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अभिनेता सोनू सूद ने किया सीमा की मदद का वादा; अब वह एक नहीं बल्कि दोनों पैरों से कूदकर स्कूल जाएगी

जिले के खैरा प्रखंड के फतेहपुर गांव की रहने वाली बच्ची सीमा की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया छाई हुई है। दो साल पहले एक दुर्घटना में एक पैर गंवा चुकी सीमा रोज एक पैर पर चलकर स्कूल एक किलोमीटर स्कूल जाती है।

वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो को देखने के बाद अभिनेता सोनू सूद आगे आए हैं। उन्होंने सीमा के मदद करने का भरोसा देते हुए ट्वीट किया कि अब यह अपने एक नहीं दोनों पैरों पर कूद कर स्कूल जाएगी। टिकट भेज रहा हूं, चलिए दोनों पैरों पर चलने का समय आ गया।

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शिवानंद तिवारी और सुशील मोदी के बीच चुनावी जंग जारी

सुशील मोदी की राजनीति अभी तक बालिग नहीं हो पाई. संभवतः इसीलिए इनकी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने बिहार की राजनीति से उनको अलग किया था।

जब दिल्ली ले जाए गए तो उनके भक्तों को उम्मीद थी कि बिहार में इतने लंबे समय तक वित्त विभाग को इन्होंने कुशलता से संभाला है. अब निर्मला सीतारमण की कुर्सी पर सुशील जी का बैठना तो पक्का ही है. लेकिन दिल्ली वालों ने तो इनके हल्केपन को पहचान कर ही बिहार को इनसे मुक्त कराया था. इसीलिए बिहार के मीडिया में बयान देने के लिए ही इनको छुट्टा छोड़ दिया है।

Modi-Tiwari

लालू जी के यहां छापेमारी के मामले में अपने को काबिल साबित करने की हड़बड़ी में सुशील जी अपनी दिल्ली सरकार को ही नाकाबिल साबित कर रहे हैं. उनका दावा है कि लालू जी के खिलाफ सीबीआई जाँच की माँग को मनमोहन सिंह ने दबा दिया था. लेकिन मनमोहन सिंह की सरकार तो 2014 में ही चली गई थी. उसके बाद से अब तक तो यानी आठ वर्षों से तो दिल्ली में बड़े मोदी जी की ही सरकार है. यह सरकार इतनी नाकाबिल है कि छह वर्षों दबे उस ज्ञापन को खोज निकालने में उसको आठ वर्ष लग गए. वह भी कब ! जब नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच दूरी घटती हुई नज़र आ रही है।

हमारा सवाल तो यही था. लालू यादव के यहाँ सीबीआई की छापेमारी कहीं नीतीश जी के लिए चेतावनी तो नहीं थी शिवानन्द

25 लाख के लालच में युवती ने गंवाए 70 हजार रुपये

जहानाबाद। शहर के रामनगर-विशुनगंज मोहल्ला की निवासी अंजली कुमारी नामक एक युवती एक जालसाज गिरोह का शिकार हो गई। 25 लाख रुपए पाने के लालच में उसने अपने घर-परिवार के 70 हजार रुपये गंवा दिए। रुपये नही मिलने पर जब उसे निराशा हुई और यह आभास हुआ कि वह किसी जालसाज की शिकार हो गयी है तो वह मां-भाई के डर से बचने के लिए 70 हजार रुपये की छिनतई किए जाने का ड्रामा किया लेकिन नगर थानाध्यक्ष निखिल कुमार ने त्वरित अनुसंधान कर मामले का खुलासा कर दिया। पूछताछ में पुलिस के समक्ष लड़की ने भी अपने साथ हुई जालसाजी को स्वीकार कर छिनतई की बात को नाटक बताया।

हुआ यह कि मंगलवार को अंजली कुमारी नामक लड़की शहर के अस्पताल मोड़ के समीप बाइक सवार उचक्कों के द्वारा 70 हजार रुपये की छिनतई किए जाने को लेकर सड़क पर रोने लगी। लोगों ने जब पूछताछ किया तो वह कहने लगी कि वह रुपए डाकघर में जमा करने जा रही थी। इसकी सूचना नगर थाने की पुलिस को मिली। उक्त दोनों पदाधिकारियों ने बारी-बारी से घटनास्थल अस्पताल मोड़ के समीप और उसके घर पहुंचकर लड़की के बारे में तहकीकात की। किसी ने भी घटनास्थल के पास छिनतई की कोई घटना होने के बारे में कुछ नहीं कहा। जब उक्त युवती से पुलिस ने गहराई से पूछताछ शुरू की तो वह हकीकत उगल दी।

खबर के अनुसार उक्त लड़की की फुआ के 20 हजार और उसके मां- भाई के 50 हजार रुपये घर में संग्रह कर रखे थे। भाई कड़ी मेहनत से कमाई कर रुपए संग्रह किए थे। घर में रुपए रहने की जानकारी अंजली को थी।

दरअसल, कुछ दिन पूर्व एक नंबर से लड़की के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया जिसमें जालसाज ने झांसा देकर उन्हें कहा कि आप 25 लाख रुपए इनाम जीती हैं। इतनी बड़ी राशि का नाम सुनते ही लड़की की बांछें खिल गई और वह जालसाज के चक्कर में पड़ गई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने एक अकाउंट नंबर दिया और उसपर 50 हजार रुपये जमा करने पर ही 25 लाख की राशि लड़की के खाते पर भेजे जाने का झांसा दिया। बिना कुछ सोचे समझे घर में रखे 50 हजार रुपये वह केनरा बैंक में जाकर उस खाते पर डाल दी जो जालसाज के द्वारा दिया गया था। जालसाज ने फिर से कॉल किया और 20 हजार रुपये और भेजने पर ही इनाम की राशि 25 लाख लड़की के खाते पर डालने की बात कही। युवती दोबारा उसके झांसे में पड़ गई और घर मे रखे 20 हजार रुपये और जालसाज के खाते में डाल दी। जब उसे पूरी तरह आभाष हो गया कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है तो घर परिवार का डर सताने लगा। भाई ,मां और फूआ के डर से एक नई साजिश रची और पोस्ट ऑफिस में रुपए जमा करने जाने के दौरान 70 हजार रुपये की छिनतई की घटना का रूप देने की नाकाम कोशिश की। पुलिस पदाधिकारियों ने अनुसंधान कर मामले को पूरी तरह साफ कर दिया।

नीतीश ने बीजेपी के सामने रखा शर्त

बिहार की राजनीति में पिछले एक सप्ताह से जारी उफान अब थमता हुआ प्रतीत हो रहा है ऐसा जदयू की और से दिखाने की कोशिश शुरु हो गयी है और इसके लिए जदयू कल से ही सहजता के साथ मीडिया के सवालों का जवाब देना भी शुरू कर दिया है और वही जो अक्सर होता है एक सप्ताह से जारी सियासी घमासान की खबर को फालतू करार कर जदयू के नेता मीडिया पर ही ठीकरा फोड़ने लगे हैं ।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इस सहजता के पीछे की वजह क्या है नीतीश आरसीपी सिंह के राज्यसभा भेजने को लेकर ललन सिंह और उपेन्द्र कुशवाहा को मनाने में कामयाब हो गये या फिर नीतीश कुमार की बीजेपी से जो मांग रही है अमित शाह को बिहार की राजनीति से अलग करे, बिहार विधानसभा अध्यक्ष और राज्यपाल को हटाये क्या इनमें से कुछ बाते बीजेपी का केन्द्रीय नेतृत्व मान लिया है।

1— क्या आरसीपी सिंह राज्यसभा जा रहे हैं ?    हालांकि आरसीपी के दिल्ली रवाना होने के बाद आरसीपी के करीबी माने जाने वालों के सोशल पेज और व्यक्तिगत बातचीत में कल पहली बार उनके चेहरे पर हंसी देखने को मिला है।वैसे शाम होते होते यह भी खबर आयी कि आरसीपी सिंह अपने  ट्विटर अकाउंट से जदयू हटा दिया लेकिन जदयू के अंदर कुछ चेहरे ऐसे हैं जिनके चेहरे पर हंसी कुछ तो कहता है । 

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आरसीपी सिंह को टिकट दिया जाये या नहीं दिया जाए इसके लिए पार्टी के विधायकों से अधिकार लेने कि जरूरत नीतीश कुमार को क्यों पड़ी या फिर एक सप्ताह तक आरसीपी सिंह के राज्यसभा में जाने को लेकर मीडिया द्वारा सवाल किये जाने पर खुल कर बोलने से नीतीश बचते क्यों दिखे।

नीतीश कुमार हरेन्द्र सिंह के बेटे की शादी में और रिसेप्शन में सार्वजनिक रूप से आरसीपी सिंह को नजरअंदाज क्यों करते रहे वही हाल के दिनों मे आरसीपी कई बार पटना आए हैं लेकिन उनकी नीतीश कुमार से मुलाकात नहीं हुई ।

नीतीश को ये सब करने कि जरूरत क्या है क्यों कि ऐसा भी नहीं है कि नीतीश आरसीपी सिंह को टिकट देने कि घोषणा कर देते तो पार्टी टूट जाती पार्टी से जुड़े एक नेता का कहना है कि नीतीश कुमार विधायकों की राय सार्वजनिक कर आरसीपी सिंह को औकात बता दिया कि उनके साथ पार्टी का विधायक की कौन कहे वार्ड सदस्य भी नहीं है ऐसे में आरसीपी माफी मांगे होगे तो नीतीश माफ कर सकते हैं क्यों कि आरसीपी से पहले भी गुस्सा रहे हैं और माफी भी देते रहे हैं।

2–क्या बीजेपी नीतीश कुमार के शर्त को मान लिया    नीतीश कुमार धर्मेन्द्र प्रधान के माध्यम से मोदी के सामने जो शर्त रखा था उसमें पहला था अमित शाह को बिहार के मामले से बाहर करे, दूसरा विधानसभा अध्यक्ष और राज्यपाल को हटाए और ऐसे लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल करे जिनकी छवि बेहतर हो वैसे राज्यसभा के उम्मीदवारों के चयन में पहली बार भूपेन्द्र यादव को केन्द्रीय नेतृत्व बाहर रखा है लेकिन लालू प्रसाद के परिवार पर छापेमारी से नीतीश फिर असहज हो गये हैं क्यों कि कहा यह जा रहा है कि यह सब नीतीश पर दबाव बनाने के लिए अमित शाह द्वारा किया गया है और यही वजह रही कि जिस सीबीआई के छापेमारी को लेकर महागठबंधन की सरकार गिर गयी थी और इस बार छापेमारी पर पार्टी का प्रवक्ता तक कुछ भी बोलने से बचते रहे वही कल जब ललन सिंह से रेड को लेकर सवाल किये तो कोई जबाव नहीं दिये ।

nitish kumar

3—विजय कृष्ण का रिहा होना और शिवानंद का लालू को लेकर बयान नीतीश के रणनीति का हिस्सा तो नहीं है    बिहार में जदयू और भाजपा रिश्ते को लेकर जारी अटकलों के बीच विजय कृष्ण का रिहा होने भले ही खबर नहीं बन पाया लेकिन हाईकोर्ट में बहस के दौरान सरकार के वकील की भूमिका रही है उससे बहुत कुछ समझा जा सकता है साथ ही सतेन्द्र सिंह का परिवार जिस तरीके से चुप है संकेत साफ है आने वाले समय में विजय कृष्ण को राजपूत की राजनीति के लिए आगे लाया जा सकता है क्यों आनंद मोहन को लेकर नीतीश सहज नहीं है।  वही शिवानंद तिवारी जिस तरीके से लालू प्रसाद से तेजस्वी के हाथों कमान सौंपने कि बात कही है यह सिर्फ तिवारी की ही बात नहीं है नीतीश और तेजस्वी के बीच बातचीत का आधार यह भी रहा है क्यों कि लालू प्रसाद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहने के कारण ही रेड हो रहा है आज हट जाये तो फिर बहुत चीजें बदल जायेंगी और यही वजह है कि अब सुशील मोदी लालू के बजाय लालू के बेटे और बेटी पर हमला करना शुरु कर दिये हैं नीतीश चाहते हैं कि तेजस्वी ऐसे लोगों के साथ सरकार में आये जिनकी छवि बेहतर हो शिवानंद तिवारी नीतीश के इसी अभियान को तेजस्वी के सहमति से शुरु किये हैं।

4–नीतीश बीजेपी का साथ छोड़ेंगे यह मन बना चुके हैं    याद करिए 5 फरवरी 2017 को नीतीश कुमार प्रकाश पर्व के दौरान एक पेंटिंग में कमल के फूल में रंग भरा था,सवाल उठा तो इसी तरह मीडिया पर ठीकरा फोड़ा जाने लगा था लेकिन छह माह के अंदर 26 जुलाई को राजद का साथ छोड़ दिये ।2020 के चुनाव परिणाम के बाद नीतीश कुमार के बयान और बैचेनी से समझा जा सकता है कि वो एनडीए से बाहर निकलना चाहते हैं।हालांकि इस बार नीतीश कुमार 2017 की तरह आसानी से निर्णय नहीं ले सकते हैं क्यों कि बीजेपी इनकी कई तरह की घेराबंदी कर रखी हैं आरसीपी सिंह को राज्यसभा में नहीं भेजना उसी घेराबंदी को कमजोर करना है इसलिए 31 मई तक इंतजार करने कि जरूरत है अगर आरसीपी नहीं गये तो राष्ट्रपति चुनाव से पहले ही खेला हो जायेंगा यह तय है और आरसीपी सिंह राज्यसभा गये तो फिर कुछ समय तक टल सकता है लेकिन यह तय है कि नीतीश बीजेपी के साथ ज्यादा दिनों तक नहीं रह पायेंगे ।

पटना हाईकोर्ट से मगध विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर (वीसी) राजेन्द्र प्रसाद उर्फ डॉ राजेन्द्र प्रसाद को कोई राहत नहीं मिल सकी

जस्टिस आशुतोष कुमार ने प्राथमिकी रद्द करने और और अग्रिम जमानत देने हेतु याचिकाकर्ता द्वारा दायर याचिकाओं को निष्पादित करते हुए दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया।

हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत हेतु याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि यदि याचिकाकर्ता विशेष कोर्ट के समक्ष सरेंडर करता है और जमानत का आग्रह करता है, तो अर्जी पर इस आदेश में की गई किसी भी टिप्पणी से बगैर पूर्वाग्रह के अपने योग्यता पर विचार किया जाएगा।

PatnaHighCourt
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याचिकाकर्ता ने स्पेशल विजिलेंस यूनिट पी एस केस नंबर – 02/ 2021 में दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए आपराधिक रिट याचिका और अग्रिम जमानत के लिए अलग से अर्जी दाखिल किया था।

इन पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए एक ही कॉमन आर्डर से आदेश पारित किया। राजेन्द्र प्रसाद के विरुद्ध आई पी सी की धारा 120 बी (अपराध करने के लिए रची गई आपराधिक साजिश) / 420(जालसाजी) व भ्रष्टाचार निवारण एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।

मोदी ने शिवानंद तिवारी को लिया आड़े हाथ, कहां दूम हिलाते है तिवारी

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्प्रति राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री शिवानंद तिवारी जी ने कम से कम यह स्वीकार तो किया कि श्री ललन सिंह जी के साथ मिलकर लालू जी के ‘नौकरी के बदले जमीन’ घोटाले का उन्होंने ही पर्दाफाश किया था और तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह से मिलकर सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्होंने पहले यह भी स्वीकार किया था कि उनकी पीआईएल पर ही पटना हाईकोर्ट ने चारा घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था जिसके पांच मामलों में लालू जी को सजा हो चुकी है।

श्री मोदी ने कहा कि जहां तक 14 साल विलंब से कार्रवाई का सवाल है, तो उस समय राजद के समर्थन से मनमोहन सिंह जी की सरकार चल रही थी। प्रधानमंत्री की हिम्मत नहीं थी कि सहयोगी दल के नेता पर कार्यवाही करते। उन्होंने ज्ञापन को ठंडे बस्ते में ही नहीं डाला बल्कि लालू के लोगों ने ज्ञापन को ही फाइल से हटवा दिया।

श्री मोदी ने कहा कि शिवानंद जी भूल गए कि मामला भले ही 14 वर्ष पुराना हो परंतु 2017 में जब मैंने ‘नौकरी के बदले जमीन’ सहित दर्जनों लालू परिवार के भ्रष्टाचार को सबूतों के साथ उजागर किया था तो आप की सरकार चली गई थी। सीबीआई ने प्रारंभिक जांच (Preleminary Inquiry) का मामला तो सितंबर 2021 में ही दर्ज कर लिया था।

श्री मोदी ने कहा कि फिर पांच मामलों में सजायाफ्ता और जिसका पूरा परिवार भ्रष्टाचार के मामले में बेल पर है उससे यदि कोई दोस्ती करना चाहेगा तो यह छोटा मामला कभी बाधक नहीं बन सकता है? लेकिन गलतफहमी दूर कर ले अब कभी राजद-जदयू की दोस्ती नहीं हो सकती है?

श्री मोदी ने कहा कि आज अगर लालू जी की दुर्दशा है तो वही लोग जिम्मेवार है जिन्होंने पहले मुकदमा दायर किया, ज्ञापन दिया और अब राजनीतिक लाभ के लिए उनके सामने दुम हिला रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने गंगाजल आपूर्ति योजना का स्थलीय निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गंगाजल आपूर्ति योजना का नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड के डोहड़ा पंचायत स्थित मोतनाजे ग्राम में स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवादा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं नालंदा जिले में राजगीर रिजरवायर का भी स्थलीय निरीक्षण किया। इस परियोजना के तहत नवादा जिले के मोतनाज़े में नवनिर्मित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, डिटेंशन टैंक पंप हाउस, क्लोरीन हाउस, फिल्टर बेड, यूटिलिटी बिल्डिंग, कैरली फ्लोक्कुलेटर, केमिकल हाउस, स्लैग बेल, वाश वाटर टैंक एवं नालंदा जिले के राजगीर रिजरवायर और इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, आई०टी० सिटी पार्ट-1 एवं राजगीर फिल्म सिटी का स्थलीय निरीक्षण कर गंगाजल आपूर्ति योजना के विभिन्न कार्यों के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मोकामा के हाथीदह गंगा घाट से गंगाजल को अपलिफ्ट कर मोतनाज़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रायल के तौर पर फ्लो कराया गया। मुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित लोगों ने गंगाजल आपूर्ति योजना के सफल ट्रायल पर ताली बजाकर प्रसन्नता जाहिर की। नवादा की धरती पर मां गंगा के आगमन पर मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर नमन किया।

निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मोतनाज़े से ही गंगाजल की आपूर्ति राजगीर, नवादा, गया और बोधगया में जानी है। यह तो कॉमन प्लेस है। उन्होंने कहा कि नवादा शहर के पास गंगाजल को स्टोर कर प्यूरीफाई करने के बाद लोगों के घरों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करने का प्रबंध सुनिश्चित करें गंगाजल आपूर्ति योजना के माध्यम से नवादा, राजगीर गया एवं बोधगया के लोगों को सालो भर पेयजल आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए बरसात के चार महीने तक गंगा नदी से वाटर अपलिफ्ट कर वर्ष के शेष आठ महीने जलापूर्ति हेतु पर्याप्त मात्रा में पानी को स्टोर किया जाएगा। नालंदा विश्वविद्यालय हेतु 70 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गयी है, उसमें से 10 एकड़ भूमि गंगाजल आपूर्ति योजना हेतु इस्तेमाल की जाएगी।

गंगाजल आपूर्ति योजना2

राजगीर रिजरवायर का निरीक्षण करने के क्रम में मुख्यमंत्री ने प्रोटेक्शन के लिहाज से रिजरवायर के चारों तरफ फेसिंग (तार का घेरा) कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रिजरवायर में संग्रहित जल को सुरक्षित रखने के लिए पहाड़ की तरफ से बांध रूपी चहारदीवारी अवश्य करायें ताकि जलस्तर मेनटेन रहे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गड़बड़ मानसिकता के होते हैं इसलिए इस खास क्षेत्र में लोगों के आवागमन पर पूर्णतः पाबंदी रखी जाय। संग्रहित जल की सतत् निगरानी हेतु यहां पुलिस चौकी का प्रबंध करें। इसके अलावा स्थायी रूप से लोगों को भी डिप्यूट करें ताकि कोई इंटरफेरेंस न कर सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गंगाजल स्टोरेज का एरिया जो नवादा में पड़ता है, उसकी जिम्मेवारी नवादा को सौंपें और जो नालंदा में पड़ता है उसकी जिम्मेवारी नालंदा को सौपें सुरक्षा मद्देनजर जल संचित क्षेत्र में बेवजह किसी भी व्यक्ति की एंट्री नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के पश्चात् पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सब लोगों तक गंगाजल पहुंचे इसके लिए हम लगातार इस प्रोजेक्ट की जानकारी ले रहे हैं। जब हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो सबसे पहले हमने नवादा और गया की स्थिति की जानकारी ली। हमारी इच्छा शुरू से थी कि गंगाजल गया, बोधगया, नवादा और राजगीर पहुंचे। वर्ष 2019 में हमने जल जीवन हरियाली योजना की शुरुआत की थी। उसी समय हमने तय किया था कि गंगाजल यहां तक पहुंचाएंगे। हमने शुरू में ही बता दिया था कि गंगाजल को मोकामा से लाने में सुविधा होगी। हालांकि विभाग के लोगों ने भी अपने स्तर से कई जगहों पर जाकर इसका मुआयना किया कि कहां से गंगाजल ले जाने में सुविधा होगी और बाद में उनलोगों ने भी मोकामा का ही चयन किया हमने दो-तीन बार पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया और इसकी जानकारी ली कि किस तरह से रूट बनना चाहिए और कहां से पानी लाया जाएगा. इसके लिए पूरे एलायनमेंट को समझा सड़क मार्ग से जो पाइपलाईन जा रही है, उसे भी देखा गया और बोधगया की भी जानकारी ली कि वहां कितना काम हुआ है। अधिकारियों ने बताया है कि वहां भी काम लगभग पूरा हो गया है। पाइपलाईन पहुंचने वाली है अभी ट्रायल चल रहा है। असल काम बरसात के महीने में होगा। इस काम के लिए चार महीने तय किए गए हैं। मोकामा से गंगाजल नवादा के बाद अन्य तीन जगहों पर जाएगा। वहां पानी को प्यूरीफाई किया जाएगा. उसके बाद लोगों को वितरित किया जाएगा। एक-एक चीज पहले से तय है। हम चाह रहे हैं कि इसी साल लोगों को गंगा का पानी मिल जाए। जिस एजेंसी को पानी डिस्ट्रीब्यूट करना है, उसकी भी जानकारी हमने ली है। गया में यह काम नगर विकास के जिम्मे है और नवादा में पी०एच०ई०डी० इस काम को करेगा। लोगों को पानी की आपूर्ति में कोई कठिनाई न हो इसलिए हम यहां व्यवस्था देखने आए हैं। अभी तो ये सिंबॉलिक है। जून-जुलाई में पानी आपूर्ति का काम शुरू होगा। लोगों के सहयोग से ही यह काम संभव हो पाया है। सबने सहयोग किया, जमीन दी, उनलोगों का मैं अभिनंदन करता हूं।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, सांसद श्री कौशलेंद्र कुमार, विधायक श्री कौशल किशोर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी श्री मनीष कुमार वर्मा, सचिव जल संसाधन श्री संजय कुमार अग्रवाल, सचिव लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग श्री जितेंद श्रीवास्तव, जिलाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर, जिलाधिकारी नवादा श्रीमती उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक नालंदा श्री अशोक मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नवादा श्री गौरव मंगला सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

शिवानंद तिवारी का बड़ा बयान लालू को तेजस्वी को गद्दी सौप देना चाहिए

जब लालू यादव ने अपने राजनीतिक वारिस के रूप में तेजस्वी यादव को चुना तो राष्ट्रीय जनता दल ने संपूर्ण हृदय से इसको स्वीकार किया. यह जरूरी भी था. इसलिए भी कि बिहार देश का सबसे युवा प्रदेश है. बिहार की पूरी आबादी में 58 फीसद आबादी 25 बरस से नीचे वालों की है. इस आबादी के सपनों और आकांक्षाओं को लालू यादव सहित हम पुरानी पीढ़ी के लोग नहीं समझते हैं, वक्त बदला है. यह आबादी गांवों के उन पुराने मुहावरों और कहावतों को नहीं समझती है जिसके महारथी लालू जी हैं. लेकिन इस युवा आबादी ने तेजस्वी यादव को स्वीकार किया है. इसका आकलन दो चुनाव के परिणामों से समझा जा सकता है. 2010 का विधानसभा चुनाव राजद ने लालू जी के नेतृत्व में लड़ा था. उस चुनाव में राजद के महज 22 विधायक जीत पाये थे.

उसके बाद विधानसभा का दूसरा चुनाव 2015 में हुआ. उस चुनाव में लालू ज़ी और नीतीश कुमार एक साथ हो गये थे. महागठबंधन की सरकार बन गई थी. उस चुनाव नतीजे से लालू यादव और नीतीश कुमार के संयुक्त ताकत का आकलन किया जा सकता है लेकिन स्वतंत्र रूप से राजद की ताकत का आकलन का वह नतीजा आधार नहीं हो सकता है। इसलिए उस चुनाव के परिणाम को यहां नजीर के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. लेकिन उसके बाद 2020 के चुनाव में गठबंधन बनाने से लेकर नेतृत्व तक शुद्ध रूप से तेजस्वी यादव ने किया था. उस चुनाव में राजद विधानसभा में न सिर्फ सबसे बड़े दल के रुप में उभरा बल्कि प्राप्त वोटों के प्रतिशत के हिसाब से भी सबसे बड़ा दल बना. वह चुनाव एक मामले में अनूठा था. देश के राजनीतिक क्षितिज पर नरेंद्र मोदी के उभार के बाद बिहार के विधानसभा का 2020 का चुनाव ऐसा पहला चुनाव था जिस के चुनाव अभियान में भाजपा सांप्रदायिकता को मुद्दा नहीं बना पाई. बल्कि तेजस्वी यादव ने रोजगार के सवाल को 2020 के चुनाव अभियान का प्रमुख मुद्दा बना दिया और नरेंद्र मोदी सहित तमाम पार्टियों को उसी मुद्दे पर चुनाव लड़ने के लिए बाद्धय किया. युवा तेजस्वी की यह बहुत बड़ी उपलब्धि थी. इस प्रकार वे देश की नजर में आ गये.

इसलिये उम्मीद की जा रही थी कि लालू जी तेजस्वी के हाथों में दल का संपूर्ण दायित्व सौंप देंगे. विधानपरिषद हो या राज्य सभा, इन सदनों में कौन जाएगा यह तय करने की छूट तेजस्वी को देंगे ताकि वे भविष्य के लिये अपनी टीम का निर्माण कर सकें लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है.

इसलिए एक वरीय साथी होने के नाते मैं लालू जी को सलाह देना चाहूंगा के राज्यसभा के इसी चुनाव में वे तेजस्वी के हाथ में दल की संपूर्ण कमान सौंप दें. लालू जी को स्मरण होगा कि पूर्व में भी अनेक अवसरों पर एक से अधिक मर्तबा मैंने उनको सलाह दी होगी. लेकिन उन्होंने उनकी अनदेखी की. उसके फलस्वरूप उनका तो नुकसान हुआ ही, सामाजिक न्याय आंदोलन को भी नुकसान पहुंचा है. मैं उम्मीद करता हूं कि लालू जी मेरी सलाह का आदर करेंगे.

शिवानन्द
24 मई

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए आज का दिन है अहम, सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी पर आज सुनवाई होगी

सीएम हेमंत सोरेन के करीबियों द्वारा सेल कंपनियों में निवेश और माइनिंग लीज मामले में झारखंड हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी पर आज सुनवाई होगी।

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना और न्यायाधीश हिमा कोहली की खंडपीठ के समक्ष झारखंड सरकार की ओर से एसएलपी दाखिल की गयी थी।

जिसमें वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और मुकुल रोहतगी की ओर से कहा गया था कि ईडी पीड़ित पक्ष को बिना नोटिस जारी किये हाइकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल कर दी।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खनन लीज आवंटन और सेल कंपनियों में निवेश मामले में सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को आंशिक सुनवाई हुई थी।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस एसआर भट्ट और जस्टिस एस धुलिया की अदालत ने राज्य सरकार की अपील याचिका को अवकाशकालीन पीठ में भेजते हुए 24 मई को सुनवाई की तिथि निर्धारित कर दी थी।

Supreme Court

आज सुबह 11 बजे झारखंड हाई कोर्ट में भी इस मामले में सुनवाई होनी है।

राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ईडी की ओर से पेश सीलबंद रिपोर्ट पेश किए जाने और याचिका की वैधता के खिलाफ अपील दायर की है।

राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि यह मामला राज्य के मुख्यमंत्री से जुड़ा है और ईडी इस तरह सीलबंद रिपोर्ट अदालत में पेश नहीं कर सकती है।

कपिल सिब्बल ने कहा सीलबंद रिपोर्ट सरकार को भी दिया जाना चाहिए। बिना दस्तावेज सरकार किस आधार पर जवाब दाखिल करेगी।

आज सुप्रीम कोर्ट में इसी मुद्दे पर सुनवाई होनी है।

सीवान में बाइक सवार अपराधियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाई, 4 लोगों को गोली लगी

सीवान में इन दिनों अपराधियों के हौसले बुलंद होते दिख रहे है.जी हां बाइक सवार अपराधियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाई है। जिसमें 4 लोगों को गोली लगी हैं। जिससे सभी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल कायम हो गया।घटना एम एच नगर थाना क्षेत्र के मेरहि गांव की हैं। मिली जानकारी अनुसार करीब एक दर्जन की संख्या में नकाबपोश बाइक सवार अपराधी आए और अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे।

लूट की मंशा से गांव में अपराधी पहुंचे हुए थे।लेकिन लूट की मंसूबे पर पानी फिरते देख अपराधियों ने अंधाधुंध गोलियां चला दी और फरार हो गए।जिससे चार लोग को गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए।आनन फानन में ग्रामीणों ने सभी घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनका इलाज चल रहा हैं।

इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।घायलों की पहचान गुड्डू सिंह का पुत्र अभिजीत कुमार सिंह,श्रीबालक सिंह का पुत्र मिथुन कुमार सिंह,कृषनाथ सिंह का पुत्र मनोज सिंह और स्वर्गीय रामाशीष सिंह का पुत्र दिनेश सिंह के रूप में हुई हैं।फिलहाल पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है।लेकिन कैमरे पर कुछ भी बोलने से बच रही है।

#SupremeCourt से भी राजधानी पटना के चर्चित जिम ट्रेनर गोलीकांड की मुख्य अभियुक्त खुशबू सिंह को जमानत नही मिली

कोर्ट ने खुशबू को इस घटना का मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता मानते हुए नियमित जमानत देने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने उनके द्वारा दायर नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की खंडपीठ में सुनवाई की। कोर्ट ने यह माना कि पटना हाई कोर्ट के आदेश में किसी प्रकार की त्रुटि नही है और उसने नियमित जमानत याचिका को खारिज करने के लिये जो आधार अपने आदेश में दिया है, वह सही है।

इसमे किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने की आवश्यकता सुप्रीम कोर्ट को नही है।

पटना हाई कोर्ट के जस्टिस ए एम बदर ने 13 दिसंबर 2022 खुशबू की
नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।साथ ही संबंधित ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह इस मामले का ट्रायल नौ महीने में पूरा कर ले।

Supreme Court

फिलहाल खुशबू सिंह जिम ट्रेनर विक्रम सिंह गोली कांड में पटना के बेउर जेल में बंद है।

गौरतलब है कि 18 सितंबर 2021 को राजधानी के कदमकुआं थाना इलाके में जिम ट्रेनर विक्रम सिंह को हत्या करने की नियत से गोली मारी गई थी। हालांकि, इस वारदात में उनकी जान बच गई ।

इस वारदात में शामिल खुशबू सिंह, उसके पति राजीव कुमार सिंह और दो कॉन्ट्रैक्ट किल्लर समेत कई अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार जेल भेज दिया था।

इन सभी मे से केवल खुशबू के पति डॉ राजीव सिंह ही जमानत पर जेल से बाहर है।

सिवान में तेज आंधी पानी के बीच गिरी दीवार, दो बच्चों की मौत

सीवान में तेज आंधी और पानी की वजह से गिरा दीवाल गिरने से दो मासूम बच्चों की दबने से मौत हो गई। पचरुखी थाना क्षेत्र के जसौली के शेख पट्टी गांव की घटना है।

सीवान में आई तेज आंधी की वजह से दीवार गिरने से दो मासूम बच्चों की दबने से मौत हो गई।दोनो मृत मासूम की पहचान सारा प्रवीन और अफरोज आलम के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि अचानक हुई मौसम में बदलाव और तेज हवा की वजह से बच्चे अपने घरों से बाहर निकलकर उछल कूद रहे थे इसी दौरान घर के दरवाजे के समीप बाउंड्री का दीवार अचानक उनके ऊपर गिर गया जिसके बाद दोनों मासूम उसी में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग दौड़ कर घटनास्थल पहुंचे जिसके बाद आनन-फानन में दीवार के नीचे दबे बच्चों को बाहर निकाला गया। जिसके बाद सीवान सदर अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मृत्यु हो गई।

अचानक दो मासूमों की दीवार में दबकर मृत्यु होने के बाद पूरे गांव में मातमी सन्नाटा है।घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों से शव लेकर पोस्टमार्टम की तैयारी कर रही है।जबकि स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की है।

नई दिल्ली-हावड़ा रेलखंड के बड़हिया स्टेशन पर ट्रेन ठहराव की मांग को लेकर बीते 33 घंटे से जारी आंदोलन समाप्त हो गया है

कड़ी मशक्कत के बाद 15 दिनों के अंदर पाटलिपुत्र एक्सप्रेस और भागलपुर मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस ट्रेन के स्टॉपेज की सहमति पर आंदोलनकारियों ने आंदोलन को समाप्त किया।

रेल प्रशासन और लखीसराय जिला प्रशासन के लिखित सहमति पर आंदोलनकारियों ने आंदोलन समाप्त किया। बतादें कि ट्रेन ठहराव की मांग को बड़हिया स्टेशन पर 22 मई से आंदोलन की शुरुआत की गई थी।

कोरोना काल के पहले जिस ट्रेन का ठहराव बड़हिया स्टेशन पर हुआ करता था, उन सभी ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर आंदोलन की शुरुआत की गई थी। लगभग 33 घंटा से पाटलिपुत्र एक्सप्रेस ट्रेन बड़हिया स्टेशन पर रूकी रही।

लोकतंत्र में जनता मालिक, जनप्रतिनिधि सेवक– सांसद

3 साल में जनता से किए गए वादों को किया पूरा, आगे भी करेंगे बेहतर: चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी

जहानाबाद परिसदन में स्थानीय सांसद चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया। मौका था संसदीय समय का 3 साल पूरा होने का। सांसद ने सबसे पहले 3 साल पूरा होने पर अपने मालिक जनता का शुक्रिया अदा किया।

जहानाबाद की समस्त जनता का मौका देने के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि लोकतंत्र में जनता ही असली मालिक है। उसके बाद बारी आई कामों की। सांसद चंद्रवंशी ने जब कामों की गिनती कराई तो किए गए कामों की झड़ी लग गई। सबसे पहले सांसद ने 9 करोड़ 6लाख 98 हजार 5 सौ रुपए की लागत से बनने वाली शवदाह गृह निर्माण योजना के संबंध में जानकारी दी। उसके बाद सांसद ने बताया कि उनके प्रयासों से जहानाबाद में लगभग 350 सड़कों का डीपीआर तैयार किया गया है. जिसमें 316 सड़कों पर काम चल रहा है। 30 पुल एवं पुलिया की अनुशंसा की गई जिसमें 17 पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें दरधा नदी पर बने उस पुल का भी जिक्र किया जिसकी मांग शहर के लोग वर्षों से करते आ रहे थे। जहानाबाद एनएच–83 में बन रहे बाईपास में सांसद ने अपने योगदान का जिक्र किया।

सांसद महोदय ने बताया कि उन्होंने पंचायती राज विभाग में अनुशंसा की जिससे उन सभी गांवों में पीसीसी एवं नाली निर्माण कार्य चल रहा है जहां यह नहीं था। जहानाबाद संसदीय क्षेत्र में 67 सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है या पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अतरी में 10 सड़कों का निर्माण कार्य कराया जाना है, जिसमें पांच का काम लगभग शुरू हो चुका है। आरईओ से जहानाबाद में 41 सड़कों का मेंटेनेंस कार्य कराया गया या कराया जा रहा है। जबकि अतरी में ऐसी 19 सड़कें हैं। चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी ने कुर्था में बन रहे बाईपास के बारे में भी जानकारी दी जिसका टेंडर हो चुका है। सांसद ने दलितों, अति पिछड़ों और वंचितों के लिए कई काम कराए हैं। जिसमें पूरे संसदीय क्षेत्र में 67 सामुदायिक भवन का निर्माण, जहानाबाद के महादलित टोला में 91 चापाकल लगाना, अरवल के महादलित टोला में 61 चापाकल लगाना, 300 से ज्यादा कैंसर रोगियों को इलाज के लिए केंद्र सरकार की मदद से पैसा दिलवाना। अरवल और जहानाबाद में ब्लड बैंक और ऑक्सीजन प्लांट में अपनी भूमिका के बारे में भी सांसद ने बताया।

स्थानीय सांसद ने बाबू जगजीवन राम छात्रावास के लिए डीएम से बात की है और यह प्रोजेक्ट भी पाइप लाइन में है। सांसद के प्रयास से जहानाबाद स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर 1 से 3 तक जाने के लिए अतिरिक्त ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। स्टेशन परिसर में बड़ा तिरंगा झंडा लगाने में सांसद की सहभागिता रही है। राजगीर से जहानाबाद रेल लाइन हो या फिर बिहटा से पावरगंज अरवल होते हुए नई रेल लाइन। सांसद के प्रयास इन सभी में शामिल रहे हैं। सांसद ने किसानों को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और बताया एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत जहानाबाद जिले में मशरूम उत्पादन के लिए किसानों को भरपूर मदद दिया गया। कौशल विकास के तहत जहानाबाद अरवल एवं गया जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र के तीन तीन अतिरिक्त कौशल विकास केंद्र की स्थापना के लिए प्रयास किया गया।

माननीय सांसद चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी ने उन सारे प्रयासों का जिक्र किया। जैसे सिटी गैस डिसटीब्यूशन योजना, क्षेत्र में 200 चापाकल लगाना, 50 से अधिक कुओं की सफाई, गांव में डेढ़ सौ से ज्यादा ट्रांसफार्मर बदला जाना, और मुख्य रूप से केंद्रीय विद्यालय जहानाबाद को नए भवन में शिफ्ट करवाना। पर्यटन की बात करें तो जहानाबाद के बराबर पहाड़ी पर रोप वे निर्माण, 8 लाख से ज्यादा की लागत से धर्मशाला का निर्माण, बराबर पहाड़ पर परिसर को विकसित करना, टेहटा में कैफेटेरिया, बीवी कमाल दरगाह का सौंदर्यीकरण समेत तमाम कामों की चर्चा सांसद ने की जो जो उन्होंने 3 साल में कराए हैं या जिनके लिए प्रयास किया है।

जानकारी देने के बाद सांसद ने पत्रकारों के कई सवालों का जवाब बेबाकी से दिया। और एक बार फिर से दोहराया के जहानाबाद के सतत विकास के लिए वह हर संभव कोशिश और प्रयास करते रहेंगे। इस दौरान सांसद के साथ जदयू के प्रदेश सचिव जयप्रकाश चंद्रवंशी, मुख्य प्रवक्ता दिलीप कुशवाहा, जिला उपाध्यक्ष सियादेवी, जिला महासचिव मुरारी यादव, मोहम्मद अरमान अहमद गुड्डू, संजय चंद्रवंशी, विधानसभा प्रभारी रंगनाथ शर्मा, दिनेश वर्मा मीडिया प्रभारी सुनील पांडे, गणेश निषाद, अति पिछड़ा प्रदेश सचिव मनोज चंद्रवंशी के साथ ही जेडीयू से जुड़े कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

आंदोलन के कारण ट्रेनें प्रभावित रहेंगी

पूर्व मध्य रेल्वे के दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत बड़हिया रेलवे स्टेशन पर जन आंदोलन के कारण रांची रेल मंडल से परिचालित निम्नांकित ट्रेनें प्रभावित रहेंगी |

ट्रेन रद्द रहेगी :-

  1. ट्रेन संख्या 18622 हटिया – पटना एक्सप्रेस ट्रेन यात्रा प्रारम्भ दिनांक 23/05/2022 को रद्द रहेगी |

ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी :-

  1. ट्रेन संख्या 18621 पटना – हटिया एक्सप्रेस ट्रेन यात्रा प्रारम्भ दिनांक 23/05/2022 को अपने निर्धारित मार्ग पटना – किऊल – झाझा – धनबाद के स्थान पर परिवर्तित मार्ग पटना – गया – गोमो – राजाबेड़ा होकर चलेगी |
railways

ट्रेन संख्या 15028 गोरखपुर – हटिया एक्सप्रेस ट्रेन यात्रा प्रारम्भ दिनांक 23/05/2022 को अपने निर्धारित मार्ग बरौनी – किऊल – झाझा – प्रधान खांटा – धनबाद के स्थान पर परिवर्तित मार्ग मोकामा – पटना – गया – गोमो – राजाबेड़ा होकर चलेगी |

रफ्तार की भेंट चढ़ी 8 जिंदगियां, पूर्णिया एनएच–57 पर हादसा

पूर्णिया में सोमवार की सुबह बड़ा हादसा हुआ है. जलालगढ़ थाना के सीमा काली मंदिर के पास एनएच 57 पर आज सुबह एक पाइप लदा ट्रक पलट गई जिसमें सवार 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. ट्रक पर कुल 15 मजदूर सवार थे.

सभी मजदूर त्रिपुरा से जम्मू कश्मीर जा रहे थे. सभी मृतक राजस्थान के बताए जाते हैं. मृतकों में कांति परमार 60 वर्ष, रामा जी परमार 65 वर्ष, कावाराम परमार 35 वर्ष, मणिलाल परमार 40 वर्ष, ईश्वरलाल, वसूलाल, हरीश और हरवंश की मौत हो गई है, जबकि 5 लोग घायल हैं, घायलों में कुछ राजस्थान के तो कुछ यूपी के भी रहने वाले हैं. घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 2 को गंभीर हालत में पुरणिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया है.

वहीं घायल मजदूरों ने कहा कि वे लोग बोरिंग गारने का काम करते हैं. ट्रक पर पाइप लेकर त्रिपुरा से जम्मू कश्मीर जा रहे थे. इसी दौरान ड्राइवर की आंख लग गई जिस कारण ट्रक अचानक एनएच 57 के किनारे पलट गई. इस हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 5 लोग घायल हो गए.

वही सूचना मिलते ही सदर इंस्पेक्टर राज किशोर शर्मा, कस्बा थाना अध्यक्ष अमित कुमार, जलालगढ़ थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और शव को पाइप के नीचे से बाहर निकाला.

पूर्णिया: ट्रक पलटने से 8 लोगों की मौत

बंगाल से जमुई जा रहा था ट्रक, थाना के सीमा काली मंदिर के पास की घटना, सदर एसडीपीओ ने की घटना की पुष्टि , मलबा हटाने का काम जारी
जलालगढ़ मंदिर के पास की घटना

दो बच्चों की मां को हुआ प्यार युवक के साथ हो गई फरार

कहा गया है प्यार में लोग अंधा हो जाते हैं। एक ऐसा ही मामला जहानाबाद शहर में देखने को मिल रहा है। जहां 30 वर्ष की दो बच्चे की मां 19 वर्ष के युवक के साथ फरार हो गई । पुलिस की दबिश के कारण दोनों पहुंचे जहानाबाद नगर थाना ।

बताया जाता है कि उटा मोहल्ले निवासी रंजीत सिंह की शादी प्रिया कुमारी नामक लड़की से लगभग 10 वर्ष पूर्व हुआ था। दोनों के शादी के बाद खुशी-खुशी जीवन बीत रही थी ।लड़की के दो बच्चे भी हुए। लेकिन लगभग 2 वर्ष पूर्व लड़की के मोबाइल से एक लड़के के मोबाइल नंबर पर मिस कॉल गया। इसके बाद शहर के अरवल मोड के समीप किराए के मकान में रहने वाला सुजीत कुमार से लड़का एवं लड़की से बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ ।

दोनों से प्यार के पैगाम बढ़ते गया। दोनों से मिलना जुलना कायम हो गया। लेकिन लड़की के ससुराल वाले को इसकी भनक नहीं लगी। दोनों ने एक साथ मरने जीने की कसम खाकर जहानाबाद शहर छोड़ कर भाग गया। जैसे ही लड़की ससुराल छोड़कर भागी ससुराल वाले में कोहराम मच गया ।पत्नी के भागने के बाद पति ने एक लिखित शिकायत नगर थाने में सुजीत कुमार समेत उसके परिजन पर अपने पत्नी को ले भागने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया। पुलिस के दविश के कारण दोनों नगर थाना में आ पहुंचे। सुजीत कुमार ने बताया कि मैं पहले गोवा गया लगभग 1 महीने तक वहां रहा ।इसके बाद मुंबई आ गया और मुंबई में कमरा लेकर दोनों रहने लगे। जब पैसा खत्म हो गया तो पेंट के कंपनी में काम करने लगा। जब मुझे अपने परिवार से बात हुई तो परिवार ने कहा कि अपने घर चले पुलिस ने सफाई देने के बाद चले जाना इसके बाद लड़का लड़की दोनों नगर थाना पहुंच गए।

लड़के के परिजन एवं लड़की के परिजन भी थाना पहुंचे ससुराल वाले लड़की को समझा-बुझाकर ससुराल ले जाना चाहते हैं। लेकिन लड़की ने कहा कि हम दोनों ने एक साथ मरने जीने की कसम खा रखी है। और एक मंदिर में दोनों ने शादी भी रचा लिया है। इसलिए हम ससुराल नहीं जाएंगे लड़का लड़की का कहना है कि हम लोग दोनों एक साथ ही रहेंगे। पुलिस लड़के को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। लेकिन जिस तरह से यह घटना हुई शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

लोगों ने सही कहा है प्यार में उम्र की कोई बंधन नहीं होता है। इसका ताजा उदाहरण इस घटना में देखने को मिल रहा है।

#ViralVideo एक शराबी पुलिसकर्मी को एक शख्स बाइक पर ले जाता दिख रहा

छपरा में शराबबंदी का पोल खोलता एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक शराबी पुलिसकर्मी को एक शख्स बाइक पर ले जाता दिख रहा है।

पुलिसकर्मी बाइक से गिर ना जाए इसके लिए उसने उसे गमछी से बांध रखा है। यह वायरल वीडियो सदर अस्पताल के पास का बताया है। हालांकि पुलिस कर्मी का पहचान नहीं हो सका है।

दो साल से चल रहा था प्यार, प्रेमिका हुई गर्भवती तो करा दी गई शादी

जहानाबाद जिले के काको बाजार काली चक्र मोहल्ले के मुन्नी कुमारी एवं सोनेलाल से लगभग 2 वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन लड़की को जब 5 महीने का गर्भ धारण कर लिया तो लड़का नहीं शादी करने में आनाकानी करने लगा।

लड़का के परिजन भी शादी से कतराने लगे लड़की के परिजन इसके खिलाफ महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई। इस घटना के बाद महिला थाना के पुलिस पदाधिकारी एक्शन में आए लड़का पक्ष पर दबाव बनाना शुरू कर दिआ। केस मुकदमे के चक्कर के डर से लड़का पक्ष शादी करने के लिए राजी हो गए।

दोनों के परिवार गौरक्षणी स्थित मंदिर में जाकर दोनों प्रेमी जोड़े को शादी करा दिया इस प्रेमी जोड़े की शादी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हो गए। लड़का और लड़की पक्ष के लोग हंसी खुशी शादी को स्वीकार करते हुए। अपने-अपने घर खुशियां मनाते हुए चले गए। उसके परिजन का कहना है कि लड़का लड़की की शादी दोनों के मेल से हुई है। इसलिए दोनों के जीवन हंसी खुशी बीतेगी।

इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में होने लगी है। वही इस कार्य के लिए पुलिस प्रशासन को भी लोगों ने सराहा है कहा है। कि लोगों का कहना है कि अगर पुलिस प्रशासन कानूनी प्रक्रिया को छोड़ते हुए प्रेम प्रसंग में सामाजिक प्रक्रिया को अपनाएं आम लोगों के लिए काफी फायदेमंद होगा। कानूनी प्रक्रिया से लोगों के संबंध बिछड़ते हैं। और सामाजिक प्रक्रिया से लोगों के संबंध जोड़े जाते हैं। इसलिए प्रेम प्रसंग में संबंध जोड़ने की जरूरत है। ना किस संबंध तोड़ने का इसलिए प्रेम प्रसंग में पुलिस प्रशासन को भी संबंध जोड़ने की पहल करनी चाहिए।

आरपीएफ ने 52 लाख का सोने का ज्वैलरी किया बरामद

सीवान । आरपीएफ ने 52 लाख का सोने का ज्वैलरी किया बरामद, वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन से किया बरामद।

एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया,पुलिस कर रही युवक से पूछताछ,आरपीएफ पोस्ट एवं ट्रेन स्कोर्ट पार्टी ने संयुक्त रूप से की कार्यवाई, मैरवा-सीवान रेलवे लाइन पर हुई कार्रवाई।

सांसद सुशील मोदी ने लालू परिवार से पूछे पांच सवाल

नौकरी के बदले जमीन नहीं ली गई, तो शिवानंद ने जांच के लिए मनमोहन सिंह को क्यों दिया था ज्ञापन ?

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा सांसद सुशील कुमार मोदी ने नौकरी के बदले जमीन मामले में लालू परिवार और राजद से पांच सवाल पूछे हैं।

उन्होंने पूछा कि अगर लालू प्रसाद ने रेलवे में नौकरी देने के बदले लाभार्थी से जमीन नहीं लिखवायी थी, तो शिवानंद तिवारी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज्ञापन देकर सीबीआई जांच की मांग क्यों की थी ?

श्री मोदी ने पूछा- क्या यह सही नहीं कि कांति सिंह ने पटना का अपना करोड़ों का मकान और रघुनाथ झा ने गोपालगंज का अपना कीमती मकान केंद्रीय मंत्री बनवाने के बदले लालू परिवार को गिफ्ट किया था ?

श्री मोदी ने कहा, लालू प्रसाद बतायें कि उनका परिवार 141 भूखंड, 30 से ज्यादा फ्लैट और पटना में आधा दर्जन से ज्यादा मकानों का मालिक कैसे बन गया ?

श्री मोदी ने पूछा कि लालू प्रसाद ने पटना हवाई अड्डा के पास स्थित टिस्को के गेस्ट हाउस का स्वामित्व कैसे हासिल कर लिया ?

श्री सुशील मोदी ने पूछा कि लालू प्रसाद के खटाल में काम करने वाले ललन चौधरी और हृदयानंद चौधरी के पास करोड़ों की जमीन कहां से आयी और फिर इन लोगों ने ये कीमती भूमि राबड़ी देवी और हेमा यादव को क्यों दान कर दी?

विधान परिषद के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी ललन चौधरी और रेलवे के ग्रुप-डी कर्मचारी हृदयानंद चौधरी के नाम सीबीआई की प्राथमिकी में दर्ज है।

श्री मोदी ने कहा कि शिवानंद तिवारी ने ही 2008 में लालू प्रसाद के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की थी और जब सबूत के आधार पर कार्रवाई हो रही है, तब वे इसे राजनीतिक रंग दे रहे हैं।

उप मुखिया संजय राम को पुलिस ने किया रिहा, बिना वारंट हुई थी गिरफ्तारी

छपरा । छपरा में रिविलगंज के खैरवार पंचायत के उप मुखिया संजय कुमार राम को 5 दिन बाद कोर्ट ने बरी कर दिया। संजय कुमार राम को पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर रही थी लेकिन कोर्ट से उनका कोई वारंट निर्गत नहीं था जिसके कारण कोर्ट उन्हें 5 दिन से कस्टडी में नहीं ले रहा था।

उप मुखिया संजय कुमार राम बार-बार खुद के निर्दोष होने की दुहाई दे रहे थे लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी और गिरफ्तार कर 5 दिन तक थाने में बंद रखा। आज कोर्ट से उनके पुराने केस का रिकॉर्ड हासिल किया गया जिसमें वह बड़ी थे जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तत्काल मुक्त कर दिया। उधर एसपी संतोष कुमार ने इस पूरे मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

सड़क दुर्घटना में एक की मौत, तीन घायल

जहानाबाद । रात 1:30 से 2:00 के बीच मखदुमपुर के सारंगपुर मोड़ के पास एक अर्टिगा गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गाड़ी में 5 लोग सवार थे जिसमें 3 लोग घायल हो गए जबकि एक की मौत हो गई।

सभी लोग शादी समारोह में शामिल होने पटना गए थे, जहां से लौटते समय यह हादसा हुआ। सुबह शव को सदर अस्पताल जहानाबाद लाया गया जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। सड़क दुर्घटना की यह कोई पहली खबर नहीं है।

सुरेन्द्र शर्मा, मृतक के परिजन

पिछले कई दिनों से लगातार सड़क दुर्घटना की खबर जिले से आ रही है। हर दिन कोई न कोई मौत सड़क दुर्घटना में हो रही है।

पटना हाईकोर्ट ने वैशाली जिले में पीडीएस डीलर की बहाली का रास्ता साफ कर दिया है

जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह तथा जस्टिस मधुरेश प्रसाद की खंडपीठ ने बहाली के लिए प्रकाशित विज्ञापन को रद्द करने के लिए दायर राजकिशोर सिंह की रिट याचिका को खारिज कर दिया।

कोर्ट ने वर्ष 2018 में अंतरिम आदेश जारी कर कहा था कि जो भी नियुक्ति होगी ,वह इस याचिका के परिणाम पर निर्भर करेगा।जिसके कारण वैशाली जिले में पीडीएस डीलर की बहाली को रोक दिया गया था।

आज कोर्ट ने इस अंतरिम आदेश को भी हटा लिया।याचिकाकर्ता ने पैक्स को लेकर आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए विज्ञापन को रद्द करने की गुहार लगाई थी।

PatnaHighCourt
#PatnaHighCourt

लेकिन कोर्ट ने कहा कि उनकी ओर से दी गई दलीलों में कोई दम नहीं है।राज्य सरकार ने बहाली के लिए जो विज्ञापन निकाला है उसमें कोई त्रुटि नहीं है।

इसलिए इस मामले में हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है।कोर्ट ने वैशाली के डीएम को नियमानुसार बहाली की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया।

लालू प्रसाद के ठिकानों पर छापे से आरजेडी में गुस्सा, सुरेन्द्र यादव ने साधा निशाना

जहानाबाद के पूर्व सांसद और मंत्री सुरेंद्र प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। लालू प्रसाद के गोपालगंज समेत कई ठिकानों पर छापेमारी को उन्होंने प्रताड़ित करने का उपाय बताए।

सुरेंद्र यादव ने कहा कि लालू प्रसाद बीमार आदमी हैं और उनको जांच के नाम पर बैठा कर रखना इसे कहीं से भी जायज नहीं ठहराया जा सकता। पूर्व मंत्री ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से राजद डरने वाली नहीं है। साथ ही उन्होंने दूसरे कई दलों से यह अपील की कि ईडी और इनकम टैक्स जैसी संस्थाओं के खिलाफ एकजुट हो।

सुरेंद्र प्रसाद ने जातीय जनगणना को लेकर भी बयान दिया और कहा कि तेजस्वी ही नहीं नीतीश कुमार भी यही चाहते हैं, बाकी दल भी यही चाहता है की जातीय जनगणना हो। लेकिन बीजेपी को डर है कि कहीं जातीय जनगणना हुआ तो आंकड़े सामने आने के बाद सत्ता से दूर होना पड़ सकता है।

सुरेंद्र प्रसाद यादव आरजेडी के नेता रहे स्वर्गीय श्याम नारायन यादव के पुण्य तिथि तिथि समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।

सीबीआई ने लालू परिवार पर छापेमारी को लेकर प्रेस रिलीज जारी किया

www.cbi.gov.in केंद्रीय जांच ब्यूरो (सूचना अनुभाग) 5-बी, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड नई दिल्ली-110003 प्रेस विज्ञप्ति दिनांक: 20.05.2022 सीबीआई ने तत्कालीन रेल मंत्री और 15 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया और 16 ठिकानों पर छापेमारी की ।

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने तत्कालीन रेल मंत्री (भारत सरकार) और उनकी पत्नी, 02 बेटियों और अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों सहित 15 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन रेल मंत्री (भारत सरकार) ने 2004-2009 की अवधि के दौरान समूह “डी” में विकल्प की नियुक्ति के बदले में अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर भूमि संपत्ति के हस्तांतरण के रूप में आर्थिक लाभ प्राप्त किया था। रेलवे के विभिन्न जोन में पोस्ट करें।

आगे यह भी आरोप लगाया गया कि इसके बदले में जो विकल्प स्वयं पटना के निवासी थे या अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से उक्त मंत्री के परिवार के सदस्यों और परिवार के सदस्यों द्वारा नियंत्रित एक निजी कंपनी के पक्ष में पटना में स्थित अपनी जमीन को बेच और उपहार में दिया था, जो कि उक्त परिवार के सदस्यों के नाम पर ऐसी अचल संपत्तियों के हस्तांतरण में भी शामिल है। यह भी आरोप लगाया गया था कि क्षेत्रीय रेलवे में विकल्प की ऐसी नियुक्ति के लिए कोई विज्ञापन या कोई सार्वजनिक नोटिस जारी नहीं किया गया था, फिर भी पटना के निवासी नियुक्तियों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में स्थित विभिन्न क्षेत्रीय रेलवे में विकल्प के रूप में नियुक्त किया गया था।

CBI raid Laloo

आगे यह भी आरोप लगाया गया कि इस कार्यप्रणाली को जारी रखते हुए, लगभग 1,05,292 वर्ग कि. उक्त मंत्री के परिवार के सदस्यों द्वारा पटना स्थित फुट भूमि/अचल संपत्ति का अधिग्रहण 05 बिक्री विलेखों और 02 उपहार विलेखों के माध्यम से किया गया था, जो विक्रेता को अधिकांश भूमि हस्तांतरण में नकद भुगतान दर्शाता है। बिहार के दिल्ली, पटना और जिला गोपालगंज में आज 16 जगहों पर तलाशी ली जा रही है. जांच जारी है।

पूर्व सांसद विजय कृष्ण और उनके बेटे चाणक्य को पटना हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा से मुक्त किया

ट्रांसपोर्टर सत्येंद्र सिंह हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास सजायाफ्ता पूर्व सांसद विजय कृष्ण और उनके बेटे चाणक्य को पटना हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उन्हें आजीवन सजा से मुक्त किया।जस्टिस ए एम बदर और जस्टिस सुनील कुमार पवांर की खंडपीठ ने विजय कृष्ण और चाणक्य द्वारा अपील पर सुनवाई पूरी कर 9 मई, 2022 अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।

PatnaHighCourt
#PatnaHighCourt

23 मई, 2009 को ट्रांसपोर्टर सत्येंद्र सिंह की हत्या कृष्णापुरी थाना क्षेत्र में हुई थी।इस मामलें में पूर्व सांसद विजय कृष्ण,उनके बेटे चाणक्य व अन्य दो को आरोपी बनाया गया।

ट्रांसपोर्टर सत्येंद्र सिंह हत्या के मामले में पटना सिविल कोर्ट ने वर्ष 2013 में इन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

पटना निचली अदालत के फैसला को हाई कोर्ट में आपराधिक अपील दायर कर चुनौती दी गई।कई दिनों तक चली बहस के बाद हाई कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित कर लिया।आज हाईकोर्ट ने निचली अदालत के निर्णय को पलटते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा से बरी किया।

कोर्ट में अपीलार्थियों की ओर से दलील रखी गई थी कि हत्या का कोई प्रयोजन नहीं था।साथ ही इस घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं था।

2017 में लालू प्रसाद के कई ठिकाने पर इसी तरह छापामारी से हुई थी और उस छापेमारी के बाद महागठबंधन की सरकार गिर गयी थी

छापेमारी से कोई दो माह पहले से सुशील मोदी लालू प्रसाद के परिवार के खिलाफ माहौल बना रहे थे ,लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं चल रहा था । वही लालू प्रसाद भी जब से जमानत से निकले हैं शांत ही है ,फिर ऐसा क्या हुआ कि जिस आरोप में 2017 में छापेमारी हुई थी ठीक उसी तरह के मामले में 2022 में एफआईआर दर्ज करके छापामारी कि जा रही है ज़ब कि 2017 का मामला कोर्ट में टाई टाई फिश हो गया था फिर 2022 में ठीक उसी तरह का मामला दर्ज करके 15 वर्ष पूराने मामले को लेकर छापा मारने का क्या मतलब है ।

1-नीतीश के लालू परिवार के करीब आना छापेमारी की वजह तो नहीं है।
बीजेपी के कार्यशैली पर नजर रखने वाले मान रहे है कि यह ऑपरेशन अमित शाह के इशारे पर हो रही है क्यों कि
नीतीश कुमार शाह के बिहार मिशन के सामने झुकने को तैयार नहीं है और यह छापामारी उसी की एक कड़ी मानी जा रही है ।

क्यों कि धमेन्द्र प्रघान के सीएम से मुलाकात के बाद जिस तरीके से सुशील मोदी नीतीश कुमार के साथ खुल कर खड़े हो गये तो नीतीश थोड़ा सहज हो गये थे लेकिन शाह की बिहार टीम को यह रास नहीं आया और फिर नीतीश जिस आधार पर बीजेपी को आँख दिखता है उसी कड़ी को ही खत्म कर दिया जाये इसी रणनीति के तहत लालू परिवार पर छापा मारा गया है ताकि नीतीश कुमार से दूरी बना ले ।

2-शाह का यह दाव उलटा भी पर सकता है
लालू प्रसाद के ठिकाने पर हो रहे छापामारी मामले में राजद ने सीधा सीधा आरोप लगाया है कि जातीय जनगणना को लेकर नीतीश और तेजस्वी ने हाथ मिलाया है इस छापेमारे के पीछे यही वजह है ।

इस छापेमारी पर जद यू का बयान भी 2017 की तरह फायर नहीं है।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का बयान आया है कि सीबीआई छापेमारी पर अभी टिप्पणी करना जल्दी बाजी वैसे जातीय जनगणना पर नीतीश तेजस्वी के नजदीक आने की वजह से छापेमारी की बात गलत है वही लालू के ठिकानों पर छापेमारी पर मंत्री अशोक चौधरी का बयान आया है कि सीबीआई रेलवे भर्ती मामले में कर रही है छापेमारी,कुछ सबूत मिलने पर सीबीआई जांच कर रही होगी छापेमारी


वैसे आरजेडी के राजनीतिक साजिश पर टिप्पणी से किया इन्होंने इनकार कर दिया है हालांकि लालू प्रसाद के परिवार पर सबसे मुखर होकर बोलने वाले नीरज सिंह विधान पार्षद का अभी तक कोई बयान नहीं आया है ।
मतलब इस छापेमारी को लेकर जदयू के अंदर खाने में कुछ जरूर चल रहा है।

3-नीतीश बैक फायर कर सकते हैं
नीतीश को जानने वाले मान रहे हैं कि जो राजनीति बिहार में चल रही है ऐसे में मौका भी है दस्तुर भी है और ऐसे मौके का लाभ उठाने में नीतीश माहिर भी है और यह 2017 के निर्णय के कारण राष्ट्रीय स्तर पर ज़ो नुकसान हुआ उसकी भरपायी हो सकती है क्यों कि केन्द्रीय ऐज़ेंसी के बेजा इस्तमाल से सारा विपंक्ष परेशान है ।

वही आरसीपी का अब राज्यसभा जाना खटाई में पड़ सकता है क्यों कि बीजेपी को जवाब देने का ये सही मौका है ,वैसे राजनीति में हर पल चीजें बदलती रहती हैं ।

राबड़ी आवास सहित 15 ठिकानों पर सीबीआई की छपेमारी

आरआरबी मामले में छपेमारी,
पैसा लेकर नौकरी देने का मामला।
रेल मंत्री के दौरान 2004-2009 तक नौकरी में पैसा लेकर देने का मामला।

पटना हाईकोर्ट ने नाबालिग के साथ किये गये रेप मामलें में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया

जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह तथा जस्टिस हरीश कुमार की खंडपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद ये आदेश को पारित किया।

पूर्व विधायक की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वकील संजीव सहगल ने बहस करते हुए कोर्ट को बताया था कि रेप की घटना के कई दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। उनका कहना था कि एक साजिश के तहत विधायक को इस केस में अभियुक्त बनाया गया।

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वही जमानत अर्जी का विरोध करते हुए स्पेशल पीपी श्यामेश्वर दयाल ने कोर्ट को बताया था कि निचली अदालत ने सभी पहलू पर विचार कर अभियुक्त को दोषी करार दिया। उनका कहना था कि मेडिकल में रेप की पुष्टि हुई है। कई गवाह ने घटना के पक्ष में गवाही दी है।

पटना हाई कोर्ट ने राजधानी पटना में मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत पहाड़ी और रानीपुर मौजा में 76.96 जमीन रेल डिपो कॉर्पोरेशन के निर्माण के लिये अधिग्रहित किये जाने संबंधी पटना के भूमि अधिग्रहण अधिकारी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की

कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।

जस्टिस संजीव कुमार शर्मा ने ललिता देवी एवं अन्य द्वारा दायर किये गए लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।कोर्ट को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुमित सिंह ने बताया कि संबंधित पक्षों को बिना सुने ही उनकी जमीन को अधिग्रहण करने की कार्रवाई की गई है। ये गैर कानूनी है।

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याचिकाकर्ता ने भूमि अधिग्रहण अधिकारी द्वारा भूमि अधिग्रहण किये जाने संबंधी अधिसूचना को गैरकानूनी बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग कोर्ट से की है।

पटना हाईकोर्ट ने मगध विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पुष्पेन्द्र कुमार वर्मा समेत हिंदी विभाग के प्रोफेसर सह लाइब्रेरी इंचार्ज विनोद कुमार सिंह और सहायक सह कुलपति के निजी सचिव सुबोध कुमार को नियमित जमानत दे दिया

जस्टिस ए एम बदर की ने इन तीनों द्वारा दायर नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।

हाई कोर्ट ने निगरानी कोर्ट को निर्देश दिया कि इन्हें कोर्ट द्वारा निर्धारित किये गए मुचलका लेने के बाद जेल से रिहा किया जाय।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि इन लोगों पर लगे आरोप को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि ये लोग केवल इस अपराध की साजिश में शामिल है।

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लेकिन पैसे का जो भी लेनदेन हुआ है, वह कुलपति के निर्देश पर ही हुआ है .
गौरतलब है कि राज्य की निगरानी ब्यूरो ने कुलपतिऔर रजिस्ट्रार समेत अन्य के विरुद्ध आई पी सी की धारा 120 बी (अपराध करने के लिए रची गई आपराधिक साजिश) / 420(जालसाजी) व भ्रष्टाचार निवारण एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।इसमे इन लोगों का भी नाम शामिल है ।

जमीन को लेकर नाना–नाती बने इक दूसरे के दुश्मन, देसी थरनेट के साथ दोनों गिरफ्तार

अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस की माने तो पूरा मामला कड़ौना ओपी क्षेत्र के कनौदी का है। जहां जमीन के पैसे को लेकर विवाद चल रहा था। जिसको लेकर नाना-नाती आमने सामने आ गए।

पुलिस के द्वारा दो देसी बंदूक,तीन कारतूस और एक खोखा के साथ नाना नाती दोनों को गिरफ्तार किया गया है। कड़ौना ओपी की पुलिस ने कनौदी गांव में छापेमारी के दौरान यह सफलता प्राप्त की है ।

गिरफ्तार लोगों में से एक दीपक कुमार जो कि पेशे से शिक्षक है उसका आपराधिक इतिहास भी रहा है। एक साल पहले एक ढाबे पर गोली चलाने के आरोप में पुलिस को दीपक की तलाश थी। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों की कोर्ट में पेशी हुई। जिसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।

दीपक रंजन, एसपी, जहानाबाद

हाल के दिनों में जहानाबाद पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है एक दिन पहले ही शादी के दौरान फायरिंग के आरोपियों में दो की गिरफ्तारी हुई थी और फिर 1 दिन बाद ही इन दोनों की गिरफ्तारी से अपराधियों में डर का माहौल है।

जहानाबाद में जंजाल बना आंधी बारिश, पेड़ से दबकर एक की मौत करंट लगने से एक ने तोड़ा दम

जहानाबाद के कई इलाकों में आज तेज आंधी के साथ बारिश आई। एक और जहां गर्मी से लोगों को राहत मिली है वहीं दूसरी ओर आंधी और तूफान ने जान-माल की क्षति भी पहुंचाई है।

जहानाबाद के आसपास एक तो पहले से ही कई जगहों पर बिजली की तार जर्जर अवस्था में है। ऊपर से आंधी की वजह से शहर के धनगांवा में बिजली तार टूट कर गिर गई। उसी समय बकरी लाने जा रही एक महिला उसकी चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। पूरा मामला शहर के वार्ड नंबर 33 का है।


आंधी पानी का दिखा असर काको प्रखंड के बसंतपुर हरहर गांव में देखने को मिला। कहां आंधी में गिरा पेड़ बच्चे के पास काल बन गया।

पेड़ के नीचे दबकर एक बच्चे की मौत हो गई। वहीं एक और बच्चा घायल हो गया।

मस्जिद में मंदिर ढूढ़ते रहिए यहाँ तो हर शहर-शहर गॉंव-गाँव में औरंगजेब बैठा है

उमस भरी गर्मी से जैसे ही राहत मिली फिर क्या कहना था लंबे अंतराल के बाद आज दोपहर में सोने का मौका मिला गहरी नींद का आनंद ले ही रहे थे तभी एक एकवाट्सएप कॉल आया संतोष सर मैं विपिन अग्रवाल की पत्नी बोल रहे हैं मैं अभी भी टूटा नहीं हूँ पति और बेटा के कुर्बानी जाया नहीं होने देगे, पति के बाद बेटा भी सिस्टम से लड़ते लड़ते जान दे दिया ।

भू माफिया मेरे दोनों बच्चों की भी हत्या करने के फिराक में है मैं मोतिहारी छाेड़ दिया हूँ, अपने बहन के पास रहने के लिए आ गये है दोनों बच्चा को पढ़ाना चाहते हैं और मुकदमा भी लड़ना चाहते हैं आपसे बहुत उम्मीद है कुछ करिए ।

1-आरटीआई कार्यकर्ता था विपिन अग्रवाल
विपिन अग्रवाल सरकार के जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले भूमाफिया के खिलाफ तीन वर्षों से मोतिहारी से पटना तक लड़ाई लड़ रहा था इस दौरान कई बड़े भूमाफिया को अपना व्यवसायिक प्रतिष्ठान तक को खाली करना पड़ा था ।
लड़ाई अंतिम दौर में था और पटना हाईकोर्ट दस एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर निर्णय लेने वाले थे तभी मोतिहारी के हरसिद्धि में 24 सितंबर 2021 को हरसिद्धि ब्लॉक ऑफिस गेट के पास दिनदहाड़े गोली विपिन की मारकर हत्या कर दी गई थी उससे पहले विपिन पर कई बार हमला हुआ झूठे मुकदमें में फसाया लेकिन को झुका नहीं ।

RTI

2-पिता के हत्यारा पर कार्यवाही नहीं होने से आहत बेटा आत्मदाह कर लिया था।
पिता की हत्या के साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी और न्याय नहीं मिलने से परेशान रोहित ने 24 मार्च को आग लगाकर तीन मंजिले मकान से कूदकर जान दे दिया।

रोहित अपने पिता आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्या के साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए जद्दोजहद कर रहा था. पुलिस पर साजिशकर्ताओं से मिलीभगत करने का आरोप लगाते हुए उसने हरसिद्धि में अपने घर सामने स्थित तीन मंजिले एक निजी नर्सिंग होम की छत पर आग लगाकार कूद पड़ा. छत से कूदने के दौरान उसने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की थी।

3-विपिन अग्रवाल को मारने को दी गई थी 20 लाख की सुपारी
आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्या मामले में अरेराज डीएसपी अभिनव धीमान के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने बीते जनवरी में ही मुख्य शूटर सचिन सिंह को गिरफ्तार कर लिया था. हत्याकांड में शामिल दो शूटर सहित छह लोगों को हत्या की सुपारी में सहयोग करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार अपराधियों ने पुलिस के सामने दिए बयान में बताया था कि हरसिद्धि बाजार की करोड़ों की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के केस दर्ज करने को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या की गई थी और इसके 20 लाख रुपये में सुपारी दी गई थी, किसने सुपारी दिया उसका भी खुलासा किया लेकिन राजनैतिक दवाब के कारण पुलिस भूमाफिया पर हाथ डालने से घटना के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी हाथ डालने से बच रहा है।

4-विपिन अग्रवाल की पत्नी और दो मासूम बच्चा दो वक्त के रोटी के लिए दरबदर की ठोकरे खाने को मजबूर है
आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या मामले में सरकार का जो प्रावधान है उसका लाभ अभी तक परिवार को नहीं मिला है वही दूसरी ओर मुकदमे में गवाही ना दे इसके लिए पूरे परिवार को ही खत्म करने के फिराक में है किसी तरह छुप छुपा कर बहन के गाँव में रह रही है ।

मतलब सच की लड़ाई लड़ना कितना कठिन और मुशिकल है विपिन अग्रवाल के परिवार का हाल देरव कर समझा जा सकता है सिस्टम की चमड़ी कितनी मोटी हो गयी है इससे समझा जा सकता है पिता के हत्यारा पर पुलिस कार्यवाही करे ऐसा नहीं होते देख 14 वर्ष का बेटा शरीर पर मिट्टी तेल छिड़क कर जिंदा जला लिया फिर भी सिस्टम नहीं जगा ।

पटना हाई कोर्ट ने पटना-गया-डोभी एनएच 83 फोर लेन के मामले में सुनवाई की

चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने केंद्र व राज्य सरकार और एन एच ए आई को निर्देश दिया कि एन एच में सभी अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शीघ्र करें।

कोर्ट ने सम्बंधित ज़िला प्रशासन को अतिक्रमण हटाने में सहयोग और पुलिस बल मुहैय्या कराने का निर्देश दिया।साथ ही बिजली के पोल,पेड़ों की कटाई की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता,एन एच ए आई के अधिकारी और एन एच निर्माण करने वाली कंपनी को पटना गया डोभी राजमार्ग का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था आज कोर्ट में इस कमिटी ने निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत किया।

कोर्ट ने पिछली सुनवाई में ज़िला प्रशासन को, जिनका भूमि अधिग्रहण किया गया है, उन्हें मुआबजा देने की कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया।

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कोर्ट ने पूर्व की सुनवाई में निर्माण कंपनी से कहा कि कार्य करने की गति काफी धीमी हैं ।कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया था कि वे निर्माण के लिए की जा रही कार्रवाई का ब्यौरा अगली सुनवाई में कोर्ट में प्रस्तुत करें।

राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने कोर्ट को बताया कि इस राष्टीय राजमार्ग का निर्माण तीन चरणों में होना है।पटना से जहानाबाद, जगनाबाद से गया तथा गया से डोभी तक होने वाली निर्माण कार्य धीमी प्रगति से चल रही है। एनएच की ओर से कोर्ट को बताया गया कि निर्माण कार्य चल रहा है।

21जुन , 2022 को इस मामलें पर फिर सुनवाई की जाएगी।

छूट पर टूट पड़ी भीड़, गंभीरता को भांपते हुए पहुंची पुलिस

जहानाबाद स्टेट बैंक के समीप संचालित एक मॉल में भारी छूट पर लोगों की भीड़ इस कदर टूट पड़ी कि उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।

दरअसल मॉल संचालक द्वारा 70 परसेंट तक सूट की घोषणा कर दी गई थी जिसकी जानकारी मिलते ही शहर और गांव के लोग खरीदारी के लिए टूट पड़े। देखते ही देखते मॉल के अंदर से लेकर बाहर तक तिल रखने की जगह नहीं बची।

उमस भरी गर्मी में इस भीड़ के कारण कई महिलाएं भी बेहोश हो गई। जिसे मौजूद लोगों द्वारा पानी छिड़ककर होश में लाया गया। इस अनियंत्रित भीड़ की जानकारी मिलते ही नगर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने मॉल संचालक को सख्त चेतावनी दी गई कि इस तरह के भीड़ नहीं लगनी चाहिए। इसके कारण यदि किसी तरह की अनहोनी होती है तो उसका जिम्मेदारी मॉल संचालक होगा।

नगर थाने की पुलिस के सख्त चेतावनी के बाद मॉल संचालक लोगों को जाने के लिए कहते रहे लेकिन लोग सामान की खरीदारी किए बिना टस से मस नहीं हो रहे थे।

बताते चलें कि मॉल संचालक कुछ सामानों को भारी छूट के तहत बेचना चाह रही है। इसे लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया था। जिससे लोग खरीदारी के लिए इस कदर टूट पड़े कि भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया।

पूर्णिया के डगरुआ बीडीओ के कार्यालय में ईओयू ने छापामारी की

पूर्णिया के डगरुआ बीडीओ के कार्यालय में आज 2:15 घंटे तक ईओयू की 8 सदस्य टीम ने छापामारी की . इस दौरान टीम ने कई दस्तावेजों को भी खंगाला. हालांकि ईओयू की टीम ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया ।

काफी पूछने के बावजूद ईओयू के डीएसपी जाकिर हुसैन ने कहा कि वह कुछ भी जानकारी नहीं दे सकते हैं. पटना से एडीजी नैयर हसनैन खान ब्रीफ करेंगे .दरअसल ईओयू की टीम 10:00 बजे डगरुआ बीडीओ अजय कुमार प्रिंस के कार्यालय में पहुंचे और करीब 12:15 बजे तक प्रखंड कार्यालय में दस्तावेजों को खंगाला।

EOUBihar

इस दौरान टीम के सदस्यों ने बीडीओ और नाजिर को बुलाया भी लेकिन दोनों में से कोई टीम के सामने उपस्थित नहीं हुए. टीम छापामारी करने के बाद यहां से रवाना हो गई है. गौरतलब है कि ईओयू में बीडीओ अजय कुमार प्रिंस पर अकूत संपत्ति व आय से कई गुना अधिक संपत्ति होने का आरोप लगा था। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी । इसके बाद आज ईओयू की टीम ने बीडीओ के कई ठिकानों पर छापामारी की है।

EOU की कारवाई : अजय कुमार प्रिंस प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के विरुद्ध की कारवाई

अजय कुमार के चार ठिकाने पर की जा रही है छापेमारी

पूर्णियों जिला के डगरूआ प्रखंड में पदस्थापित है अजय कुमार प्रिंस

अजय कुमार पर अपने पद का दुरुपयोग कर अकूत संपत्ति अर्जित करने का है आरोप

परिसम्पत्तिया स्वयं तथा अपने परिजनों के नाम से अर्जित करने का EOU को मिला है साक्ष्य

प्रिंस के विरुद्ध आर्थिक अपराध थाना दर्ज FIR पर की जा रही ही छापेमारी

IPS की धारा 13 (2) सह पठित धारा 13 (1) (b) भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम, 1988 यथा संशोधित 2018 दर्ज कर अनुसंधान किया गया है प्रारंभ

FIR के अनुसार आय से 229% अधिक है इनकी परिसम्पत्ति

EOU Bihar

न्यायालय से तलाशी अधिपत्र प्राप्त कर आज दिनांक 19.03.2022 को आर्थिक अपराध इकाई के पुलिस उपाधीक्षकों / पुलिस निरीक्षकों के नेतृत्व में गठित विशेष टीमों द्वारा श्री प्रिंस के निम्नांकित ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है :

i. डिफेंस कॉलोनी, दानापुर, पटना स्थित मकान, ii. दालकोला, पश्चिम बंगाल स्थित मकान,

iii. ग्राम- वाजिदपुर कस्तूरी, थाना- देसरी, जिला- वैशाली स्थित पैतृक आवास एवं

iv. प्रखण्ड कार्यालय, डगरूआ पूर्णियां ।

विस्तृत प्रतिवेदन बाद में प्रेषित किया जाएगा

पटना हाईकोर्ट ने फिटनेस सर्टिफिकेट जमा करने में देरी होने पर प्रत्येक दिन पचास रुपया दंड देने की अधिसूचना पर फिलहाल कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है

बिहार ट्रक ऑनर एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई की।

अधिवक्ता बद्री नारायण सिंह ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने मोटर वाहन कानून में बदलाव कर फिटनेस सर्टिफिकेट देर से देने पर प्रत्येक दिन पचास रुपये का दंड लगाने का प्रावधान किया है। फिटनेस सर्टिफिकेट खत्म होने के बाद गाड़ी को हर तरह से दुरुस्त करने में समय लगता है।

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इतना ही नहीं, गाड़ी मालिकों के पास समुचित पैसा नहीं रहने पर भी गाड़ी को दुरुस्त करने में समय लगता है। ऐसे में प्रत्येक दिन पचास रुपये का दंड लेना न्यायोचित नहीं है।

कोर्ट ने फिलहाल इस प्रावधान को अमल में लाने से मना किया है। अब, उक्त मामले पर अगली सुनवाई आगामी 11 अगस्त को की जाएगी।

विभाग की लापरवाही से दो मजदूरों की जान पर आई आफत, काम के दौरान बिजली का शुरु हुआ प्रवाह

जहानाबाद । बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से दो मजदूरों की जान जाते-जाते बची। दरअसल खैरा गाँव के पास बिजली विभाग का काम चल रहा है। इसी दौरान कार्य कर रहे दो मजदूर हाई वोल्टेज तार की चपेट में आकर झुलस गए।

जिन्हें इलाज के लिय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। साथ काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि 11000 बोल्ट की तार मरम्मती का काम चल रहा था। इसी दौरान ग्रीड और लाइनमैन की लापरवाही की वजह से तार में बिजली प्रवाहित हो गया जिसकी चपेट में आकर दोनों मजदूर झूलस गए।

वौशाली में छात्रा की हत्या से सनसनी, एक सप्ताह में दूसरी लड़की की हत्या

वैशाली के लालगंज में देर शाम अज्ञात अपराधियों ने ट्यूशन पढ़ा कर लौट रही एक 22 वर्षीय छात्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।

घटना लालगंज थाना क्षेत्र स्थित प्रखंड कार्यालय के पास की है। मृत छात्रा का नाम अंकिता शर्मा है जो चिकपट्टी स्थित मोहम्मद शाहिद के घर से ट्यूशन पढ़ा कर लौट रही थी तभी प्रखंड कार्यालय से कुछ दूरी पर अपराधियों ने अंकिता को गोली मार दी।

जिसकी सूचना परिजनों को मिली तो आनन फानन में गंभीर रूप से घायल छात्रा को लालगंज रेफ़रल अस्पताल ले जाया गया जहाँ से उसे हाजीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सको ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बताया जा रहा है पिछले तीन माह से वह मोहम्मद शाहिद के घर पढ़ाने जा रही थी और लगभग साढ़े 6 के आसपास लौटती थी।घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है तो वहीं मौके पर पहुंच कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

जहानाबाद एक महिला के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास, साहस दिखाकर महिला ने बचाई अपनी आबरू

जहानाबाद । जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र के फल्गु नदी के किनारे एक महिला से 3 लोगों ने दुष्कर्म करने का प्रयास किया । साहस दिखाते हुए महिला ने अपनी आबरू बचाने में कामयाब रही।

बताया जाता है कि नंदना गांव से अपने ससुराल जा रही थी रंभा देवी काल्पनि नाम जैसे ही फल्गु नदी के तट पर पहुंची पूर्व से ही तीन लोग बैठे हुए थे सुनसान इलाका देखकर एवं एक महिला को अकेली देखकर उन लोगों ने महिला को पकड़ लिया। और झाड़ी के किनारे ले जाने लगा महिला जोर जोर से चिल्लाने लगीलेकिन महिला के पीछे उसका एक बेटा भी आ रहा था।

जैसे ही अपराधियों ने महिला को पकड़ कर उसके साथ गलत करने का प्रयास करने लगा। महिला जोर जोर से चिल्लाने लगी मैं मां की आवाज सुन बेटे ने दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचा ।बेटे एवं आसपास के लोगों को देखकर सभी अपराधी भाग खड़े हुए। तीन लोगों के खिलाफ महिला द्वारा घोसी थाने में आवेदन दिया गया है ।पुलिस मामले की जांच में जुट गई है । महिला ने साहस का परिचय देते हुए अपने आबरू बचाने में कामयाब रही।

यह घटना शाम करीब 5:00 बजे की बताई जा रही है । पुलिस का कहना है महिला द्वारा लिखित आवेदन दिया गया है। इसके आधार पर अपराधियों को पकड़ने के लिए कार्यवाही की जा रही है । लेकिन जिस तरह से दिनदहाड़े एक महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया जा रहा है इससे तो ही प्रतीत होता है कि अपराधियों में पुलिस प्रशासन का भय समाप्त होता जा रहा है । और अपराधी का मनोबल बढ़ता जा रहा है।

सोनपुर में बेखौफ अपराधी, दिन दहाड़े ग्रामीण बैंक में लूट

खबर सोनपुर से है जहाँ बेखौफ अपराधियों का तांडव जारी है और एक के बाद एक लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला सोनपुर का है जहां गोविन्द चक घेघटा स्थित उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में दिन दहाड़े लगभग छह लाख रुपये की लूट की घटना को अंजाम देकर अपराधियों ने सनसनी फैला दी है ।

सात की संख्या में बैंक में घुसे अपराधियों ने बैंक कर्मियों को बंधक बना कर घटना को अंजाम दिया है । घटना की सूचना पाकर मौके पर एएसपी अंजनी कुमार पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि अपराधियों ने बैंक कर्मियों को डरा धमका कर पांच लाख 96 हजार रुपये लूट लिए ।

#Crime
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जब तक पुलिस पहुंचती तब तक सभी फरार हो गये । सीसी टीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दिया है ।

अन्तरराष्ट्रीय मंच पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, लंदन में कई कार्यक्रम में होंगे शामिल

अन्तरराष्ट्रीय मंच पर लंदन में आयोजित कई कार्यक्रमों में वक्ता के रूप में भाग लेने के लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव को आमंत्रित किया गया है। जिसमे भाग लेने वे लंदन गये हैं।

उक्त जानकारी देते हुए राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने बताया कि 18 से 20 मई तक लंदन में आयोजित एसबीएफ ( SBF)और ब्रीज इन्डिया ( Bridge India ) के ” भारत के लिए विचार ” ( Ideas for India ) कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव का सम्बोधन 20 मई को होगा । तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस में 13 सत्र आयोजित किए जाएंगे।

कॉन्फ्रेंस में अनिवासी भारतीयों और प्रवासी भारतीयों के साथ आने वाले वर्षों में भारत के भविष्य पर चर्चा की जायेगी।
इस कॉन्फ्रेंस में भारत से शामिल होने वाले प्रतिनिधियों में हीरो साइकिल के एमडी पंकज मुंजल, सीपीआईएम के जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी, राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता सांसद मनोज झा , गो डेयडी इंडिया के एमडी निखिल अड़ोड़ा, तेलंगाना के मंत्री केटी रामा राव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के नाम शामिल है ।इसके अलावा कुल 10 देशों से डेलीगेट शामिल होंगे ।

इसके साथ हीं द कैम्ब्रिज साउथ एशिया फोरम द्वारा 22 मई को विश्व प्रतिष्ठित कैम्ब्रिज कैम्पस में आयोजित ” भारत में विपक्ष की राजनीति का भविष्य ” विषय पर परिचर्चा में तेजस्वी प्रसाद यादव वक्ता के रूप में शामिल होंगे । इस परिचर्चा में अन्य वक्ता के रूप में कौंग्रेस के सलमान खुर्शीद , तृणमूल-कांग्रेस की महुआ मोइत्रा , टीआईपीआरए के प्रत्युद विक्रम माणिक्य देव बर्मन और सीपीएम के सीताराम येचुरी शामिल हैं ।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर नेता प्रतिपक्ष को वक्ता के रूप में आमंत्रित किए जाने से बिहार का मान और सम्मान बढ़ा है। आज हर बिहारी अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। इतने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच और विश्व प्रतिष्ठित कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में सम्बोधन करना अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है।

#ViralVideo छपरा का सरकारी स्कूल बना अखाड़ा, वायरल हो रही तस्वीरे

छपरा में अमनौर प्रखंड के ढोरलाही पंचायत के एक सरकारी स्कूल में 2 शिक्षकों की लड़ाई का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

दोनों शिक्षक WWE के कुश्ती अंदाज में विद्यालय परिसर में ही लड़ते दिखाई दे रहे हैं। दोनों शिक्षकों के बीच हाजिरी बनाने को लेकर विवाद की बात सामने आई है लेकिन जिस तरह से शिक्षक विद्यालय परिसर में ही लड़ रहे हैं उससे कहीं ना कहीं सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस मामले को लेकर विद्यालय की हेड मास्टर ने वरीय अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है क्योंकि ऐसी तस्वीरें इस विद्यालय में रोज की बात हो गई है।

सीएसपी संचालक को मारी गोली, क़रीब पौने दो लाख की लूट

पूर्णिया के बायसी थाना के बायसी पूरब चौक के पास आज अपराधियों ने एक सीएसपी संचालक को गोली मारकर उसे 173000 लूट लिया। गनीमत रही कि गोली उनके पेट को छूते हुए निकल गया, वह बाल-बाल बच गया ।

सीएसपी संचालक सनोवर आलम ने कहा कि वह बैंक से रुपया निकाल कर अपने सीएसपी जा रहा था। तभी पूल के पास कुछ अपराधी पहले से घात लगाए हुए था। वह थैला छीनने लगा, जब उसने विरोध किया तो अपराधियों ने गोली चला दी जो उसके पेट को छूते हुए गुजर गई।

#Crime
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सूचना मिलते ही बायसी एसडीपीओ और थाना के पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है।

दो दिन पहले हुई शादी, आज ट्रेन के सामने कूदा युवक, अस्पताल में भर्ती

जहानाबाद । जहानाबाद के विशनगंज मोहल्ला में एक युवक ने आत्महत्या की कोशिश की। युवक उठा मदारपुर मोहल्ले का रहने वाला था जिसका नाम अमन है।

प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो अमन चलती ट्रेन के सामने कूद गया। वहां मौजूद लोगों ने गंभीर रूप से घायल अमन को सदर अस्पताल जहानाबाद पहुंचाया। जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।

डॉक्टर ने बताया कि चेहरे और जबड़े पर ज्यादा चोट है। व्हाई परिवार वालों ने बताया कि 2 दिन पहले ही उसकी शादी हुई थी कॉल रिसेप्शन हुआ था। और आज उसने आत्महत्या की कोशिश की घटना के पीछे कारण क्या है यह अभी पता नहीं चल पाया है।

Patna High Court News : पटना हाई कोर्ट ने विभागीय कार्यवाही के संचालन में सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैए पर नाराजगी जाहिर करते हुए राज्य के स्वास्थ्य पर 25 हजार रुपए बतौर हर्जाना लगाया

जस्टिस पी बी बजन्थरी ने डा. अरुण कुमार तिवारी की रिट याचिका को मंजूर करते हुए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया इस हरजाने की राशि एक महीने में बिहार विधिक सेवा प्राधिकार में जमा करें ।

हाई कोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताया कि जुलाई, 2002 में जिस विभागीय कार्यवाही को शुरु किया , उसमे आरोपी कर्मी को विभागीय आरोप पत्र ( चार्ज मेमो ) एवं विभागीय साक्ष्य की सूची तक नहीं सौंपी गई थी ।

याचिकाकर्ता इस बात को लेकर कल भी हाई कोर्ट आया था और कोर्ट ने याचिकाकर्ता को बर्खास्तगी को निरस्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग को फिर से कार्यवाही संचालन करने का आदेश 2011 में दिया था ।

हाई कोर्ट आदेश के आलोक में जो कार्यवाही शुरू हुई, उसमे भी याचिकाकर्ता को आरोप पत्र और साक्ष्यों की सूची से वंचित रखा गया था।साथ ही अनुशासनात्मक अधिकारी ने विभागीय जांच रिपोर्ट तक याचिकाकर्ता को नहीं दिया था,ताकि वो अपना बचाव प्रस्तुत कर सके।

PatnaHighCourt
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हाई कोर्ट के आदेश होने के बाद भी अपीलीय प्राधिकार ने कोई निर्णय नहीं लिया, तब याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में अवमानना का मामला दायर किया। अवमानना के डर से अपीलीय प्राधिकार ने आनन फानन में अपील को 2018 में खारिज कर दिया।

तब याचिकाकर्ता को चौथी बार हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा । हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के पिछले आदेश में सरकार से जिन जरूरी तथ्यों के बारे में पूछा, उसका कोई सटीक जवाब नही मिला। तब स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव तलब हुए ।
आज स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी प्रधान सचिव कोर्ट में हाजिर हुए । हाई कोर्ट ने लंबे आदेश में उपरोक्त तथ्यों को उजागर करते हुए सरकार की गैर जिम्मेदाराना हरकत पर ही 25 हजार का हर्जाना लगाया ।

साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता की बर्खास्तगी को निरस्त करते हुए उसके वेतन भत्ते बकाए सहित सभी सेवा लाभ देने का भी निर्देश दिया है ।