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हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज को सरकारी आवास खाली कराने को लेकर जनहित याचिका दायर

पटना हाई कोर्ट के जजों के सेवानिवृत होने के कई महीनों बाद भी अपने सरकारी आवास खाली नहीं करने के मामलें में पटना हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।अधिवक्ता दिनेश कुमार सिंह ने ये जनहित याचिका दायर की हैं।

इस जनहित याचिका में यह बताया गया है कि सेवानिवृत जज जस्टिस दिनेश कुमार सिंह, जस्टिस अंजना मिश्रा,जस्टिस पी सी जायसवाल और जस्टिस ए के त्रिवेदी कई माह पहले सेवा निवृत हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने अब तक सरकारी आवास खाली नहीं किया है।

याचिकाकर्ता दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जस्टिस दिनेश कुमार सिंह अक्टूबर, 2020,जस्टिस पी सी जायसवाल दिसम्बर, 2019 और जस्टिस ए के त्रिवेदी अगस्त,2020ं में अपने पद से सेवानिवृत हो चुके हैं, लेकिन वे अभी सरकारी आवास में बने हुए हैं।

उन्होंने अपनी याचिका में बताया है कि जजों के सेवानिवृत होने के एक महीने के भीतर उन्हें सरकारी आवास खाली करने का प्रावधान है।अगर वे एक महीने के बाद भी सरकारी आवास में रहते हैं,तो उन्हें आवास में रहने के लिए प्रावधान के अनुसार किराया देना होगा।

उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि अगर कोई राजनीतिज्ञ या नौकरशाह अपना सरकारी आवास खाली नहीं करते है, तो कोर्ट उन्हें सरकारी आवास खाली करने का आदेश देता है, लेकिन उनके द्वारा सेवानिवृत होने के बाद सरकारी आवास खाली नहीं किया जाना दुखद है।

उन्होंने कोर्ट से इस सम्बन्ध में उचित आदेश पारित करने का अनुरोध किया है, ताकि सेवानिवृत जज अपने सरकारी आवास को खाली कर दे।

बाजार बढ़त के साथ हरे रंग में बंद हुए; सेंसेक्स 59000 के ऊपर, निफ्टी 17562 पर बंद हुए।

हफ्ते के दूसरे दिन यानी मंगलवार को बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 514 पॉइंट चढ़कर 59,005 पर और निफ्टी 165 पॉइंट चढ़कर 17,562 पर बंद हुआ।

घरेलू शेयर बाजारों ने मंगलवार को कारोबारी सत्र के पहले भाग के लिए मामूली लाभ और हानि के बीच उतार-चढ़ाव किया, लेकिन बाद में बैलों ने नियंत्रण कर लिया, जिससे दलाल स्ट्रीट लाभ के साथ बंद हो गई। स्मॉलकैप सूचकांकों को छोड़कर व्यापक बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स चार्ट (21.09.21) एक नजर में

पावर और ऑटो को छोड़कर, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे रंग में बंद हुए, रियल्टी, आईटी और मेटल इंडेक्स 2-3 फीसदी ऊपर रहे। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स करीब 1 फीसदी चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2 फीसदी चढ़ा।

बैंक निफ्टी ने रिकवरी के साथ 37,235 पर बंद किया। स्मॉलकैप सूचकांकों को छोड़कर व्यापक बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। भारत VIX घाटे में रहा। बजाज फाइनेंस 5% ऊपर बंद होने पर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, इसके बाद इंडसइंड बैंक,
टाटा स्टील और आईटीसी का स्थान रहा। मारुति सुजुकी इंडिया सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेंसेक्स घटक था, जिसमें 2.5% की गिरावट आई, इसके बाद बजाज ऑटो, नेस्ले इंडिया और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन का स्थान रहा।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

अमेरिकी फेडरल रिजर्व मंगलवार और बुधवार को मिलने वाला है क्योंकि निवेशक इस बात की तलाश कर रहे हैं कि वह अपनी बॉन्ड खरीद पर कब वापस आना शुरू करेगा।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 24 शेयर्स बढ़त के साथ और 6 शेयर्स कमजोरी के साथ बंद हुए। बीएसई पर कारोबार के दौरान 169 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 30 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

अररिया में खुलेगा ब्लड बैंक

अररिया में खुलेगा सरकारी ब्लड बैंकः मंगल पांडेय
प्रदेश में सरकारी ब्लड बैंक की संख्या हुई 39
बांका, अरवल में सरकारी ब्लड बैंक खुलेंगे शीघ्र
भागलपुर को मिलेगा एक और सरकारी ब्लड बैंक

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि अररिया में सरकारी ब्लड बैंक खुलेगा। ड्रग कंट्रोलर जेनरल ऑफ इंडिया ने अररिया में सरकारी ब्लड बैंक खोलने के लिये लाइसेंस जारी कर दिया। बांका और अरवल जिला में एक एक ब्लड बैंड खोलने और भागलपुर में एक और सरकारी ब्लड बैंक खोलने की प्रकिया चल रही है। इसके अलावा शिवहर, सुपौल और मोतिहारी में भी ब्लड बैंक जल्द से जल्द प्रारम्भ करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

श्री पांडेय ने कहा कि अररिया में ब्लड बैंक शुरू होने के साथ ही प्रदेश में सरकारी ब्लड बैंक की संख्या 39 हो जायेगी। फिलहाल प्रदेश में कुल 94 ब्लड बैंड संचालित हो रहे हैं। इनमें से तीन रेडक्रास द्वारा संचालित हो रहे हैं, शेष ब्लड बैंक प्राइवेट हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने को लेकर निरंतर प्रयास कर रही है। इसके लिये हर जिला में सरकारी ब्लड बैंक खोलने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने स्वस्थ लोगों से रक्तदान में बढ़चढ़ कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान से बढ़ कर कोई बड़ा पुण्य नहीं होता है।

श्री पांडेय ने कहा कि हर साल समय पर रक्त नहीं मिलने के कारण की लोगों की असमय मौत हो जाती है। आपके रक्त से कई जरूरतमंद की जान बच सकती है। कोई भी स्वथ्य पुरुष तीन माह के बाद यानी साल में चार बार और कोई भी स्वस्थ महिला चार माह के बाद यानी साल में तीन बार रक्तदान कर सकती हैं।

महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्य बनता जा रहा है बिहार

बिहार महिलाओं और लड़कियों के लिए सबसे अनसेफ राज्य बनता जा रहा है वैशाली की सुप्रिया का मामला अभी सुलझा भी नहीं है कि पश्चिम चंपारण से एक स्कूली छात्रा से गैंगरेप की खबर आ गयी और इन सब के बीच एक बड़ी खबर ये आ रही है कि राजस्थान कोटा से अपने पति से मिलकर लौट रही एक विवाहिता के साथ पटना में गैंगरेप की घटना को टैम्पू चालकों ने मिल कर अंजाम दिया है ।

खबर आ रही है कि राजस्थान के कोटा से पटना जंक्शन उतरकर मुजफ्फरपुर की बस पकड़ने स्टैंड जाने के लिए निकली महिला और उसकी तीन साल की बेटी को बेहोश कर टेम्पो में बैठे लोगों ने अगवा कर लिया। और दो दिनों तक चार लोग बेटी की हत्या का भय दिखाकर महिला से गैंगरेप करता रहा। तीसरी रात बेटी समेत महिला को एक अपराधी बाइक से फोरलेन पर छोड़ आया।

महिला के बयान पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार वह मूलत: मोतिहारी की है, लेकिन पति के साथ कोटा में रहती है। इस बार वह कोटा से तीन साल की बेटी के साथ आई थी। 16 सितंबर की शाम पटना जंक्शन उतरी तो बस स्टैंड जाने के लिए हरा-पीला रंग के टेम्पो पर सवार हुई। टेम्पो पर चालक के अलावा दो और लोग थे।

इन्हीं में से एक ने गर्मी अधिक होने की बात करते हुए मुंह के पास रूमाल झाड़ दिया। उसके बाद उसे कुछ पता नहीं चला। अगली सुबह 5 बजे उसे एक फर्टिलाइजर दुकान में होश आया। टेम्पो पर सवार दो के अलावा यहां महिला को दो और लोग दिखे।

18 सितंबर को आधी रात के बाद मणि नाम के बदमाश ने उसे बाइक से पटना-बख्तियारपुर फोरलेन पर छोड़ दिया। महिला ने चारों की बातचीत में मणि, पंकज, संतोष और सोनू का नाम सुना। पुलिस ने सोतीचक से सोनू व दरियापुर गांव से पंकज को गिरफ्तार किया है। डीएसपी के मुताबिक मणि व संतोष की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

गिरफ्तार सोनू और पंकज के अनुसार मणि ने रूमाल झाड़कर महिला और उसकी बेटी को बेहोश किया था। फिर महिला-बेटी को दोनों ने जीरो माइल के पास उतार लिया। संतोष ने महिला को बीमार और बच्ची को सोया बताकर दूसरा टेम्पो लिया और यहां से सुडीहा स्थित ऋद्धि-सिद्धि फर्टिलाइजर दुकान में उतारा। सोनू और पंकज को सिटी कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि महिला को मेडिकल और 164 में बयान के बाद उसके परिजनों के पास भेज दिया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जंयती राजकीय सम्मान के साथ मनाया गया

उपमुख्यमंत्री ने भोला पासवान शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
पटना 21 सितंबर 2021

स्थानीय श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल के प्रांगण में आयोजित राजकीय समारोह में स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री की जयंती के अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने उनके तैल चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री एक प्रखर राष्ट्रवादी राजनेता थे। वे तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उनका व्यक्तित्व अनुकरणीय है। उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को सदा याद रखा जाएगा।

इस अवसर पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेसी सिंह, विधायक श्री संजीव चौरसिया, पटना के जिलाधिकारी डॉ० चंद्रशेखर सिंह, अपर समाहर्ता श्री विनायक मिश्र सहित जिला प्रशासन से वरीय पदाधिकारीगण एवं स्थानीय गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों द्वारा भजन-कीर्त्तन के कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

बिहार को दहलाने की किसने रची है साजिश

“तमाशबीन हूँ मैं “
ऐसी कौन सी ताकत है जो बिहार को दहलाने की साजिश रच रहा है । दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए दो ISI एजेंट से प्राप्त इनपुट के आधार पर रेलवे सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त ए.के लाल ने आतंकी कार्रवाई को लेकर बिहार के 13 जिलों के SP सहित रेल पुलिस को अलर्ट रहने का आदेश दिया है।

RPF के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, सुपौल, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, मधुबनी, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया SP सहित रेल पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर व कटिहार को पत्र जारी कर भेजा है।

दूसरी खबर बेगूसराय से है जहां विधायक के भाई के गांड़ी चालक के घर से पहले यह खबर आयी थी की दो एके47 राइफल और 200 गोली के साथ साथ 6 लाख रुपया कैस बरामद हुआ है ।अब बेगूसराय पुलिस एक एके 47 राइफल के बरामद होने की दबी जुबान से स्वीकार कर रही है। आज एसपी मीडिया से इस मसले पर बात कर सकते हैं लेकिन बड़ा सवाल यह है कि एके 47 जैसा खतरनाक हथियार 200गोली और 6 लाख कैस किस बात की तैयारी के लिए जमा किया गया था क्यों कि इस तैयारी के साथ अपराधी किसी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है ।

बेगूसराय और उसके आसपास के अपराध पर नजर रखने वाले पूर्व और वर्तमान पुलिस अधिकारी के साथ साथ अपराध जगत पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ भी इस बरामदगी को लेकर हैरान है क्यों कि इस समय बेगूसराय में ना तो उस तरह का कोई गैंगवार चल रहा है और ना ही पंचायत चुनाव को लेकर ऐसी कोई गोलबंदी चल रही है जिसको लेकर इतनी बड़ी तैयारी कि जाये तो फिर ये जखीरा किसके लिए जुटाया गया था एक बड़ा सवाल है ।

क्यों कि बेगूसराय पुलिस जिस दबाव में है उससे लग रहा है कि यह मामला साधारण नहीं है कही ना कही इसके पीछे बड़ी साजिश है ।देखिए आगे आगे होता है क्या लेकिन एक यक्ष सवाल है बिहार जहां अभी भी स्टेट थोड़ा सोफ्ट है ऐसे में ISI बिहार को निशाने पर क्यों लेगा ।बड़ा सवाल है क्यों कि बिहार में छुपने या फिर नेपाल जाने का सबसे सहज मार्ग है ऐसे में कोई भी आंतकी संगठन अमूनन इस तरह के इलाके में आतंकी घटना को अंजाम देने से बचता है यह साधारण फर्मूला है ऐसे में कुछ दिन पूर्व दरभंगा स्टेशन के पार्सल से विस्फोटक मिलना ।

रेलवे आयुक्त द्वारा बिहार के 13 जिलों को अर्लट भेजना यह क्या दर्शाता है ।जबकि बीते कई वर्षो से आतंकवादियों के पनाह देने या फिर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने कि बात पहले जैसे सामने नहीं आयी है जब की एक दौड़ ऐसा भी था जब पूरे देश में दरभंगा मॉड्यूल एक बड़ी आतंकी गैंग और सोच के रुप में उभरा था ।भटकल के गिरफ्तारी के बाद कोई गतिविधि देखने को नहीं मिल रही है ।

ऐसे में इस तरह का अलर्ट और फिर एके 47 जैसा हथिहार का मिलना सवाल तो खड़ा करता है कि कोई है जो बिहार को दहलाना चाह रहा है कोई जो है बिहार के शांति में खलल डालना चाह रहा है ।
क्यों कि गाँधी मैदान ब्लास्ट के पीछे किसने साजिश रची थी यह सवाल आज भी अनुत्तरित है ।

हजारों वकील के बैंक खाते का डाटा हुआ लीक मचा अफरातफरी।

पटना हाईकोर्ट कैंपस स्थित एस बी आई ब्रांच से कथित तौर पर वकीलों के बैंक खातों की डिटेल्स लीक होने की आशंका के वकीलों मैं अफरातफरी मच गई। आज पटना हाई कोर्ट के कई वकीलों ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये शिकायत की गई कि उन्हें अनजान नंबर से कॉल आया।

वकीलों ने बताया कि पटना हाई कोर्ट कैम्पस स्थित सबीआई शाखा में ऑनलाइन केवाईसी कराने को कहा गया । इस फोन पर उन्हें यह भी चेतावनी दी गयी कि अगर वकील लोग फोन के जरिये केवाईसी की जानकारी (रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर , आधार नम्बर व पैन नम्बर ) नही देंगे, तो तत्काल प्रभाव से उनका एकाउंट को ब्लॉक हो जाएगा ।

वकीलों ने इसे साइबर क्राइम का दर्जा देते हुए प्रशासन से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की गुहार लगाई है | हाई कोर्ट के एक अधिवक्ता पतंजलि ऋषि ने इस मामलें साइबर थाने में एक शिकायत भी दर्ज किया है ।

कई अधिवक्ताओं ने संदेह जाहिर किया है कि यह काम बैंक कर्मियों की मिलीभगत से हो रहा है | अधिकांश वकीलों को ऐसे कॉल पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच मिले ।

उनमे से अधिकांश वकीलों का खाता हाई कोर्ट ब्रांच में तो कुछ वकीलों का खाता एसबीआई की अन्य शाखा में है ।

पीएमसीएच के पुनर्निमाण में घोटाला को लेकर हाईकोर्ट ने दिया आदेश ।

पटना हाईकोर्ट ने पीएमसीएच के पुनर्निर्माण व् सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में परिवर्तित करने हेतु दिए गए टेंडर में हुई अनियमितता के आरोप पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे इस आरोप सुनवाई कर एक उचित आदेश पारित करने का निर्देश दिया। इसके लिए कोर्ट ने तीन महीने की मोहलत दी।

ब्रजेश मिश्रा की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने मामलें की सुनवाई कर निष्पादित कर दिया। कोर्ट को याचिकाकर्ता के वकील राजीव कुमार सिंह ने बताया कि करीब 5500 करोड़ रुपये के इस ग्लोबल टेंडर का विज्ञापन एक भी विदेशी अखबार में नही प्रकाशित हुआ ।

टेंडर में सबसे कम बोली लगाने वाली कम्पनी के साथ टेंडर खत्म होने के बाद निर्माण प्रोजेक्ट की कीमत को संशोधित किया गया, वह केंद्रीय निगरानी आयोग और बिहार वित्त निगम के नियमों के विरूद्ध है ।

ऐसी गम्भीर अनियमितता राजकीय कोष के दुरूपयोग की ओर इशारा करता है । कोर्ट ने स्वास्थ विभाग के अपर मुख्य सचिव को इस मामलें की सुनवाई कर उचित आदेश करने को निर्देश देते हुए इसे निष्पादित किया।

एक बोरा यूरिया के लिए परेशान है बिहार का किसान

धान का कटोरा कहे जाने वाले सासाराम ,औरंगाबाद ,बक्सर और शेखपुरा जिले के धान उत्पादक किसान एक बोरा यूरिया के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। यूरिया खाद के लिए वे इतने परेशान हैं कि रोज-रोज हंगामा और सड़क जाम करने की नौबत आ रही है। इसके बाद भी आधी रात से ही किसान बिस्कोमान के गोदाम एवं दुकानों के सामने लाइन लगाकर खड़े रह रहे हैं।

किसानों की इस समस्या से विभाग को कुछ खास मतलब नहीं है। स्थिति यह है कि मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे किसानों की समस्या बढ़ती जा रही है। खाद नहीं मिलने से किसानों की धान की फसलों के नुकसान होने की पूरी संभावना है।

दो सप्ताह पूर्व बिस्कोमान दो सप्ताह पूर्व बिस्कोमान एवं प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों की अनुज्ञप्ति प्राप्त खाद दुकानदारों ने किसानों के बीच खाद का वितरण किया। संबंधित पदाधिकारी ने प्रत्येक किसान चार से पांच पाकेट खाद देने की बात कही थी। बाद में दो-दो पाकेट ही दिया जाने लगा।

यह किसानों के लिए यह पर्याप्त नहीं है। तीन दिन पूर्व भी खाद वितरण किया गया लेकिन शनिवार को वह समाप्त हो गया। हलसी प्रखंड को धान का कटोरा माना जाता है। प्रखंड में आठ हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में किसानों ने धान की खेती की है।

वैज्ञानिकों के अनुसार धान बुआई के बाद खरपतवार की निकौनी करके पौधे को हरा रखने एवं उसकी अधिक वृद्धि के लिए निम्कोटेड, नाइट्रोजन सहित अन्य रासायनिक पदार्थ युक्त यूरिया खाद का इस्तेमाल किसान करते हैं। इससे पौधा का विकास तेजी से होने के साथ ही अधिक उत्पादन होता है। इस मामले में जब राज्य के कृषि मंत्री से बात हुई तो उन्होंने खाद की किल्लत की बात तो स्वाकारी लेकिन कहां कि थोड़ा विलम्भ हो रहा है लेकिन किसान को समय पर खाद मिल जा रहा है ।

पटना हाईकोर्ट में फिजिकल कामकाज शुरु करने को लेक जल्द होगी बैठक

फिजिकल कामकाज शुरू करने को लेकर पटना हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी 21 सितम्बर 2021 को वकीलों के समन्वय समिति से मिलेगी। पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता संघों के समन्वय समिति के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि समन्वय समिति जस्टिस ए अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली कमिटी से मिलेगा।

उस कमिटी से मिल कर हाई कोर्ट में फिजिकल कामकाज प्रारंभ करने के मुद्दे पर बात चीत होगी। इससे पूर्व हाई कोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन, लॉयर्स एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के अध्यक्षों ने पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मिलकर हाई कोर्ट में फिजिकल कामकाज शुरू करने का अनुरोध किया था।

इसके बाद चीफ जस्टिस ने इस मामले में इन्हें हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी से मिलने को कहा है। हाई कोर्ट की सुरक्षा समिति से अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति की 9 सदस्यों की एक टीम कल मुलाकात कर इस विषय पर विचार विमर्श करेगा।

डवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सह समन्वय समिति के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, अजय कुमार ठाकुर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह व् अन्य सदस्य सुरक्षा कमिटी से भेंट कर वकीलों की समस्या रखेंगे।

पटना हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी में जस्टिस ए अमानुल्लाह, जस्टिस मोहित कुमार शाह और जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद शामिल हैं। हाई कोर्ट की सुरक्षा समिति से मिलने हेतु एक पत्र पटना हाई कोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों की ओर से भेजा जा चुका है।

भ्रष्टाचार को लेकर सीएम आज भी दिखे असहज

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 123 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यकम‘ में सामान्य प्रशासन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, पथ निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, परिवहन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, योजना एवं विकास विभाग, पर्यटन विभाग, भवन निर्माण विभाग, वाणिज्य कर विभाग, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग तथा गन्ना (उद्योग) विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी।

मुख्यमंत्री ने जनता के दरबार में हाजिर होकर लोगों की शिकायतें सुनीं। जनता दरबार में आये एक शख्स ने मुख्यमंत्री से दबंग मुखिया की करतूत की शिकायत करते हुए कहा कि मुखिया द्वारा सड़क का दो-तीन इंच ढलाई हुआ है और उसके बारे में बोलने पर हमको केस में फंसाया गया है। नल-जल का काम पूरा नहीं हुआ इसकी शिकायत पर वार्ड सदस्य एवं मुखिया के ससुर के द्वारा भी हमलोगों को झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। वर्ष 2016 से अब तक जितना काम मनरेगा का किया गया है, सभी काम जे0सी0बी0 से हुआ है। युवक की बात सुनकर मुख्यमंत्री ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

गोपालगंज के अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य श्री योगेंद्र मिश्रा ने मुख्यमंत्री से कहा कि मैं रिटायर्मेंट के बाद से जनसेवा करता आ रहा हूं। गांव की भौगोलिक परिस्थिति साफ बताती है कि उसे बिहार की बजाए यूपी का अंग होना चाहिए। आपसे आग्रह है कि मेरे गांव को उत्तर प्रदेश में शामिल करा दिया जाए। मुख्यमंत्री भी इस मांग को सुनकर चौंक गए और आवेदक को संबंधित विभाग के अधिकारी के पास भेज दिया।

बगहा, पश्चिमी चंपारण के श्री आशुतोष मणि पाठक ने कहा कि बगहा-1 प्रखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत मझौवां के अंतर्गत मेरे गांव के पास डेढ़ कि0मी0 लंबे चैनल (तिरहुत मेन कैनाल) के भर जाने से गांव में फसल बर्बाद हो जाता है और बाढ़ भी आ जाता है। वहीं हरनौत, नालंदा के श्री धनंजय कुमार ने कल्याण बिगहा बहादुर पथ के अंतर्गत द्वारिका बिगहा महाने नदी पर पुल निर्माण के संबंध में अपनी मांग रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समस्याओं के समाधान करने का निर्देश दिया।

एंकगरसराय, नालंदा के श्री राजीव कुमार ने गेहूं अधिप्राप्ति की राशि नहीं मिलने की षिकायत की तो वहीं मनेर, पटना के श्री ओम प्रकाश ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने के संबंध में शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

कोचस, रोहतास के श्री अभिषेक कुमार ने राशन कार्ड बनवाने को लेकर धांधली होने की शिकायत के साथ-साथ रिश्वतखोरी कर फर्जी लोगों के राशन कार्ड बनवाए जाने की बात कही तो वहीं असरगंज, मुंगेर के श्री विद्यानंद सिंह ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत अपने यहां तालाबों के जीर्णोद्धार के संबंध में शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस संबंध में आवष्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

चौसा ग्राम पंचायत में कार्यरत एक महिला न्याय मित्र ने मुख्यमंत्री से गुहार लगायी कि मेरे ग्राम पंचायत को नगर पंचायत में तब्दील कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद ग्राम कचहरी खत्म होने से मैं न्याय मित्र के पद पर काम नहीं कर पा रही हूॅ। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने नए सिरे से नियोजन में एडजस्ट किए जाने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि ऐसे ग्राम पंचायत से जो अब नगर पंचायत में तब्दील हो चुके हैं और जहां ग्राम कचहरी की व्यवस्था खत्म हो चुकी है। उन जगहों पर काम करने वाले न्याय मित्रों को दूसरी जगह नियोजित करने की कार्रवाई करें।

शेखपुरा के बरबीघा से आए एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि उद्योग विभाग में मेरी पत्नी के नाम पर फर्जी दस्तखत करके सब्सिडी की निकासी करा ली गई है। यह बड़ा घोटाला है और तत्कालीन उद्योग मंत्री और राजद नेता की मिलीभगत से बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। राजद नेता के बेटे के नाम पर कंपनी है उसी ने घोटाला किया है। यह सुन मुख्यमंत्री ने तुरंत जांच के आदेश दिये।

पटना के एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की है। फरियादी ने आगे बताते हुए कहा कि उस समय उद्योग विभाग के मंत्री से हमने इस बात की शिकायत की तो आरोपी ने मंत्री से मिलकर मामले को रफा-दफा करा दिया। यह शिकायत सुन मुख्यमंत्री ने तुरंत उद्योग विभाग को निर्देष दिया कि इस मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई करें।

शेखपुरा से आये एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से शिकायत किया कि पैक्स में धान बेचने के सालभर बाद भी पैसे का भुगतान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस समस्या के समाधान करने का निर्देश दिया।

‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, ऊर्जा सह योजना एवं विकास मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, उद्योग मंत्री श्री शाहनवाज हुसैन, जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, कृषि मंत्री श्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री रामप्रीत पासवान, पंचायती राज मंत्री श्री सम्राट चौधरी, सहकारिता मंत्री श्री सुबाष सिंह, गन्ना उद्योग मंत्री श्री प्रमोद कुमार, पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री श्री मुकेश सहनी, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री जयंत चौधरी, लघु जल संसाधन मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, परिवहन मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री नीरज कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0सिंघल, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, संबंधित विभागों के अन्य वरीय अधिकारी, पटना के जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक श्री उपेंद्र शर्मा उपस्थित थे।

‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के पष्चात् मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि हमलोग शुरु से कह रहे हैं कि छह माह में छह करोड़ से ज्यादा टीकाकरण करेंगे। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर हमलोगों ने तय किया था कि कम से कम 30 लाख टीकाकरण करेंगे लेकिन इस लक्ष्य को पार करते हुए 33 लाख से अधिक टीकाकरण किया गया। टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। हमलोग निश्चित रुप से वैक्सिनेशन का काम तेजी से जारी रखेंगे। केंद्र सरकार से जो वैक्सीन मिलनी चाहिए वो मिल रही है।

इसको लेकर हमारी सरकार के लोग केंद्र से बातचीत करते रहते हैं। निरंतर केंद्र से वैक्सीन की सप्लाई हो रही है। वैक्सीनेशन का काम तेजी से काम किया जा रहा है। इसको लेकर सभी लोग अलर्ट और सक्रिय हैं। वैक्सीनेशन महाअभियान की हमलोग लगातार जानकारी लेते रहे। 17 सितंबर की रात में ही 30 लाख से ज्यादा वैक्सीनेशन होने की जानकारी मिल गई थी। अगले दिन सुबह में हमलोगों को बताया गया कि एक दिन में 33 लाख से ऊपर वैक्सिनेशन हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग शुरु से ही इस बात पर जोर देते रहे हैं कि कोरोना की जांच के लिए भी निश्चित तौर पर काम करते रहना है। कोई बाहर से आ रहा है उसकी वजह से 6-7 केस कहीं-कहीं से निकल जा रहा है। कोरोना से ज्यादा प्रभावित राज्यों से आने वाले लोगों के जांच का प्रबंध किया गया है ताकि इसकी पहचान हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण का डोज छह करोड़ से भी ज्यादा बढ़ेगा। आप समझ लीजिए कि फर्स्ट डोज जिसका हो चुका है उसके सेकेंड डोज का भी तो टीकाकरण चल रहा है। दूसरे डोज के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि सभी लोगों को दूसरी डोज भी पड़ जाए।

मगही और भोजपुरी भाषा को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री के बयान से संबंधित प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को इसका एहसास नहीं कि बिहार एक था बिहार तो 2000 में दो हिस्से में बंटा। बिहार के लोगों को झारखंड के प्रति पूरा का पूरा प्रेम है और झारखंड के लोगों को भी बिहार के प्रति प्रेम है। पता नहीं पॉलिटकली लोग क्या बोलते हैं ये बात समझ में नहीं आती। झारखंड के एक एक आदमी के प्रति हमलोगों की श्रद्धा है। बिहार-झारखंड तो भाई है, एक ही परिवार के सबलोग हैं। वैसे तो पूरा देश के लोग एक परिवार के हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब बिहार और झारखंड एक था तब लोग काम करने झारखंड जाते थे लेकिन अब कोई नहीं जाता है। बिहार का बंटवारा होने के बाद बिहार के लोगों में काफी मायूसी आ गयी थी। झारखंड के अलग हो जाने के बाद लोगों को लगा था कि बिहार बर्बाद हो जायेगा, बिहार में कुछ नहीं बचेगा लेकिन ये सब धारणायें गलत साबित हुई। बिहार का तेजी से विकास हो रहा है। बिहार में कई संस्थानों की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को झारखंड के प्रति कोई गलत धारणा नहीं है। लोग एक दूसरे की इज्जत करते हैं। इसी तरह झारखंड के लोगों का भी बिहार के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव है। पता नहीं लोग ऐसी बात क्यों बोलते हैं?

मगही और भोजपुरी बोलने वालों को झारखंड के मुख्यमंत्री द्वारा दबंग कहे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई दबंग नहीं है। ऐसी बात नहीं सोचनी चाहिए। अलग-अलग भाषा बोलने वाले लोग विभिन्न राज्यों में रहते हैं। बिहार के ही कुछ इलाकों में बंगाल की भाषा बोली जाती है। इसी तरह उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुछ इलाकों में भी बिहार की भाषा बोली जाती है। भाषा को लेकर ऐसी सोच ठीक नहीं है। अगर किसी को कोई राजनीतिक लाभ लेना है तो वह अलग बात है। हमलोग ऐसी बात कभी नहीं सोचते हैं। हमलोगों का झारखंड के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव है।

बिहार को दहलाने की रची गयी है साजिश दिल्ली पुलिस का बडा खुलासा

बिहार को दहलाने की साजिश का खुलासा दिल्ली पुलिस ने किया है । दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए दो ISI एजेंट से प्राप्त इनपुट के आधार पर समस्तीपुर रेल मंडल अलर्ट पर है। इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त ए.के लाल ने आतंकी कार्रवाई को लेकर 13 जिलों के SP सहित रेल पुलिस को अलर्ट रहने का आदेश दिया है।

RPF के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, सुपौल, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, मधुबनी, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया SP सहित रेल पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर व कटिहार को पत्र जारी कर भेजा है। इसमें उन्होंने अपने स्तर से सुरक्षात्मक कार्रवाई करते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों और थानाध्यक्ष को निगरानी रखने का निर्देश दिया है।

RPF के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने जारी पत्र में लिखा है- ‘दिल्ली पुलिस ने दो ISI पाकिस्तानी आतंकी को पकड़ा है। इनके हवाले से पता चला है कि देश के विभिन्न जगहों पर पुल-पुलिया, रेलवे ट्रैक, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर RDX विस्फोटक का प्रयोग कर उन्हें क्षतिग्रस्त करने की मंशा है। ऐसे में रेलवे सुरक्षा बल की यह कोशिश है कि किसी तरह की भी घटना नहीं घटे। इसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करें।’

सबसे बड़ी बात यह है कि इस समय बिहार में दुर्गापूजा दिपावली और छठ होता है और इस दौरान बड़ी संख्या में लोग आते हैं । ऐसे में ट्रेनों के माध्यम से आवाजाही काफी अधिक बढ़ जाती है। इस संबंध में मंडल सुरक्षा आयुक्त ए.के लाल का कहना है- ‘रेलवे के पुल-पुलिया, ट्रैक के कई दायरे राज्य सुरक्षा के अधीन आते हैं। ऐसे में रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा गया है।’

मेरे गांव को यूपी में मिला दीजिए कोई बुनियादी सुविधा नहीं है

जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान आज 143 शिकायत आई जिसमें अधिकांश सेवा से सम्बन्धित मामले था आज ग्रामीण कार्य ,पंचायती राज,पथ निर्माण,कृषि विभाग से जुड़ी शिकायतें सुनी गयी लेकिन एक ऐसा मामला आया जिसको सूनकर सीएम हैरान रह गये ।

गोपालगंज से आए इंटर कॉलेज के रिटायर प्राचार्य योगेंद्र मिश्र ने अपने गांव को उत्तर प्रदेश राज्य में मिलाने की मांग रख दी। पूर्व शिक्षक ने बताया- ‘मेरे गांव से उत्तर प्रदेश का कुशीनगर जिला महज 1 किलोमीटर की दूरी पर है। गांव की भौगोलिक स्थिति इस बात का संकेत देती है कि उसे बिहार के बजाय UP में होना चाहिए।’

पूर्व प्राचार्य योगेंद्र मिश्र ने बताया- ‘1978 से लगातार जन सेवा कर रहे हैं। अपने वेतन के पैसे से गांव की सड़क की मरम्मत करते रहे हैं। अब पेंशन पर हैं, फिर भी जनसेवा लगातार जारी है।’ वह जब CM के सामने पहुंचे तो अपना परिचय एक कविता सुना कर दिया।

CM ने पहले उनकी पूरी बातों को गंभीरता से सुना, लेकिन अंत में उन्होंने जब यह कहा कि उनके गांव को UP में शामिल करा दिया जाए तो वह हंसने लगे और फिर उन्हें पथ निर्माण विभाग के पास जाने को कहा।हलाकि इस तरह की समस्या कैमूर के लोग भी झेल रहे हैं

वैश्विक गिरावट के दबाव में निफ्टी 17,400 के नीचे, सेंसेक्स 525 अंक टूटा; निवेशकों को 3.78 लाख करोड़ रुपये का नुकसान।

सोमवार को बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान ऊपरी स्तर से सेंसेक्स 813 पॉइंट और निफ्टी 261 पॉइंट फिसला और अंत में सेंसेक्स 525 पॉइंट गिरकर 58,491 पर और निफ्टी 188 पॉइंट गिरकर 17,397 पर बंद हुआ।

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सेंसेक्स चार्ट (20.09.21) एक नजर में

एफएमसीजी को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स मेटल इंडेक्स में करीब 7 फीसदी की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में करीब 2 फीसदी की गिरावट आई। टाटा स्टील 10%, एसबीआई 4% गिरा ।

हिंदुस्तान यूनिलीवर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, जो 2.96% अधिक था, इसके बाद बजाज फिनसर्व और आईटीसी थे। टाटा स्टील के शेयरों में 9.53% की गिरावट आई, इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक, इंडसइंड बैंक और एचडीएफसी का स्थान रहा।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

भारत VIX दिन के दौरान 14.85 फीसदी की तेजी के साथ 17.49 पर बंद हुआ। डॉव जोन्स वायदा सोमवार को 500 अंक नीचे कारोबार कर रहा था, जो आज बाद में अमेरिकी शेयर बाजारों के लिए अशांत शुरुआत का संकेत दे रहा था।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 23 शेयर्स कमजोरी के साथ और 7 शेयर्स बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई पर कारोबार के दौरान 228 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 25 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

आज से शुरु हो गया विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला लेकिन इस बार सिर्फ पिंडदान का होगा कार्यक्रम

आज से विश्व प्रसिद्ध गया पितृपक्ष मेला फल्गु नदीं में स्नान के साथ ही शुरु हो गया है हलाकि इस बार भी कोरोना का असर मेले पर साफ दिख रहा है। बाहर के प्रदेशों से लोगों का इस बार भी आना कम ही हुआ है ।पिंडदान कर्मकांड अगले 17 दिनों तक यानि 6 अक्टूबर को अंतिम स्नान के साथ समाप्त हो जायेंगा हलाकि कर्मकांड से जुड़े पंडितों का कहना है कि दो तीन दिनों में पहले जैसा रोनक देखने को मिलेगा।


प्रशासन के सख्त निर्देश को देखते हुए इस बार कोविड-19 गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है। मास्क, सैनिटाइजर व आपस में दूरी रखने की सलाह तीर्थयात्रियों को दिया जा रहा है। एक जगह पर तीर्थयात्रियों की भीड़ ज्यादा ना हो इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है।

विगत 2 सालों से कोरोना के कारण पिंडदान कर्मकांड बंद था, जिस कारण इस कार्य में लगे पंडित की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। इस बार पितृपक्ष मेला की स्वीकृति नहीं दी गई, लेकिन पिंडदान कर्मकांड की स्वीकृति सरकार ने दी है, इससे लोगों को थोड़ी आस जगी है।

जिला पदाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि पितृपक्ष मेला नहीं लगेगा, लेकिन गया आने वाले पिंडदानियों को कर्मकांड करने से नहीं रोका जाएगा। उन पिंडदानियों को कोरोना गाइडलाइन के तहत कर्मकांड करना है और इसकी निगरानी भी की जाएगी। नगर आयुक्त सावन कुमार ने बताया कि मेला नहीं लगेगा, लेकिन पिंडदानियों के आगमन की संभावना को देखते हुए मेला क्षेत्र में सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई स्थानों पर शिविर लगाकर कोरोना जांच व टीकाकरण किया जाएगा।

राजनीति में आधी आबादी और युवा कैसे अपनी जगह बनाये लोकत्रंत के सामने ये बड़ी चुनौती है

बात कोई दो वर्ष पूरानी है एक दिन दिल्ली से किसी महिला अधिकारी का बिहार के किसी मामले को लेकर फोन आया बात आयी चली गयी। कुछ दिनों के बाद फिर कोई ऐसा वाकया बिहार से जुड़ा हुआ था उसको लेकर बातचीत हुई और फिर धीरे धीरे बातचीत का सिलसिला बढ़ता चला गया ।

एक दिन वो बतायी की मैं बिहार आ रही हूं मैंने पुंछा क्यों वो बतायी की मेरा कांलेज शिक्षक में हो गया है कल दिल्ली वाली नौकरी से रिजाइन भी दे दिए हैं अगले माह ज्वाइन कर लेगें चलते चलते मैं सिर्फ इतना ही कहा यह निर्णय सही है ।दस मिनट बहस भी हुई उसका तर्क यही था कि बिहार के बदलाव में मैं भी कुछ योगदान करना चाहती हूं ।

एक वर्ष से अधिक हो गया उसका बिहार आये हुए, बदलाव को लेकर जिस सोच के साथ वो आयी थी उसको लेकर नीत नयी प्रयोग करती रहती है। इस दौरान क्या समस्याएं आ रही है उस पर अक्सर बात होती रहती है एक महिला को बिहार के प्रवेश में अकेले रहना आज भी कितना मुश्किल है इसको लेकर कई घटनाओं का जिक्र मुझसे कि है, मैं तो हैरान हूं कितना मुश्किल है आज भी बिहार में अकेले महिला को घर छोड़कर बाहर नौकरी करना हलाकि इस पर चर्चा बाद में करेंगे ।

राजनीति शास्त्र की प्रोफेसर हैं तो स्वभाविक है चर्चा के केन्द्र में राजनीति रहेगा ,अक्सर वो बिहार की राजनीति को लेकर मुझसे सवाल करती रहती है मैं सिर्फ बिहार की राजनीति से जुड़ी सूचना देता हूं ।कुछ दिन पहले दरभंगा के ग्रामीण कार्यविभाग में कार्यरत इंजीनियर के पास से बरामद पैसे को लेकर मैं स्टोरी चला रहा था ।

एक दिन उसका फोन आया इस इंजीनियर पर सरकार कारवाई क्यों नहीं कर रही है मैंने उसे बता दिया कि सरकार के मजबूत नेता का इसको संरक्षण प्राप्त है> मुझे नहीं मालूम था कि उस नेता को लेकर उसके मन में बड़ा आदर भाव है ,इसी तरह से सवाल करती रहती है कभी प्रशांत किशोर को लेकर तो कभी कन्हैया को लेकर तो कभी रितू जयसवाल को लेकर तो कभी माले के नवनिर्वाचित विधायक को लेकर मुझे इन सब के बारे में जो इनसाइड स्टोरी है वो बताते रहते हैं ।

कैसे कन्हैया को बेगूसराय में हराने के लिए बिहार के सारे वामपंथी पार्टियां एक साथ खड़ी थी और इस खेल में राजद क्यों शामिल था ,अंबानी ग्रुप इस खेल कैसे शामिल हुआ ये सब बताते रहते हैं ।प्रशांत किशोर की राजनीति का जो माँडल है उस माँडल के लिए प्रयाप्त पैसा चाहिए ऐसे में कल इस देश का पीएम अंबानी और अंडानी का बेटा बन जाये तो कोई बड़ी बात नहीं है, क्यों कि देश की राजनीति जिस मॉडल पर आगे बढ़ रही है आने वाले समय में इस देश में लोहिया ,कर्पूरी ठाकुर ,रामविलास पासवान और लालू ,मुलायम ,नीतीश और सुशील मोदी जैसे साधारण परिवार जन्मे व्यक्ति जिस उंचाई तक पहुंच गये अब वो होने वाला नहीं है ।

आज बिहार की राजनीति में परिवार के बाहर कही किसी कोने से थोड़ी सी भी जो उम्मीद की किरणें दिख रही है उसके पीछे का सच वहीं है जो आप आज की राजनीति में देख रहे हैं टिकट के लिए पैसा देना होगा। फिर चुनाव लड़ना है तो पांच करोड़ खर्च करने होंगे।

बिहार में जो भी युवा चेहरा दिख रहा है जो कुछ बदलाव की बात कर रहा है उन सबके पीछे का सच यही है कि वो किसी ना किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ना चाह रहा है ।ताकी वो विधायक ,सांसद बन सके।

मेरा अनुभव तो यह है कि ऐसे युवा चेहरा आज की राजनीति में जो लोग हैं उन्हें लोकतंत्र में कोई बदलाव हो इससे कोई मतलब नहीं है लोकतांत्रिक संस्थान से कोई मतलब नहीं है बस पावर कैसे मिले उसकी सोच इससे आगे नहीं है ।क्यों कि आपका साध्य – वह लक्ष्य , मंज़िल या मुकाम है -जहाँ आप पहुँचना चाहते हैं साधन -वह सब जिसका उपयोग आप करते हैं उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए। वो ईमानदार नहीं रहेंगा तो फिर उससे बदलाव की उम्मीद करना बेमानी है ।

बिहार की राजनीति को लेकर इस तरह की चर्चा इससे अक्सर होती रहती है संयोग से किसी बात को लेकर मैं उसको कल फोन किया बातचीत चल ही रहा था कि उसने ऐसी बात कह दी कि मैं हैरान रह गया । पहली बार मुझे पता चला कि दिल्ली में सरकारी नौकरी छोड़कर ये बिहार इसलिए आयी थी कि वो सक्रिय राजनीति में शामिल होना चाहती थी और इसी उदेश्य को प्राप्त करने के लिए प्रोफेसर की नौकरी ज्वाइन की थी लेकिन अब इसका इरादा बदल गया है एक सप्ताह पहले इसके पति जो सरकारी अधिकारी है मिलने आये थे ।

तचीत में बोली की अब राजनीति में नहीं जाना है, जनाब हैरान थे जिस वजह से ये दिल्ली की नौकरी छोड़ी, शादी के शर्त में एक शर्त ये भी था की मुझे आप सक्रिय राजनीति में जाने से रोक नहीं सकते हैं .वो लड़की अचानक आज कह रही है कि राजनीति मेरे बस की बात नहीं है आज की राजनीति में कुछ भी बदलाव की बात सोचना बेमानी है अब कुछ अलग तरीके से सोच रहे हैं पति महोदय हैरान थे आखिर इसका आत्म परिवर्तन कैसे हो गया पता चला पत्रकार संतोष सिंह का प्रभाव है ।

खैर ये अलग बात है लेकिन यह सच्चाई है कि आज की जो युवा पीढ़ी है वो बदलाव चाहता है लेकिन हर फिल्ड में सिस्टम इतना मजबूती के साथ खड़ा है कि वहां आप कुछ कर नहीं सकते हैं आज की युवा पीढ़ी के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है ।इसलिए जो जहां हैं सिस्टम में बदलाव को लेकर कोशिश जारी रखिए यही मूलमंत्र होगा देश को बदलने के लिए क्यों कि अब इस देश में फिलहाल किसी बड़े बदलाव या बड़े आन्दोलन की दूर दूर तक सम्भावना नहीं दिख रहा है जिससे निकले व्यक्ति से कुछ उम्मीद किया जा सके ।

कई जज का हुआ प्रमोशन !

सिविल जज (जूनियर डिवीज़न) कैडर के 19 न्यायिक पदाधिकारियों को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के कैडर में प्रोन्नति दी गई है। एक अधिसूचना पटना हाईकोर्ट के प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल जारी की है।

इस अधिसूचना के अनुसार शेखपुरा के मुंसिफ सह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम , जिगर शाह को प्रोन्नत्ति देते हुए इन्हें सब जज- सह- ए सी जे एम, शेखपुरा नियुक्त किया गया है। अगले आदेश तक अस्थाई रूप से पदस्थापित किया गया है।

एस डी जे एम (हिलसा) नालंदा देवेश कुमार को प्रोन्नत्ति देते हुए सब जज- सह- ए सी जे एम, हिलसा(बिहारशरीफ) नालंदा नियुक्त किया गया है तथा मुंसिफ- सह- न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी लखीसराय, महेश शुक्ला को लखीसराय का सब जज सह ए सी जे एम नियुक्त किया गया है ।

इसी प्रकार से पूर्णिया के मुंसिफ कुलदीप को सब जज सह ए सी जे एम पूर्णिया, जहानाबाद के मुंसिफ मनीष कुमार उपाध्याय को सब जज सह ए सी जे एम, जहानाबाद, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, पटना, अदित्य कुमार सिंह को सब जज सह ए सी जे एम, पटना, औरंगाबाद के मुंसिफ राहुल किशोरे को सब जज सह ए सी जे एम, औरंगाबाद, न्यायिक दण्डाधिकारी,प्रथम श्रेणी, माधवी सिंह को सब जज सह ए सी जे एम औरंगाबाद, (दरभंगा) बेनीपुर के मुंसिफ सह न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, संजय कुमार पांडेय को (दरभंगा) बेनीपुर का सब जज सह ए सी जे एम, (पूर्वी चंपारण) रक्सौल, मोतिहारी के मुंसिफ सह न्यायिक दण्डाधिकारी ,प्रथम श्रेणी, कौशलेंद्र कुमार शुक्ला को ( पूर्वी चंपारण) मोतिहारी का सब जज सह ए सी जे एम, पटना के प्रथम श्रेणी न्यायिक दण्डाधिकारी अरविंद कुमार सिंह को पटना का सब जज सह ए सी जे एम, नियुक्त किया गया है।

डेहरी(रोहतास) के मुंसिफ सह प्रथम श्रेणी न्यायिक दण्डाधिकारी, अदिति गुप्ता को रोहतास, सासाराम का सब जज सह ए सी जे एम, गया के मुंसिफ सह प्रथम श्रेणी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रकाश कुमार रॉय को गया का सब जज सह ए सी जे एम, शाहपुर पटोरी(समस्तीपुर) के मुंसिफ सह न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी अमरेन्द्र प्रसाद को शाहपुर, पटोरी, समस्तीपुर का सब जज सह ए सी जे एम, सासाराम(रोहतास) के मुंसिफ दिलीप कुमार रॉय को सासाराम, रोहतास का सब जज सह ए सी जे एम बनाया गया है। गोगरी(खगरिया) के मुंसिफ सह फर्स्ट क्लास जुडिशियल मजिस्ट्रेट राजीव कुमार को गोगरी खगरिया का सब जज सह ए सी जे एम, बखरी( बेगूसराय) के मुंसिफ सह फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट राम चन्द्र प्रसाद को बखरी, बेगूसराय का सब जज सह ए सी जे एम, बनमंखी(पूर्णिया) के मुंसिफ वीरेन्द्र प्रसाद को बनमंखी, पूर्णिया का सब जज सह ए सी जे एम, खगरिया के मुंसिफ नंद किशोर को खगरिया का सब जज सह ए सी जे एम नियुक्त किया गया है।

पटना हाईकोर्ट ने बड़े स्तर सीनियर जज का क्या तबादला

32 एडीजे स्तर के जज का हुआ तबादला हाईकोर्ट ने किया तबादला पटना हाईकोर्ट ने बिहार के विभिन्न जिलों में एडीजे के पद पर कार्यरत 32 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) को उनके जिला में ही जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार में सचिव के पद पर पदस्थापित किया है।

जिन एडीजे को जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार में सचिव बनाया गया है, उनमें धीरेन्द्र कुमार को अररिया , सर्वेश कुमार राय को बांका ,अनवर शमीम को बेगूसराय, अतुलवीर सिंह को भागलपुर, रंजीत कुमार को भोजपुर (आरा), धर्मेन्द्र कुमार तिवारी को बक्सर, जावेद आलम को दरभंगा, गौरव आनंद को पूर्वी चंपारण ( मोतिहारी), अंजू सिंह को गया , बिलेन्द्र शुक्ला को

पालगंज, देवेश कुमार को जमुई, राकेश कुमार को जहानाबाद, सुमित रंजन कैमूर भभुआ, समरेन्द्र गांधी को खगड़िया, रजनीश रंजन को किशनगंज, राजीव रंजन रमन को लखीसराय, प्रीतम कुमार रतन को मधुबनी, राजीव नयन को मुंगेर, सुभाष चन्द्र को मुज़फ़्फ़रपुर, मो मंजूर आलम को बिहार शरीफ नालंदा, अनिल कुमार राम की नवादा, संतोष कुमार झा की

टना,धीरज कुमार भास्कर को पूर्णिया, अमित राज को रोहतास (सासाराम), रवि रंजन को सहरसा, अभिषेक कुणाल को समस्तीपुर, नूर सुल्ताना की सारण (छपरा), विवेका नन्द प्रसाद को शेखपुरा , निशित दयाल को शिवहर, आशुतोष कुमार राय को सिवान, प्रवीण कुमार सिंह श्रीनेत को वैशाली और योगेश शरण त्रिपाठी को बेतिया पश्चिम चंपारण में जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार का सचिव बनाया गया है।हाई कोर्ट प्रशासन द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है.

महज सौ रुपये के लिए आरा में हुआ डबल मर्डर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी हुआ तेज

आरा डबल मर्डर मामले में आरा पुलिस का बड़ा खुलासा 100 रुपए के लिए हुई हैं हत्या । कबाड़खाने से ऑटो खरीदने को लेकर हुआ विवाद, अपराधी घर आकर 100 रुपए मांगने लगे, विरोध करने पर मार दी गोली
नगर थाना क्षेत्र के रघुटोला मोहल्ले में आज सुबह हथियारबंद अपराधियों ने दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। परिजनों का कहना है कि’अपराधियों ने महज 100 रुपए के लिए दोनों को मौत के घाट उतार दिया।

कारण बस यह था कि मृत रमेश यादव के बहनोई ने कबाड़खाने से दो दिन पहले एक टेम्पो खरीदा था। शनिवार को अपराधी रमेश यादव के घर पहुंचे और कहने लगे कि ये टेम्पो हम खरीदने वाले थे, लेकिन अब जब तुमने खरीद लिया है तो इसके लिए 100 रुपए दो। रमेश ने विरोध किया तो अपराधी ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। इसमें 2 गोली रमेश, 3 गोली वहां मौजूद एक बुजुर्ग को और एक गोली वहां से गुजर रहे युवक के पैर में लगी।’

bihar crime

SDPO हिमांशु ने भी स्वीकार किया है कि 100 रुपए के लेनदेन में हत्या हुई है ऐसा प्रारम्भिक जांच के दौरान बात सामने आयी है। डीएसपी ने कहा कि आसपास लगे सीसीटीवी के कैमरे के फुटेज को खंगाला जा रहा रहा है।इस घटना में दो की मौत हो गयी है और एक अन्य युवक घायल है।

उसका इलाज चल रहा है।’मरने वालों की पहचान रघुटोला वार्ड नंबर 34 निवासी स्व.यमुना राय के 65 वर्षीय पुत्र जनार्दन राय और दूसरा मृतक उसी मोहल्ले के निवासी रामबाबू यादव का 30 वर्षीय पुत्र रमेश यादव के रूप में हुई। रमेश के भाई कमलेश यादव ने बताया- ‘सुबह भाई घर के दरवाजे पर खड़ा था, तभी 6 हथियारबंद बदमाश आ धमके और जबरन 100 रुपए मांगने लगे।

बिहार की बेटी ने परचम लहराया कोविड महामारी के दौरान बेहतर कार्य करने के लिए गोल्ड मेडल से हुई सम्मानित

भारत तिब्बत सीमा पुलिस अकादमी,मसूरी के 44वें स्थापना दिवस पर डॉक्टर प्रिया भारती , असिस्टेंट कमांडेंट, (मेडिकल ऑफिसर), आई टी वी पी ( भारत तिबबत सीमा पुलिस) को कोविड – 19 के खतरनाक दूसरी लहर में अधिक ऊंचाई (मसूरी) पर प्रशिक्षण के बीच आपातकालीन स्थिति में रातो रात दिल्ली आकर कोरोना रोगियों की इलाज और उत्कृष्ट सेवा के लिए लगातार ( सेवा के दूसरे वर्ष में) महानिदेशक (डी जी) के द्वारा स्वर्ण पदक (गोल्ड मैडल) और प्रशस्ति पत्र को अकादमी के निर्देशक/महा निरीक्षक (आई जी) ने प्रदान किया है।

Priya Bharti

ज्ञात हो कि अपनी सेवा के पहले वर्ष में ही डॉक्टर प्रिया को कोविड रोगियों के इलाज और अपनी उत्कृष्ट सेवा के लिए रजत पदक प्राप्त हो चुका है।

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बिहार की बेटी के द्वारा लगातार इस उपलब्धि से परिवार के सदस्यों एवं रोसड़ा वासी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं तथा उज्जवल भविष्य एवं राष्ट्र सेवा के लिए शुभकामना दिया। ज्ञात हो कि डॉक्टर प्रिया भारती , सहायक सेनानी ( चिकित्सा पदाधिकारी) रोसरा के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं स्थापित समाजसेवी स्वर्गीय देवनन्दन सिंह की परपोती और डॉक्टर अमरेन्द्र कुमार सिंह की सुपुत्री है।

बिहार में बेलगाम हुए अपराधी

पटना में अपराधी किस कदर बेखौफ हो गए हैं, इसकी एक बानगी आज फिर देखने को मिली दिनदहाड़े मलाही पकड़ी जेवर लूट का मामला अभी सुलक्षा भी नहीं था कि आज अपराधियों ने कदम कुआं थाना क्षेत्र के बुद्ध मूर्ति के पास दिनदहाड़े जिम ट्रेनर को गोलियों से भून दिया है। उसे 5 गोली मारी गई है। जिम ट्रेनर का नाम विक्रम सिंह है। हालत गंभीर है।वारदात के बाद से पूरे इलाके में सनसनी मच गई।

विक्रम सिंह और उसका परिवार मूल रूप से बांका जिला का रहने वाला है। वारदात स्थल से कुछ दूरी पर ही उसका घर है। वहां किराए के मकान में परिवार रहता है। सुबह 25 वर्षीय विक्रम अपने घर से जिम जाने के लिए स्कूटी से निकला था। बुद्ध मूर्ति के पास 3 अपराधी हथियार लेकर पहले से खड़े थे।

से ही स्कूटी सवार विक्रम उनके नजदीक आया अपराधियों ने पिस्टल निकालकर बैक टू बैक गोली चलानी शुरू कर दी। गोली लगते ही विक्रम वहीं गिर गया। जबकि, अपराधी बड़े आराम से फरार हो गए।

घायल विक्रम को परिवार वाले PMCH लेकर पहुंचा जहां डॉक्टर जिम ट्रेनर की जिंदगी बचाने में जुटे हैं।दूसरी तरफ पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वारदात स्थल के आसपास लगे CCTV को खंगालने की कोशिशों में लगी है। अब तक अपराधियों की पहचान नहीं हो पाई है। वारदात के पीछे की वजह भी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

क्या नीतीश बीजेपी के हो गये।

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ब्लैक बोर्ड पर जिस अंदाज में लिख कर मोदी को बधाई दिये उसको लेकर राजनीतिक गलियारे में अपने अपने तरीके से मूल्यांकन शुरु हो गया है,
हलाकि नीतीश कुमार की यह शैली रही है कि वो अपने अंदाज में राजनीतिक संदेश छोड़ जाते हैं और इसके लिए नीतीश कुमार खुद होमवर्क करते हैं और फिर सब कुछ स्क्रिप्ट के अनुसार होता है ।

याद करिए 5 फरवरी 2017 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना के गांधी मैदान में आयोजित पुस्तक मेले के उद्घाटन के बाद पद्मश्री बौआ देवी के द्वारा बनाए कमल के फूल में रंग भरने लगे थे और उसके बाद बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया था ।इसकी मुझे पक्की जानकारी है कि यह सब पहले से तय था बौआ देवी को कमल का फूल बनाने के लिए कहा गया था और नीतीश कुमार आकर उस पर रंग भरेंगे ये पहले से तय था ।

nitishBJP

इसी तरह पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर ब्लैक बोर्ड को लगाया जाना और उस ब्लैक बोर्ड पर सीएम कुछ संदेश लिखेंगे ये सब स्क्रिप्ट पहले से तय था । 2017 में कमल के फूल पर रंग भर के जो संदेश देना चाह रहे थे इसकी वजह थी लालू प्रसाद तबादले और पोस्टिंग मामले में लगातार हस्तक्षेप कर रहे थे नीतीश इसको लेकर हमेशा असहज रहते थे इतना ही नहीं इस तरह का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था पैसा वसूली का खेल का केन्द्र बदलने लगा था।

हलाकि इस बार भी 2017 की तरह ही नीतीश कुमार सरकार चलाने को लेकर सहज नहीं है आज उनके साथ सुशील मोदी जैसा कोई वफादार साथी सरकार में नहीं है हर कोई एक दूसरे को संदेह की दृष्टि से देखता है। तबादले और पोस्टिंग को लेकर भी पहले की तुलना में नीतीश पर ज्यादा दबाव है और उससे भी बड़ी बात यह है कि नीतीश संख्या बल में बीजेपी से काफी नीचे हैं ।

तो मोदी के जन्मदिन पर दिये गये संदेश को क्या माना जाये नीतीश बीजेपी के संग हो गये ,तो फिर उपेन्द्र कुशवाहा का बिहार दौरा, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारणी में पीएम मटेरियल वाला प्रस्ताव को पास करना और फिर अंतिम क्षण में देवीलाल को लेकर आयोजित कार्यक्रम में के0सी0त्यागी के शामिल होने कि घोषणा दिल्ली में करना जहां तीरसे मोर्चें के गठन का संदेश दिया जाना तय है ।

NITISHKUMAR

उसी तरह यूपी में चुनाव लड़ने की जिद ,सीमाचल मुद्दे पर बीजेपी के मंत्री से त्यागपत्र मानना ये सब तो नीतीश कुमार के संदेश के ठीक विपरित चल रहा है बिहार की राजनीति पर विशेष नजर रखने वाले फूलेन्द्र कुमार सिंह आंसू का कहना है कि नीतीश और बीजेपी दोनों के सामने फिलहाल कोई विकल्प नहीं है बीजेपी को लेकर राजद अभी भी तैयार नहीं है ।

ऐसे में बीजेपी बिहार में अलग होने कि बात सोच भी नहीं सकता क्यों कि बिहार बीजेपी के पास नीतीश या लालू जैसा कोई लीडर नहीं है जो चुनाव जीता सके 2015 में मोदी की लोकप्रियता चरम पर थी फिर भी बिहार में औंधे मुंह गिर गये थे ऐसे में नीतीश के अलावे उसके पास कोई विकल्प ही नहीं है ।

वही नीतीश के साथ परेशानी यह है कि उनके पास संख्या बल नहीं है फिर भी उनका जो राजनैतिक संकल्प है उसके साथ पार्टी खड़ी रहे ये भी दिखना चाहिए। इसलिए आरसीपी सिंह को वो हटाये जबकि आरसीपी सिंह ललन सिंह से कही ज्यादा नीतीश कुमार के वफादार है ।

उपेन्द्र कुशवाहा का लाना और उनके सहारे अपने राजनैतिक संकल्प को बचाये रखने कि कोशिश करना, इसी तरह के0सी0त्यागी का देवीलाल को लेकर आयोजित कार्यक्रम में भेजना यह सब उसी संकल्प का हिस्सा है क्यों कि नीतीश ये समझ रहे हैं कि उनका राजनीति को लेकर जो संकल्प रहा है उसको जिंदा रखना जरुरी है क्यों कि उसी संकल्प के सहारे स्थिति जैसे ही अनुकुल होगी पाला बदल सकते हैं ।

लेकिन अभी वो स्थिति नहीं है राष्ट्रीय स्तर पर मोदी के खिलाफ उस तरह की गोलबंदी नहीं हो पायी है जैसे ही इस तरह की गोलबंदी शुरु होगी लालू दबाव में आयेंगे ही और नीतीश कुमार इसी पल का इन्तजार कर रहे हैं क्यों कि उस समय नीतीश कुमार राष्ट्रीय स्तर पर अपने राजनैतिक संकल्प के सहारे पीएम उम्मीदवार का चेहरा बन सकते हैं और लालू को बिहार की गद्दी का लालसा देकर उनका समर्थन प्राप्त कर सकते हैं ।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर भारत बांग्लादेश मुख्यमार्ग पर निर्मित टर्मिनल भवन राष्ट्र को समर्पित

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर भारत-बांग्लादेश मुख्यमार्ग पर पेट्रापोल यात्री टर्मिनल भवन-1 तथा एकीकृत जांच चौकी दोनों देशों के यात्रियों को समर्पित किया गया. इससे प्रत्येक वर्ष दोनों देशों के 3 लाख से अधिक यात्री लाभान्वित होंगे तथा दोनों देशों के बीच संबंध और प्रगाढ़ होंगे.

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानन्द राय ने कहा कि भारत-बांग्लादेश का मैत्रीपूर्ण संबंध मित्रता की महान मिसाल है. माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी इसका विशेष ख्याल रखते हैं कि इस दिशा में शेष कार्य भी शीघ्र पूरा हो और आवागमन एवं व्यापार सुगम हो सके.

अत: इस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. सबरूम डौकी, कावरपुइचा, निश्चिन्तपुर आदि में काम तेज गति से चल रहा है. भारत-बांग्लादेश के लिहाज से यह हर्ष का विषय है कि दोनों देशों के भूमि पत्तन प्राधिकरणों ने द्वितीय कार्गो गेट का शिलान्यास करके अपने संबंधों को और प्रगाढ़ किया है. वर्ष 2017 में दोनों देशों के माननीय प्रधान मंत्रियों द्वारा लैंड पोर्ट में उचित आधारभूत संरचना के निर्माण में सहयोग देने का निर्णय लिया था ।

उनकी इस मंशा को साकार करते हुए यह संयुक्त द्वार भविष्य के लिए दोनों प्राधिकरणों एवं दोनो देशों के बीच नए संपर्क का आह्वान करता है । आने वाले दिनों दोनों देशों के बीच पर्यटन और व्यापार क्षेत्र का विकास और तेज गति से होगा. आज जब भारत माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘आजादी का अमृत उत्सव’ मना रहा है तब ऐसे शुभ अवसर पर आज कार्यक्रम ख़ास महत्व वाला है और दोनों देशों के बीच मित्रता तथा सम्बन्ध गहरे करने का अवसर प्रदान करता है .

पेट्रापोल उद्घाटन कार्यक्रम में भारत के गृहराज्य मंत्री श्री निशीथ प्रमाणिक जी, बांग्लादेश के जहाजरानी राज्य मंत्री मो. खालिद महमूद चौधरी जी, सहित वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे.

IPL में एक और बिहारी को मिला एंट्री

आकाशदीप इस साल IPL के दूसरे चरण में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की तरफ से खेलेंगे। विराट कोहली की टीम में घायल खिलाड़ियों के कारण पांच परिवर्तन किए गए हैं, जिनमें चार विदेशी खिलाड़ियों के साथ एक भारतीय खिलाड़ी आकाशदीप को जगह मिली है।

आकाशदीप घायल वाशिंगटन सुंदर के स्थान पर टीम में शामिल किए गए हैं। लंबे कद, मजबूत कदकाठी के ऑलराउंडर आकाशदीप IPL-2 में भाग लेने दुबई पहुंच चुके हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, गांव और जिले के खिलाड़ियों में खुशी का माहौल है।

आकाशदीप बड्डी गांव के किसान परिवार से हैं। इनके पिता स्व. रामजी सिंह शारीरिक शिक्षक थे, जबकि माता लड्डूमा देवी गृहिणी हैं। साल 2009-10 में आकाशदीप सासाराम के न्यू स्टेडियम में क्रिकेट का प्रशिक्षण लेते थे। एक दशक पहले वो कोलकता चले गए।

वहां की कोचिंग से उन्हें फायदा मिला और वे क्लब क्रिकेट में चमके। फिर उन्हें बंगाल की टीम से रणजी ट्राफी 2018-19 में खेलने का अवसर मिला। इसके बाद IPL 2021 के प्रथम चरण में आकाशदीप को रॉयल चैलेंजर्स ने रिजर्व खिलाड़ी के रूप में चुना था, अब दूसरे चरण में घायल खिलाड़ी के चलते आकाशदीप को मुख्य टीम में स्थान मिला है। अब सबकी नजरें इनके प्रदर्शन पर हैं। अभी RCB सात मैचों में 10 अंक के साथ अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है।

भगवान विश्वकर्मा के रूप में दिखे मोदी

बिहार में आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन अलग अलग अंदाज में मनाया गया है लेकिन जो BJP विधायक हरिभूषण बचौल ने जिस अंदाज में जन्मदिन की बधाई दी है वह खुब चर्चा में है ।

मधुबनी के विस्फी से विधायक बचौल मोदी का चेहरा भगवान ‌विश्वकर्मा की तस्वीर में लगाकर उन्हें अगरबत्ती दिखाते दिखे। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन है और विश्वकर्मा जी का। उन्होंने इन दोनों अवसरों को एक साथ जोड़ दिया है।

बिस्फी स्थित अपने आवास पर उन्होंने तस्वीर को लगाकर फल, प्रसाद और फूल के साथ विधिवत पूजा की है। अगरबत्ती दिखाते हुए बचौल, मोदी शरणम् गच्छामि और मोदी नाम केवलम् का भी जाप कर रहे हैं।

सेंसेक्स, निफ्टी ताजा लाइफटाइम हाई से गिरे; सेंसेक्स 59,016 पर, निफ्टी 17,585 पर बंद हुए।

हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को बाजार में ऊपरी स्तर से जमकर मुनाफा वसूली देखने को मिली। शेयर बाजार के बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 मुनाफावसूली के बीच लाल निशान में बंद हुए। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को सकारात्मक खुले, बाद में दोपहर के सत्र में सकारात्मक इलाके से अंदर और बाहर कारोबार किया।

बीएसई सेंसेक्स 125.27 अंक की गिरावट के साथ 59,016 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 44 अंक की गिरावट के साथ 17,585 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (17.09.21) एक नजर में

सेक्टरों में, बैंक निफ्टी 37,800 के ऊपर बंद हुआ, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.3 फीसदी के ऊपर बंद हुआ।बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.14 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.06 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ । निफ्टी पीएसयू बैंक में 3 प्रतिशत की गिरावट आई, धातु और रियल्टी सूचकांकों में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। वहीं निफ्टी मीडिया एक फीसदी चढ़ा। बैंक और वित्तीय सेवा सूचकांक आधा फीसदी तक चढ़ा। बीएसई टेलीकॉम बीएसई पर शीर्ष पर रहा, जबकि बीएसई मेटल शीर्ष पर रहा, जिसका शेयर 2.49 प्रतिशत गिर गया।

आज के कारोबारी सत्र में कोटक बैंक 5.63 फीसदी, एचडीएफसी 1,61 फीसदी, एयरटेल 1,57 फीसदी की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा। टाटा स्टील, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल), आरआईएल सेंसेक्स के शीर्ष ड्रैगर्स में से थे। इसके विपरीत, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, आईटीसी शेयरों ने नुकसान को सीमित कर दिया।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 12 शेयर्स बढ़त के साथ और 18 शेयर्स लाल निशान में बंद हुए। बीएसई पर कारोबार के दौरान 234 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 21 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

हिन्दू मुस्लिम सियासत के सहारे यूपी साधने की सियासत शुरु

ओवैसी इसी मंगलवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में दम है तो वह तालिबान को आतंकी घोषित करें..
बिहार में चोर दरवाजे से NRC लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार के पदाधिकारी विशेष क्षेत्रोंं को चिह्नित कर फरमान जारी कर रहे हैं।

कोई वजह नहीं ,कोई अवसर नहीं अचानक ओवैसी साहब बिहार आते हैं और सीमांचल में हो रहे घुसपैठ मामले में बीजेपी और जदयू पर निशाने साधते हुए निकल जाते हैं ।और उसके बाद बयान का जो सिललिसा बीजेपी की और से शुरु हुआ है वो थमने का नाम नहीं ले रहा है हलाकि पहले जैसा माहौल नहीं बन पा रहा है लेकिन माहौल बनाने कि कोशिश पूरी चल रही है।

इतना ही नहीं अचानक मीडिया भी इस खेल को आगे बढ़ाने में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर गया है कई मीडिया हाउस ने तो अपनी एक एक टीम सीमांचल से घुसपैठ को लेकर रिपोर्टिंग करने के भेज दिया है ।हलाकि जदयू के मुस्लिम विधायक इस मामले में लाग लपेट के बजाय सीधा हमला शुरु कर दिया है विधान परिषद सदस्य खालिद अनवर ने कहा कि मंत्री रामसूरत राय उत्तर प्रदेश का चुनाव जीतने के लिए बिहार में इस तरीका का बयान दे रहे हैं,मंत्री है उनको अहसज लग रहा है तो पद छोड़ देना चाहिए। कुछ ऐसा ही बयान जदयू विधान परिषद गुलाम रसूल बलियावी का भी रहा है।

हलाकि यूपी विधानसभा 2017 के चुनाव से पहले की क्रोनोलॉजी पर गौर करिए तो इसी तरह का माहौल बनाने कि कोशिश चुनाव के छह माह पहले शुरु हो गया था उस बार रेल हादसे में आईएसआई का हाथ है यह खबर भी बिहार से ही ब्रेक हुआ था और उसको लेकर यूपी के वोटिंग ट्रेंड पर बड़ा असर पड़ा था ।

इस बार भी बिहार से ही सियासी पृष्टभूमि तैयार कि जा रही है ऐसा दिख रहा है ।2017 के यूपी चुनाव से ठीक पहले दो बड़ा ट्रेन हादसा हुआ था और उस हादसे का आतंकी घटना से तार जोड़ने को लेकर बड़ी बड़ी बाते हुई थी लेकिन बाद में सारी बाते गलत साबित हुआ।

इस बार भी अचानक दरभंगा मॉड्यूल की चर्चा शुरु हो गयी है यूपी से कई लोग गिरफ्तार भी हुए हैं, जिन पर दरभंगा आ रही ट्रेन को उड़ाने की साजिश रचने का आरोप है। हलाकि एनआईए शुरुआती दौर में जिस तरीके से सक्रिय था वो अब सक्रियता नहीं दिख रही है। इसी तरह तीन चार दिन पहले दिल्ली पुलिस ने भी एक बड़ा खुलासा किया है मतलब कही ना कही यूपी चुनाव से पहले किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में लोग लगे हुए हैं।

यह संयोग नहीं हो सकता है कही ना कही यह सब साजिश का हिस्सा है ऐसा नेताओं के बयान से साफ दिख रहा है ।ऐसे में हमारी जो सुरक्षा एजेंसियों
को सक्रिय हो जाना चाहिए क्यों कि सियासी फायदे के लिए सियासत दान अब किसी को भी दाव पर लगाने में एक मिनट नहीं सोचते हैं ।

कोरोना फैलाने वाले नायक कहा छुपा है मौलाना साद जिसको दिल्ली पुलिस और हमारी एजेंसी अभी तक पकड़ नहीं पायी है ।ऐसे कई उदाहरण है जिसके सहारे हमारे सियासत दान ध्यान भटकाने के लिए इस्तमाल करते आ रहे हैं।

किसान आन्दोलन के समर्थन में उतरे बिहार के किसान संगठन

27 सितम्बर को अभुतपुर्व भारत बंद को सफल बनाने के लिए केदार भवन पटना में आज एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया गया , सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि देश में तमाम विकासों के बावजूद आज भी भारत मूल रूप से कृषि प्रधान देश है, कृषि सिर्फ हमारी पेशा या धंधा ही नहीं है, बल्कि वह हमारी तहजीब है, हमारी सभ्यता और संस्कृति है, भाषा और सामाजिक संबंधों के सारे रिश्ते नाते , बोल -चाल, सारे धार्मिक अनुष्ठान,पूजा- पाठ, पर्व -त्यौहार ,सब कुछ कृषि आधारित हैं ,किसान इस देश की बुनियाद है, कृषि एवं किसानों -मजदूरों के मेहनत से मुल्क का सारा विकास हुआ है, हमारी रगों में जो गर्म खून दौड़ता है, उस खून के हर कतरे पर किसानों का हक है, इसलिए हमारा ओरिजिनल कल्चर है, एग्रीकल्चर, मोदी जी किसान विरोधी तीनों काले कानूनों के जरिए देश पर कॉरपोरेट कल्चर थोपना चाहते हैं, कॉर्पोरेट में एक बाजार होता है और बाजार में धोखाधड़ी, दलाली, फरेब, प्रपंच, झूठे वादे, गला काटु प्रतिद्वन्दिता के अलावे ठगने और बेईमानी की संस्कृति होती है ,इसके विपरीत कृषि में खून -पसीने की कमाई की संस्कृति होती है, इसलिए मोदी जी ने जन विरोधी कानूनों के जरिये खून पसीने की कमाई की संस्कृति के बदले दलाल संस्कृति हम पर थोपना चाहते हैं, हमारी तहजीब, सभ्यता एवं संस्कृति को मिटाना चाहते हैं, इसलिए हर तरफ वे झूठे सपने दिखा रहे हैं, फिरका परस्ती आज देश की शान बन गई है, खून पसीने की संस्कृति और दलाल संस्कृत के बीच सीधा लड़ाई छिड़ गई है, आज मजदूरों के खिलाफ कॉर्पोरेट पक्षी चार श्रम कोड जो श्रमिकों को कॉर्पोरेट का गुलाम बनाने के लिए मोदी जी ने लाया है ,उसे सरकार समाप्त करें, ब्रिटिश हुकूमत से लड़कर जो अधिकार मजदूरों ने हासिल किया, उसे अंग्रेज बन कर यदि मोदी जी हमसे छीनना चाहतें हैं तो हम भगत सिंह बनकर उसे पुनः हासिल करेंगे, सिंघू बॉर्डर दिल्ली कन्वेंशन एंव मुजफ्फरनगर के किसान महापंचायत से किसान, मजदूर, छात्र ,नौजवान एवं महिला संगठन के अलावे शिक्षक, प्रोफेसर, डाक्टर, वकील, लेखक,एंव कलाकार ने एकजुट होकर जो 27 सितम्बर को ऐतिहासिक भारत बंद का आह्वान किया है, उसे बिहार में शानदार ढंग से सफल बनाने के लिए आज केदार भवन पटना में सभी किसान संगठनों, सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ,खेत मजदूर यूनियन , महिला समाज,छात्र ,

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नौजवान ,शिक्षक,कर्मचारी,प्रोफ़ेसर, वकील ,लेखक ,कवि एवं कलाकार आदि संगठनों का संयुक्त सम्मेलन सम्पन्न हुई,जिसकी अध्यक्षता बिहार एटक के उप महा सचिव गजनफर नवाव, किसान महा सभा के राज्य सचिव रामाधार सिंह एवं जन मुक्ति संघर्ष बाहिणी के अशोक प्रियदर्शी ने की, सम्मेलन में आगे की कार्य योजना बिहार राज्य किसान सभा के महा सचिव अशोक प्रसाद सिंह ने पेश की, बिहार राज्य किसान सभा जमाल रोड के जिला सचिव सोने लाल प्रसाद, राष्ट्रीय किसान मंच के वी. वी. सिंह, एन. ए. पी. एम के आशीष रंजन, ए.आई. के. के. एम. एस के एम. के. पाठक, नेशन फॉर फार्मस के गोपाल कृष्ण, मेगा औद्योगिक पार्क प्रभावित किसान मोर्चा के अनिश अंकुर,अग्रगामी किसान सभा के रवींद्र लाल कर्ण, बिहार एटक के अध्यक्ष अजय कुमार, ऐक्टु के रण विजय कुमार एवं जितेंद्र कुमार , यू टी यू सी के सूर्यकर जीतेंद्र, आई. एफ. टी. यू. सर्वहारा के सौजन्य, बिहार राज्य खेत मजदूर युनियन के अर्जुन राम, किसान नेता भूषण कुमार पान्डे, राजेन्द्र पटेल, सिपाही यादव, वशिष्ठ शर्मा, गोपाल शर्मा आदि ने अपना विचार व्यक्त किये, सम्मेलन ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि 27 सितंबर को भारत बंद को बिहार में सफल बनाने के लिए सभी संगठन मिलकर एकजुट होकर लड़ाई के मैदान में उतरेंगे, इसके लिए अपने -अपने जिला संगठनों को आंदोलन में उतरने एवं व्यापक गोलबंदी के लिए संगठनों को निर्देश देंगे, इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर एकजुट कार्रवाई सब लोग मिलकर करेंगे तथा 23 सितंबर को सभी स्तरों पर साइकिल , मोटरसाइकिल जुलूस निकालकर 27 सितंबर के भारत बंद के संदेश को घर-घर तक पहुंचेंगे तथा 25 सितंबर को मशाल जुलूस निकालेंगे, पटना में 26 सितम्बर को शाम 6.30 बजे जी. पी. ओ. गोलम्बर से मशाल जुलुस निकालेंगे, जो पटना स्टेशन होते हुए बुद्ध स्मृति पार्क पर समाप्त होगा,इस बीच 23 से 25 सितंबर तक पटना शहर में बड़े पैमाने पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएगी और 27 सितंबर को ऐतिहासिक भारत बंद को सफल बनाया जाएगा,

सेंसेक्स और निफ्टी ने रचा इतिहास; पहली बार सेंसेक्स 59,200 और निफ्टी 17,600 के पार पहुंचा।

गुरुवार को एफएंडओ एक्सपायरी पर सूचकांक रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स 418 अंक उछलकर पहली बार 59,100 अंक से ऊपर 59,141 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 इंडेक्स 110.5 अंक की बढ़त के साथ 17,629.50 पर बंद हुआ ।

सेंसेक्स चार्ट (16.09.21) एक नजर में

गुरुवार को बेंचमार्क सूचकांकों को उच्च स्तर पर धकेलते हुए, बाजार के बैल ने तीसरे सीधे सत्र के लिए पार्टी करना जारी रखा। बेंचमार्क पर बढ़त में आरआईएल, आईटीसी और बैंक शेयरों ने योगदान दिया, जबकि धातु और आईटी नाम सुस्त रहे ।

इंडसइंड बैंक और आईटीसी के शेयर 7 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाले थे, इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल), कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज-ऑटो, एचडीएफसी बैंक का स्थान रहा। वहीं दूसरी तरफ टीसीएस के शेयर में सबसे ज्यादा गिरावट आई। टेक महिंद्रा,
टाटा स्टील, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, डॉ रेड्डीज लैब, इंफोसिस, टाइटन कंपनी जैसे स्टॉक सेंसेक्स में शीर्ष पर रहे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस वार्ता से पहले निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 5.43 फीसदी चढ़ा।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.48 फीसदी और बीएसई स्मॉलकैप 0.08 फीसदी चढ़ा। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स ने एक तारकीय प्रदर्शन किया क्योंकि यह उम्मीद के बीच 5 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया कि सीतारमण आज बाद में एक प्रेस वार्ता में एक खराब बैंक स्थापित करने के प्रस्ताव के बारे में घोषणाएं करेंगी। निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी बैंक अन्य शीर्ष लाभार्थियों में क्रमशः 3 प्रतिशत और 2 प्रतिशत ऊपर थे। निफ्टी मीडिया, मेटल और आईटी में ही गिरावट रही।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 14 शेयर्स बढ़त के साथ और 16 शेयर्स लाल निशान में बंद हुए। बीएसई पर कारोबार के दौरान 286 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 15 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

बिहार में शराबबंदी पूरी तरह है फेल पहले से ज्यादा शराब बिकती है बिहार में –मांझी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी की अपनी एक अलग शैली है एक ही समय दो तरह के बायन देते हैं। नई दिल्‍ली में भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद जीतनराम मांझी ने एक और जहां नीतीश की शराब नीति की जमकर आलोचना की वहीं यूपी में चुनाव लड़ने के मसले पर जदयू के साथ खड़े होने कि भी बात कर रहे हैं हलाकि मांझी की इसी शैली की वजह से इनके बयान को राजनैतिक समीक्षक कभी गंभीरता से नहीं लेते हैं

नीतीश कुमार का शराबबंदी पूरी तरह फैल है

नई दिल्‍ली में भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद मांझी ने कहा कि शराबबंदी से पहले बिहार में जितनी शराब बिकती थी, अब उससे दोगुनी ज्‍यादा बिकने लगी है। ऐसे में इस कानून की समीक्षा की जरूरत है। क्‍योंकि कानून का डंडा जिनपर चलता है, उनमें से तीन चौथाई लोग गरीब तबके के होते हैं। यूं कहें कि गरीब ही ज्‍यादा कार्रवाई की जद में आते हैं।

जदयू सीट नहीं देगा तो नहीं लड़ेंगे यूपी में चुनाव पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा कि उत्‍तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में जदयू और भाजपा का गठबंधन हो जाता है तो वे भी साथ में लड़ना चाहेंगे। लेकिन यदि दोनों पार्टियां अलग-अलग लड़ती हैं तो वे जदयू के साथ चुनाव लड़ेंगे। सीमावर्ती इलाके में जहां, हमारा वर्चस्‍व है, उन सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रयास करेंगे। मांझी ने यह भी कहा कि यदि जदयू सीट नहीं देगा तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे।

साकेत भूषण के सहारे पटना पुलिस की घेराबंदी शुरु रुपेश हत्याकांड में गिरफ्तारी सूटर का है रिश्तेदार है साकेत

पटना हाई कोर्ट ने चर्चित रुपेश हत्या कांड में रश्मि कुमारी के ममेरे देवर साकेत भूषण को पेश करने के लिए दायर याचिका पर राज्य सरकार को तीन सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया।।जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने रश्मि कुमारी की याचिका पर सुनवाई की।

कोर्ट को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया गया कि साकेत भूषण को पुलिस ने 30 जनवरी,2021को कस्टडी में ले लिया।उसे उस दिन सगुना मोड़ के पास पल्सर बाइक के साथ साढ़े आठ बजे रात को टायर मॉल के पास कस्टडी में पुलिस लिया।

2 फरवरी, 2021 को ए सी जे एम,पटना सिटी के समक्ष साकेत भूषण को प्रस्तुत करने के लिए एक याचिका दायर की गई।3 फरवरी, 2021 को साढ़े ग्यारह बजे दिन में साकेत भूषण को पटना के इनकम टैक्स गोलम्बर पर पुलिस ने छोड़ा। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने पुलिस पर यह आरोप लगाया गया कि साकेत भूषण को पीटा गया और उत्पीडित किया गया।पल्सर बाइक को अब तक नहीं छोड़ा गया है।

पुलिस द्वारा कस्टडी में तीन दिन से अधिक अनाधिकृत रूप से रखने,उत्पीड़न,अपमान और भारतीय संविधान की धारा ,21 के उल्लंघन व मानवाधिकार के उल्लंघन पर पांच लाख रुपये के क्षतिपूर्ति की माँग की गई हैं।साकेत भूषण के पत्नी की उपस्थिति में ऋतू राज को प्रताडित किया गया।इस मामलें पर अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद की जाएगी।

दूबे बाबा बड़ा छुपा रुस्तम निकले

साहब तो बड़ा छुपा रुस्तम निकले जी हैं हम बात कर रहे हैं आरा के पूर्व एसपी राकेश कुमार दूबे की जिन्हें बालू माफिया के साथ सांठगांठ के आरोप में राज्य सरकार ने 4 जुलाई को सस्पेंड कर दिया था।आज सुबह से इनके चार ठिकाने पर छापामारी चल रही है।पटना के बोरिंग रोड में एसके पुरी थाना के तहत गांधी पार्क इलाके में हाउस नम्बर 119 ही IPS राकेश कुमार दुबे का घर है। EOU की एक टीम इस घर को सर्च कर रही है, जबकि दूसरी टीम पटना में ही जलालपुर सिटी के अभियंता नगर स्थित सुदामा पैलेस अपार्टमेंट के फ्लैट नम्बर 204 को खंगाल रही है। वहीं, तीसरी और चौथी टीम झारखंड के जसीडीह में होटल सचिन रेजिडेंसी और सिमरिया गांव स्थित पुश्तैनी घर को खंगाल रही है।

हलाकि आर्थिक अपराध शाखा राकेश कुमार दूबे पर कारवाई करने में दो माह का वक्त लगा दिया और यह वक्त काफी है नजायज तरीके से कमाये पैसे को छुपाने के लिए ।

फिर भी जसीडीह (झारखंड)के जिस सचिन रेजिडेंसी होटल में छापामारी चल रहा है वो होटल तीन चार वर्ष पूर्व ही बन कर तैयार हुआ है और इस होटल की गणना 3 स्टार होटल के रुप में होती है हलाकि जिस जमीन पर होटल बना है वो इनके परिवार का ही जमीन है लेकिन होटल बनाने में जो राशी खर्च हुए हैं उसका हिसाब देना मुश्किल है फिर भी अभी तक आर्थिक अपराध शाखा को बहुत कुछ हाथ नहीं लगा है ।

बिहार के बच्चों के बैंक खाते में आया 900 सौ करोड़

उदारीकरण के दौर में सबसे ज्यादा भरोसा किसी एक संस्थान ने तोड़ा है तो वह है बैंक।
बैंक से जुड़े आम खाताधारी लूट रहे हैं और बड़े कारोबारी मालामाल हो रहा है नोटबंदी के समय आम खाताधारी अपनी गाढ़ी कमाई जमा करने के लिए किस तरह परेशान रहा उम्मीद है आप सबों को याद होगा शहर के किसी बड़े लोगों को लाइन में लगे देखा क्या नहीं ना उनके सारे नजायज पैसे बैंक में जमा हो गया ।

इसकी वजह क्या है आज भी बैंक भ्रष्ट कमाई करने वाले और साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों के साथ खड़ा है जी है 2020 में जब मेरे साथ साइबर क्राइम हुआ तो मुझे ज्ञात हुआ कि मेरे खाते से कोलकाता ,बेंगलुरु, मुबंई ,चैन्नई और फिर दिल्ली स्थिति विभिन्न बैंक के खाते में पैसा ट्रांसफर दिल्ली के एक खाते को छोड़ दे तो जिन 20 से अधिक खाते में मेरा पैसा गया था उसमें से एक भी खाता आधार से लिंक नहीं था जिस व्यक्ति के नाम पर खाता था उसे पता भी नहीं था कि उसके नाम पर कोलकाता में खाता है मजे की बात यह है कि जिस व्यक्ति के खाते में मेरा पैसा गया वो खाताधारी बंगाल का भी नहीं था फिर उसका बैंक में खाता कैसे खुल गया सारा खाता आंन लाइन खुला था लेकिन उसमें भी नियम है कि शाखा एक बार आपको आना है। किसी भी खाते का केवाईसी नहीं कराया गया था फिर भी बैंक इसके लिए जिम्मेवार नहीं है ।

अभी हाल में हाजीपुर और शेरघाटी गया से खबर आयी कि ग्रामीण बैंक से जुड़े जो सैकड़ों खाताधारी के खाते से पैसा गायब है ,मुजफ्फरपुर में एक प्रोफेसर और एक डां के खाते से करोड़ से अधिक राशी निकल गया आज कटिहार से खबर आयी है कि वहां एक स्कूली बच्चे के खाते में 60 करोड़ और दूसरे बच्चे के खाते में 900करोड़ रुपया जमा हुआ है ।बिहार में स्कूली छात्र-छात्राओं को पोशाक योजना का लाभ लेने के लिए छात्र गुरुचंद्र विश्वास और असित कुमार का बैंक खाता उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक भेलागंज शाखा है पैसा आया कि नहीं यह जानने जब ये दोनों छात्र सीएसपी सेंटर पहुंचे। तो पता चला कि उसके खातों में तो करोड़ों रुपए जमा हैं। छात्र गुरुचन्द्र विश्वास के खाता – 1008151030208081 में 60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है। जबकि असित कुमार के खाता- 1008151030208001 में 900 करोड़ से ज्यादा की राशि जमा है। दोनों खाता उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक भेलागंज शाखा का है।इस संबंध में शाखा प्रबंधक मनोज गुप्ता ने कहा कि दोनों बच्चों के खाते से भुगतान पर रोक लगा दी गई है। ठीक रोक लगा दिए लेकिन इन दोनों के खाते में कई माह पहले ये राशी आयी है लेकिन ना तो आईटी विभाग ना ही बैंक इस पर संज्ञान लिया ।

इसका क्या मतलब है या तो पूरी बैंकिंग व्यवस्था चौपट हो गयी है या फिर यह सब कुछ बैंक के संज्ञान में चल रहा है क्यों कि इस तरह के मामले में आप आरबीआई या फिर बैंक लोकपाल को शिकायत करेंगे तो हाल ये है कि यह संस्था भी उपभोगता के साथ नहीं बैंककर्मी के साथ ही खड़ा रहता है ।

मुजफ्फरपुर में फिर गरजा ऑटोमेटिक आर्म्स एक की हुई मौत दो गंभीर रुप से हुआ है घायल।

मुजफ्फरपुर एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। घटना सरैया थाना क्षेत्र के अम्बारा रेवा गांव की है। जहां दो गैंग के बीच जमकर गोलीबारी हुई जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृत युवक की पहचान स्थानीय प्रणव कुमार (30) के रूप में हुई है। घायलों में बेगूसराय का केशव और जहानाबाद का राकेश कुमार है। दोनों का इलाज SKMCH में चल रहा है जहां स्थिति गम्भीर बनी हुई है जिले के पुलिस कप्तान का कहना है कि मामला नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने से जुड़ा हुआ है फिलहाल पुलिस सभी बिन्दुओं पर जांच कर रही है ।

गांव और प्रदेश को लेकर रामविलास जी ने जो सपना देखा था उस सपने को पूरा करने का संक्लप लेता हूं

लोजपा प्रमुख चिराग पासवान आज अपने पैतृक गांव खगड़िया के शहरबन्नी पहुंचे।जंहा उन्होंने रामविसाल पासवान के बरसी के मौके पर आयोजित श्रद्धाजंलि सभा में भाग लिए इस मौके पर बड़ी संख्या में रामविलास पासवान को चाहने वाले लोग मौजूद थे इस दौरान चिराग अपने बड़ी माँ से भी मुलाकात की इस दौरान दोनों मां बेटा एक दूसरे को गला लगाकर रोते रहा ।

इस मौके पर चिराग एक बार फिर नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखा है।जिसमे उनके दिवंगत पिता को भरत रत्न देने की अनुशंसा करने, पिता के जयंती दिवस पर राजकीय अवकाश घोषित करने और आदमकद प्रतिमा स्थापित करने के लिए जिला स्तर पर जमीन उपलब्ध कराने की राज्य सरकार से मांग किये हैं पता नहीं कब इस मांग पर नीतीश जी फैसला लेते हैं ।

साथ ही उन्होने कहा कि पिता जी का जो अधूरा सपना अपने गांव और प्रदेश के लिए है।उसको पूरा करने का आज संकल्प लिए हैं।

महज सौ रुपये के कारण ले लिया जान

ये बिहार है जहां पान खाने वालो से पैसा मांगने पर गोली मार दी जाती है, ये बिहार है भाई जहां सिगरेट पीने से मना करने पर चाकू से गोद करके हत्या कर दिया जाता है, यह बिहार है भाई जहां बाप बेटी से छेड़खानी करने का विरोध करता है तो उसको पूरे परिवार के सामने पीट पीट कर अधमरा कर देता है।

इसी तरह आज बिहार के मुजफ्फरपुर में शराब पीने के दौरान मात्र सौ रुपए बकाया के विवाद में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान 40 वर्षीय बाखन पासवान के रूप में हुई है। घटना साहेबगंज थाना इलाके के बलथी नरहर गांव की है।

बाखन पासवान की हत्या का आरोप ग्रामीण शत्रुघ्न राम पर लगाया जा रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी के घर पर पहुंची पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है। मृतक बाखन पासवान की पत्नी रीना देवी ने बताया कि गांव का शत्रुघन राम और उसका भाई विजय राम शराब का धंधा करता है।

वह अपने ही घर में देसी शराब बनाता है। और घर के अंदर नशेरियों को पिलाता है । शत्रुघ्न और विजय आसपास के कई दुकानों में शराब बनाकर पहुंचाता है। बाखन पासवान आदतन शराबी था और और वह शत्रुघन राम के घर पर जाकर शराब पीता था। शराब पीने का एक सौ रुपया बाखन पासवान पर बकाया था।

बुधवार की सुबह शत्रुघन राम अपने भाई विजय राम और पत्नी सरिता देवी के साथ उसके घर पर पहुंचा और बकाया रुपए की मांग करने लगा। माखन ने उसे तत्काल पैसे देने से यह कहकर इंकार क दिया कि अभी रुपए नहीं है बाद में दे दूंगा। लेकिन शत्रुघन राम मानने को तैयार नहीं हुआ।

दोनों के बीच वाद विवाद हुआ तो विजय राम और शत्रुघ्न राम उसे घर से खींच कर बाहर ले गया । दोनों ने उसे जमीन पर पटक कर गला दबा दिया। इस बीच शत्रुघ्न राम की पत्नी जलावन के चईला से बाखन की पिटाई करने लगी। बीमार रीना देवी बचाने के लिए गुहार लगाती रही लेकिन उन लोगों ने नहीं छोड़ा। माखन जब अधमरा हो गया तो वह सब छोड़ कर चले गए। थोड़ी देर बाद बाखन की मौत हो गई।

सूचना मिलने पर साहेबगंज थाना पुलिस बलथी पहुंची। लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना अध्यक्ष अनूप कुमार ने बताया है कि आरोपी के घर की तलाशी ली जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापामारी कर रही है।

सड़क दुर्घटना मामले में अब पीड़ित परिवार को मिलेगा मुआवजा

सड़क दुर्घटना में बिहार देश के सबसे अधिक मौत वाले राज्यों की सूची में शामिल है यहां रोजाना कही ना कही सड़क दुर्घटना होती रहती है इसको देखते हुए राज्य सरकार ने सड़क हादसे में मरने वालों के आश्रितों व घायलों को 15 सितंबर से मुआवजा देगी. मृतकों के आश्रितों को तत्काल पांच लाख और गंभीर रूप से घायल को 50 हजार रुपये मिलेंगे.इस संबंध में परिवहन विभाग ने मंगलवार को सभी डीटीओ के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिये. विभाग के अनुसार, नयी व्यवस्था के तहत मुआवजा राशि के भुगतान के लिए मुख्यालय स्तर पर बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि का गठन किया गया है.

एसडीओ होंगे दुर्घटना दावा जांच पदाधिकारी राज्य के सभी एसडीओ दुर्घटना दावा जांच पदाधिकारी, जबकि जिला पदाधिकारी दावा मूल्यांकन पदाधिकारी होंगे. बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि से जिला परिवहन पदाधिकारी को आवंटन उपलब्ध कराया जायेगा. संबंधित डीएम इस मद से वास्तविक देनदारों को मुआवजा का भुगतान करेंगे. इसके बाद बीमा कंपनी से राशि की प्रतिपूर्ति की जायेगी.

50 करोड़ रुपये बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि के रूप में रहेंगे सड़क हादसे में मुआवजे के लिए सड़क सुरक्षा निधि से 50 करोड़ रुपये की राशि बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि के रूप में रहेगी. अंतरिम मुआवजा राशि की प्रतिपूर्ति वाहन की बीमा कंपनी द्वारा बीमा दावे के रूप में देय राशि से की जायेगी.

बीमारहित वाहनों की स्थिति में मुआवजा राशि का समायोजन वाहन स्वामी से किया जायेगा. दावा न्यायाधिकरण के निर्णय के बाद 30 दिनों के अंदर वाहन मालिक को तय मुआवजा राशि देनी होगी. ऐसा नहीं करने पर जिला पदाधिकारी वाहन का अधिग्रहण कर नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर देंगे.

सेंसेक्स, निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद; टेलीकॉम, आईटी, पावर स्टॉक में तेजी।

साप्ताहिक एफएंडओ एक्सपायरी से एक दिन पहले बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 बुधवार को नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बंद हुए। सेंसेक्स ने 58585.97 के सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स ने 17,476.25 के नए रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ।

सेंसेक्स चार्ट (15.09.21) एक नजर में

सेंसेक्स में शीर्ष पर रहने वालों में टाइटन, भारती एयरटेल, बजाज-ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंफोसिस, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल), हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (एचडीएफसी) शामिल हैं। एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) बीएसई सेंसेक्स में शीर्ष पर थे।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने भी इंट्राडे ट्रेड में अपनी ताजा रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ। बीएसई टेलीकॉम, आईटी, पावर, यूटिलिटीज इंडेक्स ने स्वस्थ लाभ दर्ज किया। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जबकि निफ्टी मीडिया ने पिछले दिन की रैली को आगे बढ़ाते हुए 4 फीसदी की और बढ़त दर्ज की।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 21 शेयर बढ़त के साथ और 9 शेयर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे ।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

निफ्टी के टॉप गेनर और लूजर

पंचायत चुनाव में शुरु हुआ खेला चुनाव से पहले ही 900 से अधिक प्रत्याशी हुए निर्वाचित

बिहार पंचायत चुनाव में इस बार भी पंच पद को लेकर लोगों ने दिलचस्पी नहीं दिखायी है प्रथम चरण के चुनाव में 2233 पंच पद पर चुनाव होना था उसमें 830 पंच निर्विरोध निवार्चित घोषित कर दिये गये क्यों कि इनके खिलाफ एक भी प्रत्याशी नामंकन नहीं भरा ।वही पंच के 71 पदों पर कोई नामंकन ही नहीं हुआ है जिस वजह से यह पद रिक्त रह गया। हलाकि वार्ड सदस्य को हर घर जल नल योजना की जिम्मेवारी मिलने का असर इस बार देखने को मिल रहा है फिर भी 2233 पदों में से 26 पदों पर दूसरे प्रत्याशी के खड़े नहीं होने के कारण 26 वार्ड सदस्य चुनाव से पहले ही निर्वाचित घोषित कर दिये गये ।वही एक पद पर कोई नामंकन ही नहीं हुआ इसी तरह पंचायत समिति सदस्य में एक और जिला परिषद सीट पर एक उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये हैं

प्रथम चरण में 10 जिलों के 12 प्रखंडो में मतदान 24 सितंबर को होना है। यहां वोटों की गिनती 26-27 सितंबर को होनी है। निर्वाचन आयोग ने जो डेटा जारी किया है, उसके मुताबिक गिनती के पहले ऐसे पद जिस पर सिंगल नॉमिनेशन आया, उन्हें विजयी घोषित किया गया है।

बिहार के बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बिहार के राजनीतिज्ञ जिम्मेवार है ।

‘तमाशबीन हूं मैं ”

बिहार की शिक्षा व्यवस्था में कितनी गिरावट आई है इसको महसूस करना हो तो आप बिहार के मेडिकल कांलेज से जुड़े प्रोफेसर और छात्र से बात करिए।ये कोई 2005 का वाकिया है उस समय मैं दरभंगा से ईटीवी के लिए काम करता था एक दिन सुबह सुबह एक फोन आया ईटीवी से बोल रहे हैं मैं डीएमसीएच(दरभंगा मेडिकल कांलेज)से बोल रहा हूं।

आपके लिए एक बड़ी खबर है डीएमसीएच परिसर में जो परीक्षा भवन है ना उसमें परीक्षा हो रही है और उस परीक्षा में जमकर चोरी चल रहा है ।

दस बजे से परीक्षा शुरु हो रही है ।फोन रखते ही मैंने दरभंगा के एसपी सुनील कुमार झा जो अभी एडीजी निगरानी है उनको फोन किये सर ऐसी सूचना है लेकिन डीएमसीएच का छात्र बड़ा कमीना है सोच लीजिए ।एसपी साहब तुरंत डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम गठित कर दिये और डीएसपी को कह दिए कि संतोष जी को भी साथ ले लीजिएगा ।

पुलिस की पूरी टीम 10.30 में डीएमसीएच के परीक्षा हांल में प्रवेश कर गया तलाशी शुरु हुआ कही कुछ नहीं मिला डीएसपी मेरी और देख रहे थे और मैं नजर चुरा रहा था।

हम लोग जैसे ही बाहर निकले तभी मेरे मोबाइल की घंटी बजा उठाते ही बोला नहीं पकड़ाया सबके सब मोबाइल कान में लगाये हुए है ठीक से चेक करवाईए मुझे गुस्सा आ गया छोड़िए कुछ नहीं है ।तभी वो बोला एक मिनट सुनिए कैसे चोरी करवा रहा है मोबाइल पर साफ आवाज आ रहा था कोई उत्तर लिखा रहा है ।

मैं भागते हुए डीएसपी के पास गये सर देखिए कैसे चोरी हो रहा है सुनने के बाद फिर पुलिस की पूरी टीम परीक्षा भवन में प्रवेश किया एक के सर्ट का काँलर चेक किया सबके सब हैरान कर गये उस हांल में 40 छात्र चोरी करते पकड़े गये जो मोबाइल के सहारे कान में वाइफाइ वाला ईपी लगाकर चोरी कर रहा था ।

हलाकि बाद में बड़ी हंगामा हुआ और सभी गिरफ्तार छात्रों को डीएमसीएच के छात्र जबरन थाने से उठा कर ले गये ।कई पत्रकार को बूरी तरह से पीटा फिर भी खबर इस तरीके से चला कि विश्वविधालय प्रशासन को कारवाई करनी पड़ी साथ ही डीएमसीएच में जो सेंटर होता था उसको समाप्त कर दिया ।पता नहीं अभी क्या स्थिति है लेकिन यह सर्वविदित है कि हर परीक्षा में प्रश्न पत्र बिकता है अब तो हाल यह है कि बच्चे कांलेज जाते भी नहीं है बस गुगल के सहारे डिग्री ले रहे हैं ।

आज भी कोई भी ऐसा बैच नहीं आता है जिसमें सॉल्वर गैंग के द्वारा पास कराये गये छात्र नहीं होते हैं ।अभी जो हंगामा चल रहा है वो क्या है अब राज्य के सभी मेडिकल कांलेज आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविधालय पटना के अधीन आ गया है अभी यहां उस तरह का खेल शुरु नहीं हुआ है जैसा खेल स्थानीय विश्वविधालय के साथ मिल कर खेला जाता था ।

इस बार बिहार के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की परीक्षा में 37.1% छात्र फेल हो गए हैं। इससे विद्यार्थियों में आक्रोश है। आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय ने सत्र 2019 के प्रथम वर्ष की परीक्षा मार्च में ली थी। रिजल्ट 30 अगस्त को जारी किया गया।

राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों से प्रथम वर्ष की परीक्षा में 1140 छात्र शामिल हुए थे। इनमें कुछ छात्र प्रीवियस ईयर के भी शामिल हैं। इनमें 423 छात्र फेल हो गए हैं। सफलता प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या 717 यानी लगभग 63%है। एमबीबीएस के अगर पूरे रिजल्ट को देखा जाए तो सबसे खराब रिजल्ट मधुबनी मेडिकल कॉलेज का रहा है।

इस कॉलेज से 150 छात्र शामिल हुए थे, जिसमें 97 फेल हो गए हैं वही बिहार के सबसे पूराने मेडिकल कांलेज में सुमार होने वाले PMCH के 25 तो DMCH के 50 छात्र और जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय भागलपुर के 39 छात्र फेल हो गए हैं ।
हलाकि इसके लिए सिर्फ छात्र ही जिम्मेवार नहीं है जिस तरीके से हाल के दिनों में राज्य सरकार ने मेडिकल कांलेज खोला है उसमें ना शिक्षक है ना ही प्रयोगशाला है सिर्फ छात्र है उसी व्यवस्था का शिकार मधुबनी मेडिकल कांलेज का छात्र हुआ है ।
फिर भी मेडिकल की पढ़ाई में बिहार का जो गौरवशाली इतिहास रहा है उस इतिहास को गर्त में पहुंचाने में राज्य के राजनीतिज्ञों की बड़ी भूमिका रही है।

मेरे जाति का मेडिकल कांलेज का प्रिंसिपल कैसे बने, मेडिकल कांलेज का सुपरिटेन्डेन्ट कैसे बने 40 वर्ष से यही खेला मेडिकल कांलेज में चला आ रहा है और इस खेल का इतना व्यापक असर मेडिकल कांलेज की व्यवस्था पर पड़ा कि आज सिर्फ नाम है और भवन है प्रोफसर का वो सम्मान है और ना ही प्रोफेसर में पढ़ाई को लेकर वो जजवा है ।

बिहार का दूसरा रंजीत डाँन पीके के तलाश में नालंदा पहुंची यूपी एटीएस

नीट साल्वर गैंग सरगना पीके का दाहिना हाथ केजीएमयू कांलेज लखनऊ के एमबीबीएस छात्र ओसामा शाहिद समेत दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है।ओसामा के गिरफ्तारी से यूपी पुलिस पीके के और करीब पहुंच गया है ।छापेमारी के दौरान ओसामा के कमरे से नीट के कई प्रवेश पत्र सहित आधारकार्ड सहित कई तरह का दस्तावेज़ बरामद हुआ हैं। वही पुलिस को ओसामा के गिरफ्तारी के बाद कई और अहम सुराग मिले हैं ।ओसामा शाहिद के बारे में जो जानकारी मिल रहा उसके अनुसार ओसामा केजीएमयू लखनऊ से एमबीबीएस के चौथे वर्ष की फाइनल परीक्षा दे चुका है और नीट परीक्षा में असली परीक्षार्थियों के स्थान पर सॉल्वर को बैठा कर परीक्षा पास कराने का ठेका लेता हैं और एडमिशन हो जाने पर अभ्यर्थियों से 20 से 30 लाख रुपए वसूलता है।इस खेल में पटना का पीके इसका राजदार है जो बिहार और नोर्थ इस्ट के छात्रों को ट्रेप करता है ।

1– कौन है जूली
रविवार को दूसरे छात्र के बदले परीक्षा देते हुए गिरफ्तार हुई जूली पटना की रहने वाली है और वह बीएचयू की बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा है औ रबीएचयू की टॉपर।

जूली पटना के संदलपुर वैष्णवी कॉलोनी की रहने वाली है और उसका पूरा परिवार इस खेल में शामिल है हलाकि जूली का कहना है कि सॉल्वर गैंग ने मेरी मां बबिता को अपने जाल में फंसाया और कहा कि तुम्हारी बेटी हमारी कैंडिडेट की जगह बैठ कर परीक्षा दे देगी तो सेंटर से बाहर निकलते ही 5 लाख रुपए आपको मिल जाएंगा. छात्रा की मां पैसे के लालच में आ गई और अपनी बेटी जूली को दूसरी कैंडिडेट की जगह बैठाने लगी रविवार को परीक्षा केन्द्र से जब गिरफ्तारी हुई तो उस वक्त जूली त्रिपुरा की रहने वाली मूल अभ्यर्थी हिना विश्वास की जगह पर परीक्षा देने आयी थी।

जूली की मां से पूछताछ के दौरान दो दलालों के बारे में पुलिस को बताया. इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने छात्रा की मां के मोबाइल कॉल डिटेल की मदद से बिहार के खगड़िया और गाजीपुर के एक दलाल को गिरफ्तार किया है. दोनों दलालों से पुलिस अलग से पूछताछ कर रही है।

2 जूली का भाई गिरफ्तार
हलाकि अभी तक सरगना पीके पुलिस के पहुंच से बाहर है लेकिन आज यूपी एटीएस और बिहार पुलिस के सहयोग सेजूली के भाई अभय कुमार मेहता को वैष्णवी कॉलोनी संदलपुर थाना बहादुरपुर से गिरफ्तार किया पुलिस फिलहाल इससे पुंछताछ कर रही है पुछताछ के दौरान पीके और विकास कुमार महतो के बारे में यूपी एटीएस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है ।
पटना का पीके व खगड़िया का विकास कुमार महतो इस सॉल्वर गैंग का सरगना है। विकास कुमार मूलरूप से खगड़िया के बेला सिकड़ी का रहनेवाला है। वह पटना में ही रहकर पढ़ता है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। पीके से जुड़कर उसने ही बीडीएस की छात्रा जूली को हिना के स्थान पर परीक्षा देने के लिए सेट किया था। वही ओसामा के घर से जूली को कैसे हिना बनाया गया उसका फोटो भी बरामद हुआ है ।

यूपी एटीएस फिलहाल ओसामा और अजय को आमने सामने पुछताछ करने कि तैयारी कर रहा है ताकी पूरे खेल का तार जुड़ सके लेकिन अभी तक जो पुलिस को जानकारी मिली है उसके अनुसार यह तय है कि पीके बिहार का दूसरा रंजीत डांन बन कर उभरा है और इसका नेटवर्क बिहार ,यूपी के साथ साथ नार्थ इस्ट से भी जुड़ा है ।

पंचायत चुनाव में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मियों को चुनाव ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किया आदेश

वायरल बुखार और कोराना के सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिख कर स्वास्थ्यकर्मियों को पंचायत चुनाव की ड्यूटी से मुक्त रखने का आग्रह किया है ।राज्य निर्वाचन आयोग ने विभाग के इस आग्रह को स्वीकार करते हुए राज्य के सभी डीएम को निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मियों को चुनाव कार्य में नहीं लगाएं ।

क्यों कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग को अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की कोविड जांच करने के निर्देश दिये गये हैं. सरकार द्वारा दिये गये निर्देश को संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग नये सिरे से कोविड प्रबंधन में जुट गया है. जिले के डीएम एवं सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जाये.

जिले के इंट्री प्वाइंटों पर कोविड जांच की व्यवस्था की जा रही है और बस अड्डों तथा रेलवे स्टेशन पर भी जांच की व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है. सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि वे प्रखंड और पंचायत स्तर पर बाहर से आनेवाले लोगों पर नजर रखने के लिए आशा की मदद लें.

आशा घर-घर जाकर यह पता करे कि प्रखंड अथवा पंचायत में केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से कोई व्यक्ति आया है या नहीं. अगर ऐसी सूचना प्राप्त होती है, तो ऐसे व्यक्ति की जांच करा कर रिपोर्ट से मुख्यालय को भी अवगत करायें.

सेंसेक्स, निफ्टी सपाट बंद हुए; ज़ी एंटरटेनमेंट में 40%, वोडा आइडिया में 10% की तेजी

चुनिंदा आईटी और बैंकिंग शेयरों में बढ़त के चलते बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 मंगलवार को सकारात्मक दायरे में बंद हुए। सेंसेक्स 69 अंक बढ़कर 58,247 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 25 अंक बढ़त के साथ 17,380 पर बंद हुआ। बीएसई मिडकैप 1% से अधिक और बीएसई स्मॉलकैप 0.6% बढ़ा।

सेंसेक्स चार्ट (14.09.21) एक नजर में

इंडसइंड बैंक 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ शीर्ष सूचकांक प्रदर्शनकर्ता था। इसके बाद एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बजाज-ऑटो, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, अन्य शामिल थे। दूसरी तरफ, नेस्ले इंडिया, अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल), हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (एचडीएफसी), टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, इंफोसिस बीएसई सेंसेक्स के शीर्ष ड्रैगर्स में से थे।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 0.39 फीसदी, निफ्टी ऑटो 0.88 फीसदी, निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.03 फीसदी चढ़ा। शीर्ष सेक्टोरल परफॉर्मर निफ्टी मीडिया था, जो 14.4 फीसदी तक चढ़ा। मीडिया शेयरों का प्रदर्शन बेहतर ।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 16 शेयर्स बढ़त के साथ और 14 शेयर्स लाल निशान में बंद हुए। बीएसई मिडकैप 1% से अधिक और बीएसई स्मॉलकैप 0.6% बढ़ा। लगभग 1,945 शेयरों में तेजी, 1,301 में गिरावट और 150 में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई पर कारोबार के दौरान 256 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 27 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का अभियान जारी पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर के घर से करोड़ो की अवैध सम्पत्ति बरामद

निगरानी अन्‍वेषण ब्यूरो (Vigilance Department of Bihar) ने आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में आज निगरानी अन्‍वेषण ब्यूरो (Vigilance Department of Bihar) ने बड़ी कार्रवाई की है आज पटना के गुलजारबाग स्थित पथ निर्माण प्रमंडल में तैनात इंजीनियर कौन्तेय कुमार तीन ठिकानों पर निगरानी ने एक साथ छापामारी किया जिसमें करोड़ो की अवैध सम्पत्ति का खुलासा हुआ है ।

इंजीनियर के पटना के मैनपुरा स्थित नित्यानंद अपार्टमेंट के फ्लैट में हुई छापेमारी में निगरानी टीम ने करीब 14 लाख रुपए कैश, आधा किलो सोना एवं एक किलो चांदी के साथ जमीन में निवेश के कई दस्तावेज तथा करीब आठ बैंक पास बुक बरामद किए हैं। इसके अलावा इंजीनियर के अन्‍य ठिकानों पर भी छापामारी जारी है।

इंजीनियर के तीन ठिकानों पर छापेमारी पटना के गुलजारबाग पथ निर्माण प्रमंडल में तैनात इंजीनियर कौन्तेय कुमार पर निगरानी की नजर लंबे समय से थी। मंगलवार को सबूत जुटाने के बाद निगरानी की टीम ने डीएसपी एसके मौआर के नेतृत्व में उनके घर पर छापेमारी कर दी। पटना के मैनपुरा स्थित इंजीनियर के पटना के दो घरों व कार्यालय में छापामारी जारी है।

बताया जा रहा है इंजीनियर ने अपनी वैध आय के अलावा दो करोड़ रुपये की अवैध संपति अर्जित कर रखी है। पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर कौन्तेय कुमार के घर पर छापा मारा है।

ब्यूरो ने यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज करते हुए की है। इंजीनियर के पटना के मैनपुरा स्थित नित्यानंद अपार्टमेंट के फ्लैट में हुई छापेमारी में निगरानी टीम ने करीब 14 लाख रुपए कैश, आधा किलो सोना एवं एक किलो चांदी के साथ जमीन में निवेश के कई दस्तावेज तथा करीब आठ बैंक पास बुक बरामद किए हैं। इसके अलावा इंजीनियर के अन्‍य ठिकानों पर भी छापामारी जारी है।

राज्यपाल कोटा से मनोनीत एमएलसी पर लटकी तलवार हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा ।

पटना हाई कोर्ट ने बिहार में राज्यपाल कोटा से मनोनीत किये गए 12 एम एल सी के मनोनयन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा लिया है। चीफ जस्टिस संजय करोल खंडपीठ ने वरीय अधिवक्ता बसंत कुमार चौधरी की याचिका पर सुनवाई की।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस तरह के मामले में भारत का संविधान साहित्य, कलाकार, वैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता व सहकारिता आंदोलन से जुड़े हुए विशिष्टतता प्राप्त व्यक्तियों को मनोनीत करने की अनुमति देता है।ये 12 लोगों को एम एल सी मनोनीत किया गया है ,वह बहुमत बढ़ाने और जो लोग एम एल ए नहीं चुन कर नहीं आये हैं, उनका शामिल करने के लिए मनोनीत किया गया है। यह संविधानिक के प्रावधानों का उल्लंघन है।

याचिकाकर्ता की ओर से यह कहा गया कि इनमें न तो कोई सामाजिक कार्यकर्ता है और न ही साहित्य से जुड़ा व्यक्ति या फिर वैज्ञानिक उपलब्धियां हैं। उनका यह भी कहना था कि एक सामाजिक कार्यकर्ता को काम का अनुभव, व्यवहारिक ज्ञान और विशिष्टता होना चाहिए।

श्री चौधरी ने कहा कि इनमें कोई पार्टी का कोई या तो कार्यालय पदाधिकारी है, या कोई कहीं का अध्यक्ष। विधान पार्षद अशोक चौधरी, जनक राम, उपेंद्र कुशवाहा, डॉ राम वचन राय, संजय कुमार सिंह, ललन कुमार सर्राफ, डॉ राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, संजय सिंह, देवेश कुमार, प्रमोद कुमार, घनश्याम ठाकुर और निवेदिता सिंह को राज्यपाल कोटे से मनोनीत किया गया है।

हाईकोर्ट ने सफाईकर्मियों को हड़ताल तोड़ने का दिया निर्देश

पटना हाईकोर्ट ने पटना नगर निगम कर्मियों के चल रहे हड़ताल को तत्काल खत्म करने का निर्देश दिया। इस याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।

कल एडवोकेट जेनरल ने पटना नगर निगम के कर्मचारियों के हड़ताल से उत्पन्न गंभीर स्थिति को देखते हुए इस मामलें पर सुनवाई करने का कोर्ट से अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा कि पूरे पटना शहर में निगम कर्मियों के हड़ताल से प्रभाव पड़ा है।अभी कोरोना महामारी का संकट बरकरार हैं।
कोर्ट ने निगम कर्मियों को तत्काल हड़ताल खत्म करने का निर्देश दिया।साथ ही।राज्य सरकार को कर्मचारीगण की लंबित मांगो पर विचार कर आठ सप्ताह में आदेश पारित करने का निर्देश दिया।

निगम कर्मियों के हड़ताल के कारण पूरा पटना कूड़ा के ढेर में तब्दील हो गया।राजधानी के सभी क्षेत्रों में गन्दगी फैली हुई हैं,जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

एडवोकेट जेनरल ललित किशोर ने कहा कि अभी करोना का समय चल रहा है।ऐसे समय में इन निगम कर्मियों के हड़ताल से पूरे पटना की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुआ है।शहर के हर इलाके में गन्दगी फैली हुई हैं।
नगर निगम कर्मियों के सप्ताह भर के हड़ताल के कारण नारकीय स्थिति हो गई है।

सुशील मोदी बिहार की सियासत में बने रहने के लिए खेला बड़ा दाव

”तमाशबीन हूं मैं ”

हाल के दिनों में सुशील मोदी द्वारा दिये गये तीन बयान पर गौर करिए

1–सुशील कुमार मोदी ने कहा कि हम इस मुद्दे पर विधानसभा और विधान परिषद में पारित प्रस्ताव का हिस्सा रहे हैं. जातीय जनगणना कराने में अनेक तकनीकि और व्यवहारिक कठिनाइयां हैं, फिर भी बीजेपी समर्थन में है।
2–सुशील मोदी ने कहा, ” 1977 में आपातकाल हटने के बाद पहले संसदीय चुनाव में रामविलास पासवान ने सबसे ज्यादा मतों के अंतर से जीतने का रिकार्ड बनाया था. वे एनडीए राजनीति के प्रमुख शिल्पी थे.”
उनकी जयंती पर राजकीय समारोह होना चाहिए और रामविलास पासवान की मूर्ति लगानी चाहिए।
3– सुशील कुमार मोदी ने कहा कि रघुवंश बाबू की जयंती पर राजकीय समारोह हो और सरकार इस पर निर्णय करे. सुशील मोदी ने एक ट्वीट में कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह वास्तव में गरीबों की चिंता करने वाले ईमानदार नेता थे ।

पहला बयान संघ,बीजेपी और नरेन्द्र मोदी के विचार से विपरीत है वही दूसरा और तीसरे बयान की बात करे तो पहली बार सुशील मोदी नीतीश कुमार से असहमति दिखाने कि कोशिश करते दिख रहे हैं।
इसकी वजह क्या है बीजेपी की राजनीति की बात करे तो सुशील मोदी संगठन और पार्टी के अंदर राजनाथ सिंह जैसे सरीखे नेता को छोड़ दे तो सबसे अनुभवी और सीनियर हैं ।

मोदी और शाह के विरोध के बावजूद आज भी सुशील मोदी के बगैर बिहार बीजेपी में पत्ता भी नहीं हिल सकता है ।2020 में सरकार गठन को लेकर राजनाथ सिंह की जगह कोई और नेता आया होता तो बिहार बीजेपी उसी दिन केन्द्रीय नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर देता।

आज भी 90 प्रतिशत विधायक मोदी के साथ है फिर भी मोदी हाशिए पर हैं वजह इन्हें नीतीश पर काफी भरोसा था और उसी भरोसा में छल हो गया । नीतीश अगर मोदी को लेकर बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व के सामने खड़े हो जाते तो मोदी और शाह का कुछ नहीं चलता लेकिन नीतीश कुमार ऐसा नहीं किये ।

फिर लगा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल जायेगी पीएम मोदी ने ये भरोसा भी दिलाया था कि आप जैसे प्रशासनिक अनुभव रखने वाले नेता की केन्द्र में जरुरत है लेकिन ऐसा हुआ नहीं, नीतीश भी अब इनसे दूरी बनाने लगे हैं ।
वही नागेन्द्र जी के संगठन महामंत्री से हटाये जाने के बाद इनकी परेशानी और बढ़ गयी क्यों कि अभी भी नागेन्द्र जी के सहारे सुशील मोदी की सियासत चल रही थी क्यों कि नागेन्द्र जी को बिहार बीजेपी में सुशील मोदी की क्या पकड़ वो पता था ।फिर जेटली जैसा केन्द्र में कोई भरोसेमंद साथी नहीं रहा नड्डा से कुछ उम्मीद थी लेकिन वो मोदी और शाह के प्रभामंडल से पार्टी को बाहर नहीं निकाल पाये ।

ऐसे में सुशील मोदी के पास दो विकल्प था या तो मार्गदर्शक मंडल में जाने कि तैयारी शुरु कर दे या फिर बिहार की राजनीति में मजबूती के साथ कूद पड़े। इनके सलाहकार भी मानते हैं कि लालू परिवार के विरोध की राजनीति बहुत हो गयी और अब इससे बाहर निकलिए।
मोदी इसी का इन्तजार कर रहे थे और जैसे ही जातीय जनगणना की बात आयी मोदी बिहार की सियासत को देखते हुए संघ, पार्टी और पीएम मोदी के विचार से विपरीत स्टेंड ले लिये क्यों कि जिस समय बिहार विधानमंडल में जातीय जनगणना को लेकर प्रस्ताव लाया जा रहा था उस समय भी संघ इसके खिलाफ था लेकिन मोदी संघ की परवाह ना करते हुए बिहार विधानमंडल में प्रस्ताव का समर्थन ही नहीं किया बढ़चढ़ कर हिस्सा भी लिया ।

सुशील मोदी रामविलास पासवान और रघुवंश बाबू को लेकर जो बयान दिये हैं उसके पीछे यह राजनीति है कि सुशील मोदी उस छवि से बाहर निकलना चाह रहे हैं जिसमें इन पर आरोप लगता रहा है कि ये नीतीश की जी हजूरी करते हैं ।इसी छवि से मोदी और शाह भी नराज है अब देखना यह है कि सुशील मोदी बयान देने तक ही सीमित रहते हैं या फिर इस मांग को लागू कराने को लेकर आगे भी बढ़ते हैं ।

क्यों कि रामविलास पासवान के बरसी में जा कर मोदी ने एक लाइन तो बिहार की राजनीति में खीच दिया है कि चिराग ही रामविलास पासवान का असली वारिस है और आने वाले समय में चिराग के सहारे बिहार में नीतीश की घेराबंदी की जा सकती है ।

वायरल बुखार को लेकर राज्य सरकार ने जारी अलर्ट स्वास्थ्यमंत्री का निर्देश मरीजों का हो बेहतर इलाज

मंगल पांडेय ने कहा है कि राज्य में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों के बेहतर उपचार के लिए सभी सिविल सर्जनों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी सदर अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेज सह अस्पतालों में जांच और उपचार की मुक्कमल तैयारी रखने के भी निर्देश दिये गये हैं।

इस क्रम में किसी बच्चे में वायरल बुखार, निमोनिया, स्वाइन फ्लू और जेई आदि के लक्षण मिलते हैं, तो उस बच्चे को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाकर समुचित जांच और उपचार कराएं। गंभीर रूप से बीमार बच्चे को बेहतर इलाज के लिये रेफर करने के अलावे संबंधित विस्तृत रिपोर्ट रोजाना मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।

श्री पांडेय ने कहा कि वायरल बुखार को लेकर सरकार की त्वरित कार्रवाई का काफी सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उक्त बीमारियों से बचाव के लिए हर प्रकार की आवश्यक दवाइयां, जांच, डॉक्टर एवं नर्सेज की व्यवस्था की गई है।

अभी तक राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेज सह अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों में से अधिकांश बच्चे स्वस्थ हो रहे हैं। मेडिकल कालेज सह अस्पताल और जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों को वायरल बुखार के मरीजों के इलाज में पूरी मुस्तैदी रखने का निर्देश दिया गया है। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सा पदाधिकारी तथा आयुष चिकित्सकों को पूरी मुस्तैदी के साथ वायरल बीमारियों से संबंधित लक्षणात्मक बच्चों का समुचित उपचार करने को कहा गया है

मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार को लेकर फिर भड़के कहां अब बर्दास्त से बाहर हो गया अधिकारी का नाम बताये

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 167 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

आज ‘‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यकम‘‘ में सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, वित्त, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, सूचना प्रावैद्यिकी, कला,
संस्कृति एवं युवा, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी।

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने जनता के दरबार में हाजिर होकर लोगों की शिकायतें सुनीं। जनता दरबार में त्रिवेणीगंज, सुपौल के श्री इंद्र भूषण प्रसाद ने त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में अनियमितता की शिकायत की। उन्होंने कर्मचारियों में तालमेल के अभाव में इलाज में हो रही परेषानी को लेकर शिकायत की।

वहीं मोतीपुर, मुजफ्फरपुर के श्री नंदलाल कुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि मेरी पत्नी जो एक वर्ष से आंगनबाड़ी सेविका के रुप में कार्यरत थी, डी0पी0ओ0 द्वारा मांगी गई राशि नहीं देने के कारण उन्हें साजिश के तहत हटा दिया गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को शिकायतकर्ता के शिकायत के समाधान का निर्देश दिया।

छौराही, बेगूसराय के श्री अरुण कुमार सिंह ने शिकायत करते हुए कहा कि राजकीय उच्च विद्यालय छौराही, मटिहानी के खेल मैदान को हाट में तब्दील कर दिया गया है। वहीं हुलासगंज, जहानाबाद के श्री मंटू कुमार ने झारूबिगहा में प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री से अपनी मांग रखी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

सोनपुर, सारण के श्री उदय कुमार ने फिजिकल शिक्षक की बहाली को लेकर अपनी मांग रखी तो वहीं पटना सदर के श्री केवल नारायण मिश्रा ने सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाने की षिकायत की। दरभंगा के श्री पप्पु कुमार ने जी0एन0एम0 की बहाली में पुरुषों को भी शामिल करने तथा प्राइवेट जी0एन0एम0 संस्थानों में शुल्क कम करने की मॉग की। मुख्यमंत्री ने इस पर संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई का निर्देष दिया।

कुछ छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि मैट्रिक पास करने के बाद भी आज तक उन्हें प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को पूरे मामले को देखकर उचित कदम उठाने को कहा। वहीं व्हील चेयर से आये एक दिव्यांग ने मुख्यमंत्री से कहा कि आज तक मुझे आयुष्मान हेल्थ कार्ड नहीं मिला। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्चर्य जताया और तुरंत स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक निर्देश दिया।

योगापट्टी, पश्चिम चंपारण के श्री विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि उनका पुत्र एवं पुत्री की पानी में डूबने से मौत हो गई थी। मुआवजा के लिए पैसा भी आया लेकिन ऑफिस के कर्मचारी मुझे पैसा देने के लिए अवैध राषि की मांग कर रहे हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसने भी पैसे की मांग की है, उस पर केस दर्ज होगा। मुख्यमंत्री ने तुरंत आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव पूरी जानकारी लेकर जिसने भी पैसे की मांग की है, उस पर विधि सम्मत कार्रवाई करने का निर्देष दिया।

मधुबनी के झंझारपुर के नरूआर गांव से आये श्री सतीश कुमार मंडल ने कहा कि 2019 में बाढ़ में 52 परिवार विस्थापित हो गये थे। सारा जमीन-घर कमला नदी में समा गया था। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपने ही सभी 52 परिवारों को घर के लिए जमीन का कागजात दिया था। 2019 से आज तक सिर्फ कागज मिला लेकिन जमीन अब तक नहीं मिल पायी है।

आज भी सभी 52 परिवार पन्नी टांगकर किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आपके गांव में गये थे, मुझे याद है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग को कहा कि डी0एम0 से बात कीजिए कि अभी तक विस्थापित परिवारों को जमीन क्यों नहीं मिली है ? हम वहां गये थे और जमीन देने की बात हमने कही थी लेकिन ये बता रहे हैं कि अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसको देखकर शिकायत दूर कीजिए।

जनता दरबार में लगातार आंगनबाड़ी सेविकाओं की बहाली से जुड़े लगातार कई शिकायत के मामले आने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर आंगनबाड़ी सेविका बहाली की शिकायत मिल रही है। अब तक मधुबनी से लगातार चार शिकायत आ चुकी है। उसके बाद मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को कहा कि चार शिकायत पहुंच गयी है। मामले को देखिए, लगातार गड़बड़ी की शिकायत मिल रही है।

बिहार बना नशीली पदार्थो का हब

बिहार इन दिनों नशीली पदार्थ के तस्करी का हब बनता जा रहा है रोजाना शराब के बरामदगी की खबर आती ही रहती है और अब ड्रग्स के तस्करी की भी बात सामने आने लगी है दो दिन पहले ही लखीसराय में गंजा का एक बड़ा खेप पकड़या था और आज गया पुलिस ने 2 किलो 200 ग्राम ब्राउन शुगर पकड़ा है जिसकी किमत करोड़ो में है ।

गया एसएसपी की माने तो कई दिनों से रेकी करने के बाद 2 किलो 200 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन सप्लायर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी गया जिले के टनकुप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरसौता गांव निवासी है। गिरफ्तार आरोपितों में सूरज कुमार सुमन कुमार उर्फ लोकेश आलोक कुमार शामिल है।

इन तीनों के पास से 2 किलो 200 ग्राम ब्राउन शुगर ड्रग्स दो मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल बरामद किया गया है।एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए तीनों ब्राउन शुगर सप्लाई करने का काम करता है। एसएसपी ने बताया कि बरामद ब्राउन शुगर की बाजार में कीमत करोड़ के आसपास आंकी गई है।

सएसपी ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपितों का तार झारखंड के बरही से जुड़े हैं, जो बराबर गया और आसपास के इलाकों में ब्राउन शुगर की आपूर्ति करता है। उन्होंने स्पष्ट किया ब्राउन शुगर की आपूर्ति कराने में कुछ सफेदपोश लोगों के भी नाम सामने आए हैं। पकड़े गए लोगों के द्वारा जिन सफेदपोश नेताओं का नाम बताया गया है।

उनकी गिरफ्तारी कराने के लिए टीम छापेमारी कर रही है। घटनास्थल से एक आरोपित फरार हुआ है। वह झारखंड के बरही थाना क्षेत्र का रहने वाला है।इस मामले में मुफस्सिल थाना में एनडीपीसी एक्ट 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सएसपी ने कहा कि कुछ स्थानीय सफेदपोश नेता भी ब्राउन शुगर की पूर्ति में शामिल हैं। बरामद मोबाइल में अंकित नंबरों की भी जांच कराई जा रही है पकड़े गए आरोपों के मोबाइल में जिन व्यक्तियों का नाम अंकित है या बराबर आपूर्तिकर्ता से बातचीत होती है उनके गिरेबान तक भी पुलिस पहुंचने के लिए साक्ष्य जुटा रही है।