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राज्य के अदालतों में वकीलों, मुवक्किलों व महिला अधिवक्ताओं के लिए नहीं उपलब्ध है बुनियादी सुविधाएं

पटना हाई कोर्ट ने राज्य के अदालतों में वकीलों, मुवक्किलों व महिला अधिवक्ताओं के लिए बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। बिहार राज्य बार कॉउन्सिल के अध्यक्ष व वरीय अधिवक्ता रमा कांत शर्मा की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई हुए केंद्र व राज्य सरकार से जवाबतलब किया। शपथ – पत्र दायर करने का आदेश दिया है।

राज्य के अदालतों में जरूरत के अनुसार वकालतखाना आवश्यक भवन निर्माण किये जाने, लाइब्रेरी, कैंटीन निर्माण किये जाने व शौचालय के निर्धारित अवधि में निर्माण के लिए ये जनहित याचिका दायर की गई है।याचिकाकर्ता वरीय अधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने कोर्ट को बताया कि अदालतों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बहुत ही दयनीय है। जबकि सरकार ने वकालतखाना के निर्माण व लाइब्रेरी के निर्माण किये जाने को लेकर नीतिगत फैसला लिया था।

किंतु, अभी तक कुछ नहीं किया गया है और न ही बजट में कोई प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार को सदन में कोई निश्चित वादा करना चाहिए। याचिका में कहा गया है कि इस आशय का प्रश्न बिहार विधान परिषद के एडिशनल सेक्रेटरी के 5 मार्च, 2013 के मेमो में उल्लेख किया हुआ है। याचिका में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि विधान परिषद के 7 सदस्यों के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए राज्य सरकार की ओर से बयान दिया गया था।इसमें यह कहा गया था कि राज्य में वकालतखाना व लाइब्रेरी के निर्माण और इसके जीर्णोद्धार और विकास के लिए राज्य सरकार के पास एक नीति है।
इसके लिये योजना की मंजूरी प्रक्रियाधीन है।इस मामलें पर पाँच सप्ताह बाद सुनवाई होगी।

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