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पटना हाईकोर्ट ने एक मामलें में बलात्कारियों को अबतक गिरफ्तार नहीं करने के मामले में मुज़फ़्फ़रपुर एसएसपी से जवाब तलब किया है

जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की ने सरोज कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की।

ये मामला मुज़फ़्फ़रपुर थाना कांड संख्या- 258/22 के मामले में से सम्बंधित है।इसमें धारा- 363, 364, 376, 302, 328 व पोक्सो एक्ट की धारा 4, 6 एवं 8 में नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए प्राथमिकी दायर की गई थी।

मृतिका निर्भया कुमारी (काल्पनिक नाम) के परिजन द्वारा याचिका पर सुनवाई के बाद अपना यह आदेश दिया।ये याचिका अधिवक्ता ओम प्रकाश ने याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर की थी।

उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया गया है कि केस में नामजद अभियुक्तों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, नहीं तो केस को किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाया जाए।इस केस में काम नहीं कर रहे पुलिस पदाधिकारियों पर विभागीय कार्यवाही चलाया जाए।

अधिवक्ता ओमप्रकाश ने बताया कि इस मामले की जल्द सुनवाई के लिए हाइकोर्ट से आग्रह किया गया था। घटना दिनांक 26 अप्रैल, 2022 की है, जब याचिकाकर्ता की पुत्री अपने घर से बाहर गयी थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इसके बाद परिजनों ने अपनी पुत्री को बहुत खोजबीन किया, परन्तु वह नहीं मिली।

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उसी दिन रात्रि 12.47 बजे एक कॉल आया, जिसमें याचिकाकर्ता की पुत्री की आवाज सुनाई दी और वह दर्द से कराह रही थी। इसके बाद फोन कट गया और फिर प्रयास करने पर मोबाइल बंद मिला। सुबह में ग्रामीण ने बताया कि याचिकाकर्ता की पुत्री की बॉडी पोखर में पड़ी हुई है। इसके बाद परिजन घटना स्थल पर जाने के क्रम में देखे कि गांव के ही मोहम्मद वसीम खान के द्वारा याचिकाकर्ता की पुत्री को बोलेरो कार से लेकर कहीं ले जाया जा रहा था ।

वह बोलेरो मोहम्मद वसीम के घर पर जाकर रुकी और फिर मोहम्मद वसीम के परिवार वाले गाड़ी में बैठते है। फिर, वैष्णवी हॉस्पिटल, मुज़फ़्फ़रपुर याचिकाकर्ता की पुत्री को लेकर जाते हैं, जहाँ याचिकाकर्ता की पुत्री के परिजन भी पहुचते हैं और अपनी पुत्री से बात करते हैं, तो याचिकाकर्ता की पुत्री द्वारा बताया जाता है कि लगभग 8 लोग द्वारा बलात्कार किया गया और जहर पिलाया गया, जिसमें संध्या ने 4 लोगों का नाम भी लिया था।

इसमें से एक व्यक्ति मोहम्मद वसीम खान को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन अभी भी तीन नामजद अभियुक्त पुलिस के गिरफ्त से बाहर हैं।

इस मामलें पर आगे सुनवाई की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने पटना के चर्चित सुल्तान पैलेस,जिसे अभी परिवहन भवन के नाम से जाना जाता है,को ध्वस्त करने के विरुद्ध दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की

अमरजीत की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते सुल्तान पैलेस को तोड़ने पर फिलहाल रोक लगाते हुए राज्य सरकार को 8 सप्ताह में जवाब देने को कहा।

इस जनहित याचिका में राज्य सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी गई थी, जिसमें उसने सुल्तान पैलेस को तोड़े जाने का निर्णय लिया गया।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री रामकृष्ण ने कोर्ट को बताया कि ये ऐतिहासिक महत्व का स्मारक है और लगभग सौ साल पुराना हैं।

ऐसे भवन के देखभाल और उसे सही स्थिति में रखने की जगह उसे तोड़े जाने का राज्य सरकार ने निर्णय लिया है,जो सही नहीं है।

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कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि सौ साल पुराने ऐतिहासिक स्मारक को क्यों तोड़ने का निर्णय लिया गया है।कोर्ट ने इस जनहित याचिका में उठाए गए मामला की सराहना करते हुए राज्य सरकार को जवाब देने के लिए आठ सप्ताह का मोहलत दिया।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 1दिसम्बर,2022 को होगी।

छपरा के मढौरा के बहेरागाछी में सीएसपी संचालक को चाकू मारकर डेढ़ लाख की लूट,घायल छपरा सदर अस्पताल रेफर

छपरा में मढौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत नौतन बहेड़ा गाछी के समीप एसएच -73 पर अपराधियों ने एक सीएसपी संचालक को चाकू घोंपकर डेढ लाख रूपये लूट की घटना को अंजाम दिया है।

लूट की घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी आसानी से फरार हो गये। जिसके बाद जैसे तैसे सीएसपी संचालक भाग कर अपने घर पहुंचा और घरवालों के द्वारा उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सक ने उसे पीएमसीएच रेफर किया गया है।

जख्मी सीएसपी संचालक तरैया थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी निरसु नारायण सिंह का 45 वर्षीय पुत्र सघनदेव सिंह बताया गया है। वह मढौरा के भावल पुर गांव में सीएसपी चलाते है.

बताया जाता है कि मढौरा के कर्णपुरा ग्रामीण बैंक से 2.5 लाख रुपया लेकर वह साइकिल से घर लौट रहा था।तभी, थाना क्षेत्र अंतर्गत बहेड़ा गाछी के पास पहले से घात लगाए बैठे चार अपराधियो ने उसे रोक कर बैग छीनना शुरू कर दिया। बैग नही देने पर अपराधियों ने उसके उपर दो-तीन बार चाकू से वार कर दिया, जिससे वह गिरकर तड़पने लगे और अपराधी बैग से रूपया निकाल फरार हो गए।

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पटना हाईकोर्ट ने हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रही एक भिखारिन को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है

जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह की खंडपीठ ने नसरा खातून की अपील को मंजूर करते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया । अपीलार्थी महिला पर उसकी चार साल की भतीजी की हत्या करने का आरोप था।

आरोपी भिखारिन के समुदाय से थी, जो भीख मांगकर जीवन व्यतीत करते हैं। 20 जुलाई, 2010 को गाँव वालों की भीड़ ने हत्या का आरोप लगाते हुए इसे पुलिस को सौंपा था । उस दिन से ही वो जेल गयी ,तो फिर कभी बाहर नही निकली। दरभंगा की एक निचली अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और पांच हज़ार रुपये जुर्माना भरने की सजा 2013 में सुनाया। जिसके खिलाफ उसने हाई कोर्ट में अपील दायर किया। उक्त अपील को हाई कोर्ट ने एडमिट तो कर लिया, लेकिन अपीलार्थी की सजा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था।

गौरतलब है कि अपीलार्थी जेल के अंदर ही एक बच्चे की माँ बनी और इसी आधार पर उसकी सजा पर रोक लगाने की गुहार लगाई गयी थी। अपील के ज्यादा वर्षों से लंबित रहने उसकी तरफ से कोई वकील खड़ा नही रहने और अपीलार्थी की गरीबी को देखते हुए हाई कोर्ट ने इस मामले में एडवोकेट आशहर मुस्तफा को कोर्ट मित्र नियुक्त करते हुए लगातार सुनवाई जारी रखा ।

एडवोकेट मुस्तफा ने कोर्ट का ध्यान पूरे मामले का कमजोर परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की ओर खींचा। उन्होंने अभियोजन के गवाहों में विरोधाभास निकालते हुए बताया कि इस हत्या का कोई चश्मदीद नही था। हाई कोर्ट ने इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए हुए अपीलार्थी को बरी कर दिया।

पटना हाईकोर्ट ने पटना के राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के मामलें पर सुनवाई की

जस्टिस संदीप कुमार ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और बिहार राज्य आवास बोर्ड को बताने को कहा है कि उन्होंने दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की है।

साथ ही याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट के समक्ष लगभग तीन हज़ार से भी आवेदन आवदेकों के नाम,भू-खंडों व अन्य रिकॉर्डों के साथ प्रस्तुत किये गए।कोर्ट ने इस सम्बन्ध में राज्य सरकार और आवास बोर्ड को अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने बिहार राज्य आवास बोर्ड को बताने को कहा कि अब तक पटना में उसने कितनी कॉलोनियों का निर्माण और विकास किया हैं।साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को एमिकस क्यूरी संतोष सिंह द्वारा प्रस्तुत दलीलों का अगली सुनवाई में जवाब देने का निर्देश दिया था।

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बिहार राज्य आवास बोर्ड के दोषी अधिकारियों और जिम्मेवार पुलिस वाले के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई की कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा था। कोर्ट ने कहा कि इनके रहते इस क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन कर मकान बना लिए गए।इस सम्बन्ध में हलफनामा दायर कर कार्य योजना पेश करने का निर्देश दिया था।

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इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी संतोष सिंह ने कोर्ट के समक्ष बहस किया।उन्होंने कहा था कि राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में हटाने की कार्रवाई सही नहीं थी। हटाने के पूर्व संचार माध्यमों में उन्हें नोटिस दे कर जानकारी देना चाहिए था।उन्होंने कहा था कि नागरिकों को मनमाने ढंग से नहीं हटाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि या तो उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए या उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 27 सितम्बर,2022 को की जाएगी।

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया व बिहार राज्य बार कॉउंसिल द्वारा 24 सितम्बर,2022 को पटना के बापू सभागार में राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार का आयोजन किया गया है

आज इस पर पूरी जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया। बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि इतने बड़े स्तर पर बिहार में कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया है।

इसमें सेमिनार का विषय समाज निर्माण में वकीलों की भूमिका और योगदान। उन्होंने बताया कि इस समारोह में भारत के चीफ जस्टिस यू यू ललित,केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू,सुप्रीम कोर्ट के कई जज, पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस समेत अन्य जज समेत बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथिगण इसमें भाग लेंगे।

24 सितम्बर,2022 को यह कार्यक्रम दस बजे दिन में प्रारम्भ होगा।ये सत्र दिन में डेढ़ बजे तक चलेगा।दूसरे सत्र में युवा अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।इसके बाद इन्हें प्रमाणपत्र दिए जाएँगे।

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने जानकारी दी इस समरोह में पाँच हज़ार से अधिक वकील शामिल होंगे। इनमेंं बाहर से बड़ी संख्या मेहमानों के शामिल होने की संभावना है।

पटना हाईकोर्ट में स्थानीय निकायों में अन्य पिछडा वर्गों को आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर सुनवाई अधूरी रही

सुनील कुमार व अन्य की याचिकाओं पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।

इससे पूर्व इस मामलें पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि इस मुद्दे पर 23 सितम्बर,2022 तक सुनवाई कर ले,तो उपयुक्त रहेगा।

दिसंबर,2021 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति तब तक नहीं दी जा सकती,जब तक कि सरकार 2010 में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा निर्धारित तीन जांच की अर्हता पूरी नहीं कर लेती।

तीन जांच के प्रावधानों के तहत ओबीसी के पिछडापन पर आंकडे जुटाने के लिए एक विशेष आयोग गठित करने और आयोग के सिफरिशों के मद्देनजर प्रत्येक स्थानीय निकाय में आरक्षण का अनुपात तय करने की जरूरत हैं।

साथ ही ये भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि एससी/एसटी/ओबीसी के लिए आरक्षण की सीमा कुल उपलब्ध सीटों का पचास प्रतिशत की सीमा नहीं पार करें।

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कोर्ट ने कहा कि जब तक तीन जांच की अर्हता नहीं पूरी कर ली जाती,ओबीसी को सामान्य श्रेणी के सीट के अंतर्गत पुनः अधिसूचित किया जाए।

कोर्ट ने ये भी कहा कि बिहार मे नगर निकायों का चुनाव 10 अक्टूबर, 2022 को चुनाव होने हैं।इसके पूर्व पटना हाईकोर्ट को इस मामलें पर सुनवाई कर ले, तो उपयुक्त रहेगा।

आज पटना हाईकोर्ट में इस मामलें लम्बी सुनवाई हुई,पर सभी पक्षों को बहस करने का अवसर नहीं मिल पाया।इस मामलें पर अगली सुनवाई 28 सितम्बर,2022 को की जाएगी।

शादी के बाद पहली बार ससुराल जाएंगी राजश्री, फुलवारिया में तैयारी शुरू

बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव 24 सितंबर को अपने पैतृक गांव गोपालगंज के फुलवरिया में होंगे। शादी के बाद पहली बार तेजस्वी यादव अपनी धर्म पत्नी राजश्री यादव के साथ अपने घर पहुंचेंगे। और कुल देवता की पूजा-अर्चना करेंगे। परिवार के सदस्यों से भी तेजस्वी यादव और उनकी पत्नी राजश्री मिलकर आशीर्वाद लेंगे।

बिहार की परंपरा है कि शादी कहीं भी हो लेकिन बहू जब अपनी ससुराल पहुंचती है तो कुल देवता की पूजा की जाती है और घर की महिलाएं शिव गीत गाती हैं… आज भी इस परंपरा को लालू प्रसाद का परिवार कायम रखा है।

डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और उनकी धर्मपत्नी राजश्री यादव के ससुराल पहुंचने से पहले घर की महिलाएं शिव गीत गाकर नई बहू की आगमन की तैयारी कर रही हैं।

बिहार के समस्तीपुर में पेट्रोल पंप संचालक ने पत्नी के धारदार हथियार से की हत्या

समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर में विद्यापति नगर थाना इलाके में दिल दहला देने वाली वारदात। पेट्रोल पंप संचालक ने पत्नी के धारदार हथियार से की हत्या ।

बीच-बचाव करने के दौरान 1 पुत्र एक पुत्री और पेट्रोल पंप संचालक की मां गंभीर रूप से जख्मी। पेट्रोल पंप संचालक ने खुद किया ट्रेन से कटकर सुसाइड।

पेट्रोल पंप संचालक का शव फतेहा हॉल्ट के पास से बरामद। विद्यापति नगर थाना के शाहिट बृंदावन गांव की घटना।

मसौढ़ी में दिनदहाड़े एक युवक की हत्या, शर्मा गुमटी के पास वारदात

मसौढ़ी में एक युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दिया गया है। घटना शर्मा गुमटी के समीप घटित हुई है। बताया जाता है कि मसौढ़ी के दुबहारा के रहने वाले मृतक मुन्ना कुमार का उसके पाटीदार से ही जमीनी विवाद चल रहा था। और इसको लेकर के पहले भी मुन्ना कुमार पर गोली चली थी, जो हाथ से रोक लिया था। उस समय उसकी जान बच गई थी लेकिन आज अपने गांव से मोटरसाइकिल से मसौढ़ी की ओर जा रहा था तभी पहले से घात लगाए अपराधियों ने एक के बाद एक दो गोली उसके सीने में उतार दिया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी के बाद उसके परिजन मौके पर पहुंचे और अपने लाल के खून से लथपथ देख कर के रोना धोना शुरू कर दिया मसौढ़ी पुलिस को भी सूचना दिया मसौढ़ी पुलिस भी घटनास्थल पर तुरंत पहुंची और जांच में जुट गई।

राहगीरों ने बताया कि एक के बाद एक दो गोली चली थी जिसमें दोबहारा के रहने वाले मुन्ना कुमार को गोलियां लगी अपराधी फरार हो गए वहीं पर मुन्ना कुमार तड़पने लगा हम लोग अस्पताल ले जाने लगे लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।

पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है परिजन जमीनी विवाद का मामला बता रहे हैं जिसमें गांव के ही रहने वाले विजेंद्र कुमार के बेटा पर हत्या का आरोप लगाया जा रहा है । फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है दिनदहाड़े हुई इस हत्या की वारदात से इलाके में दहशत का माहौल भी बना हुआ है।

वही घटना से आक्रोशित लोगों ने मसौढ़ी पटना मुख्य सड़क को जाम कर हंगामा कर रहे है।

बिहार में डेंगू का कहर- मुजफ्फरपुर में अबतक मिले 5 मरीज, ना छिड़काव ना फॉगिंग, नरक बना हुआ हैं शहर

पूरे बिहार में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, वहीं मुजफ्फरपुर में भी करीब आधा दर्जन मरीज डेंगू से ग्रसित मिले हैं. वहीं शहर की हालत नारकीय हो चुकी है, लेकिन ना तो स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर तत्पर हैं ना ही नगर निगम।

शहर के अधिकांश हिस्सों में जलजमाव है, डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है. लेकिन अब तक ना तो शहर के किसी हिस्से में फॉगिंग की जा रही हैं, ना ही छिड़काव किया गया हैं।

नगर निगम के अधिकारियो चुनाव में बिज़ी हैं, वहीं सिविल सर्जन डॉ उमेशचंद्र शर्मा ने बताया कि जल्द ही तमाम क्षेत्रों में छिड़काव कराई जाएगी, साथ ही उन्होंने सभी को सावधानी बरतने का सुझाव दिया है।

क्या नीतीश वीपी सिंह के नक्शे कदम पर बढ़ रहे हैं?

क्या देश नीतीश में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह वाली छवि देख रही है!
मीडिया के एक सवाल के जवाब में ललन सिंह ने कहा था कि नीतीश कुमार को फूलपुर और मिर्जापुर के साथ साथ कई जगह से चुनाव लड़ने का संदेशा आया है लेकिन लोकसभा चुनाव में अभी बहुत वक्त है और नीतीश जी चुनाव लड़ेंगे इस पर अभी तक कोई विचार नहीं हुआ है इसलिए इस तरह के सवाल का कोई मतलब नहीं है।

लेकिन मीडिया ने इस खबर को ऐसा परोसा मानो ललन सिंह ने फूलपुर से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दिया खबर ब्रेक होते ही राष्ट्रीय मीडिया में भूचाल आ गया शाम का सारा प्राइम डिबेट फूलपुर पर आकर ठहर गया देखते देखते सारा राष्ट्रीय चैनल फुलपूर की और प्रस्थान कर गया और गांव गांव ,चौक चौक पर लोगों से सवाल करने लगा नीतीश चुनाव लड़ने आ रहे हैं, आपकी क्या राय है।

खबरे भले ही 2024 का नब्ज टोटलने को लेकर जदयू द्वारा प्रायोजित किया गया था लेकिन मीडिया जब फूलपुर पहुंची तो ऐसे लगा जैसे उनके पहुंचने से पहले गांव गांव मे नीतीश के चुनाव लड़ने की चर्चा शुरु हो गयी है, सारे चैनल के रिपोर्ट को देखे तो बिहार से कही ज्यादा यूपी वाले इस खबर को लेकर उत्साहित हैं।

एक राष्ट्रीय चैनस का पत्रकार चलते चलते एक दरवाजे पर रुकता है और वहां बैठे लोगोंं से सवाल करता है नीतीश आ रहे हैं क्उया कहना है आपका उस व्यक्ति ने नीतीश के सहारे जो बाते कही रिपोर्टर साहब सोच में पड़ गये, गांव वालों ने गठबंधन अभी हुआ भी नहीं है लेकिन नाम भी रख दिया संयुक्त मोर्चा के उम्मीदवार नीतीश जी आय़ेंगे तो मोदी जी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा । जिस अंदाज में वहां बैठे लोग बोल रहे थे कि रिपोर्टर को रहा नहीं गया और उक्त व्यक्ति की जाति जानने के लिए नाम पुंछ डाला वहां बैठे सारे के सारे व्यक्ति ब्राह्मण थे रिपोर्टर हैरान आप लोग नीतीश की तारीफ कर रहे हैं मतलब नीतीश के नाम की चर्चा के साथ ही यूपी की राजनीति में भी एक अलग तरह माहौल अभी से ही बनना शुरू हो गया । इस खबर को जिस तरीके से राष्ट्रीय मीडिया ने कवर किया है अगर लड़ाई आमने सामने हुई तो मोदी का मीडिया मैनेजमेंट बहुत प्रभावित नहीं कर सकता है ऐसा नीतीश के बिहार से बाहर निकलने के बाद दिखने लगा है ।

Nitish Kumar

वैसे अधिकांश मीडिया हाउस के टॉप लेवल पर कोई ना कोई है जिनसे नीतीश कुमार को बेहतर रिश्ता रहा हैं साथ ही मोदी से जो प्रताड़ित वर्ग है वो पूरी तौर पर नीतीश के साथ होते जा रहा है जिस वजह से नीतीश को राष्ट्रीय स्तर पर फंड से लेकर अन्य स्रोतों तक पहुंच काफी तेजी से बढ़ती जा रही है फिर भी नीतीश काफी सावधान है और इस इमेज से बचना चाह रहे हैं कि नीतीश कुमार 2024 के पीएम उम्मीदवार है क्योंकि उनको पता है जब तक विपक्ष अलग अलग रहेंगा इसका कोई मतलब नहीं है।

इसलिए नीतीश कुमार की कोशिश यह है कि वीपी सिंह के नेतृत्व में जिस तरीके से 1989 में देश के सभी विपक्षी पार्टियां एक साथ मिलाकर जनता दल बनाया था ठीक उसी तरह से पहले देश स्तर पर बिखरे सारे विपक्ष को एक दल में विलय करा जाए ताकि टुकड़े टुकड़े में जीत कर आने के बाद पीएम पद की दावेदारी में वो मजबूती नहीं रहेंंगी जैसे विलय के बाद एक दल के रूप में जीत कर आने के बाद वो मजबूती नहीं रहेंगी इसलिए मीडिया जब फूलपुर से चुनाव लड़ने की बात कि तो नीतीश सिरे से खारिज कर दिया और कहां कि मेरी प्राथमिकता विपक्ष को पहले एक करना है ।

हालांकि जो खबर आ रही है राजद,जेडीएस और ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी से सहमति दे दी है और सपा से बातचीत चल रही है वैसे कल युवा चेहरे को आगे करने की बात कर नीतीश ने एक बड़ा दाव खेल दिया है वैसे 25 सितंबर को देवीलाल के जयंती के मौके पर आयोजित रैली में विपक्षी एकता को लेकर बड़ी घोषणा हो सकती है।

भारत में सुप्रीम और हाईकोर्ट में जजों की बहाली में कालेजियम की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है: योगेश चंद्र वर्मा

भारत में न्यायपालिका की स्वतन्त्रता,पारदर्शिता और निष्पक्षता को पूरी दुनिया में सराहा और माना जाता है। भारतीय न्यायपालिका की प्रतिष्ठा और मर्यादा को बढ़ाने में यहाँ के जजों और वकीलों की काफी बड़ी भूमिका है।

पटना हाईकोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष व वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि भारत में सुप्रीम और हाईकोर्ट में जजों की बहाली में कालेजियम की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जजों की योग्यता,क्षमता और कानूनी ज्ञान के मद्देनजर ही जजों की नियुक्ति होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए अपनाए गए वर्तमान कॉलेजियम व्यवस्था में पर सवाल खड़ा करते हुए इसे अपारदर्शी व अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में कॉलेजियम नाम की कोई व्यवस्था ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के जरिये समाज के सभी लोगों को प्रतिनिधित्व उनके सक्षम होने के बावजूद नहीं मिल पाता है, क्योंकि उनके नामों को आगे बढ़ाने वाला कोई नहीं होता है। श्री वर्मा ने आगे कहा कि संविधान के अनुसार न्यायपालिका को स्वतंत्र,स्वतन्त्रता और पारदर्शिता होनी चाहिए।

लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि न्यायपालिका में जो नियुक्तियां हो रही है, वह प्रभावित प्रतीत होता हैं।संभवतः इस कारण जजों की बहाली में स्वतन्त्रता और पारदर्शिता में कमी नज़र आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि जजों की बहाली में जो वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक बदलाव जरूरी हैं।जजों नियुक्तियों की व्यवस्था में वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश किये जाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि जजों की नियुक्ति के ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए,जिसमें समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जजों की बहाली में हर तबके के वकीलों के बेस्ट ब्रेन को ध्यान में रखा जाए।साथ ही वर्तमान में जजों की सेवानिवृति की उम्र सीमा बढ़ाने की आवश्यकता नहीं लग रही हैं।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में अवैध रूप से चलने वाले ईंट भट्टे से होने वाले प्रदूषण के मामलें पर सुनवाई की

अनमोल कुमार की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने करते हुए सख्त टिप्पणी की।

कोर्ट ने कहा कि आपने सभी 102 ईट भट्टों को बंद करा दिया,लेकिन आपके होते हुए इतनी बड़ी संख्या में ये ईट भट्टे चल कैसे रहे थे।बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर कोर्ट को बताया गया कि अवैध रूप से चल रहे 102 ईट भट्टे को बंद करा दिया गया।

साथ ही ये भी कोर्ट से ये भी कहा गया कि आगे अगर ऐसे
अवैध रूप से ईट भट्टे चालू पाये गए,तो उन्हें तत्काल बंद करा दिया जाएगा तथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एमिकस क्यूरी अधिवक्ता शिल्पी केशरी ने कोर्ट को बताया कि राज्य में ईट भट्टे चलाने के क्रम में नियमों का खुला उल्लंघन किया गया।उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में तो ईट भट्टे ऐसे भी बंद ही रहते है।

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उन्होंने कहा कि इन ईट भट्टे से होने वाले प्रदूषण के कारण वातावरण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता हैं।

इस मामलें पर फिर अगली सुनवाई 29 सितम्बर,2022 को की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में पुलिस द्वारा सही ढंग और स्तरीय जांच नहीं किये जाने के कारण अपराधियों के सजा से बच जाने के मामलें पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया

जस्टिस अश्विनि कुमार सिंह की खंडपीठ ने अधिवक्ता ओम प्रकाश की जनहित याचिका पर सुनवाई की।

कोर्ट ने मामलें पर सुनवाई करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में अपराधियों के सजा पाने से बच जाने के कारण लोगों का आपराधिक न्याय व्यवस्था पर विश्वास कम होते जा रहा है।पुलिस अधिकारियों द्वारा किये जा रहे जांच में त्रुटियों और कमी के कारण अपराधियों को सजा से बच जाते है।

बिहार पुलिस एकेडमी के निदेशक ने कोर्ट को बताया कि पुलिस अधिकारियों को जांच और अन्य आपराधिक मामलों को सुलझाने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है।उनका समय समय पर परीक्षा ली जाती हैं और उनके प्रगति का मूल्यांकन होता है।इसमें लगातार सुधार किया जा रहा हैं।

पुलिस आधुनकिकरण के ए डी जी के के सिंह ने कोर्ट को बताया कि पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण और त्रुटियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि संसाधनों की कमी के कारण भी समस्याएं हैं।फॉरेंसिक लेबोरेट्री में आवश्यक सुधार और सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत हैं।एक फॉरेंसिक लैब पटना में है।दो क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैब मुजफ्फरपुर और भागलपुर में भी है।दरभंगा में फॉरेंसिक लैब की स्थापना होने जा रहा है।

कोर्ट ने कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था को प्रभावी ढंग से जारी रखने के लिए पुलिसकर्मियों सही ढंग से प्रशिक्षित करने की जरूरत हैं।साथ ही उनकी जांच में जिम्मेदारी तय करना भी आवश्यक है।

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बिहार सरकार के एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि अपराधियों को सजा देने का अनुपात बढ़े।पुलिस कि संवेदनशील बनाने के साथ ही उनकी कार्यक्षमता और कुशलता बढ़ाने के समय समय पर वर्कशॉप का आयोजन किया जाए

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि पुलिस के जांच की स्तर सुधारने के लिए क्या हो रहा हैं।कोर्ट ने राज्य पुलिस द्वारा सही ढंग, वैज्ञानिक और स्तरीय जांच नहीं करने के कारण अपराधियों को सजा नहीं मिलने पर गहरी चिंता जाहिर की थी।

उन्होंने कहा था कि जहां पुलिस अधिकारियों को सही ढंग से आपराधिक मामलों की जांच के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।सही तरीके से जांच करने,ठोस सबूत और पक्के गवाह उपलब्ध कराने पर ही अपराधियों को कोर्ट द्वारा सजा दी जा सकेगी।

कोर्ट ने कहा था कि जबतक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी,कोई भी सुरक्षित नहीं रह सकता हैं।इसके लिए आवश्यक है कि पुलिस के जांच आधुनिक,स्तरीय और वैज्ञानिक हो,जिसमें अपराधियों को सजा मिलना सुनिश्चित हो।

पटना हाईकोर्ट ने शराबबन्दी कानून के तहत जब्त गाड़ियों को छुड़ाने हेतु बढ़ रहे रिट याचिकाओं की बढ़ती संख्या पर नाराजगी जाहिर की

चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।

कोर्ट ने इस स्थिति पर सख़्त टिप्पणी करते हुए राज्य के उत्पाद आयुक्त को निर्देश दिया कि वो एक हफ्ते मे कोर्ट को विस्तृत आंकड़े दे, जिसमे ये जानकारियां हो कि पिछले तीन माह मे राज्य मे कितने लोगों को शराबबन्दी कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है।

साथ ही कोर्ट को यह भी बताना है की हरेक ज़िलों मे ज़ब्त हुई गाड़ियों के जब्ती हेतु कितने मामले लम्बित पड़े हैं ।कोर्ट ने यूनाइटेड स्पिरिट्स की रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये आदेश पारित किया।

कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि महज देढ़ लीटर शराब पाए जाने पर पूरे गाड़ी को सालों भर जब्त कर रखा जाना न्यायसंगत है क्या। साथ ही उसे छुड़ाने हेतु दायर आवेदन को कलेक्टर एक घिसे पिटे ढंग से रद्द कर देते है।

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कलेक्टर के आदेश को ही अपीलीय और रिविजिनल प्राधिकार बिना विवेक का इस्तमाल किये और घिसे पिटे तरीके से संपुष्ट कर देते हैं।

अपील और रिविजन के आदेश समान ही दिखते है , कलेक्टर के आदेश से ऐसा मेल खाते हैं। जो त्रुटि कलेक्टर के आदेश मे दिखती है, वही गलती अपील व रिविजन प्राधिकार के आदेश में भी नजर आती है।
मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

पटना हाईकोर्ट में बिहार के गर्भाशय घोटाले के मामलें पर सुनवाई अब 20 सितम्बर,2022 को होगी

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव को अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा हलफनामा पर दायर करने का निर्देश दिया था।जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह की खंडपीठ ने वेटरन फोरम की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।

कोर्ट ने मुख्य सचिव को ये भी बताने को कहा था कि आगे इस मामलें में क्या कार्रवाई करने की योजना है। कोर्ट में उपस्थित एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि इस जनहित याचिका में दिए गए तथ्य वास्तविक नहीं हैं।

उन्होंने बताया था कि बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष साढ़े चार सौ इस तरह के मामलें आए थे। राज्य सरकार के जांच के बाद नौ जिलों में गर्भाशय निकाले जाने के सात सौ दो मामलें आए थे।

इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई और आगे की कार्रवाई चल रही है।उन्होंने कोर्ट को बताया था कि पीड़ित महिलाओं को क्षतिपूर्ति राज्य सरकार ने पचास पचास हजार रुपये पहले ही दे दिए।इसके बाद बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने आदेश दिया था कि यह राशि बढ़ा कर डेढ़ और ढाई लाख रुपए बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाए।

महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया था कि क्षतिपूर्ति की राशि देने के लिए राज्य सरकार ने 5.89 करोड़ रुपए निर्गत कर दिए गए है।

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कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा कि किन किन धाराओं के दोषियों के विरुद्ध मामलें दर्ज किये गए।मानव शरीर से बिना सहमति के अंग निकाला जाना गंभीर अपराध है।इसलिए उनके विरुद्ध नियमों के तहत ही धाराएं लगानी जानी चाहिए।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया था कि सबसे पहले ये मामला मानवाधिकार आयोग के समक्ष 2012 में लाया गया था।2017 में पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका वेटरन फोरम ने दायर किया गया था।

इसमें ये आरोप लगाया गया था कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का गलत लाभ उठाने के लिए बिहार के विभिन्न अस्पतालों/डॉक्टरों द्वारा बड़ी तादाद में बगैर महिलाओं की सहमति के ऑपरेशन कर गर्भाशय निकाल लिए गए थे।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 20सितम्बर,2022 को की जाएगी।

मुजफ्फरपुर में दिनदहाड़े बैंक से 15 लाख की लूट, गोबरसही में ICICI बैंक में तीन अपराधियों ने दिया घटना को अंजाम

मुजफ्फरपुर । मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही में बैंक लूट की बड़ी घटना को अपराधियों ने अंजाम दिया है। गोबरसही के ICICI बैंक में हथियारबंद तीन अपराधीयों ने बैंककर्मियों को बंधक बनाकर 15 लाख से अधिकारी रूपये लूट लिए और फरार हो गए।

घटना के बाद मौके पर पहुंची सदर थाना की पुलिस मामले की जांच कर रही है. वहीं नगर डीएसपी रामनरेश पासवान ने भी बैंक जाकर घटना की जानकारी ले रहें हैं. उन्होंने बताया कि 15 से 16 लाख रूपये लूट की बात सामने आई है, फिलहाल मामले की जांच कर रहें हैं।

वहीं ब्राँच की डिप्टी मैनेजर सुनीता कुमारी ने बताया कि जब वो फिल्ड से बैंक में लौटी तो तीन की संख्या में अपराधी अंदर पहुंचे हुए थे और सबको बंधक बना चुके थे, काउंटर पर रखा कारोबार 14 लाख और अन्य ग्राहकों के पैसे लेकर अपराधी फरार हो गए।

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पटना हाईकोर्ट में राज्य में पुलिस द्वारा सही ढंग और स्तरीय जांच नहीं किये जाने के मामलें पर सुनवाई कल तक के लिए टल गई

जस्टिस अश्विनि कुमार सिंह की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई कर रही है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि पुलिस के जांच की स्तर सुधारने के लिए क्या हो रहा हैं।कोर्ट ने राज्य पुलिस द्वारा सही ढंग, वैज्ञानिक और स्तरीय जांच नहीं करने के कारण अपराधियों को सजा नहीं मिलने पर गहरी चिंता जाहिर की थी।

कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि पुलिस द्वारा जांच में त्रुटि और कमियों के कारण बड़ी संख्या में अपराधी सजा पाने से बच जाते है।कोर्ट ने इस पर काफी गंभीर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह के जांच से अपराधियों को सजा नहीं मिल पाना गलत संदेश जाता है।

उन्होंने कहा था कि जहां पुलिस अधिकारियों को सही ढंग से आपराधिक मामलों की जांच के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।सही तरीके से जांच करने,ठोस सबूत और पक्के गवाह उपलब्ध कराने पर ही अपराधियों को कोर्ट द्वारा सजा दी जा सकेगी।

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कोर्ट ने सही ढंग से पुलिस द्वारा जांच नहीं करने,ठोस सबूत और गवाहियां प्रस्तुत करने पर अपराधियों के सजा से बच जाने के उदाहरण भी दिया।ऐसा ही मामला गोपालगंज जहरीली शराब पीने से हुए मौत का मामला है,जहां पुलिस जांच में कमियों के कारण कई अभियुक्त सजा से बच गये थे।

कोर्ट ने कहा कि जबतक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी,कोई भी सुरक्षित नहीं रह सकता हैं।इसके लिए आवश्यक है कि पुलिस के जांच आधुनिक,स्तरीय और वैज्ञानिक हो,जिसमें अपराधियों को सजा मिलना सुनिश्चित हो।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 20 सितम्बर,2022 को की जाएगी।

शाह ने नीतीश की घेरेबंदी शुरु की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल के सहारे लोकसभा 2024 का आगाज करने 23 और 24 सितंबर को पूर्णिया और किशनगंज के दौरा पर आ रहे हैं स्वाभाविक है यह इलाका बीजेपी के हिन्दू मुस्लिम नैरेटिव में पूरी तरह से फिट बैठता है।
ऐसे में नीतीश कुमार के अलग होने के बाद बिहार की राजनीति में बने रहने के लिए अभी से ही यूपी की तरह यहां भी कैराना की खोज बीजेपी ने शुरु कर दी है हालांकि सीमांचल के अररिया, किशनगंज कटिहार और पूर्णिया इलाके में बीजेपी की पकड़ मजबूत हो इसके लिए संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 1981 से ही कोशिश कर रहा है लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिली है।

वैसे बीजेपी का कोई बड़ा नेता पहली बार बिहार के इन इलाकों में सेंधमारी करने की मुहिम शुरू करने जा रहा है कितना सफल होगा कहना मुश्किल है लेकिन पहली बार बड़ी कोशिश शुरु होने वाली है ये जरूर दिख रहा है और निशाने पर नीतीश है । क्यों कि इस इलाके में अभी भी नीतीश की पकड़ मजबूत है पिछले विधानसभा चुनाव में इन्ही इलाकों मेंं चिराग फैक्टर भी प्रभावी नहीं रहा था। सीमांचल के चुनावी समीकरण की बात करे तो यहां चार लोकसभा क्षेत्र हैंं जहां बिहार का सर्वाधिक मुस्लिम वोटर है ।किशनगंज यहां मुस्लिम वोटरों की संख्या 67 फीसदी है, कटिहार जहां मुस्लिम वोटर की संख्या 38 फीसदी, अररिया जहां 32 फीसदी है और पूर्णिया जहां 30 फीसदी मुस्लिम आबादी है।

इन लोकसभा क्षेत्र की बात करे तो एनडीए के साथ जब जब नीतीश साथ रहे 2009 के लोकसभा चुनाव में और 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए जीत हासिल की है । नीतीश अकेले चुनाव लड़े तो 2014 के मोदी लहर में भी ये सारी सीटें बीजेपी हार गयी थी ,मतलब इन इलाको में मुस्लिम वोटर के अलावे बड़ी संख्या में अति पिछड़ा वोटर है और जब तक अति पिछड़ा वोटर को साधने में बीजेपी कामयाब नहीं हो जाती है तब तक बहुत मुश्किल है इन इलाकों में बीजेपी की वापस । वैसे ये जो इलाका है पूरी तौर पर कृषि आधारित इलाका है और शहरीकरण नहीं के बड़ाबड़ हुआ है ।वहीं यादव जो हिन्दू में मजबूत तबका है उसमें अभी भी लालू परिवार का तिलिस्म पूरी तौर पर खत्म नहीं हुआ है यू कहे तो अभी भी मजबूत स्थिति में है ऐसे में इन इलाकों में हिन्दू मुस्लिम नैरेटिव को आगे बढ़ना बहुत ही मुश्किल है साथ ही इन इलाकों में बीजेपी का वैसा जमीनी नेता पिछड़ी और अति पिछड़ी जाति में नहीं है जो माहौल बना सके ।

अररिया के सांसद जरुर अति पिछड़ी जाति से आते हैं लेकिन वो उतने प्रभावी नहीं हैं और क्षेत्र से भी बाहर ही रहते हैं ।वैसे यह इलाका कभी राजद का गढ़ माना जाता था लेकिन नीतीश कुमार यादव के खिलाफ अति पिछड़ों की राजनीति करके राजद को इन इलाकों से सफाया कर दिया था और अभी भी जदयू का सबसे मजबूत किला यही इलाका है, कटिहार और पूर्णिया में जदयू का सांसद है और आज भी जदयू का सबसे अधिक विधायक इन्ही इलाकों से जीत कर आया है ।इसलिए बीजेपी के लिए और भी बड़ा चुनौती है क्यों कि नीतीश कुमार के साथ जो वोटर है उसको हिन्दू मुस्लिम नैरेटिव में बांटना यादव की तुलना में मुश्किल है वैसे अमित शाह की यात्रा को लेकर जदयू कुछ ज्यादा ही सचेत है क्योंकि उन्हें पता है कि इस इलाके में नीतीश की पकड़ कमजोर हुई तो नीतीश की सियासत ही खत्म हो जायेंगी और यही वजह है कि अमित शाह के दौरा के बाद महागठबंधन इन इलाकों में गांव गांव में सम्मेलन करने का निर्णय लिया है।

बिहार के मुजफ्फरपुर में ICICI बैंक में 15 लाख की लूट बड़ी वारदात

मुजफ्फरपुर। लूट की बड़ी घटना, सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही में ICICI बैंक में लूट की बड़ी वारदात, 15 लाख की लूट की घटना।

तीन की संख्या में आये थे अपराधी, नगर डीएसपी राम नरेश पासवान ने की पुष्टि ।

पुलिस कर रही मामले की जांच।

हाजीपुर के जोहरी बाजार स्थित नर्सिंग होम में लगी आग, अफरा-तफरी का माहौल

बड़ी खबर हाजीपुर से है जहां नगर थाना क्षेत्र के जोहरी बाजार स्थित एक निजी नर्सिंग होम में अचानक आग लग जाने से अफरा-तफरी मच गई है। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।

हाजीपुर का जोहरी बाजार मैं दर्जनों निजी नर्सिंग होम है और यहां सैकड़ों मरीज और उनके परिजन कई नर्सिंग होम में है। ऐसे में आग लगने से अफरा तफरी मच गया है.आग धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है लेकिन अभी तक मौके पर न तो नगर थाना के पुलिस पहुंची है और ना ही दमकल की गाड़ियां. हालांकि आग से किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है।

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आसपास के लोग और निजी नर्सिंग होम के लोग खुद से ही आग पर नियंत्रण करने का प्रयास कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले ही यह नया निजी नर्सिंग होम खोला गया था। जहां अचानक आग लगी है। आग लगने की सूचना के बाद मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए हैं।

वहीं आसपास के नर्सिंग होम से भी लोग भयभीत होकर बाहर निकल रहे हैं।

बीच सड़क पर गुत्थम गुत्था हुईं कोचिंग की दो छात्राएं, वीडियो हो रहा वायरल

छपरा में परसा के दरोगा राय चौक से पीछे उत्तर गली चेतन परसा रोड स्थित कोचिंग सेंटर की दो छात्राएं बीच सड़क पर्वआपस में लड़ने लगी। छात्राओं ने सड़क पर एक-दूसरे की मारपीट की उसी दौरान तमाशबीन छात्रों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

घटना के सम्बंध में स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि चेतन परसा रोड में संचलित एक्सलेंट कोचिंग के नीचे छात्राएं क्लास अटैंड करने बाद बाहर निकलीं तो दोनों लड़कियों के बीच किसी बात को लेकर नोंकझाेंक हुई। एक छात्रा ने दूसरी छात्रा को थप्पड़ मारा तो दोनों के बीच सिर के बाल पकड़कर मारपीट शुरू हाे गई।

छात्राओं के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

बिहार के मुजफ्फरपुर में पंखे से लटककर छात्रा ने की आत्महत्या

मुजफ्फरपुर । पंखे से लटककर छात्रा ने की आत्महत्या। बेतिया की रहने वाली 25 वर्षीय सलोनी ने मुजफ्फरपुर में किराए के मकान में दी जान ।

बीएड का फॉर्म भरने के नाम पर निकली थी छात्रा। मुजफ्फरपुर के काजीमुहम्मदपुर थाना क्षेत्र के रामदयालु मुक्तिनाथ मंदिर के निकट की घटना।

पुलीस ने दरवाजा तोड़कर निकाला शव, पंखे से लटक रहा था शव। सुसाइड नोट भी बरामद – हम अच्छी बेटी नहीं बन पाए।

hang dead

शव को पोस्टमार्टम के लिए SKMCH भेजा गया।

एक लाख का इनामी नक्सली गोपाल बक्सर स्टेशन से गिरफ्तार, एसटीएफ की स्पेशल टीम ने किया गिरफ्तार

बिहार सरकार द्वारा घोषित एक लाख का इनामी का कुख्यात हार्डकोर नक्सली गोपाल दास को बक्सर स्टेशन के आसपास से शनिवार को गुप्त सूचना के आधार पर मुंगेर एसपी जग्गू नाथ रेड्डी जला रेड्डी के नेतृत्व में एएसपी अभियान कुणाल कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ विशेष टीम ने गिरफ्तार किया ।

कई नक्सली कांडों में पुलिस को इसकी थी तलाश । एएसपी अभियान कुणाल कुमार एवं हवेली खड़गपुर डीएसपी राकेश कुमार ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार हार्डकोर नक्सली बीएमपी कैंप पे हमला के साथ साथ वर्ष 2018 में मुंगेर जिला के हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र में रामकृपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के चार नजदुरों का फिरौती हेतु अपहरण किया गया था। तथा कंपनी के चार पोकलेन, दो हाईवा एवं एक मोटरसाइकिल को जला दिया था।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नक्सली के विरुद्ध हवेली खड़गपुर थाना सहित अन्य कई थानों में भी 1 दर्जन से अधिक कांड में नाम दर्ज है। जिसे पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बक्सर से गिरफ्तार कर लिया गया ।

अब पुलिस अन्य कई कांडों में इसकी संलिप्ता को ले पुछ ताछ करने में जुटी हुई है। बिहार सरकार ने इस हार्ड कोर नक्सली पे एक लाख का इनाम भी रखा हुआ था ।

मिशन 2024 की सफलता के लिए नीतीश को अपनी छवि बनाए रखनी होगी

मिशन 2024 की सफलता बिहार के कानून व्यवस्था की स्थिति पर निर्भर करेगा ।
—–बेगूसराय की घटना सरकार के साख पर सवाल है—–

बेगूसराय फायरिंग मामले की जांच के दौरान बिहार पुलिस मेंं प्रोफेशनलिज्म की कमी साफ देखने को मिला,ऐसे में मेरे जैसे व्यक्ति के लिए जो बिहार की पुलिसिंग पर खास नजर रखती है बेहद चिंता का विषय है।इस घटना के जांच के दौरान पुलिस की जो प्रवृत्ति देखी गयी है उससे आने वाले समय में अब हर घटना को जाति के चश्मे से देखने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और इसका प्रभाव राज्य के कानून व्यवस्था पर पड़ेगा यह तय है।

बेगूसराय फायरिंग मामले मेंं गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ साक्ष्य है लेकिन उस साक्ष्य को लेकर जिस स्तर तक पुलिस को काम करने कि जरुरत थी उसमें साफ कमी देखने को मिल रही है और इसका असर यह हुआ कि पुलिस बेगुनाह लोगों को जेल भेज दिया है ऐसी बात चर्चा में आनी शुरु हो गयी है और इस घटना में जो अपराधी शामिल है उसको पुलिस बचा रही है।

घटना 13 तारीख के शाम की है बेगूसराय पुलिस का हाल यह था कि 24 घंटे तक वो अंधेरे में ही तीर चला रहा था ,14 तारीख की शाम को पुलिस ने दो तस्वीर जारी किया और कहा कि यही वो चार अपराधी जो दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर इस घटना को अंजाम दिया है। इतने महत्वपूर्ण केस में 15 तारीख की शाम मीडिया में खबर आने लगी कि इस कांड में शामिल अपराधी पकड़े गये और इस घटना में शामिल अपराधियों का नाम क्या है यह भी मीडिया में चलने लगा जबकि उस समय तक सभी कि गिरफ्तारी भी नहीं हुई थी उन अपराधियों का नाम कैसे बाहर आ गया बड़ा सवाल है।

फिर 16 तारीख के अहले सुबह बेगूसराय पुलिस के इनपुट पर झाझा रेलवे स्टेशन पर तैनात जीआरपी ने केशव उर्फ नागा को पकड़ा जो इस मामले की सबसे बड़ी गिरफ्तारी थी क्यों कि उससे पूछताछ के दौरान इस घटना के पीछे का खेल सामने आ सकता था लेकिन हुआ क्या जीआरपी थाना के प्रभारी फोटो खिंचवा कर 5 बजे सुबह में ही मीडिया को तस्वीर के साथ उसके गिरफ्तारी को सार्वजनिक कर दिया और मीडिया को फोनिंग देने लगा इसका असर यह हुआ कि 10 बजे नागा गैंग से जुड़े लोग बिहट चौक पर स्थित कुणाल लाइन होटल के सीसीटीव का फुटेज जारी कर बेगूसराय पुलिस की पूरी कार्रवाई पर ही सवाल खड़ा कर दिया।

देखिए जिसको पुलिस सूटर बता रही है वो घटना के समय लाइन होटल पर बैठा हुआ है जैसे ही यह खबर मीडिया में आयी बेगूसराय पुलिस सकते में आ गया और फिर पूछताछ छोड़ कर कितनी जल्दी इसको जेल भेजा जाए इस पर काम करना शुरू कर दिया ।

इसका असर यह हुआ कि केस का पूरी तौर पर खुलासा नहीं हो पाया बहुत सारी बाते सामने नहीं आ सकी और इस वजह से एसपी के सामने प्रेस रिलीज पढ़ने के अलावे को दूसरा चारा नहीं था । क्यों कि उनके पास क्रॉस क्यूसचन का जवाब नहीं था यही स्थिति एडीजीपी मुख्यालय का रहा मीडिया वाले सवाल करते रहे गिरफ्तार अपराधियों में गोली चलाने वाला कौन था नाम तक बताने कि स्थिति में वो नहीं थे ,केशव उर्फ नागा के होटल में बैठे होने कि बात सीसीटीवी में कैद होने पर सवाल किया गया तो कहां गया ये सब घटना की साजिश में शामिल थे, साजिश क्या है तो यह अनुसंधान का मसला है इस तरह से सवाल जवाब ने पुलिस के कार्रवाई को और भी संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया और सुशील मोदी और गिरिराज सिंह जैसे नेताओं को इस मामले की सीबीआई और एनआईए से जांच की मांग करने का मौका मिल गया।

इतने संवेदनशील मामले में इससे पहले कभी भी इस तरह की बाते देखने को नहीं मिली है पुलिस वाले सूचना लीक कर रहे थे और झाझा जीआरपी ने तो हद कर दी तस्वीर तक जारी कर दिया जो दिखाता है कि बिहार पुलिस की कार्य प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।

याद करिए 1995 से 2005 का दौर राज्य में जो भी आपराधिक घटना घटित होता था सरकार उसको जाति से जोड़ देता था इस वजह से बिहार की पुलिसिंग धीरे धीरे कमजोर होती चली गयी वही सरकार के इस प्रवृत्ति का लाभ उठाते हुए अपराधियों ने भी अपने अपराध को छुपाने के लिए पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए जाति से जोड़ना शुरू कर दिया और धीरे धीरे पूरी व्यवस्था जाति के आधार पर एक दूसरे के साथ खड़े होने लगी और उसी का असर था कि बिहार की कानून व्यवस्था पटरी से उतर गया।

नीतीश कुमार इसी व्यवस्था पर चोट करके राज्य में कानून का राज्य स्थापित करने में कामयाब रहे थे लेकिन पहली बार वो किसी घटना को जातिवादी आधार से जोड़ते हुए बयान दिया और इसका असर बेगूसराय फायरिंग मामले में पुलिस के कार्यशैली पर साफ दिखाई दिया है।

हालांकि इसके लिए सिर्फ लालू प्रसाद या नीतीश कुमार ही जिम्मेवार नहीं है सुशील मोदी और गिरिराज सिंह जैसे नेता के साथ साथ यहां के सवर्णवादी मानसिकता वाले जो लोग है वो भी कम जिम्मेदार नहीं है क्योंकि उनको भी इसी तरह की राजनीति सूट करता है ।

बेगूसराय की घटना पूरी तरह से अपराधिक घटना है और सरकार या फिर किसी जिले में एसपी बदलने के बाद अपराधियों की यह प्रवृत्ति रही है कि इस तरह की घटना करके वह देखना चाहता है कि सरकार और पुलिस प्रशासन की सोच क्या है ।
याद करिए नीतीश कुमार 2005 में जब सत्ता में आये थे तो शुरुआती एक वर्ष तक किस तरीके से अपराधी सरकार को लगातार चुनौती दे रहे थे लेकिन जैसे ही अपराधियों को यह समझ में आ गया कि सरकार,कोर्ट और सत्ता में बैठे अपनी जाति वाले अधिकारियों से अब मदद मिलने वाली नहीं है स्थिति धीरे धीरे सुधरने लगी।

लेकिन बेगूसराय की घटना के बाद अपराधी और असामाजिक तत्व एक बार फिर से सिस्टम में बैठे अधिकारियों और नेताओं पर दबाव बनाना शुरु कर सकते हैं इस उदाहरण के साथ की मेरे साथ जाति के आधार पर भेदभाव हो रहा है हालांकि इस सोच को कितना बल मिलेगा यह कहना मुश्किल है लेकिन इन नेताओं की यही कोशिश होगी कि इस आधार पर समाज को बांटा जाये।

छपरा में अपराधियों ने पुलिस को बनाया निशाना, 2 कॉन्स्टेबल को चाकू मारकर किया घायल

बड़ी खबर छपरा से आ रही है जहां बेखौफ अपराधियों ने पुलिस पर हमला किया है। पुलिस गिरफ्त से दो सिपाहियों को चाकू मारकर अपराधी फरार हो गए है।

घायल दोनों सिपाहियों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों का नाम अजीत यादव और विवेकानंद बताया जा रहा है। एसपी सियाली धुरत सदर अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जान रही हैं।

छपरा में यह कोई पहली घटना नहीं है 3 साल पहले भी अपराधियों ने मढ़ौरा थाना क्षेत्र में बड़ी घटना को अंजाम दिया था।अपराधियों को गिरफ्तार करने गई एसआईटी टीम पर अपराधियों ने गोलीबारी कर दी थी जिसमें एक दरोगा और एक सिपाही शहीद हो गए थे।

शहीद हुए दरोगा का नाम मिथिलेश कुमार एवं शहीद हुए सिपाही का नाम फारुख अहमद था.वही दो अन्य सिपाही घायल हुए थे।

एक बार फिर इस तरह की घटना से शहर में सनसनी फैल गई है।

मुजफ्फरपुर पुलिस को मिली सफलता, फाइनेंस कर्मी से लूट के अनसुलझे मामले को सुलझाया, तीन अपराधी गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर पुलिस ने कटरा थाना क्षेत्र में एक फाइनेंस कंपनी के कर्मी साथ हुई लूट का उद्भेदन करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ़्तार किया है. इनके पास से दो लोडेड देशी कट्टा, कारतूस, टैब और ₹25000 बरामद किए हैं।

दरअसल बीते सप्ताह कटरा थाना क्षेत्र के बड़का गांव के समीप तीन अज्ञात अपराधियों के द्वारा फाइनेंस कर्मी से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। ₹75000 लूट और टैब लिए गए जिसके बाद पुलिस ने पुलिस ने गुप्तचर लगाते हुए कार्रवाई की है।

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पुलिस को गुप्त सूचना मिली की एक बार फिर से अपराधी लूट की वारदात को अंजाम देने वाले हैं जिसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है जिनके पास से हथियार और टाइम के साथ लूट की रकम में से ₹25000 बरामद हुए हैं ।

इस पूरे मामले को लेकर एसएसपी जयंत कांत ने जानकारी दी है।

इश्कबाज बुड्ढे के चंगुल में फंसी थी नाबालिग, पुलिस ने लखनऊ से किया आरोपी को गिरफ्तार

जहानाबाद शहर के रामगढ़ मोहल्ला में रहने वाली और करीब दो माह पूर्व बहला-फुसलाकर 55 वर्षीय एक ट्यूशन शिक्षक के द्वारा अगवा की गई 14 वर्षीया छात्रा को नगर थाने की पुलिस ने लखनऊ से बरामद किया। साथ ही आरोपित को भी गिरफ्तार किया गया है।

लड़की के घर में दूध पहुंचाने वाला दिलीप उर्फ दीपक मुख्य रूप से अरवल जिला के कुर्था थाना अंतर्गत खेमकरण सराय का निवासी है जो शहर के निजामुद्दीनपुर मोहल्ला के रामानंद कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। समीप के ही रामगढ़ मोहल्ले में वह 14 वर्षीया एक लड़की के घर दूध पहुंचाने जाया करता था।

अगवा किए जाने के संबंध में छात्रा के पिता के बयान पर 13 जुलाई को नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। एसपी दीपक रंजन द्वारा गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान कर उक्त सफलता हासिल की। एसडीपीओ अशोक पांडे ने बरामदगी की पुष्टि करते हुए उक्त जानकारियां दी।

खबर के अनुसार बच्ची के घर आते जाते अचानक वह नाबालिग लड़की को लेकर लापता हो गया। लड़की के परिजनों ने काफी खोजबीन की बाद में लड़की के पिता के बयान पर नगर थाने में मामला दर्ज करने के बाद पुलिस अनुसंधान कर रही थी। इसी क्रम में पुलिस को जानकारी हुई कि आरोपित शिक्षक लखनऊ के गोसाईगंज में रह रहा है।

तकनीकी अनुसंधान के तहत नगर थाने की टीम पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे और वहां की लोकल पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर लड़की को बरामद किया। साथ हीं आरोपित को भी गिरफ्तार किया गया। बरामद लड़की और गिरफ्तार शिक्षक को पुलिस जहानाबाद लायी। इस संबंध में आगे कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पटना हाईकोर्ट ने मधुबनी के एक अंचल अधिकारी पर कड़ा रुख अपनाते हुए अविलंब ससपेंड करने का निर्देश दिया

पटना हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में मधुबनी के एक अंचल अधिकारी पर कड़ा रुख अपनाते हुए मधुबनी के जिलाधिकारी को उन्हें अविलंब ससपेंड करने का निर्देश दिया है। जस्टिस मोहित कुमार शाह ने गोविंद नाथ झा की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया ।

यह मामला लखनौर के अंचल अधिकारी द्वारा ग़ैरक़ानूनी रूप अतिक्रमण केस चला कर याचिकाकर्ता पर नोटिस जारी करने से संबंधित है । कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मधुबनी के ज़िलाधिकारी को संबंधित अंचल अधिकारी के खिलाफ जांच करने और उचित विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया।

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साथ-साथ उसे तत्काल निलंबित कर इस हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को 2 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जिसमें विफल रहने पर जिलाधिकारी के वेतन पर रोक लगा दी जाएगी।

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया व बिहार राज्य बार कॉउंसिल द्वारा 24 सितम्बर,2022 को पटना में राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार का आयोजन किया गया है

पटना । बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया व बिहार राज्य बार कॉउंसिल द्वारा 24 सितम्बर,2022 को पटना के बापू सभागार में राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार का आयोजन किया गया है ।इसमें भारत के चीफ जस्टिस यू यू ललित,केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू,बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा समेत बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथिगण इसमें भाग लेंगे।

22 सितम्बर,2022 को डेढ़ बजे दिन में बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा द्वारा प्रेस वार्ता में पूरी जानकारी दी जाएगी।आप सबसे अनुरोध हैं कि अपने प्रतिनिधि व कैमरामैन को भेजने का कष्ट करेंगे।धन्यवाद।

प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल …. बिहार राज्य बार कॉउंसिल भवन

22 सितम्बर,2022 को डेढ़ बजे दिन में बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री मनन कुमार मिश्रा सम्बोधित करेंगे।

दस्तावेज तैयार करने को लेकर अनुमंडल कार्यालय के पास चहल पहल, नामांकन के लिए उमड़ रही भीड़

जहानाबाद जिले के चार नगर निकायों में चुनाव को लेकर नामांकन के तीसरे दिन तक किसी अभ्यर्थी ने नामजदगी का पर्चा दाखिल नहीं किया था। लेकिन चौथे दिन से प्रत्याशियों की भीड़ उमड़ने लगी है।

गुरुवार को सबसे ज्यादा वार्ड काउंसलर के लिए प्रत्याशियों ने नामांकन किया। घोसी वॉर्ड नंबर 6 से नामांकन करने वाले अरविंद कुमार ने बताया कि अपने वार्ड के विकास को लेकर वे चुनाव लड़ रहे हैं।

अरविंद कुमार, कैंडिडेट

नगर परिषद जहानाबाद, मखदुमपुर नगर पंचायत, घोसी नगर पंचायत और काको नगर पंचायत क्षेत्र के अभ्यर्थियों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता प्रबंध किया गया है।

अनुमंडल कार्यालय के आसपास के क्षेत्र को बैरिकेडिंग की गई है। दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी के साथ जवानों की तैनाती की गई है। प्रवेश के लिए एक रास्ता बनाया गया है, जहां पुलिस जवान व पुलिस पदाधिकारी तैनात हैं।

दीपक रंजन, एसपी, जहानाबाद

नामजदगी का पर्चा दाखिल करने का समय 19 सितम्बर है। गुरुवार तक लगभग 530 उम्मीदवारों ने एनआर कटवाया है।

Municipal elections

सीएम नीतीश कुमार आज करेंगे मानसिक आरोग्यशाला का उद्घाटन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को भोजपुर जिले के कोईलवर स्थित नवनिर्मित राज्य के इकलौते मानसिक आरोग्यशाला का उद्घाटन करेंगे। मौके पर उप मुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव भी मौजूद रहेंगे।

कार्यक्रम दिन में 12 बजे होगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, मानसिक आरोग्यशाला 272 बेड का बना है। इसका निर्माण तमिलनाडु की कंपनी करा रही है। प्रोजेक्ट को 36 महीने में पूरा किया गया है। निर्माण पर लगभग 123 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है।

अस्पताल परिसर में 14 ब्लॉक हैं। इनमें चार हॉस्पिटल ब्लॉक, एकडेमिक, सर्विस, ड्रग एडिक्शन, स्टॉफ, डॉक्टर, संकाय क्वार्टर समेत अलग-अलग आठ विभाग बनाए गए है। एकेडमिक ब्लॉक जी टू, सर्विस ब्लॉक, वार्ड ब्लॉक जी प्लस टू व वार्ड ब्लॉक डीडीसी जी प्लस वन फ्लोर का है। इस आरोग्यशाला के सभी ब्लॉक भूकंपरोधी, इको फ्रेंडली बनाये गये हैं।

भवन निर्माण के क्रम में हरियाली के साथ छेड़छाड़ नहीं की गयी है। पेड़-पौधे पूर्ववत मौजूद हैं

बेगूसराय शूट आउट लेटेस्ट अपडेट

Begusarai Shoot-out case latest updates: बेगूसराय पुलिस फाईरिंग मामले का हुआ खुलासा। CCTV के आधार पर 4 गिरफ्तार। मोटरसायकिल बरामद। 2 और मोटरसाइकिल जप्त। 4 मोबाइल फोन बरामद।
शर्ट को छुपाया गया बरामद किया गया। मुख्य अपराधी चुनचुन कुमार है।

दशहत फैलाने के उदेश्य से किया गया था फाइरिंग।

इस गोलीबारी मामले पर स्टेप वाइज अपडेट…

  • दोपहर 2:30 बजे एसपी योगेंद्र कुमार करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस ।
  • पुलिस कार्यालय में करेंगे प्रेस को संबोधित।
  • चौथा आरोपी मौर्य एक्सप्रेस से आज सुबह 3 बजे गिरफ्तार ।
  • राँची भाग रहा था केशव तीन जिले की पुलिस झाझा रेलवे स्टेशन से ट्रेन से पकड़ा।
  • बेगूसराय पुलिस जल्द करेगी खुलासा ,बड़ी साजिश का नतीजा है यह घटना।
  • जमुई- बेगूसराय गोली कांड का एक और आरोपी गिरफ्तार
  • आरोपी का नाम केशव बताया जा रहा । गुप्त सूचना के आधार पर झाझा थानाध्यक्ष ने मौर्य एक्स ट्रेन से सफर कर रहे आरोपी को गिरफ्तार कर बेगूसराय पुलिस के हवाले किया ।
  • हमलावारो के करीब पहुंची पुलिस… दो हमलावार पुलिस हिरासत मे।
  • सूत्रों के अनुसार घटना को साजिश के तहत अंजाम दिया गया है. अपराधी साइको नहीं बल्कि कुख्यात है। 24 घंटे के अंदर होगा मामले का खुलासा।
  • इस घटना का कोई चश्मेदीद नहीं है इसलिए पुख्ता सुराग की तलाश मे पुलिस।
  • फॉरेनसिक के साथ साथ साइबर सेल की भी ली जा रही है मदद। अब तक 30 किलोमीटर के दायरे मे डेढ़ सौ मोबाईल नंबर के डाटा डंप कर उसका analysis किया गया है।
  • पटना से फॉरेंसिक टीम पहुंची बेगूसराय। अभी प्रथम घटनास्थल बछवाड़ा प्रखंड के गोधना में कर रही है जांच पड़ताल।
  • बिहार पुलिस ने जारी किया बेगूसराय गोली कांड के अपराधियों का सीसीटीवी तस्वीर; जानकारी देने वालों को इनाम देने की घोषणा ।
CCTV image of killer
  • बेगूसराय के घटना के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव और राज्य के पुलिस महानिदेशक को किया तलब
  • दोनों अधिकारियों के साथ बैठक हुई बैठक के बाद दोनों अधिकारी निकले बाहर बैठक में बेगूसराय की घटना के बारे में मुख्यमंत्री ने फीडबैक लिया है और पूरे मामले में अपने अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया है
  • बेगूसराय गोली कांड के विरोध में विपक्ष के निशाने पर सरकार, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया सड़क जाम।
  • नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा मरीजों से मिलने बेगूसराय सदर अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने मरीजों से मुलाकात की एवं परिजनों से भी बातचीत किया।
  • एस पी योगेंद्र कुमार ने उठाया सख्त कदम। गस्ती में मौजूद 7 पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से एसपी योगेंद्र कुमार ने किया निलंबित।
  • भाजपा ने किया आज विरोध में बेगूसराय बंद का ऐलान। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी आज आएंगे बेगूसराय । परिजनों से मुलाकात के साथ-साथ बंद का भी करेंगे समर्थन । मंगलवार की शाम बाइक सवार दो अपराधियों ने जिले में चार थाना क्षेत्र में 10 लोगों को मारी थी गोली। एक की हो चुकी है मौत ,9 लोग हैं इलाजरत।
  • अनुमान लगाया जा रहा है कि एक ही बाइक सवार साइको किलर के द्वारा इन सभी घटनाओं को अंजाम दिया गया है । फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है, एवं सभी घायलों का विभिन्न जगहों पर इलाज चल रहा है ।
  • बेगूसराय गोली कांड के बाद राज्य पुलिस मुख्यालय ने पटना, समस्तीपुर, खगड़िया, नालंदा, लखीसराय में अलर्ट जारी कर दिया। सभी जिले के एसपी को निर्देश दिया गया है कि अपने अपने जिले की नाकाबंदी कर सगन तलाशी अभियान चलाया और पुलिस की विशेष पेट्रोलिंग रखें बेगूसराय के डीआईजी और एसपी को निर्देश दिया गया है कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करें।
  • एसपी ने 10 लोगों पर गोलीबारी की की पुष्टि । एक की मौत 9 इलाजरत। सूत्रों के हवाले से 13 लोगों के घायल होने की सूचना। जिले के चार थाना क्षेत्र में अपराधियों ने दिया था घटना को अंजाम।

अनुमान लगाया जा रहा है कि एक ही बाइक सवार साइको किलर के द्वारा इन सभी घटनाओं को अंजाम दिया गया है । फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है, एवं सभी घायलों का विभिन्न जगहों पर इलाज चल रहा है ।

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बेगूसराय गोली कांड के बाद राज्य पुलिस मुख्यालय ने पटना, समस्तीपुर, खगड़िया, नालंदा, लखीसराय में अलर्ट जारी कर दिया। सभी जिले के एसपी को निर्देश दिया गया है कि अपने अपने जिले की नाकाबंदी कर सगन तलाशी अभियान चलाया और पुलिस की विशेष पेट्रोलिंग रखें बेगूसराय के डीआईजी और एसपी को निर्देश दिया गया है कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करें।

एसपी ने 10 लोगों पर गोलीबारी की की पुष्टि । एक की मौत 9 इलाजरत। सूत्रों के हवाले से 13 लोगों के घायल होने की सूचना। जिले के चार थाना क्षेत्र में अपराधियों ने दिया था घटना को अंजाम।

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मुंगेर में डेंगू के तीन मरीजों की पुष्टि, स्वास्थ महकमा में हड़कंप

मुंगेर में सरकारी तौर पे अभी तीन डेंगू मरीजों की पुष्टि की गई है । जिनका एलाइजा जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई । पर कई निजी क्लिनिको में कम प्लेटलेट वाले डेंगू के संभावित मरीज अभी की इलाजरत है ।

संभावित डेंगू मरीजों का प्लेटलेट्स अचानक कम हो जाने के कारण सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में ऐसे मरीजों को प्लेटलेट्स की डिमांड काफी बढ़ गई है। जिस कारण ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स के लिए आपाधापी मची है।

पिछले तीन दिनों में कम प्लैटीलेट्स वाले 17 लोगों को ब्लड बैंक से 17 यूनिट प्लेटलेट्स उपलब्ध कराया जा चुका है। बता दें कि डेंगू बीमारी का सबसे बड़ा लक्षण शरीर में प्लेटलेट्स का लगातार कम होना है। और इसमें सबसे अहम भूमिका निभाता है मुंगेर सदर अस्पताल परिसर में स्थित ब्लड कंपोनेंट सेप्रेटर यूनिट (ब्लड बैंक) जो को ब्लड से प्लेटलेट को अगल कर मरीजों को उपलब्ध करा उसकी जान बचाता है।

ब्लड बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार डेंगू ने पूरी तरह मुंगेर में अपना दस्तक दे चुकी है । हालांकि सरकारी आंकड़े अभी काफी कम है । यही वजह है की ब्लड बैंक सिर्फ मुंगेर ही नहीं बल्कि जिले के आए पास के जिलों के लिए भी एक वरदान की तरह साबित हो रहा है। 24*7 की तर्ज पे कार्यरत रेड क्रॉस के मार्गदर्शन में कार्यरत ब्लड बैंक के इंचार्ज डॉक्टर फैज बताते है की। ।

डेंगू के पुष्टि होने के बाद मुंगेर ब्लड बैंक के द्वारा लगातार विभिन्न ग्रुपों का प्लेटलेट बनाया जा रहा है। होल ब्लड से ज्यादा प्लेटलेट अभी बना के रखा जा सकता है क्योंकि की प्लेटलेट की आयु मात्र पांच दिन ही होती है । अभी ब्लड बैंक के पास 12 यूनिट प्लेटलेट , 33 यूनिट पैक्ट RBC , 38 यूनिट होल ब्लड है । जिससे अभी डेंगू सहित अन्य मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा । साथ ही कहा की अगर डेंगू के केस बढ़ते है तो मुंगेर ब्लड बैंक इससे निपटने और मरीजों को प्लेटलेट उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है ।

लड़कियों के फोटो एडिट कर करता था ब्लैकमेल, पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

मुजफ्फरपुर से छात्रा के फोटो से छेड़छाड़ कर ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित छात्रा के पिता के शिकायत पर आरोपित युवक मृत्युंजय कुमार को समस्तीपुर के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के कमला बरबट्टा स्थित आवास से दबोचा है। साथ ही उसके पास से मोबाइल भी जब्त किया है।

पूछताछ में मृत्युंजय एक शातिर अपराधी और आर्म्स तस्कर चंदन कुमार का भाई निकला. बताया जाता है कि मृत्युंजय भी आर्म्स तस्करी से जुड़ा हुआ है. इसके मोबाइल में पॉर्न वीडियो, एडिटेड पॉर्न वीडियो, फोटो और कई बड़े से छोटे हथियार के तस्वीर मिले है. उस संबंध में पुलिस की विशेष टीम छापेमारी के साथ उससे गहनता से पूछताछ करने में जुटी है।

पुलिस की जांच में उसने बताया कि वह एक एप के माध्यम से लड़कियों के व्हाट्सएप नंबर जुटाता था.फिर उस नंबर से लड़कियों के फोटो को डाउनलोड करता था.उसे नग्न लड़की और औरत के फोटो के साथ एडिट करता और पुन: उस लड़की को वह फोटो भेजकर ब्लैकमेलिंग करता. उससे रुपये की उगाही करता. ऐसा वह एक दर्जन से अधिक छात्राओं को ब्लैकमेलिंग कर वसूली कर चुका है।

सदर थाना के दरोगा मणि भूषण कुमार ने बताया कि फेसबुक वाले मामले में एक लड़की के द्वारा शिकायत मिली थी.जिसमे एक unknown नंबर से लड़की के घर वालो के whatsapp पर उक्त लड़की का एडिटिंग किया हुआ फोटो भेजा जा रहा था. उस नंबर के संबंध में अनुसंधान किया गया तो उक्त नंबर समस्तीपुर ज़िले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्रबके मृत्युंजय कुमार का निकला. लोकेशन ट्रैक करके उस लड़के को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ के क्रम में लड़का ने बताया कि गूगल voice command के जरिए कई लड़कियों का नंबर निकालता था.उसके बाद फोटो को एडिटिंग कर अश्लील बना देता था.उसके बाद लड़कियों को फोटो भेज कर ब्लैक मेल करता था और पैसा की उगाही करता था.पैसा नही देने के एवज में फोटो वायरल करने कि धमकी भी देता था.उसे जेल भेजा जा रहा है।

छपरा में स्कॉर्पियो से घूम रहे बकरी चोर, मामला सामने आने के बाद अचंभे में लोग

छपरा में हाई प्रोफाइल चोर घूम रहे हैं ।स्कॉर्पियो से बकरी चोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।चोरी की बकरी से लदी स्कॉर्पियो छोड़ चोर फरार हो गए। लोगों की सूचना पर पुलिस ने स्कोर्पियो से 10 बकरी बरामद किया है।

गड़खा थाना क्षेत्र के अख्तियारपुर चौक के पास यूपी नंबर वाहन से चोर कहीं से बकरी चोरी करके ले जा रहे थे। रात में गाड़ी खराब हो गई जिसके बाद चोर अख्तियारपुर चौक पर सड़क पर ही स्कॉर्पियो को छोड़कर फरार हो गए।

स्थानीय लोगों ने वाहन में बकरी को देखकर पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी को थाना लाई तथा बकरी को बाहर निकाला।

प्रभारी मंत्री के साथ ही जिले के अधिकारियों पर जमकर बरसी नवादा विधायक; सर्किट हाउस में अफरा-तफरी का बन गया माहौल

जेडीयू और आरजेडी की सरकार बने अभी महीना ही गुजरा है, लेकिन रोज नया बखेड़ा सामने आ रहा है। आज फिर
नवादा सर्किट हाउस में एक अजीब सा नजारा देखने को मिला जहां नवादा से राजद की विधायक विभा देवी बिहार के उद्योग मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री समीर कुमार महासेठ के साथ-साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों पर जमकर बरस पड़ी।

नवादा सर्किट हाउस में विधायक के भड़कने के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।प्रभारी मंत्री जिस वक्त जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ जिले की समीक्षा बैठक कर रहे थे उसी दौरान बैठक के बीच में ही विधायक सभागार भवन खोलकर अचानक रौद्र रूप धारण कर मंत्री और अधिकारियों पर बरस पड़ी।तस्वीर में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि किस तरह से विधायक विभा देवी ने काली और दुर्गा का रूप धारण कर लिया था।

दरअसल इस सभी के पीछे वजह यह है कि विधायक अपने एमएलसी के साथ मंत्री के इंतजार में सुबह से ही बैठी हुई थी।उसी सर्किट हाउस के एक अन्य कमरे में विधायक,एमएलसी अपने समर्थकों के साथ मंत्री के अगवानी में बैठी हुई थी। मगर इस दौरान मंत्री उन्हें बिना बताए बैठक में चले गए जो विधायक को नागवार लगा।

सुबह 9:00 बजे से ही आज उनका इंतजार कर रही थी। मंत्री के आगमन का समय सर्किट हाउस में 1:00 बजे था। मगर कई घंटों की देरी से आज वहां वह पहुंचे और अपने विधायकों को बिना खोजे वह जिला प्रसाशन के अधिकारियों के साथ बैठक करने के लिए सभागार में पहुंच गए। बस इसी बात को लेकर विधायक विभा देवी ने आज जमकर बवाल काटा मौके पर जो भी उनके सामने आया विधायक ने उसे खरी-खोटी सुनाई। बाद में जब उनका गुस्सा ठंडा हुआ तो उन्होंने बताया कि मंत्री से उन्हें कोई नाराज़गी नहीं है। गलती इसमें जिलाधिकारी की है। उन्होंने मंत्री को विधायक के मौजूदगी की सूचना नहीं दी और दरवाजे बंद कर बैठक में शामिल हो गई।

वही इस पूरे प्रकरण पर उद्योग मंत्री सह प्रभारी मंत्री से सवाल पूछा गया तो वह सवाल से बचते दिखे और अलग ही कहानी कहने लगे।बहरहाल विधायक के रौद्र रूप को देखकर हर कोई हतप्रभ रह गया और कुछ देर तक पूरे सर्किट हाउस में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।

पटना हाईकोर्ट ने पटना के दानापुर स्थित बीएस कॉलेज में बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं कराए जाने के मामले पर सुनवाई की

सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी कोर्ट में उपस्थित थे। चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने संजय करोल की खंडपीठ ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी से जानना चाहा कि अब तक उक्त कॉलेज की फेंसिंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं में संतोषजनक प्रगति क्यों नहीं हुई ?

इस पर कोर्ट में उपस्थित एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने बताया कि कॉलेज में छात्राओं के शौचालय बनाने का काम चल रहा है और फेंसिंग के लिए राशि निर्धारित करने के लिए स्क्रीनिंग कमिटी विचार कर रही है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जल्द ही इन कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा ।

उन्होंने बताया कि राज्य में ऐसे कॉलेजों की संख्या 270 से ज्यादा है, ऐसे में बजट में आवंटित राशि के अनुरूप व्यय का अनुपात काफ़ी ज़्यादा है।

इस पर कोर्ट ने शिक्षा विभाग के चीफ सेक्रेटरी को राज्य के कॉलेजो में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने हेतु रूपरेखा तैयार कर कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है । कोर्ट ने बीएस कॉलेज में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु काम की प्रगति में तेज़ी लाने का भी निर्देश दिया है ।

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सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी अधिवक्ता स्मृति सिंह ने कोर्ट को जानकारी दी कि कॉलेज की चहारदीवारी बनाने हेतु केवल राशि का आकलन किया गया है, जो कि 1 करोड़ 10 लाख है । याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद ने खंडपीठ को बताया कि क़ालेज़ में बुनियादी सुविधाओं उपलब्ध कराये जाने के लिए अभी तक कोई भी राशि आवंटित नहीं कराई गई है।

कालेज में बुनियादी सुविधाएँ नहीं होने से छात्राओं को काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन मुहैया कराने के लिए कॉलेज परिसर में वेंडिंग मशीन भी लगाया जाना चाहिए।

इस मामले की अगली सुनवाई 13अक्टूबर,2022 को होगी ।

पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में सरकारी ठेकेदारों को बड़ी राहत देते हुए 6 महीने के भीतर उनके निर्विवाद दावों के करने हेतु दिशानिर्देश जारी किया

चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने इस मामलें निर्णय देते हुए इस निर्णय की प्रति को अविलम्ब राज्य के मुख्य सचिव को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सरकारी अफ़सर केवल उन गिने चुने ठेकेदारों के ही बकाए बिल का भुगतान करते हैं, जिनमे उनका स्वार्थ निहित है।

कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि किसी भी विभाग के समक्ष सरकारी ठेकेदारों का दावा यदि बनता है, तो उस दावे या अभ्यावेदन का निपटारा उस संबंधित विभाग को छह माह के भीतर करना होगा।कोर्ट ने रघोजी हाउस ऑफ़ डिस्ट्रीब्यूशन की याचिका पर सुनवाई की।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रत्युष प्रताप सिंह ने खंडपीठ को बताया कि याचिकाकर्ता को 2017 में सोनपुर मेले में टेंट इत्यादि लगाने का कार्य राज्य सरकार द्वारा सौंपा गया था। लेकिन पाँच वर्ष बीत जाने के बाद भी याचिकाकर्ता के 21 लाख रुपये बकाए का भुगतान राज्य सरकार नहीं कर रही है।

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इसके लिए याचिकाकर्ता ने कई बार विभाग को अभ्यावेदन दिया ,लेकिन उनके द्वारा न तो कोई जवाब दिया गया और न तो दावे के का निपटारा किया गया ।इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करे कि जिन मामलों निर्विवाद दावे प्रस्तुत किए गए हैं,उसका निपटारा भी शीघ्र किए जाने हेतु संबंधित विभागों को आदेश पारित करना चाहिए।

ऐसा निर्णय लेने के लिए अधिकृत व्यक्ति को उचित अवधि के भीतर आवश्यक कार्य करने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए।

जो सामान्य रूप से, जब तक कि कानून अन्यथा निर्धारित न करें, ऐसे दावे की प्राप्ति की तारीख से छह महीने से अधिक नहीं होना चाहिए । कोर्ट ने अपने फ़ैसले में बिहार लिटिगेशन पॉलिसी को लागू करने पर भी जोर दिया है।

बिहार के मधुबनी में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में 4 युवकों की मौत

मधुबनी । बिहार के मधुबनी में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में 4 युवकों की मौत । सेट्रिंग खोलने के लिए टैंक में घुसे थे सभी युवक,
दुम घुटने से मौत होने की आशंका।

हरलाखी थाना के हरने गांव की घटना।

बेगूसराय साइको किलर केस लेटेस्ट अपडेट

Begusarai Psycho Killer Case Live Updates:

चौथा आरोपी मौर्य एक्सप्रेस से आज सुबह 3 बजे गिरफ्तार ।
राँची भाग रहा था केशव तीन जिले की पुलिस झाझा रेलवे स्टेशन से ट्रेन से पकड़ा।
बेगूसराय पुलिस जल्द करेगी खुलासा ,बड़ी साजिश का नतीजा है यह घटना।

जमुई- बेगूसराय गोली कांड का एक और आरोपी गिरफ्तार
आरोपी का नाम केशव बताया जा रहा । गुप्त सूचना के आधार पर झाझा थानाध्यक्ष ने मौर्य एक्स ट्रेन से सफर कर रहे आरोपी को गिरफ्तार कर बेगूसराय पुलिस के हवाले किया ।

  • हमलावारो के करीब पहुंची पुलिस… दो हमलावार पुलिस हिरासत मे।
  • सूत्रों के अनुसार घटना को साजिश के तहत अंजाम दिया गया है. अपराधी साइको नहीं बल्कि कुख्यात है। 24 घंटे के अंदर होगा मामले का खुलासा।
  • इस घटना का कोई चश्मेदीद नहीं है इसलिए पुख्ता सुराग की तलाश मे पुलिस।
  • फॉरेनसिक के साथ साथ साइबर सेल की भी ली जा रही है मदद। अब तक 30 किलोमीटर के दायरे मे डेढ़ सौ मोबाईल नंबर के डाटा डंप कर उसका analysis किया गया है।
  • पटना से फॉरेंसिक टीम पहुंची बेगूसराय। अभी प्रथम घटनास्थल बछवाड़ा प्रखंड के गोधना में कर रही है जांच पड़ताल।
  • बिहार पुलिस ने जारी किया बेगूसराय गोली कांड के अपराधियों का सीसीटीवी तस्वीर; जानकारी देने वालों को इनाम देने की घोषणा ।
CCTV image of killer
  • बेगूसराय के घटना के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव और राज्य के पुलिस महानिदेशक को किया तलब
  • दोनों अधिकारियों के साथ बैठक हुई बैठक के बाद दोनों अधिकारी निकले बाहर बैठक में बेगूसराय की घटना के बारे में मुख्यमंत्री ने फीडबैक लिया है और पूरे मामले में अपने अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया है
  • बेगूसराय गोली कांड के विरोध में विपक्ष के निशाने पर सरकार, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया सड़क जाम।
  • नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा मरीजों से मिलने बेगूसराय सदर अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने मरीजों से मुलाकात की एवं परिजनों से भी बातचीत किया।
  • एस पी योगेंद्र कुमार ने उठाया सख्त कदम। गस्ती में मौजूद 7 पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से एसपी योगेंद्र कुमार ने किया निलंबित।
  • भाजपा ने किया आज विरोध में बेगूसराय बंद का ऐलान। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी आज आएंगे बेगूसराय । परिजनों से मुलाकात के साथ-साथ बंद का भी करेंगे समर्थन । मंगलवार की शाम बाइक सवार दो अपराधियों ने जिले में चार थाना क्षेत्र में 10 लोगों को मारी थी गोली। एक की हो चुकी है मौत ,9 लोग हैं इलाजरत।
  • अनुमान लगाया जा रहा है कि एक ही बाइक सवार साइको किलर के द्वारा इन सभी घटनाओं को अंजाम दिया गया है । फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है, एवं सभी घायलों का विभिन्न जगहों पर इलाज चल रहा है ।
  • बेगूसराय गोली कांड के बाद राज्य पुलिस मुख्यालय ने पटना, समस्तीपुर, खगड़िया, नालंदा, लखीसराय में अलर्ट जारी कर दिया। सभी जिले के एसपी को निर्देश दिया गया है कि अपने अपने जिले की नाकाबंदी कर सगन तलाशी अभियान चलाया और पुलिस की विशेष पेट्रोलिंग रखें बेगूसराय के डीआईजी और एसपी को निर्देश दिया गया है कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करें।
  • एसपी ने 10 लोगों पर गोलीबारी की की पुष्टि । एक की मौत 9 इलाजरत। सूत्रों के हवाले से 13 लोगों के घायल होने की सूचना। जिले के चार थाना क्षेत्र में अपराधियों ने दिया था घटना को अंजाम।

अनुमान लगाया जा रहा है कि एक ही बाइक सवार साइको किलर के द्वारा इन सभी घटनाओं को अंजाम दिया गया है । फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है, एवं सभी घायलों का विभिन्न जगहों पर इलाज चल रहा है ।

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बेगूसराय गोली कांड के बाद राज्य पुलिस मुख्यालय ने पटना, समस्तीपुर, खगड़िया, नालंदा, लखीसराय में अलर्ट जारी कर दिया। सभी जिले के एसपी को निर्देश दिया गया है कि अपने अपने जिले की नाकाबंदी कर सगन तलाशी अभियान चलाया और पुलिस की विशेष पेट्रोलिंग रखें बेगूसराय के डीआईजी और एसपी को निर्देश दिया गया है कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करें।

एसपी ने 10 लोगों पर गोलीबारी की की पुष्टि । एक की मौत 9 इलाजरत। सूत्रों के हवाले से 13 लोगों के घायल होने की सूचना। जिले के चार थाना क्षेत्र में अपराधियों ने दिया था घटना को अंजाम।

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आज पटना हाईकोर्ट में क्या है खास; इन मामलों की होगी सुनवाई

पटना, 15 सितंबर 2022। पटना हाईकोर्ट में आज इन मामलों की होगी सुनवाई :

1.पटना हाई कोर्ट में पटना के दानापुर स्थित बीएस कॉलेज में बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं कराए जाने के मामले पर सुनवाई की जाएगी।पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए शिक्षा विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को तलब किया था। चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ द्वारा बिंदेश्वर सिंह कॉलेज में बुनियादी सुविधाएँ के अभाव के मामले पर सुनवाई की जा रही है।

2. पटना हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस नरेश कुमार सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए 15 सितंबर, 2022 को पटना हाई कोर्ट में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। सभा का आयोजन पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल के चैम्बर में दोपहर सवा बजे किया जाएगा।

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3. पटना हाईकोर्ट में राज्य के पूर्व एवं वर्तमान सांसदों, विधायकों के विरुद्ध लंबित आपराधिक मुकदमों से सम्बंधित मामलों पर सुनवाई की जाएगी। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ द्वारा इन मामलों पर सुनवाई की जा रही है।

नप गए लाठी चलाने वाले एडीएम के के सिंह, 22 अगस्त को शिक्षक अभ्यर्थियों से की थी बेरहमी

पटना के एडीएम लॉ एंड ऑर्डर केके सिंह तो याद होंगे। वही केके सिंह जिन्होंने खुद लाठी लेकर अभ्यर्थियों पर भांजी थी। शिक्षक अभ्यर्थी की पिटाई मामले में अब उन पर गाज गिरी है। उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया गया है।

वे सरेआम तिरंगा लिए शिक्षक अभ्यर्थी को प्रदर्शन के दौरान लाठी से पिटते नजर आए थे। लाठीचार्ज मामले में एडीएम केके सिंह ने पटना जिला प्रशासन को दिये स्पष्टीकरण में बताया कि 22 अगस्त को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उन्होंने लाठी चलाई थी।

उनका उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना नहीं था। लाठीचार्ज का वीडियो सामने आने के उन पर पटना डीएम ने जांच का आदेश जारी किया था। पटना डीएम ने घटना में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर केके सिंह की जांच के लिए डीडीसी और एसएसपी को दो दिनों का वक्त दिया था। लेकिन जांच पूरी नहीं होने पर जांच टीम ने और वक्त की मांग की थी। अब उन पर जांच पूरी हो गयी है और उन पर कार्रवाई हुई है।

राजधानी पटना में बीते 22 अगस्त को शिक्षक अभ्यर्थियों ने भर्ती में देरी के विरोध में डाकबंगला चौराहा पर सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया और इस लाठीचार्ज का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पटना एडीएम केके सिंह एक प्रदर्शनकारी को डंडे से बेरहमी से पीटते हुए नजर आए थे। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने एडीएम से स्पष्टीकरण की मांग की थी।

साइको किलर का पता बताइए 50,000 इनाम पाइए, बेगूसराय पुलिस ने जारी की साइको किलर की तस्वीर

तीस किलोमीटर तक लगातार फायरिंग करते जाना, और लगभग 10 लोगों को गोली मारना, एक की मौत हो जाना। मंगलवार को हुई इस घटना से लोग सकते में है।

अब बेगूसराय सीरियल फायरिंग मामले में बगूसराय पुलिस ने अपराधियों की सूचना देने वालों के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। साथ ही सूचना देने वालों का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा।

पुलिस ने इसके लिए दो संपर्क नंबर जारी किये हैं। 9431822953 या 9431800011 पर कॉल, एमएमएस और व्हाट्सअप के माध्यम से पुलिस से संपर्क किया जा सकता है।

बेगूसराय पुलिस जोन के डीआईजी ने बताया कि पुलिस ने बेगूसराय कांड के संदिग्ध सीरियल किलर का फोटो जारी किया है। अपराधी नारंगी शर्ट पहने हुए एवं उसके पीछे बैठे संदिग्ध के बारे में जो भी पुलिस को सही सूचना देगा उसे 50000 रुपए का इनाम दिया जाएगा तथा उसकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।

पुलिस को सूचना 9431822953 या 9431800011 पर कॉल, एमएमएस और व्हाट्सअप के माध्यम से माध्यम से दी जा सकती है।

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा पटना के बापू सभागार में 24 सितंबर,2022 को राष्ट्रीय स्तर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा पटना के बापू सभागार में 24 सितंबर,2022 को राष्ट्रीय स्तर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें देश भर के अधिवक्ता शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का उदघाटन भारत के चीफ जस्टिस यू यू ललित करेंगे।

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के जज व भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता समेत प्रत्येक राज्य के बार कॉउंसिल से लगभग 15 प्रतिनिधि कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

बी सी आई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि 23 सितंबर के शाम को राज्य के दूरस्थ स्थानों से आने वाले अधिवक्ताओं के लिए पटना में रहने और खाने की व्यवस्था की गई है। उन्हें किसी प्रकार की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़े इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।

औपचारिक रूप से कार्यक्रम 24 सितंबर को सुबह साढ़े नौ बजे से कार्यक्रम शुरू होगा।ये तीन घंटे तक चलेगा।

इसके बाद लंच ब्रेक होगा। अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रशिक्षण का कार्यक्रम होगा।

श्री मिश्रा ने अधिवक्ताओं से अपील किया है कि वे सुबह नौ बजे तक कार्यक्रम स्थल जरूर पहुंच जाएं, न
ताकि उन्हें प्रवेश में कठिनाई नहीं हो। दस वर्षो तक के अनुभव रखने वाले अधिवक्ता सेमिनार और प्रशिक्षण दोनों में भाग लेंगे।

उन्होंने इस बात को लेकर भी स्पष्ट किया कि लगता है कि कुछ भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है कि सिर्फ दस वर्षों का अनुभव रखने वाले अधिवक्ता ही कार्यक्रम में भाग लेंगे, ऐसी कोई बात नहीं है। उन्होंने राज्य भर के सभी अधिवक्ताओं व अधिवक्ता प्रतिनिधियों से इस कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर भाग लेने के लिए अपील किया है।

बिहार पुलिस ने जारी किया बेगूसराय गोली कांड के अपराधियों का सीसीटीवी तस्वीर

बेगूसराय । बेगूसराय के एसपी योगेंद्र कुमार ने व्हाट्सएप ग्रुप में जारी किया अपराधियों का सीसीटीवी तस्वीर । जानकारी देने वालों को इनाम देने की घोषणा।

मंगलवार की शाम बाइक सवार दो अपराधियों ने जिले में चार थाना क्षेत्र में 10 लोगों को मारी थी गोली। एक की हो चुकी है मौत ,9 लोग हैं इलाजरत।

राज्य में सांप्रदायिक दंगे,चुनावी,जातिगत और सामूहिक हिंसा के दौरान हुए संपत्ति नुकसान का राज्य सरकार द्वारा उचित मुआवजा देने के मामलें पर सुनवाई की

चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने आफताब आलम की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के गृह विभाग के प्रधान सचिव को अभ्यावेदन देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने मामलें को निष्पादित कर दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अलका वर्मा ने कोर्ट को बताया कि इस तरह की हिंसा में संपत्ति की नुकसान होने पर राज्य सरकार ने अधिकतम मुआवजा की राशि मात्र ढाई लाख रुपये रखी है।राज्य सरकार ने 10 सितम्बर, 2013 को एक प्रस्ताव पारित कर ये निर्णय लिया।

अधिवक्ता वर्मा ने कोर्ट को बताया कि इस प्रकार की हिंसा में होने वाली संपत्ति की नुकसान की राशि काफी बड़ी होती हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुआवजा की अधिकतम राशि ढाई लाख रुपये रखा जाना अपर्याप्त हैं।

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उन्होंने कोर्ट को बताया कि नरीमन कमिटी के अनुशंसा के अनुसार इस तरह की हिंसा में संपत्ति के हुए नुकसान के आकलन के बाद उन्हें पूरी राशि दी जानी चाहिए।सुप्रीम कोर्ट ने इस सम्बन्ध में स्पष्ट निर्देश 2009 में ही दिया जा चुका है।

इस तरह की दंगे,हिंसा और संपत्ति की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी होती हैं। अगर सरकार द्वारा संपत्ति की रक्षा नहीं हो पाती है, तो प्रभावित पक्षों को पूरी राशि मुआवजा के रूप देना चाहिए, न खानापूरी होनी चाहिये।

पटना हाईकोर्ट में राज्य के पूर्व एवं वर्तमान सांसदों, विधायकों के विरुद्ध लंबित आपराधिक मुकदमों से सम्बंधित मामलों पर सुनवाई कल तक टली

चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ द्वारा इस मामलें पर सुनवाई की जा रही है।

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को महाधिवक्ता ललित किशोर ने बताया कि वर्तमान और पूर्व एमपी व एमएलए के विरुद्ध 78 आपराधिक मामलों में 12 मामलों पर आरोप पत्र और 4 मामलों पर अंतिम प्रपत्र दायर किया जा चुका है।उन्होंने कोर्ट को बताया था कि 280 मामलों में कुल 481 गवाहों का परिक्षण किया जा चुका है |

पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर ने बताया था कि वर्तमान व पूर्व एमपी और एमएलए के विरुद्ध कुल 598 आपराधिक मुकदमें लंबित है, जिसमें अधिकतर केस में अनुसंधान पूरा हो गया है।

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लगभग 78 आपराधिक मुकदमों में अनुसंधान लंबित है। इस मामले पर अगली सुनवाई 15 सितम्बर,2022 को होगी ।