मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे को लेकर पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि उत्तर पूर्वी उत्तर दक्षिण और पश्चिमी मध्य भाग में अगले 24 घंटों तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बरसात होगी।

साथ ही मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की भी संभावना है।
मनेर के शेरपुर में हुए नाव हादसे के शिकार लोगों के दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने अपनी पत्नी और किसी ने अपनी बेटी।
नाव हादसे में लगभग 10 लोग गायब हुए थे जिसमें से 2 लोगों का शव एनडीआरएफ की टीम ने बरामद किया लेकिन अभी भी 8 लोगों की तलाश जारी है। नाव हादसे में 10 लोग लापता हुए थे, 10 लोगों के नाम भी प्रशासन ने जारी किए थे। जिसमें से 2 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं विनोद राय और कंपन देवी के शव बरामद किए गए हैं नाव हादसे वाले दिन काफी भयावह स्थिति थी हादसे के शिकार कंपन देवी के पति भोला प्रसाद भी सवार थे।
उनके अनुसार सारे लोग डूब रहे थे कोई घास तो कोई तैर कर पार होने की कोशिश कर रहा था वह भी पार कर रहे थे और तीन बार डूबे और फिर उभरे और जब उन्हें बांस का सहारा मिला तो बाहर निकल गए लेकिन उनकी पत्नी नदी में बहती हुई कहां चली गई उनको पता नहीं चला।
2 दिन के बाद शव बरामद किया गया और उन्हें सौंपा गया उनका दर्द आज भी झलक रहा है मौत के मुंह से निकले मृतक कंपन देवी के पति भोला प्रसाद का कहना है कि काफी मुश्किल भरा समय था । हम लोग रोज नाव से उस पार अपने मवेशियों का चारा लाने के लिए जाते थे और उस दिन भी गए थे और लौटते वक्त बीच धारा में उल्टा पड़ने की वजह से नाव पलट गई ।
और सभी नाव पर सवार 55 लोगों गंगा में डूब गए लेकिन किसी को नाव पर रखे घास का सहारा मिला तो किसी का उधर से नाव जा रही उसके बांस का, लोगों की जानें बची लेकिन अभी 10 में से 8 लोग के शव की बरामद नहीं किया गया उनकी तलाश एनडीआरएफ कर रही है प्रशासन भी लगी हुई है।

बक्सर की सड़क पर स्वास्थ्य विभाग की लचार व्यवस्था देखने को सामने आ रही है कि किस तरह से एक मरीज के परिजन अपने मरीज को टैंपू पर खटिया लगा करके उस पर लाद कर के तकरीबन 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं। वह भी जब की मरीज के जांघ के कूल्हे की हड्डी टूटी हुई है ।
परिजन ने बताया कि वे लोग बक्सर जिले के ईटहरी थाना के हकीमपुर गांव के रहने वाले हैं और इन इनके पिता जयराम की जाँघ की हड्डी टूट गई है जिसके बाद यह लोग सरकारी अस्पताल की लचर व्यवस्था को देखते हुए वहां ना जाकर निजी अस्पताल ले जा रहे थे।
छपरा में मसरख के देवरिया में सड़क हादसे का एक लाइव वीडियो सामने आया है। मशरक मलमलिया सिवान शीतलपुर एस एच 73 पर मशरक थाना क्षेत्र के देवरिया नहर पर दो बाइक की टक्कर में दो शख्स घायल हो गए।घायल दोनों हाजीपुर में स्वास्थय कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं वे हाजीपुर से बाइक पर सवार होकर गोपालगंज जिले के फुलवरिया अपने गांव जा रहें थें।
घायल दोनों को इलाज के लिए निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया जहां उसकी पहचान गोपालगंज जिले के फुलवरिया गांव निवासी अविनाश कुमार पिता ललन साह और गुड्डू कुमार पिता रामाकांत गुप्ता के रूप में हुई। बाइक दुर्घटना की घटना बगल के निजी नर्सिंग होम में लगें सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
घटना में दिख रहा है कि दोनों घायल बाइक पर सवार होकर गोपालगंज की तरफ जा रहें हैं उसी वक्त आगे जा रहा बाइक सवार एकाएक बहरौली गांव में जाने के लिए बाइक मोड़ दिया जिससे दोनों की टक्कर हो गई जिसमें दोनों घायल हो गए वही सड़क किनारे खड़ा वृद्ध भी गिर पड़ा।घायल को इलाज के लिए निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया।

किशनगंज को कैराना बनाने की तैयारी है क्या? क्यों कि बिहार में सत्ता से जैसे ही बीजेपी बाहर हुई है अचानक उसका फोकस सीमांचल के जिलों में बढ़ गया है खुद अमित शाह इस अभियान की शुरुआत करने वाले हैं जेपी नड्डा भी आ रहे हैं और जो जानकारी मिल रही है इस माह के अंत में किशनगंज में बीजेपी नेताओं का बड़ा जमावड़ा लगने वाला है, तो फिर यह माना जाए कि किशनगंज के सहारे बीजेपी बिहार साधने की तैयारी शुरु कर रही है।
वैसे बात किशनगंज कि करे तो देश और दुनिया का यह पहला इलाका है जहां समतल भूमि पर हजारों एकड़ में चाय की खेती हो रही है वो भी बढ़िया क्वालिटी की ,इतना ही नहीं बड़े स्तर पर अनानास की खेती होती है कई किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती करके इन इलाकों में एक अलग तरह की अर्थतंत्र स्थापित किया है ।
इसी तरह हल्दी सहित कई मशाले और सब्जी की खेती बड़े स्तर हो रहा है जिसके पीछे मुस्लिम मजदूरों की बड़ी भूमिका है ।मेरा जो अनुभव रहा है बिहार में खेती की बात करे तो किशनगंज के टक्कर में बिहार का कोई जिला दूर दूर तक नहीं है नालंदा और समस्तीपुर सब्जी के मामले में बेहतर उत्पादक जिला जरुर है लेकिन इन दोनों जिला के पास बाजार नहीं है । लेकिन किशनगंज के साथ बड़ा लाभ यह है कि उसके खेत की सब्जी कोलकाता ,दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी सुबह सुबह पहुंच जाता है ,और इस वजह से बढ़िया दाम भी मिल जाता है । इतना खुशहाल किसान बिहार के दूसरे जिले में नहीं है अनानास की खेती करने वाले किसानों का पैदावार खेत में ही लगा रहता है कि पंजाब के बड़े से बड़े कारोबारी पहले ही खरीद लेते हैं और यहां पहली बार मैंने देखा कि व्यापारी नहीं किसान अपने उपज का कीमत खुद तय करता है क्यों कि खरीददार की कोई कमी नहीं है इस वजह से दूर से भले ही हिन्दू मुसलमान और किशनगंज जिले के डेमोग्राफी बदलने की नैरेटिव बनाया जा रहा है लेकिन एक बड़ी सच्चाई यह भी है कि बांग्लादेशी मुसलमानों की वजह से इन इलाकों में हुनरमंद और शारीरिक रूप से मजबूत मजदूर की कोई कमी नहीं है।

बात लॉ इन ऑर्डर की करे तो उससे बुरी स्थिति सिवान और दूसरे मुस्लिम इलाके का है बॉर्डर होने के कारण काम का अवसर काफी ज्यादा है फिर यहां आपको अफगान,ईरान सहित कई मुस्लिम देश के लोग आपको मिल जायेंगे जो घोड़ा का कारोबार करने किशनगंज आता था। वही मुसलमान भी कई भागों में बंटा हुआ और वो भी बांग्लादेशी मुसलमानों से दूरी रखते हैं और कभी तनाव बढ़ता है तो बांग्लादेशी मुसलमानों के खिलाफ हिन्दू के साथ यहां के स्थायी मुसलमान भी खड़े हो जाते हैं यहां उस तरह की स्थिति नहीं है जैसा कटिहार के कुछ इलाको में है हालांकि संघ का इस इलाके में अच्छी पकड़ रही है और हिन्दू एकता को लेकर एक फोर्स जरुर तैयार कर दिया है लेकिन जब से तस्लीमुद्दीन के परिवार का वर्चस्व कमा है चीजे काफी बदल गयी है ।
वही पैसा हिन्दू के पास संपत्ति हिन्दू के पास है इसलिए इन इलाके हिन्दू उस तरह से अपने आपको असुरक्षित महसूस नहीं करते हैं पटना के बाद होटल इंडस्ट्रीज भी किशनगंज में काफी बड़ा है। इसलिए बीजेपी के लिए किशनगंज के सहारे हिन्दू मुस्लिम नैरेटिव को साधना बहुत बड़ा टास्क होगा क्यों कि संघ भी अब पहले जैसे मजबूत स्थिति में इन इलाकों में नहीं रहा व्यापार और वाणिज्य के फैलाव के कारण पहले से स्थिति काफी बदल गयी है और लॉ इन ऑर्डर की स्थिति भी पहले से काफी बेहतर है हां ये बात हो सकती है कि किशनगंज मॉडल के सहारे बिहार के अन्य जिलों में मुसलमानों के खिलाफ एक माहौल बनाया जा सकता देखिए आगे आगे होता है क्या यह बिहार है बहुत मुश्किल है इस तरह से सियासी दाव को साधना
पटना, 06 सितंबर 2022। पटना हाईकोर्ट में आज इन मामलों की होगी सुनवाई :
1. पटना हाईकोर्ट ने बिहार राज्य में मानसिक स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं से सम्बंधित मामलें पर सुनवाई की जाएगी। कोर्ट ने इस मामलें सुनवाई करते हुए पिछली सुनवाई में राज्य सरकार को प्रगति रिपोर्ट दो सप्ताह में देने का निर्देश दिया था। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ आकांक्षा मालवीय की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
2. पटना हाईकोर्ट में राज्य के सरकारी व निजी लॉ कालेजों से सम्बंधित जनहित याचिका पर सुनवाई की जाएगी।पिछली सुनवाई में कोर्ट ने गया के अनुग्रह नारायण लॉ कॉलेज और बक्सर के जननायक कर्पूरी ठाकुर लॉ कॉलेज के स्थिति के सम्बन्ध में बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया को जवाब देने का निर्देश दिया था। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ कुणाल कौशल की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।

3. सासाराम के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे बुचडखाने से होने वाले प्रदूषण और आम नागरिकों के स्वास्थ्य के खतरे के मुद्दे पर दायर जनहित याचिका पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ धर्मदेव पासवान की याचिका पर सुनवाई करेगी।
छपरा में मशरक के डुमरसन गांव में प्रसव के दौरान झोला छाप डॉक्टर के द्वारा गलत ऑपरेशन के बाद जच्चा बच्चा की मौत हो गई। इस घटना से नाराज लोगों ने झोलाछाप डॉक्टर की जमकर पिटाई कर दी। पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि मशरक थाना क्षेत्र के कर्ण कुदरिया निवासी की 23 वर्षीय महिला एवम नवजात की मौत डिलेवरी के दौरान निजी क्लीनिक में झोला छाप तथाकथित डॉक्टर द्वारा ऑपरेशन के बाद हो गई।
जानकारी के अनुसार मृतक महिला कर्ण कुदरिया गांव निवासी सोनू राम पिता राजेंद्र राम की 23 वर्षीय पत्नी सिंधु देवी है। मामले में परिजनों ने बताया कि दो वर्ष पूर्व शादी हुई मृतक सिंधु देवी शादी के बाद गर्भवती हुई। उसको डिलेवरी के लिए डुमरसन बाजार अवस्थित निर्मल सेवा सदन में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सक के पी यादव का बोर्ड लगा था किंतु किराना एवम दवा दुकान चलाने वाले द्वारा ऑपरेशन कर डिलेवरी कराई गई।



जिसमे नवजात की मौत हो गई वही कुछ घंटों बाद महिला की स्थिति बिगड़ने लगी जिस पर चिकित्सक के द्वारा परिजनों के साथ छपरा गाड़ी से ले जाया गया जहां उसकी भी मौत हो गई। मौत होते ही परिजनों ने हंगामा करना शुरू किया ।
देश के प्रथम स्वदेशी नवनिर्मित युद्धपोत आई एन एस विक्रांत के निर्माण में मुजफ्फरपुर के लाल का मेहनत भी रंग लाया है। जानकारी के मुताबिक डॉल्फिन पब्लिक स्कूल के छात्र रहे आशीर्वाद किशोर, जो बी टेक इंजीनियर हैं, वे भी विशाखापट्टनम के शिपयार्ड में विक्रांत के निर्माण क्रू में शामिल थे और छह वर्षों के अथक परिश्रम के बाद यह निर्माण अपने स्वरूप में आया है।

उनकी इस काबिलियत पर न सिर्फ डॉल्फिन पब्लिक स्कूल बल्कि जिलेवासी भी गौरवान्वित महसूस कर रहे है. आशीर्वाद के उपलब्धि पर उनके स्कूल में जश्न का माहौल हैं, और शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष भोज का आयोजन किया गया हैं.आशीर्वाद की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार ने शिक्षक दिवस के अवसर पर उनकी मां सत्यप्रिया जो कि इसी विद्यालय में शिक्षिका हैं, को विशेष रूप से सम्मानित किया है।
माँ सत्यप्रिया ने कहा कि मै अपने बेटे की उपलब्धि से काफ़ी खुश हूं.आशीर्वाद के पिता एलआईसी में विकास पदाधिकारी के पद पर सेवारत हैं। विदित हो कि आशीर्वाद ने डॉल्फिन स्कूल से ही 12वीं कक्षा तक स्कूली पढ़ाई की। बाद में उसने राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर में बी टेक इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। एक मेधावी और काबिल इंजीनियर के रूप में उन्हें आई एन एस विक्रांत के निर्माण शुरू में शामिल किया गया था इस उपलब्धि के साथ भारत उन विकसित देशों में शामिल हो गया है जिनको स्वदेशी सामरिक युद्ध बेड़ा निर्माण करने की क्षमता है।

वहीं आशीर्वाद के स्कूल के मैनेजर धर्मवीर कुमार ने कहाँ कि ये हमारे लिए गर्व की बात है कि इस स्कूल के छात्र आशीर्वाद ने देश के स्वदेशी निर्मित युद्धपोत INS विक्रांत को बनाने में अपनी भूमिका निभाई हैं, ऐसे में हम अन्य छात्रों को भी प्रेरित करते हैं कि वो हमेशा कुछ अलग करने की कोशिश करें.
जहानाबाद के लक्ष्य डिफेंस ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग करने वाले कई छात्र–छात्राओं का बिहार दरोगा एवं बिहार पुलिस में सिलेक्शन हुआ है। वहीं लक्ष्य डिफेंस ट्रेनिंग सेंटर में छात्र छात्राओं का खुशी का देखा गया छात्र-छात्राएं एक दूसरे को बधाई देते हुए दिखे और वही लक्ष्य डिफेंस ट्रेनिंग सेंटर में सफलता हुए छात्र एवं छात्रा को संचालक के द्वारा छात्र –छात्राओं को सम्मानित समारोह का एक कार्यक्रम रखा गया।
वही सफलता के सभी छात्र छात्रा को शिक्षक द्वारा एवं सम्मानित किया गया। एवं उनके उज्जवल भविष्य के लिए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी गई।
जहां संचालक ने बताया कि यहां के सभी छात्र छात्राएं नियमों के साथ पढ़ाई एवं मन लगाकर ट्रेनिंग किया करते थे। जिसका परिणाम उन्हें सफलता के रूप में मिली है। वही जब कुछ छात्र छात्राओं से बात किया गया तब उन्होंने बताया कि जहानाबाद में मात्र एक के लक्ष ट्रेनिंग सेंटर है जहां उन्होंने आकर अपनी सपना को पूरा किया।

उन्होंने बताया कि यहां हर प्रकार की सुविधा है और सभी सर के द्वारा सही मार्गदर्शन दिया जाता है यहां ट्रेनिंग से लेकर मेडिकल तक को सफल होने की ट्रेनिंग दी जाती है। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि अगर कोई जहानाबाद के छात्र या जहानाबाद से बाहर के छात्र अगर अपना लक्ष्य प्राप्त करना चाहते हैं। तो एक बार जरूर लक्ष ट्रेनिंग सेंटर में आए।
04 सितंबर 2022। आज नेशनल काउंसिल की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संबोधित करते हुए इस बात को स्वीकार किया कि 2017 में भारतीय जनता पार्टी के साथ जाना गलती थी।

हमारे भारतीय जनता पार्टी के साथ जाने से कई हमारे लोग थे वो अलग हो गए अब हम फिर वापस आ गए हैं तो सभी लोगों ने हमारे फैसले को सराहा है।
पटना सिटी के मालसलामी थाना क्षेत्र के दमरही घाट पर उस वक्त अफरा तफरी मच गई, जब गंगा में नहाने के दौरान तीन नवयुवक गंगा में डूब गए। घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए एक नवयुवक को सकुशल गंगा से बाहर निकाल लिया। वही दो नवयुवक नदी की तेज धार में बह गए।
स्थानीय लोगों द्वारा घटना की जानकारी पुलिस और एसडीआरएफ को दिए जाने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर गंगा में डूबे दोनो नवयुवकों के शव की तलाश में जुट गई है। हालांकि अब तक दोनो शवो की बरामदगी नहीं हो सकी है। गंगा में डूबे दोनों नवयुवक मालसलामी थाना क्षेत्र के छोटी मंदिर मोहल्ला निवासी बताए जाते हैं। हालांकि दोनों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है।
बताया जाता है कि तीन नव युवक जिसमें एक पिकअप वैन का ड्राइवर बताया जाता है, दम राही घाट पर पिकअप वैन को धोने के बाद गंगा में नहाने लगे। नहाने के दौरान नदी की गहराई का अंदाज नहीं मिलने पर तीनों डूबने लगे। घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों की इस ओर निगाह पड़ते हैं स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए एक नव युवक को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया, वही दो नवयुवक गंगा में डूब गए।

घाट पर मौजूद मालसलामी थाने के पुलिस अधिकारी प्रकाश राय ने घटना की पुष्टि करते हुए दोनो शवो की बरामदगी को लेकर पुलिस और एसडीआरएफ द्वारा गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाए जाने की बात कही।
फिलहाल पुलिस गंगा में डूबे दोनों नव युवकों की पहचान करने में जुटी है। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी का माहौल कायम है।
गोपालगंज में पशुओं से भरी ट्रक को तस्करों ने फिल्मी स्टाइल में पुलिस की बैरियर को तोड़ते हुए भागने का लाइव वीडियो सामने आया है।
हैरान करनेवाला ये वीडियो विजयीपुर थाना क्षेत्र के पगरा चेक पोस्ट की है । जहां पर उत्तर प्रदेश से तेज रफ्तार में आ रही पशुओं से भरी ट्रक को पुलिस ने रोकने की कोशिश की । जिसके बाद पशु तस्करों ने ट्रक को रोकने के बजाय पुलिस बैरियर को तोड़ते हुए भागनी शुरू कर दी ।
पुलिस ने भी भाग रहे ट्रक का पीछा शुरू किया, जिसके बाद ट्रक अनियंत्रित होकर भोरे थाने के कोरेया में जाकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी।
पुलिस ने इस मामले में ट्रक में सवार चार मवेशी तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है । वहीं इस घटना के बाद अफरा-तफरी मच गयी।


घटना की सूचना मिलने पर आसपास के सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गयी। बताया जाता है कि मवेशियों को उत्तर प्रदेश से तस्करी कर ले जाया जा रहा था। वहीं पुलिस गिरफ्तार मवेशी तस्करों से पूछताछ करने में जुटी हुई है।
मुजफ्फरपुर जिले के सिवाईपटटी थाना क्षेत्र के रंघई पुल के समीप बाइक सवार अपराधियों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली की आवाज सुनने के बाद स्थानीय लोग दौड़े। तब तक अपराधी भाग निकले।
पुलिस के अनुसार युवक की पहचान बिटटू कुमार (18) के रूप में हुई है। वह डीजे में काम करता था। गोली लगने के बाद वह गम्भीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए मेडिकल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी। घटना के बाद परिजन चीत्कार करने लगे। बताया गया कि युवक कांटी से घर लौट रहा था। उसके साथ उसका दोस्त अनिल भी था। इसी क्रम में बाइक सवार तीन अपराधियों ने रघई पूल के समीप उसे घेर लिया।
अपराधी और बिट्टू के बीच कुछ वाद-विवाद होने की बात भी सामने आई है। इसी दौरान एक अपराधी ने उसे गोली मार दिया। अनिल वहां से किसी तरह जान बचाकर भागा और परिजन को जानकारी दी। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जुटने लगे। यह देखकर अपराधी हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले। बिट्टू को मेडिकल में भर्ती कराया गया था।
पूरे मामले में मृतक युवक के परिजन वशिष्ठ सहनी ने बताया कि रात को बिट्टू की प्रेमिका ने उसे कॉल कर मिलने के लिए बुलाया था। वह और अनिल साथ गए थे। अहले सुबह करीब तीन बजे उससे मिलकर बिट्टू घर लौट रहा था। इसी दौरान अपराधियों ने उसे घेरकर गोली मार दी।पुलिस की प्रारंभिक जांच में भी पता चला कि एक युवती से बिटटू का प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसी के कारण उसे गोली मारी गई है।

थानाध्यक्ष सिवाईपटटी शमीम अख्तर ने बताया कि एक युवक को गोली मारी गई है। परिजन के बयान के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो सकेगा। वैसे पुलिस ग्रामीणों से संपर्क कर जांच में जुटी है।
फुलवारी शरीफ के परसा बाजार थाना क्षेत्र से आ रही है। जहां कुरथौल के परशुराम चौक में रमेश यादव नाम के एक व्यक्ति की सर पर वार कर हत्या कर दिया है और शव को एक गड्ढे में फेंक दिया था घटना की जानकारी अहले सुबह हुई तो परिजनों ने शव को पहचाना और फिर रोना धोना सुरु हो गया।
बताया जाता है कि गोतिया से जमीनी विवाद और पैसे की लेनदेन का विवाद चल रहा था और उसीको लेकर के घटना को अंजाम दिया गया है मृतक का नाम रमेश यादव है जो परशुराम चौक कुरथौल का ही रहने वाला है। मृतक के भाई दिनेश यादव ने हत्या का आरोप गोतिया के रितेदार मनोज सिंह और लालबाबू राय पर लगाया है।

बताया है कि रात में यह दोनों पटना से आए और हमारे भाई रमेश यादव की सर पर वार कर उसकी हत्या कर दी है सर पर गंभीर चोट के निशान भी है घटना की जानकारी के बाद परसा बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और शिनाख्त करने के बाद शव को कब्जे में ले कर पोस्टमॉर्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि हत्या के आरोपियों को पुलिस कब तक पकड़ पाती है।
मुजफ्फरपुर में सम्मान समारोह कार्यक्रम में पहुंचे बिहार के मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे मंत्री डॉ. संतोष सुमन मांझी ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
वहीं मंत्री संतोष मांझी ने मुजफ्फरपुर में रोड शो भी निकाला जिसमें काफ़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए.मंत्री संतोष मांझी ने कहा कि आज भाजपा वाले जंगलराज-जंगलराज का राग अलाप रहे हैं। लेकिन, जब नीतीश कुमार उनकी पार्टी में थे मंगलराज था। अब जंगलराज हो गया। ये भाजपा वालों की पुरानी आदत है।

मणिपुर में जदयू विधायकों द्वारा भाजपा में शामिल होने की बात पर उन्होंने कहा कि ये हमेशा से इनकी आदत रही है। जनता जब उन्हें नकारती है तो इस तरह का मैसेज देते हैं कि हम तोड़-जोड़ कर सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। जनता उन्हें आने वाले समय मे जवाब देगी।

मंत्री डॉ. मांझी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक परिपक्व और अनुभवी नेता हैं। उनमें वो सारे गुण और काबिलियत हैं, जो एक प्रधानमंत्री में होने चाहिए। हालांकि ये उनकी निजी राय है कि वे क्या सोचते हैं। लेकिन, व्यक्तिगत तौर पर अगर हमसे पूछा जाएगा तो मैं यही कहूंगा कि अगर वे बिहार को चला सकते हैं तो पूरे देश को चला सकते हैं। ये बिहार के लिए गौरव की बात होगी कि बिहार का बेटा देश का प्रधानमंत्री बने।
मुजफ्फरपुर शहर में एक बार फिर हैंड फुट माउथ का 3 मरीज मिलने से स्वास्थ विभाग में हड़कंप मच गया है। इससे पहले भी 4 मरीज मिले थे, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग लगातार अलर्ट मोड पर है। हालांकि जिले के सिविल सर्जन ने बताया कि अबतक 4-5 मामले सामने आये हैं, वो भी निजी अस्पताल में ही आये हैं. ऐसे में लगातार जांच चल रही हैं।
आपको बता दें कि शिशु रोग विशेषज्ञ एक निजी डॉक्टर के क्लिनिक में एक बच्चे में जांच के ही दौरान इस बीमारी का पता चला था, बच्चे की उम्र 4 वर्ष है और वह बच्चा जिले के सदर थाना क्षेत्र के मझौलिया का रहने वाला है जबकि अन्य भी आसपास के एक ही परिवार से जुड़े हुए बताया गया। इस बीमारी में सबसे ज्यादा मुँह के अंदर लाल लाल छाले पर जाते है और यह 5 साल से छोटे उम्र के बच्चों में यह बीमारी ज्यादा पाई जाती है और यह माइल्ड वायरल डिजीज है इससे ज्यादा खतरा नहीं होता है।

इस मामले में निजी चिकित्सक डॉ अरुण शाह ने कहा की यह केस भी आम तौर पर महाराष्ट्र दिल्ली पटना में लगातार मिलते रहे हैं और अब दो दिनो में पांच केस मिले है इससे अभी कोई खतरा नहीं है हां यह बीमारी भी जरूर स्प्रेड करती है और दूसरे बच्चे को संक्रमित करती है लेकिन जरूरी एहतिहात बरतने से यह ठीक हो जाता है।अभी इसको लेकर किसी भी प्रकार की पैनिक होने की नहीं है जरूरत।

मामले में सिविल सर्जन डॉ उमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि एक निजी किसी चिकित्सक के यहां पर इस तरह की केस की जानकारी मिली है ज़िले के सभी पीएचसी को अलर्ट कर दिया गया है और अगर किसी भी पीएचसी और सीएचसी में ऐसी लक्षण वाले मरीज आते है तो यथाशीघ्र इसको सूचना देना है जाँच उपरांत ही मामला स्पष्ट हो पाएगा।
जहानाबाद पहुंचे अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी वर्मा ने स्थानीय परिसदन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि सभी राजनीतिक दल के लोग समाज की उपेक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद और नीतीश कुमार जैसे नेता अमर शहीद जगदेव प्रसाद के आंदोलन के ही परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि जगदेव प्रसाद वंचित को अधिकार दिलाने को लेकर सहादत हासिल किए थे। हम लोग पांच सितंबर को नगर भवन में शहादत दिवस पर समारोह का आयोजन करेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश तथा देश में यह संदेश दिया जाएगा कि जिस समाज से वंचितों के अधिकार के लिए लोग शहादत दिए हैं वह आज हाशिए पर हैं।

उन्होंने कहा कि जगदेव प्रसाद एक व्यक्ति नहीं बल्कि विचार थे। उनके विचारों को और विस्तार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अब हम लोगों की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पांच सितंबर के कार्यक्रम में बड़ी भागीदारी लोगों की रहेगी। इस मौके पर जदयू नेता दिलीप कुशवाहा, पिंटू कुशवाहा, सतीश कुशवाहा, राजद नेता नरेंद्र मेहता समेत अन्य लोग मौजूद थे।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनील कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से फिलहाल इंकार किया।
कोर्ट ने राज्य सरकार को इस मुद्दे पर हलफनामा दायर कर जवाब देने का निर्देश दिया।
राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने पक्ष प्रस्तुत किया।राज्य चुनाव आयोग के पत्र के आलोक में राज्य सरकार के शहरी विकास और आवास विभाग ने बताया कि विधि विभाग के सलाह के अनुसार स्थानीय निकाय चुनाव प्रक्रिया शुरू करने में कोई बाधा नहीं है।ये भी कहा गया कि उक्त सलाह के अनुसार स्थानीय निकायों की चुनाव प्रक्रिया जारी हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि बगैर संवैधानिक प्रावधानों व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन किए स्थानीय निकायों के चुनाव प्रक्रिया कैसे शुरू हो सकती है।इसमें बैकवर्ड व अन्य वर्गों के आरक्षण का मसला शामिल हैं।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 29 सितम्बर,2022 को होगी।
औरंगाबाद। केन्द्रीय जांच एजेंसी NIA की छापेमारी औरंगाबाद में जारी है।उपहारा थाना क्षेत्र के महेश परासी गांव स्थित उनके आवास पर आज तड़के 5 बजे ही एनआईए की टीम पहुंची और उनके घर की तलाशी ले रही है।
शोभा कुमारी नक्सली नेता विजय कुमार आर्य की बेटी हैं और विजय कुमार आर्य एनआईए के राडार पर हैं। इसी वजह से इनके आवास पर भी छापामारी की जा रही है।हालांकि,अब तक की कार्रवाई में टीम को क्या कुछ मिला है,इस बात का खुलासा अभी तक नहीं हो सका है।

वहीं दूसरी छापेमारी रफीगंज थाना के चंदौल गांव में अनिल यादव के यहाँ की जा रही है। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार अनिल यादव नक्सलियों के लिये संदेशवाहक का काम करता था। NIA की टीम द्वारा दोनों के घरों में अभी भी छापेमारी की जा रही है।
जस्टिस संदीप कुमार ने राज्य सरकार को कहा कि उन्हें हर हाल में 8 सितंबर,2022 को अदालत में पेश किया जाए।
ये मामला किसी भी अभियुक्त को गिरफ्तार करने के पूर्व और बाद में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा निर्देश को नजरअंदाज किये जाने का है।कोर्ट ने मेघु दास एवं अन्य की और से अदालती आदेश की अवमानना को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट और हाई द्वारा जारी किये गए दिशा निर्देश का उल्लंघन कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजने को काफी गम्भीरता से लिया।
कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कटिहार के तत्कालीन एसपी सिद्धार्थ मोहन जैन समेत डीएसपी और नगर थाना के एसएचओ को 1 सितंबर को कोर्ट में तलब किया था।
अदालती आदेश के बाद कटिहार के तत्कालीन एसपी सिद्धार्थ मोहन जैन को छोड़ कर डीएसपी और नगर थाना कटिहार के एसएचओ कोर्ट में उपस्थित थे।

कोर्ट को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कटिहार के तत्कालीन एसपी सिद्धार्थ मोहन जैन की प्रतिनियुक्ति केन्द्रीय गृह मंत्रालय में कर दी गई है।उन्हें 30 अगस्त को ही हाई कोर्ट के आदेश की जानकारी दे दी गई है।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि पुलिस सुप्रीम कोर्ट के नियमों की अनदेखी हर मामले में कर रही है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है।
इस मामले पर फिर 8 सितंबर,2022 को सुनवाई की जाएगी।
सुपौल में राघोपुर थाना की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए 6 अपराधियों को पिस्टल, देशी कट्टा, कारतूस ओर चोरी की बाइक, मोबाइल सहित अन्य लूटे गए सामानों के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
एसपी डी अमरकेश ने पुलिस को मिली सफलता पर राघोपुर थाना परिसर में खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली कि राघोपुर थाना क्षेत्र के कोरियापट्टी गांव में कुछ अपराधी लूट की मोटरसाइकिल और हथियार के साथ घूम रहे हैं। जिसके बाद सूचना के आलोक में एक टीम गठित कर पुलिस जब कोरियापट्टी पहुंची तो दो मोटरसाइकिल पर सवार चार अपराधी पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे। लेकिन पुलिस ने चारों अपराधियों को धर दबोचा। जिसकी पहचान थाना क्षेत्र के सातनपट्टी वार्ड नंबर 7 निवासी मनीष कुमार राम, सिंटू कुमार साह, श्रीकांत कुमार राम एवं प्रतापगंज थाना क्षेत्र के सूखानागर वार्ड नंबर 2 निवासी रौशन राज के रूप में किया गया।
अपराधी मनीष कुमार से जब बरामद पल्सर मोटरसाइकिल के बारे में पूछताछ किया गया तो बताया कि गत 29 अगस्त को पिपरा थाना क्षेत्र के दुबियाही गांव के समीप उनलोगों ने एक राहगीर से हथियार के बल पर उक्त मोटरसाइकिल के अलावा एटीएम, मोबाइल सहित अन्य कागजात छीन लिया था। इस दौरान घटना में उपयोग किए गए दो अन्य मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने बरामद कर लिया। एसपी ने बताया कि उक्त घटना को अंजाम देने वाले दो अन्य अपराधी हुलास वार्ड नंबर 2 निवासी राजन ठाकुर और सातनपट्टी वार्ड नंबर 7 निवासी रौशन पासवान को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक देशी पिस्टल, 2 लोडेड मैगजीन, एक देशी कट्टा, 13 जिंदा कारतूस, 4 मोटरसाइकिल, 7 मोबाइल, कुछ नकद सहित लूटी गई कागजातों को बरामद किया गया।
जस्टिस पूर्णेन्दु सिंह ने मामलें को गंभीरता से लेते हुए बेगूसराय के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि इस संवेदनशील मामले पर किशोर न्याय अधिनियम और पोक्सो अधिनियम के प्रावधान और अभिलेखों के आधार पर उचित कार्रवाई करें ।
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि यह प्रथम दृष्टया मामला बनता है ,तो जिला बाल कल्याण के सदस्यों ,बालिका गृह के पदाधिकारी, बच्ची की जांच करने वाली चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए।
कोर्ट ने कहा कि अभिलेखों से स्पष्ट होता है कि इस मामले में संस्थान के पदाधिकारी जिम्मेदार थे ।

कोर्ट ने अधिवक्ता विक्रम देव सिंह को पीड़ित बच्चे के हित में न्यायालय को उचित सहायता प्रदान करने के लिए “एमिकस क्यूरी” के रूप में नियुक्त किया है । इस मामले की अगली सुनवाई 21 सितम्बर,2022 को होगी।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने राजधानी पटना के दनियावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में छापेमारी कर 18 हजार रिश्वत लेते के साथ पीएचसी के प्रधान लिपिक अजय प्रसाद को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। 13 सदस्ययी निगरानी की टीम प्रधान लिपिक अजय प्रसाद को गिरफ्तार कर अपने साथ पटना लेते गई।
बताया जाता है कि दनियावा पीएचसी में प्रधान लिपिक के पद पर तैनात अजय प्रसाद ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जनरेटर की सप्लाई देने वाले जनरेटर संचालक रविंद्र कुमार से जून और जुलाई माह के बिल के भुगतान को लेकर 18 हजार रिश्वत की मांग की थी।



इस संबंध में रविंद्र कुमार ने निगरानी की टीम से पूरे मामले की शिकायत की थी। मामला संज्ञान में आने के बाद निगरानी की टीम ने पूरे मामले की जांच की। जांच के बाद मामला सत्य पाए जाने पर डीएसपी अरुण पासवान के नेतृत्व में 13 सदस्ययी निगरानी की टीम ने दनियावा पीएससी में छापेमारी कर 18 हजार रिश्वत लेते प्रधान लिपिक अजय प्रसाद को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी की हुई इस छापेमारी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हड़कंप मच गया।
नालंदा जिले के हिलसा में ठाकुरबाड़ी न्याय समिति बोर्ड की बैठक की गई। एसडीओ द्वारा बैठक के बाद बदमाशों ने न्याय समिति के सचिव और पत्रकार नीलू रंजन पर जानलेवा हमला कर दिया।
बता दें कि यह हमला कोई सुनसान इलाका नहीं बल्कि हिलसा बाजार में ही बीच सड़क पर कर दी गई है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जाता है कि नीलू रंजन नई दिल्ली में एक दैनिक अखबार में पत्रकार भी हैं।
फिलहाल घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दरअसल खाकी बाबा ठाकुरबाड़ी न्यास समिति की दूसरी बैठक गुरुवार को रखी गई थी। इसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष सह एसडीओ सुधीर कुमार कर रहे थे।

सचिव नीलू रंजन ने बताया कि पहली बैठक में दुकानों से आने वाला किराया व ठाकुरबाड़ी की स्थिति पर रिपोर्ट देने को कहा गया था। इसपर अबतक अमल नहीं हुआ। दरअसल, ठाकुरबाड़ी में वित्तिय अनियमितताओं को देखते हुए न्यास समिति का गठन किया गया है।
जस्टिस राजन गुप्ता की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से पूछा कि किन तथ्यों राज्य सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रखा गया है ।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने उत्पाद कोर्ट समेत अन्य कोर्ट में बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर सख्त रुख अपनाया था।कोर्ट ने कहा था कि राज्य में उत्पाद क़ानून से सम्बंधित मामलें बड़ी संख्या में सुनवाई के लिए लंबित हैं,लेकिन उत्पाद कोर्ट के गठन और सुविधाएं उपलब्ध कराने की रफ्तार धीमी हैं।
राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने कोर्ट को बताया था कि उत्पाद कोर्ट के गठन,जज,कर्माचारियों की नियुक्ति और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातर कार्रवाई कर रही है।
कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा था कि सीबीआई, श्रम न्यायलयों व अन्य कोर्ट के लिए अलग अलग भवन की व्यवस्था है,तो उत्पाद कोर्ट के लिए अलग भवन की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है।

महाधिकवक्ता ललित किशोर ने राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया था कि सभी 74 उत्पाद कोर्ट के लिए जजों की बहाली हो चुकी हैं।साथ ही 666 सहायक कर्मचारियों की बहाली के लिए स्वीकृति दे दी गई हैं।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 7 सितंबर,2022 को होगी।
जहानाबाद में एक युवक ने प्रेम प्रसंग में शादी का झांसा देकर युवती का कथित यौन शोषण किया। दो साल तक ऐसा करने के बाद शादी से इनकार कर दिया। अब पीड़िता ने महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. पुलिस ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।
कल्पा ऑफिस क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने बताया कि नौबतपुर के पितमास गांव गांव के ही आरोपी जितेंद्र कुमार से उसे प्यार हो गया. उसने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया. दो वर्ष तक कई बार फिजिकल रिलेशन बनाया. अब शादी करने से इनकार कर दिया है. युवती ने बताया कि पहले तो उसके परिजनों से विनती की, मगर लड़के के परिवार वाले ने भी रिश्ते को अपनी रजामंदी नहीं दी।

महिला थाने में मामला आने के बाद थाने की टीम मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल जहानाबाद लेकर पहुंची। सब इंस्पेक्टर लाडली खातून ने बताया जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। दरअसल लड़की कल्पा ओपी क्षेत्र स्थित एक गांव की रहने वाली है, वहीं आरोपी नौबतपुर थाना क्षेत्र के पीतमास गांव का निवासी है जहां लड़की की मौसी रहती है। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग भी उस गांव में ही पनपा था।
जस्टिस संदीप कुमार ने बिहार राज्य आवास बोर्ड को बताने को कहा है कि अब तक पटना में उसने कितनी कॉलोनियों का निर्माण और विकास किया हैं।
साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को एमिकस क्यूरी संतोष सिंह द्वारा प्रस्तुत दलीलों का अगली सुनवाई में जवाब देने का निर्देश दिया है।
पिछली सुनवाई में राज्य सरकार ने स्पष्ट किया था कि नीति में कोई परिवर्तन नहीं होगा।कोर्ट को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि गलत तरीके से बने मकानों को तोड़े जाने की नीति जारी रहेगी।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बिहार राज्य आवास बोर्ड के दोषी अधिकारियों और जिम्मेवार पुलिस वाले के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई की कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा था।कोर्ट ने कहा कि इनके रहते इस क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन कर मकान बना लिए गए।इस सम्बन्ध में हलफनामा दायर कर कार्य योजना पेश करने का निर्देश दिया था।

इससे पहले की सुनवाई में बिहार राज्य आवास बोर्ड की ओर से वरीय अधिवक्ता पी के शाही ने बहस की थी।उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जो भी मकान बने है,उनका निर्माण वैध ढंग से नहीं किया गया है।
कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी संतोष कुमार सिंह ने कोर्ट के समक्ष बहस किया।उन्होंने कहा कि राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में हटाने की कार्रवाई सही नहीं थी।हटाने के पूर्व संचार माध्यमों में उन्हें नोटिस दे कर जानकारी देना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को मनमाने ढंग से नहीं हटाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि या तो उन्हें उचित मुआवजा
दिया जाए या उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 15,सितम्बर,2022 को की जाएगी।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ के समक्ष वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण करने वाली कंपनी ने बताया कि निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए गया में निर्माण करने वाली कंपनी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की सीमा के सम्बन्ध में हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था। पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को जानकारी दी गई थी कि बूडको ने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने हेतु चुनी हुई कम्पनी से अग्रीमेंट किया जा चुका हैं।
कोर्ट को बताया गया था कि एग्रीमेंट में ये तय हुआ है कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम तीन महीने में पूरा हो जाएगा।
ये जनहित याचिका गौरव कुमार सिंह की ओर से दायर की गई थी। पहले की सुनवाई में कोर्ट ने बुडको से यह भी कहा कि यदि वह चुनिंदा कम्पनी के काम करने से संतुष्ट है, तो अग्रीमेंट की प्रक्रिया जल्द पूरा करे ।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुमित कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि ऐतिहासिक फाल्गु नदी कचरे से भर रही ऊन्होने बताया कि सारे गया शहर की गन्दगी और कचडा फल्गु नदी में जाता है,जिस कारण नदी का पानी काफी प्रदूषित हो गया।
अगली सुनवाई 20सितम्बर, 2022 को होगी ।
पटना हाईकोर्ट में पटना के राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के मामलें पर सुनवाई की जाएगी।जस्टिस संदीप कुमार इस मामलें पर सुनवाई करेंगे। राज्य सरकार और बिहार राज्य आवास बोर्ड ने जवाब दायर कर दिया था।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बिहार राज्य आवास बोर्ड और पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के सम्बन्ध में जवाब माँगा था, जिनके रहते हुए राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हुए।

पटना हाईकोर्ट में राज्य के उत्पाद कोर्ट के बुनियादी सुविधाओं के नहीं होने और विकास के मामले पर सुनवाई की जाएगी ।जस्टिस राजन गुप्ता की खंडपीठ इस मामलें पर सुनवाई करेगी।
उत्पाद कोर्ट समेत अन्य कोर्ट में बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर कड़ा रुख अपनाया था।
पटना, दिनांक 31 अगस्त 2022 । गन्ना उद्योग मंत्री श्री कार्तिक कुमार ने आज दिनांक 31 अगस्त 2022 को अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए राज्यपाल श्री फागू चौहान को अपनी अनुशंसा भेज दी। श्री कार्तिक कुमार अब राज्य मंत्री परिषद के सदस्य नहीं रहे।

गन्ना उद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री आलोक कुमार मेहता को दिया गया है।
2024 की राजनीतिक बिसात बिझनी शुरु हो गयी है और स्थिति ऐसी बनती जा रही है कि इसकी भी शुरुआत बिहार से ही होगा ।
बुधवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद कहा कि नीतीश कुमार से 2024 लोकसभा चुनावों में विपक्ष को एकजुट करने के मुद्दे पर सहमति बनी है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से 2024 लोकसभा चुनाव में विपक्ष की जीत और भाजपा को देश से विदा करने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर चुनाव लड़ना होगा।

हंगामा बरतने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे मामले पर लिया संज्ञान । पूरे मामले पर कल मुख्य सचिव के साथ मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक ।
बैठक में मुख्य सचिव के साथ बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सचिव और बड़े अधिकारी होंगे शामिल । बिहार लोक सेवा आयोग के अभ्यर्थी 2 दिन परीक्षा लिए जाने और परसेंटाइल का विरोध कर रहे हैं।

आज इसी मामले को लेकर आज इनका विरोध प्रदर्शन था और इसी दौरान पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
एक दिवसीय बिहार दौरे पर आए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने आज देर शाम पटना सिटी का दौरा कर तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब पहुंचकर गुरु के दरबार में मत्था टेका।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर के चंद्रशेखर राव ने दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी महाराज से जुड़ी हुई स्मृतियों का जहां दर्शन किया। वही इस संबंध में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से विशेष जानकारी भी प्राप्त की। हालांकि इस दौरान के चंद्रशेखर राव ने गुरु घर का हवाला देते हुए मीडिया से बात करने से सीधे तौर पर इंकार कर दिया।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के साथ मौजूद बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने तख्त श्री हरमंदिर जी पहुंचकर गुरु के दरबार में मत्था टेकने की इच्छा जताई थी। उन्होंने बताया कि बिहार पहुंचकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने काफी खुशी जाहिर की है।
तेजस्वी यादव का कहना था कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने देश के विकास को लेकर साथ चलने की सहमति जताई है।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज्य के हवाईअड्डों की समस्यायों के मामलें पर अगली सुनवाई में केंद्र सरकार को जवाब देने का निर्देश दिया है।
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बिहार के विभिन्न हवाईअड्डों के विकास और विस्तार से जुड़ी समस्यायों को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।इनमेंं भूमि से सम्बंधित मामलें थे।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को राज्य में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाए जाने के मामलें में स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया था।ये जनहित याचिकाएं गौरव सिंह व अन्य द्वारा की गई हैं।
एक अन्य याचिकाकर्ता की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री व पायलट राजीव प्रताप रूडी ने कोर्ट के समक्ष पक्ष प्रस्तुत किया था।उन्होंने राज्य में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाए जाने के मुद्दे को उठाया था।
उन्होंने कहा कि कई राज्यों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि बिहार में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जाना चाहिए।

याचिकाकर्ता की अधिवक्ता अर्चना शाही ने बताया था कि गया एयरपोर्ट के विकास के लिए एक बड़ी धनराशि आवंटित की गई है।लेकिन अभी तक गया एयरपोर्ट का विकास कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है।
कोर्ट को बताया गया था कि राज्य में पटना के जयप्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के अलावा गया, मुजफ्फरपुर,दरभंगा,भागलपुर,फारबिसगंज , मुंगेर और रक्सौल एयरपोर्ट हैं।लेकिन इन एयरपोर्ट पर बहुत सारी आधुनिक सुविधाओं के अभाव एवं सुरक्षा की समस्याएं हैं।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 12 सितम्बर 2022 को होगी।
जस्टिस राजन गुप्ता की खंडपीठ ने दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।साथ ही कोर्ट ने अगली सुनवाई में कार्रवाई रिपोर्ट भी हलफनामा दायर कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने वकीलों के विरुद्ध सम्बंधित पुलिसकर्मियों दायर प्राथमिकी पर भी रोक रोक दिया है।पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस मामलें को गम्भीरता से लेते हुए शास्त्री नगर थाना के पुलिस कर्मियों को नोटिस जारी किया था।
इसके साथ साथ कोर्ट ने थाने की सीसीटीवी फुटेज को भी सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था।हाईकोर्ट के अधिवक्ता साकेत गुप्ता ने आरोप लगाया था कि वह 03, अगस्त,2022 की शाम को अपने परिचित अभिषेक कुमार एवं अन्य अधिवक्ताओं के साथ एक केस के सिलसिले में शास्त्री नगर थाना गए थे।
उनके परिचित अभिषेक कुमार को शास्त्री नगर थाने में पदस्थापित एसआई स्मृति ने पूछताछ के लिए बुलाया था। थाने में पूछताछ के दौरान एसआई स्मृति एवं लाल बाबू अभिषेक के साथ बदतमीजी और गाली गलौज करने लगे।

इसी दौरान जब अधिवक्ता साकेत ने उन्हें ऐसा करने से रोका ,तो इन दोनों एसआई ने अधिवक्ता साकेत, अधिवक्ता मयंक शेखर ऐवं अधिवक्ता रजनीकांत सिंह के साथ धक्का मुक्की करने लगे।
इसका विरोध किए जाने पर एसआई लाल बाबू ने अधिवक्ता को पिस्तौल दिखा कर जान से मारने की धमकी दी और उन पर हाथ उठाया।
इस बात की शिकायत अधिवक्ता ने पटना के सिटी एसपी से भी की । हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए इन पुलिस कर्मियों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही करने हेतु नोटिस जारी किया था।
इस मामले की अगली सुनवाई 12 सितम्बर,2022 को की जाएगी।
जस्टिस राजन गुप्ता की खंडपीठ को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि दर्ज एफआईआर के सम्बंधित कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश किया जा चुका हैं।कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए 5 सितम्बर,2022 तक सम्बंधित कोर्ट को अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया।
साथ ही निचली अदालतों में जजों की सुरक्षा पर विचार करने के लिए चीफ जस्टिस से एक कमिटी गठित करने का आग्रह किया गया है।
पिछली सुनवाई कोर्ट को बताया गया था कि डी जी पी, बिहार ने ए डी जे अविनाश कुमार के विरुद्ध दायर प्राथमिकी के कार्रवाई पर रोक लगा दिया था।
पिछली सुनवाई में ही कोर्ट ने राज्य सरकार को अविनाश कुमार के विरुद्ध दायर एफ आई आर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
पूर्व की सुनवाई में एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने कोर्ट को बताया था कि ये गलत ढंग से समझने के कारण ए डी जे अविनाश कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया गया।इसे वापस लेने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारम्भ की जाएगी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी न्यायिक पदाधिकारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के पहले चीफ जस्टिस की अनुमति जरुरी होती हैं।इस मामलें में इस प्रक्रिया का पालन गलतफहमी में नहीं किया जा सका।

कोर्ट ने इस मामले मे सुनवाई में मदद करने के लिए वरीय अधिवक्ता मृगांक मौली को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था।उल्लेखनीय है कि मधुबनी के डिस्ट्रिक्ट एन्ड सेशंस जज द्वारा 18 नवंबर, 2021 को भेजे गए पत्र पर हाई कोर्ट ने 18 नवंबर को ही स्वतः संज्ञान लिया था।
साथ ही साथ कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव, राज्य के डी जी पी, राज्य के गृह विभाग के प्रधान सचिव और मधुबनी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया था।
मधुबनी के प्रभारी डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज द्वारा अभूतपूर्व और चौंका देने वाली इस घटना के संबंध में भेजे गए रिपोर्ट के मद्देनजर राजन गुप्ता की खंडपीठ ने 18 नवंबर, 2021 को सुनवाई की थी।
ज़िला जज ,मधुबनी के द्वारा भेजे गए रिपोर्ट के मुताबिक घटना के दिन तकरीबन 2 बजे दिन में एस एच ओ गोपाल कृष्ण और घोघरडीहा के पुलिस सब इंस्पेक्टर अभिमन्यु कुमार शर्मा ने जज अविनाश के चैम्बर में जबरन घुसकर गाली दिया था।
उनके द्वारा विरोध किये जाने पर दोनों पुलिस अधिकारियों ने दुर्व्यवहार करने और हाथापाई किया था। इतना ही नहीं, दोनों पुलिस अधिकारियों ने उनपर हमला किया और मारपीट किया है।साथ ही अपना सर्विस रिवॉल्वर भी निकाल लिया।
इस मामलें में पुलिसकर्मियो के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया गया।पुलिस ने भी जज के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर दिया,लेकिन इसमें प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।
इस मामलें पर अगली सुनवाई सुनवाई ,7 सितम्बर,2022 को होगी।
पटना, 31 अगस्त 2022। पटना हाईकोर्ट में आज इन मामलों की होगी सुनवाई :
1. पटना हाईकोर्ट में पटना के जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा समेत राज्य के अन्य एयरपोर्ट के मामले पर सुनवाई की जाएगी।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ इन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही हैं।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को राज्य में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाए जाने के मामलें में स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया था।ये जनहित याचिकाएं गौरव सिंह व अन्य द्वारा की गई है।
2. हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता के साथ हाथापाई एवं दुर्व्यवहार किए जाने के मामले पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई की जाएगी।पिछली सुनवाई में जस्टिस राजन गुप्ता की खंडपीठ ने इस मामलें को गम्भीरता से लेते हुए शास्त्री नगर थाना के पुलिस कर्मियों को नोटिस जारी किया है।
इसके साथ साथ कोर्ट ने थाने की सीसीटीवी फुटेज को भी सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था ।

3. पटना हाईकोर्ट में झंझारपुर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एन्ड सेशंस जज अविनाश कुमार – I पर किये गए कथित आक्रमण और मारपीट के मामले की सुनवाई की जाएगी।पिछली सुनवाई मै जस्टिस राजन गुप्ता की खंडपीठ को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि डी जी पी, बिहार ने ए डी जे अविनाश कुमार के विरुद्ध दायर प्राथमिकी के कार्रवाई पर रोक लगा दिया हैं।
नवादा के मंडल कारा में एक बंदी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या। काशीचक के बौरी गांव निवासी विजय मांझी के रूप में हुई बंदी की पहचान।
जेल में नीम के पेड़ के सहारे चढ़कर छत पर गमछे से लटकती हुई मिली लाश। शराब मामले में इसी माह की 27 तारीख को आया था जेल।

शाम में बंदियों की गिनती में एक बंदी कम पाए जाने पर होने लगी तलाश।
जेल प्रसाशन ने परिजनों को दी मौत की सूचना।
जहानाबाद पहुंचे सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार, लालू परिवार और साथ ही महागठबंधन पर एक बार फिर से जमकर हमला बोला।
सुशील मोदी ने कहा कि कई राज्यों के मुख्यमंत्री पीएम बनने का सपना देख रहे हैं. अगर ऐसा होता भी है तो सोच लीजिए देश की स्थिति क्या हो जाएगी. तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर के बिहार दौरे को लेकर हमला बोलते हुए सुशील मोदी ने कहा कि तेलंगाना की स्थिति खुद ही खस्ताहाल है और उनका जनाधार वहां घट रहा है। बाई इलेक्शन में वह हार चुके हैं. जो लोगों अपने राज्य में नकार दिए जा रहे हैं और जिन का जनाधार घट रहा है वही लोग बीजेपी के खिलाफ फ्रंट बनाने की बात कर रहे हैं।
सुशील मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि केसीआर गैर कांग्रेसी और गैर भाजपा का फ्रंट बनाने की बात कर रहे हैं. जितने भी राज्य के मुख्यमंत्री हैं वह पीएम बनने का सपना देख रहे हैं. सुशील मोदी ने कहा कि राजद कभी भी नीतीश कुमार को झटका दे सकती है और अपना मुख्यमंत्री बना सकती है.
क्योंकि बिहार विधानसभा का अध्यक्ष राजद का है और जदयू को तोड़कर राजद अपना मुख्यमंत्री बना लेगी. सीएम आपकी बात को गंभीरता से नहीं लेते हैं. इस पर सुशील मोदी ने कहा कि सीएम बहुत चीजों को गंभीरता से लेते हैं लेकिन उनके गंभीर सवालों को चुप्पी साध लेते हैं.सुशील मोदी ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार गंभीर सवालों पर चुप्पी साध लेते हैं और हल्की फुल्की बात करके डायवर्ट कर देते हैं।
उन्होंने कहा कि सीएम मुझ पर दया करने के बजाय अपनी चिंता करें कि वह कब तक सीएम रहेंगे. दरअसल सुशील मोदी जहानाबाद में भाजपा कार्यकर्ताओं की आयोजित समीक्षा बैठक में भाग लेने आए थे जहां उनका कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया. इससे पहले भी सुशील मोदी सीएम पर हमला करते हैं और नीतीश कुमार भी उनको करारा जवाब देते रहे हैं।

मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में मेडिकल स्टाफ की लापरवाही पर सिविल सर्जन ने बड़ा एक्शन लेते हुए कई डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के वेतन पर रोक लगा दी है।
सिविल सर्जन डा.यूसी शर्मा निरीक्षण के लिए सदर अस्पताल पहुंचे और वो यहां की कुव्यवस्था देख उन्होंने गहरी नाराजगी जाहिर की और निरीक्षण के दौरान पग-पग पर मिली खामियां देख सिविल सर्जन हैरान थे हड्डी रोग विभाग के ओपीडी के चिकित्सक मरीजों को छोड़कर उपाधीक्षक के वतानुकुलित कक्ष में उनका एक दिन का वेतन काटा गया।

और आंख कान ओपीडी में चक्षु सहायक राजकिशोर राम के सहारे काम चल रहा था यहां पता चला कि खुद डा.वैदेही कुमारी अवकाश पर हैं वहीं डा.नीतू कुमारी व ईएनटी के विशेषज्ञ चिकित्सक डा. जय प्रकाश अनुपस्थित थे तो इनका वेतन बंद किया गया है. इसके अलावा भी कई मेडिकल स्टाफ के वेतन और रोक लगाई गई।
कोर्ट को राज्य सरकार की ओर कुछ बताया गया कि गलत तरीके से बने मकानों को तोड़े जाने की नीति जारी रहेगी।
पिछली सुनवाई में जस्टिस संदीप कुमार इस मामलें पर सुनवाई करते हुए जानना चाहा कि बदली राज्य सरकार की इस सम्बन्ध में क्या नीति है।हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव को इस सम्बन्ध में हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
कोर्ट ने राज्य सरकार को बिहार राज्य आवास बोर्ड के दोषी अधिकारियों और जिम्मेवार पुलिस वाले के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई की कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा।कोर्ट ने कहा कि इनके रहते इस क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन कर मकान बना लिए गए।इस सम्बन्ध में हलफनामा दायर कर कार्य योजना पेश करने का निर्देश दिया।
इससे पहले की सुनवाई में बिहार राज्य आवास बोर्ड की ओर से वरीय अधिवक्ता पी के शाही ने बहस की थी।उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जो भी मकान बने है,उनका निर्माण वैध ढंग से नहीं किया गया है।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि आवास बोर्ड ने जो भी नियमों के उल्लंघन मकान बने है,उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया,लेकिन वे नहीं आवास बोर्ड के समक्ष नहीं आए।

आज कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी संतोष कुमार सिंह ने कोर्ट के समक्ष बहस किया।उन्होंने कहा कि राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में हटाने की कार्रवाई सही नहीं थी।हटाने के पूर्व संचार माध्यमों में उन्हें नोटिस दे कर जानकारी देना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को मनमाने ढंग से नहीं हटाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि या तो उन्हें उचित
दिया जाए या उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 1सितम्बर,2022 को की जाएगी।
इससे पूर्व की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने पक्ष प्रस्तुत करते हुए कोर्ट को बताया था कि ये मामला सुनवाई योग्य नहीं हैं।साथ ही उनका कोई कानूनी अधिकार नहीं बनता है।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि आफ्टर केयर की अधीक्षिका को गिरफ्तार किया जा चुका हैं।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अनुसंधान को डी एस पी रैंक की महिला पुलिस अधिकारी से कराने का निर्देश दिया था। जांच रिपोर्ट भी तलब किया था।
कोर्ट का यह भी कहना था इस कि बिहार स्टेट लिगल सर्विसेज ऑथोरिटी, यदि पीड़िता को जरूरत हो ,तो जो मदद हो सके पीड़िता को उपलब्ध करवाए। कोर्ट ने राज्य के समाज कल्याण विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को अपने अपने हलफनामा को रिकॉर्ड पर लाने को भी कहा था, जिसमें पीड़िता द्वारा 4 फरवरी, 2022 का बयान भी शामिल हो।
राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि दोनों पीडितों की ओर से महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज हो गई है।पीड़िता की संबंधित अधिकारियों के समक्ष जांच भी की गई।
महाधिवक्ता ने पीड़िता द्वारा दिये गए बयान के उद्देश्य पर संदेह भी जताया था। उनका कहना था कि पीड़िता ने केअर होम को वर्ष 2021 के अगस्त महीने में ही छोड़ दिया था, लेकिन वह पहली बार जनवरी, 2022 में आरोप लगा रही है।

पीड़िता की अधिवक्ता मीनू कुमारी ने कोर्ट को बताया था कि कोर्ट ने महिला विकास मंच द्वारा दायर हस्तक्षेप याचिका को भी सुनवाई हेतु स्वीकार कर लिया है। हाई कोर्ट इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई करते रहा है।
हाई कोर्ट ने इस याचिका को पटना हाई कोर्ट जुवेनाइल जस्टिस मोनिटरिंग कमेटी की अनुशंसा पर रजिस्टर्ड किया है। कमेटी में जस्टिस आशुतोष कुमार चेयरमैन हैं, जबकि जस्टिस अंजनी5 कुमार शरण और जस्टिस नवनीत कुमार पांडेय इसके सदस्य हैं।
कमेटी ने इस मामले में 31 जनवरी को अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है। केअर होम में 260 से भी ज्यादा महिलाएं वास करती हैं।इस मामलें आगे सुनवाई की चार सप्ताह बाद की जाएगी।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने इस जनहित याचिकाएं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को हलफनामा दायर कर यह बताने को कहा है कि कितने केसों में अनुसंधान पूरा किया गया है। राजीव रंजन सिंह ने जनहित याचिका दायर की है।
याचिकाकर्ता का कहना था कि हर्ष फायरिंग में कई निर्दोष लोगों घायल हो जाते हैं और कितने की तो जान भी चली जाती है।इसलिए इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई सख्त ढंग की जानी चाहिए।

याचिकाकर्ता का कहना है कि इस मामले में एक सख्त गाइडलाइंस जारी की जानी चाहिए। जनहित याचिका में राज्य के मुख्य सचिव व डी जी पी समेत कई अन्य को पार्टी बनाया गया है।
इस मामले पर अगली सुनवाई अब आगामी 27 सितम्बर, 2022 को की जाएगी।
जहानाबाद से बड़ी खबर आ रही है। जहां 35 भेड़िया सहित भेड़ पालक की सड़क हादसे में जान चली गई । घटना परसबिगहा थाना क्षेत्र के एनएच 110 अरवल· जहानाबाद मुख्य मार्ग पर केंदुई गांव के समीप की है।ग्रामीणों के अनुसार यह घटना अहले सुबह की है।



किसी को कोई पता नहीं चला।सुबह दौड़ने के लिए कुछ युवा निकले तो लगभग 35 भेड़िया एवं साथ में भेड़ पालक मृत पड़ा हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
जहानाबाद में आयोजित सद्भावना फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मैच घोषी ने जीता। सद्भावना फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजन समिति के तत्वावधान में खेले जा रहे जिला स्तरीय फुटबॉल फाइनल मैच खेल दिवस के अवसर पर यूथ फुटबॉल क्लब घोषी और भी टी ग्राउंड फुटबॉल टीम जहानाबाद के बीच गांधी स्मारक प्लस टू उच्च विद्यालय भी टी स्कूल के खेल मैदान पर खेला गया ।
मैच से पहले एसएन कॉलेज जहानाबाद के प्राचार्य सुमन जी , पूर्व जिला पार्षद निराला जी , संजय यादव लालसे बीघा , राधेश्याम शर्मा , आयोजन समिति के सचिव राजीव कुमार रंजन , अध्यक्ष मो तारिक , राधेश्याम शर्मा , डॉ अरविंद चौधरी , सुदर्शन कुमार एवम समाजसेवियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर खेल का शुभारंभ किया ।
मैच के शुरुआत में खिलाड़ियों एवं दर्शकों ने उपस्थित अतिथियों के साथ राष्ट्रगान गाकर देश प्रेम का संदेश दिया । 90 मिनट के निर्धारित खेल में मध्यांतर के पहले दोनों ओर से कई बार अटैक किए गए , लेकिन दोनों टीम स्कोर नहीं बना पाई । मध्यांतर के बाद खेलते हुए नई रणनीति के साथ घरेलू मैदान पर खेल रहे भी टी ग्राउंड फुटबॉल टीम कैप्टन इंजीनियर अनिल कुमार के निर्देशन पर दो खिलाड़ियों को चेंज लेते हुए गोल करने की भरसक प्रयास किया । लेकिन स्कोर बनाने में कामयाब नहीं रही ।



इस तरह पूरे खेल में दोनों टीम बराबरी पर रही और फाइनल मैच टाई ब्रेकर में चला गया । जहां टाई ब्रेकर में तीन के मुकाबले चार गोल से यूथ फुटबॉल क्लब घोसी शील्ड पर कब्जा जमा लिया ।
दोनों टीमों के कप्तान सहित सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा टीमों को विजेता एवं उपविजेता का शिल्ड तथा खेल दिवस के अवसर पर सभी खिलाड़ियों को दीवार घड़ी से सम्मानित कर मनोबल बढ़ाया । साथ ही कहा कि जहानाबाद जिले की सद्भावना फुटबॉल टूर्नामेंट जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में जिले के प्रमुख 8 टीमें भाग लेकर फुटबॉल जगत के लिए एक सुखद अनुभव का संदेश दिया है । जिससे जिले में फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए जेनरेशन तैयार होने एवं जागरूक करने में मदद पहुंचाएगी ।
पिछले 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुरू हुआ टूर्नामेंट लगातार खेल होता हुआ 29 अगस्त को खेल दिवस के अवसर पर फाइनल मैच का संपन्न होना आयोजन समिति के दूरदर्शिता का परिणाम है । मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार घोषी टीम के उप कप्तान गौतम कुमार को दिया गया ।
कार्यक्रम का संचालन आयोजन समिति के सचिव राजीव कुमार रंजन ने किया । मैच रेफरी मोहम्मद परवेज , श्रीकांत शर्मा , मोहम्मद साजिद थे । इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य प्रेम शंकर , टेकन यादव , बीकू कुमार , मंटू कुमार , नवीन शंकर , संजीत सिंह , लोहिया जी , अधिवक्ता अरविंद कुमार , नवीन कुमार एवं स्काउट एंड गाइड के बच्चे सत्य प्रकाश , चंदन कुमार , आयुष कुमार , गोलू कुमार उपस्थित थे , जिन्होंने टूर्नामेंट संपन्न कराने में सहयोग प्रदान कराया ।
मुजफ्फरपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी हैं, जिले में एक्टिव स्मैक धंधेबाज दो महिलाओं को गिरफ़्तार किया गया हैं, जो आंटी गैंग के नाम से प्रसिद्ध हैं।
दोनों महिलाएं आंटी गैंग की सदस्य हैं, और स्मैक की अवैध कारोबर करती है. दोनोबल रिश्ते में सास बहू लगती है. नगर थाने की पुलिस ने ग्राहक बनकर महिलाओं को गिरफ़्तार किया हैं, दोनों को सिकंदरपुर मुहल्ले से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गिरफ़्तारी के दौरान मौके से भारी संख्या में स्मैक की पुड़िया और नगदी बरामद की गई है.एसएसपी जयंतकांत ने बताया कि दो महिलाओं को गिरफ़्तार किया गया हैं, जो आंटी गैंग के नाम से स्मैक का अवैध कारोबार चला रही थी।

चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने कुणाल कौशल की जनहित याचिका पर सुनवाई की।
इससे पूर्व कोर्ट ने बीसीआई के अनुमति/ अनापत्ति प्रमाण 2021- 22 की सत्र के लिए राज्य के 17 लॉ कालेजों को दाखिले के लिए अनुमति दी थी।
हाई कोर्ट ने पिछले 23 मार्च 2021 के उस आदेश , जिसके अंतर्गत बिहार के सभी 27 सरकारी व निजी लॉ कॉलेजों में नए दाखिले पर रोक लगा दी गयी थी, इस आदेश में आंशिक संशोधन किया गया। इसके तहत इन 17 कॉलेजों में सशर्त दाखिले की मंजूरी दे दी । हाई कोर्ट ने साफ किया कि नया दाखिला सिर्फ 2021-22 के लिए ही होगा। अगले साल के सत्र के लिए बार काउंसिल से फिर मंजूरी लेनी होगी ।

पिछली सुनवाइयों में कोर्ट ने इन कालेजों का निरीक्षण कर बार काउंसिल ऑफ इंडिया को तीन सप्ताह में रिपोर्ट देने का आदेश दिया था।कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि जिन लॉ कालेजों को पढ़ाई जारी करने की अनुमति दी गई थी, वहां की व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं को भी देखा जाए।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से अधिवक्ता विश्वजीत कुमार मिश्रा ने सुनवाई में पक्ष प्रस्तुत किया।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राजकिशोर श्रीवास्तव की याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक अतिक्रमण हटाने का सख्त आदेश दिया है।
राज्य सरकार के अधिवक्ता द्वारा अतिक्रमण का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया गया।अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि इस नहर बांध व चार्ट भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया है।
दानापुर के अंचलाधिकारी द्वारा दिये गए वादा करने के बाद अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। सोन नहर प्रमंडल, खगौल, पटना द्वारा अतिक्रमण वाद दायर करने के लिए दानापुर के अंचलाधिकारी को लिखा गया है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं कि गई है।

सोन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा दानापुर के अंचलाधिकारी को अतिक्रमणकारियों की सूची भी अंचलाधिकारी को दी गई है। कार्यपालक अभियंता ने अपने पत्र में विभागीय मुख्य नहर के बांध व चार्ट भूमि पर किये गए अतिक्रमण को अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध अतिक्रमण वाद दायर कर ठोस अग्रेतर कार्रवाई करने हेतु अनुरोध किया था, ताकि विभागीय भूमि अतिक्रमणकारियों से मुक्त हो सके। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया।
इस मामलें पर आगे भी सुनवाई की जाएगी।