विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर अनुचित गति से प्रवेश किया, जिससे पाकिस्तानी जहाज़ को बचाव के लिये हताशा में ओवरटेक करना पड़ा। दोनों पक्षों के बयानों में स्पष्ट अंतर दिखता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के अनुप्रयोग पर सवाल उठते हैं।
टक्कर से पहले दोनों जहाज़ों की गति और दिशा को लेकर
विभिन्न संकेत मिलते हैं। भारतीय स्रोतों के अनुसार, INS Kolkata ने अपने निर्धारित कोर्स पर स्थिर गति बनाए रखी थी, जबकि PNS Hunain ने अचानक दिशा बदलकर जलमार्ग के मध्य में प्रवेश किया। पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि वह समुद्री यातायात नियंत्रण प्रणाली (VTS) के निर्देशों का पालन कर रहा था, पर
भारतीय रडार ने इसे असुरक्षित निकटता के रूप में चिन्हित किया। दोनों पक्षों ने यह भी कहा कि टक्कर के समय मौसम साफ़ था और दृश्यता अच्छी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मानव त्रुटि या संचार में खामी मुख्य कारण रही।
टक्कर के बाद, INS Kolkata ने तत्काल मरम्मत कार्यों के
लिये निकटतम पोर्ट, दुबई के अल फुजायर पोर्ट में प्रवेश किया। भारतीय नौसेना ने कहा कि जहाज़ पर मामूली संरचनात्मक क्षति हुई है, परंतु संचालन क्षमता में कोई बड़ी कमी नहीं आई। इसी प्रकार, PNS Hunain को भी क़तर के पोर्ट में ले जाया गया, जहाँ तकनीकी जांच के बाद बताया गया कि
जहाज़ की प्रोपेलर और कुछ बाहरी पैनल क्षतिग्रस्त हुए हैं। दोनों जहाज़ों की मरम्मत की अनुमानित अवधि लगभग दो‑तीन हफ्ते बताई गई, जिससे दोनों देशों की समुद्री शक्ति में अस्थायी कमी आई।
इसी दौरान, अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने घटना की जांच शुरू कर दी। इंटर्नैशनल मैरिटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) ने कहा कि दोनों
पक्षों को अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार उचित रिपोर्टिंग करनी चाहिए और घटना की पूर्ण जांच में सहयोग देना चाहिए। यूरोपीय समुद्री सुरक्षा परिषद ने भी कहा कि इस तरह की टकरावें क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकती हैं और इसे रोकने के लिये कूटनीतिक संवाद आवश्यक है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून आयोग
(UNCLOS) ने कहा कि पक्षों को अपने‑अपने EEZ में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
भारत ने तुरंत ही अपने विदेश मंत्रालय को सूचना दी और पाकिस्तान से औपचारिक टिप्पणी की माँग की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिये सभी आवश्यक कदम उठाएगा और
अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन पर कड़ी प्रतिक्रिया देगा। इस बयान के बाद, भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्राथमिकता देता है और इस तरह की घटनाओं को दोहराने नहीं देगा।
पाकिस्तान की ओर से भी तेज़ प्रतिक्रिया
आई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने अपने जहाज़ को पाकिस्तान के EEZ में बिना अनुमति के प्रवेश कराकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि PNS Hunain ने अपने अधिकार क्षेत्र की रक्षा करते हुए उचित कदम उठाए, परंतु भारतीय जहाज़ की असावधानी ने टक्कर को
जन्म दिया। पाकिस्तान के रक्षा सचिव ने कहा कि यदि भारत इस प्रकार की अनियमितताएँ जारी रखेगा, तो भविष्य में समुद्री सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिये अतिरिक्त नीतियों पर विचार किया जाएगा।
दोनों देशों के रक्षा प्रमुखों ने आपसी संवाद की मांग की। भारत के नौसेना कमांडर ने कहा कि भविष्य
में ऐसी टकरावें नहीं होने देने के लिये दोनों देशों को नियमित समुद्री संपर्क और संवाद मंच स्थापित करना चाहिए। वहीं पाकिस्तानी नौसेना प्रमुख ने कहा कि यह टक्कर दोनोँ पक्षों की संचार में खामियों को उजागर करता है और इसे सुधारना आवश्यक है। दोनों पक्षों ने संयुक्त
Updated: September 18, 2026
The incident caused temporary reduction in operational capability for both navies, affecting regional maritime balance.
It also prompted international maritime agencies to review compliance with navigation rules and collision‑avoidance protocols.