किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार के ठिकानों पर हुई छापेमारी में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों को बड़ी मात्रा में संपत्ति और निवेश से जुड़े कागजात मिले हैं, जिनमें सिलीगुड़ी में चाय बागान और नोएडा में फ्लैट भी शामिल हैं। इसके अलावा, उनके पास से कई महंगी घड़ियां, क्रेटा और थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी मिली हैं।
जांच में पता चला है कि गौतम कुमार ने कई संपत्तियां अपने नाम के अलावा अन्य लोगों के नाम पर भी ले रखी थीं। इनमें उनकी पत्नी पूनम देवी और उनकी महिला मित्र शगुफ्ता शमीम के नाम पर भी संपत्तियां हैं। शगुफ्ता शमीम के घर से ही 7 जमीन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, जिनकी कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है।
पूर्णिया में उनका करीब 3600 वर्गफीट में बना चार मंजिला मकान भी आया है, जिसकी कीमत लगभग 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। छापेमारी के दौरान उनके पास से पटना में नर्सिंग होम खोलने से जुड़े कागजात भी बरामद हुए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने सिलीगुड़ी में चाय बागान में निवेश किया है और नोएडा और गुड़गांव में भी संपत्ति खरीदी है। इसके अलावा, बीमा में निवेश और कई अन्य आर्थिक दस्तावेज भी मिले हैं। सरकारी आवास से 1 लाख 37 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
जांच में उनके कथित तौर पर कोयला, शराब, सुपारी तस्करों और लॉटरी माफिया से संबंध होने की भी जानकारी मिली है। फर्जी सिम कार्ड के इस्तेमाल के संकेत भी मिले हैं। इस मामले में उनकी पत्नी और महिला मित्र को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
अब जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है। यह मामला बिहार की पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
किशनगंज एसडीपीओ गौतम कुमार की संपत्ति के मामले में जांच एजेंसियों की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में और भी आरोपी सामने आ सकते हैं और आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।