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Breaking News of Bihar

दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप लूट: पटना में बदमाशों ने हथियार के बल पर उड़ाए लाखों के जेवरात, CCTV फूटेज में कैद हुई एकाएक की घटना

पटना, दानापुर: मंगलवार को दिनदहाड़े आरपीएस काली मंदिर रोड स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स पर चार बदमाशों ने हमला कर लगभग चार लाख रुपये के सोने के जेवरात चोरी कर लिए. बदमाशों ने हथियार का उपयोग करके ज्वेलरी शॉप से फायरिंग करते हुए सोने के प्रतिष्ठित आभूषण और नकदी लूट ली.

यह घटना मंगलवार दोपहर लगभग 2-3 बजे के आसपास हुई जब दो बाइक पर सवार चार युवक ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुए. इनमें दो बदमाशों ने हेलमेट और दो ने मास्क पहन रखा था. घुसते ही वे अपने हथियारों से दुकान के मालिक और कर्मचारियों को धमकाकर लूटपाट शुरू कर दिया. बदमाशों ने काउंटर का शीशा तोड़कर सोने के जेवरात लूटे और गोदरेज में रखे आभूषण भी अपने साथ ले गए. उन्होंने तीन लाख का सोने का जेवरात, एक लाख का आभूषण और पांच हजार रुपये नकद लूट लिया।

लूट के दौरान बदमाशों ने ज्वेलरी शॉप से कई फायर लगा दिए, जिससे घटनास्थल पर ही दहशत फैल गई. बदमाशों के साथ देखा गया कि एक अन्य व्यक

बिहार में नक्सली साजिश नाकाम: STF ने PLFI के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया, 40 किलो विस्फोटक और हथियार बरामद

बिहार पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) और नवादा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दयानंद राजवंशी और मिथलेश राजवंशी के रूप में हुई है, जो लंबे समय से इस संगठन से जुड़े हुए थे और इलाके में नक्सली गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे.

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें STF और जिला पुलिस ने साझा ऑपरेशन चलाया और छापेमारी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया. गिरफ्तारी के दौरान, पुलिस ने दो .315 राइफल, 20 जिंदा कारतूस, टेक्निकल गियर, डेटोनेटर, और लगभग 40 किलो से ज्यादा विस्फोटक जब्त किया है. इसके अलावा, लगभग 100 मीटर कॉर्डेक्स वायर और अन्य सामान भी बरामद हुआ है. पुलिस को शक है कि ये नक्सली किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के फिराक में थे.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी थी. गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. फिलहाल इस मामले में रजौली थाना में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

बिहार पुलिस की इस कार्रवाई को नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है, जो राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है. पुलिस की इस कार्रवाई से नक्सलियों के हौसले पस्त होंगे और वे अपनी गतिविधियों को कम करने पर मजबूर होंगे. बिहार पुलिस की यह कार्रवाई राज्य में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए आवश्यक है.

बिहार में दौड़ लगी स्वच्छता और नशामुक्ति की दिशा में, पीवी सिंधु ने पतना मैराथन को हरी झंडी दिखाई

पटना में एक बड़े आयोजन में भारतीय बैडमिंटन सुपरस्टार पीवी सिंधु ने पतना मैराथन को हरी झंडी दिखाई, जिसमें लगभग 10,000 धावकों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन नशामुक्त बिहार अभियान के समर्थन में आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना है।

पतना मैराथन के दौरान पीवी सिंधु ने धावकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए है, बल्कि यह नशामुक्त बिहार अभियान के समर्थन में भी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना और उन्हें स्वच्छ और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना बहुत जरूरी है।

पतना मैराथन में हिस्सा लेने वाले धावकों में से अधिकांश युवा थे, जो नशामुक्त बिहार अभियान के समर्थन में दौड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल उनके लिए एक स्वास्थ्य और फिटनेस कार्यक्रम है, बल्कि यह एक समाजिक जिम्मेदारी भी है जो उन्हें नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने में मदद करती है।

पतना मैराथन के आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन नशामुक्त बिहार अभियान के समर्थन में आयोजित किया गया था और उन्हें उम्मीद है कि यह आयोजन युवाओं को नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि वे आने वाले वर्षों में भी ऐसे आयोजनों को आयोजित करने की योजना बना रहे हैं जो युवाओं को स्वच्छ और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करें।

यह आयोजन पतना में एक besar सफलता साबित हुई, जिसमें लगभग 10,000 धावकों ने हिस्सा लिया और नशामुक्त बिहार अभियान के समर्थन में दौड़ लगाई। आयोजकों को उम्मीद है कि यह आयोजन युवाओं को नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने में मदद करेगा और उन्हें स्वच्छ और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करेगा।

पटना मेट्रो को मिली नई गति, इसी महीने शुरू हो सकती है आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक सेवा

पटना में मेट्रो परियोजना की प्रगति ने एक नए मील के पत्थर को पार किया है, जिससे राजधानी के निवासियों को जल्द ही एक नया और आधुनिक परिवहन साधन मिलने वाला है। उपमुख्यमंत्री और नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हाल ही में पटना मेट्रो परियोजना की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें बताया गया कि आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और इस महीने के अंत तक इसे चालू किया जा सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि इस रूट पर मेट्रो का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, और अब केवल औपचारिक मंजूरी और हरी झंडी मिलने का इंतजार है। जैसे ही आवश्यक स्वीकृति मिलती है, इस मार्ग पर मेट्रो का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा, जिससे राजधानी के पूर्वी हिस्से में रहने वाले हजारों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।

वर्तमान में, पटना में मेट्रो का संचालन आईएसबीटी से भूतनाथ स्टेशन के बीच सीमित है, लेकिन इस विस्तार के बाद, पटना के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी काफी मजबूत हो जाएगी। समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जमीन हस्तांतरण से जुड़े जो भी पेच फंसे थे, उन्हें सुलझा लिया गया है, और अब काम तय समय सीमा के भीतर ही पूरा किया जा रहा है।

पटना मेट्रो परियोजना के इस नए चरण को शहर की लाइफलाइन बनने की ओर एक और कदम बताया जा रहा है, जो पटना की जनता के लिए मार्च का महीना किसी बड़े तोहफे से कम नहीं होने वाला है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि यह पटना के विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि टनलिंग और फिनिशिंग का काम तय समय सीमा के भीतर ही पूरा किया जाए, ताकि उद्घाटन के दिन यात्रियों को एक विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके। पटना मेट्रो और डीएमआरसी के इंजीनियर दिन-रात एक कर अंतिम दौर की फिनिशिंग में जुटे हैं, जिससे यह परियोजना जल्द ही पूरी हो सके और शहर के लोगों को इसका लाभ मिल सके।

Bihar Breaking News at This Hour: निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री, बेगूसराय का जवान नक्सल ऑपरेशन में शहीद, पढ़ें बिहार की टॉप बड़ी खबरें

बिहार की राजनीति, अपराध, शिक्षा और विकास से जुड़ी कई बड़ी खबरें आज सुर्खियों में हैं। राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, वहीं अलग-अलग जिलों से अपराध और हादसों की खबरें भी सामने आई हैं।

Bihar News Today Live: पढ़ें 8 मार्च 2026 की बिहार की टॉप बड़ी खबरें। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत पूरे बिहार की राजनीति, अपराध, शिक्षा, मौसम और विकास की ताजा अपडेट।

1. निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आज जनता दल (यूनाइटेड) में औपचारिक रूप से शामिल हो रहे हैं। पटना में दोपहर करीब 1 बजे पार्टी कार्यालय में उनका स्वागत किया जाएगा। माना जा रहा है कि उनकी एंट्री से राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है और उन्हें भविष्य में अहम जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।

2. बिहार में 83 नए रेलवे ओवरब्रिज को मंजूरी

राज्य में जाम की समस्या को कम करने के लिए सरकार ने 83 नए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाने की मंजूरी दी है। आने वाले वर्षों में 110 और ओवरब्रिज बनाए जाने की योजना है, जिससे सड़क यातायात काफी सुगम होने की उम्मीद है।

3. बेगूसराय का जवान नक्सल ऑपरेशन में शहीद

बिहार के बेगूसराय जिले के जवान मुरारी कुमार झारखंड के गुमला में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शहीद हो गए। उनके गांव में पार्थिव शरीर पहुंचते ही लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

4. पटना में युवक की हत्या से हड़कंप

पटना सिटी इलाके में अपराधियों ने एक युवक को घेरकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

5. सड़क हादसे में युवक की मौत, लोगों ने किया हंगामा

पटना के खगौल क्षेत्र में शादी का कार्ड बांटने जा रहे एक युवक को ट्रैक्टर ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

6. मुजफ्फरपुर के युवक की सऊदी अरब में मौत

मुजफ्फरपुर के साहेबगंज निवासी एक युवक की सऊदी अरब में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह वहां सुपरवाइजर के पद पर काम कर रहा था। परिवार को जब यह खबर मिली तो घर में मातम छा गया।

7. बिहार में कक्षा 1 से 8 की वार्षिक परीक्षा

राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने कक्षा 1 से 8 तक की वार्षिक परीक्षा 12 से 19 मार्च के बीच कराने का कार्यक्रम जारी किया है। इससे लाखों छात्र परीक्षा में शामिल होंगे।

8. मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि बिहार समेत कई राज्यों में 8 मार्च के आसपास बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ जगहों पर हवा की गति लगभग 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

9. पटना मेट्रो प्रोजेक्ट का काम तेज

पटना मेट्रो परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार अगले चरण का काम जल्द पूरा होगा।

10. गया में पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना

गया और बोधगया में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नई परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है।

11. भागलपुर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस अभियान

भागलपुर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

12. दरभंगा एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ी

दरभंगा एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

13. पटना में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की तैयारी

पटना में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए नई ट्रैफिक मैनेजमेंट योजना लागू करने की तैयारी की जा रही है।

14. मधुबनी में किसानों को नई योजना का लाभ

राज्य सरकार की नई कृषि योजना के तहत मधुबनी जिले के किसानों को सब्सिडी और तकनीकी सहायता दी जा रही है।

15. सीवान में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई

सीवान पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में शराब जब्त की है।

बिहार में PMCH जूनियर डॉक्टरों पर गंभीर आरोप: मंत्री के हस्तक्षेप से मामला गरमाया

बिहार के पटना में स्थित पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसमें 35 जूनियर डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन डॉक्टरों पर मरीजों के परिजनों के साथ मारपीट करने, मोबाइल छीनने और नशे की हालत में तांडव करने के आरोप हैं।

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब मधुबनी के रहने वाले राहुल कुमार मिश्रा और उनके भाई सोनू 2 मार्च को ट्रेन से सफर के दौरान घायल हो गए थे। उन्हें बेहतर इलाज की उम्मीद में बाढ़ अस्पताल से PMCH रेफर किया गया था। जब राहुल 3 मार्च को सर्जरी डिपार्टमेंट पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उन्हें बाहर से CT स्कैन कराने की सलाह दी।

राहुल के अनुसार, जब उन्होंने डॉक्टर से पर्ची पर लिखने के लिए कहा, तो डॉक्टर गुस्सा हो गए और गाली-गलौज शुरू हो गई। इसके बाद डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों ने परिवार पर हमला कर दिया। राहुल का आरोप है कि जान बचाकर भागने के दौरान जूनियर डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट की। कई लोगों के सिर फूटे, हाथ टूटे और चेहरों पर गंभीर चोटें आईं।

इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह ने खुद अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति देखी और पुलिस की ढिलाई पर उन्हें फोन पर ही जमकर लताड़ लगाई। मंत्री ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं और कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल में इस तरह की घटनाएं होती रहीं तो आम लोगों का भरोसा टूट जाएगा।

अब सबकी नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। यह मामला एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन को कठघरे में खड़ा कर रहा है।

बिहार में होली और रमजान के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, 30 हजार पुलिसकर्मी तैनात

बिहार में होली और रमजान एक साथ पड़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है। प्रशासन ने किसी भी तरह की चूक नहीं करने का फैसला किया है, और इसके लिए शीर्ष स्तर पर तैयारी की गई है। मुख्य सचिव और डीजीपी विनय कुमार ने संयुक्त बैठक की, जिसमें सभी जिलों के डीएम और एसपी को स्पष्ट निर्देश दिए गए। संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली गई है और वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।

राज्यभर में 30 हजार से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें दंगा निरोधी दल और क्विक रिस्पॉन्स टीम शामिल हैं। जिलों में फ्लैग मार्च शुरू हो चुका है और शांति समिति की बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना है।

डीजीपी ने बताया कि शांति भंग करने की आशंका वाले लोगों पर निवारक कार्रवाई की जा रही है। अब तक लगभग 13 हजार असामाजिक तत्वों से बॉन्ड भरवाया गया है, और 30 हजार से ज्यादा लोगों के खिलाफ एसडीओ कोर्ट में कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने साफ कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी और हिंसा की स्थिति में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण इलाकों में मुखिया, सरपंच और वार्ड सदस्यों से सहयोग मांगा गया है और अफवाह या तनाव की सूचना तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है, और साइबर सेल भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखेगा। प्रशासन का कहना है कि शांति और सौहार्द सर्वोच्च प्राथमिकता है, और पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

CAG रिपोर्ट से बिहार की सियासत में भूचाल: करोड़ों के घोटाले के आरोप, विधानसभा में हंगामा

बिहार में इन दिनों सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। कारण है नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी Comptroller and Auditor General of India (CAG) की ताज़ा रिपोर्ट, जिसे लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के कथित घोटालों का आरोप लगाया है। रिपोर्ट के कुछ अंश सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विधानसभा से लेकर सड़क तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सरकार व विपक्ष आमने-सामने हैं।

क्या है पूरा मामला?

सीएजी की रिपोर्ट में राज्य के विभिन्न विभागों में वित्तीय प्रबंधन, योजनाओं के क्रियान्वयन और राजस्व संग्रहण से जुड़ी कई खामियों की ओर इशारा किया गया है। विपक्ष का दावा है कि रिपोर्ट में कई ऐसे बिंदु हैं, जो सीधे तौर पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और घपले की ओर संकेत करते हैं। विशेष रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।

विपक्षी दलों का कहना है कि इनपुट क्रेडिट के नाम पर करोड़ों रुपये का नुकसान राज्य को हुआ है और संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि राजस्व की निगरानी और वसूली में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे राज्य को भारी वित्तीय क्षति उठानी पड़ी।

विधानसभा में गरमाया माहौल

रिपोर्ट के मुद्दे पर विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिली। राजद विधायकों ने सरकार से जवाब मांगते हुए आरोप लगाया कि सीएजी की टिप्पणियां राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं की निष्पक्ष जांच हो, तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

विपक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। कुछ विधायकों ने तो यहां तक कहा कि सरकार पारदर्शिता से बच रही है और रिपोर्ट के तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रही है।

सरकार का पक्ष

सरकार की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। सत्तापक्ष का कहना है कि सीएजी की रिपोर्ट एक ऑडिट प्रक्रिया का हिस्सा होती है, जिसमें कई बार प्रक्रियात्मक कमियों को भी ‘अनियमितता’ के रूप में दर्ज कर लिया जाता है। सरकार का दावा है कि रिपोर्ट में जिन मामलों का उल्लेख है, उनमें से कई पर पहले ही सुधारात्मक कदम उठाए जा चुके हैं।

वित्त विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ऑडिट आपत्तियों का जवाब संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर दिया जाता है और आवश्यक सुधार भी किए जाते हैं। सरकार ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अधूरी जानकारी के आधार पर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

इनपुट क्रेडिट घोटाले का मुद्दा

इनपुट क्रेडिट से जुड़ा मामला इस विवाद का सबसे संवेदनशील हिस्सा बनकर उभरा है। विपक्ष का आरोप है कि कुछ फर्जी कंपनियों और संदिग्ध लेनदेन के माध्यम से टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग हुआ, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। इस मामले में संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इनपुट टैक्स क्रेडिट प्रणाली जटिल होती है और यदि निगरानी तंत्र मजबूत न हो तो गड़बड़ियों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में सीएजी की टिप्पणियां प्रशासन के लिए चेतावनी की तरह देखी जा रही हैं।

राजनीतिक असर क्या होगा?

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सीएजी रिपोर्ट अक्सर सरकारों के लिए असहज स्थिति पैदा करती रही है, खासकर तब जब विपक्ष मजबूत और मुखर हो। बिहार में भी यह मुद्दा आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के मुद्दे के रूप में जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।

वहीं, सत्तापक्ष इस विवाद को तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों तक सीमित बताकर राजनीतिक नुकसान को कम करने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार किसी जांच की घोषणा करती है या विधानसभा की समिति के जरिए रिपोर्ट की समीक्षा कराई जाती है।

जनता पर क्या असर?

सीएजी रिपोर्ट का सीधा असर आम जनता पर भले न दिखे, लेकिन यदि वित्तीय अनियमितताएं साबित होती हैं तो इसका मतलब होगा कि विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध संसाधनों में कमी आई। ऐसे में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग स्वाभाविक है।

जनता यह जानना चाहती है कि क्या वाकई सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है, और यदि हुआ है तो उसकी भरपाई कैसे होगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

Bihar News Today Live 27 February 2026: बिहार की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, मौसम, शिक्षा और क्राइम की ताज़ा अपडेट

27 फरवरी 2026 के लिए बिहार ब्रेकिंग न्यूज़ और मुख्य ताजा घटनाओं का लाइव अपडेट है 👇

  • 📌 केंद्रीय मंत्री का आह्वान: कृषि मंत्री राम नाथ ठाकुर ने बिहार में मखाना अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिकों से काम करने का आह्वान किया है, जिससे कृषि विकास को नई दिशा मिलेगी।
  • 📊 CAG रिपोर्ट में खामियाँ: कैग ने बिहार में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के कार्यान्वयन में कमियों का हवाला दिया है, जिसमें लाभार्थियों तक जागरूकता और सेवाओं के वितरण में असंतुलन दिखा।
  • 📈 ‘Destination Bihar 2026’ एक्सपो शुरू: पटना में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का औद्योगिक एक्सपो शुरू हुआ, जिसमें स्थानीय उत्पादन और रोजगार के अवसरों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
  • 🏙️ पाँव की राहें सुदृढ़ करने का अभियान: बिहार सरकार ने राज्यव्यापी फुटपाथ अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने का आदेश जारी किया है, ताकि पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते सुनिश्चित हो सकें।
  • 🚓 दारू तस्करी में गिरफ्तारियाँ: उत्तर प्रदेश के बल्लिया जिले में 3 तस्करों को बिहार के लिए शराब तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया और 471 बॉक्स शराब जब्त हुई।
  • 📜 बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आज 27 फरवरी से शुरू हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ कई केंद्रों पर जांच कार्य जारी है, और परिणाम मार्च मध्य से अंतिम सप्ताह तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
  • 🌤️ आज उत्तर भारत, विशेषकर यूपी–बिहार क्षेत्र में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा, हालांकि कुछ राज्यों में बारिश / अलर्ट जारी है। तापमान में वृद्धि जारी रहने के संकेत हैं।
  • 🗳️ राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। महागठबंधन व एनडीए के शीर्ष नेताओं की बैठकों का दौर जारी है, जिसके बाद उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होने के संकेत हैं।

बिहार के जिलावार मुख्य ताज़ा समाचार | 27 फरवरी 2026

📍 पटना

राजधानी पटना में ‘डेस्टिनेशन बिहार 2026’ इंडस्ट्रियल एक्सपो का शुभारंभ हुआ, जिसमें राज्य में निवेश आकर्षित करने और युवाओं को रोजगार देने पर जोर दिया गया। वहीं, नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज करते हुए मुख्य सड़कों और फुटपाथों को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की है। राजनीतिक हलकों में राज्यसभा चुनाव को लेकर बैठकों का दौर जारी है।

📍 गया

गया जिले में पुलिस ने अवैध बालू खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया, जिसमें कई ट्रैक्टर और ट्रकों को जब्त किया गया। बोधगया क्षेत्र में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिला प्रशासन ने आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक भी की।

📍 भागलपुर

भागलपुर में गंगा नदी के जलस्तर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है। सिल्क उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जिला उद्योग विभाग ने विशेष कार्यशाला आयोजित की। वहीं, अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने रात में सघन वाहन जांच अभियान चलाया।

📍 मुज़फ़्फ़रपुर

मुज़फ़्फ़रपुर में लीची किसानों के लिए कृषि विभाग ने प्रशिक्षण शिविर लगाया, जिसमें फसल सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने के उपाय बताए गए। शहर में सड़क मरम्मत कार्य तेज कर दिया गया है। साथ ही, उत्पाद विभाग ने शराबबंदी कानून के तहत कई जगह छापेमारी की।

📍 दरभंगा

दरभंगा में भूमि विवाद को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया है। विश्वविद्यालय में परीक्षा मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। नगर परिषद ने स्वच्छता अभियान चलाकर बाजार क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।

📍 पूर्णिया

पूर्णिया में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा अभियान चलाया गया, जिसमें हेलमेट और सीट बेल्ट जांच की गई। कृषि विभाग ने मक्का किसानों को अनुदान योजना की जानकारी दी। सीमावर्ती इलाकों में एसएसबी द्वारा गश्त बढ़ाई गई है।

📍 आरा

आरा में बिजली आपूर्ति में सुधार को लेकर विभाग ने नई लाइन बिछाने का काम शुरू किया है। पुलिस ने एक बड़ी चोरी की घटना का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। ग्रामीण क्षेत्रों में जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत पौधारोपण अभियान की तैयारी की जा रही है।

📍 छपरा

छपरा में गंडक नदी के तटबंधों का निरीक्षण किया गया। जिला प्रशासन ने बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा बैठक की। वहीं, रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं।

बिहार की इस वक्त की 10 बड़ी खबरें: राज्य के अलग-अलग जिलों की इस वक्त की प्रमुख खबरें

पटना | 26 फरवरी 2026

पटना/बिहार: राज्य की राजनीति, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और मौसम से जुड़ी कई अहम खबरें इस वक्त सुर्खियों में हैं। पढ़ें इस घंटे की प्रमुख अपडेट्स—

1. सीमांचल में गरजे अमित शाह, घुसपैठ पर कड़ा संदेश

Amit Shah ने बिहार दौरे के दौरान Seemanchal क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।


2. बिहार विधानसभा में हंगामा, कई विधेयक पेश

Bihar Vidhan Sabha के बजट सत्र में आज जोरदार बहस देखने को मिली। विपक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने विकास कार्यों का ब्योरा पेश किया। सदन में चार महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पेश किए गए, जिन पर चर्चा जारी है।


3. अररिया में राजनीतिक माहौल गरम

Araria में केंद्रीय दौरे के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में है और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।


4. दरभंगा में झड़प, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Darbhanga में आपसी विवाद के बाद दो पक्षों में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।


5. जमुई में दवा खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी

Jamui में फाइलेरिया रोधी दवा लेने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की खबर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी बच्चों का इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है।


6. भागलपुर में इंटर कॉपियों का मूल्यांकन शुरू

Bhagalpur में बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग ने समय पर परिणाम जारी करने के निर्देश दिए हैं।


7. होली से पहले बढ़ा तापमान, मौसम विभाग का अलर्ट

राजधानी Patna समेत कई जिलों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। India Meteorological Department के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। मौसम में अचानक बदलाव से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


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मार्च 2026 में बैंक अवकाश: होली और रामनवमी समेत 18 दिन बंद रहेंगे बैंक, जानें ऑनलाइन सेवाओं का लाभ

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के अनुसार, मार्च 2026 में कुल 18 दिन बैंकों में अवकाश रहेगा। इसमें साप्ताहिक छुट्टियों (5 रविवार और 2 शनिवार) के अलावा, विभिन्न राज्यों के स्थानीय त्योहारों और राष्ट्रीय अवकाशों के कारण 11 दिन बैंक बंद रहेंगे।

मार्च महीने में होली, रामनवमी, और अन्य महत्वपूर्ण त्योहारों के कारण बैंकों में अवकाश रहेगा। इसके अलावा, साप्ताहिक अवकाशों के कारण भी बैंक बंद रहेंगे। यदि आपका बैंक से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम है, तो योजना पहले ही बना लें और अपने जरूरी कामों को समय पर निपटाने के लिए ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठाएं।

बैंकों की शाखाएं बंद होने के बावजूद, आप ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल ऐप, और एटीएम के जरिए अपना लेनदेन बिना किसी रुकावट के कर सकते हैं। इसके अलावा, शेयर बाजार में इस महीने कुल 12 दिन ट्रेडिंग नहीं होगी, जिसमें साप्ताहिक अवकाश और त्योहारों की छुट्टियां शामिल हैं।

मार्च 2026 में बैंक अवकाश की सूची इस प्रकार है:

* 1 मार्च: रविवार
* 2 मार्च: होलिका दहन (उत्तर प्रदेश)
* 3 मार्च: होली (15 राज्यों में)
* 4 मार्च: अलग-अलग राज्यों में त्योहार (17 राज्यों में)
* 8 मार्च: रविवार
* 13 मार्च: चापचर कुट (मिजोरम)
* 14 मार्च: दूसरा शनिवार
* 15 मार्च: रविवार
* 17 मार्च: शब-ए-कद्र (जम्मू और श्रीनगर)
* 19 मार्च: गुड़ी पड़वा, उगादी और नवरात्र की शुरुआत (11 राज्यों में)
* 20 मार्च: ईद-उल-फितर और जुमात-उल-विदा (5 राज्यों में)
* 21 मार्च: रमजान ईद और सरहुल
* 22 मार्च: रविवार
* 26 मार्च: श्री रामनवमी (13 राज्यों में)
* 27 मार्च: श्री राम नवमी (6 राज्यों में)
* 28 मार्च: दूसरा शनिवार
* 29 मार्च: रविवार
* 31 मार्च: श्री महावीर जयंती (15 राज्यों में)

इसलिए, यदि आपका बैंक से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम है, तो योजना पहले ही बना लें और अपने जरूरी कामों को समय पर निपटाने के लिए ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठाएं।

बिहार में बकाया बिजली बिल: 1 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने की तैयारी, विभाग ने शुरू किया विशेष अभियान

बिहार में बिजली विभाग ने बकाया बिजली बिलों के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं के पास 5 हजार रुपये या अधिक का बकाया है, उनके कनेक्शन कभी भी काटे जा सकते हैं। इसके लिए विभाग ने मार्च तक विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।

बांका और अमरपुर डिवीजन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जहां बकायेदारों की सूची तैयार की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों डिवीजन में लगभग 1 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जिन पर बिजली बिल बकाया है। इनमें से 50-50 हजार उपभोक्ता दोनों डिवीजन में शामिल हैं।

विभाग ने 20 विशेष टीमों का गठन किया है, जो घर-घर जाकर कार्रवाई करेंगी। कनीय अभियंता की निगरानी में टीमें रोजाना का लक्ष्य पूरा करेंगी। एसडीओ और कार्यपालक अभियंता रोज मॉनिटरिंग कर रहे हैं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

विभाग के मुताबिक, कई उपभोक्ता ज्यादा बकाया होने पर दूसरे के नाम से नया कनेक्शन ले रहे हैं। पुराने कनेक्शन का बिल लंबित है, लेकिन बिजली का उपयोग जारी है। ऐसे मामलों की भी जांच की जा रही है। टीमें पहले उपभोक्ताओं से बकाया जमा करने का अनुरोध करेंगी। भुगतान नहीं होने पर सीधे कनेक्शन काट दिया जाएगा।

विभाग ने गर्मी से पहले मेंटेनेंस कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। कार्यपालक अभियंता कुमार सौरभ ने कहा कि जर्जर तार बदले जाएंगे। पेड़ों की डालियों की कटाई भी होगी। उद्देश्य है कि गर्मी में शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो।

बक्सर में शादी समारोह के दौरान मंच पर दुल्हन को मारी गोली, आरोपी फरार – समारोह में मचा हड़कंप

बिहार के बक्सर जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां शादी समारोह के दौरान मंच पर ही दुल्हन को गोली मार दी गई। घटना के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब जयमाला की रस्म चल रही थी और दूल्हा-दुल्हन मंच पर मौजूद थे। तभी अचानक एक युवक मंच के पास पहुंचा और दुल्हन पर गोली चला दी। गोली लगते ही दुल्हन मंच पर गिर पड़ी, जिससे वहां मौजूद परिजन और मेहमानों में चीख-पुकार मच गई।

घटना के तुरंत बाद आरोपी वहां से भाग निकला। घायल दुल्हन को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्राथमिक जांच में प्रेम प्रसंग का मामला सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक दुल्हन को पहले से जानता था और शादी से नाराज था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि गोली चलने के बाद मंच पर भगदड़ जैसी स्थिति बन जाती है और लोग इधर-उधर भागने लगते हैं।

स्थानीय पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

NEET छात्रा मौत मामला: CBI ने जांच तेज की, पटना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूछताछ

NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में अब जांच की कमान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने संभाल ली है और एजेंसी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI ने पटना पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया है। इनमें कदमकुआं थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष (SHO), सचिव SDPO-1 डॉ. अनु कुमारी तथा रामकृष्ण नगर थाने के SHO शामिल हैं। ये सभी अधिकारी पहले इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) का हिस्सा रह चुके हैं।

शुरुआती जांच की परतें खंगाल रही CBI

सूत्रों के अनुसार, CBI अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान कौन-कौन से कदम उठाए थे। एजेंसी यह जानना चाहती है कि किन-किन लोगों से पूछताछ की गई, कौन-कौन से साक्ष्य एकत्र किए गए और जांच की दिशा किस आधार पर तय की गई।

बताया जा रहा है कि CBI ने इन अधिकारियों से अपने कार्यालय में अलग-अलग कमरों में पूछताछ की। प्रत्येक अधिकारी का बयान व्यक्तिगत रूप से दर्ज किया गया और तथ्यों का मिलान कर संभावित विरोधाभास या किसी प्रकार की चूक की पहचान करने का प्रयास किया गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच के शुरुआती चरण में कोई अहम सुराग तो नजरअंदाज नहीं किया गया।

केस डायरी और जब्त सामग्री की बारीकी से जांच

CBI की टीम केस डायरी, जब्त किए गए सामान और पहले दर्ज किए गए बयानों की गहन जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि घटना के बाद पुलिस ने क्या-क्या कदम उठाए और क्या सभी संभावित एंगल पर जांच की गई थी या नहीं।

सूत्रों का कहना है कि यह पूछताछ काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। CBI यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पूरे घटनाक्रम की सटीक और निष्पक्ष पड़ताल हो। अगर जांच के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो उस पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

आगे और लोगों को किया जा सकता है तलब

माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में CBI और भी कई लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े हर पहलू को खंगाल रही है, ताकि छात्रा की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा किया जा सके।

देशभर में चर्चा का विषय बना मामला

NEET छात्रा की मौत का मामला सामने आने के बाद से ही यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजनों और आम लोगों की मांग रही है कि निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे में CBI की एंट्री के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मामले में पारदर्शिता आएगी और सच्चाई सामने आएगी।

फिलहाल CBI की जांच पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, नए खुलासे होने की संभावना है। एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में क्या हुआ और किन परिस्थितियों में NEET छात्रा की मौत हुई।

बिहार में भ्रष्टाचार पर सख्ती: रिश्वत लेते दो सरकारी अधिकारी गिरफ्तार

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सतर्कता ब्यूरो ने मंगलवार को दो सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारियां सुपौल और समस्तीपुर जिलों में अलग-अलग मामलों में की गईं। ब्यूरो को अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद जाल बिछाकर उन्हें पकड़ लिया गया।

पहली घटना में सुपौल जिले के निर्मली नगर पंचायत में तैनात सर्वे अमीन विक्रम कुमार राम को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। वह मरौना अंचल में पदस्थापित था और जमीन सर्वे रिपोर्ट आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था। खोरमा गांव के निवासी जयनारायण यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रिपोर्ट प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए अमीन पैसे मांग रहा है।

दूसरी घटना में समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय अनुमंडल में आपूर्ति पदाधिकारी राजेश भगत को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने पीडीएस दुकान संचालक राम एकबाल सिंह से लंबित खाद्यान्न जारी करने के बदले रिश्वत मांगी थी। बताया गया कि अधिकारी ने कुल 31,000 रुपये की मांग की थी। इससे पहले वह 10,000 रुपये ले चुका था और दूसरी किस्त लेते समय पकड़ा गया।

सतर्कता ब्यूरो के डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि शिकायतों की जांच के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके बाद ट्रैप बिछाकर कार्रवाई की गई।

इन गिरफ्तारियों से सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। सतर्कता ब्यूरो ने दोनों मामलों में आगे की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति और जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

24 फरवरी 2026 की बिहार की टॉप 10 बड़ी खबरें: पटना CBI जांच से लेकर विधानसभा हंगामा तक, पढ़ें इस वक्त की 10 बड़ी खबरें

आज बिहार के अलग-अलग जिलों में राजनीति, उद्योग, शिक्षा, परिवहन और प्रशासन से जुड़ी कई अहम गतिविधियां देखने को मिलीं। यहां पढ़िए जिला और स्थान के अनुसार राज्य की 10 बड़ी खबरें:

1. पटना में नीट छात्रा मौत मामले में CBI जांच तेज

पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने SIT के अधिकारियों से पूछताछ की है और कई दस्तावेज जब्त किए हैं। परिवार ने पहले ही स्थानीय जांच पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद केस सीबीआई को सौंपा गया। छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। सीबीआई अब कॉल डिटेल, हॉस्टल रिकॉर्ड और कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर रही है। आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


2. 27 फरवरी से इंटर कॉपियों का मूल्यांकन शुरू

Bihar School Examination Board ने 27 फरवरी से इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन की तिथि घोषित कर दी है। राज्यभर में बनाए गए केंद्रों पर शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि मूल्यांकन कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। परीक्षार्थियों को मार्च अंत तक परिणाम जारी होने की उम्मीद है। बोर्ड इस बार डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग कर रहा है ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी और त्रुटिरहित रहे। शिक्षकों को समय पर केंद्रों पर पहुंचने और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।


3. बिहार पुलिस भर्ती कैलेंडर 2026 जारी

Central Selection Board of Constable ने बिहार पुलिस भर्ती 2026 का कैलेंडर जारी कर दिया है। इसमें सिपाही और अन्य पदों पर बहाली की तिथियां शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और परीक्षा तिथियां भी घोषित कर दी गई हैं। लाखों अभ्यर्थियों को इस भर्ती का इंतजार था। बोर्ड ने साफ किया है कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी होगी और शारीरिक दक्षता परीक्षा सख्ती से आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित अपडेट देखने की सलाह दी गई है।


4. सीमांचल दौरे पर केंद्रीय गृह मंत्री

Amit Shah तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर बिहार पहुंच सकते हैं। इस दौरान वे सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। अवैध घुसपैठ और जनसंख्या असंतुलन जैसे मुद्दों पर बैठकें प्रस्तावित हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ भी उनका संवाद कार्यक्रम तय है। राजनीतिक हलकों में इस दौरे को आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।


5. विधानसभा में हंगामा, पोस्टरबाजी

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी विधायकों ने कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा। हंगामे के बीच मार्शल को हस्तक्षेप करना पड़ा और पोस्टर जब्त किए गए। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर अनावश्यक बाधा डालने का आरोप लगाया। सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनाव को देखते हुए आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।


6. दरभंगा रेल मार्ग पर बड़ी साजिश नाकाम

दरभंगा रेल रूट पर ट्रेन दुर्घटना की साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया। रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध सामग्री मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत कार्रवाई की। बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की। इस घटना के बाद रेल सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी होगी। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन सतर्क है।


7. स्कूलों के पास मांस-मछली बिक्री पर रोक की तैयारी

राज्य सरकार स्कूलों और धार्मिक स्थलों के पास मांस व मछली की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार निर्धारित दूरी के भीतर बिक्री की अनुमति नहीं होगी। सरकार का कहना है कि यह कदम स्वच्छता और सामाजिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है। व्यापारी संगठनों ने इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग की है। जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना जारी हो सकती है।


8. घूस लेते दो सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार

राज्य निगरानी ब्यूरो ने रिश्वत लेते हुए दो सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने काम कराने के एवज में पैसे की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाकर कार्रवाई की गई। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही है और विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।


9. राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी

बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न दल अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम पर मंथन कर रहे हैं। सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव का असर आगामी विधानसभा चुनावों पर भी पड़ सकता है। सभी दल अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं।


10. 24 मिनट में चार विधेयक पारित

बिहार विधानसभा में महज 24 मिनट के भीतर चार विधेयक पारित कर दिए गए। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया, जबकि सरकार ने इसे समय की बचत और प्रभावी कार्यशैली बताया। विधेयकों में प्रशासनिक सुधार और वित्तीय प्रावधान शामिल हैं। इस तेज प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है और विपक्ष ने विस्तृत चर्चा की मांग की है।

Bihar News Live 23 February 2026: 10 बड़ी खबरें, चोरी, हत्या, राजनीति और मौसम अपडेट

पटना | 23 फरवरी 2026

पटना: विधानसभा सत्र में विपक्ष का हंगामा, कई मुद्दों पर सरकार घिरी

राजधानी पटना में सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था, शिक्षक भर्ती और महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सदन की कार्यवाही बाधित की। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद अध्यक्ष को कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। सरकार की ओर से मंत्रियों ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।

शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा तेज रही। विपक्ष ने भर्ती में पारदर्शिता पर सवाल उठाए, जबकि शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि मेरिट के आधार पर नियुक्तियां की जा रही हैं। सदन में बजट सत्र को लेकर भी रणनीति बनी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए विपक्ष सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की कोशिश कर रहा है।


पूर्णिया: शराबबंदी के बावजूद छापेमारी में भारी मात्रा में शराब जब्त

पूर्णिया जिले में उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में गांव के एक गोदाम से सैकड़ों लीटर देसी और विदेशी शराब जब्त की गई। पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद तस्करी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों से शराब की सप्लाई होती है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जिससे बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मुजफ्फरपुर: सड़क हादसे में दो की मौत, परिवारों में मातम

मुजफ्फरपुर जिले में सोमवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


गया: ठंड और बदलते मौसम से बढ़ी बीमारियां, अस्पतालों में भीड़

गया जिले में बदलते मौसम और ठंड के कारण वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में अचानक बदलाव के कारण बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त दवाइयों और डॉक्टरों की व्यवस्था की है।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग गर्म कपड़े पहनें, संतुलित आहार लें और किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।


भागलपुर: गंगा का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में सतर्कता

भागलपुर में गंगा नदी के जलस्तर में हल्की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि अभी खतरे का स्तर पार नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासन ने एहतियातन निगरानी बढ़ा दी है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऊपरी इलाकों में बारिश के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। नाविकों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने कहा है कि यदि जलस्तर और बढ़ता है तो राहत शिविरों की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

पूर्णिया में शराब छापेमारी के दौरान पुलिस टीम पर हमला, वाहन तोड़ा गया; 33 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज

पूर्णिया (बिहार): बिहार के पूर्णिया जिले में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को सतकोदरिया गांव में छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हमले में पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जबकि टीम को किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकलना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने 33 लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सतकोदरिया गांव में अवैध रूप से शराब की बिक्री और भंडारण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर स्थानीय थाना पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और छापेमारी शुरू की। जैसे ही पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ी, कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ ने पुलिस वाहन को भी निशाना बनाया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। हालांकि, पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और बाद में अतिरिक्त बल की मदद से गांव में सर्च अभियान चलाया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। सरकारी कार्य में बाधा डालने, हमला करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 33 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। अन्य अज्ञात लोगों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

उल्लेखनीय है कि बिहार में शराबबंदी कानून के तहत अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर सख्त प्रतिबंध है। इसके बावजूद कई इलाकों में अवैध कारोबार की शिकायतें मिलती रहती हैं। प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

📌 बिहार में शराबबंदी की पृष्ठभूमि

बिहार सरकार ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू कर रखी है। इसका उद्देश्य सामाजिक सुधार, अपराध में कमी, घरेलू हिंसा पर काबू पाना और स्वास्थ्य जोखिम घटाना है। हालांकि, अवैध शराब का कारोबार बिहार के कई ग्रामीण इलाकों में जारी है। ऐसे इलाकों में शराब माफियाओं और पुलिस के बीच अक्सर संघर्ष और टकराव की घटनाएँ सामने आती हैं।

📌 अवैध शराब पर राज्यस्तरीय छापेमारी का चलन

देश के कई राज्यों में जैसे-जैसे अवैध शराब तस्करी बढ़ी है, वैसे-वैसे पुलिस की छापेमारी तेज हो गई है। उदाहरण के तौर पर:

  • झारखंड के सिराइकेला-खरसावाँ क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब की छापेमारी कर 80 लीटर शराब और 1200 किलो महुआ नष्ट किया।
  • पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब की 6000 लीटर लाहन जब्त की थी, जिसमें तस्कर ने पुलिस पर लोहे की रॉड से हमला किया

ये उदाहरण दर्शाते हैं कि शराबबंदी लागू राज्यों में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच टकराव की घटना सामान्य होती जा रही है।

⚖️ यह घटना क्यों गंभीर है?

इस घटना की गंभीरता इसलिए भी अधिक है क्योंकि:

  1. सरकारी काम में बाधा — पुलिस की वैध कार्रवाई में बाधा उत्पन्न हुई।
  2. पुलिसकर्मी घायल — कानून प्रवर्तक को चोट लगी, जो देश के किसी भी नागरिक, कानूनी या वैधानिक काम का हिस्सा था।
  3. सरकारी संपत्ति को नुकसान — सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुआ।
  4. संभावित असामाजिक तत्वों की भूमिका — लगता है कि स्थानीय लोग भी अवैध शराब की बिक्री से जुड़े हैं।
  5. स्थानीय प्रशासन पर दबाव — ऐसे मामलों से स्थानीय प्रशासन पर जनता और आपराधिक तत्त्वों से दबाव बनता है।

Bihar Breaking News 22 February 2026: अमित शाह 25 फरवरी का आएंगे बिहार, युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को CM नीतीश कुमार आज करेंगे सम्मानित और पटना की ताजा घटनाएं

BREAKING & MAJOR LOCAL UPDATES

बिहार में इस वक्त कई बड़ी खबरें सुर्खियों में हैं। पटना हाईकोर्ट की सख्ती, बड़े पैमाने पर सरकारी भर्ती की तैयारी, राजधानी में प्रशासनिक कार्रवाई और अपराध की घटनाओं ने राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है। यहां पढ़िए 22 फरवरी 2026 की इस घंटे की बड़ी अपडेट।

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा: अमित शाह 25 फ़रवरी को बिहार दौरे पर रहेंगे, जहाँ सीमा सुरक्षा और प्रशासनिक मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठकें होंगी।
  • राज्यपाल का बयान: बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने 2002 के गुजरात घटनाओं के बारे में अपनी राय साझा की और कहा कि लोगों से बातचीत के बाद उनकी सोच बदल गई।
  • उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुंगेर पहुंचे और कांग्रेस पर निशाना साधा।
  • उपेंद्र कुशवाहा ने राज्यसभा चुनावों में NDA की संभावित जीत की बात कही।

पटना हाईकोर्ट का 28 विधायकों को नोटिस, सियासी हलचल तेज

पटना हाईकोर्ट ने बिहार की राजनीति में बड़ा हस्तक्षेप करते हुए 28 विधायकों को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामों और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों को लेकर जारी किया गया है। अदालत ने संबंधित विधायकों से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि उनके खिलाफ दायर याचिकाओं में लगाए गए आरोपों पर उनका पक्ष क्या है।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कुछ विधायकों ने नामांकन के दौरान अपनी संपत्ति, आपराधिक मामलों या अन्य विवरणों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया। यदि आरोप साबित होते हैं तो यह मामला न केवल व्यक्तिगत राजनीतिक करियर पर असर डालेगा, बल्कि कई सीटों पर उपचुनाव की नौबत भी आ सकती है।

राजनीतिक दलों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने इसे “पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम” बताया है, जबकि सत्ताधारी दल के नेताओं का कहना है कि यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हाईकोर्ट की यह कार्रवाई चुनावी शुचिता को लेकर एक बड़ा संदेश है।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है और सभी पक्षों को दस्तावेज़ों के साथ उपस्थित रहने को कहा है। आने वाले दिनों में यह मामला बिहार की राजनीति में और उबाल ला सकता है।


बिहार में 60 हजार सरकारी नौकरियों की तैयारी, युवाओं में उत्साह

बिहार सरकार ने राज्य में लगभग 60 हजार सरकारी पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू करने का संकेत दिया है। इसमें पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में भर्ती प्रस्तावित है, साथ ही होमगार्ड और अन्य सुरक्षा इकाइयों में भी पद सृजित किए जाएंगे।

सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस विभाग में लगभग 30 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की संभावना है।

इस घोषणा के बाद राज्य भर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में उत्साह की लहर है। कोचिंग संस्थानों में भी हलचल बढ़ गई है। हालांकि, कुछ छात्र संगठनों ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध और निष्पक्ष हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह भर्ती समय पर पूरी हो जाती है तो इससे न केवल बेरोजगारी दर में कमी आएगी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। सरकार जल्द ही विस्तृत अधिसूचना जारी कर सकती है।


बाढ़ (बरह) में युवक का शव मिलने से सनसनी

पटना जिले के बरह क्षेत्र में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थिति में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने खेत के पास शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके से शराब की खाली बोतलें और कुछ अन्य सामान बरामद हुए हैं।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका हत्या या नशे की अधिकता से मौत की जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रही है।


राजीव नगर में अवैध निर्माण पर रोक

पटना के राजीव नगर इलाके में बिहार राज्य आवास बोर्ड की जमीन पर हो रहे नए निर्माण कार्यों पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण गैरकानूनी माना जाएगा।

प्रशासनिक टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में इलाके का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कहा कि पहले से बने मकानों की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।

स्थानीय निवासियों में इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया है। कुछ लोग इसे कानून का पालन सुनिश्चित करने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि अन्य लोग इसे देर से उठाया गया कदम मान रहे हैं।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को मंजूरी

बिहार सरकार ने सारण जिले में प्रस्तावित सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण से उत्तर बिहार के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। अनुमान है कि परियोजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

सरकार का दावा है कि एयरपोर्ट बनने से पर्यटन, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। खासकर सोनपुर मेले और आसपास के धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि परियोजना समय पर पूरी होती है तो यह बिहार के विकास मानचित्र पर एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।

Bihar Breaking News Live 19 February 2026: हाईकोर्ट का 42 विधायकों को नोटिस, नीट छात्रा केस में जांच तेज, कई जिलों में बड़ी घटनाएं

पटना, 19 फरवरी 2026। संक्षिप्त सारांश: होली को लेकर स्पेशल ट्रेनों की घोषणा और राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। पटना हाईकोर्ट ने विधानसभा से जुड़े मामले में 42 विधायकों को नोटिस जारी कर सियासी हलचल बढ़ा दी है। नीट छात्रा मौत मामले में जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और पूछताछ का दायरा बढ़ाया गया है। वैशाली, मुजफ्फरपुर और सहरसा में हत्या, मारपीट और सड़क हादसे जैसी घटनाओं से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। सरकार ने 537 ब्लॉक कार्यालयों में सीसीटीवी लगाने की योजना की घोषणा की है।

वैशाली में रहस्यमयी मौत:
हाजीपुर के कौनहारा घाट पर एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। परिजन जमीन विवाद का हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस पोस्टमार्टम कर रही है।

🔹 पटना हाईकोर्ट ने 42 विधायकों को नोटिस भेजा:
राजनीति में सियासी हलचल तेज़; उच्च न्यायालय ने स्पीकर प्रेम कुमार समेत 42 विधायकों को जवाबतलब किया है।

🔹 नक्सली सुरेश कोड़ा ने आत्मसमर्पण किया:
तीन लाख का इनामी नक्सली AK-47 और इंसास राइफल पुलिस को सौंपते हुए आत्मसमर्पण कर दिया।

🔹 नीट छात्रा केस में बड़ा अपडेट:
जहानाबाद केस में अब तक कई साक्ष्यों की पड़ताल जारी है; जांच एजेंसियाँ पूरी कोशिश कर रही हैं।

🔹 सड़क हादसा:
सहरसा के पास एक स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त; पाँच लोग घायल।

🔹 मुजफ्फरपुर में मारपीट:
कार साइड की बात पर विवाद, बीयर की बोतल से हमला; तीन घायल।

🔹 इनामी अपराधियों की लिस्ट:
वैशाली एसपी ने 12 कुख्यात अपराधियों की सूची जारी कर दी।


🏛️ राजनीति और सरकारी फैसले

📌 बिहार विधानसभा का बजट सत्र

बजट सत्र चल रहा है, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कई मुद्दों पर बहस जारी है — विशेषकर कचरे के मुद्दे पर भी विवाद हुआ।

📌 537 ब्लॉक कार्यालयों में CCTV योजना

बिहार सरकार ने घोषणा कि राज्य के 537 ब्लॉक कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे — यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता व भ्रष्टाचार रोकने के लिए।

📌 अमित शाह की बिहार यात्रा (25 फरवरी)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार के सीमावर्ती इलाकों का दौरा करेंगे — खासकर नेपाल और बांग्लादेश सीमा क्षेत्रों में पर्यावरण, सुरक्षा और डेमोग्राफी से जुड़े मुद्दों को देखने।


👮 क्राइम और सुरक्षा समाचार

🔹 पटना नीट छात्रा केस में CBI पूछताछ:
सीबीआई टीम सस्पेंडेड पुलिस अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।

🔹 बांका में सॉल्वर गैंग पकड़ा गया:
मैट्रिक परीक्षा में पेपर सॉल्विंग के लिए 10,000 रुपये चार्ज करने वाला गिरोह पकड़ा गया।

🔹 मोबाइल ऐप से साइबर ठगी:
पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से फर्जी ऐप के ज़रिये करोड़ों की ठगी करने वाला आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार।


✳️ होली स्पेशल ट्रेनें 2026:


होली के त्यौहार के लिए रेलवे द्वारा बिहार समेत दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, पुणे और अहमदाबाद से स्पेशल ट्रेनें संचालित होंगी — यात्रियों को सुविधा मिल सके।


🔴 विधानसभा में तीखा टकराव, सरकार पर विपक्ष का हमला

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। विपक्षी दलों ने विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री Nitish Kumar की नीतियों पर सवाल उठाते हुए विपक्ष ने राज्य में बढ़ती चुनौतियों का मुद्दा उठाया।

वहीं सत्ता पक्ष ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी से काम कर रही है। सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति भी बनी रही।


🍷 शराबबंदी नीति पर पुनर्विचार की मांग

राज्य में लागू शराबबंदी कानून एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन National Democratic Alliance (एनडीए) के कुछ सहयोगी दलों ने शराबबंदी की समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि नीति का उद्देश्य सही है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में खामियां हैं, जिससे आर्थिक नुकसान और प्रशासनिक दबाव बढ़ रहा है।

सरकार ने फिलहाल नीति में बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं, लेकिन इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान बढ़ता दिख रहा है।


🚨 फिरोजाबाद में बिहार के लिए भेजी जा रही शराब की बड़ी खेप जब्त

उत्तर प्रदेश के Firozabad में पुलिस ने लगभग एक करोड़ रुपये की अवैध शराब की खेप पकड़ी, जिसे बिहार भेजा जाना था। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शराबबंदी लागू होने के बावजूद तस्करी की कोशिशें जारी हैं, जिससे प्रशासन की चुनौतियां बढ़ रही हैं।


🌾 राजगीर के पास अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़

Rajgir के समीप एक गांव में पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया। अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में अफीम की फसल नष्ट कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है और संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है।


🏥 खगड़िया में प्रसाद खाने से करीब 100 लोग बीमार

Khagaria जिले में महाशिवरात्रि के अवसर पर वितरित प्रसाद खाने के बाद लगभग 100 लोग बीमार पड़ गए। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। सभी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।


💥 राजस्थान फैक्ट्री विस्फोट में बिहार के 7 मजदूरों की मौत

Rajasthan में हाल ही में हुए एक फैक्ट्री विस्फोट में बिहार के सात प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। ये सभी पूर्वी चंपारण जिले के निवासी थे। जिला प्रशासन ने मृतकों की पहचान कर ली है और परिजनों को सरकारी सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पूर्वी चंपारण East Champaran के जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।


🏛️ नालंदा विश्वविद्यालय में ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन

अल्पसंख्यक समुदायों के विकास और कल्याण योजनाओं की समीक्षा के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय Ministry of Minority Affairs द्वारा Nalanda University में दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नीति निर्माण, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई।


🏠 पटना में जमीन रजिस्ट्री महंगी होगी, सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी

राजधानी Patna में 1 अप्रैल से जमीन रजिस्ट्री की नई दरें लागू होंगी। कई इलाकों में सर्किल रेट तीन गुना तक बढ़ाए जाने की तैयारी है। इससे रियल एस्टेट बाजार में हलचल मच सकती है और संपत्ति खरीदने वालों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

रजिस्ट्रेशन विभाग का कहना है कि बाजार दर और सरकारी दर के बीच के अंतर को कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

Patna NEET Student Death Case: परिवार को दूसरी बार जान से मारने की धमकी, CBI जांच के बीच गांव में बढ़ाई गई सुरक्षा

पटना/जहानाबाद। बिहार की राजधानी पटना से जुड़े बहुचर्चित NEET छात्रा मौत मामले ने एक बार फिर सनसनी फैला दी है। जिस घटना ने पहले ही राज्यभर में आक्रोश और सवालों का तूफान खड़ा कर दिया था, अब उसमें धमकी भरे पर्चों की एंट्री ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है। जहानाबाद स्थित छात्रा के पैतृक गांव में परिजनों को लगातार दूसरी बार जान से मारने की धमकी दी गई है। इससे परिवार गहरे सदमे और भय के माहौल में जीने को मजबूर है।

पुलिस की तैनाती के बावजूद घर के किचन की खिड़की पर धमकी भरे पर्चे मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। पूरे मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) कर रही है, जबकि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।

किचन की खिड़की पर मिला पहला धमकी भरा पर्चा

परिजनों के अनुसार पहला पर्चा शुक्रवार की रात घर के किचन की खिड़की पर रखा मिला। उस पर्चे में साफ शब्दों में लिखा था— “तुम सब लोग मारे जाओगे।”

परिवार ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। शकूराबाद थाना की टीम मौके पर पहुंची और पर्चे को जब्त कर जांच शुरू की। पुलिस ने आश्वासन दिया कि सुरक्षा में कोई चूक नहीं होने दी जाएगी।

हालांकि परिवार अभी पहले पर्चे के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि कुछ ही दिनों बाद एक और धमकी ने माहौल को और भयावह बना दिया।

दूसरे पर्चे ने बढ़ाई दहशत: “2 दिन में तेरा बेटा भी मरेगा”

मंगलवार को उसी किचन की खिड़की पर एक और पर्चा मिला। इस बार भाषा और भी ज्यादा खतरनाक और व्यक्तिगत थी। उसमें लिखा था—
“जिस तरह बेटी मरी है, 2 दिन में तेरा बेटा भी मरेगा।”

इस संदेश ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। बेटी की मौत के गम से उबर नहीं पाए माता-पिता के सामने अब बेटे की जान की धमकी ने मानसिक दबाव कई गुना बढ़ा दिया है।

परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इतनी सुरक्षा के बीच कोई घर तक पहुंचकर पर्चा कैसे रख जा रहा है। गांव में पुलिस की तैनाती है, आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है, फिर भी यह घटना सुरक्षा में सेंध की ओर इशारा करती है।

गांव में पुलिस की तैनाती, फिर भी कैसे पहुंचा धमकी देने वाला?

धमकी भरे पर्चे मिलने के बाद पुलिस ने घर के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। आने-जाने वालों की पूछताछ की जा रही है। गांव में रात के समय गश्ती बढ़ा दी गई है।

इसके बावजूद सवाल यह है कि जब घर की निगरानी हो रही थी तो आखिर पर्चा रखने वाला व्यक्ति वहां तक कैसे पहुंचा? क्या कोई स्थानीय व्यक्ति इसमें शामिल है? या फिर सुरक्षा में कहीं न कहीं गंभीर चूक हुई है?

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है। आसपास लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। गांव के संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।

एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य

मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम गांव पहुंची। टीम ने किचन की खिड़की, दीवारों और आसपास के हिस्सों से फिंगरप्रिंट, हैंडराइटिंग और अन्य फॉरेंसिक नमूने जुटाए।

पर्चों की लिखावट की जांच कराई जा रही है ताकि यह पता चल सके कि दोनों पर्चे एक ही व्यक्ति ने लिखे हैं या अलग-अलग लोगों ने। कागज और स्याही की जांच से भी सुराग मिलने की उम्मीद है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह धमकी महज डराने की कोशिश भी हो सकती है या फिर किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा भी। इसलिए हर पहलू को गंभीरता से खंगाला जा रहा है।

6 जनवरी को हॉस्टल में मिली थी बेहोश

यह पूरा मामला 6 जनवरी से शुरू हुआ, जब छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोश पाई गई थी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां कई दिनों तक इलाज चला।

11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश फैला दिया। छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच की जिम्मेदारी Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी।

सीबीआई की सक्रियता, गांव पहुंचकर की पूछताछ

CBI की टीम तीन दिनों के भीतर दो बार छात्रा के गांव पहुंच चुकी है। अधिकारियों ने परिजनों से घंटों पूछताछ की। छात्रा के दोस्तों, रिश्तेदारों और गांव के अन्य लोगों से भी जानकारी ली जा रही है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा की मौत आत्महत्या थी, दुर्घटना थी या फिर इसके पीछे कोई साजिश। मोबाइल कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, हॉस्टल स्टाफ के बयान और मेडिकल रिपोर्ट की गहन जांच जारी है।

अब धमकी भरे पर्चों की घटना ने जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या धमकियों का संबंध सीधे छात्रा की मौत की जांच से है।

परिवार पर मानसिक दबाव

बेटी की असमय मौत के बाद से परिवार पहले ही गहरे सदमे में था। अब लगातार मिल रही धमकियों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।

परिजनों का कहना है कि उन्हें अपनी और बेटे की सुरक्षा की चिंता सता रही है। वे चाहते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें स्थायी सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

गांव के लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि धमकी देने वालों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

राज्यसभा चुनाव 2026: बिहार की 5 समेत 37 सीटों पर महासंग्राम, 16 मार्च को मतदान—सत्ता और विपक्ष के लिए निर्णायक परीक्षा

Rajya Sabha Elections 2026: देश की संसदीय राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। Election Commission of India ने राज्यसभा की 37 रिक्त हो रही सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा कर दी है। इस सूची में बिहार की 5 अहम सीटें शामिल हैं, जिन पर सियासी दलों की निगाहें टिकी हुई हैं। इन सीटों पर होने वाला चुनाव सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संसद के ऊपरी सदन में आने वाले वर्षों के राजनीतिक समीकरण तय करने वाला निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

अप्रैल 2026 में कई वरिष्ठ सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में इन सीटों पर नए प्रतिनिधियों का चयन न केवल राज्यों की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी असर डालेगा। खासकर बिहार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों में यह चुनाव गठबंधन राजनीति की दिशा तय कर सकता है।

चुनाव कार्यक्रम: 26 फरवरी से 20 मार्च तक पूरी प्रक्रिया

चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 26 फरवरी 2026 से शुरू होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च तय की गई है। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 मार्च तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे।

16 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होते ही शाम 5 बजे से मतगणना शुरू कर दी जाएगी। पूरी चुनावी प्रक्रिया 20 मार्च तक संपन्न कर ली जाएगी और इसके बाद नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी।

यह समयसीमा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अप्रैल की शुरुआत में कई सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि नई सूची समय रहते जारी हो जाए ताकि संसद के ऊपरी सदन की कार्यवाही प्रभावित न हो।

किन-किन राज्यों में होगा मतदान?

इस बार कुल 37 सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें प्रमुख राज्यों की सीटों का विवरण इस प्रकार है:

  • महाराष्ट्र – 7 सीटें
  • तमिलनाडु – 6 सीटें
  • पश्चिम बंगाल – 5 सीटें
  • बिहार – 5 सीटें
  • ओडिशा – 3 सीटें
  • असम – 3 सीटें
  • छत्तीसगढ़ – 2 सीटें
  • हरियाणा – 1 सीट
  • हिमाचल प्रदेश – 1 सीट
  • तेलंगाना – 4 सीटें

महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में राजनीतिक परिस्थितियों में हाल के वर्षों में हुए बदलाव के कारण यह चुनाव और भी रोचक हो गया है।

बिहार की 5 सीटें क्यों हैं सबसे अहम?

बिहार की जिन 5 सीटों पर चुनाव होने हैं, उन पर वर्तमान में वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधित्व है। इन नेताओं का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। इनमें प्रमुख नाम हैं:

  • Harivansh Narayan Singh
  • Upendra Kushwaha
  • Ram Nath Thakur
  • Prem Chand Gupta
  • Amarendra Dhari Singh

इनमें हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के उपसभापति भी हैं। उनका दोबारा चयन होता है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी होंगी। वहीं उपेंद्र कुशवाहा और प्रेम चंद गुप्ता जैसे नेताओं की भूमिका बिहार की क्षेत्रीय राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण रही है।

इन सीटों पर चुनाव का असर सीधे-सीधे बिहार के सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी महागठबंधन के बीच शक्ति संतुलन पर पड़ेगा।

महाराष्ट्र में भी दिग्गजों की परीक्षा

महाराष्ट्र की 7 सीटों पर भी चुनाव होने जा रहे हैं। यहां से राष्ट्रीय स्तर के दो बड़े नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है:

  • Sharad Pawar
  • Ramdas Athawale

शरद पवार भारतीय राजनीति के वरिष्ठतम नेताओं में गिने जाते हैं। यदि वे पुनः मैदान में उतरते हैं तो यह चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है। वहीं रामदास अठावले केंद्र सरकार में मंत्री हैं, ऐसे में उनकी सीट भी एनडीए के लिए अहम है।

राज्यसभा चुनाव कैसे होते हैं?

राज्यसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते। इनका चुनाव संबंधित राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक करते हैं। यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत सिंगल ट्रांसफरेबल वोट (STV) प्रणाली से होता है।

मतलब साफ है—जिस दल या गठबंधन के पास विधानसभा में जितनी अधिक संख्या होगी, उसके उम्मीदवार की जीत की संभावना उतनी ही अधिक होगी। ऐसे में जहां विधानसभा में संख्या बल का अंतर कम है, वहां जोड़-तोड़, रणनीति और क्रॉस वोटिंग की संभावना बढ़ जाती है।

बिहार में संभावित सियासी गणित

बिहार की राजनीति लंबे समय से गठबंधन आधारित रही है। यहां एनडीए और महागठबंधन के बीच सत्ता का संघर्ष चलता रहा है। राज्यसभा चुनाव में प्रत्येक सीट के लिए आवश्यक वोटों का गणित बेहद अहम होता है।

यदि किसी दल के पास पूर्ण बहुमत नहीं है तो उसे सहयोगी दलों या निर्दलीय विधायकों का समर्थन जुटाना पड़ता है। ऐसे में यह चुनाव न केवल राजनीतिक ताकत का परीक्षण है, बल्कि गठबंधन की मजबूती का भी पैमाना बनेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन 5 सीटों में से कम से कम एक या दो सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

संसद में क्या बदल सकता है समीकरण?

राज्यसभा में बहुमत का गणित अक्सर लोकसभा से अलग होता है। कई बार ऐसा देखा गया है कि केंद्र सरकार के पास लोकसभा में स्पष्ट बहुमत होता है, लेकिन राज्यसभा में बहुमत न होने के कारण उसे महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने में क्षेत्रीय दलों का समर्थन लेना पड़ता है।

इन 37 सीटों के चुनाव के बाद राज्यसभा की संरचना में बदलाव संभव है। यदि किसी एक गठबंधन को अपेक्षा से अधिक सीटें मिलती हैं तो वह ऊपरी सदन में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

क्या पुराने चेहरों को मिलेगा दोबारा मौका?

सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या राजनीतिक दल अपने मौजूदा सांसदों को दोबारा अवसर देंगे या नए चेहरों को आगे लाएंगे?

बिहार में सामाजिक और जातीय समीकरणों का विशेष महत्व रहा है। ऐसे में दल यह देखेंगे कि किस समुदाय को प्रतिनिधित्व देना उनके लिए लाभकारी रहेगा। इसी तरह महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी क्षेत्रीय संतुलन और गठबंधन समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत की भूमिका

पश्चिम बंगाल की 5 सीटों और तमिलनाडु की 6 सीटों पर भी सबकी नजर है। दक्षिण भारत के राज्यों में क्षेत्रीय दलों की मजबूत उपस्थिति के कारण राष्ट्रीय दलों को रणनीतिक गठजोड़ करना पड़ता है।

इन राज्यों के परिणाम संसद में विपक्ष की ताकत को भी प्रभावित कर सकते हैं।

क्यों कहा जा रहा है इसे ‘मिनी जनादेश’?

राज्यसभा चुनाव भले ही प्रत्यक्ष जनमत से न होता हो, लेकिन यह राज्यों की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का प्रतिबिंब जरूर होता है। जिन राज्यों में हाल में सरकार बदली है या गठबंधन टूटे हैं, वहां यह चुनाव सत्ता की स्थिरता का संकेत देगा।

विशेषज्ञ इसे ‘मिनी जनादेश’ इसलिए भी कह रहे हैं क्योंकि इससे यह संकेत मिलेगा कि आने वाले लोकसभा या विधानसभा चुनावों में राजनीतिक रुझान किस दिशा में जा सकते हैं।

चार्टर प्लेन से पटना पहुंचे IAS निलेश रामचंद्र देओरे पर सियासी संग्राम: विधानसभा में गूंजा मुद्दा, नीतीश सरकार पर विपक्ष का हमला

बिहार की राजनीति एक बार फिर प्रशासनिक निष्पक्षता और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच उलझ गई है। राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी Nilesh Ramchandra Deore को लेकर छिड़ा चार्टर प्लेन विवाद अब सियासी तूफान में बदल चुका है। पटना पहुंचने के लिए चार्टर विमान के इस्तेमाल को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ता पक्ष इसे नियमों के अनुरूप और परिस्थितिजन्य निर्णय बता रहा है। मामला इतना तूल पकड़ चुका है कि Bihar Vidhan Sabha में भी इस पर तीखी बहस हुई और सरकार को सफाई देनी पड़ी।

क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के अनुसार, आईएएस अधिकारी निलेश रामचंद्र देओरे को अचानक पटना बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि प्रशासनिक कारणों और समय की कमी को देखते हुए वे चार्टर विमान से पटना पहुंचे। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई। विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि एक अधिकारी के लिए चार्टर प्लेन का खर्च किस आधार पर स्वीकृत किया गया? क्या यह सरकारी धन का दुरुपयोग है? और क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा छिपी है?

विपक्ष का आरोप है कि यह कदम आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया। खासतौर पर जब राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं और सत्ता समीकरणों पर लगातार चर्चा हो रही है।

विधानसभा में गरमाया मुद्दा

मामला विधानसभा तक पहुंचा तो विपक्ष ने सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। Tejashwi Yadav की पार्टी Rashtriya Janata Dal ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल राजनीतिक हित साधने के लिए किया जा रहा है। वहीं Indian National Congress के नेताओं ने भी पारदर्शिता की मांग की।

सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से जवाब देते हुए Bharatiya Janata Party के प्रवक्ताओं ने कहा कि अधिकारी का पटना आना पूरी तरह प्रशासनिक आवश्यकता थी और इसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं है। उनका कहना है कि कई बार आपात या विशेष परिस्थितियों में चार्टर विमान का उपयोग किया जाता है, जो नियमों के दायरे में आता है।

नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने इस पूरे विवाद पर संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता में विश्वास करती है और यदि किसी को कोई शंका है तो तथ्यों की जांच कराई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक फैसले परिस्थिति के अनुसार लिए जाते हैं और उन्हें राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।

हालांकि, विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखा और मामले की विस्तृत जांच तथा खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की।

कौन हैं निलेश रामचंद्र देओरे?

आईएएस अधिकारी निलेश रामचंद्र देओरे अपने प्रशासनिक अनुभव और सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने बिहार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और कई जिलों में जिला अधिकारी के रूप में सेवाएं दी हैं। प्रशासनिक हलकों में उन्हें कुशल और निर्णायक अधिकारी माना जाता है।

देओरे का कैरियर अपेक्षाकृत साफ-सुथरा रहा है और वे अक्सर अपने कामकाज के कारण चर्चा में रहे हैं। लेकिन इस बार उनका नाम राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गया है। चार्टर प्लेन प्रकरण ने उनकी छवि और प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर भी बहस छेड़ दी है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और समय का महत्व

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद का समय बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और विपक्ष लगातार सरकार को घेरने के मुद्दे तलाश रहा है। ऐसे में किसी वरिष्ठ अधिकारी की यात्रा को लेकर उठे सवालों ने सियासी बहस को और हवा दे दी है।

विपक्ष का तर्क है कि यदि यात्रा अत्यावश्यक थी तो उसके दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। वहीं सरकार का कहना है कि प्रक्रिया का पालन किया गया और खर्च संबंधित नियमों के तहत वहन किया गया।

प्रशासनिक नियम क्या कहते हैं?

सरकारी नियमों के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में वरिष्ठ अधिकारियों को चार्टर विमान की सुविधा दी जा सकती है। हालांकि, इसके लिए स्पष्ट अनुमति और औपचारिक स्वीकृति आवश्यक होती है। यही वह बिंदु है जिस पर विपक्ष सवाल उठा रहा है—क्या सभी प्रक्रियाएं विधिवत पूरी की गईं?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी हैं तो विवाद स्वतः समाप्त हो सकता है। लेकिन यदि किसी स्तर पर प्रक्रिया में कमी पाई जाती है, तो यह सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।

बिहार में शराबबंदी पर मंथन की घड़ी: सहयोगियों के दबाव और आर्थिक चुनौतियों के बीच क्या बदलेगा फैसला?

पटना: Bihar Vidhan Sabha में बजट सत्र के दौरान बुधवार को जमकर हंगामा देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के एक विधायक ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का दुरुपयोग हो रहा है और निर्दोष लोगों को भी परेशान होना पड़ रहा है।

विधायक ने यह भी कहा कि यदि कोई अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन का जवाब नहीं देता है या जनता की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। इस बयान के बाद सदन में माहौल गर्म हो गया। विपक्ष ने सरकार पर प्रशासनिक ढिलाई का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने दावा किया कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।

बिहार की राजनीति में एक बार फिर शराबबंदी कानून चर्चा के केंद्र में है। वर्ष 2016 में लागू की गई पूर्ण शराबबंदी को मुख्यमंत्री Nitish Kumar की सबसे महत्वाकांक्षी और चर्चित पहलों में गिना जाता है। लेकिन अब लगभग एक दशक बाद, इसी कानून को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर से समीक्षा की मांग उठने लगी है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कुछ सहयोगी नेताओं ने खुले तौर पर कहा है कि शराबबंदी के कारण राज्य को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है और इसके क्रियान्वयन में व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं।

राजस्व संकट और बढ़ता वित्तीय दबाव

शराबबंदी लागू होने से पहले बिहार सरकार को आबकारी मद से हर साल हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था। यह आय राज्य के विकास कार्यों और सामाजिक योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण स्रोत थी। शराबबंदी के बाद यह आय लगभग समाप्त हो गई।

वर्तमान में राज्य सरकार पर कई कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास का बड़ा वित्तीय बोझ है। ऐसे में आबकारी राजस्व की कमी को लेकर वित्तीय विशेषज्ञ लगातार चिंता जता रहे हैं। उनका मानना है कि यदि नियंत्रित और विनियमित तरीके से शराब बिक्री की अनुमति दी जाए, तो राज्य को राजस्व में बड़ी राहत मिल सकती है।

सहयोगियों की खुली नाराजगी

केंद्रीय मंत्री और एनडीए के वरिष्ठ नेता Jitan Ram Manjhi ने कहा है कि शराबबंदी का उद्देश्य भले ही सामाजिक सुधार रहा हो, लेकिन इसके कारण राज्य को “महत्वपूर्ण आर्थिक नुकसान” उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नीति के क्रियान्वयन में कमियां हैं और इस पर गंभीर समीक्षा की जरूरत है।

गठबंधन के कुछ अन्य नेताओं ने भी विधानसभा में विस्तृत चर्चा की मांग की है। उनका कहना है कि दस साल बाद किसी भी नीति का मूल्यांकन करना लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है। समीक्षा में सामाजिक प्रभाव, आर्थिक नुकसान, कानून-व्यवस्था और जनता की राय—सभी पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए।

कानून-व्यवस्था और क्रियान्वयन की चुनौतियां

शराबबंदी के तहत अब तक लाखों मामले दर्ज किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं। आलोचकों का आरोप है कि छोटे उपभोक्ताओं पर कार्रवाई ज्यादा हुई, जबकि बड़े पैमाने पर अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया।

राज्य के कई जिलों में अवैध और जहरीली शराब से मौत की घटनाएं भी सामने आईं, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। इससे यह बहस और तेज हो गई है कि क्या पूर्ण प्रतिबंध की बजाय सख्त नियमन और नियंत्रित बिक्री बेहतर विकल्प हो सकता है।

सामाजिक प्रभाव: महिलाओं का समर्थन, युवाओं की चिंता

शराबबंदी लागू करते समय मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार का बड़ा कदम बताया था। ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिला समूहों ने इस नीति का समर्थन किया और दावा किया कि घरेलू हिंसा तथा पारिवारिक विवादों में कमी आई है।

हालांकि युवाओं और व्यापारिक वर्ग के एक हिस्से का मानना है कि प्रतिबंध के बावजूद शराब की उपलब्धता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, बल्कि यह अवैध बाजार में बदल गई है। इससे कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य दोनों पर खतरा बढ़ा है।

राजनीतिक समीकरण और भविष्य की दिशा

शराबबंदी का मुद्दा बिहार की राजनीति में बेहद संवेदनशील है। यह मुख्यमंत्री की छवि और उनकी राजनीतिक पहचान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यदि इस नीति में कोई बड़ा बदलाव होता है, तो उसका व्यापक राजनीतिक असर पड़ सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार तत्काल कोई बड़ा फैसला नहीं लेगी, लेकिन आंशिक संशोधन या क्रियान्वयन में सुधार की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। संभावित विकल्पों में—

  • कानून में संशोधन कर छोटे मामलों में राहत
  • पारंपरिक पेय पदार्थों को अलग श्रेणी में रखना
  • सीमित और नियंत्रित लाइसेंस प्रणाली लागू करना
  • अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई

Amit Shah Bengal Visit: मायापुर इस्कॉन मुख्यालय में करेंगे पूजा-अर्चना, भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर की 152वीं जयंती में शामिल होंगे गृह मंत्री

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah बुधवार को पश्चिम बंगाल के एक महत्वपूर्ण लेकिन गैर-राजनीतिक दौरे पर आ रहे हैं। इस बार उनका कार्यक्रम पूरी तरह धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप का है। वह नदिया जिले के मायापुर स्थित विश्वप्रसिद्ध International Society for Krishna Consciousness (इस्कॉन) के वैश्विक मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में शामिल होंगे। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि इस यात्रा में किसी भी प्रकार की राजनीतिक सभा, संगठनात्मक बैठक या चुनावी कार्यक्रम शामिल नहीं है।

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य की राजनीतिक हलचल तेज है, लेकिन गृह मंत्री का यह कार्यक्रम आध्यात्मिक महत्व से जुड़ा हुआ है। प्रशासनिक स्तर पर इस यात्रा को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

दोपहर 1:35 बजे कोलकाता आगमन, बीएसएफ हेलीकॉप्टर से मायापुर प्रस्थान

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह दोपहर 1:35 बजे विशेष विमान से कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगे। वहां से वह सीधे बीएसएफ के हेलीकॉप्टर से नदिया जिले के मायापुर के लिए रवाना होंगे। दोपहर 2:25 बजे से शाम 4:25 बजे तक वह इस्कॉन मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे।

करीब दो घंटे के प्रवास के दौरान वह विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगे, संतों से मुलाकात करेंगे और आध्यात्मिक नेता की जयंती पर आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह पुनः हेलीकॉप्टर से कोलकाता एयरपोर्ट लौटेंगे और वहीं से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

मायापुर: इस्कॉन का वैश्विक मुख्यालय और आध्यात्मिक केंद्र

नदिया जिले का मायापुर विश्वभर में गौड़ीय वैष्णव परंपरा के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है। यही International Society for Krishna Consciousness (इस्कॉन) का वैश्विक मुख्यालय है, जिसकी स्थापना A. C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada ने की थी। मायापुर में स्थित भव्य मंदिर परिसर न केवल भारत, बल्कि अमेरिका, यूरोप, रूस, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका से आने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है।

अमित शाह का यह दौरा मायापुर के धार्मिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक रेखांकित करता है। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के कुछ वरिष्ठ नेताओं के भी उनके साथ मौजूद रहने की संभावना है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि सीमित ही है।

शंखभवन और पद्मभवन में विशेष बैठक

सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री सबसे पहले इस्कॉन परिसर स्थित शंखभवन जाएंगे, जहां संतों और वरिष्ठ धार्मिक पदाधिकारियों के साथ उनकी एक विशेष बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद वे पद्मभवन का दौरा करेंगे। इस दौरान संगठन की आध्यात्मिक गतिविधियों, सामाजिक सेवाओं और वैश्विक विस्तार को लेकर चर्चा हो सकती है।

इसके बाद अमित शाह Bhaktisiddhanta Sarasvati Thakur की 152वीं जयंती पर आयोजित मुख्य समारोह में शामिल होंगे। भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर गौड़ीय वैष्णव परंपरा के प्रमुख आचार्य थे और इस्कॉन की वैचारिक परंपरा के आधार स्तंभ माने जाते हैं।

स्वामी प्रभुपाद को पुष्पांजलि, मंदिरों में पूजा-अर्चना

मंदिर परिसर में गृह मंत्री A. C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके साथ ही वे भगवान नरसिंह, चैतन्य महाप्रभु और राधा-माधव के मंदिरों में जाकर विधिवत पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे।

यह कार्यक्रम धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस्कॉन के अनुयायियों के लिए यह अवसर विशेष उत्साह का विषय है, क्योंकि देश के गृह मंत्री स्वयं इस आयोजन में शामिल होकर आध्यात्मिक परंपरा के प्रति सम्मान प्रकट करेंगे।

पहले भी कर चुके हैं बंगाल का दौरा

गौरतलब है कि अमित शाह इससे पहले 31 जनवरी को पश्चिम बंगाल आए थे। उस दौरान उन्होंने उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित आनंदपुरी मैदान में सभा को संबोधित किया था और बाद में सिलीगुड़ी में कार्यकर्ता सम्मेलन में हिस्सा लिया था। उस दौरे का स्वरूप पूरी तरह राजनीतिक था।

हालांकि इस बार उनके आधिकारिक कार्यक्रम में किसी राजनीतिक गतिविधि का उल्लेख नहीं है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह दौरा विशुद्ध रूप से धार्मिक कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है।

नदिया जिला प्रशासन और पुलिस हाई अलर्ट पर

गृह मंत्री के आगमन को देखते हुए नदिया जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और प्रवेश द्वारों पर कड़ी जांच की व्यवस्था की गई है।

राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड में हैं। वीआईपी मूवमेंट के मद्देनजर यातायात व्यवस्था में भी अस्थायी बदलाव किए जा सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है।

ममता बनर्जी का बड़ा आरोप: ‘AI के जरिए 58 लाख वोटरों के नाम काटे’, चुनाव आयोग को बताया ‘टॉर्चर कमीशन’

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो Mamata Banerjee ने चुनावी माहौल के बीच बड़ा राजनीतिक विस्फोट करते हुए Election Commission of India पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में मतदाता सूची से 58 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं और इसके पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुरुपयोग किया गया। इतना ही नहीं, उन्होंने आयोग को “तुगलकी” और “सो कॉल्ड टॉर्चर कमीशन” तक कह डाला।

कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय नबान्न में आयोजित एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र के मूल अधिकारों से खिलवाड़ किया जा रहा है और यह सब एक राजनीतिक एजेंडे के तहत हो रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी Bharatiya Janata Party पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की आईटी सेल से जुड़े लोग तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर मतदाता सूची में हस्तक्षेप कर रहे हैं।

58 लाख वोटरों के नाम हटाने का आरोप

ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा की आईटी सेल की एक महिला पदाधिकारी ने AI तकनीक का इस्तेमाल कर पश्चिम बंगाल में लगभग 58 लाख मतदाताओं के नाम हटवा दिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “लोकतंत्र में वोट देने का अधिकार सबसे बड़ा अधिकार है। अगर मतदाता सूची से लाखों लोगों के नाम हटा दिए जाएं, तो यह सीधे-सीधे लोकतंत्र पर हमला है।”

हालांकि, इस दावे पर चुनाव आयोग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन राजनीतिक हलकों में यह बयान तीखी बहस का विषय बन गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी का आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग Supreme Court of India के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग मतदाताओं को “लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी” के नाम पर परेशान कर रहा है और वैध दस्तावेजों को भी अस्वीकार कर रहा है।

ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के दौरान राज्य में भारी दबाव और भय का माहौल बना। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के चलते डर और तनाव की वजह से 160 लोगों की जान चली गई।

हालांकि इन मौतों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे “लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला” करार दिया।

एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में व्यापक पैमाने पर नाम हटाए गए। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी और भाजपा के निर्देश पर की गई।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल के अधिकारियों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करता है, तो राज्य सरकार उन अधिकारियों की रक्षा करेगी। इतना ही नहीं, उन्होंने घोषणा की कि जिन अधिकारियों को आयोग ने डिमोट किया है, उन्हें राज्य सरकार प्रमोशन देगी।

यह बयान अपने आप में असाधारण है और इससे केंद्र-राज्य संबंधों में तनाव बढ़ने की आशंका है।

“तुगलकी कांड” और “हिटलरी अत्याचार” जैसे शब्दों का इस्तेमाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने चुनाव आयोग को “सो कॉल्ड टॉर्चर कमीशन” बताते हुए कहा कि वह इसे चुनाव आयोग कहने को तैयार नहीं हैं।

उन्होंने कहा, “यह तुगलकी कांड है। हिटलरी अत्याचार हो रहे हैं। जनता वोट देकर सरकार चुनती है या कोई आयोग पहले से तय कर देता है कि किसे फायदा पहुंचाना है?”

मुख्यमंत्री के इस बयान से राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।

बिहार और हरियाणा का उदाहरण

ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि अगर बिहार में एसआईआर के दौरान कुछ दस्तावेज मान्य थे, तो वही दस्तावेज पश्चिम बंगाल में अमान्य क्यों कर दिए गए? उन्होंने कहा कि हरियाणा और बिहार में भी इस प्रक्रिया के खिलाफ शिकायतें आई थीं।

उन्होंने कहा, “सच को कोई दबा नहीं सकता। आज नहीं तो कल, सच सामने आएगा।”

बंगाल चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर: कई प्रमुख चेहरे BJP में शामिल

कोलकाता, 17 फरवरी 2026 : पश्चिम बंगाल में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) से पहले आज राजनीति में बड़ा बदलाव देखा गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को कोलकाता स्थित अपनी पार्टी मुख्यालय में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें कई जाने-माने सार्वजनिक हस्तियों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस कार्यक्रम में बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी और पार्टी के राज्य अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

बीजेपी में शामिल हुए प्रमुख चेहरे

  1. दीपांजन चक्रवर्ती
    पूर्व नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडर और देश के पूर्व अंडरकवर एजेंट रहे चक्रवर्ती आज भाजपा में शामिल हुए। उन्हें सुरक्षा और खुफिया मामलों में लंबे अनुभव के लिए जाना जाता है।
  2. बिप्लब बिस्वास
    CRPF (सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स) के पूर्व DSP अधिकारी रहे बिस्वास ने भी आज भाजपा का दामन थामा। उनके जुड़ने से पार्टी को सुरक्षा-सेवा क्षेत्र के समर्थक वोटरों तक पहुंच बढ़ाने की उम्मीद है।
  3. कस्तूरी गोस्वामी
    पश्चिम बंगाल के दिग्गज लेफ्ट-फ्रंट नेता और पूर्व मंत्री खिती गोस्वामी की पुत्री कस्तूरी गोस्वामी ने भी भाजपा में शामिल होकर राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है।

प्रेस कॉन्फ़्रेंस में विवादित आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर जनता उन्नयन पार्टी (JUP) से जुड़े विधायक हुमायूं कबीर पर निशाना साधा। अधिकारी ने दावा किया कि मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने से पहले कबीर कई दिनों तक बांग्लादेश में थे और उनके बैंक खाते में बांग्लादेश से पैसे आ रहे हैं। उन्होंने इस मामले की गहन जांच कराने की मांग की।

India AI Impact Summit 2026: बिहार को ₹468 करोड़ का निवेश, IIT पटना में बनेगा रिसर्च पार्क और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

नई दिल्ली : नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit & Expo 2026 के दौरान बिहार सरकार ने तकनीकी क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने कुल 468 करोड़ के निवेश समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रिसर्च, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल इनोवेशन को नई गति मिलेगी।

इस मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ समझौते किए। सरकार का दावा है कि इन निवेशों से 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे और हजारों युवाओं को हाई-टेक स्किल ट्रेनिंग मिलेगी।

IIT पटना में बनेगा 250 करोड़ का रिसर्च पार्क

सबसे बड़ा समझौता IIT Patna में ₹250 करोड़ के रिसर्च पार्क की स्थापना को लेकर हुआ है। यह पार्क शिक्षा और उद्योग के बीच एक सेतु का कार्य करेगा।

रिसर्च पार्क में स्थापित होंगी:

  • एआई और मशीन लर्निंग लैब
  • स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर
  • इंडस्ट्री-एकेडमिक कोलैबोरेशन हब
  • हाई-परफॉर्मेंस डेटा सेंटर

इस पहल से बिहार को पूर्वी भारत के प्रमुख टेक्नोलॉजी और रिसर्च हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

60 करोड़ का एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

बिहार सरकार ने 60 करोड़ की लागत से एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। इसमें Tiger Analytics उद्योग साझेदार और IIT Patna शैक्षणिक सहयोगी होंगे।

यह सेंटर:

  • युवाओं को डेटा साइंस और एआई में प्रशिक्षण देगा
  • एग्रीटेक, हेल्थटेक और ई-गवर्नेंस समाधान विकसित करेगा
  • स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में 50,000 से अधिक युवाओं को एआई आधारित कौशल प्रशिक्षण दिया जाए।

पटना में CIPL का कोर डेवलपमेंट सेंटर

Corporate Infotech Pvt Ltd (CIPL) ने बिहार सरकार के साथ समझौता कर पटना में कोर डेवलपमेंट सेंटर और एआई हब स्थापित करने की घोषणा की है।

इस परियोजना के तहत:

  • SAP आधारित एंटरप्राइज सॉल्यूशंस
  • क्लाउड कंप्यूटिंग
  • साइबर सुरक्षा
  • डेटा सेंटर सेवाएं

विकसित की जाएंगी। अगले पांच वर्षों में इस परियोजना से लगभग 2000 आईटी पेशेवरों को रोजगार मिलने की संभावना है।

अन्य कंपनियों से भी निवेश

बिहार सरकार ने निम्न कंपनियों के साथ भी निवेश समझौते किए हैं:

  • Red Cyber – 103 करोड़
  • GrowQR – 30 करोड़

इन निवेशों से राज्य में साइबर सुरक्षा, फिनटेक और डिजिटल पेमेंट सेक्टर को मजबूती मिलेगी।

नई आईटी नीतियों का प्रभाव

बिहार सरकार ने हाल ही में कई नई नीतियाँ लागू की हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • Bihar GCC Policy 2026
  • Bihar Semiconductor Policy 2026
  • Bihar IT Policy 2024

इन नीतियों के तहत निवेशकों को टैक्स छूट, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और भूमि आवंटन जैसी सुविधाएँ दी जाएंगी।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार अब केवल श्रम आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ज्ञान आधारित और डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ेगा। आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

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Muzaffarpur Bribery Case: जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, SVU की बड़ी कार्रवाई

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कृषि विभाग एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और उनके ड्राइवर रामबाबू राय को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई ने न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि पूरे बिहार में प्रशासनिक तंत्र की पारदर्शिता और जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिकायत से गिरफ्तारी तक: कैसे बिछाया गया जाल

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत एक खाद दुकानदार की शिकायत से हुई। दुकानदार ने पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई के कार्यालय में लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया कि जिला कृषि कार्यालय की ओर से उसे लगातार परेशान किया जा रहा है। शिकायत के मुताबिक, जांच के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था और दुकान का लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी जा रही थी।

दुकानदार ने आरोप लगाया कि मामले को “सुलझाने” के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई। यह रकम सीधे अधिकारी की बजाय उनके ड्राइवर के माध्यम से मांगी गई थी। आरोप यह भी था कि यदि तय रकम नहीं दी गई तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा, जिससे उसका व्यवसाय पूरी तरह ठप हो सकता था।

शिकायत मिलते ही SVU ने मामले को गंभीरता से लिया और प्राथमिक स्तर पर गुप्त सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराया। सत्यापन के दौरान शिकायत में प्रथमदृष्टया सच्चाई पाई गई। इसके बाद अधिकारियों ने ट्रैप कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।

ट्रैप टीम का गठन और सुनियोजित कार्रवाई

SVU ने इस ऑपरेशन के लिए एक विशेष धावा दल (ट्रैप टीम) का गठन किया। पुलिस उपाधीक्षक बिंदेश्वर प्रसाद और सुधीर कुमार के नेतृत्व में पूरी रणनीति तैयार की गई। टीम ने परिवादी (शिकायतकर्ता) को आवश्यक निर्देश दिए और तय योजना के अनुसार कार्रवाई का समय निर्धारित किया।

मंगलवार को मुजफ्फरपुर में पूरे प्लान के तहत जाल बिछाया गया। परिवादी को केमिकल-ट्रीटेड नोट दिए गए ताकि लेन-देन की पुष्टि वैज्ञानिक तरीके से की जा सके। जैसे ही ड्राइवर रामबाबू राय ने परिवादी से 50 हजार रुपये लिए, पहले से घात लगाए टीम के सदस्यों ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को दबोच लिया।

मौके पर ही केमिकल टेस्ट (फेनॉलफ्थलीन परीक्षण) किया गया। परीक्षण में नोटों के संपर्क की पुष्टि हुई, जिससे रिश्वत लेने के आरोप की पुष्टि हो गई। टीम ने मौके से आवश्यक दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए।

कानूनी कार्रवाई: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

इस मामले में पटना निगरानी थाना में कांड संख्या 06/26 दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह धारा लोक सेवक द्वारा अवैध रूप से रिश्वत लेने या मांगने से संबंधित है।

फिलहाल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह मामला अकेला है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

एक महीने में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी

मुजफ्फरपुर कृषि विभाग में यह एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले तत्कालीन जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।

उल्लेखनीय है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद ही हिमांशु कुमार को जिला कृषि पदाधिकारी का प्रभार सौंपा गया था। लेकिन अब उनके खिलाफ भी इसी तरह के आरोप सामने आने से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लगातार दूसरी गिरफ्तारी ने यह संकेत दिया है कि समस्या केवल व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं, बल्कि व्यवस्था के स्तर पर भी सुधार की आवश्यकता है।

लाइसेंस रद्द करने की धमकी: कारोबारियों में दहशत

खाद दुकानदारों का लाइसेंस कृषि विभाग द्वारा जारी किया जाता है। लाइसेंस रद्द होने की स्थिति में संबंधित दुकानदार का पूरा व्यापार बंद हो सकता है। ऐसे में जांच के नाम पर दबाव बनाना और रिश्वत की मांग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि कई बार छोटे व्यवसायियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। हालांकि, कई दुकानदार खुलकर सामने आने से हिचकिचाते हैं, क्योंकि उन्हें प्रशासनिक प्रताड़ना का डर रहता है।

संपत्ति की जांच और आय से अधिक संपत्ति की पड़ताल

SVU की टीम अब आरोपियों की चल-अचल संपत्ति की भी जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के आवास और अन्य ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति के संकेत मिलते हैं तो अलग से मामला दर्ज किया जा सकता है।

जांच एजेंसी बैंक खातों, निवेश, अचल संपत्ति और परिजनों के नाम पर की गई संपत्तियों की भी पड़ताल कर सकती है। यदि बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आती है, तो मामला और गंभीर हो सकता है।

Bhagalpur कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी से दहला प्रशासन, हाई अलर्ट पर पुलिस; ईमेल भेजने वाले की तलाश तेज

बिहार के ऐतिहासिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर Bhagalpur में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जिले के सबसे अहम प्रशासनिक केंद्र—समाहरणालय (कलेक्ट्रेट)—को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई। ईमेल के जरिए भेजी गई इस सनसनीखेज धमकी ने न सिर्फ जिला प्रशासन बल्कि आम लोगों के बीच भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमा हरकत में आ गया और पूरे परिसर को तत्काल प्रभाव से खाली कराकर सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।

ईमेल से मिली धमकी, तुरंत मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक, समाहरणालय के आधिकारिक ईमेल पर एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर विस्फोटक सामग्री रखी गई है और जल्द ही बड़ा धमाका किया जाएगा। संदेश में स्पष्ट रूप से प्रशासनिक भवन को निशाना बनाने की बात कही गई थी। जैसे ही यह ईमेल संबंधित अधिकारियों की नजर में आया, पूरे सिस्टम में अफरा-तफरी मच गई।

धमकी की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचित किया गया। कुछ ही मिनटों में पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। एहतियातन पूरे कलेक्ट्रेट परिसर को खाली करा लिया गया और वहां मौजूद कर्मचारियों, अधिकारियों व आम नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया।

चप्पे-चप्पे की तलाशी, सील किया गया परिसर

सुरक्षा के मद्देनजर समाहरणालय के सभी प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए। परिसर के अंदर और बाहर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सघन तलाशी ली जाने लगी। पार्किंग में खड़ी गाड़ियों की जांच की गई, फाइलों के ढेर, कमरों, शौचालयों, सीढ़ियों, छतों और यहां तक कि झाड़ियों तक को खंगाला गया।

बम निरोधक दस्ते ने अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से संदिग्ध स्थानों की जांच की। डॉग स्क्वायड की टीम ने भी विस्फोटक की मौजूदगी का पता लगाने के लिए पूरे परिसर का निरीक्षण किया। कई घंटों तक चले इस सर्च ऑपरेशन के दौरान प्रशासनिक भवन के आसपास का इलाका पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील रहा।

वरिष्ठ अधिकारी मौके पर, खुद कर रहे निगरानी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएसपी ट्रैफिक और शहरी क्षेत्र के डीएसपी ने सर्च ऑपरेशन की कमान संभाली। पूरे अभियान की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे परिसर की पूरी तरह से जांच नहीं हो जाती और ‘क्लीन चिट’ नहीं मिल जाती, तब तक अलर्ट जारी रहेगा।

सिविल कोर्ट के बाद अब कलेक्ट्रेट निशाने पर

गौरतलब है कि हाल के दिनों में सरकारी संस्थानों और अदालतों को धमकी भरे ईमेल भेजने का सिलसिला बढ़ा है। कुछ दिन पहले भागलपुर सिविल कोर्ट को भी इसी तरह बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। अब सीधे कलेक्ट्रेट को निशाना बनाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

पिछले दो सप्ताह के दौरान बिहार के कई जिलों में अदालतों और सरकारी दफ्तरों को ईमेल के जरिए धमकियां मिलने की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि ज्यादातर मामलों में जांच के बाद धमकी झूठी पाई गई, लेकिन प्रशासन कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है।

साइबर सेल सक्रिय, ईमेल भेजने वाले की तलाश

धमकी भरे ईमेल की जांच के लिए पुलिस की साइबर सेल को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। तकनीकी टीम ईमेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और सर्वर लोकेशन का पता लगाने में जुटी है। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह किसी असामाजिक तत्व की शरारत भी हो सकती है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को बाधित करना और भय का माहौल बनाना है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ईमेल की डिजिटल फॉरेंसिक जांच की जा रही है। यदि यह फर्जी धमकी साबित होती है, तब भी संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आईटी एक्ट और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील

घटना के बाद जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

कलेक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

कर्मचारियों में दहशत, कामकाज प्रभावित

धमकी के कारण समाहरणालय में कामकाज कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप हो गया। कई कर्मचारी भयभीत नजर आए। आमतौर पर रोजाना सैकड़ों लोग विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से प्रवेश सीमित कर दिया गया। कई जरूरी फाइलों और जनसेवा से जुड़े कार्यों में अस्थायी व्यवधान पड़ा।

हालांकि प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा जांच पूरी होते ही कामकाज सामान्य कर दिया जाएगा।

कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल

लगातार मिल रही धमकियों ने राज्य की कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर इस तरह की धमकियां देना नई चुनौती बनती जा रही है। ऐसे मामलों में तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है।

पुलिस की सख्त चेतावनी

पुलिस ने साफ कहा है कि इस तरह की झूठी धमकी देकर दहशत फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यदि यह किसी की शरारत साबित होती है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर भी इस घटना की जानकारी साझा की गई है और जरूरत पड़ने पर विशेष एजेंसियों की मदद ली जाएगी।