मझौलिया और बेतिया स्टेशनों के बीच बनी नई डबल रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है, और अब इस ट्रैक पर ट्रेनों को चलाने से पहले 25 मार्च को हाई-स्पीड ट्रायल किया जाएगा। रेलवे के मुताबिक, यह ट्रायल सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा, जिसमें ट्रेन को तेज गति से चलाकर ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा की जांच की जाएगी। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो जल्द ही इस रूट पर ट्रेनों का नियमित संचालन शुरू हो जाएगा।
इस नई डबल लाइन का सबसे बड़ा फायदा मुजफ्फरपुर और बापूधाम मोतिहारी के रास्ते दिल्ली जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। अभी तक सिंगल लाइन होने की वजह से ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए रुकना पड़ता था, जिससे देरी होती थी। लेकिन अब डबल लाइन बनने से ट्रेनें समय पर चलेंगी और यात्रियों का सफर आसान होगा।
इसके अलावा, इस रूट पर अब ज्यादा मालगाड़ियां और नई एक्सप्रेस ट्रेनें भी चलाई जा सकेंगी, जिससे रेलवे की क्षमता बढ़ेगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने एक स्पेशल ट्रेन चलाने का भी फैसला किया है, जो अमृतसर-न्यू तिनसुकिया रूट पर चलाई जाएगी।
यह स्पेशल ट्रेन 22 मार्च को अमृतसर से और 26 मार्च को न्यू तिनसुकिया से चलाई जाएगी और छपरा, बलिया और वाराणसी जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। रास्ते में कई बड़े शहरों में इसका ठहराव रहेगा, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। इस ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए जाएंगे, जिसमें एसी फर्स्ट क्लास, सेकंड क्लास, थर्ड एसी, स्लीपर और जनरल डिब्बे शामिल होंगे।
रेलवे की यह दोनों पहल नई डबल लाइन और स्पेशल ट्रेन उत्तर बिहार के यात्रियों के लिए बड़ी राहत और सुविधा लेकर आने वाली हैं। इस नए रूट पर ट्रेनें 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जिससे यात्रियों का सफर और भी तेज हो जाएगा।
इस नई डबल लाइन के बनने से उत्तर बिहार के लोगों को न केवल ट्रेन यात्रा में सहूलियत मिलेगी, बल्कि यह रेलवे की क्षमता को भी बढ़ावा देगी। यह परियोजना उत्तर बिहार के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी और यहां के लोगों को बेहतर यात्रा सुविधाएं प्रदान करेगी।
नई डबल लाइन और स्पेशल ट्रेन के शुरू होने से उत्तर बिहार के लोगों में खुशी की लहर है और वे इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए उत्सुक हैं। यह परियोजना न केवल यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि यह उत्तर बिहार के विकास में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।