बिहार में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत वित्त वर्ष 25-26 में 225 मिलियन मैनडे सृजित किए गए हैं। यह जानकारी एक आधिकारिक सूत्र ने दी है। मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए यह योजना क्रियान्वित की जा रही है। इस योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों को 100 दिनों का रोजगार प्रदान किया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। बिहार में मनरेगा के तहत सृजित मैनडे की संख्या में वृद्धि से ग्रामीण श्रमिकों को लाभ होगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकेगा।
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बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेज प्रताप यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सम्राट चौधरी को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में समर्थन देने का एलान किया है। यह घोषणा तेज प्रताप यादव द्वारा की गई है, जो लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र हैं और राजद के एक प्रमुख नेता हैं।
इस घोषणा से बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है, जहां दो विरोधी दलों के नेता एक साथ आकर राज्य के विकास के लिए काम कर सकते हैं। तेज प्रताप यादव ने कहा है कि वे सम्राट चौधरी को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में समर्थन देने के लिए तैयार हैं, जो एक बड़ा बदलाव हो सकता है और राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया गठबंधन बिहार की राजनीति में क्या परिवर्तन ला सकता है और क्या यह राज्य के विकास में मददगार साबित हो सकता है। तेज प्रताप यादव के इस बयान से राजद और भाजपा के बीच एक नए युग की शुरुआत हो सकती है, जहां दोनों दल एक साथ मिलकर राज्य के विकास के लिए काम कर सकते हैं।
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 से पहले कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार से आये एक युवक को गिरफ्तार किया है. यह युवक अत्याधुनिक हथियारों के जखीरे के साथ पकड़ा गया है, जिसमें देशी कट्टे और 7एमएम पिस्तौल शामिल हैं. इसके साथ ही बड़ी संख्या में कारतूस भी बरामद हुए हैं.
एसटीएफ को पहले ही मिल गयी थी गुप्त सूचना कि स्ट्रैंड रोड इलाके में हथियारों की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है. इस सूचना के बाद से ही एसटीएफ की टीम तमाम संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी. बुधवार को दिन में 12:15 बजे के आसपास स्ट्रैंड रोड में फुटपाथ पर एक सुलभ शौचालय के पास संदिग्ध अवस्था में खड़े युवक को देखा गया. उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए अधिकारियों ने उससे पूछताछ की, जिसमें उसने भागने की कोशिश की. एसटीएफ की टीम ने उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से घातक हथियारों का जखीरा बरामद हुआ.
गिरफ्तार युवक की पहचान मोहम्मद यूसुफ के रूप में हुई है, जो बिहार के नालंदा जिले के शेखाना गांव का निवासी है. आरोपी को बृहस्पतिवार को बैंकशाल कोर्ट में पेश किया जायेगा. कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स के प्रमुख वी सोलोमन नेशा कुमार ने बताया कि एसटीएफ की टीम को कुछ दिन पहले ही इसकी सूचना मिली थी कि स्ट्रैंड रोड इलाके में हथियारों की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है.
बंगाल पुलिस की एसटीएफ के अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी हथियार कहां ले जा रहा था और उसकी सप्लाई किसको करनी थी. आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1बी)(ए)/29 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह हथियार कोलकाता में किसे सप्लाई करने के लिए नालंदा से कोलकाता लाये गये थे और इसके पीछे कहीं कोई अंतरराज्यीय गिरोह तो नहीं है.
बिहार में भूमि माफिया के खिलाफ पुलिस की कड़ी कार्रवाई जारी है, जिसमें कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की ओर से भूमि माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अवैध भूमि कब्जों को रोकना और न्याय दिलाना है। इस गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, क्योंकि इसमें कई राजनीतिक हस्तियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और उन्हें जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई बिहार में भूमि माफिया के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगी।
बिहार में एक नाबालिग को स्ट्रैंड रोड पर हथियार और गोला-बारूद के साथ पकड़ा गया है। यह घटना तब सामने आई जब पुलिस ने इलाके में एक अभियान चलाया था। नाबालिग की उम्र अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि वह हथियार और गोला-बारूद के साथ पकड़े जाने के समय अपने साथी के साथ था। पुलिस ने बताया कि उन्हें इलाके में हो रही अवैध गतिविधियों की जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने यह अभियान चलाया था।
पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नाबालिग के पास से बरामद हथियार और गोला-बारूद की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह इन्हें किससे प्राप्त किया था। इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस ने कहा है कि वे जल्द ही इस मामले में और जानकारी सार्वजनिक करेंगे।
मुंबई पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर गुलामी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए बिहार के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह रैकेट झारखंड के नौकरी चाहने वालों को निशाना बनाकर उन्हें विदेशों में गुलामी के लिए तस्करी कर रहा था। इस मामले में मुंबई पुलिस ने एक विस्तृत जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है।
इस रैकेट के तार विदेशों से जुड़े हुए हैं और यह झारखंड के युवाओं को नौकरी के झांसे में फंसाकर उन्हें विदेशों में गुलामी के लिए तस्करी कर रहा था। मुंबई पुलिस ने इस मामले में साइबर सेल की मदद से आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद, मुंबई पुलिस ने बताया कि यह रैकेट काफी समय से चल रहा था और इसमें कई लोग शामिल थे। पुलिस ने आगे कहा कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं और जांच जारी है। इस मामले में झारखंड पुलिस की भी मदद ली जा रही है ताकि इस रैकेट के सभी तारों को पकड़ा जा सके।
गर्मी के मौसम में लोगों को राहत देने वाले मिट्टी के घड़े और सुराही एक बार फिर से लोकप्रिय हो गए हैं। बलुआ बाजार में लोग इन मिट्टी के बर्तनों की खरीदारी कर रहे हैं ताकि वे भीषण गर्मी से बच सकें। मिट्टी के घड़े और सुराही पारंपरिक रूप से गर्मी के मौसम में पानी को ठंडा रखने के लिए उपयोग किए जाते हैं, और वे अब फिर से लोगों की पहली पसंद बन गए हैं।
बलुआ बाजार में मिट्टी के घड़े और सुराही की मांग में वृद्धि देखी जा रही है, क्योंकि लोग इन बर्तनों की उपयोगिता और पारंपरिक महत्व को समझने लगे हैं। मिट्टी के घड़े और सुराही न केवल पानी को ठंडा रखते हैं, बल्कि वे पर्यावरण के अनुकूल भी होते हैं और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने में मदद करते हैं।
इस बढ़ती मांग को देखते हुए, बलुआ बाजार में मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगरों को अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने का अवसर मिला है। वे विभिन्न प्रकार के मिट्टी के घड़े और सुराही बना रहे हैं, जो न केवल कार्यात्मक होते हैं, बल्कि आकर्षक भी होते हैं।
गर्मी के मौसम में मिट्टी के घड़े और सुराही की लोकप्रियता में वृद्धि एक अच्छा संकेत है, क्योंकि यह पर्यावरण के प्रति जागरूकता और पारंपरिक तरीकों की सराहना को दर्शाता है।
बिहार में वाहन मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार ने 52 लाख वाहन मालिकों को अल्टिमेटम दिया है कि वे एक महीने के भीतर अपने वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगवाएं। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया है कि साल 2019 से पहले रजिस्टर्ड सभी वाहनों में HSRP लगाना अनिवार्य है।
वाहन मालिक अपने नजदीकी आथोराइज्ड डीलर या एजेंसी के पास जाकर HSRP लगवा सकते हैं। इसके अलावा, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) कार्यालय से संपर्क कर भी पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना डेटा अपडेट कराएं और नियमों का पालन करें।
अगर तय समय सीमा के भीतर HSRP नहीं लगवाई गई, तो वाहन मालिकों पर सख्त कार्रवाई होगी। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 और 50 के तहत कार्रवाई की जाएगी और 5,000 रुपया से 10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एक खास तरह की एल्युमिनियम प्लेट होती है, जिसमें कई सुरक्षा फीचर्स होते हैं। इसमें 10 अंकों का यूनिक लेजर कोड, नीले रंग का अशोक चक्र होलोग्राम और छेड़छाड़ करना बेहद मुश्किल होता है। यह प्लेट अपराध रोकने में मदद करती है और वाहन की पहचान भी सुरक्षित और ट्रैक करने योग्य बनाती है।
सरकार का साफ संदेश है कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द अपने वाहनों में HSRP लगवाएं और नियमों का पालन करें।
बिहार के व्यापारियों ने बताया कि राज्य में मखाना व्यापार पर भारी संकट पड़ा है, जिससे पिछले एक महीने में 500 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। मखाना व्यापारियों का कहना है कि यह नुकसान कई कारणों से हुआ है, जिनमें बाजार में मांग की कमी, उत्पादन में कमी और सरकारी समर्थन की कमी शामिल है।
मखाना व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने बताया कि मखाना बिहार की एक प्रमुख फसल है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान करती है। लेकिन पिछले एक महीने में मखाना की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है।
व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि वह मखाना व्यापार को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाए और व्यापारियों को समर्थन प्रदान करे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार मखाना व्यापार को समर्थन नहीं देती है, तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 करोड़ 17 लाख की हेरोइन जब्त की है और दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सीमा पर एसएसबी की बढ़ती चौकसी का परिणाम है, जो तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए काम कर रही है।
एसएसबी के जवानों ने सीमा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो तस्करों को पकड़ लिया और उनके पास से बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की। यह हेरोइन 2 करोड़ 17 लाख की कीमत की बताई जा रही है, जो इस क्षेत्र में एसएसबी द्वारा की गई सबसे बड़ी जब्ती में से एक है।
एसएसबी के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई सीमा पर बढ़ती तस्करी की गतिविधियों को रोकने के लिए की गई है। एसएसबी ने सीमा पर अपनी चौकसी बढ़ा दी है और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता है और इससे सीमा पर तस्करी की गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी। एसएसबी के जवानों ने अपनी बहादुरी और सतर्कता का परिचय देते हुए यह कार्रवाई की है, जो उनकी पेशेवर क्षमता को दर्शाती है।
असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुए मतदान में सुबह 9 बजे तक असम में 17.87%, पुडुचेरी में 17.41% और केरल में 16.23 फीसदी मतदान हुआ है। इन तीनों राज्यों में एक ही चरण में मतदान हो रहा है, जिसमें असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों पर एक साथ मतदान हो रहा है।
असम विधानसभा चुनाव में 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के इरादे से मैदान में उतरी है, जबकि कांग्रेस 2016 में हारने के बाद फिर से सरकार बनाना चाहती है। केरल विधानसभा चुनाव में 883 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 2.71 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम, केरल और पुडुचेरी के लोगों से अपने प्रदेश में विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान शुरू होने के साथ, मैं असम के लोगों से बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील करता हूं।
केरल विधानसभा चुनाव में राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने पथानामथिट्टा के अनाप्पारा सरकारी स्कूल में अपना वोट डाला, जबकि केरल के मुख्यमंत्री और धर्मदम सीट से CPI(M) उम्मीदवार पिनाराई विजयन ने धर्मदम के पिनाराई RC अमला बेसिक यूपी स्कूल स्थित बूथ नंबर 194 पर अपना वोट डाला। मतदान शाम पांच बजे तक जारी रहेगा और चुनाव के नतीजे चार मई को आएंगे।
बिहार भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य में मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया जारी है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी घटक दलों के बीच इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए में मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कोई मतभेद नहीं है और सभी दल नीतीश कुमार के नेतृत्व में लिए जा रहे फैसलों का समर्थन कर रहे हैं। नवीन ने यह स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही राज्य में सारे फैसले लिए जा रहे हैं और एनडीए के सभी घटक दल उनके नेतृत्व में एकजुट हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में आयोजित एक जनसभा में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मतदाताओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम कटने के पीड़ितों को अपने वोट के माध्यम से बदला लेना चाहिए।
ममता बनर्जी ने अमित शाह पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाने के पीछे उनका हाथ है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है, तो सीधे मुकाबला करें, पीठ पीछे वार न करें। उन्होंने न्यायाधिकरण में अपील करने का भी आग्रह किया जिनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
ममता बनर्जी ने ईवीएम और बूथ एजेंटों को लेकर सतर्कता का निर्देश दिया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और बूथ एजेंटों को 4 मई (मतगणना की तारीख) तक चौबीसों घंटे सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर जान-बूझकर ईवीएम मशीनें खराब की जा सकती हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मशीनों की मरम्मत की बजाय उन्हें तुरंत बदलने की मांग करें।
ममता बनर्जी ने वक्फ एक्ट और एनआरसी पर कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बंगाल में एनआरसी के नाम पर किसी भी हाल में डिटेंशन कैंप नहीं बनने देंगी। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अगर मतदाता सूची में घुसपैठिए थे, तो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री उन्हीं के वोटों से कैसे जीते? उन्हें पहले इस्तीफा देना चाहिए।
ममता बनर्जी ने प्रशासन और तबादलों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा लगभग 500 अधिकारियों के तबादले पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह नियंत्रण केवल चुनाव तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के रिश्तेदारों को बंगाल में तैनात किया गया है, जबकि राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है। उन्होंने विकास कार्यों के ठप होने के लिए भी आयोग की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
उत्तर बिहार के बॉर्डर इलाकों में बन रहे इंडो-नेपाल बॉर्डर सड़क प्रोजेक्ट का काम आखिरी दौर में पहुंच गया है। यह सड़क पश्चिम चंपारण से शुरू होकर पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया होते हुए किशनगंज के गलगलिया तक जाएगी। इस सड़क के बनने से सीमांचल, मिथिलांचल और चंपारण इलाके के लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा।
बिहार में इस सड़क की कुल लंबाई करीब 554 किलोमीटर है, जिसमें से 531 किलोमीटर से ज्यादा का काम पूरा हो चुका है। कई जगहों पर पुल और पुलिया का काम भी अंतिम चरण में है। किशनगंज जिले में करीब 80 किलोमीटर सड़क बनाई जानी है, जहां तेजी से काम चल रहा है। यह सड़क भारत-नेपाल सीमा के समानांतर बन रही है, जिससे सीमा सुरक्षा बल के जवानों को आने-जाने में आसानी होगी और बॉर्डर पर निगरानी मजबूत होगी।
इस सड़क के बनने से आम लोगों के अलावा सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा फायदा होगा। इससे तस्करी और अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी और भारत और नेपाल के बीच व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो इस साल के अंदर यह सड़क पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगी।
इस सड़क के बनने से पूरे इलाके की तस्वीर बदल सकती है और विकास को नई रफ्तार मिलेगी। यह सड़क सिर्फ बिहार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। इससे लोगों की जिंदगी आसान होगी और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस सड़क के बनने से सीमांचल, मिथिलांचल और चंपारण इलाके के लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। इससे इन इलाकों में आने-जाने की सुविधा बेहतर होगी और लोगों की जिंदगी आसान होगी। इस सड़क के बनने से पूरे क्षेत्र में विकास को नई रफ्तार मिलेगी और लोगों की जिंदगी में सुधार होगा।
इस सड़क प्रोजेक्ट के पूरे होते ही बिहार के 7 जिलों को जोड़ने वाली यह सड़क लोगों के लिए खोल दी जाएगी। इससे लोगों को बड़ा फायदा होगा और पूरे क्षेत्र में विकास को नई रफ्तार मिलेगी। यह सड़क प्रोजेक्ट बिहार के लिए एक बड़ा कदम है और इससे पूरे राज्य में विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इस सड़क के बनने से बिहार के लोगों को बड़ा फायदा होगा और पूरे क्षेत्र में विकास को नई रफ्तार मिलेगी। यह सड़क प्रोजेक्ट बिहार के लिए एक बड़ा कदम है और इससे पूरे राज्य में विकास को बढ़ावा मिलेगा।
बिहार के नालंदा जिले में एक बड़े अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। यह कार्रवाई नालंदा पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की संयुक्त टीम द्वारा की गई है। इस दौरान पीके गन हाउस समेत आधा दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की गई है, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
इस छापेमारी के दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे और यह ऑपरेशन तीन घंटे से अधिक समय तक चला। नालंदा पुलिस और एनआईए की टीम ने मिलकर यह कार्रवाई की है, जो अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
नालंदा जिले में अवैध हथियार तस्करी की खबरें पहले भी आई हैं, लेकिन इस तरह का बड़ा नेटवर्क पहली बार पकड़ा गया है। यह छापेमारी नालंदा पुलिस और एनआईए की संयुक्त टीम द्वारा की गई है, जो अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है।
इस मामले में अधिक जानकारी का इंतजार है, लेकिन इतना तय है कि यह कार्रवाई अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ एक बड़ा कदम है। नालंदा पुलिस और एनआईए की टीम ने मिलकर यह कार्रवाई की है, जो बिहार में अपराध नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस छापेमारी के दौरान पकड़े गए अवैध हथियारों और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि यह अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही अधिक जानकारी सामने आएगी।
इस मामले में नालंदा पुलिस और एनआईए की टीम को बधाई दी जा रही है, जिन्होंने मिलकर यह कार्रवाई की है। यह कार्रवाई अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है और इसके परिणामस्वरूप अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस छापेमारी के बाद आगे क्या होता है और कौन लोग इसके पीछे शामिल पाए जाते हैं। यह मामला बिहार के अपराध नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण मामला है और इसके परिणामस्वरूप राज्य में अपराध की दर में कमी आने की उम्मीद है।
बिहार में मौसम की स्थिति में बदलाव आया है, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ६ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट बारिश और वज्रपात के लिए जारी किया गया है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। आईएमडी की ओर से जारी statement में कहा गया है कि अगले २४ घंटों में इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात होने की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार, जिन ६ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वे हैं पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, खगड़िया, मुंगेर और बेगूसराय। इन जिलों में अगले २४ घंटों में ५० मिमी से अधिक बारिश होने की संभावना है, जिससे जगह-जगह पानी भरने की संभावना है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें और सावधानी बरतें।
बिहार में मौसम की स्थिति में बदलाव के कारण, राज्य सरकार ने भी अलर्ट जारी किया है। सरकार ने जिला प्रशासन को सावधानी बरतने और आवश्यकतानुसार राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को भी सलाह दी जा रही है कि वे अपने आसपास के क्षेत्र में होने वाली घटनाओं पर नजर रखें और आवश्यकतानुसार मदद के लिए सरकारी एजेंसियों से संपर्क करें।
आईएमडी की ओर से जारी अलर्ट के बाद, जिला प्रशासन ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने अपने अधिकारियों को सावधानी बरतने और आवश्यकतानुसार राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को भी सलाह दी जा रही है कि वे अपने घरों में सुरक्षित रहते हुए मौसम की स्थिति पर नजर रखें।
बिहार में मौसम की स्थिति में बदलाव के कारण, परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। रेलवे और सड़क परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी हो सकती है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा करने से पहले मौसम की स्थिति की जांच कर लें।
आईएमडी की ओर से जारी अलर्ट के बाद, बिहार सरकार ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने अपने अधिकारियों को सावधानी बरतने और आवश्यकतानुसार राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को भी सलाह दी जा रही है कि वे अपने घरों में सुरक्षित रहते हुए मौसम की स्थिति पर नजर रखें। बिहार सरकार ने यह भी कहा है कि वह मौसम की स्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यकतानुसार मदद के लिए तैयार है।
मुजफ्फरपुर जिले के केशोपुर गांव में एक बड़ा हादसा हुआ, जहां एक के बाद एक सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई। इस आग की चपेट में आकर 18 से अधिक घर जलकर राख हो गए। बताया जा रहा है कि आग चूल्हे की चिंगारी से लगी, जिसने तेजी से फैलकर आसपास के घरों में भी अपना प्रभाव डाला।
आग की घटना इतनी भयानक थी कि पूरे गांव में दहशत फैल गई। लोगों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि उन्हें अपने घरों से बाहर निकलने का समय भी नहीं मिला। आग के कारण हुए नुकसान का आकलन करें तो यह 20 लाख रुपये से अधिक है।
दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पाने के लिए तुरंत काम शुरू किया। दो जिलों की दमकल टीमें मौके पर पहुंची और ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दमकल विभाग की टीमों ने अपनी त्वरित कार्रवाई से आग को और फैलने से रोकने में सफलता प्राप्त की।
आग की इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन आसपास के घरों में रखे सामान और घरों को बड़ा नुकसान हुआ है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है, लेकिन दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई ने बड़ा हादसा होने से बचा लिया।
नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद से पद छोड़ने के बाद भी अब भी उन्हें Z+ सुरक्षा कवर मिलेगा। उनके इस सुरक्षा कवर में उन्हें एसपीजी कवरेज मिलेगा, जो सिर्फ देश के तीन सबसे महत्वपूर्ण नेताओं को मिलता है। इसके पीछे जो कारण है वह यह है कि उन्हें पहले से ही Z+ सुरक्षा कवर मिल रहा था और उन्होंने इसी सुरक्षा कवर के लिए आवेदन किया था।
बिहार के मुख्यमंत्री पद को छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार राज्य में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा है कि वह राज्य में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल की सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं, जिसके लिए उन्होंने दिनेश चंद्र गुप्ता को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया है।
सुरक्षा कवर की प्रक्रिया को लेकर कई लोगों की नींद उड़ गई है, खासकर उन लोगों की जो शायद कभी सोच नहीं सकते थे कि कोई नीतीश कुमार जैसा व्यक्ति उनके जैसा हुआ करते समय उन्हें Z+ सुरक्षा कवर के लिए आवेदन करेगा। इसके बावजूद भी सुरक्षा कवर दिया जाना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जो सभी राजनीतिक दिशाओं
बिहार में राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के कारण जमीन से संबंधित विभिन्न सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे राज्य में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस हड़ताल के कारण 40 लाख से अधिक मामले लंबित हो गए हैं, जिनमें जमीन के मालिकाना हक, जमीन की खरीद-फरोख्त और अन्य संबंधित मामले शामिल हैं। राजस्व अधिकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल पर जाने का फैसला किया है, जिससे राज्य की अदालतों और कार्यालयों में काम प्रभावित हुआ है।
राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के कारण लोगों को अपने जमीन संबंधी कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को अपनी जमीन के मालिकाना हक के लिए अदालतों में मामले दर्ज करने हैं, लेकिन हड़ताल के कारण वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा, जमीन की खरीद-फरोख्त के मामलों में भी दिक्कतें आ रही हैं, क्योंकि राजस्व अधिकारियों की अनुपस्थिति में आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
बिहार सरकार ने राजस्व अधिकारियों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। राजस्व अधिकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया है और सरकार से अपनी मांगें मानने की अपील की है। सरकार और राजस्व अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है।
राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के कारण बिहार की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। जमीन से संबंधित विभिन्न सेवाओं के प्रभावित होने से व्यावसायिक गतिविधियों में भी दिक्कतें आ रही हैं। कई व्यवसायी और उद्यमी अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए जमीन की खरीद-फरोख्त करना चाहते हैं, लेकिन हड़ताल के कारण वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।
बिहार सरकार को राजस्व अधिकारियों की मांगों पर जल्द से जल्द ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि लोगों को अपने जमीन संबंधी कामों के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार को राजस्व अधिकारियों के साथ बातचीत में समझौता करना चाहिए और उनकी मांगों को मानना चाहिए, ताकि राज्य में व्यवस्था सामान्य हो सके।
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार भूमि पोर्टल को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग ने आवेदनों के निष्पादन के लिए लागू की गई FIFO (First In First Out) व्यवस्था को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। यह फैसला 30 जून 2026 तक लागू रहेगा, जिसका उद्देश्य प्राथमिकता वाले मामलों को तेजी से निपटाना है।
FIFO व्यवस्था क्या है और क्यों रोकी गई?
FIFO व्यवस्था के तहत, पोर्टल पर आवेदनों का निपटारा ‘पहले आए, पहले पाएं’ के आधार पर किया जाता था। लेकिन अब इस व्यवस्था को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, ताकि जरूरी और संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता दी जा सके। इससे अधिकारियों को जरूरी फाइलों पर पहले काम करने की सुविधा मिलेगी।
SC-ST मामलों और शिकायतों को मिलेगी प्राथमिकता
विभाग ने साफ किया है कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) से जुड़े भूमि मामलों के त्वरित निपटारे के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा, ‘भूमि सुधार जन कल्याण संवाद’ के तहत मिलने वाली शिकायतों और आवेदनों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
30 जून 2026 तक बढ़ाई गई समय सीमा
पहले इस व्यवस्था को 31 मार्च 2026 तक के लिए स्थगित किया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दिया गया है। विभाग ने कहा है कि इस अवधि के बाद पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और जरूरत के अनुसार FIFO को फिर से लागू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
इस आदेश की जानकारी बिहार के सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों (DM), अपर समाहर्ताओं और अंचलाधिकारियों को भेज दी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि नए नियम के तहत प्राथमिकता वाले मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन सुनिश्चित करें।
NIC को तकनीकी बदलाव के निर्देश
विभाग ने नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) को भी पोर्टल में जरूरी तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नई व्यवस्था लागू करने में किसी तरह की दिक्कत न हो और आवेदनों का निष्पादन सुचारू रूप से चलता रहे।
लोगों को क्या होगा फायदा?
इस फैसले से उन लोगों को राहत मिलेगी जिनके मामले लंबे समय से लंबित हैं, खासकर SC-ST वर्ग और जन शिकायतों से जुड़े आवेदनों को तेजी से निपटाया जा सकेगा। इससे प्रशासनिक कामकाज में भी गति आएगी और लोगों को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।
पटना पुलिस ने एक बड़े मोबाइल चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो शहर के अलग-अलग इलाकों से मोबाइल चोरी कर उन्हें रक्सौल बॉर्डर तक पहुंचाता था और वहां से नेपाल में खपाता था। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 55 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी पटना के विभिन्न क्षेत्रों से मोबाइल चोरी कर उन्हें सड़क के रास्ते रक्सौल बॉर्डर तक ले जाते थे और वहां से नेपाल में खपाते थे। पुलिस को शक है कि बॉर्डर पार करने के बाद ये मोबाइल नेपाल में बेचे जाते थे, जिससे ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती थी।
पटना सेंट्रल एसपी दीक्षा के अनुसार, 30 मार्च को पुलिस को सूचना मिली थी कि सचिवालय हॉल्ट के पास मोबाइल स्नेचिंग गिरोह के सदस्य एक्टिव हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया और दो संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके बैग से 22 मोबाइल फोन बरामद हुए।
पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने पटना और पूर्वी चंपारण के रक्सौल बॉर्डर इलाके में छापेमारी की और 33 और मोबाइल फोन बरामद किए। इस पूरे मामले में रवि कुमार, रौशन कुमार, साजन और आदित्य समेत कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चोरी के मोबाइल नेपाल में आसानी से खपाए जाते हैं क्योंकि वहां इन फोन का IMEI नंबर ट्रैक नहीं हो पाता। यही वजह है कि ऐसे मामलों में मोबाइल को ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है और अपराधी लंबे समय तक बच निकलते हैं।
हाल ही में जक्कनपुर इलाके से भी इसी तरह का एक गिरोह पकड़ा गया था, जो बस के जरिए चोरी के मोबाइल रक्सौल भेजता था और वहां से नेपाल सप्लाई करता था। इससे साफ है कि यह एक संगठित नेटवर्क के तहत काम कर रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इस खुलासे के बाद पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी में है।
बिहार के सहरसा और खगड़िया जिलों में 1967 के बाद सबसे भीषण आंधी और ओलावृष्टि आई है, जिसमें आधे घंटे के भीतर व्यापक तबाही मच गई। यह तूफान इतना विनाशकारी था कि उसने क्षेत्र में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया, घरों को क्षतिग्रस्त किया और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित कर दी।
आंधी और ओलावृष्टि के कारण क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति भी बाधित हुई, जिससे लोगों को कई घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन ने तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू किया है, लेकिन अभी तक नुकसान का पूरा आंकड़ा नहीं लगाया जा सका है।
सहरसा और खगड़िया जिलों में तूफान के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे सड़कों पर यातायात बाधित हो गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि तूफान इतना तेज था कि उसने उनके घरों को भी हिला दिया और कई जगहों पर बिजली के खंभे भी गिर गए।
बिहार सरकार ने तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए एक टीम भेजी है, जो प्रभावित लोगों को आवश्यक सामग्री और सहायता प्रदान कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे तूफान के दौरान सावधानी बरतें और अपने घरों में ही रहें।
बिहार में शराबबंदी को लेकर सियासी बहस एक बार फिर तेज हो गई है। मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह द्वारा शराबबंदी खत्म करने की मांग उठाए जाने के बाद नीतीश सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने उन्हें नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बोलने से पहले शराबबंदी के सकारात्मक पहलुओं पर भी चर्चा होनी चाहिए।
अनंत सिंह के बयान से सियासी हलचल में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा था कि बिहार में शराबबंदी अपने उद्देश्य में सफल नहीं हुई है और राज्य में आज भी शराब की खपत जारी है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि शराबबंदी के बाद सूखे नशे का चलन तेजी से बढ़ा है।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने अनंत सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी नेता को इस मुद्दे पर बोलने से पहले शराबबंदी के फायदे भी बताने चाहिए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी और सूखे नशे को एक नजर से नहीं देखा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन समाधान और संतुलित चर्चा भी जरूरी है।
दिलीप जायसवाल ने कहा कि शराबबंदी को लेकर केवल आलोचना ही नहीं, बल्कि इसके अच्छे प्रभावों पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बहस संतुलित होनी चाहिए, ताकि सही दिशा में निर्णय लिया जा सके।
बिहार में साल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके तहत राज्य में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इस कानून का उद्देश्य समाज में सुधार और अपराधों में कमी लाना था।
हालांकि, शराबबंदी के बाद राज्य में अवैध शराब के धंधे और पड़ोसी राज्यों व नेपाल से तस्करी बढ़ने की बात सामने आती रही है। वहीं, शराब नहीं मिलने के कारण सूखे नशे का प्रचलन भी बढ़ा है, खासकर युवाओं के बीच, जो चिंता का विषय बन गया है।
यह पहली बार नहीं है जब शराबबंदी पर सवाल उठे हैं। विधानसभा के पिछले बजट सत्र में भी विपक्ष के साथ-साथ कुछ सत्तापक्ष के विधायकों ने इस कानून की समीक्षा की मांग की थी। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया था कि फिलहाल शराबबंदी खत्म करने का कोई इरादा नहीं है।
बिहार सरकार ने नर्सिंग कॉलेजों के लिए समयबद्ध डिजिटल अनुमोदन प्रणाली शुरू की है, जिससे इन संस्थानों को अनुमोदन प्राप्त करने में आसानी होगी। यह प्रणाली डिजिटल रूप से काम करेगी, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता आएगी। इस प्रणाली के माध्यम से, नर्सिंग कॉलेजों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुमोदन प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जिससे वे अपने कार्यों को सुचारु रूप से चला सकें। यह कदम बिहार में स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा देने और नर्सिंग सेवाओं को सुधारने में मदद करेगा।
बिहार में वित्त वर्ष 2025-26 में कर संग्रह में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, यह जानकारी अधिकारियों ने दी है। राज्य के वित्त विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वित्त वर्ष में कर संग्रह में वृद्धि हुई है, जो राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार का संकेत देती है। अधिकारियों का कहना है कि कर संग्रह में यह सुधार राज्य सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों और नीतियों का परिणाम है, जिन्होंने राज्य के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद की है। इस वित्त वर्ष में कर संग्रह में सुधार से राज्य सरकार को अपने विकास परियोजनाओं और कार्यक्रमों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
पटना विश्वविद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे का मामला अब पुलिस के पास पहुंच गया है। पीरबहोर थाने में दर्ज की गई शिकायत के बाद छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर समेत 6 छात्रों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया गया है, जबकि 30-35 अज्ञात छात्रों को भी आरोपी बनाया गया है।
यह शिकायत कार्यक्रम में ड्यूटी पर तैनात प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी विरेन्द्र चौधरी ने दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि छात्रों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, हंगामा किया और विधि-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले ही माहौल गर्म हो गया था, जब करीब 15-20 छात्र कार्यक्रम स्थल के पास पहुंचे और विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया और शिलापट्ट पर कुलपति का नाम नहीं है। देखते ही देखते अन्य छात्र भी मौके पर पहुंच गए और भीड़ बढ़कर 30-35 तक हो गई।
हंगामा कर रहे छात्रों को शांत कराने के लिए पुलिस और मजिस्ट्रेट ने समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र नहीं माने। आरोप है कि छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कार्यक्रम में बाधा डाली और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी की। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को चोट लगने की बात सामने आई है।
इस मामले में कुलपति अजय कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पदाधिकारी ने आरोप लगाया है कि मौके पर मौजूद कुलपति ने छात्रों को रोकने या समझाने की कोई कोशिश नहीं की। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि छात्रों को कुलपति का अप्रत्यक्ष समर्थन मिल रहा था।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान पटना विश्वविद्यालय के नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवनों का उद्घाटन किया। 147.29 करोड़ रुपये की लागत से बने ये भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। प्रशासनिक भवन G+8 और एकेडमिक भवन G+9 है। उद्घाटन के बाद प्रशासनिक भवन में विश्वविद्यालय का मुख्यालय शिफ्ट किया जाएगा।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार की सुबह पटना के वाल्मी परिसर स्थित बिपार्ड स्किल पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों से मुलाकात की और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का गुर दिया। मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि यदि वे मन लगाकर तकनीकी कौशल प्राप्त करेंगे, तो उन्हें रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिपार्ड स्किल पार्क के विभिन्न क्लास रूम में दाखिल होकर छात्रों से संवाद शुरू किया और उनकी पढ़ाई और तकनीकी प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि वे मन लगाकर तकनीकी कौशल प्राप्त करेंगे, तो उन्हें रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने बिपार्ड स्किल पार्क की व्यवस्थाओं को देखते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने हिमाद्री छात्रावास और अन्य आवासीय सुविधाओं का भी जायजा लिया और अधिकारियों से कहा कि पूरे परिसर को न केवल व्यवस्थित रखें, बल्कि यहां रहने वाले छात्रों की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखें।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध करा रही है और इसका लाभ सीधे छात्रों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत आला अधिकारियों की मौजूदगी में सरकार के विजन को दोहराया।
बिहार सरकार ने युवाओं को आधुनिक और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पित है और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह दौरा बिहार सरकार के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के प्रयासों को दर्शाता है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस दौरे से युवाओं में एक新的 उमंग और उत्साह का संचार हुआ है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में घोषणा की है कि राज्य में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (या PPP) मॉडल के तहत एक नई पहल शुरू की जा रही है, जिसके तहत 24 घंटे पैथोलॉजी सेवाएं दी जाएंगी। इसके अलावा, PPP मॉडल के तहत डोर स्टेप सैंपल कलेक्शन की भी सुविधा उपलब्ध होगी।
इस नई पहल में नीतीश कुमार ने बिहार के स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों पर प्रशंसा जताई है। उन्होंने बताया कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा देगी और मरीजों को समय पर उचित देखभाल मिलेगी। बिहार सरकार ने बताया कि प्रत्येक जिले में पैथोलॉजी सेवाओं का एक विशेष केंद्र बनाया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि यह PPP मॉडल के तहत बिहार की यह पहल, देश के अन्य राज्यों के लिए एक नया मानक प्रकट करेगी। इसको देखते हुए, अन्य राज्य भी PPP मॉडल का उपयोग करने पर विचार करेंगे। इसके अलावा, यह पहल बिहार के स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करेगी। पार्टनरशिप के तहत विशेषज्ञों की टीमें बनाई जाएंगी, जो मरीजों की उचित देखभाल करेंगी।
इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए, ब
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने हाल ही में 10वीं कक्षा के परिणाम घोषित किए थे, जिससे बड़ी संख्या में छात्रों ने रीचेकिंग के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू की है। रीचेकिंग मांगने वाले छात्रों के लिए विंडो खुल गई है, जो बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
बिहार बोर्ड के मुताबिक, रीचेकिंग के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को अपने स्कूलों में जाना होगा और वहां से आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा। आवेदन पत्र में छात्र अपने विवरण और आवश्यक दस्तावेजों को प्रस्तुत करने होंगे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2026 है, जिसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
आवेदन करने के लिए, छात्रों को अपने स्कूलों के पोर्टल पर जाना होगा और वहां से आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा। आवेदन पत्र में छात्र अपने व्यक्तिगत विवरण, पासपोर्ट साइज फोटो और आवश्यक दस्तावेजों को प्रस्तुत करने होंगे। आवेदन पत्र के साथ-साथ छात्रों को अपने स्कूलों के नोटिस बोर्ड पर पोस्ट हो रहे विज्ञापन की जांच भी करनी होगी, जहां विषयों और आवेदन प्रक्रिया
गुजरात, बिहार, 1 अप्रैल 2026 – केंद्रीय रेलवे मंत्रालय ने हाल ही में गुजरात और बिहार में चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसकी कुल लागत लगभग 6,475.8 करोड़ रुपये है। यह परियोजनाएँ न केवल दोनों राज्यों के विकास को गति देने में मदद करेंगी, बल्कि भारत भर के पर्यावरण को भी सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इन परियोजनाओं की घोषणा के साथ, रेलवे मंत्रालय ने अपने विकासात्मक लक्ष्यों की दिशा में एक और कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री ने बिहार में दो परियोजनाओं के शुभारंभ के लिए बृहस्पतिवार को राज्य की यात्रा की थी, जिसमें नाथधारा और भाखरा पुलों के निर्माण सहित क्रमशः 4,600 मीटर और 6,450 मीटर की लंबाई के हैं। दोनों पुल बिहार में बाढ़ प्रबंधन को सुधराने में मदद करेंगे।
इसे संबोधित करते हुए, गृह मंत्री ने कहा, “गुजरात में निर्मित इन परियोजनाओं द्वारा स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी,
बिहार में हाल ही में एक ऐसी घटना आई है जिसका निपटारा समाज ने दिया है और लोगों में दुःख और क्रोध का संचार हुआ है। एक ऐसी मां जिसने अपने पति को मुंडेरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन उसके पति और उसके भतीजे ने उसे चार दिनों बाद सौजना चौधरी बिगड़ती हुई नज़रों से देखा, जिसके बाद उसकी पत्नी और उसके दो बच्चों ने आत्महत्या कर ली।
इस घटना ने पूरे बिहार में कोहराम मचा दिया है। अपनी पत्नी की मृत्यु का पता चलते ही निजाम साह ने मंगलवार को सौजना चौधरी से बार-बार कहा कि उनकी पत्नी और उनके बच्चे कुछ भी समझ नहीं पाए थे कि लोग क्या कर रहे थे।
बाराबंकी से भाग के बाद निजाम साह ने बताया कि उन्होंने क्षेत्राधिकारी विजय सिंह, सामुदायिक अधिकारी प्रताप सिंह और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से सहायता लेने का प्रयास किया था, लेकिन उनके प्रयासों में सफलता नहीं मिली। यह दृश्य पाने के बाद, निज़ाम साह ने कहा: “हमारी स्थानीय विरोधी हमार
एक अजीब मामला बिहार के पटना सिविल कोर्ट में सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अदालत को डराने वाली धमकियां भेजी थीं। अब, पटना पुलिस ने कर्नाटक से एक शख्स श्रीनिवास लुइस को गिरफ्तार किया है, जो इन धमकियों के पीछे था।
पुलिस ने बताया कि लुइस ने अपने लैपटॉप से 1500 से अधिक ईमेल भेजकर सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ाई थी। पटना सिविल कोर्ट ने भी पिछले कुछ महीनों में इसी तरह की धमकियां मिर्ची लगा दी थीं। अब, पुलिस की एक विशेष टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गई है, ताकि यह पता लग जाए कि क्या लुइस ही वाकई विधानसभा और अदालत को डराने वाला शख्स है या कोई और।
खुद पुलिस ने बताया कि लुइस एक बहुत ही शातिर व्यक्ति था, जो कानून की नजरों से बचने के लिए वीपीएन का सहारा लेता था। हालांकि, वहीं एक चूक ने उसका खेल बिगाड़ दिया। जब उसने दिल्ली हाईकोर्ट को डराने वाली ईमेल भेजी, तो उसने वीपीएन का सहारा नहीं लिया, जिससे पुलिस को उसकी पहचान करने में आसानी हो गई।
ओडिशा के बालांगीर जिले में एक दुखद घटना घटित हुई है, जिसमें एक युवक ने सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद इलाज के दौरान जान गंवा दी। घायल युवक का नाम तपन घोष है, जो कि लौंवा गांव से आया हुआ था। दुर्घटना के बाद, तपन को निकटतम अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज शुरू हुआ था। लेकिन हाल ही में इलाज के दौरान तपन घोष की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया।
तपन घोष की मृत्यु की खबर जैसे ही उनके गांव तक पहुंची, वहां के लोगों ने आकro्ष्कार में सड़कों पर उतर आए। लोगों ने गांव में सड़क पर जाम लगा दिया और नेताओं के प्रति नारे लगाने लगे। घटना के बारे में विस्तार से जानने के लिए हम ने स्थानीय पुलिस अधिकारी से बात की। उन्होंने बताया कि दुर्घटना एक सड़क की दुर्घटना थी। जिन लोगों ने दुर्घटना के दौरान मदद की थी उन्होंने बताया है कि तपन घोष को उनकी गाड़ी से टकराते ही जमीन पर गिरने से पहले ही गुरुत्वाकर्षण के कारण उनकी जांघ और घ
बिहार में बिजली बिल बढ़ने की खबरें हाल ही में चल रही हैं। बिजली मंत्रालय ने नई दरें घोषित की हैं, जो सभी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव लाएगा। इन नई दरों के बारे में बेहतर समझने के लिए, आइए हम इसकी विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।
अगर आप साधारण उपभोक्ता हैं, तो आपको 5 इकाई से कम बिजली इस तिमाही में 2.75 रुपये प्रति इकाई की दर से चुकानी होगी जो पिछली दर से 0.25 रुपये प्रति यूनिट कम है। दूसरी तरफ, 5-20 इकाई बिजली इस तिमाही में 3.70 रुपये प्रति इकाई की दर से चुकाना होगा।
इसके अलावा, 20-40 इकाई बिजली के लिए भी बिजली विभाग ने दी गई नई दरें 4.75 रुपये प्रति इकाई की दर है, जो पूरे बिहार में लागू हो जाएंगे।
पटना शहर में अब कचरा फेंकने के तरीके में बदलाव आ गया है। पटना नगर निगम ने 1 अप्रैल 2026 से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को सख्ती से लागू कर दिया है। इसके तहत, हर घर, दुकान और बड़े संस्थानों को कचरा फेंकने के लिए नए नियमों का पालन करना होगा।
नियमों के मुताबिक, अब घरों और संस्थानों में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन रखने होंगे। हरे रंग में गीला कचरा, नीले में सूखा कचरा, लाल में सैनिटरी कचरा और काले में विशेष देखभाल वाला कचरा रखना अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति या संस्थान नियमों का पालन नहीं करता है, तो उन्हें जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके अलावा, यदि कोई सार्वजनिक स्थान, पार्क या निजी मैदान में 100 से ज्यादा लोगों का इवेंट आयोजित किया जाता है, तो आयोजकों को कम से कम तीन दिन पहले नगर निगम को जानकारी देनी होगी। आयोजकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे कार्यक्रम के बाद निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर निगम की गाड़ी को सौंपें।
जिन होटलों, अपार्टमेंट्स या मॉल्स से रोजाना 100 किलो से ज्यादा कचरा निकलता है, उन्हें अब खुद ही उसका निपटारा करना होगा। ऐसे संस्थानों को थोक कचरा उत्पादक की श्रेणी में रखा गया है और उनके लिए निगम के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। होटल, अस्पताल, मॉल और अपार्टमेंट जैसे बड़े संस्थानों के लिए यह नियम और भी सख्त तरीके से लागू किया जाएगा।
नगर निगम ने यह भी कहा है कि सड़क पर कचरा फेंकने या उसे जलाने वालों पर अब ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए भी नजर रखी जा सकती है। इससे शहर में कचरे की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी और लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिलेगा।
जम्मू कश्मीर के गांदरबल जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया, जिसमें एक आतंकवादी को मार गिराया गया। यह ऑपरेशन गांदरबल के अरहामा इलाके में संदिग्ध गतिविधि की सूचना के आधार पर शुरू किया गया था। सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। सेना के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की और एक आतंकवादी को मार गिराया। यह ऑपरेशन अभी भी जारी है और सुरक्षा बल इलाके में आतंकवादियों की तलाश कर रहे हैं।
चिनार कोर ने एक बयान जारी कर कहा कि सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर गांदरबल के अरहामा में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान जवानों ने कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधि देखी, जिन्हें रुकने को कहा गया। लेकिन आतंकवादियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सेना के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की और एक आतंकवादी को मार गिराया।
यह ऑपरेशन 31 मार्च 2026 की रात को शुरू किया गया था, जब सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया था। सेना के जवानों ने आतंकवादियों की गोलीबारी का जवाब दिया और एक आतंकवादी को मार गिराया। सेना ने बयान जारी कर कहा कि ऑपरेशन अभी भी जारी है और सुरक्षा बल इलाके में आतंकवादियों की तलाश कर रहे हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, आगामी 5 दिनों में देश के विभिन्न राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना है। 1 अप्रैल को पूर्वी राजस्थान में बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में बारिश/बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
उत्तराखंड में 3 से 6 अप्रैल के दौरान बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि पंजाब, हरियाणा, चंडिगढ़ और दिल्ली में 3 और 4 अप्रैल को बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भी बारिश की संभावना है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 1 अप्रैल को गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा, झारखंड में 1 और 4 अप्रैल को बारिश की संभावना है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 अप्रैल को बारिश की संभावना है। बिहार में 6 अप्रैल को बारिश की संभावना है, जबकि ओडिशा में 1 अप्रैल से 4 अप्रैल के दौरान बारिश की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से 2 अप्रैल तक ओलावृष्टि और आंधी-तूफान की संभावना है, जबकि गुजरात में 2 और 3 अप्रैल को बारिश की संभावना है। महाराष्ट्र में 1 अप्रैल से 4 अप्रैल के दौरान आंधी-तूफान की संभावना है, जबकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाडा में 1 और 2 अप्रैल के दौरान ओलावृष्टि की संभावना है।
बिहार के किशनगंज जिले में एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जहां डीएसपी गौतम कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की छापेमारी में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि डीएसपी गौतम कुमार के एक महिला दरोगा शगुफ्ता शमीम के साथ पिछले 10 वर्षों से करीबी संबंध थे, जो कि उनके आधिकारिक पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया जा रहा है। इस मामले में ईओयू की छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि डीएसपी गौतम कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए विभिन्न अवैध गतिविधियों में शामिल थे। इस मामले की जांच जारी है और जल्द ही इसके परिणाम सामने आएंगे।
बिहार से गुजरने वाले चारपहिया वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नए वित्तीय वर्ष के लिए टोल टैक्स दरों में वृद्धि की है, जो आज से लागू हो गई है। इस निर्णय के तहत, बिहार में स्थित राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले वाहनों के लिए टोल टैक्स की दरें बढ़ा दी गई हैं। इसके अलावा, फास्टैग नियमों में भी बदलाव किया गया है, जो वाहन चालकों को अपने वाहनों में फास्टैग लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह बदलाव वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उनके यात्रा खर्च में वृद्धि हो सकती है। आइए जानते हैं कि नए नियमों के तहत किस रोड पर कितना शुल्क लगेगा और फास्टैग नियमों में क्या बदलाव किया गया है।
बिहार के एक मौलवी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के बाद माफी मांगी है। हालांकि, इसके बावजूद उन्हें जेल भेज दिया गया है। यह事件 हाल ही में सामने आया है, जब मौलवी ने एक सभा में योगी आदित्यनाथ की माता के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की थी।
इसके बाद, मौलवी ने अपने बयान के लिए माफी मांगी और कहा कि उनका उद्देश्य किसी को भी अपमानित करना नहीं था। लेकिन अदालत ने उनकी माफी को स्वीकार नहीं किया और उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।
यह मामला उत्तर प्रदेश और बिहार के राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। कई नेताओं ने मौलवी के बयान की निंदा की है और कहा है कि ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाले हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपनी चौथी सूची जारी कर दी है, जिसमें 13 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इस सूची में केंद्रीय मंत्री देबश्री चौधरी की पत्नी और पूर्व कांग्रेस नेता संग्राम कुमार मुख्य आकर्षण हैं। भाजपा ने अब तक कुल 287 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जो 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार है।
भाजपा की इस सूची में शामिल उम्मीदवारों में से अधिकांश नए चेहरे हैं, जिन्हें पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए मैदान में उतारा है। इनमें से कुछ नेता हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं, जबकि अन्य लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। भाजपा का उद्देश्य पश्चिम बंगाल में अपनी उपस्थिति को मजबूत करना और राज्य में सत्ता हासिल करना है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की यह चौथी सूची एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिसमें पार्टी ने अपनी रणनीति को स्पष्ट किया है। भाजपा ने अपने उम्मीदवारों का चयन करते समय विभिन्न FACTORों को ध्यान में रखा है, जिनमें स्थानीय समर्थन, नेतृत्व क्षमता, और पार्टी के लिए प्रतिबद्धता शामिल है।
इस सूची के साथ, भाजपा ने अब तक कुल 287 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जो 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा की इस रणनीति का चुनाव परिणाम पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
भाजपा की चौथी सूची के साथ, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उत्सुकता बढ़ गई है। चुनाव में अब कुछ ही दिन शेष हैं, और सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव में कौन सी पार्टी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल होती है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की यह चौथी सूची एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिसमें पार्टी ने अपनी रणनीति को स्पष्ट किया है। भाजपा ने अपने उम्मीदवारों का चयन करते समय विभिन्न FACTORों को ध्यान में रखा है, जिनमें स्थानीय समर्थन, नेतृत्व क्षमता, और पार्टी के लिए प्रतिबद्धता शामिल है।
बिहार के जमुई में एक बड़ी वारदात से इलाके में दहशत फैल गई है. जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग पर लखन धनामा गांव के पास मंगलवार को बाइक सवार बदमाशों ने ई-रिक्शा चालक अशोक यादव की गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सरकार पर तीखा हमला बोला है, कहा है कि अब हर गली में अपराध हो रहा है और बिहार में कोई सुरक्षित नहीं है.
हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश बाइक पर सवार थे और उन्होंने अशोक यादव को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ तीन गोलियां चलाईं. गोली लगते ही अशोक यादव की मौके पर ही मौत हो गई. अशोक यादव ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था, उसकी हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमा हरकत में आ गया और एसडीओ सौरव कुमार, एसडीपीओ सतीश सुमन और सदर थानाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और एफएसएल टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.
फिलहाल हत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चला रही है. इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है.
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जब आम आदमी की सरेआम हत्या होने लगे, तो समझिए हालात बेहद खतरनाक हो चुके हैं. RJD ने आगे कहा कि बिहार में अब आम लोगों का जीवन असुरक्षित हो गया है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.
RJD ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृहमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता की राजनीति में व्यस्त सरकार जनता की सुरक्षा भूल चुकी है. पार्टी ने कहा कि पुलिस तंत्र भी भ्रष्टाचार और नाकामी में डूबा हुआ है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं.
इस जघन्य हत्या के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है. फिलहाल, पूरे मामले पर पुलिस की कार्रवाई जारी है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और अपराधियों को कब तक गिरफ्तार किया जाता है. लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द से जल्द अपराधियों को सजा दिलाएगा और इलाके में फिर से शांति स्थापित होगी.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले बिहार के एक मौलवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी 8 मार्च को दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई है, जिसमें मौलवी पर आरोप था कि उन्होंने एक धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
मौलवी के खिलाफ कई थानों में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिनमें बलिया का बांसडीह कोतवाली थाना भी शामिल था। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मौलवी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था और अलीगढ़ जिले के खैर से बीजेपी विधायक सुरेंद्र दिलेर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मौलवी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
बीजेपी नेता रवि मिश्रा ने पुलिस शिकायत में आरोप लगाया कि बिहार के मौलाना अब्दुल सलीम ने एक मजहबी जलसे के दौरान सीएम योगी और उनकी माता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके अलावा, मौलाना सलीम पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को गौकशी से संबंधित कानून के खिलाफ उकसाने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौलाना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया, जिनमें बलरामपुर, बस्ती, सीतापुर और कानपुर सहित जिले शामिल थे।
मौलाना की गिरफ्तारी के बाद, उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि मौलाना की टिप्पणी ने समाज में तनाव पैदा किया था और उनकी गिरफ्तारी से शांति बहाल होगी।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने मौलाना की गिरफ्तारी के बाद कहा कि वे समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में शिकायत दर्ज कराएं और पुलिस का सहयोग करें।
मामले की जांच जारी है और पुलिस ने कहा कि वे जल्द ही मौलाना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। उत्तर प्रदेश के लोगों को उम्मीद है कि मौलाना की गिरफ्तारी से समाज में शांति और सौहार्द बहाल होगा और ऐसी घटनाएं भविष्य में नहीं होंगी।
किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार के ठिकानों पर हुई छापेमारी में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों को बड़ी मात्रा में संपत्ति और निवेश से जुड़े कागजात मिले हैं, जिनमें सिलीगुड़ी में चाय बागान और नोएडा में फ्लैट भी शामिल हैं। इसके अलावा, उनके पास से कई महंगी घड़ियां, क्रेटा और थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी मिली हैं।
जांच में पता चला है कि गौतम कुमार ने कई संपत्तियां अपने नाम के अलावा अन्य लोगों के नाम पर भी ले रखी थीं। इनमें उनकी पत्नी पूनम देवी और उनकी महिला मित्र शगुफ्ता शमीम के नाम पर भी संपत्तियां हैं। शगुफ्ता शमीम के घर से ही 7 जमीन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, जिनकी कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है।
पूर्णिया में उनका करीब 3600 वर्गफीट में बना चार मंजिला मकान भी आया है, जिसकी कीमत लगभग 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। छापेमारी के दौरान उनके पास से पटना में नर्सिंग होम खोलने से जुड़े कागजात भी बरामद हुए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने सिलीगुड़ी में चाय बागान में निवेश किया है और नोएडा और गुड़गांव में भी संपत्ति खरीदी है। इसके अलावा, बीमा में निवेश और कई अन्य आर्थिक दस्तावेज भी मिले हैं। सरकारी आवास से 1 लाख 37 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
जांच में उनके कथित तौर पर कोयला, शराब, सुपारी तस्करों और लॉटरी माफिया से संबंध होने की भी जानकारी मिली है। फर्जी सिम कार्ड के इस्तेमाल के संकेत भी मिले हैं। इस मामले में उनकी पत्नी और महिला मित्र को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
अब जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है। यह मामला बिहार की पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
किशनगंज एसडीपीओ गौतम कुमार की संपत्ति के मामले में जांच एजेंसियों की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में और भी आरोपी सामने आ सकते हैं और आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पटना हाईकोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेडीयू विधायक अनंत सिंह के भतीजे राजवीर सिंह और करमवीर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है। यह फैसला न्यायाधीश प्रभात कुमार सिंह की एकलपीठ ने सुनाया, जिससे दोनों को गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।
इस मामले में सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता नरेश दीक्षित और अधिवक्ता कुमार हर्षवर्दन ने बचाव पक्ष की ओर से पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अदालत ने राजवीर और करमवीर को अग्रिम जमानत दे दी।
इससे पहले, इसी मामले में 19 मार्च को अनंत सिंह को भी हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिल चुकी है। वह 2 नवंबर 2025 से बेऊर जेल में बंद थे और करीब साढ़े चार महीने बाद उन्हें राहत मिली थी।
दुलारचंद यादव की हत्या 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक गांव में हुई थी। यह घटना चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी और इसने उस समय इलाके में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया था।
राजवीर सिंह और करमवीर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने दुलारचंद यादव को जबरदस्ती गाड़ी से खींच लिया और इसके बाद अनंत सिंह ने जान से मारने की नीयत से गोली चलाई, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में अनंत सिंह, राजवीर और करमवीर समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपियों को राजनीतिक द्वेष के कारण फंसाया गया है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।
अदालत ने जमानत देते हुए स्पष्ट किया कि दोनों अभियुक्तों को जांच में सहयोग करना होगा। यह फैसला दुलारचंद यादव हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
यह मामला अब आगे की जांच और अदालती कार्रवाई के लिए तैयार है। दोनों पक्षों के वकीलों ने अदालत के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है।
बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में पटना के मुसल्लहपुर हाट के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित भव्य शताब्दी समारोह में रोजगार और विकास को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले पांच वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर नौकरियां दी गई हैं और आने वाले समय में रोजगार के और बड़े अवसर पैदा किए जाएंगे।
सम्राट चौधरी ने बताया कि बीते पांच वर्षों में करीब 12 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है, जिसमें 5.5 लाख शिक्षकों की नियुक्ति भी शामिल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बिहार हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार ने आने वाले समय में 1 करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास को गति दी जाएगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने मुसल्लहपुर हाट के विकास के लिए दो से तीन करोड़ रुपये की सहायता देने का ऐलान किया। उन्होंने हाट समिति के अध्यक्ष उत्तम मेहता से कहा कि वे विकास के लिए ठोस योजना बनाएं, सरकार हर संभव सहयोग देगी।
सम्राट चौधरी ने हाट समिति द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि विधवाओं, वृद्धों, दिव्यांगों, मरीजों और मेधावी छात्रों की मदद सराहनीय पहल है। समिति अध्यक्ष उत्तम मेहता ने बताया कि इस हाट की स्थापना 31 मार्च 1927 को हुई थी, जो कि एक ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व का केंद्र है।
पटना, दानापुर: मंगलवार को दिनदहाड़े आरपीएस काली मंदिर रोड स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स पर चार बदमाशों ने हमला कर लगभग चार लाख रुपये के सोने के जेवरात चोरी कर लिए. बदमाशों ने हथियार का उपयोग करके ज्वेलरी शॉप से फायरिंग करते हुए सोने के प्रतिष्ठित आभूषण और नकदी लूट ली.
यह घटना मंगलवार दोपहर लगभग 2-3 बजे के आसपास हुई जब दो बाइक पर सवार चार युवक ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुए. इनमें दो बदमाशों ने हेलमेट और दो ने मास्क पहन रखा था. घुसते ही वे अपने हथियारों से दुकान के मालिक और कर्मचारियों को धमकाकर लूटपाट शुरू कर दिया. बदमाशों ने काउंटर का शीशा तोड़कर सोने के जेवरात लूटे और गोदरेज में रखे आभूषण भी अपने साथ ले गए. उन्होंने तीन लाख का सोने का जेवरात, एक लाख का आभूषण और पांच हजार रुपये नकद लूट लिया।
लूट के दौरान बदमाशों ने ज्वेलरी शॉप से कई फायर लगा दिए, जिससे घटनास्थल पर ही दहशत फैल गई. बदमाशों के साथ देखा गया कि एक अन्य व्यक
बिहार के रोहतास जिले में एक धार्मिक आयोजन के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें लाठियां चलीं और कई लोग घायल हो गए। यह घटना भागवत कथा के दौरान हुई, जो कि एक शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन है। रोहतास पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। गांव के लोग इस घटना से अचंभित हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने वायरल वीडियो और थाने में मिले आवेदन के आधार पर जांच शुरू की है और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार करने की उम्मीद है। यह घटना बिहार में धार्मिक आयोजनों के दौरान बढ़ते तनाव को दर्शाती है और ऐसे आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। यह घटना उनके घर के पास ही हुई, जहां बदमाशों ने उन्हें घात लगाकर मारने के लिए इंतजार कर रहे थे। घटना के समय, बदमाश बाइक पर सवार थे और उन्होंने पीड़ित पर कई गोलियां बरसाईं।
इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दो बदमाश बाइक पर सवार दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है, जिसमें जमीन कब्जे को लेकर हुए विवाद की भी संभावना है। पुलिस अधिकारी इस घटना की जांच में जुटे हुए हैं और जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार करने का दावा कर रहे हैं।
यह घटना बिहार में बढ़ते अपराध की एक और घटना है, जिसमें दिनदहाड़े अपराधी अपने निशाने पर हैं। पुलिस को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे, ताकि लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए, आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने डीआरडीए के निदेशक वैभव कुमार के छह ठिकानों पर छापेमारी की है। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ईओयू की अलग-अलग टीमें सहरसा और मुजफ्फरपुर में छापेमारी कर रही हैं और उनके पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वैभव कुमार पर 2.41 लाख करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। यह छापेमारी बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का एक हिस्सा है और इसका उद्देश्य भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है।