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पटना में मैनहोल सफाई: सुपर सकर और मिनी जेटिंग मशीन के बावजूद मैनुअल सफाई जारी

पटना में मानसून के दौरान जलनिकासी व सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पटना नगर निगम द्वारा मैनहोल की सफाई कराई जा रही है। शहर के सभी छह अंचलों में लगभग 53 हजार से अधिक मैनहोल हैं, जिनमें से करीब 38 हजार मैनहोल की सफाई पूरी कर ली गई है। बाकी बचे मैनहोल की सफाई 15 मई तक कराने की डेडलाइन दी गई है।

हालांकि, सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। मैनहोल की सफाई में मजदूरों को बिना पीपीइ किट के उतारा जा रहा है, जिससे उन्हें हृदय रोग, त्वचा संक्रमण, सांस संबंधी सहित कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।

पटना नगर निगम के पास मैनहोल की सफाई के लिए सुपर सकर और मिनी जेटिंग मशीन उपलब्ध है, लेकिन इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। कई बार पत्थर, कचरा, जानवर के अवशेष, कपड़े आदि भी निकलते हैं, जिसके चलते मशीन इसे साफ करने में असमर्थ हो जाती है। ऐसी जगहों पर वर्तमान में डेली बेसिस पर पैसे देकर कर्मियों से सफाई कराई जाती है।

सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक पटना सौ फीसदी मैनुअल सफाई प्रथा से मुक्त घोषित किया गया है, लेकिन वास्तविकता यह है कि शहर में अभी भी मैनुअल सफाई जारी है। सुप्रीम कोर्ट से भी मैनुअल सफाई पर रोक है, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है।

मैनुअल सफाई से मुक्त करने के लिए बैंडिकूट रोबोट मंगाया गया था, लेकिन इसका उपयोग नहीं हो रहा है। न तो इस रोबोट का उपयोग हो रहा है, न ही इसकी संख्या बढ़ाई गई है। शहर के नागरिकों को उम्मीद है कि जल्द ही मैनहोल की सफाई में सुधार होगा और मैनुअल सफाई प्रथा को समाप्त किया जाएगा।

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