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चुनाव ठेकेदारी है क्या –अभयानंद

चुनाव ठेकेदारी है क्या? **
विद्यार्थी जीवन में कानून से पाला नहीं पड़ा। विज्ञान एवं गणित से पड़ा था। नौकरी में फौजदारी कानून से वास्ता पड़ा, पुलिस की नौकरी जो कर ली थी।

वर्ष 2001 – 2003 के बीच IG (Provision) के रूप में टेंडर, कॉन्ट्रैक्ट, एग्रीमेंट, आदि शब्दों से रू-ब-रू हुआ। आदत के अनुसार हर चीज़ का कानूनी पहलू समझने के लिए “लॉ ऑफ़ कॉन्ट्रैक्ट” का अध्यययन भी यथासंभव कर लिया।

सहसा ध्यान आया कि चुनाव में भी तो राजनीतिक पार्टियाँ अपने मैनिफेस्टो के माध्यम से चुनाव आयोग के द्वारा निकाली गई अधिसूचना, जो टेंडर के समतुल्य मानी जा सकती है, अपना-अपना “कोटेशन” आम आदमी के सामने रखती हैं।

टेंडर नेगोशिएशन परचेज़ समिति के सामने होती है, जिसमें आजकल टेक्निकल और कमर्शियल बिड अलग-अलग फाइल की जाती है। उसी प्रकार चुनाव प्रचार और मीडिया के द्वारा स्थापित मंच पर बहस होती है, जो “टेंडर नेगोशिएशन” के सपेक्ष है।

अंततः जिस पार्टी का “बिड” आम आदमी अर्थात वोटर को सबसे अच्छा लगता है, उस पार्टी को “वर्क आर्डर” मिल जाता है। चुनाव आयोग उस विजयी पार्टी के उम्मीदवार को औपचारिक रूप से प्रमाण पत्र देकर पार्टी और आम आदमी के बीच “कॉन्ट्रैक्ट” साइन होने का एलान कर देता है।

चुनाव और उसमें अपनाई गई प्रक्रिया से अधिक मौलिक, संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया शायद ही कोई हो। ऐसी परिस्थिति में चुनावी वादों को कानून के माध्यम से “एनफोर्स” कराने की व्यवस्था होनी ही चाहिए।
मुझे तो दीवानी तथा फौजदारी, दोनों आयाम दिख रहे हैं। समाज (सरकार नहीं) में कानूनविद इस विचार पर सोच कर देखना चाहेंगे?

लालू के प्रचार अभियान में शामिल होने पर नीतीश हुए खामोश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रबी महाभियान (2021-22) का शुभारंभ एवं प्रसार रथों को हरी झंडी दिखाकर कर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे देश में 100 करोड़ लोगों को कोविड-19 के टीके दिए जाने पर खुशी जताई है और कहां कि बिहार में भी वैक्सीनेशन के इस मिशन को लेकर काफी बेहतर काम हो रहा है वहीं तमाम लोगों को अब दूसरे डोज के टीके भी लग रहे हैं सरकार लगातार इसको लेकर समीक्षा भी कर रही है और सभी लोगों को दूसरा डोज का टिका मिले इस पर काम भी कर रही है

कोरोना के दूसरे टीका को लेकर सरकार गम्भीर है।

वही उत्तराखंड त्रासदी में मारे गए लोगों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो ₹200000 दिए जाने की घोषणा भी की है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तराखंड के त्रासदी को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि पश्चिमी चंपारण जिले के कई लोगों की मौत हुई है जिसको लेकर सरकार काफी चिंतित है और तमाम अधिकारियों को भी सरकारी सहायता मुहैया कराय।

कांग्रेस और राजद के रिश्ते पर क्या बोले नीतीश जरा आप भी सुनिए

साथ ही महागठबंधन के बिखराव पर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुप्पी तोडी…… बोले सीएम नीतीश कुमार ….यह महागठबंधन का अंदरूनी मामला है वे लोग जाने हम लोग महा गठबंधन वाले मामले पर ध्यान नहीं देते हैं

क्या बिहार की राजनीति में तरुप का इक्का साबित होगा कन्हैया

क्या बिहार की राजनीति में तुरुप का इक्का साबित होगा कन्हैया

कांग्रेस में शामिल होने के बाद पहली बार पटना पहुंचे कन्हैया का जिस अंदाज में कांग्रेस के नेताओं ने स्वागत किया उससे संकेत साफ है कि आने वाले समय में गुजरात की तरह बिहार में भी कांग्रेस कन्हैया को बड़ी जिम्मेवारी दे सकती है।

वही कन्हैया जिस अंदाज में जातिवाद ,परिवारवाद और राजद के दिल्ली वाले एक नेता पर जिस तरीके से सीधा हमला बोला है उससे यह तय हो गया कि बिहार में अब कांग्रेस फ्रंटफुट पर खेलने का निर्णय ले लिया है। और इसका असर है कि लालू प्रसाद रविवार को पटना पहुंच रहे हैं।

1–कन्हैया को पहले कांग्रेसियों से लड़ना होगा
कन्हैया भले ही कांग्रेस में शामिल हुआ है लेकिन बिहार कांग्रेस के जो मठाधीश हैं उसको जब तक वो साथ लाने में कामयाब नहीं होंगे तब तक कन्हैया को बिहार की राजनीति में स्थापित होना बहुत ही मुश्किल है ।

कल सदाकत आश्रम में साफ दिख रहा था कि मंच पर बैठे अधिकांश नेता कन्हैया को लेकर असहज थे, इतना ही नहीं कई नेता तो इस काम में लगे हुए थे कि सदाकत आश्रम में कुछ ऐसा करा दिया जाये ताकि मीडिया में कन्हैया के स्वागत की खबर दब जाये ।

लेकिन कन्हैया के समर्थक को देख कर वो लोग साहस नहीं जुटा पाये फिर भी राहुल गांधी जिस तरीके से गुजरात में हार्दिक पटेल के साथ खड़े हैं ठीक उसी तरह से कन्हैया के साथ भी खड़े रहेंगे तभी कन्हैया कांग्रेस में कुछ जान फुक पायेगा ।

हालांकि बिहार कांग्रेस पूरी तौर पर टेबल पॉलिटिक्स तक सिमट कर रहा गया है साथ ही कोई भी ऐसा नेता नहीं बचा है जिससे कोई बड़ी उम्मीद लगायी जा सके, लेकिन ये सारे कांग्रेस के अंदर काफी प्रभावशाली हैं और तोड़ जोड़ के माहिर खिलाड़ी भी है साथ ही बिहार की राजनीति की समझ भी रखते हैं। ऐसे में कन्हैया के सामने पहली चुनौती है यही है कि ऐसे कांग्रेसियों का आर्शीवाद उन्हें कैसे प्राप्त हो।

क्यों कि सीपीआई में भी कन्हैया पार्टी के मठाधीश को साथ जोड़ने में कामयाब नहीं हुए थे और इस वजह से उन्हें लोकसभा चुनाव में बेगूसराय में पार्टी का उस तरह से साथ नहीं मिला,अगर साथ मिलता तो लड़ाई दिलचस्प हो जाता। हालांकि कन्हैया के साथ राहुल का आर्शीवाद है इसलिए मठाधीश को मनाना मुश्किल नहीं है फिर भी बड़ी चुनौती है क्यों कि कांग्रेस का जो भी संगठन बचा हुआ है उसमें नये लोगों को जोड़ कर ही कन्हैया बिहार कांग्रेस में धार पैदा कर सकता है ।

2–राजद के साथ कैसे रिश्ता रहता है इस पर भी कन्हैया का राजनीतिक भविष्य निर्भर करता है

कन्हैया के आने से बिहार कांग्रेस की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव आ जाएगा ऐसा सम्भव नहीं है, बिहार में कांग्रेस को राजद या जदयू का साथ चाहिए ही तभी वह बिहार की राजनीति में मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।
कन्हैया के सामने दूसरी सबसे बड़ी चुनौती यही है।

राजद के अंदर कन्हैया को लेकर जो छवि बनायी गयी है उससे तेजस्वी असहज है और यही वजह है कि राजद बिहार विधानसभा के उपचुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं देकर हैसियत दिखाना चाह रही है ताकि आने वाले चुनाव में कन्हैया का दबाव ना रहे साथ ही जैसे पहले कांग्रेस को हाथ उठा कर सीट दे देते थे वैसे ही दे दें।

लेकिन राजद के इस व्यवहार पर पहली बार आलाकमान ने लालू प्रसाद के परिवार को लेकर अपना रुख बदलते हुए पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरने का कहा ,इतना ही नहीं कांग्रेस लालू प्रसाद के परिवार को हैसियत दिखाने के लिए पप्पू यादव तक को साथ आने का न्यौता दे दिया वही कन्हैया को आते आते मैदान में उतर दिया और इतना ही नहीं पहली बार कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से घोषणा कर दिया कि राजद से मेरा रिश्ता समाप्त हो गया ।

हालांकि कांग्रेस ऐसा रुख अख्तियार कर लेगा इसकी उम्मीद राजद के सलाहकार को नहीं था और कहां जा रहा है कि कांग्रेस को लेकर राजद प्रवक्ता मनोज झा का जो बयान आया है उससे लालू प्रसाद खासे नाराज है और यही वजह है कि लालू प्रसाद जो पूरी तौर पर अभी भी स्वस्थ नहीं है भागे भागे रविवार को पटना पहुंच रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि कांग्रेस के साथ छुटने से राष्ट्रीय स्तर पर जो नुकसान होगा सो होगा ही बिहार में भी एक नये तरीके का गठबंधन बन सकता है जिसका नुकसान राजद को होगा।क्यों कि राजद की ताकत अब सिर्फ मुस्लिम वोटर रहा है एमवाई समीकरण दरका तो फिर राजद की वापसी बेहद मुश्किल हो जायेंगी ।

वही कन्हैया के आने से जदयू और कांग्रेस के बीच नजदीकियां बढ़ सकती है क्यों कि कन्हैया का नीतीश से बहुत ही अंतरंग रिश्ता है और नीतीश भी चाह रहे थे कि कांग्रेस में ऐसा कोई नेता हो जिसके सहारे सीधे राहुल तक पहुंचा जा सके। क्यों कि जदयू पिछली बार भी जब राजद से नाता तोड़ रहा था उस समय अंतिम क्षण तक नीतीश का यह प्रयास जारी रहा कि कांग्रेस लालू प्रसाद पर दबाव बनाये और तेजस्वी पद छोड़ दे राहुल उस समय भी नीतीश के साथ खड़े थे लेकिन अहमद पटेल लालू प्रसाद की बात में आ गये और फिर राहुल चुप हो गया ।

लेकिन कन्हैया के आने से इस बार स्थिति भिन्न है कमान राहुल के हाथ में है, वही देश की राजनीति जिस दिशा में बढ़ रही है ऐसे में नीतीश बीजेपी के साथ सहज नहीं है ।

ऐसे में कन्हैया के आने से नीतीश का गठबंधन से अलग होने का रास्ता मिल गया है क्यों कि कन्हैया जिस तरीके से राजद और लालू प्रसाद को लेकर हमलावर है ऐसे में कांग्रेस अगर कन्हैया को बिहार की जिम्मेवारी सौपता है तो नीतीश को राजद से साथ हाथ मिलाने में कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि इस बार कांग्रेस पहले कि स्थिति में ज्यादा मजबूत और निर्णय लेने की स्थिति में है इसलिए आने वाले समय में बिहार की राजनीति में कन्हैया तुरुप का इक्का साबित हो जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी ।

साइबर क्राइम मामले में हाईकोर्ट ने दिखाया सख्त रुख कहां ऐसे मामले में आरोपी को बेल नहीं दी जा सकती

पटना हाईकोर्ट ने आम लोगों ठगने के लिए 28 पृष्टों में मोबाइल फ़ोन नंबर पकड़े जाने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शिव कुमार को अग्रिम जमानत नहीं दिया।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि आज के दिनों में इस प्रकार का अपराध समाज में अनियंत्रित हो गया है, जब अपराधी लोगों को फ़ोन करके उनसे बैंक आदि के डिटेल्स ले कर ठग रहे हैं।

शिव कुमार की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संदीप कुमार ने याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने ससमय आत्मसमर्पण नहीं करने की स्थिति में नवादा के पुलिस अधीक्षक को इस मामले में याचिकाकर्ता समेत इस मामले के सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का भी आदेश दिया है।

कोर्ट ने अपने आदेश में नवादा के पुलिस अधीक्षक को केस के अनुसंधान अधिकारी (आई ओ )को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा है कि आखिर इस मामले के अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभी तक क्यों नहीं कि गई है,जबकि यह मामला वर्ष 2020 का है।

कोर्ट ने इस बात की जानकारी मांगी है कि इनकी गिरफ्तारी को लेकर क्या कार्रवाई अभी तक कि गई है। इतने लंबे समय तक इनकी गिरफ्तारी पुलिस द्वारा क्यों नहीं कि गई है।

कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि इस तरह के अपराध वारीसलीगंज पुलिस थाना क्षेत्र में अनियंत्रित ढंग से फैला हुआ है। कोर्ट नवादा को दूसरा जामताड़ा होने की अनुमति नहीं देगा।

आदेश का अनुपालन को लेकर इस आदेश की प्रति को फौरन नवादा के पुलिस अधीक्षक को फैक्स के जरिये भेजने का आदेश कोर्ट द्वारा दिया गया है। कोर्ट के आदेश का अनुपालन रिपोर्ट नवादा के पुलिस अधीक्षक के व्यक्तिगत शपथ पत्र के साथ पेश करने को कहा गया है।

मामला वारीसलिगंज थाना कांड संख्या – 163 / 2020 से जुड़ा हुआ है, जिसमें आई पी सी की धारा 419/ 420 व आई टी एक्ट की धारा 66( बी) के तहत केस दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता के पास से कथित तौर पर 28 पृष्टों में आम लोगों को ठगने के लिए मोबाइल फ़ोन नंबर पाया गया था।
इस मामले पर आगे की सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी।

हाईकोर्ट ने 67 वीं बीपीएससी परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा में छूट दिए जाने के मामले पर सुनवाई पूरी निर्णय सुरक्षित ।

पटना हाईकोर्ट ने 67 वीं बीपीएससी परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा में छूट दिए जाने के मामले पर सुनवाई पूरी कर निर्णय सुरक्षित रख लिया है ।

जयदीप अभय व अन्य की ओर से दायर रिट याचिकाओं पर जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह ने सभी पक्षों का बहस सुनने के बाद सुरक्षित रखा। याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य में पिछले 15 वर्षों से लोक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा को , हर साल लेने की जगह दो तीन वर्षों की परीक्षा एक साथ संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित किया जाता है।

हर वर्ष बहाली के लिए परीक्षा आयोजित नही होने के कारण अभ्यार्थियों को परीक्षा में बैठने का समान अवसर नही मिलता है।अगर हर वर्ष परीक्षा आयोजित किया जाता,तो उम्मीद्वार को पूरा अवसर मिलता।
साथ ही संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करने पर अवसर कम मिल पाएंगे।

परीक्षा में शामिल होने की उम्र सीमा खत्म होने के बाद उन्हें परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं प्राप्त होता है। उन्हें समान अवसर नहीं प्राप्त मिलने के कारण उनके साथ न्याय नहीं हो पाता है।

वहीं बीपीएससी की तरफ से इन याचिकाओं का विरोध करते हुए अधिवक्ता संजय पाण्डेय ने कोर्ट को बताया गया संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में अधिकतम उम्र में छूट दी जाती रही है ।

साथ ही उन परीक्षाओं में हर वर्ष की रिक्तियां भी एकसाथ सम्मिलित रहती है । अभ्यार्थियों को उचित अवसर मिलता मिलता है ।हाई कोर्ट ने सभी पक्षों का बहस सुनने के बाद इस मामले पर निर्णय सुरक्षित रख लिया ।

तीन दिवसीय दौरे से दिल्ली लौटे राष्ट्रपति जाते जाते हुए भावुक

बिहार विधानसभा भवन शताब्दी समारोह में भाग लेने आये राष्ट्रपति रामनाथ कोविद आज वापस दिल्ली लौट गये हलाकि लौटने के दौरान पटना एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति काफी भावुक हो गये थे और कुछ देर तक नीतीश कुमार का हाथ पकड़े रहे कल के संबोधन में भी उन्होंने कहा था कि बिहारी कहलाना मुझे अच्छा लगता है और बिहार के विरासत को ही मैं राष्ट्रपति भवन में आगे बढ़ा रहा हूं ।

राष्ट्रपति पटना छोड़ते छोड़ते भावुक हो गये

तीन दिनों के यात्रा पर आये थे राष्ट्रपति रामनाथ कोविद
यात्रा के समापन के बीच आज सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविद 8:25 मत्था टेकने श्री हरमंदिर साहब पहुंचे थे। प्रबंधक समिति के अध्यक्ष अवतार सिंह हित, वरीय उपाध्यक्ष जगजोत सिंह, कनीय उपाध्यक्ष लखविंदर सिंह, महासचिव इंद्रजीत सिंह तथा सचिव हरवंश सिंह ने उनका स्‍वागत किया।

20 मिनट से अधिक समय तक वो वहां रुके उसके बाद राष्ट्रपति महावीर मंदिर पहुंचे जहां स्वागत के लिए किशोर कुणाल खुद मौजूद थे महावीर मंदिर की और से उन्हें महावीर मंदिर का प्रतिक चिन्ह भेट किया गया और बाद राष्ट्रपति बुद्धा स्मृति पार्क गये और वहां से राष्ट्रपति रामनाथ कोविद 10.25 बजे गांधी मैदान स्थित खादी मॉल पहुंचे।

उन्होंने अपने लिए पैजामा-कुर्ता और पत्नी के लिए खादी की दो साड़ियां खरीदीं। राष्ट्रपति ने बिहार खादी ग्रामोद्योग द्वारा संचालित मॉल को देखने के बाद कहा कि ऐसा मॉल हर जगह होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। खादी के विस्तार के लिए वे प्रयासरत हैं।

राष्ट्रपति खादी के प्रति जतायी अस्था

बिहार विधानसभा उपचुनाव में पप्पू यादव ने कांग्रेस को समर्थन देने का किया एलान

उप चुनाव के बहाने ही सही कांग्रेस बिहार में राजद से दूरी बनाना शुरु कर दिया है और इसके लिए पार्टी उप चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दिया है और खबर आ रही है कि पप्पू यादव कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश तारापुर और कुशेश्वरस्थान में साथ मंच शेयर करेंगे वैसे कांग्रेस पहले ही पूर्व सांसद रंजीत रंजन को कुशेश्वरस्थान स्थान का पर्यवेक्षकों नियुक्त कर संकेत दे दिया था कि पप्पू और रंजीता वर्षो बाद एक साथ दिखेगी

1—कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगे पप्पू यादवपप्पू यादव की छवि को देखते हुए टीम राहुल फिलहाल पप्पू यादव को पार्टी में शामिल करने से परहेज कर रही है लेकिन पप्पू यादव बिहार में कांग्रेस के लिए काम करे इसके लिए दिल्ली के निर्देश पर ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने पप्पू यादव से उप चुनाव में समर्थन मांगा था ।

पप्पू यादव कांग्रेस के लिए प्रचार करेगा ।

पप्पू यादव ने आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा के आग्रह को स्वीकार करते हुए दोनों सीटों पर कांग्रेस का समर्थन की घोषणा करते हुए कांग्रेस के लिए प्रचार करने की घोषणा की है।पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पप्पू यादव ने कहा कि बिहार और देश की जो वर्तमान स्थिति है, उससे कांग्रेस बेहतर तरीके से लड़ाई लड़ रही है। UP और बॉर्डर इलाके में भी कांग्रेस काफी मेहनत कर रही है, इसलिए देश हित और बिहार की स्थिति को देखते हुए, कांग्रेस का 100 प्रतिशत सहयोग करेंगे।

हमारी पार्टी के कार्यकर्ता कुशेश्वरस्थान में लगेंगे। मैं खुद कैम्प करूंगा। हमारी पार्टी ने निर्णय लिया है कि हर परिस्थिति में हम बिहार में कांग्रेस के साथ हैं।

2–तेजस्वी पर साधा निशानापप्पू ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतना कमजोर विपक्ष और बहुरूपिया हमने कहीं नहीं देखा है।

विपक्ष को मछली मारने और धान के खेत में जाने से फुर्सत नहीं है। वहीं, पूर्व सांसद ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार आड़े हाथों लिया और कहा कि कश्मीर मामले में केंद्र और बिहार सरकार चुप है।

पप्पू यादव ने बिहारियों को सुरक्षित बिहार लाने को लेकर सरकार को कोसा

3—पप्पू यादव ,कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश कई सभा साथ करेंगे कांग्रेस उप चुनाव को दिलचस्प बनाने के लिए अपनी पूरी युवा बिग्रेड को मैदान में उतार दिया है कल से कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश के साथ साथ पप्पू यादव भी कांग्रेस के लिए वोट मांगेंगे।

इस युवा बिग्रेड का तारापुर पर कितना प्रभाव पड़ेगा कहना मुश्किल है लेकिन इस टीम के मैदान में उतरने से कुशेश्वरस्थान में राजद की मुश्किलें बढ़ सकती है । हालांकि कांग्रेस की पूरी कोशिश चल रही है कि पप्पू यादव के सहारे यादव वोटर में और कन्हैया के सहारे मुस्लिम वोटर में इतना बड़ा डिभिजन करा दे कि राजद को कांग्रेस की शर्तों पर गठबंधन करने पर मजबूर होना पड़े ।

दशरथ मांझी का सपना, सपना ही रह गया

बिहार के विकास से जुड़ा एक किस्सा सुनाते हैं आपको ,बिहार के गया जिला में महादलित की एक बस्ती है गहलौर जहां 14 जनवरी 1929 को दशरथ मांझी का जन्म हुआ था , एक दिन की बात है दशरथ मांझी पहाड़ पर लकड़ी काट रहे थे ,दोपहर हुआ तो उनकी पत्नी मांझी के लिए खाना लेकर पहाड़ पर चढ़ने लगी उसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वो घायल हो गयी ।लेकिन समय पर दवा और अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो गयी।

दशरथ मांझी का सपना सपना ही रह गया

मांझी को लगा कि गांव के सामने जो पहाड़ है वहां से अगर रास्ता होता तो मेरी पत्नी बच सकती थी बस क्या था एक हाथ में हथौड़ा और दूसरे हाथ में छेनी लेकर मांझी पहाड़ को काटने चल दिये और 22 वर्षो तक निरंतर काटते हुए रास्ता बना कर ही दम लिये ।

2005 के बाद बिहार की सियासत का मिजाज बदला और राजनीति दलित से महादलित पर पहुंच गया ऐसे में सरकार को महादलित में एक चेहरा चाहिए थे जिसके सहारे उस वक्त की राजनीति को साधा जा सकता था , बस फिर क्या था गुमनामी में जी रहे दशरथ मांझी रातो रात मसीहा बन गये और उन्हें एक नया नाम दिया गया ‘माउंटेन मैन’ ।

दशरथ मांझी का सपना आज भी अधूरा ही है

उनकी इस उपलब्धि के लिए बिहार सरकार ने सामाजिक सेवा के क्षेत्र में 2006 में पद्मश्री हेतु उनके नाम का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा। लेकिन वह सम्मान आज तक दशरथ मांझी को नहीं मिला।

नीतीश कुमार ने उन्हें पटना बुलाया और अपनी कुर्सी पर बिठा कर सम्मानित किया तो एक बार फिर दुनिया की नजर ‘माउंटेन मैन’ की और आकृष्ट हुआ ।

उनके जीवन पर आधारित फिल्में बननी शुरु हो गयी और फिर घोषणाओं का जो दौर शुरू हुआ वह उनके मरने के बाद ही थमा ,लेकिन आज भी मांझी का वो सपना अधूरा ही है, नीतीश कुमार से मिलने जब वो पटना आये थे तो मांझी ने नीतीश को कहां था पहाड़ काट करके सड़क तो बना दिये लेकिन अभी भी लोगों का आने जाने में बहुत परेशानी हो रही है। ऐसे में पहाड़ को काटकर गांव की सड़क जितनी ऊंची है उस लेवल पर सड़क बनवा दीजिए।

मांझी की इसी इच्छा की पूर्ति के लिए विकास का खेल शुरू हुआ, समाधि स्थल चार वर्ष पहले ही बना है किस हाल में है मांझी का समाधि स्थल जरा आप भी सुनिए समाधि का देखभाल कर रहे राम मांझी की जुवानी ,वही जहां तक पहाड़ की ऊंचाई को कम करने की बात है उसके लिए विकास किसी तरीके से रुप बदला जरा आप भी सुनिए मांझी के गांव वालों की जुबानी ।

दशरथ मांझी के समाधि स्थल का देख रेख करने वाला

यही बिहार के विकास की कहानी है दशरथ मांझी ने पहाड़ तोड़ कर अपनी फाल्गुनी के लिए ताजमहल से कम बड़ी निशानी छोड़कर नहीं गये हैं लेकिन राजनीतिक जरूरत थी तो हर किसी ने दशरथ को याद किया लेकिन जैसे ही राजनीतिक जरूरतें पूरी हुई विकास भी उन्हें भुल गया ।

चौथे चरण के पंचायत चुनाव के दौरान गड़बड़ी की शिकायत पर आयोग ने छह मतदान केन्दों पर फिर से चुनाव कराने का दिया आदेश

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के चौथे चरण के दौरान हुई गड़बड़ी को देखते हुए 6 मतदान केन्द्रों पर फिर से मतदान कराने का आदेश दिया है ।इसमें पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-1 हरदी नदवा पंचायत के वार्ड संख्या 8 की बूथ संख्या 227 है।

यहां पंच पद के मतपत्र गलत छप जाने के कारण पुनर्मतदान होगा। पूर्वी चंपारण, ढाका के भगवानपुर में ग्राम पंचायत सदस्य के लिए वार्ड संख्या 3 के बूथ संख्या 179 पर ईवीएम कमीशनिंग में गलत मतपत्र लग जाने के कारण पुनर्मतदान होगा।

समस्तीपुर के विभुतिपुर में देशरी कर्रख पंचायत के वार्ड संख्या 21 की बूथ संख्या 226 पर पंचायत समिति सदस्य के लिए हुई वोटिंग में ईवीएम के त्रुटिपूर्ण कमीशनिंग के कारण पुनर्मतदान होगा।

वहीं, सारण जिले के पानापुर प्रखंड की धेनुकी पंचायत में पंचायत समिति सदस्य, वार्ड संख्या 8 की बूथ संख्या 63 ईवीएम में प्रा.नि.क्षे.सं. 7 का सदस्य मतपत्र लग जाने के कारण पुर्नमतदान होगा।

वही अररिया के नरपतगंज प्रखंड की फरही में बूथ संख्या 344- 345 पर असामाजिक तत्वों द्वारा बोगस मतदान करने एवं मतदान को प्रभावित किए जाने के कारण फिर से मतदान कराने का निर्देश आयोग द्वारा जारी किया है ।


जमीन पर ईवीएम रखने के मामले में दोषी पर आयोग ने कार्रवाई का दिया निर्देश
कटिहार के फलका प्रखंड की सालेहपुर पंचायत की बूथ संख्या 135 पर जमीन पर ईवीएम रखने मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने दोषियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया।

आयोग के मुताबिक भवन की कुर्सियां और टेबल एक कमरे में बंद कर रख दी गई थीं। जिसकी वजह से ये परेशानी सामने आई थी। ईवीएम जमीन पर होने के कारण वोटर भी यहां मजबूरी में जमीन पर बैठ कर वोट डालते दिखे थे।

बाजार में चौथे दिन भी गिरावट; सेंसेक्स 60,821 पर बंद हुआ, निफ्टी 18,114 पर बंद हुआ।

शुक्रवार को उतार-चढ़ाव के बीच चौथे दिन बाजार में गिरावट रही। सेंसेक्स 102 अंक गिरकर 60,821.62 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 63 अंक फिसलकर 18,114.90 पर बंद हुआ। इंट्राडे ट्रेड में सेंसेक्स ने 61,420 के इंट्रा-डे हाई और 60,551 के निचले स्तर के बीच कारोबार किया।

सेंसेक्स चार्ट (22.10.21) एक नजर में

सेक्टर के मोर्चे पर आईटी, मेटल, फार्मा, एफएमसीजी 1-3 फीसदी गिरे। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1.1 फीसदी और बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 1.2 फीसदी टूटा। जबकि बैंक और वित्तीय, और रियल्टी शेयरों में तेजी आई, आईटी, फार्मा और मेटल में गिरावट आई।

सेंसेक्स में एचडीएफसी 2.11% उछलकर शीर्ष पर रहा, इसके बाद बजाज ऑटो, इंडसइंड बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक का स्थान रहा। तिमाही नतीजों से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज 0.15% की बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स में आईटीसी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, 3.39% की गिरावट के साथ मारुति और इंफोसिस का स्थान रहा।

हरे रंग में समाप्त हुए 13 शेयरों में एचडीएफसी और बजाज ऑटो सबसे बड़े लाभ में रहे। नकारात्मक में बंद हुए 17 शेयरों में आईटीसी, मारुति और इंफी प्रमुख पिछड़ गए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी मेटल इंडेक्स 3% की गिरावट के साथ इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट वाला रहा। मिडकैप और स्मॉल-कैप सूचकांकों में से प्रत्येक में 1% से अधिक की गिरावट के साथ व्यापक बाजार नकारात्मक था। बैंक निफ्टी का प्रदर्शन 40,300 के ऊपर बंद हुआ। लार्जकैप प्रतिस्पर्धियों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का प्रदर्शन खराब रहा।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 15 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 35 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल:-

बिहार पंचायत चुनाव के चौथे चरण की मतगणना शुरु, मतगणना से पूर्व ही 3220 प्रत्याशी निर्विरोध हो चुके हैं निर्वाचित

बिहार पंचायत चुनाव के चौथे चरण की मतगणना शुरु हो गयी है हालांकि मतगणना से पहले ही 3,220 निर्विरोध निर्वाचित हो चुका है इनमें 3,104 पंच; 1 मुखिया और 115 पंचायत सदस्य भी शामिल है राज्य निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के अनुसार सबसे अधिक 3,104 पंच निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। चौथे चरण में कुल 24 हजार 586 पदों के लिए चुनाव हुआ है ।

चौथे चरण के 147 पदों पर किसी ने नहीं किया नामांकन ।

चौथे चरण में जिन सीटों पर वोटिंग हुई है, उनमें से 147 पदों पर किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। कोई भी नामांकन दाखिल नहीं होने के कारण ये सीटें खाली रह गई हैं। इसमें सबसे अधिक 140 पद ग्राम कचहरी के पंच का है। इसके साथ ही 7 पद ग्राम पंचायत सदस्य का है।

जज की संख्या बढ़ने से हाई कोर्ट के कामकाज में आयी तेजी

पटना हाई कोर्ट में नए जजों के आने से अब लंबित पड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई रफ्तार पकड़ने संभावना को बल मिला है । पिछले कुछ दिनों मे स्थानांतरण व नई नियुक्तियों के होने से पटना हाई कोर्ट जजों की संख्या 17 से बढ़ कर 26 हो गई हैं।
पूजा अवकाश के बाद कोर्ट खुलते ही पटना हाई कोर्ट में वकीलों में उत्साह दिखाई देने लगा। लेकिन वे इस बात को लेकर चिन्तित दिखें कि एक लाख से अधिक लम्बित पड़े सिविल मामलों की सुनवाई के लिए केवल 5 एकलपीठ ही गठित हुए हैं।

गौरतलब हैं कि दूसरे हाई कोर्ट से स्थानांतरित होकर आए तीन जज जहां डिवीजन बेंच में बैठे ,वहीं नवनियुक्त छह जजों ने एकलपीठ में बैठकर पुराने लम्बित ज़मानत अर्ज़ियाँ पर सुनवाई किया।

वही दूसरी ओर रिट समेत सिविल मामलों पर सुनवाई करने के लिए बहुत कम जज होने के कारण वकीलों ने निराशा जताई ।
हाई कोर्ट में आपराधिक मामलों पर सुनवाई हेतु जहां एक ओर 16 एकलपीठ गठित हुई है।

वहीं रिट याचिकाओं समेत अन्य सिविल मामलों पर सुनवाई के लिए सिर्फ 5 जज ही हैं। इसमें भी अभी सिर्फ चार ही कार्यरत हैं । जस्टिस अनिल कुमार उपाध्याय की बीमारी की वजह से उनकी एकलपीठ फिलहाल सुनवाई नही कर रही है।

भागलपुर स्मार्ट सिटी के टेंडर को लेकर हाईकार्ट सख्त सरकार से मॉगी रिपोर्ट

पटना हाई कोर्ट ने भागलपुर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इंटग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेन्टर के संबंध में टेंडर के कागजात को पेश करने समेत अन्य मुद्दों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की।जस्टिस मोहित कुमार शाह ने इस मामले पर सुनवाई करते मेसर्स भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड, भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक/ सी ई ओ, टेंडर कमेटी और मेसर्स शपूरजी पलोनजी एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया है।

हाईकोर्ट ने टेलिकम्युनिकेशनस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि उक्त मामले में निविदा प्रक्रिया का अंतिम निष्कर्ष इस रिट याचिका के फलाफल पर निर्भर करेगा।

याचिका में 25 मार्च, 2021 के टेंडर नंबर – बी एस सी एल/ आई सी सी सी एस / 2024/48 से संबंधित सभी कागजातों को पेश करने को लेकर आदेश देने के लिए कोर्ट से आग्रह किया गया है।साथ ही याचिका में टेंडर देने के संबंध में टेंडर कमेटी द्वारा लिये गए निर्णय को रद्द करने का भी आग्रह किया गया है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि पूरी टेंडर प्रक्रिया को पक्षपात तरीके से मैनेज किया गया है और याचिकाकर्ता कंपनी को अयोग्य ठहराया गया है,जो संचार मंत्रालय के अधीन सेंट्रल गवर्नमेंट पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज है।

देश में 100 करोड़ कोरोना के टीकाकरण में बिहार का रहा सबसे बड़ा सहयोग 8 करोड़ लोगों को लग चुका है टीका

टीकाकरण का ऐतिहासिक दिन सबों के सामूहिक प्रयास का नतीजाः मंगल पांडेय
31 दिसम्बर 2021 तक आठ करोड़ से अधिक टीकाकरण का आंकड़ा होगा पार
 
पटना। देश मे कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा सौ करोड़ के पार होने पर स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने देशवासियों, राज्यवासियों समेत इससे जुड़े स्वास्थकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और कोरोना वारियर्स को शुभकामनाएं दी है। साथ ही इस ऐतिहासिक कार्य के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का आभार जताया है।

श्री पांडेय ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा इस टीकाकरण अभियान की सफलता का श्रेय माननीय प्रधानमंत्री को जाता है, जिनके कारण देशवासियों को मुफ्त में कोरोना का टीका उपलब्ध हो सका।

श्री पांडेय ने इस मौके पर गुरुवार को राजधानी के पाटलीपुत्रा कॉलोनी स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज टीकाकरण केन्द्र पहुंचकर स्वास्थ्य एवं टीकाकर्मियों की हौसला आफजाई की और टीका ले रहे लाभार्थियों से रू-ब-रू हुए। श्री पांडेय ने कहा कि आज का यह ऐतिहासिक दिन सबों के सामूहिक प्रयास का नतीजा है, जो गर्व और गौरव को विषय है।

बिहार ने जहां अपने लक्ष्य के मुताबिक समय से पूर्व छह करोड़ टीकाकरण का आंकड़ा पार कर लिया है, वहीं 31 दिसम्बर, 2021 तक जनता के सहयोग से 8 करोड़ से अधिक टीकाकरण का आंकड़ा अवश्य पार कर लेगा। देश में टीकाकरण का आंकड़ा 100 करोड़ के पार होने पर राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर दिवाली जैसा दृश्य आयोजित किया जा रहा है।

सभी टीकाकरण केंद्रों पर इस विशेष उपलब्धि पर रोशनी से सजावट कर लोगों को जागरूक करने के लिए संदेश देने का निर्देश राज्य के सभी सिविल सर्जनों को दिया गया है।

श्री पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयास और माननीय मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर राज्य में न सिर्फ कोरोना जांच, बल्कि टीकाकरण अभियान को भी गति दी जा रही है। इसका परिणाम है कि बिहार पिछले कई मौकों पर टीकाकरण के मामले में कई राज्यों को पछाड़ देश में सबसे आगे रहा। टीकाकरण अभियान 16 जनवरी 2021 से प्रारंभ हुआ था और करीब 9 माह में देश ने इस विशेष उपलब्धि को हासिल किया।

बिहारी राष्ट्रपति कहे जाना पर मुझे बहुत सकून देता है – राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज बिहार विधान भवन शताब्दी वर्ष समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम के शुभारंभ के पूर्व बिहार विधानसभा परिसर में महामहिम राष्ट्रपति ने शताब्दी स्मृति स्तंभ का शिलान्यास किया और पवित्र बोधि वृक्ष के शिशु पौधे का भी रोपण किया।

महामहिम राष्ट्रपति ने सामाजिक संकल्प अभियान के शिलापट्ट का भी रिमोट के माध्यम से शिलान्यास किया। महामहिम राज्यपाल श्री फागू चौहान ने बिहार विधानसभा की 100 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा पर आधारित एक स्मारिका का भी विमोचन किया जिसकी पहली प्रति महामहिम राष्ट्रपति को भेंट की गयी। बिहार विधान भवन शताब्दी वर्ष समारोह कार्यक्रम में सदन में विमर्श ही संसदीय

प्रणाली का मूल है’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामहिम राष्ट्रपति ने बिहार के प्रति अपने लगाव को इंगित करते हुए यहां के गौरवशाली इतिहास की चर्चा की। उन्होंने यहां के लोगों की प्रशंसा करते हुये कहा कि बिहार प्रतिभावान लोगों की धरती है।

राष्ट्रपति महोदय ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल रहने के दौरान मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का हमेशा सहयोग मिला और अब भी सहयोग मिल रहा है।

कार्यक्रम को महामहिम राज्यपाल श्री फागू चौहान ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार विधान सभा भवन के 100 साल पूरा होने पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है इसके लिए विधानसभा के अध्यक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा को धन्यवाद देते हैं।

आदरणीय राष्ट्रपति महोदय ने इसके लिए जो समय दिया, सबलोगों के अनुरोध को स्वीकार किया उसके लिये मैं उन्हें हृदय से धन्यवाद देता हूं और अभिनंदन करता हूं। राष्ट्रपति महोदय का यहां से बहुत पुराना रिश्ता है। हमारे राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी के बारे में सबको मालूम है कि ये बिहार में लगभग 2 साल के लिए राज्यपाल रहे थे।

राज्यपाल के बाद पहली बार राष्ट्रपति बनने का इन्हें अवसर मिला। हम बिहारी लोग तो इनको बिहारी भी कहते हैं, क्योंकि ये बिहार के राज्यपाल रहते हुए राष्ट्रपति बने। इतनी बड़ी प्रतिष्ठा मिलने के बाद हमलोगों को बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि स्व० जाकिर हुसैन साहब पहले यहां के राज्यपाल थे, लेकिन पहले वे उपराष्ट्रपति बने और तब राष्ट्रपति बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद ये पहली बार तीसरा कृषि रोडमैप की शुरुआत करने के लिए 9 नवंबर 2017 को बिहार आए थे। इसके बाद 15 नवंबर 2018 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आए थे। 25 अक्टूबर 2019 को विश्व शांति स्तूप, राजगीर के 50 वें वार्षिकोत्सव में हमारे विशेष आग्रह पर ये यहां पधारे थे।

उन्होंने कहा कि जापान के फूजी गुरु जी ने विश्व शांति स्तूप का निर्माण कराया था। विश्व शांति स्तूप का शिलान्यास 06 मार्च 1965 को उस समय के राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने किया और 25 अक्टूबर 1969 को राष्ट्रपति श्री वी०वी०गिरी जी ने इसका उद्घाटन किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार विधानसभा के अध्यक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा जी ने बहुत सारी बातों की जानकारी दी है। आप सबलोग जानते हैं कि बंगाल से 22 मार्च 1912 को बिहार अलग हुआ था। उसमें बिहार के साथ उड़ीसा भी उसका हिस्सा था। जब हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो वर्ष 2009 से ही 22 मार्च को बिहार दिवस के रुप में मनाना शुरु किया। वर्ष 2012 में बिहार राज्य के 100 साल पूरा होने पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ था।

उस समय के सभापति स्व० ताराकांत झा जी द्वारा कार्यक्रम के लिए किए गए मेहनत को हमेशा याद किया जाना चाहिए। 22 मार्च 2011 से विधायी परिषद बनी थी, उसके लिए कार्यक्रम शुरु किया गया था। उस कार्यक्रम में उस समय की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल जी शामिल हुई थीं। पूरे एक साल तक कार्यक्रम चला था। 03 मई 2011 को पूर्व राष्ट्रपति आदरणीय डॉ० ए०पी०जे० अब्दुल कलाम साहब को बुलाया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायी परिषद् की पहली बैठक पटना कॉलेज में 20 जनवरी 1913 को हुई थी। 100 वें साल में हमलोगों ने वर्ष 2012 में पटना कॉलेज में एक कार्यक्रम किया था। बिहार विधानसभा का भवन बना जिसमें 1920 में परिषद् भवन का निर्माण कराया गया। परिषद् भवन अब बिहार विधानसभा भवन कहलाता है। उसके 100 साल पूरा होने पर आज कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है।

उन्होंने कहा कि उस समय के विधानसभा अध्यक्ष श्री विजय कुमार चौधरी ने 07 फरवरी 2016 से इसके लिए कार्यक्रम की शुरुआत की थी। वे भी इसके लिए बधाई के पात्र हैं। उस समय के नए 98 विधायकों को बहुत सारी चीजों की जानकारी दी गई थी। हमलोगों ने बिहार विधान सभा भवन का विस्तारीकरण भी कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राष्ट्रपति जी ने शताब्दी स्मृति स्तंभ का शिलान्यास किया है। जब यह बनकर के तैयार होगा, तो बहुत सुंदर लगेगा। इस अवसर पर बोधगया से लाए गए शिशु बोधि वृक्ष का भी आज रोपण किया गया। उन्होंने कहा कि बोधि वृक्ष के पास भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। बोधि वृक्ष के यहां रहने से यहां के जो प्रतिनिधि आएंगे, उन सबका ज्ञान और बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि हमलोगों ने बुद्ध स्मृति पार्क बनाया, जिसमें अनेक चीजों का निर्माण कराया गया। यहां पर बोधगया, श्रीलंका और अनुराधापुर का बोधि वृक्ष लगाया गया। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में 14 साल तक भगवान बुद्ध रहे थे। वहां से भी बोधि वृक्ष मंगवाकर यहां लगवाया गया। परम पावन दलाई लामा जी जब भी यहां आए उन्होंने बोधि वृक्ष का रोपण किया।

बुद्ध स्मृति पार्क में करुणा स्तूप का बुद्ध स्मृति संग्रहालय का निर्माण कराया गया। उसमें पहले हमलोगों ने मेडिटेशन केंद्र बनाया था। बुद्ध स्मृति पार्क में करुणा स्तूप बना है। करुणा स्तूप में 5 देशों से जापान, म्यांमार, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका एवं थाईलैंड से लाए गए भगवान बुद्ध के अवशेष को रखा गया है।

इसके अलावा परम पावन दलाई लामा जी द्वारा लाए गए बोधि वृक्ष भी यहां पर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर विपश्यना केंद्र भी बनाया गया है। मेडिटेशन केंद्र को ही एक्सटेंशन करके विपश्यना केंद्र बनाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि कल श्रद्धेय राष्ट्रपति जी बुद्ध स्मृति पार्क और विपश्यना केंद्र को देखने जाने वाले हैं। 03 जुलाई 2018 से विपश्यना केंद्र का नियमित संचालन हो रहा है। करीब-करीब 1200 लोग इसमें भाग ले चुके हैं। हमलोग चाहते हैं कि जितने भी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी हैं वे विपश्यना केंद्र में जाएं और उसका अनुभव प्राप्त कर लें। जो सरकारी कर्मचारी और अधिकारी वहां जाएंगे उनको 15 दिन का अवकाश दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महोदय वहां जाएंगे और कोई उनका सुझाव आएगा तो हमलोग उस पर काम करेंगे और इसे और बेहतर बनाएं। विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से यहां हर बार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इनकी कोशिश है कि आगे आदरणीय प्रधानमंत्री जी को भी यहां लाएंगे, कार्यक्रम कराएंगे।

कार्यक्रम को बिहार विधानसभा अध्यक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधान परिषद् के कार्यकारी सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह ने भी संबोधित किया।

सेंसेक्स 336 अंक गिरा, निफ्टी 18,200 के नीचे बंद हुआ; आईटी, मेटल, रियल्टी शेयरों में गिरावट

बीएसई सेंसेक्स 336.46 अंक टूटकर 60,923.50 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 88.50 अंक की गिरावट के साथ 18,178.10 पर बंद हुआ। दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स 700 अंक से अधिक की गिरावट के साथ इंट्राडे ट्रेड में 60,489 अंक के निचले स्तर पर चला गया , निफ्टी ने 18,048 के निचले स्तर पर पहुंचकर 0.5% की गिरावट के साथ 18,178 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (21.10.21) एक नजर में

बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.2 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ । सेक्टरों में, पीएसयू बैंक, ऑटो, तेल और गैस और बिजली सूचकांक हरे रंग में समाप्त हुए, जबकि धातु, आईटी, ऊर्जा और एफएमसीजी सूचकांक निचले स्तर पर बंद हुए ।

बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स में कोटक महिंद्रा बैंक शीर्ष पर रहा । कोटक महिंद्रा बैंक 6.51% की बढ़त के साथ सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, इसके बाद एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी और भारतीय स्टेट बैंक का स्थान रहा। एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस सेंसेक्स के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले टॉप लूजर रहा ।

सेंसेक्स में आज 9 शेयरों में तेजी रही जबकि 21 में गिरावट रही।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

मिडकैप इंडेक्स 122 अंक टूटकर 31,356 पर, मिडकैप आईटी शेयरों में गिरावट जारी रहा । निफ्टी मेटल इंडेक्स भी 1.77 फीसदी गिरा । निफ्टी बैंक इंडेक्स 1.3% बढ़ा, बैंक निफ्टी 1.3% चढ़कर 40,000 अंक के ऊपर बंद हुआ।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 22 हरे रंग में बंद हुए, जबकि 28 लाल रंग में बंद हुए।

दुर्गापूजा की छुट्टी के बाद आज से हाईकोर्ट में कामकाज शुरू

दुर्गापूजा की छुट्टी के बाद आज से पटना हाईकोर्ट में कामकाज शुरू हो रहा हैं।कल 7 जजों ने पटना हाईकोर्ट के जज के रूप मे शपथ ग्रहण किया था।

आज चीफ जस्टिस संजय करोल के साथ जस्टिस राजन गुप्ता डिवीजन बेंच में बैठ कर मामलों की सुनवाई करेंगे।जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह के साथ जस्टिस ए एम बदर डिवीजन बेंच में क्रिमिनल मामलों पर सुनवाई करेंगे।जस्टिस विकास जैन के साथ जस्टिस पी बी बजनथ्री डिवीजन बेंच में मामलों की सुनवाई करेंगे।

छह नए जज जस्टिस नवनीत कुमार पांडे,जस्टिस सुनील कुमार पंवार,जस्टिस संदीप कुमार, जस्टिस पूर्णेन्दु सिंह, जस्टिस सत्यव्रत वर्मा और जस्टिस राजेश कुमार वर्मा की सिंगल बेंच अग्रिम जमानत व अन्य जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
अभी तक पटना हाईकोर्ट में 19 जज कार्यरत थे,जबकि इन 7 जजों के आने के बाद कार्यरत जजों की संख्या 26 हो गई हैं।अभी पटना हाईकोर्ट में जजों के स्वीकृत पदों की संख्या 53 हैं।

चौथे चरण का चुनाव सम्पन्न

पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के बावजूद मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला है आज चौथे चरण पंचायत चुनाव में 58.65 प्रतिशत वोटिंग हुई है महिला ने 63,05 प्रतिशत और पुरूष ने 54,26 प्रतिशत मतदान किया है।

हलाकि रोहतास .वैशाली ,सहित कई जिलों से छुटपुट हिस्सा की भी खबर आयी लेकिन समान्य तौर पर मतदान पूरी तरह शांतिपूर्वक रहा ।

1–वैशाली में लालगंज के घटारो में बूथ पर झड़प के बाद बर्चस्व को लेकर दो पक्षों में चली गोली। एक युवक घायल, हाजीपुर-लालगंज मुख्य मार्ग को भी किया गया जाम, बूथ नम्बर 196,197 पर चली गोली से पंकज कुमार नामक युवक घायल हुआ है।

2–गोपालगंज में पंचायत चुनाव के दौरान पंचदेवरी व कटेया प्रखंडों के विभिन्न मतदान केंद्रों से मारपीट करने व मतदाताओं को धमकाने के आरोप में पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। यहां दोपहर एक बजे तक करीब 29 फीसदी मतदान हुआ है।

3–रोहतास में शिवपुर के मुखिया प्रत्याशी श्वेता सिंह और उनके समर्थकों पर हमला हुआ है। मुखिया प्रत्याशी की गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया गया है। हमला का आरोप दूसरे पक्ष पर लगा है।

4— बक्सर के बड़का गांव में मतदान के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लाठियां भांजने का आरोप लगाया है।

5—सीतामढ़ी के मिर्जापुर पंचायत में EVM के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। यहां EVM से प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह ही गायब हो गया है। पंचायत समिति के सदस्य के चुनाव चिन्ह में उलट-फेर किया गया है।

6—बिहटा प्रखंड के मूसेपुर पंचायत से पुलिस ने भारी मात्रा में वोटर आईडी कार्ड एवं दो डैमो ईवीएम को एक घर से किया बरामद. बोगस वोटिंग के लिए पंचायत में नहीं रहनेवाले लोगों का पहचान पत्र किया जा रहा था इस्तेमाल. दो लोग गिरफ्तार ।

बिहार में पर्यटन के क्षेत्र में अभी भी बहुत कुछ करने की जरुरत है

मैं पिछले तीन दिनों से नालंदा ,राजगीर और बोधगया घूम रहा हूं , मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह इलाका है और नीतीश कुमार पर्यटन और पर्यावरण में दिलचस्पी भी रखते हैं और पर्यटन के क्षेत्र में सबसे ज्यादा पैसे खर्च करने कि बात करे तो वो इलाका भी यही है फिर भी राष्ट्रीय स्तर पर भी हम लोग कम्पीट नहीं कर सकते हैं।

तीन दिनों की यात्रा के दौरान मुझे महसूस हुआ कि नीतीश कुमार 2005 से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री हैं जीतन राम मांझी का एक वर्ष से अधिक का कार्यकाल छोड़ दे तो फिर भी नालंदा ,राजगीर और बोधगया में पर्यटकों के लिए सामान्य सुविधा भी उपलब्ध नहीं है ।

राजगीर का जो पुराना रोपवे है उसका हाल यह है कि मेरे सामने दो व्यक्ति बाल बाल बच गये और मैं कैसे बच गया उपर वाले को ही पता है। इतना खतरनाक रोपवे मैंने नहीं देखा हरिद्वार का अनुभव था मुझे इसलिए परिवार और बच्चों के साथ चले गये ।

बिहार पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी इकोनॉमी खड़ी कर सकता है

लेकिन रोपवे पर चढ़ने और उतरने के दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों से थोड़ी सी भी चूक हुई तो दुर्घटना तय है ।लम्बें लोगों के लिए तो और भी मुश्किल है देश का यह एकलौता रोपवे हैं जहां भागते हुए रोपवे पर आपको चढ़ना है और भागते हुए रोपवे पर से उतरना है ।यहां आप रोपवे पर चढ़ रहे हैं या फिर उतर रहे हैं रोपवे रुकता नहीं है उसी स्पीड से आपको उस पर बैठ जाना है और उसी स्पीड से आपको उतरना है थोड़ी सी भी चूक हुई तो चोट लगना तय है ।

जबकि 2005 से अभी तक राजगीर में भवन निर्माण विभाग हजारों करोड़ की लागत से इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर ,पुलिस एकेडमी भवन सहित दर्जनों भवनों का निर्माण सरकार ने कराई है ।राजगीर में कंक्रीट का जाल बिछा गया है लेकिन आपको राजगीर पहुंचने के लिए आज भी आपको उसी तरह जाम में घंटो फसना है जैसे पांच वर्ष पहले था ।पटना बाईपास से बिना जाम में फंसे निकल गये तो फतुहा वाली सड़क पर जो जाम मिलना तय है रेलवे का फ्लाईओवर अभी तक बन नहीं पाया है आगे बढ़ गये तो फिर बिहारशरीफ जाम से निकल गये तो आप भाग्यशाली है सड़क का हाल सामान्य स्तर का है ।

बिहार में पर्यटन क्षेत्र

हां कुछ अच्छे होटल जरुर बने हैं फिर भी खाने और रहने की कोई व्यवस्था नहीं है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की तो छोड़िए भारतीय स्तर का भी हो । मैं 2010 से राजगीर जा रहा हूं जहां तक मुझे लगा राज्य सरकार पर्यटन के क्षेत्र में 100 करोड़ का भी निवेश नहीं किया है , इसी वर्ष नए रोपवे के निर्माण में ₹ 20 करोड़ 18 लाख 57000 खर्च हुआ हैं। रोपवे में कुल 20 केबिन लगाए गए हैं, इनमें 18 केबिन पर्यटकों के लिए है लेकिन अभी चालू नहीं है ।वही एक सफारी पार्क बनाया गया है जिस पर कुल 19 करोड़ 2900000 रुपया खर्च हुआ है लेकिन कल बारिश हो गयी तो वहां पहुंचना ही मुश्किल हो गया। एक पांडव पार्क बना है जहां बच्चों के साथ एक दो घंटा रह सकते हैं ।

नालंदा विश्वविद्यालय को सुरक्षित रखने के लिए जो नये स्ट्रक्चर बनाये गये हैं वो कब गिर जायेगा कहना मुश्किल है ,विश्वविद्यालय की जो दीवार बची है उस पर घास और कजरी जम गया है ,वही स्थिति जरासंध गुफा का भी है ऐसा नहीं है कि काम नहीं हुआ है लेकिन 15 -16 वर्षो में जो होना चाहिए था वो दूर दूर तक नहीं दिख रहा है, नीतीश कुमार के कार्यकाल में जितनी राशि भवन निर्माण में खर्च की गयी है मुझे नहीं लगता कि आजादी के बाद सरकार द्वारा अभी तक इतनी राशि खर्च हुई होगी भवन निर्माण के क्षेत्र में ।

गया और बोधगया का भी यही हाल है इस बार पिंडदान करने आये हजारों श्रद्धालुओं को होटल उपलब्ध नहीं रहने के कारण बस में रहने को मजबूर हुए ,गया में अभी तक बाईपास ठीक से नहीं बन पाया है जहां से आप सीधे बौद्ध गया या फिर शहर के बाहर बाहर आप निकल जाये। बौद्ध गया में इस बार संसद भवन जैसा एक मीटिंग हॉल बनते देखा और उसी कैम्पस में सरकार फाइव स्टार होटल बनवा रही है और पुलिस विभाग में करोड़ों का भवन बन रहा है। सामान्य सुविधा की ही बात करिए बौद्ध गया से लेकर मंदिर जाने के रास्ते में एक वास रुम और शौचालय नहीं है समझ में नहीं आता है सोच क्या है,राजगीर का भी यही हाल है परिवार साथ में हैं तो आप परेशान हो जायेंगे ।

वैसे यह सब इसलिए सामने ला रहे हैं ताकि बिहार से जुड़े जो भी लोग इस फील्ड में काम कर रहे हैं वो इन इलाकों के बेहतरी के लिए क्या किया जा सकता है जिससे भारतीय और विदेशी पर्यटक ज्यादा से ज्यादा आ सके इस पर सोचे क्यों कि जहां तक मैं देख रहा हूं बिहार में जिस तरह से सभी धर्मों का मुख्य केन्द्र के साथ साथ ऐतिहासिक स्थल मौजूद है ऐसे में बिहार पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी इकोनॉमी खड़ी कर सकता है ।

बाजार में गिरावट बढ़ी – सेंसेक्स 456 अंक, निफ्टी 152 गिरा; आईआरसीटीसी 19% गिरा

बीएसई सेंसेक्स 456.09 अंक टूटकर 61,259.96 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 50 152.20 अंक की गिरावट के साथ 18,266.60 पर बंद हुआ। इंट्राडे ट्रेड में सेंसेक्स ने 61,880 के इंट्रा-डे हाई और 61,109 के निचले स्तर के बीच कारोबार किया, निफ्टी ने 18,458 के इंट्रा-डे हाई और 18,209 के निचले स्तर के बीच कारोबार किया ।

सेंसेक्स चार्ट (20.10.21) एक नजर में

बीएसई मिडकैप 1.9% और स्मॉलकैप इंडेक्स 2.3% फिसले। सेंसेक्स पर भारती एयरटेल 4.03% की बढ़त के साथ शीर्ष पर रही, इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक, इंडसइंड बैंक और बजाज फाइनेंस का स्थान रहा।

टाइटन सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेंसेक्स स्टॉक था, जिसमें 2.97% की गिरावट आई, इसके बाद एचयूएल, एनटीपीसी और बजाज फिनसर्व का स्थान रहा।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 7 शेयर बढ़त के साथ और 23 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

घरेलू संस्थानों ने अपनी भारी बिकवाली जारी रखी। मंगलवार को उन्होंने 2,500 करोड़ मूल्य के शेयर बेचे जबकि एफपीआई ने 506 करोड़ मूल्य के शेयर बेचे।

निफ्टी मिडकैप 50 इंडेक्स 1.19% गिर गया जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 2.42% गिर गया। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.44% गिरा ।

हिंडाल्को, टाइटन कंपनी, एचयूएल, बीपीसीएल और बजाज फिनसर्व निफ्टी के प्रमुख हारने वालों में से थे। लाभ में भारती एयरटेल, एसबीआई, टाटा मोटर्स, इंडसइंड बैंक और एक्सिस बैंक शामिल हैं।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 11 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 39 लाल निशान में बंद हुए।

दरभंगा, भागलपुर और बक्सर आयुर्वेदिक कालेज फिर से होंगे शुरू

आयुष चिकित्सा के विकास को राज्य सरकार प्रतिबद्धः मंगल पांडेय
दरभंगा, भागलपुर और बक्सर आयुर्वेदिक कालेज फिर से होंगे शुरू

पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। दरभंगा, भागलपुर और बक्सर के आयुर्वेदिक कॉलेजों में फिर से पढ़ाई शुरू की जाएगी। इसके लिये प्रयास तेज कर दिए गये हैं। पटना और गोपालगंज में 50-50 बेड की क्षमता के आयुष अस्पताल स्थापित किये जाएंगे।

श्री पांडेय ने कहा कि पटना सिटी स्थित नवाब मंजिल में आयुष अस्पताल का निर्माण शुरू हो गया है। इसके डेढ़ साल में तैयार होने की संभावना है। यहां पर आयुर्वेद, होमियोपैथी, यूनानी और योगा पद्धति से इलाज किये जाएंगे। केंद्र सरकार के सहयोग से गोपालगंज में आयुष अस्पताल खोले जाएंगे।

आयुर्वेदिक, होमियोपैथी और यूनानी चिकित्सा कालेजों की शैक्षिक और आधारभूत संरचना की कमियां दूर की जाएगी। बेगूसराय और दरभंगा के राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों में दो नये भवन बनेंगे। मुजफ्फरपुर स्थित राय बहादुर टुंकी साह शासकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के परिसर में भी एक नया भवन बनाया जाएगा।

श्री पांडेय ने कहा कि आयुर्वेद और यूनानी कॉलेजों में स्नातक (यूजी) सीटों की संख्या भी बढ़ाई गई है। राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज ने यूजी सीटों की संख्या 40 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है और पांच अलग-अलग विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई शुरू की गई। स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष डॉक्टरों और जीएनएम की तैनाती की प्रक्रिया शुरू की गई। सूबे में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और वेलनेस सेंटर पर भी आयुर्वेदिक इलाज की सुविधा जनता को दी जाएगी।

कश्मीर से धारा 370 हटाये जाने से बावजूद क्यों हो रही है हिंसा

कश्मीर में बिना बात किए चालाकी से फौज के बल पर धारा 370 को हटा देना क्या काम आ रहा है ? 2 साल बाद भी लोहे की चादर से ढक दिए गए कश्मीर से कोई भी प्रकाश की किरण निकलती दिखाई दे रही है ? क्या कहीं लोकतंत्र सुगबुगाता दिख रहा है? क्या कोई नया नेतृत्व उभरा ? क्या पुराने नेताओं में से किसी का स्वर बदला ?

लोहे की चादर उठाओगे तो बस कराह या ललकार ही सुनाई देगी. यह जान लो कि गला दबाओगे तो आवाज बंद होगी गला छोड़ोगे तो वही आवाज और चिल्लाकर आएगी.

यह सोचा गया कि बंदूक के बल पर आतंकवाद को समाप्त करेंगे . लेकिन आज 2 वर्षों बाद भी हाल क्या है ? बंदूक का बल कश्मीर की जनता के लिए बंदूक का आतंक बन चुका है और आतंकवाद ने फिर से सर उठाया है. 2019 और 2020 में 50 से ज्यादा नागरिक मारे गए. इससे तो यही लगता है कि आतंकवाद ने कभी सिर झुकाया ही नहीं था

अभी पुंछ के इलाके में फौज और आतंकवादियों के बीच जो झड़प चल रही है उसमें 10 के लगभग फौजी मारे गए हैं . इनमे से दो तो प्रशिक्षित अफसर हैं. लेकिन एक भी आतंकवादी मारा या पकड़ा नहीं जा सका है. इसका अर्थ स्पष्ट है. आतंकवाद से भी लड़ना है तो उसका रास्ता, बन्दूक की नली नहीं है. इस रास्ते को अमेरिका समेत अनेक देश आज़मा चुके हैं.

ढोल चाहे जितना भी पीट लो वह अंततः फूटेगा ही. फूटने तक वह जो बजेगा वह अज्ञानी को ही सुहाना लगेगा. जो जानते हैं वो झूठ की ढम ढम से परेशान हैं.

जो लोग सोचते हैं कि चालाकी और चकमे की रणनीति से हम समस्याओं का हल कर लेंगे वे आज स्वयं समस्या बनकर कुर्सी पर बैठे हैं .

विद्रोही से संवाद और जनता की भागीदारी जैसी सीधी रणनीति के अलावा कुछ भी आजमा लो काम नहीं आएगा.

बारिश से बेहाल बिहार ट्रेन परिचालन पर भी पड़ा असर गंडक कोसी सहित कई नदियों का जलस्तर बढ़ा

पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण नालंदा सहित उत्तर बिहार के कई जिलों बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है गंडक ,कोसी सहित कई नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया है ।वही अररिया:-जोगबनी रेलवे स्टेशन पर पानी भर जाने के कारण आनंद विहार -जोगबनी स्पेशल ट्रेन को फारबिसगंज में रोका गया। जोगबनी में बाढ़ जैसे हालात हो गये हैं ।मौसम विभाग की माने तो फिलहाल बारिश जारी रहेगी ।

बारिश से बेहाल बिहार

बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह में शिरकत करने पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पटना पहुंचे हैं

बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह में शिरकत करने के लिए भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पटना पहुंचे हैं, राष्ट्रपति तीन दिनों तक पटना में रहेंगे इस दौरान आज शाम पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों संग ‘हाई-टी’ की शोभा बढ़ायेंगे। 21 अक्टूबर को सुबह पटना साहिब और हनुमान मंदिर का दर्शन करेंगे उसके बाद बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह को लेकर सुबह 10.50 बजे विधानसभा परिसर पहुंचेंगे।

वे यहां शताब्दी स्तंभ का शिलान्यास करेंगे और इस परिसर में बोधिवृक्ष के शिशु पौधे लगाएंगे फिर समारोह को संबोधित करेंगे। वे ‘सदन में विमर्श ही संसदीय प्रणाली का मूल है’ विषय पर विधायकों को संबोधित करेंगे। शाम साढ़े सात बजे से महामहिम राष्ट्रपति के सम्मान में विस अध्यक्ष के सरकारी आवास पर रात्रि भोज रखा गया है। इस दौरान बिहार कोकिला शारदा सिन्हा समेत कुल 77 कलाकार राज्य की सांस्कृतिक खूबियों का प्रदर्शन उनके समक्ष करेंगे। 22 को सुबह पटना भ्रमण के बाद राजभवन से पटना एयरपोर्ट के लिए राष्ट्रपति सुबह 11 बजे रवाना होंगे।

राष्ट्रपति बनने के बाद चौथी बार पटना आ रहे हैं राष्ट्रपति कोविंद
राष्ट्रपति कोविंद का बिहार से विशेष लगाव है। 8 अगस्त 2015 को उन्होंने बिहार के राज्यपाल पद की शपथ ली और 19 जून 2017 को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बिहार के राजभवन से सीधे राष्ट्रपति भवन के लिए विदा हुए। राष्ट्रपति बनने के बाद वे चौथी बार बिहार के दौरे पर पहुंच रहे हैं।

पहली बार 9 नवंबर 2017 को तृतीय कृषि रोडमैप का शुभारंभ करने आये थे। 15 नवंबर 2018 को राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय पूसा तथा एनआईटी पटना के दीक्षांत समारोह में शामिल होने बिहार आए। तीसरी बार 25 अक्टूबर 2019 को महामहिम राजगीर परिभ्रमण पर पहुंचे थे।

राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली दो यात्राओं में वे एक-एक दिन राजभवन में रुके थे। अबकी चार साल बाद 22 और 23 की रात वे यहां विश्राम करेंगे। इसको लेकर राजभवन के राष्ट्रपति सूट को चकाचक किया जा चुका है। यहां के रसोइयों, खानसामों में भी महामहिम के आगमन को लेकर खासा उत्साह है।

राष्ट्रपति समेत छह वक्ता करेंगे समारोह को संबोधित
बिहार विधानसभा के शताब्दी समारोह को लेकर विधानसभा के बाहरी परिसर में बनाए गये भव्य पंडाल के मंच पर राष्ट्रपति श्री कोविंद समेत छह लोगों की ही कुर्सियां होंगी और इतने ही लोग समारोह को संबोधित भी करेंगे। स्वागत भाषण विस अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा करेंगे, उसके बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल फागू चौहान का संबोधन होगा।

राष्ट्रपति के मुख्य संबोधन के बाद विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह धन्यवाद ज्ञापन करेंगे। मौके पर विधानसभा द्वारा तैयार स्मारिका का भी लोकार्पण होगा। राज्यपाल चौहान इसे लोकार्पित कर इसकी पहली प्रति राष्ट्रपति कोविंद को प्रदान करेंगे।

पंचायत चुनाव का चौथा चरण बारिश के बावजूद मतदाताओं में देखा जा रहा है खासा उत्साह

बिहार पंचायत चुनाव के चौथे चरण चरण की वोटिंग चल रही है हलाकि बारिश की वजह से वोटिंग प्रभावित हुई फिर लोगों में इतना जोश है कि बारिश में भी महिलाए भींग कर रही है ।आज 36 जिलों के 53 प्रखंडों में वोट डाले जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार, सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान को लेकर आयोग ने पूरी तैयारी की हुई है। इस चरण में 11,318 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 62 लाख 80 हजार 960 मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। इनमें 32 लाख 96 हजार 329 पुरुष व 29 लाख 84 हजार 415 महिला मतदाता और अन्य 216 मतदाता शामिल हैं

ये तस्वीर बिहार के पंचायत चुनाव की है जहां बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएँ घर से निकली हैें।

इस चरण में ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 41,120, ग्राम पंचायत मुखिया पद के लिए 5835, पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 5979, ग्राम कचहरी पंच पद के लिए 17553, ग्राम कचहरी सरपंच पद के लिए 4190 और जिला परिषद सदस्य पद के लिए 1131 उम्मीदवार मैदान में हैं।

चौथे चरण में 799 ग्राम पंचायतों के मुखिया और सरपंच के लिए चुनाव होंगे। 10888 वार्डों में ग्राम पंचायत सदस्य और ग्राम कचहरी के पंच पर चुनाव हो रहा है। जिला परिषद की 119 सीटों पर, जबकि पंचायत समिति की 1093 पदों पर चुनाव के लिए चुनाव कराया जा रहा है।

——–आज के पंचायत चुनाव में क्या खास है——–
दोपहल के एक बजे तक बिहार में 30 से 35 प्रतिशत मतदान की खबर है वैसे इस बार बारिश की वजह से मतदाता और मतदानकर्मियों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है

मोतिहारी के ढाका के बूथ संख्या 179 पर पंचायत सदस्य के मतपत्र का त्रुटिपूर्ण प्रकाशन। इसे लेकर इस पद के लिए मतदान नहीं हो रहा है। शेष पदों पर मतदान चल रहा है। इस बूथ पर वार्ड सदस्य के लिए पुनर्मतदान के लिए चुनाव आयोग को अनुशंसा की जा रही है।

जमुई के कवाली गांव में बूथ नंबर 69 पर प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच झड़प।
पुलिस ने मामला शांत कराया। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से फिर से शुरू।
गया जिले के गुरुआ के बूथ नंबर 111 में बोगस वोटिंग का आरोप।

सलमा खातून का वोट किसी दूसरे ने दिया, बायोमेट्रिक सिस्टम नहीं कर रहा काम।
मोतिहारी के ढाका प्रखंड के बूथ संख्या 179 पर वार्ड सदस्य पद का चुनाव स्थगित।
चुनाव लड़ रहे थे 11 लोग। EVM बैलेट में सिर्फ 7 प्रत्याशियों का नाम।

पटना के दुल्हिनबाजार के 17 मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक काम नहीं कर रहा।
पटना के बिहटा के 27 मतदान केंद्रों पर भी बायोमेट्रिक सिस्टम फेल।

नालंदा-इस्लामपुर प्रखंड के बड़ाय गांव में मतदान केंद्र के पास भौरा का हमला। कई मतदाता जख्मी।
बक्सर के बसुधर पंचायत के बूथ नं 1,2,3 पर सभी पोलिंग पार्टियों को बदला गया।

मुजफ्फरपुर में बूथ संख्या 101 पर मुखिया प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच विवाद।
कटिहार जिले के तीन प्रखंडों में बारिश के बावजूद मतदाताओं की दिख रही भीड़।

नवादा में एक बूथ पर दिव्यांग बहन को वोट दिलाने पहुंचा भाई। भाई ने कहा- बहन को नहीं दिखता है, इसलिए वोट दिलाने के लिए लाया हूं।

समस्तीपुर के विभूतिपुर पतैलिया में बूथ संख्या 3, 5, 15 में ईवीएम मशीन खराब।
मुजफ्फरपुर के रघुनाथपुर खुर्द पंचायत में बिना भवन वाला बूथ। यहां टेंट से बूथ बनाया गया है।

मधुबनी के राजनगर प्रखंड के रघुनी देहट पंचायत के बूथ नम्बर 2 पर बारिश के कारण मतदान बाधित रहा।
मुजफ्फरपुर– सरैया रामपुर विश्वनाथ पंचायत के पंचायत समिति सदस्य उम्मीदवार राजन चौधरी को निशाना बनाते हुए फायङ्क्षरग।

पटना– बिहटा प्रखंड में देकुली मतदान केंद्र पर शराब पीकर मतदान करने पहुंचे एक मतदाता को बिहटा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

छपरा— मशरख प्रखंड के दुगौली गांव के दुमदुमा के बूथ पर रोशनी की व्‍यवस्‍था नहीं है। इस कारण वहां टार्च क रोशनी में मतदान कराया जा रहा है। सिवान के मैरवा प्रखंड में मतदान की गति धीरे-धीरे बढ़ रही है।

नालंदा के डुमरी गांव के बूथ संख्‍या दो पर 35 मिनट विलंब से मतदान शुरू हुआ। मुंगेर के असरगंज प्रखंड में तेज बारिश के बीच मतदाता छाता लेकर मतदान केंद्र पहुंचे हैं।

सेंसेक्स, निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद गिरे; आईआरसीटीसी में 15% की गिरावट

मंगलवार को उतार-चढ़ाव के साथ सेंसेक्स, निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद गिरे। सेंसेक्स 49 अंकों की गिरावट के साथ 61,716 पर और निफ्टी 58 अंक की गिरावट के साथ 18,418 पर समाप्त हुआ। इंट्राडे ट्रेड में सेंसेक्स ने 62,245.43 का रिकॉर्ड तोड़ दिया और निफ्टी ने रिकॉर्ड 18,604.45 को हिट किया।

सेंसेक्स चार्ट (19.10.21) एक नजर में

आज के कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। बीएसई मिडकैप इंडेक्स और बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 2% की गिरावट आई। आईटी और कैपिटल गुड्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।

टेक महिंद्रा 4.12% की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फिनसर्व और इंफोसिस का स्थान रहा। आईटीसी 6.23% की गिरावट के साथ सेंसेक्स पर शीर्ष लूजर के रूप में बंद हुआ, इसके बाद एचयूएल, टाइटन और टाटा स्टील का स्थान रहा। आईआरसीटीसी के शेयर की कीमत में 15% की गिरावट आई है।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 14 शेयर बढ़त के साथ और 16 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

आज के कारोबार में बैंक निफ्टी 40,000 को छू गया लेकिन 39,540 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 2.22% नीचे बंद हुआ जबकि स्मॉलकैप 1.47% नीचे था । निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.59% गिरा ।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 16 हरे रंग में बंद हुए, जबकि 34 लाल रंग में बंद हुए।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

बिहार के लोक संगीत पर स्वरा भास्कर का परिवार हुआ दिवाना

अभिनेत्री स्वरा भास्कर अक्सर किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बनी रहती हैं. स्वरा को इंस्टाग्राम और ट्विटर पर भी काफी एक्टिव देखा जाता है. स्वरा कुछ भी पोस्ट क्यों न डालें, उसे लेकर बहस होना लाजमी है. स्वरा भास्कर का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे अपनी भतीजी के जन्म पर भोजपुरी में सोहर गाते हुए देखी जा सकती हैं. सोशल मीडिया पर स्वरा का यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिस पर लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

बिहार में ये गीत काफी प्रचलित है जब बच्चा जन्म लेता है ।

स्वरा भास्कर ने अपने इस वीडियो को इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि स्वरा एक हॉल में बैठी हैं, जहां काफी सारे लोग हैं और वे सोहर गा रही हैं. बता दें, सोहर एक लोकगीत है, जिसे बच्चे के जन्म पर गाया जाता है. यह मुख्य रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश में गाया जाता है. स्वरा भास्कर के इस वीडियो को अब तक एक लाख से भी अधिक व्यूज आ गए हैं. इसे फैन्स से लेकर बॉलीवुड सेलेब तक लाइक कर रहे हैं. स्वरा ने वीडियो पोस्ट करते हुए बताया है कि वे सोहर गा रही हैं, जिसे अधिकतर लड़कों के जन्म पर गाया जाता है, लेकिन उन्होंने इसे अपनी भतीजी के जन्म पर मॉडिफाई कर दिया है.

पंचायत चुनाव में 7398 उम्मीदवार बिना चुनाव लड़े जीत गये

बिहार में तीन चरणों का पंचायत चुनाव संपन्न हो चुका है और चौथे चरण का चुनाव 20 अक्टूबर यानी कल होगी ।इन तीन चरणों में मतगणना को लेकर आयोग के पास कई तरह की शिकायतें आई हैं। जिसको देखते हुए आयोग ने चौथे चरण के मतगणना के दौरान कई तरह के नये निर्देश जारी किये गये हैं ।

1–मतगणना को लेकर आयोग ने नये निर्देश जारी किये

मतगणना के मामलों में गड़बड़ी करने के दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर केस दर्ज किया जाए।
नियमों के मुताबिक, किसी सीट पर मतगणना शुरू करने की घोषणा लाउड स्पीकर से की जाती है। ऐसा इसलिए किया जाना है कि संबंधित सीट से जुड़े उम्मीदवार मतगणना के दौरान उपस्थित रहें, लेकिन आयोग को शिकायत मिली है कि मतगणना केन्द्र पर इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। आयोग ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। इसका पालन नहीं करनेवाले अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई का आदेश दिया है।

2-अभी तक 7398 उम्मीदवार बिना चुनाव लड़े चुनाव जीत चुके हैं

पंचायत आम चुनाव में तरह-तरह की तस्वीरें उभर रही हैं. अब तक तीन चरणों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं. तीनों चरण मिला कर कुल 7398 उम्मीदवार निर्विरोध चुनाव जीत चुके हैं. इनमें मुखिया, सरपंच,पंच, वार्ड समिति और पंचायत समिति के सदस्य शामिल हैं. खास यह कि 593 पदों पर एक भी नामांकन नहीं हुआ ।

पहले चरण में 858 प्रत्याशी निर्विरोध चुने गये थे
राज्य में पहले चरण में 858 प्रत्याशियों का निर्वाचन निर्विरोध रूप से किया गया. दूसरे चरण में पदों की अधिक संख्या बढ़ी, तो निर्विरोध निर्वाचित होनेवाले प्रत्याशियों की संख्या में भी इजाफा हुआ।

दूसरे चरण में निर्विरोध निर्वाचित होने वालों की संख्या 3396 रही वही तीसरे चरण में 3144 पदों पर प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित कर दिये पहले चरण में 87 पदों के लिए दावेदार ही नहीं मिले, जबकि दूसरे चरण में 320 ऐसे पद थे, जिन पर भी किसी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया

3–हर पद पर औसतन तीन उम्मीदवारों ने नामंकन दाखिल किया था
राज्य में पहले चरण में मुखिया, सरपंच, पंच , वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला पर्षद सदस्य के 4646 पदों के लिए निर्वाचन कराया गया. इन पदों के लिए कुल 15078 प्रत्याशियों ने दावेदारी की. इसी प्रकार से दूसरे चरण के पंचायत चुनाव में 21131 पदों के लिए चुनाव कराया गया, जिसमें 71467 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया. तीसरे चरण के चुनाव में 23128 पदों के लिए चुनाव कराया गया, जबकि इस चरण में कुल 81616 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया. अभी तक तीन चरणों के नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशियों की संख्या औसतन तीन से अधिक रही है. लोकतंत्र के इस पर्व में उन

निर्विरोध जीत
पहला चरण- 858

दूसरा चरण- 3396

तीसरा चरण- 3144

कुल 7398

चौथे चरण के पंचायत चुनाव की तैयारी अंतिम चरण में 20 अक्टूबर को होगा मतदान

पंचायत चुनाव के चौथे चरण के लिए 20 अक्टूबर बुधवार को होने वाले मतदान को लेकर सभी प्रशासनिक स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है। चौथे चरण के मतदान को लेकर राज्य में 11,318 मतदान केंद्रों का गठन किया गया है। इन मतदान केंद्रों को 7729 मतदान भवनों में बनाया गया है। इस चरण में 36 जिलों के 53 प्रखंडों में चुनाव निर्धारित हैं।

1- 799 पंचायतों में उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला
चौथे चरण के चुनाव के दौरान 799 पंचायतों में विभिन्न पदों के उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चौथे चरण में सभी छह पदों के लिए कुल 75,808 नामांकन पत्र दाखिल किए गए है। इनमें 35525 पुरुष एवं 40283 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। आयोग के अनुसार ग्राम कचहरी पंच के कुल 10888 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर 17,553 उम्मीदवार मैदान में हैं। जबकि सरपंच के 799 सीटों के विरुद्ध 4190, मुखिया के 799 सीटों के विरुद्ध 5835, पंचायत सदस्य के 10,888 सीटों के विरुद्ध 41,120, जिला परिषद सदस्य के 119 सीटों के विरुद्ध 1131 और पंचायत समिति सदस्य के 1093 सीटों के विरुद्ध 5979 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया है।

2- चुनाव आयोग ने की कार्यवाही
जमुई जिले के सोनो प्रखंड विकास पदाधिकारी को चुनाव कार्य से हटा दिया गया है निर्वाचन कार्य प्रबंधन में विफल सोनो प्रखंड विकास पदाधिकारी को चुनाव कार्य से हटा दिया गया है। उनकी जगह निर्वाचन पदाधिकारी की कमान वहां के अंचलाधिकारी राजेश कुमार को दी गई है। यह आदेश जिला पदाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने जारी कर दिया है।

वही राज्य में छठे चरण के प्राथमिक शिक्षक नियोजन में 90 हजार 762 पदों पर, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक नियोजन में 32 हजार से ज्यादा पदों पर शिक्षक बहाली की प्रक्रिया चल रही है। निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव संपन्न होने तक शिक्षक नियोजन को जारी रखने की अनुमति देने से मना कर दिया है।

सेंसेक्स 61765 पर, निफ्टी 18,450 के ऊपर बंद हुआ; बैंक, धातु में तेजी

भारतीय बाजार सोमवार को रिकॉर्ड बढ़त के साथ बंद हुए। एनएसई निफ्टी 138 अंक ऊपर 18477 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स 459 अंक ऊपर 61765 पर बंद हुआ। इंट्रा डे में, सेंसेक्स ने 61,963 के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ, जबकि निफ्टी ने 18,525 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ।

सेंसेक्स चार्ट (18.10.21) एक नजर में

बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.9 फीसदी और बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 फीसदी बढ़ा। टॉप गेनर के रूप में इंफोसिस 4.47% ऊपर था, इसके बाद टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक और मारुति सुजुकी थे। लाल रंग में नीचे, महिंद्रा एंड महिंद्रा 2.24% गिर गया, उसके बाद एचसीएल टेक्नोलॉजीज, डॉ रेड्डीज और एशियन पेंट्स का स्थान रहा। फार्मा को छोड़कर, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स मेटल, पावर और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2-4 फीसदी की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।

सेंसेक्स में 17 शेयरों में तेजी और 13 शेयरों में गिरावट रही।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 0.87% उछलकर 39,684 पर बंद हुआ। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.47% बढ़ा । निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 32 हरे रंग में बंद हुए, जबकि 18 लाल रंग में बंद हुए।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

कश्मीर में आज फिर आतंकियों ने की दो बिहारी मजदूर की हत्या, एक घायल।

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने लगातार दूसरे दिन गैर कश्मीरी लोगों को निशाना बनाया है। रविवार को आतंकियों ने साउथ कश्मीर के कुलगाम में बिहार के 3 लोगों को गोली मार दी। इनमें से 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल है।

जानकारी के मुताबिक, कुलगांव के लारन गंजीपोरा एरिया में जिन्हें गोली मारी गई, वे सभी मजदूर थे। घायल की पहचान चुनचुन रिषि देव के तौर पर हुई है। उसे अनंतनाग के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मारे गए 2 नागरिकों की पहचान राजा ऋषि देव और जोगिंदर ऋषि देव के तौर पर हुई है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने आतंकी हमलों की पुष्टि करते हुए दो मजदूरों की मौत की जानकारी दी है। जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान जोगिंदर ऋषिदेव और राजा ऋषिदेव के रूप में हुई है। वहीं घायल मजदूर का नाम चुनचुन ऋषिदेव है, जिसे अस्पताल में भर्ती किया गया है।

पटना हाईकोर्ट में सात जज लेगें शपथ

पटना हाई कोर्ट में सात जजों का शपथ ग्रहण 20 अक्टूबर,2021 को होगा । चीफ जस्टिस संजय करोल पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से स्थानांतरित जज जस्टिस राजन गुप्ता,कर्नाटक हाईकोर्ट से स्थानांतरित जज जस्टिस पी वी बजनथ्री और केरल हाईकोर्ट से स्थानांतरित जज जस्टिस ए एम बदर को 11 बजे दिन में शपथ दिलाएंगे।इसके साथ ही चार नवनियुक्त हुए जजों, संदीप कुमार, पूर्णेन्दु सिंह,सत्यव्रत वर्मा एवं राजेश कुमार वर्मा को पटना हाई कोर्ट के जज के रूप में शपथ दिलाएंगे।
दशहरा छुट्टी खत्म होने के बाद 21अक्तुबर,2021 को पटना हाई कोर्ट के खुलते ही ये सभी जज भी अपना कार्य प्रारंभ कर देंगे।

पटना हाई कोर्ट में पूजा अवकाश के ठीक पहले न्यायिक सेवा कोटे से दो जज पटना हाई कोर्ट में शपथ ग्रहण किये थे ।
इन चार इस सभी जजों के आने से पटना हाईकोर्ट में जजों की कुल संख्या 26 हो जाएगी,जबकि यहां जजों के स्वीकृत पदों की संख्या 53 हैं।इस तरह अभी भी 27 जजों के पद रिक्त पड़े रहेंगे।

संदीप कुमार जज बनने के पटना हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट थे एवम कुछ वर्षों तक बिहार सरकार के वकील के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

पूर्णेंदु सिंह जज बनने से पहले वे पटना हाई कोर्ट में बिहार सरकार, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ,नेशनल इंश्योरेंस कंपनी व सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के वकील रहे।

सत्यव्रत वर्मा जज नियुक्त होने से पूर्व पटना हाई कोर्ट में झारखंड सरकार के रह चुके हैं ।

राजेश कुमार वर्मा जज बनने से पहले पटना हाई कोर्ट में बिहार एवं केंद्र सरकार दोनों के वकील रह चुके हैं।

कोरोना का असर राज्य के अदालतों में भी पड़ा है एक लाख से अधिक़ मामले हैं पेंडिंग।

कोरोना महामारी का असर राज्य के अदालतों के कामकाज स्पष्ट दिखने लगा है। पटना हाई प्रशासन ने पटना हाई कोर्ट में वर्ष 2018, 2019 और 2020 में दायर हुए व् निष्पादित हुए मुकदमों का केस क्लीयरेंस रेट (सी सी आर) अपने आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया है।

हाई कोर्ट प्रशासन द्वारा जारी सी सी आर के अनुसार वर्ष 2018 में कुल 130518 मुकदमें दर्ज हुए, जिसमें 117984 मुकदमें कोर्ट द्वारा सुनवाई के बाद निष्पादित किये गए। इस तरह से वर्ष 2018 का सी सी आर 90.39 फी सदी।

इसी प्रकार से वर्ष 2019 में पटना हाई कोर्ट में कुल 136401 मुकदमें दर्ज हुए, जिसमें हाई कोर्ट ने 117707 मुकदमों का निष्पादन किया। इस तरह से वर्ष 2019 का सी सी आर 86.29 रहा।

वर्ष 2020 में पटना हाई कोर्ट में 58674 मुकदमें ही दर्ज हुए, जिसमें हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 51637 मुकदमों को निष्पादित किया। इस प्रकार से वर्ष 2020 का सी सी आर 88.00 रहा।

गौरतलब है कि दर्ज मुकदमों की संख्या व निष्पादित किये गए मुकदमों के प्रतिशत को यहां सी सी आर कहा गया है। इसी प्रकार से राज्य के निचली अदालतों में वर्ष 2018, वर्ष 2019 व वर्ष 2020 का सी सी आर भी हाई कोर्ट प्रशासन द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया गया है।

राज्य के निचली अदालतों में वर्ष 2018 में कुल 493973 मुकदमें दर्ज किये गए, जिसमें 361063 मुकदमों को निचली अदालतों द्वारा निष्पादित किया गया। इस प्रकार से वर्ष 2018 का सी सी आर 73.09 रहा।

वर्ष 2019 में राज्य के निचली अदालतों में कुल 598462 मुकदमें दर्ज हुए, जिसमें 405347 मुकदमों को निचली अदालतों द्वारा निष्पादित किया गया। इस तरह से वर्ष 2019 का सी सी आर 67.73 रहा।

वर्ष 2020 में राज्य के निचली अदालतों में 476877 मुकदमें ही दर्ज हुए, जिसमें 174478 मुकदमों को सुनवाई के पश्चात निष्पादित किया गया। इस तरह से वर्ष 2020 का सी सी आर 36.58 रहा।

इस तरह से देखा जाए तो वर्ष 2018 और 2019 में मुकद्दमों की दायर संख्या और निष्पादित मामलों की संख्या सामान्य मानी जा सकती है।किंतु करोना महामारी वर्ष 2020 में दायर मुकद्दमों की संख्या तो कम रही ही, साथ निष्पादित मामलों का प्रतिशत भी नीचे रहा।

क्या बीजेपी असदुद्दीन ओवैसी को देश का दूसरा जिन्ना बनाने में लगा है?

क्या संघ और बीजेपी हिंदू महासभा की तरह असदुद्दीन ओवैसी को दूसरा जिन्ना बनाने में मदद कर रही है । सवाल उठना लाजमी है क्यों कि मीडिया में कवरेज को लेकर एक रिपोर्ट आयी है जिसमें पीएम मोदी के बाद सबसे अधिक किसी नेता को कवरेज मिल रहा है तो वो असदुद्दीन ओवैसी है । मीडिया ओवैसी को इस तरह से पेश कर रहा है जैसे देश के 25 करोड़ मुसलमान का वही एक आवाज है जैसे कभी ब्रिटिश सरकार उस दौर में जिन्ना को दिखाने की कोशिश कर रहा था।

1- क्या हैसियत है असदुद्दीन ओवैसी की 

देश के 545 लोकसभा सीट में असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM पार्टी का मात्र दो सांसद है एक खुद असदुद्दीन ओवैसी  है दूसरा महाराष्ट्र से गठबंधन में जीत करके आया है ।इसी तरह देश के 4126 विधानसभा सीटों में AIMIM के विधायकों की संख्या मात्र 14 है। तेलंगाना विधानसभा में विधायकों की संख्या सात है वो भी गठबंधन में, पांच बिहार में है और दो महाराष्ट्र में है।यही इसकी राजनीतिक हैसियत है ।  बात अगर वोट प्रतिशत की करे तो तेलंगाना विधानसभा चुनाव में  2.7 फीसदी वोट मिले थे AIMIM को ।बिहार में AIMIM को 1.24 फीसद वोट मिला है और इसी तरह महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में AIMIM 1.34 प्रतिशत वोट मिला था ।और इस बार के बंगाल विधानसभा की बात करे तो AIMIM को 0.01%  वोट मिला था । मतलब पूरे देश में इसकी जमा पूंजी मात्र 4.66 प्रतिशत वोट का है और टीवी पर इसकी सभा और मुस्लिम विषय से जुड़े मामले में कुल समय की बात करे तो 99 प्रतिशत हिस्सा ओवैसी को मिलता है यह आंकड़ा हिंदी चैनल से जुड़ा है जहां इसकी जमा पूंजी 5 विधायक और 1.24 प्रतिशत वोटों का है ।

2- असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति को स्थापित करने की कोशिश क्यों चल रही है

ये सवाल लाजमी है और इसको समझने की भी जरूरत है क्यों कि एक ऐसा नेता जिसकी राष्ट्रीय फलक पर कोई हैसियत नहीं है उसको इतनी तब्बजों क्यों दी जा रही है ।चलिए आजादी के आंदोलन के दौर में चलते हैं जिन्ना जो सूअर का मांस खाता था ,शराब पीता था मतलब वो दूर दूर तक मुसलमान नहीं था ब्रिटिश सरकार ने उसको मुस्लिम नेता के रूप में आगे बढ़ाया जबकि उस समय खान गफ्फार खान मौलाना आजाद जैसे बड़े नेता देश में मौजूद थे लेकिन सारे नेता टू नेशन थ्योरी के खिलाफ थे। अंग्रेज भारत को कमजोर करना चाहते थे जिन्ना उसके लिए जरुरी था इसलिए जिन्ना को स्थापित करने के लिए उस समय की मीडिया और अन्य संसाधनों का पूरा उपयोग किया । यही राजनीति ओवैसी के सहारे  बीजेपी कर रही है ताकि हिन्दी पट्टी में मुस्लिम वोट का बटवारा हो और बीजेपी सरकार को सरकार बनाने में परेशानी नहीं हो।

3- ओवैसी की राजनीति देश को तालिबान की तरफ धकेल रहा है  

दुनिया में भारत दूसरे नम्बर का देश है जहां सबसे ज्यादा मुसलमान रहता है फिर भी हालात अधिकांश मुस्लिम राष्ट्र से बेहतर भारत का है इसकी वजह भारतीय मुसलमान धार्मिक रूप से उतने कट्टर नहीं है जितने अन्य देशों में है। ओवैसी कर किया रहा है या फिर ओवैसी के परिवार की राजनीति हैदराबाद में क्या रही है कहने की जरूरत नहीं है। इसलिए सत्ता के लिए राजनीतिक दल किसी भी स्तर तक जाकर खेल खेलता है।

आज ओवैसी के सहारे बीजेपी भले ही सत्ता पा ले जैसे बिहार में मिल गया लेकिन इसका दुरगामी प्रभाव जिन्ना के टू नेशन थ्योरी जैसा हो जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी । यही सियासत है आजादी के आंदोलन के दौरान हिन्दू महासभा मुस्लिम लिंग के साथ सरकार चला रही थी और 1942 के आंदोलनकारियों पर गोली चलाने का हुक्म दे रहा था और आज उसके सहारे सत्ता में बने रहने के लिए ओवैसी जैसे नेता को मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर रहा है ।

कश्मीर में हुए आतंकी हमले में एक सप्ताह के अंदर दो बिहारी की हुई मौत

कश्मीर के श्रीनगर के ईदगाह में शनिवार को हुए आतंकी हमले में बिहार के बांका जिले के बाराहाट निवासी अरविंद कुमार साव की भी मौत हो गई है।10 वर्ष से अरविंद कश्मीर में गोलगप्पा बेच रहा था और उससे जो आमदनी होती थी उससे बिहार में उसके परिवार का खर्च चला रहा था। घटना के बाद घर वालों का हाल बेहाल हो गया है। बूढ़े मां-बाप के साथ परिवार के अन्य सदस्यों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

छीन लिया बड़ा सहारा
बांका के बाराहाट थाना क्षेत्र के लखपुरा परघड़ी गांव के देंवेद्र साव और उनकी पत्नी सुनैना देवी को 5 बेटे और एक बेटी है। इसमें दो बेटों की मौत हो चुकी है। बड़ा बेटे बबलू साव की अभी 5 माह पहले ही गांव में मौत हो गई है। एक बेटे की मौत पहले हो चुकी है। दो बेटों की मौत से देवेंद्र और सुनैना पहले ही टूट गए थे। अरविंद ही घर का बड़ा सहारा था।

कश्मीर में मारे गये अरविंद कुमार शाह का पिता क्या कह रहे हैं

एक माह पहले तय हुई थी शादी
अरविंद कुमार साव की शादी एक माह पहले तय हुई थी। शादी की डेट अभी फाइनल नहीं हुई थी लेकिन घर में तैयारी चल रही थी। घर वालों का कहना है कि अगले अग्न में घर वाले अरविंद की शादी को लेकर पूरी तरह से तैयारी कर चुके थे। अब घर वालों का यही कहकर रोना है कि वह बेटे की शादी भी नहीं देख पा और आतंकियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया।

अरविन्द शाह की मां कह रही है मेरा पूरा परिवार उजड़ गया

गांव के 10 लोग कश्मीर में लगाते थे दुकान
परघड़ी गांव के 10 लोग कश्मीर के श्रीनगर में रहकर फुचका (गोलगप्पा ) व अन्य खाद्य पदार्थों की दुकान लगाते थे। अरविंद साव 10 साल से श्रीनगर में था और गांव के सभी लोग एक साथ ही रहते थे। बड़े भाई बबलू साव की मौत के बाद अरविंद गांव आया था। भाई क्रिया कर्म के बाद वह 3 माह पहले बिहार से श्रीनगर गया था।

अरविन्द की हत्या की खबर से गाँव वाले आहत हैं

बड़े भाई की मौत के बाद परिवार की स्थिति को देखते हुए वह अपने भाई मंटू को भी साथ ले गया था। मंटू भी अरविंद के साथ गोलगप्पे का ठेला लगाता था। दोनों भाई के ठेला लगाने से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर रही थी, लेकिन आतंकी हमले में परिवार का बड़ा सहारा छीन लिया है।

इस बीच सुशील कुमार मोदी सांसद (राज्य सभा) एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री, बिहार ने बिहार के अरविन्द कुमार साह की श्रीनगर में आतंकवादियों द्वारा निर्मम हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ने इस सम्बन्ध में जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर श्री मनोज सिन्हा से दूरभाष पर बातचीत की, सुशील कुमार मोदी को लेफ्टिनेंट गवर्नर श्री मनोज सिन्हा ने बताया कि स्वर्गीय साह के पार्थिव शरीर को बिहार भेजने की व्यवस्था की जा रही है एवं उनके परिजनों को तत्काल 11 लाख रुपए की मदद की घोषणा की गई है।

वही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस घटना की निंदा करते हुए तत्तकाल दो लाख रुपया देने की घोषणा की है ।
पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी इन हत्याओं की निंदा की है. उन्होंने ट्वीट किया, “आज श्रीनगर में रेहड़ी लगाने वाले अरविंद कुमार की आतंकी हमले में मौत की कड़ी निंदा करता हूं. यह आम नागरिकों को निशाना बनाने का एक और मामला है. अरविंद कुमार श्रीनगर कमाई और अवसर की तलाश में आए थे और यह अफसोसनाक है कि उनकी हत्या कर दी गई.”

एक सप्ताह के अंदर कश्मीर में हुए आंतकी हमले में ये दूसरा बिहारी है जिसकी हत्या हुई है इससे पहले भागलपुर के वीरेंद्र पासवान को आतंकी ने गोली मार कर हत्या कर दिया था वो भी वहां गोलगप्पा बेचने का काम करता था ।

सुपर 30 गरीबों के बीच स्वाभिमानों की रोजगार देने वाली फौज-अभयानंद

जेईई-एडवांस के रिज़ल्ट आ चुके हैं। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बेसब्र बैठा इस दिन का इंतज़ार कर रहा था।

एक बार पुनः बच्चों ने प्रमाण दिया है कि प्रतिभा को कोई भी परिस्थिति बाँध नहीं सकती। बीते वर्ष की विषमता को पराजित कर, सफलता प्राप्त करने वाले हर बच्चे पर मुझे गर्व है।

मेरे मन में संतोष इस बात से है कि यह मात्र उन छात्र-छात्राओं की किसी परीक्षा में सफलता नहीं, अपितु उनके परिवार की प्रगति का पहला कदम है। अभी तो लम्बा सफ़र तय करना है।

मेरे सारे सुपर 30 संस्थानों में कुल 394 बच्चे जेईई-एडवांस में उत्तीर्ण हुए हैं। रहमानी 30 से 50, विभिन्न CSRL सुपर 30 से 328, मगध सुपर 30 से 8 और संगम सुपर 15 भीलवाड़ा से 8 सफल छात्र-छात्राओं की सूची मेरे हाथों में है। सबों को मेरी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

इन परिणाम से साबित होता है कि बेरोज़गारी उन्मूलन का माध्यम शिक्षा से ज्यादा सशक्त और कोई नहीं है। मैंने 2002 में एक सपना देखा था कि गरीब मेधावी बच्चों की एक बड़ी फ़ौज बनेगी जो आने वाले समय में रोज़गार देने की स्थिति में होगी न कि सरकार के सामने याचक बन कर खड़ी, अपने स्वाभिमान को दरकिनार कर गिड़गिड़ाती रहेगी। उस स्वप्न की आकृति दिखने लगी है।

आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल हत्याकांड मामले में पुलिस की भूमिका से आहत परिजन ने आत्म हत्या की कोशिश

मोतिहारी के आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्या मामले में आज उसकी पत्नी थाने पहुंच कर आत्महत्या करने कि कोशिश की है विधवा मोनिका ने पुलिस पर इस घटना में शामिल बीजेपी के बड़े नेता को बचाने का आरोप लगाते हुए अपनी हाथ का नस काट ली है । इस खबर के बाद एक बार फिर लोग भड़क गये हैं।

RTI कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल के हत्यारे के साथ खड़े हैं एसपी परिवार वालो ने लगाया आरोप

वैसे एसपी साहब आदतन अपराधियों पर कारवाई करने से बचते रहते हैं यह पूरा सूबा जानता है और यह मामला तो सत्ता से जुड़ा है ,ऐसे में आपसे उम्मीद की वजह नहीं है फिर भी सूबे को लोगों को लगा था कि विपिन अग्रवाल अपने लिए नहीं सरकार के लिए लड़ रहा है ऐसे में जिस तरीके से सरेआम सीओ कार्यालय के सामने उसकी हत्या हुई, शायद का आपका जमीर जग जाये,आप जब रात को घटना स्थल पर पहुंचे थे और जिस तरीके से मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे लगा जैसे आप कुछ करने का मन बना रहे हैं।

लेकिन एक बार फिर आपने बिहार की 12 करोड़ आबादी का भरोसा तोड़ है। पता नहीं जिस दिन आपने वर्दी पहनी होगी उस दिन किस बात का शपथ लिया था ।लेकिन जिस तरीके से विपिन अग्रवाल का हत्यारा सड़को पर घूम रहा उससे तो यही लगता है कि आपने वर्दी अपराध और अपराधियों के संरक्षण के लिए ही पहनी थी जरा आप भी सुनिए प्रत्यक्षदर्शी और घटना के दिन और जिस दिन दो शूटर गिरफ्तार हुआ था एसपी साहब क्या कह रहा हैं ।

RTI कार्यकर्ता विपिन की हत्या पर एसपी का बयान


अब जरा मामला क्या है इसको समझ लीजिए मोतिहारी जिले के हरसिद्धि प्रखंड में सरकार की सैकड़ों एकड़ जमीन पर भूमाफिया की नजर है उस जमीन पर कब्जा करने वाले माफिया का विपिन विरोध करता रहता था उसमें मोतिहारी जिले के पूर्व जिला अध्यक्ष से इसकी कई बार विवाद हो चुकी है बीजेपी नेता के अवैध पेट्रोल पंम्प को विपिन अग्रवाल ने बंद करवा दिया था और जमीन पर अवैध कब्जा को लेकर विपिन से एक याचिका हाईकोर्ट में दायर कर दिया था ।

RTI कार्यकर्ता हत्याकांड मामले में मीडिया से बात करते एसीपी

बिपिन अग्रवाल को 24 सितंबर को हरसिद्धि ब्लॉक कार्यालय के गेट पर दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया था।इस मामले में दो सूटर की गिरफ्तारी हुई और एसपी के अनुसार हत्या सुपारी देकर की गयी है जमीन कब्जा से ही जुड़ा मामला है लेकिन शूटर के गिरफ्तारी के 10 दिनों के बाद भी अभी तक साजिशकर्ता तक पुलिस नहीं पहुंच पायी है बिपिन के परिजन का आरोप है कि एसपी बीजेपी नेता को बचा रहे हैं ।

RTI कार्यकर्ता की हत्या पर राजद नेत्री रितु जायसवाल एसपी पर बड़ा आरोप

हलाकि एसपी साहब लाख सफाई दे लेकिन मोतिहारी पुलिस जिस तरीके से काम कर रही है उससे तो यही लगता है कि पुलिस पूरे दबाव में है और बीजेपी नेता पर हाथ डालने से बच रही है जबकि परिवार वाले चीख चीख कर घटना के पीछे का सच बता रहा है ।

लालू प्रसाद के बिहार आने पर अभी भी संशय बरकरार तेजस्वी कहा देखिए लालू जी को इक्छा तो बहुत है

दिल्ली से पटना पहुंचने के बाद मीडिया से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू जी को बिहार आने की प्रबल इच्छा है लेकिन डॉक्टर इसके लिए तैयार नहीं है । बात उपचुनाव की तो 17 तारीख से चुनाव प्रचार पर निकल रहे हैं और हमारी पार्टी दोनों सीटे जीतेंगी ।

अपराधियों ने सरकार को दी खुली चुनौती 48 घंटों के दौरान एक दर्जन से अधिक हत्या, लूट और रेप की घटी है घटना

पिछले 48 घंटों के दौरान राज्य में जिस तरीके से अपराधी सर चढ़ कर ताडंव किया है उससे एक बार फिर से राज्य में कानून के राज पर सवाल खड़े होने लगे हैं ।उस वक्त जब पूरे राज्य में दुर्गा पूजा को लेकर अर्लट घोषित है और पुलिस मुख्यालय से लेकर थाने स्तर तक राज्य मुख्यालय से मॉनिटरिंग हो रही है।

उस दौरान एक दर्जन से अधिक लोगों की हत्या हुई है , चार चार गैग रेप की घटना घटी है। पूजा के दौरान एक दर्जन से अधिक हिंसक घटनाये घटी है और दो दर्जन से अधिक दर्घटनाए हुई है जिसमें 10 से अधिक लोगों की मौत हुई है।वही पूजा के दौरान गया और सिवान से सम्प्रदायिक माहौल बिगड़ने की भी खबर है।

क———-मंदिर पर हमला

1–दरभंगा–राज किला परिसर स्थित कंकाली मंदिर के पुजारी की अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी। एक अन्य पुजारी गोली लगने से घायल हो गया। प्रत्यदर्शी की माने तो कार से आए चार अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया है। लोगों ने एक अपराधी को पीट-पीटकर मार डाला दो को बूरी तरह घायल कर दिया है ।

2—सिवान— जिले के दरौंदा के पकवलिया- ढेबर गांव की है। गांव के मंदिर के पुजारी का पानी में शव मिला है। शव मिलने का स्थान मंदिर के पास हीं है। शव पर चोट के गम्भीर निशान है । बताया गया है कि तीन दिन पहले पुजारी का कुछ मनचलों से विवाद हआ था। उन लोगों ने पुजारी के साथ मारपीट भी की थी।

3—अररिया में एक युवक की हत्या कर दी गई। घटना कुर्साकांटा के कुआड़ी ओपी क्षेत्र के अंतर्गत मधुबनी गांव में मंदिर की है। शुक्रवार देर रात 25 साल युवक मंदिर के बरामदे पर सोया हुआ था, तभी अपराधियों ने तलवार से वारकर उसकी हत्या कर दी। वह मूर्ति विसर्जन कर लौटा था। परिजन में युवक के साथ में सो रहे युवक पर हत्या की आशंका जता रहे हैं। शनिवार सुबह युवक की हत्या की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई।

ख—दर्गा पूजा के दौरान हिंसा —

4—गया —जिले के डुमरिया प्रखंड के मुख्य बाजार में मां दुर्गा की प्रतिमा का दर्शन करने गए लोगों पर अपराधियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दिया । शुक्रवार की रात हुई गोलीबारी में कई लोग जख्मी हो गए हैं वजह लड़की के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर यह घटना घटी है गोलीबारी के बाद मेला में भगदड़ मच गई।

5—पटना के पालीगंज इलाके में शुक्रवार की देर शाम थाना के नजदीक दुर्गा पूजा की लगी मेला में जमकर गोलीबारी हुई। इस गोलीबारी में 2 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए पालीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजा गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने इन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया है।मामला यहां भी लड़कियों के साथ छेड़छाड़ का विरोध करना ही बताया जा रहा है ।

6—-सीतामढ़ी जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शुक्रवार रात पुलिस और पब्लिक के बीच झड़प हो गई। इस भिड़ंत में 4 लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में किया जा रहा है। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद है। छापेमारी के बाद करीब छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

7—नवादा :- जिले के वारिसलीगंज में दशहरा मेला के दौरान शुक्रवार की देर रात बलबापर गांव के कुछ बदमाश युवकों एवं स्टेशन रोड पूजा समिति के सदस्यों के बीच छेड़छाड़ को लेकर विवाद हो गया। बाद में ईंट पत्थर एवं गोलीबारी की सूचना है।
बताया गया कि मेला के दौरान रात को बलबापर गांव के करीब एक दर्जन युवकों द्वारा मेले में घूम रही लड़कियों के साथ स्टेशन रोड स्थित पूजा पंडाल के पास छेड़छाड़ किया जाने लगा, जिसका पूजा समिति के सदस्यों ने विरोध किया बाद में इसकी सूचना जब गांव वालो को मिली तो फिर बीच- बचाब करने पहुंची पुलिस टीम पर नाराज गाँव वालों ने हमला कर दिया, वहीं इस हमले में कई पुलिसकर्मी बुरी तरह से घायल हो गए है।

इतना हीन नहीं नाराज हमलावरों ने रेल थाना के वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद अफरातफरी मच गया, इस घटना में कई पुलिसकर्मियों की जख्मी होने की सूचना है । जख्मी पुलिस कर्मियों ने बताया कि उग्र ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव तो किया हीं, कई चक्र गोलियां भी चलाया । लेकिन गोली तो किसी भी पुलिसकर्मियों को नहीं लगा लेकिन रेल थाना पुलिस एवं वारिसलीगंज थाना के एसआई समेत कई पुलिस कर्मी जख्मी है ।

8—बेगूसराय में विजय दशमी की रात बेखौफ बाइक सवार अपराधियों ने मिठाई दुकान में लूटपाट किया। लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने दुकान तोड़फोड़ भी की। इस दौरान बदमाशों ने दूकान से लगभग 22 हजार नगद रुपए लूटकर फरार हो गया। घटना नगर थाना क्षेत्र के विश्वनाथ नगर मोहल्ले की है।

9—समस्तीपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के धुरलख गांव स्थित पुरानी दुर्गा स्थान में शुक्रवार की रात मारपीट हुई। इस घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल ले जाया गया। मारपीट की सूचना पर मुफस्सिल थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्र, एएसआई नवल किशोर पुलिस बल के साथ पूजास्थल पर पहुंचे। पुलिस जांच में जुट गई है।

10—मधेपुरा में बीते देर रात मेला देख कर घर लौट रहे एक युवक की अज्ञात अपराधियों ने हत्या कर शव को भर्राही और मधुवन के बीच सड़क किनारे फैंक कर हुआ फरार. मामला भर्राही सहायक थाना क्षेत्र के मधुवन गाँव की है

11–लखीसराय—अमहरा ओपी के पतनेर-झाखर सड़क किनारे एक युवक का शव मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। शव की शिनाख्त नही हो पायी है। मृतक के चेहरे पर गहरे जख्म का निशान है। जिससे लोग हत्या की आशंका जता रहे है।घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मृतक के शिनाख्त में जुट गई है।

12–अररिया— फारबिसगंज में जनता डिस्ट्रिक्ट इलेक्ट्रॉनिक दुकान के मालिक के आवास में लूट,बीती रात एक दर्जन लोगों ने दिया घटना को अंजाम, पुलिस मौके पर पहुंच मामले की जांच में जुटी। घटना के संदर्भ में व्यवसाई ने बताया की बीती रात एक दर्जन लोगों ने घर पर धावा बोल मारपीट की घटना को अंजाम दिया और घर वालों को एक कमरा में बंद कर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। घटना में लगभग 12 लाख नगदी समेत लगभग 8 लाख रुपए की जेवरात की लूट की बात कही जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

13—-मुंगेर— PDS डीलर कृष्णा पासवान के बेटे राजा कुमार (23) की गला रेत कर हत्या कर दी गई। पिता ने बताया- ‘बेटा घर के बगल में ही गोदाम में सोया था। तभी अपराधियों ने गला रेत दिया। वह 20 अक्टूबर को रेलवे में जॉयनिंग के लिए मैसूर जाने वाला था। हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।

14—नवादा— जिले में मर्डर की वारदात को अंजाम दिया गया है।गोविंदपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की गुरुवार की देर रात घर में घुसकर गांव के ही दबंगों ने गड़ासा से हमला कर हत्या कर दी है। इस हत्या के पीछे जमीनी विवाद को कारण बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक कृष्ण यादव के 30 वर्षीय पुत्र रंजय यादव की उनके गांव के ही दबंग व्यक्ति भुट्टू यादव और माना यादव ने घर में घुसकर हत्या कर दी। हत्या की इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।

15—सीवान में बेखौफ अपराधियों ने एक कारोबारी को गोली मार दी और उससे 60 हजार रुपये लूट लिए। घटना बड़हरिया थाना के बड़हरिया- बहादुरपुर मुख्य मार्ग पर शिवराजपुर गांव में स्थित एक बगीचे के पास की है। घायल कारोबारी की पहचान हो गयी है। वह जिले के कागजी मोहल्ला का रहने वाला विशाल कुमार (22 वर्ष) है।

16—गोपालगंज – 11 वर्षीय नाबालिग का अपहरण कर युवको ने किया सामूहिक दुष्कर्म। शौच करने के दौरान हुआ अपहरण पीड़िता के पिता के बयान पर तीन युवकों के खिलाफ हुआ मामला दर्ज। विशंभरपुर थाना क्षेत्र का है मामला।

17—बेगूसराय में नवरात्रा के दौरान एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का अपहरण कर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। महिला थाना में पीड़िता के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया। पूरी घटना भगवानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की है बताया जाता है।

18— सिवान—जिले के बड़हरिया के लकड़ी दरगाह में असामाजिक तत्वों तोड़फोड़ कर दिया है इसके विरोध में दूसरे पक्ष ने सड़क जाम कर दिया। बाजार की दुकानें बंद कर दी। उनका कहना है कि जब तक उपद्रवियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तब तक लकड़ी दरगाह की दुकानें बंद रहेगी और मूर्ति का विसर्जन नहीं किया जाएगा। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस कैंप कर रही है। दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही से पूरी घटना हुई है।

ग—-दर्घटना

19—खगड़िया–ऑटो ने खाई पलटी एक महिला सहित तीन की हुई मौत 8 यात्री हुए घायल।मरने वाले में एक महिला, एक युवक और एक 6 साल का बच्चा शामिल।मरने वाले तीनों एक ही परिवार के थे।मेला देखकर अपने घर को लौट रहे थे। उसी दौरा तेज गति से आ रहे ट्रक के ने सीधे धक्का मार दिया ऑटो पलटी।महेशखूंट थाना इलाके के हरंगी टोला की घटना ।

20—टिकारी (गया)। टिकारी-कुर्था मुख्य मार्ग में चितौखर टोला नौघड़ा पर गांव की एक वृद्ध महिला की मौत ऑटो की टक्कर से हो गई। उक्त घटना शुक्रवार की देर शाम की है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, स्थानीय निवासी महेंद्र यादव की 70 वर्षीय मां जीरा देवी शौच के लिए सड़क की ओर जा रही थी। इसी क्रम में तेज रफ्तार में उक्त मार्ग से गुजर रही एक ऑटो ने जोरदार टक्कर मार दी। इसमें महिला सड़क पर फेंका गई और गंभीर रूप से चोट लगने के कारण मौके पर ही मौत हो गई।

21—-सिवान–सड़क दुर्घटना में दो लोगों के मौत की खबर है। जिले के दरौंदा के कोडारी और बसंतपुर के कन्हौली गांव के निकट हुई अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौत की खबर है। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उनका पहचान नही हो पाई है। उनकी पहचान के लिए पुलिस छानबीन कर रही है।

22—अररिया—पुरैनी से उदाकिशुनगंज जानेवाली स्टेट हाईवे 58 पर शुक्रवार की शाम को एक तेज गति से आ रहे ऑटो को बचाने में ट्रैक्टर पलट गया। इस हादसे में ट्रैक्टर पर सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी और चार अन्य घायल हो गये‌। घटना के बाद करीब दो घंटे तक हाईवे पर परिचालन बाधित रहा।

23—बगहा — अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने 4 लोगों को रौदा एक-एक कर दो बाइक पर सवार 3 लोगों को रौंद दिया चारों घायल का पास के अस्पताल में इलाज चल रहा है ।

24–बेगूसराय -मॉर्निंग वॉक के दौरान बाइक ने महिला को मारी ठोकर, महिला की हुई मौत। बाइक सवार भी घायल। वीरपुर थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव की घटना ।

25—पटना—सचिवालय थाना के जू के पास स्कॉर्पियो ने फुलवारी के दो युवक को कुचला। मोहम्मद अरमान की मौत। जबकि मोहम्मद गोल्डन घायल। दोनों फुलवारी के मुर्गिया टोला का रहने वाला है। यह दोनों बाइक से देर रात पटना जा रहे थे।

26—अररिया:– फारबिसगंज में सड़क हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल,इलाज के क्रम में दो की मौत, पुलिस मौके पर पहुंची।

27—-पटना–रोडरेज में एक की मौत चार घायल
मोकामा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में स्कार्पियो ने 4 लोगों को कुचलते हुए निकल गया है इस दौरान एक की मौत हो गयी है और 3 लोग घायल।

28–मधेपुरा जिला के उदाकिशुनगंज अनुमंडल अंतर्गत पुरैनी में दुर्गा पूजा की खुशी कई परिवारों के लिए मातम में बदल गया। चौसा-योगिराज पथ पर दुर्गा पूजा का मेला देख कर लौट रहे लोगों से भरा ट्रैक्टर पलट गया। इस सड़क हादसे में शुक्रवार की शाम दो लोगों की मौत हो गई। जबकि, दो लोग घायल हो गए हैं।

29—कैमूर –देवरिया के पास एनएत 2 पर ट्रक और कार की हुई टक्कर में दो युवक बूरी तरह घायल। अनुमंडल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए किया गया रेफर। दोनों युवक उत्तराखंड निवासी बताए जा रहे।

आरा का छोरा अर्णव आदित्य सिंह JEE एडवांस्ड में पूरे देश में 9वां रैंक हासिल किया।

#JEEAdvanced2021: आरा का छोरा अर्णव आदित्य सिंह JEE एडवांस्ड में पूरे देश में 9वां रैंक हासिल किया है। वह भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ईश्वरपुरा गांव के रहने वाले हैं। शुक्रवार को IIT खड़गपुर ने JEE एडवांस्ड 2021 की प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया।राजस्थान मृदुल अग्रवाल ने परीक्षा में 360 में से 348 मार्क्स हासिल टॉप किया है।वही अर्णव आदित्य सिंह 360 में 324 मार्क्स हासिल कर 9 वां स्थान प्राप्त किया है ।

अर्णव के पिता सियाराम सिंह कंप्यूटर इंजीनियर हैं और अर्णव वही रह कर पढ़ाई कर रहा था बिहार न्यूज पोस्ट से बात करते हुए सियाराम सिंह ने कहा कि मैं ‘बेंगलुरु में जॉब करते थे, लेकिन बेटे की फिजिक्स व केमिस्ट्री की पढ़ाई के लिए सपरिवार कोटा शिफ्ट हो गए। उसने वहीं से एक निजी कोचिंग संस्थान से परीक्षा की तैयारी की।

अर्णव के दादा राजनाथ सिंह आरा में वकील हैं। उन्होने कहा कि अर्णव बचपन से ही बहुत पढ़ने में तेज है। वह वैज्ञानिक बनना चाहता है। इसके लिए वह बहुत मेहनत करता है। दादा ने बताया- ‘अर्णव की पूरी पढ़ाई बेंगलुरु से ही हुई है। उसका जन्म चेन्नई में हुआ था। उस समय उनके पिता वहीं रहते थे।

55 देशों के 322 छात्रों में अर्णव को मिला था गोल्ड
अर्णव बचपन से ही मेधावी था ‘कतर के दोहा में 2019 में आयोजित 16वें इंटरनेशनल साइंस ओलंपियाड में अर्णव ने गोल्ड मेडल जीता था। उस दौरान 55 देशों के 322 छात्रों ने उस ओलिंपियाड में भाग लिया था, जिसमें अर्णव को गोल्ड मिला था। इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलिंपियाड के 16 साल के इतिहास में पहली बार भारत के सभी 6 छात्रों को गोल्ड मेडल हासिल हुआ था।

अर्णव ने विलियम जोंस के रिसर्च को ठहराया था गलत
इंडियन सोसाइटी ऑफ फिजिक्स टीचर्स के अध्यक्ष प्रो. विजय सिंह और उनके छात्र अर्णव आदित्य सिंह ने सर विलियम जोंस के 236 साल पहले किए गए दावों को गलत ठहराया था। अर्णव और प्रो सिंह का कहना था- ‘करीब 236 साल पहले प्रसिद्ध ओरिएंटलिस्ट और एशियाटिक सोसाइटी के संस्थापक सर विलियम जोंस ने भागलपुर से भूटान के माउंट जोमोल्हरी चोटी को नहीं बल्कि कंचनजंघा को देखा होगा।

उनका कहना था- “लॉकडाउन के दौरान वायुमंडल में हानिकारक कणों के घनत्व में गिरावट और हवा साफ होने से भारत के उत्तरी मैदानी भाग से हिमालय के कई चोटियां देखी गई थीं। यह दावा किया कि माउंट जोमोल्हरी 7326 मीटर ऊंचा है। इसके शिखर से अधिकतम दूरी 216 KM तक देखी जा सकती है। जबकि, माउंट जोमोल्हरी शिखर और भागलपुर के बीच की दूरी 366 किलोमीटर है।

पूर्णिया से भी 1790 में माउंट जोमोल्हरी और हिमालय की कुछ चोटियों के दृश्य देखने की बात विलियम जोंस के उत्तराधिकारी रहे हेनरी कॉल ब्रिज ने कही थी। कोलब्रुक के पूर्णिया आधारित टिप्पणियों का विश्लेषण कर प्रो सिंह और अर्णव ने पाया था कि विलियम जोंस द्वारा देखी गई चोटी कंचनजंघा रही होगी।

आज हम जेपी से क्या सीखें।

जेपी का जन्मदिन विजयादशमी, आज हम जेपी से क्या सीखें :

अपनी दुनियादारी को सपनों की
दुनिया का आधार दो।

राज्य शक्ति को मजबूत करने में
लगे हो या लोक शक्ति को इसकी
स्पष्ट समझदारी बनाओ और
लोक शक्ति को मजबूत बनाने में
लगे रहो।

व्यक्ति या समाज के कष्टों के प्रति
अपनी संवेदनशीलता को
भावनात्मक और बौद्धिक दोनों
दोनों आधारों पर खड़ा करो।

मुसीबत जितनी भी हो दिल में
जलती, आशा और हिम्मत की
मशाल को प्रज्वलित रखो. बुझने
मत दो।

मित्रता को व्यापक बनाओ और
मित्रों के प्रति प्रतिबद्ध रहो।

तुम्हारी प्रतिबद्धता मूल्यों के प्रति
हो विचारधारा यह सिद्धांतों के
प्रति नहीं।

अपने जीवन या समाज के उत्थान
के लिए “पहल” करना सीखो।

लेकर–कुमार शुभमूर्ती ( जेपी आंदोलन के नायक रहे है )

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के कार्यशैली पर उठने लगा है सवाल

अडानी गुजरात पोर्ट से ड्रग्स की जो भारी मात्रा पकड़ी गई उसका क्या हुआ? क्या कोई जांच हो रही है?

उस स्मगलिंग में शामिल लोग कौन हैं? इतना बड़ा काम करने वाले क्या सिर्फ साधारण लोग हैं? क्या कुछ विशिष्ट लोग भी शामिल हैं? क्या उनका संबंध पोर्ट के मालिक से संबंधित लोगों से भी है? क्या उनका संबंध पोर्ट के मालिक और अडानी से भी है? क्या इतनी बड़ी स्मगलिंग का संबंध केंद्र के सत्ताधारियों से भी है? इन सारे प्रश्नों को सिर्फ एक समाचार से दबा दिया गया कि एक मुसलमान खान का मुसलमान बेटा आर्यन, एक क्रूज़ पर जो मुंबई से गोवा जा रहा था ड्रग्स का आनंद लेते पकड़ा गया।

जिनके पास ड्रक्स मिले वे गिरफ्तार कर लिए गए। इस बेटे के पास ड्रग्स की थोड़ी बहुत मात्रा भी नहीं मिली, फिर भी इसकी गिरफ्तारी कर ली गई। गिरफ्तारी के कई दिनों बाद नए आरोप लगाए गए। आर्यन का संबंध अंतरराष्ट्रीय गिरोह के साथ है जो गिरोह, हो सकता है ड्रग्स का व्यापार करता हो। ऐसी काल्पनिक संभावना को आधार बनाकर आर्यन को गिरफ्तारी में रखा जा रहा है।

गुजरात में अडानी पोर्ट पर जो काला व्यापार रंगे हाथों पकड़ा गया उसकी जांच पर कोई चर्चा नहीं हो रही? क्यों? क्या केंद्रीय सत्ता का इसमें कुछ हाथ है? क्या इसलिए इस मामले की जांच को जनता से छुपाया जा रहा है?

लेखक –कुमार शुभमूर्ती ( जेपी आंदोलन के नायक रहे है )

अधिवक्ता कोटे से पटना हाई कोर्ट को मिला जज।

भारत के राष्ट्रपति ने अधिवक्ता कोटे से संदीप कुमार, पुरणेंदु सिंह, सत्यव्रत वर्मा व राजेश कुमार वर्मा को पटना हाई कोर्ट का जज नियुक्त किया है। भारत के राष्ट्रपति ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 217 के क्लॉज़ (1) में दी गई शक्ति का इस्तेमाल करते हुए ये नियुक्ति की है। कार्यभार संभालने की तिथि से इनकी वरीयता निर्धारित की जाएगी।

इस आशय की अधिसूचना भारत सरकार के विधि व न्याय मंत्रालय द्वारा 14 अक्टूबर, 2021 को जारी की गई है। उक्त अधिसूचना की प्रति अधिवक्ता संदीप कुमार, पुरणेंदु सिंह, सत्यव्रत वर्मा व राजेश कुमार वर्मा को भी पटना हाई कोर्ट के महानिबंधक के जरिये भेजी गई है।

इसके अलावे अधिसूचना की प्रति बिहार के राज्यपाल के सचिव, राज्य के मुख्यमंत्री के सचिव, पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के सचिव, बिहार सरकार के चीफ सेक्रेटरी के सचिव, पटना हाई कोर्ट के महानिबंधक व राज्य के अकाउंटेंट जनरल, प्रेसिडेंटस सेक्रेटेरिएट ( नई दिल्ली), प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव के पी एस, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के कार्यालय के रजिस्ट्रार, सेक्रेटरी (जस्टिस) के एम एल एंड जे/ पी पी एस के पी एस व डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के टेक्निकल डायरेक्टर को भी भी भेजी गई है।

रामविलास पासवान की पत्नी ने पारस पर किया बड़ा हमला कहा मंत्री बनने के लिए परिवार को तोड़ा ।

रामविलास पासवान की पत्नी रीना पासवान के बयान से एक बार फिर बिहार की राजनीति गरमा गयी है हलांकि रामविलास पासवान की पहली पत्नी पशुपति पारस को लेकर कहा था कि रामविलास जी बेटा की तरह पारस को प्यार करते थे लेकिन गद्दी के लिए परिवार को तोड़ दिये आज उससे एक कदम आगे बढ़ते हुए रामविलास पासवान की पत्नी रीना पासवान ने कहा है कि केवल मंत्री बनने के लिए पारस ने पार्टी को तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि 44 साल तक परिवार के साथ रहने के बाद अब मुझे पति के साथ क्या संबंध था ये बताना पड़ रहा है।

रीना ने कहा कि आज जिस सीट से पारस सांसद हैं रामविलास मुझे देना चाहते थे। उन्होंने बताया कि रामविलास पासवान की इच्छा थी कि हाजीपुर सीट से मैं चुनाव लड़ूं। रामविलास ने मुझे मनाने की काफी कोशिश की पर मैं नहीं मानी, तब पशुपति कुमार पारस हाजीपुर से चुनाव लड़े और जीते। रीना ने कहा कि मैं कभी राजनीति में नहीं आना चाहती, लेकिन पारस के मन में केंद्र में जाने की महात्वाकांक्षा थी तो उन्हें बताना चाहिए।

केवल मंत्री बनने के लिए उन्होंने चोरों की तरह रातों रात पार्टी तोड़ दी।रीना ने कहा कि रामविलास के अस्पताल में रहने के समय से ही पारस ने हमसे दूरी बनानी शुरू कर दी थी। पार्टी और परिवार के खिलाफ उधर-उधर बोलने का कारण अस्पताल से फोनकर रामविलास ने पारस से पूछा था।

रीना ने बताया कि रामविलास पारस से जानना चाहते थे कि उनके मन में चल क्या रहा है। रीना ने कहा कि रामविलास के निधन के बाद मेरा फोन तक नहीं उठाए जाते हैं। मैंने अपनी देवरानी से भी बात करने की काफी कोशिश की पर उन्होेंने भी हमसे संपर्क करना ठीक न समझा।

लखीमपुर खीरी घटना को लेकर माओवादियों ने 17 अक्तूबर को बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में बंद का ऐलान किया

लखीमपुर खीरी घटना को नरसंघार मानते हुए भाकपा माओवादियों ने 17 अक्तूबर को बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में बंद का ऐलान किया है इसको देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने नक्सली प्रभावित 11 जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है ।

बंदी को लेकर माओवादियों ने गया औरंगाबाद ,जमुई ,बांका जैसे जिलों में पोस्टर लगाया है जिसमें लिखा है कि आंदोलनरत किसानों पर वाहन दौड़ा देना नरसंहार की श्रेणी में आता है। इस नरसंहार में मारे गए किसानों के प्रति सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। मुआवजे के अलावा सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई, पर अब तक नौकरी मुहैया नहीं कराई गई है।

माओवादी के बंद को देखते हु नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात अर्धसैनिक बल के जवानों को विशेष तौर पर बंदी से निपटने का निर्देश जारी किया गया है साथ ही जिन जिन जिलों में एएसपी अभियान की तैनाती है उन्हें आज से ही विशेष ऑपरेशन चलाने का निर्देश केंद्रीय गृह मंत्रालय दिया जारी किया गया है साथ ही बिहार पुलिस मुख्यालय ने आईजी ऑपरेशन को निर्देश दिया है कि एसटीएफ को नक्सल प्रभावित जिलों में मूवमेंट तेज कर दे वही दूसरी और पंचायत चुनाव के बहिष्कार को लेकर माओवादियों ने जो आदेश जारी किया है उसको देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग और पुलिस मुख्यालय के बीच जल्द ही बैठक होने वाली है जिसमें नक्सल प्रभावित जिलों में कैसे शांतिपूर्वक चुनाव सम्पन्न हो सके इस पर लाइन ऑफ एक्शन तैयार किया जायेगा ।

माओवादियों का मानना है- ‘पंचायत चुनाव से जात-पात, भाई-भतीजावाद, गोतिया व परिवार के बीच वैमनस्य और भी गहरा होता है और वह खूनी संघर्ष का रूप ले लेता है। साथ ही राजनीतिक हिंसा भी बढ़ती है।’

निफ्टी पहली बार 18,300 के ऊपर, सेंसेक्स पहली बार 61,300 के पार।

गुरूवार को एफ एन ओ समाप्ति के दिन सेंसेक्स, निफ्टी रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स 568.90 अंक बढ़कर 61,305.95 पर बंद होने से पहले 61,353.25 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी 18,350.75 के सर्वकालिक उच्च स्तर को छूने के बाद 176.80 अंक बढ़कर 18,338.55 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (14.10.21) एक नजर में

ऑटो को छोड़कर, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे रंग में समाप्त हुए, इंफ्रा, आईटी, रियल्टी, पीएसयू बैंक, पावर और मेटल इंडेक्स एक-एक प्रतिशत ऊपर थे। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 0.5% की बढ़ोतरी हुई।

बीएसई मिडकैप इंडेक्स और बीएसई स्मॉलकैप करीब 0.5% चढ़े। एसएंडपी बीएसई ऑटो इंडेक्स को छोड़कर, बीएसई लिमिटेड द्वारा संकलित अन्य सभी 18 सेक्टोरल इंडेक्स एसएंडपी बीएसई बैंकेक्स इंडेक्स में लगभग 1.7% की बढ़ोतरी हुई।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 22 शेयर बढ़त के साथ और 8 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए। बीएसई पर कारोबार के दौरान 348 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 26 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

सेंसेक्स में आईटीसी सबसे बड़ा गेनर रहा, इसके बाद एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल), एक्सिस बैंक, टाइटन कंपनी का स्थान है। दूसरी तरफ, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, सन फार्मा बीएसई सेंसेक्स के शीर्ष ड्रैगर्स शेयरों में शामिल थे।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी ऑटो को छोड़कर सभी सेक्टोरियल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। बैंक निफ्टी पहली बार 39,350 के करीब बंद होते हुए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

जमीन माफिया से लेन देन की वजह से पुजारी की हुई है हत्या पुलिस इस बिन्दू पर शुरु की जांच

मीडिया वाले और कसाई पर अब कोर्ई फर्क नहीं रह गया है – दरभंगा के ऐतिहासिक कंकाली मंदिर में आज सुबह जिस तरीके से अंधाधुध फायरिंग करके मुख्य पुजारी की हत्या कर दी गयी उससे पूरा मिथिलांचल हतप्रभ है। क्यों कि दुर्गा पूजा के दौरान पूरे मिथिलांचल में एक अलग तरह का भक्तिमय माहौल रहता है उपवास और पूजा पाठ में घर के सभी सदस्य लगे रहते हैं।

ऐसे में आस्था के केन्द्र माने जाने वाले कंकाली मंदिर के मुख्य पुजारी जिनके बारे में कहां जाता है कि वो पूरे दुर्गा पूजा के दौरान सिर्फ पानी पीकर रहते हैं उनके साथ इस तरह की घटना महज मोबाइल विवाद को लेकर घटित हो जाये किसी को भी भरोसा नहीं हो रहा है।

परिवार वाले मोबाइल विवाद को ही वजह बता रहे हैं हलांकि जिन चार अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया है उसमें से तीन अपराधियों को मंदिर के पास मौजूद लोगों ने पकड़ लिया और जमकर पिटाई शुरु कर दिया जिस दौरान एक अपराधी पुलकित कुमार सिंह की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी ।

पुलकित कुमार सिंह के पिता विश्वविधालय में कर्मचारी है और ये चकिया मोतिहारी का रहने वाला है घटना स्थल से जो कार बरामद हुआ है वो कार पुलकित कुमार सिंह के पिता के नाम पर ही है ।दो और अपराधी जिसका इलाज चल रहा है अभिजित श्रीवास्तवऔर अभिषेक राज दरभंगा का ही रहने वाला है चौथा जो अपराधी भाग गया वो अंशु ठाकुर है जो कटरा मुजफ्फरपुर का रहने वाला है।

पुजारी की हत्या पर दरभंगा एसएसपी क्या कह रहे हैं जरा आप भी सुनिए

इन चारों अपराधी को मुख्य पुजारी के परिवार वाले पहचान रहे हैं और उनकी माने तो इन्हीं लोगों से विवाद हुआ था हलाकि पुलिस के रिकार्ड में इन लोगों के खिलाफ कोई अपराधिक मामला दर्ज नहीं है लेकिन पर्दे के पीछे जो तथ्य सामने आ रहा है वह पूरा मामला मंदिर के करोड़ो के जमीन से जुड़ा हुआ है जिसका डील ये चारों कर रहा था और इन चारों का सम्बन्ध संतोष झा गैग से रहा है हलाकि पुलिस फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहा लेकिन इस घटना दूसरा पहलु इस घटना से भी घिनौना है ।

पुजारी की हत्या पर उनके पड़ोसी का क्या कहना है

मीडियाकर्मी और राजनीतिज्ञ इस घटना में सांप्रदायिक एंगल ढूढ़ते दिखे

जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर ब्रेक हुआ पांच मिनट के अंदर दिल्ली और पटना से जुड़े मीडियाकर्मियों और राजनीतिज्ञों का फोन आना शुरु हो गया कैसे हुआ संतोष जी क्या मामला है, मेरी संगति राइट और लेफ्ट दोनों से है और दोनों की सियासत को भी समझते हैं ।

फोन की घंटी से ही समझ जाते थे कि इस खबर में जबाव ढूंढ क्या रहे हैं, मंदिर में पुजारी की कैसे हत्या हुई उसको लेकर को गम्भीर नहीं थे बल्कि हत्यारा कौन है ये जानने के लिए ज्यादा उत्साहित थे ।

चलिए राजनीतिज्ञों की तो आज कल इसी से दुकान चल रही है लेकिन मीडिया वाले हमारे बंधु का व्यवहार हैरान करने वाला था। राजनीतिज्ञ तो थोड़ा धैर्य से घटना क्यों हुई वो सून भी रहे थे हमारे मीडिया वाले भाइयों का सीधा सवाल था मिया मारा है क्या,मैंने कहां नहीं तो उसके बाद ऐसा लगा जैसे वो बेहोश हो कर गिर गया उसके आवाज में जो खनक थी वो समाप्त हो गयी ठीक है संतोष रखते हैं।

एक बंधु इतना उत्साहित थे कि संतोष कुछ तो इनसाइड स्टोरी रहा होगा दरभंगा है वहां इस तरह का खेल पर्दे के पीछे चलता रहता है ,जरा पता करो ना मोबाइल के लिए इस तरह हत्या नहीं हो सकती है मैंने कहां ठीक है पता करते हैं वैसे एक स्टोरी है दरभंगा एसएसपी को लेकर मंदिर में जाने से रोक रहे थे एसएसपी दलित है कुछ एंगल बना सकते हैं तो बना लीजिए ये भी बिकने वाला एंगल है ,बाईट मिलेगा संतोष मैं तो पटना हूं दरभंगा आपके चैनल का भी स्ट्रिगर होगा ही मंगवा लीजिए देने में कोई दिक्कत नहीं होगा वैसे कोई नहीं कोई मिलेगा तो माले वाला है ही ।

पूर्व डीजीपी अभयानंद ने नीतीश के सलाहकार पर साधा निशाना कहां ऐसे लोग सलाहकार नहीं दलाल है।

सलाहकारों की फ़ौज **
नौकरी जब शुरू की थी तब जानकारी दी गई थी कि सरकार के मुख्य सलाहकार मुख्य सचिव हुआ करते हैं।
जैसे-जैसे समय बीता, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने अपने चारों तरफ सलाहकारों की सेना खड़ी कर ली।

यह तथाकथित विशेष्य माने जाने लगे, विभिन्न विधाओं के। कोई ऊर्जा तो कोई विधि-व्यवस्था, आदि आदि।
यह सभी सलाहकार जन-सेवक की तरह वेतन लेते हैं और सरकारी सुख-सुविधाओं का उपभोग भी करते हैं।

मैं भी जब DGP था, तब एक चर्चा सुनने को मिली कि पुलिस विभाग के लिए भी सलाहकार नियुक्त किए जाएँगे। मैंने अनौपचारिक रूप से अपनी भावना राज्य प्रमुख तक पहुँचा दी कि जो सलाह दें, वे ही क्रियान्वित भी करें।

यह नहीं होगा कि सलाहकार सलाह देकर किनारे हो जाएँगे और क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी कोई और लेगा। अगर अच्छा हुआ तो सलाहकार महोदय की वाह-वाह और खेल बिगड़ा तो ठीकरा किसी और के सर।
लगता है यह बात राज्य प्रमुख को सही लगी और पुलिस में कोई सलाहकार नियुक्त नहीं हुआ।

अन्य विभागों में हुआ।
नीतिगत रूप से भी जो व्यक्ति सरकारी वेतन पर सलाह देता है, उसको अपने सलाह की पूरी जवाबदेही लेनी चाहिए। अगर यह नहीं होता है, तो सलाहकार और दलाल में कोई अंतर नहीं रह जाएगा।

लेखक–अभयानंद (बिहार पुलिस के पूर्व डीजीपी)

दरभंगा के प्रसिद्द कंकाली मंदिर में घूस कर अपराधियों ने मुख्य पूजारी को गोली से छलनी कर दिया।

दरभंगा – राज किला परिसर स्थित कंकाली मंदिर के पुजारी की अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी। यह घटना अहले सुबह घटित हुई। गोली लगने से पुजारी की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी, जबकि एक अन्य पुजारी गोली लगने से घायल हो गया। प्रत्यदर्शी की माने तो कार से आए चार अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया है। लोगों ने एक अपराधी को पीट-पीटकर मार डाला। मौके पर पुलिस पहुंच गई।

मुख्य पुजारी राजीव झा की हत्या के खबर से लोगों में खासा आक्रोश है खबर ये भी आ रही है तीन और अपराधी को लोगों ने पकड़ लिया है जिसके साथ भी आक्रोशित लोगों ने जमकर मारपीट किया है।फिलहाल स्थिति काफी तनाव पूर्ण और स्थानीय पुलिस के खिलाफ लोगों में खासा आक्रोश है ।

प्रजातंत्र को जीवित रखने के लिए पत्रकारों का दायित्व महत्वपूर्ण है।

दरभंगा 13 अक्टूबर। पत्रकारों को सत्य आधारित पत्रकारिता करनी चाहिए। प्रजातंत्र को जीवित रखने के लिए पत्रकारों का यह दायित्व महत्वपूर्ण है।

वरिष्ठ राजनीति चिंतक एवं विश्लेषक और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ जितेन्द्र नारायण ने ख्यातिलब्ध पत्रकार सह समाजसेवी स्व.रामगोविंद प्रसाद गुप्ता की 86वीं जयंती के अवसर पर “नोबेल शांति पुरस्कार और निर्भीक पत्रकारिता” विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता का सामान्यतः चरित्र पक्षपात पूर्ण एवं दलहित में होता है ऐसे में पत्रकारों की पैनी निगाह हमेशा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता के समर्थन एवं विरोध की प्रवृत्ति की पत्रकारिता ने प्रजातंत्र का सबसे ज्यादा नुकसान किया है उन्होंने कहा कि सत्य आधारित पत्रकारिता के लिए पत्रकारों का निर्भीक होना एवं पक्षपात रहित होना पत्रकारिता जगत की प्राथमिक प्रवेश की प्राथमिक शर्त होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नोबेल पुरस्कार प्राप्त दोनों पत्रकारों ने साबित कर दिया है कि स्वतंत्र संस्थान का निर्माण पत्रकारों को स्वंय करना चाहिए ताकि उनकी कलम पर किसी दूसरे संस्थान का प्रभाव नहीं पड़े। डॉ नारायण ने कहा कि आज पाश्चात्य के पत्रकारिता का इतिहास पाश्चात्य जगत में उभरते हुए पूंजीवाद और साम्राज्यवाद के समर्थन से जुड़ा हुआ रहा है जबकि भारत के पत्रकारिता का इतिहास निरंकुश सत्ता के विरोध एवं स्वतंत्र आंदोलन से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की पत्रकारिता मूल्यों पर आधारित रही है पर पश्चिमी पत्रकारिता का मूल ध्येय इससे इतर रहा है। उन्होंने अपना हित साधने के लिए पत्रकारिता को साधन की तरह इस्तेमाल किया है और हमने सत्य को स्थापित करने, जुल्म और जुल्मी का प्रतिकार करने के लिए पत्रकारिता का प्रयोग किया है।

इस वर्ष शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए दो पत्रकारों का चयन हुआ है जिसके चलते एकबार फिर पत्रकारिता और पत्रकार के दायित्वों का विश्लेषण आरंभ हो गया है।

डॉ जितेन्द्र नारायण ने नोबेल पुरस्कारों का गहराई से विवरण देते हुए बताया कि पत्रकारिता निर्भीक ही होती है, समझौता करनेवाला और दबाव में सत्य को दबाना पत्रकारिता की रवायत नहीं है। इसकी उत्पत्ति तो बाजारवाद से हुई है। बाजार ने मूल्यों पर आघात किया है। हर तरफ स्वार्थ हावी हो गया। कोई संस्था ऐसी नजर नहीं आती जहाँ भ्रष्टाचार ना हो। इस स्थिति में बदलाव निर्भीक पत्रकारिता ही ला सकती है। देश, समाज को पुष्ट करना ही पत्रकारिता का उद्देश्य रहा है पर बाजार ने इसमें बाधा उत्पन्न कर दी है। फिर भी स्व.रामगोविंद प्रसाद गुप्ता सरीखे पत्रकारों की टोली आज भी जीवंत है और यही कारण है कि देर से ही सही पर सत्य को उजागर करने की जिम्मेदारी का वहन आज भी पत्रकारिता कर रही है।

उन्होंने कहा कि इस साल शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए दो पत्रकारों के नाम चुने गए हैं। फिलीपींस की पत्रकार मारिया रेसा और रूस के पत्रकार दिमित्री मुरातोव को अपने देश में अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा करने के लिए यह सम्मान दिया जाना है। जहां रेसा ने फिलीपींस में राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतर्ते की सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ अपने मीडिया ग्रुप ‘रैप्लर’ (Rappler) के जरिए पत्रकारिता को धार दी, तो वहीं रूस में पुतिन सरकार के खिलाफ मुरातोव ने भी ऐसा ही किया।

समारोह के मुख्य अतिथि समाजशास्त्री एवं पूर्व विधान पार्षद डॉ विनोद चौधरी ने कहा कि सत्ता, अधिकारी और समाज को सजग करने की जिम्मेवारी का वहन आज भी मीडिया कर रही है। शायद यही कारण है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में नोबेल नहीं दिया जाता है फिर भी पत्रकारों को उनके कार्यों के लिए नोबेल पुरस्कार मिलता आ रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व के देश में मीडिया प्रतिष्ठान है पर भारत में जितनी निर्भीक मीडिया है वैसी स्वतंत्रता विश्व के अन्य देशों में पत्रकारिता को नहीं मिली हुई है।उन्होंने दरभंगा की पत्रकारिता की चर्चा करते हुए बताया कि स्व.रामगोविंद प्रसाद गुप्ता ने यहाँ की पत्रकारिता को दधीचि की भांति पल्लवित किया है। आज भी उनके द्वारा तैयार पत्रकारों की टोली जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक निर्भीकता से कलम चला रही है।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पत्रकार से जननेता बने बेनीपुर के विधायक डॉ विनय कुमार चौधरी ने कहा कि निर्भीकता के बगैर पत्रकारिता अस्तित्व हीन है। बिना सत्य के इसका कोई मोल नहीं है। यह निर्भीकता ही है जिसके बल पर आज भी पत्रकार स्व.रामगोविन्द प्रसाद गुप्ता के कार्यों की चर्चा होती है पर बाजारू प्रवृत्तियों ने पत्रकारिता पर गहरा आघात किया है जिसके कारण मीडिया की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है। इस स्थिति में जब इस क्षेत्र के लोग नोबेल पुरस्कार से सम्मानित हुए है तो उम्मीद की जा सकती है कि फिर नैतिक मूल्यों ने प्रति पत्रकार सजग होगें।नोबेल शांति पुरस्कार ही नहीं अपितु नोबेल पुरस्कार की जो घोषणा की जाती है उसमें निर्भीक पत्रकारिता का अहम योगदान होता है। प्रेस की स्वतंत्रता और निर्भीक पत्रकारिता एक दूसरे के पर्याय है।

इससे पूर्व विषय प्रवेश कराते हुए वरीय पत्रकार डॉ विष्णु कुमार झा ने बताया कि यह नोबेल पुरस्कार सांकेतिक है और अगर आज कहीं भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कायम है तो उसका श्रेय मीडिया को ही दिया जाना चाहिए। रसायनशास्त्री डॉ प्रेम मोहन मिश्र ने कहा कि पत्रकार शांति के दूत है और सामाजिक सौहार्द के साथ-साथ कुरीतियों का प्रतिकार करना उनकी प्राथमिकता होती है।नोबेल पुरस्कार ने पत्रकारिता की इसी प्राथमिकता को सशक्ता दी है। प्रोफेसर और पत्रकार डॉ कृष्ण कुमार ने कहा कि नोबेल पुरस्कार से विश्व क्षितिज पर पत्रकारिता गौरवान्वित हुई। सच्चे पत्रकार हदय की आवाज पर लिखते है। कलम के सिपाहियों की निर्भीकता के बल पर ही मीडिया का वजूद टिका है। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रखर पत्रकार डॉ हरिनारायण सिंह ने कहा कि नई पीढ़ी के पत्रकारों को पूर्व के पत्रकारों से कुछ सीख लेनी चाहिए और समाज और देश के विकास के लिए आज उन्हें नए संचार क्रांति का लाभ उठाते हुए हर संभव प्रयास पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करनी चाहिए।
संगोष्ठी का संचालन डॉ एडीएन सिंह ने किया। जबकि स्वागत प्रोफेसर रामचंद्र सिंह चंद्रेश ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रमोद कुमार गुप्ता ने दिया। मौके पर पत्रकार और बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इसके पूर्व स्वर्गीय गुप्ता के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।