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मेट्रों प्रोजेक्ट पर काम में आयेगी तेजी रेल डिपो निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण पर लगी मोहर

दो परियोजनाओं की स्वीकृति पटना मेट्रो रेल डिपो निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब शुरू हो जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री रामसूरत कुमार ने 75.945 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। भू-अर्जन निदेषालय जल्द ही इसकी प्रारंभिक अधिसूचना जारी करेगा। भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा- 11 ;1द्ध के मुताबिक प्रारंभिक अधिसूचना राजपत्र में, दो दैनिक समाचार पत्रों में, स्थानीय निकायों के सूचना पट्ट पर और सरकारी वेबसाइट पर प्रकाषित कराया जाता है।

घ्यातव्य है कि 50 एकड़ से कम भूमि के अधिग्रहण की मंजूरी जिला पदाधिकारी द्वारा दी जाती है जबकि 50 एकड़ से अधिक भूमि के अधिग्रहण के प्रस्ताव की मंजूरी समुचित सरकार द्वारा दी जाती है। यहां समुचित सरकार का तात्पर्य विभागीय मंत्री से है। पटना मेट्रो बिहार सरकार की एक महात्वाकांक्षी परियोजना है, जिसके जल्द शुरू होने का मार्ग प्रषस्त हो गया है।

रोहतास और कैमूर जिले के 26 मौजों में चकबंदी का काम पूरा हो गया है। इन मौजों में चकबंदी के काम को डिनोटिफाई कर दिया गया है। यह अनाधिसूचित करने का अधिकार सरकार में है जो वास्तविक मंत्री में निहित होता है। डिनोटिफिकेषन के साथ ही इन मौजों का खतियान और नक्षा संबंधित अंचल को सौंप दिया जाएगा और आगे से उन अंचलों का काम चकबंदी खतियान और नक्षे के आधार पर ही होगा।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने आज ही रोहतास जिले के 22 मौजों में चकबंदी को समाप्त घोषित किया है। इससे पहले उन सभी 28 मौजों की जहां चकबंदी पूरा हो गया था कि गहन जांच उपनिदेष चकबंदी, रोहतास से गहन जांच कराई गई। किंतु 6 मौजों में सुनवाई का काम पूरा नहीं होने और दो मौजे में चक के मुताबिक दखल कब्जा नहीं होने की वजह से कुल 22 राजस्व ग्रामों को ही चकबंदी अधिनियम की धारा 26 ;कद्ध के मुताबिक अनाधिसूचित किया गया है।

मंत्री श्री राम सूरत कुमार ने कहा कि भू-अर्जन का काम सरकार की प्राथमिकता में है। ज्यादा जरूरी परियोजनाओं को उनके द्वारा व्यक्तिगत रूचि लेकर निष्पादित किया जाता है ताकि भू-अर्जन की वजह से किसी परियोजना में विलंब नहीं हो।

पंचायत चुनाव के दौरान मतदान केन्द्रों पर बिना मास्क के पहुंचने पर 50 रुपया भरना पड़ेगा जुर्वाना

उत्तरप्रदेश पंचायत चुनाव के दौरान हुए कोरोना विस्फोट को देखते हुए बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रथम चरण के मतदान से ठीक पहले कोरोना को लेकर कई सख्त आदेश जारी किया है इसमें बिना मास्क लगाये जो वोटर वोट गिराने आयेंगे उन पर 50 रुपया जुर्वाना लगाया जायेंगा।

आयोग ने चुनाव कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वोटरों से भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराये।और इसके लिए आयोग ने वैसे वोटरों पर फाइन लगाने का निर्देश दिया है जो मास्क नही लगाएंगे। हालांकि आयोग की तरफ से सभी बूथों के प्रवेश द्वार पर वैसे वोटरों को मास्क उपलब्ध कराने के निर्देश हैं जो बिना मास्क के वोट डालने पहुंचेंगे। लेकिन मास्क मिलने के बावजूद जो लोग मास्क नाक और मुंह पर लगाये नही दिखें, उन पर प्रशासन फाइन लगाएगा। ये फाइन 50 रुपए का होगा।

साथ ही पंचायत चुनाव में कोरोना पॉजिटिव वोटर भी वोट डाल सकेंगे । राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके लिए अलग से व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। आयोग ने ऐसे वोटरों के लिए टोकन व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। कोविड पॉजिटिव वोटर वोटिग के अंतिम घंटे में मतदान करेंगे।

बूथ पर ऐसे वोटरों के लिए पहले से 100 टोकन होंगे। बूथ पर आनेवाले सभी कोविड पॉजिटिव वोटरों को टोकन नंबर देकर वेटिंग लॉन्ज में बैठने की जगह दी जाएगी । मतदान के आखिरी घंटों में ये अपने टोकन के अनुसार अपना मत डालेंगे। कोविड पॉजिटिव वोटरों के वोटिंग के दौरान बूथ पर मौजूद सभी चुनावकर्मी पीपीई किट में होंगे ।

शरीर का तापमान हुआ ज्यादा तो आखिरी घंटों में डालना होगा वोट कोविड को देखते हुए की गई वोटिंग व्यवस्था में हर बूथ पर थर्मल स्कैनर की व्यवस्था की गई है । बूथ पर प्रवेश के दौरान सभी वोटरों के शरीर का तापमान लिया जाएगा । इस दौरान जिनके शरीर का तापमान ज्यादा होगा , उनका तापमान फिर से आधे घंटे बाद लिया जाएगा । दूसरी बार भी शरीर का तापमान ज्यादा होने पर ऐसे वोटरों को मतदान के आखिरी घंटों में मतदान का करने का मौका दिया जाएगा ।

इस बार पंचायत चुनाव की होगी लाइव वेब कास्टिंग

पंचायत चुनाव 2021 शांतिपूर्ण और निष्पक्ष सम्पन्न हो इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है जिसके तहत लोकसभा और विधानसभा की तरह ही मतदान और मतगणना की लाइव वेब कास्टिंग होगी। राज्य निर्वाचन आयोग के इस फैसले को राज्य कैबिनेट ने भी मोहर लगा दिया है।

11 चरणों में हो रहे पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Chunav 2021) में इस बार इलेक्ट्रॉनिक सर्वलान्स पर आयोग काफी भरोसा कर रहे हैं एक और जहां पहली बार मतदाताओं की पहचान के लिए बायोमीट्रिक मशीनों का सहारा लिया जाएगा वही स्ट्रांग रुम में इस तरह के ताले का इस्तमाल किया जा रहा है जिसके खुलने पर जिला से लेकर राज्यनिर्वाचन आयोग तक को सूचना मिल जायेगा।

कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि मतदान केंद्रों पर बायोमीट्रिक मशीन लगाने की जिम्मेदारी ब्राडकास्ट इंजीनियरिंग कंसलटेंट इंडिया लि. बेंगलुरू (बीईसीआइएल) को सौंपी गई है। मतदान और मतगणना की लाइव वेबकास्टिंग का कार्य नेशनल इंफोमेटिक सेंटर सर्विस इंक (एनआइसीएसआइ) को सौंपा गया है। बिहार में 11 चरणों में पंचायत चुनाव हो रहे हैं, जिसके लिए करीब 1.13 लाख मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं।

बिहार में पहली बार फिरौती के लिए किसी लड़की का हुआ है अपहरण

बिहार में पहली बार फिरौती के लिए किसी लड़की का अपहरण हुआ है ।अपहरण की खबर मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित शेरपुरा गांव से जुड़ा है जहां ठेकेदार चंदन तिवारी की 12 वर्ष की बेटी को बुधवार रात घर के दरवाजे से अपराधियों ने पिस्टल का भय दिखाते हुए अपहरण कर लिया है।

अपहरणकर्ताओं ने टूटी-फूटी अंग्रेजी में पांच लाख रुपए फिरौती वाला पत्र भी फेंका। इसमें लिखा है कि रुपए नहीं देने पर बच्ची की हत्या कर देंगे। घटना के बाद दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही टाउन DSP रामनरेश पासवान और सदर थानेदार सत्येन्द्र मिश्रा मौके पर पहुंचे। फिरौती वाला पत्र ले लिया। इसके बाद ठेकेदार से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली।

दरवाजे पर खेल रही थी पल्लवी ठेकेदार ने बताया कि पल्लवी सातवीं कक्षा की छात्र है। वह दरवाजे पर चचेरी बहन के साथ
खेल रही थी। चन्दन तिवारी के पिता प्रमोद तिवारी भी बैठे हुए थे। इसी दौरान दो बाइक से तीन अपराधी पहुंचे। एक ने उतरते ही बच्ची को झट से पकड़कर बाइक पर बैठा लिया और मुंह दाब दिया। इसके बाद पल्लवी की चचेरी बहन को फिरौती वाला पत्र थमाकर कहा कि, जाओ बूढ़े को ये दे दो। इसके बाद वो बच्ची को बाइक से लेकर भाग निकले।

अपहरण की सूचना आसपास के सभी थानेदारों को दी गई। शहर के सभी एग्जिट और इंट्री पॉइंट पर नाकाबंदी कराई गई। बच्ची की तस्वीर भी पुलिस के वॉट्सऐप ग्रुप पर फॉरवर्ड की गई है। पुलिस की एक टीम मनियारी और गायघाट में टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरे को खंगालने लगी, लेकिन देर रात तक कोई सुराग नहीं मिला।

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।
स्थानीय अनुकूल ने बताया कि यह गांव में पहली घटना है। पल्लवी की मां का रो-रोकर हाल बेहाल है। वह बच्ची के वियोग में बार-बार बेहोश हो रही है। पिता चन्दन तिवारी बताते हैं कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं है। जिससे किसी पर घटना को अंजाम देने का शक कर सकें।

पत्र की लिखावट की भी जांच फिरौती वाला पत्र अंग्रेज़ी में है, लेकिन ये जिस तरह से लिखा गया है उससे लग रहा है कि अपहरणकर्ता अच्छी अंग्रेज़ी नहीं जानता है। उसने काफी टूटी फूटी भाषा में पत्र लिखा है। इसे पढ़कर ये समझ में आता है कि पांच लाख फिरौती नहीं देने पर बेटी की हत्या कर देगा। इसमें ये भी लिखा है कि अगर पुलिस को बताया तो भी बेटी की जान से हाथ धोना होगा। पुलिस एक्सपर्ट की मदद से इस पत्र के लिखावट की जांच कराने में जुट गई है।

पुलिस ने पल्लवी की तस्वीर पुलिस ग्रुप में शेयर किया है. देर रात तक बच्ची का सुराग नहीं मिल सका है. परिजन इस घटना से काफी भयभीत है. पल्लवी के पिता व मां का बुरा हाल है. नगर डीएसपी रामनरेश पासवान ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर वह खुद पहुंचे हुए है. बच्ची की बरामदगी को लेकर विशेष टीम का गठन किया गया है. मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने की कवायद की जा रही है।

साइबर क्रायम को रोकने को लेकर अमेरिका ने बढ़ाया हाथ

अमेरिकी वाणिज्यदूतावास कोलकाता और कट्स इंटरनेशनल भारत के सूक्ष्म, मध्यम और छोटे व्यवसायों के लिए साइबर खतरों को कम करने के लिए हुआ करार

यूएस कांसुलेट जनरल कोलकाता (U.S. Consulate Kolkata) और कट्स इंटरनेशनल(CUTS International) ने एमएसएमई-डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एमएसएमई-डीआई), रांची (MSME-Development Institute (MSME-DI), Ranchi, और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक) (Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) के सहयोग से रांची में माइक्रो, स्मॉल और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए एक दिवसीय कार्यशाला

का आयोजन किया, उन्हें साइबर सुरक्षा खतरों की पहचान करने, और उनका मुकाबला करने, और अधिक साइबर-लचीला बनने के बारे में ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण से लैस करने के लिए। कार्यशाला में रांची की विभिन्न एमएसएमई इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

विश्व स्तर पर बढ़ते डिजिटलीकरण के साथ, अधिक से अधिक व्यवसाय धीरे-धीरे व्यवसाय करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि हुई है। मैलवेयर, फ़िशिंग, रैंसमवेयर आदि के माध्यम से साइबर हमले आम हो गए हैं। कैसपर्सकी के एक सर्वेक्षण के अनुसार, एमएसएमई में खतरों की समझ की कमी और एमएसएमई में साइबर सुरक्षा के महत्व के कारण लगभग 48% एमएसएमई ने डेटा उल्लंघनों का सामना किया है।

अमेरिकन सेंटर कोलकाता के नए निदेशक श्री एड्रियन प्रैट(Adrian Pratt) ने कहा, “अमेरिकी वाणिज्य दूतावास कोलकाता के लिए साइबर सुरक्षा पर कार्यशालाओं की एक श्रृंखला आयोजित करने के लिए “साइबर सेफ ईस्ट इंडिया” नामक इस महत्वपूर्ण परियोजना पर CUTS अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक के साथ साझेदारी करके खुश है ई-व्यवसायों के लिए। यह परियोजना इस क्षेत्र को ई-व्यवसायों के लिए साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे से निपटने में मदद करेगी क्योंकि कई कंपनियां महामारी के दौरान ऑनलाइन हो गई हैं।”

कट्स इंटरनेशनल के नीति विश्लेषक अर्नब गांगुली(Arnab Ganguly) ने कार्यशालामें उल्लेख किया कि COVID-19 महामारी के कारण डिजिटल तकनीकों को अपनाने में तेजी आई है, और कई एमएसएमई साइबर हमलों से निपटने के लिए आवश्यक समझ और सुरक्षा उपायों के बिना ऑनलाइन हो गए, जिससे वे असुरक्षितहो गए। यह देखते हुए कि एमएसएमई भारत के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30% का योगदान करते हैं, साइबर सुरक्षा उल्लंघनों के लिए लचीला बनने और अपने व्यवसायों को स्थायी रूप से विकसित करने के लिए उन्हें ज्ञान और उपकरणों से लैस करना अनिवार्य है।

एस के साहू(S K Sahoo), निदेशक, एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार, ने कहा कि, जहां कोविड-19 महामारी ने एमएसएमई के लिए काफी चुनौतियां पैदा की हैं, वहीं इसने एमएसएमई के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर भी पैदा किया है। हालांकि, एमएसएमई के लिए साइबर सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई की कमजोरियां कई कारकों से उपजी हैं, जैसे – साइबर सुरक्षा जोखिमों की समझ की कमी, साइबर सुरक्षा के लिए कम प्राथमिकता, साइबर सुरक्षा के लिए सीमित पूंजी आवंटन, आदि। साइबर सुरक्षा उल्लंघनों का सामना करने पर कैसे प्रतिक्रिया दें उसका आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करके इन अंतरालों को पाटना महत्वपूर्ण है।

सी-डैक(C-DAC, Patna) पटना के निदेशक और केंद्र प्रमुख आदित्य कुमार सिन्हा (Aditya Kumar Sinha) ने बताया कि सीमित जागरूकता और साइबर स्वच्छता के कारण साइबर अपराधों में भारी वृद्धि हुई है। एसएमई के साइबर स्पेस की भेद्यता को देखते हुए जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। सी-डैक पटना का लक्ष्य एक राष्ट्रीय संसाधन केंद्र के रूप में काम करना है, ताकि साइबर सुरक्षा के मुद्दों को हल किया जा सके, सुरक्षित, मानक-आधारित प्रौद्योगिकियों और समाधानों के निर्माण, तैनाती और उपयोग में तेजी लाई जा सके।

अगले कदम के रूप में, अक्टूबर, 2021 के दौरान गुवाहाटी में इसी तरह की क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। कार्यशालाओं के बाद, एमएसएमई को साइबर स्पेस को सुरक्षित रूप से नेविगेट करने और साइबर जोखिम कम करने में मदद करने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं की साइबर सुरक्षा का एक संग्रह जारी किया जाएगा।

बिहार का एक लाल हार्वर्ड विश्वविद्यालय छात्र संघ का बना अध्यक्ष

देश और दुनिया में बिहार का नाम रोशन करने वाला दूसरा बिहारी भी जीरादेई का ही लाल है जी है एक लाल डाँ राजेन्द्र प्रसाद हुए जो देश के पहले राष्ट्रपति बने और अब दूसरा लाल शरद सागर जो हार्वर्ड विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गये हैं।

हलाकि सागर का बहुत कम वक्त जीरादेई में बीता है लेकिन आज भी उसके दिल और दिमाग पर जीरादेई का अमित छाप मौजूद है । इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए नौ उम्मीदवार खड़े थे। इसमें शरद को जीत हासिल हुई है।

वे मई 2022 यानी हार्वर्ड में अपने दीक्षांत समारोह तक इस पद पर बने रहेंगे। सागर को हार्वर्ड में उच्चतम स्कॉलरशिप प्राप्त है और वह प्रतिष्ठित केसी महिंद्रा स्कॉलर भी हैं। हार्वर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ एजुकेशन में पढ़ रहे 50 देशों के 1200 से अधिक छात्रों ने उनका चयन किया।

हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने मंगलवार यानी 21 सितंबर को चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा की। 14 सितंबर से 19 सितंबर के बीच मतदान हुआ था। अध्यक्ष के रूप में शरद सागर छात्र संघ का नेतृत्व करेंगे। इसमें एक उपाध्यक्ष, एक प्रशासक और अन्य निर्वाचित सीनेटर शामिल होंगे।

शरद सागर ने हार्वर्ड में उच्चतम स्कॉलरशिप प्राप्त किया है और वो प्रतिष्ठित के.सी महिंद्रा स्कॉलर भी हैं.
शरद सागर 16 वर्ष की आयु में उन्होंने राष्ट्रीय संगठन डेक्सटेरिटी ग्लोबल की स्थापना की, और 24 वर्ष की आयु में फोर्ब्स ने उन्हें 30 वर्ष तक की आयु के 30 सबसे प्रभावशाली उद्यमियों की सूची में शामिल किया.

वर्ष 2016 में शरद सागर राष्ट्रीय और वैश्विक तब सुर्खियों में आए थे, जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें एकमात्र भारतीय के रूप में व्हाइट हाउस में होने वाले एक विशेष सभा के लिए आमंत्रित किया था. उसी वर्ष नोबेल शांति केंद्र ने सागर को नॉर्वे में होने वाले नोबेल शांति पुरस्कार समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया. शरद सागर अमिताभ बच्चन द्वारा होस्ट प्रसिद्ध टेलीविजन गेम शो कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) के विशेषज्ञ भी हैं।

आईआईटी पटना को गूगल से मिला आंफर 54.50 लाख सालाना का दिया पैकेज

IIT, Patna के बीटेक के 34 छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप के आधार पर कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने प्री-प्लेसमेंट आफर (Pre Placement Offer) दिया है। ये सभी 2022 में पासआउट होंगे। गूगल (Google) ने सबसे अधिक 54.50 लाख सालाना का पैकेज छह छात्रों को दिया है। इसके अतिरिक्त एडोब, गोजेक, मीडिया.नेट और मोरगन ने एक-एक छात्र, क्लाउड आधारित अमेरिकी साफ्टवेयर कंपनी ने दो छात्रों, निवेश बैंकिंग फर्म गोल्डमैन सैक्स ने तीन, बीमा और स्वास्थ्य सेवा फर्म ऑप्टम ने सात, सैमसंग रिसर्च बेंगलुरु ने तीन, पब्लिसिस सैपिएंट ने तीन छात्रों को पीपीओ की पेशकश की है। इन कंपनियों ने 25 से 53 लाख सालाना तक के आफर पीपीओ के अंतर्गत दिए हैं।

2020 में 19 छात्रों को मिला था पीपीओ
अब तक मिले पीपीओ का औसत 24 लाख सालाना का है। प्लेसमेंट का पहला फेज सितंबर से दिसंबर तक चलेगा। जबकि, दूसरा फेज जनवरी से मार्च तक चलेगा। वर्ष 2020 में 19 छात्रों को प्री-प्लेसमेंट आफर मिला था। इस वर्ष 78 फीसद वृद्धि दर्ज की गई है। इन छात्र-छात्राओंने मई से जुलाई के बीच इन कंपनियों में इंटर्नशिप की है। इसके आधार पर कंपनियों ने ये आफर दिए हैं। सभी छात्रों काे आनलाइन साक्षात्कार के बाद ये आफर मिले हैं।

कंपनी के नियमों की अनदेखी करके काम देने का मामला आया सामने

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और शुचिता का दावा करने वाली नीतीश सरकार इस बार अपने ही उपमुख्यमंत्री के कृत्य से बैकफुट पर है।मामला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे महात्वाकांक्षी योजना’हर घर नल का जल’ योजना से जुड़ी हुई है जिसमें उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद पर अपने पद के प्रभाव का इस्तमाल कर साले और दमाद की कम्पनी को काम दिलाने का आरोप है।

हलाकि इस आरोप के बावजूद पूरी बीजेपी तारकेश्वर प्रसाद के साथ खड़ी है तारकेश्वर प्रसाद भी कह रहे हैं की मैं राजनीति में हूं इसका क्या मतलब मेरे परिवार के लोग बिजनेस व्यापार करना छोड़ दे ये सारा काम मेरे उपमुख्यमंत्री बनने से पहले का है और काम के आवंटन में कोई गड़बड़ी नहीं है ।

उपमुख्यमंत्री के रिश्तेदार को मिला काम यह पूरा मामला उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद के गृह जिले कटिहार से जुड़ा हुआ है जहां हर घर नल का जल’ योजना के तहत जीवनश्री इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और दीपकिरण इंफ्रास्ट्रक्टर प्राइवेट लिमिटेड को 48 करोड़ और 3 करोड 60 लाख का काम दिया गया है आरोप यह है कि इस दोनों कम्पनी के निदेशक मंडल में उपमुख्यमंत्री के साले और दमाद शामिल है यो दोनों कंपनी पटना के पते पर रजिस्टर्ड है ।

वन श्री जीवनश्री इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का पता 319,ASHIANA TOWER EXHIBITION ROAD PATNA Patna BR 800001 दर्ज और दूसरी कंपनी दीपकिरण इंफ्रास्ट्रक्टर प्राइवेट लिमिटेड का पता 74,SARSWATI APARTMENT, S.P. VERMA ROAD, PATNA BR 800001 दर्ज है ।

सरकारी काम करने के लिए योग्य नहीं है यह कपंनी आशियाना टावर कमरा नम्बर 319 में दो कपंनी का दफ्तर है
पहला BRITESKY BUILDCON( P )LTD. और दूसरा JEEVANSHREE INFASTRURE,(P)LTD का है। दोनों कंपनी के निदेशक मंडल में दो व्यक्ति संतोष कुमार और ललित किशोर का नाम शामिल है । इस कंपनी को 48 करोड़ रुपया का काम दिया गया है इस कंपनी का टर्नओभर काफी है लेकिन इससे पहले किसी भी तरह के सरकारी काम करने को लेकर कोई अनुभव नहीं है पीडब्लूडी नियमावली के अनुसार ऐसी कंपनी को काम नहीं दिया जा सकता है।

आशियाना टावर स्थित कमरा नम्बर 319 में जब बिहार न्यूज पोस्ट का रिपोर्टर पहुंचा तो दफ्तर में एक दो लोग बैठे थे जो इस मसले पर बात करने से साफ इनकार कर दिया वही दूसरी कंपनी दीपकिरण इंफ्रास्ट्रक्टर प्राइवेट लिमिटेड का जो पता दर्ज है 74,SARSWATI APARTMENT, S.P. VERMA ROAD, PATNA BR 800001 वहां जब बिहार न्यूज पोस्ट का संवाददाता पहुंचा तो दफ्तर का कोई भी साइनबोर्ड लगा हुआ नहीं था , कॉल बेल बचाया तो प्रदीप कुमार भगत निकले उनसे जब संवाददाता ने पुंछा कि इस पते पर एक कम्पनी का नाम दर्ज है और यहां तो आपका आवास है जबतक उनसे सवाल किया जाता तब तक वो रुम बंद करते हुए इतना ही कहा मेरे वकील से बात करिए मुझे कुछ भी नहीं कहना है ।

उपमुख्यमंत्री के साले की कंपनी की आँडिट रिपोर्ट कंपनी के फर्जी होने का दे रहा है प्रमाण
दीपकिरण इंफ्रास्ट्रक्टर प्राइवेट लिमिटेड के वर्ष 2019 और 2020 के ऑडिट रिपोर्ट पर गौर करे तो उस रिपोर्ट में कही भी किसी भी तरह के सरकारी कामकाज करने का जिक्र ही नहीं है वर्ष 2019–2020 के बीच कंपनी आँडिट रिपोर्ट में लिखा है कि इस वर्ष 78लाख 6 हजार 800 रेवेन्यू प्राप्त हुआ है जिसमें 44 लाख 26हजार 136 रुपया 68 पैसा समान खरीद बिक्री से और सर्विस में 33 लाख 80 हजार 664 रुपया आया है लेकिन इस आँडिट रिपोर्ट में कही भी टीडीएस देने की चर्चा नहीं है जबकि किसी भी तरह के काम में कंपनी को टीडीएस भरना ही है जबकि इस कंपनी को सरकारी ठेका मिला है गौर करने वाली बात यह है कि इस कंपनी के वित्तीय वर्ष 2018–2019 का जो आँडित रिपोर्ट है वो शून्य है मतलब उस वर्ष कंपनी कोई काम नहीं कि है। इस तरह के कंपनी को किस आधार पर सरकारी ठेका दिया गया एक बड़ा सवाल है ।हलाकि इस मामले में विभाग के अधिकारियों से जब सवाल किया गया तो कहां गया कि मामले की जांच चल रही है ऐसी कोई बात संज्ञान में आती है तो कारवाई होगी।

वही इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री और अब राष्ट्रीय जनता दल के नेता रामप्रकाश महतो का कहना है कि जब भी इससे संबंधित शिकायत की गयी तो पुलिस द्वारा ग्रामीणों को धमकाया जाता था.’हर घर नल का जल’ योजना का हाल बेहाल है, ग्रामीणों का कहना है कि जब से ‘हर घर नल का जल’ योजना का काम हुआ है तब से नल में पानी नहीं मिल रहा तो कहीं नल का पाइप टूटा हुआ है ।

फिजिकल कोर्ट खोलने के निर्णय का हाईकोर्ट के वकील ने किया स्वागत

बिहार स्टेट बार कॉउन्सिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने 27 सितंबर से पटना हाई कोर्ट में फिजिकल कोर्ट शुरू होने पर संतोष जाहिर की है। श्री शर्मा पटना हाई कोर्ट में फिजिकल कोर्ट शुरू होने के बाद मामलों के निष्पादन की गति तेज होने की उम्मीद जताई।

गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल, स्टैंडिंग कमेटी और सुरक्षा कमेटी द्वारा हाई कोर्ट में फिजिकल कोर्ट शुरू करने का निर्णय लिया हैं। बिहार स्टेट बार कॉउन्सिल ने जनरल बॉडी की बैठक में पटना हाई कोर्ट समेत राज्य के सभी अदालतों में फिजिकल कोर्ट प्रारंभ करने के लिए चीफ जस्टिस से अनुरोध किया था।


उनका कहना था कि जब देशभर में मॉल, स्कूल, बिजनेस और कमर्शियल इकाइयां खोले जा रहे हैं ,तो कोविड के गाइडलाइंस का पालन करते हुए राज्य के सभी कोर्ट में भी फिजिकल कोर्ट शुरू होना चाहिए।

कॉउन्सिल का यह भी कहना था कि मुकदमा लड़ने वालों व न्याय की आस लगाए लोगों को संकट का सामना करना पड़ रहा था। कॉउन्सिल का यह भी कहना था कि 95 फीसदी राज्य के अधिवक्ता आर्थिक कठिनाई झेल रहे थे। अब सभी लोगों द्वारा राहत की सांस ली है।

अब 27 सितंबर, 2021 से सप्ताह में चार दिन फिजिकल और एक दिन वर्चुअल कोर्ट शुरू किए जाने के निर्णय से अब मामलों की सुनवाई में गति आने की संभावना बढ़ गई हैं।

पंचायत चुनाव के साथ ही बिहार में चुनावी हिंसा का दौर शुरु मुखिया प्रत्याशी के पुत्र की हुई हत्या

पंचायत चुनाव के साथ ही बिहार के ग्रामीण इलाकों से हिंसा की खबर आने लगी है ताजा मामला नक्सली प्रभावित शिवहर से आ रही है जहां शिवहर के तरियानी थाना क्षेत्र के विशंभरपुर पंचायत के निवर्तमान उप मुखिया मदन प्रसाद और मुखिया प्रत्याशी इंदु देवी के बेटे विक्की कुमार (22) की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

घटना सुल्तानपुर नदी घाट के पास ब की है। युवक की लाश धान के खेत में मिली। ग्रामीणों ने प्रथम दृष्टया हत्या का कारण चुनावी प्रतिद्वंदिता बताई है। हालांकि, पुलिस अभी कुछ भी कहने से इनकार कर रही है।

घटनास्थल पर ही एक मोबाइल मिला। इससे लोग आशंका जाहिर कर रहे हैं कि अपराधी के साथ विक्की की हाथापाई भी हुई होगी। इधर, ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय थाना पुलिस को दी। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा मामले की जांच में जुट गई है।

बड़ी खबर शिवहर से आई है जहां एक मुखिया प्रत्याशी के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान 22 वर्षीय विक्की कुमार के रूप में हुई है। विक्की की लाश धान के खेत में मिली। मृतक विक्की कुमार तरियानी थाना क्षेत्र के विशंभरपुर पंचायत की मुखिया प्रत्याशी इंदु देवी का बेटा था।

इंदु देवी के पति मदन प्रसाद पंचायत के निवर्तमान उप मुखिया हैं। बुधवार को सुल्तानपुर घाट के पास धान के खेत में विक्की का शव मिला। मामले की जांच तरियानी थाना पुलिस कर रही है।

चुनावी माहौल में हत्या चुनावी माहौल में हुई इस हत्या को लेकर इलाके में तनाव है। इसे देखते हुए डीएसपी संजय कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती कर दी गई है।डीएसपी ने कहा है कि जल्द ही इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली जाएगी। इधर प्रत्याशी इंदु देवी और उनके पति मदन प्रसाद बदहवासी की हालत में हैं। इसलिए वे कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं।

अखिलेश की तरह तेजस्वी भी अब टोपी में आयेंगे नजर लालू प्रसाद ने राजद कार्यकर्ताओं के लिए जारी किया ड्रेसकोर्ड

राजद के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के आखिरी दिन आज लालू यादव ने राजद कार्यकर्ताओं एवं नेताओं को आनलाइन संबोधित किया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए लालू यादव ने राजद नेताओं को टिप्स दिया जिस दौरान लालू प्रसाद ने कहा कि यूपी के तर्ज पर राजद कार्यकर्ताओं को भी अब ड्रेस कोड का पालन करना होगा। राजद सुप्रीमो ने अपने संबोधन के दौरान ही ड्रेस कोर्ड तय भी कर दिया ।

अब राजद के कार्यकर्ता और नेता हरी गमछी और टोपी पहने नजर आएंगे। इन्होंने आगे कहा कि पार्टी के प्र‍ति निष्‍ठावान बनें। बिहार आने के बाद मैं हर जिले का दौरा करुंगा और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी करुंगा। लालू यादव ने कहा कि हमारी पार्टी बिहार में सबसे बड़ी पार्टी है।

वोट हमारा कम नहीं होता है। जो हार जाता है वो पार्टी छोड़ देता है, जिसे टिकट नहीं मिलती वो अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को हराने में जुट जाता है। ऐसा नहीं होना चाहिए। इस तरह की बातों पर उन्‍होंने घोर आपत्ति जताई। उन्‍होंने प्रशिक्षण शिविर के आयोजन की सराहना की और कहा कि आगे भी ऐसा होगा।

आरजेडी सुप्रीमो ने इस दौरान अपने छोटे बेटे व बिहार के पूर्व उप मुख्‍यमंत्री रहे तेजस्वी यादव को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने तारीफ करते हुए कहा कि तेजस्वी के नेतृत्व को बिहार की जनता ने स्वीकारा है। दूसरे दलों के नेता भी कहते हैं कि तेजस्वी काफी अच्छा कर रहे हैं। बिहार का भविष्‍य युवा हाथों में होना चाहिए।

इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता अपने घर पर आरजेडी का झंडा लगाए। यही हमारी पहचान है। वही प्रशिक्षण शिविर में राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि दल की मर्यादा के लिये जो कुछ करना होगा करेंगे. बूथ, पंचायत, ज़िला कमेटी को को मजबूत करने से राजद का पताका फहरायेगा. अनुसाशन को अपनाओगे तो दुनिया से अराजकता समाप्त होगी ।

उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स, निफ्टी मामूली गिरावट पर नीचे बंद हुआ।

सेंसेक्स 78 अंक टूटकर 59,000 के नीचे बंद हुआ, निफ्टी 50 17,550 के नीचे बंद हुआ । बुधवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबारी सत्र के बाद घरेलू शेयर बाजार सपाट बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया।

सेंसेक्स चार्ट (22.09.21) एक नजर में

बैंक और एफएमसीजी को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए, रियल्टी इंडेक्स 8 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1-1 फीसदी की तेजी आई।

टेक महिंद्रा के शेयर में 3.63% और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में 1.92% की तेजी रही, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज ऑटो के बाद शीर्ष पर रहा। एचडीएफसी सेंसेक्स का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला घटक था, जो 1.39% गिर गया, इसके बाद नेस्ले इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक और एचयूएल का स्थान रहा। मेटल इंडेक्स में 1.47% और ऑटो इंडेक्स में 1.27% की तेजी देखने को मिली। ज़ी-सोनी विलय की घोषणा के बाद मीडिया शेयरों में तेजी आई, ज़ी 30% चढ़ा ।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 16 शेयर्स बढ़त के साथ और 14 शेयर्स कमजोरी के साथ बंद हुए। बीएसई पर कारोबार के दौरान 222 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 18 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

राम के सहारे बिहार की राजनीति साधने की तैयारी में लगा बीजेपी

जाति आधारित राजनीति का मक्का कहे जाने वाले बिहार में इन दिनों धर्म आधारित राजनीति को मजबूत करने को लेकर कशमकश तेज हो गई है और इसको लेकर आये दिन कुछ ना कुछ बखेड़ा खड़ा हो रहा है ।इस बार मामला रामायण की पढ़ाई को पाठ्यक्रम में शामिल करने को लेकर खड़ा हुआ है ।बीजेपी मध्यप्रदेश के तर्ज पर ही बिहार में भी रामायण की पढ़ाई को पाठ्यक्रम में शामिल करने को लेकर सरकार पर दबाव बनाने लगा है ।

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सिलेबस में रामायण को शामिल करने की बात करते हुआ कहा कि रामायण हमें सदियों से सही राह दिखाती आई है. हम इतिहास पढ़ते हैं तो रामायण भी पढ़नी चाहिए. इतिहास के साथ हर वो विषय लोगों को पढ़नी चाहिए जो लोगों को बेहतर संदेश देती है.।

वहीं बिहार सरकार के वन एवं पर्यवरण मंत्री नीरज कुमार बबलू (Bihar Minister Neeraj Kumar Bablu) ने कहा कि बिहार के स्कूलों और कॉलेजों में भगवान श्री राम (Lord Shree Ram) से जुड़ी तमाम जानकारियों को सिलेबस में शामिल किया जाए ताकि लोग अधिक से अधिक भगवान श्री राम के बारे में जान सकें।

विवाद बढ़ते देख जदयू कोटे से मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बीच का रास्ता निकालते हुए कहा कि रामायण और गीता की जानकारी रखना सबके लिए अच्छी बात है, लेकिन इस तरह का कोई भी प्रस्ताव पर अभी तक शिक्षा विभाग के विचाराधीन नहीं है ।

लेकिन हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के बयान से एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया है जीतनराम मांझी ने भगवान श्रीराम (Lord Shree Rama) के अस्तित्व को ही काल्पनिक करार देते हुए कहा कि श्रीराम कोई जीवित और महापुरुष व्यक्ति थे, ऐसा मैं नहीं मानता. पर रामायण कहानी में जो बातें बताई गई है वो सीखने वाली है. रामायण कथा में कई श्लोक और संदेश ऐसे हैं जो लोगो को बेहतर व्यक्तित्व के निर्माण में सहायक है सिलेबस में शामिल हो मुझे कोई एतराज नहीं है ।

मांझी के इस बयान पर बीजेपी के विधायक काफी गुस्से में है बीजेपी विधायक हरि भूषण ठाकुर बचोल ने कहा कि राम के अस्तित्व पर सवाल करने वाले मांझी जी जरा बताये उनके माता-पिता जी जीतन राम मांझी की जगह जीतन राक्षस मांझी क्यों नहीं रखा।मांझी सेकुलर दिखने के चक्कर में ओछी राजनीति कर रहे हैं।जीतनराम मांझी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए हलाकि बीजेपी विधायक के इस बयान के बाद जीतनराम मांझी ने एक बार फिर अपने पूराने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि मैं माफी किस बात मांगू जो सही है वो मैंने कहा ।

हनुमान मंदिर के अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट ने जिसा प्रशासन को दिया सख्त निर्देश

पटना हाई कोर्ट ने राजधानी के पटना सिटी स्थित जल्ला हनुमान मंदिर क्षेत्र में हुए अतिक्रमण के मामलें पर सुनवाई करते हुए ज़िला प्रशासन को बताने को कहा कि कितने क्षेत्र में अतिक्रमण हुआ है।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने गौरव कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने जिलाधिकारी,पटना को यह जानकारी देने को कहा कि अतिक्रमण से सम्बंधित कितने मामलें चल रहे हैं और इनकी क्या स्थिति है।

आज कोर्ट में जिलाधिकारी,पटना ने कोर्ट को बताया कि जल्ला हनुमान मंदिर क्षेत्र में लगभग बीस बीघा में अतिक्रमण हुआ है,जबकि सी ओ ने काफी कम ज़मीन पर अतिक्रमण की बात कही।कोर्ट ने मामलें को गम्भीरता से लेते हुए डी एम,पटना को इस मामलें पर अगली सुनवाई में विस्तृत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।
पिछ्ली सुनवाई में कोर्ट ने पटना नगर निगम आयुक्त को सफाई और रौशनी की व्यवस्था के मामले पर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था।

इस मामले में कोर्ट ने विगत 5 जुलाई को राजस्व सचिव को एक कमेटी का गठन करने का आदेश दिया था। पटना के जिला विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर दिया गया है।

कोर्ट ने जलाशय की सुरक्षा के लिये उपाय करने को भी कहा था। पटना के जिलाधिकारी को संबंधित क्षेत्र को वीडियोग्राफी करवाकर के की गई कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था।पिछले 27 जुलाई,2021 को कोर्ट ने राजस्व रिकॉर्ड में सुधार करने को भी कहा था।

उसके बाद अपर जिलाधिकारी ने राजस्व रिकॉर्ड में सुधार करते हुए आवश्यक आदेश पारित किया।पिछले 23 अगस्त को कोर्ट ने पटना के जिलाधिकारी को राजधानी के बीचों बीच स्थित इस जलाशय की सुरक्षा हेतु कार्रवाई करने को कहा था। कोर्ट ने जलाशय की घेराबन्दी करने को भी कहा ,ताकि जलाशय में कोई नया अतिक्रमण नहीं हो।

याचिकाकर्ता का कहना था कि मंदिर के पास के जल क्षेत्र में स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। इस वजह से इसकी सुरक्षा व्यवस्था और संरक्षण को लेकर खतरा उत्पन्न हो गया है। इस मामले में आगे की सुनवाई 27अक्तुबर ,2021 को की जाएगी।

झांझारपुर कोर्ट का अनोखा फैसला महिला के साथ दुर्व्यवहार करने वाले युवक को छह माह तक गांव की महिलाओं का वस्त्र साफ करने का दिया आदेश

महिला के साथ अभद्र व्यवहार करने और दुष्कर्म का प्रयास करने से जुड़े एक अभियुक्त के जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए झंझारपुर न्यायालय के एडीजे अविनाश कुमार ने जमानत देते हुए उक्त युवक को आदेश दिया है कि अपने गांव की सभी महिलाओं के कपड़े साफ करेगा और आयरन कर उन्हें वापस लौटाएगा।

यह कार्य लगातार छह महीने तक मुफ्त में करना है। हिरासत में 19 अप्रैल 2021 से बंद रहने वाले 20 वर्षीय युवक ललन कुमार साफी जो पेशे से धोबी हैं, उन्हें उन्हीं के पेशे से जुड़े काम को मुफ्त में करने की शर्त दी गई है। उक्त युवक लौकहा थाना कांड संख्या 130/ 2021 में 19 अप्रैल को हिरासत में लिए गए थे।

घटना 17 अप्रैल के रात की है। उस पर आरोप था कि वह गांव की एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए दुष्कर्म का भी प्रयास किया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि उनका मुवक्किल मात्र 20 वर्ष का है। पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है। चार्ज शीट जमा किया जा चुका है और दोनों पक्षों के बीच समझौता पिटिशन भी दे दिया गया है। जिसके अनुसार उक्त महिला अब आगे के केस को प्रोसीड नहीं करना चाहती है।

युवक के काम पर नजर रखेंगे पंच और सरपंच अधिवक्ता का कहना था कि उनका मुवक्किल धोबी है और अपने पेशे से समाज की सेवा करना चाहता है। सुनवाई कर रहे एडीजे ने महिला के अपमान से जुड़े मामला को देखते हुए गांव के सभी महिलाओं के वस्त्र को साफ कर आयरन करने की शर्त पर रेगुलर बेल दी है।

जिसमें 10 हजार के दो जमानतदार के अलावा उक्त शर्त को पूरा करते हुए अपने गांव के मुखिया या सरपंच अथवा किसी भी सम्मानित सरकारी कर्मी से 6 महीना तक मुफ्त सेवा करने का प्रमाण पत्र लेकर कोर्ट में समर्पित करने का निर्देश दिया है। जमानत की कॉपी गांव के सरपंच और मुखिया को भी भेजे जाने की बात कही है।


ताकि जमानत पर रिहा होने वाले युवक गांव में फ्री सेवा दे रहे हैं या नहीं इस पर नजर रखेंगे। इससे पहले भी एडीजे अविनाश कुमार ने ऐसे कई समाज को सुधारने वाले फैसले दिए हैं। इससे पहले उन्होंने स्वच्छता पर जोर देकर एक मारपीट की घटना में आरोपित को जमानत मंजूर की थी। तब कोर्ट ने आरोपित को इस शर्त पर जमानत दी थी कि आरोपी अपने घर के पास नाला की सफाई करेंगे। साथ ही, घर व उसके आसपास के क्षेत्रों में भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा।

हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में अपना अधिवक्ता बदला

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अब पटना हाई कोर्ट का पक्ष सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गौरव अग्रवाल रखेंगे। यह नियुक्ति पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के आदेश के बाद की गई है। इनकी नियुक्ति मेसर्स पारेख एंड कंपनी के स्थान पर की गई है।

श्री अग्रवाल सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पटना हाई कोर्ट से जुड़े सभी मुकदमों का पक्ष रखेंगे। यह सूचना पटना हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दी गई है।

श्री अग्रवाल सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड भी हैं।

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से कानूनी शिक्षा प्राप्त करने के बाद गौरव अग्रवाल ने 1999 से सुप्रीम कोर्ट में वकालत करना शुरू किया । वे भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल मिलन बैनर्जी के भी सहयोगी वकील रहे हैं।

कोरोना के बाद पहली बार 27 सितंबर से शुरु होगा फिजिकल कोर्ट

पटना हाई कोर्ट में 27 सितंबर से पहले की तरह सामान्य फिजिकल अदालती कामकाज शुरू होगी। पटना हाई कोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों के समन्वय समिति के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने ये जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि पटना हाई कोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों के समन्वय समिति की पूरी टीम हाई कोर्ट के सुरक्षा समिति से मिला ,जिसमें जस्टिस ए अमानुल्लाह,जस्टिस आशुतोष कुमार, जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद व जस्टिस अरविंद श्रीवास्तव शामिल रहे।

सुरक्षा समिति के साथ बैठक के बाद चीफ जस्टिस संजय करोल ने घोषणा किया कि आगामी 27 सितंबर से फिजिकल कोर्ट शुरू होगा। पूरे मामले में चीफ जस्टिस का भी सकारात्मक रुख रहा।

यह भी तय हुआ है कि कोर्ट के पांच दिनों के कार्य दिवस में चार दिन फिजिकल और एक दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वर्चुअल कोर्ट चलेगा।

कोर्ट में प्रवेश के लिये हाई कोर्ट परिसर का तीन मुख्य गेट को खोला जाएगा। वकील संघों को भी दस – दस वकिलों के नाम सुझाने को कहा गया है, जो प्रवेश द्वार पर वकीलों की पहचान करेंगे, ताकि सभी लोग नियंत्रित रहे।

यह भी तय हुआ है कि संक्रमण फैलने की स्थिति में चीफ जस्टिस उचित कार्रवाई करेंगे। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व हाई कोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन, लॉयर्स एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के अध्यक्षों ने पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मिलकर हाई कोर्ट में फिजिकल कामकाज शुरू करने का अनुरोध किया था। इसके बाद चीफ जस्टिस ने उक्त मामले में इन्हें हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी से मिलने को कहा है।

अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति में एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सह समन्वय समिति के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, अजय कुमार ठाकुर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह व् अन्य सदस्य शामिल थे।

उपेन्द्र कुशवाहा और शरद यादव की बीच हुई मुलाकात से बिहार की राजनीति गरमाई

जदयू के संसदीय दल के नेता उपेन्द्र कुशवाहा और शरद यादव के बीच बंद कमरे में दो घंटे तक चली बैठक के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गयी है और अटकलों का दौड़ शुरु हो गया है कि शरद यादव की घर वापसी हो रही है क्या।

बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद नीतीश कुमार अपने तमाम पूराने सहयोगियों के साथ लगातार सम्पर्क में है और उनके पार्टी में वापसी को लेकर खुद पहल कर रहे हैं और उस कड़ी की शुरुआत उपेन्द्र कुशवाहा के जदयू में शामिल होने से हुआ था ,और उसके बाद पूर्व विधायक मंजीत सिंह पूर्व विधान पार्षद विनोद कुमार सिंह सहित दो दर्जन से अधिक नेताओं की घर वापसी हुई है।

हलाकि शरद यादव की वापसी के सवाल को लेकर उपेन्द्र कुशवाहा सहित पार्टी के अधिकांश नेता खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है लेकिन जिस तरीके से उपेन्द्र कुशवाहा मुलाकात की तस्वीर को सार्वजनिक किये हैं उससे कही ना कही यह लग रहा है कि अंदर खाने में कुछ ना कुछ खिचड़ी पक रही है।

क्यों कि नीतीश कुमार जिस तरीके से चिराग को निशाने पर ले रहे हैं ऐसे में बिहार में वापसी के लिए यादव वोट में डिवीजन कराने वाले बड़े चेहरे की जरुरत है भले ही इस बार कोसी का वो इलाका जदयू की प्रतिष्ठा को बचा लिया लेकिन आने वाले समय में जिस तरीके से विजेन्द्र यादव और नरेन्द्र नरायण यादव जैसे नेता बढ़ती उम्र के कारण सक्रिय राजनीति से दूर हो रहे हैं ऐसे में जदयू की परेशानी आने वाले समय में बढ़ सकती है ।

इसलिए शरद यादव सिर्फ बिहार की चुनावी राजनीति के लिए ही नहीं राष्ट्रीय फलक पर तीसरे मोर्चे को लेकर कोई सम्भावना बनती है तो उस समय शरद यादव की भूमिका महत्वपूर्ण हो जायेंगी क्यों कि इनका रिश्ता कांग्रेस से भी और लालू से भी बेहतर है। ऐसे में शरद आज की राजनीति में नीतीश की जरुरत है इस स्थिति में आने वाले समय में शरद यादव की वापसी हो जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी ।

बिहार पुलिस का जवान निकला करोड़पति

ये बिहार है भाई जहां बात हमेशा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की होती है लेकिन बिहार पुलिस का एक अदना सिपाही किस तरह से कमाई कर रहा है उसका खुलासा आज आर्थिक अपराध इकाई के छापा से हुआ है ।
बालू कारोबारी से मिलकर अकूत सम्पत्ति संपत्ति अर्जित करने वाला बिहार पुलिस का जवान नरेंद्र कुमार धीरज के जिन 9 ठीकाने पर छापामारी चल रहा था उन ठीकानों से करोड़ो की सम्पत्ति का खुलासा हुआ है

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने सिपाही नरेंद्र कुमार धीरज के ऊपर शिकंजा कसा है। नरेंद्र की पोस्टिंग पटना जिले में है। वे सिपाहियों के संगठन बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। इनके ऊपर भी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। EOU की जांच में करोड़ों रुपए की संपत्ति का पता चला है।

आर्थिक अपराध इकाई की माने तो अभी तक छापेमारी में 9 करोड़ 40 लाख 66 हजार सात सौ ₹45 से अधिक की परिसंपत्ति अर्जित किए जाने का साक्ष्य मिला है जो इनके वास्तविक आय से 544% अधिक है । एक दर्जन से अधिक ट्रक भी इसके परिवार के सदस्यों के नाम से चल रहा है ।

तलाशी के क्रम में कई दस्तावेज जमीन का निबंधन दस्तावेज, बीमा निगम पॉलिसी बैंक खाते वाहनों से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए हैं जिसके बारे में कार्रवाई की जा रही है।

सिपाही नरेंद्र कुमार धीरज बिहार पुलिस एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष है और इस इसकी पोस्टिंह पटना है और आरा का रहने वाला है और कुछ दिन पहले इसके भाई की गिरफ्तारी बालू माफिया से सांठगांठ के आरोप में हुई थी
इन 9 ठिकानों पर हुई छापामारी
पटना के बेउर में महावीर कॉलोनी स्थित नरेंद्र कुमार धीरज के घर पर।
भोजपुर जिले के सहार थाना के तहत मुजफ्फरपुर गांव स्थित पुश्तैनी घर।
अरवल में भाई अशोक के घर पर।

आरा के भेलाई रोड में कृष्णा नगर स्थित भाई सुरेंद्र सिंह के 4 मंजिला मकान पर।
आरा के भेलाई रोड में कृष्णा नगर स्थित भाई सुरेंद्र सिंह के 5 मंजिला मकान पर।
आरा के भेलाई रोड में कृष्णा नगर स्थित भाई विजेंद्र कयमर विमल के 5 मंजिला मकान पर।

आरा के नारायणपुर स्थित भाई श्याम बिहारी सिंह के मॉल और घर पर।
आरा के अनाइठ स्थित भतीजा धर्मेंद्र कुमार के आशुतोष ट्रेडर्स नामक दुकान पर।
आरा के नारायणपुर स्थित भाई सुरेंद्र सिंह के छड़ व सीमेंट के दुकान और घर पर।

बिहार के एकमा, सारण में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का 24 सितंबर को होगा शुभारंभ

बिहार के एकमा, सारण में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का 24 सितंबर को होगा शुभारंभ केंद्रीय उर्जा मंत्री राजकुमार सिंह सेवा केंद्र का करेंगें उद्घाटन ।

पटना, 21.9.2021

इस सेवा केंद्र का शुभारंभ विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के मंत्री राजकुमार सिंह 24 सितंबर को अपराहन 03 बजे करेंगें।

मौके पर महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, एकमा के विधायक, श्रीकांत यादव, विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, प्रभात कुमार, पूर्वी क्षेत्र भागलपुर के पोस्ट मास्टर जनरल अदनान अहमद उपस्थित रहेंगे।

शुरूआत में एकमा पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र कैंप मोड में काम करेगा। बाद में यह पासपोर्ट सेवा केंद्र के रूप में कार्य करने लगेगा। इस सेवा केंद्र में नये और पुनर्निगमन पासपोर्ट आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगें।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और विस्तृत जानकारी के लिए www.passportindia.gov.in पर जाया जा सकता है। आवेदक ऑनलाइन अप्यांटमेंट लेकर अपने नियत समय पर पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र में जा सकते हैं।

साथ ही उन्हें आवश्यक कागजातों की मूल प्रति और सभी संबंधित दस्तावेजों को स्वअभिप्रमाणित फोटो कॉपी लेकर जमा करने के लिए सशरीर उपस्थित होना होगा।

मंत्री अशोक चौधरी और मंत्री जनक राम की कुर्सी खतरे में हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए याचिका स्वीकार की

पटना हाईकोर्ट ने राज्य के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी और खनन तथा भूतत्व मंत्री जनक राम को राज्यपाल कोटा से विधान पार्षद मनोनीत किये जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकृत कर लिया। Veteran फोरम फॉर ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक लाइफ की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।

कोर्ट को अधिवक्ता अधिवक्ता दीनू कुमार ने पिछ्ली सुनवाई में बताया था कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 171के सब क्लॉज 3 और क्लॉज(5) के तहत उक्त मंत्रियों के मनोनयन को चुनौती दी गई है।

अधिवक्ता दीनू कुमार का कहना था कि अशोक चौधरी को मंत्री के तौर पर नियमों के विपरीत 6 मई, 2020 से 5 नवंबर, 2020 तक कार्य करने दिया गया। बाद में उन्हें और जनक राम को 16 नवंबर, 2021 को कथित तौर से अवैध रूप से मंत्री बनाया गया, जबकि वे विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं थे।

विधान परिषद के सदस्य के रूप में श्री चौधरी का कार्यकाल 6 मई, 2020 को ही समाप्त हो गया था। उन्होंने कोई चुनाव भी नहीं लड़ा। उन्हें 17 मार्च, 2021 को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया।

उनका कहना था कि इस प्रकार से 6 मई, 2020 से 5 नवंबर, 2020 तक उनका मंत्री मंत्री पद पर बने रहना असंवैधानिक है।
साथ ही 16 नवंबर, 2020 को मंत्री पद पर नियुक्ति और राज्यपाल कोटे से विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया जाना भारतीय संविधान के मूल भावना के विपरीत है।

दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया था कि संविधान के अनुच्छेद 164(4) का लाभ दोबारा नहीं मिल सकता है, इसलिए किसी व्यक्ति को राज्य में मंत्री नियुक्त पर 6 महीने की अवधि के भीतर उन्हें एमएलए या एमएलसी बनना होगा।

राज्यपाल कोटे से विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्टता प्राप्त व्यक्तियों को मनोनीत करने का संवैधानिक प्रावधान हैं।
आगे इस मामलें पर कोर्ट विस्तृत सुनवाई करेगा।

हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज को सरकारी आवास खाली कराने को लेकर जनहित याचिका दायर

पटना हाई कोर्ट के जजों के सेवानिवृत होने के कई महीनों बाद भी अपने सरकारी आवास खाली नहीं करने के मामलें में पटना हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।अधिवक्ता दिनेश कुमार सिंह ने ये जनहित याचिका दायर की हैं।

इस जनहित याचिका में यह बताया गया है कि सेवानिवृत जज जस्टिस दिनेश कुमार सिंह, जस्टिस अंजना मिश्रा,जस्टिस पी सी जायसवाल और जस्टिस ए के त्रिवेदी कई माह पहले सेवा निवृत हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने अब तक सरकारी आवास खाली नहीं किया है।

याचिकाकर्ता दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जस्टिस दिनेश कुमार सिंह अक्टूबर, 2020,जस्टिस पी सी जायसवाल दिसम्बर, 2019 और जस्टिस ए के त्रिवेदी अगस्त,2020ं में अपने पद से सेवानिवृत हो चुके हैं, लेकिन वे अभी सरकारी आवास में बने हुए हैं।

उन्होंने अपनी याचिका में बताया है कि जजों के सेवानिवृत होने के एक महीने के भीतर उन्हें सरकारी आवास खाली करने का प्रावधान है।अगर वे एक महीने के बाद भी सरकारी आवास में रहते हैं,तो उन्हें आवास में रहने के लिए प्रावधान के अनुसार किराया देना होगा।

उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि अगर कोई राजनीतिज्ञ या नौकरशाह अपना सरकारी आवास खाली नहीं करते है, तो कोर्ट उन्हें सरकारी आवास खाली करने का आदेश देता है, लेकिन उनके द्वारा सेवानिवृत होने के बाद सरकारी आवास खाली नहीं किया जाना दुखद है।

उन्होंने कोर्ट से इस सम्बन्ध में उचित आदेश पारित करने का अनुरोध किया है, ताकि सेवानिवृत जज अपने सरकारी आवास को खाली कर दे।

बाजार बढ़त के साथ हरे रंग में बंद हुए; सेंसेक्स 59000 के ऊपर, निफ्टी 17562 पर बंद हुए।

हफ्ते के दूसरे दिन यानी मंगलवार को बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 514 पॉइंट चढ़कर 59,005 पर और निफ्टी 165 पॉइंट चढ़कर 17,562 पर बंद हुआ।

घरेलू शेयर बाजारों ने मंगलवार को कारोबारी सत्र के पहले भाग के लिए मामूली लाभ और हानि के बीच उतार-चढ़ाव किया, लेकिन बाद में बैलों ने नियंत्रण कर लिया, जिससे दलाल स्ट्रीट लाभ के साथ बंद हो गई। स्मॉलकैप सूचकांकों को छोड़कर व्यापक बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स चार्ट (21.09.21) एक नजर में

पावर और ऑटो को छोड़कर, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे रंग में बंद हुए, रियल्टी, आईटी और मेटल इंडेक्स 2-3 फीसदी ऊपर रहे। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स करीब 1 फीसदी चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2 फीसदी चढ़ा।

बैंक निफ्टी ने रिकवरी के साथ 37,235 पर बंद किया। स्मॉलकैप सूचकांकों को छोड़कर व्यापक बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। भारत VIX घाटे में रहा। बजाज फाइनेंस 5% ऊपर बंद होने पर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, इसके बाद इंडसइंड बैंक,
टाटा स्टील और आईटीसी का स्थान रहा। मारुति सुजुकी इंडिया सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेंसेक्स घटक था, जिसमें 2.5% की गिरावट आई, इसके बाद बजाज ऑटो, नेस्ले इंडिया और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन का स्थान रहा।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

अमेरिकी फेडरल रिजर्व मंगलवार और बुधवार को मिलने वाला है क्योंकि निवेशक इस बात की तलाश कर रहे हैं कि वह अपनी बॉन्ड खरीद पर कब वापस आना शुरू करेगा।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 24 शेयर्स बढ़त के साथ और 6 शेयर्स कमजोरी के साथ बंद हुए। बीएसई पर कारोबार के दौरान 169 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 30 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

अररिया में खुलेगा ब्लड बैंक

अररिया में खुलेगा सरकारी ब्लड बैंकः मंगल पांडेय
प्रदेश में सरकारी ब्लड बैंक की संख्या हुई 39
बांका, अरवल में सरकारी ब्लड बैंक खुलेंगे शीघ्र
भागलपुर को मिलेगा एक और सरकारी ब्लड बैंक

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि अररिया में सरकारी ब्लड बैंक खुलेगा। ड्रग कंट्रोलर जेनरल ऑफ इंडिया ने अररिया में सरकारी ब्लड बैंक खोलने के लिये लाइसेंस जारी कर दिया। बांका और अरवल जिला में एक एक ब्लड बैंड खोलने और भागलपुर में एक और सरकारी ब्लड बैंक खोलने की प्रकिया चल रही है। इसके अलावा शिवहर, सुपौल और मोतिहारी में भी ब्लड बैंक जल्द से जल्द प्रारम्भ करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

श्री पांडेय ने कहा कि अररिया में ब्लड बैंक शुरू होने के साथ ही प्रदेश में सरकारी ब्लड बैंक की संख्या 39 हो जायेगी। फिलहाल प्रदेश में कुल 94 ब्लड बैंड संचालित हो रहे हैं। इनमें से तीन रेडक्रास द्वारा संचालित हो रहे हैं, शेष ब्लड बैंक प्राइवेट हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने को लेकर निरंतर प्रयास कर रही है। इसके लिये हर जिला में सरकारी ब्लड बैंक खोलने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने स्वस्थ लोगों से रक्तदान में बढ़चढ़ कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान से बढ़ कर कोई बड़ा पुण्य नहीं होता है।

श्री पांडेय ने कहा कि हर साल समय पर रक्त नहीं मिलने के कारण की लोगों की असमय मौत हो जाती है। आपके रक्त से कई जरूरतमंद की जान बच सकती है। कोई भी स्वथ्य पुरुष तीन माह के बाद यानी साल में चार बार और कोई भी स्वस्थ महिला चार माह के बाद यानी साल में तीन बार रक्तदान कर सकती हैं।

महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्य बनता जा रहा है बिहार

बिहार महिलाओं और लड़कियों के लिए सबसे अनसेफ राज्य बनता जा रहा है वैशाली की सुप्रिया का मामला अभी सुलझा भी नहीं है कि पश्चिम चंपारण से एक स्कूली छात्रा से गैंगरेप की खबर आ गयी और इन सब के बीच एक बड़ी खबर ये आ रही है कि राजस्थान कोटा से अपने पति से मिलकर लौट रही एक विवाहिता के साथ पटना में गैंगरेप की घटना को टैम्पू चालकों ने मिल कर अंजाम दिया है ।

खबर आ रही है कि राजस्थान के कोटा से पटना जंक्शन उतरकर मुजफ्फरपुर की बस पकड़ने स्टैंड जाने के लिए निकली महिला और उसकी तीन साल की बेटी को बेहोश कर टेम्पो में बैठे लोगों ने अगवा कर लिया। और दो दिनों तक चार लोग बेटी की हत्या का भय दिखाकर महिला से गैंगरेप करता रहा। तीसरी रात बेटी समेत महिला को एक अपराधी बाइक से फोरलेन पर छोड़ आया।

महिला के बयान पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार वह मूलत: मोतिहारी की है, लेकिन पति के साथ कोटा में रहती है। इस बार वह कोटा से तीन साल की बेटी के साथ आई थी। 16 सितंबर की शाम पटना जंक्शन उतरी तो बस स्टैंड जाने के लिए हरा-पीला रंग के टेम्पो पर सवार हुई। टेम्पो पर चालक के अलावा दो और लोग थे।

इन्हीं में से एक ने गर्मी अधिक होने की बात करते हुए मुंह के पास रूमाल झाड़ दिया। उसके बाद उसे कुछ पता नहीं चला। अगली सुबह 5 बजे उसे एक फर्टिलाइजर दुकान में होश आया। टेम्पो पर सवार दो के अलावा यहां महिला को दो और लोग दिखे।

18 सितंबर को आधी रात के बाद मणि नाम के बदमाश ने उसे बाइक से पटना-बख्तियारपुर फोरलेन पर छोड़ दिया। महिला ने चारों की बातचीत में मणि, पंकज, संतोष और सोनू का नाम सुना। पुलिस ने सोतीचक से सोनू व दरियापुर गांव से पंकज को गिरफ्तार किया है। डीएसपी के मुताबिक मणि व संतोष की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

गिरफ्तार सोनू और पंकज के अनुसार मणि ने रूमाल झाड़कर महिला और उसकी बेटी को बेहोश किया था। फिर महिला-बेटी को दोनों ने जीरो माइल के पास उतार लिया। संतोष ने महिला को बीमार और बच्ची को सोया बताकर दूसरा टेम्पो लिया और यहां से सुडीहा स्थित ऋद्धि-सिद्धि फर्टिलाइजर दुकान में उतारा। सोनू और पंकज को सिटी कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि महिला को मेडिकल और 164 में बयान के बाद उसके परिजनों के पास भेज दिया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जंयती राजकीय सम्मान के साथ मनाया गया

उपमुख्यमंत्री ने भोला पासवान शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
पटना 21 सितंबर 2021

स्थानीय श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल के प्रांगण में आयोजित राजकीय समारोह में स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री की जयंती के अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने उनके तैल चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री एक प्रखर राष्ट्रवादी राजनेता थे। वे तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उनका व्यक्तित्व अनुकरणीय है। उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को सदा याद रखा जाएगा।

इस अवसर पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेसी सिंह, विधायक श्री संजीव चौरसिया, पटना के जिलाधिकारी डॉ० चंद्रशेखर सिंह, अपर समाहर्ता श्री विनायक मिश्र सहित जिला प्रशासन से वरीय पदाधिकारीगण एवं स्थानीय गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों द्वारा भजन-कीर्त्तन के कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

बिहार को दहलाने की किसने रची है साजिश

“तमाशबीन हूँ मैं “
ऐसी कौन सी ताकत है जो बिहार को दहलाने की साजिश रच रहा है । दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए दो ISI एजेंट से प्राप्त इनपुट के आधार पर रेलवे सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त ए.के लाल ने आतंकी कार्रवाई को लेकर बिहार के 13 जिलों के SP सहित रेल पुलिस को अलर्ट रहने का आदेश दिया है।

RPF के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, सुपौल, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, मधुबनी, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया SP सहित रेल पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर व कटिहार को पत्र जारी कर भेजा है।

दूसरी खबर बेगूसराय से है जहां विधायक के भाई के गांड़ी चालक के घर से पहले यह खबर आयी थी की दो एके47 राइफल और 200 गोली के साथ साथ 6 लाख रुपया कैस बरामद हुआ है ।अब बेगूसराय पुलिस एक एके 47 राइफल के बरामद होने की दबी जुबान से स्वीकार कर रही है। आज एसपी मीडिया से इस मसले पर बात कर सकते हैं लेकिन बड़ा सवाल यह है कि एके 47 जैसा खतरनाक हथियार 200गोली और 6 लाख कैस किस बात की तैयारी के लिए जमा किया गया था क्यों कि इस तैयारी के साथ अपराधी किसी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है ।

बेगूसराय और उसके आसपास के अपराध पर नजर रखने वाले पूर्व और वर्तमान पुलिस अधिकारी के साथ साथ अपराध जगत पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ भी इस बरामदगी को लेकर हैरान है क्यों कि इस समय बेगूसराय में ना तो उस तरह का कोई गैंगवार चल रहा है और ना ही पंचायत चुनाव को लेकर ऐसी कोई गोलबंदी चल रही है जिसको लेकर इतनी बड़ी तैयारी कि जाये तो फिर ये जखीरा किसके लिए जुटाया गया था एक बड़ा सवाल है ।

क्यों कि बेगूसराय पुलिस जिस दबाव में है उससे लग रहा है कि यह मामला साधारण नहीं है कही ना कही इसके पीछे बड़ी साजिश है ।देखिए आगे आगे होता है क्या लेकिन एक यक्ष सवाल है बिहार जहां अभी भी स्टेट थोड़ा सोफ्ट है ऐसे में ISI बिहार को निशाने पर क्यों लेगा ।बड़ा सवाल है क्यों कि बिहार में छुपने या फिर नेपाल जाने का सबसे सहज मार्ग है ऐसे में कोई भी आंतकी संगठन अमूनन इस तरह के इलाके में आतंकी घटना को अंजाम देने से बचता है यह साधारण फर्मूला है ऐसे में कुछ दिन पूर्व दरभंगा स्टेशन के पार्सल से विस्फोटक मिलना ।

रेलवे आयुक्त द्वारा बिहार के 13 जिलों को अर्लट भेजना यह क्या दर्शाता है ।जबकि बीते कई वर्षो से आतंकवादियों के पनाह देने या फिर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने कि बात पहले जैसे सामने नहीं आयी है जब की एक दौड़ ऐसा भी था जब पूरे देश में दरभंगा मॉड्यूल एक बड़ी आतंकी गैंग और सोच के रुप में उभरा था ।भटकल के गिरफ्तारी के बाद कोई गतिविधि देखने को नहीं मिल रही है ।

ऐसे में इस तरह का अलर्ट और फिर एके 47 जैसा हथिहार का मिलना सवाल तो खड़ा करता है कि कोई है जो बिहार को दहलाना चाह रहा है कोई जो है बिहार के शांति में खलल डालना चाह रहा है ।
क्यों कि गाँधी मैदान ब्लास्ट के पीछे किसने साजिश रची थी यह सवाल आज भी अनुत्तरित है ।

हजारों वकील के बैंक खाते का डाटा हुआ लीक मचा अफरातफरी।

पटना हाईकोर्ट कैंपस स्थित एस बी आई ब्रांच से कथित तौर पर वकीलों के बैंक खातों की डिटेल्स लीक होने की आशंका के वकीलों मैं अफरातफरी मच गई। आज पटना हाई कोर्ट के कई वकीलों ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये शिकायत की गई कि उन्हें अनजान नंबर से कॉल आया।

वकीलों ने बताया कि पटना हाई कोर्ट कैम्पस स्थित सबीआई शाखा में ऑनलाइन केवाईसी कराने को कहा गया । इस फोन पर उन्हें यह भी चेतावनी दी गयी कि अगर वकील लोग फोन के जरिये केवाईसी की जानकारी (रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर , आधार नम्बर व पैन नम्बर ) नही देंगे, तो तत्काल प्रभाव से उनका एकाउंट को ब्लॉक हो जाएगा ।

वकीलों ने इसे साइबर क्राइम का दर्जा देते हुए प्रशासन से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की गुहार लगाई है | हाई कोर्ट के एक अधिवक्ता पतंजलि ऋषि ने इस मामलें साइबर थाने में एक शिकायत भी दर्ज किया है ।

कई अधिवक्ताओं ने संदेह जाहिर किया है कि यह काम बैंक कर्मियों की मिलीभगत से हो रहा है | अधिकांश वकीलों को ऐसे कॉल पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच मिले ।

उनमे से अधिकांश वकीलों का खाता हाई कोर्ट ब्रांच में तो कुछ वकीलों का खाता एसबीआई की अन्य शाखा में है ।

पीएमसीएच के पुनर्निमाण में घोटाला को लेकर हाईकोर्ट ने दिया आदेश ।

पटना हाईकोर्ट ने पीएमसीएच के पुनर्निर्माण व् सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में परिवर्तित करने हेतु दिए गए टेंडर में हुई अनियमितता के आरोप पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे इस आरोप सुनवाई कर एक उचित आदेश पारित करने का निर्देश दिया। इसके लिए कोर्ट ने तीन महीने की मोहलत दी।

ब्रजेश मिश्रा की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने मामलें की सुनवाई कर निष्पादित कर दिया। कोर्ट को याचिकाकर्ता के वकील राजीव कुमार सिंह ने बताया कि करीब 5500 करोड़ रुपये के इस ग्लोबल टेंडर का विज्ञापन एक भी विदेशी अखबार में नही प्रकाशित हुआ ।

टेंडर में सबसे कम बोली लगाने वाली कम्पनी के साथ टेंडर खत्म होने के बाद निर्माण प्रोजेक्ट की कीमत को संशोधित किया गया, वह केंद्रीय निगरानी आयोग और बिहार वित्त निगम के नियमों के विरूद्ध है ।

ऐसी गम्भीर अनियमितता राजकीय कोष के दुरूपयोग की ओर इशारा करता है । कोर्ट ने स्वास्थ विभाग के अपर मुख्य सचिव को इस मामलें की सुनवाई कर उचित आदेश करने को निर्देश देते हुए इसे निष्पादित किया।

एक बोरा यूरिया के लिए परेशान है बिहार का किसान

धान का कटोरा कहे जाने वाले सासाराम ,औरंगाबाद ,बक्सर और शेखपुरा जिले के धान उत्पादक किसान एक बोरा यूरिया के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। यूरिया खाद के लिए वे इतने परेशान हैं कि रोज-रोज हंगामा और सड़क जाम करने की नौबत आ रही है। इसके बाद भी आधी रात से ही किसान बिस्कोमान के गोदाम एवं दुकानों के सामने लाइन लगाकर खड़े रह रहे हैं।

किसानों की इस समस्या से विभाग को कुछ खास मतलब नहीं है। स्थिति यह है कि मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे किसानों की समस्या बढ़ती जा रही है। खाद नहीं मिलने से किसानों की धान की फसलों के नुकसान होने की पूरी संभावना है।

दो सप्ताह पूर्व बिस्कोमान दो सप्ताह पूर्व बिस्कोमान एवं प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों की अनुज्ञप्ति प्राप्त खाद दुकानदारों ने किसानों के बीच खाद का वितरण किया। संबंधित पदाधिकारी ने प्रत्येक किसान चार से पांच पाकेट खाद देने की बात कही थी। बाद में दो-दो पाकेट ही दिया जाने लगा।

यह किसानों के लिए यह पर्याप्त नहीं है। तीन दिन पूर्व भी खाद वितरण किया गया लेकिन शनिवार को वह समाप्त हो गया। हलसी प्रखंड को धान का कटोरा माना जाता है। प्रखंड में आठ हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में किसानों ने धान की खेती की है।

वैज्ञानिकों के अनुसार धान बुआई के बाद खरपतवार की निकौनी करके पौधे को हरा रखने एवं उसकी अधिक वृद्धि के लिए निम्कोटेड, नाइट्रोजन सहित अन्य रासायनिक पदार्थ युक्त यूरिया खाद का इस्तेमाल किसान करते हैं। इससे पौधा का विकास तेजी से होने के साथ ही अधिक उत्पादन होता है। इस मामले में जब राज्य के कृषि मंत्री से बात हुई तो उन्होंने खाद की किल्लत की बात तो स्वाकारी लेकिन कहां कि थोड़ा विलम्भ हो रहा है लेकिन किसान को समय पर खाद मिल जा रहा है ।

पटना हाईकोर्ट में फिजिकल कामकाज शुरु करने को लेक जल्द होगी बैठक

फिजिकल कामकाज शुरू करने को लेकर पटना हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी 21 सितम्बर 2021 को वकीलों के समन्वय समिति से मिलेगी। पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता संघों के समन्वय समिति के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि समन्वय समिति जस्टिस ए अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली कमिटी से मिलेगा।

उस कमिटी से मिल कर हाई कोर्ट में फिजिकल कामकाज प्रारंभ करने के मुद्दे पर बात चीत होगी। इससे पूर्व हाई कोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन, लॉयर्स एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के अध्यक्षों ने पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मिलकर हाई कोर्ट में फिजिकल कामकाज शुरू करने का अनुरोध किया था।

इसके बाद चीफ जस्टिस ने इस मामले में इन्हें हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी से मिलने को कहा है। हाई कोर्ट की सुरक्षा समिति से अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति की 9 सदस्यों की एक टीम कल मुलाकात कर इस विषय पर विचार विमर्श करेगा।

डवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सह समन्वय समिति के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, अजय कुमार ठाकुर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह व् अन्य सदस्य सुरक्षा कमिटी से भेंट कर वकीलों की समस्या रखेंगे।

पटना हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी में जस्टिस ए अमानुल्लाह, जस्टिस मोहित कुमार शाह और जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद शामिल हैं। हाई कोर्ट की सुरक्षा समिति से मिलने हेतु एक पत्र पटना हाई कोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों की ओर से भेजा जा चुका है।

भ्रष्टाचार को लेकर सीएम आज भी दिखे असहज

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 123 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यकम‘ में सामान्य प्रशासन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, पथ निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, परिवहन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, योजना एवं विकास विभाग, पर्यटन विभाग, भवन निर्माण विभाग, वाणिज्य कर विभाग, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग तथा गन्ना (उद्योग) विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी।

मुख्यमंत्री ने जनता के दरबार में हाजिर होकर लोगों की शिकायतें सुनीं। जनता दरबार में आये एक शख्स ने मुख्यमंत्री से दबंग मुखिया की करतूत की शिकायत करते हुए कहा कि मुखिया द्वारा सड़क का दो-तीन इंच ढलाई हुआ है और उसके बारे में बोलने पर हमको केस में फंसाया गया है। नल-जल का काम पूरा नहीं हुआ इसकी शिकायत पर वार्ड सदस्य एवं मुखिया के ससुर के द्वारा भी हमलोगों को झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। वर्ष 2016 से अब तक जितना काम मनरेगा का किया गया है, सभी काम जे0सी0बी0 से हुआ है। युवक की बात सुनकर मुख्यमंत्री ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

गोपालगंज के अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य श्री योगेंद्र मिश्रा ने मुख्यमंत्री से कहा कि मैं रिटायर्मेंट के बाद से जनसेवा करता आ रहा हूं। गांव की भौगोलिक परिस्थिति साफ बताती है कि उसे बिहार की बजाए यूपी का अंग होना चाहिए। आपसे आग्रह है कि मेरे गांव को उत्तर प्रदेश में शामिल करा दिया जाए। मुख्यमंत्री भी इस मांग को सुनकर चौंक गए और आवेदक को संबंधित विभाग के अधिकारी के पास भेज दिया।

बगहा, पश्चिमी चंपारण के श्री आशुतोष मणि पाठक ने कहा कि बगहा-1 प्रखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत मझौवां के अंतर्गत मेरे गांव के पास डेढ़ कि0मी0 लंबे चैनल (तिरहुत मेन कैनाल) के भर जाने से गांव में फसल बर्बाद हो जाता है और बाढ़ भी आ जाता है। वहीं हरनौत, नालंदा के श्री धनंजय कुमार ने कल्याण बिगहा बहादुर पथ के अंतर्गत द्वारिका बिगहा महाने नदी पर पुल निर्माण के संबंध में अपनी मांग रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समस्याओं के समाधान करने का निर्देश दिया।

एंकगरसराय, नालंदा के श्री राजीव कुमार ने गेहूं अधिप्राप्ति की राशि नहीं मिलने की षिकायत की तो वहीं मनेर, पटना के श्री ओम प्रकाश ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने के संबंध में शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

कोचस, रोहतास के श्री अभिषेक कुमार ने राशन कार्ड बनवाने को लेकर धांधली होने की शिकायत के साथ-साथ रिश्वतखोरी कर फर्जी लोगों के राशन कार्ड बनवाए जाने की बात कही तो वहीं असरगंज, मुंगेर के श्री विद्यानंद सिंह ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत अपने यहां तालाबों के जीर्णोद्धार के संबंध में शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस संबंध में आवष्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

चौसा ग्राम पंचायत में कार्यरत एक महिला न्याय मित्र ने मुख्यमंत्री से गुहार लगायी कि मेरे ग्राम पंचायत को नगर पंचायत में तब्दील कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद ग्राम कचहरी खत्म होने से मैं न्याय मित्र के पद पर काम नहीं कर पा रही हूॅ। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने नए सिरे से नियोजन में एडजस्ट किए जाने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि ऐसे ग्राम पंचायत से जो अब नगर पंचायत में तब्दील हो चुके हैं और जहां ग्राम कचहरी की व्यवस्था खत्म हो चुकी है। उन जगहों पर काम करने वाले न्याय मित्रों को दूसरी जगह नियोजित करने की कार्रवाई करें।

शेखपुरा के बरबीघा से आए एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि उद्योग विभाग में मेरी पत्नी के नाम पर फर्जी दस्तखत करके सब्सिडी की निकासी करा ली गई है। यह बड़ा घोटाला है और तत्कालीन उद्योग मंत्री और राजद नेता की मिलीभगत से बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। राजद नेता के बेटे के नाम पर कंपनी है उसी ने घोटाला किया है। यह सुन मुख्यमंत्री ने तुरंत जांच के आदेश दिये।

पटना के एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की है। फरियादी ने आगे बताते हुए कहा कि उस समय उद्योग विभाग के मंत्री से हमने इस बात की शिकायत की तो आरोपी ने मंत्री से मिलकर मामले को रफा-दफा करा दिया। यह शिकायत सुन मुख्यमंत्री ने तुरंत उद्योग विभाग को निर्देष दिया कि इस मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई करें।

शेखपुरा से आये एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से शिकायत किया कि पैक्स में धान बेचने के सालभर बाद भी पैसे का भुगतान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस समस्या के समाधान करने का निर्देश दिया।

‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, ऊर्जा सह योजना एवं विकास मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, उद्योग मंत्री श्री शाहनवाज हुसैन, जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, कृषि मंत्री श्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री रामप्रीत पासवान, पंचायती राज मंत्री श्री सम्राट चौधरी, सहकारिता मंत्री श्री सुबाष सिंह, गन्ना उद्योग मंत्री श्री प्रमोद कुमार, पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री श्री मुकेश सहनी, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री जयंत चौधरी, लघु जल संसाधन मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, परिवहन मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री नीरज कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0सिंघल, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, संबंधित विभागों के अन्य वरीय अधिकारी, पटना के जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक श्री उपेंद्र शर्मा उपस्थित थे।

‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के पष्चात् मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि हमलोग शुरु से कह रहे हैं कि छह माह में छह करोड़ से ज्यादा टीकाकरण करेंगे। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर हमलोगों ने तय किया था कि कम से कम 30 लाख टीकाकरण करेंगे लेकिन इस लक्ष्य को पार करते हुए 33 लाख से अधिक टीकाकरण किया गया। टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। हमलोग निश्चित रुप से वैक्सिनेशन का काम तेजी से जारी रखेंगे। केंद्र सरकार से जो वैक्सीन मिलनी चाहिए वो मिल रही है।

इसको लेकर हमारी सरकार के लोग केंद्र से बातचीत करते रहते हैं। निरंतर केंद्र से वैक्सीन की सप्लाई हो रही है। वैक्सीनेशन का काम तेजी से काम किया जा रहा है। इसको लेकर सभी लोग अलर्ट और सक्रिय हैं। वैक्सीनेशन महाअभियान की हमलोग लगातार जानकारी लेते रहे। 17 सितंबर की रात में ही 30 लाख से ज्यादा वैक्सीनेशन होने की जानकारी मिल गई थी। अगले दिन सुबह में हमलोगों को बताया गया कि एक दिन में 33 लाख से ऊपर वैक्सिनेशन हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग शुरु से ही इस बात पर जोर देते रहे हैं कि कोरोना की जांच के लिए भी निश्चित तौर पर काम करते रहना है। कोई बाहर से आ रहा है उसकी वजह से 6-7 केस कहीं-कहीं से निकल जा रहा है। कोरोना से ज्यादा प्रभावित राज्यों से आने वाले लोगों के जांच का प्रबंध किया गया है ताकि इसकी पहचान हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण का डोज छह करोड़ से भी ज्यादा बढ़ेगा। आप समझ लीजिए कि फर्स्ट डोज जिसका हो चुका है उसके सेकेंड डोज का भी तो टीकाकरण चल रहा है। दूसरे डोज के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि सभी लोगों को दूसरी डोज भी पड़ जाए।

मगही और भोजपुरी भाषा को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री के बयान से संबंधित प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को इसका एहसास नहीं कि बिहार एक था बिहार तो 2000 में दो हिस्से में बंटा। बिहार के लोगों को झारखंड के प्रति पूरा का पूरा प्रेम है और झारखंड के लोगों को भी बिहार के प्रति प्रेम है। पता नहीं पॉलिटकली लोग क्या बोलते हैं ये बात समझ में नहीं आती। झारखंड के एक एक आदमी के प्रति हमलोगों की श्रद्धा है। बिहार-झारखंड तो भाई है, एक ही परिवार के सबलोग हैं। वैसे तो पूरा देश के लोग एक परिवार के हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब बिहार और झारखंड एक था तब लोग काम करने झारखंड जाते थे लेकिन अब कोई नहीं जाता है। बिहार का बंटवारा होने के बाद बिहार के लोगों में काफी मायूसी आ गयी थी। झारखंड के अलग हो जाने के बाद लोगों को लगा था कि बिहार बर्बाद हो जायेगा, बिहार में कुछ नहीं बचेगा लेकिन ये सब धारणायें गलत साबित हुई। बिहार का तेजी से विकास हो रहा है। बिहार में कई संस्थानों की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को झारखंड के प्रति कोई गलत धारणा नहीं है। लोग एक दूसरे की इज्जत करते हैं। इसी तरह झारखंड के लोगों का भी बिहार के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव है। पता नहीं लोग ऐसी बात क्यों बोलते हैं?

मगही और भोजपुरी बोलने वालों को झारखंड के मुख्यमंत्री द्वारा दबंग कहे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई दबंग नहीं है। ऐसी बात नहीं सोचनी चाहिए। अलग-अलग भाषा बोलने वाले लोग विभिन्न राज्यों में रहते हैं। बिहार के ही कुछ इलाकों में बंगाल की भाषा बोली जाती है। इसी तरह उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुछ इलाकों में भी बिहार की भाषा बोली जाती है। भाषा को लेकर ऐसी सोच ठीक नहीं है। अगर किसी को कोई राजनीतिक लाभ लेना है तो वह अलग बात है। हमलोग ऐसी बात कभी नहीं सोचते हैं। हमलोगों का झारखंड के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव है।

बिहार को दहलाने की रची गयी है साजिश दिल्ली पुलिस का बडा खुलासा

बिहार को दहलाने की साजिश का खुलासा दिल्ली पुलिस ने किया है । दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए दो ISI एजेंट से प्राप्त इनपुट के आधार पर समस्तीपुर रेल मंडल अलर्ट पर है। इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त ए.के लाल ने आतंकी कार्रवाई को लेकर 13 जिलों के SP सहित रेल पुलिस को अलर्ट रहने का आदेश दिया है।

RPF के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, सुपौल, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, मधुबनी, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया SP सहित रेल पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर व कटिहार को पत्र जारी कर भेजा है। इसमें उन्होंने अपने स्तर से सुरक्षात्मक कार्रवाई करते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों और थानाध्यक्ष को निगरानी रखने का निर्देश दिया है।

RPF के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने जारी पत्र में लिखा है- ‘दिल्ली पुलिस ने दो ISI पाकिस्तानी आतंकी को पकड़ा है। इनके हवाले से पता चला है कि देश के विभिन्न जगहों पर पुल-पुलिया, रेलवे ट्रैक, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर RDX विस्फोटक का प्रयोग कर उन्हें क्षतिग्रस्त करने की मंशा है। ऐसे में रेलवे सुरक्षा बल की यह कोशिश है कि किसी तरह की भी घटना नहीं घटे। इसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करें।’

सबसे बड़ी बात यह है कि इस समय बिहार में दुर्गापूजा दिपावली और छठ होता है और इस दौरान बड़ी संख्या में लोग आते हैं । ऐसे में ट्रेनों के माध्यम से आवाजाही काफी अधिक बढ़ जाती है। इस संबंध में मंडल सुरक्षा आयुक्त ए.के लाल का कहना है- ‘रेलवे के पुल-पुलिया, ट्रैक के कई दायरे राज्य सुरक्षा के अधीन आते हैं। ऐसे में रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा गया है।’

मेरे गांव को यूपी में मिला दीजिए कोई बुनियादी सुविधा नहीं है

जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान आज 143 शिकायत आई जिसमें अधिकांश सेवा से सम्बन्धित मामले था आज ग्रामीण कार्य ,पंचायती राज,पथ निर्माण,कृषि विभाग से जुड़ी शिकायतें सुनी गयी लेकिन एक ऐसा मामला आया जिसको सूनकर सीएम हैरान रह गये ।

गोपालगंज से आए इंटर कॉलेज के रिटायर प्राचार्य योगेंद्र मिश्र ने अपने गांव को उत्तर प्रदेश राज्य में मिलाने की मांग रख दी। पूर्व शिक्षक ने बताया- ‘मेरे गांव से उत्तर प्रदेश का कुशीनगर जिला महज 1 किलोमीटर की दूरी पर है। गांव की भौगोलिक स्थिति इस बात का संकेत देती है कि उसे बिहार के बजाय UP में होना चाहिए।’

पूर्व प्राचार्य योगेंद्र मिश्र ने बताया- ‘1978 से लगातार जन सेवा कर रहे हैं। अपने वेतन के पैसे से गांव की सड़क की मरम्मत करते रहे हैं। अब पेंशन पर हैं, फिर भी जनसेवा लगातार जारी है।’ वह जब CM के सामने पहुंचे तो अपना परिचय एक कविता सुना कर दिया।

CM ने पहले उनकी पूरी बातों को गंभीरता से सुना, लेकिन अंत में उन्होंने जब यह कहा कि उनके गांव को UP में शामिल करा दिया जाए तो वह हंसने लगे और फिर उन्हें पथ निर्माण विभाग के पास जाने को कहा।हलाकि इस तरह की समस्या कैमूर के लोग भी झेल रहे हैं

वैश्विक गिरावट के दबाव में निफ्टी 17,400 के नीचे, सेंसेक्स 525 अंक टूटा; निवेशकों को 3.78 लाख करोड़ रुपये का नुकसान।

सोमवार को बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान ऊपरी स्तर से सेंसेक्स 813 पॉइंट और निफ्टी 261 पॉइंट फिसला और अंत में सेंसेक्स 525 पॉइंट गिरकर 58,491 पर और निफ्टी 188 पॉइंट गिरकर 17,397 पर बंद हुआ।

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सेंसेक्स चार्ट (20.09.21) एक नजर में

एफएमसीजी को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स मेटल इंडेक्स में करीब 7 फीसदी की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में करीब 2 फीसदी की गिरावट आई। टाटा स्टील 10%, एसबीआई 4% गिरा ।

हिंदुस्तान यूनिलीवर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, जो 2.96% अधिक था, इसके बाद बजाज फिनसर्व और आईटीसी थे। टाटा स्टील के शेयरों में 9.53% की गिरावट आई, इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक, इंडसइंड बैंक और एचडीएफसी का स्थान रहा।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

भारत VIX दिन के दौरान 14.85 फीसदी की तेजी के साथ 17.49 पर बंद हुआ। डॉव जोन्स वायदा सोमवार को 500 अंक नीचे कारोबार कर रहा था, जो आज बाद में अमेरिकी शेयर बाजारों के लिए अशांत शुरुआत का संकेत दे रहा था।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 23 शेयर्स कमजोरी के साथ और 7 शेयर्स बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई पर कारोबार के दौरान 228 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 25 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

आज से शुरु हो गया विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला लेकिन इस बार सिर्फ पिंडदान का होगा कार्यक्रम

आज से विश्व प्रसिद्ध गया पितृपक्ष मेला फल्गु नदीं में स्नान के साथ ही शुरु हो गया है हलाकि इस बार भी कोरोना का असर मेले पर साफ दिख रहा है। बाहर के प्रदेशों से लोगों का इस बार भी आना कम ही हुआ है ।पिंडदान कर्मकांड अगले 17 दिनों तक यानि 6 अक्टूबर को अंतिम स्नान के साथ समाप्त हो जायेंगा हलाकि कर्मकांड से जुड़े पंडितों का कहना है कि दो तीन दिनों में पहले जैसा रोनक देखने को मिलेगा।


प्रशासन के सख्त निर्देश को देखते हुए इस बार कोविड-19 गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है। मास्क, सैनिटाइजर व आपस में दूरी रखने की सलाह तीर्थयात्रियों को दिया जा रहा है। एक जगह पर तीर्थयात्रियों की भीड़ ज्यादा ना हो इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है।

विगत 2 सालों से कोरोना के कारण पिंडदान कर्मकांड बंद था, जिस कारण इस कार्य में लगे पंडित की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। इस बार पितृपक्ष मेला की स्वीकृति नहीं दी गई, लेकिन पिंडदान कर्मकांड की स्वीकृति सरकार ने दी है, इससे लोगों को थोड़ी आस जगी है।

जिला पदाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि पितृपक्ष मेला नहीं लगेगा, लेकिन गया आने वाले पिंडदानियों को कर्मकांड करने से नहीं रोका जाएगा। उन पिंडदानियों को कोरोना गाइडलाइन के तहत कर्मकांड करना है और इसकी निगरानी भी की जाएगी। नगर आयुक्त सावन कुमार ने बताया कि मेला नहीं लगेगा, लेकिन पिंडदानियों के आगमन की संभावना को देखते हुए मेला क्षेत्र में सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई स्थानों पर शिविर लगाकर कोरोना जांच व टीकाकरण किया जाएगा।

राजनीति में आधी आबादी और युवा कैसे अपनी जगह बनाये लोकत्रंत के सामने ये बड़ी चुनौती है

बात कोई दो वर्ष पूरानी है एक दिन दिल्ली से किसी महिला अधिकारी का बिहार के किसी मामले को लेकर फोन आया बात आयी चली गयी। कुछ दिनों के बाद फिर कोई ऐसा वाकया बिहार से जुड़ा हुआ था उसको लेकर बातचीत हुई और फिर धीरे धीरे बातचीत का सिलसिला बढ़ता चला गया ।

एक दिन वो बतायी की मैं बिहार आ रही हूं मैंने पुंछा क्यों वो बतायी की मेरा कांलेज शिक्षक में हो गया है कल दिल्ली वाली नौकरी से रिजाइन भी दे दिए हैं अगले माह ज्वाइन कर लेगें चलते चलते मैं सिर्फ इतना ही कहा यह निर्णय सही है ।दस मिनट बहस भी हुई उसका तर्क यही था कि बिहार के बदलाव में मैं भी कुछ योगदान करना चाहती हूं ।

एक वर्ष से अधिक हो गया उसका बिहार आये हुए, बदलाव को लेकर जिस सोच के साथ वो आयी थी उसको लेकर नीत नयी प्रयोग करती रहती है। इस दौरान क्या समस्याएं आ रही है उस पर अक्सर बात होती रहती है एक महिला को बिहार के प्रवेश में अकेले रहना आज भी कितना मुश्किल है इसको लेकर कई घटनाओं का जिक्र मुझसे कि है, मैं तो हैरान हूं कितना मुश्किल है आज भी बिहार में अकेले महिला को घर छोड़कर बाहर नौकरी करना हलाकि इस पर चर्चा बाद में करेंगे ।

राजनीति शास्त्र की प्रोफेसर हैं तो स्वभाविक है चर्चा के केन्द्र में राजनीति रहेगा ,अक्सर वो बिहार की राजनीति को लेकर मुझसे सवाल करती रहती है मैं सिर्फ बिहार की राजनीति से जुड़ी सूचना देता हूं ।कुछ दिन पहले दरभंगा के ग्रामीण कार्यविभाग में कार्यरत इंजीनियर के पास से बरामद पैसे को लेकर मैं स्टोरी चला रहा था ।

एक दिन उसका फोन आया इस इंजीनियर पर सरकार कारवाई क्यों नहीं कर रही है मैंने उसे बता दिया कि सरकार के मजबूत नेता का इसको संरक्षण प्राप्त है> मुझे नहीं मालूम था कि उस नेता को लेकर उसके मन में बड़ा आदर भाव है ,इसी तरह से सवाल करती रहती है कभी प्रशांत किशोर को लेकर तो कभी कन्हैया को लेकर तो कभी रितू जयसवाल को लेकर तो कभी माले के नवनिर्वाचित विधायक को लेकर मुझे इन सब के बारे में जो इनसाइड स्टोरी है वो बताते रहते हैं ।

कैसे कन्हैया को बेगूसराय में हराने के लिए बिहार के सारे वामपंथी पार्टियां एक साथ खड़ी थी और इस खेल में राजद क्यों शामिल था ,अंबानी ग्रुप इस खेल कैसे शामिल हुआ ये सब बताते रहते हैं ।प्रशांत किशोर की राजनीति का जो माँडल है उस माँडल के लिए प्रयाप्त पैसा चाहिए ऐसे में कल इस देश का पीएम अंबानी और अंडानी का बेटा बन जाये तो कोई बड़ी बात नहीं है, क्यों कि देश की राजनीति जिस मॉडल पर आगे बढ़ रही है आने वाले समय में इस देश में लोहिया ,कर्पूरी ठाकुर ,रामविलास पासवान और लालू ,मुलायम ,नीतीश और सुशील मोदी जैसे साधारण परिवार जन्मे व्यक्ति जिस उंचाई तक पहुंच गये अब वो होने वाला नहीं है ।

आज बिहार की राजनीति में परिवार के बाहर कही किसी कोने से थोड़ी सी भी जो उम्मीद की किरणें दिख रही है उसके पीछे का सच वहीं है जो आप आज की राजनीति में देख रहे हैं टिकट के लिए पैसा देना होगा। फिर चुनाव लड़ना है तो पांच करोड़ खर्च करने होंगे।

बिहार में जो भी युवा चेहरा दिख रहा है जो कुछ बदलाव की बात कर रहा है उन सबके पीछे का सच यही है कि वो किसी ना किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ना चाह रहा है ।ताकी वो विधायक ,सांसद बन सके।

मेरा अनुभव तो यह है कि ऐसे युवा चेहरा आज की राजनीति में जो लोग हैं उन्हें लोकतंत्र में कोई बदलाव हो इससे कोई मतलब नहीं है लोकतांत्रिक संस्थान से कोई मतलब नहीं है बस पावर कैसे मिले उसकी सोच इससे आगे नहीं है ।क्यों कि आपका साध्य – वह लक्ष्य , मंज़िल या मुकाम है -जहाँ आप पहुँचना चाहते हैं साधन -वह सब जिसका उपयोग आप करते हैं उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए। वो ईमानदार नहीं रहेंगा तो फिर उससे बदलाव की उम्मीद करना बेमानी है ।

बिहार की राजनीति को लेकर इस तरह की चर्चा इससे अक्सर होती रहती है संयोग से किसी बात को लेकर मैं उसको कल फोन किया बातचीत चल ही रहा था कि उसने ऐसी बात कह दी कि मैं हैरान रह गया । पहली बार मुझे पता चला कि दिल्ली में सरकारी नौकरी छोड़कर ये बिहार इसलिए आयी थी कि वो सक्रिय राजनीति में शामिल होना चाहती थी और इसी उदेश्य को प्राप्त करने के लिए प्रोफेसर की नौकरी ज्वाइन की थी लेकिन अब इसका इरादा बदल गया है एक सप्ताह पहले इसके पति जो सरकारी अधिकारी है मिलने आये थे ।

तचीत में बोली की अब राजनीति में नहीं जाना है, जनाब हैरान थे जिस वजह से ये दिल्ली की नौकरी छोड़ी, शादी के शर्त में एक शर्त ये भी था की मुझे आप सक्रिय राजनीति में जाने से रोक नहीं सकते हैं .वो लड़की अचानक आज कह रही है कि राजनीति मेरे बस की बात नहीं है आज की राजनीति में कुछ भी बदलाव की बात सोचना बेमानी है अब कुछ अलग तरीके से सोच रहे हैं पति महोदय हैरान थे आखिर इसका आत्म परिवर्तन कैसे हो गया पता चला पत्रकार संतोष सिंह का प्रभाव है ।

खैर ये अलग बात है लेकिन यह सच्चाई है कि आज की जो युवा पीढ़ी है वो बदलाव चाहता है लेकिन हर फिल्ड में सिस्टम इतना मजबूती के साथ खड़ा है कि वहां आप कुछ कर नहीं सकते हैं आज की युवा पीढ़ी के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है ।इसलिए जो जहां हैं सिस्टम में बदलाव को लेकर कोशिश जारी रखिए यही मूलमंत्र होगा देश को बदलने के लिए क्यों कि अब इस देश में फिलहाल किसी बड़े बदलाव या बड़े आन्दोलन की दूर दूर तक सम्भावना नहीं दिख रहा है जिससे निकले व्यक्ति से कुछ उम्मीद किया जा सके ।

कई जज का हुआ प्रमोशन !

सिविल जज (जूनियर डिवीज़न) कैडर के 19 न्यायिक पदाधिकारियों को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के कैडर में प्रोन्नति दी गई है। एक अधिसूचना पटना हाईकोर्ट के प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल जारी की है।

इस अधिसूचना के अनुसार शेखपुरा के मुंसिफ सह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम , जिगर शाह को प्रोन्नत्ति देते हुए इन्हें सब जज- सह- ए सी जे एम, शेखपुरा नियुक्त किया गया है। अगले आदेश तक अस्थाई रूप से पदस्थापित किया गया है।

एस डी जे एम (हिलसा) नालंदा देवेश कुमार को प्रोन्नत्ति देते हुए सब जज- सह- ए सी जे एम, हिलसा(बिहारशरीफ) नालंदा नियुक्त किया गया है तथा मुंसिफ- सह- न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी लखीसराय, महेश शुक्ला को लखीसराय का सब जज सह ए सी जे एम नियुक्त किया गया है ।

इसी प्रकार से पूर्णिया के मुंसिफ कुलदीप को सब जज सह ए सी जे एम पूर्णिया, जहानाबाद के मुंसिफ मनीष कुमार उपाध्याय को सब जज सह ए सी जे एम, जहानाबाद, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, पटना, अदित्य कुमार सिंह को सब जज सह ए सी जे एम, पटना, औरंगाबाद के मुंसिफ राहुल किशोरे को सब जज सह ए सी जे एम, औरंगाबाद, न्यायिक दण्डाधिकारी,प्रथम श्रेणी, माधवी सिंह को सब जज सह ए सी जे एम औरंगाबाद, (दरभंगा) बेनीपुर के मुंसिफ सह न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, संजय कुमार पांडेय को (दरभंगा) बेनीपुर का सब जज सह ए सी जे एम, (पूर्वी चंपारण) रक्सौल, मोतिहारी के मुंसिफ सह न्यायिक दण्डाधिकारी ,प्रथम श्रेणी, कौशलेंद्र कुमार शुक्ला को ( पूर्वी चंपारण) मोतिहारी का सब जज सह ए सी जे एम, पटना के प्रथम श्रेणी न्यायिक दण्डाधिकारी अरविंद कुमार सिंह को पटना का सब जज सह ए सी जे एम, नियुक्त किया गया है।

डेहरी(रोहतास) के मुंसिफ सह प्रथम श्रेणी न्यायिक दण्डाधिकारी, अदिति गुप्ता को रोहतास, सासाराम का सब जज सह ए सी जे एम, गया के मुंसिफ सह प्रथम श्रेणी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रकाश कुमार रॉय को गया का सब जज सह ए सी जे एम, शाहपुर पटोरी(समस्तीपुर) के मुंसिफ सह न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी अमरेन्द्र प्रसाद को शाहपुर, पटोरी, समस्तीपुर का सब जज सह ए सी जे एम, सासाराम(रोहतास) के मुंसिफ दिलीप कुमार रॉय को सासाराम, रोहतास का सब जज सह ए सी जे एम बनाया गया है। गोगरी(खगरिया) के मुंसिफ सह फर्स्ट क्लास जुडिशियल मजिस्ट्रेट राजीव कुमार को गोगरी खगरिया का सब जज सह ए सी जे एम, बखरी( बेगूसराय) के मुंसिफ सह फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट राम चन्द्र प्रसाद को बखरी, बेगूसराय का सब जज सह ए सी जे एम, बनमंखी(पूर्णिया) के मुंसिफ वीरेन्द्र प्रसाद को बनमंखी, पूर्णिया का सब जज सह ए सी जे एम, खगरिया के मुंसिफ नंद किशोर को खगरिया का सब जज सह ए सी जे एम नियुक्त किया गया है।

पटना हाईकोर्ट ने बड़े स्तर सीनियर जज का क्या तबादला

32 एडीजे स्तर के जज का हुआ तबादला हाईकोर्ट ने किया तबादला पटना हाईकोर्ट ने बिहार के विभिन्न जिलों में एडीजे के पद पर कार्यरत 32 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) को उनके जिला में ही जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार में सचिव के पद पर पदस्थापित किया है।

जिन एडीजे को जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार में सचिव बनाया गया है, उनमें धीरेन्द्र कुमार को अररिया , सर्वेश कुमार राय को बांका ,अनवर शमीम को बेगूसराय, अतुलवीर सिंह को भागलपुर, रंजीत कुमार को भोजपुर (आरा), धर्मेन्द्र कुमार तिवारी को बक्सर, जावेद आलम को दरभंगा, गौरव आनंद को पूर्वी चंपारण ( मोतिहारी), अंजू सिंह को गया , बिलेन्द्र शुक्ला को

पालगंज, देवेश कुमार को जमुई, राकेश कुमार को जहानाबाद, सुमित रंजन कैमूर भभुआ, समरेन्द्र गांधी को खगड़िया, रजनीश रंजन को किशनगंज, राजीव रंजन रमन को लखीसराय, प्रीतम कुमार रतन को मधुबनी, राजीव नयन को मुंगेर, सुभाष चन्द्र को मुज़फ़्फ़रपुर, मो मंजूर आलम को बिहार शरीफ नालंदा, अनिल कुमार राम की नवादा, संतोष कुमार झा की

टना,धीरज कुमार भास्कर को पूर्णिया, अमित राज को रोहतास (सासाराम), रवि रंजन को सहरसा, अभिषेक कुणाल को समस्तीपुर, नूर सुल्ताना की सारण (छपरा), विवेका नन्द प्रसाद को शेखपुरा , निशित दयाल को शिवहर, आशुतोष कुमार राय को सिवान, प्रवीण कुमार सिंह श्रीनेत को वैशाली और योगेश शरण त्रिपाठी को बेतिया पश्चिम चंपारण में जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार का सचिव बनाया गया है।हाई कोर्ट प्रशासन द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है.

महज सौ रुपये के लिए आरा में हुआ डबल मर्डर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी हुआ तेज

आरा डबल मर्डर मामले में आरा पुलिस का बड़ा खुलासा 100 रुपए के लिए हुई हैं हत्या । कबाड़खाने से ऑटो खरीदने को लेकर हुआ विवाद, अपराधी घर आकर 100 रुपए मांगने लगे, विरोध करने पर मार दी गोली
नगर थाना क्षेत्र के रघुटोला मोहल्ले में आज सुबह हथियारबंद अपराधियों ने दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। परिजनों का कहना है कि’अपराधियों ने महज 100 रुपए के लिए दोनों को मौत के घाट उतार दिया।

कारण बस यह था कि मृत रमेश यादव के बहनोई ने कबाड़खाने से दो दिन पहले एक टेम्पो खरीदा था। शनिवार को अपराधी रमेश यादव के घर पहुंचे और कहने लगे कि ये टेम्पो हम खरीदने वाले थे, लेकिन अब जब तुमने खरीद लिया है तो इसके लिए 100 रुपए दो। रमेश ने विरोध किया तो अपराधी ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। इसमें 2 गोली रमेश, 3 गोली वहां मौजूद एक बुजुर्ग को और एक गोली वहां से गुजर रहे युवक के पैर में लगी।’

bihar crime

SDPO हिमांशु ने भी स्वीकार किया है कि 100 रुपए के लेनदेन में हत्या हुई है ऐसा प्रारम्भिक जांच के दौरान बात सामने आयी है। डीएसपी ने कहा कि आसपास लगे सीसीटीवी के कैमरे के फुटेज को खंगाला जा रहा रहा है।इस घटना में दो की मौत हो गयी है और एक अन्य युवक घायल है।

उसका इलाज चल रहा है।’मरने वालों की पहचान रघुटोला वार्ड नंबर 34 निवासी स्व.यमुना राय के 65 वर्षीय पुत्र जनार्दन राय और दूसरा मृतक उसी मोहल्ले के निवासी रामबाबू यादव का 30 वर्षीय पुत्र रमेश यादव के रूप में हुई। रमेश के भाई कमलेश यादव ने बताया- ‘सुबह भाई घर के दरवाजे पर खड़ा था, तभी 6 हथियारबंद बदमाश आ धमके और जबरन 100 रुपए मांगने लगे।

बिहार की बेटी ने परचम लहराया कोविड महामारी के दौरान बेहतर कार्य करने के लिए गोल्ड मेडल से हुई सम्मानित

भारत तिब्बत सीमा पुलिस अकादमी,मसूरी के 44वें स्थापना दिवस पर डॉक्टर प्रिया भारती , असिस्टेंट कमांडेंट, (मेडिकल ऑफिसर), आई टी वी पी ( भारत तिबबत सीमा पुलिस) को कोविड – 19 के खतरनाक दूसरी लहर में अधिक ऊंचाई (मसूरी) पर प्रशिक्षण के बीच आपातकालीन स्थिति में रातो रात दिल्ली आकर कोरोना रोगियों की इलाज और उत्कृष्ट सेवा के लिए लगातार ( सेवा के दूसरे वर्ष में) महानिदेशक (डी जी) के द्वारा स्वर्ण पदक (गोल्ड मैडल) और प्रशस्ति पत्र को अकादमी के निर्देशक/महा निरीक्षक (आई जी) ने प्रदान किया है।

Priya Bharti

ज्ञात हो कि अपनी सेवा के पहले वर्ष में ही डॉक्टर प्रिया को कोविड रोगियों के इलाज और अपनी उत्कृष्ट सेवा के लिए रजत पदक प्राप्त हो चुका है।

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बिहार की बेटी के द्वारा लगातार इस उपलब्धि से परिवार के सदस्यों एवं रोसड़ा वासी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं तथा उज्जवल भविष्य एवं राष्ट्र सेवा के लिए शुभकामना दिया। ज्ञात हो कि डॉक्टर प्रिया भारती , सहायक सेनानी ( चिकित्सा पदाधिकारी) रोसरा के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं स्थापित समाजसेवी स्वर्गीय देवनन्दन सिंह की परपोती और डॉक्टर अमरेन्द्र कुमार सिंह की सुपुत्री है।

बिहार में बेलगाम हुए अपराधी

पटना में अपराधी किस कदर बेखौफ हो गए हैं, इसकी एक बानगी आज फिर देखने को मिली दिनदहाड़े मलाही पकड़ी जेवर लूट का मामला अभी सुलक्षा भी नहीं था कि आज अपराधियों ने कदम कुआं थाना क्षेत्र के बुद्ध मूर्ति के पास दिनदहाड़े जिम ट्रेनर को गोलियों से भून दिया है। उसे 5 गोली मारी गई है। जिम ट्रेनर का नाम विक्रम सिंह है। हालत गंभीर है।वारदात के बाद से पूरे इलाके में सनसनी मच गई।

विक्रम सिंह और उसका परिवार मूल रूप से बांका जिला का रहने वाला है। वारदात स्थल से कुछ दूरी पर ही उसका घर है। वहां किराए के मकान में परिवार रहता है। सुबह 25 वर्षीय विक्रम अपने घर से जिम जाने के लिए स्कूटी से निकला था। बुद्ध मूर्ति के पास 3 अपराधी हथियार लेकर पहले से खड़े थे।

से ही स्कूटी सवार विक्रम उनके नजदीक आया अपराधियों ने पिस्टल निकालकर बैक टू बैक गोली चलानी शुरू कर दी। गोली लगते ही विक्रम वहीं गिर गया। जबकि, अपराधी बड़े आराम से फरार हो गए।

घायल विक्रम को परिवार वाले PMCH लेकर पहुंचा जहां डॉक्टर जिम ट्रेनर की जिंदगी बचाने में जुटे हैं।दूसरी तरफ पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वारदात स्थल के आसपास लगे CCTV को खंगालने की कोशिशों में लगी है। अब तक अपराधियों की पहचान नहीं हो पाई है। वारदात के पीछे की वजह भी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

क्या नीतीश बीजेपी के हो गये।

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ब्लैक बोर्ड पर जिस अंदाज में लिख कर मोदी को बधाई दिये उसको लेकर राजनीतिक गलियारे में अपने अपने तरीके से मूल्यांकन शुरु हो गया है,
हलाकि नीतीश कुमार की यह शैली रही है कि वो अपने अंदाज में राजनीतिक संदेश छोड़ जाते हैं और इसके लिए नीतीश कुमार खुद होमवर्क करते हैं और फिर सब कुछ स्क्रिप्ट के अनुसार होता है ।

याद करिए 5 फरवरी 2017 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना के गांधी मैदान में आयोजित पुस्तक मेले के उद्घाटन के बाद पद्मश्री बौआ देवी के द्वारा बनाए कमल के फूल में रंग भरने लगे थे और उसके बाद बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया था ।इसकी मुझे पक्की जानकारी है कि यह सब पहले से तय था बौआ देवी को कमल का फूल बनाने के लिए कहा गया था और नीतीश कुमार आकर उस पर रंग भरेंगे ये पहले से तय था ।

nitishBJP

इसी तरह पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर ब्लैक बोर्ड को लगाया जाना और उस ब्लैक बोर्ड पर सीएम कुछ संदेश लिखेंगे ये सब स्क्रिप्ट पहले से तय था । 2017 में कमल के फूल पर रंग भर के जो संदेश देना चाह रहे थे इसकी वजह थी लालू प्रसाद तबादले और पोस्टिंग मामले में लगातार हस्तक्षेप कर रहे थे नीतीश इसको लेकर हमेशा असहज रहते थे इतना ही नहीं इस तरह का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था पैसा वसूली का खेल का केन्द्र बदलने लगा था।

हलाकि इस बार भी 2017 की तरह ही नीतीश कुमार सरकार चलाने को लेकर सहज नहीं है आज उनके साथ सुशील मोदी जैसा कोई वफादार साथी सरकार में नहीं है हर कोई एक दूसरे को संदेह की दृष्टि से देखता है। तबादले और पोस्टिंग को लेकर भी पहले की तुलना में नीतीश पर ज्यादा दबाव है और उससे भी बड़ी बात यह है कि नीतीश संख्या बल में बीजेपी से काफी नीचे हैं ।

तो मोदी के जन्मदिन पर दिये गये संदेश को क्या माना जाये नीतीश बीजेपी के संग हो गये ,तो फिर उपेन्द्र कुशवाहा का बिहार दौरा, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारणी में पीएम मटेरियल वाला प्रस्ताव को पास करना और फिर अंतिम क्षण में देवीलाल को लेकर आयोजित कार्यक्रम में के0सी0त्यागी के शामिल होने कि घोषणा दिल्ली में करना जहां तीरसे मोर्चें के गठन का संदेश दिया जाना तय है ।

NITISHKUMAR

उसी तरह यूपी में चुनाव लड़ने की जिद ,सीमाचल मुद्दे पर बीजेपी के मंत्री से त्यागपत्र मानना ये सब तो नीतीश कुमार के संदेश के ठीक विपरित चल रहा है बिहार की राजनीति पर विशेष नजर रखने वाले फूलेन्द्र कुमार सिंह आंसू का कहना है कि नीतीश और बीजेपी दोनों के सामने फिलहाल कोई विकल्प नहीं है बीजेपी को लेकर राजद अभी भी तैयार नहीं है ।

ऐसे में बीजेपी बिहार में अलग होने कि बात सोच भी नहीं सकता क्यों कि बिहार बीजेपी के पास नीतीश या लालू जैसा कोई लीडर नहीं है जो चुनाव जीता सके 2015 में मोदी की लोकप्रियता चरम पर थी फिर भी बिहार में औंधे मुंह गिर गये थे ऐसे में नीतीश के अलावे उसके पास कोई विकल्प ही नहीं है ।

वही नीतीश के साथ परेशानी यह है कि उनके पास संख्या बल नहीं है फिर भी उनका जो राजनैतिक संकल्प है उसके साथ पार्टी खड़ी रहे ये भी दिखना चाहिए। इसलिए आरसीपी सिंह को वो हटाये जबकि आरसीपी सिंह ललन सिंह से कही ज्यादा नीतीश कुमार के वफादार है ।

उपेन्द्र कुशवाहा का लाना और उनके सहारे अपने राजनैतिक संकल्प को बचाये रखने कि कोशिश करना, इसी तरह के0सी0त्यागी का देवीलाल को लेकर आयोजित कार्यक्रम में भेजना यह सब उसी संकल्प का हिस्सा है क्यों कि नीतीश ये समझ रहे हैं कि उनका राजनीति को लेकर जो संकल्प रहा है उसको जिंदा रखना जरुरी है क्यों कि उसी संकल्प के सहारे स्थिति जैसे ही अनुकुल होगी पाला बदल सकते हैं ।

लेकिन अभी वो स्थिति नहीं है राष्ट्रीय स्तर पर मोदी के खिलाफ उस तरह की गोलबंदी नहीं हो पायी है जैसे ही इस तरह की गोलबंदी शुरु होगी लालू दबाव में आयेंगे ही और नीतीश कुमार इसी पल का इन्तजार कर रहे हैं क्यों कि उस समय नीतीश कुमार राष्ट्रीय स्तर पर अपने राजनैतिक संकल्प के सहारे पीएम उम्मीदवार का चेहरा बन सकते हैं और लालू को बिहार की गद्दी का लालसा देकर उनका समर्थन प्राप्त कर सकते हैं ।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर भारत बांग्लादेश मुख्यमार्ग पर निर्मित टर्मिनल भवन राष्ट्र को समर्पित

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर भारत-बांग्लादेश मुख्यमार्ग पर पेट्रापोल यात्री टर्मिनल भवन-1 तथा एकीकृत जांच चौकी दोनों देशों के यात्रियों को समर्पित किया गया. इससे प्रत्येक वर्ष दोनों देशों के 3 लाख से अधिक यात्री लाभान्वित होंगे तथा दोनों देशों के बीच संबंध और प्रगाढ़ होंगे.

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानन्द राय ने कहा कि भारत-बांग्लादेश का मैत्रीपूर्ण संबंध मित्रता की महान मिसाल है. माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी इसका विशेष ख्याल रखते हैं कि इस दिशा में शेष कार्य भी शीघ्र पूरा हो और आवागमन एवं व्यापार सुगम हो सके.

अत: इस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. सबरूम डौकी, कावरपुइचा, निश्चिन्तपुर आदि में काम तेज गति से चल रहा है. भारत-बांग्लादेश के लिहाज से यह हर्ष का विषय है कि दोनों देशों के भूमि पत्तन प्राधिकरणों ने द्वितीय कार्गो गेट का शिलान्यास करके अपने संबंधों को और प्रगाढ़ किया है. वर्ष 2017 में दोनों देशों के माननीय प्रधान मंत्रियों द्वारा लैंड पोर्ट में उचित आधारभूत संरचना के निर्माण में सहयोग देने का निर्णय लिया था ।

उनकी इस मंशा को साकार करते हुए यह संयुक्त द्वार भविष्य के लिए दोनों प्राधिकरणों एवं दोनो देशों के बीच नए संपर्क का आह्वान करता है । आने वाले दिनों दोनों देशों के बीच पर्यटन और व्यापार क्षेत्र का विकास और तेज गति से होगा. आज जब भारत माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘आजादी का अमृत उत्सव’ मना रहा है तब ऐसे शुभ अवसर पर आज कार्यक्रम ख़ास महत्व वाला है और दोनों देशों के बीच मित्रता तथा सम्बन्ध गहरे करने का अवसर प्रदान करता है .

पेट्रापोल उद्घाटन कार्यक्रम में भारत के गृहराज्य मंत्री श्री निशीथ प्रमाणिक जी, बांग्लादेश के जहाजरानी राज्य मंत्री मो. खालिद महमूद चौधरी जी, सहित वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे.

IPL में एक और बिहारी को मिला एंट्री

आकाशदीप इस साल IPL के दूसरे चरण में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की तरफ से खेलेंगे। विराट कोहली की टीम में घायल खिलाड़ियों के कारण पांच परिवर्तन किए गए हैं, जिनमें चार विदेशी खिलाड़ियों के साथ एक भारतीय खिलाड़ी आकाशदीप को जगह मिली है।

आकाशदीप घायल वाशिंगटन सुंदर के स्थान पर टीम में शामिल किए गए हैं। लंबे कद, मजबूत कदकाठी के ऑलराउंडर आकाशदीप IPL-2 में भाग लेने दुबई पहुंच चुके हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, गांव और जिले के खिलाड़ियों में खुशी का माहौल है।

आकाशदीप बड्डी गांव के किसान परिवार से हैं। इनके पिता स्व. रामजी सिंह शारीरिक शिक्षक थे, जबकि माता लड्डूमा देवी गृहिणी हैं। साल 2009-10 में आकाशदीप सासाराम के न्यू स्टेडियम में क्रिकेट का प्रशिक्षण लेते थे। एक दशक पहले वो कोलकता चले गए।

वहां की कोचिंग से उन्हें फायदा मिला और वे क्लब क्रिकेट में चमके। फिर उन्हें बंगाल की टीम से रणजी ट्राफी 2018-19 में खेलने का अवसर मिला। इसके बाद IPL 2021 के प्रथम चरण में आकाशदीप को रॉयल चैलेंजर्स ने रिजर्व खिलाड़ी के रूप में चुना था, अब दूसरे चरण में घायल खिलाड़ी के चलते आकाशदीप को मुख्य टीम में स्थान मिला है। अब सबकी नजरें इनके प्रदर्शन पर हैं। अभी RCB सात मैचों में 10 अंक के साथ अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है।

भगवान विश्वकर्मा के रूप में दिखे मोदी

बिहार में आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन अलग अलग अंदाज में मनाया गया है लेकिन जो BJP विधायक हरिभूषण बचौल ने जिस अंदाज में जन्मदिन की बधाई दी है वह खुब चर्चा में है ।

मधुबनी के विस्फी से विधायक बचौल मोदी का चेहरा भगवान ‌विश्वकर्मा की तस्वीर में लगाकर उन्हें अगरबत्ती दिखाते दिखे। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन है और विश्वकर्मा जी का। उन्होंने इन दोनों अवसरों को एक साथ जोड़ दिया है।

बिस्फी स्थित अपने आवास पर उन्होंने तस्वीर को लगाकर फल, प्रसाद और फूल के साथ विधिवत पूजा की है। अगरबत्ती दिखाते हुए बचौल, मोदी शरणम् गच्छामि और मोदी नाम केवलम् का भी जाप कर रहे हैं।

सेंसेक्स, निफ्टी ताजा लाइफटाइम हाई से गिरे; सेंसेक्स 59,016 पर, निफ्टी 17,585 पर बंद हुए।

हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को बाजार में ऊपरी स्तर से जमकर मुनाफा वसूली देखने को मिली। शेयर बाजार के बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 मुनाफावसूली के बीच लाल निशान में बंद हुए। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को सकारात्मक खुले, बाद में दोपहर के सत्र में सकारात्मक इलाके से अंदर और बाहर कारोबार किया।

बीएसई सेंसेक्स 125.27 अंक की गिरावट के साथ 59,016 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 44 अंक की गिरावट के साथ 17,585 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (17.09.21) एक नजर में

सेक्टरों में, बैंक निफ्टी 37,800 के ऊपर बंद हुआ, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.3 फीसदी के ऊपर बंद हुआ।बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.14 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.06 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ । निफ्टी पीएसयू बैंक में 3 प्रतिशत की गिरावट आई, धातु और रियल्टी सूचकांकों में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। वहीं निफ्टी मीडिया एक फीसदी चढ़ा। बैंक और वित्तीय सेवा सूचकांक आधा फीसदी तक चढ़ा। बीएसई टेलीकॉम बीएसई पर शीर्ष पर रहा, जबकि बीएसई मेटल शीर्ष पर रहा, जिसका शेयर 2.49 प्रतिशत गिर गया।

आज के कारोबारी सत्र में कोटक बैंक 5.63 फीसदी, एचडीएफसी 1,61 फीसदी, एयरटेल 1,57 फीसदी की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा। टाटा स्टील, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल), आरआईएल सेंसेक्स के शीर्ष ड्रैगर्स में से थे। इसके विपरीत, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, आईटीसी शेयरों ने नुकसान को सीमित कर दिया।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 12 शेयर्स बढ़त के साथ और 18 शेयर्स लाल निशान में बंद हुए। बीएसई पर कारोबार के दौरान 234 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 21 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

हिन्दू मुस्लिम सियासत के सहारे यूपी साधने की सियासत शुरु

ओवैसी इसी मंगलवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में दम है तो वह तालिबान को आतंकी घोषित करें..
बिहार में चोर दरवाजे से NRC लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार के पदाधिकारी विशेष क्षेत्रोंं को चिह्नित कर फरमान जारी कर रहे हैं।

कोई वजह नहीं ,कोई अवसर नहीं अचानक ओवैसी साहब बिहार आते हैं और सीमांचल में हो रहे घुसपैठ मामले में बीजेपी और जदयू पर निशाने साधते हुए निकल जाते हैं ।और उसके बाद बयान का जो सिललिसा बीजेपी की और से शुरु हुआ है वो थमने का नाम नहीं ले रहा है हलाकि पहले जैसा माहौल नहीं बन पा रहा है लेकिन माहौल बनाने कि कोशिश पूरी चल रही है।

इतना ही नहीं अचानक मीडिया भी इस खेल को आगे बढ़ाने में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर गया है कई मीडिया हाउस ने तो अपनी एक एक टीम सीमांचल से घुसपैठ को लेकर रिपोर्टिंग करने के भेज दिया है ।हलाकि जदयू के मुस्लिम विधायक इस मामले में लाग लपेट के बजाय सीधा हमला शुरु कर दिया है विधान परिषद सदस्य खालिद अनवर ने कहा कि मंत्री रामसूरत राय उत्तर प्रदेश का चुनाव जीतने के लिए बिहार में इस तरीका का बयान दे रहे हैं,मंत्री है उनको अहसज लग रहा है तो पद छोड़ देना चाहिए। कुछ ऐसा ही बयान जदयू विधान परिषद गुलाम रसूल बलियावी का भी रहा है।

हलाकि यूपी विधानसभा 2017 के चुनाव से पहले की क्रोनोलॉजी पर गौर करिए तो इसी तरह का माहौल बनाने कि कोशिश चुनाव के छह माह पहले शुरु हो गया था उस बार रेल हादसे में आईएसआई का हाथ है यह खबर भी बिहार से ही ब्रेक हुआ था और उसको लेकर यूपी के वोटिंग ट्रेंड पर बड़ा असर पड़ा था ।

इस बार भी बिहार से ही सियासी पृष्टभूमि तैयार कि जा रही है ऐसा दिख रहा है ।2017 के यूपी चुनाव से ठीक पहले दो बड़ा ट्रेन हादसा हुआ था और उस हादसे का आतंकी घटना से तार जोड़ने को लेकर बड़ी बड़ी बाते हुई थी लेकिन बाद में सारी बाते गलत साबित हुआ।

इस बार भी अचानक दरभंगा मॉड्यूल की चर्चा शुरु हो गयी है यूपी से कई लोग गिरफ्तार भी हुए हैं, जिन पर दरभंगा आ रही ट्रेन को उड़ाने की साजिश रचने का आरोप है। हलाकि एनआईए शुरुआती दौर में जिस तरीके से सक्रिय था वो अब सक्रियता नहीं दिख रही है। इसी तरह तीन चार दिन पहले दिल्ली पुलिस ने भी एक बड़ा खुलासा किया है मतलब कही ना कही यूपी चुनाव से पहले किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में लोग लगे हुए हैं।

यह संयोग नहीं हो सकता है कही ना कही यह सब साजिश का हिस्सा है ऐसा नेताओं के बयान से साफ दिख रहा है ।ऐसे में हमारी जो सुरक्षा एजेंसियों
को सक्रिय हो जाना चाहिए क्यों कि सियासी फायदे के लिए सियासत दान अब किसी को भी दाव पर लगाने में एक मिनट नहीं सोचते हैं ।

कोरोना फैलाने वाले नायक कहा छुपा है मौलाना साद जिसको दिल्ली पुलिस और हमारी एजेंसी अभी तक पकड़ नहीं पायी है ।ऐसे कई उदाहरण है जिसके सहारे हमारे सियासत दान ध्यान भटकाने के लिए इस्तमाल करते आ रहे हैं।

किसान आन्दोलन के समर्थन में उतरे बिहार के किसान संगठन

27 सितम्बर को अभुतपुर्व भारत बंद को सफल बनाने के लिए केदार भवन पटना में आज एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया गया , सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि देश में तमाम विकासों के बावजूद आज भी भारत मूल रूप से कृषि प्रधान देश है, कृषि सिर्फ हमारी पेशा या धंधा ही नहीं है, बल्कि वह हमारी तहजीब है, हमारी सभ्यता और संस्कृति है, भाषा और सामाजिक संबंधों के सारे रिश्ते नाते , बोल -चाल, सारे धार्मिक अनुष्ठान,पूजा- पाठ, पर्व -त्यौहार ,सब कुछ कृषि आधारित हैं ,किसान इस देश की बुनियाद है, कृषि एवं किसानों -मजदूरों के मेहनत से मुल्क का सारा विकास हुआ है, हमारी रगों में जो गर्म खून दौड़ता है, उस खून के हर कतरे पर किसानों का हक है, इसलिए हमारा ओरिजिनल कल्चर है, एग्रीकल्चर, मोदी जी किसान विरोधी तीनों काले कानूनों के जरिए देश पर कॉरपोरेट कल्चर थोपना चाहते हैं, कॉर्पोरेट में एक बाजार होता है और बाजार में धोखाधड़ी, दलाली, फरेब, प्रपंच, झूठे वादे, गला काटु प्रतिद्वन्दिता के अलावे ठगने और बेईमानी की संस्कृति होती है ,इसके विपरीत कृषि में खून -पसीने की कमाई की संस्कृति होती है, इसलिए मोदी जी ने जन विरोधी कानूनों के जरिये खून पसीने की कमाई की संस्कृति के बदले दलाल संस्कृति हम पर थोपना चाहते हैं, हमारी तहजीब, सभ्यता एवं संस्कृति को मिटाना चाहते हैं, इसलिए हर तरफ वे झूठे सपने दिखा रहे हैं, फिरका परस्ती आज देश की शान बन गई है, खून पसीने की संस्कृति और दलाल संस्कृत के बीच सीधा लड़ाई छिड़ गई है, आज मजदूरों के खिलाफ कॉर्पोरेट पक्षी चार श्रम कोड जो श्रमिकों को कॉर्पोरेट का गुलाम बनाने के लिए मोदी जी ने लाया है ,उसे सरकार समाप्त करें, ब्रिटिश हुकूमत से लड़कर जो अधिकार मजदूरों ने हासिल किया, उसे अंग्रेज बन कर यदि मोदी जी हमसे छीनना चाहतें हैं तो हम भगत सिंह बनकर उसे पुनः हासिल करेंगे, सिंघू बॉर्डर दिल्ली कन्वेंशन एंव मुजफ्फरनगर के किसान महापंचायत से किसान, मजदूर, छात्र ,नौजवान एवं महिला संगठन के अलावे शिक्षक, प्रोफेसर, डाक्टर, वकील, लेखक,एंव कलाकार ने एकजुट होकर जो 27 सितम्बर को ऐतिहासिक भारत बंद का आह्वान किया है, उसे बिहार में शानदार ढंग से सफल बनाने के लिए आज केदार भवन पटना में सभी किसान संगठनों, सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ,खेत मजदूर यूनियन , महिला समाज,छात्र ,

farmer protest

नौजवान ,शिक्षक,कर्मचारी,प्रोफ़ेसर, वकील ,लेखक ,कवि एवं कलाकार आदि संगठनों का संयुक्त सम्मेलन सम्पन्न हुई,जिसकी अध्यक्षता बिहार एटक के उप महा सचिव गजनफर नवाव, किसान महा सभा के राज्य सचिव रामाधार सिंह एवं जन मुक्ति संघर्ष बाहिणी के अशोक प्रियदर्शी ने की, सम्मेलन में आगे की कार्य योजना बिहार राज्य किसान सभा के महा सचिव अशोक प्रसाद सिंह ने पेश की, बिहार राज्य किसान सभा जमाल रोड के जिला सचिव सोने लाल प्रसाद, राष्ट्रीय किसान मंच के वी. वी. सिंह, एन. ए. पी. एम के आशीष रंजन, ए.आई. के. के. एम. एस के एम. के. पाठक, नेशन फॉर फार्मस के गोपाल कृष्ण, मेगा औद्योगिक पार्क प्रभावित किसान मोर्चा के अनिश अंकुर,अग्रगामी किसान सभा के रवींद्र लाल कर्ण, बिहार एटक के अध्यक्ष अजय कुमार, ऐक्टु के रण विजय कुमार एवं जितेंद्र कुमार , यू टी यू सी के सूर्यकर जीतेंद्र, आई. एफ. टी. यू. सर्वहारा के सौजन्य, बिहार राज्य खेत मजदूर युनियन के अर्जुन राम, किसान नेता भूषण कुमार पान्डे, राजेन्द्र पटेल, सिपाही यादव, वशिष्ठ शर्मा, गोपाल शर्मा आदि ने अपना विचार व्यक्त किये, सम्मेलन ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि 27 सितंबर को भारत बंद को बिहार में सफल बनाने के लिए सभी संगठन मिलकर एकजुट होकर लड़ाई के मैदान में उतरेंगे, इसके लिए अपने -अपने जिला संगठनों को आंदोलन में उतरने एवं व्यापक गोलबंदी के लिए संगठनों को निर्देश देंगे, इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर एकजुट कार्रवाई सब लोग मिलकर करेंगे तथा 23 सितंबर को सभी स्तरों पर साइकिल , मोटरसाइकिल जुलूस निकालकर 27 सितंबर के भारत बंद के संदेश को घर-घर तक पहुंचेंगे तथा 25 सितंबर को मशाल जुलूस निकालेंगे, पटना में 26 सितम्बर को शाम 6.30 बजे जी. पी. ओ. गोलम्बर से मशाल जुलुस निकालेंगे, जो पटना स्टेशन होते हुए बुद्ध स्मृति पार्क पर समाप्त होगा,इस बीच 23 से 25 सितंबर तक पटना शहर में बड़े पैमाने पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएगी और 27 सितंबर को ऐतिहासिक भारत बंद को सफल बनाया जाएगा,

सेंसेक्स और निफ्टी ने रचा इतिहास; पहली बार सेंसेक्स 59,200 और निफ्टी 17,600 के पार पहुंचा।

गुरुवार को एफएंडओ एक्सपायरी पर सूचकांक रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स 418 अंक उछलकर पहली बार 59,100 अंक से ऊपर 59,141 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 इंडेक्स 110.5 अंक की बढ़त के साथ 17,629.50 पर बंद हुआ ।

सेंसेक्स चार्ट (16.09.21) एक नजर में

गुरुवार को बेंचमार्क सूचकांकों को उच्च स्तर पर धकेलते हुए, बाजार के बैल ने तीसरे सीधे सत्र के लिए पार्टी करना जारी रखा। बेंचमार्क पर बढ़त में आरआईएल, आईटीसी और बैंक शेयरों ने योगदान दिया, जबकि धातु और आईटी नाम सुस्त रहे ।

इंडसइंड बैंक और आईटीसी के शेयर 7 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाले थे, इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल), कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज-ऑटो, एचडीएफसी बैंक का स्थान रहा। वहीं दूसरी तरफ टीसीएस के शेयर में सबसे ज्यादा गिरावट आई। टेक महिंद्रा,
टाटा स्टील, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, डॉ रेड्डीज लैब, इंफोसिस, टाइटन कंपनी जैसे स्टॉक सेंसेक्स में शीर्ष पर रहे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस वार्ता से पहले निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 5.43 फीसदी चढ़ा।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.48 फीसदी और बीएसई स्मॉलकैप 0.08 फीसदी चढ़ा। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स ने एक तारकीय प्रदर्शन किया क्योंकि यह उम्मीद के बीच 5 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया कि सीतारमण आज बाद में एक प्रेस वार्ता में एक खराब बैंक स्थापित करने के प्रस्ताव के बारे में घोषणाएं करेंगी। निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी बैंक अन्य शीर्ष लाभार्थियों में क्रमशः 3 प्रतिशत और 2 प्रतिशत ऊपर थे। निफ्टी मीडिया, मेटल और आईटी में ही गिरावट रही।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 14 शेयर्स बढ़त के साथ और 16 शेयर्स लाल निशान में बंद हुए। बीएसई पर कारोबार के दौरान 286 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 15 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल