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Patna NEET Student Death Case: परिवार को दूसरी बार जान से मारने की धमकी, CBI जांच के बीच गांव में बढ़ाई गई सुरक्षा

पटना/जहानाबाद। बिहार की राजधानी पटना से जुड़े बहुचर्चित NEET छात्रा मौत मामले ने एक बार फिर सनसनी फैला दी है। जिस घटना ने पहले ही राज्यभर में आक्रोश और सवालों का तूफान खड़ा कर दिया था, अब उसमें धमकी भरे पर्चों की एंट्री ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है। जहानाबाद स्थित छात्रा के पैतृक गांव में परिजनों को लगातार दूसरी बार जान से मारने की धमकी दी गई है। इससे परिवार गहरे सदमे और भय के माहौल में जीने को मजबूर है।

पुलिस की तैनाती के बावजूद घर के किचन की खिड़की पर धमकी भरे पर्चे मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। पूरे मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) कर रही है, जबकि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।

किचन की खिड़की पर मिला पहला धमकी भरा पर्चा

परिजनों के अनुसार पहला पर्चा शुक्रवार की रात घर के किचन की खिड़की पर रखा मिला। उस पर्चे में साफ शब्दों में लिखा था— “तुम सब लोग मारे जाओगे।”

परिवार ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। शकूराबाद थाना की टीम मौके पर पहुंची और पर्चे को जब्त कर जांच शुरू की। पुलिस ने आश्वासन दिया कि सुरक्षा में कोई चूक नहीं होने दी जाएगी।

हालांकि परिवार अभी पहले पर्चे के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि कुछ ही दिनों बाद एक और धमकी ने माहौल को और भयावह बना दिया।

दूसरे पर्चे ने बढ़ाई दहशत: “2 दिन में तेरा बेटा भी मरेगा”

मंगलवार को उसी किचन की खिड़की पर एक और पर्चा मिला। इस बार भाषा और भी ज्यादा खतरनाक और व्यक्तिगत थी। उसमें लिखा था—
“जिस तरह बेटी मरी है, 2 दिन में तेरा बेटा भी मरेगा।”

इस संदेश ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। बेटी की मौत के गम से उबर नहीं पाए माता-पिता के सामने अब बेटे की जान की धमकी ने मानसिक दबाव कई गुना बढ़ा दिया है।

परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इतनी सुरक्षा के बीच कोई घर तक पहुंचकर पर्चा कैसे रख जा रहा है। गांव में पुलिस की तैनाती है, आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है, फिर भी यह घटना सुरक्षा में सेंध की ओर इशारा करती है।

गांव में पुलिस की तैनाती, फिर भी कैसे पहुंचा धमकी देने वाला?

धमकी भरे पर्चे मिलने के बाद पुलिस ने घर के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। आने-जाने वालों की पूछताछ की जा रही है। गांव में रात के समय गश्ती बढ़ा दी गई है।

इसके बावजूद सवाल यह है कि जब घर की निगरानी हो रही थी तो आखिर पर्चा रखने वाला व्यक्ति वहां तक कैसे पहुंचा? क्या कोई स्थानीय व्यक्ति इसमें शामिल है? या फिर सुरक्षा में कहीं न कहीं गंभीर चूक हुई है?

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है। आसपास लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। गांव के संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।

एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य

मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम गांव पहुंची। टीम ने किचन की खिड़की, दीवारों और आसपास के हिस्सों से फिंगरप्रिंट, हैंडराइटिंग और अन्य फॉरेंसिक नमूने जुटाए।

पर्चों की लिखावट की जांच कराई जा रही है ताकि यह पता चल सके कि दोनों पर्चे एक ही व्यक्ति ने लिखे हैं या अलग-अलग लोगों ने। कागज और स्याही की जांच से भी सुराग मिलने की उम्मीद है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह धमकी महज डराने की कोशिश भी हो सकती है या फिर किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा भी। इसलिए हर पहलू को गंभीरता से खंगाला जा रहा है।

6 जनवरी को हॉस्टल में मिली थी बेहोश

यह पूरा मामला 6 जनवरी से शुरू हुआ, जब छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोश पाई गई थी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां कई दिनों तक इलाज चला।

11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश फैला दिया। छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच की जिम्मेदारी Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी।

सीबीआई की सक्रियता, गांव पहुंचकर की पूछताछ

CBI की टीम तीन दिनों के भीतर दो बार छात्रा के गांव पहुंच चुकी है। अधिकारियों ने परिजनों से घंटों पूछताछ की। छात्रा के दोस्तों, रिश्तेदारों और गांव के अन्य लोगों से भी जानकारी ली जा रही है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा की मौत आत्महत्या थी, दुर्घटना थी या फिर इसके पीछे कोई साजिश। मोबाइल कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, हॉस्टल स्टाफ के बयान और मेडिकल रिपोर्ट की गहन जांच जारी है।

अब धमकी भरे पर्चों की घटना ने जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या धमकियों का संबंध सीधे छात्रा की मौत की जांच से है।

परिवार पर मानसिक दबाव

बेटी की असमय मौत के बाद से परिवार पहले ही गहरे सदमे में था। अब लगातार मिल रही धमकियों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।

परिजनों का कहना है कि उन्हें अपनी और बेटे की सुरक्षा की चिंता सता रही है। वे चाहते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें स्थायी सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

गांव के लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि धमकी देने वालों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

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