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बिहार में रामनवमी पर भड़की हिंसा के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने रद्द किया अपना सासाराम दौरा

पटना/दिल्ली । रामनवमी समारोह के दौरान बिहारशरीफ कस्बों और सासाराम में साम्प्रदायिक दंगे भड़क उठे। गुरुवार को शुरू हुई झड़प शुक्रवार तक जारी रही। नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ के लहेरी थाना क्षेत्र के गगन दीवान मोहल्ले के समीप रामनवमी के जुलूस के दौरान शुक्रवार को दो गुटों में मारपीट हो गयी थी।

राज्य भाजपा प्रमुख सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में सासाराम का अपना दौरा रद्द कर दिया है, जहां रामनवमी उत्सव के दौरान सांप्रदायिक तनाव फैल गया था, जहां निषेधाज्ञा लागू है।

नालंदा और सासाराम समेत बिहार के कई जिलों में 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी।

हालांकि अमित शाह दो अप्रैल को बिहार दौर पर जाएंगे, बाकी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मंत्रालय के अनुसार शाह रविवार सुबह 11:30 बजे पटना में एसएसबी के विभिन्न उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसके बाद दोपहर दो बजे नवादा के हिसुआ में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

Amit-Shah

इससे पहले, शुक्रवार शाम तक जारी झड़पों में अनुमंडल पुलिस अधिकारी सासाराम के एक गार्ड सहित पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।

एक समूह द्वारा कथित तौर पर जुलूस पर पथराव करने के बाद, हिंसा भड़क उठी, यहां तक ​​कि गोलियां भी चलाई गईं और कई वाहनों को आग लगा दी गई। उपद्रवियों ने पथराव किया और करीब आधा दर्जन वाहनों को आग के हवाले कर दिया। मौके पर सैकड़ों की संख्या में पुलिस व प्रशासन का बल तैनात रहा।

बिहारशरीफ और सासाराम में रामनवमी की शोभा यात्रा के दौरान हुए दंगे को लेकर एडीजी मुख्यालय जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया अभी स्थिति सामान्य है।

Latest Breaking Bihar News: बिहार दौरे पर गृह मंत्री अमित शाह, पटना में नेताओं से करेंगे मुलाक़ात; दीघा और नवादा में जनसभा को करेंगे संबोधित

Live News of Bihar – इस समय की बड़ी खबरें

  • Bihar News: बिहार दौरे पर गृह मंत्री अमित शाह; दीघा और नवादा में जनसभा को करेंगे संबोधित।
  • सहरसा: जमीन विवाद में 3 की हत्या, 7 हिरासत में।
  • सासाराम: 4 अप्रैल तक सभी स्कूल बंद।
  • बिहार के राज्यपाल से मिले बीजेपी नेता, रामनवमी पर जुलूस को लेकर पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को लेकर की शिकायत।
  • एमपी-एमएलए कोर्ट से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को किया समन जारी, 12 अप्रैल को होना है हाजिर।
  • बिहार सरकार ने बढ़ाया मंत्रियों का वेतन और भत्ता; अब मंत्रियों को हर महीने 70 हजार रुपये क्षेत्रीय भत्ता दिया जाएगा।
  • रामनवमी पर जुलूस को लेकर पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी से बिहार के सासाराम और बिहारशरीफ में तनाव का माहौल, धारा 144 लागू

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लालू की संगत, आँखों में पीएम बनने के सपने, कैसे दिखें केंद्र के काम? : सुशील मोदी

पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद की संगत, कुर्सी का मोह और आँखों में पीएम बनने के सपने भरे होने से नीतीश कुमार को सबसे तेज विकास करने वाली केंद्र सरकार के काम नहीं दिखते।

  • क्या बिहार में फोरलेन सड़कें, महासेतु, पटना मेट्रो बिना केंद्र की मदद के सम्भव ?
  • बिहटा-पूर्णिया एयरपोर्ट विस्तार, दरभंगा एम्स जैसी केंद्रीय योजनाओं में अड़ंगेबाजी क्यों?
  • नीतीश कुमार को न केंद्र का काम दिखता है, न काम करने देना चाहते हैं

श्री मोदी ने कहा कि क्या करोड़ों देशवासियों ने बिना काम किये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ सेवा का मौका दिया ?

उन्होंने कहा कि बिहार में फोरलेन सड़कों का संजाल और नदियों पर महासेतु का निर्माण क्या केंद्र सरकार के बिना सम्भव था?

श्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 8000 करोड़ की लागत से बरौनी खाद कारखाने का आधुनिकीकरण कर इसे फिर चालू कराया और पटना मेट्रो प्रोजेक्ट को ऋण दिलाने में बड़ी भूमिका निभायी, लेकिन नीतीश कुमार ने ट्वीट करके भी प्रधानमंत्री को धन्यवाद नहीं दिया।

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उन्होंने कहा कि एक तरफ नीतीश कुमार केंद्र पर काम न करने का अनर्गल आरोप लगाते हैं और दूसरी तरफ केंद्रीय योजनाओं में रोड़ा अटकाते हैं , ताकि प्रधानमंत्री को कोई श्रेय न मिल जाए।

श्री मोदी ने कहा कि बिहटा-पूर्णिया में एयरपोर्ट विस्तार, दरभंगा में एम्स और विक्रमशिला में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए केंद्र सरकार बजट का प्रावधान कर चुकी है, लेकिन राज्य सरकार जमीन नहीं दे पा रही है।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को न केंद्र का काम दिखता है, न वे उसे काम करने देना चाहते हैं।

श्री मोदी ने कहा कि केंद्र ही नहीं, देश के 12 से ज्यादा राज्यों में क्या भाजपा सरकारें बिना काम किये दूसरी-तीसरी बार सत्ता में लौटी हैं? हाल में त्रिपुरा, मणिपुर, असम और गुजरात में भाजपा काम के बूते ही सत्ता में लौटी। उधर नीतीश कुमार की कामकाजी पार्टी नगालैंड में साफ हो गई।

बिहार बोर्ड ने मैट्रिक (10th) वार्षिक परीक्षा, 2023 का रिजल्ट किया जारी; 81.04 फीसदी छात्र हुए पास, यहां देखें रिजल्ट-टॉपर्स लिस्ट

पटना । बिहार मैट्रिक वार्षिक परीक्षा, 2023 का परीक्षाफल शुक्रवार दिनांक 31.03.2023 को अपराह्न 1:30 बजे जारी किया गया। शिक्षा मंत्री ने जारी किया मैट्रिक का रिजल्ट, इस बार 81.04 फीसदी छात्र हुए पास।

 इस परीक्षा में प्रदेश भर से 1637414 लाख बच्चे शामिल हुए थे। इनमें 806201 छात्र और 831213 छात्राएं शामिल हुईं थीं।

बिहार बोर्ड मैट्रिक की परीक्षा में शेखपुरा के मोहम्मद युम्मान अशरफ ने पूरे राज्य में टॉप किया। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि इस बार 81.04 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं।

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मोहम्मद युम्मान अशरफ ने 489 अंक के साथ टॉप किया है, जो इस्लामिया हाई स्कूल शेखपुरा का छात्र है। दूसरे स्थान पर दो लड़कियां हैं, नम्रता कुमारी (भोजपुर) और ज्ञानी अनुपना (औरंगाबाद) 486 अंक मिले हैं। नालंदा की संजू कुमारी, पश्चिम चंपारण की भावना कुमारी और लखीसराय के जयनंनदन कुमार पंडित तीसरे स्थान पर हैं।

BSEB 10th Result 2023 यहाँ करें चेक

बिहार बोर्ड रिजल्ट का ऐलान होने के बाद इसे ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक किया जा सकता है। मैट्रिक रिजल्ट को दो वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।

BSEB 10th Result 2023 Toppers को मिलेंगे ये इनाम

बिहार विद्यालयी परीक्षा समिति की ओर से घोषणा की गई है कि BSEB 10th Result 2023 वरीयता सूची में शीर्ष पांच स्थान पर काबिज होने वाले मेधावियों को एक लाख रुपये के साथ मिलेंगे ये उपहार; लैपटॉप, नकद पुरस्कार और ई-बुक रीडर उपहार स्वरूप प्रदान किए जाएंगे। 

वहीं, तीसरी रैंक पाने वाले होनहारों को भी 50,000 रुपये के साथ एक लैपटॉप और एक किंडल ई-बुक रीडर से नवाजा जाएगा।

जबकि, चौथी और पांचवीं रैंक हासिल करने वाले छात्रों को 15 – 15 हजार रुपये और एक लैपटॉप देकर सम्मानित किया जाएगा।

बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत; 1 अप्रैल से बिजली की दरें नहीं बढ़ेंगी

पटना। बिहार में आज नीतीश कैबिनेट की बैठक से बिजली की बढ़ी दरों पर दी जाने वाली सब्सिडी राशि को मंजूरी दे दी गई। जिसके बाद विधानसभा में ऊर्जा मंत्री की ओर से घोषणा की गई। बढ़ी दरें 1 अप्रैल से लागू होने वाली थीं लेकिन सरकार के इस ऐलान से आम लोगों को बिजली के बिल से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार सरकार बिजली बिल पर अभी 8,895 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है, जिसे बढ़ाकर 13,114 करोड़ रुपये कर दिया गया है। राज्य कैबिनेट से इसे मंजूरी दे दी गई है। राज्य सरकार इस भुगतान को आरबीआई के जरिए NTPC को देगी।

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CM नीतीश ने विधानसभा में केंद्र सरकार से एक बार फिर समान बिजली दर का फॉर्मूला लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में 4.46 रुपये और मध्य प्रदेश को 3.49 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। वहीं, बिहार को 5.89 रुपये प्रति यूनिट के रेट पर बिजली मिलती है। बिहार जैसे गरीब राज्य को इतने महंगे दाम पर बिजली मिल रही है, इसका बावजूद राज्य सरकार गरीबों पर इसका बोझ नहीं डाल रही है।

बता दें कि बिहार विद्युत नियामक आयोग ने पिछले दिनों बिजली दरों में 24.1 फीसदी की बढ़ोतरी करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा फिक्स्ड चार्ज को भी दो गुना कर दिया गया था।

विपक्ष ने सदन से लेकर सड़क तक इस फैसले का जमकर विरोध किया। हालांकि, अब सरकार ने सब्सिडी बढ़ाने का ऐलान किया है, इससे बढ़ी हुई दरों का उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं होगा। उपभोक्ताओं को पुरानी रेट पर बिजली मुहैया होगी।

Bihar Board 10th Result 2023: आज जारी हो सकता है बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट, यहाँ करें चेक

बिहार विद्यालयी परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से आज कभी भी बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा परिणाम की घोषणा की जा सकती है।

बिहार बोर्ड रिजल्ट का ऐलान होने के बाद इसे ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक किया जा सकता है। मैट्रिक रिजल्ट को दो वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।

BSEB-10th-Exam

BSEB 10th Result 2023 Toppers को मिलेंगे ये इनाम

बिहार विद्यालयी परीक्षा समिति की ओर से घोषणा की गई है कि BSEB 10th Result 2023 वरीयता सूची में शीर्ष पांच स्थान पर काबिज होने वाले मेधावियों को एक लाख रुपये के साथ मिलेंगे ये उपहार; लैपटॉप, नकद पुरस्कार और ई-बुक रीडर उपहार स्वरूप प्रदान किए जाएंगे। 

वहीं, तीसरी रैंक पाने वाले होनहारों को भी 50,000 रुपये के साथ एक लैपटॉप और एक किंडल ई-बुक रीडर से नवाजा जाएगा।

जबकि, चौथी और पांचवीं रैंक हासिल करने वाले छात्रों को 15 – 15 हजार रुपये और एक लैपटॉप देकर सम्मानित किया जाएगा।

BSEB 10th Result 2023 यहाँ करें चेक

बिहार बोर्ड रिजल्ट का ऐलान होने के बाद इसे ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक किया जा सकता है। मैट्रिक रिजल्ट को दो वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।

पटना हाईकोर्ट के नवनियुक्त चीफ जस्टिस कृष्णन विनोद चंद्रन कल राजभवन में पद और गोपनीयता की लेंगे शपथ

पटना हाईकोर्ट के नवनियुक्त चीफ जस्टिस कृष्णन विनोद चंद्रन कल सुबह 9:30 बजे राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। बिहार के राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर नवनियुक्त चीफ जस्टिस कृष्णन विनोद चन्द्रन को शपथ दिलायेंगे ।

इस अवसर पर पटना हाईकोर्ट के जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह एवं पटना हाई कोर्ट के अन्य जज भी शपथ समारोह में उपस्थित रहेंगे

Justice_K._Vinod_Chandran

शपथ समारोह के बाद पटना हाईकोर्ट के मुख्य चीफ जस्टिस कोर्ट में सुबह 11 बजे स्वागत समारोह का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद हाईकोर्ट को सामान्य न्यायिक कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

रमजान में छूट के तुगलकी फरमान स्कूलों छात्रों पर भारी पड़े, प्रारम्भिक विद्यालयों का शिक्षण काल हुआ आधा: सुशील मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि रमजान के महीने में केवल मुसलिम सरकारी कर्मचारियों एवं शिक्षकों को एक घंटे पहले ड्यूटी पर आने और जाने की छूट के पुराने आदेश की मनमानी व्याख्या कर मुख्यमंत्री के गृह जिला नालंदा में सभी प्रारम्भिक स्कूलों में पढाई की अवधि ही आधी कर दी गई, जबकि इन स्कूलों में 90 फीसद छात्र हिंदू हैं।

• रमजान में छूट के तुगलकी फरमान स्कूलों छात्रों पर भारी पड़े
• नीतीश के गृह जिले में सभी प्रारम्भिक विद्यालयों का शिक्षण काल आधा हुआ

श्री मोदी ने कहा कि राजद की साम्प्रदायिक राजनीति के दबाव में नालंदा, किशनगंज सहित कुछ जिलों के शिक्षा पदाधिकारी तुगलकी फरमान जारी कर उसे बहुसंख्यक हिंदू छात्रों पर थोप रहे हैं। ऐसे आदेश को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

Sushil Modi

उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में राजद शासन के दौरान केवल मुसलिम कर्मचारियों को रमजान के महीने में रियायत देने का विवादास्पद आदेश जारी हुआ था, लेकिन 10 साल में कभी लागू नहीं हुआ। मार्च 2023 में इसे दोबारा जारी कर धर्मनिरपेक्षता की धज्जी उड़ायी जा रही है और अल्पसंख्यकवाद को हवा दी जा रही है।

श्री मोदी ने कहा कि नालंदा जिले में रमजान के पूरे महीने तक प्रारम्भिक विद्यालयों की सुबह की पाली का समय मात्र तीन घंटा ( प्रात: 6.30 -9.30) और दिवा पाली का समय मात्र 4घंटे ( पूर्वाह्न 9- दोपहर 1.30) रहेगा, जबकि स्कूल में पढाई की अवधि सामान्य: 6-7 घंटे होती है।

उन्होंने कहा कि किशनगंज में सभी सरकारी और निजी स्कूल रमजान के दौरान सुबह 8 बजे से अपराह्न 3 बजे तक खोलने का आदेश जारी किया गया और इसे निजी स्कूलों को भी मानना है।

राहुल गांधी ने किया पिछड़ों का अपमान, चौधरी को कमान देकर भाजपा ने किया सम्मान: सुशील कुमार मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जब राहुल गाँधी और उनके समर्थक दल मोदी सरनेम मुद्दे पर पिछड़े समाज के करोड़ों लोगों का अपमान कर रहे हैैं, तब भाजपा ने सम्राट चौधरी को बिहार की कमान सौंप कर पिछड़ों के प्रति आदर और विश्वास प्रकट किया।

  • नये अध्यक्ष को बधाई, पार्टी ने उन पर सौंपा बड़ा दायित्व
  • लव-कुश वोट पर नीतीश कुमार का एकाधिकार खत्म

श्री मोदी ने सम्राट चौधरी को बधाई दी और कहा कि उनके ऊर्जावान नेतृत्व में भाजपा 2024 के संसदीय चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत प्रचंड बहुमत प्राप्त करेगी।

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उन्होंने कहा कि पार्टी ने लोकसभा चुनाव से मात्र 10 माह पहले सम्राट चौधरी को बड़ा दायित्व सौंपा है और भरोसा किया है कि वे कार्यकर्ताओं के सहयोग से पार्टी का जनाधार बढ़ाने में सफल होंगे।

श्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2022 में गोपालगंज और कुढनी के उपचुनाव में जदयू की हार ने उस लव-कुश वोट के भाजपा की ओर शिफ्ट होने की पुष्टि की, जिस पर नीतीश कुमार अपना एकाधिकार समझते थे।

उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के अध्यक्ष बनने से भाजपा के पक्ष में पिछड़े समाज के ध्रुव्रीकरण की प्रक्रिया तेज होगी । इससे संगठन में नये उत्साह का संचार अनुभव किया जा रहा है।

बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पिता बने; घर आई ‘नन्ही परी’

बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सोमवार को अपने पहले बच्चे के जन्म की घोषणा ट्विटर से किया। उन्होंने नवजात के साथ तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि भगवान ने बेटी को तोहफे में भेजा है।

चाचा तेज प्रताप यादव इस मौके पर विधानसभा के बाहर मिठाई भी बांटते नज़र आए। वहीं परिवार के अन्य लोग भी इस मौके पर बहुत खुश हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, ईश्वर ने आनंदित होकर पुत्री रत्न के रूप में उपहार भेजा है।

यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने भी अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि उनके घर में ‘नन्ही परी’ के रूप में एक नया मेहमान आया है।

BPSC 68th Prelims Result 2023 का रिजल्ट जारी; यहां से करें अपना रिजल्ट चेक

पटना । BPSC 68th Prelims Result 2023: बिहार लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर सोमवार (27 मार्च) की सुबह रिजल्ट का नोटिफिकेशन जारी किया गया है । रिजल्ट को लेकर 68वीं बीपीएससी (68th BPSC) के अभ्यर्थी काफी दिनों से इंतजार कर रहे थे. अब यह खत्म हो गया है ।

12 फरवरी को बिहार के 38 जिलों के 806 केंद्रों पर 68वीं बीपीएससी की पीटी परीक्षा का आयोजन हुआ था।

BPSC
BPSC

68वीं बीपीएससी का रिजल्ट ऐसे चेक करें
रिजल्ट देखने के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://www.bpsc.bih.nic.in  पर जाएं

आज 27 तारीख की तिथि में रिजल्ट जारी किया गया है. 27 तारीख में आपको 68वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा के रिजल्ट का लिंक दिखेगा.

लिंक पर क्लिक करने के बाद एक पीडीएफ सामने आएगा

इसके बाद यहां से रोल नंबर के अनुसार चेक कर सकते हैं

इसके अलावा एक और वेबसाइट https://onlinebpsc.bihar.gov.in/ पर जाकर आप अपना रिजल्ट देख सकते हैं. 

BPSC 68th Prelims 2023 परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थी मेंस की परीक्षा में शामिल होंगे । मुख्य परीक्षा के लिए आयोग की ओर से कैलेंडर जारी हो चुका है ।

एग्जाम कैलेंडर के अनुसार 12 मई को मुख्य परीक्षा होगी । 26 जुलाई को मुख्य परीक्षा का रिजल्ट भी जारी कर दिया जाएगा ।11 अगस्त को इंटरव्यू होगा, इसके बाद नौ अक्टूबर को फाइनल रिजल्ट जारी किया जाएगा ।

लालू परिवार मीडिया के सामने दहाड़ते हैं और CBI के सामने भीगी बिल्ली बन जाते हैं: सुशील मोदी

पटना । राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्प्रति राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ललन सिंह ने कभी फर्जी, कमजोर दस्तावेज नहीं बल्कि मजबूत तथ्यों पर आधारित इतने पुख्ता सबूत जांच एजेंसी को उपलब्ध कराया है कि आज तक कोई बचकर निकल नहीं पाया है। चारा घोटाला हो या आईआरसीटीसी घोटाला हर घोटाले के सबूत के पीछे ललन सिंह का हाथ है। इन्हीं के कागजातों के आधार पर लालू प्रसाद को चारा घोटाला के 4 मामलों में सजा हो चुकी है। श्री ललन सिंह केवल पुख्ता सबूत ही नहीं बल्कि मुकदमे के हर पल-पल की स्वयं मॉनिटरिंग भी करते हैं।

• लालू परिवार मीडिया के सामने दहाड़ते हैं और सीबीआई के सामने भीगी बिल्ली बन जाते हैं
• ललन सिंह के कारण भागलपुर दंगे में बरी किए जा चुके कामेश्वर यादव को 15 वर्ष बाद सजा हुई

रेलवे की नौकरी के बदले जमीन घोटाले जिसमें पिछले दिनों तेजस्वी यादव और लालू परिवार से पूछताछ हुई उसके भी सारे कागजात 2008 में श्री ललन सिंह और स्वर्गीय शरद यादव ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दिया था। परंतु केंद्र में राजद के समर्थन से यूपीए की सरकार चल रही थी। अतः प्रधानमंत्री सचिवालय से कागज गायब करा दिए गए।

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2014 में एनडीए की सरकार बनने के बाद पुनः कागजात सुपुर्द किए गए। कभी मुकदमा बंद नहीं हुआ था। इस घोटाले की जांच अगस्त में महागठबंधन की सरकार बनने के 1 वर्ष पहले ही प्रारंभ हो गई थी।

श्री ललन सिंह को परिणाम का पूरा अंदेशा है चूँकि कागज उन्हीं के दिए हुए हैं इसलिए डरे हुए हैं। कागज कभी मरते नहीं हैं। संचिका कभी बंद नहीं होती है। भागलपुर दंगे में एक दोषमुक्त किए जा चुके आरोपी कामेश्वर यादव को 15 वर्षों के बाद श्री ललन सिंह के प्रयास से मुकदमा खोलकर नीतीश सरकार में सजा दिलाई गई थी।

लालू परिवार मीडिया के सामने दहाडते हैं और सीबीआई के सामने भीगी बिल्ली बन जाते हैं। झुकने या लड़ने का प्रश्न नहीं है बल्कि पुख्ता सबूत होंगे तो कोई बच नहीं सकता। आखिर लालू प्रसाद झुके या ना झुके चार मामलों में सजायाफ्ता हो चुके हैं।

तेजस्वी बतायें, फ्रेंड्स कालोनी में 150 करोड़ के मकान के मालिक कैसे बने: सुशील मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव को बताना होगा कि दिल्ली की फ्रेंड्स कालोनी में डेढ़ सौ करोड़ के चार मंजिला मकान (डी-1088) के मालिक कैसे बन गए? सीबीआई उनसे ऐसे सवालों का जवाब चाहती है।

ललन सिंह सीबीआई तक पहुँचा चुके हैं पुख्ता सबूत

उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में हजारी राय के दो भतीजों ( दिलचंद कुमार, प्रेमचंद कुमार) को जबलपुर और कोलकाता में रेलवे की ग्रुप-डी की नौकरी मिली। हजारी राय से एक जमीन 21 फरवरी 2007 को एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम लिखवा ली गई।

Sushil Modi vs Tejashwi

श्री मोदी ने कहा कि दिल्ली की फ्रेंड्स कालोनी वाले मकान का स्वामित्व एके इन्फोसिस्टम्स के पास था। बाद में मामूली धन राशि देकर राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव इसी कंपनी के मालिक बन गए।

उन्होंने कहा कि जदयू के स्वर्गीय शरद यादव और ललन सिंह ने इस मामले में यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज्ञापन देकर सीबीआई जांच की मांग की थी। बाद में ललन सिंह ने नीतीश कुमार के इशारे पर सीबीआई को पुख्ता सबूत उपलब्ध कराये।

उन्होंने कहा कि सीबीआई इस मामले में सच जानना चाहती है, जबकि राजद और जदयू भ्रष्टाचार से जुड़े इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।

NHRC की रिपोर्ट में खुलासा; बिहार में सारण जहरीली शराब त्रासदी में 77 लोगों की हुई है मौत, अधिकारियों ने जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या दबाई

पटना। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बिहार में दिसंबर 2022 में सारण और सीवान जिलों में हुई जहरीली शराब त्रासदी में “मृतकों की संख्या को कम करने” के लिए अधिकारियों को दोषी ठहराया है और कहा है कि इस घटना में सरकार के खिलाफ कम से कम 77 लोग मारे गए थे। राज्य सरकार ने इस घटना में केवल 44 लोगों की मौत की बात स्वीकार की थी।

एनएचआरसी की एक 13-सदस्यीय टीम, जिसने जहरीली शराब त्रासदी की जांच की, ने यह भी देखा कि “2016 में राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद से नकली शराब के सेवन से होने वाली मौतें बिहार की कानून व्यवस्था का हिस्सा बन गई हैं।”

NHRC की रिपोर्ट, जिसे हाल ही में एनएचआरसी की वेबसाइट पर अपलोड किया गया था ने घटना में स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग की “अक्षमता” को भी उजागर किया है। एनएचआरसी ने अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट में दावा किया कि जिला प्रशासन ने बिना किसी पोस्टमॉर्टम के 33 लोगों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मौतों के अलावा, सात लोगों ने जहरीली शराब त्रासदी में अपनी आंखों की रोशनी खो दी थी।

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रिपोर्ट में मृतकों के परिवारों को मुआवजा नहीं देने के राज्य सरकार के फैसले को भी ‘अनुचित’ बताया गया है।

NHRC ने घटना का स्वत: संज्ञान लेने के बाद 21 से 23 दिसंबर के बीच जांच करने के लिए एक टीम भेजी थी। टीम ने सदर अस्पताल, विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा किया था और शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से बात की थी।

NHRC की रिपोर्ट का हवाला देते हुए, सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा “रिपोर्ट में पटना उच्च न्यायालय की टिप्पणी का भी जिक्र है कि राज्य सरकार शराबबंदी कानून को लागू करने में विफल रही है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि मरने वालों में से अधिकांश गरीब और समाज के कमजोर वर्ग से थे।

बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुभानी ने कहा: “बिहार सरकार को अभी तक एनएचआरसी जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।”

पटना हाईकोर्ट ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के अंतर्गत विभिन्न कालेजों में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों के सामंजन से संबंधित मामले पर सुनवाई की

पटना हाईकोर्ट ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के अंतर्गत विभिन्न कालेजों में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों के सामंजन से संबंधित मामले पर सुनवाई की। जस्टिस पी बी बजनथ्री की खंडपीठ ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को सभी रिकॉर्ड के साथ अगली सुनवाई में तलब किया है।

कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा एकल पीठ के आदेश को चुनौती देते हुए दायर किए गए एलपीए पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।

राज्य सरकार और विश्वविद्यालय द्वारा अलग-अलग एलपीए दायर कर हाईकोर्ट के एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी गई है।
अपील में एकल पीठ द्वारा वर्ष 1978 से 1982 के बीच कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों को नियमित करने संबंधी आदेश को गैरकानूनी और गलत बताते हुए उसे निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।

PatnaHighCourt
#PatnaHighCourt

तृतीय एवं चतुर्थ पद वर्ग के पद पर नियुक्त हुए कर्मचारियों की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति नियमों के अनुसार वर्ष 1978 से 1982 के बीच की अवधि में की गई थी।

जिनका सामंजन वर्ष 2011 से 2013 के बीच की अवधि में किया गया।लगभग पांच वर्षों के बाद वर्ष 2017 में इनसे सेवा नही लेने और उन्हें वेतन का भुगतान नहीं करने का आदेश राज्य सरकार द्वारा दिया गया।

राज्य सरकार और विश्वविद्यालय के इसी आदेश के खिलाफ एक सौ उन्तीस कर्मचारियों ने हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने इन कर्मचारियों की नियुक्ति और सामंजन को सही मानते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को उन्हें उनके पद पर बहाल करने का निर्देश दिया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन कर्मचारियों को उनके पद पर योगदान नहीं कराया और हाई कोर्ट के एकलपीठ के आदेश के खिलाफ अपील दायर कर दिया।

इसी मामले में हाईकोर्ट ने इन दोनों अधिकारियों को अगली सुनवाई पर तलब किया है।इस मामले पर 3 सप्ताह बाद सुनवाई की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने नेत्र सहायक की नियुक्ति के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निर्देशक को 6 अप्रैल,2023 को कोर्ट में तलब किया

पटना हाईकोर्ट ने नेत्र सहायक की नियुक्ति के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निर्देशक को 6 अप्रैल,2023 को कोर्ट में तलब किया है।जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने रंजीत कुमार द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने नेत्र सहायक के पद पर नियुक्ति करने के लिए वर्ष 2021 में एक विज्ञापन निकाला था।

इस विज्ञापन के अनुसार इस पद पर नियुक्ति के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान और अंग्रेजी के साथ उत्तीर्ण और मान्यता प्राप्त संस्थान से नेत्र सहायक के डिप्लोमा कोर्स किए उम्मीदवार को ही योग्य माना था। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि विज्ञापन को हाईकोर्ट में चुनौती दिया गया, जिसके बाद कई रिट याचिकाएं अन्य अभ्यर्थियों के द्वारा भी हाईकोर्ट में दायर किया गया।

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हाईकोर्ट ने कुछ रिट याचिकाकर्ताओं के पक्ष में अपना आदेश सुनाया। कोर्ट को बताया गया कि सरकार द्वारा इस मामले में जो शपथ पत्र दायर किया गया है, वह हाईकोर्ट के खंडपीठ के आदेश के विपरीत है।

इसी मामले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए हाईकोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के अपर निर्देशक को अगली सुनवाई पर तलब किया है।

इस मामलें पर आगे सुनवाई की जाएगी।

मोदी सरनेम मामले में सूरत कोर्ट का फैसला स्वागत-योग्य, छिन सकती है राहुल की सांसदी: सुशील कुमार मोदी

पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मोदी सरनेम वाले सभी लोगों को चोर बताने वाले राहुल गांधी के अमर्यादित बयान के विरुद्ध मैंने भी पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है और अगर इसमें भी उन्हें सूरत की अदालत की तरह सजा सुनाया गई, तो उनकी संसद सदस्यता छिन जा सकती है।

  • पटना में मैंने भी किया है मानहानि का मुकदमा, गवाही अगले माह
  • अमर्यादित टिप्पणी करने वालों को कड़ा संदेश दे सकती है न्यायपालिका
  • “चौकीदार चोर है” वाले बयान के कारण उन्हें कोर्ट में मांगनी पड़ी थी माफी

सूरत कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए श्री सुशील मोदी ने कहा कि “मोदी” सरनेम वाले लाखों लोगों ने सांसद राहुल गांधी की टिप्पणी से अपमानित अनुभव किया। उनके विरुद्ध पटना सहित कई अन्य जगह भी मुकदमें दायर हुए।

उन्होंने कहा कि मेरे मामले में वे जमानत ले चुके हैं, लेकिन अगले महीने गवाही के लिए उन्हें पटना सीजेएम के कोर्ट में उपस्थित होना पड़ सकता है।

श्री मोदी ने कहा कि इससे पहले राहुल गांधी ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपमानित करने की मंशा से “चौकीदार चोर है” जैसा घटिया बयान दिया था।

उन्होंने कहा कि राफेल विमान सौदे और “चौकीदार चोर है” वाले मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगनी पड़ी थी। फिर भी उन्होंने जुबान पर लगाम लगाना नहीं सीखा।

श्री मोदी ने कहा कि यदि सरनेम वाले बयान के कारण राहुल गांधी को विभिन्न अदालतों से कड़ी सजा सुनायी जाती है, तो यह अमर्यादित भाषा बोलने वालों के विरुद्ध कड़ा संदेश होगा।

बिहार की प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित मधुबनी पेंटिंग की सरकारी उपेक्षा और कलाकारों की दयनीय अवस्था पर पटना हाइकोर्ट ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि इस सम्बन्ध में ब्लू प्रिंट एक सप्ताह में नहीं पेश किया गया, तो कोर्ट इस पर गंभीर रुख अपनाएगा

पटना हाइकोर्ट ने राज्य की प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित मधुबनी पेंटिंग की सरकारी उपेक्षा और कलाकारों की दयनीय अवस्था पर सुनवाई की। आत्मबोध की जनहित याचिका पर एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने राज्य सरकार दिए गए कार्रवाई रिपोर्ट पर गहरा असंतोष जाहिर किया।

कोर्ट ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि इस सम्बन्ध में ब्लू प्रिंट एक सप्ताह में नहीं पेश किया गया, तो कोर्ट इस पर गंभीर रुख अपनाएगा।

पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील डा. मौर्य विजय चन्द्र ने कोर्ट को बताया था कि मधुबनी पेंटिंग के विकास,विस्तार और कलाकारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कला व संस्कृति सचिव व उद्योग विभाग के निर्देशक को पटना एयरपोर्ट परिसर में बने मधुबनी पेंटिंग का निरीक्षण कर कल कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत का निर्देश दिया था।

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उन्होंने जो रिपोर्ट दिया ,उससे स्पष्ट हुआ कि पटना एयरपोर्ट के परिसर में जो मधुबनी पेंटिंग लगी है,वहां न तो कलाकारों को क्रेडिट दिया गया है।साथ ही जी आई टैग भी नहीं लगा है।इससे मधुबनी पेंटिंग व उसके कलाकारों की उपेक्षा स्पष्ट होती है।

कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा था कि मधुबनी पेंटिंग के विकास और विस्तार के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जाना चाहिए।याचिकाकर्ता के वकील डा. मौर्य विजय चन्द्र ने कोर्ट को बताया कि मधुबनी पेंटिंग सरकारी उपेक्षा का शिकार तो है ही, साथ ही मधुबनी पेंटिंग करने वाले कलाकारों का शोषण भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मधुबनी पेंटिंग की ख्याति देश विदेश में है,लेकिन मधुबनी पेंटिंग के कलाकार गरीबी में जीवन बिता रहे है।उन्होंने बताया कि मधुबनी पेंटिंग के कलाकारों को अपने कानूनी अधिकारों का ज्ञान नहीं है।

इसी का लाभ बिचौलिए उठाते है।उनकी पेंटिंग का बाहर ले जा कर महंगे दामों में बेचते है, जबकि उन कलाकारों को बहुत थोड़ी सी रकम दे देते है।

उन्होंनेे कोर्ट को बताया कि उन्हें 2005 में ही जीआई टैग भारत सरकार से लगाने की अनुमति प्राप्त हुई।ये भौगोलिक क्षेत्र के तहत रजिस्टर होता है ,लेकिन इसका आजतक रेजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है।

इसके सम्बन्ध में इन कलाकारों को जानकारी नहीं है।इसका लाभ बिचौलिए उठाते है। इस मामलें पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने पटना एवं राज्य के अन्य क्षेत्रों में खुले आम नियमों का उल्लंघन कर मांस- मछली बेचने पर पाबन्दी लगाने सम्बंधित जनहित याचिका पर सुनवाई की

पटना हाईकोर्ट ने पटना एवं राज्य के अन्य क्षेत्रों में खुले आम नियमों का उल्लंघन कर मांस- मछली बेचने पर पाबन्दी लगाने सम्बंधित जनहित याचिका पर सुनवाई की। एक्टिंग चीफ जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने मामलें पर सुनवाई करते हुए पटना नगर निगम को विस्तृत जानकारी देने के लिए तीन सप्ताह का मोहलत दिया।

पटना नगर निगम ने कोर्ट को बताया कि आधुनिक बूचडखाने के निर्माण और विकास के लिए स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है।निविदा की कार्रवाई की जा रही है। पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने के लिए पटना नगर निगम ने तीन सप्ताह की मोहलत मांगी,जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।

ये जनहित याचिका अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्र ने दायर की है। अधिवक्ता अंकिता कुमारी ने कोर्ट को बताया कि पटना समेत राज्य विभिन्न क्षेत्रों में अस्वास्थ्यकर और नियमों के विरुद्ध मांस मछली काटे और बेचे जाते हैं।

उन्होंने कहा कि इससे जहाँ आम आदमी के स्वास्थ्य पर पर बुरा असर पड़ता हैं, वहीं खुले में इस तरह से खुले में जानवरों के काटे जाने से छोटे लड़कों के मन पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

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याचिकाकर्ता के वकील अंकिता कुमारी ने कोर्ट से यह भी आग्रह किया था कि खुले और अवैध रूप से चलने वाले बूचडखानों को नगर निगम द्वारा तत्काल बंद कराया जाना चाहिए ।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि पटना के राजा बाज़ार, पाटलिपुत्रा , राजीव नगर, बोरिंग केनाल रोड , कुर्जी, दीघा , गोला रोड , कंकड़बाग आदि क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर खुले में मांस मछ्ली की बिक्री होती है।

उन्होंने कोर्ट को जानकारी दी कि अस्वस्थ और बगैर उचित प्रमाणपत्र के ही जानवरों को मार कर इनका मांस बेचा जाता है ,जो कि जनता के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

उनका कहना था कि शुद्ध और स्वस्थ मांस मछ्ली उपलब्ध कराने के लिए सरकार को आधुनिक सुविधाओं सुविधाओं के साथ बूचड़खाने बनाए जाने चाहिए,ताकि मांस मछली बेचने वालोंं को भी सुविधा मिले।

साथ ही जनता को भी स्वस्थ और प्रदूषणमुक्त मांस मछली मिल सके।इस मामलें पर अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।

बिहार में बिजली हुई महंगी, उपभोक्ताओं को लगा महंगी बिजली का करंट; 24% बढ़ोतरी की घोषणा

पटना। बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका, बिजली की दर में 24.10% की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। इसके बाद बिजली 2 रुपए तक प्रति यूनिट महंगी हो जाएगी । अब सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी के आधार पर तय होगा प्रति यूनिट बिजली का दर।

बिहार विधानमंडल के मौजूदा सत्र में तमाम गतिरोधों के बीच लाइन लॉस को आधार बनाते हुए बिहार में बिजली की दरें बढ़ा दी गई हैं। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने गुरुवार को बिजली दर में बढ़ोतरी की घोषणा की है। बिजली कंपनी ने इसे 40% तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। आयोग ने सुनवाई के बाद 24.1 फीसदी की मंजूरी दी है।

बढ़ी दरें इस प्रकार से हैं
100 यूनिट से ज्यादा बिजली का उपयोग करने वाले को 1.67 रुपए प्रति यूनिट ज्यादा देने हाेंगे। इसमें फिक्स्ड चार्ज जोड़ दिया जाए तो बढ़ोतरी प्रति यूनिट 2 रुपए से ज्यादा होगी। अभी तक यह दर 6.95 रुपए प्रति यूनिट थी, जो बढ़कर अब 8.62 रुपए प्रति यूनिट हो जाएगी। अब सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी के आधार पर तय होगा प्रति यूनिट बिजली का दर।

फिक्स्ड चार्ज में भी बढ़ोतरी
बिजली दर बढ़ोतरी के साथ ही बिल में फिक्स्ड चार्ज में भी बढ़ोतरी की गई है। अब बिजली दरों के 3 स्लैब की जगह अब दो ही होंगे।

बढ़ी दरों का यह फैसला 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक लागू रहेगा।

पटना हाईकोर्ट में मुज़फ़्फ़रपुर के सरैया थाना चर्चित हत्याकांड में मृतक के परिजन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई 3 सप्ताह के लिए टल गई

पटना हाई कोर्ट ने मुज़फ़्फ़रपुर के सरैया थाना चर्चित हत्याकांड में मृतक निर्भया कुमारी (काल्पनिक नाम) के परिजन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई तीन सप्ताह के लिए टल गई। राज्य सरकार की ओर से जस्टिस अंशुमान की एकल पीठ को बताया गया कि वीडिओ जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है, लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं आया है।

आज कोर्ट में उपस्थित सरैया के डीएसपी और सम्बंधित अनुसंधानकर्ता ने कोर्ट को ये जानकारी दी।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ओम प्रकाश कुमार ने कोर्ट से आग्रह किया गया है कि केस में नामजद अभियुक्तों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। साथ ही केस को किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाया जाए।

इस केस में काम नही कर रहे पुलिस पदाधिकारियों पर विभागीय कार्यवाही भी चलाया जाए। पिछले सुनवाई के दौरान मुज़फ़्फ़रपुर के एस एस पी ने शपथ पत्र दायर कर बताया कि इस केस में सिर्फ एक व्यक्ति ही संलिप्तता जांच में सामने आई है ।इसलिए बाकी अभियुक्तों को गिरफ्तार नही किया गया।

पूर्व की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि जो शपथ पत्र एसएसपी ने दायर किया है, उसे देखने से प्रतीत होता है कि पुलिस अन्य अभियुक्तों को बचा रही है।

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कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए इस केस के डीएसपी और अनुसंधान कर्ता को अगली सुनवाई में कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था।अधिवक्ता ओम प्रकाश ने बताया कि दिनांक 26 अप्रैल 2022 को याचिकाकर्ता की पुत्री अपने घर से बाहर गयी थी ,लेकिन वह वापस नही लौटी।

जिसके बाद परिजन वालों ने अपनी पुत्री को जा खोजबीन किया, परन्तु वह नही मिली। उसी दिन रात्रि 12.47 बजे एक कॉल आया, जिसमे याचिकाकर्ता की पुत्री की आवाज सुनाई दी।वह दर्द से कराह रही थी।

इसके बाद फोन कट गया और पुनः प्रयास करने पर मोबाइल बंद मिला।अगले दिन सुबह में ग्रामीण ने बताया कि याचिकाकर्ता की पुत्री की बॉडी पोखर में पड़ी हुई है।

इसके बाद परिजन घटना स्थल पर जाने के क्रम में देखे की गांव के ही मो0 वसीम खान के द्वारा याचिकाकर्ता की पुत्री को बोलेरो कार से लेकर कहीं जा रहा था।वह बोलेरो मोहम्मद वसीम के घर पर जाकर रुकती है।

फिर मोहम्मद वसीम के परिवार वाले गाड़ी में बैठते है। वे लोग वैष्णवी हॉस्पिटल, मुज़फ़्फ़रपुर याचिकाकर्ता की पुत्री को लेकर जाते हैं, जहाँ याचिकाकर्ता की पुत्री के परिजन भी पहुचते हैं ।

अपनी पुत्री से बात करते हैं, तो याचिकाकर्ता की पुत्री द्वारा बताया जाता है कि लगभग 8 लोग द्वारा बलात्कार किया गया और जहर पिलाया गया। इसमें उसने चार लोगों का नाम भी लिया था, जिसमे से एक व्यक्ति मोहम्मद वसीम खान को गिरफ्तार कर लिया गया है ।

लेकिन अभी भी तीन नामजद अभियुक्त पुलिस के गिरफ्त से बाहर है।इस मामलें पर पुनः तीन सप्ताह बाद सुनवाई की जाएगी।

बिहार BJP के सम्राट चौधरी होंगे Bihar BJP के नए प्रदेश अध्यक्ष

पटना । बिहार BJP में सम्राट चौधरी को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है । विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है ।

Samrat-Chaudhry

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने तत्काल प्रभाव से सम्राट चौधरी को बिहार का अध्यक्ष बनाया है। एनडीए की सरकार में सम्राट चौधरी पंचायती राज विभाग के मंत्री थे। सम्राट चौधरी वर्तमान में बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं।

Bihar Diwas 2023: तीन दिवसीय समारोह की हुई शुरुआत ; मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित अन्य मंत्री उद्घाटन समारोह में रहे मौजूद

पटना । बुधवार 22 मार्च को बिहार अपना 111वां स्थापना दिवस मना रहा है । 1912 में आज ही के दिन बिहार को बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग किया गया था। बिहार राज्‍य का गठन आज ही के दिन हुआ था । इसीलिए प्रतिवर्ष 22 मार्च को Bihar Diwas मनाया जाता है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को गांधी मैदान में तीन दिवसीय बिहार दिवस समारोह का उद्घाटन किया । उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित अन्य मंत्री उद्घाटन समारोह में रहे मौजूद ।

Bihar Diwas 2023 अवसर पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “हमने राज्य में 2010 में बिहार दिवस मनाना शुरू किया था। अब बिहार दिवस अन्य राज्यों और विदेशों में भी मनाया जाने लगा है। बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है।

“पटना के गांधी मैदान में आयोजित बिहार दिवस के अवसर पर आए लोगों को संबोधित करते हुए बिहार के सीएम नीतीश ने फिर से विशेष राज्य की मांग को दोहराते हुए कहा कि हमलोग बहुत पीछे है. राज्य के विकास के लिए विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए।

उन्होंने बिहार के साथ बौद्ध धर्म, जैन धर्म, सिख धर्म और सूफीवाद के विशेष संबंध का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने पद्म श्री प्राप्तकर्ता और सुपर 30 कोचिंग संस्थान के संस्थापक आनंद कुमार को सम्मानित किया। उन्होंने शौर्य श्रेणी में पश्चिम चंपारण के धीरज कुमार और दरभंगा की साइकिल गर्ल ज्योति कुमारी को जबकि समाज सेवा श्रेणी में छपरा की पाल साक्षी को सम्मानित किया।

Bihar Diwas समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया और प्रसिद्ध गायकों के प्रदर्शन द्वारा चिह्नित किया गया।

उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, “बिहार लगातार विकास कर रहा है. हम 10 लाख सरकारी नौकरी और 10 लाख रोजगार के अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम जल्द ही अपना वादा पूरा करेंगे।”

महायज्ञ का समापन 24 मार्च को होगा।

राजनीतिक स्थिरता लाने और विकसित राज्य बनाने का संकल्प ले बिहार: सुशील कुमार मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने बिहार दिवस (22 मार्च) पर प्रदेशवासियों को बधाई दी और अपील कि लोग राजनीतिक स्थिरता लाने और दस साल में विकसित राज्य बनाने का संकल्प लें।

  • श्रीबाबू के दूरदर्शी नेतृत्व में हुआ था राज्य का प्रारम्भिक विकास
  • 29 साल में 23 मुख्यमंत्री आये-गए, अस्थिरता से बाधित हुआ विकास
  • 1990 में ऐसी सरकार आयी, जिसने अपराध और भ्रष्टाचार का राजनीतिकरण किया, विकास नहीं
  • 2005 में आयी एनडीए सरकार, विकास पटरी पर लौटा, बिहार दिवस मनाने की शुरुआत उसी दौर में
  • निजी महत्वाकांक्षाओं के हावी होने से फिर अस्थिरता मेंं फंसा बिहार

श्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद 14 साल तक राजनीतिक स्थिरता रही और प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह उर्फ श्री बाबू के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य का प्रारम्भिक विकास हुआ।

उन्होंने कहा कि 1961 में श्री बाबू की मृत्यु के बाद अस्थिरता, भ्रष्टाचार और कुशासन के चलते बिहार लगातार पिछड़ता गया।

उन्होंने कहा कि 1961 से 1990 तक 29 साल में यहाँ 23 मुख्यमंत्री आये-गए और राष्ट्रपति शासन भी लगता रहा। इससे विकास बाधित हुआ।

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श्री मोदी ने कहा कि 1990 में ऐसी सरकार आयी, जिसने बीस साल राज करने के इरादे से अपराध और भ्रष्टाचार का खुलकर राजनीतिकरण किया, लेकिन विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया। उस दौर में बिहारी कहलाना शर्म की बात हो गई थी।

उन्होंने कहा कि भले ही एक सरकार 20 साल राज नहीं कर सकी, लेकिन 15 साल में ही उसने राज्य को 50 साल पीछे धकेल दिया।

श्री मोदी ने कहा कि 2005 में जब एनडीए सरकार आयी, तब विकास पटरी पर लौटा था। उस दौर में अपराध पर कठोर नियंत्रण, वित्तीय अनुशासन, भ्रष्टाचार पर अंंकुश, ढांचागत विकास में भारी निवेश और उच्च शिक्षा के नये संस्थान खुलने से बिहारी अस्मिता का पुनर्जागरण हुआ। बिहार दिवस मनाने की शुरुआत भी उसी दौर में हुई थी।

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने विकास और गुड गवर्नेंस दिया, जिससे बिहार सबसे तेज विकास करने वाला राज्य बना।

श्री मोदी ने कहा कि दुर्भाग्यवश, कुछ लोगों की पीएम-सीएम बनने की महत्वाकांक्षाएँ इतनी भारी पड़ीं कि बिहार फिर अस्थिरता के भँवर मेंं फंस गया।

उन्होंने कहा कि बिहार दिवस पर हमें राजनीतिक स्थिरता और विकास का दौर लौटाने का संकल्प लेना चाहिए।

पटना हाइकोर्ट ने फोर लेन रजौली-बख्तियारपुर नेशनल हाइवे के प्रथम पैकज के निर्माण में हो रहे बिलम्ब पर NHAI को स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया

पटना हाइकोर्ट ने फोर लेन रजौली बख्तियारपुर नेशनल हाइवे के प्रथम पैकज के निर्माण में हो रहे बिलम्ब पर एनएचएआई को स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया। विपिन कुमार की जनहित याचिका पर एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की।

कोर्ट को एनएचएआई के अधिवक्ता ने बताया कि ये एन एच 31 के 105 किलोमीटर को तीन पैकेज में बांटा गया है। पैकेज दो और तीन के कार्य चल रहे है।लेकिन पैकेज एक का कार्य नहीं हो पा रहा है।

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उन्होंने बताया कि इस पैकेज के निर्माण के वन व पर्यावरण विभाग के अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलना बाकी है।उन्होंने बताया कि इसके बाद पैकेज एक का काम प्रारम्भ हो सकेगा।

कोर्ट ने एनएचएआई को छह सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।इस मामलें पर अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद की जाएगी।

बिहार के तत्कालीन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद रॉय के विरुद्ध अदालती कार्रवाई पर तत्काल रोक

पटना हाइकोर्ट ने बिहार के तत्कालीन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद रॉय के विरुद्ध अदालती कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाते हुए बड़ी राहत दी। जस्टिस संदीप कुमार ने नित्यानंद द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की।

उनके विरुद्ध अपने भाषण में सामुदायिक विद्वेष फैलाने का आरोप लगाया गया था।अंचलाधिकारी, नरपतगंज,ज़िला अररिया ने एक नरपतगंज थाने मे तत्कालीन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद रॉय के विरुद्ध अपने 9 मार्च,2018 को अपने भाषण में साम्प्रदायिक विद्वेष फैलाने की सूचना दी।

सीजेएम अररिया 13अप्रिल,2022 को पुलिस द्वारा 31अक्तुबर,2021 के दायर चार्जशीट पर सुनवाई करते हुए संज्ञान लिया।कोर्ट ने थाना प्रभारी को इनके विरुद्ध समन जारी करने का निर्देश दिया।

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निचली अदालत के इस आदेश के विरुद्ध केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद रॉय ने एक याचिका दायर की।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता नरेश दीक्षित ने कोर्ट को बताया कि जिन प्रावधानों के तहत उनके विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है, वह उन पर लागू ही नहीं होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नित्यानंद रॉय ने किसी प्रकार से अपने भाषण में सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने का काम नहीं किया है।उन्होंने विदेश के एक आतंकवादी के सन्दर्भ में बात कही थी।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि ये मामला 2018 का है,जबकि निचली अदालत ने इस मामले का संज्ञान 2022 में लिया।

इन तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दिया।इस मामलें पर अगली सुनवाई जुलाई,2023 में की जाएगी।

जमीनी सच से टकरा कर टूटे CM-PM के दो हसीन सपने: सुशील मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के बीच जो भी डील हुई हो, लेकिन तेजस्वी प्रसाद यादव को जमीनी हकीकत का एहसास हो गया है कि न वे अभी सीएम बन सकते हैं, न नीतीश कुमार कभी पीएम बन सकते हैं।

  • जस्वी को कुर्सी सौंपने की डील से पलटे नीतीश कुमार
  • राजद अब नीतीश पर दबाव बनाने की स्थिति में नहीं
  • विपक्षी एकता फेल, ममता,अखिलेश ने जदयू को पूछा नहीं
  • किसी को राष्ट्रीय राजनीति ने किनारे किया, किसी को बिहार के हालात ने

श्री मोदी ने कहा कि सीएम-पीएम के सपने देखने वाले चाचा-भतीजा अपने समर्थकों से नारे लगवा कर या पोस्टर-होर्डिंग्स के जरिये अपनी महत्वाकांक्षा प्रकट करते रहे हैं। अब दोनों सफाई देते फिर रहे हैं कि उन्हें बड़े पद पाने की इच्छा नहीं है।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार 2023 में तेजस्वी यादव को कुर्सी सौंपने की बात से पलट चुके हैं और राजद भी अब कोई दबाव बनाने की स्थिति में नहीं है।

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श्री मोदी ने कहा कि जो तेजस्वी यादव कह रहे थे कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने की जल्दी नहीं है, वही अब पद की इच्छा त्याग कर अचानक संत कैसे हो गए?

उन्होंने कहा कि 2024 और 2025 में जब राजद-जदयू अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रहे होंगे, तब सीएम-पीएम तो बहुत दूर की बात होगी। अच्छी बात है कि तेजस्वी यादव ने इस सच को स्वीकार किया।

श्री मोदी ने कहा कि ममता बनर्जी और अखिलेश यादव कांग्रेस को अलग रख कर फ्रंट बनाने का एलान कर चुके हैं। नीतीश कुमार को न ममता पूछ रही हैं, न केसीआर ने भाव दिया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृष्य जहाँ नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षा को चूर कर रहा है, वहीं बिहार के हालात तेजस्वी यादव के सपनों पर ओला बरसा रहे हैं।

JDU के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में बड़ा फेरबदल; केसी त्यागी का नाम कटा, देखें पूरी लिस्ट

पटना । मंगलवार को जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में बड़ा फेरबदल किया। जदयू की नयी सूची से जदयू महासचिव केसी त्यागी का नाम हटा दिया।

JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों का ऐलान किया । पार्टी द्वारा जारी सूची में मंगनी लाल मंडल को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है।

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नई टीम में 22 नेताओं को महासचिव बनाया गया है।

JDU की नई टीम की सूची

Patna High Court News: पिछले दो दशकों से राज्य के विभिन्न निचली अदालतों में बड़ी संख्या में लंबित आपराधिक मुकदमों के मामलें पर सुनवाई अधूरी रही

पटना हाइकोर्ट में पिछले दो दशकों से राज्य के विभिन्न निचली अदालतों में बड़ी संख्या में लंबित आपराधिक मुकदमों के मामलें पर सुनवाई अधूरी रही। एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ कौशिक रंजन की जनहित याचिका पर सुनवाई की।

पिछली सुनवाई में Patna High Court ने बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार(बालसा)के सचिव को नेशनल जुडिशल ग्रिड और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के उपलब्ध आंकड़े को मूल रिकॉर्ड से जांच करने का निर्देश दिया था।

याचिकाकर्ता कौशिक रंजन की अधिवक्ता शमा सिन्हा ने कोर्ट को बताया था कि बड़ी तादाद में आपराधिक मामलें लंबित पड़े है।उन्होंने बताया कि लगभग 67 हज़ार मामलें ऐसे है,जिनमें पार्टियां कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।

Patna High Court ने बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार व विभिन्न ज़िला विधिक सेवा प्राधिकार को ऐसे मामलों को चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।अधिवक्ता शमा सिन्हा ने कोर्ट को बताया कि वकीलों सहायता के अभाव में लगभग सात लाख आपराधिक मामलें लंबित है।

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Patna High Court ने इस सम्बन्ध में बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार को आंकड़े की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि इन मामलों में वकीलों की सहायता दिए जाने को गम्भीरता से लिया जाना चाहिए था।

अधिवक्ता शमा सिन्हा ने कोर्ट को बताया कि बहुत सारे मामलें काफी पुराने है,जिनमें अधिकांश सन्दर्भहीन हो चुके है।तीस चालीस साल पुराने मामलों का कोई अर्थ नहीं रह जाता है। याचिकाकर्ता के वकील शमा सिन्हा ने Patna High Court को बताया था कि ये आंकड़े नेशनल जुडिशल ग्रिड और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो से मिले है।इन्ही आंकड़ों को कोर्ट के सामने पेश किया गया।

Patna High Court को यह भी बताया गया इतने पुराने लंबित मामले में आरोपी और परिवादी दोनों की जीवित रहने पर संदेह है, ऐसी स्थिति में या नहीं तो बेकार और कानूनी तौर पर औचित्य पड़े अपराधिक मामले को खत्म करने की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए ।

इस मामलें पर सुनवाई कल भी जारी रहेगी।

बिहार बोर्ड ने इंटरमीडिएट (12th) वार्षिक परीक्षा, 2023 का रिजल्ट किया जारी; 83.70% स्टूडेंट्स हुए पास, यहां देखें रिजल्ट-टॉपर्स लिस्ट

पटना । बिहार इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2023 का परीक्षाफल मंगलवार दिनांक 21.03.2023 को अपराह्न 02:00 बजे जारी किया गया। बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर और बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने घोषित किया रिजल्ट। बिहार सरकार ने घोषणा की है कि टॉप 6 स्टूडेंट्स को लैपटॉप, किंडल ई-बुक और 1 लाख नगद इनाम दिया जाएगा।

बिहार बोर्ड ने इंटर का रिजल्ट जारी किया, जिसमें 83.70% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। यह पिछली बार से 3.55% ज्यादा है। तीनों स्ट्रीम में लड़कियां टॉपर रही हैं। आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स मिलाकर 13 साल 4 हजार 586 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी।

आर्ट्स में 82.74%, वाणिज्य में 93.35% और साइंस में 83.93% छात्र सफल। साइंस में आयुषी नंदन बनी टॉपर , आर्ट्स में मोहनिशा और कॉमर्स में सौम्या और रजनीश बने टॉपर।

साइंस स्ट्रीम में आयुषी नंदन 94.8% के साथ, कॉमर्स स्ट्रीम में सौम्या शर्मा और रजनीश 95% के साथ और आर्ट्स स्ट्रीम में पूर्णिया की मोहनिसा 95% के साथ टॉपर घोषित।

छात्र-छात्राएं अपना परिणाम, घोषित होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in, secondary.biharboardonline.com और results.biharboardonline.com पर देख सकते हैं।

बिहार बोर्ड ने इंटरमीडिएट (12th) वार्षिक परीक्षा, 2023 का रिजल्ट किया जारी

पटना । बिहार इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2023 का परीक्षाफल मंगलवार दिनांक 21.03.2023 को अपराह्न 02:00 बजे जारी किया गया। बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर और बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने घोषित किया रिजल्ट। बिहार सरकार ने घोषणा की है कि टॉप 6 स्टूडेंट्स को लैपटॉप, किंडल ई-बुक और 1 लाख नगद इनाम दिया जाएगा।

बिहार बोर्ड ने इंटर का रिजल्ट जारी किया, जिसमें 83.70% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। यह पिछली बार से 3.55% ज्यादा है। तीनों स्ट्रीम में लड़कियां टॉपर रही हैं। आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स मिलाकर 13 साल 4 हजार 586 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी।

BSEB-12th-Result-2022-Inter-result

छात्र-छात्राएं अपना परिणाम, घोषित होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in, secondary.biharboardonline.com और results.biharboardonline.com पर देख सकते हैं।

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने ट्विट कर जानकारी दी।

Patna High Court News: दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड के निर्माण से संबंधित लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बिहार सरकार, NHAI एवं रेलवे को हलफ़नामा दायर कर जवाब देने का निर्देश दिया

पटना हाई कोर्ट ने दानापुर – बिहटा एलिवेटेड रोड के निर्माण से संबंधित लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार, एनएचएआई एवं रेलवे को हलफ़नामा दायर कर जवाब देने का निर्देश दिया है। एसीजे जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की।

ये जनहित याचिका विपिन कुमार ने दायर किया है। याचिकाकर्ता ने इस जनहित याचिका के माध्यम से दानपुर – बिहटा एलिवेटेड रोड के निर्माण में प्रगति लाने के लिए ये जनहित याचिका को दायर किया है।

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कोर्ट ने इस याचिका में पूर्व मध्य रेलवे को भी प्रतिवादी बनाने का भी निर्देश दिया है।

इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल,2023 को होगी ।

पटना हाईकोर्ट में राज्य की निचली अदालतों में वकीलों के बैठने और कार्य करने की व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होने के मामलें सुनवाई की

पटना हाईकोर्ट में राज्य की निचली अदालतों में वकीलों के बैठने और कार्य करने की व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होने के मामलें सुनवाई की। एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ के समक्ष राज्य सरकार की ओर से कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया।

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पी के शाही ने कोर्ट को जानकारी देते हुए बताया गया कि तेरह स्थानों के लिए वकीलों के लिए भवन निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के लिए टेंडर जारी कर दिया गया। बाकी अन्य जिलों में भी कार्रवाई चल रहा है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने भूमि उपलब्धता से सम्बंधित मामलें पर राज्य के विकास आयुक्त को अधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को ये भी बताने को कहा था कि राज्य के 38 जिलों में से कितने जिलों में वकीलों के भवन निर्माण के लिए जिलाधिकारियों ने भूमि चिन्हित कर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी कर ली है।

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वरीय अधिवक्ता श्री रमाकांत शर्मा ने कोर्ट को बताया था कि भवनों का निर्माण राज्य सरकार के भवन निर्माण भवन निर्माण विभाग करें,तो काम तेजी से हो सकेगा।ठेकेदारी के काम में बिलम्ब होने के अलावे लागत भी ज्यादा आएगा।

याचिकाकर्ता का कहना है कि राज्य के अदालतों की स्थिति अच्छी नहीं है।अधिवक्ता अदालतों में कार्य करते है,लेकिन उनके लिए न तो बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है और न कार्य करने की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है।

वकीलों के लिये शुद्ध पेय जल,शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं होती हैं।उन्होंने कोर्ट को बताया कि अदालतों के भवन के लिए जहां भूमि उपलब्ध भी है,वहां भूमि को स्थानांतरित नहीं किया गया है। जहां भूमि उपलब्ध करा दिया गया है, वहां कार्य प्रारम्भ नही तो पाया हैं।

इस मामलें पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी।

फिरौती के लिए हत्या-अपहरण की घटनाओं से फिर सहमा बिहार: सुशील कुमार मोदी

पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कहा कि 40 लाख की फिरौती के लिए बिहटा के स्कूली छात्र की हत्या, छपरा के जमीन कारोबारी का अपहरण और लालू प्रसाद के भतीजे नागेंद्र राय के 2 करोड़ रुपये रंगदारी मांगने की घटनाएँ कानून-व्यवस्था की डरावनी स्थिति बयाँ कर रही हैं।

  • बिहटा के छात्र की हत्या, छपरा में जमीन कारोबारी अगवा, लालू के भतीजे ने मांगी 2 करोड़ की रंगदारी
  • अवैध खनन मामले के आरोपी मंत्री-पुत्र को डिप्टी सीएम के फोन पर छोड़ा गया
  • महागठबंधन सरकार ने 7 माह में चमकाया अपहरण उद्योग

श्री मोदी ने कहा कि एक माह में रंगदारी-फिरौती के लिए अपहरण और हत्या की दर्जन-भर घटनाएँ हुईं।

उन्होंने कहा कि इसी 15 मार्च को लालू प्रसाद के भतीजे नागेंद्र राय ने हथियार के साथ एक भूखंड पर पहुँच कर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी माँगी। इस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

श्री मोदी ने कहा कि इससे पहले 23 फरवरी को सहकारिता मंत्री सुरेंद्र यादव के पुत्र को जेसीबी मशीन लगाकर अवैध खनन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे जेल भेजने के बजाय डिप्टी सीएम की फोन पैरवी पर छोड़ दिया गया।

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उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपराध और भ्रष्टाचार से समझौता कर जनता के जीवन को खतरे में डाल दिया।

श्री मोदी ने कहा कि महागठबंधन सरकार बनने के मात्र 7 महीनों में अपहरण उद्योग में लालू-राबड़ी राज जैसी तेजी लौट आयी। “बिहार में नीतीसे कुमार हैं। अपहरण उद्योग में फिर से बहार है।”

बिहार में निबंधित और योग्य फार्मासिस्ट के पर्याप्त संख्या नहीं होने के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर होने वाले असर के मामले पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार द्वारा दिए गए जवाब पर असंतोष जाहिर किया

राज्य में निबंधित और योग्य फार्मासिस्ट के पर्याप्त संख्या नहीं होने के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर होने वाले असर के मामले पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई की। एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार द्वारा दिए गए जवाब पर असंतोष जाहिर किया।

कोर्ट ने राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में राज्य सरकार को पुनः जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।ये जनहित याचिका मुकेश कुमार ने दायर किया है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रशान्त सिन्हा ने कोर्ट को बताया कि डॉक्टरों द्वारा लिखें गए पर्ची पर निबंधित फार्मासिस्टों द्वारा दवा नहीं दी जाती है।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि बहुत सारे सरकारी अस्पतालों में अनिबंधित नर्स,एएनएम,क्लर्क ही फार्मासिस्ट का कार्य करते है।वे बिना जानकारी और योग्यता के ही मरीजों को दवा बांटते है।जबकि ये कार्य निबंधित फार्मासिस्टों द्वारा किया जाना है।

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उन्होंने कहा कि इस तरह से अधिकारियों द्वारा अनिबंधित नर्स,एएनएम,क्लर्क से काम लेना न केवल सम्बंधित कानून का उल्लंघन है,बल्कि आम आदमी के स्वास्थ्य के साथ खिलबाड़ है।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि फार्मेसी एक्ट,1948 के तहत फार्मेसी से सम्बंधित विभिन्न प्रकार के कार्यों के अलग अलग पदों का सृजन किया जाना चाहिए।लेकिन बिहार सरकार ने इस सम्बन्ध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।इस आम लोगों का स्वास्थ्य और जीवन पर खतरा उत्पन्न हो रहा है।

उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि फार्मेसी एक्ट,1948 के अंतर्गत बिहार राज्य फार्मेसी कॉउन्सिल के क्रियाकलापों और भूमिका की जांच के लिए एक कमिटी गठित की जाए।ये कमिटी कॉउन्सिल की क्रियाकलापों की जांच करें,क्योंकि ये गलत तरीके से जाली डिग्री देती है।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि बिहार राज्य फार्मेसी कॉउन्सिल द्वारा बड़े पैमाने पर फर्जी पंजीकरण किया गया है।राज्य में बड़ी संख्या मे फर्जी फार्मासिस्ट कार्य कर रहे है।इस मामलें पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी।

पटना जंक्शन पर TV स्क्रीन पर चल रहे विज्ञापन की जगह पर अश्लील वीडियो दिखने से मचा हड़कंप

पटना। पटना जंक्शन पर अचानक यात्री भड़क उठे जब प्लेटफॉर्म पर लगे TV स्क्रीन पर चल रहे विज्ञापन की जगह पर अश्लील वीडियो दिखने लगा।

लगभग तीन मिनट तक चला जिसके बाद स्टेशन पर मौजूद यात्री आक्रोशित होकर रेलवे प्रबंधक पर भडकने लगे। पोर्न वीडियो के प्रसारण की सूचना मिलते ही RPF और GRP ने प्रसारण बंद करवाया ।

रेलवे के वाणिज्य विभाग ने विज्ञापन एजेंसी दत्ता कम्युनिकेशन के खिलाफ FIR दर्ज किया और ब्लैकलिस्ट कर दिया।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी के कंट्रोल रूम में छापेमारी की गई तो वहां के एजेंसी कर्मचारियों को अश्लील वीडियो देखते पाया गया। RPF और GRP के द्वारा एजेंसी के कुछ कर्मचारियों को तत्काल हिरासत में लिया गया है।

पटना हाईकोर्ट ने बिहार के सहरसा में स्थापित किये जाने वाले एम्स अस्पताल को दरभंगा स्थानांतरित किये जाने के विरुद्ध दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र व राज्य सरकार से जवाबतलब किया

पटना हाईकोर्ट ने बिहार के सहरसा में स्थापित किये जाने वाले एम्स अस्पताल को दरभंगा स्थानांतरित किये जाने के विरुद्ध दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने कोशी विकास संघर्ष मोर्चा की जनहित याचिका पर करते हुए केंद्र व राज्य सरकार से जवाबतलब किया है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि विभिन्न राज्यों में एम्स के स्तर के अस्पताल स्थापित करने की योजना तैयार की गई।बिहार के सहरसा में एम्स के तर्ज पर अस्पताल बनाए जाने का प्रस्ताव था।

इस अस्पताल के निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि सहरसा में उपलब्ध है।2017 में सहरसा के जिलाधिकारी ने इस अस्पताल के लिए आवश्यक 217.74 एकड़ भूमि की उपलब्धता की जानकारी विभाग को दी थी।

कोर्ट को ये बताया कि इस क्षेत्र में एम्स स्तर का अस्पताल नहीं है।गंभीर बीमारियों के ईलाज के लिए इस क्षेत्र के लोगों को या तो पटना जाना पड़ता है या सिलिगुडी जाना पड़ता है।इसमें न सिर्फ लोगों को आने जाने में कठिनाई होती है,बल्कि आर्थिक बोझ भी पड़ता है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सहरसा में एम्स अस्पताल के निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है,जबकि दरभंगा में एम्स अस्पताल के भूमि की कमी है।

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कोर्ट को एम्स अस्पताल के निर्माण के मानकों पर सहरसा ज्यादा खरा था,लेकिन राज्य सरकार ने 2020 में दरभंगा में एम्स अस्पताल स्थापित किये जाने की अनुशंसा कर दिया।यह इस क्षेत्र लोगों के साथ अन्याय किया गया।

कोर्ट को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि सहरसा,पूर्णियां,कटिहार, किशनगंज और अररिया जिले इस क्षेत्र में आते है।इस क्षेत्र की जनसंख्या के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एम्स अस्पताल स्थापित की जानी चाहिए।

कोर्ट को बताया गया कि इस क्षेत्र के बहुत सारे लोग कैंसर समेत कई अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।आमलोग को बेहतर ईलाज के लिए इस क्षेत्र में एम्स स्तर के अस्पताल की सख्त आवश्यकता है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता कंचन कुमार सिंह ने कोर्ट के समक्ष पक्ष प्रस्तुत किया। इस मामलें पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी।

मुस्लिम कर्मचारियों को बिहार सरकार का तोहफा: रमज़ान के महीने में निर्धारित समय से एक घंटे पहले ऑफिस आ-जा सकेंगे

पटना । बिहार सरकार ने रमजान के महीने में मुस्लिम कर्मचारियों को निर्धारित समय से एक घंटे पहले कार्यालय आने और निर्धारित समय से एक घंटे पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति दे दी है। 

बिहार सरकार द्वारा शुक्रवार (17 मार्च 2023) को जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सरकार का यह आदेश हर साल रमजान के महीने में स्थायी तौर पर लागू रहेगा।

इस आदेश को बिहार सरकार के प्रधान सचिव की ओर से सभी विभागों, उनके अध्यक्षों, डीजीपी, जिले के अधिकारियों और अन्य अहम अधिकारियों को भेजा गया है। 

नीतीश सरकार के फैसले का RJD ने स्वागत किया है । सरकार के इस निर्णय को सत्ताधारी पार्टी JDU और RJD ने धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करने वाला बताया। इस कदम से देश की गंगा-जमुनी तहजीब और मजबूत होगी। 

वहीं, विपक्षी दल भाजपा ने तंज कसा है। सरकार के इस फैसले पर भाजपा ने कहा कि नीतीश कुमार ने नवरात्रि के दौरान हिंदुओं के लिए ऐसा कोई सुविधा नहीं दी गई।

हाईकोर्ट से रोक के बाद भी निजी भूमि पर सड़क का निर्माण किए जाने पर पटना हाइकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की

पटना हाइकोर्ट ने निजी भूमि पर सड़क बनाने पर हाईकोर्ट से रोक के बाद ईट की सोलिंग कर सड़क का निर्माण किए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। जस्टिस सत्यव्रत वर्मा ने नाग नारायण सिंह की याचिका पर सुनवाई की।

कोर्ट ने उपस्थित छपरा के जिलाधिकारी को हाई कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि वे स्वयं विवादित जमीन पर जाकर लगाए गए ईट की सोलिंग को अपने सामने हटवा दें। अगली सुनवाई में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस सम्बन्ध में 20मार्च,2023 को इस बात की जानकारी शपथ पत्र पर जानकारी दी जाए।

सुनवाई के दौरान छपरा के जिलाधिकारी के साथ ही छपरा सदर के अंचलाधिकारी, और सड़क निर्माण कराने वाले इंजीनियर कोर्ट में उपस्थित थे।याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता के निजी जमीन पर सरकार द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण पर हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया था।

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हाई कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने की जानकारी याचिकाकर्ता ने छपरा के जिलाधिकारी के साथ ही छपरा सदर के अंचलाधिकारी और निर्माण करने वाले इंजीनियर को दे दिया था।

कोर्ट को डॉ आलोक कुमार सिन्हा ने बताया गया कि हाई कोर्ट द्वारा सड़क निर्माण पर लगाए गए रोक के बाद भी, याचिकाकर्ता की जमीन पर सरकार द्वारा ईट का सोलिंग लगाकर सड़क का निर्माण कर दिया गया है।यह अदालती आदेश की अवमानना है।इसी मामले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कोर्ट ने छपरा के जिलाधिकारी के साथ ही अन्य संबंधित अधिकारियों को हाई कोर्ट में तलब किया था।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 20मार्च, 2023 को की जाएगी।

CBI की पूछताछ से कब तक भागेंगे तेजस्वी, जाँच में सहयोग करें: सुशील मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले में तेजस्वी प्रसाद यादव अब पूछताछ , ट्रायल और सजा से बच नहीं पाएँगे।

  • ललन सिंह इतने पुख्ता सबूत सीबीआई तक पहुँचा चुके हैं कि सभी आरोपियों के अपराध प्रमाणित होंगे
  • तेजस्वी बतायें, फ्रेंड्स कालोनी में डेढ़ सौ करोड़ के चार मंजिला मकान के मालिक कैसे बन गए?

श्री मोदी ने कहा कि सीबीआई के समन पर उपस्थित न होना, फिर पत्नी की तबीयत का हवाला देना, समन के खिलाफ कोर्ट जाना और फिर विधानसभा की कार्यवाही में उपस्थिति को पूछताछ से बचने का बहाना कब तक बनाया जा सकता है? बकरे की अम्मा कब तक खैर मनायेगी?

उन्होंने कहा कि जदयू अध्यक्ष ललन सिंह इस मामले में इतने पुख्ता सबूत सीबीआई तक पहुँचा चुके हैं कि लालू प्रसाद , राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव सहित सभी प्रमुख आरोपियों के अपराध प्रमाणित होंगे और उन्हें सजा मिलेगी।

Sushil Modi vs Tejashwi

श्री मोदी ने कहा कि सीबीआई जानना चाहती है कि तेजस्वी यादव दिल्ली की फ्रेंड्स कालोनी में डेढ़ सौ करोड़ के चार मंजिला मकान (डी-1088) के मालिक कैसे बन गए?

उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में हजारी राय के दो भतीजों ( दिलचंद कुमार, प्रेमचंद कुमार) को जबलपुर और कोलकाता में रेलवे की ग्रुप-डी की नौकरी मिली। हजारी राय से एक जमीन 21 फरवरी 2007 को एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम लिखवा ली गई।

श्री मोदी ने कहा कि दिल्ली की फ्रेंड्स कालोनी वाले मकान का स्वामित्व इसी एके इन्फोसिस्टम्स के पास था। बाद में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव इस कंपनी के मालिक बन गए।

उन्होंने कहा कि सीबीआई इस तरह के मामलों में यदि सच जानना चाहती है, तो तेजस्वी यादव की भलाई पूछताछ से भागने में नहीं, बल्कि सहयोग करने में है।

Patna High Court News: बिहार के स्कूलों में छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव, पर्याप्त सुरक्षा का प्रबन्ध नहीं होने के मामलें पर सुनवाई

पटना हाइकोर्ट ने राज्य के स्कूलों में छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव, पर्याप्त सुरक्षा का प्रबन्ध नहीं होने के मामलें पर सुनवाई की। इस सम्बन्ध में दायर जनहित याचिका पर एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने कहा कि स्कूलों की अवस्था और व्यवस्था पर राज्य के शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव निगरानी रखेंगे।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पटना समेत राज्य के सभी जिलों के अधिकतर स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा की कमी है। उन्होंने कहा कि राज्य में कई स्कूल ऐसे है,जो जर्जर मकान में चलते है। इनमेंं कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है।

इन स्कूलों में छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं है। शुद्ध पेय जल,शौचालय, जलपान गृह की व्यवस्था नहीं है।बहुत सारे स्कूलों में बिजली नहीं है,जिससे पढ़ाई में बाधा आती है।

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छात्रों की सुरक्षित आने जाने के लिए फुट ओवरब्रिज नहीं है। आग बुझाने के लिए संयंत्र स्कूलों में नहीं लगाए गए है,जिस कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

राज्य सरकार द्वारा विभिन्न हलफनामों के माध्यम से स्कूलों की स्थिति में का ब्यौरा दिया जाता रहा है। कोर्ट को बताया गया कि जो भी स्कूल भवन खराब या जर्जर हालत में है, उनकी मरम्मती और निर्माण किया गया है।

छात्रों को बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए भी काफी कार्रवाई की गई।साथ ही बहुत सारे स्कूलों मे विद्युतीकरण किया गया है। स्कूलों में आग बुझाने के लिए संयंत्र भी स्थापित किये गए है।

कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा की गई कार्रवाई को संतोषप्रद माना, लेकिन स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए लगातार कार्रवाई होने की उम्मीद जताई। इसके साथ ही कोर्ट ने इस जनहित को निष्पादित कर दिया।

बिहार में बड़ी संख्या में फर्जी डिग्रियों के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की बहाली मामलें पर सुनवाई पटना हाइकोर्ट में हुई

पटना हाइकोर्ट ने राज्य में बड़ी संख्या में फर्जी डिग्रियों के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की बहाली मामलें पर सुनवाई की। रंजीत पंडित की जनहित याचिका पर एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की।

कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह एक समय सीमा निर्धारित करें, जिसके तहत सभी सम्बंधित शिक्षक अपना डिग्री व अन्य कागजात प्रस्तुत करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के भीतर कागजात व रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से कार्रवाई रिपोर्ट तलब किया था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि बड़ी संख्या में जाली डिग्रियों के आधार पर शिक्षक राज्य में काम कर रहे हैं।साथ ही वे वेतन उठा रहे है।

इससे पूर्व कोर्ट ने 2014 के एक आदेश में कहा था कि जो इस तरह की जाली डिग्री के आधार पर राज्य सरकार के तहत शिक्षक है,उन्हें ये अवसर दिया जाता है कि वे खुद अपना इस्तीफा दे दें, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाएगी।

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26अगस्त,2019 को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि इस आदेश के बाद भी बड़ी संख्या में इस तरह के शिक्षक कार्यरत है और वेतन ले रहे है।

कोर्ट ने मामलें को निगरानी विभाग को जांच के लिए सौंपा।उन्हें इस तरह के शिक्षकों को ढूंढ निकालने का निर्देश दिया।31जनवरी,2020 के सुनवाई दौरान निगरानी विभाग ने कोर्ट को जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा इनके सम्बंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है,लेकिन अभी भी एक लाख दस हजार से अधिक शिक्षकों के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

साथ ही ये भी पाया गया कि 1316 शिक्षक बिना वैध डिग्री के नियुक्त किये गए।कोर्ट ने इस मामलें को काफी गम्भीरता से लिया।कोर्ट ने सम्बंधित विभागीय सचिव से हलफनामा दायर कर स्थिति का ब्यौरा देने का निर्देश दिया था।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को अगली सुनवाई में अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया था।

इस मामलें पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।

बिहार की प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित मधुबनी पेंटिंग की सरकारी उपेक्षा और कलाकारों की दयनीय अवस्था पर पटना हाइकोर्ट में सुनवाई की

पटना । पटना हाइकोर्ट ने राज्य की प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित मधुबनी पेंटिंग की सरकारी उपेक्षा और कलाकारों की दयनीय अवस्था पर सुनवाई की। आत्मबोध की जनहित याचिका पर एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने कला व संस्कृति सचिव व उद्योग विभाग के निर्देशक को पटना एयरपोर्ट परिसर में बने मधुबनी पेंटिंग का निरीक्षण कर कल कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

याचिकाकर्ता के वकील डा. मौर्य विजय चन्द्र ने कोर्ट को बताया कि मधुबनी पेंटिंग सरकारी उपेक्षा का शिकार तो है ही, साथ ही मधुबनी पेंटिंग करने वाले कलाकारों का शोषण भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मधुबनी पेंटिंग की ख्याति देश विदेश में है,लेकिन मधुबनी पेंटिंग के कलाकार गरीबी में जीवन बिता रहे है।

उन्होंने बताया कि मधुबनी पेंटिंग के कलाकारों को अपने कानूनी अधिकारों का ज्ञान नहीं है।इसी का लाभ बिचौलिए उठाते है।उनकी पेंटिंग का बाहर ले जा कर महंगे दामों में बेचते है, जबकि उन कलाकारों को थोड़ी सी रकम दे देते है।

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उन्होंनेे कोर्ट को बताया कि उन्हें 2005 में ही जीआई टैग भारत सरकार से लगाने की अनुमति प्राप्त हुई। ये भौगोलिक क्षेत्र के तहत रजिस्टर होता है लेकिन इसका आजतक रेजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। इसके सम्बन्ध में इन कलाकारों को जानकारी नहीं है।इसका फायदा बिचौलिए उठा लेते है।

इस मामलें पर अगली सुनवाई कल की जाएगी।

लालू परिवार के परिसरों पर छापे से बहुत खुश हैं नीतीश कुमार: सुशील मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि ” नौकरी के बदले जमीन ” घोटाले में लालू परिवार के परिसरों पर जांच एजेंसियों के छापे पर नीतीश कुमार चाहे जो बयान दें, लेकिन सबसे ज्यादा खुश भी वही हैं।

  • ताजा कार्रवाई से तेजस्वी यादव को सीएम बनाने का दबाव टला
  • जाँच में तेजी और जल्द सजा दिलाना चाहते हैं ललन सिंह
  • राजद नेताओं को सजा हुई तो 2025 तक निष्कंटक राज करेंगे नीतीश

श्री मोदी ने कहा कि जांच-पूछताछ की कार्रवाई के कारण तेजस्वी प्रसाद यादव को जल्द मुख्यमंत्री बनाने का राजद का दबाव टल गया है। यह जदयू के लिए राहत की बात है।

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उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के कहने पर ललन सिंह ने सीबीआई को सबूत के कागजात उपलब्ध कराये। उन्हें पता है कि लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव सहित सभी 16 अभियुक्तों का जेल जाना तय है।

श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार जाँच की धीमी गति पर सवाल उठा रहे हैं। दरअसल, वे चाहते हैं कि जांच तेज हो, अभियुक्तों को सजा जल्द हो और वे 2025 तक निष्कंटक मुख्यमंत्री बने रहें।

बिहार के नए राज्यपाल ने 7 कुलसचिवों के कार्य पर लगाई रोक; जानें विश्वविद्यालयों के नाम

पटना । शनिवार को राजभवन की ओर से बिहार के नए राज्यपाल ने बिहार के सात विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों के सभी प्रकार को कार्यों और कर्तव्यों के निर्वहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी हैं।

राज्यपाल सचिवालय द्वारा पत्र में , लिख कर निर्देश दिया गया है और कहा गया है कि नियुक्ति और पदस्थापित कुलसचिव के सभी कार्यों पर अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से रोक लगायी जाती है। इसका अक्षरशः पालन करने का निर्देश दिया गया है।

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ये विश्वविद्यालय है शामिल:

नीचे लिखे 7 कुलपतियों को पत्र जारी कर कुलसचिवों के कार्यों पर रोक लगाई है।

  • कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा
  • वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा
  • मुंगेर विश्वविद्यालय मुंगेर
  • मगध विश्वविद्यालय बोधगया
  • पटना विश्वविद्यालय पटना
  • मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय पटना
  • पाटलिपुत्रा विश्वविद्यालय पटना

सभी विश्वविद्यालयों को इसकी प्रति भी भेज दी गई  है।

“जमीन दो, नौकरी लो” मामले में जांच का सामना कर रहा लालू परिवार सहानुभुति पाने के लिए गर्भवती बहू और बच्चों को टार्चर किये जाने का झूठा प्रचार कर रहा है: सुशील मोदी

पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि “जमीन दो, नौकरी लो” की नीति से अरबों रुपये की अवैध सम्पत्ति बनाने के मामले में जांच का सामना कर रहा लालू परिवार सहानुभुति पाने के लिए गर्भवती बहू और बच्चों को टार्चर किये जाने का झूठा प्रचार कर रहा है।

• लालू के नाती-नातिन, पुत्रबधू से कोई पूछताछ नहीं, “टार्चर” की कहानी झूठी
• सहानुभूति पाने और जाँच को बदनाम करने के लिए किया जा रहा दुष्प्रचार
• नीतीश घोषणा करें कि गर्भवती महिला, बच्चों के घर में रहते नहीं होगी कोई पूछताछ
• हेमा यादव बतायें, हृदयानंद और ललन चौधरी ने क्यों उन्हें गिफ्ट की थी सम्पत्ति ?
• तेजस्वी यादव फ्रेंड्स कालोनी स्थित 200 करोड़ के मकान के मालिक कैसे बने?
• क्या इस संबंध में पूछताछ करना “टार्चर” करना है?
• नीतीश कुमार और ललन सिंह दे रहे भ्रष्टचार को पोलिटिकल कवर

श्री मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव की गर्भवती पत्नी राजश्री और लालू प्रसाद के नाती-नातिन जब किसी मामले में आरोपी ही नहीं हैं और उनसे कोई पूछताछ भी नहीं हुई, तब टार्चर कहाँ हुुआ? राजद झूठा प्रचार करने पर उतर आया है।

उन्होंने तेजस्वी यादव के जल्द पिता बनने के समाचार के लिए उन्हें बधाई दी और कहा कि जाँच एजेंसियों के छापे की इस उपलब्धि पर तो कोई विवाद नहीं होगा।

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श्री मोदी ने पूछताछ के दौरान टार्चर की फर्जी कहानी को खारिज करते हुए नीतीश कुमार और ललन सिंह को यह घोषणा करने की चुनौती दी कि अपराध चाहे कितना भी गंभीर हो, बिहार में अभियुक्तों के घर में गर्भवती महिला और बच्चों के रहते कोई पूछताछ नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि कल के छापे में लालू प्रसाद के परिवार जनों के घर से डेढ़ किलो सोने के गहने और आधा किलो सोने का बिस्कुट, 1 करोड़ रुपये नकद और 6 सौ करोड़ रूपये से ज्यादा की अवैध सम्पत्ति के कागजात भी बरामद हुए, जबकि ललन सिंह दावा करते हैं कि छापे में कुछ नहीं मिला।

श्री मोदी ने कहा कि जब एमएलए-एमएलसी बनाने या नौकरी दिलाने के बदले में लालू प्रसाद अपनी बेटियों के नाम से करोड़ो रुपये की सम्पत्ति लिखवा रहे थे, तब किसी ने विरोध क्यों नहीं किया?

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद की पुत्री हेमा यादव को हृदयानंद चौधरी और ललन चौधरी ने कीमती सम्पत्ति क्यों गिफ्ट की थी? बाद में यह सम्पत्ति 350 करोड़ में बेच दी गई।

श्री मोदी ने कहा कि हेमा यादव को इस सम्पत्ति को दान में लेने और बेचने के बारे में सच बताना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इसी तरह तेजस्वी प्रसाद यादव को बताना चाहिए कि वे दिल्ली की फ्रेंड्स कालोनी स्थित 200 करोड़ के चार मंजिला मकान के मालिक कैसे बने? क्या इस संबंध में पूछताछ करना “टार्चर” करना है?

श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार और ललन सिंह सुनियोजित भ्रष्टचार को पोलिटिकल कवर दे रहे हैं।

भ्रष्टाचार से समझौता कर लालू परिवार को बचा रहे नीतीश कुमार: सुशील कुमार मोदी

पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएम बनने के अपने महत्वांकाक्षी सपने के दबाव में भ्रष्टचार से समझौता कर लिया और वे चारा घोटाला से लेकर “जमीन के बदले नौकरी घोटाले” तक में संलिप्त लालू परिवार को बचाने में लगे हैं।

  • 2008 में लालू प्रसाद के विरुद्ध जांच के लिए शरद यादव, ललन सिंह ने पहल की थी
  • जदयू ने सारे दस्तावेज सीबीआई को उपलब्ध कराये थे
  • ललन सिंह ने मनमोहन सिंह को दिया था ज्ञापन, आज कार्रवाई रोकने के लिए चिट्ठी लिख रहे
  • लालू प्रसाद ने एक ही मंत्र अपनाया “-तुम मुझे जमीन दो, मैं तुम्हें नौकरी दूँगा।”
  • किसी और ने नहीं, खुद लालू ने पूरे परिवार को फँसा दिया
  • तेजस्वी यादव 29 साल की उम्र में कैसे बने अरबों रुपये की 52 सम्पत्ति के मालिक ?
  • अबू दोजाना वही हैं, जो पटना में तेजस्वी यादव का 750 करोड़ का मॉल बनवा रहे थे

श्री मोदी ने कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई होने पर बार-बार लालू परिवार को फँसाने का जो झूठा प्रचार किया जाता है, उसमें कोई दम होता तो लालू प्रसाद चारा घोटाला के सभी पांच मामलों में अदालत से दोषी नहीं पाये जाते।

उन्होंने कहा कि 2008 में लालू प्रसाद के विरुद्ध भ्रष्टचार के मामलों की जांच के लिए स्वर्गीय शरद यादव और ललन सिंह ने पहल की थी। जदयू ने सारे दस्तावेज सीबीआई को उपलब्ध कराये और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज्ञापन भी दिया था। आज यही लोग लालू प्रसाद पर कार्रवाई रोकने के लिए प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिख रहे हैं।

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श्री मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद ने सत्ता में रहते हुए यही बस एक ही मंत्र अपनाया “-तुम मुझे जमीन दो, मैं तुम्हें नौकरी दूँगा।”

उन्होंने कहा कि हर काम के लिए जमीन लेते हुए गरीब परिवार में जन्मे लालू प्रसाद सबसे बड़े जमींदार बन गए। उनके पास पटना में 1 लाख वर्ग फुट से ज्यादा कीमती जमीन है।

श्री मोदी ने कहा कि तेजस्वी प्रसाद यादव को बताना चाहिए कि वे दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कालोनी में अरबो रुपये के चार मंजिला मकान के मालिक कैसे बन गए?

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने इंटरमीडिएट तक भी पढाई नहीं की, क्रिकेट में विफल रहे , लेकिन बिना कोई उद्योग-व्यापार किये मात्र 29 साल की उम्र में वे 52 सम्पत्तियों के मालिक कैसे बन गए? क्या इसकी जाँच नहीं होनी चाहिए ?

श्री मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद ने विधायक, सांसद, मंत्री, एमएलसी बनावाने के बदले कीमती जमीनें परिवार के सदस्यों के नाम से लीं और खुद ही पूरे परिवार को फँसा दिया। उन्हें किसी दूसरे ने नहीं फँसाया।

उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक अबु दोजाना वही हैं, जो पटना में तेजस्वी यादव का 750 करोड़ का मॉल बनवा रहे थे ।

जाने ‘ऑपरेशन तमिलनाडु’ के पीछे का सच; बिहार के 87 यूट्यूबर थे शामिल

मनीष कश्यप आज के बिहार का यूथ आइकन है वजह किसी तरह से 5 से 10 लाख रुपया महीना कमा लेता है ।   लेकिन ये जिस आग से खेल रहा था उसका ये हस्र होना तय था। 

ऑपरेशन तमिलनाडु के पीछे का सच अब पूरी तौर पर सामने आ गया है इस खेल का मास्टमेंड Manish Kashyap ही है इस खेल मेंं बिहार का 87 यूट्यूबर शामिल था ।      

जो खुद मजदूर बना और पेट में, तो कहीं सिर में ,तो कहीं चेहरा पर बैंडेज लगा कर चैनल पर घूम घूम कर बाइट दे रहा था सबसे चौकाने वाली बात यह है कि गोपालगंज का रहने वाला यूट्यूबर राकेश रंजन कुमार पिछले ही महीना ही जक्कनपुर पटना में डेरा लिया था और 6 मार्च को मजदूर वाला वीडियो वायरल करके डेरा खाली कर पटना से निकल गया ।

इस खेल को पूरी सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था सब कुछ स्क्रिप्टेड था किस यूट्यूबर को कहा रहना है किसको मजदूर बनना है किसको वीडियो वायरल करना है किसको नेता का बाईट लेना है ।

वही Manish Kashyap तमिलनाडु में बिहारी मजदूर के नेता के भी संपर्क में था जो वहां तय रणनीति के तहत वीडियो बना कर मनीष कश्यप को भेजता था चूकी टीम मनीष कश्यप का  व्यूअरशिप 8 मिलियन के करीब है जिस वजह से वीडियो दस मिनट में बिहार के गांव गांव में पहुंच गया।

ManishKashyap

हालांकि इस खेल में सूरत लांबी का भी बड़ा हाथ है जो त्रिरपुर के विकास से चिढ़ा हुआ है पिछले वर्ष भारत सरकार अचानक धागा का दाम बढ़ा दिया था जिस वजह से बड़ा बवाल मचा था एक सप्ताह तक पूरा मिल बंद रहा था। सूरत का रेडीमेड रमेंट मिल  को तिरुपुर काफी पीछे छोड़ दिया है इससे सूरत लांबी हमेशा कोशिश में लगा रहता है कि तिरुपुर के माहौल को गाड़ते रहे ।

इस घटना के पीछे इस मानसिकता वाले कॉरपोरेट घराने का भी हाथ बताया जा रहा है जिसके हाथों में मनीष कश्यप जैसे लोग खेलते रहते हैं । पुलिस जांच में यह भी पता चला कि मनीष कश्यप के बैंक खाते में पिछले एक माह के दौरान कई तरह के अनलिगल ट्रांजेक्शन हुआ है। आर्थिक अपराध इकाई इसके खातों को फ्रीज करने की तैयारी शुरु कर दिया है ।

जो भ्रष्टचार के आरोपी हैं, वे ही खुद को पीड़ित बताने की राजनीति करने लगे; तेजस्वी बतायें, नौकरी के बदले जमीन देने वाले ललन चौधरी कौन ? – सुशील मोदी

पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के समय ललन सिंह और स्व० शरद यादव ने तत्कालीन रेल मंत्री श्री लालू प्रसाद पर नौकरी के बदले जमीन घोटाला का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। आज यही लोग सीबीआई के दुरुपयोग का शोर मचा रहे हैं।

• तेजस्वी बतायें, नौकरी के बदले जमीन देने वाले ललन चौधरी कौन ?
• लालू प्रसाद के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग ललन सिंह, स्व० शरद यादव ने की थी
• जो भ्रष्टचार के आरोपी हैं, वे ही खुद को पीड़ित बताने की राजनीति करने लगे
• राबड़ी से पूछताछ न्याय प्रक्रिया का हिस्सा, केंद्र पर आरोप अनर्गल

श्री मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव और ललन सिंह इधर-उधर की बातें करने के बजाय ग्रुप डी की नौकरी के बदले कीमती जमीन लालू परिवार के नाम करने वाले ललन चौधरी के बारे में क्यों नहीं बताते? ये ललन चौधरी कौन हैं और क्यों इनकी जमीन गिफ्ट में ली गई?

Sushil Modi vs Tejashwi

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद सत्ता का दुरुपयोग कर सम्पत्ति बनाने के आदती हैं। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने चारा घोटाला किया और रेल मंत्री बनने पर जमीन के बदले रेलवे की नौकरी बाँटने का घोटाला किया।

श्री मोदी ने कहा कि रेलवे की नौकरी के बदले जमीन लेने के मामले की जांच बंद नहीं हुई है। इस मामले में लालू- राबड़ी देवी सहित 15 आरोपियों को समन भेजना और पूछताछ करना न्याय प्रक्रिया का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि जब भी किसी घोटाले की जांच होती है, इसमें आरोपी लालू परिवार खुद को पीड़ित बताकर सहानुभुति पाने की राजनीति करने लगता है।

श्री मोदी ने कहा कि क्या यह सही नहीं कि नीतीश कुमार के कहने पर ललन सिंह ने लालू परिवार के भ्रष्टचार से संबंधित कागजात सीबीआई को पहुँचाये थे ?

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद से मिल कर महागठबंन सरकार बनाने से पहले जो लोग लालू प्रसाद के विरुद्ध जांच में तेजी लाना चाहते थे, आज वे ही इस मामले में भाजपा और केंद्र सरकार पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।

लैंड फॉर जॉब स्कैम: पूछताछ के लिए CBI राबड़ी देवी के घर पहुंची

पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पटना स्थित आवास पर सोमवार को CBI की टीम पहुंची । जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में सीबीआई की टीम पहुंची है । CBI के अधिकारी राबड़ी देवी से पूछताछ कर रहे हैं ।

उनके बेटे और नीतीश कुमार कैबिनेट के मंत्री तेज प्रताप यादव भी घर में मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि राबड़ी के घर वकीलों की एक टीम भी पहुंची है।

Lalu-Rabri

जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में CBI ने अक्टूबर 2022 में पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी के अलावा 14 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

सीबीआई का आरोप है कि लालू यादव के रेलमंत्री रहते हुए बड़े पैमाने पर रेलवे में नौकरी देने में गड़बड़ियां की गई थीं। 15 मार्च को कोर्ट में राबड़ी, लालू और मीसा पेश होने के आदेश दिया है।