केरल सरकार ने पिछले दो दशकों में ऐसे सामूहिक विवाहों को प्रोत्साहित किया है, विशेषकर गरीब और पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए। गुरुवायुर मंदिर, जो हिन्दू धर्म में महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थल माना जाता है, इस पहल का प्रमुख स्थल बन गया है। पिछले वर्ष इसी समय २८५ दंपति ने एक साथ बंधन में बंधे थे, जिससे इस साल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।
समारोह की तैयारी में मंदिर प्रबंधन के दैवस्वाम्य विभाग के कर्मचारियों ने स्थल की सफाई, सजावट और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा। पुलिस ने भी विशेष सुरक्षा टीम बनाकर भीड़ नियंत्रण, ट्रैफ़िक प्रबंधन और संभावित आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियां कीं। नगरपालिका ने जल, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की, जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके।
सुबह के समय ही दंपति का पंजीकरण शुरू हुआ, जिसमें भाग लेने वाले युवा अपने दस्तावेज़ और आवश्यक शुल्क जमा करते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया को तेज़ बनाने के लिए डिजिटल प्रणाली अपनाई गई, जिससे कतार में लगने वाला समय काफी कम हुआ। पंजीकरण के बाद दंपतियों को पारंपरिक परिधान और उपहार प्रदान किए गए, जिससे उनके इस विशेष दिन को यादगार बनाने का प्रयास किया गया।
विवाह समारोह का मुख्य भाग दो भागों में विभाजित किया गया। पहले भाग में सभी दंपतियों को एक साथ मंत्रोच्चार के तहत विवाह सूत्र बंधन दिया गया, जिसमें प्रमुख पुजारी ने वैवाहिक संस्कारों को संपन्न किया। इसके बाद प्रत्येक दंपति को व्यक्तिगत रूप से अंशु ध्वज के नीचे बंधन का साक्ष्य दिया गया, जिससे वैवाहिक बंधन को आध्यात्मिक शक्ति मिली।
समारोह के मध्य में दैवस्वाम्य विभाग ने दंपतियों को आर्थिक सहायता के तौर पर एक विशेष पैकेज प्रदान किया। इस पैकेज में गृहस्थी की आवश्यक वस्तुएँ, शैक्षिक सहायता और स्वास्थ्य बीमा शामिल थे। यह पैकेज विशेष रूप से गरीब वर्ग के युवाओं के लिए तैयार किया गया, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
स्थानीय पुलिस कमांडर ने इस कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा, “ऐसे सामाजिक कार्यक्रम सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं और आर्थिक बोझ को कम करते हैं। हमारी टीम ने सुरक्षा की सभी आवश्यकताओं को पूरा किया है।” दैवस्वाम्य विभाग के प्रबंधक ने कहा, “हमारा उद्देश्य न केवल वैवाहिक बंधन को सरल बनाना है, बल्कि सामाजिक न्याय को भी साकार करना है।”
गुरुजीवेद्य मंदिर के प्रमुख पुजारी ने समारोह के अंत में दंपतियों को आशीर्वाद दिया और कहा, “ईश्वरीय कृपा से आप सभी का जीवन सुखी और समृद्ध हो। इस बंधन को सम्मानित करने के लिए हम सभी को धन्यवाद।” दंपति प्रतिनिधि ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और कहा, “हमारे जीवन में इस अवसर का बहुत महत्व है, इससे हम अपने भविष्य की योजना बना सकते हैं।”
केरल सरकार के सामाजिक कल्याण मंत्री ने कहा, “ऐसे बड़े स्तर के सामूहिक विवाह सामाजिक समानता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सशक्त बनाती है।” अर्थव्यवस्था विशेषज्ञ ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होती है, क्योंकि दंपति और उनके परिवार खरीदारी और सेवाओं पर खर्च करते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “समाज में वैवाहिक बंधन को सरल और किफायती बनाना आवश्यक है, जिससे युवा वर्ग को शिक्षा और रोजगार पर ध्यान देने का अवसर मिलता है।” आर्थिक विश्लेषक ने कहा, “सरकारी सहायता पैकेज से दंपति के जीवन स्तर में सुधार होगा, जिससे गरीबी चक्र टूटने की संभावना बढ़ेगी।”
राजनीतिक विश्लेषक ने यह भी बताया कि इस तरह के सामाजिक कार्यक्रमों से वर्तमान सरकार को जन समर्थन मिल रहा है, विशेषकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में। इससे आगामी चुनावों में सरकार की छवि मजबूत हो सकती है।
समाजिक संगठनों ने इस कार्यक्रम को सराहते हुए कहा कि यह एक मॉडल है
Updated: August 30, 2026
A record 367 couples tied the knot simultaneously at Guruvayur Temple in Kerala, with authorities coordinating security, logistics and a welfare package to make the ceremony affordable for economically disadvantaged youth. The mass wedding, part of a two‑decade‑old state drive to promote social equality, underscored government efforts to ease financial burdens and boost community support.
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