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बिहार के प्रमोद भगत को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड एवं शरद कुमार को अर्जुन अवार्ड मिला सीएम ने दी बधाई

मुख्यमंत्री ने श्री प्रमोद भगत को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड एवं श्री शरद कुमार को अर्जुन अवार्ड मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं ।

पटना, 13 नवम्बर 2021 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने हाजीपुर निवासी श्री प्रमोद भगत को पैरा बैडमिंटन के लिये मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड एवं मुजफ्फरपुर निवासी श्री शरद कुमार को पैरा हाई जंप के लिये अर्जुन अवार्ड मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा कि दोनों खिलाड़ियों को मिले इस प्रतिष्ठित सम्मान से बिहार एक बार फिर गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की भी कामना की।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित खेल सम्मान समारोह में महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेता श्री प्रमोद भगत को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड एवं कांस्य पदक विजेता श्री शरद कुमार को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया।

15 से 21 नवम्बर तक मनेगा राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताहः मंगल पांडेय

15 से 21 नवम्बर तक मनेगा राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताहः मंगल पांडेय
नवजात की समुचित देखभाल के लिए राज्य में चलेगा जागरुकता अभियान

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय कहा कि शिशु के पहले 28 दिन उसके अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण होते हैं और यह बच्चे के विकास की नींव रखते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवजात की समुचित देखभाल और उसके बचपन को खुशहाल बनाने के लिए जगरुकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। यह अभियान 15 से 21 नवंबर तक राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह के रूप में चलाया जाएगा।

श्री पांडेय ने कहा कि अभियान के तहत हर वर्ग को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा, जिसके जरिये शिशुओं को ‘आयुष्मान’ बनाया जा सके। एसआरएस 2018 के डाटा के अनुसार एक हजार में से करीब 25 बच्चों की जान जन्म से 28 दिनों के बीच ही चली जाती है। इसलिए नवजात शिशु की देखभाल के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना जरूरी है, ताकि नवजात का बचपन खुशहाल बन सके। इस सप्ताह के दौरान लोगों को नवजात शिशु स्वास्थ्य के साथ बेहतर देखभाल के बारे में जागरूक किया जाएगा। राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह के दौरान स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट का संचालन, न्यूबॉर्न केयर कॉर्नर को सशक्त करने के लिए एक्सपर्ट की टीम जिलों का दौरा करेगी। इसके अलावा समुदाय स्तर पर आशा दीदियों द्वारा संस्थागत प्रसव के प्रथम दिन के बाद से ही गृह भ्रमण कर स्वास्थ्य की नियमित देखभाल की जाती है। कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को भी इसके लिए जागरूक किया जाएगा, जिससे नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

श्री पांडेय ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बिहार में शिशु मृत्यु दर 29 प्रति हजार है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे 2019 की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि बिहार की शिशु मृत्यु दर 32 से 3 अंक घटकर राष्ट्रीय औसत से भी नीचे 29 पर पहुंच गई है। यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। सरकार के प्रयास का ही नतीजा है कि मातृत्व, शिशु और नवजात मृत्यु दर में निरंतर कमी आयी है।

छठे चरण की मतगणना शुरु हो गयी है, छठे चरण में 3 नवंबर को 37 जिलों के 57 प्रखंडों में वोटिंग हुई थी।

बिहार पंचायत चुनाव के छठे चरण की मतगणना शुरु हो गयी है , छठे चरण में 3 नवंबर को 37 जिलों के 57 प्रखंडों में वोटिंग 3 हुई थी। सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई। मतगणना केंद्र के बाहर सुबह 7 बजे से ही प्रत्याशी और उनके समर्थकों की भीड़ लगने लगी। केंद्र के बाहर और अंदर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। बिना पास के किसी को भी सेंटर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है , दो दिनों तक मतगणना चलेगा ।

छठे चरण की सीटों पर नतीजे
छठे चरण में पदों की कुल संख्या 26 हजार 200 है, जिसमें ग्राम पंचायत के सदस्य के 11,592 पद हैं। मुखिया के 848 पद हैं, पंचायत समिति सदस्य के 1186, जिला परिषद सदस्य के 134, ग्राम कचहरी पंच के 11592 और सरपंच के 848 पद हैं। इस चरण में चुनाव लड़ने वाले कुल उम्मीदवारों की संख्या 94188 है। पुरूष उम्मीदवारों की संख्या 43 हजार 840 है तो महिला उम्मीदवारों की संख्या 50348 है।

पद वार उम्मीदवारों की संख्या की बात करें तो ग्राम पंचायत सदस्य पद पर 53 हजार 192 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा मुखिया पद पर 6976 उम्मीदवार मैदान में हैं। पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 7844 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिला परिषद सदस्य पद पर 1378 उम्मीदवार, ग्राम कचहरी पंच पद पर 19 हजार 633 उम्मीदवार मैदान में है। ग्राम कचहरी सरपंच के पद पर 5 हजार 165 उम्मीदवार मैदान में हैं।

इस चरण में चुनाव लड़ने वालों की कुल संख्या 94,188 है। इसमें 43,840 पुरुष और 50,348 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। पद वार महिला पुरुष उम्मीदवार कि संख्या की बात करे तो पंचायत सदस्य के लिए 53,192 उम्मीदवार (25,218 पुरुष व 27,974 महिला) चुनाव मैदान में हैं। वहीं, मुखिया के लिए 6,976 (3,392 पुरुष व 3,584 महिला), पंचायत समिति सदस्य के लिए 7844 (3,712 पुरुष व 4,132 महिला), जिला परिषद सदस्य के लिए 1,378 (606 पुरुष व 772 महिला), पंच हेतु 19,633 (8,222 पुरुष एवं 11,411 महिला) और सरपंच हेतु 5,165 (2,690 पुरुष एवं 2,475 महिला) उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा।

3540 पदों पर निर्विरोध हो चुका है निर्वाचन
छठे चरण की सीटों पर 3540 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। ग्राम पंचायत सदस्य पद पर 135 उम्मीदवार, ग्राम कचहरी पंच पद पर 3403 , ग्राम कचहरी सरपंच पद पर 1 और पंचायत समिति सदस्य के 1 सीट पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है।

इस चरण में पंच के 144 पदों के लिए कोई नामांकन नहीं हुआ था। ऐसे में ये पद रिक्त रह गए हैं।

जहरीली शराब से मौत का सिलसिला जारी पुलिस पर अनुसंधान में शिथिलता बरतने का है आरोप

जहरीली शराब से मौत का सिलसिला जारी है आज सुबह समस्तीपुर सरायरंजन थाना क्षेत्र के नरघोघी टोला खैरवन निवासी गांगो दास के पुत्र चंदन कुमार की जहराली शराब पीने से मौत हो गयी है और उसका दोस्त पंकज कुमार का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है जहां इसकी स्थिति गम्भीर बनी हुई है ।

मृतक के पिता गांगो दास ने कहा- ‘छठ पूजा के संध्या अर्घ्य के दिन 10 नवंबर की शाम उसने अपने दोस्त पंकज व गंगा राम के साथ दारू पी थी। इसके बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई।समस्तीपुर में अभी तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है ।

चिराग पासवान पहुंचे गोपालगंज नीतीश पर साधा निशाना


1- जहरीली शराब से मौत मामले की जांच को लेकर पुलिस गंभीर नहीं
कहने को जहरीली शराब से मौत मामले में पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद राज्य के सभी जिले में जहरीली शराब के खिलाफ बड़ी कारवाई चल रही है । पुलिस मुख्यालय की माते तो अभी तक 1313 छापेमारी हो चुकी है 487 मामले दर्ज किए जा चुके हैं 823 लोगों की गिरफ्तारी हुई है जबकि 16230 विदेशी शराब बरामद हुआ है 4510 देसी शराब बरामद हुआ है जबकि महुआ चुराई शराब 529 लीटर बरामद हुआ है महुआ जावा 14504 बरामद हुआ है इसके अलावा 86 वाहन जप्त किए गए हैं 8 लाख से ज्यादा रुपए बरामद किए गए ।

लेकिन इस मामले में अनुसंधान को लेकर पुलिस अभी भी संवेदनशील नहीं है गोपालगंज बेतिया और समस्तीपुर में जहराली शराब पीने से मौत हुई है उसको लेकर अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आयी है इसी तरह मुजफ्फरपुर जिले में शराब से मौत का सिलसिला जारी है और 13 दिन बीत गए, लेकिन सरैया शराब कांड में पुलिस ने अब तक एफएसएल की रिपोर्ट नहीं ले पाई है। एक्सपर्ट का मानना है कि पुलिस और एफएसएल टीम गंभीरता बरते तो मौके से जब्त शराब या शराब के बोतलों की एफएसएल रिपोर्ट 5 से 6 दिन में जारी हो सकती है। पुलिस अधिकारी अबतक केवल आशंकाओं के आधार पर ही मिथेनॉल से मौत की बात बता रहे हैं। घटना में मृत लोगों का एसकेएमसीएच में सभी का विसरा सुरक्षित रखा है। अब तक पुलिस ने विसरा भी प्राप्त नहीं किया है। इसे कोर्ट से अनुमति लेकर जांच के लिए एफएसएल भेजा जाना है। इसकी रिपोर्ट आने में भी महीना भर से अधिक लग सकता है।

शराब के खिलाफ राज्य में शुरु हुआ विशेष अभियान


2- शराब से मौत मामले में सियासत थमलने का नाम नहीं ले रहा है।

सरकार में शामिल बीजेपी जहराली शराब से मौत मामले में नीतीश कुमार को जब भी मौका मिला रहा है घेरने से परहेज नहीं कर रहा है .राजद, कांग्रेस और वामदल तो पहले से ही हमलावर था ।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद चिराग पासवान जहरीली शराब से मौत मामले में नीतीश कुमार पर सीधे सीधे हमला बोला है उन्होंने कहा कि बिहार सरकार शराबबंदी को लेकर सिर्फ नौटंकी कर रही है। शराबबंदी पूरे सूबे में पूरी तरह से फेल है। यह अधिकारियों के कमाई का साधन है और इस भ्रष्टाचार में सरकार भी लिप्त है । वे शुक्रवार की दोपहर बाद जिले के नौतन प्रखंड के तेल्हुआ गांव में जहरीली शराब पीकर मृत 16 लोगों के स्वजनों से मिलने के लिए पहुंचे थे। शराबकांड के मृतकों के स्वजनों से मिलकर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है।

उन्होंने जहरीली शराब से प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 25 लाख रुपये मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। कहा कि अगर सरकार इस मांग को पूरा नहीं करती है कि पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

मतदाता सूची में नाम दर्ज करने को लेकर शुरु हुआ मेगा अभियान

प्रमंडलीय आयुक्त पटना ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण/ विशेष अभियान दिवस के सफल एवं सुचारु आयोजन हेतु प्रमंडल के सभी डीएम, ईआरओ , राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

  • 1 नवंबर 2021 को मतदाता सूची के प्रारूप का हुआ प्रकाशन। -30 नवंबर 2021 तक दर्ज किया जा सकता है दावा एवं आपत्ति।
  • मृत मतदाता, स्थानांतरित मतदाता ,दोहरी प्रविष्टि का नोटिस देकर मतदाता सूची से होगी विलोपन की कार्रवाई।
  • 21 नवंबर को होगा विशेष अभियान दिवस का आयोजन।
  • मतदान केंद्रों पर बीएलओ रहेंगे मौजूद।
  • व्यापक प्रचार प्रसार करने तथा बीएलओ को घर-घर भ्रमण कर 21 नवंबर के बारे में अवगत कराने का दिया निर्देश।

-राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से लिया आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक।

प्रमंडलीय आयुक्त पटना श्री संजय कुमार अग्रवाल ने निर्वाचक सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम / विशेष अभियान दिवस के सफल एवं सुचारु संपादन कराने तथा उसे गति प्रदान करने हेतु प्रमंडल के सभी जिलाधिकारी, सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी /उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की गई तथा आवश्यक निर्देश दिया गया।

“कोई मतदाता नहीं छूटे” के उद्देश्य से मतदाता सूची का विशेष अभियान जारी।

1 नवंबर 2021 को मतदाता सूची का प्रारूप हुआ प्रकाशित।

30 नवंबर 2021 तक दर्ज किया जा सकता है दावा एवं आपत्ति

सभी डीएम/ ईआरओ को कार्य में तेजी लाने का दिया निर्देश।

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत अर्हता तिथि 1 नवंबर 2022 के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने ,शुद्धिकरण करने, आदि का कार्य जारी है। इस क्रम में 1 नवंबर 2021 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन हो चुका है तथा 30 नवंबर तक दावा/ आपत्ति किया जा सकता है ताकि योग्य मतदाता का वोटर लिस्ट में इंट्री किया जा सके। इसके लिए सभी जिलाधिकारी एवं निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया ।

मृत मतदाता/ स्थानांतरित मतदाता /दोहरी प्रविष्टि का विलोपन करने का दिया निर्देश

प्रमंडलीय आयुक्त ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को मृत मतदाताओं को चिन्हित करने तथा नोटिस देकर नियमानुसार विलोपन की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही किसी मतदाता का नाम एक जगह पर ही हो इसके लिए निर्वाचक सूची में मतदाता की दोहरी प्रविष्टि न रहे इसके लिए नोटिस देने तथा चिन्हित कर एक जगह से नाम विलोपित करने का निर्देश दिया।

महिला मतदाता की संख्या बढ़ाने तथा लिंगानुपात पर ध्यान देने का दिया निर्देश।

कॉलेजों में कैंप करने का दिया निर्देश

मतदाताओं की संख्या विशेषकर महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने हेतु कॉलेजों में कैंप आयोजित करने तथा बीएलओ को घर-घर भ्रमण कर महिलाओं का नाम जोड़ने हेतु सूची बनाने का निर्देश दिया। इस अभियान को गति प्रदान करने हेतु आयुक्त ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को अपने स्तर पर बीएलओ के साथ बैठक करने तथा उनका ब्रीफिंग कर प्रभावी गति प्रदान कराने का निर्देश दिया।

21 नवंबर को होगा विशेष अभियान दिवस

मतदान केंद्रों पर बीएलओ रहेंगे मौजूद।

व्यापक प्रचार प्रसार करने तथा बीएलओ को घर-घर भ्रमण कर विशेष अभियान दिवस की जानकारी देने का दिया निर्देश

सभी डीएम को प्रभावी मॉनिटरिंग कर सफल बनाने का दिया निर्देश

21 नवंबर को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान दिवस का आयोजन किया गया है इस दिन प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ उपस्थित रहेंगे तथा विहित प्रपत्र में फॉर्म प्राप्त करेंगे तथा मतदाताओं के पंजीकरण/ विलोपन /शुद्धिकरण की अपेक्षित कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने सभी जिलाधिकारी को
व्यापक प्रचार प्रसार करने तथा बीएलओ को घर-घर भ्रमण कर 21 नवंबर के विशेष अभियान दिवस के बारे में लोगों को जानकारी देने का निर्देश दिया।

राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से लिया गया आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक

आयुक्त ने राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से भी मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 30 नवंबर तक दावा आपत्ति दर्ज कराने तथा 21 नवंबर को विशेष अभियान दिवस के आयोजन के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही प्रतिनिधियों से आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किया गया।

बैठक में रोहतास, कैमूर ,भोजपुर एवं बक्सर के जिला पदाधिकारी, सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सभी उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा राजनीतिक दल के प्रतिनिधि तथा आयुक्त कार्यालय में क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी पटना प्रमंडल सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे

बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए बिहार की नदियों को जोड़ना ही समस्या का समाधान है –संजय झा

बिहार के जल-जीवन-हरियाली अभियान के लक्ष्य वैश्विक सम्मेलन COP26 के एजेंडे के अनुरूप: संजय झा


  • बिहार के जल संसाधन मंत्री ने दिल्ली में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठकों में हिस्सा लिया, बिहार का पक्ष रखा
  • नदियों को आपस में जोड़ने की योजनाओं और जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों पर हुई सार्थक चर्चा

* श्री संजय झा ने राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण के पटना कार्यालय और सुदृढ़ करने का किया अनुरोध

पटना।
विज्ञान भवन, नई दिल्ली में शुक्रवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (NWDA) की 35वीं वार्षिक सामान्य बैठक और नदियों को आपस में जोड़ने के लिए गठित विशेष समिति की 19वीं बैठक में बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने भी हिस्सा लिया। बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और जलशक्ति राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल के अलावा कई राज्यों के मंत्रियों और केंद्र तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

इन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठकों में श्री संजय झा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में उभरते संकट से निपटने के उपाय करने में बिहार अग्रणी प्रदेश रहा है। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में एक व्यापक एवं बहुआयामी अभियान ‘जल-जीवन-हरियाली’ की शुरुआत की गई है, जिसके अंतर्गत पौधारोपण, सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने, वर्षा जल के संचयन, तमाम मृतप्राय जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने आदि के लिए बड़े पैमाने पर काम हो रहे हैं। 2020 के जनवरी में बिहार के लगभग 5 करोड़ लोगों इस अभियान के समर्थन में विश्व के सबसे लंबे मानव श्रृंखला का निर्माण भी किया था। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के जरिये बिहार पूरी दुनिया के लिए नजीर पेश कर रहा है। इस अभियान के लक्ष्य अभी संपन्न हुए वैश्विक सम्मेलन COP26 के एजेंडा के अनुरूप हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी सोच के कारण जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा 24 सितंबर 2020 को आयोजित इंटरनेशनल राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में उन्हें ‘ग्लोबल क्लाइमेट लीडर’ पुकारा गया।
श्री झा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय-2 के अंतर्गत ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक गांव एवं टोलों का सर्वेक्षण कर कुल 29,952 सिंचाई योजनाओं का चयन किया गया है, जिस पर कार्यान्वयन की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बिहार में अब जलवायु के अनुकूल खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

नदियों को आपस में जोड़ने के मुद्दे पर श्री संजय झा ने कहा कि बिहार में बाढ़ और सुखाड़ की समस्या को कम करने के लिए राज्य के अंदर नदियों को जोड़ने की योजना तैयार करने का काम राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (NWDA) को दिया गया है और इसकी अच्छी प्रगति हो रही है। बिहार की कोशी मेची लिंक परियोजना को इन्वेस्टमेंट क्लियरेंस मिल चुका है और इसे राष्ट्रीय योजना में शामिल करने की अनुशंसा कर दी गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि कोशी-मेची लिंक परियोजना के लिए 90:10 के आधार पर केंद्रीय सहायता दी जाए। इस योजना से उत्तर पूर्वी बिहार के चार जिलों को काफी लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा जल संसाधन विभाग को निदेश दिया गया है कि छोटी-छोटी नदियों को जोड़ते हुए जल संरक्षण एवं किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य करें। उत्तर बिहार में बागमती, कमला एवं कोशी बेसिन और दक्षिण बिहार में पुनपुन, किउल-हरोहर बेसिन में छोटी-छोटी़ नदियों को आपस में जोड़ते हुए इन क्षेत्रों की बाढ़ की समस्या को दूर करने के साथ-साथ सिंचाई देने की योजनाओं की असीम संभावनाएं हैं।

श्री संजय झा ने इंट्रा स्टेट रिवर लिंकिंग के तहत बिहार की बागमती गंगा लिंक, बूढ़ी गंडक नून बाया गंगा लिंक और बागमती बूढ़ी गंडक लिंक योजना की संभाव्यता पर पुनर्विचार करने के लिए राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण को धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने अनुरोध किया अभिकरण पटना स्थित अपने अंचलीय कार्यालय को और सुदृढ़ करते हुए वहां पदाधिकारियों की कमी को दूर करे।

राज्य सरकार न्यूनतम 20 हजार और अधिकतम 5 लाख रुपये तक मिलगे सरकारी अनुदान

राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का करा रही इलाजः मंगल पांडेय
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से इलाज हेतु दी जा रही आर्थिक सहायता
इस साल अप्रैल से लेकर सितंबर तक 7342 मरीजों को मिली आर्थिक सहायता
न्यूनतम 20 हजार और अधिकतम 5 लाख रुपये तक मिलते हैं सरकारी अनुदान

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि गंभीर रोगों से पीड़ित गरीब मरीजों के बेहतर इलाज को लेकर राज्य सरकार मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इस कोष से 14 असाध्य बीमारियों के इलाज के लिए राशि दी जाती है। प्रदेश के अलावा प्रदेश के बाहर इलाज कराने पर भी कोष से सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत 20 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इस साल अप्रैल से लेकर सिंतंबर माह तक 7 हजार 342 मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 11 हजार 180 मरीज लाभान्वित हुए।

श्री पांडेय ने कहा कि कहा कि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष कमिटी की अनुशंसा पर सूची में शामिल 14 बीमारियों के अलावे भी अन्य दूसरी बीमारियों के इलाज के लिये सरकार की तरफ से एक लाख रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान है। सालाना ढाई लाख रुपये से कम आय तथा प्रदेश के सरकारी और सीजीएचएस से मान्यता प्राप्त अस्पताल में इलाज कराने वाले रोगी को ही सहायता दी जाती है। इन अस्पतालों से इलाज के लिए दूसरे प्रदेश में रेफर करने वाले रोगी को भी ह्ृदय रोग, कैंसर, कुल्हा रिप्लेसमेंट, घुटना रिप्लेसमेंट, नस रोग, एसिड अटैक से जख्मी, बोन मेरौ ट्रांसप्लान्ट, एड्स, हेपेटाइटिस, कोकिलेर इम्प्लांट, ट्रांस जेंडर सर्जरी, नेत्र रोग समेत चौदह तरह की बीमारियों के इलाज के लिए सरकारी सहायता दी जाती है।

श्री पांडेय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वास्थ्य विभाग में आर्थिक सहायता के लिए 13 हजार 155 आवेदन आये, जिसमें से 11 हजार 180 आवेदन स्वीकृत किये गए। इसके लिए सरकार की तरफ से 93 करोड़ 63 लाख दो हजार 500 रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। इस साल अप्रैल से लेकर सितंबर तक 8 हजार 583 आवेदन आये, जिसमें से स्वीकृत 7 हजार 342 मरीजों के इलाज मद में 65 करोड़ 30 लाख 38 हजार रुपये की मंजूरी प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को इलाज कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसका पूरा ख्याल रखता है।

पश्चिम में दिखे पूरब के रंग, अमेरिका में भारतीय-अमेरिकियों ने कुछ ऐसे की छठ पूजा

बिहार में मनाया जाने वाला छठ का त्योहार अमेरिका में भी मनाया गया। इस दौरान लोगों ने अस्थायी जलाशयों में पूजा की।
अमेरिका में मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के भारतीय-अमेरिकियों ने सूर्य भगवान की पूजा कर छठ पर्व मनाया।

सात समंदर पार बिखेर रहे छठ पूजा की अद्भुत छटा

महापर्व छठ बिहार की दहलीज से निकलकर विदेश में भी अद्भुत छटा बिखेर रहे हैं। अमेरिका के बोस्टन और बर्जीनिया में छठ पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

अमेरिका के बोस्टन शहर छठ की गीत से गूंजा

विदेश में बसे बिहारियों का कहना है कि वे बाहर रहने गये हैं। लेकिन अपनी परंपरा और सूर्योपासना के पर्व छठ को कैसे भूल सकते हैं। सूर्य की महिमा पूरी दुनिया जान सके, यही उनका मकसद है।

अमेरिका के बर्जीनिया शहर छठ की गीत से गूंजा

कौन है छठी मैया

लोगों में एक आम जिज्ञासा यह रही है कि सूर्य की उपासना के इस महापर्व में सूर्य के साथ जिन छठी मैया की अथाह शक्तियों के गीत गाए जाते हैं, वे कौन हैं। ज्यादातर लोग इन्हें शास्त्र की नहीं, लोक कल्पना की उपज मानते हैं। लेकिन हमारे पुराणों में यत्र-तत्र इन देवी के संकेत जरूर खोजे जा सकते हैं।

एक पौराणिक कथा के अनुसार सूर्य और षष्ठी या छठी का संबंध भाई और बहन का है। षष्ठी एक मातृका शक्ति हैं जिनकी पहली पूजा स्वयं सूर्य ने की थी। ‘मार्कण्डेय पुराण’ के अनुसार प्रकृति ने अपनी शक्तियों को कई-कई अंशों में विभाजित कर रखा है। प्रकृति के छठे अंश को ‘देवसेना’ कहा गया है। प्रकृति का छठा अंश होने के कारण इनका एक नाम षष्ठी भी है। देवसेना या षष्ठी श्रेष्ठ मातृका और समस्त लोकों के बालकों की रक्षिका हैं। इनका एक नाम कात्यायनी भी है जिनकी पूजा नवरात्रि की षष्ठी तिथि को होती है। पुराणों में निःसंतान राजा प्रियंवद द्वारा देवी षष्ठी का व्रत करने की कथा है। छठी षष्ठी का अपभ्रंश हो सकता है। आज भी छठव्रती छठी मैया से अपनी संतानों के लंबे जीवन, आरोग्य और सुख-समृद्धि का वरदान मांगते हैं। शिशु के जन्म के छह दिनों बाद इन्हीं षष्ठी या छठी देवी की पूजा का आयोजन होता है जिसे छठी या छठिहार कहते हैं।

छठी मैया की इस परिकल्पना की एक आध्यात्मिक पृष्ठभूमि भी हो सकती है। अध्यात्म के अनुसार सूर्य की सात किरणों का मानव जीवन पर अलग – अलग प्रभाव पड़ता है। सूर्य की छठी किरण को आरोग्य और भक्ति का मार्ग प्रशस्त करने वाला माना गया है। संभव है कि सूर्य की इस छठी किरण का प्रवेश अध्यात्म से लोकजीवन में छठी मैया के रूप में हुआ हो।

लेखक –ध्रुव गुप्ता

नोटबन्दी के कारण नकली नोटों में भारी कमी आई

नोटबन्दी के कारण नकली नोटों में भारी कमी – डिजिटल पेमेंट में 30 प्रतिशत वृद्धि
8.11.2021, नोटबन्दी के 5 साल पूरा होने पर भाजपा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नोटबन्दी का ही परिणाम है कि नकली नोटों में भारी कमी आ गई। जहां 2018-19 में 3.1 लाख पीस नकली नोट पाए गए थे वहीं 2020-21 में मात्र 2 लाख पीस पाए गए।

डिजिटल पेमेंट में 2019-20 मार्च की तुलना में 2020-21 में 30.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिजर्व बैंक का डिजिटल भुगतान सूचकांक जहां एक वर्ष पूर्व 207.84 था वह मार्च, 21 में 270.59 पर पहुंच गया।

2017 में एटीएम कुल ट्रान्जेक्शन का 58 प्रतिशत था वह 2021 में घटकर 16 प्रतिशत रह गया तथा मोबाइल बैकिंग, मोबाइल वालेट तथा पाॅस से ट्रान्जेक्शन 40 प्रतिशत से बढ़कर 85 प्रतिशत हो गया। इसी प्रकार अनौपचारिक अर्थ व्यवस्था कुछ वर्ष पूर्व तक जहां जी.डी.पी का 50 प्रतिशत था वहां अब 20 प्रतिशत की कमी के साथ जी.डी.पी का 30 प्रतिशत है जो यूरोप एवं कई लैटिन अमेरीकी देशों के समकक्ष है।

नोटबन्दी का ही परिणाम है कि नक्सली हिंसा, आतंकवादी घटनाएं तथा आतंकी फंण्डिग में भारी कमी आयी है।

राज्य में सात करोड़ से अधिक हुआ कोरोना टीकाकरण

राज्य में सात करोड़ से अधिक हुआ कोरोना टीकाकरणः मंगल पांडेय
सबों के सहयोग से राज्य मेंं तेजी से बढ़ रहा टीकाकरण का आंकड़ा
पिछले 15 सप्ताह में पांच करोड़ लाभार्थियों को किया गया टीकाकृत

पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने रविवार को कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा सात करोड़ पार करने पर कहा कि आज का दिन बिहार के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में राज्य में टीकाकरण का कार्य द्रुत गति से हो रहा है। श्री पांडेय ने कहा कि सबों के अथक प्रयास से सात नवंबर को टीकाकरण का आंकडा सात करोड़ का आंकड़ा पार गया है।

अब तक पांच करोड़ छह लाख 76 हजार लोगों को प्रथम खुराक दे दिया गया है, वहीं रविवार की देर रात्रि तक दूसरी खुराक का आंकड़ा भी 2 करोड़ पार होने का अनुमान है।

श्री पांडेय ने कहा कि 31 दिसम्बर 2021 तक आठ करोड़ से अधिक टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। दो करोड़ से 7 करोड़ का आंकड़ा पिछले 15 सप्ताह में पूरा किया गया है।

रविवार को चले कोरोना टीकाकरण अभियान में राज्य में कुल 8 हजार 846 मोटरसाइकिल पर सवार टीकाकरण टीम ने घर-घर जाकर लोगों को टीकाकृत करने का काम किया।

इसके अलावे छूटे हुए लोगों के अलावा टीका लेने से इंकार करने वाले और गर्भवती महिलाओं का सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा वोटर लिस्ट के आधार पर घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है, ताकि कोई भी लाभार्थी टीकाकरण से वंचित नहीं रह सके।

इस उपलब्धि के लिए कोरोना टीका के लाभार्थियों समेत टीकाकरण अभियान से जुड़े डॉर्क्ट्स, स्वास्थककर्मी, कोरोना वॉरियर्स एवं फ्रंट लाइन वर्कर्स धन्यवाद के पात्र हैं, जिनकी  वजह से राज्य ने यह उपलब्धि हासिल की।

श्री पांडेय ने छठ पर्व पर बाहर से आये लोगों से अपील की है कि वे टेस्टिंग और टीकाकरण अवश्य करायें। गंगा घाटों के अलावे अन्य पूजा स्थलों पर टेस्टिंग और टीकाकरण की व्यवस्था की गई है।

जिन लोगों ने प्रथम डोज ले लिया है, वैसे लाभार्थी दूसरी डोज अवश्य लें। साथ ही सरकार द्वारा जारी कोरोना प्रोटोकॉल के नियम का अवश्य पालन करें, ताकि खुद और दूसरों को सुरक्षित रख सकें।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय सिंह, अपर कार्यपालक निदेशक अनिमेश परासर एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।

शराबबंदी कानून की हो समीक्षा -बीजेपी

जहरीली शराब से मौत को लेकर जारी सियासत के बीच बीजेपी ने नीतीश कुमार के शराबबंदी नीति को लेकर सवाल खड़े करने लगे हैं ।

जहरीली शराब से मौत मामले में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अपने सरकार को घेरा

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद संजय जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शराबबंदी कानून फेल होने का कारण पुलिस है ,बिहार पुलिस के संरक्षण में शराब बेची जा रही है जहां पर पुलिस का प्रभाव ज्यादा है वहां पर चोरी-छिपे शराब बिक्री हो रहा है,शराबबंदी कानून की समीक्षा की जरूरत है ।

खुलेआम शराब बिक रही है गांव गांव में– पीड़ित परिजन

पूर्वी चंपारण मेरे संसदीय क्षेत्र अवैध शराब बिक्री की स्थिति भयावह है,पूर्वी चंपारण मैं पुलिस प्रशासन के सहयोग से शराब का काम चल रहा है।बिहार में शराबबंदी कानून को लागू हुए पांच वर्ष हो गये हैं इसके सफलता और असफलता पर विचार करना बेहद जरूरी है।

राजद ने नीतीश पर बोला हमला कहां नीतीश थक गये हैं

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान पर राजद ने चुटकी ली है और राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहां कि जब सरकार में शामिल पार्टी के अध्यक्ष ही कह रहे हैं कि पुलिस की मिली भगत से अवैध शराब का धंधा चलता है तो फिर विपक्ष जो सवाल खड़ा कर रहा था उसकी पुष्टि हो रही है नीतीश कुमार लाचार और कमजोर मुख्यमंत्री है उससे कुछ होने वाला नहीं है इसी तरह लोग तरप तरप कर मरते रहेंगे ।

जहरीली शराब मौत मामले में तेजस्वी ने फिर सरकार पर बोला हमला

नेता विरोधी दल तेजस्वी यादव ने एक बार फिर जरिए शराब से मौत पर सरकार पर जमकर निशाना साधा है तेजस्वी यादव ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की है

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा है कि शराबबंदी का ढोंग करने वाले संवेदनहीन मुखिया चुप क्यों हैं क्योंकि मिलीभगत जो है नीतीश सरकार की अवैध शराब के कारोबार मे तस्करी में सीधी एव प्रत्यक्ष लिखता है

तेजस्वी यादव ने तंज कसा है कि क्या यह सच्चाई नहीं है कि कारणों से शराब की बिक्री हो रही है क्या यह सच नहीं है कि वरिष्ठ अधिकारियों और सत्ताधारी नेताओं तक कमीशन नहीं पहुंच रहा है क्या यह सच नहीं है कि कुछ आसरा माफियाओं के मुख्यमंत्री आवास में सीधी पहुंच नहीं है क्या यह यथार्थ नहीं है शराबबंदी के नाम पर मुख्यमंत्री के द्वारा की गई हजारों समीक्षा बैठक का अब तक कोई परिणाम नहीं निकला जबकि या बैठक तस्करों को प्रोत्साहित करने वाला ही साबित हुआ है

छठ घाट की तैयारी को लेकर उपमुख्यमंत्री ने शहरी निकाय के पदाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक

छठ घाट की तैयारी को लेकर उपमुख्यमंत्री ने शहरी निकाय के पदाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक, तैयारियों का लिया जायजा, दिए आवश्यक निर्देश

छठ घाट के तैयारी हेतु शहरी निकायों को मिलेगी अतिरिक्त राशि। नगर निगम को 2 लाख रुपये, नगर परिषद् को 1.50 लाख रुपये एवं नगर पंचायत को 01 लाख रुपए की राशि मिलेगी।

बिहार के उपमुख्यमंत्री -सह- नगर विकास एवं आवास मंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने गंगा एवं अन्य नदियों के किनारे स्थित नगर निगम, नगर परिषद् एवं नगर पंचायत के पदाधिकारियों के साथ छठ घाट की आवश्यक तैयारी एवं सुविधाओं को लेकर वर्चुअल रूप से समीक्षा बैठक की।

उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के दौरान आवश्यक साफ-सफाई एवं स्वच्छता की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक छठ घाटों पर वाच टावर, चेंजिंग रूम, मजबूत बैरीकटिंग, विद्युत व्यवस्था, पर्याप्त लाइटिंग एवं एंबुलेंस की व्यवस्था, पावर बैकअप के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़क मार्ग से छठ घाट की ओर जाने वाले संपर्क पथों की भी आवश्यक मरम्मति सुनिश्चित करायी जाए। प्रत्येक छठ घाट पर शहरी निकाय के पदाधिकारी कैंप कार्यालय संचालित कर स्टाफ की प्रतिनियुक्ति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें, ताकि छठ व्रतियों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो।

उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक घाटों पर जहां जल स्तर अधिक है, उसे खतरनाक घाट के रूप में चिन्हि्त कर लाल कपड़े लगाए जाएं, साइनेज, ध्वनि विस्तारक यंत्र की व्यवस्था रखें। उन्होंने कहा कि छठ घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु आवश्यक व्यवस्था के लिए नगर निगम को 02 लाख रुपये, नगर परिषद् को 1.50 लाख रुपये एवं नगर पंचायत को 01 लाख रुपए की राशि मुहैया कराई गई है। इस राशि का उपयोग कर सभी शहरी निकाय छठ व्रतियों की सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि पटना नगर निगम के अंतर्गत छठ घाटों की आवश्यक तैयारी हेतु अलग से राशि का प्रबंध किया गया है, जिसके अंतर्गत कार्य चल रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री ने छठ व्रतियों से अपील करते हुए कहा कि यथासंभव छठ पूजा घर पर ही करें। यदि घाटों पर जाएं तो गहरे पानी में न जाएं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सुरक्षित रूप से छठ का पर्व मनाएं।
बैठक के दौरान राज्य मुख्यालय से नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री आनंद किशोर एवं अन्य वरीय विभागीय पदाधिकारी तथा वर्चुअल रूप से पटना नगर निगम को छोड़कर अन्य सभी नगर निगमों के नगर आयुक्त, नगर परिषद् और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारीगण, अभियंतागण आदि उपस्थित थे।

जहरीली शराब से मौत दुखद, दोषियों को मिले फाँसी की सजा

सुशील कुमार मोदी

  1. बिहार के गोपालगंज सहित तीन जिलों में जहरीली शराब पीने से 30 से ज्यादा लोगों के मरने की अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद प्रशासन को दोषियों की पहचान कर तुरंत कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
    ऐसे मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिये मौत के सौदागरों को फाँसी की सजा दिलायी जानी चाहिए।
  1. वर्ष 2016 में गोपालगंज के खजूरबन्ना में जहरीली शराब से 19 लोगों की मृत्यु के बाद दोषी पाए गए 9 को फाँसी और 4 महिलाओं को उम्र कैद की सजा सुनायी गई थी।
    ऐसी घटना में मृतक के परिवार का कोई दोष नहीं होता, इसलिए सरकार ने उस समय हर आश्रित परिवार को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा दिया था।
    इस बार भी सरकार को पीड़ित आश्रितों को 4 – 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का विचार करना चाहिए।
  2. जहरीली शराब से मौत की घटनाएँ उन राज्यों में भी हुईं, जहां मद्यनिषेध लागू नहीं है, इसलिए ऐसी दुखद घटनाओं के बहाने शराबबंदी हटाने की दलील नहीं दी जानी चाहिए।
    बिहार की जनता और विशेष कर आधी आबादी ने शराबबंदी को सहर्ष स्वीकार कर लिया है।
  3. गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र भाई मोदी ने मद्यनिषेध लागू रखा और बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पाड़ित महिलाओं की एक आवाज पर इसे सख्ती से लागू किया।
    शराबबंदी लागू होने से घरेलू हिंसा और स्कूल-कालेज जाने वाली लड़कियों पर भद्दी छींटाकशी की घटनाएँ काफी कम हुईं।
    राज्य सरकार को शराबबंदी के फैसले पर दृढ रहना चाहिए।

रोसड़ा नगर परिषद के सफाईकर्मी रामसेवक राम की मौत की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग

भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा ने समस्तीपुर थाने में हुई पुलिस पिटाई से सफाईकर्मी रामसेवक राम की मौत को हत्या बताया है और कहा है कि आज बिहार में पुलिस राज कायम हो गया है. उन्होंने थाना प्रभारी और रोसड़ा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी पर अविलम्ब कार्रवाई की मांग की.

रोसड़ा नगर परिषद के सफाईकर्मी रामसेवक राम की मौत की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी पुलिस- पदाधिकारी को बर्खास्त करने, परिजन को 10 लाख रूपये मुआवजा एवं नौकरी देने; पत्रकार, पार्षद व मजदूर पर दर्ज रोसड़ा थाना झूठा कांड संख्या-343/21 तत्काल समाप्त करने की मांग को लेकर आज भाकपा- माले के कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद क्षेत्र के मोतीपुर कालीस्थान से विरोध मार्च निकाला. अपने-अपने हाथों में झंडे, बैनर एवं मांगों से संबंधित नारे लिखे कार्डबोर्ड लेकर माले कार्यकर्ताओं ने आक्रोशपूर्ण नारे लगाए और लगाते हुए नेशनल हाईवे-28 से गुजरते हुए बाजार क्षेत्र गांधी चौक पर सभा की, जिसकी अध्यक्षता प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने की.

किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, बासुदेव राय, बखेरी सिंह, हरिदेव प्रसाद सिंह, ललन दास, श्याम चंद्र दास, रामसेवक राय, रामबाबू सिंह, मंजीत कुमार, महेंद्र दास, अनील सिंह आदि ने सभा को संबोधित करते हुए हत्यारे को बर्खास्त कर सफाईकर्मी रामसेवक राम को न्याय देने अन्यथा आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी.

अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रखण्ड सचिव ने कहा कि हाजत लोगों को सुरक्षा देने के लिए होता है, न की पिटाई कर मार देने के लिए. हाजत में हत्या जघन्य अपराध है और इसके दोषियों को दंड मिलना ही चाहिए. भाकपा माले इस संघर्ष को सड़क से विधानसभा तक ले जाएगी.

जहरीली शराब से मौत का सिलसिला जारी मरने वालों की संख्या बढ़कर हुआ 60

बिहार में जहरीली शराब से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है आज चौथा जिला समस्तीपुर इसके आकोश में आ गया है जहां जहरीली शराब पीने से एक सेना का जवान सहित चारों लोगों की मौत हो गयी है एक दर्जन से अधिक व्यक्ति बीमार पड़ गये हैं।

जिले के पटोरी प्रखंड के रुपौली पंचायत में संदिग्ध हालत में एक साथ चार लोगों की मौत होने के साथ ही आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। बीमार लोगों को इलाज के लिए अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया है। मृतकों में एक बीएसएफ का और एक सेना का जवान भी शामिल है। दोनों छुट्टी में घर आये हुए थे।


1–जहरीली शराब से मौत का सिलसिला जारी 
मिली जानकारी के अनुसार जिले के शाहपुर पटोरी अनुमंडल स्थित रुपौली गांव में शुक्रवार की शाम से बीमार पड़ने और मरने का सिलसिला शुरू हुआ।

गोपालगंज में दो और लोगों की जहरीली शराब पीने से हुई मौत

गांव में व्याप्त चर्चा के अनुसार शुक्रवार शाम तीन से चार बजे के बीच लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और एक-एक कर करीब दस लोगों की तबीयत बिगड़ने से गांव में हड़कंप मच गया।इसके अलावा मरने वालों में किसान श्यामनंदन चौधरी और वीर चंद्र राय शामिल हैं। वहीं इलाजरत लोगों में अभिलाख राय, बेंगा राय, सुमन कुमार, दीपक कुमार और कुंदन कुमार का नाम बताया जा रहा है। एक साथ चार लोगों की मौत और आधे दर्जन लोग भर्ती है ।


वही दूसरी ओर गोपालजंग में  इलाज के दौरान आज सुबह दो और लोगो की हुई मौत।इस तरह मृतकों की गोपालगंज में बढ़कर 13 हो गयी है आज इलाज के दौरान राजकुमार मिश्रा और मनोरंजन सिंह की मृत्यु मोतिहारी और पटना पीएमसीएच में इलाज के दौरान हो गयी है ये दोनों भी मोहम्मदपुर में शराब पीने के दौरान हुए थे बीमार।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लगाई फटकार 
वही सीएम ने कल देर शाम बिहार के अलग-अलग जिलों में जहरीली शराब पीने से लगातार हो रही मौतों पर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने हाई लेवल बैठक बुलाई जिसमें पुलिस और उत्‍पाद विभाग के आला अफसरों को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि जो भी इसमें शामिल है कारवाई करिए। साथ ही 16 नवंबर को शराबबंदी की समीक्षा बैठक करने का ऐलान किया।

समस्तीपुर एसपी ने शुरु की जॉच

इससे पहले उन्होंने शराब पीने वालों को नसीहत देते हुए कहा – ‘देख लीजिए की क्या स्थिति है। हम बार-बार कहते हैं कि गलत चीज पीजिएगा तो ये नौबत आएगी।’ सीएम ने कहा कि अगर किसी इलाके में कोई शराब बेच रहा है तो ये दुखद है। साथ ही महापर्व छठ के बाद शराबबंदी की विस्तृत समीक्षा करने की बात कही है।

सुशासन का सच

मोतिहारी से एक फोन आया सर जय भीभ फिल्म देखे, मैंने कहां नहीं अरे सर जरुर देखिए आपको बहुत पसंद आयेगा आपके मिजाज से बहुत मेल खाता है। ऑफिस से लौटने के बाद फिल्म देखना शुरु किये पता नहीं क्यों यह फिल्म मुझे उत्साहित नहीं कर पाया ,बार बार मेरे जेहन में एक ही सवाल उठ रहा था कि जिस अत्याचार को लेकर फिल्म बनी है आज उस तरह के अत्याचार को लेकर मीडिया ,कोर्ट और पुलिस महकमे में कही से भी न्याय के साथ खड़े होने की एक छोटी सी भी किरण दिखायी दे रही है ।

मुझे तो नहीं दिखायी दे रही है तो फिर इस तरह के फिल्म का मतलब क्या है , अंबेडकर का जयकारा लगाइए और अपना पीठ आप खुद थपथपाइए ।क्यों कि ये जो सुशासन की सरकार है ना एक एक करके उन तमाम सिविल राइट्स के लिए लड़ने वाले और संरक्षण देने वाली संस्थान को खत्म कर दिया जिसके सहारे आप इस तरह की जुल्म के खिलाफ आवाज उठा सकते थे ।

शुरुआत मीडिया पर नियंत्रण से हुई और जैसे ही मीडिया का जुबान बंद करने में सुशासन की सरकार कामयाब हो गयी ,फिर सामाजिक बदलाव और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वालो की जुबान बंद करने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपनाये जाने लगे और अंत में जिस पर भरोसा था कि ऐसे जुल्म करने वालों पर कारवाई कर कोर्ट लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने का काम करेगा उसका हाल तो और बुरा हो गया है ।

किसके भरोसे इस तरह की लड़ाई लड़ी जाए जनता ना बाबा ना ऐसा समझदार तो कोई है ही नहीं । फिल्म जय भीम में पुलिस के जिस तरह के जुल्म को देख कर आप आक्रोशित है वैसा जुल्म आज पुलिस नहीं कर रही ऐसा नहीं है फिल्म में जो दिखाया गया है उससे भी बड़ी बड़ी जुल्म पुलिस आज भी कर रही है ।कल की ही बात ले लीजिए घटना मेरे रोसड़ा से जुड़ा हुआ है कई माह से वेतन नहीं मिलने के कारण नगर परिषद के सफाई कर्मचारी आक्रोशित हो गये और कार्यपालक पदाधिकारी पर हाथ चला दिया।

पदाधिकारी पर हाथ चला देने की खबर जैसे ही सामने आयी सवाल सिस्टम के पुरुषार्थ से जुड़ गया और देखते देखते डीएम से लेकर एसपी तक की भौहें तन गयी और फिर क्या था बेचारा दलित सफाई कर्मचारी पर वो तमाम धाराएं लगी दी गयी जिससे उस दलित कर्मचारी को जल्द जमानत नहीं मिले। किसी ने यह सवाल उस कार्यपालक पदाधिकारी से नहीं किया कि पर्व का समय है चार माह से इन सफाई कर्मचारियों को वेतन क्यों नहीं मिल रहा है।

बस इतने से सकून नहीं मिला पुलिस शहर के शराब माफिया के साथ उस सफाई कर्मचारी के घर पहुंचा और उसे पीटते हुए थाना लाया ताकि आगे कोई साहस नहीं कर सके, पुलिस इतनी पिटाई किया गया कि कल उसकी पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गयी उससे पहले सफाई कर्मचारी की पिटाई को लेकर स्थानीय लोग इतने गुस्से में आ गये कि थाना पर हमला बोल दिया रोसड़ा मेरा घर है और मैं पटना में पत्रकार हूं स्वाभाविक है रोसड़ा से फोन आने लगा मामला बिगड़ रहा है जरा उपर बोलिए और सफाई कर्मचारी का बेहतर इलाज हो इसकी कोई व्यवस्था करा दीजिए ।

मैं पुलिस मुख्यालय के एक सीनियर अधिकारी को फोन किया थोड़ी देर में एसपी पहुंचा और हंगामा कर रही महिलाओं से बात करने के बजाय पिटवाना शुरू करवा दिया पुलिस थाना पर हमला करने के मामले में एक दर्जन से अधिक महिलाओं को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया ,कई पत्रकारों को भी अभियुक्त बनाया गया उन पर आरोप है कि ये लोग भीड़ को भड़का रहे थे ।

कल रोसड़ा से ही फोन आया सफाई कर्मचारी की मौत हो गयी है और उसके बेटे के साथ पुलिस मारपीट करके पीएमसीएच में कुछ लिखवाना चाह रही है मैं अपने रिपोर्टर को तुरंत पीएमसीएच भेजा आजकल पीएमसीएच में एक अलग खेला शुरु है कैमरा लेकर आप अस्पताल परिसर में भी नहीं जा सकते हैं खैर उसके बेटे से मेरा टीम मिला पूरी खबर बनाये और फिर पुलिस मुख्यालय से आग्रह किया कि उस सफाई कर्मचारी का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा दीजिए और उसके बेटे के साथ जो रोसड़ा पुलिस व्यवहार कर रही है ये सही नहीं है। खैर प्रक्रिया शुरु हो गयी है लेकिन मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि इस सिस्टम में उस दलित को न्याय मिलने कि बात करना भी बेमानी है ।

रोसड़ा का विधायक दलित है सांसद भी दलित है रोसड़ा से जिसका भी फोन आया मैंने यही कहां सांसद और विधायक से बात करिए विधायक बीजेपी से हैं और सांसद पारस गुट लोजपा से हैं सरकार के खासमखास है वही से कुछ हो सकता है सोचिए एक पत्रकार जो खुद खबर के सहारे सिस्टम का ईट से ईट बजा सकता है वह आज विधायक और सांसद से बात करने की सलाह दे रहा है क्यों जरा आप भी सोचिए। इस तरह की घटना कोई नयी बात नहीं है पूरे बिहार में रोजाना इस तरह की घटनाए घट रही है लेकिन जिसे आवाज उठानी चाहिए थी जी है मीडिया उसकी जुबान बंद कर दी गयी है तो फिर इस तरह के जुल्म की खबर आप तक पहुंचेगी कैसे याद करिए मीडिया खबर चला रही थी

तब तो आप शहाबुद्दीन से लड़ने वाले चंदा बाबू को जान रहे हैं लेकिन आज चंदा बाबू से भी बड़ी लड़ाई लड़ने वाला मोतिहारी का आरटीआई कार्यकर्ता बिपिन अग्रवाल की सरेआम हत्या कर दी जाती है उसकी पत्नी पुलिस के रवैये से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास करती है बाप अन्न त्याग दिया है लेकिन सिस्टम को कोई मतलब नहीं है क्यों कि हत्यारो का रिश्ता सत्ता रुढ़ दल से जुड़ा है जंगलराज में क्या यह सम्भव था पुलिस कारवाई नहीं करती तो रोजोना अखबार में लीड खबर छपती आज क्या हो रहा है ,इसी तरह मुजफ्फरपुर के एक आरटीआई कार्यकर्ता दो वर्ष से जेल में इसलिए है कि वो सूबे के पूर्व डीजीपी के खिलाफ आवाज उठाता रहता था मामला जो भी हो लेकिन जिस तरीके से जेल में रहते हुए

उस आरटीआई कार्यकर्ता में पांच मुकदमा जेल से फो कर के रंगदारी मांगने और हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया गया ये तो नाइंसाफी है कही किसी कोनो से कोई आवाज सुनाई दी है नहीं ना मुझे पता है पोस्ट जैसे ही पब्लिक होगा मेरे फोन की घंटी बजने लगेंगी क्यों ऐसा लिख दिए। ये स्थिति है आप जुल्म के खिलाफ खबर नहीं लिख सकते हैं आवाज उठानी तो बड़ी बात है आज की तारीख में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि बिना पैसा लिए थाने और प्रखंड मुख्यालय में एक काम नहीं हो सकता है मोबाइल खोने का सनहा भी करने जाएगा ना तो पांच सौ रुपया देना पड़ता है यही सुशासन है।

बिहार न्यूज पोस्ट की खबर पर लगी मोहर डीजीपी ने माना जहरीली शराब से हुई है मौत

जहरीली शराब से मौत पर राज पुलिस मुख्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि गोपालगंज में 3 अक्टूबर को मोहम्मदपुर में कथित रूप से जहरीली शराब का सेवन करने से 11 व्यक्ति की मृत्यु हो गई 4 का इलाज चल रहा है सभी मृतकों का पोस्टमार्टम करा लिया गया है और बेसरा को जांच हेतु भेजा जा रहा है इस संबंध में महमदपुर थाने में धारा 272 273 320 307 304 120b और 34 a33 b 33 और 34 उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है इसके साथ ही थाना अध्यक्ष मोहम्मद पूर्ण शशि रंजन कुमार चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है इस मामले में अभी तक तीन अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है

4 अक्टूबर को पश्चिम चंपारण के बेतिया के नौतन थाना अंतर्गत जहरीली शराब के सेवन करने से 12 व्यक्ति की मृत्यु हो गई 10 लोग अभी इलाज रत है इस मामले में धारा 272 273 328 307 304 120b सहित कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है इस मामले में अभी तक 2 लोगों की गिरफ्तारी की गई है 11 लोगों का पोस्टमार्टम करा लिया गया है सभी कांडों का अनुसंधान जारी है और प्राथमिकता के आधार पर इस मामले में कड़क कार्रवाई की जा रही है

मुजफ्फरपुर के सरैया में हुए जहरीली शराब के सेवन से सात लोग बीमार हो गए थे और सभी की मृत्यु हो गई इस संबंध में भी सरिया थाने में धारा 284 328 307 302 34 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है और अभी तक 11 लोग गिरफ्तार किए गए हैं पांच व्यक्ति का पोस्टमार्टम करा दिया गया है।

बिहार में 126 अस्पतालों में मिलने लगी डिजिटल एक्सरे की सुविधा

126 अस्पतालों में मिलने लगी डिजिटल एक्सरे की सुविधा: मंगल पांडेय
पीपीपी मोड पर 146 जगहों पर लोगों को मिलेंगे डिजिटल एक्स-रे सेवा

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए स्वास्थ्य विभाग कृत संकल्पित है। राज्य के सरकारी अस्पतालों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य डिजिटल एक्स-रे की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।

श्री पांडेय ने बताया कि बिहार के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर 146 डिजिटल एक्स-रे सेवा शुरू होने हैं। इसमें से 126 अस्पतालों में इसे चालू कर दिया गया है। बांकी 20 जगहों पर डिजिटल एक्स-रे लगाने की प्रक्रिया जारी है। श्री पांडेय ने कहा कि बदलते समय के अनुसार डिजिटल एक्सरे की काफी जरूरत थी।

अभी तक मैनुअल एक्सरे ही किया जा रहा था। राज्य के अस्पतालों में डिजिटल एक्स-रे की सेवा से मरीजों को काफी सुविधा मिल रही है। कुछ मिनटों में ही उन्हें एक्स-रे की रिपोर्ट मिल जा रही है।

श्री पांडेय ने कहा कि अब उन जरूरतमंद मरीजों को डिजिटल एक्स-रे कराने का लाभ मिल रहा है, जिन्हें किसी निजी नर्सिंग होम या निजी एक्स-रे सेंटर जाना पड़ता था। इसमें ज्यादा फीस चुकानी पड़ती थी, लेकिन अब जिलों में डिजिटल एक्स-रे शुरू हो जाने के बाद मरीजों को सरकारी अस्पताल में ही सुविधा उपलब्ध हो जा रही है। इससे गरीब मरीजों को आर्थिक राहत मिल रही है। डिजिटल एक्स-रे से 50 फीसदी तक रेडिएशन कम होगा। वहीं रिपोर्ट को कम्प्यूटर में आसानी से स्टोर किया जा सकेगा।

जहरीली शराब से मौत का सिलसिला जारी मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा गलत चीज का सेवन करोगे तो भुगतेगा कौन

बिहार के मुजफ्फरपुर,गोपालगंज और बेतिया जिले में जहरीली शराब पीने से 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। दो दर्जन से अधिक लोगों की अभी भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। मरने वालों में सबसे अधिक 18 गोपालगंज के रहने वाले थे। यहां 7 लोगों की हालत गंभीर है। इनमें 3 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। पश्चिम चंपारण में 15 मौतें हुई हैं। यहां 4 लोगों की हालत गंभीर है।अभी तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आने के कारण प्रशासन इन्हें संदिग्ध मौत मान रहा है।

1–जहरीली शराब मामले में नपे कई थाने के थानेदार
शुरुआती समय में प्रशासन जहरीली शराब से मौत मामले को लीपापोती करने में लगा हुआ था लेकिन जैसे जैसे मौत का आकड़ा बढ़ने लगा प्रशासन की परेशानी बढ़ने लगी और प्रशासन के चुप्पी पर सवाल खड़े होने लगे ।ऐसे में मुजफ्फरपुर गोपालगंज और बेतिया जिले के उन इलाके के थानेदार को सस्पेंड कर दिया गया है जिनके इलाके में जहरीली शराब पीने से मौत हुई है ।

मुजफ्फरपुर एसएसपी ने सरैया के थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार यादव समेत दो पुलिसकर्मी पर निलंबन कर दिया है और अभी तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है वही गोपालगंज SP आनंद कुमार ने महम्मदपुर थानाध्यक्ष शशि रंजन कुमार और एक चौकीदार को सस्पेंड किया है, वहीं पश्चिम चंपारण के नौतन थानेदार और चौकीदार को भी सस्पेंड किया गया है।वही चंपारण रेंज के डीआईजी प्रणव कुमार प्रवीण ने नौतन के थानाध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं बेतिया एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा द्वारा स्थानीय चौकीदार और दफदार को सस्पेंड कर दिया है।

उत्पाद विभाग और जिला प्रशासन की टीम इलाके में छापेमारी कर रही है। गोपालगंज में 3 घरों को सील किया गया है, जबकि चार धंधेबाज तुरहा टोले के छोटेलाल साह, अशोक शर्मा, रामप्रवेश साह और जितेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है। गोपालगंज प्रशासन ने 11 शवों का पोस्टमॉर्टम कराया है, ।

2—जहरीली शराब से मौत मामले में तीन दिनों तक प्रशासन लीपापोती करने में लगा
प्रशासन तीन दिनों तक जहरीली शराब से मौत मामले को लीपापोती करने में लगा रहा इस वजह से परिजन घर में ही छुप कर इलाज कराने को विवश हुए इस वजह से मौत संख्या बढ़ने लगी।

हुआ ऐसा कि गोपालगंज के महम्मदपुर थाने के कुशहर तुरहा टोले और दलित बस्ती में मंगलवार की शाम दो दर्जन लोगों ने जहरीली शराब पी थी। पाउच की शराब पीने के बाद हालत बिगड़ने लगी। पेट में जलन और मुंह से झाग आने के बाद परिजनों ने आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल और सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बुधवार को 10 लोगों की मौत हो गई वहीं गुरुवार को अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 18 हो गई।

नीतीश का अटपटा बयान गलत चीज का सेवन करेंगे तो भरेगा कौन

3—शराबकांड पर सियासी बयान हुआ तेज
जहरीली से हुई मौत मामले में अब राजनीति भी शुरू हो गई। मृतक के परिजनों से मिलने विभिन्न पार्टी के नेता पहुंचने लगे हैं। साथ ही पीड़ित परिजनों को सांत्वना देकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार का एक वीडियो बयान ट्वीट करते हुए लिखा है कि नीतीश कुमार कहते हैं कि ‘जब गड़बड़ चीज पीजिएगा तो आप चले जाइएगा।’ आगे यादव ने कहा है कि शराबबंदी पर बड़बड़ करने वालों के राज में विगत तीन दिनों में ही जहरीली शराब से 50 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री स्वयं, प्रशासन, माफिया और तस्कर पुलिस पर कार्रवाई की बजाय पीने वालों को कड़ा सबक सिखाने की धमकी देते रहते हैं।

वही राजद के पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि दुनिया में कहीं भी पूर्ण शराबबंदी सफल नहीं हुई है। आप शराब या नशे को नियंत्रित तो कर सकते हैं, लेकिन पूर्ण रूप से समाप्त नहीं कर सकते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लाठी-डंडे के जोर पर बिहार के समाज को साधु और महात्मा बनाना चाहते हैं। दुनिया के किसी समाज में यह अब तक मुमकिन नहीं हुआ है।

बिहार में जहां व्यापक गरीबी, बेरोजगारी और प्रशासनिक भ्रष्टाचार है। वहां अवैध शराब के धंधे का फलना-फूलना स्वाभाविक है। इसका प्रतिकूल प्रभाव सामने आया है। जानकार बता रहे हैं कि नौजवानों में ड्रग का सेवन तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसका कोई असर नीतीश पर नहीं पड़ने वाला है। उनकी जिद पता नहीं और कितनों की जान लेगी।

वही बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व मंत्री जनक राम पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि मरने वाले सभी दलित परिवार के सदस्य हैं, जिन्हें साजिश के तहत जहरीली शराब पिलाई गई है। मंत्री ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराने का आश्वासन परिजनों को दिया। वहीं जिला प्रशासन को बीमार लोगों का बेहतर इलाज करने की बात कही।

इस बीच मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गलत चीज पीजिएगा तो भुगतना ही पड़ेगा वैसे छठ पर्व के बाद शराबबंदी को और प्रभावी बनाने के लिए बड़े स्तर पर कारवाई की जायेंगी ।

वामपंथ की राजनीति बिहार आते ही क्लास से कास्ट पर पहुंच गया

उप चुनाव के मतगणना से ठीक एक दिन पहले वामपंथ से जुड़े के एक बड़े नेता का फोन आया जिनका मिथिलांचल से भी गहरा रिश्ता है, संतोष जी क्या फीडबैक है चुनाव का ,मैंने उन्हें कहां तारापुर जीत सकते हैं लेकिन कुशेश्वरस्थान को लेकर स्पष्ट कुछ समझ में नहीं आ रहा है।

संतोष जी कुशेश्वर स्थान 12 से 15 हजार वोट से जीत रहे हैं मैंने पूछा कैसे संतोष जी वहां से सीपीआई दो दो बार विधायक रह चुका है, हमलोगों का भी संगठन है सीपीआई ,सीपीएम और भाकपा माले तीनों का वोटर 15 हजार के करीब है और मुसहर 80 प्रतिशत वोट दिया है फिर लड़ाई कहां रहा कुशेश्वरस्थान ।

हां सही कर रहे हैं आप अगर ऐसा हुआ होगा तब तो लड़ाई कहां रहेंगा लेकिन मुसहर का कई गांव ऐसा है जहां यादव और मुसहर के बीच हिंसक लड़ाई होता रहता है वहां यादव के साथ मुसहर तो वोट नहीं किया होगा नहीं संतोष जी मिल बैठकर सब सुलझा लिया गया देखिएगा रिजल्ट।

यह अनुमान एक ऐसे पार्टी के नेता का था जिसकी पहुंच कुशेश्वरस्थान के वैसे अंतिम वोटर से रहा है जो गरीब है ,फटेहाल है ,महिला है, जिसकी वोट से सरकार बनती और बिगड़ती है लेकिन परिणाम क्या आया ठीक उलट राजद गठबंधन 12 हजार से अधिक वोट से चुनाव हार गया।

वही दूसरी ओर वोटर के मिजाज की बात करे तो महंगाई खास करके सरसों तेल की कीमत को लेकर काफी गुस्से में थी महिलाएं 10 में 8 महिला इसको लेकर नाराज थी, फिर शराब को लेकर नाराजगी थी, अब तो गांव गांव में शराब मिल रहा है,सरकारी तंत्र के भ्रष्टाचार को लेकर उतना ही गुस्सा लेकिन जब ईवीएम पर बटन दबाने की बारी आयी तो इन तमाम मुद्दों को वोटर ने खारिज कर दिया वहीं राजद के उस आइडेंटिटी पॉलिटिक्स(पहचान की राजनीति) को भी स्वीकार नहीं किया ।


1—क्या बिहार में आइडेंटिटी पॉलिटिक्स (पहचान की राजनीति) की राजनीति का दौर खत्म हो गया
बिहार में लालू प्रसाद आइडेंटिटी पॉलिटिक्स (पहचान की राजनीति) के अभिनेता रहे है कभी पत्थर तोड़ने वाली को तो कभी सुअर चराने वाले को सांसद और विधायक बनाते रहे हैं बाद के दिनों में मुसलमान में भी ऐसे चेहरे को आइडेंटिटी पॉलिटिक्स के तौर पर इस्तेमाल जो देखने के कट्टर मुसलमान लगता हो लेकिन इस तरह की राजनीति से वोट जरूर मिले लेकिन उस राजनीति का समाज के विकास में खास प्रभाव नहीं पड़ा और यही वजह रहा है कि धीरे धीरे इस तरह का पॉलिटिक्स हाशिए पर चला गया ।

2019 के लोकसभा चुनाव में पहली बार बड़े स्तर पर राजद ने एक बार फिर आइडेंटिटी पॉलिटिक्स (पहचान की राजनीति) के तहत गैर यादव को जोड़ने कि कोशिश किया लेकिन यह प्रयोग बुरी तरह से फेल गया है 2020 के विधानसभा में एक बार राजद आइडेंटिटी पॉलिटिक्स (पहचान की राजनीति) का सहारा लिया और गैर यादव उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा इसका लाभ मिला और उसी को देखते हुए राजद इस बार कुशेश्वर स्थान विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी दलित आबादी मुसहर को टिकट दिया ताकि जातिगत राजनीति के तहत मुसहर का वोट मिल जायेंगा साथ में यादव और मुसलमान का वोट जीत तय है लेकिन हुआ क्या मुसहर राजद के आइडेंटिटी पॉलिटिक्स (पहचान की राजनीति)को पूरी तौर स्वीकार नहीं किया जबकि टिकट मिलने के बाद मुसहर में काफी उत्साह था साथ ही राजद ऐसे मुसहर को टिकट दिया था तो पहले से ही उस इलाके में मुसहर की राजनीति कर रहा था और जदयू के उम्मीदवार को पंचायत समिति के चुनाव में हरा चुका था फिर भी विधायक के रूप में मुसहर राजद के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार नहीं किया।हलांकि तारापुर में राजद जिस स्तर पर फाइट दिया उसकी वजह वैश्य प्रत्याशी रहा लेकिन दूसरा वोटर इससे अलग भी हुआ ।

2–आने वाले समय में बिहार की राजनीति में भाकपा माले का हाल सीपीआई सीपीएम जैसा हो जाये तो बड़ी बात नहीं होगी बिहार की राजनीति की समझ रखने वाले भी मानते हैं कि भाकपा माले जिस तरीके से जाति आधारित राजनीति की ओर बढ़ रहा है इसका हाल भी बिहार के अन्य वामपंथी पार्टियों की तरह होना तय है उसकी बड़ी वजह यह है कि भाकपा माले क्लास की जगह कास्ट पॉलिटिक्स की तरफ काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है ऐसे में जाति आधारित राजनीति करने वाली पार्टियां कभी भी इनके वोट बेस को खत्म कर सकता है ।

कुशेश्वर स्थान में वामपंथी पार्टियों का कैडर है लेकिन वहां के कैंडर की राजनीति क्या है जिस मुसहर समाज के वोट का ठेका ले रहे थे उस समाज के आर्थिक और सामाजिक संघर्ष में वामपंथी पार्टियां कहां खड़ी है यही मूल सवाल है जिस पर कुशेश्वर स्थान की वामपंथी पार्टियां खड़ी नहीं उतर रही है और उसका परिणाम यह हुआ कि मुसहर को टिकट देकर जिस आइडेंटिटी पॉलिटिक्स (पहचान की राजनीति) के सहारे जीतने चले थे वह फेल कर गया क्यों कि उसके दिन दैनिकी संघर्ष में वामपंथी पार्टियां कही खड़ी नहीं दिख रही है जबकि सरकार विकास मित्र के सहारे हर दलित वस्ती में पहुंच गया है जो सरकार के पार्टी कार्यकर्ता के रूप में काम करता है ।

3–मूल मुद्दे पर चुनाव क्यों नहीं हो पा रहा हैकुशेश्वरस्थान उप चुनाव के दौरान महिलाओं नें सरकार के शराब नीति पर जमकर भड़ास निकाली थी गांव गांव में शराब माफिया पैदा ले लिया है अब तो घर में पहुंचा दे रहा है ,महंगाई पर उतनी ही महिलाएं गरम थी भ्रष्टाचार को लेकर भी इसी तरह की प्रतिक्रिया थी लेकिन ईवीएम पर जब बटन दबाने की बारी आयी तो इसका प्रभाव नहीं दिखा मतलब भारतीय लोकतंत्र में हो क्या रहा है 4 वर्ष 11 माह जिस समस्या से आप तबाह से वो कभी भी ईवीएम के बटन तक नहीं महंगाई ,बेरोजगारी ,भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर आज हर कोई परेशान है लेकिन चुनाव आते आते ये सारे मुद्दे छुट जाते हैं और एक माह के प्रचार अभियान के दौरान नेता जो चाहता कही ना कही वही आकर राजनीति ठहर जाती है ।जेपी और गांधी विचार से जुड़े विचारक का मानना है कि हमारी जो शिक्षा नीति है वही इस तरह की मतलबी सोच को बढ़ाता है जिसका प्रभाव आप भारतीय राजनीति पर भी दिख रहा है ।

मैं बेपनाह अंधेरों को सुबह कैसे कहूं

आज दिवाली भी है और चार नवम्बर भी।
1974 में आज के ही तानाशाही ने लोकतंत्र के सर पर लाठियां बरसाईं थी, जिसे 74 साल के एक बुढ़े ने अपने सर और कांधे पर रोक लिया था ‌। जैसा भी था हमारा जनतंत्र तानाशाही के काल कोठरी से बाहर आया।

यह बुढ़ा आदमी वही था जो जो अपनी जवानी में आज के ही दिन 1942 में हजारीबाग जेल की ऊंची दीवारों को फांद कर निकल आया था आजादी की रथ का जुआ अपने कांधों पर लेने को। तब कांग्रेस के सभी बड़े लीडरान गांधी, नेहरू, सरोजिनी नायडू, कस्तूरबा गांधी…..सभी जेल में बंद कर दिए गए थे।

कहते हैं जिसको जयप्रकाश वह नहीं मरण से डरता है
ज्वाला को बुझते देख कुंड में स्वयं कूद जो पड़ता है।
(दिनकर)
आज हमारा जनतंत्र उससे भी घनघोर तानाशाही ही नहीं फ़ासिज़्म के अंधियारे में घिरा है। देश को ‘धन-धान्य’ देने वाला किसान करीबन एक साल से सड़कों पर है, आम जन के हित में बोलने वाले दर्जनों कवि, लेखक, अध्यापक, वकिल, कार्यकर्त्ता सालों से बिन मुकदमा जेलों में ठूंस दिए गए हैं।

84 साल के बुजुर्ग फादर स्टेन स्वामी जेल से ही अंतिम यात्रा पर निकल गये।
इसी घनघोर अंधेरे में नन्हें से दीये का संकल्प:
लड़ेंगे साथी कि दूसरा रास्ता नहीं है।

बिहार में जहरीली शराब पीने से 21 लोगों की हुई मौत

बिहार में पिछले 72 घंटों के दौरान जहरीली शराब पीने से 21 लोगों की मौत हो गयी है और दो दर्जन से अधिक लोगों का इलाज चल रहा है ।मामला बेतिया और गोपालगंज जिला से जुड़ा हुआ है ।

बेतिया से खबर आ रही है कि जिले के नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिणी तेलहुआ गांव में 5 लोगों की मौत हुई। परिजनों का कहना है कि बुधवार शाम को इन लोगों ने गांव में शराब पी थी। देर रात तबीयत बिगड़ने लगी तो इलाज कराने अस्पताल में भर्ती करवाया। इनमें से 8 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना के बाद बेतिया प्रशासन ने चुप्पी साध ली है पुलिस कप्तान का कहना है कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाता है कहना मुश्किल है कि मौत की वजह जहरीली शराब है ।

वही DM कुंदन कुमार ने बताया कि 8 लोगों की मौत की सूचना मिली है। मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। मेडिकल टीम भेजकर जांच करवाई जा रही है।

ऐसी ही सूचना गोपालगंज से आ रही है जहां जहरीली शराब पीने से अभी तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और एक दर्जन से बिमार लोगों का इलाज चल रहा है।गोपालगंज में सबसे अधिक प्रभावित थानों में बैकुंठपुर ,सिधवलियाऔर मोहम्मद थाने क्षेत्र का दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित है।

दरभंगा एम्स के निर्माण का रास्ता हुआ साफ राज्य सरकार 200 एकड़ जमीन दिया।

दरभंगा सांसद गोपाल जी ठाकुर ने मिथिला के केंद्र दरभंगा में बनने वाले एम्स हेतु 200 एकड़ की भूमि स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार को निःशुल्क हस्तांतरित करने हेतु कैबिनेट निर्णय किये जाने पर बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी व बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि दरभंगा एम्स के निर्माण को लेकर लगातार सभी स्तरों पर प्रयासरत हूं।

सांसद ने कहा कि बीते दिनों कुशेश्वरस्थान उपचुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के जनसभा के दौरान दरभंगा एम्स निर्माण की दिशा में गति प्रदान करते हुए, एम्स हेतु प्रस्तावित स्थल पर सभी मूलभूत कार्यों को पूर्ण करने का आग्रह किया था ताकि शिलान्यास हेतु प्रस्तावित स्थल को जल्द से जल्द तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में दरभंगा एम्स के प्रस्तावित स्थल के लो लैंड पर मिट्टीकरण हेतु राशि भी स्वीकृत की जा चूँकि है। उन्होंने कहा कि मिट्टीकरण के साथ- साथ बाउंड्री वाल निर्माण का कार्य भी होगा।

दरभंगा सासंद गोपाल जी ठाकुर

सांसद श्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एम्स निर्माण के साथ आठ करोड़ मिथिलवासियों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 1264 करोड़ की लागत से 750 बेड वाले एम्स के निर्माण मिथिला के केंद्र दरभंगा में होगा। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक अस्पताल के बन जाने से निकट भविष्य में 8 करोड़ मिथिलवासी सहित पड़ोसी देश नेपाल और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के करोड़ों लोग दरभंगा एम्स से लाभन्वित होंगे। उन्होंने कहा कि कुल 10 करोड़ से ऊपर की आबादी दरभंगा एम्स से लाभान्वित होगी।

सांसद गोपाल जी ठाकुर ने दीपावली की पूर्व संध्या मिथिलवासियों को ऐतिहासिक सौगात देने हेतु बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी, उपमुख्यमंत्री द्वय तारकिशोर प्रसाद जी व रेणु देवी जी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय जी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय और दरभंगा जिला के प्रभारी मंत्री सम्राट चौधरी जी के प्रति हृदय की गहराई से आभार व्यक्त किया।

हिंसा के बीच बिहार पंचायत चुनाव का छठा चरण सम्पन्न

बिहार पंचायत चुनाव का छठा चरण हिंसा के बीच सम्पन्न हो गयी मोतिहारी,औरंगाबाद,गोपालगंज में मतदाताओं ने जमकर बवाल काटा कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं एतियातन पुलिस को गोली चलानी पड़ी है।हालांकि हिंसा के बीच भी मतदाताओं ने जमकर वोटिंग किया है मतदान समाप्ति तक 61.07 प्रतिशत वोटिंग की खबर आ रही है हालांकि अभी भी कई मतदान केन्द्रों पर वोटिंग चल ही रही है ।

इसके साथ ही छठे चरण में  26 हजार 200 पद पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम मशीन में बंद हो गया, जिसमें ग्राम पंचायत के सदस्य के 11,592 पद हैं। मुखिया के 848 पद हैं, पंचायत समिति सदस्य के 1186, जिला परिषद सदस्य के 134, ग्राम कचहरी पंच के 11592 और सरपंच के 848 पद हैं।
छठे चरण के चुनाव में आज क्या खास रहा 

1–औरंगाबाद के गोह प्रखंड के मेहंदीपुर में पुलिस पर लोगों ने मतदान केंद्र पर पथराव किया है। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी है। हालांकि, विवाद की वजह का अभी खुलासा नहीं हुआ है।

2–मोतिहारी के पिपरा खेम में बूथ संख्या 273 पर जमकर बवाल हुआ है। ईवीएम के 4 कंट्रोल यूनिट को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इस घटना में करीब आधा दर्जन पुलिस पदाधिकारी घायल हो गए हैं, जिसमें दो पुलिसकर्मी को गंभीर चोट आई है। पुलिस की कार्रवाई में कई लोगों को भी चोट आई है। एक महिला सिपाही प्रिया कुमारी ने बंदूक छीनने का भी आरोप लगाई है। महिला सिपाही का मोबाइल भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।

3—मोतिहारी के पिपरा खेम में बूथ संख्या 273 पर बवाल हुआ , कई पुलिसकर्मी जख्मी।

4—छपरा के कुरैया पंचायत की बूथ संख्या 105 पर मुखिया प्रत्याशी जमील अंसारी को निवर्तमान मुखिया के समर्थकों ने पीटा। इसके बाद बूथ पर हंगामा हो गया।

5–नवादा के साहोपुर गांव में मतदान केंद्र पर दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस विवाद में तीन लोग जख्मी हो गए हैं।

6–लखीसराय—-महिसोना पंचायत के पंचायत समिति पद के लिए वोटिंग रद्द, दूसरे पंचायत का ईवीएम रहने के कारण चुनाव रद्द। मतदान केंद्र संख्या 128 पर पंचायत समिति पद के लिए वोटिंग रद्द।

7—छपरा- दिघवारा प्रखण्ड के बस्ती जलाल पंचायत के मध्य विद्यालय बस्ती जलाल में बोगस वोटिंग का विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने बूथ से खदेड़ा। एसपी संतोष कुमार बूथ पर पहुँचे। मृत व्यक्ति के नाम पर हुई वोटिंग की ग्रामीणों ने की शिकायत।

8—सहरसा के सोनबरसा प्रखंड के बसनही थाना क्षेत्र के पचलख गांव में गोली चली है. चुनावी रंजिश के कारण गोलीबारी की गई. तीन युवकों को गोली लगी है. एक युवक पंकज कामत की हालत गंभीर है. जख्मी मंगल यादव और राज कुमार ठाकुर खतरे से बाहर है. इन दोनों को गोली हाथ और पांव में लगी है. घटना का कारण पंचायत चुनाव बताया जा रहा है ।

9–वैशाली — राजापाकर प्रखंड के फरीदपुर में बूथ संख्या 147 पर जमकर हुआ हंगामा। उपद्रवियों ने ईवीएम तोड़ दी है। लोग प्रशासन पर गड़बड़ी करने का आरोप लगा रहे हैं।


10—गोपालगंज के उचकागांव प्रखंड के इटावा धाम गांव में पुलिस पर रोड़ेबाजी हुई है। एसडीएम और डीएसपी की गाड़ियों के काफिले पर पथराव हुआ है। जिससे गाड़ियों के शीशे टूटे हैं। पथराव में कई जख्मी हुए हैं। करीब 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

बिहार पंचायत चुनाव के छठे चरण में 61,07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है

उप चुनाव में जीत को लेकर जदयू कार्यालय में जश्न का माहौल सीएम ने जनता को दी बधाई

जदयू के लिए उप चुनाव में जीत कितना महत्वपूर्ण था इसका आज एसहास मुख्यमंत्री पार्टी दफ्तर में पहुंच कर रहा दिया पहली बार नीतीश कुमार के पहुंचने पर फूल की बारिश हुई पार्टी कार्यकर्ता इतना उत्साहित थे जैसे बिहार जीत लिया हो,जबकि ये दोनों सीट 2020 के विधानसभा चुनाव में भी जदयू के खाते में ही गया था

जद ज१न वाली खबर में सीएम का यह बाइट लगाना है

जीत की खुशी सीएम के चेहरे पर साफ झलक रही थी। इस दौरान उन्‍होंने जीत की बधाई दी साथ ही इशारों-इशारों में विपक्ष और खासकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर खूब तंज कसा। कहा कि हमारे लिए जनता मालिक है। लेकिन उनके लिए कोई खुद मालिक हैं। हमारी दिलचस्‍पी काम करने में है। जब तक जनता चाहेगी काम करते रहेंगे।

छिटपुट घटना को छोड़कर शांति पूर्वक चल रहा है पंचायत चुनाव

छिटपुट घटनाओं को छोड़ दे तो पंचायत चुनाव के 6वें चरण के लिए 37 जिलों के 57 प्रखंडों में मतदान जारी है।हलांकि दिपावली का असर महिला वोटर पर देखने को मिल रहा है फिर भी मतदाताओं में उत्साह कोई कमी नहीं है गोपालगंज से बड़ी घटना की खबर आ रही है जहां प्रशासन पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए उचकागांव प्रखंड की बंकीखाल पंचायत में चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम और डीएसपी के वाहन पर पथराव किया। पथराव में दोनों वाहनों के शीशे टूट गए। मामले में पुलिस ने दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है।
वैशाली से ईवीएम तोड़ने की खबर आ रही है। दिन के एक बजे तक 30 से 35 प्रतिशत वोटिंग हुई है ।

पंचायत चुनाव में क्या खास है
1-दिन के एक बजे तक 30 से 35 प्रतिशत वोटिंग हुई है ।

2– सहरसा के सोनबर्षा प्रखंड के बसनही थाना क्षेत्र के पचलख गांव में गोली चली है. चुनावी रंजिश के कारण गोलीबारी की गई. तीन युवकों को गोली लगी है. एक युवक पंकज कामत की हालत गंभीर है. जख्मी मंगल यादव और राज कुमार ठाकुर खतरे से बाहर है. इन दोनों को गोली हाथ और पांव में लगी है. घटना का कारण पंचायत चुनाव बताया जा रहा है ।

3–वैशाली — राजापाकर प्रखंड के फरीदपुर में बूथ संख्या 147 पर जमकर हुआ हंगामा। उपद्रवियों ने ईवीएम तोड़ दी है। लोग प्रशासन पर गड़बड़ी करने का आरोप लगा रहे हैं।

4—गोपालगंज के उचकागांव प्रखंड के इटवा धाम गांव में पुलिस पर रोड़ेबाजी हुई है। एसडीएम और डीएसपी की गाड़ियों के काफिल पर पथराव हुआ है। जिससे गाड़ियों के शीशे टूटे हैं। पथराव में कई जख्मी हुए हैं। करीब 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

5—दिपावली का असर चुनाव पर दिख रहा है महिलाए कम पहुंची है बूथ पर

6–जमुई के चकाई में नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के बाद भी सुबह 6 बजे से ही मतदाताओं की लंबी लंबी कतारें लगने लगी।

7—मुजफ्फरपुर के विशनपुर कल्याण मतदान केंद्र संख्या-171 पर दो गुटों में झड़प।

8–सीतामढ़ी के मेजरगंज प्रखंड क्षेत्र के इलाकों को छूने वाली भारत-नेपाल सीमा सील।

9—कटिहार के बरारी के बूथ संख्या 272 पर सेमापुर ओपी अध्यक्ष विजेंद्र कुमार ने पीवन जुनेर आलम को थप्पड़ जड़ दिया। बताया जाता है कि एक पीठासीन पदाधिकारी के पास मोबाइल देखकर ओपी अध्यक्ष ने थप्पड़ मार दिया। घटना के विरोध में मतदानकर्मियों ने मतदान को ठप कर दिया।

10–पूर्णिया की हरदा पंचायत के बूथ नंबर एक पर मतदाताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई है। घटना के कुछ देर बाद स्थिति नियंत्रण में कर ली गई। फिलहाल, वहां सबकुछ सामान्‍य है।

जनता बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव चाहती है

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 और 2021 के उपचुनाव के परिणाम का संकेत साफ है कि जनता बदलाव चाहती है और इसके लिए बिहार के राजनीतिक दलों को वो लगातार संदेश भी दे रही है की नयी सोच के साथ जनता के बीच आये लेकिन बिहार की राजनीतिक दल उस संदेश को या तो समझ नहीं रही हैं या समझने को तैयार नहीं है, चाहे वो भाजपा हो ,जदयू हो या फिर राजद हो ।2010 में बिहार की जनता ने एनडीए गठबंधन को दो तिहाई बहुमत दिया था और 2015 में एक नया गठबंधन बना उसको भी जनता ने दो तिहाई बहुमत के करीब पहुंचा दिया था लेकिन दोनों चुनाव में जनता ने जिस गठबंधन पर भरोसा दिलाया था वो गठबंधन बीच में ही टूट गया इस वजह से जनता छला हुआ महसूस करने लगा । 

 2020 के विधानसभा चुनाव में जनता अपना हिसाब चुकता कर लिया और एक ऐसी पार्टी को वोट किया जिसके बारे में पता था कि वो जदयू को चुनाव हराने के लिए खड़ा है। चिराग जिस तरीके से जदयू के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा किया था उसी तरीके से बीजेपी के खिलाफ भी उम्मीदवार खड़ा करता तो आज बिहार की राजनीति ही कुछ और हो गयी रहती क्यों कि दोनों पार्टियां 2005 से 2020 के बीच जितने भी चुनाव हुए उन चुनावों पर गौर करेंगे तो एक बात साफ है सोशल इंजीनियरिंग के नाम पर बहुत सारे ऐसे निर्णय लिये गये जिससे मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग नाराज हो गया उसी तरह 2005 से 2020 के बीच जिस अंदाज में सरकार चलायी गयी उससे भी लोगों में खासा आक्रोश था फिर भी बिहार की जनता राजद को गले नहीं लगाया।

1—राजद की 2020 की सफलता के पीछे चिराग फैक्टर महत्वपूर्ण था  2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम पर गौर करेंगे तो प्रथम और दूसरे चरण के चुनाव में राजद की सफलता के पीछे बड़ी वजह चिराग की पार्टी रही दिनारा ,सासाराम सहित 40 के करीब ऐसी सीटें हैं जहां चिराग फैक्टर ना होता तो राजद के लिए जीत आसान नहीं होता।    एक और बात चिराग को जो लोग वोट कर रहे थे उनको पता था कि चिराग को वोट देने का मतलब है कि जदयू चुनाव हार जाएगा और हो सकता है राजद गठबंधन की सरकार भी बन जाये यह समझते हुए भी प्रथम और दूसरे चरण के मतदान के दौरान जनता चिराग को वोट दिया। मतलब नीतीश कुमार की राजनीति और सरकार चलाने की शैली से जनता इतना आक्रोशित था कि वो इस तरह का निर्णय लेने को मजबूर हो गया ।दूसरी वजह ये भी रही कि राजद एमवाई समीकरण में कुछ नये वोट को जोड़ने में कामयाब रहा था उससे भी राजद को फायदा हुआ लेकिन संदेश क्या था बिहार वर्तमान राजनीति से ऊब चुकी और बदलाव चाह रही है ।

2–सीधी लड़ाई में राजद को अभी भी नुकसान हो रहा है 2020 के विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण और 2021 के उप चुनाव में जो परिणाम आया है वह संकेत है कि सीधी लड़ाई में अभी भी लोग राजद के खिलाफ गोलबंद हो जा रहे हैं और राजद अंतिम दौर में फिसल जा रहा है मतलब बिहार की जनता अभी भी राजद के जंगलराज से अपने आपको बाहर नहीं निकाल पा रही है जबकि राजद लगातार नये वोटर को जोड़ने की कोशिश में लगा हुआ है फिर भी उन्हें सफलता नहीं मिल रही है ।

3–राजद में अभी भी बड़े बदलाव की जरूरत है 2015 के विधानसभा चुनाव के परिणाम पर गौर करिए महागठबंधन बीजेपी गठबंधन को पूरी तरह जमींदोज करने में इसलिए कामयाब रहा कि जनता को यह भरोसा था कि नीतीश के रहते हुए लालू का जंगलराज लौट नहीं सकता है और इसी भरोसा ने बीजेपी की सारी तैयारी की हवा निकाल दी। 

जिस दिन कांग्रेस,चिराग और वामपंथी बिहार की जनता को यह भरोसा दिलाने में कामयाब हो जायेगा कि राजद के नेतृत्व में सरकार भी बनेगी तो यादव और मुसलमानों की  गुंडागर्दी  नहीं चलेगा उसी दिन बिहार में एनडीए गठबंधन का खेला खत्म हो जायेगा और इसके लिए तेजस्वी को कड़े फैसले लेने पड़ेगे तेज प्रताप से रिश्ता खत्म करना होगा । 

यादव और मुसलमानों में जो अपराधी छवि के लोग हैं उससे साफ दूरी बढ़ानी पड़ेगी तभी राजद के साथ नये लोग जुड़ पायेंगे ।कांग्रेस का जनाधार हो या ना हो कांग्रेस को सम्मान जनक सीट देनी पड़ेगी और इसके लिए कांग्रेस आलाकमान को भी बिहार में कांग्रेस किस तरह की राजनीति करे इसको लेकर नये सिरे से विचार करनी होगी क्यों कि कांग्रेस का जो परंपरागत वोटर रहा है वो बीजेपी और जदयू दोनों में असहज महसूस कर रहा है और ऐसे में जैसे ही लगेगा कि कांग्रेस बदलाव के मूड में है बहुत कुछ बदल सकता है और इसके लिए कांग्रेस को चिराग से नजदीकी बढ़ानी चाहिए साथ ही कांग्रेस ऐसे लोगों को शामिल करे जो मजबूती के साथ सुशासन बनी रही इसके लिए तेजस्वी के सामने वो झुके नहीं । 

वैसे भी राजद की अब वो हैसियत नहीं है कि पुराने अंदाज में राजनीति और सरकार चला ले उन्हें सत्ता में गैर यादव और गैर मुस्लिम को मजबूत भागीदारी देनी पड़ेगी तभी कुछ बदलाव की बात सोची जा सकती है और इसके लिए दिल्ली नहीं बिहार के गांव में रात गुजारनी होगी साथ ही चुनाव के समय नहीं उससे पहले से नये वोटर कैसे जुड़े इस पर काम करने कि जरूरत है कागज पर जोड़ घटाव से काम नहीं चलने वाला है ।

4—-बीजेपी के लिए भी संदेश सही नहीं है जनता के मूड को बीजेपी भी समझने को तैयार नहीं है बीजेपी को मंथन करना चाहिए कि बिहार में यादव को लेकर जो प्रयोग 20 वर्षो से कर रहा है उस प्रयोग का प्रतिफल क्या सामने आया है बिहार में  बीजेपी 2005 से लगभग सत्ता पर काबिज है इस दौरान बीजेपी किसी एक नये वोटर को अपने साथ जोड़ने में कामयाब नहीं रहा है उलटे बनिया और सवर्ण जो इसका कोड़ वोटर रहा है वो साथ छोड़ता जा रहा है,बिहार में भी बीजेपी वही काम कर रही है जो काम राजद और जदयू कर रहा है नये नेतृत्व को उभरने नहीं देना है और हमेशा वैशाखी के सहारे सरकार में बने रहना है कभी नीतीश ,कभी उपेन्द्र कुशवाहा तो कभी रामविलास पासवान के सहारे ।जबकि 1995 से लेकर 2021 का समय काफी था अति पिछड़ा और महादलित की राजनीति में सेंधमारी करने के लिए लेकिन इस दौरान ये प्रयोग क्या करते रहे यादव को तोड़ो यादव को तोड़ो हश्र क्या हुआ 2015 के विधानसभा चुनाव में मतलब बिहार बीजेपी ने यथा स्थितिवादी को स्वीकार कर लिया ऐसे में बिहार बीजेपी आने वाले समय में इसकी ताकत और छिन होगी ये साफ दिख रही है ।

5–नीतीश कुमार की लव कुश के सहारे वापसी संभव नहीं है आज नीतीश कुमार जदयू को वही समता पार्टी वाली राजनीति के दौर में पहुंचा दिया है जहां पार्टी लव कुश से आगे बढ़ नहीं पायी थी, हाल के दिनों में नीतीश कुमार के तमाम राजनीतिक फैसले इसी और संकेत दे रहा है कि वो लवकुश समीकरण को मजबूत करना चाहता है ताकि आने वाले समय में कम से कम इन वोट के सहारे बिहार की राजनीति में बारगेनिंग करने कि स्थिति में बने रहे वैसे बिहार विधानसभा उप चुनाव के जो परिणाम आये हैं उससे नीतीश सीख लेते हुए अपनी राजनीति और सरकार चलाने के तरीके में बदलाव लाते हैं तो  तो थोड़ी स्थिति बदल सकती है  ।

पंचायत चुनाव के छठे चरण का मतदान शुरु

बिहार पंचायत चुनाव के छठे चरण का मतदान शुरु हो गया है आज 37 जिलों के 57 प्रखंडों में वोट डाले जा रहे हैं। 850 पंचायतों में हो रहे इस चुनाव में 11 हजार 959 बूथ बनाए गए हैं। मतदाताओं की कुल संख्या 67 लाख 577 है। पुरूष मतदाता 35 लाख 24 हजार 285 है तो महिला मतदाता 31 लाख 76 हजार 80 है। बूथ पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम हैं। मतदाता गुलाबी ठंड में अपने मतदान करने पहुंच गए हैं।छठे चरण में पदों की कुल संख्या 26 हजार 200 है, जिसमें ग्राम पंचायत के सदस्य के 11,592 पद हैं। मुखिया के 848 पद हैं, पंचायत समिति सदस्य के 1186, जिला परिषद् सदस्य के 134, और सरपंच के 848 पद हैं।

सुबह से ही मतदान केन्द्रों पर लम्बी कतारे देखी जा रही है

नीतीश का तीर लगा निशाने पर राजद की लालटेन गयी बुझ

बिहार विधानसभा उपचुनाव का जो परिणाम सामने आये हैं उससे यह संकेत साफ है कि बिहार अभी भी एमवाई समीकरण की आक्रामकता को स्वीकार करने को तैयार नहीं है ,दूसरा संदेश यह भी है कि बिहार की राजनीति में लालू अब प्रासंगिक नहीं रहे और तीसरा संदेश है बिहार की राजनीति में बनिया जाति बीजेपी का अब बपौती नहीं रहा और चौथा संदेश नीतीश की राजनीति में अब वो धार नहीं रही ।

1–एमवाई समीकरण की आक्रामकता राजद के हार की वजह बनी 
बात कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र के परिणाम से करते हैं 2020 में जदयू के शशिभूषण हजारी और कांग्रेस से डॉ अशोक राम चुनाव लड़े थे ।2020 के विधानसभा चुनाव में शशि भूषण हजारी को 53,980 वोट मिला था और डॉक्टर अशोक कुमार 46,758 मिला था ।

 इस बार के चुनाव में जदयू के  अमन भूषण हजारी को 59,882 और राजद के गणेश भारती 47184 वोट आया है मतलब पिछले चुनाव की तुलना में जदयू को लगभग 5902 हजार वोट अधिक मिला वही राजद उम्मीदवार को कांग्रेस से मात्र 426 वोट अधिक मिला है, संदेश क्या है पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जो स्वर्ण का वोट मिला था वो वोट पूरी तौर पर जदयू के साथ हो गया, वहीं मुसहर जाति को टिकट देकर  राजद ने जो प्रयोग किया था वह प्रयोग पूरी तौर पर विफल रहा ।उसकी वजह यह रही कि कुशेश्वरस्थान में मुसहर और यादव के बीच वर्चस्व को लेकर लड़ाई रही है इस हकीकत को राजद ने नजर अंदाज कर दिया ।

वहीं वर्षो बाद राजद का लालटेन देख कर जिस तरीके से यादव और मुस्लिम वोटर मिजाज में आ गये थे और इसका असर यह हुआ कि कुशेश्वरस्थान में सारी जाति एक साथ गोलबंद हो गये और पिछले चुनाव से लगभग 5 प्रतिशत वोट कम पड़ने के बावजूद जदयू 12 हजार से अधिक वोट से चुनाव जीत गया।

2–बिहार की राजनीति में लालू अब प्रासंगिक नहीं रहे  उप चुनाव के परिणाम ने तय कर दिया कि बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद अब प्रासंगिक नहीं रहे उनकी सभा से या फिर राजनीति शैली से भले ही यादव और मुसलमान वोटर आक्रमक हो जाते हैं वही दूसरी और अन्य वोटर राजद से अलग भी हो जाता है ।

कुशेश्वर स्थान में लालू का ही साइड इफेक्ट रहा कि सवर्ण कांग्रेस प्रत्याशी का साथ छोड़ दिया पिछले चुनाव में तारापुर से निर्दलीय चुनाव लड़े कांग्रेस प्रत्याशी को 12 हजार से अधिक वोट आया था, लेकिन इस बार 4 हजार से भी कम वोट आया यही हाल लोजपा प्रत्याशी का भी रहा कुशेश्वरस्थान में पिछले चुनाव में 12 हजार से अधिक वोट आया था और इस बार 5 हजार में सिमट कर रह गया तारापुर में भी यही स्थिति रही यहां भी पिछले चुनाव से लगभग तीन हजार वोट कम आया लोजपा को।जैसे ही गोलबंदी शुरु हुई राजपूत और ब्राह्रमण मतदाता के जाति के उम्मीदवार होने के बावजूद लोग वोट नहीं किये ।

3—बिहार की राजनीति में बनिया जाति बीजेपी का अब बपौती नहीं  रहा 2020 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी के लाख कोशिश के बावजूद बनिया वोट में सेंधमारी करने में राजद कामयाब रहा था उस चुनाव में पांच विधायक बनिया समाज से राजद के टिकट पर चुनाव जीत कर आये , इस बार फिर तारापुर में बीजेपी के तमाम बनिया नेता के मैदान में उतरने के बावजूद बनिया वोटर में बड़ा बिखराव हुआ ,कुशेश्वर स्थान में भले ही जदयू को बड़ी जीत मिली है लेकिन यहां भी बनिया वोटर में बिखराव दिखा है भले ही  स्थानीय मुद्दा ही क्यों ना हो ।

2020 के विधानसभा चुनाव की बात करे तो जदयू को 64 हजार 199 वोट आया था और राजद को 56943 वोट आया था और जदयू 7 हजार 225 वोट से जीता था और इस बार जेडीयू – 78966 वोट प्राप्त हुआ  वही राजद को आरजेडी – 75145 आया और जदयू 3821 मतों से चुनाव जीत गया । 

मतलब इस बार के चुनाव में जदयू को पिछले चुनाव की तुलना में 14,199 वोट ज्यादा आया वही राजद को 18,202 वोट ज्यादा मिला फिर भी राजद 3821 वोट से चुनाव हार गया, बनिया का वोट राजद के साथ जुड़ा लेकिन पिछले चुनाव में लोजपा और निर्दलीय उम्मीदवार को (इस बार कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे थे)वोट मिला वो सारा वोट जदयू में सिफ्ट कर गया मतलब सीधी लड़ाई हुई तो राजद एमवाई के अतिरिक्त वोट जोड़ने के बावजूद चुनाव हार गया ।

4–नीतीश की राजनीति में अब वो धार नहीं रही दोनों चुनाव जीतने के बावजूद ये कहना कि नीतीश कुमार की राजनीति में अब वो धार नहीं रही तोड़ अटपटा लगता है लेकिन कुशेश्वर स्थान में भी जहां जदयू जबरदस्त जीत हासिल की है वहां भी नीतीश कुमार के समीकरण वाला वोट जदयू को कैसे मिला है मंत्री संजय झा बेहतर बता सकते हैं तारापुर में भी यही स्थिति रही मतलब जदयू लव कुश और अति पिछड़ा के बदौलत राजद की तरह ही अंतिम चरण तक फाइट में बने रह सकते हैं लेकिन जीतने के लिए उन्हें सवर्ण वोटर का जबरदस्त सहयोग चाहिए यह साफ इस चुनाव में दिख रहा था कुशेश्वर स्थान और तारापुर में भी लव कुश और अति पिछड़ा और महादलित का वोटर कम नहीं है लेकिन सच्चाई यही है कि सवर्ण थोड़ा सा भी मुख मोड़ लेता तो हार निश्चित था,

 ऐसे में आने वाले चुनाव में सवर्ण और बनिया जिसके साथ खड़ा होगा उसकी सरकार बनेगी क्यों कि  बिहार की राजनीति में राजद जो प्रयोग कर रहा है वह प्रयोग उसे नीतीश के बराबरी में लाकर खड़ा कर दिया है।

तीन लोकसभाऔर बिहार के दो विधानसभा सहित 29 विधानसभा उप चुनाव सीटों पर वोटों की गिनती शुरु

आज 3 लोकसभा और 13 राज्यों की 29 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आज आएंगे। सुबह 8 बजे सभी सीटों पर वोटों की गिनती शुरू हो गई है। इन सीटों पर 30 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी।

29 विधानसभा सीटों में से भाजपा और जदयू के पास एक दर्जन से अधिक सीटें थी कांग्रेस के पास नौ सीटें थीं, जबकि बाकी क्षेत्रीय पार्टियों के पास थीं। जिन सीटों पर लोकसभा उपचुनाव हुए उनमें दादरा और नगर हवेली, हिमाचल प्रदेश की मंडी और मध्यप्रदेश में खंडवा शामिल हैं।

तीनों लोकसभा क्षेत्रों में मौजूदा सदस्यों के निधन के बाद वोटिंग हुई है। मार्च में भाजपा के रामस्वरूप शर्मा के निधन के बाद हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट खाली हुई थी। मध्यप्रदेश की खंडवा संसदीय सीट भाजपा सदस्य नंद कुमार सिंह चौहान के निधन से खाली हुई थी, जबकि दादरा और नगर हवेली सीट पर निर्दलीय मोहन डेलकर के निधन के कारण दोबारा वोटिंग हुई है।

राजस्थान: भाजपा-कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला
राजस्थान में वल्लभनगर से कांग्रेस विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत और धारियावाड़ से भाजपा विधायक गौतम लाल मीणा के निधन के कारण उपचुनाव कराना पड़ा। वल्लभनगर में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने गजेंद्र सिंह शक्तावत की पत्नी प्रीति शक्तावत को टिकट दिया है, जबकि भाजपा ने हिम्मत सिंह झाला को मैदान में उतारा है।

कांग्रेस ने धारियावाड़ से नागराज मीणा को भाजपा प्रत्याशी खेत सिंह मीणा के खिलाफ मैदान में उतारा है।
मध्यप्रदेश: भाजपा-कांग्रेस के बीच जोरदार टक्कर
मध्यप्रदेश में खंडवा लोकसभा और तीन विधानसभा सीट जोबट, पृथ्वीपुर और रैगांव के नतीजे आएंगे।
बिहार: दोनों सीटों का नतीजा आना है

बिहार की दो विधानसभा सीट तारापुर और कुशेश्वर स्थान उपचुनाव हुआ है यह दोनों सीट जदयू के खाते में था । NDA ने तारापुर से जेडीयू राजीव कुमार सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। RJD ने अरुण साव को कैंडिडेट घोषित किया है। कांग्रेस ने राजेश मिश्रा और LJP (रामविलास) ने चंदन कुमार को प्रत्याशी बनाया है।

कुशेश्वरस्थान से JDU ने दिवंगत नेता और पूर्व विधायक शशिभूषण हजारी के पुत्र अमन भूषण को प्रत्याशी बनाया है। RJD ने मुसहर जाति से ताल्लुक रखने वाले गणेश भारती को टिकट दिया है। कांग्रेस ने अतिरेक कुमार को मुकाले में उतारा है। LJP (रामविलास) ने अंजू देवी को प्रत्याशी बनाया है।

हरियाणा: अभय चौटाला के खिलाफ भाजपा के गोविंद कांडा
हरियाणा में केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) के नेता अभय चौटाला के विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव हुए। इनेलो प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला के बेटे अभय चौटाला कांग्रेस उम्मीदवार पवन बेनीवाल और भाजपा-जेपी उम्मीदवार गोबिंद कांडा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जो हरियाणा लोकहित पार्टी के प्रमुख और विधायक गोपाल कांडा के भाई हैं।

चौटाला के लिए यह एक अहम मुकाबला है क्योंकि अभय चौटाला ने ऐलनाबाद से 2010 का उपचुनाव जीता था जब ओम प्रकाश चौटाला ने सीट खाली कर दी थी और फिर 2014 में और 2019 के विधानसभा चुनावों में भी इसे बरकरार रखा था।
हिमाचल में विधानसभा की 3 सीटें दांव पर

लालू का दावा दोनों विधानसभा जीतेंगे


हिमाचल प्रदेश में मंडी लोकसभा और अर्की, फतेहपुर और जुब्बल-कोटखाई विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती होगी। मंडी संसदीय सीट पर BJP के ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर का मुकाबला कांग्रेस की प्रतिभा सिंह के साथ है। फतेहपुर से कांग्रेस ने पूर्व मंत्री स्व. सुजान सिंह पठानिया के बेटे भवानी सिंह पठानिया का मुकाबला बीजेपी के बलदेव ठाकुर के साथ है।
अर्की विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने पीसीसी महासचिव संजय अवस्थी की टक्कर बीजेपी के रतन सिंह पाल के साथ है। वहीं, जुब्बल-कोटखाई विधानसभा सीट पर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक रोहित ठाकुर की बीजेपी की पूर्व जिला परिषद सदस्य नीलम सरकइक के साथ टक्कर है।

पश्चिम बंगाल: क्या फिर चलेगा ममता बनर्जी का खेला
पश्चिम बंगाल में चार विधानसभा सीटों गोसाबा, खरदाहा, दिनहाटा, शांतिपुर में उपचुनाव के लिए मतदान हुए हैं। TMC के विधायकों के निधन के बाद खरदाहा और गोसाबा में उपचुनाव होना है। उधर, बीजेपी के सांसद निसिथ प्रमाणिक के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी। वहीं, शांतिपुर से भाजपा विधायक जगन्नाथ सरकार के TMC में शामिल होने के बाद चुनाव हो रहा है।

सबसे ज्यादा असम की 5 सीटों पर मतदान
असम की पांच विधानसभा सीटों गुसाईंगांव, भबानीपुर, तामुलपुर, मरियानी और थोवरा सीटों पर उपचुनाव हुए। गुसाईंगांव और तामुलपुर के विधायकों के निधन के बाद वहां उपचुनाव की जरूरत पड़ी। वहीं भबानीपुर, मरियानी और थोवरा के विधायकों ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के लिए विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
कर्नाटक, आंध्र, महराष्ट्र और मिजोरम का हाल
कर्नाटक की सिंदगी सीट जद (एस) विधायक एमसी मनागुली और हंगल सीट से विधायक सीएम उदासी के निधन के बाद दोनों सीटों पर वोट डाले गए हैं। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के लिए यह पहली चुनावी परीक्षा होगी, जिन्होंने बीएस येदियुरप्पा की जगह ली थी। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश की बडवेल सीट (पहले YSRC के पास) महाराष्ट्र में देगलुर ( कांग्रेस के पास थी) और मिजोरम में तुइरियाल विधानसभा सीटों पर भी गिनती होगी।

तेलंगाना में भाजपा और TRS के बीच सीधी टक्कर
तेलंगाना के हुजूराबाद विधानसभा क्षेत्र में सत्तारूढ़ TRS, विपक्षी भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। जमीन हथियाने के आरोपों में राज्य मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद जून में एटाला राजेंदर के इस्तीफे की वजह से उपचुनाव हुआ था। आरोपों को खारिज करने वाले राजेंद्र ने TRS छोड़ दी थी। अब वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। परिणाम भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका उद्देश्य 2023 के विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ TRS के विकल्प के रूप में उभरना है।
दादरा और नगर हवेली में शिवसेना के खिलाफ भाजपा
दादरा और नगर हवेली लोकसभा क्षेत्र में सात बार के निर्दलीय सांसद मोहन देलकर की पत्नी कलाबेन देलकर, भाजपा के महेश गावित और कांग्रेस के महेश धोड़ी के खिलाफ शिवसेना उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं।

ट्रांसजेंडर को पंचायत चुनाव में आरक्षण का मिलेगा लाभ

पटना हाईकोर्ट ने राज्य के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ट्रांसजेंडर अर्थात किन्नर को भी पर्याप्त आरक्षण मुहैया कराने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। वीरा यादव द्वारा दायर जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीपक कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में स्पष्टीकरण को लेकर राज्य सरकार के अधिकारियों ने चुनाव आयोग को लिखा है। याचिका के जरिये मुखिया, सरपंच, ग्राम पंचायत के सदस्य, ग्राम कचहरी के पंच सदस्यों, पंचायत समिति के सदस्यों व जिला परिषद के सदस्यों के पद पर निर्वाचन में आरक्षण की माँग की गई।

याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि इस याचिका के लंबित रहने तक वर्तमान प्रावधानों के तहत उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप नहीं दिया जाए। उक्त मामले में पंचायत राज विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को 5 फरवरी, 2021 को एक पत्र भी लिखा गया था।
याचिका में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि राज्य सरकार के गृह विभाग ने कांस्टेबल / सब इंस्पेक्टर के प्रत्येक 500 पदों पर 2011 की जनगणना के मुताबिक ट्रांसजेंडर समुदाय को आरक्षण दिया जाएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा
26 फरवरी, 2021 को त्रिस्तरीय पंचायत को लेकर अधिसूचना जारी की गई थी। इस मामले पर आगे भी सुनवाई की जाएगी।

मतगणना में हेराफेरी बर्दास्त नही –तेजस्वी

तारापुर और कुशेश्वरस्थान उपचुनाव की मतगणना को लेकर बिहार में राजनीति तेज हो गई है। इस बार RJD मतगणना के दौरान गड़बड़ी ना हो इसके लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी दरभंगा में और RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के नेतृत्व में एक टीम तारापुर विधानसभा उपचुनाव की काउंटिंग के लिए मुंगेर में कैम्प करेंगे ।JDU उपाध्यक्ष संजय सिंह ने राजद के इस निर्णय पर पलटवार करते हुए कहा है कि RJD उपचुनाव में होने वाली हार से डर गई है।

तेजस्वी ने नीतीश को दी नसीहत कहां जनमत का सम्मान करना सीखे

बिहार विधानसभा के उपचुनाव में जिन दो सीटों पर चुनाव हुआ है वहां कल मतगणना होना है राजद शुरु से ही चुनाव के दौरान प्रशासन द्वारा हेराफेरी का आरोप लगाते रहा है चुनाव के दौरान जदयू द्वारा साड़ी और शराब बांट जाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि जदयू चुनाव जीतने के लिए सारे हदे पार कर दिया है।

उप चुनाव में नीतीश कुमार चुनाव जीतने के लिए हदे पार कर दी है
उपचुनाव में मतगणना को लेकर राजद अर्लट मैं खुद दरभंगा में कैम्प करेंगे

हालांकि सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग के कार्यशैली पर सवाल उठाना समझ से पड़े हैं वैसे जनता का जो फैसला होगा स्वीकार करना चाहिए ।

मतगणना को लेकर आयोग अभी भी एकमत नहीं है

होईकोर्ट थैलेसीमिया के रोगियों को खून, आवश्यक दवाएं व रेफ़रल सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर संतोष जाहिर किया

पटना हाईकोर्ट ने पूर्णियां व मुजफ्फरपुर जिले समेत राज्य के अन्य जिलों में थैलेसीमिया के रोगियों को खून, आवश्यक दवाएं व रेफ़रल सुविधा उपलब्ध कराने के मामले राज्य सरकार की कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने अमित कुमार अग्रवाल व अन्य की जनहित याचिका पर सुनवाई करने के बाद निष्पादित कर दिया।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीपक कुमार सिंह का कहना था कि करोना के संक्रमण के दौरान इन जिलों में थैलेसीमिया की वजह से मृत्यु व बीमारी की रिपोर्ट मिली है।अतः उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने की जरूरत थी।

याचिकाकर्ता का आगे यह भी कहना था कि राज्य भर के जिला अस्पतालों में इस बीमारी की दवाएं उपलब्ध करवाई जानी चाहिए, ताकि लोगों को इसके लिए पटना नहीं आना पड़े। ब्लड व उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के वर्तमान स्थिति का आकलन करने को लेकर एक कमेटी बनाने की माँग किया गया था।
इसमें सीनियर मेडिकल ऑफिसर व सिविल सोसाइटी के सदस्यों को भी शामिल किया जाना चाहिए।

राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ सर्विसेज के एडिशनल डायरेक्टर द्वारा पटना हाई कोर्ट में दाखिल हलफनामा में बताया गया है कि राज्य सरकार सक्रिय रूप से मामले को देख रही है।ऐसे मामलों से निपटने को लेकर बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। इसको लेकर विद्यालयों व समाज में जागरूकता भी चलाया जा रहा है।
लैब की स्थापना भी की जा रही है। प्रैग्नेंट महिलाओं व उनके पतियों का स्क्रीनिंग भी किया जा रहा है ,ताकि थैलेसीमिया मेजर और सिकल सेल से प्रभावित बच्चों के जन्म होने से रोका जा सके।

गांधी मैदान ब्लास्ट मामले में चार को फांसी और दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

गांधी मैदान में हुए सीरियल बम ब्लास्ट मामले में NIA कोर्ट ने 9 आतंकियों को सजा का ऐलान कर दिया है। विशेष NIA कोर्ट के जज गुरविंदर सिंह ने चार आतंकियों को फांसी की सुनाई है, जबकि दो को उम्र कैद की सजा दी गई है। दो दोषियों को 10 साल और एक को सात साल की सजा सुनाई है और एक अभियुक्त को पहले ही दोष मुक्त कर चुका है। इन चार आतंकियों को मिली फांसी की सजा

गाँधी मैदान ब्लास्ट मामले में चार को मिला मृत्युदंड


NIA कोर्ट ने इस कांड का मास्टर माइड हैदर अली उर्फ अब्दुल्लाह उर्फ ब्लैक ब्यूटी नोमान अंसारी,मो. मोजिबुल्लाह अंसारी और इम्तियाज अंसारी उर्फ आलम को फांसी की सजा दी है। साथ ही उमर सिद्दीकी और अजहरूद्दीन को उम्र कैद की सजा दी है। यह सभी छह आतंकी IPC का सेक्शन 302, 120B और UAPA एक्ट जैसे गंभीर धाराओं में दोषी करार दिए गए थे। NIA के स्पेशल PP ललित प्रसाद सिन्हा ने इन सभी के लिए फांसी की मांग की थी। इनके अलावा कोर्ट ने अहमद हुसैन और फिरोज आलम उर्फ पप्पू को 10 साल और इफ्तिखार आलम को सात साल की सजा सुनाई है। खास बात है कि इफ्तिखार की सजा 7 साल पूरी हो गई है।

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बचाव पंक्ष का वकील ने कहा फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जायेंगे


कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी आतंकी को इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करनी है तो वो 30 दिनों के अंदर कर लें, वरना सजा का यह आदेश कन्टीन्यू किया जाएगा।
गंभीर धाराओं में दोषी 6 आतंकवादियों की जानकारी
उमर सिद्दीकी – 120B/302 IPC
अजहरुद्दीन – 121/121A IPC, 18,19,20 UAPA ACT
नोमान अंसारी – 302/34 IPC
हैदर अली उर्फ अब्दुल्लाह उर्फ ब्लैक ब्यूटी – 120B/302 IPC

आतंकवाद और नक्सली हिंसा पर लगाम एनडीए सरकार की बड़ी उपलब्धि

आतंकवाद और नक्सली हिंसा पर लगाम एनडीए सरकार की बड़ी उपलब्धि

  • सुशील कुमार मोदी

-गांधी मैदान ब्लास्ट के दोषियों को सजा सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल बढ़ाने वाला

  • पीएम मोदी ने साहस न दिखाया होता, तो भगदड़ में जाती जानें
  1. यूपीए सरकार के दस साल में आतंकियों का दुस्साहस इतना बढ़ गया था कि आये दिन न केवल देश के किसी न किसी शहर में सीरियल ब्लाट होते थे, निर्दोष लोगों की जान जाती थी, बल्कि 2013 में प्रधानमंत्री-पद के उम्मीदवार और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र भाई मोदी को पटना की सभा में निशाना बनाने की कोशिश की गई थी।
    एनडीए सरकार को आतंकवाद और नक्सली हिंसा पर रोक लगाने में बड़ी सफलता मिली।
  2. सात साल में जम्मू-कश्मीर को छोड़ कर देश में कहीं भी आतंकवाद को सर उठाने की हिम्मत नहीं।
    आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर यह मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि है कि आज देशवासी सुरक्षित होकर हर त्योहार मना सकते हैं।
  3. एनआइए कोर्ट ने पटना सीरियल धमाके में दोषी पाए गए 9 में से 4 को फांसी और 2 को उम्र कैद की सजा सुना कर आतंकवाद के विरुद्ध कड़ा संदेश दिया है।
    यह जांच और सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल बढ़ाने वाला फैसला है।
  4. आठ साल पहले गांधी मैदान धमाके के समय सभास्थल पर मौजूद नरेंद्र भाई ने उस दिन अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया था।
    उन्होंने धमके की खुफिया सूचना के बावजूद कार्यक्रम स्थगित नहीं किया और विस्फोट के बीच भाषण जारी रखते हुए जनता को एहसास नहीं होने दिया कि कोई आतंकी हमला हुआ था।
    यदि विस्फोट की बात से भगदड़ मचती, तो बड़ी संख्या में जानें जा सकती थीं।

बिहार में शराब बंदी जारी रहेंगा

नीतीश कुमार के जनता दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान आज गृह, पुलिस, सामान्य प्रशासन और जमीन जुड़े मामले की सुनवाई हुई ।इस बार भी सबसे अधिक मामला पुलिस द्वारा कारवाई नहीं किये जाने से ही जुड़ा हुआ था । इसमें एक बुजुर्ग अचानक रोने लगा। CM ने जब रोने का कारण पूछा तो बुजुर्ग ने कहा कि साहब, मेरे बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब मेरा कोई सहारा नहीं है।

जयप्रभा मेदांता अस्पताल बिहार के स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मिल का पत्थर साबित होगा

इस पर CM ने वृद्ध फरियादी को DGP के पास भेजा और कहा कि DGP इस मामले को देखेंगे।जेपी सेनानी पेंशन नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे। कहा कि 1974 में जेल गए थे। लेकिन पेंशन नहीं मिल रही। सीएम ने कहा कि अब तक कहां थे। फरियादी बेतिया जिले से आए थे।

मंहगाई के सवाल पर नीतीश ने साधी चुप्पी पूरे कहां पूरे देश का मामला इसमें मैं क्या राय दू

उन्‍हें संबंधित विभाग के अधिकारी के पास भेज दिया गया। एक बुजुर्ग आते ही रोने लगे। कहा कि जमीन के विवाद में पुलिस उनके ही बेटे को गिरफ्तार कर ले गई। एक महिला ने बताया पति की हत्‍या हो गई लेकिन न तो आज तक कोई कार्रवाई हुई न मुआवजा मिला।

कोरोना को लेकर अलर्ट सीएम ने कहां सतर्कता हटी दुर्घटना घटी इसलिए सावधान रहना है

वहीं, एक व्यक्ति ने CM से कहा कि गांव के दबंग भू-माफिया ने परेशान कर रखा है। जमीन हमारी है, वो पैसा मांगता है। मेरी पत्नी DIG से शिकायत करने पहुंची तो भू-माफिया ने चौराहे पर इज्जत लूटने की धमकी दी। सर कुछ करिए…। इस पर मुख्यमंत्री ने युवक को DGP के पास भेज दिया।

उपचुनाव के परिणाम को लेकर सीएम ने कहा जनता मालिक है उनके फैसले का सम्मान करेंगे

बेतिया से आए एक युवक ने CM के सामने कहा कि हमारे पिता पुलिस में थे। सर्विस के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मौत के बाद हमें अनुकंपा पर नौकरी नहीं दी जा रही। पुलिस विभाग की तरफ से जानकारी दी गई कि आपके 2-2 भाई नौकरी में हैं, इसीलिए आपको अनुकंपा पर नौकरी नहीं दी जा सकती। इस पर मुख्यमंत्री ने DGP को फोन लगाकर कहा कि जब अनुकंपा पर नौकरी दी जाती है तो इस युवक को नौकरी क्यों नहीं मिली? अगर कोई तकनीकी बाधा है तो देखिए।

पुलिस ने इतना मारा कि दिव्यांग हो गए

शराबबंदी के साथ पूरा राज्य खड़ा है इसलिए शराबबंदी वापस लेने का सवाल ही नहीं

एक दिव्यांग व्यक्ति ने पुलिस की शिकायत करते हुए कहा कि कोलकाता में काम करता था। गांव आया था। एक न्योता में बाइक से गया। जब गांव लौट रहा था तो पुलिस ने पकड़ लिया। लाइसेंस मांगा तो नहीं था। इस पर पुलिस ने एक हजार रुपए मांगे। उसके पास रुपए नहीं थे। फिर पुलिस वालों ने उसे खूब मारा। वो बेहोश हो गए। बाद में पुलिस वाले ही उसे अस्पताल ले गए। जब युवक पुलिस थाने में गया तो उसका केस दर्ज नहीं किया जा रहा है। युवक ह्वील चेयर के सहारे जनता दरबार में पहुंचा था।

जनता दरबार में एक लड़की ने CM से कहा कि मेरे पापा का एक साल पहले अपहरण हो गया। भू-माफिया ने जमीन हड़प ली, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। CM नीतीश कुमार ने तुरंत DGP को फोन कर मामले को गंभीरता से देखने को कहा।

जनता दरबार खत्म होने के बाद मीडिया के सवालों का जबाव देते हुआ कहां कि बिहार विधानसभा उपचुनाव ,शराब बंदी और कोरोना से जुड़े सवालों का जबाव दिए ।

कोरोना और सांप्रदायिकता तनाव को देखते हुए पूरे राज्य में जारी हुआ अलर्ट

दीपावली और छठ को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और पुलिस अधिकारियों के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारी और मेडिकल फील्ड से जुड़े कर्मियों की छुट्टी अगले आदेश तक के लिए रद्द कर दिया गया है ।

कोरोना और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील जिलों पर विशेष नजर रखने का निर्देश जारी किया गया है और इसके लिए रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर दो लेयर में सुरक्षा और स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि कोरोना से जुड़े प्रोटोकॉल का पूरी तौर पर पालन हो सके ।

पुलिस मुख्यालय ने इसको लेकर एक निर्देश जारी किया है डीजीपी एसके सिंघल के आदेश पर एडीजी विधि-व्यवस्था विनय कुमार ने छुट्टी पर रोक लगाने से संबंधित पत्र जारी कर दिया है। आदेश के तहत दिवाली, काली पूजा और छठ महापर्व पर विधि-व्यवस्था व सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए 12 दिनों तक पुलिसकर्मियों के सभी प्रकार के अवकाश पर रोक लगाई गई है।

हालांकि विशेष परिस्थितियों में बहुत जरूरी होने पर अवकाश दिया जा सकता है। इसकी मंजूरी जिला, रेल और अन्य इकाइयों के वरीय पुलिस अधिकारी से लेनी होगी। आदेश की कॉपी सभी जिलों के एसएसपी-एसपी के अलावा इकाइयों और बिहार विशेष सशस्त्रत्त् पुलिस के कमांडेंट को भेज दी गई है।

इसी तरह स्वास्थ्य विभाग की और से भी सभी सिविल सर्जन और डीएम को निर्देश जारी किया है जिसके तहत कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन शत प्रतिशत हो इसके लिए रेलवे स्टेशन ,बस स्टेंड और एयरपोर्ट पर विशेष जांच व्यवस्था कराने का निर्देश जारी किया है ।

बिहार विधानसभा उपचुनाव का परिणाम चौकाने वाला हो सकता है!

बिहार विधानसभा उपचुनाव का परिणाम जो भी हो लेकिन चुनाव का दूरगामी प्रभाव पड़ेगा यह साफ दिख रहा है, वोटिंग ट्रेंड एनडीए के पक्ष में नहीं है ,महिला वोटर 2005 के चुनाव बाद पहली बार घर से बाहर नहीं निकली है जैसे पहले निकलती थी। वही वोटिंग प्रतिशत की बात करे तो दोनों जगह लगभग 5 प्रतिशत कम वोटिंग हुई है, अगर जदयू चुनाव हारती है तो जदयू और भाजपा के बीच दूरियां बढ़ सकती है क्यों कि इस चुनाव में भी साफ दिख रहा था कि बीजेपी का कार्यकर्ता उदासीन ही नहीं था जदयू चुनाव हार जाये इस तरह खुलकर बात भी कर रहा था दिल की सुनो उसी और इशारा था एक और बात जो पूरे मतदान के दौरान चर्चा में रहा वह था सरसों तेल की कीमत (मिथिलांचल में करुआ तेल कहते हैं) इसको लेकर महिला मतदाता चर्चा कर रही थी ,इसका कितना असर वोट पर पड़ा यह फिलहाल कहना मुश्किल है, वैसे इस बार जदयू प्रशासनिक और मीडिया प्रबंधन में बाजीगर रहा , फिर भी परिणाम क्या होगा कहना मुश्किल है क्यों कि तारापुर विधानसभा में यादव और मुसलमान भी वोट देने के लिए उस तरीके से बाहर नहीं आया जैसे आते रहे हैं ।1—मतदान का प्रतिशत कम रहा इस बार कुशेश्वरस्थान में 49% तो तारापुर में 50.04 % वोटिंग हुई है। आम चुनाव 2020 की तुलना में दोनों सीटों पर मतदान का प्रतिशत कम रहा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में तारापुर में 54.43%, जबकि कुशेश्वरस्थान में 55.8 फीसदी वोटिंग हुई थी।बात महिला वोटर कि करे तो कुशेश्वर स्थान 49,6 प्रतिशत वोटिंग हुई है जिसमें 48,3 प्रतिशत पुरुष और 50.9%महिला वोट की है वहीं तारापुर की बात करे पुरुष की तुलना में मात्र पांच हजार अधिक वोट महिला की है ।फिर भी किसके सिर ताज बंधेगा कहना मुश्किल है

मुख्यमंत्री ने जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का किया विधिवत उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का किया विधिवत उद्घाटन

पटना, 30 अक्टूबर 2021 मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज पटना के कंकड़बाग में नवनिर्मित जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का मंत्रोच्चार एवं शंख ध्वनि के बीच फीता काटकर तथा नारियल फोड़कर विधिवत उद्घाटन किया। इसके साथ ही अब जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इन पेशेंट-सर्विस की शुरुआत हो गई, अब मरीज यहां भर्ती होकर अपना इलाज करा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने अस्पताल के एम०आर०आई०, रेडियेशन रुम, हार्ट कमांड सेंटर, नर्सिंग स्टेशन, आइसोलेशन यूनिट, ऑपरेशन थियेटर, इंटेंसिव केयर यूनिट, कैथ लैब्स सहित विभिन्न विभागों एवं वार्डो का मुआयना किया। मुख्यमंत्री को जयप्रभा मेदांता अस्पताल के सी०ई०ओ० डॉ० पंकज साहनी ने अस्पताल भ्रमण के दौरान अस्पताल से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।

जयप्रभा मेदांता अस्पताल का सीएम ने किया उद्धाटन

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडे, उद्योग मंत्री श्री शाहनवाज हुसैन, पटना नगर निगम की मेयर श्रीमती सीता साहू मेदांता के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ० नरेश त्रेहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, जिलाधिकारी श्री चन्द्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री उपेन्द्र शर्मा, जयप्रभा मेदांता अस्पताल के सी०ई०ओ० डॉ० पंकज साहनी सहित जयप्रभा मेदांता अस्पताल के अन्य चिकित्सकगण / कर्मी अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

जयप्रभा मेदांता अस्पताल बिहार के स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मिल का पत्थर साबित होगा

इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि आज पटना में जयप्रभा मेदांता अस्पताल का विधिवत उद्घाटन हुआ है। इसके लिए काफी पहले से प्रयास जारी था। जयप्रभा अस्पताल खोलने की शुरुआत वर्ष 1979 में की गई थी। श्रद्धेय लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की इच्छा थी कि पटना में कैंसर का अस्पताल बनना चाहिए। वर्ष 2005 में जब हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो हमलोगों ने इसका लेकर काफी विचार-विमर्श किया। अस्पताल चलाने वाले कई लोगों से वार्ता की गई लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। हमलोगों को खुशी है कि मेदांता के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ० नरेश त्रेहान पटना में अस्पताल चलाने को तैयार हुये। वर्ष 2006 में जयप्रभा मेदांता अस्पताल का शिलान्यास किया गया था। पिछले वर्ष अस्पताल के ओ०पी०डी० सेवा की शुरुआतक मरीज यहां आकर डॉक्टरों से इलाज करा सकें। हमलोगों की शुरु से इच्छा थी कि जल्द से जल्द अस्पताल पूरी तरह से शुरु हो जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने श्री नरेश त्रेहान साहब से कहा है कि जल्द से जल्द कैंसर का इलाज भी यहां शुरु करा दीजिए क्योंकि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की इच्छा थी कि यहां कैंसर का अस्पताल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाकी सब बीमारियों का इलाज यहां शुरु हो गया है। इस अस्पताल का हमने मुआयना किया है। यह अस्पताल काफी अच्छा है। उन्होंने कहा कि जयप्रभा मेदांता अस्पताल में गरीब गुरबा लोगों के लिए 25 प्रतिशत बेड आरक्षित किया गया है। गरीब गुरबा लोगों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जो निर्धारित शुल्क हैं उसी शुल्क पर यहां उनका इलाज किया जायेगा। सरकारी कर्मचारियों का भी यहां इलाज नॉर्मल रेट पर होगा। इस अस्पताल के शुरु हो जाने से बिहार के लोगों को काफी सुविधा होगी। प्राइवेट अस्पताल के रूप में मेदांता अस्पताल का देश में काफी नाम है। देश के कई जगहों पर मेदांता अस्पताल खोला गया है। पटना में भी मेदांता अस्पताल की शुरुआत हुई है यह काफी खुशी की बात है। बिहारवासियों को अब इस अस्पताल में इलाज की बेहतर सुविधा मिलेगी।

प्रदेश के सभी कामगारों का ई – श्रम पोर्टल पर होगा निबंधन:

ई-श्रम निबंधन और कार्ड वितरण समारोह संपन्न:
सामाजिक सुरक्षा के तहत श्रमिकों को मिलेगा सभी प्रकार का लाभ:
प्रदेश के सभी कामगारों का ई – श्रम पोर्टल पर होगा निबंधन:
सर्वाधिक निबंधन करने वाले तीन सामान्य सेवा केंद्र संचालक किये गए पुरस्कृत:

आज दिनांक-30.10.2021 को ई-श्रम पोर्टल (eshram.gov.in) पर निबंधित बिहार के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बीच ई-श्रम कार्ड का निबंधन एवं वितरण समारोह का आयोजन श्रम संसाधन विभाग, बिहार के द्वारा ‘‘दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान, पटना’’ में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामेश्वर तेली, माननीय केन्द्रीय राज्य मंत्री, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार रहे, अध्यक्षता श्री जिवेश कुमार, माननीय मंत्री, श्रम संसाधन विभाग द्वारा की गयी| श्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री, श्री रामकृपाल यादव, पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री -सह- माननीय सांसद (पाटलिपुत्र) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

कार्यक्रम में श्रीमती वन्दना किनी, अपर मुख्य सचिव, श्रम संसाधन विभाग, श्री आलोक कुमार, विशेष सचिव, श्रम संसाधन विभाग, सुश्री रंजिता, श्रमायुक्त, बिहार, एवं विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया।

कार्यक्रम में ई-श्रम पोर्टल पर निबंधित बिहार के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बीच श्री रामेश्वर तेली, माननीय केन्द्रीय राज्य मंत्री, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ई-श्रम कार्ड का वितरण किया गया। उन्होंने ई-श्रम पोर्टल पर बिहार के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के निबंधन की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। उन्होंने ई-श्रम पोर्टल को असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने हेतु एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

श्री जिवेश कुमार, माननीय मंत्री, श्रम संसाधन विभाग, बिहार के द्वारा बताया गया कि देश भर में असंगठित कामगारों के सम्पूर्ण विवरण सहित एक डाटा बेस की आवश्यकता विगत कुछ वर्षों से महसूस की जा रही थी। इसी परिप्रेक्ष्य में श्रम एवं नियोजन मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा हाल के दिनों में लाँच किया गया ई-श्रम पोर्टल के दिशा में उठाया गया एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण कदम है, जिसका प्रासंगिकता लम्बे समय तक बनी रहेगी। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि ई-श्रम पोर्टल पर निबंधित असंगठित श्रमिकों को न सिर्फ विभिन्न प्रकार की केन्द्र एवं राज्यों की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा सकेगा साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर एक डाटा बेस तैयार होगा जिससे असंगठित श्रमिकों को Portability of Scheme का भी फायदा मिलेगा। साथ ही प्रवासी श्रमिकों की ट्रेकिंग भी इस पोर्टल के माध्यम सुलभ हो जायेगा। तत्काल ई-श्रम पोर्टल पर निबंधित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अन्तर्गत 2 लाख रूपये का दुर्घटना कवर दिया जाएगा।

अवगत हुआ जा सकता है कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देश भर के लगभग 38 करोड़ असंगठित श्रमिकों को इस पोर्टल के माध्यम से निबंधित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से बिहार के लिए कुल 3.49 करोड़ असंगठित श्रमिकों को निबंधित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आज के तारीख में लगभग 75 लाख बिहार के असंगठित श्रमिकों का इस पोर्टल पर निबंधन किया जा चुका है।

राष्ट्रीय ई-श्रम पोर्टल पर निबंधन निरंतर जारी है, पंचायत चुनाव को लेकर भी इसपर कोई प्रभाव नहीं पड़ रह है| श्रमिक अपनी सुविधानुसार प्रातः या देर शाम निबंधन कार्य करा सकते हैं| साथ ही केद्र सरकार द्वारा प्रायोजित, श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत निबंधन श्रमिकों के द्वारा कराया जा सकता है|

श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा राज्य में राष्ट्रीय ई – श्रम पोर्टल पर सर्वाधिक निबंधन करने वाले श्रेष्ठ तीन सामान्य सेवा केंद्र संचालकों (VLE) को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया| जिसमें विभाग द्वारा प्रथम पुरस्कार के रूप में 21 हजार रूपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए 15 हजार रूपये और तृतीय के लिए 11 हजार रूपये की राशि पुरस्कार स्वरूप दिया गया| यह प्रतिस्पर्धा प्रति माह सामान्य सेवा केंद्र संचालकों (VLE) के बीच कराया जायेगा, जिससे राज्य के सभी कामगारों का निबंधन ससमय पूरा किया जा सके और निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति की जा सके|

कार्यक्रम के दौरान ‘‘प्रयास’’ कार्यक्रम के तहत् कर्मचारी राज्य भविष्य निधि संगठन द्वारा ‘‘कर्मचारी भविष्य निधि पेंशन योजना, 1995’’ अन्तर्गत निबंधित सदस्यों को उनके सेवानिवृति के फलस्वरूप PPO (Pension Payment Oder) दिया गया।

कर्मचारी राज्य बीमा निगम के द्वारा ‘‘कोविड-19 राहत् योजना’’ अन्तर्गत बीमित व्यक्तियों के कोविड-19 के फलस्वरूप मृत्यु की स्थिति में उनके वैध आश्रितों को लाभ दिया गया।

कार्यक्रम का समापन भाषण एव धन्यवाद ज्ञापन श्रमायुक्त, बिहार द्वारा दिया गया।

वोटिंग प्रतिशत पर तय होगा कुशेश्वर स्थान और तारापुर में कौन बनेगा विधायक

बिहार विधानसभा उपचुनाव के प्रचार अभियान के दौरान चुपचाप का नारा खुब चला लेकिन आज एक नया नारा तारापुर और कुशेश्वरस्थान में चल रहा है दिल की सुनो,और ये जो नारा है दिल की सुनो वो सत्तारूढ़ दल के दिल की धड़कनों को तेज कर दिया है ।

दो बजे की तस्वीर है तारापुर विधानसभा का एक भी वोटर मतदान केन्द्र पर मौजूद नहीं है

दिल की सुनो नारे के पीछे एक अखबार के संपादक के साथ साथ सरकार में शामिल दल के मेंटर की भूमिका देखी जा रही है और यही वजह है कि कुशेश्वर स्थान जहां जदयू की जीत तय मानी जा रही थी वहां स्थिति हजार पांच सौ के बीच पहुंच गई है हालांकि मतदान खत्म होने के बाद स्थिति और भी स्पष्ट हो जायेंगी लेकिन वहां वोट का बड़ा बिखराव देखने को मिल रहा ।यही स्थिति तारापुर विधानसभा में भी देखने को मिल रहा है जहां दिल की सुनो नारा जदयू प्रत्याशी को थोड़ी मुश्किल बढ़ा दी है ।

महिला वोटर में वो उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है

हालांकि सब कुछ वोटिंग प्रतिशत पर निर्भर करता है क्यों कि अधिकांश मतदान केन्द्र खाली हो गया और ये स्थिति चुनाव खत्म होने तक बनी रह गयी तो फिर बहुत मुश्किल होगा वापसी ,वैसे राजद का कोर वोटर जहां है वहां भी बहुत ज्यादा उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है । कुशेश्वरस्थान विधानसभा 2020 के चुनाव में कुल 54.42 प्रतिशत मतदान हुआ था और आज की बात करे तो दो बजे तक 41 प्रतिशत के करीब वोट पड़ा है और शाम चार बजे तक ही वोटिंग होनी है यही स्थिति तारापुर विधानसभा क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है अधिकांश मतदान केन्द्रों पर एक दुक्का वोटर आ रहा है । इस बार कही भी महिलाओं की वो लम्बी लाइने देखने को नहीं मिल रही है जो बिहार चुनाव की पहचान रही है ।

11 बजे की तस्वीर है मतदाता अपने समय का कर रहे हैं इन्तजार

तारापुर में 2020 के विधानसभा चुनाव में 55 प्रतिशत वोटिंग हुई थी लेकिन अभी दो बजे तक 42 प्रतिशत के करीब वोटिंग हुई है दोनों जगह का परिणाम वोटिंग प्रतिशत ही निर्भर करेगा ।

बिहार विधानसभा उपचुनाव के दो सीटों पर मतदान शुरु सुबह से ही देखी जा रही है लम्बी कतार

बिहार विधानसभा उपचुनाव में वोटिंग शुरु हो गयी शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी । चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो इसके लिए चुनाव आयोग ने अधिकांश मतदान केन्द्रों पर अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है पुलिस मुख्यालय की माने तो अर्द्धसैनिक बलों की 25 कंपनियों के अलावा बिहार विशेष सशस्त्र बल की 6 कंपनियां भी भेजी गई है। अधिकारी और जवान भी चुनाव ड्यूटी में लगाए गए हैं। सुबह से ही मतदाताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है ।वही सुबह से ही राजद नेता आक्रमक दिख रहे हैं 

1–चुनाव शुरु होते ही लालू ने भरा हुंकार
भेल ही ये दो सीटों पर उपचुनाव हो रहा है लेकिन इन सीटों का परिणाम बिहार की राजनीति में दूरगामी पड़ सकता है यही वजह है कि राजद अपनी पूरी शक्ति लगा दी है मतदान शुरु होने से ठीक पहले लालू प्रसाद अपने वोटर को आक्रामक बनाने के लिए एक बयान जारी किया है जिसमें कहां है कि दोनों सीटों का उप चुनाव जीतते ही वे बिहार की नीतीश सरकार को गिरा देंगे। उन्‍होंने कहा कि उप चुनाव के बाद राजद की सरकार और तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए फार्मूला उन्होंने तैयार कर लिया है।वही दूसरा और तेजस्वी ने बयान जारी करके कहां है कि दोनों सीट जीत रहे हैं और मतदाताओं में जनता में नल-जल योजना में धांधली और महंगाई जैसे मसलों को लेकर काफी नाराजगी है। इसका असर चुनाव में देखने को मिलेगा ।

युवा मतदाताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है
सुबह से ही लंबी कतारे देखी जा रही है मतदना केन्द्रों पर

2– महिला वोटर के लिए विशेष व्यवस्था इस बार बिहार विधानसभा उप चुनाव में एक नया प्रयोग किया जा रहा है. दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 114 सहायक बूथ बनाए हैं, इनमें से 110 सहायक बूथों पर सिर्फ महिलाएं वोट देंगी. इन बूथों पर महिला मतदान कर्मी और महिला सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. विधानसभा चुनाव में महिलाओं को लेकर यह पहली बार प्रयोग किया जा रहा है।

इस बार महिला और पुरुष बराबरी में वोटिंग करने पहुंचे हैं

3–कुशेश्वरस्थान विधानसभा कुशेश्वरस्थान विधानसभा के आठ उम्मीदवारों की किस्मत आज ईवीएम में बंद हो जाएगी।कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र में वोटरों की संख्या कम है। वहां दो लाख 57 हजार 153 वोटर मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें महिला वोटरों की संख्या एक लाख 21 हजार 974 है।कुशेश्वरस्थान से चुनावी मैदान में जदयू के अमन भूषण हजारी, राजद के गणेश भारती, कांग्रेस के अतिरेक कुमार, लोजपा(रा) अंजू देवी, जाप(लो) के योगी चौपाल, समता पार्टी के सच्चिदानंद पासवान, निर्दलीय जीवछ कुमार हजारी और राम बहादुर आजाद शामिल है ।शाम चार बजे तक वोटिंग होगी 4–तारापुर विधान सभा उप चुनाव  9 प्रत्याशी के भाग्य का फैसला आज ,3 तारापुर में कुल 3.27 लाख मतदाताओं में 1.76 लाख पुरुष और 1.51 लाख महिलाएं हैं.  मतदान,सुबह 7 बजे से ले शाम 4 बजे तक होगा मतदान होना है। मतदान के लिए 406 मतदान केंद्र । जिसमे 5 आदर्श और 10 महिला(पिंक बूथ), 68 सहायक और 52 नक्सल मतदान केंद्र है शामिल ।तारापुर विधानसभा क्षेत्र से राजद के अरुण कुमार, लोजपा(रा) के कुमार चंदन, जदयू के राजीव कुमार सिंह, कांग्रेस के राजेश कुमार मिश्र, राष्ट्रीय समता पार्टी के उपेंद्र सहनी, द प्लुरल्स पारटी के वशिष्ठ नारायण के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों में अंशु कुमार, दीपक कुमार और शिव गांधी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।

ये नजारा कुशेस्वर स्थान विधान सभा का
कुशेश्वरस्थान विधानसभा नाव से जा रहे हैं वोट देने

घोड़ासहन में रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाने में षडयंत्र ते आरोपी को हाईकोर्ट से नहीं मिली जमानत

पटना हाई कोर्ट ने कथित तौर पर घोड़ासहन में रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाने में षडयंत्र और विस्फोटक को विस्फोट करने का प्रयास करने के आरोपी गजेंदर शर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी।जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह की खंडपीठ ने गजेंद्र शर्मा द्वारा दायर क्रिमिनल अपील पर सुनवाई की।

इसके साथ ही खंडपीठ ने ट्रायल को दिन प्रतिदिन के आधार पर करने का निर्देश दिया। साथ ही आदेश की प्रति की पेश करने की तारीख से एक वर्ष के भीतर पूरा करने हेतु प्रयास करने का आदेश ट्रायल कोर्ट को दिया है।

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि यदि ट्रायल एक वर्ष में पूरा नहीं होता है, तो अपीलार्थी अपनी जमानत हेतु निचली अदालत में ही याचिका दायर कर सकेगा।

इस अपील में ही जमानत हेतु आग्रह किया गया था। अपील के जरिये अपीलार्थी ने पटना के एन आई ए के विशेष न्यायाधीश द्वारा 19 फरवरी, 2021 को पारित आदेश को रद्द करने की माँग की थी।

अपीलार्थी के अधिवक्ता सिद्धार्थ हर्ष का कहना था कि अपीलार्थी एफ आई आर में नामित नहीं है। अनुसंधान के दौरान नाम आया है। साथ ही अपीलार्थी के अधिवक्ता का यह भी कहना था कि अपीलार्थी 16 फरवरी, 2017 से जेल में है और ट्रायल भी अभी पूरा नहीं हुआ है। 138 चार्जशीट गवाहों में अभी तक सिर्फ 33 गवाहों का परीक्षण हुआ है।

अपीलार्थी के जमानत का विरोध करते हुए एनआईए के विशेष लोक अभियोजक छाया मिश्रा ने कोर्ट को बताया की गवाहों के परीक्षण में देरी कोविड – 19 की वजह से हुआ है। किन्तु, अब चूंकि स्थिति सामान्य हो रही है, इसलिए अभियोजन की ओर से बचे हुए गवाहों का परीक्षण अवलिंब हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अभियोजन उन सभी प्रयासों को करेगा ,जिससे कि अगले 9 महीने में सभी गवाहों का परीक्षण हो जाए। उनका यह भी कहना था कि अपीलार्थी के खाते से पैसों का लेनदेन और इसके स्टूडियो से सामानों की बरामदगी अपराध में सहभागिता को स्पष्ट रूप से प्रमाणित करता है।

सुशील मोदी ने तेजस्वी के बयान पर किया पलटवार गरीबों का वोट छीनने वाला दे रहा है नसीहत

मोदी- ट्वीट

29.10.2021

लालू-राज में होती थी चुनावी हिंसा, मंत्री लुटवाते थे बूथ

  • सुशील कुमार मोदी

एनडीए ने स्थापित किया कानून का राज

  • गरीबों के वोट छीनने के दिन गए
  1. लालू-राबड़ी राज में बिहार का कोई भी चुनाव बिना हिंसा और बूथ लूट के नहीं होता था।
    गरीबों को वोट नहीं देने दिया जाता था, बल्कि उनके वोट छीने जाते थे या साड़ी, शराब या नकद रुपये का लोभ देकर हथियाये जाते थे।
    जिस दौर में राज्य के दर्जनों मंत्री खुद खड़े होकर बूथ लूट की अगुवाई करते थे, वो जमाना चला गया।
    …………………………….
  2. वर्ष 2000 के विधानसभा चुनाव में 61 लोग मारे गए थे, जबकि साल भर बाद 2001 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान 196 जानें गईं।
    एनडीए ने कानून का राज स्थापित किया है। अब किसी की मजाल नहीं कि भय या प्रलोभन से किसी के वोट हासिल कर ले।
    सत्तारूढ़ दल जनता की सेवा के बदले मजदूरी के रूप में वोट मांगते हैं, बूथ नहीं लूटते।

अबतक एनडीए के कार्यकाल में 9 चुनाव हो चुके हैं परंतु न तो चुनावी हिंसा हुई और न हीं कोई मारा गया।

दिल्ली के कनॉट प्लेस में बिहार के कलात्मक कौशल को ‘बिहारिका’ के रूप में एक और स्थायी ठिकाना मिला

नई दिल्ली,

बिहार की कला और शिल्प को बढ़ावा देने और राज्य के बुनकरों के लिए स्थायी बाजार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, बिहार निवास, चाणक्यपुरी में हस्तशिल्प, हथकरघा और अन्य कलाकृतियों की एक विस्तृत श्रृंखला की शुरुआत की गई है। श्रीमती पलका साहनी (भा.प्र. से), स्थानिक आयुक्त, बिहार भवन ने शुक्रवार को आर्ट कियोस्क ‘बिहारिका’, बिहार की कला डेहरी, का लोकार्पण किया।

दिल्ली के कनॉट प्लेस में अंबापाली बिहार एम्पोरियम के बाद, बिहार के कलात्मक कौशल को ‘बिहारिका’ के रूप में एक और स्थायी ठिकाना मिल गया है।

इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से बेहतरीन हस्तशिल्प और हथकरघा जनित विचारोत्तेजक इंस्टॉलेशन आर्ट को प्रोत्साहित करना है। मंजूषा कला, मधुबनी कला, सिक्की, सुजनी, पेपर माशे, बावन बूटी, ओबरा और मिथिला, तिरहुत, मगध, आंग और भोजपुर के कई अन्य प्रमुख कलाकृतियों से ‘बिहारिका’ को सुसज्जित किया गया है।

बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों, बुनकरों, शिल्पकारों और क्यूरेटरों को स्थानीय कलाकारों और विक्रेताओं की सहायता से एक महत्वाकांक्षी साइट-विशिष्ट आयोगों को साकार करने के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रत्येक कलाकार ने अपनी नई प्रदर्शनी के लिए दिल्ली और इसके ऐतिहासिक महत्व पर शोध किया है ताकि प्रत्येक शिल्प खरीदारों और आगंतुकों के लिए सार्थक और प्रासंगिक हो।

स्थानिक आयुक्त ने कहा, “बिहार राज्य पारंपरिक रूप से मधुबनी कला या मिथिला पेंटिंग के लिए बाहरी दुनिया के लिए जाना जाता है, और हम बिहार के विभिन्न जिलों के स्थानीय कलाकारों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मधुबनी, मंजूषा, सिक्की, सुजनी सहित बिहार की वो लोक कलाएँ जो वहाँ के लोगों की जीवन शैली का हिस्सा हैं लेकिन बिहार के बाहर बहुत प्रसिद्ध नहीं हैं, वो लोगों के ज्ञान में आ सकते हैं और उन्हें प्रसिद्धि मिल सकती है। पिछले दो वर्षों में, हमने 200 से ज़्यादा कलाकारों को सूचीबद्ध किया है। दिल्ली-स्थित बिहार के कारीगरों ने भी अपनी कलाकृतियों को बिहारिका भेजने के लिए सहमति दी है। मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में बिहारिका दिल्ली में अपनी अलग पहचान बनाएगा जिससे लोकल बुनकरों और शिल्पकारों को असीम संभावनाएं मिल सकेंगी।”

यह अक्सर उद्धृत किया जाता है कि ‘खानपान के इतिहास को सामान्य रूप से संस्कृति के इतिहास से अलग नहीं किया जा सकता है’। इस अभिव्यक्ति से एक सीख लेते हुए, प्रदर्शनी में भोजन और कला का मिश्रण देखने को मिलेगा, क्योंकि आगंतुक बिहार निवास के ‘द पॉटबेली रेस्तरां’ में बिहार के कई लोकप्रिय व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। उन्होंने आगे कहा, “बिहारी व्यंजनों के मामले में पॉटबेली पहले से ही अग्रणी रहा है। बिहारिका के उद्घाटन के बाद लोगों को बिहार निवास आने के लिए अधिक रुचि बढ़ेगी।”

बिहार के कलाकारों द्वारा भेजी गई विभिन्न कृतियों को कियोस्क पर प्रदर्शित किया गया है। ये सभी खरीदारों और आगंतुकों के लिए उपलब्ध हैं। इन वस्तुओं को डिजिटल भुगतान के माध्यम से सीधे कलाकारों से खरीदा जा सकता है।

मैं क्रिमिनल थोड़े हैं जो नीतीश को गोली मरवा देंगे

लालू यादव आज फिर मीडिया के सामने आये और तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच जारी विवाद कर खुल कर बोले साथ ही उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान भकचोन्हर और विसर्जन जैसी बातो को लेकर जो बवंडर उठा था उसको भी अपने अंदाज में शांत करने की कोशिश कि

1–बीजेपी वाले तेज प्रताप को गुमराह कर रहा है

तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और तेजप्रताप यादव (Tejpratap Yadav) में कोई विवाद नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी और तेजप्रताप में बैठकर बातचीत भी हुई है. दोनों हमारे बेटे हैं आने के बाद सबको इकट्ठा किए हैं दोनों भाई एक साथ हैं सब परिवार एक साथ है तेज प्रताप के साथ बीजेपी के कुछ लोग रहते हैं वो गुमराह करते रहते हैं.

2–मैं क्रिमिनल थोड़े हैं

लालू प्रसाद ने कहा नीतीश कुमार ने विसर्जन का मतलब गलत समझ लिया, वे समझ गए कि मारने के लिए कह रहे हैं,हम क्रिमिनल थोड़े हैं कि गोली मरवा देंगे चुनाव है इसलिए उन्होंने ऐसा बयान दिया ताकि उनको फायदा मिले. हमने विसर्जन शब्द बोला यानी चुनाव में सफाया हो जाएगा

3—भकचोन्हर’ पर सफाई दी.
लालू यादव ने भक्त चरण दास पर बोले गए शब्द ‘भकचोन्हर’ पर सफाई दी कहा कि यह कोई विवादित शब्द नहीं है इसका मतलब होता है नासमझ ।यह समझने वाली बात है भोजपूरा जानने वाले और बिहार के लोग जानते हैं कि यह बोलचाल की यह समान्य भाषा है ।

4—मोदी को भगाना मेरा उदेश्य है
लालू यादव ने कहा कि कश्मीर में बिहार के लोगों को मारा जा रहा है. अनुच्छेद 370 के वक्त भी मारा जा रहा था, ये कोई नई बात नहीं है. ऐसे में आतंकी ऐसा कर अपनी मौजूदगी दिखा रहे हैं. केंद्र की राजनीति में भूमिका पूछे जाने पर लालू यादव ने कहा कि केंद्र की राजनीति में हमारी भूमिका होगी विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाना और भाजपा को गद्दी से उतारना है।

चार और जिलों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा शीघ्र: मंगल पांडेय

चार और जिलों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा शीघ्र: मंगल पांडेय

रोहतास, किशनगंज, कटिहार और सहरसा में लैब बनाने की प्रक्रिया शुरू

पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव और इलाज का इंतजाम करने में स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए आरटीपीसीआर जांच बेहद ही कारगर है। इस जांच के जरिए कोरोना वायरस से पीड़ित होने की जानकारी मिल जाती है, जिससे वायरस का प्रसार रोकने और पीड़ित का इलाज करना आसान होता है।

श्री पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा को सरल और सुलभ बना रही है। रोहतास, किशनगंज, कटिहार और सहरसा जिला के सदर अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब का निर्माण किया जाएगा। फिलहाल प्रदेश के 33 जिलों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। पिछले साल कोरोना का कहर शुरू हुआ था तो संक्रमण की पुष्टि कर पाना काफी कठिन था। इसलिये राज्य सरकार कोरोना जांच की व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है।

श्री पांडेय ने कहा कि रोहतास, किशनगंज, कटिहार और सहरसा में आरटीपीसीआर लैब बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। इस जांच की सुविधा प्रदेश के 37 जिलों में हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर कोरोना से बचाव को लेकर टीकाकरण में तेजी लायी जा रहा है।