पुलिस ने केंद्राधीक्षक सह उमवि चिटकोली रजौली गणेश पासवान, उमवि अकबरपुर के शिक्षक अजय कुमार और वीक्षक अनुष्का रानी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से परीक्षा केंद्र में प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग की है। यह घटना उस समय सामने आई जब प्रश्नपत्र की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिसमें परीक्षा केंद्र के भीतर अभ्यर्थी अपने मोबाइल में प्रश्नपत्र देखे जा सकते थे।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तीन अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्णय लिया। इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने नवादा स्थित परीक्षा केंद्र पर दबाव डाला और अभ्यर्थियों की पोल खोलने के लिए अभियान चलाया।
नवादा के शहरी पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि अभियुक्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और अगर यह पाया जाता है कि परीक्षा में बड़ा खेल किया गया तो कार्रवाई करेंगे।
इस खेल के बाद भर्ती परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों में गुस्सा फैल गया है। वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर यह सच्चाई है तो पुलिस को अभियुक्तों की गिरफ्तारी और फिर से परीक्षा आयोजित करने का कारण ढूंढना चाहिए।
मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर अभ्यर्थियों में मिश्रित प्रतिक्रिया आ रही है। कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई की है और इस तरह के खेल को रोकने के लिए कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
हालांकि, कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि इस मामले में पुलिस को अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए और अधिक प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अगर अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि परीक्षा में शामिल हुए अधिकांश अभ्यर्थी असेरती हैं।
इस घटना का परिणाम यह है कि भर्ती परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों की भर्ती परीक्षा के परिणामों पर असर पड़ा है। अभ्यर्थियों ने कहा है कि अगर परीक्षा में उनका प्रदर्शन अच्छा होता तो उन्हें शीर्ष स्थान पर आने की संभावना काफी मजबूत थी, लेकिन इस खेल के चलते उनका मनोबल गिर गया है।
यह घटना अभी भी विकसित हो रही है। वहीं संबंधित पक्षों ने इसके लिए किसी बड़े पलीता के आरोप लगाये है।
नवादा में एक भर्ती परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों ने मिलकर बड़ा खेल खेलने का आरोप लगाया है, जिसमें प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग की गई। पुलिस ने इस मामले में तीन अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है और उनकी जांच कर रही है।
इस घटना ने स्पष्ट किया कि एक छोटी सी घटना बड़े से फंस सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सभी परीक्षाएँ धाँधली से होती हैं।
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