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बिहार में शराबबंदी पूरी तरह है फेल पहले से ज्यादा शराब बिकती है बिहार में –मांझी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी की अपनी एक अलग शैली है एक ही समय दो तरह के बायन देते हैं। नई दिल्‍ली में भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद जीतनराम मांझी ने एक और जहां नीतीश की शराब नीति की जमकर आलोचना की वहीं यूपी में चुनाव लड़ने के मसले पर जदयू के साथ खड़े होने कि भी बात कर रहे हैं हलाकि मांझी की इसी शैली की वजह से इनके बयान को राजनैतिक समीक्षक कभी गंभीरता से नहीं लेते हैं

नीतीश कुमार का शराबबंदी पूरी तरह फैल है

नई दिल्‍ली में भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद मांझी ने कहा कि शराबबंदी से पहले बिहार में जितनी शराब बिकती थी, अब उससे दोगुनी ज्‍यादा बिकने लगी है। ऐसे में इस कानून की समीक्षा की जरूरत है। क्‍योंकि कानून का डंडा जिनपर चलता है, उनमें से तीन चौथाई लोग गरीब तबके के होते हैं। यूं कहें कि गरीब ही ज्‍यादा कार्रवाई की जद में आते हैं।

जदयू सीट नहीं देगा तो नहीं लड़ेंगे यूपी में चुनाव पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा कि उत्‍तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में जदयू और भाजपा का गठबंधन हो जाता है तो वे भी साथ में लड़ना चाहेंगे। लेकिन यदि दोनों पार्टियां अलग-अलग लड़ती हैं तो वे जदयू के साथ चुनाव लड़ेंगे। सीमावर्ती इलाके में जहां, हमारा वर्चस्‍व है, उन सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रयास करेंगे। मांझी ने यह भी कहा कि यदि जदयू सीट नहीं देगा तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे।

साकेत भूषण के सहारे पटना पुलिस की घेराबंदी शुरु रुपेश हत्याकांड में गिरफ्तारी सूटर का है रिश्तेदार है साकेत

पटना हाई कोर्ट ने चर्चित रुपेश हत्या कांड में रश्मि कुमारी के ममेरे देवर साकेत भूषण को पेश करने के लिए दायर याचिका पर राज्य सरकार को तीन सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया।।जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने रश्मि कुमारी की याचिका पर सुनवाई की।

कोर्ट को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया गया कि साकेत भूषण को पुलिस ने 30 जनवरी,2021को कस्टडी में ले लिया।उसे उस दिन सगुना मोड़ के पास पल्सर बाइक के साथ साढ़े आठ बजे रात को टायर मॉल के पास कस्टडी में पुलिस लिया।

2 फरवरी, 2021 को ए सी जे एम,पटना सिटी के समक्ष साकेत भूषण को प्रस्तुत करने के लिए एक याचिका दायर की गई।3 फरवरी, 2021 को साढ़े ग्यारह बजे दिन में साकेत भूषण को पटना के इनकम टैक्स गोलम्बर पर पुलिस ने छोड़ा। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने पुलिस पर यह आरोप लगाया गया कि साकेत भूषण को पीटा गया और उत्पीडित किया गया।पल्सर बाइक को अब तक नहीं छोड़ा गया है।

पुलिस द्वारा कस्टडी में तीन दिन से अधिक अनाधिकृत रूप से रखने,उत्पीड़न,अपमान और भारतीय संविधान की धारा ,21 के उल्लंघन व मानवाधिकार के उल्लंघन पर पांच लाख रुपये के क्षतिपूर्ति की माँग की गई हैं।साकेत भूषण के पत्नी की उपस्थिति में ऋतू राज को प्रताडित किया गया।इस मामलें पर अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद की जाएगी।

दूबे बाबा बड़ा छुपा रुस्तम निकले

साहब तो बड़ा छुपा रुस्तम निकले जी हैं हम बात कर रहे हैं आरा के पूर्व एसपी राकेश कुमार दूबे की जिन्हें बालू माफिया के साथ सांठगांठ के आरोप में राज्य सरकार ने 4 जुलाई को सस्पेंड कर दिया था।आज सुबह से इनके चार ठिकाने पर छापामारी चल रही है।पटना के बोरिंग रोड में एसके पुरी थाना के तहत गांधी पार्क इलाके में हाउस नम्बर 119 ही IPS राकेश कुमार दुबे का घर है। EOU की एक टीम इस घर को सर्च कर रही है, जबकि दूसरी टीम पटना में ही जलालपुर सिटी के अभियंता नगर स्थित सुदामा पैलेस अपार्टमेंट के फ्लैट नम्बर 204 को खंगाल रही है। वहीं, तीसरी और चौथी टीम झारखंड के जसीडीह में होटल सचिन रेजिडेंसी और सिमरिया गांव स्थित पुश्तैनी घर को खंगाल रही है।

हलाकि आर्थिक अपराध शाखा राकेश कुमार दूबे पर कारवाई करने में दो माह का वक्त लगा दिया और यह वक्त काफी है नजायज तरीके से कमाये पैसे को छुपाने के लिए ।

फिर भी जसीडीह (झारखंड)के जिस सचिन रेजिडेंसी होटल में छापामारी चल रहा है वो होटल तीन चार वर्ष पूर्व ही बन कर तैयार हुआ है और इस होटल की गणना 3 स्टार होटल के रुप में होती है हलाकि जिस जमीन पर होटल बना है वो इनके परिवार का ही जमीन है लेकिन होटल बनाने में जो राशी खर्च हुए हैं उसका हिसाब देना मुश्किल है फिर भी अभी तक आर्थिक अपराध शाखा को बहुत कुछ हाथ नहीं लगा है ।

बिहार के बच्चों के बैंक खाते में आया 900 सौ करोड़

उदारीकरण के दौर में सबसे ज्यादा भरोसा किसी एक संस्थान ने तोड़ा है तो वह है बैंक।
बैंक से जुड़े आम खाताधारी लूट रहे हैं और बड़े कारोबारी मालामाल हो रहा है नोटबंदी के समय आम खाताधारी अपनी गाढ़ी कमाई जमा करने के लिए किस तरह परेशान रहा उम्मीद है आप सबों को याद होगा शहर के किसी बड़े लोगों को लाइन में लगे देखा क्या नहीं ना उनके सारे नजायज पैसे बैंक में जमा हो गया ।

इसकी वजह क्या है आज भी बैंक भ्रष्ट कमाई करने वाले और साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों के साथ खड़ा है जी है 2020 में जब मेरे साथ साइबर क्राइम हुआ तो मुझे ज्ञात हुआ कि मेरे खाते से कोलकाता ,बेंगलुरु, मुबंई ,चैन्नई और फिर दिल्ली स्थिति विभिन्न बैंक के खाते में पैसा ट्रांसफर दिल्ली के एक खाते को छोड़ दे तो जिन 20 से अधिक खाते में मेरा पैसा गया था उसमें से एक भी खाता आधार से लिंक नहीं था जिस व्यक्ति के नाम पर खाता था उसे पता भी नहीं था कि उसके नाम पर कोलकाता में खाता है मजे की बात यह है कि जिस व्यक्ति के खाते में मेरा पैसा गया वो खाताधारी बंगाल का भी नहीं था फिर उसका बैंक में खाता कैसे खुल गया सारा खाता आंन लाइन खुला था लेकिन उसमें भी नियम है कि शाखा एक बार आपको आना है। किसी भी खाते का केवाईसी नहीं कराया गया था फिर भी बैंक इसके लिए जिम्मेवार नहीं है ।

अभी हाल में हाजीपुर और शेरघाटी गया से खबर आयी कि ग्रामीण बैंक से जुड़े जो सैकड़ों खाताधारी के खाते से पैसा गायब है ,मुजफ्फरपुर में एक प्रोफेसर और एक डां के खाते से करोड़ से अधिक राशी निकल गया आज कटिहार से खबर आयी है कि वहां एक स्कूली बच्चे के खाते में 60 करोड़ और दूसरे बच्चे के खाते में 900करोड़ रुपया जमा हुआ है ।बिहार में स्कूली छात्र-छात्राओं को पोशाक योजना का लाभ लेने के लिए छात्र गुरुचंद्र विश्वास और असित कुमार का बैंक खाता उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक भेलागंज शाखा है पैसा आया कि नहीं यह जानने जब ये दोनों छात्र सीएसपी सेंटर पहुंचे। तो पता चला कि उसके खातों में तो करोड़ों रुपए जमा हैं। छात्र गुरुचन्द्र विश्वास के खाता – 1008151030208081 में 60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है। जबकि असित कुमार के खाता- 1008151030208001 में 900 करोड़ से ज्यादा की राशि जमा है। दोनों खाता उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक भेलागंज शाखा का है।इस संबंध में शाखा प्रबंधक मनोज गुप्ता ने कहा कि दोनों बच्चों के खाते से भुगतान पर रोक लगा दी गई है। ठीक रोक लगा दिए लेकिन इन दोनों के खाते में कई माह पहले ये राशी आयी है लेकिन ना तो आईटी विभाग ना ही बैंक इस पर संज्ञान लिया ।

इसका क्या मतलब है या तो पूरी बैंकिंग व्यवस्था चौपट हो गयी है या फिर यह सब कुछ बैंक के संज्ञान में चल रहा है क्यों कि इस तरह के मामले में आप आरबीआई या फिर बैंक लोकपाल को शिकायत करेंगे तो हाल ये है कि यह संस्था भी उपभोगता के साथ नहीं बैंककर्मी के साथ ही खड़ा रहता है ।

मुजफ्फरपुर में फिर गरजा ऑटोमेटिक आर्म्स एक की हुई मौत दो गंभीर रुप से हुआ है घायल।

मुजफ्फरपुर एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। घटना सरैया थाना क्षेत्र के अम्बारा रेवा गांव की है। जहां दो गैंग के बीच जमकर गोलीबारी हुई जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृत युवक की पहचान स्थानीय प्रणव कुमार (30) के रूप में हुई है। घायलों में बेगूसराय का केशव और जहानाबाद का राकेश कुमार है। दोनों का इलाज SKMCH में चल रहा है जहां स्थिति गम्भीर बनी हुई है जिले के पुलिस कप्तान का कहना है कि मामला नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने से जुड़ा हुआ है फिलहाल पुलिस सभी बिन्दुओं पर जांच कर रही है ।

गांव और प्रदेश को लेकर रामविलास जी ने जो सपना देखा था उस सपने को पूरा करने का संक्लप लेता हूं

लोजपा प्रमुख चिराग पासवान आज अपने पैतृक गांव खगड़िया के शहरबन्नी पहुंचे।जंहा उन्होंने रामविसाल पासवान के बरसी के मौके पर आयोजित श्रद्धाजंलि सभा में भाग लिए इस मौके पर बड़ी संख्या में रामविलास पासवान को चाहने वाले लोग मौजूद थे इस दौरान चिराग अपने बड़ी माँ से भी मुलाकात की इस दौरान दोनों मां बेटा एक दूसरे को गला लगाकर रोते रहा ।

इस मौके पर चिराग एक बार फिर नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखा है।जिसमे उनके दिवंगत पिता को भरत रत्न देने की अनुशंसा करने, पिता के जयंती दिवस पर राजकीय अवकाश घोषित करने और आदमकद प्रतिमा स्थापित करने के लिए जिला स्तर पर जमीन उपलब्ध कराने की राज्य सरकार से मांग किये हैं पता नहीं कब इस मांग पर नीतीश जी फैसला लेते हैं ।

साथ ही उन्होने कहा कि पिता जी का जो अधूरा सपना अपने गांव और प्रदेश के लिए है।उसको पूरा करने का आज संकल्प लिए हैं।

महज सौ रुपये के कारण ले लिया जान

ये बिहार है जहां पान खाने वालो से पैसा मांगने पर गोली मार दी जाती है, ये बिहार है भाई जहां सिगरेट पीने से मना करने पर चाकू से गोद करके हत्या कर दिया जाता है, यह बिहार है भाई जहां बाप बेटी से छेड़खानी करने का विरोध करता है तो उसको पूरे परिवार के सामने पीट पीट कर अधमरा कर देता है।

इसी तरह आज बिहार के मुजफ्फरपुर में शराब पीने के दौरान मात्र सौ रुपए बकाया के विवाद में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान 40 वर्षीय बाखन पासवान के रूप में हुई है। घटना साहेबगंज थाना इलाके के बलथी नरहर गांव की है।

बाखन पासवान की हत्या का आरोप ग्रामीण शत्रुघ्न राम पर लगाया जा रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी के घर पर पहुंची पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है। मृतक बाखन पासवान की पत्नी रीना देवी ने बताया कि गांव का शत्रुघन राम और उसका भाई विजय राम शराब का धंधा करता है।

वह अपने ही घर में देसी शराब बनाता है। और घर के अंदर नशेरियों को पिलाता है । शत्रुघ्न और विजय आसपास के कई दुकानों में शराब बनाकर पहुंचाता है। बाखन पासवान आदतन शराबी था और और वह शत्रुघन राम के घर पर जाकर शराब पीता था। शराब पीने का एक सौ रुपया बाखन पासवान पर बकाया था।

बुधवार की सुबह शत्रुघन राम अपने भाई विजय राम और पत्नी सरिता देवी के साथ उसके घर पर पहुंचा और बकाया रुपए की मांग करने लगा। माखन ने उसे तत्काल पैसे देने से यह कहकर इंकार क दिया कि अभी रुपए नहीं है बाद में दे दूंगा। लेकिन शत्रुघन राम मानने को तैयार नहीं हुआ।

दोनों के बीच वाद विवाद हुआ तो विजय राम और शत्रुघ्न राम उसे घर से खींच कर बाहर ले गया । दोनों ने उसे जमीन पर पटक कर गला दबा दिया। इस बीच शत्रुघ्न राम की पत्नी जलावन के चईला से बाखन की पिटाई करने लगी। बीमार रीना देवी बचाने के लिए गुहार लगाती रही लेकिन उन लोगों ने नहीं छोड़ा। माखन जब अधमरा हो गया तो वह सब छोड़ कर चले गए। थोड़ी देर बाद बाखन की मौत हो गई।

सूचना मिलने पर साहेबगंज थाना पुलिस बलथी पहुंची। लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना अध्यक्ष अनूप कुमार ने बताया है कि आरोपी के घर की तलाशी ली जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापामारी कर रही है।

सड़क दुर्घटना मामले में अब पीड़ित परिवार को मिलेगा मुआवजा

सड़क दुर्घटना में बिहार देश के सबसे अधिक मौत वाले राज्यों की सूची में शामिल है यहां रोजाना कही ना कही सड़क दुर्घटना होती रहती है इसको देखते हुए राज्य सरकार ने सड़क हादसे में मरने वालों के आश्रितों व घायलों को 15 सितंबर से मुआवजा देगी. मृतकों के आश्रितों को तत्काल पांच लाख और गंभीर रूप से घायल को 50 हजार रुपये मिलेंगे.इस संबंध में परिवहन विभाग ने मंगलवार को सभी डीटीओ के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिये. विभाग के अनुसार, नयी व्यवस्था के तहत मुआवजा राशि के भुगतान के लिए मुख्यालय स्तर पर बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि का गठन किया गया है.

एसडीओ होंगे दुर्घटना दावा जांच पदाधिकारी राज्य के सभी एसडीओ दुर्घटना दावा जांच पदाधिकारी, जबकि जिला पदाधिकारी दावा मूल्यांकन पदाधिकारी होंगे. बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि से जिला परिवहन पदाधिकारी को आवंटन उपलब्ध कराया जायेगा. संबंधित डीएम इस मद से वास्तविक देनदारों को मुआवजा का भुगतान करेंगे. इसके बाद बीमा कंपनी से राशि की प्रतिपूर्ति की जायेगी.

50 करोड़ रुपये बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि के रूप में रहेंगे सड़क हादसे में मुआवजे के लिए सड़क सुरक्षा निधि से 50 करोड़ रुपये की राशि बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि के रूप में रहेगी. अंतरिम मुआवजा राशि की प्रतिपूर्ति वाहन की बीमा कंपनी द्वारा बीमा दावे के रूप में देय राशि से की जायेगी.

बीमारहित वाहनों की स्थिति में मुआवजा राशि का समायोजन वाहन स्वामी से किया जायेगा. दावा न्यायाधिकरण के निर्णय के बाद 30 दिनों के अंदर वाहन मालिक को तय मुआवजा राशि देनी होगी. ऐसा नहीं करने पर जिला पदाधिकारी वाहन का अधिग्रहण कर नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर देंगे.

सेंसेक्स, निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद; टेलीकॉम, आईटी, पावर स्टॉक में तेजी।

साप्ताहिक एफएंडओ एक्सपायरी से एक दिन पहले बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 बुधवार को नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बंद हुए। सेंसेक्स ने 58585.97 के सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स ने 17,476.25 के नए रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ।

सेंसेक्स चार्ट (15.09.21) एक नजर में

सेंसेक्स में शीर्ष पर रहने वालों में टाइटन, भारती एयरटेल, बजाज-ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंफोसिस, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल), हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (एचडीएफसी) शामिल हैं। एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) बीएसई सेंसेक्स में शीर्ष पर थे।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने भी इंट्राडे ट्रेड में अपनी ताजा रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ। बीएसई टेलीकॉम, आईटी, पावर, यूटिलिटीज इंडेक्स ने स्वस्थ लाभ दर्ज किया। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जबकि निफ्टी मीडिया ने पिछले दिन की रैली को आगे बढ़ाते हुए 4 फीसदी की और बढ़त दर्ज की।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 21 शेयर बढ़त के साथ और 9 शेयर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे ।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

निफ्टी के टॉप गेनर और लूजर

पंचायत चुनाव में शुरु हुआ खेला चुनाव से पहले ही 900 से अधिक प्रत्याशी हुए निर्वाचित

बिहार पंचायत चुनाव में इस बार भी पंच पद को लेकर लोगों ने दिलचस्पी नहीं दिखायी है प्रथम चरण के चुनाव में 2233 पंच पद पर चुनाव होना था उसमें 830 पंच निर्विरोध निवार्चित घोषित कर दिये गये क्यों कि इनके खिलाफ एक भी प्रत्याशी नामंकन नहीं भरा ।वही पंच के 71 पदों पर कोई नामंकन ही नहीं हुआ है जिस वजह से यह पद रिक्त रह गया। हलाकि वार्ड सदस्य को हर घर जल नल योजना की जिम्मेवारी मिलने का असर इस बार देखने को मिल रहा है फिर भी 2233 पदों में से 26 पदों पर दूसरे प्रत्याशी के खड़े नहीं होने के कारण 26 वार्ड सदस्य चुनाव से पहले ही निर्वाचित घोषित कर दिये गये ।वही एक पद पर कोई नामंकन ही नहीं हुआ इसी तरह पंचायत समिति सदस्य में एक और जिला परिषद सीट पर एक उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये हैं

प्रथम चरण में 10 जिलों के 12 प्रखंडो में मतदान 24 सितंबर को होना है। यहां वोटों की गिनती 26-27 सितंबर को होनी है। निर्वाचन आयोग ने जो डेटा जारी किया है, उसके मुताबिक गिनती के पहले ऐसे पद जिस पर सिंगल नॉमिनेशन आया, उन्हें विजयी घोषित किया गया है।

बिहार के बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बिहार के राजनीतिज्ञ जिम्मेवार है ।

‘तमाशबीन हूं मैं ”

बिहार की शिक्षा व्यवस्था में कितनी गिरावट आई है इसको महसूस करना हो तो आप बिहार के मेडिकल कांलेज से जुड़े प्रोफेसर और छात्र से बात करिए।ये कोई 2005 का वाकिया है उस समय मैं दरभंगा से ईटीवी के लिए काम करता था एक दिन सुबह सुबह एक फोन आया ईटीवी से बोल रहे हैं मैं डीएमसीएच(दरभंगा मेडिकल कांलेज)से बोल रहा हूं।

आपके लिए एक बड़ी खबर है डीएमसीएच परिसर में जो परीक्षा भवन है ना उसमें परीक्षा हो रही है और उस परीक्षा में जमकर चोरी चल रहा है ।

दस बजे से परीक्षा शुरु हो रही है ।फोन रखते ही मैंने दरभंगा के एसपी सुनील कुमार झा जो अभी एडीजी निगरानी है उनको फोन किये सर ऐसी सूचना है लेकिन डीएमसीएच का छात्र बड़ा कमीना है सोच लीजिए ।एसपी साहब तुरंत डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम गठित कर दिये और डीएसपी को कह दिए कि संतोष जी को भी साथ ले लीजिएगा ।

पुलिस की पूरी टीम 10.30 में डीएमसीएच के परीक्षा हांल में प्रवेश कर गया तलाशी शुरु हुआ कही कुछ नहीं मिला डीएसपी मेरी और देख रहे थे और मैं नजर चुरा रहा था।

हम लोग जैसे ही बाहर निकले तभी मेरे मोबाइल की घंटी बजा उठाते ही बोला नहीं पकड़ाया सबके सब मोबाइल कान में लगाये हुए है ठीक से चेक करवाईए मुझे गुस्सा आ गया छोड़िए कुछ नहीं है ।तभी वो बोला एक मिनट सुनिए कैसे चोरी करवा रहा है मोबाइल पर साफ आवाज आ रहा था कोई उत्तर लिखा रहा है ।

मैं भागते हुए डीएसपी के पास गये सर देखिए कैसे चोरी हो रहा है सुनने के बाद फिर पुलिस की पूरी टीम परीक्षा भवन में प्रवेश किया एक के सर्ट का काँलर चेक किया सबके सब हैरान कर गये उस हांल में 40 छात्र चोरी करते पकड़े गये जो मोबाइल के सहारे कान में वाइफाइ वाला ईपी लगाकर चोरी कर रहा था ।

हलाकि बाद में बड़ी हंगामा हुआ और सभी गिरफ्तार छात्रों को डीएमसीएच के छात्र जबरन थाने से उठा कर ले गये ।कई पत्रकार को बूरी तरह से पीटा फिर भी खबर इस तरीके से चला कि विश्वविधालय प्रशासन को कारवाई करनी पड़ी साथ ही डीएमसीएच में जो सेंटर होता था उसको समाप्त कर दिया ।पता नहीं अभी क्या स्थिति है लेकिन यह सर्वविदित है कि हर परीक्षा में प्रश्न पत्र बिकता है अब तो हाल यह है कि बच्चे कांलेज जाते भी नहीं है बस गुगल के सहारे डिग्री ले रहे हैं ।

आज भी कोई भी ऐसा बैच नहीं आता है जिसमें सॉल्वर गैंग के द्वारा पास कराये गये छात्र नहीं होते हैं ।अभी जो हंगामा चल रहा है वो क्या है अब राज्य के सभी मेडिकल कांलेज आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविधालय पटना के अधीन आ गया है अभी यहां उस तरह का खेल शुरु नहीं हुआ है जैसा खेल स्थानीय विश्वविधालय के साथ मिल कर खेला जाता था ।

इस बार बिहार के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की परीक्षा में 37.1% छात्र फेल हो गए हैं। इससे विद्यार्थियों में आक्रोश है। आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय ने सत्र 2019 के प्रथम वर्ष की परीक्षा मार्च में ली थी। रिजल्ट 30 अगस्त को जारी किया गया।

राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों से प्रथम वर्ष की परीक्षा में 1140 छात्र शामिल हुए थे। इनमें कुछ छात्र प्रीवियस ईयर के भी शामिल हैं। इनमें 423 छात्र फेल हो गए हैं। सफलता प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या 717 यानी लगभग 63%है। एमबीबीएस के अगर पूरे रिजल्ट को देखा जाए तो सबसे खराब रिजल्ट मधुबनी मेडिकल कॉलेज का रहा है।

इस कॉलेज से 150 छात्र शामिल हुए थे, जिसमें 97 फेल हो गए हैं वही बिहार के सबसे पूराने मेडिकल कांलेज में सुमार होने वाले PMCH के 25 तो DMCH के 50 छात्र और जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय भागलपुर के 39 छात्र फेल हो गए हैं ।
हलाकि इसके लिए सिर्फ छात्र ही जिम्मेवार नहीं है जिस तरीके से हाल के दिनों में राज्य सरकार ने मेडिकल कांलेज खोला है उसमें ना शिक्षक है ना ही प्रयोगशाला है सिर्फ छात्र है उसी व्यवस्था का शिकार मधुबनी मेडिकल कांलेज का छात्र हुआ है ।
फिर भी मेडिकल की पढ़ाई में बिहार का जो गौरवशाली इतिहास रहा है उस इतिहास को गर्त में पहुंचाने में राज्य के राजनीतिज्ञों की बड़ी भूमिका रही है।

मेरे जाति का मेडिकल कांलेज का प्रिंसिपल कैसे बने, मेडिकल कांलेज का सुपरिटेन्डेन्ट कैसे बने 40 वर्ष से यही खेला मेडिकल कांलेज में चला आ रहा है और इस खेल का इतना व्यापक असर मेडिकल कांलेज की व्यवस्था पर पड़ा कि आज सिर्फ नाम है और भवन है प्रोफसर का वो सम्मान है और ना ही प्रोफेसर में पढ़ाई को लेकर वो जजवा है ।

बिहार का दूसरा रंजीत डाँन पीके के तलाश में नालंदा पहुंची यूपी एटीएस

नीट साल्वर गैंग सरगना पीके का दाहिना हाथ केजीएमयू कांलेज लखनऊ के एमबीबीएस छात्र ओसामा शाहिद समेत दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है।ओसामा के गिरफ्तारी से यूपी पुलिस पीके के और करीब पहुंच गया है ।छापेमारी के दौरान ओसामा के कमरे से नीट के कई प्रवेश पत्र सहित आधारकार्ड सहित कई तरह का दस्तावेज़ बरामद हुआ हैं। वही पुलिस को ओसामा के गिरफ्तारी के बाद कई और अहम सुराग मिले हैं ।ओसामा शाहिद के बारे में जो जानकारी मिल रहा उसके अनुसार ओसामा केजीएमयू लखनऊ से एमबीबीएस के चौथे वर्ष की फाइनल परीक्षा दे चुका है और नीट परीक्षा में असली परीक्षार्थियों के स्थान पर सॉल्वर को बैठा कर परीक्षा पास कराने का ठेका लेता हैं और एडमिशन हो जाने पर अभ्यर्थियों से 20 से 30 लाख रुपए वसूलता है।इस खेल में पटना का पीके इसका राजदार है जो बिहार और नोर्थ इस्ट के छात्रों को ट्रेप करता है ।

1– कौन है जूली
रविवार को दूसरे छात्र के बदले परीक्षा देते हुए गिरफ्तार हुई जूली पटना की रहने वाली है और वह बीएचयू की बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा है औ रबीएचयू की टॉपर।

जूली पटना के संदलपुर वैष्णवी कॉलोनी की रहने वाली है और उसका पूरा परिवार इस खेल में शामिल है हलाकि जूली का कहना है कि सॉल्वर गैंग ने मेरी मां बबिता को अपने जाल में फंसाया और कहा कि तुम्हारी बेटी हमारी कैंडिडेट की जगह बैठ कर परीक्षा दे देगी तो सेंटर से बाहर निकलते ही 5 लाख रुपए आपको मिल जाएंगा. छात्रा की मां पैसे के लालच में आ गई और अपनी बेटी जूली को दूसरी कैंडिडेट की जगह बैठाने लगी रविवार को परीक्षा केन्द्र से जब गिरफ्तारी हुई तो उस वक्त जूली त्रिपुरा की रहने वाली मूल अभ्यर्थी हिना विश्वास की जगह पर परीक्षा देने आयी थी।

जूली की मां से पूछताछ के दौरान दो दलालों के बारे में पुलिस को बताया. इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने छात्रा की मां के मोबाइल कॉल डिटेल की मदद से बिहार के खगड़िया और गाजीपुर के एक दलाल को गिरफ्तार किया है. दोनों दलालों से पुलिस अलग से पूछताछ कर रही है।

2 जूली का भाई गिरफ्तार
हलाकि अभी तक सरगना पीके पुलिस के पहुंच से बाहर है लेकिन आज यूपी एटीएस और बिहार पुलिस के सहयोग सेजूली के भाई अभय कुमार मेहता को वैष्णवी कॉलोनी संदलपुर थाना बहादुरपुर से गिरफ्तार किया पुलिस फिलहाल इससे पुंछताछ कर रही है पुछताछ के दौरान पीके और विकास कुमार महतो के बारे में यूपी एटीएस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है ।
पटना का पीके व खगड़िया का विकास कुमार महतो इस सॉल्वर गैंग का सरगना है। विकास कुमार मूलरूप से खगड़िया के बेला सिकड़ी का रहनेवाला है। वह पटना में ही रहकर पढ़ता है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। पीके से जुड़कर उसने ही बीडीएस की छात्रा जूली को हिना के स्थान पर परीक्षा देने के लिए सेट किया था। वही ओसामा के घर से जूली को कैसे हिना बनाया गया उसका फोटो भी बरामद हुआ है ।

यूपी एटीएस फिलहाल ओसामा और अजय को आमने सामने पुछताछ करने कि तैयारी कर रहा है ताकी पूरे खेल का तार जुड़ सके लेकिन अभी तक जो पुलिस को जानकारी मिली है उसके अनुसार यह तय है कि पीके बिहार का दूसरा रंजीत डांन बन कर उभरा है और इसका नेटवर्क बिहार ,यूपी के साथ साथ नार्थ इस्ट से भी जुड़ा है ।

पंचायत चुनाव में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मियों को चुनाव ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किया आदेश

वायरल बुखार और कोराना के सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिख कर स्वास्थ्यकर्मियों को पंचायत चुनाव की ड्यूटी से मुक्त रखने का आग्रह किया है ।राज्य निर्वाचन आयोग ने विभाग के इस आग्रह को स्वीकार करते हुए राज्य के सभी डीएम को निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मियों को चुनाव कार्य में नहीं लगाएं ।

क्यों कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग को अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की कोविड जांच करने के निर्देश दिये गये हैं. सरकार द्वारा दिये गये निर्देश को संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग नये सिरे से कोविड प्रबंधन में जुट गया है. जिले के डीएम एवं सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जाये.

जिले के इंट्री प्वाइंटों पर कोविड जांच की व्यवस्था की जा रही है और बस अड्डों तथा रेलवे स्टेशन पर भी जांच की व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है. सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि वे प्रखंड और पंचायत स्तर पर बाहर से आनेवाले लोगों पर नजर रखने के लिए आशा की मदद लें.

आशा घर-घर जाकर यह पता करे कि प्रखंड अथवा पंचायत में केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से कोई व्यक्ति आया है या नहीं. अगर ऐसी सूचना प्राप्त होती है, तो ऐसे व्यक्ति की जांच करा कर रिपोर्ट से मुख्यालय को भी अवगत करायें.

सेंसेक्स, निफ्टी सपाट बंद हुए; ज़ी एंटरटेनमेंट में 40%, वोडा आइडिया में 10% की तेजी

चुनिंदा आईटी और बैंकिंग शेयरों में बढ़त के चलते बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 मंगलवार को सकारात्मक दायरे में बंद हुए। सेंसेक्स 69 अंक बढ़कर 58,247 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 25 अंक बढ़त के साथ 17,380 पर बंद हुआ। बीएसई मिडकैप 1% से अधिक और बीएसई स्मॉलकैप 0.6% बढ़ा।

सेंसेक्स चार्ट (14.09.21) एक नजर में

इंडसइंड बैंक 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ शीर्ष सूचकांक प्रदर्शनकर्ता था। इसके बाद एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बजाज-ऑटो, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, अन्य शामिल थे। दूसरी तरफ, नेस्ले इंडिया, अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल), हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (एचडीएफसी), टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, इंफोसिस बीएसई सेंसेक्स के शीर्ष ड्रैगर्स में से थे।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 0.39 फीसदी, निफ्टी ऑटो 0.88 फीसदी, निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.03 फीसदी चढ़ा। शीर्ष सेक्टोरल परफॉर्मर निफ्टी मीडिया था, जो 14.4 फीसदी तक चढ़ा। मीडिया शेयरों का प्रदर्शन बेहतर ।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 16 शेयर्स बढ़त के साथ और 14 शेयर्स लाल निशान में बंद हुए। बीएसई मिडकैप 1% से अधिक और बीएसई स्मॉलकैप 0.6% बढ़ा। लगभग 1,945 शेयरों में तेजी, 1,301 में गिरावट और 150 में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई पर कारोबार के दौरान 256 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 27 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का अभियान जारी पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर के घर से करोड़ो की अवैध सम्पत्ति बरामद

निगरानी अन्‍वेषण ब्यूरो (Vigilance Department of Bihar) ने आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में आज निगरानी अन्‍वेषण ब्यूरो (Vigilance Department of Bihar) ने बड़ी कार्रवाई की है आज पटना के गुलजारबाग स्थित पथ निर्माण प्रमंडल में तैनात इंजीनियर कौन्तेय कुमार तीन ठिकानों पर निगरानी ने एक साथ छापामारी किया जिसमें करोड़ो की अवैध सम्पत्ति का खुलासा हुआ है ।

इंजीनियर के पटना के मैनपुरा स्थित नित्यानंद अपार्टमेंट के फ्लैट में हुई छापेमारी में निगरानी टीम ने करीब 14 लाख रुपए कैश, आधा किलो सोना एवं एक किलो चांदी के साथ जमीन में निवेश के कई दस्तावेज तथा करीब आठ बैंक पास बुक बरामद किए हैं। इसके अलावा इंजीनियर के अन्‍य ठिकानों पर भी छापामारी जारी है।

इंजीनियर के तीन ठिकानों पर छापेमारी पटना के गुलजारबाग पथ निर्माण प्रमंडल में तैनात इंजीनियर कौन्तेय कुमार पर निगरानी की नजर लंबे समय से थी। मंगलवार को सबूत जुटाने के बाद निगरानी की टीम ने डीएसपी एसके मौआर के नेतृत्व में उनके घर पर छापेमारी कर दी। पटना के मैनपुरा स्थित इंजीनियर के पटना के दो घरों व कार्यालय में छापामारी जारी है।

बताया जा रहा है इंजीनियर ने अपनी वैध आय के अलावा दो करोड़ रुपये की अवैध संपति अर्जित कर रखी है। पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर कौन्तेय कुमार के घर पर छापा मारा है।

ब्यूरो ने यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज करते हुए की है। इंजीनियर के पटना के मैनपुरा स्थित नित्यानंद अपार्टमेंट के फ्लैट में हुई छापेमारी में निगरानी टीम ने करीब 14 लाख रुपए कैश, आधा किलो सोना एवं एक किलो चांदी के साथ जमीन में निवेश के कई दस्तावेज तथा करीब आठ बैंक पास बुक बरामद किए हैं। इसके अलावा इंजीनियर के अन्‍य ठिकानों पर भी छापामारी जारी है।

राज्यपाल कोटा से मनोनीत एमएलसी पर लटकी तलवार हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा ।

पटना हाई कोर्ट ने बिहार में राज्यपाल कोटा से मनोनीत किये गए 12 एम एल सी के मनोनयन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा लिया है। चीफ जस्टिस संजय करोल खंडपीठ ने वरीय अधिवक्ता बसंत कुमार चौधरी की याचिका पर सुनवाई की।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस तरह के मामले में भारत का संविधान साहित्य, कलाकार, वैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता व सहकारिता आंदोलन से जुड़े हुए विशिष्टतता प्राप्त व्यक्तियों को मनोनीत करने की अनुमति देता है।ये 12 लोगों को एम एल सी मनोनीत किया गया है ,वह बहुमत बढ़ाने और जो लोग एम एल ए नहीं चुन कर नहीं आये हैं, उनका शामिल करने के लिए मनोनीत किया गया है। यह संविधानिक के प्रावधानों का उल्लंघन है।

याचिकाकर्ता की ओर से यह कहा गया कि इनमें न तो कोई सामाजिक कार्यकर्ता है और न ही साहित्य से जुड़ा व्यक्ति या फिर वैज्ञानिक उपलब्धियां हैं। उनका यह भी कहना था कि एक सामाजिक कार्यकर्ता को काम का अनुभव, व्यवहारिक ज्ञान और विशिष्टता होना चाहिए।

श्री चौधरी ने कहा कि इनमें कोई पार्टी का कोई या तो कार्यालय पदाधिकारी है, या कोई कहीं का अध्यक्ष। विधान पार्षद अशोक चौधरी, जनक राम, उपेंद्र कुशवाहा, डॉ राम वचन राय, संजय कुमार सिंह, ललन कुमार सर्राफ, डॉ राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, संजय सिंह, देवेश कुमार, प्रमोद कुमार, घनश्याम ठाकुर और निवेदिता सिंह को राज्यपाल कोटे से मनोनीत किया गया है।

हाईकोर्ट ने सफाईकर्मियों को हड़ताल तोड़ने का दिया निर्देश

पटना हाईकोर्ट ने पटना नगर निगम कर्मियों के चल रहे हड़ताल को तत्काल खत्म करने का निर्देश दिया। इस याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।

कल एडवोकेट जेनरल ने पटना नगर निगम के कर्मचारियों के हड़ताल से उत्पन्न गंभीर स्थिति को देखते हुए इस मामलें पर सुनवाई करने का कोर्ट से अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा कि पूरे पटना शहर में निगम कर्मियों के हड़ताल से प्रभाव पड़ा है।अभी कोरोना महामारी का संकट बरकरार हैं।
कोर्ट ने निगम कर्मियों को तत्काल हड़ताल खत्म करने का निर्देश दिया।साथ ही।राज्य सरकार को कर्मचारीगण की लंबित मांगो पर विचार कर आठ सप्ताह में आदेश पारित करने का निर्देश दिया।

निगम कर्मियों के हड़ताल के कारण पूरा पटना कूड़ा के ढेर में तब्दील हो गया।राजधानी के सभी क्षेत्रों में गन्दगी फैली हुई हैं,जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

एडवोकेट जेनरल ललित किशोर ने कहा कि अभी करोना का समय चल रहा है।ऐसे समय में इन निगम कर्मियों के हड़ताल से पूरे पटना की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुआ है।शहर के हर इलाके में गन्दगी फैली हुई हैं।
नगर निगम कर्मियों के सप्ताह भर के हड़ताल के कारण नारकीय स्थिति हो गई है।

सुशील मोदी बिहार की सियासत में बने रहने के लिए खेला बड़ा दाव

”तमाशबीन हूं मैं ”

हाल के दिनों में सुशील मोदी द्वारा दिये गये तीन बयान पर गौर करिए

1–सुशील कुमार मोदी ने कहा कि हम इस मुद्दे पर विधानसभा और विधान परिषद में पारित प्रस्ताव का हिस्सा रहे हैं. जातीय जनगणना कराने में अनेक तकनीकि और व्यवहारिक कठिनाइयां हैं, फिर भी बीजेपी समर्थन में है।
2–सुशील मोदी ने कहा, ” 1977 में आपातकाल हटने के बाद पहले संसदीय चुनाव में रामविलास पासवान ने सबसे ज्यादा मतों के अंतर से जीतने का रिकार्ड बनाया था. वे एनडीए राजनीति के प्रमुख शिल्पी थे.”
उनकी जयंती पर राजकीय समारोह होना चाहिए और रामविलास पासवान की मूर्ति लगानी चाहिए।
3– सुशील कुमार मोदी ने कहा कि रघुवंश बाबू की जयंती पर राजकीय समारोह हो और सरकार इस पर निर्णय करे. सुशील मोदी ने एक ट्वीट में कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह वास्तव में गरीबों की चिंता करने वाले ईमानदार नेता थे ।

पहला बयान संघ,बीजेपी और नरेन्द्र मोदी के विचार से विपरीत है वही दूसरा और तीसरे बयान की बात करे तो पहली बार सुशील मोदी नीतीश कुमार से असहमति दिखाने कि कोशिश करते दिख रहे हैं।
इसकी वजह क्या है बीजेपी की राजनीति की बात करे तो सुशील मोदी संगठन और पार्टी के अंदर राजनाथ सिंह जैसे सरीखे नेता को छोड़ दे तो सबसे अनुभवी और सीनियर हैं ।

मोदी और शाह के विरोध के बावजूद आज भी सुशील मोदी के बगैर बिहार बीजेपी में पत्ता भी नहीं हिल सकता है ।2020 में सरकार गठन को लेकर राजनाथ सिंह की जगह कोई और नेता आया होता तो बिहार बीजेपी उसी दिन केन्द्रीय नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर देता।

आज भी 90 प्रतिशत विधायक मोदी के साथ है फिर भी मोदी हाशिए पर हैं वजह इन्हें नीतीश पर काफी भरोसा था और उसी भरोसा में छल हो गया । नीतीश अगर मोदी को लेकर बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व के सामने खड़े हो जाते तो मोदी और शाह का कुछ नहीं चलता लेकिन नीतीश कुमार ऐसा नहीं किये ।

फिर लगा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल जायेगी पीएम मोदी ने ये भरोसा भी दिलाया था कि आप जैसे प्रशासनिक अनुभव रखने वाले नेता की केन्द्र में जरुरत है लेकिन ऐसा हुआ नहीं, नीतीश भी अब इनसे दूरी बनाने लगे हैं ।
वही नागेन्द्र जी के संगठन महामंत्री से हटाये जाने के बाद इनकी परेशानी और बढ़ गयी क्यों कि अभी भी नागेन्द्र जी के सहारे सुशील मोदी की सियासत चल रही थी क्यों कि नागेन्द्र जी को बिहार बीजेपी में सुशील मोदी की क्या पकड़ वो पता था ।फिर जेटली जैसा केन्द्र में कोई भरोसेमंद साथी नहीं रहा नड्डा से कुछ उम्मीद थी लेकिन वो मोदी और शाह के प्रभामंडल से पार्टी को बाहर नहीं निकाल पाये ।

ऐसे में सुशील मोदी के पास दो विकल्प था या तो मार्गदर्शक मंडल में जाने कि तैयारी शुरु कर दे या फिर बिहार की राजनीति में मजबूती के साथ कूद पड़े। इनके सलाहकार भी मानते हैं कि लालू परिवार के विरोध की राजनीति बहुत हो गयी और अब इससे बाहर निकलिए।
मोदी इसी का इन्तजार कर रहे थे और जैसे ही जातीय जनगणना की बात आयी मोदी बिहार की सियासत को देखते हुए संघ, पार्टी और पीएम मोदी के विचार से विपरीत स्टेंड ले लिये क्यों कि जिस समय बिहार विधानमंडल में जातीय जनगणना को लेकर प्रस्ताव लाया जा रहा था उस समय भी संघ इसके खिलाफ था लेकिन मोदी संघ की परवाह ना करते हुए बिहार विधानमंडल में प्रस्ताव का समर्थन ही नहीं किया बढ़चढ़ कर हिस्सा भी लिया ।

सुशील मोदी रामविलास पासवान और रघुवंश बाबू को लेकर जो बयान दिये हैं उसके पीछे यह राजनीति है कि सुशील मोदी उस छवि से बाहर निकलना चाह रहे हैं जिसमें इन पर आरोप लगता रहा है कि ये नीतीश की जी हजूरी करते हैं ।इसी छवि से मोदी और शाह भी नराज है अब देखना यह है कि सुशील मोदी बयान देने तक ही सीमित रहते हैं या फिर इस मांग को लागू कराने को लेकर आगे भी बढ़ते हैं ।

क्यों कि रामविलास पासवान के बरसी में जा कर मोदी ने एक लाइन तो बिहार की राजनीति में खीच दिया है कि चिराग ही रामविलास पासवान का असली वारिस है और आने वाले समय में चिराग के सहारे बिहार में नीतीश की घेराबंदी की जा सकती है ।

वायरल बुखार को लेकर राज्य सरकार ने जारी अलर्ट स्वास्थ्यमंत्री का निर्देश मरीजों का हो बेहतर इलाज

मंगल पांडेय ने कहा है कि राज्य में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों के बेहतर उपचार के लिए सभी सिविल सर्जनों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी सदर अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेज सह अस्पतालों में जांच और उपचार की मुक्कमल तैयारी रखने के भी निर्देश दिये गये हैं।

इस क्रम में किसी बच्चे में वायरल बुखार, निमोनिया, स्वाइन फ्लू और जेई आदि के लक्षण मिलते हैं, तो उस बच्चे को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाकर समुचित जांच और उपचार कराएं। गंभीर रूप से बीमार बच्चे को बेहतर इलाज के लिये रेफर करने के अलावे संबंधित विस्तृत रिपोर्ट रोजाना मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।

श्री पांडेय ने कहा कि वायरल बुखार को लेकर सरकार की त्वरित कार्रवाई का काफी सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उक्त बीमारियों से बचाव के लिए हर प्रकार की आवश्यक दवाइयां, जांच, डॉक्टर एवं नर्सेज की व्यवस्था की गई है।

अभी तक राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेज सह अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों में से अधिकांश बच्चे स्वस्थ हो रहे हैं। मेडिकल कालेज सह अस्पताल और जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों को वायरल बुखार के मरीजों के इलाज में पूरी मुस्तैदी रखने का निर्देश दिया गया है। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सा पदाधिकारी तथा आयुष चिकित्सकों को पूरी मुस्तैदी के साथ वायरल बीमारियों से संबंधित लक्षणात्मक बच्चों का समुचित उपचार करने को कहा गया है

मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार को लेकर फिर भड़के कहां अब बर्दास्त से बाहर हो गया अधिकारी का नाम बताये

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 167 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

आज ‘‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यकम‘‘ में सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, वित्त, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, सूचना प्रावैद्यिकी, कला,
संस्कृति एवं युवा, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी।

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने जनता के दरबार में हाजिर होकर लोगों की शिकायतें सुनीं। जनता दरबार में त्रिवेणीगंज, सुपौल के श्री इंद्र भूषण प्रसाद ने त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में अनियमितता की शिकायत की। उन्होंने कर्मचारियों में तालमेल के अभाव में इलाज में हो रही परेषानी को लेकर शिकायत की।

वहीं मोतीपुर, मुजफ्फरपुर के श्री नंदलाल कुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि मेरी पत्नी जो एक वर्ष से आंगनबाड़ी सेविका के रुप में कार्यरत थी, डी0पी0ओ0 द्वारा मांगी गई राशि नहीं देने के कारण उन्हें साजिश के तहत हटा दिया गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को शिकायतकर्ता के शिकायत के समाधान का निर्देश दिया।

छौराही, बेगूसराय के श्री अरुण कुमार सिंह ने शिकायत करते हुए कहा कि राजकीय उच्च विद्यालय छौराही, मटिहानी के खेल मैदान को हाट में तब्दील कर दिया गया है। वहीं हुलासगंज, जहानाबाद के श्री मंटू कुमार ने झारूबिगहा में प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री से अपनी मांग रखी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

सोनपुर, सारण के श्री उदय कुमार ने फिजिकल शिक्षक की बहाली को लेकर अपनी मांग रखी तो वहीं पटना सदर के श्री केवल नारायण मिश्रा ने सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाने की षिकायत की। दरभंगा के श्री पप्पु कुमार ने जी0एन0एम0 की बहाली में पुरुषों को भी शामिल करने तथा प्राइवेट जी0एन0एम0 संस्थानों में शुल्क कम करने की मॉग की। मुख्यमंत्री ने इस पर संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई का निर्देष दिया।

कुछ छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि मैट्रिक पास करने के बाद भी आज तक उन्हें प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को पूरे मामले को देखकर उचित कदम उठाने को कहा। वहीं व्हील चेयर से आये एक दिव्यांग ने मुख्यमंत्री से कहा कि आज तक मुझे आयुष्मान हेल्थ कार्ड नहीं मिला। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्चर्य जताया और तुरंत स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक निर्देश दिया।

योगापट्टी, पश्चिम चंपारण के श्री विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि उनका पुत्र एवं पुत्री की पानी में डूबने से मौत हो गई थी। मुआवजा के लिए पैसा भी आया लेकिन ऑफिस के कर्मचारी मुझे पैसा देने के लिए अवैध राषि की मांग कर रहे हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसने भी पैसे की मांग की है, उस पर केस दर्ज होगा। मुख्यमंत्री ने तुरंत आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव पूरी जानकारी लेकर जिसने भी पैसे की मांग की है, उस पर विधि सम्मत कार्रवाई करने का निर्देष दिया।

मधुबनी के झंझारपुर के नरूआर गांव से आये श्री सतीश कुमार मंडल ने कहा कि 2019 में बाढ़ में 52 परिवार विस्थापित हो गये थे। सारा जमीन-घर कमला नदी में समा गया था। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपने ही सभी 52 परिवारों को घर के लिए जमीन का कागजात दिया था। 2019 से आज तक सिर्फ कागज मिला लेकिन जमीन अब तक नहीं मिल पायी है।

आज भी सभी 52 परिवार पन्नी टांगकर किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आपके गांव में गये थे, मुझे याद है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग को कहा कि डी0एम0 से बात कीजिए कि अभी तक विस्थापित परिवारों को जमीन क्यों नहीं मिली है ? हम वहां गये थे और जमीन देने की बात हमने कही थी लेकिन ये बता रहे हैं कि अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसको देखकर शिकायत दूर कीजिए।

जनता दरबार में लगातार आंगनबाड़ी सेविकाओं की बहाली से जुड़े लगातार कई शिकायत के मामले आने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर आंगनबाड़ी सेविका बहाली की शिकायत मिल रही है। अब तक मधुबनी से लगातार चार शिकायत आ चुकी है। उसके बाद मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को कहा कि चार शिकायत पहुंच गयी है। मामले को देखिए, लगातार गड़बड़ी की शिकायत मिल रही है।

बिहार बना नशीली पदार्थो का हब

बिहार इन दिनों नशीली पदार्थ के तस्करी का हब बनता जा रहा है रोजाना शराब के बरामदगी की खबर आती ही रहती है और अब ड्रग्स के तस्करी की भी बात सामने आने लगी है दो दिन पहले ही लखीसराय में गंजा का एक बड़ा खेप पकड़या था और आज गया पुलिस ने 2 किलो 200 ग्राम ब्राउन शुगर पकड़ा है जिसकी किमत करोड़ो में है ।

गया एसएसपी की माने तो कई दिनों से रेकी करने के बाद 2 किलो 200 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन सप्लायर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी गया जिले के टनकुप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरसौता गांव निवासी है। गिरफ्तार आरोपितों में सूरज कुमार सुमन कुमार उर्फ लोकेश आलोक कुमार शामिल है।

इन तीनों के पास से 2 किलो 200 ग्राम ब्राउन शुगर ड्रग्स दो मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल बरामद किया गया है।एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए तीनों ब्राउन शुगर सप्लाई करने का काम करता है। एसएसपी ने बताया कि बरामद ब्राउन शुगर की बाजार में कीमत करोड़ के आसपास आंकी गई है।

सएसपी ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपितों का तार झारखंड के बरही से जुड़े हैं, जो बराबर गया और आसपास के इलाकों में ब्राउन शुगर की आपूर्ति करता है। उन्होंने स्पष्ट किया ब्राउन शुगर की आपूर्ति कराने में कुछ सफेदपोश लोगों के भी नाम सामने आए हैं। पकड़े गए लोगों के द्वारा जिन सफेदपोश नेताओं का नाम बताया गया है।

उनकी गिरफ्तारी कराने के लिए टीम छापेमारी कर रही है। घटनास्थल से एक आरोपित फरार हुआ है। वह झारखंड के बरही थाना क्षेत्र का रहने वाला है।इस मामले में मुफस्सिल थाना में एनडीपीसी एक्ट 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सएसपी ने कहा कि कुछ स्थानीय सफेदपोश नेता भी ब्राउन शुगर की पूर्ति में शामिल हैं। बरामद मोबाइल में अंकित नंबरों की भी जांच कराई जा रही है पकड़े गए आरोपों के मोबाइल में जिन व्यक्तियों का नाम अंकित है या बराबर आपूर्तिकर्ता से बातचीत होती है उनके गिरेबान तक भी पुलिस पहुंचने के लिए साक्ष्य जुटा रही है।

सेंसेक्स, निफ्टी लाल निशान में बंद; मिड, स्मॉलकैप का बेहतर प्रदर्शन

बीएसई सेंसेक्स 127.31 अंक गिरकर 58,177.76 पर, जबकि निफ्टी 50 13.95 अंक फिसलकर 17,355.30 पर बंद हुआ।
सुबह के कारोबार के दौरान दोनों सूचकांक लाल रंग में खुले और निचले स्तर पर कारोबार किया।

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने बेंचमार्क सेंसेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया और लगातार तीसरे सत्र में अपनी जीत का सिलसिला बढ़ाया। अन्य सेक्टोरल इंडेक्स में बीएसई मेटल, यूटिलिटीज और बेसिक मैटेरियल्स में एक-एक फीसदी से ज्यादा की तेजी आई।

सेंसेक्स पर आरआईएल निचले स्तर पर कारोबार किया क्योंकि Jio द्वारा अपने अल्ट्रा-लो-कॉस्ट स्मार्टफोन के लॉन्च में देरी के बाद यह 2.22 प्रतिशत कम हो गया था। इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल), एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) का स्थान रहा। दूसरी ओर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील मारुति सुजुकी इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक शीर्ष पर रहे।

बाजार को मेटल और IT शेयर्स का सपोर्ट मिला। NSE पर मेटल इंडेक्स 1.29% और IT इंडेक्स 0.94% की तेजी के साथ बंद हुआ। सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी मीडिया इंडेक्स 1.34 फीसदी चढ़ा, इसके बाद निफ्टी मेटल इंडेक्स में 1.29 फीसदी की तेजी आई ।

बीएसई मिडकैप इंडेक्स 78.16 अंक (0.32 फीसदी) बढ़कर 24,783.45 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी बीएसई स्मॉलकैप 221.04 अंक (0.80 फीसदी) की तेजी के साथ 27,866.14 पर बंद हुआ।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल), आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल), एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम), अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक शीर्ष इंडेक्स ड्रैगर्स में से थे। दूसरी तरफ, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक बीएसई सेंसेक्स के शीर्ष पर थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 20 शेयर्स बढ़त के साथ और 10 शेयर्स लाल निशान में बंद हुए। BSE पर कारोबार के दौरान 255 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 25 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

बिहार कांलेज आंफ फिजियोथेरेपी कोर्स की पढ़ाई को लेकर हुई सुनवाई

पटना हाई कोर्ट ने बिहार कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी एंड ऑक्यूपेशनल थेरेपी में फिजियोथेरेपी व ऑक्यूपेशनल थेरेपी में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स शुरू करने हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने अधिवक्ता भावना सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई की।

याचिकाकर्ता ने उचित समय सीमा में डॉक्टर, शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ तथा टेक्नीशियन और फिजियोथैरेपिस्ट के कॉलेज में खाली पड़े पदों भरे जाने का अनुरोध किया।

उन्होंने बताया कि बिहार कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी एंड ऑक्यूपेशनल थेरेपी राज्य में एकमात्र सरकारी अस्पताल है । यहाँ ऑक्यूपेशनल थेरेपी का कोर्स व इलाज समेत पुनर्वास और फिजियोथेरेपी की सुविधाएं मुहैया कराई जाती है।खासतौर से वैसे गरीब लोगों को जो इसका इलाज दूसरे स्थानों पर करवाने में समर्थ नहीं हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि अप्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा प्रशिक्षित व्यक्तियों के कामों को अस्पताल में किया जा रहा है। इतना ही नहीं, प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा इस अस्पताल में गार्ड का काम किया जा रहा है।

इसलिए कोर्ट से कॉलेज में समुचित काम काज को लेकर निर्देश देने की भी मांग किया गया है।मामले पर सुनवाई तीन सप्ताह बाद की जाएगी।

सीएम हैरान 2016 में मैट्रिक पास किये छात्रों को अभी तक नहीं मिला है प्रोत्साहन राशी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के दौरान उस वक्त हैरान रह गये जब उनकी खुद की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत 2016 से छात्रों को राशी नहीं मिल रही है।

भागलपुर से आई एक बच्‍ची ने बताया कि उसने 2016 में मैट्रिक परीक्षा पास की थी, बावजूद उसे मुख्‍यमंत्री प्रोत्‍साहन योजना की राशि अब तक नहीं मिली है। इसे सुनकर सीएम चौंक गए। इसके बाद भी इस तरह के एक दर्जन से अधिक मामले आए।

क युवक ने 2017 में परीक्षा पास करने पर भी अब तक प्रोत्‍साहन राशि नहीं मिलने की बात कही। सीएम आश्‍चर्यचकित थे कि इतने वर्षों बाद भी योजना की राशि क्‍यों नहीं दी गई फिर वो अधिकारियों से इस संदर्भ में बात किया ।

इसी तरह जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के दौरान पिछले दिनों सीएम को पता चला कि 2015 से ही आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका को मानदेय नहीं मिल रहा जनता के दरबार कार्यक्रम के दौरान भोजपुर जिला के सहार प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका, समस्तीपुर जिला के विभूतिपुर प्रखंड समेत अन्य कई स्थानों से आयी सेविकाओं ने सीएम के समाने मानदेय नहीं मिलने को लेकर अपनी बात रखी। सेविका की बात सुन कर सीएम इसी तरह हैरान रह गये थे ।

सफाईकर्मियों के हड़ताल मामले में सरकार को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत कल फिर होगी सुनवाई

पटना हाईकोर्ट में पटना नगर निगम कर्मियों के चल रहे हड़ताल के मामलें पर 14 सितम्बर,2021 को सुनवाई होगी। शिवानी कौशिक व् अन्य की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।

एडवोकेट जेनरल ने कोर्ट के समक्ष नगर निगमकर्मियो के चल रहे हड़ताल पर सुनवाई करने का अनुरोध किया।उन्होंने कहा कि अभी करोना का समय चल रहा है।ऐसे।समय में इन निगम कर्मियों के हड़ताल से पूरे पटना की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुआ है।शहर के हर इलाके में गन्दगी फैली हुई हैं।

कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि करोना के मुश्किल हालात से निपटने के लिए क्या क्या उपाय किये जा रहे हैं।अभी कोरोना के तीसरी लहर आने की संभावना बनी हुई हैं। इस स्थिति से सतर्क रहने की।सख्त जरूरत है।

कोर्ट में आज संविदा पर कार्य कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों की मांगो के सम्बन्ध में।सुनवाई होनी थी,लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों के उपस्थित नही होने के कारण मामलें की सुनवाई कल तक टल गई।पिछ्ली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को इन संविदा पर कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के मांगो के मामलें में चार सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया था।

इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को इन स्वास्थ्यकर्मी की मांगो के बारे में गठित कमिटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई करने का करने को कहा था।कोरोना काल में राज्य के संविदा पर कार्य कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने वेतन, ई पी एफ,हाउस रेंट आदि के लिए हड़ताल पर गए थे।

जब मामला कोर्ट के सामने आया,तो कोर्ट ने इन्हें Covid-19 के मद्देनजर अपनी हड़ताल समाप्त करने का निर्देश दिया।साथ ही राज्य सरकार को भी निर्देश दिया था कि इनके मांगो पर विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया था।

राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि इन स्वास्थ्यकर्मियों के मांगो विचार करने के लिए सम्बंधित अधिकारियों की कमिटी गठित की गयी है।

पिछ्ली सुनवाई में कोर्ट को बताया गया कि अधिकारियों की ने सभी मुद्दों पर विचार कर अपने संस्तुति सरकार को दे दी हैं।
कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को सम्बंधित अधिकारियों की बैठक बुला कर संविदाकर्मियों की मांगो पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था।

इस मामलें पर अगली सुनवाई कल पुनः की जाएगी।

रामविलास पासवान के बरसी के सहारे चिराग ने नीतीश को दी खुली चुनौती बीजेपी के तमाम बड़े नेता हुआ शामिल

”तमाशबीन हूं मैं ”
सड़क के बीचों बीच एक पत्थर गिरा हुआ था उसी सड़क से समाज के अलग अलग वर्ग से जुड़े लोग जा रहे थे और सड़क के बीचों बीच पड़े पत्थर से चोट खा रहे थे। चोट खाने वालो की अलग अलग प्रतिक्रिया आ रही थी। इसी दौरान गांव का प्रधान मुखिया जी भी कही जाने के लिए घर से निकले उनको भी सड़क के बीचों बीच परा पत्थर से चोट लग गया, चोट लगने के बाद मुखिया जी आराम से उस पत्थर को उठाये और सड़क के किनारे रख दिये इस कहनी के सहारे यह संदेश दिया गया है जनप्रतिनिधि किस तरह के सोच वाले होते हैं ये हमारे शिक्षा उपयोग से जुड़ी कहानी के किताब में लिखा।
आजाद भारत में भी इस तरह का दौड़ कभी रहा है नेहरु के कैबिनेट में श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी थे ।किसी ने राजीव गांधी को कहां कि बाजपेयी सख्त बिमार हैं और इनको बाहर इलाज कराने की जरुरत है। राजीव गांधी ने तुरंत एक डेलिगेट अमेरिका बाजपेयी जी के नेतृत्व में भेजने का फैसला लिया ताकी बाजपेयी जी सरकारी पैसे से अमेरिका में इलाज करा सके ।
लेकिन भारतीय राजनीति का एक दौर ये भी है जहां विपक्ष का मतलब दुश्मन समझा जाता है, वैसे राजनीति में कब कौन दुश्मन दोस्त बन जाये कहना मुश्किल है फिर भी इत तरह कि शैली आज की राजनीति में बढ़ती जा रही है ।
रामविलास पासवान का कल पहली बरसी था नीतीश कुमार उस बरसी में शामिल नहीं हुए हलाकि नीतीश कुमार राजनीति में मतभेद रखने वाले मित्रों के साथ इस तरह का व्यवहार करते रहे हैं फिर भी इस हद तक नहीं
रामविलास पासवान कोई पहला व्यक्ति नहीं है नीतीश इस तरह का व्यवहार पहले भी करते रहे हैं जार्ज ,शरद दिग्विजय सिंह सहित दर्जनों ऐसे नेता थे जिनका नीतीश कुमार के निर्माण में बड़ी भूमिका रही फिर भी मतभेद हुआ तो रिश्ते मनभेद तक पहुंच गया।

ये नीतीश की शैली रही है जिससे मतभेद हुआ उसे मिटाने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं और खास बात यह है कि राजनीतिज्ञ होने के बावजूद भी उनकी मनभेद वाली शैली दिख जाती है।
खैर उनके इसी राजनैतिक जीवन में मनभेद होने के बावजूद भी ना चाहते हुए भी उनके सामने खड़ा है ऐसे कई नाम है सम्राट चौधरी,नीतीश मिश्रा ,श्रेयसी सिंह जो नीतीश के इक्छा के विपरीत मंत्री बने हुए हैं, विधायक बने हुए हैं ,
ऐसे में रामविलास पासवान के परिवार के साथ इस तरह का आचरण राजनीति से जुड़े पंडित देख कर हैरान है क्यों कि कई ऐसे मौके आये हैं जब मनभेद के बावजूद झुके भी हैं और दोस्ती का हाथ बढ़ाया है और इस बार तो कई ऐसे नेता है जिसको देख कर नीतीश नजर हटा लेते हैं आज कल उन्हें पार्टी में शामिल करने के लिए पूरी ताकत लगाये हुए हैं ।
गांव का साधारण व्यक्ति जिसको राजनीति का कहकरा भी पता नहीं है वो भी जानता है कि पासवान किसके साथ खड़ा है ऐसे में नीतीश कुमार तीन चाह माह बाद बिहार के दो सीटों पर उपचुनाव होना है जिसमें जीत हासिल करना नीतीश के सरकार के लिए बेहद जरुरी है उसमें एक सीट कुशेश्वरस्थान जहां रामविलास पासवान का ननिहाल था और आज भी उनके परिवार के ही लोग जदयू से विधायक रहे हैं ऐसे में इस हद तक विरोध की वजह समझ से पड़े है।

हलाकि नीतीश कुमार की जो राजनैतिक शैली रही है हम साथ आपके जरुर हैं लेकिन कुछ फैसले ऐसे लेते रहे जिससे राष्ट्रीय स्तर पर इनकी एक अलग पहचान बनी रही ।
एनडीए के साथ है वोट प्रणव दा को देगें यूपीए के साथ हैं वोट कोविंद को देगें इसी तरह से हिन्दू मुस्लिम राजनीति को लेकर कुछ विषय पर मजबूती के साथ खड़े रहते थे चाहे मोदी ही सामने क्योंं ना हो ।लेकिन इस बार फिजा बदली बदली सी नजर आ रही है। हिन्दू मुस्लिम मामले में भी नीतीश उस तरह से अब स्टैंड नहीं ले पा रहे हैं ।
देवीलाल को लेकर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर संदेश दे सकते हैं लेकिन उससे भी वो दूरी बना लिए और रामविलास पासवान के बरसी के मौके पर नीतीश के इक्छा के विपरित राज्यपाल के साथ साथ बीजेपी के कई मंत्री ,सांसद और विधायक शामिल हुए यहां तक कि सुशील मोदी भी पहुंच गये मतलब बिहार बीजेपी को अब पहले जैसे नीतीश के नराज होने से कोई परहेज नहीं है ।

तो ऐसे में क्या माना जाये नीतीश ने मान लिया है कि यह मेरी आखिरी पारी है क्या वो भी समझने लगें हैं कि 2010 और 2021 के नीतीश में बहुत बड़ा फर्क है अब वोट को लेकर उस तरह के गेम चेंजर नहीं रहे ।
ऐसे में सीधी पाली खेलते चलिए जातीय जनगणना के सहारे कुछ हासिल हो गया तो ठीक नहीं तो राजनीति से बाय बाय कर लेगें ।

पॉलिटेक्निक के छात्रों ने दायर किया याचिका

पटना हाई कोर्ट ने पॉलीटेक्निक के छात्रों को प्रोन्नत करने के मामले पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को संबंधित अधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन दाखिल देने को कहा है।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने मनोरंजन कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की।

याचिकाकर्ता ने पॉलिटेक्निक के पहले, तीसरे, चौथे और पांचवे सेमेस्टर के लेटरल एंट्री के छात्रों को यू जी सी द्वारा जुलाई, 2021 में जारी किये गए आदेश के सन्दर्भ में अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत करने हेतु याचिक दायर किया था।
कोर्ट से झारखंड, यू पी, राजस्थान, हरियाणा और बिहार के अन्य यूनिवर्सिटी की तरह ही बगैर किसी परीक्षा लिए संशोधित एकेडेमिक कैलेंडर 2021- 22 और ए आई सी टी ई के अनुसार अगले सेमेस्टर में प्रमोट करने हेतु आदेश देने का अनुरोध किया है।

याचिकाकर्ता ने अपने याचिका में छठे सेमेस्टर के लिए होम सेन्टर से फिजिकल परीक्षा लेने व् यू जी सी के गाइडलाइंस के अनुसार इसी तरह से बैक लॉग छात्रों के मामले में कार्रवाई करने हेतु निर्देश देने के लिए आग्रह किया है। याचिकाकर्ता को कोर्ट के आदेश की तिथि से चार सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारी के समक्ष अपने शिकायतों के निवारण के लिए अभ्यावेदन दाखिल करने को कहा गया है। संबंधित अधिकारी को आदेश की प्रति के साथ अभ्यावेदन मिलने पर प्राथमिकता देते हुए, दो महीने के भीतर अभ्यावेदन पर विचार करते हुए इसे शीघ्रता से निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को निष्पादित कर दिया।

महापुरुषों को याद करने के सहारे आजकल चल रही है सियासत

‘ भुला दिया गया है’ भारत की राजनीति का अभिन्न थीम बन चुका है। इसके जवाब में ‘ याद किया जा रहा है’ का थीम हर जगह लाँच है। राजनीतिक दल को जनता भले न याद आए लेकिन ‘ भुला दिया गया है’ के भय से वे हर दिन किसी न किसी महापुरुष को याद करते रहते हैं। हर दूसरा फ़ालतू मंत्री सुबह सुबह किसी महापुरुष को याद करता है और फिर अगली सुबह किसी और को। उसका काम सारा उल्टा होता है। राजनीतिक कार्यकर्ताओं के पेज पर जाइये तो हर दिन हाथ जोड़े हुए किसी की जयंती मना रहे होते हैं। हुआ यह है कि राजनीति में इतने महापुरुषों की प्रेरणाएं मिक्स हो चुकी है कि इनसे प्रेरित राजनेता और कार्यकर्ता जनता से दूर हो चुका है। याद करना एक नया उद्योग बन गया है। तारीख़ याद कर लेना ही याद करना हो चुका है।

आज महान कवि सुब्रमण्य भारती की सौवीं वर्षगाँठ है। यहाँ दो दलों के पोस्टर एक दूसरे से होड़ कर रहे हैं। तमिल कोटे से कवि को याद किया जा रहा है। हर जाति हर धर्म और हर भाषा में राजनीतिक दल के लोग हैं और ये लोग इसी काम आते हैं। बाक़ी पोस्टर पर कवि की रचना तो होनी नहीं थी। रचना की दो पंक्तियों को भी जगह मिल सकती थी। कवि की आत्मा को भी लगता होगा कि कौन लोग आ गए हैं।

आपको नेतागीरी करनी है और ट्रोल करने के लिए गिरोह बनाना है तो मूर्ति स्मारक और जयंती पुण्यतिथि याद करना शुरू कर दें।

लेखक –रवीश कुमार पत्रकार

वायरल बुखार को लेकर पूरे राज्य में जारी हुआ अलर्ट सीएम का निर्देश इलाज को हो समूचित व्यवस्था

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने कोरोना जांच, टीकाकरण एवं बच्चों में फैल रहे वायरल बुखार से बचाव को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बच्चों में वायरल बुखार से बचाव को लेकर उठाये जा रहे कदमों की जानकारी दी। साथ ही कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति, कोरोना जांच एवं वैक्सीनेशन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज अस्पतालों एवं जिला अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों एवं उनके उपचार के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी अस्पतालों में दवा की उपलब्धता पर्याप्त है। वायरल बुखार को लेकर विभाग पूरी तरह से एक्टिव है। उसकी सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। वायरल बुखार को लेकर लोगों को घबराने की जरुरत नहीं है। श्री प्रत्यय अमृत ने बताया कि कोविड वैक्सीनेशन का काम शहरी क्षेत्रों में लगभग शत-प्रतिषत पूर्ण हो गया है। अगर कोई बचे हुये हैं तो उनका टीकाकरण भी जल्द से जल्द करा लिया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी टीकाकरण कार्य तेजी से चल रहा है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में जिनका टीकाकरण बचा हुआ है, उनका जल्द से जल्द टीकाकरण करायें। ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष अभियान चलाकर टीकाकरण का कार्य तेजी से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि खासकर मुंबई, केरल और तमिलनाडू से आने वाले लोगों की कोरोना जांच अवश्य करायें। रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर बाहर से आने वालों पर विशेष नजर रखें। इन जगहों पर कोरोना जांच की व्यवस्था रखें। टीकाकरण कोरोना से बचाव का कारगर उपाय है। इसके साथ ही कोरोना की जांच भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कोरोना जांच की संख्या और बढ़ायें। इसे प्रतिदिन दो लाख तक ले जायें। लोग मास्क का प्रयोग जरुर करें। यह कोरोना संक्रमण से बचाव के साथ-साथ अन्य वायरल बीमारियों से बचाव में भी उपयोगी है। माइकिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर लोगों को सचेत एवं जागरुक करते रहें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में वायरल बुखार को लेकर अलर्ट और एक्टिव रहें। वायरल बुखार के लक्षणों पर भी नजर बनाये रखें। बच्चों के इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं हो। अस्पतालों में दवा की पर्याप्त उपलब्धता रखें। उन्होंने कहा कि वायरल बुखार को लेकर विभाग द्वारा उठाये जा रहे कदमों के संबंध में मीडिया के माध्यम से लोगों को जानकारी दें।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कई निर्देश दिये हैं ।
सभी लोग मास्क का प्रयोग जरुर करें। यह कोरोना संक्रमण से बचाव के साथ-साथ अन्य वायरल बीमारियों से बचाव में भी उपयोगी है।

    माइकिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर लोगों को सचेत एवं जागरुक करते रहें।
बच्चों में वायरल बुखार को लेकर अलर्ट और एक्टिव रहें। 
बच्चों के इलाज के लिये अस्पतालों में दवा की पर्याप्त उपलब्धता रखें।
वायरल बुखार को लेकर विभाग द्वारा उठाये जा रहे कदमों के संबंध में मीडिया के माध्यम से लोगों को जानकारी दें।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष अभियान चलाकर टीकाकरण का कार्य तेजी से पूर्ण करें।
कोरोना जांच की संख्या और बढ़ायें और इसे प्रतिदिन दो लाख तक करें।
मुंबई, केरल और तमिलनाडू से आने वाले लोगों की कोरोना जांच अवश्य करायें। रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर बाहर से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखें। इन जगहों पर भी कोरोना जांच की व्यवस्था रखें।

फिलहाल हाईकोर्ट फिजिकल नहीं चलेंगा दशहरा के बाद होगा निर्णय

पटना हाईकोर्ट दशहरा के अवकाश के बाद 20 अक्टूबर, 2021को कोरोना की स्थिति का जायजा लेगा।इसके बाद पटना हाईकोर्ट प्रशासन फिजिकल कोर्ट प्रारम्भ करने के सम्बन्ध में निर्णय लेगा।साथ ही यह भी निर्णय लिया जाएगा कि फिजिकल कोर्ट की कार्यवाही किस हद तक संभव होगा और किस प्रकार चलाया जा सकेगा।

पिछले वर्ष मार्च से कोर्ट में मुकद्दमों की सुनवाई वर्चुअल मोड़ पर की जा रही हैं।अधिवक्ता संघो ने पटना हाईकोर्ट प्रशासन से फिजिकल कोर्ट शुरू करने का अनुरोध किया।लेकिन करोना महामारी को देखते हुए हाई कोर्ट प्रशासन ने फिजिकल कोर्ट नहीं शुरू किया।

4 जनवरी,2021से पटना हाईकोर्ट में करोना के लिए जारी दिशानिर्देश व सुरक्षा नियमों के तहत हाइब्रिड कोर्ट शुरू किया गया।इसमें प्रथम पाली में फिजिकल कोर्ट के माध्यम से मामलों की सुनवाई होती थी और द्वितीय पाली में ऑनलाइन सुनवाई होती थी।

लेकिन मार्च,2021मे करोना महामारी के फिर से बढ़ने के कारण अप्रैल,2021 से फिर मामलों की ऑनलाइन सुनवाई शुरू हुई,जो अबतक चल रही हैं।

इस बीच वकीलों और अधिवक्ता संघो ने कई बार फिजिकल कोर्ट शुरू करने के चीफ जस्टिस से मांग की।इस करोना महामारी काल में वकीलों और उनके साथ जुड़े स्टाफ की स्थिति काफी खराब हो गई।उन्हें गहरे आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा।बहुत सारे वकील अपने घर गांव चलें गए और उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
एक ओर कोर्ट बंद होने से उनके आय का स्रोत खत्म हो गया,वहीं सरकार और बार कौन्सिल के द्वारा भी बहुत प्रभावी आर्थिक मदद नहीं।दी गई।

तेजस्वी के दाव में पहली बार नीतीश हुए असहज रघुवंश सिंह और रामविलास पासवान की जंयती को राजकीय सम्मान घोषित करने की हुई मांग

बिहार में एक बार फिर सियासी घेराबंदी शुरु हो गयी है नेता प्रतिपंक्ष तेजस्वी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व० डॉक्टर रघुवंश प्रसाद सिंह जी एवं स्व० रामविलास पासवान जी की राज्य में आदमकद प्रतिमा स्थापित करने और उनकी जयंती अथवा पुण्यतिथि को राजकीय समारोह घोषित करने की माँग को लेकर माननीय मुख्यमंत्री, बिहार को पत्र लिखा।


बिहार की राजनीति में रघुवंश प्रसाद सिंह और रामविलास पासवान की अपनी एक अलग पहचान भी है और समाजिक पकड़ भी है ऐसे में तेजस्वी ने जो मांग कि है अगर सरकार इसको मान लेती है तो इसका क्रेंडिट तेजस्वी को जायेंगा और नहीं मानता है तो तेजस्वी इसके सहारे बिहार की सियासत में एक अलग तरह की गोलबंदी करा सकता है ऐसे में तेजस्वी का यह पत्र बिहार के सियासत को नयी दिशा दे सकता है क्यों कि सार्वजनिक स्तर पर हर कोई जानता है कि रधुवंश सिंह औऱ रामविलास पासवान को लेकर नीतीश कभी सहज नहीं रहे हैं ऐसे में तेजस्वी का यह मांग बिहार की राजनीति में पहली बार नीतीश कुमार के परेशीन पैदा करता है ।

माननीय मुख्यमंत्री जी,
बिहार, पटना।

स्व० डॉक्टर रघुवंश प्रसाद सिंह एवं स्व० रामविलास पासवान जी दोनों ही राज्य के महान विभूति होने के साथ-साथ प्रखर समाजवादी नेता थे। दोनों ही राजनेताओं ने अपने सामाजिक सरोकारों और सक्रिय राजनीतिक जीवन के माध्यम से बिहार राज्य की उल्लेखनीय सेवा की। दोनों बिहार के ऐसे सपूत रहे हैं जिनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से हम सभी बिहारवासी सदा ऋणी रहेंगे।
महोदय, आपको तो ज्ञात ही है निधन से कुछ दिन पूर्व स्व० डॉ रघुवंश बाबू ने आपको सम्बोधित पत्र के माध्यम से अपनी कुछ माँगे पूर्ण करने की इच्छा व्यक्त की थी। मुझे विश्वास है कि आप उन माँगों को पूर्ण करने हेतु आवश्यक कदम उठा रहे होंगे। रघुवंश बाबू की अंतिम इच्छाओं को सम्मान देते हुए उन्हें पूरा करना ही उनके प्रति हमलोगों की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इसी प्रकार स्व० रामविलास पासवान जी सामाजिक न्याय, समतावादी विकास और समाजवाद के प्रबल पक्षधर थे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन वंचितों उपेक्षितों के सामाजिक उत्थान, संघर्ष, रक्षा एवं विकास के लिए समर्पित किया। वो बिहार के विकास के लिए सदैव संघर्षरत रहे।
अतः मेरा आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया स्व० रघुवंश बाबू एवं स्व० रामविलास पासवान जी की राज्य में आदमकद प्रतिमा स्थापित करते हुए उनकी जयंती अथवा पुण्यतिथि को राजकीय समारोह घोषित किया जाए। 
- (तेजस्वी प्रसाद यादव)

पंचायत चुनाव में पहली बार स्ट्रांग रूम में लगाया जायेंगा इलेक्ट्रॉनिक लॉक

पंचायत चुनाव की तैयारी जोड़ पकड़ने लगा और इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत आम चुनाव में तैनात प्रेक्षकों को निर्देश दिया है कि वह मतदान के सात दिन पहले मतदाताओं तक मतदाता पर्ची उपलब्ध करा दें। इससे मतदाताओं को जानकारी मिलेगी कि उनका संबंधित मतदान केंद्र कौन सा है।

सोन भवन चुनाव के दौरान जो प्रेक्षक नियुक्त हुए हैं उसका दो दिनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है । राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद ने प्रेक्षक को कहा कि पंचायत चुनाव को हर हाल में निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न करना है। इसके लिए ईवीएम से मतदान होगा और साथ ही बायोमेट्रिक पद्धिति का उपयोग कर हर मतदाता की पहचान की जायेगी। इससे फर्जी मतदान पर पूरी तरह से रोक लगेगी।

उन्होंने कहा कि ईवीएम से मतदान होने पर मसल और मनी पावर पर रोक लगेंगा।
इस बार राज्य चुनाव आयोग एक नई व्यवस्था कर रही है। मतदान के बाद ईवीएम और बैलट बॉक्स रखने के लिए बनाए गए स्ट्रांग रूम में इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगाया जा रहा है। इस लॉक की विशेषता यह है कि जैसे ही इसे खोला जाएगा कि इससे संबंधित सभी पदाधिकारियों को स्ट्रांग रूम का ताला खोले जाने की जानकारी मिल जाएगी। इतना ही नहीं चुनाव आयोग को भी पता चल जाएगा कि स्ट्रांग रूम को खोला गया है जिसमें ताला खोलने की तारीख और समय की भी जानकारी मिल जाएगी। चुनाव में यह व्यवस्था पहली बार की गई है।

औरंगाबाद के डिस्ट्रिक्ट जज को हाईकोर्ट ने किया निलंबित

पटना हाई कोर्ट ने एक आदेश जारी कर औरंगाबाद के वर्तमान जिला जज श्री कृष्णा मुरारी शरण को निलंबित कर दिया है| हाईकोर्ट ने उन्हें बिहार जुडिशियल सर्विस के रुल 6 सब रुल (1) के तहत उन्हें अपने पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है |

इस आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि श्री कृष्ण मुरारी शरण अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित होने के दौरान बिना पूर्व अनुमति के वे मुख्यालय से बाहर नहीं जा सकेंगे।लेकिन उनके निलंबन के दौरान निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा। जॉंच जारी रहने या अगले आदेश तक उन्हें पटना सिविल कोर्ट में अटैच किया गया हैं।

इस आदेश की कॉपी औरंगाबाद के निलंबित।डिस्ट्रिक्ट जज कृष्ण मुरारी शरण को भेजी गई है।उन्हें कहा गया है कि वे अपने कार्य का प्रभार इस आदेश के मिलते ही वरिष्ठतम एडिशनल और सेशन्स जज को सौंप देंगे।इस आदेश की प्रति पटना के ज़िला जज को आवश्यक कार्र्वाई के लिए प्रेषित की गई है।

असंगठित क्षेत्र से जुड़े मजदूरों के लिए राज्य सरकार ने खोला द्वार

श्रम कल्याण दिवस” से महाभियान चलाकर राज्य के सभी असंगठित क्षेत्र के कामगारों का राष्ट्रीय ई-श्रम पोर्टल पर कराया जायेगा निबंधन:

  • 31 दिसंम्बर 2021 तक राज्य के 3 करोड़ 49 लाख कामगारों के निबंधन का पूरा किया जायेगा लक्ष्य:
    श्री जिवेश कुमार, मंत्री श्रम संसाधन विभाग|

बिहार के सभी असंगठित क्षेत्र के कामगारों को राष्ट्रीय ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराये जाने हेतु राज्य में महाभियान चलाकर लक्ष्य को पुरा किया जायेगा| इस अभियान को “श्रम कल्याण दिवस” (दिनांक 17/09/2021) से शुरू किया जाएगा| दिनांक 31 दिसंम्बर 2021 तक 3 करोड़ 49 लाख कामगारों के निबंधित कर लिया जायेगा, जो राज्य के लिए भारत सरकार से निर्धारित लक्ष्य है| विभागीय मंत्री, श्री जिवेश कुमार ने उक्त बातें निर्धारित लक्ष्य के प्रप्ति हेतु विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक के दौरान कही|

  1. उन्होंने यह बताया कि केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक बेहतर पहल की है, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment) ने इसकी शुरुआत दिनांक 26 अगस्त को किया है| जिसके तहत देश भर के लगभग 43.7 करोड़ असंगठित श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल (e-SHRAM Portal) से जोड़ा जायेगा| जिसका उदेश्य देश के सभी असंगठित क्षेत्र के कामगार तक सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचना है|
  2. देश भर के असंगठित श्रमिक जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते है उनका पहचान पत्र और आधार कार्ड की तर्ज पर इनके कार्य के अनुसार रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है| जिससे इनके आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए योजनाएं बनाकर क्रियान्वित की जा सके| साथ ही निबंधित श्रमिकों को 2 लाख रुपये का बीमा का लाभ भी दिया जा रहा है, जिससे श्रमिक की असामयिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को तात्कालिक आर्थिक सहायता दी जा सके|
    ई – श्रम पोर्टल की विशेषताओं को बताते हुए माननीय मंत्री ने कहा:-
    1) पोर्टल पर श्रमिक अपना रजिस्ट्रेशन खुद से या CSC पर जा करा सकते हैं।
    2) श्रमिक का जन्म तिथि, होम टाउन, मोबाइल नंबर और सामाजिक श्रेणी जैसे अन्य आवश्यक डिटेल भरने के अलावा, आधार कार्ड नंबर और बैंक खाते का डिटेल का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन किया जाता है|
    3) श्रमिकों को एक ई-श्रम कार्ड जारी किया जाता है जो 12 अंकों का विशिष्ट नंबर है।
    4) इसका उद्देश्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का एकीकरण करना है।
    5) ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से बिहार सरकार का लक्ष्य 3.49 करोड़ असंगठित श्रमिकों, जैसे: निर्माण मजदूरों, प्रवासी श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी वालों और घरेलू कामगारों का रजिस्ट्रेशन करवाना है।
  3. बिहार राज्य में अद्यतन स्थिति के अनुसार बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में निबंधित लगभग 17 लाख कामगारों का पूर्ण विवरण को राष्ट्रीय ई पोर्टल में जोड़े जाने हेतु भेजा जा चुका है| साथ ही राज्य के अन्य योजनाओं से जुड़े लगभग 11 लाख कामगारों के डाटा को भी जोड़ा जा चुका है| इस ई पोर्टल से बिहार राज्य से 3 करोड़ 49 लाख कामगारों को जोड़े जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो राज्य के आबादी का 30 प्रतिशत है, जिससे लगभग राज्य के सभी कामगार आच्छादित हो जायेंगे|
  4. श्रम संसाधन विभाग विभिन्न विभागों (आपदा / कृषि / पथ निर्माण/ भवन निर्माण आदि) से समन्वय स्थापित कर उनके यहां कार्यरत आधार आधारित पंजीकृत कामगारों का भी समायोजन इस ई पोर्टल पर करा रहा है, जिसमें विशेष रूप से मनरेगा के श्रमिक, जीविका दीदियों को जोड़ा जायेगा| साथ ही दिए गए लक्ष्य को जिलावार (जनसंख्या के अनुरूप) विभाजित कर इसे पूरा किया जायेगा| इससे संबधित पत्र सभी जिलों के जिलाधिकारी को अपर मुख्य सचिव स्तर से प्रेषित किया जा रहा है|
  5. सभी कार्य को (CSC) कॉमन सर्विस सेंटर के द्वारा कराया जायेगा जो प्रत्येक पंचायत में कार्यरत है, इसको पूरा करने हेतु भावी रूप रेखा तैयार की गयी है, जिसको लेकर अग्रेतर कारवाई की जा रही है| राज्य में स्टेट एडमिन बना दिया गया, जो जिलावार डाटा मूल्यांकन और अनुश्रवण करेंगे| साथ ही प्रगति हेतु जिला स्तर के पदाधिकारियों से प्रत्येक स्तर पर इसकी समीक्षा कर त्वरित गति से इसे 31 दिसम्बर 2021 तक पुरा किया जायेगा|

समीक्षा बैठक के दौरान, अपर मुख्य सचिव, श्रीमती वन्दना किनी, विशेष सचिव, श्री अलोक कुमार, श्रमायुक्त, सुश्री रंजिता, संयुक्त श्रमायुक्त, श्री अरविंद कुमार और श्री वीरेंद्र कुमार के साथ वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे|

स्वाइन फ्लू ने बिहार में दी दस्तक पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी

वायरल बुखार से अभी राज्य बाहर भी नहीं निकला है कि कोरोना से भी खतरनाक स्वाइन फ्लू के बिहार में आने की सूचना से पूरे स्वास्थ्य महगमा में हड़कंप मच गया है ।विभाग ने कल इसको लेकर एक आपात बैठक बुलाई है।विभाग के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि कोरोना ,वायरल बुखार और स्वाइन फ्लू के लक्षण में काफी समानता है इस वजह से जब तक मरीजों का टेस्ट नहीं होगा तब तक यह तय नहीं हो पायेंगा कि आखिरकार मरीज किस बिमारी से ग्रसित है ।कोरोना कि ही तरह स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों से काफी तेजी से संक्रमण फैलता है इसलिए डांक्टर भी स्वाइन फ्लू के आने से घबरा गये हैं ।
खबर ये आ रही है कि आज फुलवारी की बिरला कॉलोनी के अरविंद कुमार (58 वर्ष) की आज दोपहर इनफ्लूएंजा-A से मौत हो गई है। वहीं पारस हॉस्पिटल में दो मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। पारस हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. आसिफ ने दो मरीजों में स्वाइन फ्लू के H1N1 वायरस की पुष्टि की है। वही खबर ये भी है कि पटना के एक निजी अस्पताल में भी इस बिमारी से संक्रमित कई और मरीजों का इलाज चल रहा है ।

इस बीच पटना की सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी का कहना है कि महामारी रोग को देखते हुए अधिकारी को अलर्ट कर दिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। संक्रमण कहां से आया, इसकी पड़ताल की जा रही है। मृतक के बारे में भी जानकारी इकट्‌ठा कराया जा रहा है। सिविल सर्जन का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही जांच पड़ताल शुरु कर दी गई है।
क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू का संक्रमण वायरस के कारण होता है।
यह संक्रामक बीमारी एच-1 एन-1 वायरस से फैलता है।
स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीज में सामान्य मौसमी सर्दी-जुकाम जैसे ही लक्षण दिखते हैं।
संक्रमित लोगों में नाक से पानी आना, नाक बंद हो जाना आम बात है।
गले में खराश, सर्दी-खांसी, बुखार, सिरदर्द, शरीर में तेज दर्द होता है।
संक्रमण में थकान, ठंड लगना, पेट दर्द और कभी-कभी दस्त उल्टी होना।
स्वाइन फ्लू से कैसे बचाव करें
डॉक्टरों का कहना है कि स्वाइन फ्लू के संक्रमण को लेकर लोगों को पूरी तरह से अलर्ट होना पड़ेगा। कोरोना की ही तरह मास्क का प्रयोग और साफ सफाई को लेकर गंभीर होना पड़ेगा। इसमें खांसने, छींकने या छूने से भी स्वाइन फ्लू का वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में पहुंच जाता है। इस कारण से स्वाइन फ्लू से प्रभावित लोगों को अलग रखा जाना चाहिए।

पैसा बाटने के आरोप में एक बार फिर घिरे तेजस्वी

बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।जिसमें तेज स्वी महिलाओं के बीच 500-500 रुपये के नोट बांटते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके इस वीडियो को जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है।

जेडीयू एमएलसी ने राजद विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि जाओ बबुआ अपनी पहचान बनाओ, आर्थिक लुटेरे होने का दाग मिटाओ।

वीडियो वायरल की खबर वायरल होते ही विपक्ष एक बार फिर तेजस्वी पर हमलावर हो गया है
नीरज कुमार ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिख कर
तेजस्वी यादव के गोपालगंज में पैसा बांटने और पँचायत आदर्श आचार संहिता के उलंघन मामले में संज्ञान लेने की मांग की।

वही मंत्री शाहनवाज हुसैन ने इस मसले पर कहाँ कि
पंचायत चुनाव को लेकर आचार संहिता लगा हुआ है।

जिनके पास पैसा है वह पैसा बांट रहे हैं
वैसे नताओं को मर्यादा का पालन करना चाहिए।।

क्या पढ़ना है छात्रों को तय करने दीजिए

किस तरह की शिक्षा और समाज चाहते हैं हम?
अभी हाल फिलहाल में 10वीं व 12वीं बोर्ड का रिजल्ट आया है। विद्यार्थी तय कर रहे होंगे कि आगे कौन सा स्ट्रीम लेना है। मैंने महसूस किया है कि दबाव कुछ ऐसा होता है कि निम्न क्रम में स्ट्रीम लेना होता है: विज्ञान> वाणिज्य> मानविकी। मतलब विज्ञान सबसे अच्छा और मानविकी सबसे कम अच्छा। अगर किसी को विज्ञान में कम नंबर भी है तो भी खींच-तान के उसी विषय को लेने का ही प्रेशर होता है। भले ही उसको मानविकी विषय में अच्छे नंबर आए हों और झुकाव भी कहीं ना कहीं उसकी तरफ हो, फिर भी अगर उसने वो स्ट्रीम ले लिया तो उसे गया गुजरा समझा जाता है। इसके पीछे परिवार, समाज और पीयर (peer) प्रेशर बड़े कारण हैं। आजकल शिक्षा ज्ञान कम, कमाने का जरिया अधिक बन गया है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। मूल्यों के क्षरण के पीछे मैं इसे एक महत्वपूर्ण फैक्टर मानती हूं।

जबरदस्ती इंजीनियर बनने का इतना दबाव है कि इतने सारे इंजीनियर कॉलेजों से निकल रहे हैं लेकिन उनमें बेरोजगारी बड़ी समस्या है। फिर भी लोग व्यापक तौर पर अपनी सोच नहीं बदल पा रहे हैं। स्किल पर लोगों का ध्यान कम है।

हर विषय का अपना महत्व होता है। जिस विषय में रुचि और पैशन है, उस फील्ड में बढ़िया कैरियर बनाया जा सकता है। जिसमें रुचि नहीं है, उसको लेकर जीवन भर झेला सकते हैं। अच्छा, हमारे यहां ये चीज भी है कि कोई परेशान हैं या दूसरी दिशा में जाना चाहते हैं तो जीवन के किसी प्वाइंट पर स्ट्रीम/प्रोफेशन बदलने की सोचना भी बड़ी हिमाकत की बात है। बैंक लोन, बच्चे आदि के चलते ऐसा निर्णय लेना आसान नहीं है। नतीजा फ्रस्ट्रेशन के साथ काम करते रहना पड़ता है।

एक जिंदगी मिली है, अपने अनुसार निर्णय लीजिए (क्योंकि जिंदगी भर निभाना आप ही को है), जरुरत पड़े तो गैर परंपरागत निर्णय लेने का माद्दा रखिए, स्ट्रीम/प्रोफेशन भी बदल सकते हैं और संतुष्ट जीवन जिएं। हो सकता है एकाध बार आप फेल हो जाएं लेकिन फिर से खड़े होने की हिम्मत रखिए। अंततः सार यहीं है कि अगर आप खुश रहेंगे तो दुनिया खुश रहेगी।

– लेखिका प्रो० लक्ष्मी कुमारी वीर कुंवर सिंह विश्वविधलय के राजनीतिशास्त्र विभाग से जुड़ी है ।

इस बार के पंचायत चुनाव में लोकसभा और विधानसभा जैसी सुविधाएं रहेंगी मतदान केन्द्रों पर

पंचायत चुनाव 2021 के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न हो इसको लेकर कई सुधार किये है जिसमें पहली बार पंचायत चुनाव में ईवीएम का इस्‍तेमाल हो रहा है। पहली बार ऐसा चुनाव हो रहा है, जिसमें ईवीएम और बैलेट पेपर दोनों का प्रयोग एक साथ हो रहा है। इस बीच आयोग ने हर मतदान केंद्र पर सेल्‍फी प्‍वाइंट बनाने की बात कही है। आयोग ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पंचायत चुनाव में किए जा रहे सभी नए प्रयोगों को शत प्रतिशत सफल बनाये ।

लोकसभा औऱ विधानसभा चुनाव कि तरह पंचायत चुनाव को उत्सवी माहौल में कराने के लिए हर बूथ पर सेल्फी प्वाइंट बनाया जाए। आयोग के इस पहल से पहली बार पंचायत चुनाव में मतदान करने वाले युवा मतदाता सेल्फी प्वाइंट तस्वीर लेकर इंटरनेट मीडिया पर शेयर कर करने में सहूलियत होगी।

मतदाताओं मैं जागरूकता फैलाये
आयोग ने कहा है कि पंचायत चुनाव को लेकर राज्य में उत्सवी महौल बनाया जाए जिसमें दीवार लेखन, वीडियो के माध्यम से मतदाताओं का जागरूकता जैसे कार्य सुनिश्चित किए जाएं। आयोग के आयुक्त ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रत्याशियों का नामांकन पत्रों का शत प्रतिशत डिजिटलाइज कर अपलोड किया जाए। हर बूथ पर मतदान के दिन बिजली और मोबाइल कनेक्टिविटी हर हाल में बनी रहे।

हर बूथ पर दो महिला कर्मियों की तैनाती का निर्देश
मतदान के दिन हर बूथ पर कम से कम दो महिला कर्मियों की तैनाती की जाए वही 11 चरणों में चुनाव होने कि वजह से चुनाव कार्य में लगे कर्मी थके नहीं इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला के निर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि चुनाव में एक कर्मचारी की अधिकतम चार बार ड्यूटी लगाई जाएगी। इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कई आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया है

नालंदा ,विक्रमशिला और ऑक्सफोर्ड ऑफ द इस्ट देने वाला बिहार शिक्षा के क्षेत्र में आज कही नहीं है

”तमाशबीन हूं मैं
नालंदा विश्वविधालय ,विक्रमशिला विश्वविद्यालय और आधुनिक भारत की बात करे तो पटना विश्वविधालय
देश का सातवां सबसे पुराना विश्वविद्यालय है और कभी इस विश्वविधालय को ऑक्सफोर्ड ऑफ द इस्ट कहा जाता था।
लेकिन कल राष्टीय स्तर पर उच्च शिक्षा पर नजर रखने वाली संस्थान ने देश के विश्वविधालय की जो रैंकिंग जारी किया है उस रैंकिंग में बिहार कही नहीं है ।

वो भी इस स्थिति में जब बिहार के अभिभावक का सबसे बड़ा निवेश बच्चों के शिक्षा पर ही हो रहा है ,इतना ही नहीं राज्य सरकार भी पढ़ाई करने वाले बच्चों को भोजन ,वस्त्र और स्कूल जाने में दिक्कत ना हो इसके लिए साइकिल तक दे रही है ।
10वीं की परीक्षा में फस्ट आने पर राज्य सरकार पैसा देती है टांप करने पर ढ़ेर सारी सुविधाए सरकार दे रही है और ये सारी सुविधाये राज्य सरकार ग्रेजुएशन तक मुहैया करती है इतना ही नहीं प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने से लेकर परीक्षा देने जाने तक के लिए राज्य सरकार खर्च वहन कर रही है।

लेकिन पिछले 10 वर्षो के दौरान बिहार बोर्ड से पढ़े बच्चे जो टाँप किये हैं इसकी पड़ताल जब शुरु किये तो हैरान रह गये बहुत मुश्किल से पांच दस को ढ़ूढ पाये जो बेहतर कर रहा है, जबकि इसी बिहार में 90 के दशक तक गांव के स्कूल का टाँपर भी सरकारी नौकरी सीमित होने के बावजूद कुछ ना कुछ बेहतर जरुर करता था।
मेरे बैंंच का टाँपर डीएसपी बना ,मेरे बैंच के बाद दो चार बैंच नीचे और तीन चार सीनियर बैंच के बारे में जो जानकारी है सारे टांपर कही ना कही उच्च पद पर कार्यरत हैं ।

जहां तक मैंने जो जानकारी इकट्ठा किया है आज नवोदय विधालय नहीं होता तो बिहार में पले बढ़े और सरकारी स्कूल से पढ़ा हुआ छात्र यूपीएससी ,आईआईटी और मेडिकल कांलेज में ढ़ूढने से नहीं मिलता यू कहिए तो नवोदय विधालय बिहार का लाज बचा कर रखा है।

क्या आपको लगता नहीं है कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर नये सिरे से सोचने कि जरुरत है पिछले 15 वर्षो में बिहार सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत सारे प्रयोग किये हैं चाणक्य लाँ विश्वविधालय जैसे कई नये संस्थान राज्य सरकार द्वारा खोला गया लेकिन वो भी आज गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने में सफल नहीं है ।

कल ही एक लड़की नौकरी के लिए मुझसे मिलने आयी थी पटना कांलेज से पत्रकारिता से ग्रेजुएशन कि है मैंने उसे कहां तुम अपने गांव से पटना तक के सफर में एक लड़की के रुप में क्या परेशानी हुई उस पर एक रिपोर्ट लिख कर दिखाओं।
नहीं लिख पायी इसी तरह 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान सासाराम से पटना लौट रहे थे तो एक गांव में चुनावी चर्चा करने बैठ गये बातचीत चल ही रही थी उसी दौरान जिसके दरवाजे पर बैठ कर चर्चा कर रहे थे उस घर की पुतहू गेट के अंदर से ही बोली सर मुझे भी कुछ कहना है मैं हैरान रह गया और फिर वो जो बोली कह नहीं सकते सर मैं ग्रेजुएशन तक पढ़ी हूं मेरा मां पिता जी इसलिए पढ़ाएं की हमारी बेटी नौकरी करेगी हुआ क्या पांच वर्ष तक सरकारी नौकरी की वैकेंसी ही नहीं आयी ।
मेरी शादी हुई जमीन जायदाद वाले हैं लोग है हमारे ससुर पढ़ी लिखी पुतहू चाहते थे इसलिए यहां मेरी शादी हो गयी हाल क्या है सुबह मेरी सास मवेशी का चारा काटती है ,धान रोपनी कर लेती है ,मवेशी के लिए घास काट कर ले आती है ,खेत में निकौनी तक कर लेती है और मैं चुपचाप देखती रहती हूं और इस वजह से रोजोना घर में विवाद होता है और मैं चाह करके भी पांच वर्ष में खेती का काम नहीं सीख पायी।

जीविका से जुड़े 800 रुपया मिलता है सरी जी आज बिहार की लड़कियां कही कि नहीं रही ना पति मिला, ना ससुराल मिला सब कुछ अधकचरा रह गया खाना भी ठीक से नहीं बना पाते हैं नीतीश जी को कहिएगा रोजगार पैदा नहीं कर सकते तो लड़कियों को पढ़ाना बंद कर दे हलाकि मैं इनकी बातो से सहमत नहीं था लेकिन बातचीत के दौरान उसके सवालों को लेकर कई बार मैं खुद निरुत्तर हो जाता था ।

इस स्थिति में आपको लगता नहीं है कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नये सिरे से सोचने कि जरुरत है क्यों कि हमारा समाज अभी भी खेतिहर है और शिक्षा का मतलब सरकारी नौकरी मात्र से हैं ऐसे में सरकार पर सरकारी नौकरी देने को लेकर दबाव है और इस वजह से हर परीक्षा में पैसे का खेल चलता है ।

बिहार जिला जज परीक्षा का परिणाम धोषित

बिहार डिस्ट्रिक्ट जज एंट्री लेवल परीक्षा में 16 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किए गए । पटना हाईकोर्ट ने आज एक नोटिस जारी कर बिहार डिस्ट्रिक्ट जज एंट्री लेवल परीक्षा 2020 के परिणाम घोषित कर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की सूची प्रकाशित की ।

लिखित परीक्षा ऐवम साक्षात्कार के आधार पर परीक्षा में सफल उम्मीदवारों का चयन किया गया है। इनके नाम इस प्रकार से है, दीपक कुमार,राज विजय सिंह,मनीष कुमार शुक्ला,सुदेश कुमार श्रीवास्तव,मनीष कुमार,पीयूष कुमार,नर्वेदेश्वर पाण्डेय, पवन कुमार,निकिता आर बोरा,रंजीता कुमारी,रचना अग्रवाल,गौरव सिंह,प्रमोद कुमार,पुष्पा कुमारी,सत्य नारायण लाल सांझी और ज्योति कुमारी।

इस परीक्षा में कुल 53 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था जिसमें से केवल 16 उम्मीदवार ही सफल हुए। ग़ौरतलब है कि परीक्षा में एससी कोटे से एक भी उम्मीदवार सफल नहीं हो सके ।

बीजेपी विधायक के पुत्र को केन्द्र सरकार के वकील के तौर पर नियुक्त किये जाने को लेकर विरोध शुरु

पटना हाई कोर्ट में केंद्र सरकार द्वारा आशीष सिन्हा को केंद्रीय सरकार का पक्ष रखने के लिए वकील नियुक्त किये जाने को चुनौती दी गयी है। अधिवक्ता दिनेश कुमार ने याचिका दायर कर आशीष सिन्हा की नियुक्ति को चुनौती दी हैं।गौरतलब है कि आशीष सिन्हा भाजपा विधायक अरुण कुमार सिन्हा के पुत्र हैं। याचिकाकर्ता ने उनकी नियुक्ति के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा विगत 21 जनवरी, 2021 को दिए गए आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया है। याचिकाकर्ता ने अपनी दलील में कहा है कि इस तरह नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट से परामर्श लेने का प्रावधान हैं।

पटना हाई कोर्ट में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड नहीं होने के बाद् भी इनकी नियुक्ति केंद्र सरकार के वकील के रूप में की गई है।
उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि करदाताओं के पैसों का इस्तेमाल किसी को भी कही से वकील नियुक्त करने के लिए नहीं किया जा सकता है। इस नियुक्ति से पक्षपात की बू आती है क्योंकि आशीष सिन्हा भाजपा विधायक के लड़के हैं ।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार के वकील के तौर पर श्री सिन्हा की नियुक्ति मनमाने ढंग से हुई है और यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।

याचिकाकर्ता ने अपने याचिका में कहा है कि क्या केंद्र सरकार जब केंद्र सरकार के लिए वकील समेत किसी विधि पदाधिकारी की नियुक्ति करती है, तो गाइडलाइंस का पालन करती है ?

जेल से जुड़े कर्मी के सेवा शर्त को लेकर पटना हाईकोर्ट में दायर हुई याचिका

पटना हाईकोर्ट में राज्य के विभिन्न जेलों में कार्यरत अपर डिवीजन क्लर्क, लोअर डिवीजन क्लर्क व हेड क्लर्क से उनके कार्यों, ड्यूटी व जिम्मेदारियों जैसी सेवा के मामलों में अधिकारियों के कथित मनमाना रवैया पर एक याचिका दायर की गई है। यह याचिका बिहार स्टेट प्रिजनस नॉन ग़ज़िटेड एम्प्लाइज एसोसिएशन व अन्य द्वारा दायर की गई है।

इस याचिका में उक्त कर्मियों के भविष्य के प्रोन्नति के रास्ते का भी जिक्र किया गया है। इस याचिका में इन कर्मियों के ड्यूटी, जिम्मेदारियों और कार्यों को विशेष रूप से पारदर्शी करते हुए उनसे काम लेने हेतु निर्देश देने का आग्रह किया गया है।

इस याचिका में कहा गया कि क्लर्क का काम वास्तव में कार्यालय में होता है, लेकिन जेल अधीक्षक द्वारा क्लर्क से अन्य कार्य ,जैसे बंदी का रिलीज करना, सिक्योरिटी का काम करवाना व नाईट पेट्रोलिंग आदि करवाया जाता है।

इस याचिका में यह भी कहा गया है कि इन कर्मियों से वैसे ही काम लिये जाए, जो राज्य सरकार व विभाग द्वारा नियमानुसार कराए जाने का प्रावधान है।याचिका के जरिये बिहार के जेलों में ऑफिस सुपरिंटेंडेंट या असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद का सृजन करने की मांग भी की गई है, ताकि राज्य के जेलों में कार्यरत क्लर्क समेत लोअर डिवीजन क्लर्क, अप्पर डिवीजन क्लर्क व हेड क्लर्क को प्रोन्नति का एक और मौका मिल सके।

याचिका में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2008 के पहले राज्य के जेलों में कार्य कर रहे क्लर्क के लिए कोई सर्विस रूल्स नहीं था। पुनः 2008 के नियम को 2016 में तब्दील किया गया और अभी 2016 लागू है।
इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई किये जाने की उम्मीद है।

बिहार जदयू संगठन में आँपरेशन आरसीपी शुरु अनिल कुमार और चंदन सिंह पर गिरी गाज

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से आसीपी सिंह के हटने के बाद बिहार जदयू संगठन के अंदर ऑपरेशन आरसीपी की आज शुरुआत हो गयी ।ललन सिंह के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद आज पहली बार JDU के तमाम प्रकोष्ठ के प्रभारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें आरसीपी के करीबी माने जाने वाले जदयू राष्ट्रीय प्रदेश महासचिव अनिल कुमार और चंदन सिंह को जिम्मेवारी मुक्त कर दिया है।

प्रदेश मुख्यालय प्रभारी के तौर पर काम कर रहे अनिल कुमार और चंदन सिंह की जगह अब प्रदेश मुख्यालय का जिम्मा पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन कुमार आर्य, महासचिव मृत्युंजय कुमार, वासुदेव कुशवाहा और मनीष कुमार को दी गई है।

ललन सिंह ने जदयू के जिला अध्यक्ष को और अधिकारी प्रदान किया है अब जिले के अंदर काम करने वाले सभी प्रकोष्ट के सभी पदाधिकारी जिला अध्यक्ष के अंदर होगे , साथ ही संगठन में जनता दल यूनाइटेड के अंदर बड़ा बदलाव किया गया है। अब हर जिले में दो-दो प्रभारियों की नियुक्ति की गयी है जिन्हें संगठन को मजबूत और धार दार बनाने कि जिम्मेदारी दी गयी है ।18 जिलों के लिए 36 पार्टी के पूर्व विधायक और पदाधिकारी को जिले का कमान दिया गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर नियु्कत किया प्रेक्षक

राज्य निर्वाचन आयोग ने एडीएम, उप सचिव, संयुक्त सचिव स्तर के 170 प्रेक्षकों की तैनाती की है। ये अधिकारी बिहार राज्य खाद्य निगम, श्रम संसाधन विभाग, निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, समाज कल्याण विभाग, भू-अर्जन निदेशालय, विज्ञान एवं प्रावैद्यिकी विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, ऊर्जा विभाग, योजना पर्षद, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार लोक सेवा आयोग, आपदा प्रबंधन विभाग, पिछडा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, सहकारिता विभाग, बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित निगम, बिहार राज्य चिकित्सा सेवा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड, परिवहन विभाग,भवन निर्माण विभाग, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, सामान्य प्रशासन विभाग, जीविका में पदस्थापित हैं।

आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को प्रेक्षकों की सूची भेज दी है। हालांकि प्रेक्षक के पद पर जिन अधिकारियों की तैनाती हुई है, उन्हें किस जिले में जाना है। अभी इसकी सूची प्रशासन को नहीं मिली है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद प्रेक्षकों को जिलावार सूची भी जारी कर दी जाएगी।

बिहार के स्वास्थ्य विभाग का हाल बेहाल

आज हम आपको बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी तीन तस्वीरें दिखा रहे हैं और उन तस्वीरों के सहारे कोरोना के तीसरी लहर से लड़ने को लेकर जो दावे किये जा रहे हैं उसकी सच्चाई से आप रुबरु हो सकते हैं ।

पहली तस्वीर राज्य में फैले वायरल बुखार से जुड़ी है खबर यह है कि शहर से लेकर गांव तक में बच्चे वायरल बुखार से पीड़ित है पीड़ित बच्चों में पांच से आठ प्रतिशत बच्चें ऐसे हैं जिनको अस्पताल की जरुरत है हाल यह है कि राज्य के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच,आईजीएमएस.एनएमसीएच और एम्स जहां कोरोना के तीसरी लहर को देखते हुए विशेष तौर पर पीकू व नीकू अस्पताल तैयार किया गया था वहां एक भी बेड खाली नहीं है ।

अस्पताल के बाहर गलियारे में इलाज के अभाव में बच्चा तरप रहा है ।वही कोरोना वाला हाल माँ के गंधे पर बीमार बच्चा और बाप के हाथ में आँक्सीजन का सिलेंडर ।बेड की जगह बाथरुम के गेट पर बच्चों को गोद में लिए मां हैरान परेशान मरीज के परिजनों को निहार रही है और अपने पति से बार बार कह रही है कुछ कीजिए ना बाबू बहुत रो रहा है ।

पति परेशान है अस्पताल में ना डां है ना बेड है और ना ही दवा है,करे तो करे क्या हर आने जाने वालों को टकटकी निगाह से देख रहा है कही किसी रास्ते से फरिस्ता की तरह कोई डाँ आये और उसके बच्चे को बचा ले ।ये हाल राज्य के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच का है जिला और अनुमंडल अस्पताल की तो बात ही छोड़ दे ।

दूसरी तस्वीर सिवान सदर अस्पताल की है जहां एक व्यक्ति की लाश 15 घंटे तक फर्श पर पड़ी रही और वार्ड में कुत्ते घूमते रहे, लेकिन किसी ने इसकी सुध नहीं ली।

तीसरी तस्वीर जीएमसीएच बेतिया की है जहां चोरों ने आईसीयू में घुसकर मरीज को लगा आक्सीजन मॉनिटर चुरा लिया। मरीज के परिजनों के टोकने पर चोर ने खुद को अस्पताल का कर्मचारी बताया। खराब होने व बदलने के नाम पर मॉनिटर चुराकर ले गया। जल्दबाजी में मॉनिटर खोलने के दौरान चोर ने ऑक्सीजन पाइप भी नोंच दिया थोड़ी देर बाद मरीज की स्थिति जब बिगड़ने लगी तो परिचन भागे भागे नर्स रुम में गयी वहां नर्स मौजूद नहीं थी हल्ला हंगामा शुरु हुआ तो कही से एक नर्स पहुंची और फिर किसी तरह आंक्सीजन का पाइप लगायी ये मेडिकल कांलेज का हाल है ।

इस मामले में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे का कहना है कि राज्य स्वास्थ्य समिति के टीम को अस्पताल का दौरा करने के लिए भेजा गया है उन्हें रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है कई विशेषज्ञों से बातचीत में पता चला है कि वायरल फीवर है और सभी सरकारी अस्पतालों में बच्चों के समुचित इलाज का निर्देश दिया गया है पूरे मामले पर मैं खुद नजर रख रहा हूं और लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूं

संभार–संतोष सिंह के वाल से

उतार-चढ़ाव के बाद बाजार हरे निशान में बंद; सेंसेक्स 58,305, निफ्टी 17,369 पर बंद; एयरटेल, नेस्ले टॉप गेनर

साप्ताहिक एफएंडओ समाप्ति सत्र में घरेलू बेंचमार्क सूचकांक मामूली बढ़त के साथ सपाट बंद हुए । बीएसई सेंसेक्स 54.81 अंक (0.09 प्रतिशत) बढ़कर 58,305.07 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 15.75 अंक (0.09 प्रतिशत) ऊपर 17,369.25 पर बंद हुआ।

बीएसई मिडकैप इंडेक्स 72.07 अंक (0.29 फीसदी) ऊपर 24,639.15 पर कारोबार कर रहा था, जबकि एसएंडपी बीएसई स्मॉलकैप 105.72 अंक (0.38 फीसदी) ऊपर 27,607.00 पर था। बैंक निफ्टी अपने इंट्राडे लाभ को बनाए रखने में विफल रहा, 0.23% कम 36,683 पर समाप्त हुआ ।

भारती एयरटेल 2.73% की बढ़त के साथ सेंसेक्स में शीर्ष पर रही, इसके बाद नेस्ले इंडिया, टाटा स्टील और बजाज फिनसर्व का स्थान रहा। टाइटन गुरुवार को सेंसेक्स का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला था, जो लगभग 1% गिर गया। इसके बाद अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज ऑटो, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक का स्थान रहा। मीडिया, एफएमसीजी, धातु सबसे अधिक लाभ में रहे ।

सेंसेक्स एक नजर में

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 18 शेयर्स बढ़त के साथ और 12 शेयर्स लाल निशान में बंद हुए। बी एस ई पर कारोबार के दौरान 196 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 23 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

निफ्टी एक नजर में

बाढ़ को लेकर सीएम की अध्यक्षता में हुई मैराथन बैठक

राज्य में बाढ़ आपदा एवं अल्पवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में साढ़े पांच घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय,
प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता करने का मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिया निर्देश

मुख्य बिन्दु :-
1. बाढ़ के कारण जहां किसानों द्वारा फसल नहीं लगायी जा सकी, उसे फसल क्षति मानते हुये उन सभी किसानों को उचित सहायता उपलब्ध करायें। साथ ही किसानों की फसल क्षति का भी आंकलन कर उन्हें सहायता उपलब्ध करायें।

2. कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग एवं सभी जिलों के जिलाधिकारी बाढ़ के कारण हुई क्षति का पंचायतवार सही तरीके से आंकलन करें ताकि उसके आधार पर सभी प्रभावितों की मदद की जा सके। कोई भी बाढ़ आपदा पीड़ित सहायता से वंचित नहीं रहे।

3. तीन से चार दिनों में बाढ़ से हुई क्षति का पूर्ण आंकलन कर लें। इसके पष्चात् जिलों के प्रभारी मंत्री संबंधित जिलों में जाकर जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर इसे अंतिम रुप दें।

4. पषु एवं मत्स्य संसाधन विभाग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशु क्षति का भी ठीक से आंकलन कराये और पशुपालकों की सहायता करें।

5. जल संसाधन विभाग बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालीन योजना बनाकर कार्य करे ताकि बाढ़ का असर कम से कम हो।

6. जिलों के उन विषिष्ट क्षेत्रों का भी आंकलन कर लें, जहॉ अल्पवृष्टि की स्थिति बन रही हो।

7. हर वर्ष बाढ़ के कारण बिहार का बहुत बड़ा क्षेत्र प्रभावित होता है, उससे बचाव एवं राहत के लिए हमलोग लगातार काम कर रहे हैं।

पटना 08 सितम्बर 2021 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में राज्य में बाढ़ आपदा एवं अल्पवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। साढ़े पांच घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी भी शामिल हुए।

बैठक के दौरान प्रस्तुतीकरण के माध्यम से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रतिनिधि ने अब तक की वर्षापात की स्थिति और आने वाले दिनों के वर्षा पूर्वानुमान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में बाढ़ एवं अल्पवृष्टि को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक तीन चरणों, प्रथम चरण- 13 से 17 जून, द्वितीय चरण- 1 जुलाई से 7 जुलाई, तृतीय चरण- 8 अगस्त से 22 अगस्त में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। आपदा पीड़ितों के लिए सभी प्रकार के राहत एवं बचाव कार्य किये गये। मुख्यमंत्री द्वारा हवाई सर्वेक्षण एवं बाढ़ राहत शिविरों में शरणार्थियों से मिलकर राहत कार्यों का जायजा लिया गया। इससे पीड़ितों का काफी मनोबल बढ़ा। अब तक 7,95,538 परिवारों के बीच 477.32 करोड़ रुपये ग्रैच्युट्स रिलीफ की राशि का वितरण किया जा चुका है और बाकी बचे लोगों में जी0आर0 का वितरण 25 सितंबर तक कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ से 26 जिलों के 16.60 लाख परिवारों की 69.63 लाख जनसंख्या प्रभावित हुई है, जिन्हें हरसंभव मदद की जा रही है।

समीक्षा बैठक में कृषि विभाग के सचिव श्री एन0 सरवन कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव श्री जितेंद्र श्रीवास्तव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती एन0 विजयलक्ष्मी एवं जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजीव हंस ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बाढ़ के दौरान अपने-अपने विभागों द्वारा किये गये कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
समीक्षा के दौरान सभी जिलों के जिलाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने-अपने जिलों के आपदा प्रभावित क्षेत्रों, जी0आर0 वितरण, क्षतिग्रस्त सड़कें, फसल क्षति, पशु क्षति आदि के साथ-साथ बाढ़ के दौरान किये गये राहत एवं बचाव कार्यों की भी जानकारी दी।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अधिक वर्षापात होने से नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति बनी। हमने हवाई सर्वेक्षण कर राज्य के सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। साथ ही प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को भी हवाई सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया ताकि वे अपने जिलों के पूरे क्षेत्रों का ठीक से जायजा ले सकें। प्रभावित लोगों के बीच राहत एवं बचाव कार्य कर उन्हें हरसंभव मदद मुहैया कराया गया। हमने राहत शिविरों में जाकर बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाये जा रहे राहत कार्यों एवं वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को सभी प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सभी जिलाधिकारी अभी भी मौसम पूर्वानुमान के आधार पर आगे की स्थिति के लिए सचेत रहें और पूरी तैयारी रखें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ के कारण जहां किसानों द्वारा फसल नहीं लगायी जा सकी, उसे फसल क्षति मानते हुये उन सभी किसानों को उचित सहायता उपलब्ध करायें। साथ ही किसानों की फसल क्षति का भी आंकलन कर उन्हें सहायता उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग एवं सभी जिलों के जिलाधिकारी बाढ़ के कारण हुई क्षति का पंचायतवार सही तरीके से आंकलन करें ताकि उसके आधार पर सभी प्रभावितों की मदद की जा सके। कोई भी बाढ़ आपदा पीड़ित सहायता से वंचित नहीं रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन से चार दिनों में बाढ़ से हुई क्षति का पूर्ण आंकलन कर लें। इसके पष्चात् जिलों के प्रभारी मंत्री संबंधित जिलों में जाकर जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर इसे अंतिम रुप दें। उन्होंने कहा कि पषु एवं मत्स्य संसाधन विभाग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशु क्षति का भी ठीक से आंकलन कराये और पशुपालकों की सहायता करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संसाधन विभाग बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालीन योजना बनाकर कार्य करे ताकि बाढ़ का असर कम से कम हो। उन्होंने कहा कि जिलों के उन विषिष्ट क्षेत्रों का भी आंकलन कर लें, जहॉ अल्पवृष्टि की स्थिति बन रही हो। हर वर्ष बाढ़ के कारण बिहार का बहुत बड़ा क्षेत्र प्रभावित होता है, उससे बचाव एवं राहत के लिए हमलोग लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार भविष्य के लिये सचेत रहते हुये पूरी तैयारी रखें।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री सह आपदा प्रबंधन मंत्री श्रीमती रेणु देवी, शिक्षा मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडे, जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चौधरी, कृषि मंत्री श्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार,पंचायती राज मंत्री श्री सम्राट चौधरी, परिवहन मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, लघु जल संसाधन मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री श्री मुकेश सहनी, समाज कल्याण मंत्री श्री मदन सहनी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह, पर्यटन मंत्री श्री नारायण प्रसाद, कला, संस्कृति एवं युवा मामले के मंत्री श्री आलोक रंजन, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री जयंत राज, श्रम संसाधन मंत्री श्री जिवेश मिश्रा, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री श्री सुमित कुमार सिंह, मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन मंत्री श्री सुनील कुमार, गन्ना उद्योग मंत्री श्री प्रमोद कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री रामसूरत कुमार, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री व्यास जी, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य श्री पी0एन0 राय, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य श्री उदयकांत मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0 सिंघल, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अमृत लाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, अपर मुख्य सचिव पथ श्री अमृत लाल मीणा सहित सभी जिलां के प्रभारी अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्योग मंत्री श्री शाहनवाज हुसैन, संबंधित विभागों के अन्य वरीय पदाधिकारीगण, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, रेंज के आई0जी0/डी0आई0जी0, सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक जुड़े हुए थे।

दरभंगा एम्स के निर्माण की प्रक्रिया शुरु विभाग ने निकाली टेंडर

डीएमसीएच परिसर में प्रस्तावित एम्स निर्माण स्थल पर बालू भराई व समतलीकरण को लेकर निकाल दी गयी है. 21 सितंबर तक निविदा डालने की तिथि निर्धारित की गयी है. तकनीकी बीड 23 सिंतबर को खुलेगा तथा उसी दिन अग्रधन की राशि जमा होगी. द्वितीय बीड खोलने की तिथि बाद में प्रकाशित करने की जानकारी संबंधित विज्ञापन में दी गयी है.निविदा की वैधता अवधि 120 दिन बतायी गयी है. काम पूरा करने का समय तीन माह है. बिहार मेडिकल सर्विसेज एण्ड इनफ्राक्सट्रक्चर कोपरेशन लिमिटेड (बीएमएसआइसिएल) ने यह निविदा निकाली है. इसके तहत 75 एकड़ भूखंड पर बालु भराई व समतलीकरण का काम होना है. इस पर 12 करोड़ 41 लाख 35 हजार रुपया खर्च होगा.पिछले कई दिनों से दरभंगा में छात्र संगठन एमएसयू दरभंगा में एम्स निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे थे. साथ ही एमएसयू ने ऐलान किया था कि दरभंगा में आठ सितंबर को प्रतीकात्मक शिलान्यास भी करेंगे. वहीं इसके बाद प्रशासन हरकत में आ गई .

दरभंगा में एम्स निर्माण को लेकर जारी आंदोलन के बीच आज बिहार मेडिकल सर्विसेज एण्ड इनफ्राक्सट्रक्चर कोपरेशन लिमिटेड (बीएमएसआइसिएल) ने निविदा निकाला है. इसके तहत 75 एकड़ भूखंड पर बालु भराई व समतलीकरण का काम होना है. इस पर 12 करोड़ 41 लाख 35 हजार रुपया खर्च होगा।

विभाग ने जो निविदा जारी किया है उसके अनुसार 21 सितंबर तक निविदा डालने की तिथि निर्धारित की गयी है. तकनीकी बीड 23 सिंतबर को खुलेगा द्वितीय बीड खोलने की तिथि बाद में प्रकाशित करने की जानकारी संबंधित विज्ञापन में दी गयी है.निविदा की वैधता अवधि 120 दिन बतायी गयी है तथा काम पूरा करने का समय तीन माह निर्धारित किया गया है।

हनुमान मंदिर की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट सख्त सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

पटना हाई कोर्ट ने राजधानी के पटना सिटी स्थित जल्ला हनुमान मंदिर की सुरक्षा व संरक्षण तथा वहाँ जलाशय पर किये गए अतिक्रमण के मामले पर सुनवाई की।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने गौरव कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर निगम आयुक्त को सफाई और रौशनी की व्यवस्था के मामले पर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चूँकि राजस्व सचिव ने कमेटी का गठन कर दिया है, इसलिए राजस्व सचिव इस मामले पर हलफनामा दायर करें।

इस मामले में कोर्ट ने विगत 5 जुलाई को राजस्व सचिव को एक कमेटी का गठन करने का आदेश दिया था। पटना के जिला विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर दिया गया है।

कोर्ट ने जलाशय की सुरक्षा के लिये उपाय करने को भी कहा था। पटना के जिलाधिकारी को संबंधित क्षेत्र को वीडियोग्राफी करवाकर के की गई कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था।

पिछले 27 जुलाई को कोर्ट ने राजस्व रिकॉर्ड में सुधार करने को भी कहा था। उसके बाद अपर जिलाधिकारी ने राजस्व रिकॉर्ड में सुधार करते हुए आवश्यक आदेश पारित किया।

पिछले 23 अगस्त को कोर्ट ने पटना के जिलाधिकारी को राजधानी के बीचों बीच स्थित इस जलाशय की सुरक्षा हेतु कार्रवाई करने को कहा था। कोर्ट ने जलाशय की घेराबन्दी करने को भी कहा ,ताकि जलाशय में कोई नया अतिक्रमण नहीं हो। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने बताया कि इस आदेश के अनुपालन में हलफनामा दायर करने को कहा गया था, लेकिन आज को कोई हलफनामा दायर नहीं किया जा सका।

याचिकाकर्ता का कहना था कि मंदिर के पास के जल क्षेत्र में स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। इस वजह से इसकी सुरक्षा व्यवस्था और संरक्षण को लेकर खतरा उत्पन्न हो गया है। इस मामले में आगे की सुनवाई आगे भी की जाएगी।

सेंसेक्स 58250, निफ्टी 17353 पर सपाट बंद ; मिडकैप, स्मॉलकैप का बेहतर प्रदर्शन

बीएसई सेंसेक्स 29 अंक की गिरावट के साथ 58,250 पर, एनएसई निफ्टी 8.60 अंक फिसलकर 17,353 पर बंद हुआ। सेक्टरों में, निफ्टी बैंक, निजी बैंक, पीएसयू बैंक और वित्तीय सेवा सूचकांक प्रत्येक में लगभग एक प्रतिशत की वृद्धि हुई। दूसरी तरफ, आईटी, मीडिया, ऑटो और फार्मा इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।

कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार को बैंकिंग शेयर्स का सपोर्ट मिला। PSU और प्राइवेट बैंक के शेयर्स ने अच्छा प्रदर्शन किया।

मिडकैप और स्मॉलकैप 50 बढ़त के साथ बंद हुए. बैंक के शेयर आज शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में से थे। शीर्ष इंडेक्स गेनर के रूप में कोटक महिंद्रा बैंक 3.5% उछलकर बंद हुआ, इसके बाद एनटीपीसी, टाइटन और सन फार्मा का स्थान रहा। नेस्ले इंडिया 2.27% नीचे था, जो दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेंसेक्स घटक था। मारुति, बजाज फिनसर्व और बजाज ऑटो अन्य पिछड़ों में से थे।

सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयर्स तेजी के साथ जबकि 15 शेयर्स कमजोरी के साथ बंद हुए।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल