होली का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन इस दौरान कई बार दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं भी घटित होती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, बिहार की राजधानी पटना के सभी बड़े अस्पतालों को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है। पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (पीएमसीएच) से लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) तक, सभी जगहों पर इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत किया गया है।
होली के दौरान अक्सर आंखों में रंग जाने, त्वचा की एलर्जी, सड़क हादसे या फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ जाते हैं। इसे देखते हुए, नेत्र रोग, हड्डी रोग और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों को 3 से 5 मार्च तक अस्पताल में ही रहने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, सभी अस्पतालों में कुल 85 से अधिक बेड होली से जुड़े हादसों के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
पटना के चारों बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पतालों— पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एनएमसीएच और एम्स में विशेष इंतजाम किए गए हैं। इन अस्पतालों में वार रूम तैयार किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह और आईजीआईएमएस के डॉ. मनीष मंडल ने स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी सेवाओं में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
इसके अलावा, पूरे शहर में एंबुलेंस की तैनाती इस तरह की गई है कि किसी भी कॉल पर कम से कम समय में रिस्पांस दिया जा सके। अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं और वेंटिलेटर की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर ली गई है ताकि गोल्डन ऑवर में मरीजों की जान बचाई जा सके।
होली के दिन अगर आपको या आपके किसी परिचित को कोई मेडिकल इमरजेंसी महसूस होती है, तो घबराने के बजाय सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क करें। पीएमसीएच कंट्रोल रूम के लिए 06122300080 पर कॉल कर सकते हैं, वहीं आईजीआईएमएस के लिए 9473191807 और पटना एम्स के लिए 06122451070 नंबर जारी किए गए हैं। सिविल सर्जन कार्यालय भी पूरे समय सक्रिय रहेगा। स्वास्थ्य विभाग की सलाह है कि रंगों के साथ सावधानी बरतें और किसी भी परेशानी की स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क कर तुरंत चिकित्सीय सहायता प्राप्त करें।
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