शराबबंदी पूरी तरह से लागू हो जायेंगा हालांकि रामावती सरकार के शराबबंदी कानून के आड़ में जो खेल चल रहा है उसको लेकर दुखी है उनका कहना है कि नीतीश कुमार ने बहुत अच्छा काम किया है शराबबंदी करके लेकिन प्रशासन खुद इस खेल में शामिल है जिस वजह से घर घर शराब पहुंच रहा है ।

बिहारवासियों को फिलहाल ठंड से राहत नहीं गया रहा सबसे सर्द

बिहारवासियों को फिलहाल ठंड से राहत मिलने वाली नहीं है मौसम विभाग की माने तो 25 दिसंबर से पहले मौसम के मिजाज में कोई बदलाव की सम्भावना नहीं है पटना मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो अगले 48 घंटे में राजधानी समेत राज्यभर के तापमान में विशेष गिरावट नहीं आएगी।

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प्रदेशभर में गया सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना में 7.6 डिग्री, भागलपुर में 9.5 डिग्री, पूर्णिया में 9.7 डिग्री, वाल्मीकीनगर में 8.2 डिग्री, मुजफ्फरपुर में 10.8 डिग्री, छपरा में 10 डिग्री, दरभंगा में 9.6 डिग्री, सुपौल में 10.9 डिग्री दर्ज हुआ।

मौसमी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सतह से 0.9 किमी ऊपर में उत्तरी एवं उत्तर पश्चिम हवा का प्रवाह बना हुआ है। साथ ही एक चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र मध्य बिहार व समीपवर्ती पूर्वी यूपी में बना हुआ है जो अब बांग्लादेश के पास है। यह समुद्रतल से 1.5 किमी और 3.1 किमी के बीच विस्तारित है।
उधर, मौसम विज्ञान केंद्र ने पूर्वानुमान जताया है कि अगले 48 घंटे में तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। वहीं, राज्य में एक से दो जगह कोहरा व धुंध का प्रभाव रहेगा। दक्षिण बिहार में भभुआ, बक्सर, गया, नवादा में शीतलहर की संभावना है, जबकि एक-दो जगहों पर कोल्ड डे भी हो सकता है।
मौसम के मिजाज को देखते हुए फिलहाल स्कूल का समय सुबह 9 बजे से 3.30 तक ही रहेगा ।

हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष को दी राहत कहा नियुक्ति पत्र जारी करे नहीं जो तैयार रहे जेल जाने को

पटना हाई कोर्ट ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर मुजफ्फरपुर ज़िला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष के रवैए पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। जस्टिस पी बी बजन्थरी ने अभिनव कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए ज़िला उपभोक्ता फोरम, मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष को याचिकाकर्ता को आज नियुक्ति पत्र देने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को नियुक्ति पत्र दे कर सभी सम्बंधित रिकॉर्ड 24 दिसम्बर,2021 को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि इस अवधि में कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ,तो अध्यक्ष,उपभोक्ता फोरम,मुजफ्फरपुर को अपने जेब से अर्थदंड भरना पड़ेगा, न कि फोरम के द्वारा।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अदालती आदेश का पालन नहीं करने व उपस्थित नहीं होने पर मुजफ्फरपुर ज़िला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष के विरूद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया था।आज मुजफ्फरपुर के एस पी ने उन्हें कोर्ट के समक्ष उपस्थित किया।कोर्ट ने एस पी, मुजफ्फरपुर के कोर्ट में आने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि क्या मैंने एस पी को कोर्ट में आने का निर्देश दिया था।

यह मामला इस ज़िला उपभोक्ता फोरम में याचिकाकर्ता की , अनुकम्पा के आधार पर बहाली का था।मुजफ्फरपुर के डीएम की अध्यक्षता में जिला अनुकम्पा नियुक्ति समिति ने याचिकाकर्ता के आवेदन पर मंजूरी देते हुए 2019 में ही उसकी अनुकम्पा बहाली हेतु अनुशंसा वहां के ज़िला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष को कर दिया था ।
पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष को इस मामले में फौरन निर्णय लेकर कोर्ट में जवाब दायर करने का निर्देश दिया था । हाई कोर्ट ने हिदायत दी थी कि पिछले 2 सालों से बहाली के मामले को जिला फोरम अध्यक्ष लटका कर नही रख सकते ।
इसलिए पिछली सुनवाई में ही हाई कोर्ट ने उक्त ज़िला फोरम के अध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिया था कि यदि बहाली सम्बन्धित निर्णय 20 दिसम्बर तक कोर्ट में पेश नही हुआ, तो अध्यक्ष महोदय को खुद कोर्ट मेंहाज़िर रहना होगा ।

पिछली सुनवाई में मुजफ्फरफुर ज़िला उपभोक्ता फोरम की ओर से न तो कोई जवाब आया और न ही उसके अध्यक्ष कोर्ट में पेश हुए। नतीजतन, हाई कोर्ट ने अध्यक्ष को अगली सुनवाई के दिन पेश करने हेतु गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश हाई कोर्ट रजिस्ट्री को दिया था।
आज कोर्ट में उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष खुद हाजिर हो कर सफाई दी।लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि याचिकाकर्ता अभिनव कुमार को नियुक्ति पत्र दे कर 24,दिसंबर,2021 को कोर्ट के समक्ष सारे कागजात पेश करें।

इस मामले की अगली सुनवाई 24 दिसम्बर,2021 को होगी ।

क्या यह सच है कि पंचायती राज व्यवस्था भ्रष्टाचार के विकेन्द्रीकरण का जरिया बनकर रह गया है

बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के लागू होने के बाद जब चुनाव की घोषणा हुई तो उस वक्त मैं दरभंगा से ईटीवी के लिए काम कर रहा था ।मैं व्यक्तिगत रूप से काफी उत्साहित था चलो आने वाले समय में गांव वालो की सरकार होगी कुछ बेहतर होगा । ऐसे में जैसे ही चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई सारी खबरों को छोड़कर पंचायत चुनाव से जुड़ी खबर पर टूट पड़े गजब का जुनून सवार हो गया था एक दिन रात को पूर्व विधायक उमाधर सिंह का फोन आया संतोष जी कहां रहते हैं कुछ अता पता नहीं चल रहा है ,सर पंचायत चुनाव में लगे हुए हैं अरे कहा फस हुए हैं कुछ होने वाला है, कल भेट होगी कुछ जरुरी बात करनी है ।
तीन घंटे तक जबरदस्त बहस हुई वर्तमान पंचायती राज व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर बहस का सार यही रहा कि वो इस बात पर अड़े रहे कि पंचायती राज व्यवस्था भ्रष्टाचार के विकेन्द्रीकरण के लिए बनाया गया है और मैं अड़ा रहा कि गांव की अपनी सरकार होगी गांव वाले अपने नजरिये से गांव का विकास करेंगे स्कूल और अन्य व्यवस्थाओं पर उनकी पकड़ होगी व्यवस्थाओ में सुधार होगा।
लेकिन तीसरे चुनाव का जो परिणाम आया है उसे देखने के बाद तो ऐसा ही लग रहा जो स्वर्गीय उमाधर सिंह कह रहे थे , पंचायती राज व्यवस्था ने भ्रष्टाचार को गांव गांव तक पहुंचा दिया और अब पंचायत का चुनाव बदलाव के लिए नहीं हो रहा है पैसे के लिए हो रहा है ।बदलाव लाने वाले पचास सौ चेहरे जरुर जीत कर आये हैं लेकिन उनका उद्देश्य भी पंचायत या गांव की मजबूती को लेकर नहीं है ऐसे लोगों का अपना ही उद्देश्य है जिसमें गांव और गांव के लोग कही नहीं है उनकी नजर दिल्ली के उस लुटियन जोन पर है जहां गांव और गरीब की बात के सहारे अपना स्थान बना सके खैर अब विषय वस्तु पर आते हैं 2021 का पंचायत चुनाव का परिणाम की हकीकत क्या है

1—70 फीसदी पुराने चेहरे इस बार चुनाव हार गये
2021 के पंचायत चुनाव का जो परिणाम आया है उसमें मुखिया और वार्ड पार्षद के 80 से 90 प्रतिशत पुराने चेहरे को जनता ने नकार दिया है वही बाकी पदों पर थोड़ी स्थिति बेहतर है । इसके पीछे दो तरह के तर्क सामने आ रहे हैं पहला तर्क है इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल किया और साथ ही वोकस वोटिंग ना हो इसके लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था की गयी जहां आपके थम्म मिलने के बाद ही वोटिंग कर सकते थे।
इसमें कोई दो मत नहीं है कि राज्य निर्वाचन आयोग के इस व्यवस्था से चुनाव में धांधली नहीं के बराबर हुई है और यही वजह है कि इस बार के चुनाव में अभी तक धांधली के सबसे कम शिकायत आयोग के पास आया है ।
वही दूसरा तर्क यह है कि हर घर जल नल योजना में जिस तरह से गांव गांव में लूट मचा था, उसी का असर रहा कि मुखिया और वार्ड सदस्य बड़ी संख्या में चुनाव हार गये मतलब सरकार के गलत नीति का खामियाजा वोट का चोट के रुप में मुखिया और वार्ड पार्षद को झेलना पड़ा लेकिन जो लोग जीत कर आये हैं वह इन दोनों तर्क को सवालों के घेरे में ला कर खड़ा कर दिया है।

2—चुनाव जीतने वालों में शराब माफिया,ठेकेदार,बाहुबली और धनकुबेर की संख्या 50 प्रतिशत के करीब है

इस बार के पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में ऐसे लोग चुनाव लड़ने बिहार आये जिनका बिहार से बाहर अच्छा खासा बिजनेस और व्यापार था या फिर बड़े कॉरपोरेट हाउस में उच्च पदों पर काम कर रहे थे इसका असर यह हुआ कि अधिकांश पंचायत में मुखिया उम्मीदवार 20 से 25 लाख रुपया तक खर्च किये इतना ही नहीं इस बार वार्ड सदस्य को भी बिना पैसा दिये वोट नहीं मिला है ।पूराने मुखिया के हारने की एक वजह हर घर जल नल योजना जरुर है लेकिन इस योजना में कमाई को देख कर जो नये खेलाड़ी आये वो इतना पैसा खर्च किया है पूराने मुखिया जी कही टिक ही नहीं पाये वही दूसरी और शराबबंदी के आर में पिछले पांच वर्षो के दौरान हर गांव में एक नये वर्ग का उदय हुआ है जिसके पास पैसा है ताकत है यूथ है और यह वर्ग पंचायत चुनाव को सबसे अधिक प्रभावित किया है अभी तक जो सूचना मिली है दो सौ से अधिक मुखिया ऐसे लोग चुनाव जीत कर आये हैं जिनका पति या बेटा शराब के धंधे में जेल में बंद है या फिर फरार चल रहा है ।

3— जिला परिषद अध्यक्ष ,प्रमुख और उप मुखिया तक में बोली चल रही है

इस समय पूरे बिहार में जिला परिषद अध्यक्ष और प्रमुख का चुनाव चल रहा है हाल यह है कि चुनाव जीतने के समय से ही अधिकांश सदस्य बिहार से बाहर नेपाल ,झारखंड ,दिल्ली और कोलकाता में प्रमुख पद के उम्मीदवार का दाल गिला कर रहा है कई जगह जो बोली लगायी गयी है पांच लाख रुपया एक बुलेट मोटरसाइकिल स्थिति यह है कि इस बार उप मुखिया के चुनाव में भी वार्ड सदस्य डिमांड कर रहा है हालांकि जिला परिषद अध्यक्ष और प्रखंड प्रमुख में इस बार राजनीतिक दल ज्यादा सक्रिय दिख रहा है इस वजह से कई जगह पैसे का खेल कि जगह योजना का खेल चल रहा है ये है पंचायती राज का सच है ।फिर निराश होने कि जरूरत नहीं है बहुत सारे युवा चुनाव जीत कर आये हैं बहुत सारे ऐसे लोग भी चुनाव जीत कर आये हैं जिन्हें वोटर वोट के साथ साथ चुनाव लड़ने के लिए चंदा भी दिया है फिर भी पंचायत कैसे मजबूत हो इस पर सोचने कि जरूरत है क्यों कि पंचायत मजबूत नहीं हुआ तो गांव कमजोर होगा और ऐसे में देश कमजोर होगा क्यों कि अभी भी भारत पूरी तौर पर गांव के अर्थ तंत्र पर भी खड़ी है ।

जल्द ही बिहार में बनेगा भारतीय खाध निगम का क्षेत्रीय कार्यालय

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बिहार सरकार द्वारा बुधवार को कैबिनेट में दीघा घाट के पास स्थित भारतीय खाद्य निगम के रीजनल ऑफिस के निर्माण के लिए प्रावधानों में बदलाव को मंजूरी देने पर आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही दीघा घाट के पास भारतीय खाद्य निगम के रीजनल ऑफिस बनने का रास्ता साफ हो गया है।

इस संबंध में केंद्रीय मंत्री श्री चौबे ने बिहार सरकार से आग्रह किया था। हाल ही में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने दीघा घाट स्थित प्रस्तावित भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय कार्यालय निर्माण स्थल का भ्रमण किया था। तकनीकी कारणों की वजह से निर्माण का कार्य रुका हुआ था। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के उपरांत अब यह रास्ता साफ हो गया है। दीघा घाट के पास भारतीय खाद्य निगम के कार्यालय भवन और अन्य संरचनात्मक ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री चौबे ने हाल ही में निरीक्षण के दौरान यहां पर अन्नपूर्णा भवन बनाने की घोषणा की थी। क्षेत्रीय कार्यालय के साथ गेस्ट हाउस, डिविजनल ऑफिस एवं प्रशिक्षण आदि के लिए भवन आदि यहां पर प्रस्तावित है।

भारतीय कानून प्रक्रियाओं का ग़ुलाम है

पप्पू देव की पुलिस हिरासत में मौत के बाद मचे बवाल के बीच बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद ने अपने फेसबुक पोस्ट पर एक आलेख पोस्ट किया है जिसमें पुलिस को किस तरीके से काम करना चाहिए इसको लेकर अपना अनुभव शेयर किये हैं ।

भारतीय कानून प्रक्रियाओं का ग़ुलाम है **
जिस युग में मैं जिले का SP हुआ करता था, उस युग में संवाद के दो ही साधन थे, चिट्ठी और लैंडलाइन। मेरी कार्य प्रणाली में आम आदमी के द्वारा चिट्ठी के माध्यम से गुप्त सूचना प्राप्त कर, उसपर कार्यवाई करना निहित था।
कहानी 1989 की है। नालंदा जिले के मुख्यालय, बिहारशरीफ़ में, गैर कानूनी स्पिरिट का भण्डारण और व्यापार मुख्य समस्या थी और मैं वहाँ का पुलिस अधीक्षक। आम आदमी इस अवैध कारोबार और उससे जनित काला धन से ख़ासा परेशान था क्योंकि इसी काले धन से अनेकों प्रकार के अपराध सृजित हो रहे थे। निवारण के लिए वे मुझे बंद लिफ़ाफ़े में, मेरे नाम से चिट्ठी लिखते थे जिसमें अपराध सम्बन्धी विशिष्ट और गुप्त सूचनाएँ रहती थीं। मैं कार्योपयोगी सूचना अपनी डायरी में लिख कर, चिट्ठी फाड़ दिया करता था। पुनः उन सूचनाओं पर कार्यवाई करता था।
एक शहर के विषय में स्पिरिट सम्बन्धी सूचना मिली थी। मैंने थाना अध्यक्ष को बुला कर वह सूचना दी, इस आदेश के साथ कि वे तुरंत रेड कर, बरामदगी करें।
उन्होंने ऐसा ही किया पर कुछ भी बरामद नहीं हुआ। शहर के गणमान्य लोग मुझसे मिल कर अपना विरोध प्रकट करने आए। मुझे आभास हो गया कि यह मामला तूल पकड़ेगा। मैंने अपने थाना के पदाधिकारी को बुला कर हिदायत दी कि दंड प्रक्रिया संहिता और पुलिस मैन्युअल के नियम, जिनका पालन करने के लिए मैं अपने सभी अधीनस्थों को निरंतर प्रेरित करता रहता था, उसका विस्तृत उल्लेख थाना के अभिलेखों में, इस मामले में किया जाए।
मामले ने तूल पकड़ा और तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कमिश्नर एवं DIG की संयुक्त जांच बिठा दी। पूरे दो दिन तक गंभीर जांच हुई। सभी गवाहों और दस्तावेज़ों की जांच हुई। लौटने के पूर्व कमिश्नर साहब ने मुझे अलग से बुला कर बताया कि अगर मैंने कानूनी प्रक्रियाओं और नियमों का पालन नहीं किया होता तो उन्हें मेरे विरुद्ध सख्त कार्रवाई की अनुशंसा करनी पड़ती।
रिपोर्ट में मेरे विरुद्ध कोई अनुशंसा नहीं की गई थी। बताते चलें कि कमिश्नर और DIG साहब दोनों ही ईमानदार एवं सख्त पदाधिकारी में शुमार किए जाते थे।
कानून पुलिस पदाधिकारी का अस्त्र और ढाल, दोनों है।

बिहार कैबिनेट की बैठक में 13 एजेंडो पर लगी मोहर

बिहार कैबिनेट की आखिरी बैठक सम्पन्न हो गयी बैठक में कुल 13 एजेंडो पर मुहर लगी है बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर में आयोजित साल 2021 की आखिरी कैबिनेट बैठक में शिक्षा, पशुपालन, उद्योग और पंचायती राज विभाग के जुड़े निर्णय लिये गये हैं.

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कैबिनेट बैठक में क्या खास रहा

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य वक्फ विकास योजना के अंतर्गत अंजुमन इस्लामियां हॉल, मुरादपुर, अशोक राज पथ, पटना वक्फ स्टेट संख्या-2146 के पुनर्निमाण के लिए कार्यकारी एजेंसी बिहार राज्य भवन निगम लिमिटेड, पटना से प्राप्त पुनरीक्षित प्राक्कलन 5064.36 लाख रुपये (पचास करोड़ चौसठ लाख छत्तीस हजार रूपये) की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई.

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कैबिनेट बैठक में क्या खास रहा

48 घंटे के दौरान पटना में दो किन्नर की हुई हत्या आक्रोशित किन्नर ने जमकर किया बवाल

पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र में एक किन्नर की हत्या के बाद आक्रोशित किन्नरों ने मंगलवार को जमकर बवाल मचाया। कंकड़बाग में श्रीराम हॉस्पिटल के पास सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। किन्नरों ने सड़क पर टायर जलाकर रास्ता बंद कर दिया और अर्द्ध नग्न प्रदर्शन किया। किन्नरों ने कहा कि सोनी की गोली मारकर हत्या की गई है। लेकिन, पुलिस घटना में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई। किन्नरों ने इस दौरान पुलिस के खिलाफ हाय-हाय के नारे भी लगाए।

एएसपी पर किन्नर ने बोला हमला

सुबह 4 बजे हुई घटना
किन्नरों का कहना है कि सोनी किन्नर बर्थ डे पार्टी में प्रोग्राम कर आ रही थी। कंकड़बाग के चिरैया टाड़ पुल के पास उसे किसी ने गोली मार दी। इस घटना में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना के बाद एक्शन नहीं लिया। इससे वह आक्रोशित हो गए और गायत्री मंदिर के पास सड़क जाम कर अर्द्ध नग्न प्रदर्शन करने लगे। किन्नरों का कहना है कि किसी VIP के घर घटना होती तो पूरा प्रशासन गंभीर हो जाता। लेकिन, किन्नर के कारण कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इधर, किन्नरों द‌वारा श्रीराम हॉस्पिटल के पास सड़क पर शव रखकर आग जलाकर प्रदर्शन किया जा रहा है।

आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल के हत्यारा को बचाने में लगी है पुलिस परिजन उतरा सड़क पर

मोतिहारी में RTI कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल हत्याकांड के तीन महीने बीतने को है। इसके बावजूद भी मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने और हरसिद्धि थाना पुलिस की कार्य शैली से असंतुष्ट परिजनों ने दूसरी बार अरेराज -छपवा सड़क को जाम कर दिया है और पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ जमकर हंगामा किया।

आरटीआई कार्यकर्ता की पत्नी बैठी धरना पर सीएम के आने की माँग पर अड़ी


आरटीआई कार्यकर्ता की पत्नी मोनिका देवी, पुत्र रोहित अग्रवाल सहित सहित परिजन इंसाफ की मांग को लेकर धरने पर बैठी हुई है। उनका आरोप है कि उनके घर पर पूर्व में हुए हमले का आरोपित उच्च न्यायालय से जमानत खारिज होने के बावजूद गिरफ्तार नहीं किया जा रहा। ना तो पुलिस हत्यारोपितों की गिरफ्तारी कर रही है। ना ही अदालत को चार्जशीट सौंप रही है। उन्हें जिले के एसपी पर भी भरोसा नहीं है। काफी देर से जारी हंगामे की वजह से सड़क जाम हो गया और गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। पुलिस द्वारा समझाने के बावजूद परिजन लगातार मुख्यमंत्री के बुलाने के मांग पर अड़े हुए थे। जबकि हरसिद्धि पुलिस पहुचंकर जाम हटवाने के प्रयास में जुटी है।

पुलिस अपराधियों को बचा रही है –परिजन

क्या है RTI कार्यकर्ता की हत्या का मामला

24 सितंबर को दिनदहाड़े प्रखण्ड कार्यलाय के गेट के सामने आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल को अपराधियो ने गोलियों से भून दिया था। परिजनों द्वारा अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध हरसिद्धि थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गयी थी।

विपिन अग्रवाल के परिजन उतरे सड़क पर

घटना के बाद एसपी नवीन चन्द्र झा द्वारा गठित एसआईटी टीम ने दो अपराधियो को हथियार के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वहीं घटना में शामिल तीन अपराधियों के गिरफ्तारी के लिए अभी तक छापेमारी जारी है। एसपी का कहना था कि गिरफ्तार अपराधियो ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया था कि हरसिद्धि बाजार की कई एकड़ सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए विपिन आधे दर्जन से अधिक मुकदमा भूमाफिया के खिलाफ लड़ रहे थे। कुछ की सुनवाई हुई थी, कुछ का फैसला आना बाकी था। इसी कारण 20 लाख में आठ लोगों द्वारा सुपारी देकर हत्या करवाई गई थी लेकिन दो सूटर के अलावे अभी तक किसी और कि गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है जिसको लेकर घर वाले काफी गुस्से में है ।

प्रशांत किशोर ने एक बार फिर आड़े हाथ लिया कांग्रेस को

एक बार फिर प्रशांत किशोर कांग्रेस को आड़े हाथ लिया है और इस बार देश की राजनीति में कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के बीच रिश्तों पर चर्चा करते हुए प्रशांत किशोर का कहना है कि कांग्रेस BJP से लड़े ना लड़े, जीते हारे, एंटी BJP का स्पेस कांग्रेस का है।

प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को फिर लिया आड़े हाथ


जो लोग BJP से लड़के उसे हरा रहे हैं या हराने का प्रयास कर रहे हैं, वह यदि कांग्रेस को सूट नहीं करता है तो कांग्रेस उन्हें BJP का एजेंट करार दे देती है। जैसे देश में नेशनलिज्म का सर्टिफिकेट देने का ठेका BJP ने ले रखा है, वैसे ही देश में एंटी मोदी और सेकुलरिज्म का सर्टिफिकेट देने का नया ठेका भी कांग्रेस वालों ने ले रखा है।

आप चुनाव लड़ रहे हैं। आप 60 -70% सीटों पर BJP से लड़ रहे हैं तो उनको हराइए। क्यों छोटे-मोटे लोगों के चक्कर में आप पड़ रहे हैं।प्रशांत किशोर का यह बयान कही ना कही तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद के रूप में देखा जा रहा है क्यों कि जिस तरीके से देश दो ध्रुवों में बट गया है ऐसे में क्षेत्रीय दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि उन्हें हमेशा यह साबित करना पड़ रहा है कि वो बीजेपी का बी टीम नहीं है ।

भ्रष्टाचारियों से लड़ना इतना मुश्किल क्यों होता जा रहा है

मुंबई के एक मित्र का दो दिन पहले फोन आया संतोष भैया सोनी लाइव पर एक सीरीज आया है व्हिसल ब्लोअर  जरूर देखिए व्यापम घोटाले में क्या क्या हुआ है उसी पर आधारित है।इतना ही नहीं संतोष भैया यह सीरिज देखे इसके लिए वो सोनी लाइव का अपना सब्सक्रिप्शन भी भेज दिया ।                                  

कल रात देखने का मौका मिला जैसे जैसे सीरिज बढ़ रहा था वैसे वैसे मेरी संवेदना शून्य होती जा रही थी और एक समय ऐसा आया कि टीवी बंद करके सोने चले गये लेकिन पूरी रात ठीक से सो नहीं सके बार बार मेरे जेहन में एक ही सवाल कुंद रहा था इसके लिए जिम्मेदार कौन है, शिवराज सिंह चौहान जिम्मेदार होते तो वो सरकार में नहीं होते उनकी जगह जेल में होता लेकिन ऐसा कुछ भी मध्यप्रदेश में नहीं हुआ तो फिर व्यापम पर आधारित सीरीज को देखने और व्यापम पर चर्चा करने का मतलब क्या है लेकिन सुबह जब उठा तो लगा नहीं व्यापम घोटाले को उजागर करने वाला व्हिसल ब्लोअर एक साधारण लड़का ही तो है आज भी साइकिल पर पुलिस बॉडीगार्ड के साथ इधर उधर घूमता रहता है ऐसे में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठानी ही चाहिए चाहे अंजाम सिफ़र ही क्यों ना रहे।भ्रष्टाचार के मुद्दे पर इंदिरा गांधी ,राजीव गांधी और मनमोहन सिंह की सरकार चली गयी फिर भी भ्रष्टाचार कभी इस देश में राजनीतिक मुद्दा से आगे नहीं बढ़ पाया जबकि इस देश में भ्रष्टाचार के बढ़ कर दूसरी कोई समस्या नहीं हैं देश की एक सौ 25 करोड़ आबादी इस समस्या को रोजाना लड़ रहा है लेकिन इस पर कैसे नियंत्रण पाया जा सके इसको लेकर चर्चा तक नहीं होती है।                  

 2– आज बड़ी मछलियों के साथ पूरी व्यवस्था खड़ी  है 
इस देश में भ्रष्टाचारियों को क्या सजा मिले यह कानून के बजाय परिवार और समाज पर छोड़ दिया गया था जब तक परिवार और समाज जैसी संस्थान मजबूत रही भ्रष्टाचार नैतिक बल के सहारे नियंत्रित रहा लेकिन अब वो स्थिति नहीं है लोक लज्जा पूरी तौर पर खत्म हो गया  पहले परिवार समाज भ्रष्टाचारियों के साथ खड़े होने से परहेज करते थे लेकिन आज तो खुल कर साथ खड़े हो जाते हैं। इसलिए इस देश में भ्रष्टाचार को नियंत्रित करना है तो सबसे कड़े कानून बनाने की जरूरत है क्योंकि यही एक अपराध जिसको मजबूत ढांचा के सहारे नियंत्रित किया जा सकता है ।  कल कांपी घोटाले मामले में  मगध विश्वविद्यालय के विनोद कुमार लाइब्रेरी इंचार्ज प्रोफेसर जयनंदन प्रसाद सिंह, पुष्पेंद्र प्रसाद वर्मा रजिस्ट्रार और सुबोध कुमार असिस्टेंट को कल पुलिस ने गिरफ्तार किया है वही राजभवन कांपी घोटाले के किंगपिन कुलपति की छुट्टी स्वीकृत कर भागने का मौका दे रही है इतना ही नहीं  मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कुद्दू जो राजभवन में तैनात अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के साथ खड़े होने कि बात की तो उन्हें पद छोड़कर जाना पड़ा ।एक सप्ताह पहले निगरानी की टीम जिस लेबर एनफोर्समेंट अधिकारी (श्रम प्रवर्तन अधिकारी)दीपक शर्मा के घर से 2.25 करोड़ रुपए कैश बरामद किया था और इसके अलावा करोड़ों रुपए की कीमत वाले सोने के जेवरात, प्रॉपर्टी के पेपर और  कई बैंकों का अकाउंट डिटेल मिला था उस मामले में अपडेट यह है कि दीपक शर्मा की पत्नी निगरानी विभाग को डॉक्टर का एक रिपोर्ट सौपा है जिसमें लिखा है कि दीपक शर्मा का मेमोरी लॉस हो गया है इसलिए इनसे पूछताछ ना करे और अगर पूछताछ करते हैं तो उनकी तबीयत बिगड़ती है तो निगरानी के अधिकारी जिम्मेदार होंगे इस तरह का दुस्साहस कोई डॉक्टर कर रहा है तो समझ सकते हैं कि कितने बड़े स्तर पर भ्रष्ट अधिकारियों के साथ सिस्टम खड़ा है ।


 मोतिहारी के आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या को लेकर उसके परिवार वालो का आये दिन मैसेज करते रहते हैं अभी अभी मैसेज आया है कि हम लोग आज फिर सड़क पर उतर गये हैं क्यों कि अभी तक गिरफ्तार अपराधी के खिलाफ पुलिस चार्जशीट दायर नहीं किया और ना ही इस मामले में जिस नेता का नाम सामने आया उसे गिरफ्तार करना तो दूर पुलिस पुछताछ करने को तैयार नहीं है ।            

मतलब सिस्टम भ्रष्ट हो गया है  बात यही नहीं रहा बात इससे अब बहुत आगे निकल गया है सिस्टम अब भ्रष्ट लोगों के साथ खुल कर खड़ी हो गयी है ऐसे में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना मुश्किल होता जा रहा है ।ऐसे में जरूरी है कि आये दिन भ्रष्टाचार से तबाह हो रहे लोग एक साथ खड़े हो तभी ये लड़ाई जीती जा सकती है नहीं तो यह बीमारी इस तरह फेल रहा है कि आने वाले समय में लाइलाज हो जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी ।

जीतन राम मांझी के बयान पर बिफरे कामेश्वर चौपाल कहा ब्राह्मण एक जाति नही, इंस्टिट्यूशन है।

जीतन राम मांझी के बयान पर राम मंदिर का शिलान्यास कर्ता और बीजेपी के कभी दलित चेहरा रहे कामेश्वर चौपाल ने जमकर खरी खोटी सुनाई है उन्होंने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय जीतन राम मांझी जी,ब्राह्मण समाज और राम पर अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।उनकी समस्या है कि वह ब्राह्मण को जाति के रूप में और श्रीराम को एक सामान्य मनुष्य के रूप में देखते हैं , ब्राह्मण एक जाति नही, इंस्टिट्यूशन है।

ज्यादातर आंदोलन और बदलाव ब्राह्मणों के नेतृत्व में हुए। इतिहास देखिए, भगवान बुद्ध के शुरुआती शिष्य ब्राह्मण रहे।भगवान महावीर के आचार्य और गणधर भी ब्राह्मण ही थे।हिंदुस्तान में सुधारवादी आंदोलन का नेतृत्व रामानन्दाचार्य ,बसवेश्वर ने किया तो सामाजिक सुधार के लिए राजाराम मोहनराय ,स्वामी दयानन्द सरस्वती, गोविन्द महादेव रानाडे ने ब्राह्मण होते हुए भी ब्राह्मणों के खिलाफ आंदोलन चलाए।देश मे सेकुलर मूवमेंट चलनेवाले गोपालकृष्ण गोखले, गोविन्द वल्लभ पंत,राष्ट्रवादी आंदोलन में वासुदेव बलबन्त फड़के, वीर सावरकर, डॉ हेडगेवार, गोलवलकर और कम्युनिस्ट आंदोलन की अगुवाई करने वाले बी एल जोशी, नामुदारीपाद बहुत से नाम शामिल हैं ।

इसीलिए ब्राह्मण को केवल पुराणपंथी या समाज मे उत्पन्न सभी समस्याओं का जड़ समझना अज्ञानता है। इस प्रकार की ओछि और निम्नस्तरीय चर्चा केवल बौद्धिक दिवालिया पन को ही प्रकट करता है। हर समाज मे वन्दनीय ,पूज्यनीय और प्रेरणा देने वाले श्रेष्ठ और जेष्ठ महापुरुष हुवे हैं उनमें से अच्छाई ग्रहणकर ही हम गौरवशाली समाज की रचना कर सकते हैं।

मैं माननीय Jitan Ram Manjhi जी से पूछना चाहूंगा की आप जिस महामानव बाबा साहब अंबेडकर की कृपा भारतीय संविधान की वजह से आप और हमारे जैसे लोग भारत में सम्मान पा रहे हैं ,उन्होंने कैसे भारतीय संविधान के प्रथम पृष्ठ पर राम दरबार का चित्रण किए हैं ? भारत के राष्टपिता परम् पूज्य बापू ने कैसे भारत के लिए “रामराज्य” की कल्पना किये ? जबकि उनके कथनानुसार राम काल्पनिक हैं !

“जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 135 लोगों की सुनी फरियाद, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

“जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 135 लोगों की सुनी फरियाद, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए। ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 135 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, पथ निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, परिवहन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, योजना एवं विकास विभाग, पर्यटन विभाग, भवन निर्माण विभाग, वाणिज्य कर एवं विभाग, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग, गन्ना (उद्योग) विभाग एवं विधि विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल होकर 135 लोगों की शिकायतें सुनीं। गोपालगंज से आए एक युवक ने बताया कि सर्किट हाउस की मरम्मती का काम 1998 में उनके पिता ने कराया था, जिसका भुगतान अब तक लंबित है। विभाग ने भुगतान लटका दिया तो मामला कोर्ट में गया और कोर्ट का निर्णय आने के बाद भी आज तक भुगतान नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने इस पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को समस्या के समाधान करने का निर्देश दिया।
अरवल से आए एक व्यक्ति ने कहा कि करपी प्रखंड के अंतर्गत पुराण पैक्स में धान खरीद में अनियमितताएं हो रही हैं। वहीं लखीसराय से आए एक व्यक्ति ने सड़क निर्माण में उनके अधिग्रहीत जमीन का भुगतान नहीं किए जाने को लेकर शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

मधुबनी जिले से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि लोक सेवा अधिकार काउंटर पर कार्यरत कर्मचारी बिना पैसे का काम नहीं करते हैं, इसको लेकर कई बार शिकायत भी की गई। मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम में आवेदन करने की बात पर कहा गया कि मुख्यमंत्री तक भी जाने से कुछ नहीं होगा। युवक की समस्या सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

गया सदर के एक व्यक्ति ने सब्जी उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाने के लिए परैया प्रखंड में सब्जी मंडी बनाए जाने की मांग की। वहीं समस्तीपुर के एक व्यक्ति ने बाढ़ के कारण प्रभावित खरीफ फसलों की क्षति के बदले अभी तक अनुदान नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

कौवाकोल, नवादा के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि अंबा मोड़ से अफरडीह ग्राम तक पक्की सड़क का निर्माण अभी तक नहीं किया गया है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। वहीं कैमूर के नुआंव से आए एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि जिस सड़क का शिलान्यास मुख्यमंत्री जी ने जल-जीवन-हरियाली के दौरान किया था, वहां सड़क निर्माण हुआ लेकिन गांव के लोगों की मांग के बाद भी वहां वृक्षारोपण नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को यथोचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

फुलवारीशरीफ की एक महिला ने राशन कार्ड नहीं बनाए जाने की शिकायत की। वहीं फुलवारीशरीफ से ही आए एक व्यक्ति ने कहा कि वह पटना नगर निगम के अंतर्गत टैक्स भुगतान करता है लेकिन उसके इलाके में आज तक सड़क और नाली का निर्माण नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

कुटुंबा, औरंगाबाद के एक व्यक्ति ने बिजली बिल में अनियमितता के संबंध में शिकायत की। वहीं शेखपुरा, बरबीघा के एक व्यक्ति ने निजी जमीन पर सरकारी नलकूप लगा देने के बाद बाकी खेत में जलजमाव की स्थिति बने रहने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

करगहर, रोहतास के एक व्यक्ति ने जन वितरण प्रणाली विक्रेता की अनुज्ञप्ति में अनियमितता के संबंध में शिकायत करते हुए कहा कि प्रथम स्थान पर रहने के बावजूद पांचवे स्थान पर रहने वाले आवेदक को लाइसेंस दिया गया। वहीं रजौन, बांका की एक महिला काष्ठ आधारित लाईसेंस निर्गत करने की मुख्यमंत्री से आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने इस पर जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

सीतामढ़ी के बेलसंड प्रखंड से आए युवक ने कहा कि उनके गांव तक आज भी सड़क नहीं बनाया गया है। वहीं भागलपुर के एक व्यक्ति ने चौर विकास योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण एवं बिजली आपूर्ति में हो रही बाधा के संबंध में अपनी शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को मामले की जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

सीएम नीतीश कुमार 22 दिसंबर से निकलेंगे समाज सुधार अभियान पर

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाज सुधार अभियान
के तहत प्रदेश के जिलों में जाएंगे और शराबबंदी समेत कई अन्य योजनाओं की समीक्षा करेंगे । 22 दिसंबर को चंपारण से शुरू होने वाली यह यात्रा2 दिसंबर से समाज सुधार यात्रा पर निकलेंगे। यात्रा 15 जनवरी तक जारी रहेगी और पटना और नालंदा में आकर यात्रा का समापन होगा।

मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार यात्रा राज्य के छह प्रमंडलों के एक-एक जिलों में जबकि तीन प्रमंडल पटना मुंगेर और तिरहुत के दो-दो जिलों में होगी। प्रमंडल में आने वाले जिले चिह्नित जिले के कार्यक्रमों में भाग लेंगे। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री एक ओर जहां जनसभाएं करेेंगे वहीं जन कल्याण योजनाओं की समीक्षा भी इस दौरान होगी। कार्यक्रमों में जीविका समूह की महिलाएं भी भाग लेंगी और राज्य में पूर्ण शराबबंदी अभियान, दहेज प्रथा उन्मूलन एवं बाल विवाह मुक्ति अभियान से संबंधित सरकार की नीतियों एवं निर्णयों पर अपने विचार रखेंगी। मुख्यमंत्री के साथ जनसभाओं में मुख्य सचिव, गृह विभाग, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव, डीजीपी और संबंधित जिले के प्रभारी सचिव मौजूद रहेंगे।

समाज सुधार अभियान पर सीएम ने कहॉ महिलाओं को सहयोग चाहिए

इस दौरान मुख्यमंत्री जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे।
सीएम के इस समाज सुधार अभियान का ब्रांड एंबेसडर जीविका दीदियों को बनाया गया है.बिहार में करीब जीविका दीदियों की संख्या करीब सवा करोड़ से अधिक है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस समाज सुधार यात्रा में जीविका दीदियों को ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है. अपने यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री जनसभा को संबोधित करने के साथ ही जीविका दीदियों से भी मिलेंगे साथ ही जीविका दीदियों के ग्रुप में नये लोग शामिल हो इसका भी अभियान चलाया जायेंगा।

ठंड को देखते हुए पटना में स्कूल का समय बदला अब 9 बजे सुबह से स्कूल चलेगा

ठंड को देखते हुए पटना के डीएम ने स्कूल का समय बदलने का आदेश स्कूल प्रबंधन दो दिया है ।अब सुबह 9 बजे के पहले और शाम काे 3.30 बजे के बाद स्कूलों में पढ़ाई नहीं होगी। पटना के DM डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने स्कूलों को आदेश जारी कर दिया है। मनमानी करने वाले स्कूल व शिक्षण संस्थानों पर अब कार्रवाई की जाएगी। ठंड को लेकर किसी भी स्थिति में स्कूल निर्धारित समय से पहले और बाद में नहीं चलेंगे।

शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर किया अलर्ट
अब जिले के सभी स्कूलों में सुबह 9 बजे से पहले और शाम को 3:30 बजे के बाद सभी कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पटना DM का कहना है कि जिले में गिरते तापमान और विशेष रूप से सुबह के समय अधिक ठंड के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और उनके जीवन पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की संभावना को देखते हुए ऐसा आदेश दिया गया है।

प्रभावी हो गया है आदेश
प्रशासन के अनुसार, यह आदेश 21 दिसंबर से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। डीएम द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी/ सभी अनुमंडल पदाधिकारी/ सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी/ सभी थानाध्यक्ष को इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

राज्य के अदालतों में वकीलों, मुवक्किलों व महिला अधिवक्ताओं के लिए नहीं उपलब्ध है बुनियादी सुविधाएं

पटना हाई कोर्ट ने राज्य के अदालतों में वकीलों, मुवक्किलों व महिला अधिवक्ताओं के लिए बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। बिहार राज्य बार कॉउन्सिल के अध्यक्ष व वरीय अधिवक्ता रमा कांत शर्मा की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई हुए केंद्र व राज्य सरकार से जवाबतलब किया। शपथ – पत्र दायर करने का आदेश दिया है।

राज्य के अदालतों में जरूरत के अनुसार वकालतखाना आवश्यक भवन निर्माण किये जाने, लाइब्रेरी, कैंटीन निर्माण किये जाने व शौचालय के निर्धारित अवधि में निर्माण के लिए ये जनहित याचिका दायर की गई है।याचिकाकर्ता वरीय अधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने कोर्ट को बताया कि अदालतों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बहुत ही दयनीय है। जबकि सरकार ने वकालतखाना के निर्माण व लाइब्रेरी के निर्माण किये जाने को लेकर नीतिगत फैसला लिया था।

किंतु, अभी तक कुछ नहीं किया गया है और न ही बजट में कोई प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार को सदन में कोई निश्चित वादा करना चाहिए। याचिका में कहा गया है कि इस आशय का प्रश्न बिहार विधान परिषद के एडिशनल सेक्रेटरी के 5 मार्च, 2013 के मेमो में उल्लेख किया हुआ है। याचिका में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि विधान परिषद के 7 सदस्यों के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए राज्य सरकार की ओर से बयान दिया गया था।इसमें यह कहा गया था कि राज्य में वकालतखाना व लाइब्रेरी के निर्माण और इसके जीर्णोद्धार और विकास के लिए राज्य सरकार के पास एक नीति है।
इसके लिये योजना की मंजूरी प्रक्रियाधीन है।इस मामलें पर पाँच सप्ताह बाद सुनवाई होगी।

रामोजी फिल्‍म सिटी में सुरक्षा के साथ शुरू हुआ विंटर फेस्‍ट

रामोजी फिल्‍म सिटी में सुरक्षा के साथ शुरू हुआ विंटर फेस्‍ट

हैदराबाद स्थित देश के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्‍थल रामोजी फिल्‍म सिटी में तमाम सुरक्षा के साथ विंटर फेस्‍ट की शुरुआत हो चुकी है. यह 45 दिनों तक जारी रहेगा. विंटर फेस्‍ट में अनेक आकर्षण हैं जो पर्यटकों को भरपूर मनोरंजन के साथ ही यादगर अनुभव कराते हैं. यदि आप अपनी छुट्टियों में कहीं घूमने का प्‍लान कर रहे हैं तो रामोजी फिल्‍म सिटी आपके लिए सबसे सुरक्षित और सबसे आरामदायक स्‍थान हो सकता है. यहां ठहरने, खाने-पीने और शानदार लोकेशंस का आनंद लेने के साथ कई तरह के मनोरंजक स्‍थलों का मजा लिया जा सकता है.

रामोजी फिल्‍म सिटी को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया की सबसे बड़ी फिल्‍म सिटी माना है. यहां भारत ही नहीं बल्कि कई विदेशी फिल्‍मों की शूटिंग हो चुकी है. बॉलीवुड फिल्‍मों में तमाम सुपर स्‍टार्स की सुपर हिट फिल्‍मों की शूटिंग यहां होती रहती है. शाह रुख खान, सलमान खान, अजय देवगन, अमिताभ बच्‍चन की कई फिल्‍में यहां शूट हो चुकी हैं. गोलमाल सीरीज, चेन्‍नई एक्‍सप्रेस, दिलवाले भी यहीं शूट हुई है और इसके डायरेक्‍टर रोहित शेट्टी अपनी हर फिल्‍म के लिए रामोजी फिल्‍म सिटी ही आते हैं. वहीं तमिल, तेलुगू, कन्‍नड़, मलयालम सहित अन्‍य फिल्‍मों की शूटिंग यहां हर महीने होती रहती है. पर्यटकों को लाइव शूटिंग और फिल्‍म मेकिंग का अनुभव कराने के लिए फिल्‍म सिटी में रामोजी मूवी मैजिक बनाया गया है. यहां आकर पर्यटक किसी जादुई ख्‍वाब में खो जाते हैं.

कारोना वायरस और उसके वेरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए रामोजी फिल्‍म सिटी में सुरक्षा के तगड़े प्रबंध किए गए हैं. पर्यटकों की थर्मल स्‍क्रीनिंग और सेनिटाइजेशन के साथ ही मास्‍क आदि जैसे सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है. लोगों की भीड़ न हो इसके लिए भी प्रबंध किए गए हैं. वहीं खाने-पीने और साफ-सफाई के लिए पहले से ही वर्ल्‍ड क्‍लास स्‍तर के मापदंड लागू हैं.

विंटर फेस्‍ट ही है सबसे अच्‍छा समय
रामोजी फिल्‍म सिटी में अपनी छुट्टियों का आनंद लेने के लिए यह समय सबसे अच्‍छा समय है. यहां का मौसम इस समय सबसे अच्‍छा होता है. वहीं रामोजी फिल्‍म सिटी के अंदर स्थित लक्‍जरी और बजट होटल्‍स का भी उपयोग किया जा सकता है. रामोजी फिल्‍म सिटी में डेस्‍टीनेशन वेडिंग और कारपोरेट इवेंट्स भी होते रहते हैं. इसके लिए यहां प्रशिक्षित स्‍टाफ भी है. इन सब के लिए रामोजी फिल्‍म सिटी की वेबसाइट www.ramojifilmcity.com या टोल फ्री नंबर 18001202999 पर संपर्क किया जा सकता है.

जीतन राम मांझी के बयान को लेकर बवाल जारी सीएम ने कहा इस तरह के बयान से बचना चाहिए

पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के बयान पर सियासत थमने का नाम ही नहीं ले रहा है शराब, सत्‍यनारायण पूजा और ब्राह्मणों को लेकर दिया गया उनका बयान सियासी मुद्दा बन गया है। राजद से लेकर कांग्रेस, भाजपा और जदयू ने भी उनके बयान पर आपत्ति जताई। पद की मर्यादा बनाए रखने की बात कही गई। हालांकि, पूर्व सीएम की ओर से सफाई दी गई है कि उन्‍होंने अपने समाज को लेकर वे शब्‍द बोले थे। उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

वही शराबबंदी को लेकर दिये गये बयान को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने कहां कि एनडीए के बैठक में वो मौजूद थे कुछ समस्या था तो बोलना चाहिए था ना इस तरह का आना सही नहीं है ।

मांझी के शराबबंदी वाले बयान पर नीतीश ने जतायी नराजगी


वही सत्यनारायण पूजा और ब्राह्मणों को लेकर दिया दिये गये बयान को लेकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (RJD Supremo Lalu Prasad Yadav) की पुत्री रोहिणी आचार्य ने भी ट्वीट कर मांझी को सलाह दी है।

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ट्वीट कर रोहिणी आचार्य ने मांझी को संबोधित करते हुए लिखा है कि, आप जहां हैं, वह जगह आपके लिए मुफीद नहीं है। आपने जब अपने गर्दन को संघियों और उसके संरक्षकों की गोद में रख दिया है तो फिर रोना किस बात का। रो‍इए मत। इससे पूर्व एक अन्‍य ट्वीट में रोहिणी ने लिखा था कि मांझी का बयान शर्मनाक और निंदनीय है। हालांकि उन्‍होंने समर्थन भी किया था कि ब्राह्मण पंडित दलितों के घर खाना नहीं खाते। खाने के बजाय पैसे लेना पसंद करते हैं। समाज में आज भी छुआछूत इंसानियत पर हावी है।

दूसरी और आज पूरे दिन मांझी के बयान को लेकर राज्य के अलग अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है वही ब्राह्मण समाज ने आज राज्य मानव अधिकार आयोग में आवेदन दिया है इस आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया है कि एक कार्यक्रम के दौरान राजकीय पूर्व मुख्यमंत्री जी ने ब्राह्मण समाज को गाली दिया है और कानून का उल्लंघन किया है अपने आवेदन समाज ने राज्य मानव अधिकार आयोग से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई का अनुरोध किया है ।

सैनिटरी इंस्पेक्टर पद पर बहाली को लेकर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई स्टाफ सेलेक्शन कमीशन से हलफनामा तलब किया

पटना हाई कोर्ट ने सैनिटरी इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्ति हेतु ली गई लिखित परीक्षा में क्वालीफाइंग मार्क्स तय करने के मामलें दायर याचिका पर राज्य सरकार व स्टाफ सेलेक्शन कमीशन से जवाबी हलफनामा तलब किया है। जस्टिस पी बी बजन्थरी ने शेखर कुमार व अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की।
विज्ञापन संख्या 08010116 के आलोक में लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना है।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विजय कुमार सिंह का कहना था कि स्टाफ सेलेक्शन कमीशन द्वारा लिया गया निर्णय बिहार सैनिटरी इंस्पेक्टर कैडर रूल्स, 2014 के प्रतिकूल है। इसलिए, याचिका में निर्णय को रद्द करने के लिए आदेश देने का अनुरोध किया गया है।
इतना ही नहीं, लिया गया निर्णय भूतपूर्व पर्सनल व एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट द्वारा 16 जुलाई, 2007 को लिए गए निर्णय के भी विपरीत है। याचिकाकर्ता ने लिखित परीक्षा के आधार लिखित परीक्षा में शामिल हुए पर सभी 385 अभ्यर्थियों के सूची को प्रकाशित करने हेतु आदेश देने का मांग भी की गई है।

चूंकि सैनिटरी इंस्पेक्टर के लिए विज्ञापन में निकाले गए वेकैंसी से 2. 5 (ढाई ) गुना से कम है। इसके लिये बिहार सैनिटरी इंस्पेक्टर कैडर रूल्स , 2014 के प्रावधानों के विरूद्ध है।
इस मामले पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद की जाएगी।

फिर विवादों में घिरी लिपि सिंह इस बार हत्या करने का लगा है आरोप

बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गयी हैं इस बार इन पर और भी गंभीर आरोप लगा है आरोप है कि कभी उत्तर बिहार का डाँन रहा पप्पू देव को इन्होंने पीट पीट कर हत्या कर दिया है जानकार बता रहे हैं कि सहरसा के एक ट्रेनी डीएसपी और नगर थाने में तैनात पुलिस पदाधिकारी एसपी के आदेश पर पप्पू देव की इतनी पिटाई कर दी है कि इनकी हिरासत में ही मौत हो गयी।हलांकि पुलिस का कहना है कि पप्पू देव की मौत हार्ट अटैक से हुआ है लेकिन पप्पू देव के शरीर पर जो जख्म के निशान हैं वो निशान बता रहा है कि पुलिस ने उसकी जमकर पिटाई की है । 1—नौकरी के शुरुआत से ही विवादों में रही है लिपि सिंह
इससे पहले भी जब ये एएसपी बाढ़ थी तो उस दौरान इन पर बाहुबली अनंत सिंह के आवास से एक0के047 बरामदगी मामले में उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़ा हुआ था और यह आरोप लगा था कि राजनीति के तहत अनंत सिंह को फसाया गया है ।2020 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग इनको बाढ़ से हटा दिया था इस आरोप में कि ये एक दल विशेष के मदद के लिए काम कर रही है ।

इसी तरह जब इसकी पहली पोस्टिंग मुंगेर एसपी के रुप में हुई तो दुर्गा पूजा के दौरान हुए गोलीकांड मामले में इन पर बहुत ही गंभीर आरोप लगा था और सरकार रातो रात इनका मुंगेर से तबादला करना पड़ा । सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट पटना इस गोलीकांड से जुड़े मुकदमे की मॉनिटरिंग कर रही है और हाईकोर्ट अभी भी सीआईडी के जांच से संतुष्ठ नहीं है और यही वजह है कि इस मामले से जुड़े सीआईडी के पूर्व एडीजी विनय कुमार के तबादले के बावजूद हाईकोर्ट मुंगेर गोलीकांड के जांच तक इस मामले से जुड़े रहने का आदेश दिया है ।2—सरकार की सरपरस्ती के कारण नौकरी बची हुई है लिपि सिंह 2016 बैच की आईपीएस अधिकारी है बाढ़ एएसपी के बाद मुंगेर और सहरसा जिले के एसपी के रूप में अभी तक इसी पोस्टिंग हुई है बीच में चुनाव आयोग के आदेश की वजह से कुछ दिनों के लिए फील्ड से बाहर रही। हालांकि बाढ़ एएसपी से सीधे बिहार के सबसे पुराने और बड़े जिले मुंगेर के एसपी के रूप में पहली पोस्टिंग होने के बाद से ही यह सवाल खड़े होने लगे थे की आखिर सरकार इस पर इतना मेहरबान क्यों है इसी तरह मुंगेर में दुर्गा पूजा के दौरान जो घटना घटी उस दौरान उनकी जो भूमिका रही आज कोई दूसरा अधिकारी होता तो नप गयी रहती ऐसी सरे आम चर्चा पुलिस मुख्यालय में है ।

इनके पिता भारत सरकार में मंत्री है और जदयू के नीतीश के बाद नम्बर दो के नेता है ।3—पप्पू देव मामले में सियासत हुई तेज
पप्पू देव की मौत मामले में उसके चाचा और बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष ने लिपि सिंह पर संगीन आरोप लगाया है उनका कहना है कि लिपि सिंह के नेतृत्व में और सोची समझी साजिश के तहत पप्पू देव की हत्या की गई। चाचा शालिग्राम ने केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह का नाम लेते हुए कहा कि लिपि सिंह उनकी बेटी हैं और सहरसा की पुलिस अधीक्षक हैं सीएम नीतीश कुमार को इसपर एक्शन लेते हुए जनता को बताना चाहिए कि सभी को न्याय मिलेगा।वही पप्पू यादव भी इस मामले को हत्या करार देते हुए एसपी पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग सरकार से की है ।

हिन्दू देवता और ब्राहाण को गाली देना जीतन राम मांझी के राजनीति का हिस्सा है

बिहार की राजनीति में इस समय जो भी दल सक्रिय है उनके प्रमुख की बात करे तो उनमें जीतन राम मांझी राजनीति के बेहद मंजे हुए खिलाड़ी हैं उनके हर बयान में कुछ ना कुछ संदेश रहता ही रहता है, वही वो बेहद चतुर भी हैं चालाक भी हैं लेकिन जाति वोट पर पकड़ नहीं होने के कारण दलित नेता की तरह सौदेबाजी नहीं कर पा रहे हैं यह जो छटपटाहट है वो उसी की निशानी है ।

हाल के दिनों में ये लगातार बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं नीतीश कुमार मगध के विकास के लिए पैसे मुहैया कराये नहीं तो साथ छोड़ देगे ,बिहार का हर बड़ा व्यक्ति रात में शराब पीता है शराबबंदी कानून की वजह से गरीब लोग जेल जा रहे हैं गुजरात की तरह यहां भी शराबबंदी लागू होनी चाहिए और कल इन्होंने मुसहर समाज में हिंदुत्व को लेकर पैदा हुए आकर्षण पर बोलते बोलते अपने समाज के साथ साथ ब्राह्मण को भी अपशब्द कह दिया ।ब्राह्मण वाले बयान पर बवाल मचा हुआ है भाजपा और जदयू दोनों मांझी के बयान को लेकर असहज है हालांकि कल उन्होंने अपने बयान पर सफाई भी दे दिया है और कहा है कि मेरे बयान को अन्यथा ना ले मैंने ब्राह्मण समाज को गाली नहीं दिया है लेकिन दूसरे बयान के दौरान भी एक बार फिर वो बाते कह गये जो वो अपने समाज को कहना चाहते हैं।

उनका बयान बड़बोलापन नहीं है याद करिए जब वो मुख्यमंत्री थे उस समय उनका एक बयान पूरे देश में हंगामा खड़ा कर दिया था मांझी ने आरोप लगाया था कि मधुबनी के जिस मंदिर में उपचुनाव के दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना की, उस मंदिर को बाद में न सिर्फ मंदिर बल्कि मूर्ति को भी धोया गया ।

मांझी के इस बयान के बाद मुकदमा भी दर्ज हुआ था और बाद जब बवाल मचा तो उन्होंने कहा कि उनको एक नेता ने कहा था लेकिन सवाल यह है कि मांझी इस तरह का बयान देते क्यों है मांझी जिस जाति से आते हैं वो आज भी बिहार का सबसे पिछड़ा ,अशिक्षित और भूमिहीन जाति है इस जाति से गरीब बिहार में दूसरी कोई जाति नहीं है परम्परागत रूप से ये जो काम करते आ रहे थे अब वो काम जेसीबी और ट्रैक्टर से होने लगा है जिस वजह से पीढ़ी दर पीढ़ी से जो मिट्टी काटने का काम करते आ रहे थे वो उससे छिन गया ।

बाद के दिनों में देशी शराब बनाने के काम में पूरा का पूरा मांझी जाति लग गया वो भी शराबबंदी के बाद प्रभावित है ऐसे में मांझी जाति के सामने जीवन मरण का सवाल है इसलिए जीतन राम मांझी शराबबंदी को लेकर लगातार सवाल खड़े कर करे है ताकि वो अपनी जाति के लोगों के बीच पैठ बना सके ।

वही हिन्दू देवी देवता और ब्राह्मण पर हमला भी उसी राजनीति का हिस्सा है क्यों कि अभी भी जीतन राम मांझी रामविलास पासवान या फिर जगजीवन राम जैसे दलित नेता की तरह अपनी जाति के नेता नहीं बन पाये हैं और यही वजह है कि जीतन राम मांझी इस तरह का बयान दे रहे हैं ताकि उनका समाज उनके करीब आये क्यों कि मगध और मिथिलांचल में बीस से अधिक विधानसभा क्षेत्र है ऐसा है जहां मांझी का वोट काफी मायने रखता है ।

लेकिन आज भी उसका वोट बिकाऊ वोट के रूप में जाना जाता है मांझी इसी को तोड़ना चाह रहे हैं और इस तरह के बयान के सहारे अपनी जाति में पैठ बनाना चाह रहे हैं उनकी यह कवायत मुख्यमंत्री बनने के समय से ही चल रहा है अभी भी इनकी कोशिश यही है कि पैसा जिससे भी ले लेकिन अन्य दलित वोटर की तरह मांझी वोटर मेरे साथ खड़े रहे ।

ये सारी कवायत उसी को ध्यान में रख कर मांझी आये दिन नैरेटिव बनाते रहते हैं क्यों कि आज भी मांझी को बिहार की राजनीति में जो हिस्सा मिल रहा है वो दलित की राजनीति में जो दलित के पहचान की जो राजनीति चल रही है उसके तहत मिल रहा है लेकिन मांझी रामविलास पासवान की तरह ही सत्ता में भागीदारी चाह रहे हैं और ये जो छटपटाहट उसी को लेकर हैं ।

बिहार में बड़े पैमाने पर आईपीएस अधिकारियों के तबादले की कवायत हुई शुरु कई जिले के एसपी सहित डीआईजी ,आईजी,एडीजी और डीजी स्तर के अधिकारी बदले जायेगे

नये वर्ष में प्रोन्नति की वजह से पूरे बिहार के पुलिस महकमें में पटना एसएसपी ,आईजी पटना सहित एसपी और डीआईजी रैंक के अधिकारियों के तबादलों की कवायत शुरु हो गयी है।

बिहार एडीजी एके अंबेदकर को डीजी रैंक में प्रोन्नत किया गया है। 1992 बैच के एके अंबेदकर अभी एडीजी वायरलेस के पद पर पदस्थापित हैं।

वहीं वर्ष 1991 बैच के आईपीएस अफसर प्रवीण बशिष्ठ और प्रीता वर्मा को डीजी रैंक में प्रोमार्फा प्रोन्नति दी गई है। दोनों अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। कुल 31 आईपीएस एडीजी, आईजी, डीआईजी और प्रवर कोटि वेतनमान में प्रोन्नत किए गए हैं। प्रोन्नति 1 जनवरी 2022 या प्रोन्नत कोटि में पदस्थापन के समय से प्रभावी होगी।

अजिताभ कुमार व संजय सिंह बने एडीजी
दो अफसरों को एडीजी रैंक में प्रोन्नति मिली है। वर्ष 1997 बैच के आईपीएस दरभंगा अजिताभ कुमार और पटना आईजी संजय सिंह एडीजी में प्रोन्नत हुए हैं।

5 आईपीएस की आईजी में प्रोन्नति
वर्ष 2004 बैच के 5 आईपीएस अफसरों को आईजी में प्रोन्नति दी गई है। इनमें विनय कुमार, प्राणतोष कुमार दास, पंकज सिन्हा, ललन मोहन प्रसाद और जितेन्द्र मिश्रा शामिल हैं।

13 बने डीआईजी
वर्ष 2004 बैच के आईपीस सुनील कुमार के अलावा वर्ष 2008 बैच के पटना एसएसपी उपेन्द्र कुमार शर्मा, सत्यवीर सिंह, विकास बर्मन, निताशा गुड़िया, किम, मनोज कुमार, संजय कुमार, विकास कुमार, दिलीप कुमार मिश्रा, अश्विनी कुमार, अमजद अली और अरविंद ठाकुर डीआईजी में प्रोन्नत किए गए हैं।

प्रवर कोटि वेतनमान में प्रोन्नति
वर्ष 2008 बैच के विवेकानंद के अलावा 2009 बैच के आईपीएस अफसर नवीन चंद्र झा, बाबू राम, जयंतकांत, मानवजीत सिंह ढिल्लों, हरप्रीत कौर, मो. अब्दुल्लाह और बिनोद कुमार को 1 जनवरी 2022 के प्रभाव से प्रवर कोटि वेतनमान में प्रोन्नति प्रदान की गई है। इस प्रोन्नति के फलस्वरूप वर्तमान पदस्थापन प्रभावित नहीं होगा।

बिहार के स्वास्थ्यमंत्री का दावा ओमिक्रम से निपटने को तैयार है बिहार

बिहार सरकार कोविड के तीसरे लहर और ओमिक्रम (#Omicron) के अंदेशा को लेकर पहले से ही पूरी तरह तैयार है…..स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की माने तो सूबे में स्वास्थ्य व्सवस्था को बेहतर करने के साथ ही सूबे के विभिन्न अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाने और डाक्टरो और नर्सो को और हाईटेक ट्रेनिंग कराकर उनको तैयार रहने के लिए एलर्ट कर दिया गया है ।

ओमिक्रोन से लड़ने को तैयार है बिहार

साथ ही उन्होंने कहा कि मीडिया भी जागरूकता फैलाने का काम कर रहा है।हमसभी किसी तरह से निपटने को तैयार है।

भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आज दूसरे दिन भी जारी है अभियान ग्रामीण कार्य विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर चढ़ा निगरानी के हत्थे

भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ जारी अभियान के दौरान आज पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने ग्रामीण कार्य विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अजय कुमार सिंह के घर छापामारी किया है जहां इसके इंन्द्रपुरी इलाके में स्थित घर पर छापेमारी चल रही है जहां अभी तक एक करोड़ रुपया से अधिक कैश बरामद किया गया है।

करीब 1 करोड़ से रुपए पोस्ट ऑफिस में इन्वेस्ट करने के सबूत मिले हैं। एक करोड़ से अधिक के ज्वेलरी और अलग-अलग जगहों पर खरीदे गए करोड़ो रुपए के जमीन की डीड, कई बैंक अकाउंट्स के पासबुक अब तक बरामद किए जा चुके हैं।अभी भी तलाशी चल ही रही है ।

बरामद कैश की गिनती के लिए मंगाई गई है मशीन

बरामद कैश की गिनती के लिए मशीन मंगाई गई है। ज्वेलरी और जमीन की वैल्यू के लिए भी वैल्यूवर को बुलाया गया है। पोस्ट ऑफिस में किए गए इंवेस्टमेंट की डिटेल्स भी खंगाली जा रही है।

निगरानी टीम की यह कार्रवाई अभी अगले कई घंटों तक जारी रहेगी। दरअसल, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अजय कुमार सिंह ग्रामीण कार्य विभाग के तहत लंबे वक्त से मसौढ़ी में पोस्टेड हैं।

भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस वाली सरकार के मुलाजिमों के घर मिल रही है करोड़ो की अवैध सम्पत्ति

2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश के खिलाफ आक्रोश की एक बड़ी वजह सूबे में व्याप्त अफसरशाही और भ्रष्टाचार था और इसका असर चुनाव परिणाम पर भी देखने को मिला 2005 से लगातार बिहार की सबसे बड़ी पार्टी रही जदयू तीसरे नम्बर पर चली गयी।हालांकि इस बार मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार अपने आपको को 2005 वाली छवि की और लौटने कि कोशिश करते दिख रहे हैं और इसी का असर है कि पिछले पांच छह वर्षो से सुस्त पड़ी भ्रष्टाचार पर कार्यवाही करने वाली ऐंजसी सक्रिय हो गयी है।1–भ्रष्ट्राचार रोकने को लेकर सरकार गंभीर नहीं है                       
नोटबंदी के फैसले को लेकर पीएम मोदी ने देश की जनता को जो भरोसा दिलाया था उस भरोसे पर सिस्टम खड़ा  उतर नहीं पाया,  बिहार में पिछले एक माह के दौरान जिन अधिकारियों के यहां छापेमारी हुई है ऐसा कोई अधिकारी नहीं मिला जिसके घर से बरामद नोट को गिनने के लिए मशीन नहीं लाना पड़ा हो ।               

 इतना ही नहीं हर अधिकारी के लॉकर से जेवर,जमीन और रियल स्टेट में निवेश का कागजात बरामद  हो रहा है ऐसा भी नहीं है कि जिन अधिकारियों के यहां छापामारी हुई है वो राज्य के सबसे भ्रष्ट अधिकारी हैं हालात यह है कि थोड़ी ईमानदारी से कार्यवाही शुरु हो तो बिहार के अधिकारियों के पास से इतनी अवैध संपत्ति बरामद हो सकती है जिससे राज्य का काया कप्ल हो सकता है लेकिन सत्ता भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए तैयार नहीं है यह भी साफ दिख रहा है ।               

2–भ्रष्टाचार लगाम लगाया जा सकता है  ये कहना कि भ्रष्टाचार पर रोका नहीं लगाया जा सकता है ऐसा नहीं है सरकार की इच्छाशक्ति हो तो चंद घंटों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाया जा सकता है भ्रष्टाचार से अर्जित पैसे का कहां कहां निवेश हो रहा है बस उसको चेक कर देना है।फिर जिस तरीके से पुलिस विभाग ने भ्रष्ट अधिकारियों  पर स्पीडी विभागीय कार्यवाही करके अधिकारियों की सेवा समाप्त किया है उसी तरीके से सिविल सेवा से जुड़े भ्रष्ट अधिकारियों का भी स्पीडी विभागीय कार्यवाही करके सेवा समाप्त करनी शुरु  हो जाये  देखिए 50 प्रतिशत भ्रष्टाचार पर नियंत्रण हो जायेगा ।हुआ क्या पुलिस वाले तो विभागीय कार्यवाही करके घूस लेने वाले अधिकारी को बर्खास्त कर दिया लेकिन सिविल विभाग से जुड़े कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक जो भी घूस लेते हुए अभी तक पकड़े गये हैं एक पर भी विभागीय कार्यवाही पूरी नहीं हुई है उलटे इस बीच निलंबन मुक्त होकर फिल्ड में पोस्टिंग करवा लिया है और सरकार के पैसे से ही केस लड़ रहा है और इस मामले में नीतीश कुमार कुछ नहीं कर पाये जब भी यह सवाल उठा विभाग को कार्यवाही करने का आदेश हुआ दो तीन माह सुनवाई तेज हुई फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया ये नेकसस जिस दिन टूट जाएगा प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक जो भ्रष्टाचार का गठजोड़ बना है वो टूट जाएगा। अभी क्या है पकड़े भी जायेंगे तो क्या होगा डीएम साहब बचा लेंगे जिस दिन यह संरक्षण समाप्त हो जाएगा उसी दिन से लेन देन में कमी आनी शुरू हो जाएंगी ।


3–बिहार के अधिकारी कहां कहां निवेश कर रहे हैं 
 बिहार के अधिकारियों का आजकल निवेश का एक नया ठिकाना छत्तीसगढ़ बना है जहां के अधिकांश बिल्डर के कम्पनी में बिहार के सीनियर आईएएस अधिकारियों के पैसा का निवेश हो रहा है , दूसरा ठिकाना बिहार में मुजफ्फरपुर से सकरी और दरभंगा से जयनगर के बीच फोरलेन और एनएच के किनारे की जमीन पर बिहार कैडर के अधिकारियों का बड़ा निवेश हो रहा है।  तीसरा जो बड़ा निवेश हो रहा है वह है  बिहार की एक रिटेल कंपनी है जिसका आज कल अनुमंडल स्तर पर दुकानें खुल रही है वहां भी बड़ा निवेश हो रहा है और यह काम बड़ा आसान है बिहार में जमीन और अपार्टमेंट्स  की जो भी रजिस्ट्री हो रही है उसके खरीददार का डाटा बेस मौजूद है उस पर काम करना शुरू कर दीजिए बहुत कुछ सामने आ जायेगा ।
हालांकि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही करने के मामले में सरकार का जो अनुभव रहा है उससे सीख लेते नहीं दिख रहे हैं ऐसे में इस तरह की कार्यवाही से भ्रष्टाचार पर अंकुश लग जायेगा ऐसा संभव होता नहीं दिख रहा है क्यों कि अभी भी बड़ी मछलियों पर हाथ डालने से नीतीश कुमार परहेज कर रहे हैं पूरे बिहार में चौकीदार से लेकर डीजीपी तक भ्रष्ट तरीके से वर्ष में जितना कमा रहा है वैसी कमाई बिहार के दो तीन जिलों के डीएम और सिविल सेवा से जुड़े कर्मी अधिकारी और इंजीनियर कमा रहा है लेकिन 2005 से अभी तक किसी बड़े आईएएस अधिकारी पर कार्यवाही नहीं किया है जबकि पुलिस विभाग में  डीजीपी से लेकर जिले में तैनात एसपी तक पर कार्यवाही हो चुकी है ऐसे में यह सब जो कार्यवाही हो रही है वह महज आईवास है और इससे ज्यादा कुछ भी नहीं है।

महाबोघि मंदिर ब्लास्ट मामले में तीन आतंकियो को मिली ऊर्म कैद की सजा

महाबोधि मंदिर में हुए ब्लास्ट मामले में आज एनआईए कोर्ट ने आठ आतंकियों में से तीन को उम्र कैद की सजा और पांच अभियुक्तों को 10 साल की सजा सुनाई गई है अहमद अली , पैगंबर सेख और नूर आलम को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है ।जबकि आदिल शेख दिलावर हुसैन मुस्तफिजुर रहमान अब्दुल करीम आरिफ हुसैन को 10 साल की सजा सुनाई गई है।
गया के महाबोधि मंदिर में जनवरी 2018 को निगम पूजा के दौरान विस्फोट हुआ था इसमें एनआईए ने पूरे मामले की जांच करने के बाद चार्जशीट दाखिल किया था और सभी आठों अभियुक्त ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था ।

दिल में छेद के ऑपरेशन के लिए बिहार से 332 बच्चे भेजे जाएँगे अहमदाबाद

बाल हृदय योजना के तहत 497 बच्चों की हुई स्क्रीनिंगः मंगल पांडेय
दिल में छेद के ऑपरेशन के लिए 332 बच्चे भेजे जाएंगे अहमदाबाद
इस साल अप्रेल से हो रहा हृदय रोग के बच्चों के लिए मुफ्त इलाज

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की बाल हृदय योजना दिल में छेद की बीमारी से ग्रसित बच्चों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। खासकर मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। इसके तहत हृदय रोगों की मुफ्त जांच और इलाज हो रही है। इस योजना के तहत इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान, पटना में 15 दिसंबर से आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क जांच शिविर लगाया गया, जिसमें कुल 500 निबंधित बच्चों में से 497 बच्चों की उपस्थिति रही।
श्री पांडेय ने कहा कि पहले दिन 189, दूसरे दिन 184 और तीसरे दिन 124 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई। पहले दिन की स्क्रीनिंग में 129, दूसरे दिन की स्क्रीनिंग में 118 जबकि तीसरे दिन की स्क्रीनिंग में 85 बच्चे ऐसे पाये गये, जिन्हें सर्जरी के लिए अहमदाबाद भेजने की आवश्यकता है। इसकी शुरुआत 21 फरवरी 2021 से हुई थी और उसी दिन पहला बैच ऑपरेशन के लिए अहमदाबाद भेजा गया था। उस वक्त से लेकर अब तक राज्य के 262 हृदय रोगों से ग्रसित बच्चों का सफल आपरेशन हुआ है। 10 दिसंबर 2021 को भी 21 और बच्चे राज्य के विभिन्न जिलों से अहमदाबाद इलाज के लिए भेजे गए। अब तक 13 बैच भेजे जा चुके हैं, जिसमें 262 बच्चों का सफल आपरेशन हो चुका है।
श्री पांडेय ने कहा कि लोगों में इस योजना के तहत जागरुकता लाना आवश्यक है। वो जागरुक होंगे तो जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के आयु वाले बच्चों व किशोरों को हृदय रोग से बचाया जा सकता है। राज्य सरकार इसके लिए हरस्तर पर सहायता कर रही है, ताकि बच्चों को उनका जीवन लौटाया जा सके। राज्य में अभी संचालित होने वाले कैंप में इन रोगों की पहचान की जा रही है। जहां से उनकी स्क्रीनिंग कर इलाज के लिए अहमदाबाद के सत्य सांई हॉस्पिटल भेजने की प्रक्रिया की जाती है। इन बच्चों को उम्र के आधार पर परिवार या अभिभावक के साथ सरकारी खर्च पर हवाई जहाज से सत्य सांई अस्पताल भेजती है। साथ ही भोजन और रहने की भी समुचित व्यवस्था करती है।

शराबबंदी को सफल बनाने के लिए तेज प्रताप ने नीतीश कुमार को दिया सलाह

तेज प्रताप ने जीतन राम मांझी के शराबबंदी पर दिए गए बयान का समर्थन किया है ,तेज प्रताप ने कहा कि समीक्षा बैठक से कोई फायदा नहीं है चारों तरफ शराब बिक रहा है। अधिकारी शराब पी रहे हैं थाना से होम डिलीवरी हो रही है,शराबबंदी को सफल बनाना है तो बॉर्डर को सील करना चाहिए उन्होंने कहां की उत्तर प्रदेश झारखंड और बंगाल के बॉर्डर को सील करना होगा ।

तेज प्रताप ने शराबबंदी को सफल बनाने के लिए सीएम को दिया सलाह

प्रथम इंटर लेवल संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2014 को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर

रिट याचिका के निष्पादन तक प्रथम इंटर लेवल संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2014 के कॉउंसलिंग पर रोक लगाने के लिए एक रिट याचिका पटना हाई कोर्ट में दायर की गई है। याचिका में बिहार स्टाफ सलेक्शन कमीशन द्वारा काउन्सलिंग के लिये चयनित पिछड़े व अत्यंत पिछड़े वर्गों के अभ्यर्थियों से 31 अक्टूबर, 2014 / 13 मार्च, 2016 तक जारी किये गए नॉन क्रीमी लेयर जाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर कमीशन के सचिव के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना को रद्द करने को लेकर आदेश देने का अनुरोध भी किया गया है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसी जानकारी विज्ञापन में नहीं दी गई थी। अतः जारी किया गया आदेश पूरी तरह से मनमाना है।

इस याचिका के जरिये 11 दिसंबर, 2011 को जारी मेमो के अनुपालन पर रोक लगाने हेतु आदेश देने की मांग किया गया है।

1 सितंबर, 2014 को विभिन्न पदों पर नियुक्ति हेतु बिहार स्टाफ सलेक्शन कमीशन द्वारा विज्ञापन निकाला गया था। जारी विज्ञापन के अनुसार पिछड़े व अत्यंत पिछड़े वर्गों के उम्मीदवारों से सर्किल ऑफिसर द्वारा जारी इस आशय का जाति प्रमाण पत्र मांगा गया था कि वे क्रीमी लेयर में नहीं आते हैं।

विज्ञापन में कहा गया था कि आवेदन के ऑनलाइन फाइलिंग के वक्त पिछड़े और अत्यंत पिछड़े वर्गों के लिये नॉन क्रीमी लेयर औऱ एस सी (अनुसूचित जाति) और एस टी ( अनुसूचित जनजाति) के लिए जाति प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होगा।काउन्सलिंग के समय इसकी जरूरत पड़ेगी।

कोरोना को लेकर राज्य सरकार की तैयारी पर हाईकोर्ट ने जतायी नराजगी कहा सरकार गंभीर नहीं है कोरोना को लेकर

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में करोना महामारी से उत्पन्न हालात के सम्बन्ध में दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की।शिवानी कौशिक व अन्य की जनहित याचिकाओं पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नए सिरे से पूरे व सही तथ्यों की जांच कर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।
कल राज्य सरकार द्वारा दायर हलफनामा में विरोधाभासी तथ्यों को कोर्ट ने काफी सख्त रुख अपनाया था।आज मामलें की ऑन लाइन सुनवाई हुई,जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अपर प्रधान सचिव व सभी जिलों के सिविल सर्जन उपस्थित हुए।

राज्य सरकार द्वारा दायर विरोधभासी हलफनामा पर ऑन लाइन उपस्थित सचिव अमृत प्रत्यय ने अफ़सोस जाहिर किया।उन्होंने कहा कि अगली सुनवाई में विस्तृत,सही और पूरे तथ्यों के साथ हलफनामा दायर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा समिति के कार्यपालक अधिकारी संजय कुमार के अध्यक्षता में चार सदस्यों की एक टीम गठित किया गया है, जो राज्य के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी और उपलब्ध सुविधाओं की जांच कर विस्तृत,सही और पूरा ब्यौरा देगा।
ज़िला के सभी जिलों के सिविल सर्जनों द्वारा ज़िला के सरकारी अस्पतालों के सम्बन्ध में पूरा ब्यौरा तथ्यों को जांच कर प्रस्तुत करेंगे।
राज्य सरकार ने कल जो ज़िला के सरकारी अस्पतालों के सम्बन्ध में हलफनामा दायर किया था, उसमें काफी जानकारियां सही नहीं थी।

कोर्ट ने इसे काफी गम्भीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को पूरा और सही ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा था।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने इस मामलें पर आज साढ़े ग्यारह बजे सुबह virtual mode पर सुनवाई प्रारम्भ किया।
कोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव समेत सभी ज़िला के सिविल सर्जनों को ऑन लाइन उपस्थित हो कर सारी स्थिति का ब्यौरा दिया।कोर्ट ने पटना के सिविल सर्जन को अस्पतालों में सारी व्यवस्था,दवा,डॉक्टर व अन्य सुविधाओं की तैयारी रखें।

पिछली सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा था कि कोरोना के नए वैरिएंट के मद्देनजर हमें सावधानी बरतने की जरूरत है।कोरोना का खतरा अभी भी बना हुआ है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से कोरोना को लेकर राज्य भर में कराई गई सुविधाओं के संबंध में ब्यौरा देने को कहा था। कोर्ट ने विशेष तौर साउथ अफ्रीका में फैले कोविड के नए वैरियंट ओमाइक्रोन के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार को राज्य में ऑक्सीजन के उत्पादन और भंडारण के संबंध में सूचित करने को कहा था।
अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने बताया कि कोर्ट ने उसके पूर्व भी राज्य के राज्य भर में उपलब्ध मेडिकल स्टाफ, दवाइयां, ऑक्सीजन व एम्बुलेंस आदि के संबंध में ब्यौरा माँगा था।
इस मामले पर 24 दिसम्बर, 2021को सुनवाई की जाएगी।

खोजी पत्रकारिता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा बड़ी बात मीडिया के कैनवास से गायब हो गया है खोजी पत्रकारिता

पिछले दिनों अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के मौके पर पटना में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था उस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मुझे भी आमंत्रित किया गया था।हमारे सामने पूरे देश से आये 40 से अधिक ऐसे सामाजिक कार्यकर्ता बैठे हुए थे जो सामाजिक सरोकार से जुड़े सर्वश्रेष्ठ कार्यों के लिए जाने जाते हैं, इसमें गोवा और मुंबई पुलिस का वह सिपाही भी मौजूद था जो अनाथ बच्चों के बीच काम करने की वजह से उन्हें लोग गांधी कहते हैं।अपनी बात रखने से पहले मैंने इनसे ही सवाल किया कि मीडिया से आप क्या चाहते हैं और मुझे मुख्य वक्ता के रूप में क्यों बुलाया गया है सभी एकमत थे कि सामाजिक कार्यों से जुड़े मसलों पर मुख्यधारा की मीडिया से अब पहले जैसे खबर को लेकर सहयोग नहीं करती है वही भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर भी पहले जैसी गर्मजोशी नहीं देखने को मिलता है जिस वजह से लड़ाई मुकाम तक नहीं पहुंच पा रही है सरकार और सिस्टम बेलगाम होता जा रहा है सोशल मीडिया शुरुआती दौर में काफी प्रभावी था लेकिन उसका भी धार अब कमजोर पड़ता जा रहा है इसकी क्या वजह है यह हम लोग जानना चाहते हैं ।   

सवाल मौजू भी था और मुझसे ताल्लुक भी रखता है और सामने बैठा श्रोता सच सुनने को तैयार भी था ऐसे में दिल के अंदर जो चल रहा था वो सारी बातें जुबान पर आ गयी ।दोस्तों पहली बात मीडिया अब आपका दोस्त नहीं रहा और जब से केजरीवाल राजनीति में आये हैं मुख्यधारा की राजनीति करने वाली पार्टियां आपको संदेह की दृष्टि से देखने लगा है, कही ये भी सामाजिक काम करते करते राजनीति में तो नहीं आ जायेगा मतलब आपके सामने अब दोहरी चुनौती है मीडिया साथ नहीं है और राजनीति करने वाले अब आपको अपना प्रतिभागी समझने लगा है ऐसे में आपके सामने पहले से कही चुनौती बढ़ गयी है वही अच्छे कार्य करने वाले को वहां से संरक्षण मिलता था कोर्ट आज कल इनकी स्थिति क्या है देख ही रहे हैं।                  

बिहार के मुजफ्फरपुर में शेल्टर होम में लड़कियों के साथ यौन शोषण होता है यह खबर मैंने ब्रेक किया देश भर में हंगामा खड़ा हो गया पटना हाईकोर्ट ने क्या किया मुजफ्फरपुर शेल्टर होम से जुड़ी खबरें चलाने और लिखने पर ही रोक लगा दिया ये स्थिति है ।             

 बात पत्रकारिता कि करे तो पहले जो पत्रकार सत्ता और सिस्टम से सवाल करता था तो लोग उन्हें पत्रकार कहते थे लेकिन आज ऐसे पत्रकार को क्या कहते हैं देशद्रोही ,पाकिस्तान परस्त इससे भी बात नहीं बनी तो कह देते हैं प्रधानमंत्री से ये लोग नफरत करते हैं जो पहले कभी नहीं होता है सरकार और सत्ता के कामकाज पर जब मीडिया सवाल उठाता था तो लोग सूनते है मीडिया से जुड़े लोगों को उत्साहित करते थे लेकिन आज बिहार में मुझे बहुत सारे लोग सोशल मीडिया पर व्यंग्य करते हुए लिखते हैं ये जनाव रवीश कुमार बनना चाहता है ये जनाब बिहार के रवीश कुमार हैं बात यही तक रहता है जब सत्ता से थोड़ी कड़वे अंदाज में सवाल करते हैं तो गाली की भाषा में उतर जाते हैं ।     

ये चरित्र पहले नहीं था और ऐसा भी नहीं है कि 2014 से पहले सोशल मीडिया नहीं था लेकिन कभी भी सत्ता से सवाल करने वाले पत्रकारों से इस तरह का सवाल नहीं होता था। नुकसान किसका हो रहा है सत्ता और सिस्टम तो यही चाहता था ना कि मीडिया को समाज में डिस क्रेडिट कर दीजिए और उसमें वो कामयाब हो गया इसलिए अब समाज या फिर आप जैसे सामाजिक सरोकार से जुड़े लोगों को मीडिया से सत्ता और सरकार से सवाल करने की उम्मीद छोड़ दीजिए क्यों कि मीडिया को डिस क्रेडिट करने में आप भी शामिल है और जनता भी शामिल है ।                   

ये तो हमारी बात हुई दो दिन पहले भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) एन वी रमण (NV Ramana) ने  कहा कि मीडिया को अपनी भूमिका निभाने की जरूरत है. रक्षकों की भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं की सामूहिक विफलताओं को मीडिया द्वारा उजागर करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि लोगों को इस प्रक्रिया में कमियों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है और यह एक ऐसा काम है जो केवल मीडिया ही कर सकता है. एक पत्रकार के तौर पर अपनी पहली नौकरी करने वाले प्रधान न्यायाधीश ने वर्तमान मीडिया पर अपने विचार साझा किए और कहा कि खोजी पत्रकारिता की अवधारणा दुर्भाग्य से मीडिया के कैनवास (परिदृश्य) से गायब हो रही है.प्रधान न्यायाधीश ने कहा, यह कम से कम भारतीय संदर्भ में सच है. जब हम बड़े हो रहे थे तो बड़े-बड़े घोटालों को उजागर करने वाले समाचार पत्रों का बेसब्री से इंतजार करते थे. समाचार पत्रों ने हमें कभी निराश नहीं किया. अतीत में, हमने घोटालों और कदाचार के बारे में समाचार पत्रों की रिपोर्ट देखी हैं जिनके गंभीर परिणाम सामने आए हैं. एक या दो को छोड़कर, मुझे हाल के वर्षों में इतनी महत्ता की कोई खबर याद नहीं है हमारे बगीचे में सब कुछ गुलाबी प्रतीत होता है।सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की चिंता स्वाभाविक है लेकिन मेरी चिंता ये नहीं है कि हो क्या रहा है मेरी चिंता यह है कि जिस दिन सत्ता दूसरी पार्टी के हाथों में गयी उस दिन पत्रकारिता का क्या होगा कौन खड़ा होगा मशाल लेके यह सोच कर मैं घबरा रहा हूं ।

महिलाओं के बीच क्यों लोकप्रिय है शशि थरूर

सलमान खान सुंदर और आकर्षक आदमी है मगर अक्सर उसकी बातें बचकानी और मूर्खतापूर्ण होती हैं |

अक्षय कुमार एक हैंडसम आदमी है मगर उसकी भाषा में देहाती लहज़ा और बदतमीजी दिखाई देती है |

एखटाइगर श्रौफ सुंदर शरीर और चहरे का मालिक है, वह मृदुभाषी, सौम्य और तमीज से बातचीत भी करता है मगर उसकी बातें जिम, बॉडी बिलडिंग, डांस और मार्शल आर्टस तक सीमित हैं | कोई बहुत ज्ञान की बातें वह नहीं बता सकता |

आमिर खान सुन्दर, सरल, सौम्य है मगर वह भी बहुत ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है |

शाहरुख खान पढ़ा लिखा भी है, हाजिर जवाब भी है, हैंडसम भी कहा जा सकता है, अंग्रेजी या हिन्दी दोनों भाषा अच्छे से बोल सकता है |

आयुष्मान खुराना भी सुन्दर, आकर्षक और सौम्य है | कविताएँ लिख लेता है, किताबें पसंद करता है और स्क्रिप्ट की जो बेहतर समझ रखता है उसे देख के लगता है वह आदमी बुद्धिमान भी है|

सचिन तेंदुलकर भले ही वह मृदुभाषी, सौम्य और तमीजदार आदमी है मगर वह बहुत पढ़ा लिखा नहीं है और शायद सुंदरता के पैमाने पे फिट नहीं बैठता |

युवराज सिंह सुन्दर है मगर वह भी शिष्ट, सौम्य और बुद्धिमान नहीं है |

राहुल द्रविड सुंदर है, शिष्ट है, शालीन है और शायद पढ़ा लिखा भी है मगर वह अंतरमुखी है और लोगों से ज्यादा घूलना मिलना पसंद नहीं करता |

मेरी पोस्ट का मूलभूत मुद्दा यह है कि बहुत कम भारतीय मर्द ऐसे हैं जिनको ईश्वर ने सुन्दरता, शिष्टाचार, बुद्धि, शालीनता, ज्ञान और आकर्षक व्यक्तित्व दिया हो ! बहुत कम भारतीय मर्द ऐसे हैं जो अपने व्यक्तित्व से औरतों को आकर्षित कर सकते हैं | बहुत कम मर्द ऐसे हैं जिन के आस पास औरतें सुरक्षित महसूस करती हैं | बॉलीवुड में ऐसा आदमी शाहरुख है, क्रिकेट में राहुल द्रविड है जिसमें उपरोक्त ज्यादातर खूबियाँ हैं !

राजनीति में यदि आज की तारीख में कोई पढ़ा लिखा, सुन्दर, आकर्षक, सौम्य, शिष्ट, ज्ञानी, साहित्य की समझ रखने वाला, लिखने पढने वाला, हाजिर जवाब और भाषाओं में अच्छा नियंत्रण रखने वाला आदमी है तो वह सिर्फ शशि थरूर है !

हाफ चड्डी पहनने वाले, बलात्कारियों का समर्थन करने वाले, संस्कार के नाम पे पार्क में बैठे प्रेमियों को पीटने वाले यौन कुंठित लोग यह कभी नहीं समझ पाएँगे कि शशि थरूर में वह सब कुछ है जो एक औरत एक मर्द में चाहती है !

आपने पिछले कई साल गुजार दिए सिर्फ इसी जलन में कि महिलाएँ नेहरू के आसपास क्यों दिखाई देती हैं? और अब आप अगले कई साल सिर्फ इस जलन में गुजार दोगे कि महिलाएँ थरुर के आसपास क्यों दिखाई देती है?

उत्तर साफ है :
आज जो खूबियाँ थरूर में बिलकुल वही खूबियाँ नेहरू में थी ! बल्कि नेहरू में कुछ ज्यादा ही थी और शायद इसलिए वह भी महिलाओं में बेहद लोकप्रिय थे ।

बीपीएससी के परीक्षार्थी के लिए खुशखबरी आयोग ने 68 सीट बढ़या

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 67वीं प्रारंभिक संयुक्त परीक्षा के लिए पूर्व घोषित सीटों की संख्या में 68 सीटों का इजाफा किया है। इसके साथ ही 67th PT के अंतर्गत रिक्तियों की कुल बढ़कर 794 हो गई हैं। आयोग के संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक ने 16 दिसंबर को जारी शुद्धि पत्र में यह जानकारी दी है।

BiharNewsPost
67वीं PT में 68 सीटें और बढ़ीं, 555 पदों की वैकेंसी बढ़कर 794 पर पहुंची


आयोग ने कहा है कि 67th PT के लिए 24 सितंबर 2021 को विज्ञापन प्रकाशित करते हुए सुयोग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। उक्त विज्ञापन के प्रकाशन के बाद 67th PT के माध्यम से नियुक्ति के लिए दो विभागों से कुल 68 रिक्तियां प्राप्त हुई हैं, जिन्हें उक्त प्रतियोगिता परीक्षा की रिक्तियों में जोड़ दिया गया है।
नई रिक्तियां कहां बढ़ीं?
जोड़ी गई रिक्तियां काराधीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय, गृह विभाग (कारा)-लेबल 9 पद के लिए और श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, श्रम संधान विभाग से जुड़ी हैं। दोनों के लिए न्यूनतम उम्र 20 वर्ष और 21 वर्ष है।

आयोग द्वारा जारी शुद्धि पत्र।
सीटें बढ़ने से PT में ज्यादा होंगे पास
बता दें कि पहले 555 सीट के लिए वैकेंसी थी, जिसे बढ़ाकर 726 किया गया था। अब इसमें 68 सीटें और बढ़ाकर 794 कर दिया गया है। BPSC PT परीक्षा में इतनी अधिक संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं कि आयोग ने पहले 16 दिसंबर की तिथि दी और उसे रद्द कर 23 जनवरी 2022 किया गया। फिर उसे भी 7 दिसंबर को रद्द कर दिया गया था। जानकारी दी गई थी कि करीब साढ़े 7 लाख अभ्यर्थियों ने BPSC 67वीं PT के लिए आवेदन किया है।

दरभंगा एम्स के निर्माण को लेकर सीएम ने की समीक्षा कहाँ शीघ्र शुरु होगा निर्माण कार्य

मुख्यमंत्री के जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, कुशेश्वर स्थान में कई योजनाओं का किया कार्यारंभ

दरभंगा में एम्स निर्माण की परिकल्पना शुरू से मेरे

मन में थी

पटना, 16 दिसम्बर 2021 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने दरभंगा जिले के कुशेश्वर स्थान पहुंचकर कुशेश्वर स्थान में जलजमाव से निजात दिलाने हेतु किए जा रहे कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। साथ ही जलनिकासी हेतु नरैला चौर नाला उड़ाहीकरण के कार्य का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजीव हंस ने किए जा रहे कार्यों के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।

दरभंगा एम्स के निर्माण को लेकर सीएम ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने कुशेश्वर स्थान पूर्वी प्रखंड के लिए प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण क अधिकारियों को निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के पश्चात् मुख्यमंत्री नंदकिशोर उच्च विद्यालय, हिरणी पहुंचे और वहां लगाये गये विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। स्टॉल निरीक्षण के उपरांत ‘मुख्यमंत्री जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का स्वागत पौधा, प्रतीक चिन्ह, अंगवस्त्र एवं पेंटिंग भेंटकर किया गया। मुख्यमंत्री ने लोगों के बीच जाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। जन संवाद कार्यक्रम में श्री मधुकांत साह, श्री मणिकांत झा, श्री शुभम कुमार झा, श्री विजय कुमार यादव, श्री संजय कुमार झा, श्रीमती बबिता देवी, श्रीमती काजल कुमारी, श्री रामानंद शर्मा, श्री दिलीप कुमार राय, श्री रिंकु कुमार यादव, श्री संतोष चौपाल, श्री मिन्टू कुमार, श्री अश्विनी कुमार, विद्यार्थी कुमार सहित अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री से संवाद कर मुख्यमंत्री को इस क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के लिए धन्यवाद दिया और क्षेत्र की कुछ समस्याओं से भी उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान रिमोट के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का कार्यारंभ किया ।

विधानसभा उपचुनाव में जीत पर बधाई देने पहुँचे नीतीश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबों की उपस्थिति के लिए आपका अभिनंदन करता हूं और आप सभी को धन्यवाद देता हूं। आपलोगों ने श्री अमन भूषण हजारी जी को विधानसभा उपचुनाव में विजयी बनाया है, इसके लिए आप सभी को धन्यवाद देता हूं। इनके पिता जी स्व० शशि भूषण हजारी जी जो तीन बार विधायक थे, उनका असामयिक निधन हो गया। एक माह के अंदर ही अमन जी की माता जी का भी देहांत हो गया। हमलोगों ने एन०डी०ए० की बैठक में निर्णय लिया था कि कुशेश्वरस्थान से श्री अमन भूषण हजारी जी को ही प्रत्याशी बनाएंगे और हमलोगों ने इन्हें प्रत्याशी बनाया । यहां कि जनता ने इन्हें चुनाव में विजयी भी बनाया। चुनाव प्रचार में हम भी दो जगहों पर आए थे और उस समय हमने कहा था कि आपके बीच आएंगे और आपकी समस्याओं के बारे में आपसे बातचीत करेंगे। पंचायत चुनाव समाप्त होने के बाद आपके बीच आज उपस्थित हुएसुना है।

बाढ़ के स्थायी समाधान को लेकर शीघ्र शुरू होगा काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से हमें काम करने का मौका मिला है, हमलोग बिहार के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। बिहार के 28 जिले अधिक वर्षापात और बाढ़ से प्रभावित रहते हैं। हमलोगों ने आपदा प्रबंधन के लिए अच्छे ढंग से काम शुरु किया और अब आपदा के दौरान लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराया जाता है। हमारा शुरु से ही मानना है कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। हमने वर्ष 2007 में आयी बाढ़ और वर्ष 2008 की कोसी त्रासदी में लोगों को राहत देने के लिए हर तरह के काम किए। दरभंगा भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है इसमें कुशेश्वरस्थान विशेष रूप से प्रभावित है। यहां की जलनिकासी को लेकर भी योजनाबद्ध ढंग से काम शुरु किया गया है। अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि अगले साल बाढ़ आने से पहले काम को पूरा कर लिया जाएगा। आज चार योजनाओं का कार्यारंभ भी किया गया है, जिसमें रोसड़ा-मबी ढाला- सरहधिया – मंगलगढ़ – काले- राजघाट-शक्ति घाट पथ के (कुल लंबाई 8.40 किमी में) चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य का कार्यारंभ, पिपराघाट पथ के 0 किमी से 3.95 किमी में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण का कार्यारंभ, कुशेश्वरस्थान प्रखंड के विभिन्न चौरों में अवस्थित 8 अदद पुनिर्जीवित / पुनर्स्थापन, साफ-सफाई कार्य का कार्यारंभ तथा बागमती बाढ़ प्रबंधन योजना फेज-3 (बी के अंतर्गत) सिरनिया-फुहिया तटबंध के 70.42 से 74.42 कि०मी० तक नए तटबंध का निर्माण एवं 70.793 कि०मी० तक एंटी फ्लड स्लुईस के निर्माण कार्य का कार्यारंभ किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दरभंगा में एम्स का निर्माण कराया जा रहा है। वर्ष 2015 में बिहार में दूसरे एम्स के निर्माण की बात हुयी तो दरभंगा में एम्स निर्माण की परिकल्पना मेरे मन में थी। हमने शुरू से ही कहा है कि दरभंगा में दूसरा एम्स बनेगा। दरभंगा में एम्स निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गयी है। दरभंगा की जमीन उपजाऊ है, अधिक जलजमाव की वजह से लोग खेती नहीं कर पाते हैं। जल निकासी की व्यवस्था हो जाएगी तो यहां लोग खेती करेंगे और लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी। दरभंगा मेडिकल कॉलेज का भी हमलोग विस्तार कर रहे हैं। कुशेश्वरस्थान में कई प्रकार के विकास के कार्य किए जा रहे हैं। जो मौलिक समस्याएं बतायी गई हैं उसका भी निदान हमलोग करने में लगे हैं। बाईपास निर्माण, थाने का निर्माण, प्रखंड सह अंचल कार्यालय के भवन का निर्माण आदि के कार्य किए जा रहे हैं। बाढ़ के दौरान मुख्य रूप से इस क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति को ठीक करना है ताकि सड़कें भी ठीक रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कई कार्य किए जा रहे हैं। सात निश्चय – 1 के ने अंतर्गत बिरौल में आई०टी०आई० भवन का निर्माण तथा ए०एन०एम० एवं छात्रावास का निर्माण कराया गया। सात निश्चय-2 के अंतर्गत हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए काम किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्थान के लिए बहुत काम किया जा रहा है। लड़कियों के लिए पोशाक योजना, साइकिल योजना चलायी गई और अब मैट्रिक में पढ़ने वाले लड़के-लड़कियों की संख्या बराबर हो गई है। हमलोग चाहते हैं कि सभी लड़कियां पढ़े। जब हमलोग सरकार में आए थे, तब राज्य में प्रजनन दर 4.3 था, जो अब घटकर 3 हो गया है। हमलोग चाहते हैं कि यह प्रजनन दर घटकर 2 हो जाए। लड़कियों के शिक्षित होने से प्रजनन दर में और कमी आएगी। राज्य की आबादी अधिक है और क्षेत्रफल कम है। हम चाहते हैं कि सभी लड़के-लड़कियों को पढ़ाने की व्यवस्था की जाए। अलग-अलग लड़के-लड़कियों की पढ़ाई की कोई आवश्यकता नहीं है बल्कि सब एक साथ पढ़ाई करेंगे।उन्होंने कहा कि जीविका समूह के गठन से महिलाओं का उत्थान हुआ और उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। अब 1 करोड़ 26 लाख महिलाएं जीविका समूह से जुड़ गई हैं। बिहार में महिलाएं काफी सक्रिय हैं। बिहार में जो विकास हो रहा है, उसमें महिलाओं की सक्रियता का बड़ा योगदान है। हमलोगों ने समाज के हर तबके के उत्थान के लिए काम किया है। महिलाओं के साथ-साथ एस०सी० एस०टी०, अल्पसंख्यक, अति पिछड़े सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम किया है। महिलाओं की मांग पर शराबबंदी लागू की गई है। हम जल्द ही शराबबंदी के पक्ष में जागरुकता अभियान शुरू करेंगे। शराब के सेवन से कई प्रकार की बीमारियाँ होती हैं। डब्ल्यू०एच०ओ० की आयी रिपोर्ट के अनुसार 20 से 39 आयु वर्ग के लोगों की जो मृत्यु होती है, उसमें 13.5 प्रतिशत मृत्यु शराब सेवन के कारण होती है। दुनिया में जितनी मृत्यु होती है उसका 5.3 प्रतिशत मृत्यु शराब पीने की वजह से होती है। शराब पीने के कारण कई और बीमारियां होती हैं।

शराबबंदी को लेकर मांझी ने नीतीश पर फिर बोला हमला कहां शराबबंदी कानून गरीबों के लिए है

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने आज एक बार फिर शराबबंदी को लेकर नीतीश पर हमला बोला है मांझी ने कहा कि बिहार में भले ही पूर्ण शराबबंदी का दावा सरकार कर रही है लेकिन अभी भी राज्य में ये ओपन सीक्रेट है, ये सत्य है कि जो बड़े लोग हैं, जो ठेकेदार हैं, धनवान हैं और रसूख वाले लोग जैसे- आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर रात में शराब पीते है इस कानून में मारा गरीब जा रहा है इसलिए नीतीश कुमार को एक बार फिर से सोचना चाहिए ।

शराबबंदी पर मांझी ने नीतीश को फिर घेरा कहाँ बड़े लोग खुब पीते हैं शराब

दो दिनों तक देश में बंद रहेगा बैंक का कामकाज बैंक कर्मी गये हड़ताल पर

प्रधानमंत्री जी, बैंकरों की हड़ताल की चिन्ता न करें, बैंकर भी वोट धर्म के नाम पर ही देंगे ।

आज लाखों बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सरकार बैंकों के निजीकरण के लिए संसद के इस सत्र में एक बिल लेकर आई है जिसके बाद वह आराम से सभी सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी 50 फीसदी से कम कर सकेगी। सरकार इस साल दो बैंकों के निजीकरण से एक लाख करोड़ जुटाना चाहती है। बैंक बेच कर विकास के सपने दिखाने वाली सरकार के शाही कार्यक्रमों को देखिए। प्रधानमंत्री के हर कार्यक्रम में करोड़ों फूंके जा रहे हैं ताकि हर दिन हेडलाइन बने। उन कार्यक्रमों में लोगों की कोई दिलचस्पी नहीं है इसलिए सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को पकड़ पकड़ कर बिठाया जाता है। बिहार में जैसे पकड़ुआ शादी होती थी उसी तरह मोदी जी के लिए पकड़ुआ कार्यक्रम हो रहे हैं। उस पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं।उस खर्चे का कोई हिसाब नहीं है।

बहरहाल बैंकरों का दावा है कि सरकारी बैंको ने आम जनता की सेवा की है। बैंकर शहर का जीवन छोड़ ग्रामीण शाखाओं में गए हैं और लोगों के खाते खुलवाए हैं। प्राइवेट होने से आम लोगों से बैंक दूर हो जाएंगे। देश भर में लाखों बैंकर हड़ताल कर समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि 2014 के बाद से बैंकों का 25 लाख करोड़ का लोन NPA हुआ है। इसका मात्र पांच लाख करोड़ ही वसूला जा सका है। ये लोग राजनीतिक दबाव में कारपोरेट को दिए जाते हैं और कारपोरेट को लाभ पहुंचाने के लिए इन लोन को किसी और खाते मेें डाल दिया जाता है फिर वहां से इसकी वापसी कभी नहीं होती है। होती भी है तो बहुत कम होती है। सरकारी बैंक नहीं रहेंगे तो दलित पिछड़ों और अब तो आर्थिक रुप से कमज़ोर सवर्णों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। बैंकों की नौकरियां भी कम होंगी।

बैंकों की इस हड़ताल को कोई कवर कर रहा है इसे लेकर मुझे संदेह है। इन बैंकरों की दुनिया में गोदी मीडिया देखने वाले कम नहीं हैं। इसकी सज़ा सभी को भुगतनी है। सांप्रदायिक होने की सज़ा कुछ आज भुगतेंगे, कुछ दस साल बाद भुगतेंगे। इस माहौल की सज़ा उन्हें भी भुगतनी है जो सांप्रदायिक नहीं हैं। हम जैसे पत्रकार इसमें शामिल हैं। कितने पत्रकारों की नौकरी चली गई। धर्म के नाम राजनीति की इस गुंडई की सज़ा यह है कि आज देश में पत्रकारिता खत्म हो गई है। इसलिए बैंकरों को इसका रोना नहीं चाहिए कि मीडिया कवर नहीं कर रहा है।

प्रधानमंत्री को भी इनकी परवाह नहीं करनी चाहिए।बैंकर या तो पुलवामा जैसी घटना पर भावुक होकर वोट देंगे या अगर प्रधानमंत्री किसी मंदिर में चले जाएं तो पक्का ही देंगे। जब इतना भर करने से वोट मिल सकता है तो प्रधानमंत्री को हड़ताल वगैरह का संज्ञान नहीं लेना चाहिए। मस्त रहना चाहिए।आम जनता उनसे धार्मिक होने की ही उम्मीद करती है। उनके समर्थक भी दिन रात लोगों को धार्मिक असुरक्षा की याद दिला रहे हैं, और उनका फोटो दिखा रहे हैं कि धार्मिक सुरक्षा इन्हीं से होगी।अगर कोई बैंकर आर्थिक नीतियों की बात कर रहा है तो इसका मतलब है कि उसके व्हाट्स एप में नेहरु के मुसलमान होने या मुसलमानों से नफ़रत करने की मीम की सप्लाई नहीं हुई है। इसकी सप्लाई कर दी जाए , सब ठीक हो जाएगा।

धर्म की राजनीति को 55 कैमरों की सलामी मिलती जा रही है। राष्ट्र गौरव प्राप्ति का जश्न मना रहा है। और बैंकर इधर उधर ताक रहे हैं कि कोई कैमरा वाला कवर करने आ रहा है या नहीं।

लेखक —रवीश कुमार

नीतीश भी पहुंचे भगवान शिव के मंदिर

मंदिर मंदिर घूम रहे है आज कल सीएम नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज कुशेश्वर स्थान में देवाधिदेव महादेव की पूजा एवमआराधना कर राज्य की सुख ,शांति एवम समृद्धि की कामना की

बाबा के दरबार में नीतीश

बिहार में भ्रष्टाचार चरम पर अधिकारियों के घर और लांकर में मिल रहे हैं अकूत सम्पत्ति

काफी दिनों बाद आज खबर की दुनिया में लौटे हैं सुबह से ही सोच रहे हैं कहां से शुरू करें और कैसे शुरू करें चलिए शुरुआत तेजस्वी की शादी से ही करते मुझे अब तक समझ में नहीं आया कि मीडिया तेजस्वी की शादी के बाद साधु यादव के पास क्या जानकारी हासिल करने गया था जबकि दोनों परिवार के बीच लम्बे समय से कोई रिश्ता नहीं रहा है ।जहां तक मुझे याद है मीसा भारती के बाद लालू प्रसाद के किसी भी बेटी और बेटे की शादी में साधु यादव की कोई बड़ी भूमिका नहीं रही है ऐसी स्थिति में तेजस्वी की शादी में मामा साधु की प्रतिक्रिया अभी भी मेरे समझ से पड़े हैं।हां ये जरुर है कि साधु की प्रतिक्रिया के बाद तेजस्वी की शादी को लेकर जो चर्चा होनी चाहिए थी वो नहीं हो सका ।     

बिहार के एक डीएसपी का अश्लील बातचीत करते हुए ऑडियो हुआ वायरल

दूसरी खबर बिहार के भ्रष्ट अधिकारियों के ठिकाने पर छापेमारी से जुड़ी है बालू माफिया से रिश्ते की वजह से औरंगाबाद अनुमंडल पदाधिकारी के पद से हटाये गये अनूप कुमार के यहां कल आर्थिक अपराध ईकाई की टीम ने छापामारी किया है पटना रांची में घर के अलावे करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है इसी तरह वैशाली के  लेबर इंफोर्समेंट अधिकारी के ठिकाने से इतने पैसे बरामद हुए कि नोट गिनने वाली मशीन लानी पड़ी वही  सासाराम के भू अर्जन पदाधिकारी का लॉकर खुला तो जेवरात देख कर पूरा महकमा हैरान रह गया बिहार में यही कोई पांच छह अधिकारी करोड़पति है ऐसा नहीं है जांच हो जाये तो सौ दो सौ ईमानदार मिल जाये तो बड़ी बात होगी क्योंकि सरकार के स्तर पर जिस तरीके से तबादला और पोस्टिंग हो रही है भ्रष्टाचार वही से पैदा होता है कोई अधिकारी 40 लाख देकर आयेगा तो फिर फिल्ड में आकर वो करेगा क्या । 

वैशाली के जिस लेबर इंफोर्समेंट अधिकारी के घर से करोड़ों रुपया नगद पकड़ाया है उनकी पोस्टिंग लगातार सात वर्ष से मोहनिया चेक पोस्ट पर रहा है जबकि वो उस विभाग का अधिकारी भी नहीं है अगर सही में भ्रष्टाचार पर नकेल कसना है तो किस डीएम ने उसको मोहनिया चेक पोस्ट पर पोस्ट किया उससे भी पूछताछ होनी चाहिए लेकिन ऐसा तो हो नहीं रहा है ।           

इसी तरह औरंगाबाद के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनुप कुमार की पोस्टिंग कैसे हुई जबकि इन पर पटना जिला बल में रहने के दौरान कई तरह के गम्भीर आरोप लग चुके हैं जबकि डीएसपी स्तर के अधिकारी का पोस्टिंग मुख्यमंत्री करते हैं इसी तरह डेहरी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जिसका एक ओडियो पूरे बिहार में बवाल मचाये हुए हैं जिसमें डीएसपी लड़कियों से अश्लील बातचीत कर रही है जबकि यह डीएसपी पहले से दागी की सूची में है और जांच चल रहा है ऐसे में उनकी पोस्टिंग कैसे हो गयी जबकि यहां पदस्थापित डीएसपी को बालू माफिया से सांठगांठ करने के आरोप में हटाया गया था ऐसी जगह से इस तरह के आरोप के घिरे अधिकारियों की पोस्टिंग कैसे हुई बड़ा सवाल है चर्चा तो इन दिनों सरेआम है कि बिहार में पुलिस की पोस्टिंग में बीबी और बिल्डर का खूब चल रहा है ।      

बात राजनीति की तो फिलहाल जब तक डीएम एसपी का ट्रांसफर पोस्टिंग नहीं हो जाता है तब तक बीजेपी और जदयू में विशेष राज्य और अफसरशाही को लेकर जो बयानबाजी चलता रहेगा खेला सब जिले में अपने मनपसंद के डीएम एसपी की तैनाती का ही है ।

कोरोना को लेकर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई कहा सरकार तीसरी लहर को लेकर क्या है तैयारी

पटना हाईकोर्ट ने करोना महामारी पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार द्वारा दायर विरोधाभासी हलफनामा को काफी गम्भीरता से लिया। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने शिवानी कौशिक व अन्य की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जनों को ज़िला के सरकारी अस्पतालों के हालात का विस्तृत ब्यौरा तलब किया है।
राज्य सरकार ने जो ज़िला के सरकारी अस्पतालों के सम्बन्ध में हलफनामा दायर किया था, उसमें काफी जानकारियां सही नहीं थी।कोर्ट ने इसे काफी गम्भीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को पूरा और सही ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा।
चीफ जस्टिस संजय करोल की डिवीजन बेंच इस मामलें पर कल इस मामलें पर साढ़े ग्यारह बजे सुबह virtual mode पर सुनवाई करेगी।कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव समेत सभी ज़िला के सिविल सर्जनों को ऑन लाइन उपस्थित हो कर सारी स्थिति का ब्यौरा देने का निर्देश दिया।

पिछली सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा था कि कोरोना के नए वैरिएंट के मद्देनजर हमें सावधानी बरतने की जरूरत है।कोरोना का खतरा अभी भी बना हुआ है।

पिछली सुनवाई में डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को कोरोना को लेकर राज्य भर में कराई गई सुविधाओं के संबंध में ब्यौरा देने को कहा था।

कोर्ट ने विशेष तौर साउथ अफ्रीका में फैले कोविड के नए वैरियंट ओमाइक्रोन के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार को राज्य में ऑक्सीजन के उत्पादन और भंडारण के संबंध में सूचित करने को कहा था।

लेकिन आज जो राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं, कार्यरत डॉक्टर,नर्स व् अन्य कर्मचारियों का विस्तृत ब्यौरा दिया,उसमें विरोधाभास व जानकारियां सही नहीं थी।

एम्स, पटना के अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने बताया कि कोर्ट ने उसके पूर्व भी राज्य के राज्य भर में उपलब्ध मेडिकल स्टाफ, दवाइयां, ऑक्सीजन व एम्बुलेंस आदि के संबंध में ब्यौरा तलब किया था। इस मामले पर 17 दिसम्बर, 2021को सुनवाई की जाएगी।

दुल्हन को लेकर पटना पहुँचा तेजस्वी

नेता विरोधी दल तेजस्वी यादव शादी करने के बाद पहली बार लालू आवास पहुंचे और मीडिया कर्मियों से मुखातिब हुए उन्होंने कहा कि हमने बहुत ही सरल तरीके से शादी की और हम लोग 4 दिनों के अंदर बहुभोज के डेट को लेकर आप लोगों को बताएंगे।

शादी के बाद तेजस्वी लौटा पटना
पटना पहुंचे तो क्या बोला तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि उनका असल नाम राजश्री है और उन्होंने इस नाम को खुद चुना है कि लोगों को हमें भुलाने में दिक्कत ना हो।

शादी पर दिल खोल कर बोले तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने कहा कि जिन लोगों ने भी उन्हें बधाई दी है हम सबका आप के माध्यम से धन्यवाद करते हैं तेजस्वी यादव ने कुछ लोगों की परिवारिक नाराजगी पर कहा कि हम सभी लोगों का सम्मान करते थे और सम्मान करते हैं।

तेजस्वी ने कहाँ शादी दो परिवारों का मिलन है

बिहार पंचायत चुनाव सम्पन्न सफल , EVM का प्रयोग

छिटपुट हिंसा को छोड़कर बिहार में पंचायत चुनाव का अंतिम 11वें चरण का चुनाव सम्पन्न हो गया । राज्य के 20 जिलों के 38 प्रखंडों में होने वाले मतदान में 17,286 पदों के लिए 63,718 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। कई जिलों में EVM को लेकर समस्या रही है, वही बूथों पर सुबह की ठंड के कारण वोटर की संख्या कम दिखी।फिर भी अभी तक जो खबर आ रही है उसके अनुसार 62.81 प्रतिशत मतदान हुई इस चरण में भी महिला वोटर पुरुष वोटर से ज्यादा वोट किया है

मतदान में आज क्या खास है –
राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक कुमार का बयान
मतदान शांतिपूर्ण हुआ

कुशेश्वर स्थान में एक बूथ पर हंगामा के बाद मतदान को रद्द कर दिया गया है । इस मामले में 15 लोग गिरफ्तार किए गए हैं

मधेपुरा के आलमनगर की घटना पर आयोग ने कहा कि आपसी बिबाद का मामला है 4 गिरफ्तार हुए है वैशाली में एक बूथ पर बैलेट गलत लगने से चुनाव दुबारा होगा।

Evm 436 बदले गए

अभी तक 100 गिरफ्तार किए गए

13 हजार वोटर बोगस वोटिंग का प्रयास किया

23 सिकायत आयी आज

62,81 प्रतिशत चुनाव हुआ

पुरूष 59,98 प्रतिशत

महिला 65,65 प्रतिशत

मधुबनी में सबसे कम मतदान 53,32 प्रतिशत

मधेपुरा में सबसे ज्यादा मतदान 70,03 प्रतिशत

मुजफ्फरपुर के कटरा प्रखंड में चंगेल पंचायत स्थित बूथ संख्या-143 पर बोगस वोटिंग को लेकर हंगामा हो गया। इससे मतदान कार्य काफी देर तक बाधित हुआ। निवर्तमान मुखिया पति और समर्थकों ने बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के वोटरों से वोट डलवाने का आरोप लगाकर हंगामा किया।

सीतमढ़ी में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष इंद्राणी देवी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें मतदान के दौरान मतदान केंद्र संख्या 273 और 274 पर मतदाताओं के बीच पर्चे बांटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

मोतिहारी के रामगढ़वा प्रखंड के मझरिया गांव में बूथ संख्या 122 पर दो प्रत्याशियों में नोकझोक, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पकड़ीदायल डीएसपीओ सहित पुलिस बल तैनात। मतदान शांतिपूर्ण जारी।

बेगूसराय में तेघड़ा प्रखंड के बरौनी दो पंचायत के मतदान केंद्र संख्या-58 पर हंगामा कर रहे लोगों पर पुलिस ने बरसाई लाठियां बरसाई।

नालंदा के अस्थावां प्रखण्ड अंतर्गत कैला पंचायत के बूथ संख्या-133 पर हंगामा और रोड़ेबाजी हुई। मौके पर सडीओ, डीएसपी पहुंचने पर हंगामा शांत हुआ।

मुजफ्फरपुर में बोगस वोटिंग की शिकायत पर हंगामा, मतदान कार्य हुआ बाधित।

बिहार निवार्चन आयोग को आमंत्रित करेगी संसदीय समिति

बिहार पंचायत चुनाव में बायोमीट्रिक पद्धति का प्रयोग देश में पहली बार, बंद हुई बोगस वोटिंग -सुशील कुमार मोदी

बिहार निवार्चन आयोग को आमंत्रित करेगी संसदीय समिति

  1. बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार पंचायत चुनाव में मतदाताओं के बायोमीट्रिक सत्यापन और ईवीएम मशीन के साथ मतगणना में ओसीआर तकनीक का जो प्रयोग किया, उससे बोगस वोटिंग रोकने और न्यूनतम समय में चुनाव परिणाम की घोषणा करने में बड़ी कामयाबी मिली।
    भारत में यह पद्धति पहली बार अपनायी गई और सफल रही।
  2. संसद की विधि, न्याय, कार्मिक एवं लोक शिकायत मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष के नाते मैं बिहार निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को संसदीय समिति के समक्ष नये मतदान प्रयोग की प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित करूँगा।
    उसके बाद स्थायी समिति इस संबंध में अपना प्रतिवेदन संसद के पटल पर रखेगी।
  1. तेलंगाना, गुजरात, पुडुचेरी, हरियाणा और दिल्ली के निर्वाचन अधिकारी पंचायत चुनाव में बिहार के अभिनव प्रयोग का अध्ययन करने यहां आ चुके हैं।
    इस तरह मतदान कराने से फर्जी वोटर 15 फीसद तक छँट गए और वास्तविक मतदान औसतन 62 फीसद रहा।
    यह प्रयोग भविष्य के चुनावों में अपनाया जा सकता है।

बिहार का एक और कलंक अधिकारी के घर निकला करोड़ो रूपया

बिहार का एक और कलंक वैशाली के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (LEO) दीपक कुमार शर्मा के ठिकानों पर निगरानी विभाग ने छापा मारा। शनिवार को हुई इस कार्रवाई में लेबर इंफोर्समेंट ऑफिसर के पटना और मोतिहारी के ठिकानों पर छानबीन की गई।

भ्रष्ट अफसर के घर नोट गिनने के लिए मशीन लाना पड़ा


उनके पास करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी होने की जानकारी मिली है। पटना में उनके आवास से ही करीब पौने 2 करोड़ रुपए कैश में बरामद किया गया है। इसे गिनने के लिए अधिकारियों को बैंक से मशीन मंगवानी पड़ी।
दीपक शर्मा के पटना में आलमगंज इलाके के बजरंगपुरी मोहल्ले के आवास और मोतिहारी शहर के चांदमारी इलाके के आवास पर दो टीमों ने रेड मारी। टीम को इस दौरान पटना आवास से पौने दो करोड़ रुपए कैश, करीब 47.54 लाख रुपए मूल्य के सोने और चांदी के जेवरात बरामद हुए हैं। इसके अलावा बैंक और पोस्ट ऑफिस के 42 खाते, LIC की 14 पॉलिसी और 17 अलग-अलग बैंकों के एटीएम और क्रेडिट कार्ड मिले हैं।

मोतिहारी आवास पर भी मिला अकूत सम्मत्ति

तलाशी के दौरान इनके पास से 25 जमीनों की खरीद और एग्रीमेंट के कागजात भी मिले हैं। रेड करने वाली टीम के अनुसार इनकी शुरूआती अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपए आंकी गई है।

राष्ट्रीय लोक अदालत में सौ से अधिक मामलो का हुआ निष्पादन

पटना हाई कोर्ट में शनिवार को आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मुकदमों की सुनवाई हुई और निपटारा किया गया। समझौता किये जाने वाले आपराधिक मामले से जुड़े एक केस की सुनवाई हुई। एनआईएक्ट की धारा 138 से जुड़े 15 मामलों पर सुनवाई हुई, जिसमें एक को निष्पादित किया गया।
वाहन(एम वी एक्ट) से जुड़े 60 मामलों में सुनवाई हुई, जिसमें 10 को निष्पादित किया गया और 22, 75,000 रुपये का सेटलमेंट किया गया।
पे, सेवानिवृत्ति भत्ता व समेत अन्य भत्तों के मामलों से जुड़े सर्विस मैटर में 32 मुकदमों की सुनवाई की गई, जिसमें 13 का निष्पादन किया गया। हाई कोर्ट व जिला अदालतों में लंबित राजस्व के 6 मुकदमों की सुनवाई हुई, जिसमें 5 मुकदमों का निष्पादन किया गया और 4, 64, 196.64 रुपये का सेटलमेंट किया गया।
लोक अदालत के आयोजन के प्री सिटींग में ही 18 मामलों का निष्पादन किया गया था। इस प्रकार से कुल 127 विभिन्न प्रकार के मुकदमों का निष्पादन राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिये किया गया।
उल्लेखनीय है कि लोक अदालत के जरिये आपसी सहमति से उक्त मामलों समेत बैंक रिकवरी, लेबर डिस्प्यूट, इलेक्ट्रिसिटी बिल ( नॉन – कमपाउंडडेबल को छोड़कर) वैवाहिक विवाद, जमीन अधिग्रहण से जुड़े मुकदमों व रेंट आदि के मुक़दमों की सुनवाई की जाती है।

रितू जायसवाल ने मुखिया पति को नसीहत सिंहवासिनी का मान बनाये रखना

अरुण, मेरी सिंहवाहिनी का ध्यान रखना। इस मिट्टी को मैंने अपने खून पसीने से सींचा है। जनता ने 2500 वोट के बड़े अंतर से जीतवा कर आपको जो सम्मान और विश्वास दिया है उसका मान बनाये रखना। कांटो से भरे रास्तों पर चलते हुए इस धरती को मैंने भ्रष्टाचार और अपराध की आंच से बचाये रखने का हर सम्भव प्रयास किया है। ये रास्ता बड़ा कठिन है पर उस प्रयास को और बल देना, इस पवित्र धरती पर कभी आंच नहीं आने देना। शुभकामनाएं!

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मेरे प्रिय पंचायतवासियों, हाल के दिनों में मेरे जीवन में मानवता की सेवा के दायरे का विस्तार हुआ है। बेतहाशा बढ़ते अपराध और अराजकता के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़नी है। पर मैं सदा आपके साथ, आपके पास रहूँगी। समस्याओं और आपके बीच आपकी ये मुखिया दीदी ढाल बन कर पहले की तरह ही मज़बूती से खरी रहेगी। मैंने कभी भी किसी भी पंचायतवासी को अपना विरोधी नहीं माना। आप सब मेरे परिवार हैं, आपका साथ ही मेरी शक्ति है। जब तक जीवन है तब तक आपकी ऋणी रहूँगी। मुझ से कुछ गलतियां भी हुई होंगी उसके लिए मुझे क्षमा करना। आप सब को हृदय से प्रणाम! मुखिया के रूप में मेरा कार्यकाल अब समाप्त हुआ।