पटना हाईकोर्ट में 6 मार्च, 2023 से 10 मार्च, 2023 तक होली अवसर पर बंद रहेगा। पटना हाईकोर्ट 13 मार्च, 2023 को होली के अवकाश के बाद खुल जाएगा।

इस बीच किसी प्रकार का न्यायिक कार्य हाईकोर्ट में नहीं किया जाएगा।
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वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के हरपुर गांव में एक तालाब के अंदर छिपाकर रखी गई करीब 17 कार्टन शराब बरामद की गई है। आबकारी विभाग की टीम मछली तालाब में छिपाकर रखी गई लाखों रुपये की शराब को बरामद करने में सफल रही है।
महुआ थाना क्षेत्र के हरपुर गांव स्थित एक तालाब में छिपाकर रखी गई शराब जिसको होली के दौरान इसका सेवन किया जा सके, लेकिन आबकारी विभाग की टीम ने वहां छापा मारा तो 17 कार्टन विदेशी शराब मिली। हालांकि इस कार्रवाई में किसी कारोबारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन आबकारी विभाग ने शराब माफिया के मंसूबों को नाकाम कर दिया है.

पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. थाना प्रभारी वैशाली सुरेश प्रसाद चौधरी ने कहा, ”मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.”
पुलिस के मुताबिक होली मनाने के लिए हरियाणा से स्पेशल ‘होली स्पेशल’ वाली अवैध शराब लाई गई थी। थाना प्रभारी वैशाली सुरेश चौधरी ने कहा, “होली के मद्देनजर वैशाली जिले में शराब माफिया सक्रिय हो गए हैं और वे पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।”
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने वाले और विपक्षी एकता के बड़बोले दावे करने वाले नीतीश कुमार अपनी पार्टी (जदयू) को राष्ट्रीय दल का दर्जा भी भी नहीं दिला सके।
श्री मोदी ने कहा कि पिछले दिनों नीतीश कुमार नगालैंड गए थे और ललन सिंह ने विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत लगा थी, फिर भी जदयू मुश्किल से एक सीट जीत पाया और उसका वोट भी घट कर मात्र 3.25 फीसद रह गया।

उन्होंने कहा कि नगालैंड में जदयू से बेहतर प्रदर्शन लोजपा (रामविलास) का रहा। उसने दो सीटें जीतीं, 8.6 फीसद वोट हासिल किये और आठ सीटों पर यह पार्टी दूसरे स्थान पर रही। वहाँ राजद और कांग्रेस का खाता नहीं खुला। लोजपा (रामविलास) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाएगा।
श्री मोदी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त है। ये दोनों नेता अपने बल पर मुख्यमंत्री बनते रहे।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार न कभी अपने बल पर मुख्यमंत्री बने, न इनकी पार्टी राष्ट्रीय दर्जा पा सकी।
श्री मोदी ने कहा कि बिहार-केंद्रित जदयू को किसी दूसरे हिंदीभाषी प्रदेश में नहीं, बल्कि अरुणाचल और मेघालय जैसे प्रदेश में राज्य पार्टी का दर्जा मिला है। इन उत्तर-पूर्वी राज्यों में बिहार के लोग नाम-मात्र के हैं।
उन्होंने कहा कि जब शरद पवार, ममता बनर्जी, मायावती और केजरीवाल की पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त है, तब विपक्षी एकता के लिए नीतीश कुमार और उनकी राज्य-स्तरीय पार्टी को कोई क्यों महत्व देगा?
श्री मोदी ने कहा तीन उत्तर-पूर्वी राज्यों के चुनाव परिणामों ने जहाँ प्रधानमंत्री मोदी का करिश्मा कायम रखा, वहीं जदयू के महत्वाकांक्षी सपने तोड़ दिये।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि उत्तर-पूर्व के तीनों राज्यों में सहयोगी दलों के साथ भाजपा का दोबारा सत्ता में लौटना 2024 के लोकसभा चुनाव का पहला ट्रेलर है। इस शानदार सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को बधाई।
श्री मोदी ने कहा कि जदयू पूरी ताकत लगाकर नागालैंड की एक सीट बड़ी मुश्किल से जीत पाया। वहाँ ललन सिंह ने बिहार के आधा दर्जन मंत्रियों को कैंप कराया था।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने त्रिपुरा को 35 साल के कम्युनिस्ट शासन से मुक्ति दिलायी और विकास कार्यों के बल पर दोबारा जनादेश प्राप्त किया।
श्री मोदी ने कहा कि जिस नार्थ-ईस्ट के कई इलाके ईसाई-बहुल हैं और केंद्र की पिछली सरकारों की उपेक्षा के कारण उग्रवादग्रस्त थे, वहाँ मात्र आठ साल में भाजपा बड़ी राजनीतिक ताकत बन गई।

उन्होंने कहा कि केरल में एक-दूसरे के विरुद्ध लड़ने वाली कांग्रेस और माकपा त्रिपुरा में मिल कर विधानसभा चुनाव लड़े। फिर भी विपक्ष भाजपा का रथ रोक नहीं पाया।
श्री मोदी ने कहा कि नगालैंड, त्रिपुरा और मेघालय में कांग्रेस जीरो से पांच सीट तक सिमट गई।
पटना हाइकोर्ट के जज जस्टिस अनिल कुमार उपाध्याय का आज सुबह चेन्नई में निधन हो गया।जस्टिस उपाध्याय किडनी की समस्या से पीड़ित थे और उनका ईलाज चल रहा था।
जस्टिस उपाध्याय का जन्म 4 दिसम्बर,1962 को हुआ था।उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से एल एल बी और एल एल एम की डिग्री ली।उन्होंने पटना के कामर्स कालेज में अंशकालिक शिक्षक के रूप में शिक्षण कार्य किया।उन्होंने पटना लॉ कॉलेज, पटना में भी अंशकालिक शिक्षक के रूप में कार्य किया।

चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में 2007 से 2017 कार्य किया।राज्य सरकार कर स्टैंडिंग कॉउन्सिल के पद पर 2010 से 2017 तक कार्य किया।
उन्होंने 22 मई, 2017 को पटना हाइकोर्ट के जज के रूप कार्यभार ग्रहण किया।उनकी प्रतिभा,विद्वता और कार्य करने की क्षमता की बहुत थी।इसी बीच उन्हें किडनी की बीमारी का पता चला।उनके किडनी का प्रत्यारोपण हो गया था। लेकिन आज सुबह उनका निधन हो गया।
पटना। बिहार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बजट विधानसभा में पेश करते हुए दावा किया राज्य की वित्तीय स्थिति बेहतर है। वर्ष 2023-24 के लिए 2,61,885.40 करोड़ रुपये का कुल प्रस्तावित बजट व्यय, पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में “24,194.21 करोड़ रुपये अधिक” है।

बिहार बजट 2023 (Bihar ka Budget 2023) की मुख्य बातें…
राज्य के विभिन्न अधिवक्ता संघों में होने जा रहे चुनाव में बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों पर पटना हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कड़ा विरोध जताया है।इन दिशानिर्देशों को बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने बिहार स्टेट बार काउंसिल द्वारा जारी किया गया है ।
श्री वर्मा ने बिहार स्टेट बार काउंसिल द्वारा जारी उन दिशानिर्देशों पर आपत्ति जताई है, जिसमें आगामी अधिवक्ता संघों के चुनाव में केवल उन्हीं अधिवक्ताओं को मतदाता सूची में शामिल करने की बात कही गई है जो अधिवक्ता पिछले पाँच वर्षों में प्रत्येक साल कम से कम पाँच मामलों में अपनी हाजिरी दे चुके हैं ।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने यह दिशानिर्देश फर्जी मतदाताओं को मतदान से रोकने के लिए जारी किया है।बार काउंसिल का यह कथन है कि जो अधिवक्ता लाइसेंस लेकर दूसरे व्यवसाय में लगे हुए हैं ,उन्हें मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए ।

वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने बार काउंसिल द्वारा जारी इस दिशानिर्देश पर कहा कि यह एडवोकेट्स एक्ट एवं बार काउंसिल नियमों के विरुद्ध है । उन्होंने कहा कि जो भी अधिवक्ता स्टेट बार काउन्सिल में नामांकित हैं,उन्हें वोट देने का अधिकार है । ऐसे दिशानिर्देशों को परिपत्र के माध्यम से अस्तित्व में नहीं लाया जा सकता, जब तक कानून में संशोधन न किया जाए।
उन्होंने इन दिशानिर्देशों को वकीलों के अहित में बताया।
उन्होंने कहा कि अगर ये सर्कुलर लाना था,तो अधिवक्ता संगठनों से व्यापक विचार विमर्श करना चाहिए था। ।
पटना/वैशाली । बिहार के एक सैनिक के पिता, जो 2020 गलवान घाटी की झड़प में शहीद हुए सेना के जवान जय किशोर सिंह के पिता की पिटाई की गई। परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि बिहार में सरकारी जमीन पर अपने बेटे के लिए एक स्मारक बनाने के लिए जय किशोर सिंह के पिता की पिटाई की गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि जय किशोर सिंह के पिता को वैशाली के जंदाहा में सरकारी भूमि पर अपने बेटे के लिए एक स्मारक बनाने के लिए पुलिस ने उनकी पिटाई की है।
गिरफ्तारी ने बिहार के वैशाली में सैनिक के गांव में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सीसीटीवी फुटेज में पुलिस सिपाही जय किशोर के पिता राज कपूर सिंह को गांव से घसीटते हुए दिख रही है। परिवार का आरोप है कि उसे पुलिस ने पीटा है।
शहीद जय किशोर सिंह के भाई का कहना है कि डीएसपी मैम ने दौरा किया था और हमें 15 दिनों के भीतर मूर्ति हटाने के लिए कहा था। बाद में थाना प्रभारी हमारे घर आए और मेरे पिता को गिरफ्तार कर लिया और मारपीट भी की। मैं भी एक सशस्त्र बल का जवान हूं। पुलिस की इस तरह की बर्बर कार्रवाई से वे आहत हैं।

उन्होंने दावा किया, “वे रात के अंधेरे में आए और उसे इस तरह गिरफ्तार किया जैसे वह कोई आतंकवादी हो।”
हालांकि, पुलिस ने दावा किया कि यह मामला अवैध अतिक्रमण के मुद्दे से जुड़ा है, जो भूस्वामी के अधिकारों का उल्लंघन था।
पुलिस अधिकारी पूनम केसरी ने कहा कि उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई की कि सिपाही के स्मारक ने एक पड़ोसी के खेत तक पहुंच को अवरुद्ध कर दिया था।
अधिकारी ने कहा, “उन्होंने एक स्मारक बनाया, फिर रातोंरात इसके चारों ओर दीवारें खड़ी कर दी गईं। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण था। उन्हें बार-बार अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया।”
स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह भाजपा नहीं, लालू प्रसाद के एजेंडे पर ही पूरी निष्ठा से काम करते हुए नीतीश कुमार पर दबाव बना रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश-लालू डील का मुख्य एजेंडा इसी साल तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाना है, जबकि नीतीश कुमार इससे मुकरते हुए राजकुमार की ताजपोशी को 2025 तक टालना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि सुधाकर सिंह तीन महीने से मुख्यमंत्री की आलोचना कर रहे हैं, फिर भी राजद ने नोटिस जारी करने के अलावा उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?
श्री मोदी ने कहा कि सुधाकर सिंह पर कार्रवाई करने में स्वयं तेजस्वी यादव सक्षम हैं, लेकिन इसे टालने के लिए कभी लालू प्रसाद के सिंगापुर में होने और कभी अब्दुल बारी सिद्दिकी की सेहत का बहाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सुधाकर सिंह राजद विधायकों की भावनाएँ व्यक्त करते हुए तेजस्वी को सीएम बनाने की तिथि घोषित कराना चाहते हैं।
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने तेजस्वी को गद्दी सौंपने की घोषणा तो की, लेकिन तारीख नहीं बतायी, इसीलिए सुधाकर सिंह के जरिये दबाव बनाया जा रहा है।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि गोयबल्स के चेले लालू प्रसाद झूठ बोलने में वर्ल्ड चैम्पियन हैं, इसलिए वे बिना प्रमाण के कुछ भी बोल सकते हैं।
श्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक और मनीषी विचारक माधव सदाशिव गोलवलकर की पुस्तक “बंच ऑफ थॉट्स” में दलितों और उनके काशी विश्वनाथ मंदिर प्रवेश के विरुद्ध कोई बात नहीं कही गई है। लालू प्रसाद ने विद्वेष फैलाकर हिंदू समाज को बाँटने के लिए झूठी बात कही।
उन्होंने कहा कि अगर लालू प्रसाद अपना आरोप साबित कर दें, तो मैं राज्यसभा की सदस्यता से त्यागपत्र सौंप दूँगा।
श्री मोदी ने कहा कि भाजपा ने पहली बार देश को अतिपिछड़ा समाज का सुयोग्य प्रधानमंत्री दिया, जबकि बाकी सभी दल उन्हें हटाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र भाई मोदी के पीएम रहते कभी आरक्षण व्यवस्था समाप्त नहीं हो सकती। लालू प्रसाद इस मुद्दे पर भी 2015 से लगातार झूठ बोल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ने दलितों-पिछड़ों को आरक्षण दिये बिना बिहार में पंचायत चुनाव कराये। वे आज भी महिला आरक्षण और सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसद आरक्षण देने का विरोध कर रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि जनता लालू प्रसाद का आरक्षण-विरोधी चेहरा देख चुकी है, इसलिए 2019 के संसदीय चुनाव में राजद का सूपड़ा साफ हो गया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा को पिछड़ों का अपार समर्थन मिल रहा है और हमारे सबसे ज्यादा सांसद इसी वर्ग से हैं।
श्री मोदी ने कहा कि आज मंडल और कमंडल , दोनों भाजपा के साथ हैं। इस व्यापक जनाधार से हताश राजद कभी अपने कोटे के मंत्री से श्रीरामचरित मानस की निंदा करा कर और कभी मंदिर प्रवेश का फर्जी मुद्दा उठाकर दलित कार्ड खेलने की कोशिश करता है। पूर्णिया रैली भी हताशा से उबरने की नाकाम कोशिश थी।
पटना हाइकोर्ट ने मात्र 200 मिलीलीटर शराब पकड़ जाने के आरोप में एक नई मारुति वैगनआर गाड़ी को नीलाम व राज्यसात कर देने के मामले पर पटना हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने बेगूसराय के डीएम को आदेश दिया कि वह गाड़ी के मालिक को 50 हज़ार रुपये मुआवजा के साथ उस गाड़ी के इंश्योरेंस मूल्य के बराबर की रकम भी गाड़ी के मालिक को दें।
याचिकाकर्ता अंजनी झा की रिट याचिका को मंजूर करते हुए ये फैसला सुनाया।ये मामला बेगूसराय के मुफस्सिल थाना अंतर्गत जून, 2021 में जब्त हुए मारुति वैगनआर को शराबबंदी कानून की आड़ मे आनन-फानन में नीलाम करने का है।
याचिकाकर्ता जप्त हुए गाड़ी का मालिक था। इस मारुति वैगन आर गाड़ी को पुलिस ने इस आरोप पर पकड़ा था कि उस पर सवार सात व्यक्ति के पास 200 मिलीलीटर विदेशी शराब थी।

कोर्ट ने पूरी नीलामी प्रक्रिया को शराबबन्दी कानून के खिलाफ मानते हुए उक्त कारवाही को अवैध ठहराया।हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को यह भी निर्देश दिया है कि वह इस मामले की जांच करें और जिस भी अफसर की गलती पकड़ी जाए ,उसके खिलाफ कार्रवाई करें ।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सेना और अग्निवीरों पर अमर्यादित बयान देने वाले मंत्री सुरेंद्र यादव को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए।
किसी को सेना और अग्निवीरों का अपमान करने की छूट नहीं
श्री मोदी ने कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति के सुरेंद्र यादव पर हत्या-अपहरण जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। ऐसे व्यक्ति को अग्निवीरों का मनोबल तोड़ने का कोई नैतिक अधिकार नहीं।
उन्होंने कहा कि अग्निवीर भर्ती योजना के प्रति देशभक्त युवाओं ने देश भर में जो उत्साह दिखाया, उससे विपक्ष की छाती फट रही है।

श्री मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सबूत मांगे और अग्निवीर योजना पर भ्रम फैलाकर बिहार में रेलवे की करोड़ो की सम्पत्ति नष्ट करायी, वे अब भी बाज नहीं आ रहे।
उन्होंने कहा कि सुरेंद्र यादव ने कुढनी उपचुनाव में महागठबंधन की हार पर इस्तीफा दे देने की बात कही थी, लेकिन वे अपने बयान से मुकर गए।
पटना हाइकोर्ट के सात जजों के जीपीएफ अकाउंट बंद होने के मामलें पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। इस मामलें पर चीफ जस्टिस डी बाई चन्द्रचूड़ की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की।सुप्रीम कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई के लिए आज की तिथि निर्धारित की थी।
पिछली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष ये मामला जब आया, तो उन्होंने पूछा कि मामला क्या है।जजों के जीपीएफ अकाउंट बंद कर दिया गया है।
कोर्ट ने जानना चाहा कि ये याचिका किसके द्वारा दायर की गई,तो याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने चीफ जस्टिस चन्द्रचूड को बताया गया था कि पटना हाइकोर्ट के सात जजों ने याचिका दायर की है।

पटना हाइकोर्ट के सात जजों ने जीपीएफ अकाउंट बंद होने के मामलें में याचिका दायर की है।इनके नाम जस्टिस शैलेन्द्र सिंह, जस्टिस अरुण कुमार झा, जस्टिस जीतेन्द्र कुमार, जस्टिस आलोक कुमार पाण्डेय, जस्टिस सुनील दत्त मिश्रा,जस्टिस चन्द्रप्रकाश सिंह और जस्टिस चन्द्रशेखर झा है।
पटना। राज्य के पूर्व उप-मुख्य मंत्री एवं राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने आज एक बयान में कहा कि कांग्रेस के 24-25 फरवरी से रायपुर में हो रहे खुला महाधिवेशन के दौरान ही बिहार में 25 फरवरी को महागठबन्धन ने पूर्णिया में रैली रख दी ताकि कांग्रेस का कोई वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हो सके।
श्री नीतीश कुमार कांग्रेस से बदला ले रहे हैं। श्री नीतीश कुमार को कांग्रेस ने भाव नहीं दिया और सोनियाजी से जब नीतीश -लालू मिलने गए तो उन्हें 5 मिनट में ही निपटा दिया। इससे नाराज जद-यू को कोई नेता ‘भारत जोड़ों यात्रा में शामिल नहीं हुआ। और अब पूर्णिया रैली को रायपुर अधिवेशन के दौरान रख बदला साधा जा रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि महागठबन्धन की पूर्णिया रैली भाजपा नहीं बल्कि ओवैसी को जवाब देने के लिए बुलाई गई है। विधान सभा चुनाव में ओवैसी के कारण दर्जनो सीटों पर राजद को पराजय देखनी पड़ी और ओवैसी के 5 विधायक पूर्वांचल में जीत गए। कटिहार, पूर्णिया में जदयू की जीत भाजपा के कारण हुई।

उसमें नीतीश कुमार की कोई भूमिका नहीं है। पूर्वांचल की महागठबन्धन की रैली अपने मुस्लिम वोटों को एकजुट रखने की कवायद है।
श्री मोदी ने कहा कि सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के बावजूद 7 दल मिलकर पूर्णिया रैली मे भीड़ नहीं जुटा पाएंगे जितनी भीड़ अकेले भाजपा ने जुटाई थी।
पूर्णिया रैली में लालू प्रसाद डिजिटल शामिल होंगे इसका प्रचार किया जा रहा है। परन्तु लालू जब स्वस्थ थे तब भाजपा को 2014 और 2019 में पराजित नहीं कर पाए तो अब अस्वस्थ लालू भाजपा का क्या बिगाड लेंगे।
पटना हाइकोर्ट के सात जजों के जीपीएफ अकाउंट बंद होने के मामलें को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष 24 फरवरी,2023 को सुनवाई होना तय हुआ है। इस मामलें को चीफ जस्टिस डी बाई चन्द्रचूड़ के मामला जब आया, तो उन्होंने पूछा कि मामला क्या है। जजों के जीपीएफ अकाउंट बंद कर दिया गया है।
कोर्ट ने जानना चाहा कि ये याचिका किसके द्वारा दायर की गई, तो याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने चीफ जस्टिस चन्द्रचूड को बताया कि पटना हाइकोर्ट के सात जजों ने याचिका दायर की है।

कोर्ट ने आश्चर्य जाहिर करते हुए इस मामलें की सुनवाई की सुनवाई 24फरवरी,2023 को निर्धारित की है।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार जब जदयू विधायक दल की बैठक में और तीन अन्य अवसरों पर सार्वजनिक रूप से तेजस्वी यादव को उत्तराधिकारी घोषित कर चुके हैं, तब इस मुद्दे पर ललन सिंह या किसी और के गोलमोल बयान का कोई मतलब नहीं।
श्री मोदी ने कहा कि अगर हिम्मत है तो नीतीश कुमार 2025 में भी स्वयं महागठबंधन का नेतृत्व करते रहने और फिर सीएम बनने की घोषणा करें।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने एक बार भी तेजस्वी यादव को नेतृत्व सौंपने संबंधी अपने बयान का खंडन नहीं किया , लेकिन जब उपेंद्र कुशवाहा ने नई पार्टी का एलान कर दिया , तब विद्रोह पर पानी डालने वाले बयान दिये जा रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार अपने बयान से पलट सकते हैं, लेकिन लालू प्रसाद उन्हें डील से पीछे नहीं हटने देंगे। वे जदयू को तोड़ कर तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनवाने का सपना पूरा कर सकते हैं।
पटना हाईकोर्ट ने राज्य के नेत्रहीन बच्चों के लिए बने विशेष विद्यालयों के बदहाल स्थिति पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इससे सरकार की असंवेदनशीलता दिखती है । एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य के मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में विस्तृत और सही स्थिति बताते हुए हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने मुख्य सचिव को नेत्रहीन बच्चों के लिए स्कूलों की स्थिति, योग्य शिक्षकों की बहाली,छात्रों के पढ़ाई के सम्बन्ध पूरी और यथार्थ जानकारी देने का निर्देश दिया।कोर्ट ने इस बात को काफी गम्भीरता से लिया कि इन स्कूलों में नेत्रहीन छात्र आठवीं कक्षा के बाद बड़ी संख्या में पढ़ाई नहीं कर पाते हैं।
कोर्ट ने राज्य सरकार को ये बताने को कहा कि ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई।कोर्ट ने कहा कि ये बहुत ही चिंतनीय विषय है कि जहां आठवीं क्लास में लगभग सत्ताईस हज़ार छात्र पढ़ते है,वहीं नवीं से वारहवीं कक्षा में दो हज़ार छात्र ही पढ़ाई कर रहे हैं।
कल कोर्ट ने पटना हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पटना के कदमकुआं स्थित नेत्रहीन स्कूल का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।उन्होंने कोर्ट को कदमकुआं स्थित नेत्रहीन स्कूल की रिपोर्ट प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि इस स्कूल को शिक्षकों का स्वीकृत पद ग्यारह है,लेकिन वहां फिलहाल 15 शिक्षक कार्य कर रहे है।इनमेंं एक शिक्षक हाल में ही सेवानिवृत हुए है।इनमें सिर्फ दो शिक्षक ही नेत्रहीन बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित है।
भागलपुर स्थित नेत्रहीन आवासीय विद्यालय में मात्र तीन ही शिक्षक है।इससे नेत्रहीन बच्चों की शिक्षा के बारे में राज्य सरकार की गम्भीरता समझी जा सकती है।
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि इन दिव्यांग स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति हेतु अनुशंसा करने हेतु बिहार कर्मचारी चयन आयोग को प्रस्ताव 2014 भेजा गया था,लेकिन उनका चयन कर आयोग ने नहीं भेजा।कोर्ट ने जानना चाहा कि सरकार ने अबतक क्या किया।
इससे पहले इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्टाफ सेलेक्शन कमीशन को पार्टी बनाने का निर्देश दिया था ।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता वृषकेतु शरण पांडेय ने कोर्ट को बताया कि 2014 में विज्ञापित पदों पर अब तक नहीं भरा जा सका है। यह अपने आप में राज्य का उदासीन रवैया दर्शाता है।
इस मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी।
पटना हाइकोर्ट ने सीतामढी ज़िला के आर्थिक रूप से कमज़ोर और शारीरिक अपंग लड़कियों की जांच और ईलाज के सम्बन्ध में सुनवाई की। एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए एम्स,पटना के अधिवक्ता को कल तक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।
एम्स,पटना के अधिवक्ता विनय कुमार पाण्डेय ने बताया कि तीन लड़कियों में से दो लड़कियों को हड्डी सम्बन्धी रोग है।उनका ईलाज पटना के एम्स हॉस्पिटल में शुरू हो गया है। इन दोनों लड़कियों के ईलाज पर तीन लाख साठ हज़ार रुपया खर्च हो रहा है।ये धनराशि बिहार सरकार ने दे दिया।
उन्होंने बताया था कि एक नेत्र सम्बन्धी बीमारी से ग्रस्त है।इसके ईलाज के लिए इसे दिल्ली,एम्स भेजा जाना है।इसके प्रारंभिक ईलाज के मद में राज्य सरकार ने बीस हज़ार रुपये एम्स,पटना के खाते में स्थानांतरित कर दिया।
ये धनराशि एम्स,दिल्ली के खाते में एम्स,पटना को स्थानांतरित करना है।इसी सम्बन्ध में कोर्ट ने एम्स,पटना को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।

उल्लेखनीय है कि सीतामढी के ज़िला व सत्र न्यायाधीश ने इनके सम्बन्ध में पटना हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिखा था।इसमें ये बताया गया कि दो लड़कियों को हड्डी रोग की समस्या है,जबकि एक लड़की नेत्र की समस्या से ग्रस्त है।
इनके आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण इनके माता पिता इनका ईलाज नही करवा पा रहे थे।इनके ईलाज में अस्पताल और ईलाज का खर्च काफी होता है, जो कि इनके वश में नहीं था।
कोर्ट ने इनके ईलाज के क्रम में जांच के लिए पटना के एम्स अस्पताल भेजा था।एम्स के अधिवक्ता विनय कुमार पाण्डेय ने कोर्ट को बताया था कि एम्स अस्पताल में जांच का कार्य हो गया।इस मामलें की सुनवाई के क्रम में कोर्ट ने एम्स अस्पताल, पटना व राज्य सरकार समाज कल्याण विभाग को पार्टी बनाने का आदेश दिया गया था।
इस मामलें पर 21 फरवरी,2023 को फिर सुनवाई होगी।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जनाधार विहीन नीतीश कुमार परस्पर-विरोधी ताकतों का कुनबा जोड़ कर देश को कमजोर सरकारों के दौर में लौटाना चाहते हैं, जबकि आज केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही दे सकते हैं चीन-पाकिस्तान को करारा जवाब देने वाली सरकार।
उन्होंने कहा कि देश अब देवगौड़ा और चंद्रशेखर के उस दौर में नहीं लौटना चाहता, जब रिजर्व बैंक को सोना गिरवी रखना पड़ा था।
श्री मोदी ने कहा कि विपक्षी एकता केवल मृग-मरीचिका है। यह एक झूठे-नकरात्मक लक्ष्य के लिए सत्ता के प्यासे हिरणों की दौड़ के सिवा कुछ नहीं है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष दिल्ली में सरकार चाहता है, जिसे हर छोटी-बड़ी पार्टी ब्लैकमेल कर सके और जो सरकार जीएसटी या सर्जिकल स्ट्राइक जैसे बड़े फैसले न कर सके।

श्री मोदी ने कहा कि 1977 को छोड़ कर कभी पूरा विपक्ष एकजुट नहीं हुआ और वह भी तब सम्भव हुआ, जब उसका नेतृत्व जेपी जैसे महान राजनेता के हाथ में था। आज विपक्ष का हर नेता खुद को पीएम-इन-वेटिंग मानता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीतीश कुमार को पूछती नहीं। वे सीधे राहुल गांधी या खड़गे से बात करने के बजाय सलमान खुर्शीद जैसे व्यक्ति के जरिये संदेश दे रहे हैं, जिसकी कांग्रेस में कोई हैसियत नहीं।
श्री मोदी ने कहा कि महज तीन राज्यों तक सिमटी कांग्रेस काफी कमजोर हो चुकी है। वह न विपक्षी एकता की धुरी बन सकती है, न कोई राहुल गांधी का नेतृव स्वीकार करेगा।
उन्होंने कहा कि केरल में एक-दूसरे के विरुद्ध लड़ने वाली कांग्रेस और माकपा एकसाथ नहीं आ सकते। पंजाब-दिल्ली- हरियाणा में कांग्रेस और केजरीवाल साथ नहीं आ सके। ममता बनर्जी और केसीआर में कोई किसी को नेता नहीं मानता।
श्री मोदी ने कहा कि केवल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा ही ऐसी मजबूत सरकार दे सकती है, जो सबका विकास करते वाली अर्थव्यवथा की तेजी बरकरार रख सके।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सुधाकर सिंह और प्रोसेसर चंद्रशेखर के जरिये नीतीश कुमार पर कुर्सी छोडने का दबाव बनाया जा रहा है, इसलिए इनके आपत्तिजनक बयानों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
श्री मोदी ने कहा कि तीन महीने से सुधाकर सिंह की बयानबाजी जारी है, लेकिन उन्हें सिर्फ नोटिस दिया गया। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए तेजस्वी यादव अधिकृत हैं। इसमें लालू प्रसाद की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को उत्तराधिकारी घोषित करने के बाद नीतीश कुमार सिर्फ केयर टेकर मुख्यमंत्री रह गए हैं। वे राजद की कृपा पर इतने निर्भर हैं कि कोई फैसला नहीं कर सकते।

श्री मोदी ने कहा कि कैबिनेट विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है, लेकिन नीतीश कुमार अब इसे भी तेजस्वी यादव के लिए छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरित मानस की निंदा करने वाले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने न अपना दुराग्रही बयान वापस लिया, न मुख्यमंत्री उनके खिलाफ कोई कार्रवाई कर पाये।
श्री मोदी ने कहा कि सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार की निंदा में जिन शब्दों का प्रयोग किया, वैसे शब्द विपक्ष भी इस्तेमाल नहीं करता।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश पर आपातकाल थोपा, सेंसरशिप लागू किया और सैंकड़ों पत्रकारों को जेल में डाल दिया, उसकी गोद में बैठकर जदयू BBC के बहाने प्रेस की आजादी पर छाती पीट रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि आज बीबीसी की निष्पक्षता 40 साल पहले जैसी नहीं रही, जिसकी प्रशंसा जेपी आंदोलन के दौर में अनेक राजनेता कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि यद्यपि इस सदी की शुरुआत से ही बीबीसी भारत-विरोधी रवैया अपना रहा है, फिर भी प्रधानमंत्री मोदी पर उसकी विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री और उसके कार्यालयों पर आयकर टीम के सर्वे के बीच कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को गुजरात दंगों से जुडे सभी मामलों में क्लीनचिट मिलने के बाद भी उनकी छवि खराब करने के लिए फिल्म बनाना कोई निष्पक्षता नहीं।
श्री मोदी ने कहा कि बीबीसी ने जब आयकर के दर्जनों नोटिस का जवाब नहीं दिया, तब अफसरों की टीम सर्वे करने गई। इसे छापा (रेड) या सर्च नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने कहा कि आज बीबीसी अपनी स्टोरी वर्क जैसी एजेंसी के जरिये प्रचार सामग्री तैयार कर चीन सहित कई देशों में लाभ कमा रही है। स्वयं बीबीसी के पत्रकार इसके विरुद्ध आवाज उठा चुके हैं।

श्री मोदी ने कहा कि आज BBC भारत-विरोधी चीन का प्रोपेगंडा टूल बन गया है, इसलिए पूरा टुकड़े-टुकड़े गैंग कोर्ट से कैम्पस तक बीबीसी-प्रेमी बन गया है।
पटना । बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के अंतर्गत जुनियर इंजीनियर के 6379 पदों पर बहाली के लिए राज्य सरकार द्वारा नए सिरे से विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा। पटना हाईकोर्ट में अजय कुमार भारती की याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जानकारी दी गई।
इस मामलें की सुनवाई जस्टिस पी वी बजंत्री की खंडपीठ ने की। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुनियर अभियंताओं की बहाली नियमों में परिवर्तन और नए सिरे से बहाली का विज्ञापन चार माह में निकालने का निर्देश दिया।
साथ ही इस प्रक्रिया में जिन उम्मीद्वारों की उम्र सीमा खत्म हो जायेगी,उन्हें उम्र सीमा में ढील दी जाएगी।जूनियर इंजीनियर की बहाली के लिए जो 2015और 2017 अर्हताएं रखी गई थी,उन्हें इस याचिका में चुनौती दिया था।

25 जनवरी,2023 को राज्य सरकार ने एक बैठक की।इसमें ये निर्णय हुआ कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में जुनियर इंजीनियर की बहाली सम्बन्धी विज्ञापन को वापस लिया जाएगा।साथ ही इनकी बहाली के लिए बिहार तकनीकी सेवा आयोग को भेजे गए प्रस्ताव वापस लिए जाएँगे।
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को ये जानकारी दी गई कि इन पदों पर नए नियम बनाने के बाद से फिर से बहाली हेतु विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार व रितिका रानी ने पक्ष प्रस्तुत किया, जबकि राज्य सरकार का पक्ष अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने प्रस्तुत किया।
कोर्ट ने उपरोक्त आदेश के साथ याचिका को निष्पादित कर दिया।
पटना हाईकोर्ट ने सहायक प्राध्यापक के परीक्षा परिणाम पर रोक लगा दिया है। जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने वसुन्धरा राज व संगीता कुमारी की ओर से अधिवक्ता चंद्रशेखर सिंह के जरिये दायर रिट याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए मनोविज्ञान विषय के सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति के लिए घोषित होने वाले परिणाम पर रोक लगा दिया है। उल्लेखनीय है कि विभिन्न विषयों के सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए बिहार राज्य विश्विद्यालय सेवा आयोग द्वारा रिक्तियां प्रकाशित की गई थी।

इसके बाद, मनोविज्ञान विषय का इंटरव्यू भी हो चुका है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आरक्षण के मामले में कथित रूप से गड़बड़ी की गई है।
कोर्ट को बताया गया कि मनमाने ढंग से पिछड़े वर्ग के याचिकाकर्ता को अनारक्षित कोटि में डाल दिया गया। इस मामले में आगे भी सुनवाई की जाएगी।
पटना हाइकोर्ट में राज्य की पुलिस स्टेशनो की दयनीय अवस्था और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होने के मामलें पर सुनवाई की। एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ के समक्ष राज्य के एडीजी कमल किशोर सिंह ने पुलिस स्टेशन की स्थितियों के सम्बन्ध रिपोर्ट प्रस्तुत किया।
PatnaHighCourt ने उन्हें नए बने पुलिस स्टेशन को आधुनिक बनाने के सन्दर्भ में पूरा रिपोर्ट कोर्ट में अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने उन्हें ये देखने को कहा कि थानो को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कार्रवाई आवश्यक है।
साथ ही PatnaHighCourt ने राज्य के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव और डीजीपी को निर्देश दिया कि थाने में बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए क्या क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।पुलिस थाना सही और ढंग से कार्य करें,इसके उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने ए डी जी कमल किशोर सिंह को कोर्ट और राज्य कार्डिनेटर के रूप में कार्य का जिम्मा सौंपा था।
पूर्व की सुनवाई में PatnaHighCourt ने राज्य सरकार को कॉर्डिनेटर के रूप में कार्य करने के वरीय पुलिस अधिकारी का नाम का सुझाव देने को कहा था।राज्य में 1263 थाना है,जिनमें 471 पुलिस स्टेशन के अपने भवन नहीं है।
इन्हें किराये के भवन में काम करना पड़ता है।कोर्ट ने बिहार स्टेट पुलिस बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन को पार्टी बनाने का निर्देश दिया था।

जब तक दूसरे भवन में पुलिस स्टेशन के लिए सरकारी भवन नहीं बन जाते,तब तक पुलिस अधिकारी एडीजी कमल किशोर सिंह कॉर्डिनेटर के रूप में कॉर्डिनेट करेंगे।
इससे पहले भी पुलिस स्टेशन की दयनीय स्थिति और बुनियादी सुविधाओं का मामला कोर्ट में उठाया गया था।राज्य सरकार ने इन्हें सुधार लाने का वादा किया था,लेकिन ठोस परिणाम नहीं दिखा।
इसी तरह का एक मामलें पर जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने सुनवाई करते हुए पुलिस स्टेशनों की दयनीय अवस्था को गम्भीरता से लिया।उन्होंने इस मामलें को जनहित याचिका मानते हुए आगे की सुनवाई के लिए डिवीजन बेंच में भेज दिया।
PatnaHighCourt में सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी अधिवक्ता सोनी श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि जो थाने सरकारी भवन में चल रहे हैं, उनकी भी हालत अच्छी नहीं है।उनमें भी बुनियादी सुविधाओं की काफी कमी है।उन्होंने बताया कि बढ़ते अपराध को देखते हुए ये आवश्यक है कि थाना और पुलिसकर्मियों को आधुनिक बनाया जाए।
उन्होंने बताया कि पुलिस स्टेशन में बिजली,पेय जल,शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं है। लगभग आठ सौ थाने ऐसे है, सरकारी भवन में चल रहे है,लेकिन उनकी भी दयनीय अवस्था है।
उन्होंने PatnaHighCourt को बताया कि जो थाना सरकारी भवन में है,उनमें भी निर्माण और मरम्मती की आवश्यकता है।उन्होंने बताया कि कई पुलिस स्टेशन के भवन की स्थिति खराब है।
पुलिसकर्मियों को काफी कठिन परिस्थितियों में और कई सुविधाओं के अभाव में कार्य करना पड़ता है।इस मामलें पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
पटना हाइकोर्ट ने सीतामढी ज़िला के आर्थिक रूप से कमज़ोर और शारीरिक अपंग लड़कियों की जांच और ईलाज के सम्बन्ध में सुनवाई की। एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए एम्स,पटना के अधिवक्ता को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।
एम्स,पटना के अधिवक्ता विनय कुमार पाण्डेय ने बताया कि तीन लड़कियों में से दो लड़कियों को हड्डी सम्बन्धी रोग है।उनका ईलाज पटना के एम्स हॉस्पिटल में शुरू हो गया है। इन दोनों लड़कियों के ईलाज पर तीन लाख साठ हज़ार रुपया खर्च हो रहा है।ये धनराशि बिहार सरकार ने दे दिया।
उन्होंने बताया कि एक नेत्र सम्बन्धी बीमारी से ग्रस्त है।इसके ईलाज के लिए इसे दिल्ली,एम्स भेजा जाना है।इसके प्रारंभिक ईलाज के मद में राज्य सरकार ने बीस हज़ार रुपये एम्स,पटना के खाते में स्थानांतरित कर दिया।ये धनराशि एम्स,दिल्ली के खाते में एम्स,पटना को स्थानांतरित करना है।इसी सम्बन्ध में कोर्ट ने एम्स,पटना को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि सीतामढी के ज़िला व सत्र न्यायाधीश ने इनके सम्बन्ध में पटना हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिखा था।इसमें ये बताया गया कि दो लड़कियों को हड्डी रोग की समस्या है,जबकि एक लड़की नेत्र की समस्या से ग्रस्त है।

इनके आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण इनके माता पिता इनका ईलाज नही करवा पा रहे थे।इनके ईलाज में अस्पताल और ईलाज का खर्च काफी होता है, जो कि इनके वश में नहीं था।
कोर्ट ने इनके ईलाज के क्रम में जांच के लिए पटना के एम्स अस्पताल भेजा था।एम्स के अधिवक्ता विनय कुमार पाण्डेय ने कोर्ट को बताया था कि एम्स अस्पताल में जांच का कार्य हो गया।इस मामलें की सुनवाई के क्रम में कोर्ट ने एम्स अस्पताल, पटना व राज्य सरकार समाज कल्याण विभाग को पार्टी बनाने का आदेश दिया गया था।
इस मामलें पर 20 फरवरी,2023 को फिर सुनवाई होगी।
पटना । बिहार सरकार ने फर्जी शिक्षक मामले में बड़ी कार्रवाई की है, सभी नकली टीचर को गिरफ्तार करने का आदेश जारी किया है । हर जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखकर आदेश दिया गया है कि जिन-जिन नियोजित शिक्षकों पर FIR दर्ज है उन पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
बिहार पुलिस के DG ने बताया कि इस महीने के अंत तक बैठक का आयोजन होने वाला है जिसमें इस विषय पर चर्चा विमर्श किया जाएगा । कुल मिलाकर इतना कहा जा सकता है कि ऐसा कोई जिला नहीं है जहां फर्जी शिक्षकों की पहचान ना की गई हो।

निगरानी ब्यूरो इस मामले की जांच 2015-16 से ही कर रहा है। इससे पहले भी कुछ फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई हुई थी, लेकिन इसकी जानकारी जिलास्तर पर ही है। वहां से मुख्यालय को इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
निगरानी ब्यूरो की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक:
पटना हाइकोर्ट में पटना गया डोभी राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के मामलें पर सुनवाई की गई। एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ के समक्ष वकीलों की टीम ने निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत किया।
कोर्ट ने वकीलों की टीम के रिपोर्ट के सन्दर्भ में केंद्र,राज्य सरकार,एनएचएआई और निर्माण कार्य करने वाली कम्पनियों को कार्य के सम्बन्ध में हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने वकीलों की टीम को इस राजमार्ग के निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। वकीलों की टीम राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य के निरीक्षण पिछले सप्ताह के अंत में किया। कोर्ट ने निर्माण कार्य में लगायी गई मशीन और मानव संसाधन के सम्बन्ध में भी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने फेज 2 के निर्माण में उत्पन्न कर रही बाधाओं और अतिक्रमण को राज्य सरकार शीघ्र हटाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।कोर्ट ने इसके लिए आवश्यक पुलिस बल और व्यवस्था मुहैया कराने का निर्देश सबंधित ज़िला प्रशासन को दिया है।

इससे पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण करने वाली कंपनी ने इसका निर्माण कार्य 30 जून,2023 तक पूरा करने का अश्वासन कोर्ट को दिया था।साथ ही कोर्ट ने इस फेज के निर्माण में बाधा उत्पन्न होने वाले सभी अवरोधों को तत्काल हटाने का निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिया था।
कोर्ट ने फेज दो के 39 किलोमीटर से 83 किलोमीटर के बीच सभी प्रकार के अतिक्रमण को तेजी से हटाने का आदेश दिया।वही फेज तीन के 83 किलोमीटर से 127 किलोमीटर के बीच के अतिक्रमण को भी हटाने का आदेश दिया।
पिछली सुनवाई कोर्ट ने पटना गया डोभी राष्ट्रीय राजमार्ग के फेज दो व तीन के निर्माण में लगी निर्माण कंपनी ने कोर्ट को बताया था कि पटना गया डोभी एनएच के निर्माण में कई जगह बाधा उत्पन्न किया जा रहा है।
इस मामलें पर 20 फरवरी,2023 को फिर सुनवाई की जाएगी।
पटना। राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्प्रति राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने एक बयान में जदयू नेता गुलाम रसूल बलियावी के पहले ‘हर शहर को कर्बला में बदल देंगे’ और अब सेना में मुस्लिमों के 30% आरक्षण जैसे बयानों के लिए उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
• बलियावी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो
• बलियावी को पार्टी से निष्कासित करें
• जदयू को सेना के शौर्यपर भरोसा नहीं
उन्होंने आरोप लगाया कि श्री नीतीश कुमार समाज में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण तथा अल्पसंख्यकों का वोट लेने के लिए बलियावी से ऐसे बयान दिलवा रहे हैं। जदयू में हिम्मत है तो बलियावी जैसे नेताओं को पार्टी के बाहर का रास्ता दिखला देना चाहिए।

श्री मोदी ने कहा कि इन्हें सेना के शौर्य पर भरोसा नहीं है। इन्हें पुलवामा की चौथी वर्षगांठ पर सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत की आवश्यकता है।
भारतीय सेना में धर्म के आधार पर नियुक्ति नहीं होती है। सेना ने हमेशा पाक सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। परंतु इन्हें सेना पर भरोसा नहीं है। ये सेना का भी सांप्रदायिककरण चाहते हैं।
श्री मोदी ने अविलंब बलियावी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर पार्टी से निकालने की मांग की है।
पटना हाइकोर्ट में राज्य सरकार के वकीलों की फीस में पिछले 14 सालों से कोई बढ़ोतरी नहीं होने के मामलें पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए टली। एक्टिंग चीफ जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने अधिवक्ता सत्यम शिवम सुंदरम की जनहित याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि सरकारी वकीलों की फीस बढोतरी के सम्बन्ध में कार्रवाई चल रही है।इसी सम्बन्ध में 17 फरवरी,2023 इस मामलें पर विचार करने के लिए बैठक आयोजित की गई है।
पूर्व की सुनवाई में PatnaHighCourt ने सुनवाई करते हुए वरीय अधिवक्ता पी के शाही समेत पाँच वरीय अधिवक्ताओं को राज्य के मुख्य कार्यपालक ( मुख्य मंत्री) से मिल कर इस सम्बन्ध में विचार करने का निर्देश दिया था।
उन्होंने कोर्ट को बताया था कि 29 दिसम्बर,2022 को अधिवक्ताओं की टीम ने मुख्यमंत्री से भेंट कर सरकारी वकीलों के फीस बढोतरी के सम्बन्ध में चर्चा की।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया था।
पहले की सुनवाइयों में PatnaHighCourt को बताया गया था कि केंद्र सरकार सहित अन्य राज्य राज्य सरकार के वकीलों की तुलना में यहाँ के सरकारी वकीलों को काफी कम फीस का भुगतान किया जाता है।

कोर्ट को ये भी जानकारी दी गई थी कि PatnaHighCourt में ही केंद्र सरकार के वकीलों की जहाँ रोजाना फीस न्यूनतम 9 हज़ार रुपये है, वहाँ बिहार सरकार के वकीलों को इसी हाई कोर्ट में रोजाना अधिकतम फीस रू 2750 से 3750 तक ही है।
कोर्ट को जानकारी दी गई थी कि पंजाब व हरियाणा, दिल्ली सहित पड़ोसी राज्य झारखंड और बंगाल में भी वहाँ के सरकारी वकीलों का फीस बिहार के सरकारी वकीलों से ज्यादा है।
सबसे दयनीय स्थिति राज्य के सहायक सरकारी वकीलों की है, जिन्हे रोजाना मात्र 1250 रुपये फीसही काम करना पड़ता है। बिहार में राज्य सरकारों के वकीलों के फीस में वृद्धि 14 साल पहले हुई थी।
इस मामले पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जब राजीव गाँधी की हत्या में दोषी पाए गए लोगों को रिहा किया जा सकता है, तब पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई भी संभव है और इसके लिए राज्य सरकार को कानून का पालन करते हुए गंभीरता से पहल करनी चाहिए।
श्री मोदी ने कहा कि यद्यपि कृष्णैया हत्याकांड में भीड़ को उकसाने या हत्या के अपराध में आनंद मोहन सीधे तौर पर दोषी नहीं थे, फिर भी उन्हें उम्र कैद की सजा हुई। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखा।

उन्होंने कहा कि आनंद मोहन जब 14 साल से अधिक की सजा काट चुके हैं और बंदी के रूप में उनका आचरण भी अच्छा रहा है, तब उन्हें रियायत देकर रिहा करने के कानूनी विकल्पों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाना चाहिए।
श्री मोदी ने कहा कि आनंद मोहन एनडीए के पुराने साथी रहे। उन्होंने नीतीश कुमार के साथ मिल कर चुनाव लड़ा था।
उन्होंने कहा कि एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना आनंद मोहन जी के जीवन और परिवार पर बहुत भारी पड़ी। उन्हें मुक्ति मिलनी चाहिए ताकि वे सार्वजनिक जीवन में योगदान कर सकें।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि झारखंड में राजद के समर्थन से चलने वाली झामुमो सरकार जब पंचायत-निकाय चुनावों में पिछड़ों को आरक्षण देने और जातीय जनगणना कराने से कतरा रही है, तब तेजस्वी प्रसाद यादव बताएँ कि उनकी पार्टी सरकार के साथ क्यों है?
श्री मोदी ने कहा कि झारखंड में पिछड़ी जातियों को बिना आरक्षण दिये पंचायत चुनाव कराये गए और इसी तरह नगर निकाय चुनाव कराने की तैयारी है।
श्री मोदी ने कहा कि जब देश के सभी राज्यों ने पिछड़ों को आरक्षण देकर निकाय चुनाव कराये, तब झारखंड के साथ अन्याय क्यों किया जा रहा है?

उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा के समर्थन से जातीय जनगणना कराने का निर्णय हुआ और यह काम शुरू भी हुआ, लेकिन झारखंड में जातीय जनगणना क्यों नहीं करायी जा रही है?
श्री मोदी ने कहा कि जब झामुमो जातीय जनगणना के पक्ष में है और उसके प्रतिनिधि भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से भेंट करने वाले सर्वदलीय शिष्टमंडल में शामिल थे, तब सोरेन सरकार जातीय जनगणना से क्यों भाग रही है?
उन्होंने कहा कि राजद अलग झारखंड राज्य के गठन का प्रबल विरोधी था और लालू प्रसाद ने धमकी दी थी कि बिहार का बंटवारा उनकी लाश पर होगा। आज वे किस मुँह से झारखंड के हितैषी बन रहे हैं?
श्री मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद ने बिहार में झामुमो की मदद से अपनी सरकार बचाने की मजबूरी में अलग झारखंड की मांग का समर्थन किया था।
उन्होंने कहा कि लालू राज में गरीब आदिवासियों को लूटने के लिए चारा घोटाला हुआ था। इसके सभी पांच मामलों में लालू प्रसाद को सजा हुई।
पटना । बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना की मैट्रिक की परीक्षा 14 फरवरी से शुरू होने वाली है। मैट्रिक (10 वीं) की परीक्षा 14 फरवरी से शुरू होकार 22 फरवरी तक चलेगी ।
नए नियमों के अनुसार अब मैट्रिक की परीक्षा देने जा रहे परीक्षार्थियों को केंद्र पर आधे घंटे पहले पहुंचना होगा। अगर छात्र दिए गए समय पर परीक्षा केंद्र पर नहीं पहुंचते है तो उन्हें एंट्री नहीं मिलेगी ।
नए नियमों के मुताबिक मैट्रिक का एग्जाम सुबह की शिफ्ट 9.30 बजे से शुरू होगी। पहले शिफ्ट के परीक्षा के लिये केंद्र पर एंट्री का समय 9:00 बजे किया गया है। निर्धारित समय के बाद परीक्षा केंद्र पर कोई एंट्री नहीं होगी।

वही दोपहर की शिफ्ट यानि दूसरी शिफ्ट की परीक्षा 1.45 बजे से शुरू होगी। दुसरे शिफ्ट के परीक्षा के एंट्री का समय 1.15 बजे है। इस समय के बाद आने वाले परीक्षार्थियों को एंट्री नहीं मिलेगी।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB), पटना ने इसकी जानकरी ट्विट करके दी है…
#BSEB #BiharBoard #Bihar #Matric_Exam_2023 pic.twitter.com/yaCTDCAwe9
— Bihar School Examination Board (@officialbseb) February 12, 2023
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पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अधिकांश धान की कुटाई उसना चावल मिलों से कराने के तुगलकी फरमान के चलते धान खरीद, कुटाई और किसानों को धान के मूल्य का भुगतान करने की पूरी प्रक्रिया चरमरा गई है। धान खरीद के लिए केवल सात दिन का समय बचा है, जबकि खरीद 45 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबवे केवल 32 लाख मीट्रिक टन (एमटी) हुई।
श्री मोदी ने कहा कि राज्य में उसना चावल की खपत ज्यादा है, लेकिन उसना चावल बनाने वाली मिलें कम ( मात्र 156) हैं। अरवा चावल की मिलें ज्यादा (2500) हैं।
उन्होंने कहा कि 32 लाख एमटी धान से 30 लाख एमटी चावल तैयार होना था, लेकिन केवल 6लाख एमटी चावल तैयार हुआ।

श्री मोदी ने कहा कि सरकार नियमों को और शिथिल कर अरवा चावल मिलों को भी धान कुटवाने की अनुमति देे और अगले खरीद सीजन में उसना चावल मिलों की संख्या दोगुना बढाने के उपाय करे, ताकि किसानों को धान बेचने और भुगतान पाने के लिए लंबा इंतजार न करना पडे।
उन्होंने कहा कि एक चावल मिल से 25-30 पैक्सों को सम्बद्ध करने से एक पैक्स से धान लेने की बारी महीने भर बाद आ रही है। लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पैक्स गोदाम भरे पड़े हैं। उनके आगे ट्रकों की लाइन लगी है।
श्री मोदी ने कहा कि अन्नदाता परेशान हैं। उनके धान खरीदने में समस्याएं आ रही हैं,लेकिन मुख्यमंत्री समाधान यात्रा में इस मुद्दे का संज्ञान तक नहीं ले पाये।
सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने केरल हाईकोर्ट के वरीयतम जज जस्टिस विनोद के. चंद्रन को पटना हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर नियुक्त करने की अनुशंसा की है । फ़िलहाल पटना हाई कोर्ट के वरीयतम जज जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह ने एक्टिंग चीफ जस्टिस के रूप में कार्य कर रहे हैं।
जस्टिस के. विनोद चंद्रन को जज के रूप 08 नवंबर, 2011 को नियुक्त किया गया था।वह 24 अप्रैल, 2025 को सेवानिवृत होने वाले हैं।

केंद्र सरकार की मुहर लगने के बाद जस्टिस विनोद के. चंद्रन पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे ।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने भले ही तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है, लेकिन उन्हें न उनकी पार्टी स्वीकार करेगी और न बिहार की जनता लालू-राबड़ी के उस डरावने दौर में लौटना चाहेगी।
श्री मोदी ने कहा कि लोग उस दौर को नहीं भूले हैं, जब हत्या ,बलात्कर, फिरौती के लिए अपहरण और लूटपाट की घटनाएँ आम थीं, लेकिन विकास ठप था। बाजार शाम को ही अपराधियों के डर से बंद हो जाया करते थे।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को देखते ही लोगों को याद आ जाता है वह दौर , जब सड़कें जर्जर थीं, गांव लालटेन युग के अँधेरे में थे और शहरों को बमुश्किल 10 घंटे बिजली मिलती थी।
श्री मोदी ने कहा कि जनता ने लालू-राबड़ी परिवार और नीतीश कुमार को 15-15 साल देकर देख लिया।
उन्होंने कहा कि अब 2025 में या जब भी विधानसभा के चुनाव होंगे, जनता भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार को एक मौका अवश्य देगी। अगला मुख्यमंत्री भाजपा का होगा।
पटना । बुधवार को बिहार सचिवालय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैबिनेट की चल रही मीटिंग खत्म हो गई है। मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी है। इस बैठक में कुल 18 एजेंडों पर कैबिनेट की मुहर लगी है।
CM कैबिनेट बैठक में सरकार ने युवाओं के लिए बड़ा फैसला किया है। टीचरों के लिए बड़ा उपहार दिया है। राज्य में अब मिडिल और हाई स्कूलों में स्टूडेंट के लिए कंप्यूटर टीचर बहाल होंगे। इसके लिए राज्य सरकार ने 7360 पदों का सृजन किया है। सभी मिडिल और हाई स्कूलों में एक – एक कंप्यूटर टीचर का पद सृजन किया गया है।
नीतीश कैबिनेट की खास बातें

गोपालगंज के भोरे में एक नए बिजली सब स्टेशन, संचरण लाइन एवं हथुआ ग्रिड सब स्टेशन में दो लाइन बे निर्माण के लिए 123 करोड़ 83 लाख रुपये की योजना की स्वीकृति दी गई है । वहीं सासाराम प्रमंडलीय व्यवहार न्यायालय एवं कैदी हाजत भवन के लिए 33 करोड़ 81 लाख रुपये की राशि स्वीकृति की है । साथ ही छपरा नगर निगम में नमामि गंगे परियोजना के लिए 254 करोड़ की मंजूरी दी है । इसके अलावा बैठक में पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं का भी ध्यान रखा गया है। सरकार ने 7 जिलो में 100 बेड के छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। जिसके लिए 4 करोड़ 98 लाख रुपये की राशि स्वीकृति की गई है ।
साथ ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत संचालित 38 राजकीय अभियंत्रण महाविधालय एवं 46 राजकीय पोलटेक्निक संस्थान में गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत पीएचडी और एमटेक डिग्री में नामांकन के लिए शिक्षकों को अनुमति और अवकाश की स्वीकृति मिली है।

नीतीश कैबिनेट ने उर्जा विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सामान्य प्रसाशन विभाग, शिक्षा विभाग, समेत अन्य विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई है।
इसके साथ ही खगड़िया में चौथम अंचल में जवाहर नवोदय विद्यालय खगड़िया की स्थापना के लिए फ्री जमीन हस्तांतरित किया गया है। इसके अलावा रोहतास न्यायमंडल अंतर्गत अनुमंडलीय के व्यवहार न्यायालय में 10 कोर्ट भवन के निर्माण के लिए 33 करोड़ 81 लाख 82 हजार रूपए की स्वीकृति दी गई है।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्प्रति राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने बिहार में जातीय और सांप्रदायिक तनाव की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है।
छपरा में राजद समर्थकों द्वारा एक युवक की निर्मम पिटाई कर हत्या के बाद आज तक मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पूरे इलाके में भारी तनाव है। हत्या के बाद आक्रोश में क्रूद्ध भीड़ द्वारा की गई घटनाओं की आड़ में निरपराध लोगों को परेशान कर रही है। अपराधियों को पकड़ने के बजाय आम नागरिकों को ही गिरफ्तार किया जा रहा है।
उसी प्रकार गोपालगंज में क्रिकेट के दौरान एक युवक की हत्या के बाद इलाके में काफी तनाव है।

महागठबंधन की सरकार बनने के बाद राजद समर्थित अपराधी निरंकुश हो गई है। सत्ता संरक्षण के कारण पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही है। मुख्यमंत्री भी राजद समर्थकों पर कार्रवाई करने से परहेज कर रहे हैं।
श्री मोदी ने छपरा और गोपालगंज में लोगों से शांति बनाए रखने और उत्तेजित नहीं होने की अपील की है और अविलंब अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि उद्योगपति गौतम अडाणी के मामले में कांग्रेस दोहरा रवैया अपना रही है और संसद में चर्चा करने के बजाय सदन को बाधित कर रही है।
श्री मोदी ने कहा कि राहुल गांधी “भारत जोड़ो यात्रा” के दौरान अडाणी समूह पर अनर्गल आरोप लगाते रहे, जबकि कांग्रेस शासित राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अडाणी से सौर ऊर्जा क्षेत्र में 65000 करोड़ का निवेश कराने के लिए इसी अडाणी समूह को कौड़ियों के भाव जमीन देने की घोषणा करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही नहीं, बिहार में नीतीश कुमार और केरल में वाम मोर्चा सरकार भी अपने यहाँ पूंजी निवेश के लिए तो अडाणी की आरती उतारते हैं, लेकिन जब इस समूह को भाजपा शासित राज्य में कोई काम दिया जाता है, तब “देश बेच दिया” का शोर मचाया जाता है।

श्री मोदी ने कहा कि अगर अडाणी समूह में पेशेवर ईमानदारी की कमी है, तो बिहार सरकार ने इंवेस्टर्स मीट में अडाणी के प्रतिनिधि को क्योंआमंत्रित किया था? नीतीश कुमार ने उनसे निवेश की अपील क्यों की थी? तब क्या नीतीश कुमार बिहार को बेच रहे थे ?
उन्होंने कहा कि अडाणी को लेकर विपक्षी पाषंड की पराकाष्ठा यह कि केरल की वाम मोर्चा सरकार विझिजाम में बन रहे अन्तरराष्ट्रीय बंदरगाह के पक्ष में खडी है, जबकि स्थानीय जनता आडानी द्वारा विझिजाम में बन रहे अन्तरराष्ट्रीय बंदरगाह का विरोध कर रही है।
राजस्थान और केरल के अलावा छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, झारखंड और आंध्र प्रदेश में राज्य सरकारों के सहयोग से आडानी समूह खरबों रुपए का निवेश कर रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि अडाणी समूह के मुद्दे पर केंद्र सरकार नियमानुसार चर्चा के लिए तैयार है। राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट पर जो कुल 24 घंटे चर्चा के लिए तय हैं, उसमें विपक्ष कम से कम 6 घंटे अडाणी सहित किसी भी मुद्दे पर अपनी बात रख सकता है। लेकिन विपक्ष की मंशा चर्चा की नहीं, केवल हंगामा कर प्रचार पाने की है।
उन्होंने कहा कि अडाणी मामले में न सरकार की कोई भूमिका है और न इस समूह को कोई रियायत देने या पक्षपात करने का प्रमाण सामने आया है। विपक्ष का अभियान दुराग्रह और दोहरेपन से संचालित है।

श्री मोदी ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक ने साफ कर दिया है कि अडाणी समूह को जो भी कर्ज दिये गए हैं, उसके एवज में आर्थिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने कहा कि जब अडाणी के शेयर संबंधी मामलों की निगरानी सेबी और भारतीय रिजर्व बैंक कर रहे हैं, तब विपक्ष को छाती पीटने की जरूरत नहीं है। देश की अर्थव्यवथा ईमानदार और मजबूत हाथों में है।
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पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल ने इंफ्रास्ट्रक्चर आई टी को बढ़ावा देने को लेकर लखीसराय(किऊल) में रेलवे कोर्ट बिल्डिंग का उदघाटन किया गया। साथ ही साथ गया में मल्टी यूटिलिटी बिल्डिंग के निर्माण, जजों के लिये गेस्ट हाउस तथा गया में 80 पी ओ क्वार्टर के लिए आधार शिला रखने का काम किया गया।
‘ गो ग्रीन ‘ और पेपरलेस के अनुरूप, राज्य के सभी न्यायालयों में ई – फाइलिंग 3.0 की भी शुरुआत चीफ जस्टिस ने पटना हाई कोर्ट में किया। पटना हाई कोर्ट में ई- रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर का उदघाट्न भी हुआ। इसके शुरू हो जाने से रजिस्ट्री का फ़ाइल पेपरलेस प्रोसेसिंग के जरिये डिजिटल मोड में हो जाएगी।

इसका आयोजन जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह व जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह समेत पटना हाई कोर्ट के अन्य जजों की उपस्थिति में किया गया। इस मौके पर पटना हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, विधि सचिव, राज्य के सभी जिला जज और न्यायिक अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।
इन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के उदघाटन से न सिर्फ जजों को फायदा होगा, बल्कि अधिवक्ताओं के साथ ही साथ आम लोगों को भी। यह न्याय आम लोगों को आसानी से पहुंचाने की दिशा में मिल का पत्थर साबित होगा।
पटना हाई कोर्ट के सीनियर जज जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह को हाई कोर्ट का कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।आज केंद्रीय कानून मंत्रालय ने इस आशय का अधिसूचना जारी किया है।

गौरतलब है कि हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला को सुप्रीम कोर्ट के जज बनाये जाने के बाद पटना हाई कोर्ट में कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के आदती और पूरी औपनिवेशिक अकड़ से काम करने वाले आइएएस केके पाठक ने अब तक दर्जनों मंत्रियों, विधायकों और अफसरों का अपमान किया, फिर भी मुख्यमंत्री उन्हें संरक्षण देकर कार्यपालिका का मनोबल गिरा रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि केके पाठक के डिप्टी कलक्टर स्तर के अधिकारी से गाली-गलौज की भाषा में बात करने का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें तुरंत निलम्बित किया जाना चाहिए। केवल खेद व्यक्त करना काफी नहीं है।
उन्होंने कहा कि पाठक ऐसे अफसर हैं, जिन्हें नियम-कानून से कोई मतलब नहीं। उनके शब्द ही कानून हैं । वे दर्जनों लोगों पर मानहानि का मुकदमा ठोक चुके हैं।

श्री मोदी ने कहा कि पाठक खुद को जनता का सेवक नहीं, बल्कि अंग्रेज़ों के जमाने का कठोर शासक समझते हुए काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि जो अफसर एक पत्रकार को अपने चैम्बर में बुलाकर पीट चुका हो और जिसके उद्योग विभाग का वरिष्ठ अधिकारी रहते उद्योग संगठनों को सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करना पड़ा हो, उसके मानसिक स्वास्थ्य की जांच करायी जानी चाहिए।
श्री मोदी ने कहा कि केके पाठक को निलम्बित किये बिना उनके विरुद्ध कोई भी प्रशासनिक जांच निष्पक्ष नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मुख्यमंत्री को प्रिय है और जो मुख्यसचिव की भी नहीं सुनता हो, उसके खिलाफ जांच कौन कर सकता है?
बिहार प्रशासनिक सेवा संघ (बासा) के सदस्यों ने मांग की है कि राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केके पाठक को एक बैठक के दौरान उनके और बिहार के लोगों के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के लिए बर्खास्त किया जाए, जिसका एक वीडियो क्लिपिंग वायरल हो गया है।
एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने कहा कि उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव रैंक के अधिकारी पाठक के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
बासा के सदस्य शुक्रवार को अपने संघ का पंजीकरण रद्द किए जाने के विरोध में काला बिल्ला लगाएंगे।
“पाठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसमें उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में उपस्थित अधिकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए देखा जा सकता है। बासा के महासचिव सुनील कुमार तिवारी ने संवाददाताओं से कहा, पाठक सरकारी अधिकारियों और राज्य के लोगों के खिलाफ उग्र लग रहे थे।

हालांकि, बीपार्ड ने एक बयान में कहा, “डीजी ने बासा अधिकारियों के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए खेद व्यक्त किया है जैसा कि वीडियो में दिखाया गया है।” वायरल वीडियो में पाठक बिहार की राजधानी पटना की ट्रैफिक समस्या के बारे में बात करते नजर आ रहे हैं.
“क्या तुमने कभी किसी को सड़क पर सिग्नल लाल होने पर हॉर्न बजाते देखा है? लेकिन पटना के बेली रोड पर रेड लाइट पर लोग हॉर्न बजाते रहते हैं. चेन्नई में लोग नियमों का पालन करते हैं। मैं डिप्टी कलेक्टरों को फटकार लगाऊंगा, “केके पाठक क्लिपिंग में बोलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
पटना । बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने आयोजित प्रथम चरण के तृतीय स्नातक स्तरीय संयुक्त (प्रारम्भिक ) प्रतियोगिता परीक्षा -2022 को रद्द कर दिया गया है। प्रश्न पत्र लीक होने के चलते आयोग ने ये निर्णय लिया है।
23 दिसंबर को प्रथम चरण, जिसका आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक हुआ था। उस दौरान प्रश्न पत्र के कुछ पन्ने व्हाट्सएप पर लीक कर दिए गए थे। जिसके बाद सवाल उठ रहे थे, कि परीक्षा रद्द की जाएगी या नहीं। हालांकि अब आयोग ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करते हुए स्पष्ट रूप से परीक्षा रद्द करने की सूचना दे दी है।

नोटिफिकेशन के अनुसार सभी अभ्यर्थियों को सूचित किया गया है कि रद्द की गयी परीक्षा पुनः दिनांक 05.03.2023 (रविवार) को संभावित है ।

नोटिफिकेशन के अनुसार सभी अभ्यर्थियों को सूचित किया गया है कि रद्द की गयी परीक्षा पुनः दिनांक 05.03.2023 (रविवार) को संभावित है ।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 1995 के विधानसभा चुनाव से लेकर 2014 के संसदीय चुनाव तक नीतीश कुमार की पार्टी जब भी अकेले चुनाव लड़ी, उसे अपनी औकात का एहसास होता रहा। हर चुनाव में भाजपा की सफलता दर ( स्ट्राइक रेट) जदयू से ज्यादा रही।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बार-बार भाजपा की शरण में आते और पलटी मारते रहे, लेकिन अब उनके लिए हमारे दरवाजे बंद हो चुके हैं।
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार जिस अल्पसंखयक वोट को “हमारा वोट” कह रहे हैं, वह कहाँ था, जब उन्हें विधानसभा की मात्र 7 सीट और संसदीय चुनाव में केवल 2 सीटें मिली थीं ?
उन्होंने कहा कि सन् 2000 के चुनाव में भाजपा को 65 सीटें और जदयू को 35 सीटें मिली थीं, फिर भी हमने उन्हेंं मुख्यमंत्री बनाया था।
उन्होंने कहा कि 2015 में जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाने और 9 महीने में उनकी कुर्सी छीनने के बाद हताश नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ आने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें दूर ही रखा।

श्री मोदी ने कहा कि मात्र दो साल में लालू प्रसाद से मोहभंग के बाद जब नीतीश कुमार ने 2017 में अपनी सरकार बचाने के लिए फिर भाजपा के द्वार खटखटाए, तब जंगलराज की वापसी टालने के लिए भाजपा ने उनका बिना शर्त समर्थन किया था।
उन्होंने कहा कि 2020 के चुनाव में नीतीश कुमार की लोकप्रियता इतनी घट गई कि जदयू मात्र 44 सीटों पर सिमट गया। इसके लिए कोई दूसरा जिम्मेदार नहीं। जदयू की कम सीटों के बावजूद भाजपा ने वर्ष 2000 की तरह नीतीश कुमार को फिर मुख्यमंत्री बनाया। अब वे सब-कुछ भुला देना चाहते हैं।
श्री मोदी ने कहा कि आज लालू प्रसाद की जो हालत है, उसके लिए भी नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं। उनके इशारे पर ही चारा घोटाला और बेनामी सम्पत्ति जैसे मामलों में शिवानंद तिवारी और ललन सिंह अदालत या जांच एजेंसियों को सबूत के कागजात उपलब्ध कराते रहे। आज भले ये तीनों लोग लालू प्रसाद के हितैषी बन रहे हों, लेकिन उन्हेंं सजा दिलाने में इन्हीं का हाथ था।
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पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू से अब भविष्य में किसी भी परिस्थिति में कोई समझौता नहीं करने के भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पार्टी में अपने बूते सरकार बनाने का आत्मविश्वास मजबूत होगा।
श्री मोदी ने कहा कि
पिछले साल 9 अगस्त को नीतीश कुमार के राजद के साथ जाने के बाद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व और कार्यकर्ता बिहार में नीतीश-मुक्त राजनीति पर एकमत हो चुके हैं, जबकि जदयू के कुछ बड़े नेता नीतीश कुमार की वापसी को लेकर भ्रम फैला रहे थे।
उन्होंने कहा कि दरभंगा में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति ने नीतीश कुमार को लेकर सारे भ्रम दूर कर दिये।
श्री मोदी ने कहा कि भाजपा और जनादेश को बार-बार धोखा देने वाले नीतीश कुमार
बिहार की राजनीति में बोझ बन गये हैं। उनके पास न जनाधार है, न वोट ट्रांसफर कराने की क्षमता। उनकी हैसियत अब विधान सभा की 10-15 सीट जीतने की भी नहीं रह गयी है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से अब इस जिंदगी में कभी कोई समझौता नहीं होगा।

श्री सुशील मोदी ने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी 43 सीट भी इसलिए जीत पायी कि भाजपा ने सारी ताकत झोंक दी थी और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार आकर नीतीश कुमार की पार्टी के लिए प्रचार किया था।
उन्होंने कहा कि यदि पीएम मोदी ने नीतीश कुमार के लिए वोट न मांगे होते, तो अपने बल पर उनकी पार्टी लोकसभा की 15 नहीं, सिर्फ दो सीट जीत पाती।

श्री मोदी ने कहा कि भाजपा आज राजनीतिक बोझ से मुक्त होने का अनुभव कर रही है और खुश है कि वे छोड़ कर चले गये । अब पार्टी अपनी ताकत के बल पर 2025 में बिहार में सरकार बनायेगी।
उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा प्रचंड बहुमत से जीतेगी और नरेंद्र मोदी फिर प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करेंगे। बिहार इस जन आकांक्षा को पूरा करने में शत प्रतिशत योगदान करेगा।