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निगरानी के हत्थे चढ़ा घूसखोर, इस बार कर्मचारी नहीं जनप्रतिनिधि टारगेट पर

बिहार में घूसखोरों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। निगरानी की टीम हर कुछ दिन के अंतराल पर घूसखोर कर्मियों को दबोच रही है। लेकिन इसके बावजूद भी घूसखोरी की घटनाएं शायद कम नहीं हो रही।

इसका ताजा उदाहरण है वैशाली की घटना। जहां एक घूसखोर विजिलेंस के हत्थे चढ़ गया। इस बार रिश्वतखोर कोई सरकारी कर्मी नहीं बल्कि एक प्रतिनिधि था। जी हां मुखिया को घूस लेते गिरफ्तार किया गया है।

वैशाली के लालगंज के एतवारपुर सिसौला के मुखिया को 2 लाख 16 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया गया है।निगरानी की टीम ने मुखिया दिनेश लाल को घूस लेते रंगेहाथों पकड़ा है। गिरफ्तार मुखिया को साथ लेकर विजिलेंस की टीम पटना के लिए रवाना हुई है।

इलाके में घूसखोर मुखिया की चर्चा खूब हो रही है। वहीं इस घटना के बाद हर दिन कमाई में लगे ग्राम पंचायत प्रतिनिधि डरे सहमे दिख रहे हैं।

पटना हाईकोर्ट ने पटना के चर्चित सुल्तान पैलेस को ध्वस्त करने के विरुद्ध दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की

अमरजीत की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते सुल्तान पैलेस के मामलें पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश देते हुए राज्य सरकार को 8 सप्ताह में जवाब देने को कहा।

इस जनहित याचिका में राज्य सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी गई थी, जिसमें उसने सुल्तान पैलेस को तोड़े जाने का निर्णय लिया गया है।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री रामकृष्ण ने कोर्ट को बताया कि ये ऐतिहासिक महत्व का स्मारक है और लगभग सौ साल पुराना हैं।

ऐसे भवन के देखभाल और उसे सही स्थिति में रखने की जगह उसे तोड़े जाने का राज्य सरकार ने निर्णय लिया है,जो उचित नहीं है।

PatnaHighCourt
#PatnaHighCourt

कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि सौ साल पुराने ऐतिहासिक स्मारक को क्यों तोड़ने का निर्णय लिया गया है।कोर्ट ने इस जनहित याचिका में उठाए गए मामला की सराहना करते हुए राज्य सरकार को जवाब देने के लिए आठ सप्ताह का मोहलत दिया था।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 1दिसम्बर,2022 को होगी।

घरवालों से परेशान होकर प्रेमी के घर पहुंची प्रेमिका, प्रेमी के घर रहने की जिद पर अडी

सीवान के मैरवा की घटना है, जहां प्रेमिका अपने घर वालो से परेसान होकर प्रेमी के घर पहुंच गई और प्रेमी के साथ रहने की जिद करने लगी। यह हम नहीं कह रहे हैं जबकि यह कहना है प्रेमिका का।

दरअसल मामला मैरवा थाना क्षेत्र का है। प्रेमी मैरवा थाना क्षेत्र के उपाध्याय छापर गांव के रहने वाला राम लखन है जिसके घर पहुंच गई प्रेमिका। बताया जा रहा है कि इन दोनों में काफी दिनों से प्रेम प्रसंग चल रहा था और लड़की के घर वाले को यह बात मंजूर नहीं थी।

बताया जा रहा है कि लड़की पक्ष वाले द्वरा थाना में आवेदन दीया है।तो वह अब लड़की लड़के के साथ रहने की जिद कर रही है और लड़के के घर पहुची हुई है।अब ये बात चर्चा का विषय बना हुआ है।

अब देखना है कि लड़की अपने घर जाती है या प्रेमी के घर ही रहती है।

पटना हाईकोर्ट में बिहार के स्थानीय निकायों में अन्य पिछडा वर्गों को आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर सुनवाई कल भी जारी रहेगी

चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ द्वारा सुनील कुमार व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई की जा रही है।

इससे पहले इस मामलें पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि इस मुद्दे पर 23 सितम्बर,2022 तक सुनवाई कर ले,तो उपयुक्त रहेगा।

दिसंबर,2021 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति तब तक नहीं दी जा सकती,जब तक कि सरकार 2010 में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा निर्धारित तीन जांच की अर्हता पूरी नहीं कर लेती।

तीन जांच के प्रावधानों के तहत ओबीसी के पिछडापन पर आंकडे जुटाने के लिए एक विशेष आयोग गठित करने और आयोग के सिफरिशों के मद्देनजर प्रत्येक स्थानीय निकाय में आरक्षण का अनुपात तय करने की जरूरत हैं।

साथ ही ये भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि एससी/एसटी/ओबीसी के लिए आरक्षण की सीमा कुल उपलब्ध सीटों का पचास प्रतिशत की सीमा नहीं पार करें।

PatnaHighCourt
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कोर्ट ने कहा कि जब तक तीन जांच की अर्हता नहीं पूरी कर ली जाती,ओबीसी को सामान्य श्रेणी के सीट के अंतर्गत पुनः अधिसूचित किया जाए।

कोर्ट ने ये भी कहा कि बिहार मे नगर निकायों का चुनाव 10 अक्टूबर, 2022 को चुनाव होने हैं।इसके पूर्व पटना हाईकोर्ट को इस मामलें पर सुनवाई कर ले, तो उपयुक्त रहेगा।

आज पटना हाईकोर्ट में इस मामलें पर दिन भर सुनवाई हुई,लेकिन बहस पूरी नहीं हो पायी।इसलिए अब इस मामलें पर कल भी सुनवाई होगी।

लालू यादव ने कहा न केवल PFI, बल्कि RSS पर भी बैन लगना चाहिए

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने पीएफआई पर प्रतिबंध को लेकर आरएसएस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि न केवल पीएफआई, बल्कि आरएसएस पर भी बैन लगना चाहिए.

मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में शुरू हुई टेलीकॉलिंग सिस्टम, अब फोन करके घर मंगा सकेंगे दवाई

मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में टेलीकॉलिंग सिस्टम शुरू किया गया, जिसके माध्यम से अब लोग घर बैठे कॉल करके डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं, और दवाइयां भी घर बैठे मंगा सकते हैं।

राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर बिहार के सभी सदर अस्पतालों में इसकी शुरुआत की जा रही है। सिविल सर्जन डा यू सी शर्मा ने बताया कि इसे सुमन योजना के तहत शुरू किया जा रहा है। इसका जिम्मा हैदराबाद की एक निजी एजेंसी को दिया गया है। इसका नंबर 104 रहेगा।

इस नंबर पर फोन करने बाद लोगों सारी जानकारियां मिल सकेंगी।वही सिविल सर्जन ने बताया कि कॉल सेंटर पर फोन करके लोगों को डॉक्टर और दवाओं की जानकारी मिलेगी। साथ ही एंबुलेंस की भी जानकारी मिल सकेगी।

जहानाबाद : केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जदयू के द्वारा जिले के सभी प्रखंड मुख्यालय से सतर्कता एवं जागरूकता मार्च निकाला गया

जहानाबाद। केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ आज मंगलवार को जदयू के द्वारा जिले के सभी प्रखंड मुख्यालय यथा जहानाबाद, काको,रतनी फरीदपुर,मखदुमपुर, घोसी, हुलासगंज एवं मोदनगंज में सतर्कता एवं जागरूकता मार्च निकाला गया।

जिला मुख्यालय में मार्च के बाद अम्बेडकर चौक पर एक सभा का आयोजन किया गया।

इस सभा को सम्बोधित करते हुए जिला प्रभारी संतोष कुशवाहा ने कहा कि भाजपा देश के सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ रही है। इस साजिश का पर्दाफाश करने के लिए इस मार्च का आयोजन किया गया है।

कुशवाहा ने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से भाजपा पूरे देश में अलग-थलग पड़ गई है।

वहीं सतर्कता एवम जागरूकता मार्च को संबोधित करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री कृष्णंदन वर्मा ने कहा की हमारे नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विपक्षी एकता के प्रयासों से 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का पूरी तरह सफाया तय है।

कृष्ण नंदन वर्मा, पूर्व शिक्षा मंत्री, बिहार सरकार

भाजपा देश में सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के साथ ही संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद करने और विभिन्न जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने में लगी है।

सभा को सम्बोधित करते हुए जिला प्रभारी मनोरंजन गिरी ने कहा कि ये वही बीजेपी के कमल का फूल है जिसका बटन दबाने से सरकारी बैंक को प्राइवेट कर दिया गया और इनका विकास हिन्दू मुस्लिम, मंदिर मस्जिद, पाकिस्तान यही तक सिमित रह गया!

यह वही कमल का फूल है। जिसका बटन दबाने से हर साल दस लाख रोजगार देने का वादा था लेकिन उसके बाद इन्होने लाखो नौकरिया छिन ली।

ये वही मोदी सरकार है। जो रेलवे एवं एयरपोर्ट को बेच रहा है। इस लिए भाजपा हटायो देश बचाओ।

इस मार्च में महेन्द्र कुमार सिंह, गोपाल शर्मा ,निरंजन केशव प्रिंस,रामभवन सिंह कुशवाहा, अमित कुमार उर्फ़ पम्मु, दिलीप कुशवाहा , दिलीप कुमार पटेल, रंगनाथ शर्मा,संभू शर्मा, सिया देवी,रंधीर पटेल, रामप्रवेश कुशवाहा, मो अरमान अहमद उर्फ गुड्डू,राकेश पांडेय,मुकेश शर्मा, प्रेम कुमार पप्पु,अनुज कुमार निराला,हरेराम शर्मा , विनोद केशरी ,रशीद प्रवेज, अजीत कुमार , कल्पनाथ कुमार, मूर्तजा अंसारी, कुंदन कुमार बिमल, धनन्जय दास आदि शामिल थे।

बिहार के दरभंगा में डायन का आरोप लगा पिटाई कर जिंदा जलाने का प्रयास

दरभंगा । डायन का आरोप लगा महिला की जमकर की पिटाई । अधमरे महिला को DMCH में करवाया गया भर्ती । तांत्रिक विद्या कर बच्चे की हत्या का महिला पर लगाया आरोप।

मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला की बचाई जान। बच्चे का शव आरोपित महिला के निर्माणाधीन मकान से मिलने के बाद नाराज हुए स्थानीय।

सकतरपुर थाना क्षेत्र के शेरपुर नारायणपुर दरगाह टोल का है घटना। आज महिला का अस्पताल में किया भर्ती।

पटना हाई कोर्ट ने मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन में कई व्यक्तियों के आंख की रौशनी खो जाने के मामले पर सुनवाई की

चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का मोहलत दिया है।

इस मामलें में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरा रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया था।कोर्ट ने पूरा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के राज्य सरकार को दो सप्ताह का समय दिया।

कोर्ट ने पिछली सुनवाई में निदेशक प्रमुख,स्वास्थ्य सेवा और सिविल सर्जन, मुजफ्फरपुर द्वारा हलफनामा नहीं दायर करने को गम्भीरता से लिया थ।पूर्व की सुनवाई में मुजफ्फरपुर के एस एस पी को कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कोर्ट ने निर्देश दिया था।मुकेश कुमार ने ये जनहित याचिका दायर की है।

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता के अधिवक्ता वी के सिंह ने कोर्ट को बताया था कि इस मामलें में दर्ज प्राथमिकी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।

इसमें कोर्ट को यह भी बताया गया था कि आँखों की रोशनी गवांने वाले पीडितों को बतौर क्षतिपूर्ति एक एक लाख रुपए दिए गए हैं।साथ ही मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल को बंद करके एफ आई आर दर्ज कराया गया था,लेकिन अब तक दर्ज प्राथमिकी पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई ।

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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विजय कुमार सिंह ने आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर आई हॉस्पिटल के प्रबंधन व राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा बरती गई अनियमितता और गैर कानूनी कार्यों की वजह से कई व्यक्तियों को अपनी आँखें की रोशनी खोनी पड़ी।

याचिका में आगे यह भी कहा गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों व अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज करनी चाहिए, क्योंकि इन्हीं की लापरवाही की वजह से सैकड़ों लोगों को अपनी ऑंखें गंवानी पड़ी।

इस मामले पर अगली सुनवाई दुर्गापूजा अवकाश के बाद की जाएगी।

मुजफ्फरपुर के एक गांव में किसी को पहली बार हुई सरकारी नौकरी तो गांव और परिवार में जश्न का माहौल, राकेश ने तोड़ा आजादी के बाद का रिकॉर्ड

उत्तर भारतीयों में सरकारी नौकरी को लेकर एक अलग ही क्रेज देखने को मिलता हैं, खासकर बिहार में युवाओं की पहली कोशिश सरकारी नौकरी पाने की ही होती है। लेकिन मुजफ्फरपुर का एक ऐसा गांव हैं जहाँ आजादी के बाद से एक भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी नहीं हुई। लेकिन अब जब गांव के एक युवा ने इस रिकॉर्ड को तोड़ा है तो गांव में जश्न का माहौल है।

हम बात कर रहें हैं मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड के सोहागपुर गांव की जहाँ पहली बार किसी युवक को सरकारी नौकरी मिली है, इसको लेकर परिवार और गांव में ख़ुशी का माहौल है. आजादी के 75 वर्ष पूरा होने पर भी पूरे गांव में किसी को सरकारी नौकरी नही मिल पाई थी, लेकिन अब गांव के ही युवक राकेश कुमार ने इस मिथक को तोड़ दिया है और अब वो सरकारी शिक्षक बन गए है।

आपको बता दें कि यह गांव लगभग 2000 लोगों की आबादी वाला है लेकिन आज तक किसी को सरकारी सेवक बनने की सफलता हाथ नहीं लगी थी. गांव के स्वर्गीय राम लाल चौधरी के पुत्र राकेश कुमार ने अपनी सच्ची लगन और मेहनत के बदौलत मुकाम को हासिल कर दिखाया है. राकेश गांव में शिक्षा दीक्षा के बाद MCom की पढ़ाई जिला दरभंगा के यूनिवर्सिटी से किया और उसके बाद राजस्थान से B.Ed की परीक्षा पास की।

वही इस सफलता की बात सुनकर स्थानीय लोग काफी खुश हैं और गांव वालों का कहना है कि आजादी के ही बाद यह पहला लड़का है जो अपनी मेहनत और लगन के बदौलत अपने गांव का नाम रोशन किया, इससे अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी।

आपको बता दें कि राकेश कुमार की नियुक्ति मुजफ्फरपुर के जिले के तुर्की के प्राथमिक विद्यालय बरकुरवा में हुई है जहां वे अब बच्चों को शिक्षा देंगे।

कोरोना की वैश्विक महामारी से मूर्तिकार भी नहीं रहे अछूते, इस बार फायदे की उम्मीद से चेहरे पर लौटी खुशी

पिछले 2 साल से कोरोना की मार ने एक तरफ जहां देश की अर्थव्यवस्था तक हिला कर रख दी तो वहीं छोटे से बड़े कारोबारी एवं रोजगार करने वाले मजदूरों तक इसका असर देखने को मिला।

खासकर आवाजाही की मनाही के बाद मूर्तिकारो पर इसका खासा असर दिखा। जब मूर्तिकार को रोजगार ही मिलना बंद हो गया। लेकिन इस बार कोरोना के प्रकोप में कमी के बाद दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाने की इजाजत लोगों को मिली तब मूर्तिकारों को भी एक बार फिर रोजगार मिलना शुरू हुआ और उनकी दिनचर्या भी सामान्य होने लगी तथा जिंदगी पटरी पर लौटने लगी ।

शहरों में कई इलाके में मूर्ति कारों की बड़ी तादाद है जो जिले ही नहीं राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में घूम घूम कर मूर्ति का निर्माण करते हैं एवं अपने परिवार का प्रतिपालन करते हैं ।

मूर्तिकारों ने बताया कि पिछले 2 साल से जब वह कहीं बाहर जाते थे तो वहां से उन्हें वापस कर दिया जाता था और इसकी सबसे बड़ी वजह थी की कोरोना का असर लोगों की आस्था पर भी दिखने लगा था और लोग सरकार के निर्देश के आलोक में पूजा पाठ से भी दूर होते जा रहे थे ।

कई जगहों पर मूर्ति के निर्माण तक नहीं हुए जिससे उन लोगों के सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई थी । लेकिन अब जब जिंदगी दोबारा पटरी पर लौटने लगी हैं तो मूर्तिकारों में भी खुशी है एवं उन्हें आशा के साथ साथ विश्वास भी है कि अब वे अपने रोजगार को पुनः एक बार फिर जीवंत कर सकेंगे और अपने परिवार का पालन सही ढंग से कर सकेंगे । साथ ही साथ देश के उत्थान में भी अपना हाथ बटाएंगे ।

भारी मात्रा में शराब जब्त, 6 गिरफ्तार; तलाशी के दौरान मिली कामयाबी

जहानाबाद । शराब बेचने वालों और पीने वालों के खिलाफ उत्पाद विभाग के साथ ही जहानाबाद पुलिस भी लगातार कार्रवाई कर रही है। झारखंड से शराब लाकर दुर्गा पूजा एवं नगर निगम चुनाव में हुड़दंग मचाने के प्रयास में जुटे शराब तस्कर तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर झारखंड से शराब बिहार ला रहे हैं।

जहानाबाद की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक कार और बस से भारी मात्रा में शराब की खेप को बरामद किया है। जिस कार से खराब मिली है उसपर भारतीय जनता पार्टी का झंडा लगा है। इस मामले मे पुलिस ने बस के ड्राइवर और खलासी समेत कार सवार 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में जुटी है।

बीजेपी का झंडा लगी कार से शराब मिलने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड से शराब की बड़ी खेप बिहार पहुंची है। जिसके बाद पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र स्थित कोर्ट स्टेशन गुमटी के वाहनों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान रांची से पटना जा रही बस और बीजेपी का झंडा लगी कार से 400 से ज्यादा बोतल शराब को बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों के पास से 77 हजार रुपए भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस की मानें तो बस की छत पर सामानों के बीच में शराब की खेप छिपाकर रखा गया था। छापेमारी के दौरान बस से कई कार्टन शराब बरामद किया गया है जबकि लग्जरी कार से भी काफी मात्रा में शराब पुलिस के हाथ लगी है। पुलिस को शक है कि लग्जरी कार पर सवार लोगों द्वारा ही बस से शराब की बड़ी खेप बिहार लाई जा रही थी।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार लोगों से कड़ी पूछताछ में जुटी है। जहानाबाद जिले में 2 दिनों के अंदर भारी मात्रा में शराब की बरामदगी बिहार में शराबबंदी कानून पर सवाल खड़ा कर रहा है।

फुलवरिशरीफ में तार का पेड़ ऑटो पर गिरा, ऑटो पर सवार 3 लोगों की मौके पर मौत

दानापुर के फुलवारी शरीफ में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक बड़ा हादसा हुआ है रोड किनारे मौजूद लंबा तार का पेड़ ऑटो पर गिर गया है ।

जिसमें ड्राइवर सीट के बगल में बैठे हैं तीन की मौत हो गई है जब 5 लोग गंभीर घायल हो गए जिसमें से भी एक की मौत इलाज के दौरान हो गया। घटना में 3 लोगों की मौत हुई है।

घटना फुलवारीशरीफ के महावीर कैंसर संस्थान के पास घटित हुई है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तार के पेड़ को ऑटो से हटाया और सभी गंभीर घायालाओं को अस्पताल पहुंचाया है।

घटना की जानकारी के बाद फुलवारी शरीफ पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। घटना स्थल पर भीड़ लगाने से जाम की स्थिति बनी हुई है। ऑटो की स्थिति देख कर दिल दहल जा रहा था ।

शराब तस्करों और शराबियों के खिलाफ जहानाबाद उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, 63 आरोपी गिरफ्तार

जहानाबाद । शराब के खिलाफ एक बार फिर जहानाबाद जिले में उत्पाद विभाग के द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। मद्य निषेध के अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर अरवल से आयी उत्पाद विभाग के अधिकारियों की टीम और जहानाबाद की टीम ने संयुक्त रुप से कार्रवाई की ।

संयुक्त कार्रवाई जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर शनिवार की रात से रविवार की सुबह तक के भीतर 63 लोगों को गिरफ्तार किया । जिसमें 6 महिलाएं समेत 14 कारोबारी शामिल हैं। 49 लोग शराब के नशे की हालत में पकड़े गए हैं। इस दौरान 25 लीटर महुआ शराब जब्त की गई।

जहानाबाद के एक्साइज सुपरिंटेंडेंट अश्विनी कुमार ने सोमवार को ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव के आदेश पर लगातार जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

अश्विनी कुमार, उत्पाद अधीक्षक, जहानाबाद

इसी क्रम में जहानाबाद जिले के टेहटा, मखदुमपुर, नगर थाना, परस विगहा, घोसी, शकूराबाद थाना क्षेत्र के अलावा अन्य ओपी क्षेत्र में सघन अभियान चलाया गया जिसमें 63 लोग पकड़े गए। दो महिलाएं एवं दस पुरुष शराब बेचने के जुर्म में गिरफ्तार किए गए।

उक्त सभी स्थलों से 49 वैसे लोग पकड़े गए जो शराब पीकर शोर मचा रहे थे या भागने की कोशिश कर रहे थे।

लूट कांड में गिरफ्तार जवानों को लाया गया छपरा, पुलिस कार्यालय में एसपी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

छपरा । छपरा में पिछले 5 सितंबर को हुए 60 लाख लूट कांड में गिरफ्तार दोनों पुलिसकर्मियों को पुलिस कार्यालय लाया गया जहां एसपी ने प्रेस को संबोधित किया ।

शशि भूषण सिंह और पंकज पटना में गिरफ्तार किए गए थे जिनके पास से 14 लाख रुपये मूल्य के लूट का माल बरामद किया गया है। गिरफ्तार शशि भूषण सिंह बीएसएपी 5 पटना में वही पंकज परमार बीएसएपी 14 पटना में कार्यरत है। दोनों आरोपियों ने पिछले दिनों छपरा के गरखा में भी ऐसे ही घटना को अंजाम दिया था। उस मामले में भी पुलिस इनकी तलाश कर रही थी।

पुलिस इनके द्वारा किए गए अन्य किये गए अन्य मामलों की जांच भी कर रही है।

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छपरा में उत्पाद विभाग के बैरक पर हमला, शराब तस्करों की करतूत

छपरा । छपरा में बीती रात उत्पाद विभाग के बैरक पर शराब तस्कर के समर्थकों ने हमला कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की।

उत्पाद पुलिस ने नई बस्ती के 4 लोगों को गिरफ्तार किया था जिनके समर्थन में लोग उत्पाद विभाग के बैरक में पहुंच गए और हंगामा करने लगे।

इस दौरान हंगामा करने वाले लोगों ने उत्पाद विभाग की गाड़ियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

आम लोगों से जुड़े मुद्दे को उठाने की ताकत वकीलों में ही हैं: चीफ जस्टिस यू यू ललित

पटना, 24 सितंबर 2022।  सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस यू यू ललित ने वकीलों के शक्ति की रेखांकित करते हुए कहा कि आम लोगों से जुड़े मुद्दे को उठाने की ताकत वकीलों में ही हैं। बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया और बिहार राज्य बार कॉउंसिल द्वारा संयुक्त रूप से पटना के बापू सभागार में वकीलों के सामाजिक दायित्व के विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया।

चीफ जस्टिस ललित ने कहा कि वकीलों की सामाजिक भूमिका काफी बड़ी हैं,लेकिन उन्हें आम लोगों से सम्बंधित मुद्दे उठाने की बड़ी ताक़त है।उन्होंने कहा कि स्वतन्त्रता संग्राम में अग्रिम पंक्ति में वकीलों ने ही स्वतन्त्रता संग्राम को नेतृत्व दिया।

केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने सेमिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि विधायिका,कार्यपालिका और न्यायपालिका को एक टीम की तरह देश के कल्याण के लिए काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि देश में लगभग चार करोड़ अस्सी लाख मामलें पूरे देश की अदालतों में मामलें सुनवाई के लिए लंबित है।उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और हाईकोर्ट और वकील के सहयोगी इन्हें काफी हद तक कम किया जा सकता है।

साथ ही उन्होंने कहा कि लगभग नौ हज़ार करोड़ रुपए निचली अदालतों में बुनियादी सुविधाएँ के लिए रखे गए,लेकिन उस राशि का पूरा उपयोग नहीं किया गया।ये अफ़सोस की बात है।

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज बिहार के वकीलों ने उत्साह दिखाया,वह अद्भुत हैं।उन्होंने समाज में वकीलों की भूमिका इंगित करते हुए कहा कि वकील न सिर्फ पेशेगत कार्य करते है,बल्कि आम लोगों की सेवा और कानूनी सहायता देते हैं।

उन्होंने राज्य के वकीलों के की दशा का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के सिविल और अन्य अदालतों में बुनियादी सुविधाओं का काफी अभाव है।न उनके बैठने की सही व्यवस्था है,न शौचालय की।

महिला अधिवक्ताओं की दशा और भी बुरी है।इन्ही स्थितयों के कारण इन कोर्ट में महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी काफी कम है।उन्होंने ने कहा कि वकीलों के साथ बदसलुकी और हत्याओं की काफी घटनाएं होती है।इसके लिए एडवोकेट एक्ट को प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय कॉल,जस्टिस एम आर शाह,जस्टिस बी आर गवई,जस्टिस माहेश्वरी,जस्टिस एम एम सूंदरश ने भी इस सेमिनार को सम्बोधित किया।पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल ने भी सेमिनार को सम्बोधित किया।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस यू यू ललित,किरण रिजिजू समेत अन्य अतिथियों कार्यक्रम सभागार और व्यवस्था की भूरी भूरी प्रशंसा की।

नगर पालिका चुनाव में दो से अधिक बच्चे मामले में पीआईएल पटना हाईकोर्ट में दायर

मुजफ्फरपुर। बिहार की नगर निकाय चुनाव में दो बच्चों से अधिक वालों को चुनाव में लडने में अयोग्य घोषित किए जाने के सरकार के फैसले के विरुद्ध जनहित याचिका दर्ज कराया। मुजफ्फरपुर के सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने अब पटना हाई कोर्ट में दायर किया याचिका।

बिहार राज्य में होने वाली नगर पालिका चुनाव 2022 के सरकार द्वारा दो बच्चों से अधिक वालों को निकाय चुनाव के उम्मीदवारी के लिए अयोग्य घोषित किए जाने के फैसले को आज हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है और इसको मुजफ्फरपुर के रहनेवाले सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने दिया है और पटना हाई कोर्ट में दायर याचिका में यह आरोप लगाया है की बिहार सरकार का यह कानून आमलोगों के हित के नही है तो इससे बहुत सारे लोग चुनाव लडने से वंचित रह जायेंगे।

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तमन्ना हाशमी ने बताया की जब सरकार ने इस मामले में वर्ष 2011 में ही नियम को लाया था तो इतने वर्ष के बाद से इसको लाने का क्या औचित्य और यह नियम अब तक के विधान सभा चुनाव पंचायत चुनाव में क्यों नहीं लागू किया गया था अब इसको लेकर सवाल उठाया है।

बिहार के कई इलाकों में बारिश और ठनका का कहर जारी

मुजफ्फरपुर। बारिश और ठनका का कहर मुजफ्फरपुर में जारी । एक व्यक्ति की ठनका के गिरने से मौत, मचा कोहराम। मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र की घटना।

जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के ओइये SKMCH भेजा। घटना के बाद मौके पर उमड़ी स्थानीय लोगों की भीड़, परिजन का रो रो कर हुआ बुरा हाल। मृतक की पहचान 22 वर्षीय धीरज के रूप में किया गया है।

thunderstorm

वहीं गोपालगंज के अलग-अलग जगहों पर हुआ हादसा। वज्रपात से दो लोगों की मौत। 3 महिला समेत चार लोग झुलसे। सदर अस्पताल में सभी का चल रहा है ईलाज।

गोपालगंज को डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने दी सौगात

गोपालगंज । डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने दी सौगात। गोपालगंज के थावे में की मेडिकल कॉलेज की घोषणा। मॉडल सदर अस्पताल के भवन बनाने का किया शिलान्यास।

थावे मंदिर के जीर्णोद्धार पर करोड़ो रुपए होंगे खर्च। 600 करोड़ राशि विकास योजनाओं पर होंगे खर्च।

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया व बिहार राज्य बार कॉउंसिल द्वारा आज 24 सितम्बर,2022 को पटना के बापू सभागार में राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार का संयुक्त रूप से आयोजन किया गया है

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि इतने बड़े स्तर पर बिहार में कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया है।इस सेमिनार का विषय समाज निर्माण में वकीलों की भूमिका और योगदान।

उन्होंने बताया कि इस समारोह में भारत के चीफ जस्टिस यू यू ललित,केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू,सुप्रीम कोर्ट के कई जज, पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस समेत अन्य जज समेत बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथिगण इसमें भाग लेंगे।

इसके साथ दूसरे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, जज और पूर्व जज भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।बड़ी संख्या मे राज्य के बाहर से भी वकीलों के आने का हैं।

24 सितम्बर,2022 को यह कार्यक्रम दस बजे दिन में प्रारम्भ होगा।ये सत्र दिन में डेढ़ बजे तक चलेगा।दूसरे सत्र में युवा अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।इसके बाद इन्हें प्रमाणपत्र दिए जाएँगे।

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने जानकारी दी इस समारोह में पाँच हज़ार से अधिक वकील शामिल होंगे। इनमेंं बाहर से बड़ी संख्या मेहमानों के शामिल होने की संभावना है।

पटना हाईकोर्ट ने एक मामलें में बलात्कारियों को अबतक गिरफ्तार नहीं करने के मामले में मुज़फ़्फ़रपुर एसएसपी से जवाब तलब किया है

जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की ने सरोज कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की।

ये मामला मुज़फ़्फ़रपुर थाना कांड संख्या- 258/22 के मामले में से सम्बंधित है।इसमें धारा- 363, 364, 376, 302, 328 व पोक्सो एक्ट की धारा 4, 6 एवं 8 में नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए प्राथमिकी दायर की गई थी।

मृतिका निर्भया कुमारी (काल्पनिक नाम) के परिजन द्वारा याचिका पर सुनवाई के बाद अपना यह आदेश दिया।ये याचिका अधिवक्ता ओम प्रकाश ने याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर की थी।

उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया गया है कि केस में नामजद अभियुक्तों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, नहीं तो केस को किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाया जाए।इस केस में काम नहीं कर रहे पुलिस पदाधिकारियों पर विभागीय कार्यवाही चलाया जाए।

अधिवक्ता ओमप्रकाश ने बताया कि इस मामले की जल्द सुनवाई के लिए हाइकोर्ट से आग्रह किया गया था। घटना दिनांक 26 अप्रैल, 2022 की है, जब याचिकाकर्ता की पुत्री अपने घर से बाहर गयी थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इसके बाद परिजनों ने अपनी पुत्री को बहुत खोजबीन किया, परन्तु वह नहीं मिली।

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उसी दिन रात्रि 12.47 बजे एक कॉल आया, जिसमें याचिकाकर्ता की पुत्री की आवाज सुनाई दी और वह दर्द से कराह रही थी। इसके बाद फोन कट गया और फिर प्रयास करने पर मोबाइल बंद मिला। सुबह में ग्रामीण ने बताया कि याचिकाकर्ता की पुत्री की बॉडी पोखर में पड़ी हुई है। इसके बाद परिजन घटना स्थल पर जाने के क्रम में देखे कि गांव के ही मोहम्मद वसीम खान के द्वारा याचिकाकर्ता की पुत्री को बोलेरो कार से लेकर कहीं ले जाया जा रहा था ।

वह बोलेरो मोहम्मद वसीम के घर पर जाकर रुकी और फिर मोहम्मद वसीम के परिवार वाले गाड़ी में बैठते है। फिर, वैष्णवी हॉस्पिटल, मुज़फ़्फ़रपुर याचिकाकर्ता की पुत्री को लेकर जाते हैं, जहाँ याचिकाकर्ता की पुत्री के परिजन भी पहुचते हैं और अपनी पुत्री से बात करते हैं, तो याचिकाकर्ता की पुत्री द्वारा बताया जाता है कि लगभग 8 लोग द्वारा बलात्कार किया गया और जहर पिलाया गया, जिसमें संध्या ने 4 लोगों का नाम भी लिया था।

इसमें से एक व्यक्ति मोहम्मद वसीम खान को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन अभी भी तीन नामजद अभियुक्त पुलिस के गिरफ्त से बाहर हैं।

इस मामलें पर आगे सुनवाई की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने पटना के चर्चित सुल्तान पैलेस,जिसे अभी परिवहन भवन के नाम से जाना जाता है,को ध्वस्त करने के विरुद्ध दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की

अमरजीत की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते सुल्तान पैलेस को तोड़ने पर फिलहाल रोक लगाते हुए राज्य सरकार को 8 सप्ताह में जवाब देने को कहा।

इस जनहित याचिका में राज्य सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी गई थी, जिसमें उसने सुल्तान पैलेस को तोड़े जाने का निर्णय लिया गया।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री रामकृष्ण ने कोर्ट को बताया कि ये ऐतिहासिक महत्व का स्मारक है और लगभग सौ साल पुराना हैं।

ऐसे भवन के देखभाल और उसे सही स्थिति में रखने की जगह उसे तोड़े जाने का राज्य सरकार ने निर्णय लिया है,जो सही नहीं है।

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कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि सौ साल पुराने ऐतिहासिक स्मारक को क्यों तोड़ने का निर्णय लिया गया है।कोर्ट ने इस जनहित याचिका में उठाए गए मामला की सराहना करते हुए राज्य सरकार को जवाब देने के लिए आठ सप्ताह का मोहलत दिया।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 1दिसम्बर,2022 को होगी।

छपरा के मढौरा के बहेरागाछी में सीएसपी संचालक को चाकू मारकर डेढ़ लाख की लूट,घायल छपरा सदर अस्पताल रेफर

छपरा में मढौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत नौतन बहेड़ा गाछी के समीप एसएच -73 पर अपराधियों ने एक सीएसपी संचालक को चाकू घोंपकर डेढ लाख रूपये लूट की घटना को अंजाम दिया है।

लूट की घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी आसानी से फरार हो गये। जिसके बाद जैसे तैसे सीएसपी संचालक भाग कर अपने घर पहुंचा और घरवालों के द्वारा उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सक ने उसे पीएमसीएच रेफर किया गया है।

जख्मी सीएसपी संचालक तरैया थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी निरसु नारायण सिंह का 45 वर्षीय पुत्र सघनदेव सिंह बताया गया है। वह मढौरा के भावल पुर गांव में सीएसपी चलाते है.

बताया जाता है कि मढौरा के कर्णपुरा ग्रामीण बैंक से 2.5 लाख रुपया लेकर वह साइकिल से घर लौट रहा था।तभी, थाना क्षेत्र अंतर्गत बहेड़ा गाछी के पास पहले से घात लगाए बैठे चार अपराधियो ने उसे रोक कर बैग छीनना शुरू कर दिया। बैग नही देने पर अपराधियों ने उसके उपर दो-तीन बार चाकू से वार कर दिया, जिससे वह गिरकर तड़पने लगे और अपराधी बैग से रूपया निकाल फरार हो गए।

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पटना हाईकोर्ट ने हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रही एक भिखारिन को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है

जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह की खंडपीठ ने नसरा खातून की अपील को मंजूर करते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया । अपीलार्थी महिला पर उसकी चार साल की भतीजी की हत्या करने का आरोप था।

आरोपी भिखारिन के समुदाय से थी, जो भीख मांगकर जीवन व्यतीत करते हैं। 20 जुलाई, 2010 को गाँव वालों की भीड़ ने हत्या का आरोप लगाते हुए इसे पुलिस को सौंपा था । उस दिन से ही वो जेल गयी ,तो फिर कभी बाहर नही निकली। दरभंगा की एक निचली अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और पांच हज़ार रुपये जुर्माना भरने की सजा 2013 में सुनाया। जिसके खिलाफ उसने हाई कोर्ट में अपील दायर किया। उक्त अपील को हाई कोर्ट ने एडमिट तो कर लिया, लेकिन अपीलार्थी की सजा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था।

गौरतलब है कि अपीलार्थी जेल के अंदर ही एक बच्चे की माँ बनी और इसी आधार पर उसकी सजा पर रोक लगाने की गुहार लगाई गयी थी। अपील के ज्यादा वर्षों से लंबित रहने उसकी तरफ से कोई वकील खड़ा नही रहने और अपीलार्थी की गरीबी को देखते हुए हाई कोर्ट ने इस मामले में एडवोकेट आशहर मुस्तफा को कोर्ट मित्र नियुक्त करते हुए लगातार सुनवाई जारी रखा ।

एडवोकेट मुस्तफा ने कोर्ट का ध्यान पूरे मामले का कमजोर परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की ओर खींचा। उन्होंने अभियोजन के गवाहों में विरोधाभास निकालते हुए बताया कि इस हत्या का कोई चश्मदीद नही था। हाई कोर्ट ने इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए हुए अपीलार्थी को बरी कर दिया।

पटना हाईकोर्ट ने पटना के राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के मामलें पर सुनवाई की

जस्टिस संदीप कुमार ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और बिहार राज्य आवास बोर्ड को बताने को कहा है कि उन्होंने दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की है।

साथ ही याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट के समक्ष लगभग तीन हज़ार से भी आवेदन आवदेकों के नाम,भू-खंडों व अन्य रिकॉर्डों के साथ प्रस्तुत किये गए।कोर्ट ने इस सम्बन्ध में राज्य सरकार और आवास बोर्ड को अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने बिहार राज्य आवास बोर्ड को बताने को कहा कि अब तक पटना में उसने कितनी कॉलोनियों का निर्माण और विकास किया हैं।साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को एमिकस क्यूरी संतोष सिंह द्वारा प्रस्तुत दलीलों का अगली सुनवाई में जवाब देने का निर्देश दिया था।

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बिहार राज्य आवास बोर्ड के दोषी अधिकारियों और जिम्मेवार पुलिस वाले के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई की कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा था। कोर्ट ने कहा कि इनके रहते इस क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन कर मकान बना लिए गए।इस सम्बन्ध में हलफनामा दायर कर कार्य योजना पेश करने का निर्देश दिया था।

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इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी संतोष सिंह ने कोर्ट के समक्ष बहस किया।उन्होंने कहा था कि राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में हटाने की कार्रवाई सही नहीं थी। हटाने के पूर्व संचार माध्यमों में उन्हें नोटिस दे कर जानकारी देना चाहिए था।उन्होंने कहा था कि नागरिकों को मनमाने ढंग से नहीं हटाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि या तो उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए या उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 27 सितम्बर,2022 को की जाएगी।

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया व बिहार राज्य बार कॉउंसिल द्वारा 24 सितम्बर,2022 को पटना के बापू सभागार में राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार का आयोजन किया गया है

आज इस पर पूरी जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया। बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि इतने बड़े स्तर पर बिहार में कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया है।

इसमें सेमिनार का विषय समाज निर्माण में वकीलों की भूमिका और योगदान। उन्होंने बताया कि इस समारोह में भारत के चीफ जस्टिस यू यू ललित,केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू,सुप्रीम कोर्ट के कई जज, पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस समेत अन्य जज समेत बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथिगण इसमें भाग लेंगे।

24 सितम्बर,2022 को यह कार्यक्रम दस बजे दिन में प्रारम्भ होगा।ये सत्र दिन में डेढ़ बजे तक चलेगा।दूसरे सत्र में युवा अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।इसके बाद इन्हें प्रमाणपत्र दिए जाएँगे।

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने जानकारी दी इस समरोह में पाँच हज़ार से अधिक वकील शामिल होंगे। इनमेंं बाहर से बड़ी संख्या मेहमानों के शामिल होने की संभावना है।

पटना हाईकोर्ट में स्थानीय निकायों में अन्य पिछडा वर्गों को आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर सुनवाई अधूरी रही

सुनील कुमार व अन्य की याचिकाओं पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।

इससे पूर्व इस मामलें पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि इस मुद्दे पर 23 सितम्बर,2022 तक सुनवाई कर ले,तो उपयुक्त रहेगा।

दिसंबर,2021 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति तब तक नहीं दी जा सकती,जब तक कि सरकार 2010 में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा निर्धारित तीन जांच की अर्हता पूरी नहीं कर लेती।

तीन जांच के प्रावधानों के तहत ओबीसी के पिछडापन पर आंकडे जुटाने के लिए एक विशेष आयोग गठित करने और आयोग के सिफरिशों के मद्देनजर प्रत्येक स्थानीय निकाय में आरक्षण का अनुपात तय करने की जरूरत हैं।

साथ ही ये भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि एससी/एसटी/ओबीसी के लिए आरक्षण की सीमा कुल उपलब्ध सीटों का पचास प्रतिशत की सीमा नहीं पार करें।

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कोर्ट ने कहा कि जब तक तीन जांच की अर्हता नहीं पूरी कर ली जाती,ओबीसी को सामान्य श्रेणी के सीट के अंतर्गत पुनः अधिसूचित किया जाए।

कोर्ट ने ये भी कहा कि बिहार मे नगर निकायों का चुनाव 10 अक्टूबर, 2022 को चुनाव होने हैं।इसके पूर्व पटना हाईकोर्ट को इस मामलें पर सुनवाई कर ले, तो उपयुक्त रहेगा।

आज पटना हाईकोर्ट में इस मामलें लम्बी सुनवाई हुई,पर सभी पक्षों को बहस करने का अवसर नहीं मिल पाया।इस मामलें पर अगली सुनवाई 28 सितम्बर,2022 को की जाएगी।

शादी के बाद पहली बार ससुराल जाएंगी राजश्री, फुलवारिया में तैयारी शुरू

बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव 24 सितंबर को अपने पैतृक गांव गोपालगंज के फुलवरिया में होंगे। शादी के बाद पहली बार तेजस्वी यादव अपनी धर्म पत्नी राजश्री यादव के साथ अपने घर पहुंचेंगे। और कुल देवता की पूजा-अर्चना करेंगे। परिवार के सदस्यों से भी तेजस्वी यादव और उनकी पत्नी राजश्री मिलकर आशीर्वाद लेंगे।

बिहार की परंपरा है कि शादी कहीं भी हो लेकिन बहू जब अपनी ससुराल पहुंचती है तो कुल देवता की पूजा की जाती है और घर की महिलाएं शिव गीत गाती हैं… आज भी इस परंपरा को लालू प्रसाद का परिवार कायम रखा है।

डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और उनकी धर्मपत्नी राजश्री यादव के ससुराल पहुंचने से पहले घर की महिलाएं शिव गीत गाकर नई बहू की आगमन की तैयारी कर रही हैं।

बिहार के समस्तीपुर में पेट्रोल पंप संचालक ने पत्नी के धारदार हथियार से की हत्या

समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर में विद्यापति नगर थाना इलाके में दिल दहला देने वाली वारदात। पेट्रोल पंप संचालक ने पत्नी के धारदार हथियार से की हत्या ।

बीच-बचाव करने के दौरान 1 पुत्र एक पुत्री और पेट्रोल पंप संचालक की मां गंभीर रूप से जख्मी। पेट्रोल पंप संचालक ने खुद किया ट्रेन से कटकर सुसाइड।

पेट्रोल पंप संचालक का शव फतेहा हॉल्ट के पास से बरामद। विद्यापति नगर थाना के शाहिट बृंदावन गांव की घटना।

मसौढ़ी में दिनदहाड़े एक युवक की हत्या, शर्मा गुमटी के पास वारदात

मसौढ़ी में एक युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दिया गया है। घटना शर्मा गुमटी के समीप घटित हुई है। बताया जाता है कि मसौढ़ी के दुबहारा के रहने वाले मृतक मुन्ना कुमार का उसके पाटीदार से ही जमीनी विवाद चल रहा था। और इसको लेकर के पहले भी मुन्ना कुमार पर गोली चली थी, जो हाथ से रोक लिया था। उस समय उसकी जान बच गई थी लेकिन आज अपने गांव से मोटरसाइकिल से मसौढ़ी की ओर जा रहा था तभी पहले से घात लगाए अपराधियों ने एक के बाद एक दो गोली उसके सीने में उतार दिया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी के बाद उसके परिजन मौके पर पहुंचे और अपने लाल के खून से लथपथ देख कर के रोना धोना शुरू कर दिया मसौढ़ी पुलिस को भी सूचना दिया मसौढ़ी पुलिस भी घटनास्थल पर तुरंत पहुंची और जांच में जुट गई।

राहगीरों ने बताया कि एक के बाद एक दो गोली चली थी जिसमें दोबहारा के रहने वाले मुन्ना कुमार को गोलियां लगी अपराधी फरार हो गए वहीं पर मुन्ना कुमार तड़पने लगा हम लोग अस्पताल ले जाने लगे लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।

पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है परिजन जमीनी विवाद का मामला बता रहे हैं जिसमें गांव के ही रहने वाले विजेंद्र कुमार के बेटा पर हत्या का आरोप लगाया जा रहा है । फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है दिनदहाड़े हुई इस हत्या की वारदात से इलाके में दहशत का माहौल भी बना हुआ है।

वही घटना से आक्रोशित लोगों ने मसौढ़ी पटना मुख्य सड़क को जाम कर हंगामा कर रहे है।

बिहार में डेंगू का कहर- मुजफ्फरपुर में अबतक मिले 5 मरीज, ना छिड़काव ना फॉगिंग, नरक बना हुआ हैं शहर

पूरे बिहार में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, वहीं मुजफ्फरपुर में भी करीब आधा दर्जन मरीज डेंगू से ग्रसित मिले हैं. वहीं शहर की हालत नारकीय हो चुकी है, लेकिन ना तो स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर तत्पर हैं ना ही नगर निगम।

शहर के अधिकांश हिस्सों में जलजमाव है, डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है. लेकिन अब तक ना तो शहर के किसी हिस्से में फॉगिंग की जा रही हैं, ना ही छिड़काव किया गया हैं।

नगर निगम के अधिकारियो चुनाव में बिज़ी हैं, वहीं सिविल सर्जन डॉ उमेशचंद्र शर्मा ने बताया कि जल्द ही तमाम क्षेत्रों में छिड़काव कराई जाएगी, साथ ही उन्होंने सभी को सावधानी बरतने का सुझाव दिया है।

क्या नीतीश वीपी सिंह के नक्शे कदम पर बढ़ रहे हैं?

क्या देश नीतीश में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह वाली छवि देख रही है!
मीडिया के एक सवाल के जवाब में ललन सिंह ने कहा था कि नीतीश कुमार को फूलपुर और मिर्जापुर के साथ साथ कई जगह से चुनाव लड़ने का संदेशा आया है लेकिन लोकसभा चुनाव में अभी बहुत वक्त है और नीतीश जी चुनाव लड़ेंगे इस पर अभी तक कोई विचार नहीं हुआ है इसलिए इस तरह के सवाल का कोई मतलब नहीं है।

लेकिन मीडिया ने इस खबर को ऐसा परोसा मानो ललन सिंह ने फूलपुर से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दिया खबर ब्रेक होते ही राष्ट्रीय मीडिया में भूचाल आ गया शाम का सारा प्राइम डिबेट फूलपुर पर आकर ठहर गया देखते देखते सारा राष्ट्रीय चैनल फुलपूर की और प्रस्थान कर गया और गांव गांव ,चौक चौक पर लोगों से सवाल करने लगा नीतीश चुनाव लड़ने आ रहे हैं, आपकी क्या राय है।

खबरे भले ही 2024 का नब्ज टोटलने को लेकर जदयू द्वारा प्रायोजित किया गया था लेकिन मीडिया जब फूलपुर पहुंची तो ऐसे लगा जैसे उनके पहुंचने से पहले गांव गांव मे नीतीश के चुनाव लड़ने की चर्चा शुरु हो गयी है, सारे चैनल के रिपोर्ट को देखे तो बिहार से कही ज्यादा यूपी वाले इस खबर को लेकर उत्साहित हैं।

एक राष्ट्रीय चैनस का पत्रकार चलते चलते एक दरवाजे पर रुकता है और वहां बैठे लोगोंं से सवाल करता है नीतीश आ रहे हैं क्उया कहना है आपका उस व्यक्ति ने नीतीश के सहारे जो बाते कही रिपोर्टर साहब सोच में पड़ गये, गांव वालों ने गठबंधन अभी हुआ भी नहीं है लेकिन नाम भी रख दिया संयुक्त मोर्चा के उम्मीदवार नीतीश जी आय़ेंगे तो मोदी जी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा । जिस अंदाज में वहां बैठे लोग बोल रहे थे कि रिपोर्टर को रहा नहीं गया और उक्त व्यक्ति की जाति जानने के लिए नाम पुंछ डाला वहां बैठे सारे के सारे व्यक्ति ब्राह्मण थे रिपोर्टर हैरान आप लोग नीतीश की तारीफ कर रहे हैं मतलब नीतीश के नाम की चर्चा के साथ ही यूपी की राजनीति में भी एक अलग तरह माहौल अभी से ही बनना शुरू हो गया । इस खबर को जिस तरीके से राष्ट्रीय मीडिया ने कवर किया है अगर लड़ाई आमने सामने हुई तो मोदी का मीडिया मैनेजमेंट बहुत प्रभावित नहीं कर सकता है ऐसा नीतीश के बिहार से बाहर निकलने के बाद दिखने लगा है ।

Nitish Kumar

वैसे अधिकांश मीडिया हाउस के टॉप लेवल पर कोई ना कोई है जिनसे नीतीश कुमार को बेहतर रिश्ता रहा हैं साथ ही मोदी से जो प्रताड़ित वर्ग है वो पूरी तौर पर नीतीश के साथ होते जा रहा है जिस वजह से नीतीश को राष्ट्रीय स्तर पर फंड से लेकर अन्य स्रोतों तक पहुंच काफी तेजी से बढ़ती जा रही है फिर भी नीतीश काफी सावधान है और इस इमेज से बचना चाह रहे हैं कि नीतीश कुमार 2024 के पीएम उम्मीदवार है क्योंकि उनको पता है जब तक विपक्ष अलग अलग रहेंगा इसका कोई मतलब नहीं है।

इसलिए नीतीश कुमार की कोशिश यह है कि वीपी सिंह के नेतृत्व में जिस तरीके से 1989 में देश के सभी विपक्षी पार्टियां एक साथ मिलाकर जनता दल बनाया था ठीक उसी तरह से पहले देश स्तर पर बिखरे सारे विपक्ष को एक दल में विलय करा जाए ताकि टुकड़े टुकड़े में जीत कर आने के बाद पीएम पद की दावेदारी में वो मजबूती नहीं रहेंंगी जैसे विलय के बाद एक दल के रूप में जीत कर आने के बाद वो मजबूती नहीं रहेंगी इसलिए मीडिया जब फूलपुर से चुनाव लड़ने की बात कि तो नीतीश सिरे से खारिज कर दिया और कहां कि मेरी प्राथमिकता विपक्ष को पहले एक करना है ।

हालांकि जो खबर आ रही है राजद,जेडीएस और ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी से सहमति दे दी है और सपा से बातचीत चल रही है वैसे कल युवा चेहरे को आगे करने की बात कर नीतीश ने एक बड़ा दाव खेल दिया है वैसे 25 सितंबर को देवीलाल के जयंती के मौके पर आयोजित रैली में विपक्षी एकता को लेकर बड़ी घोषणा हो सकती है।

भारत में सुप्रीम और हाईकोर्ट में जजों की बहाली में कालेजियम की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है: योगेश चंद्र वर्मा

भारत में न्यायपालिका की स्वतन्त्रता,पारदर्शिता और निष्पक्षता को पूरी दुनिया में सराहा और माना जाता है। भारतीय न्यायपालिका की प्रतिष्ठा और मर्यादा को बढ़ाने में यहाँ के जजों और वकीलों की काफी बड़ी भूमिका है।

पटना हाईकोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष व वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि भारत में सुप्रीम और हाईकोर्ट में जजों की बहाली में कालेजियम की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जजों की योग्यता,क्षमता और कानूनी ज्ञान के मद्देनजर ही जजों की नियुक्ति होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए अपनाए गए वर्तमान कॉलेजियम व्यवस्था में पर सवाल खड़ा करते हुए इसे अपारदर्शी व अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में कॉलेजियम नाम की कोई व्यवस्था ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के जरिये समाज के सभी लोगों को प्रतिनिधित्व उनके सक्षम होने के बावजूद नहीं मिल पाता है, क्योंकि उनके नामों को आगे बढ़ाने वाला कोई नहीं होता है। श्री वर्मा ने आगे कहा कि संविधान के अनुसार न्यायपालिका को स्वतंत्र,स्वतन्त्रता और पारदर्शिता होनी चाहिए।

लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि न्यायपालिका में जो नियुक्तियां हो रही है, वह प्रभावित प्रतीत होता हैं।संभवतः इस कारण जजों की बहाली में स्वतन्त्रता और पारदर्शिता में कमी नज़र आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि जजों की बहाली में जो वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक बदलाव जरूरी हैं।जजों नियुक्तियों की व्यवस्था में वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश किये जाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि जजों की नियुक्ति के ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए,जिसमें समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जजों की बहाली में हर तबके के वकीलों के बेस्ट ब्रेन को ध्यान में रखा जाए।साथ ही वर्तमान में जजों की सेवानिवृति की उम्र सीमा बढ़ाने की आवश्यकता नहीं लग रही हैं।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में अवैध रूप से चलने वाले ईंट भट्टे से होने वाले प्रदूषण के मामलें पर सुनवाई की

अनमोल कुमार की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने करते हुए सख्त टिप्पणी की।

कोर्ट ने कहा कि आपने सभी 102 ईट भट्टों को बंद करा दिया,लेकिन आपके होते हुए इतनी बड़ी संख्या में ये ईट भट्टे चल कैसे रहे थे।बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर कोर्ट को बताया गया कि अवैध रूप से चल रहे 102 ईट भट्टे को बंद करा दिया गया।

साथ ही ये भी कोर्ट से ये भी कहा गया कि आगे अगर ऐसे
अवैध रूप से ईट भट्टे चालू पाये गए,तो उन्हें तत्काल बंद करा दिया जाएगा तथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एमिकस क्यूरी अधिवक्ता शिल्पी केशरी ने कोर्ट को बताया कि राज्य में ईट भट्टे चलाने के क्रम में नियमों का खुला उल्लंघन किया गया।उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में तो ईट भट्टे ऐसे भी बंद ही रहते है।

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उन्होंने कहा कि इन ईट भट्टे से होने वाले प्रदूषण के कारण वातावरण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता हैं।

इस मामलें पर फिर अगली सुनवाई 29 सितम्बर,2022 को की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में पुलिस द्वारा सही ढंग और स्तरीय जांच नहीं किये जाने के कारण अपराधियों के सजा से बच जाने के मामलें पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया

जस्टिस अश्विनि कुमार सिंह की खंडपीठ ने अधिवक्ता ओम प्रकाश की जनहित याचिका पर सुनवाई की।

कोर्ट ने मामलें पर सुनवाई करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में अपराधियों के सजा पाने से बच जाने के कारण लोगों का आपराधिक न्याय व्यवस्था पर विश्वास कम होते जा रहा है।पुलिस अधिकारियों द्वारा किये जा रहे जांच में त्रुटियों और कमी के कारण अपराधियों को सजा से बच जाते है।

बिहार पुलिस एकेडमी के निदेशक ने कोर्ट को बताया कि पुलिस अधिकारियों को जांच और अन्य आपराधिक मामलों को सुलझाने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है।उनका समय समय पर परीक्षा ली जाती हैं और उनके प्रगति का मूल्यांकन होता है।इसमें लगातार सुधार किया जा रहा हैं।

पुलिस आधुनकिकरण के ए डी जी के के सिंह ने कोर्ट को बताया कि पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण और त्रुटियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि संसाधनों की कमी के कारण भी समस्याएं हैं।फॉरेंसिक लेबोरेट्री में आवश्यक सुधार और सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत हैं।एक फॉरेंसिक लैब पटना में है।दो क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैब मुजफ्फरपुर और भागलपुर में भी है।दरभंगा में फॉरेंसिक लैब की स्थापना होने जा रहा है।

कोर्ट ने कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था को प्रभावी ढंग से जारी रखने के लिए पुलिसकर्मियों सही ढंग से प्रशिक्षित करने की जरूरत हैं।साथ ही उनकी जांच में जिम्मेदारी तय करना भी आवश्यक है।

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बिहार सरकार के एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि अपराधियों को सजा देने का अनुपात बढ़े।पुलिस कि संवेदनशील बनाने के साथ ही उनकी कार्यक्षमता और कुशलता बढ़ाने के समय समय पर वर्कशॉप का आयोजन किया जाए

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि पुलिस के जांच की स्तर सुधारने के लिए क्या हो रहा हैं।कोर्ट ने राज्य पुलिस द्वारा सही ढंग, वैज्ञानिक और स्तरीय जांच नहीं करने के कारण अपराधियों को सजा नहीं मिलने पर गहरी चिंता जाहिर की थी।

उन्होंने कहा था कि जहां पुलिस अधिकारियों को सही ढंग से आपराधिक मामलों की जांच के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।सही तरीके से जांच करने,ठोस सबूत और पक्के गवाह उपलब्ध कराने पर ही अपराधियों को कोर्ट द्वारा सजा दी जा सकेगी।

कोर्ट ने कहा था कि जबतक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी,कोई भी सुरक्षित नहीं रह सकता हैं।इसके लिए आवश्यक है कि पुलिस के जांच आधुनिक,स्तरीय और वैज्ञानिक हो,जिसमें अपराधियों को सजा मिलना सुनिश्चित हो।

पटना हाईकोर्ट ने शराबबन्दी कानून के तहत जब्त गाड़ियों को छुड़ाने हेतु बढ़ रहे रिट याचिकाओं की बढ़ती संख्या पर नाराजगी जाहिर की

चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।

कोर्ट ने इस स्थिति पर सख़्त टिप्पणी करते हुए राज्य के उत्पाद आयुक्त को निर्देश दिया कि वो एक हफ्ते मे कोर्ट को विस्तृत आंकड़े दे, जिसमे ये जानकारियां हो कि पिछले तीन माह मे राज्य मे कितने लोगों को शराबबन्दी कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है।

साथ ही कोर्ट को यह भी बताना है की हरेक ज़िलों मे ज़ब्त हुई गाड़ियों के जब्ती हेतु कितने मामले लम्बित पड़े हैं ।कोर्ट ने यूनाइटेड स्पिरिट्स की रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये आदेश पारित किया।

कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि महज देढ़ लीटर शराब पाए जाने पर पूरे गाड़ी को सालों भर जब्त कर रखा जाना न्यायसंगत है क्या। साथ ही उसे छुड़ाने हेतु दायर आवेदन को कलेक्टर एक घिसे पिटे ढंग से रद्द कर देते है।

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कलेक्टर के आदेश को ही अपीलीय और रिविजिनल प्राधिकार बिना विवेक का इस्तमाल किये और घिसे पिटे तरीके से संपुष्ट कर देते हैं।

अपील और रिविजन के आदेश समान ही दिखते है , कलेक्टर के आदेश से ऐसा मेल खाते हैं। जो त्रुटि कलेक्टर के आदेश मे दिखती है, वही गलती अपील व रिविजन प्राधिकार के आदेश में भी नजर आती है।
मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

पटना हाईकोर्ट में बिहार के गर्भाशय घोटाले के मामलें पर सुनवाई अब 20 सितम्बर,2022 को होगी

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव को अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा हलफनामा पर दायर करने का निर्देश दिया था।जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह की खंडपीठ ने वेटरन फोरम की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।

कोर्ट ने मुख्य सचिव को ये भी बताने को कहा था कि आगे इस मामलें में क्या कार्रवाई करने की योजना है। कोर्ट में उपस्थित एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि इस जनहित याचिका में दिए गए तथ्य वास्तविक नहीं हैं।

उन्होंने बताया था कि बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष साढ़े चार सौ इस तरह के मामलें आए थे। राज्य सरकार के जांच के बाद नौ जिलों में गर्भाशय निकाले जाने के सात सौ दो मामलें आए थे।

इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई और आगे की कार्रवाई चल रही है।उन्होंने कोर्ट को बताया था कि पीड़ित महिलाओं को क्षतिपूर्ति राज्य सरकार ने पचास पचास हजार रुपये पहले ही दे दिए।इसके बाद बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने आदेश दिया था कि यह राशि बढ़ा कर डेढ़ और ढाई लाख रुपए बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाए।

महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया था कि क्षतिपूर्ति की राशि देने के लिए राज्य सरकार ने 5.89 करोड़ रुपए निर्गत कर दिए गए है।

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कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा कि किन किन धाराओं के दोषियों के विरुद्ध मामलें दर्ज किये गए।मानव शरीर से बिना सहमति के अंग निकाला जाना गंभीर अपराध है।इसलिए उनके विरुद्ध नियमों के तहत ही धाराएं लगानी जानी चाहिए।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया था कि सबसे पहले ये मामला मानवाधिकार आयोग के समक्ष 2012 में लाया गया था।2017 में पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका वेटरन फोरम ने दायर किया गया था।

इसमें ये आरोप लगाया गया था कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का गलत लाभ उठाने के लिए बिहार के विभिन्न अस्पतालों/डॉक्टरों द्वारा बड़ी तादाद में बगैर महिलाओं की सहमति के ऑपरेशन कर गर्भाशय निकाल लिए गए थे।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 20सितम्बर,2022 को की जाएगी।

मुजफ्फरपुर में दिनदहाड़े बैंक से 15 लाख की लूट, गोबरसही में ICICI बैंक में तीन अपराधियों ने दिया घटना को अंजाम

मुजफ्फरपुर । मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही में बैंक लूट की बड़ी घटना को अपराधियों ने अंजाम दिया है। गोबरसही के ICICI बैंक में हथियारबंद तीन अपराधीयों ने बैंककर्मियों को बंधक बनाकर 15 लाख से अधिकारी रूपये लूट लिए और फरार हो गए।

घटना के बाद मौके पर पहुंची सदर थाना की पुलिस मामले की जांच कर रही है. वहीं नगर डीएसपी रामनरेश पासवान ने भी बैंक जाकर घटना की जानकारी ले रहें हैं. उन्होंने बताया कि 15 से 16 लाख रूपये लूट की बात सामने आई है, फिलहाल मामले की जांच कर रहें हैं।

वहीं ब्राँच की डिप्टी मैनेजर सुनीता कुमारी ने बताया कि जब वो फिल्ड से बैंक में लौटी तो तीन की संख्या में अपराधी अंदर पहुंचे हुए थे और सबको बंधक बना चुके थे, काउंटर पर रखा कारोबार 14 लाख और अन्य ग्राहकों के पैसे लेकर अपराधी फरार हो गए।

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पटना हाईकोर्ट में राज्य में पुलिस द्वारा सही ढंग और स्तरीय जांच नहीं किये जाने के मामलें पर सुनवाई कल तक के लिए टल गई

जस्टिस अश्विनि कुमार सिंह की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई कर रही है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि पुलिस के जांच की स्तर सुधारने के लिए क्या हो रहा हैं।कोर्ट ने राज्य पुलिस द्वारा सही ढंग, वैज्ञानिक और स्तरीय जांच नहीं करने के कारण अपराधियों को सजा नहीं मिलने पर गहरी चिंता जाहिर की थी।

कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि पुलिस द्वारा जांच में त्रुटि और कमियों के कारण बड़ी संख्या में अपराधी सजा पाने से बच जाते है।कोर्ट ने इस पर काफी गंभीर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह के जांच से अपराधियों को सजा नहीं मिल पाना गलत संदेश जाता है।

उन्होंने कहा था कि जहां पुलिस अधिकारियों को सही ढंग से आपराधिक मामलों की जांच के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।सही तरीके से जांच करने,ठोस सबूत और पक्के गवाह उपलब्ध कराने पर ही अपराधियों को कोर्ट द्वारा सजा दी जा सकेगी।

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कोर्ट ने सही ढंग से पुलिस द्वारा जांच नहीं करने,ठोस सबूत और गवाहियां प्रस्तुत करने पर अपराधियों के सजा से बच जाने के उदाहरण भी दिया।ऐसा ही मामला गोपालगंज जहरीली शराब पीने से हुए मौत का मामला है,जहां पुलिस जांच में कमियों के कारण कई अभियुक्त सजा से बच गये थे।

कोर्ट ने कहा कि जबतक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी,कोई भी सुरक्षित नहीं रह सकता हैं।इसके लिए आवश्यक है कि पुलिस के जांच आधुनिक,स्तरीय और वैज्ञानिक हो,जिसमें अपराधियों को सजा मिलना सुनिश्चित हो।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 20 सितम्बर,2022 को की जाएगी।

शाह ने नीतीश की घेरेबंदी शुरु की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल के सहारे लोकसभा 2024 का आगाज करने 23 और 24 सितंबर को पूर्णिया और किशनगंज के दौरा पर आ रहे हैं स्वाभाविक है यह इलाका बीजेपी के हिन्दू मुस्लिम नैरेटिव में पूरी तरह से फिट बैठता है।
ऐसे में नीतीश कुमार के अलग होने के बाद बिहार की राजनीति में बने रहने के लिए अभी से ही यूपी की तरह यहां भी कैराना की खोज बीजेपी ने शुरु कर दी है हालांकि सीमांचल के अररिया, किशनगंज कटिहार और पूर्णिया इलाके में बीजेपी की पकड़ मजबूत हो इसके लिए संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 1981 से ही कोशिश कर रहा है लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिली है।

वैसे बीजेपी का कोई बड़ा नेता पहली बार बिहार के इन इलाकों में सेंधमारी करने की मुहिम शुरू करने जा रहा है कितना सफल होगा कहना मुश्किल है लेकिन पहली बार बड़ी कोशिश शुरु होने वाली है ये जरूर दिख रहा है और निशाने पर नीतीश है । क्यों कि इस इलाके में अभी भी नीतीश की पकड़ मजबूत है पिछले विधानसभा चुनाव में इन्ही इलाकों मेंं चिराग फैक्टर भी प्रभावी नहीं रहा था। सीमांचल के चुनावी समीकरण की बात करे तो यहां चार लोकसभा क्षेत्र हैंं जहां बिहार का सर्वाधिक मुस्लिम वोटर है ।किशनगंज यहां मुस्लिम वोटरों की संख्या 67 फीसदी है, कटिहार जहां मुस्लिम वोटर की संख्या 38 फीसदी, अररिया जहां 32 फीसदी है और पूर्णिया जहां 30 फीसदी मुस्लिम आबादी है।

इन लोकसभा क्षेत्र की बात करे तो एनडीए के साथ जब जब नीतीश साथ रहे 2009 के लोकसभा चुनाव में और 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए जीत हासिल की है । नीतीश अकेले चुनाव लड़े तो 2014 के मोदी लहर में भी ये सारी सीटें बीजेपी हार गयी थी ,मतलब इन इलाको में मुस्लिम वोटर के अलावे बड़ी संख्या में अति पिछड़ा वोटर है और जब तक अति पिछड़ा वोटर को साधने में बीजेपी कामयाब नहीं हो जाती है तब तक बहुत मुश्किल है इन इलाकों में बीजेपी की वापस । वैसे ये जो इलाका है पूरी तौर पर कृषि आधारित इलाका है और शहरीकरण नहीं के बड़ाबड़ हुआ है ।वहीं यादव जो हिन्दू में मजबूत तबका है उसमें अभी भी लालू परिवार का तिलिस्म पूरी तौर पर खत्म नहीं हुआ है यू कहे तो अभी भी मजबूत स्थिति में है ऐसे में इन इलाकों में हिन्दू मुस्लिम नैरेटिव को आगे बढ़ना बहुत ही मुश्किल है साथ ही इन इलाकों में बीजेपी का वैसा जमीनी नेता पिछड़ी और अति पिछड़ी जाति में नहीं है जो माहौल बना सके ।

अररिया के सांसद जरुर अति पिछड़ी जाति से आते हैं लेकिन वो उतने प्रभावी नहीं हैं और क्षेत्र से भी बाहर ही रहते हैं ।वैसे यह इलाका कभी राजद का गढ़ माना जाता था लेकिन नीतीश कुमार यादव के खिलाफ अति पिछड़ों की राजनीति करके राजद को इन इलाकों से सफाया कर दिया था और अभी भी जदयू का सबसे मजबूत किला यही इलाका है, कटिहार और पूर्णिया में जदयू का सांसद है और आज भी जदयू का सबसे अधिक विधायक इन्ही इलाकों से जीत कर आया है ।इसलिए बीजेपी के लिए और भी बड़ा चुनौती है क्यों कि नीतीश कुमार के साथ जो वोटर है उसको हिन्दू मुस्लिम नैरेटिव में बांटना यादव की तुलना में मुश्किल है वैसे अमित शाह की यात्रा को लेकर जदयू कुछ ज्यादा ही सचेत है क्योंकि उन्हें पता है कि इस इलाके में नीतीश की पकड़ कमजोर हुई तो नीतीश की सियासत ही खत्म हो जायेंगी और यही वजह है कि अमित शाह के दौरा के बाद महागठबंधन इन इलाकों में गांव गांव में सम्मेलन करने का निर्णय लिया है।

हाजीपुर के जोहरी बाजार स्थित नर्सिंग होम में लगी आग, अफरा-तफरी का माहौल

बड़ी खबर हाजीपुर से है जहां नगर थाना क्षेत्र के जोहरी बाजार स्थित एक निजी नर्सिंग होम में अचानक आग लग जाने से अफरा-तफरी मच गई है। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।

हाजीपुर का जोहरी बाजार मैं दर्जनों निजी नर्सिंग होम है और यहां सैकड़ों मरीज और उनके परिजन कई नर्सिंग होम में है। ऐसे में आग लगने से अफरा तफरी मच गया है.आग धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है लेकिन अभी तक मौके पर न तो नगर थाना के पुलिस पहुंची है और ना ही दमकल की गाड़ियां. हालांकि आग से किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है।

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आसपास के लोग और निजी नर्सिंग होम के लोग खुद से ही आग पर नियंत्रण करने का प्रयास कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले ही यह नया निजी नर्सिंग होम खोला गया था। जहां अचानक आग लगी है। आग लगने की सूचना के बाद मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए हैं।

वहीं आसपास के नर्सिंग होम से भी लोग भयभीत होकर बाहर निकल रहे हैं।

बीच सड़क पर गुत्थम गुत्था हुईं कोचिंग की दो छात्राएं, वीडियो हो रहा वायरल

छपरा में परसा के दरोगा राय चौक से पीछे उत्तर गली चेतन परसा रोड स्थित कोचिंग सेंटर की दो छात्राएं बीच सड़क पर्वआपस में लड़ने लगी। छात्राओं ने सड़क पर एक-दूसरे की मारपीट की उसी दौरान तमाशबीन छात्रों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

घटना के सम्बंध में स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि चेतन परसा रोड में संचलित एक्सलेंट कोचिंग के नीचे छात्राएं क्लास अटैंड करने बाद बाहर निकलीं तो दोनों लड़कियों के बीच किसी बात को लेकर नोंकझाेंक हुई। एक छात्रा ने दूसरी छात्रा को थप्पड़ मारा तो दोनों के बीच सिर के बाल पकड़कर मारपीट शुरू हाे गई।

छात्राओं के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

बिहार के मुजफ्फरपुर में पंखे से लटककर छात्रा ने की आत्महत्या

मुजफ्फरपुर । पंखे से लटककर छात्रा ने की आत्महत्या। बेतिया की रहने वाली 25 वर्षीय सलोनी ने मुजफ्फरपुर में किराए के मकान में दी जान ।

बीएड का फॉर्म भरने के नाम पर निकली थी छात्रा। मुजफ्फरपुर के काजीमुहम्मदपुर थाना क्षेत्र के रामदयालु मुक्तिनाथ मंदिर के निकट की घटना।

पुलीस ने दरवाजा तोड़कर निकाला शव, पंखे से लटक रहा था शव। सुसाइड नोट भी बरामद – हम अच्छी बेटी नहीं बन पाए।

hang dead

शव को पोस्टमार्टम के लिए SKMCH भेजा गया।

एक लाख का इनामी नक्सली गोपाल बक्सर स्टेशन से गिरफ्तार, एसटीएफ की स्पेशल टीम ने किया गिरफ्तार

बिहार सरकार द्वारा घोषित एक लाख का इनामी का कुख्यात हार्डकोर नक्सली गोपाल दास को बक्सर स्टेशन के आसपास से शनिवार को गुप्त सूचना के आधार पर मुंगेर एसपी जग्गू नाथ रेड्डी जला रेड्डी के नेतृत्व में एएसपी अभियान कुणाल कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ विशेष टीम ने गिरफ्तार किया ।

कई नक्सली कांडों में पुलिस को इसकी थी तलाश । एएसपी अभियान कुणाल कुमार एवं हवेली खड़गपुर डीएसपी राकेश कुमार ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार हार्डकोर नक्सली बीएमपी कैंप पे हमला के साथ साथ वर्ष 2018 में मुंगेर जिला के हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र में रामकृपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के चार नजदुरों का फिरौती हेतु अपहरण किया गया था। तथा कंपनी के चार पोकलेन, दो हाईवा एवं एक मोटरसाइकिल को जला दिया था।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नक्सली के विरुद्ध हवेली खड़गपुर थाना सहित अन्य कई थानों में भी 1 दर्जन से अधिक कांड में नाम दर्ज है। जिसे पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बक्सर से गिरफ्तार कर लिया गया ।

अब पुलिस अन्य कई कांडों में इसकी संलिप्ता को ले पुछ ताछ करने में जुटी हुई है। बिहार सरकार ने इस हार्ड कोर नक्सली पे एक लाख का इनाम भी रखा हुआ था ।

मिशन 2024 की सफलता के लिए नीतीश को अपनी छवि बनाए रखनी होगी

मिशन 2024 की सफलता बिहार के कानून व्यवस्था की स्थिति पर निर्भर करेगा ।
—–बेगूसराय की घटना सरकार के साख पर सवाल है—–

बेगूसराय फायरिंग मामले की जांच के दौरान बिहार पुलिस मेंं प्रोफेशनलिज्म की कमी साफ देखने को मिला,ऐसे में मेरे जैसे व्यक्ति के लिए जो बिहार की पुलिसिंग पर खास नजर रखती है बेहद चिंता का विषय है।इस घटना के जांच के दौरान पुलिस की जो प्रवृत्ति देखी गयी है उससे आने वाले समय में अब हर घटना को जाति के चश्मे से देखने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और इसका प्रभाव राज्य के कानून व्यवस्था पर पड़ेगा यह तय है।

बेगूसराय फायरिंग मामले मेंं गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ साक्ष्य है लेकिन उस साक्ष्य को लेकर जिस स्तर तक पुलिस को काम करने कि जरुरत थी उसमें साफ कमी देखने को मिल रही है और इसका असर यह हुआ कि पुलिस बेगुनाह लोगों को जेल भेज दिया है ऐसी बात चर्चा में आनी शुरु हो गयी है और इस घटना में जो अपराधी शामिल है उसको पुलिस बचा रही है।

घटना 13 तारीख के शाम की है बेगूसराय पुलिस का हाल यह था कि 24 घंटे तक वो अंधेरे में ही तीर चला रहा था ,14 तारीख की शाम को पुलिस ने दो तस्वीर जारी किया और कहा कि यही वो चार अपराधी जो दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर इस घटना को अंजाम दिया है। इतने महत्वपूर्ण केस में 15 तारीख की शाम मीडिया में खबर आने लगी कि इस कांड में शामिल अपराधी पकड़े गये और इस घटना में शामिल अपराधियों का नाम क्या है यह भी मीडिया में चलने लगा जबकि उस समय तक सभी कि गिरफ्तारी भी नहीं हुई थी उन अपराधियों का नाम कैसे बाहर आ गया बड़ा सवाल है।

फिर 16 तारीख के अहले सुबह बेगूसराय पुलिस के इनपुट पर झाझा रेलवे स्टेशन पर तैनात जीआरपी ने केशव उर्फ नागा को पकड़ा जो इस मामले की सबसे बड़ी गिरफ्तारी थी क्यों कि उससे पूछताछ के दौरान इस घटना के पीछे का खेल सामने आ सकता था लेकिन हुआ क्या जीआरपी थाना के प्रभारी फोटो खिंचवा कर 5 बजे सुबह में ही मीडिया को तस्वीर के साथ उसके गिरफ्तारी को सार्वजनिक कर दिया और मीडिया को फोनिंग देने लगा इसका असर यह हुआ कि 10 बजे नागा गैंग से जुड़े लोग बिहट चौक पर स्थित कुणाल लाइन होटल के सीसीटीव का फुटेज जारी कर बेगूसराय पुलिस की पूरी कार्रवाई पर ही सवाल खड़ा कर दिया।

देखिए जिसको पुलिस सूटर बता रही है वो घटना के समय लाइन होटल पर बैठा हुआ है जैसे ही यह खबर मीडिया में आयी बेगूसराय पुलिस सकते में आ गया और फिर पूछताछ छोड़ कर कितनी जल्दी इसको जेल भेजा जाए इस पर काम करना शुरू कर दिया ।

इसका असर यह हुआ कि केस का पूरी तौर पर खुलासा नहीं हो पाया बहुत सारी बाते सामने नहीं आ सकी और इस वजह से एसपी के सामने प्रेस रिलीज पढ़ने के अलावे को दूसरा चारा नहीं था । क्यों कि उनके पास क्रॉस क्यूसचन का जवाब नहीं था यही स्थिति एडीजीपी मुख्यालय का रहा मीडिया वाले सवाल करते रहे गिरफ्तार अपराधियों में गोली चलाने वाला कौन था नाम तक बताने कि स्थिति में वो नहीं थे ,केशव उर्फ नागा के होटल में बैठे होने कि बात सीसीटीवी में कैद होने पर सवाल किया गया तो कहां गया ये सब घटना की साजिश में शामिल थे, साजिश क्या है तो यह अनुसंधान का मसला है इस तरह से सवाल जवाब ने पुलिस के कार्रवाई को और भी संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया और सुशील मोदी और गिरिराज सिंह जैसे नेताओं को इस मामले की सीबीआई और एनआईए से जांच की मांग करने का मौका मिल गया।

इतने संवेदनशील मामले में इससे पहले कभी भी इस तरह की बाते देखने को नहीं मिली है पुलिस वाले सूचना लीक कर रहे थे और झाझा जीआरपी ने तो हद कर दी तस्वीर तक जारी कर दिया जो दिखाता है कि बिहार पुलिस की कार्य प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।

याद करिए 1995 से 2005 का दौर राज्य में जो भी आपराधिक घटना घटित होता था सरकार उसको जाति से जोड़ देता था इस वजह से बिहार की पुलिसिंग धीरे धीरे कमजोर होती चली गयी वही सरकार के इस प्रवृत्ति का लाभ उठाते हुए अपराधियों ने भी अपने अपराध को छुपाने के लिए पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए जाति से जोड़ना शुरू कर दिया और धीरे धीरे पूरी व्यवस्था जाति के आधार पर एक दूसरे के साथ खड़े होने लगी और उसी का असर था कि बिहार की कानून व्यवस्था पटरी से उतर गया।

नीतीश कुमार इसी व्यवस्था पर चोट करके राज्य में कानून का राज्य स्थापित करने में कामयाब रहे थे लेकिन पहली बार वो किसी घटना को जातिवादी आधार से जोड़ते हुए बयान दिया और इसका असर बेगूसराय फायरिंग मामले में पुलिस के कार्यशैली पर साफ दिखाई दिया है।

हालांकि इसके लिए सिर्फ लालू प्रसाद या नीतीश कुमार ही जिम्मेवार नहीं है सुशील मोदी और गिरिराज सिंह जैसे नेता के साथ साथ यहां के सवर्णवादी मानसिकता वाले जो लोग है वो भी कम जिम्मेदार नहीं है क्योंकि उनको भी इसी तरह की राजनीति सूट करता है ।

बेगूसराय की घटना पूरी तरह से अपराधिक घटना है और सरकार या फिर किसी जिले में एसपी बदलने के बाद अपराधियों की यह प्रवृत्ति रही है कि इस तरह की घटना करके वह देखना चाहता है कि सरकार और पुलिस प्रशासन की सोच क्या है ।
याद करिए नीतीश कुमार 2005 में जब सत्ता में आये थे तो शुरुआती एक वर्ष तक किस तरीके से अपराधी सरकार को लगातार चुनौती दे रहे थे लेकिन जैसे ही अपराधियों को यह समझ में आ गया कि सरकार,कोर्ट और सत्ता में बैठे अपनी जाति वाले अधिकारियों से अब मदद मिलने वाली नहीं है स्थिति धीरे धीरे सुधरने लगी।

लेकिन बेगूसराय की घटना के बाद अपराधी और असामाजिक तत्व एक बार फिर से सिस्टम में बैठे अधिकारियों और नेताओं पर दबाव बनाना शुरु कर सकते हैं इस उदाहरण के साथ की मेरे साथ जाति के आधार पर भेदभाव हो रहा है हालांकि इस सोच को कितना बल मिलेगा यह कहना मुश्किल है लेकिन इन नेताओं की यही कोशिश होगी कि इस आधार पर समाज को बांटा जाये।

छपरा में अपराधियों ने पुलिस को बनाया निशाना, 2 कॉन्स्टेबल को चाकू मारकर किया घायल

बड़ी खबर छपरा से आ रही है जहां बेखौफ अपराधियों ने पुलिस पर हमला किया है। पुलिस गिरफ्त से दो सिपाहियों को चाकू मारकर अपराधी फरार हो गए है।

घायल दोनों सिपाहियों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों का नाम अजीत यादव और विवेकानंद बताया जा रहा है। एसपी सियाली धुरत सदर अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जान रही हैं।

छपरा में यह कोई पहली घटना नहीं है 3 साल पहले भी अपराधियों ने मढ़ौरा थाना क्षेत्र में बड़ी घटना को अंजाम दिया था।अपराधियों को गिरफ्तार करने गई एसआईटी टीम पर अपराधियों ने गोलीबारी कर दी थी जिसमें एक दरोगा और एक सिपाही शहीद हो गए थे।

शहीद हुए दरोगा का नाम मिथिलेश कुमार एवं शहीद हुए सिपाही का नाम फारुख अहमद था.वही दो अन्य सिपाही घायल हुए थे।

एक बार फिर इस तरह की घटना से शहर में सनसनी फैल गई है।

मुजफ्फरपुर पुलिस को मिली सफलता, फाइनेंस कर्मी से लूट के अनसुलझे मामले को सुलझाया, तीन अपराधी गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर पुलिस ने कटरा थाना क्षेत्र में एक फाइनेंस कंपनी के कर्मी साथ हुई लूट का उद्भेदन करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ़्तार किया है. इनके पास से दो लोडेड देशी कट्टा, कारतूस, टैब और ₹25000 बरामद किए हैं।

दरअसल बीते सप्ताह कटरा थाना क्षेत्र के बड़का गांव के समीप तीन अज्ञात अपराधियों के द्वारा फाइनेंस कर्मी से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। ₹75000 लूट और टैब लिए गए जिसके बाद पुलिस ने पुलिस ने गुप्तचर लगाते हुए कार्रवाई की है।

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पुलिस को गुप्त सूचना मिली की एक बार फिर से अपराधी लूट की वारदात को अंजाम देने वाले हैं जिसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है जिनके पास से हथियार और टाइम के साथ लूट की रकम में से ₹25000 बरामद हुए हैं ।

इस पूरे मामले को लेकर एसएसपी जयंत कांत ने जानकारी दी है।

इश्कबाज बुड्ढे के चंगुल में फंसी थी नाबालिग, पुलिस ने लखनऊ से किया आरोपी को गिरफ्तार

जहानाबाद शहर के रामगढ़ मोहल्ला में रहने वाली और करीब दो माह पूर्व बहला-फुसलाकर 55 वर्षीय एक ट्यूशन शिक्षक के द्वारा अगवा की गई 14 वर्षीया छात्रा को नगर थाने की पुलिस ने लखनऊ से बरामद किया। साथ ही आरोपित को भी गिरफ्तार किया गया है।

लड़की के घर में दूध पहुंचाने वाला दिलीप उर्फ दीपक मुख्य रूप से अरवल जिला के कुर्था थाना अंतर्गत खेमकरण सराय का निवासी है जो शहर के निजामुद्दीनपुर मोहल्ला के रामानंद कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। समीप के ही रामगढ़ मोहल्ले में वह 14 वर्षीया एक लड़की के घर दूध पहुंचाने जाया करता था।

अगवा किए जाने के संबंध में छात्रा के पिता के बयान पर 13 जुलाई को नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। एसपी दीपक रंजन द्वारा गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान कर उक्त सफलता हासिल की। एसडीपीओ अशोक पांडे ने बरामदगी की पुष्टि करते हुए उक्त जानकारियां दी।

खबर के अनुसार बच्ची के घर आते जाते अचानक वह नाबालिग लड़की को लेकर लापता हो गया। लड़की के परिजनों ने काफी खोजबीन की बाद में लड़की के पिता के बयान पर नगर थाने में मामला दर्ज करने के बाद पुलिस अनुसंधान कर रही थी। इसी क्रम में पुलिस को जानकारी हुई कि आरोपित शिक्षक लखनऊ के गोसाईगंज में रह रहा है।

तकनीकी अनुसंधान के तहत नगर थाने की टीम पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे और वहां की लोकल पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर लड़की को बरामद किया। साथ हीं आरोपित को भी गिरफ्तार किया गया। बरामद लड़की और गिरफ्तार शिक्षक को पुलिस जहानाबाद लायी। इस संबंध में आगे कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पटना हाईकोर्ट ने मधुबनी के एक अंचल अधिकारी पर कड़ा रुख अपनाते हुए अविलंब ससपेंड करने का निर्देश दिया

पटना हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में मधुबनी के एक अंचल अधिकारी पर कड़ा रुख अपनाते हुए मधुबनी के जिलाधिकारी को उन्हें अविलंब ससपेंड करने का निर्देश दिया है। जस्टिस मोहित कुमार शाह ने गोविंद नाथ झा की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया ।

यह मामला लखनौर के अंचल अधिकारी द्वारा ग़ैरक़ानूनी रूप अतिक्रमण केस चला कर याचिकाकर्ता पर नोटिस जारी करने से संबंधित है । कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मधुबनी के ज़िलाधिकारी को संबंधित अंचल अधिकारी के खिलाफ जांच करने और उचित विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया।

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साथ-साथ उसे तत्काल निलंबित कर इस हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को 2 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जिसमें विफल रहने पर जिलाधिकारी के वेतन पर रोक लगा दी जाएगी।