पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस के अचानक इस्तीफे पर गहरी चिंता जतायी है और केंद्र सरकार पर संवैधानिक परंपरा तोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल की नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण मामलों में राज्य सरकार से परामर्श की परंपरा रही है, लेकिन इस मामले में उनसे कोई परामर्श नहीं किया गया।
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से यह जानकारी दी गयी कि आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में उनसे स्थापित परंपरा के अनुसार कोई परामर्श नहीं किया गया, जो संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है।
ममता बनर्जी ने कहा कि इस तरह के कदम भारत के संविधान की भावना को कमजोर करते हैं और राज्यों की गरिमा को प्रभावित करते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह सहकारी संघवाद के सिद्धांतों का सम्मान करे और ऐसे एकतरफा फैसलों से बचे, जो लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करते हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि राज्यों की गरिमा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा बनाये रखना केंद्र और राज्य दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है, लेकिन संवैधानिक परंपराओं का सम्मान करना आवश्यक है।