पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से महज 10 दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा धमाका कर दिया है। सोमवार देर रात केंद्रीय एजेंसी ने राजनीतिक सलाहकार फर्म I-PAC के को-फाउंडर और निदेशक विनेश चंदेल को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी करोड़ों रुपए के कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े मनी लाउंडरिंग मामले में हुई है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव अभियान की कमान संभाल रही आई-पैक के निदेशक की गिरफ्तारी से बंगाल की सियासत में भूचाल आ गया है। अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोल दिया है। उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी लोकतंत्र नहीं, खुलेआम डराने की राजनीति है।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, आई-पैक के निदेशक विनेश चंदेल को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट (PMLA) की धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया है। चंदेल से सोमवार शाम को दिल्ली में लंबी पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें मंगलवार को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी आगे की पूछताछ के लिए कस्टडी की मांग करेगी।
ईडी का आरोप है कि अवैध कोयला खनन से हुई काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा हवाला के जरिए आई-पैक तक पहुंचाया गया। एजेंसी को जांच में संकेत मिले हैं कि अनूप माझी (लाला) द्वारा संचालित कोयला सिंडिकेट से लगभग 20 करोड़ रुपए आई-पैक के खातों में डायवर्ट की गई थी।
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है। ऐसे समय में आई-पैक के शीर्ष अधिकारी की गिरफ्तारी से चुनावी कैंपेन और रणनीतियों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। बीजेपी ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून की जीत बताया है, तो टीएमसी इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दे रही है।
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