पटना हाईकोर्ट ने राज्य में 2446 दारोगा की बहाली पर रोक लगा दी है, यदि उनकी बहाली नहीं हुई हैं।जस्टिस पी बी बजन्थरी ने सुधीर कुमार गुप्ता व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार व बिहार राज्य सब ordinate पुलिस सर्विस कमीशन से जवाबतलब किया है।कोर्ट को बताया गया कि 268 ऐसे उम्मीदवार हैं,जो प्रारंभिक,मुख्य व शारीरिक परीक्षा में सफल घोषित हुए,लेकिन बाद में उन्हें सफल उम्मीदवार की सूची से बाहर कर दिया गया।
अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि 1 अगस्त,2021 प्रकाशित मेरिट लिस्ट में इन 268।उम्मीद्वारों का नाम था।उस समय कट ऑफ मार्क्स 75.8 रहा।उसके बाद जो सूची जारी हुई,उसमें कट ऑफ मार्क्स 75 था,लेकिन इन 268 उम्मीदवार के नाम सफल अभ्यर्थियों की सूची में नहीं थे।
अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि जब इन उम्मीद्वारों को 75.8 के कट ऑफ मार्क्स पर सफल उम्मीद्वारों की सूची में शामिल थे,लेकिन जब कट ऑफ मार्क्स 75 हो गया,तो इन्हें सफल अभ्यर्थियों की सूची में नहीं शामिल किया गया। इस मामलें पर आगे भी सुनवाई की जाएगी।
पटना हाई कोर्ट ने विभागीय कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन कर आदेश पारित करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के चीफ सेक्रेट्री को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जस्टिस पी बी बजन्थरी ने अनिल कुमार शर्मा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की।।
नवादा में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित रहे याचिकाकर्ता अनिल कुमार शर्मा के ट्रैप केस में पकड़े जाने पर निगरानी विभाग द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई थी।उसी प्राथमिकी को आधार बनाते हुए विभागीय कार्रवाई की गई। लेकिन, चार्ज मेमो के साथ न ही गवाहों की सूची दी गई और न ही कागजातों की सूची आवेदक को दी गई थी।
याचिकाकर्ता के वकील अशोक कुमार ने बताया कि यह बिहार क्लासिफिकेशन कंट्रोल अपील रूल की धारा 17(3) और 17(4) का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है। बगैर नियम का पालन किए ही याचिकाकर्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
इतना ही नहीं, अपीलीय अधिकारी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के द्वारा भी अनिल कुमार शर्मा की बर्खास्तगी के खिलाफ दायर अपीलवाद में उठाए गए बिंदुओं की समीक्षा किए बगैर ही निरस्त कर दिया। यह बिहार क्लासिफिकेशन कंट्रोल अपील रूल 24 का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है।
इसलिए, कोर्ट ने बर्खास्तगी के आदेश और अपील के आदेश को अवैध करार देते हुए याचिकाकर्ता को तत्काल प्रभाव से सेवा में वापसी का आदेश पारित किया।
साथ ही अवैध आदेश पारित करने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का आदेश राज्य सरकार के मुख्य सचिव को दिया हैै। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को निष्पादित कर दिया।
औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह आज जीरो ऑवर में लोकसभा में देश भर के लोगो के से जुड़े महत्वपूर्ण मामला को उठाया सांसद ने कहा कि देश भर के विभिन्न जेलों में लाखों की संख्या में ऐसे बंदी है जिनके ऊपर जो मुकदमे हैं उन मुकदमों के आधार पर उनको जो अधिकतम सजा मिल सकती है
औरंगाबाद सांसद सुशील सिंह ने सदन में विचाराधीन कैदी का मामला उठाया
चाहे वह दो साल का हो या पाँच साल या सात साल का हो या तो मुकदमों की सुनवाई नहीं हुई या उसके फैसले नहीं आए फिर सुनवाई भी हो गई और उनको छुड़ाने वाला कोई नहीं है उनका जमानतदार बनने के लिए कोई तैयार नहीं है ऐसे लोग उनके विरूद्ध मुकदमा के निर्धारित सजा से अधिक दिनों से जेल में है
मेरा आपके माध्यम से इस सर्वोच्च सदन के माध्यम से भारत सरकार से यह निवेदन आग्रह है कि ऐसे लाखों की जेलों में बंद बंदियों को भारत सरकार विभिन्न अवसरों पर चाहे वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी,एवं डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती या पुण्यतिथि या किसी ऐसे विशेष अवसर पर ऐसे बंदियों को रिहा किया जाए
मेरा सरकार से आग्रह होगा कि देश भर से ऐसे कैदियों की सूची बना कर विशेष अवसरों पर क्रमवार तरीके से ऐसे कैदियों की रिहाई सुनिश्चित की जाए सांसद लगातार देश भर के लोगो के हित से जुड़े महत्वपूर्ण मामले को सदन में उठाते रहते है और सदन के माध्यम से भारत सरकार को अवगत कराते रहते है।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी के राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि एन.एच.107 महेशखूंट (खगड़िया) से मारंगा (पूर्णिया) 177.96 कि.मी. जो 1115.23 करोड़ की लागत से बन रहा है वह एक साल विलंब हो गया है और अब दिसंबर 2022 तक पूरा हो सकेगा।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बताया कि एन.एच.107 के पैकेज 1 जो महेशखूंट- चौथम- सोनवर्षा-सिमरी बख्तियारपुर- सहरसा-मधेपुरा 90 कि.मी. है जिसपर 949.26 करोड़ व्यय होना था अभी तक मात्र 17.70 प्रतिशत कार्य हुआ है तथा 152.17 करोड़ व्यय हुए हैं।
पैकेज 2 के अंतर्गत मधेपुरा- मुरलीगंज- जानकीनगर- बनमनखी- बनिया पट्टी-मारंगा (पूर्णिया) 87.96 कि.मी. है में मात्र 16.03 प्रतिशत कार्य हुआ है तथा 1165.97 लागत के विरुद्ध 156.47 करोड़ व्यय हुआ है।
श्री गडकरी ने मोदी को बताया कि ठेकेदार की खराब स्थिति, अभूतपूर्व वर्षा, भूमि अधिग्रहण में विलंब, कोबिड आदि के कारण जो कार्य दिसंबर 2021 में पूरा होना था वह अब एक वर्ष बाद दिसंबर 2022 में पूरा हो सकेगा।
आर्थिक अपराध शाखा (EOU) की टीम ने शराब कारोबारी से मिली भगत के आरोप में वैशाली जिले में लालगंज के थानेदार चंद्रभूषण शुक्ला के ऊपर अपना शिकंजा कस दिया है। इनके 3 ठिकानों पर एक साथ रेड की गई है। EOU की एक टीम लालगंज में है, जो थाने के ऑफिस और वहां के घर को खंगाल रही है।
दूसरी टीम छपरा के घर पर मौजूद है। वहीं, तीसरी टीम सीवान जिले के रघुनाथपुर स्थित पुश्तैनी घर पर छापेमारी कर रही है। लालगंज के थानेदार चंद्रभूषण शुक्ला पर शराब माफियाओं से साठगांठ का आरोप है।
EOU के ADG नैयर हसनैन खान के अनुसार थानेदार चंद्रभूषण शुक्ला लगातार शराब का अवैध धंधा करने वालों की मदद कर रहा था। सरकारी पद पर बैठ कर भ्रष्टाचार में लिप्त था। मदद करने के एवज में उसने मोटी कमाई की है। ब्लैक मनी में जरिए बड़े स्तर पर चल-अचल संपत्ति बनाई है।
इसके कारनामों की जानकारी पुलिस मुख्यालय तक पहुंची। जिसके बाद मामला EOU को सौंपा गया। फिर अंदरूनी तरीके से थानेदार गतिविधियों की जांच कराई गई। इसमें मामला सही पाया गया।
छापेमारी में थानेदार की पत्नी के नाम से बेतिया में एक आवासीय भूखंड एक कृषि भूखंड और पिता के नाम से छपरा में एक आवासीय मकान पाया है जिन्हें खरीदने में 42 लाख से ज्यादा खर्च किया है ।
पत्नी के नाम से बैंक खातों में 11 लाख से ज्यादा जमा किए गए हैं इनके पास से छापेमारी में बीमा पॉलिसियों का प्रीमियम म्यूच्यूअल फंड तथा वाहन क्रय में 34 लाख रुपये से ज्यादा ब्यय किए गए हैं
आर्थिक अपराध इकाई ने छापेमारी में अन्य मदों में 13 लाख रुपये से ज्यादा का ब्यय का सबूत भी पाया है श्री शुक्ला का वेतन अनुसूत्र से करीब 64 लाख की आय है कुल अर्जित परिसंपत्ति 89 लाख 46 हजार पाई गई है शुक्ला की आय से अधिक स्रोतों से करीब 93% अधिक संपत्ति पाई गई है तलाशी में 9 बैंक खातों से संबंधित कागजात दो लॉकर जमीन का दस्तावेज नगद 92 हजार रुपये और कई निवेश के कागजात मिले हैं ।
बिहार में बीजेपी और जदयू के बीच सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है यह विधानसभा सत्र के दौरान खुलकर सामने आ गया आज सदन में जिस तरीके से भ्रष्टाचार और अफरशाही को लेकर बीजेपी विधायक के निशाने पर नीतीश थे उससे यह साफ हो गया कि आने वाले समय में तल्खी और बढ़ेगी।
नीतीश कुमार के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के दावे पर सवाल खड़े करते हुए दरभंगा से बीजेपी के विधायक संजय सरावगी ने सवाल किया कि ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता के पास से 70 लाख से अधिक रुपये बरामद होता है लेकिन उस पर कार्यवाही करना तो दूर उसे छुट्टी पर जाने कि इजाजत दे दी जाती है ।
विधायक के इस सवाल पर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष ने भी कहा कि ये तो सरकार के साख का सवाल है फिर क्या था सदन में जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया और राजद और भाजपा एक साथ भ्रष्ट अभियंता के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग करने लगे।
अभी तक अभियंता पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई इसको लेकर विभागीय मंत्री सदन को संतुष्ट नहीं कर पाये और अंत में विधानसभा अध्यक्ष ने एक जांच कमिटी गठित करने की घोषणा कर दी। इसी तरह अफरशाही को लेकर बीजेपी विधायक हमलावर दिखे स्थिति यह हो गयी कि मुख्यमंत्री को खुद आकर जवाब देना पड़ा हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश मिश्रा पर काफी तल्ख टिप्पणी कर दिये ।
लेकिन इस सब से इतर कल बीजेपी विधायक दल की बैठक में खान एवं भूतत्व मंत्री जनक राम ने आप्त सचिव के यहां छापेमारी की वजह बताया उसको लेकर बैठक में मौजूद विधायक और मंत्री हैरान रह गये ।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी की और मंत्री जनक राम से पुछा गया कि आपके आप्त सचिव के यहां छापामारी हुई है भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं इस पर मंत्री ने कहा कि बालू टेंडर को लेकर विभाग के अधिकारी एक खास कंपनी को मदद करने को लेकर लगातार दबाव बना रहे थे मैं सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आलोक में टेंडर का दर पिछले टेंडर के दर से बढ़ाने का निर्देश दिया ।
लेकिन इसके लिए विभाग तैयार नहीं था और इसी विवाद की वजह से आप्त सचिव के यहां छापा मारा गया हालांकि मंत्री से जब अधिकारिक तौर पर सवाल किया गया तो यह कहते हुए निकल गये कि आप लोगों से बेहतर कौन जान सकता है वैसे इस मामले में सच्चाई क्या है उससे पार्टी को अवगत करा दिये हैं ।
बिहार में बोतल है और बोतल में बिहार है-रवीश कुमार बिहार एक अदृश्य बोतल के आतंक की गिरफ़्त में है। हर कोई सतर्क है कि कहीं बोतल न दिख जाए। बोतल मिल जाने की आशंका में हर किसी को हर जगह बोतल नज़र आ रहा है। हर कोई एक दूसरे के बग़ल में झांक रहा है कि कहीं उसके पास बोतल तो नहीं है।
कोई मिलने आ रहा है तो लोगों की नज़र उसके हाथ और झोले पर है कि कहीं बोतल तो नहीं है। पार्किंग में खड़ी कार देखते ही लोग सहम जा रहे हैं कि डिक्की में बोतल तो नहीं है।
स्टेशन से रिश्तेदार अटैची लिए चले आ रहे हैं, लोग डरने लग जा रहे हैं कि कहीं बोतल तो नहीं है। एक ज़माना था जब दिल्ली में बस की सीट के पीछे लिखा था कि आपकी सीट के नीचे बम हो सकता है। बैठने वाला सीट के नीचे झांकने लगता था। बम देखने लगता था।
उसी तरह बिहार के लोग बोतल देखने लगे हैं। बोतल का नहीं मिलना अब अच्छा माना जा रहा है। विधानसभा के प्रांगण में बोतल मिल गया। इस तरह से हंगामा हुआ, जैसे मंगल ग्रह का एक टुकड़ा आ गिरा हो। सदन के बाहर और भीतर हंगामा मच गया कि बोतल मिल गई है।
हालाँकि बोतल कई चीज़ों की होती है लेकिन बिहार में हर बोतल प्रथम दृष्टया शराब की बोतल ही समझी जा रही है। विधानसभा में बोलते मिलते ही तेजस्वी ट्वीट कर देते हैं कि शराबबंदी फेल हो गई है। किसी ने पी ली है। बस बोतल से सरकार को ठेस लग गई।
मुख्यमंत्री सबको हड़का रहे हैं कि मामूली बात नहीं है कि यहाँ बोतल मिली है। जाँच होगी।स्पीकर महोदय, इजाज़त दीजिए, जाँच करेंगे कि आपके परिसर में बोतल कैसे मिल गई है। ऐसे पूछने पर तो कोई भी ख़ुद पर ही शक करने लगेगा कि भाई कहीं मेरा ही नाम न आ जाए। सदस्य राम राम जपने लगेंगे कि स्पीकर जी इजाज़त मत दीजिए। बोतल मिल गई है तो मिल गई है।
बिहार में बोतल मिल रही है लेकिन विधानसभा में बोतल का मिल जाना, सारी कल्पनाओं की पराकाष्ठा है। कवि भी बोतल मिलने पर कविता लिख रहे हैं लेकिन विधानसभा में बोतल मिलेगी उनकी किसी कविता में नहीं आया है। मेरा यह लेख पढ़कर बिहार हंस रहा है।
घर-घर चोरी चुपके बोतल पहुँचाने वाले हंस रहे हैं। पीने वाले हंस रहे हैं। बोतल की तरह लुढ़क रहे हैं।लोट-पोट हो रहे हैं। कह रहे हैं कि बिहार में भगवान मिल जाएँ तो मिल जाएँ मगर बोतल नहीं मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का ग़ुस्सा देखकर मैं भी सीरीयस हो गया हूँ। मैंने भी बोतलों से प्रार्थना की है कि भाई तुम कहीं दिखो लेकिन उनके सामने मत दिखो।
कुछ भी है हम लोगों के सीएम हैं, बोतल देखकर ग़ुस्सा जा रहे हैं। मुझे आशंका है कि किसी दिन बीजेपी ने जदयू से गठबंधन तोड़ा तो बोतल लेकर नीतीश जी को चिढ़ाने न आ जाए। ऐसा होगा तो मुझे बुरा लगेगा।
भाई आप गठबंधन तोड़िए, आपका हक़ है लेकिन बोतल से नीतीश जी का मज़ाक़ मत उड़ाइये। बीजेपी वालों से अनुरोध है कि राजनीति में गठबंधन तो बनते टूटते हैं लेकिन जब भी ऐसा हो बोतल लेकर कोई प्रदर्शन न करें।
क्या ऐसा हो सकता है कि बीजेपी के नेता ख़ुद बोतल लेकर न चिढ़ाए, किसी और संगठन को आगे कर नीतीश जी के घर के आगे बोतल फेंकवा दें। मन में तरह-तरह की आशंकाएँ पैदा होती रहती हैं।
शुभ-शुभ बोलिए रवीश कुमार। ऐसा मत कहिए। बोतल से कहिए कि बिहार में रहे लेकिन मुख्यमंत्री के आस-पास न रहे। अरे ये क्या कह दिया। बोतल से कहिए कि बिहार में भी न रहे।
ख़्याल तो ख़्याल है।पता चला हमारे सीएम दिल्ली में किसी बारात में आए हुए हैं और लोग बोतल लेकर फ़ोटो खिंचाने आ गए हैं। मैं तो सलाह दूँगा कि नीतीश जी साथ में एक हंटर लेकर भी चलें।
दिल्ली की शादी में जो भी बोतल लेकर फ़ोटो खिंचाने आए, मार हंटर, मार हंटर वहीं पर उसका हाथ बेहाल कर दें। दरअसल, राजनीति में बोतल इस तरह उपस्थित है कि उसकी अनुपस्थिति को लेकर आप आश्वस्त नहीं हो सकते हैं। बोतल ही है, कहीं से आ सकती है। किसी के पास से मिल सकती है।
मुझे आशा है कि आप बोतल का मतलब शराब की बोतल ही समझ रहे हैं। वैसे बिहार में बोतल का एक और मतलब होता है। बेवकूफ होता है। बिहार में लोग किसी को बोतल बुला दें तो उसे बुरा लग जाता है। दोस्तों के बीच बोतल समझा जाना बहुत बुरा माना जाता है। उस बिहार में जहां बोतल से इतनी विरक्ति हो, बोतल मिल जाए तो लोग बोतल हो जा रहे हैं। उछल-कूद मचाने लगे हैं।
बोतल दिखते ही मेरा बिहार बोतल हो जा रहा है। सहम जाता है। आप किसी चलती-फिरती सड़क पर जाइये। बीच सड़क पर बोतल रख दीजिए, देखिए अफ़रा-तफरी मचने लगेगी। लोग कार से कूद कर भाग जाएँगे कि कहीं पुलिस न देख ले कि उनकी कार के सामने बोतल रखी हुई है।
इससे शक हो सकता है कि कार वाले ने पीने के बाद बीच सड़क पर बोतल रख दी हो। लोग रात भर जाग रहे हैं कि कोई अहाते में बोतल न फेंक जाए। सुबह होते ही पता चला कि जेल चले गए। शादियों में जो लोग छिप कर बोतल पीते थे, वे अब बोतल देखते ही छिप जा रहे हैं।
हर कोई बोतल से छिप रहा है जबकि लोग पहले इस बोतल को बाज़ू में रखकर छिपा लेते थे। नशा शराब में होता तो नाचती बोतल। बिहार में उल्टा हो रहा है। बोतल नाच नहीं रही है। बोतल के पीछे बिहार नाच रहा है। शराब का नशा तो सीमा से लगे राज्यों में है।
केवल बोतल है जो बिहार में है। जहां बोतल नहीं है वहाँ भी लोग बोतल देख रहे हैं। बिहार में बोतल आ गया है और बोतल में बिहार समा गया है। नीतीश जी को बोतलों से बचाना है। हमने तो अब यही ठाना है। अंत में, आदरणीय नीतीश जी, प्लीज़। अब आगे कुछ नहीं कहूँगा।
#बिहारपंचायतचुनाव के 9वें चरण की मतगणना का काम चल रहा है इस चरण में भी मतदाताओं ने पूराने चेहरे से दूरी बनाये रखा साथ ही विधायक और मंत्री के रिश्तेदार को भी हराने से परहेज नहीं किया ।
नौतन प्रखंड के बैकुंठवा पंचायत के बिहार सरकार में पर्यटन मंत्री नारायण प्रसाद की पुत्रवधू रंजीता देवी मुखिया का चुनाव हार गई हैं। बैकुंठवा पंचायत से अफरोज आलम ने रंजीता देवी को हराकर जीत दर्ज की है।
नौतन के जिला परिषद क्षेत्र संख्या 35 से डिप्टी सीएम रेणू देवी के भाई अनिल कुमार उर्फ मंटू हार गए हैं। उन्हें बाल्मीकि नगर सांसद सुनील कुमार के बड़े भाई मनोज कुमार कुशवाहा ने हराया है।
भोजपुर जिले के कोइलवर ब्लॉक से कोइलवर दक्षिण के ब्लॉक संख्या 30 से जिप सदस्य के पद पर चुनाव लड़ रही 24 साल की युवा उम्मीदवार परिधि गुप्ता जिला परिषद के पोस्ट से जीत गई है. परिधि को 11870 वोट मिले है. वहीं दूसरे स्य्हां पर अंजू कुमारी है. जिनको 7151 वोट मिला है।
परिधि कोइलवर के चांदी गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता प्रदीप कुमार गुप्ता रेलवे में सेक्शन इंजीनियर हैं और फिलहाल वाराणसी में पोस्टेड हैं। उनकी मां रेखा देवी पहले जगदीशपुर से जिला परिषद सदस्य रह चुकी हैं।
परिधि ने तमिलनाडु से MBA किया है। इसके बाद साल 2018 में नीदरलैंड की एक कंपनी में बतौर बिजनेस एनालिस्ट काम किया। वो BYJU में भी असोसिएट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। अब लाखों रुपए के पैकेज छोड़कर गांव की राजनीति में उतरी हैं।
चुनाव परिणाम का अपडेट– 1—-खगड़िया में 22 साल की आकांक्षा मुखिया बन गई हैं। वह बीपीएससी की तैयारी कर रही हैं। सहरसा के सोनबरसा राज विधानसभा के जदयू विधायक रत्नेश सादा के बेटे का मुखिया बनाने के सपना टूट गया। वह तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, मधेपुरा के बिहारीगंज से JDU विधायक निरंजन कुमार मेहता की पत्नी भी मुखिया का चुनाव हार गईं।
भोजपुर जिले के कोइलवर ब्लॉक से कोइलवर दक्षिण के ब्लॉक संख्या 30 से जिप सदस्य के पद पर चुनाव लड़ रही 24 साल की युवा उम्मीदवार परिधि गुप्ता जिला परिषद के पोस्ट से जीत गई है. परिधि को 11870 वोट मिले है. वहीं दूसरे स्य्हां पर अंजू कुमारी है. जिनको 7151 वोट मिला है।
2—सीवान से लकड़ीं नबीगंज प्रखंड की डुमरा पंचायत से ब्रजेश सिंह, ब्लडीहा पंचायत से रमेश राम, भादा खुर्द पंचायत से रिपु देवी, भोपतपुर पंचायत से सरवरी खातून, लखनौरा पंचायत से शहाबुन निशा मुखिया के पद पर विजयी।
3—गोपालगंज बिशुनपुर पक्ष्मी पंचायत के मुखिया प्रत्याशी मुकुंद पासवान विजयी।664 वोट से हुए विजयी।
4—सहरसा के सोनबरसा राज विधानसभा के जदयू विधायक रत्नेश सादा के बेटे का मुखिया बनाने के सपना टूट गया। वह भी खुद के गृह पंचायत से। चुनाव जीतना तो दूर वो मुख्य मुकाबले में भी नहीं आ सके। वह तीसरे स्थान पर रहे।
5—पश्चिम चंपारण के नौतन में बिहार सरकार में पर्यटन मंत्री नारायण प्रसाद की पुत्रवधु रंजीता देवी मुखिया का चुनाव हार गईं हैं। वे बैकुंठवा से चुनाव मैदान में थीं। वहां अफरोज नैयर मुखिया बने हैं। उधर, समस्तीपुर के वारिसनगर की नियारपुर पंचायत के मुखिया प्रत्याशी अरविंद कुमार साह जीते। रहुआ पश्चिमी पंचायत से मुखिया प्रत्याशी वशिष्ठ राउत की जीत।
6—नवादा के हिसुआ की विधायक नीतू कुमारी की दो देवरानी पंचायत चुनाव हार गईं हैं। पूर्व जिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आभा देवी हिसुआ पश्चिमी सीट से जिला परिषद का चुनाव हारीं।
वहीं छोटी देवरानी प्रियंका कुमारी नरहट पंचायत से मुखिया का चुनाव हारीं। पूर्व में विधायक की सास यहां से मुखिया थीं। मो. एहतेशाम गुड्डू मुखिया निर्वाचित हुए। हिसुआ पश्चिमी से उमेश यादव जीते। यहां से निवर्तमान पार्षद वीरेंद्र सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा है।
भोजपुर जिले के कोइलवर ब्लॉक से कोइलवर दक्षिण के ब्लॉक संख्या 30 से जिप सदस्य के पद पर चुनाव लड़ रही 24 साल की युवा उम्मीदवार परिधि गुप्ता जिला परिषद के पोस्ट से जीत गई है. परिधि को 11870 वोट मिले है. वहीं दूसरे स्य्हां पर अंजू कुमारी है. जिनको 7151 वोट मिला है।
पटना हाईकोर्ट ने झंझारपुर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एन्ड सेशंस जज अविनाश कुमार – I पर किये गए कथित आक्रमण और मारपीट की घटना के मामले की जांच का जिम्मा सी आई डी को सौंप दिया हैं। जस्टिस राजन गुप्ता की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए बिहार पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।
कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि मधुबनी के एस पी क्यों नहीं स्थानांतरित किया गया।कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या पुलिस अधिकारी मनमानी कार्रवाई कर सकते हैं।
कोर्ट ने सी आई डी को जांच का जिम्मा सौपा और कहा कि इस मामले की जांच एस पी स्तर के अधिकारी करेंगे।साथ ही इस मामले की निगरानी सी आई चडी के ए डी जी खुद करेंगे।
कोर्ट ने अगली सुनवाई मे जांच का पूरा ब्यौरा सील लिफाफे में प्रस्तुत करने का निर्देश सी आई डी को दिया।
कोर्ट ने इस मामले मे सुनवाई में मदद करने के लिए वरीय अधिवक्ता मृगांक मौली को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। साथ ही कोर्ट मास्टर को आज ही इस मामले से सम्बन्धित कागजात समेत कोर्ट मे राज्य सरकार द्वारा पेश रिपोर्ट उन्हें देने का आदेश दिया है।
इस मामलें पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने पिछली सुनवाई में स्पष्ट किया था कि राज्य की पुलिस दोनों पक्षों के मामलों को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से अनुसंधान करने में सक्षम है। एड्वोकेट जनरल ने कहा कि यदि कोर्ट चाहे सी बी आई समेत किसी भी एजेंसी से मामले की जांच करवा सकता है।
उल्लेखनीय है कि मधुबनी के डिस्ट्रिक्ट एन्ड सेशंस जज द्वारा 18 नवंबर, 2021 को भेजे गए पत्र पर हाई कोर्ट ने 18 नवंबर को ही स्वतः संज्ञान लिया है। साथ ही साथ कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव, राज्य के डी जी पी, राज्य के गृह विभाग के प्रधान सचिव और मधुबनी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया था।
मधुबनी के प्रभारी डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज द्वारा अभूतपूर्व और चौंका देने वाली इस घटना के संबंध में भेजे गए रिपोर्ट के मद्देनजर राजन गुप्ता की खंडपीठ ने 18 नवंबर, 2021 को सुनवाई की।
ज़िला जज ,मधुबनी के द्वारा भेजे गए रिपोर्ट के मुताबिक घटना के दिन तकरीबन 2 बजे दिन में एस एच ओ गोपाल कृष्ण और घोघरडीहा के पुलिस सब इंस्पेक्टर अभिमन्यु कुमार शर्मा ने जज अविनाश के चैम्बर में जबरन घुसकर गाली दिया था।
उनके द्वारा विरोध किये जाने पर दोनों पुलिस अधिकारियों ने दुर्व्यवहार करने और हाथापाई किया था। इतना ही नहीं, दोनों पुलिस अधिकारियों ने उनपर हमला किया और मारपीट भी किया था।
पुलिस अधिकारियों ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकालकर आक्रमण करना चाहा। कोर्ट ने राज्य के डी जी पी को अगली सुनवाई में कोर्ट में उपस्थित रहने से छूट दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई ,8 दिसम्बर,2021 को होगी।
भारतीय राजनीति में नीतीश कुमार की पहचान एक कुशल प्रशासक के साथ साथ सौम्य और मृदुभाषी स्वभाव के रूप में रही है लेकिन हाल के दिनों में नीतीश कुमार के स्वभाव में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है । विधानसभा सत्र को लेकर आयोजित एनडीए विधायक दल की बैठक में शराबबंदी को लेकर बीजेपी की एक महिला विधायक द्वारा सुक्षाव दिये जाने पर नीतीश कुमार जिस भाषा का इस्तेमाल किये वो कभी भी नीतीश कुमार के छवि के अनुरूप नहीं था। ये अलग बात है कि नीतीश कुमार जिस अंदाज में महिला विधायक को अपमानित किये और बीजेपी के विधायक प्रतिकार नहीं कर पाये लेकिन नीतीश कुमार के इस आचरण को लेकर कल पूरे दिन विधानसभा में काना फूसी चलता रहा और नीतीश कुमार के आचरण में आये इस बदलाव को लेकर लोग हैरान थे ।
नीतीश को गुस्सा क्यों आता है
वही विधानसभा परिसर से शराब की बोतल मिलने की खबर के बाद नीतीश कुमार की जो प्रतिक्रिया आयी वो भी हैरान करने वाली थी ।शराबबंदी को लेकर उस तरह का आन्दोलन देश स्तर पर कभी नहीं हुआ जैसा आंदोलन दिल्ली में निर्भया के साथ बलात्कार की घटना के बाद हुई थी। पूरा देश सड़क पर था कड़े कानून बने क्या उसके बाद बलात्कार होना बंद हो गया या फिर बलात्कार की घटनाओं में कमी आ गयी नहीं ना,ये तो मसला शराबबंदी से जुड़ा हुआ है और यह अपराध भी बलात्कार और हत्या जैसी संगीन अपराध की श्रेणी में नहीं आता है तो फिर इतनी सक्रियता क्यों याद करिए शराब पीने से हुई मौत मामले में नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया कितनी आपत्ति जनक थी ।
ये सही है कि बिहार की महिलाएं अभी भी जाति ,धर्म और मजहब की दीवारों को तोड़कर नीतीश कुमार को वोट करती है लेकिन यह भी सच्चाई है कि तीसरे चरण के चुनाव में लालू के जंगलराज का भय नहीं दिखाते तो 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की हार तय थी ।
वही 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण में महिला वोटर भी नीतीश का साथ छोड़ दिया था वो भी साफ दिख रहा है नीतीश कुमार को उन वजहों पर मंथन करना चाहिए कि ऐसी कौन सी चूक हुई जो बिहार की सबसे बड़ी पार्टी होने के साथ साथ बिहार की जनता के दिल पर राज करने वाले नीतीश तीसरे नम्बर पर चले गये ।
मसला शराब ही नहीं है, मसला भ्रष्टाचार है, मसला अफरशाही है ,मसला बेरोजगारी है ,मसला आपकी राजनीतिक शैली भी है आप पर से लोगों का भरोसा उठ गया है कब किसका साथ छोड़ देंगे कब किसके साथ चले जायेंगे कहना मुश्किल है ।
राजनीति कितनी भी गद्दी क्यों ना हो आज भी विचारों का महत्व है जो आप खो चुके हैं ऐसे में आपकी ताकत सुशासन और विकास है जिसके सहारे आने वाले समय में बिहार की राजनीति में आप बने रह सकते हैं। इसके लिए आपको मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकलना होगा । आपके जो चहेते अधिकारी है उससे आपको बाहर निकलना होगा क्यों कि 15 वर्षो के दौरान वो सारे अधिकारी भी फील्ड से दूर है जिस वजह से जमीन पर क्या बदलाव हो रहा है उसकी अब समझ नहीं रही इसका असर भी आपके कामकाज पर साफ दिख रहा । चंचल कुमार दिल्ली जा ही रहे हैं कुछ और अधिकारी जो लम्बे समय से आपके साथ है उनकी जगह जिले में तैनात यंग आईएएस अधिकारियों को मुख्यमंत्री सचिवालय में जगह दीजिए बहुत सारी बातें आपके समझ में भी आयेंगी क्यों कि बिहार के यूथ के स्वभाव और सोच में क्या बदलाव आया है उससे शायद आप भी परिचित नहीं है ।
आपकी राजनीतिक टीम भी 74 आन्दोलन से बाहर का नहीं है जबकि बिहार का यूथ भी अब 21 सदी का सोच रखने लगा है ऐसे में आप अपने टीम में युवा और महिलाओं को जगह दीजिए बहुत सारी चीजे बदलेगी और चलते चलते यह बिहार है और आपसे बेहतर कौन समझ सकता है ।
विधानसभा परिसर में शराब की खाली बोतल मिलने के बाद जिस तरीके से तेजस्वी ने आपको चिढ़ाया और आप उसके झांसे में आ गये आने वाले समय में आप बिहार के दौरे पर निकलने वाले हैं बहुत परेशानी हो सकती है ।
वैसे शराबबंदी कानून में संशोधन हुआ उस पर पुलिस अमल क्यों नहीं कर रही है ये भी कही ना कही शराबबंदी को लेकर अति सक्रियता दिखायी जा रही है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि शराबबंदी को लेकर जो चल रहा है वो कितने दिनों तक चलेगा क्यों कि जैसे ही पुलिस सुस्त पड़ेगा इस धंधे में शामिल लोग फिर सक्रिय हो जायेंगे ऐसे में कानून को अपने तरीके से काम करने दीजिए नहीं तो सरकार को शासन चलाना मुश्किल हो जाएगा क्यों कि इसको लेकर अब प्रभावशाली वर्ग भी जो कभी शराब का सेवन भी नहीं किया है वैसे लोग सरकार की आलोचना करना शुरू कर दिये हैं।
#बिहारपंचायतचुनाव – कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पंचायत चुनाव के 9वें चरण की मतगणना सभी 35 जिलों के जिला मुख्यालयों में शुरु हो गयी है । 9वें चरण में 35 जिलों के 875 पंचायतों में वोटिंग 29 नवंबर को हुई थी मतगणना का कार्य आज और कल दो दिनों तक चलेगा ।
97 हजार 878 प्रत्याशियों के भाग्य का होगा फैसला इस चरण में 97 हजार 878 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। बिहार निर्वाचन आयोग के मुताबिक इस चरण में कुल 26,831 पदों के लिए चुनाव संपन्न हो चुका है।
इसमें ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 11,883 सीट, ग्राम पंचायत मुखिया पद के लिए 871 सीट, पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 1196 सीट, जिला परिषद सदस्य पद के लिए 127 सीट, ग्राम कचहरी पंच पद के लिए 11,883 सीट और ग्राम कचहरी सरपंच पद के लिए 871 सीट शामिल हैं।
9वें चरण में 46 हजार 164 पुरूष और 51 हजार 714 महिला प्रत्याशी हैं। वोटिंग की गणना 1 और 2 दिसंबर को होनी है।
प्रमंडलीय एवं जिला स्तर पर होगी विधायकों की बैठक। क्षेत्रीय समस्याओं और प्राथमिकताओं पर होगा विचार… उपमुख्यमंत्री
भारतीय जनता पार्टी विधानमंडल दल की आयोजित हुई बैठक। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष एवं सांसद श्री संजय जायसवाल ने कहा… सरकार और संगठन की मजबूती के लिए काम करें विधान मंडल के सदस्य
पटना 30 नवंबर 2021 भारतीय जनता पार्टी विधानमंडल दल की बैठक आज 5, देशरत्न मार्ग स्थित उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के आवासीय परिसर में आयोजित हुई, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के सभी मंत्रीगण, विधायक, विधान पार्षदों ने भाग लिया।
बैठक में शीतकालीन सत्र के दौरान दोनों सदनों में चलने वाली कार्यवाही के व्यवस्थित एवं सुचारु संचालन पर चर्चा हुई। बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र छोटा है, परंतु महत्वपूर्ण है।
सत्र के दौरान दोनों सदनों में द्वितीय अनुपूरक बजट एवं कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करने एवं गैर-सरकारी संकल्पों पर भी विचार होना है। सत्रावधि में वाद-विवाद के दौरान विधान मंडल के सदस्यगण पूरी तैयारी के साथ चर्चा में भाग लें एवं सदन के समक्ष सरकार के अच्छे कामों को अपने संबोधन में रखें। उन्होंने कहा कि प्रमंडलीय एवं जिला स्तर पर विधायकों के साथ बैठक होगी, जिसमें क्षेत्रीय समस्याओं एवं प्राथमिकताओं पर विचार एवं चर्चाएं होंगी।
हमारा प्रयास है कि हमारे मंत्रिमंडल के साथी जिस भी जिले में दौरे पर जाएं, स्थानीय विधायकों के साथ बैठक अवश्य करें एवं उनके स्थानीय समस्याओं के निराकरण हेतु सकारात्मक पहल करें।
बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद डॉ० संजय जायसवाल ने कहा कि बिहार विधान मंडल के सभी सदस्य पार्टी की विचारधारा का अधिक- से-अधिक प्रसार करें तथा सरकार एवं संगठन को मजबूत करने के लिए दृढ़ता से काम करें तथा विधायी कार्यों के अलावा संगठन कार्यों में भी अधिक -से- अधिक उपस्थिति दर्ज करें।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री श्री भिखूभाई दलसानिया ने संविधान गौरव कार्यक्रम, सभी जिलों में प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन, कमल पुष्प कार्यक्रम, पन्ना प्रमुख, शेष बचे बूथ समितियों के गठन आदि विभिन्न कार्यक्रमों के विषय में विस्तार से चर्चा की।
भारतीय जनता पार्टी विधानमंडल दल की बैठक के दौरान पूर्व मंत्री श्री नीतीश मिश्रा, विधायक श्री संजय सरावगी, बिहार विधान पार्षद् श्री संजय मयूख ने पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों के क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। बैठक के दौरान कई विधायकों ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना में कुछ आवश्यक संशोधनों की ओर ध्यान आकृष्ट किया तथा मुख्यमंत्री नगर विकास योजना को शीघ्र प्रारंभ करने का अनुरोध किया।
बैठक के दौरान कटोरिया की विधायक श्रीमती निक्की हेंब्रम, विधायक श्री सुनील कुमार, वारसलीगंज की विधायक श्रीमती अरुणा देवी, सिकटी के विधायक श्री विजय कुमार मंडल, पीरपैंती के विधायक श्री ललन कुमार, नरपतगंज के विधायक श्री जयप्रकाश यादव, रामनगर की विधायक श्रीमती भागीरथी देवी, फारबिसगंज के विधायक श्री मंचन केसरी, मोहद्दीनगर के विधायक श्री राजेश सिंह, खजौली के विधायक श्री अरुण शंकर प्रसाद, बरौली विधायक श्री राम प्रवेश सिंह, बगहा के विधायक श्री राम सिंह, पारो के विधायक श्री अशोक सिंह, विधान पार्षद् श्री देवेश कुमार, लालगंज के विधायक श्री संजय कुमार, सीतामढ़ी के विधायक श्री मिथिलेश कुमार सहित अन्य विधायक, विधान पार्षदों ने अपनी कठिनाइयों एवं क्षेत्रीय समस्याओं के विषय में अपने विचार रखे।
पटना हाई कोर्ट ने पैक्स का सदस्य बनाये जाने के संबंध में बिहार कोआपरेटिव सोसाइटी रूल्स, 1959 के रूल 7(4) को भारत के संविधान और कोआपरेटिव एक्ट के अल्ट्रा वायरस घोषित करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करने फैसला सुनाया।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने रूल 7(4) को रद्द कर दिया। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने लक्ष्मीकांत शर्मा व अन्य के मामलों पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे आज सुनाया गया।
वर्ष 2008 में किये गए संशोधन के तहत रूल 7(4) के अनुसार किसी को पैक्स का सदस्य बनाने में बिलंब हो रहा है ,तो उस व्यक्ति के द्वारा पैसा जमा करने और शपथ पत्र दाखिल करने के बाद सदस्य बनाया जा सकता था।
याचिकाकर्ता ओं के अधिवक्ता तुहिन शंकर ने बताया कि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक संवैधानिक आदेश को अनाधिकृत तौर से हटाया नहीं किया जा सकता है।
अधिक से अधिक दायरे में रहकर नियंत्रण या पर्यवेक्षण किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में तो किसी से भी शपथ पत्र लेकर बगैर मैनेजिंग कमेटी गए या सुने ही पैक्स का सदस्य बनाया जा सकता है।
कोर्ट का यह भी मानना था कि संशोधित नियम में अपील का भी प्रावधान नहीं किया गया है और पीड़ित पक्ष बगैर किसी निवारण के नहीं रह सकता है।
अधिवक्ता तुहिन शंकर ने बताया कि यह संशोधन भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(सी), 43(बी) और 243(जेड एल) तथा बिहार कोआपरेटिव सोसाइटी एक्ट, 1935 का संशोधन के जरिये सदस्य बनाने का अधिकार प्रखंड विकास पदाधिकारी, कोऑपरेटिव सोसाइटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार व डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव ऑफिसर को दिया गया था।
बात कोई आठ वर्ष पूरानी है सरकार ने पटना एसएसपी के पद पर अमृत राज को पोस्ट किया था ,अमृत राज ने पदभार संभालते ही पटना जिले के ऐसे थानेदार जिसका रिश्ता भूमाफिया और अपराधियों से था आते आते उनको निशाने पर लेना शुरु कर दिये ।
शराब विधानसभा परिसर में कैसे पहुंचा इसकी जॉच करने पहुंचे डीजीपी और मुख्यसचिव
पटना के लोगो को अमृत राज के बारे में ज्यादा पता नहीं था लेकिन अपराधियों के सिडिंकेट को पता था कि अमृत राज किस तरीके से अपराधियों से निपटते हैं ।पदभार संभालते ही अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन की शुरुआत करने ही वाले थे कि पटना सिटी के इलाके में लड़कियों और महिलाओं को ब्लेड मारने की घटना अचानक शुरु हो गयी ।
विधानसभा परिसर में शराब मिलने की सूचना पर बिफरे नीतीश दिया जॉच का आदेश
पूरा महकमा हिल गया लाख कोशिश के बावजूद एक माह तक एसएसपी से लेकर थानेदार तक परेशान रहा लेकिन शाम होते होते ब्लैड मारने की दो तीन घटनाये हो ही जाती है लेकिन एक अचानक बंद हो बंद कैसे हुआ उसकी एक कहानी है कभी मौका मिलेगा तो चर्चा करेगे ।
इस घटना की चर्चा क्यों किये शायद आपको समझ में आने लगा होगा शराबबंदी को लेकर जिस तरीके से नीतीश कुमार व्यवहार कर रहे हैं उससे आने वाले समय में सरकार के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है ।
विधानसभा परिसर में शराब की बोतल मिलने की सूचना पर जिस तरीके से मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया आयी है और डीजीपी और मुख्यसचिव घटना स्थल पर पहुंच कर जिस अंदाज में मामले की जांच कर रहे हैं बेहद हस्यापद है क्यों कि समाज में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो प्रशासन को बेवजह तंग करने के लिए आये दिन इस तरह का हरकत ना करे ।
कोविड-19 से मृत सभी व्यक्तियों के आश्रितों को 4.00 लाख रुपये की दर से अनुग्रह अनुदान की राशि का भुगतान माह- मार्च, 2021 से बिहार सरकार द्वारा किया जा रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री, बिहार द्वारा इस हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष से राशि का भुगतान करने की शुरूआत की गयी थी तथा इससे कोविड-19 से मृत 3737 व्यक्तियों के आश्रितों हेतु कुल 149.48 करोड़ रूपये की राशि सभी जिलों में उपलब्ध करायी गयी।
इसके उपरान्त राज्य सरकार ने शेष मृतकों के आश्रितों को राज्य संसाधन से आपदा प्रबंधन विभाग के अधिसूचना संख्या 2098 दिनांक 09.06.2021 द्वारा राज्य के निवासी जिनकी मृत्यु कोविड-19 से राज्य के अन्दर हो गई है, उन्हें अनुग्रह अनुदान की राशि का भुगतान करने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री राहत कोष से अबतक कोविड-19 से 3704 मृत व्यक्तियों को 4.00 लाख की दर से कुल 148.16 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
इसके अतिरिक्त आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा कोविड-19 से अबतक 5111 मृत व्यक्तियों के आश्रितों को 4.00 लाख रुपये की दर से कुल 204.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है एवं शेष आश्रितों को भुगतान की कार्रवाई जिला स्तर से की जा रही है। इस प्रकार अबतक बिहार सरकार के द्वारा कुल 8815 लाभुको को 352.60 करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध करायी जा चुकी है।
गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को 50,000 रुपये की दर से अनुग्रह अनुदान का भुगतान राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) से करने का निर्णय लिया गया है।
उक्त के आलोक में राज्य सरकार के द्वारा भी पूर्व में कोविड- 19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को 4.00 लाख रुपये की दर से भुगतान की गई अनुग्रह अनुदान की राशि के अतिरिक्त 50,000 रुपये की राशि का भी भुगतान करने का निर्णय लिया गया है।
इसके अन्तर्गत सभी जिलों को 8815 कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को भुगतान हेतु कुल 44.075 करोड़ रुपये आवंटित की गई है, जिसका भुगतान जिला पदाधिकारी के स्तर से किया जा रहा है।
सभी जिलों को जिला स्तर से ही कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान की राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित करने का निदेश दिया गया है। अब तक कुल भुगतान की गयी राशि 396.675 करोड़ हैं।
आज दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर, राष्ट्रीय कार्यसमिति विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में मनोनित होने के पश्चात पहली बार देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी से नई दिल्ली स्थित लोकसभा कार्यालय में मुलाकात किए।
इस दौरान सांसद डॉ ठाकुर ने गृहमंत्री अमित शाह जी को मिथिला परंपरा अनुसार पाग, चादर, मखान माला एवं मछली के चित्रयुक्त मिथिला पेंटिंग देकर भव्य स्वागत किया।
सांसद डॉ ठाकुर ने पार्टी द्वारा उनको राष्ट्रीय कार्यसमिति विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनित करने एवं रेल संबंधी स्थाई समिति में पुनः सदस्य मनोनित करने के लिए गृह मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुलाकात के क्रम सांसद डॉ ठाकुर ने गृह मंत्री जी को मिथिला के केंद्र दरभंगा आने का निमंत्रण दिया जिसे गृहमंत्री जी द्वारा स्वीकार किया गया।
सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि नवभारत के विश्वकर्मा, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी एवं देश के यशस्वी गृह एवं सहकारिता मंत्री आदरणीय श्री अमित शाह जी दरभंगा सहित संपूर्ण मिथिला एवं देश के विकास के प्रति काफी गंभीर हैं।
इसी के तहत केंद्र सरकार द्वारा दरभंगा को एक के बाद एक कई जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण परियोजना दिया गया है। सांसद डॉ ठाकुर ने मिथिला के केंद्र दरभंगा में एम्स, उडान योजना से दरभंगा एयरपोर्ट को जोड़ने, आईटी पार्क, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, तारामंडल,दरभंगा- समस्तीपुर दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण,दरभंगा-आमस एक्सप्रेस-वे, कोसी रेल महासेतु, कचरा निस्तारण प्लांट, पाग पर डाक टिकट जारी करने, मैथिली को सीबीएसई पाठ्यक्रम में शामिल करने, दरभंगा रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने, दरभंगा में दस आरओबी देने, काकरघाटी-शीशो बायपास रेललाइन, मखाना के विकास हेतु दस हजार करोड़ रुपए देने, पूसा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा सहित दर्जनों विकास परियोजना देने हेतु आदरणीय प्रधानमंत्री जी एवं आदरणीय गृहमंत्री जी के प्रति आभार जताया।
सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि आने वाले दिनों में दरभंगा एक स्वर्णिम इतिहास को लिखेगा। मुलाकात के दौरान डॉ ठाकुर ने गृह मंत्री जी को क्षेत्र की प्रमुख समस्या बाढ़ से स्थाई निदान, दरभंगा में सीआईएसएफ बेस कैंप की स्थापना, दरभंगा स्थित दरभंगा एयरपोर्ट का सुरक्षा सीआईएसएफ से कराने, दरभंगा एयरपोर्ट का नामकरण कवि कोकिल बाबा विद्यापति जी के नाम पर करने एवं दरभंगा जिला को-ऑपरेटिव बैंक को पुनः प्रारंभ करने सहित विभिन्न मुद्दों को माननीय मंत्री जी के समीप रखा।
उन्होंने बाढ़ से संबंधित विस्तृत जानकारी गृह मंत्री जी के समीप रखते हुए इसके जल्द स्थाई समाधान का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष बारिश के समय नेपाल से निकलने वाली प्रमुख नदी और उसके सहायक नदी मिथिला सहित पूरे उत्तर बिहार में भारी विनाश और तबाही मचाती है।
जिस कारण प्रत्येक वर्ष करोड़ों की आबादी इससे प्रभावित होती है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि मिथिला क्षेत्र मुख्यत: कृषि पर आधारित है। क्षेत्र की अधिकतर आबादी के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन कृषि है। बाढ़ और सुखाड़ के कारण प्रतिवर्ष लाखों हेक्टेयर फसलें बर्बाद होती आ रही है।
जिस कारण क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो जाती है वहीं बाढ़ की विभीषिका की वजह से प्रत्येक वर्ष हजारों लोग काल के गाल में समाहित हो जाते हैं और लाखों लोग बेघर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपए की सड़कें एवं सरकारी भवन भी ध्वस्त हो जाती है और इसके पश्चात सरकार द्वारा एक बड़ी राशि इनके पुनर्वासन में खर्च किया जाता है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण उत्तर बिहार वह मिथिला क्षेत्र के करोड़ों लोग एवं युवा मजबूरन पलायन करते हैं। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि बाढ़ क्षेत्र के लिए एक स्थाई अभिशाप बन गया है और इसके स्थाई निदान के लिए पूर्व की सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया।
जिस कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में नदी से नदी जोड़ने की कल्पना कर बाढ़ से स्थाई निदान की परिकल्पना की गई थी। इसके अलावा सांसद डॉ ठाकुर ने मिथिला के केंद्र दरभंगा में दशकों से बंद दरभंगा जिला सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक को पुनः प्रारंभ करने का भी अनुरोध किया है।
सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि इस बैंक के पुनः प्रारंभ हो जाने से जिले के किसान भाइयों के साथ-साथ आम लोगों को काफी सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि इस को-ऑपरेटिव बैंक के स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शीर्ष बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराना, सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देना एवं सहकारी समितियों के लिए ऋण की व्यवस्था करना इत्यादि था।
इसके बंद हो जाने से क्षेत्र के लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है खासकर किसान भाइयों को । सांसद डॉ ठाकुर ने दरभंगा एयरपोर्ट का सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के हाथ देने में अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि दरभंगा का अतीत काफी गौरवशाली है। यह विद्वानों की पावन भूमि रही है।
परंतु विगत कुछ दशकों में आंतरिक सुरक्षा दरभंगा के लिए एक चिंता का विषय बन गया है। चूंकि यह क्षेत्र काफी शांति प्रिय एवं मृदुभाषी है। इसी का फायदा उठाकर आतंकी संगठन इस क्षेत्र को अपना सुरक्षित पनाह बनाने की कोशिश करते रहते हैं और कई मामलों में यहां के तार पाकिस्तान एवं दूसरे आतंकी संगठनों से जुड़ा पाया गया है।
ऐसे में दरभंगा स्थित महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा ही की जानी चाहिए। सांसद डॉ ठाकुर ने दरभंगा एयरपोर्ट का नामकरण कवि कोकिल बाबा विद्यापति जी के नाम पर करने का भी अनुरोध माननीय गृह मंत्री जी से किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों से इस एयरपोर्ट का नामकरण कवि कोकिल बाबा विद्यापति के नाम पर करने हेतु प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है।
अंतर्राष्ट्रीय यात्रा को लेकर बिहार में हाई अलर्ट कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट के बाद भी 10 दिनों तक रहना होगा क्वारैंटाइन।
कोरोना को लेकर देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग व मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण के निर्देश के बाद बिहार में भी अलर्ट कर दिया गया है।
मुख्य सचिव को भेजे गए दिशा निर्देश में सचिव राजेश भूषण ने इंटरनेशनल यात्रियों को लेकर चौकसी बढ़ाने को कहा है। अब विदेश से आने वालों को कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी 10 दिनों तक क्वारैंटाइन होना पड़ेगा।
रेलवे स्टेशन से लेकर एयरपोर्ट पर जांच को लेकर सख्ती बढ़ाने का आदेश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि विदेश से आने वालों का सर्च ऑपरेशन तेज किया जाए और जांच में सख्ती की जाए।
पटना एयरपोर्ट पर जांच में जुटी एजेंसी को पटना एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिलकर जांच और तेज करने को कहा गया है। जांच में कोई भी यात्री नहीं छुटे इसे लेकर आदेश दिया गया है।
इसमें अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कड़ी निगरानी का आदेश दिया गया।बिहार में इस तरह के दो से अधिक यात्री को चिंहित किया गया है जो हाल ही में विदेश से बिहार लौटे हैं लेकिन सूचना के बावजूद अधिकांश यात्रियों का अभी तक पता नहीं चल पाया है इसी बीच पटना और दरभंगा हवाई अंड्डा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है
मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र के बाद घरेलू बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 195 अंक नीचे 57,064 पर बंद हुआ जबकि एनएसई निफ्टी 70 अंक गिरकर 16,983 पर बंद हुआ। आज इंट्राडे में, सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से सेंसेक्स 1,250 अंक से अधिक गिर गया और निफ्टी 50 इंडेक्स 17,324 के उच्च स्तर पर पहुंचकर 17,000 से नीचे गिर गया।
सेंसेक्स चार्ट (30.11.21) एक नजर में
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेक्टरों में, धातु सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक गिर गया, उसके बाद बैंक, ऑटो और बिजली जबकि आईटी, रियल्टी और एफएमसीजी हरे रंग में बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए ।
पावर ग्रिड 3.43% ऊपर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, इसके बाद टाइटन, बजाज फिनसर्व, नेस्ले इंडिया और बजाज फाइनेंस का स्थान रहा। टाटा स्टील 3.87% कम था, इसके बाद कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज ऑटो थे।
सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 13 शेयर बढ़त के साथ और 17 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स के शेयर एक नजर में
निफ्टी मिडकैप 50 में 0.12% जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 1.34% की तेजी आई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.5 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुआ। इसका स्मॉलकैप समकक्ष 1.6 प्रतिशत चढ़ा।
निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स
निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट निफ्टी बैंक, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, मीडिया, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स भी 0.7-1 फीसदी के बीच गिरे। भारत VIX 21 के स्तर से ऊपर बंद हुआ।
निफ़्टी के प्रमुनिफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 22 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 28 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।
छिटपुट हिंसा को छोड़कर 9 वे चरण का चुनाव सम्पन्न।बिहार में पंचायत चुनाव के 9वें चरण के लिए 35 जिलों की 875 पंचायतों में वोटिंग हुई। सोमवार सुबह 6 बजे से ही मतदाता बूथों पर पहुंचने लगे।
मतदान केंद्र के अंदर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुबह 7 बजे से 5 बजे तक 61.15% मतदान हुआ। 64.38% महिलाओं और 57.91% पुरुषों ने वोटिंग की। वोटिंग के लिए 12341 बूथ बनाए गए थे।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया मतदान शांतिपूर्ण रहा। कुल 37 शिकायत प्राप्त हुए थे। कुल 609 EVM को बदला गया। कुल 18729 बोगस वोटर्स को चिह्नित किया गया। सभी पर उचित करवाई की जाएगी।
मधुबनी में बोगस वोटिंग को लेकर पुलिस के साथ लोगों की झड़प हो गई। वहीं, मधुबनी के बेनीपट्टी प्रखंड में मुखिया प्रत्याशी पति को गोली मार दी गई।
गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। वहीं, सीवान में भी मुखिया प्रत्याशी के रिश्तेदार को जांघ में बूथ पर गोली मार दी। सीतामढ़ी में पंचायत चुनाव के दौरान भीड़ को हटाने गई पुलिस पर लोगों ने हमला कर दिया। पुलिस पर लोगों ने पथराव किया ।
पटना हाईकोर्ट ने जमीनी विवाद में प्राथमिक दर्ज नही किये जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट किया कि जमीनी विवाद में पुलिस को प्राथमिक दर्ज करना होगा।अमरजीत राय एवं अन्य की ओर से दायर अर्जी पर जस्टिस संदीप कुमार ने सुनवाई करने के बाद यह निर्देश दिया।
कोर्ट का मानना था कि जमीनी विवाद की बात कह राज्य की पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर देती है,जबकि पुलिस का पहला दायित्व प्राथमिकी दर्ज करना है। प्राथमिकी दर्ज नहीं करना एक तरह से अपराधियों को सीधा संरक्षण देने के समान है।
कोर्ट का कहना था कि जब कोई भी व्यक्ति थाने में शिकायत लेकर आता है ,तो सबसे पहले पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करना चाहिए, न कि पहले शिकायत की जांच करने और शिकायत सही होने पर प्राथमिकी दर्ज करना।
पुलिस को चाहिए कि शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर अपनी जांच प्रारम्भ करे। जांच में सही पाए जाने पर अभियुक्तों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।
कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने देश के पुलिस को कई महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किया है।लेकिन प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है।
कोर्ट ने पूर्वी चंपारण के एसपी को सुप्रीम कोर्ट की ओर जारी दिशानिर्देश का पालन करने के बारे में जिला के सभी थानेदारों को निर्देश जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन राज्य में पुलिस नहीं कर रही है। इस मामले पर अगली सुनवाई की 15 दिसंबर, 2021को होगी।
पटना हाई कोर्ट में झंझारपुर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एन्ड सेशंस जज अविनाश कुमार – I पर किये गए कथित आक्रमण और मारपीट की घटना के मामले पर सुनवाई हुई। जस्टिस राजन गुप्ता की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान रिपोर्ट बंद लिफाफे में सौंपी गई।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा कि आखिर पुलिस अधिकारियों ने लोडेड हथियार के साथ एक जज के चैम्बर में कैसे प्रवेश किया ? कोर्ट ने इस मामले में सहयोग करने हेतु एमिकस क्यूरी नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
इस मामलें पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने कहा कि राज्य की पुलिस दोनों पक्षों के मामलों को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से अनुसंधान करने में सक्षम है। दोनों पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
एड्वोकेट जनरल ने कहा कि यदि चाहे तो कोर्ट सी बी आई समेत किसी भी एजेंसी से मामले की जांच करवा सकता है। उल्लेखनीय है कि मधुबनी के डिस्ट्रिक्ट एन्ड सेशंस जज द्वारा 18 नवंबर, 2021 को भेजे गए पत्र पर हाई कोर्ट ने 18 नवंबर को ही स्वतः संज्ञान लिया है।
साथ ही साथ कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव, राज्य के डी जी पी, राज्य के गृह विभाग के प्रधान सचिव और मधुबनी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया था।
मधुबनी के प्रभारी डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज द्वारा अभूतपूर्व और चौंका देने वाली इस घटना के संबंध में भेजे गए रिपोर्ट के मद्देनजर राजन गुप्ता की खंडपीठ ने 18 नवंबर, 2021 को सुनवाई की।
ज़िला जज ,मधुबनी के द्वारा भेजे गए रिपोर्ट के मुताबिक घटना के दिन तकरीबन 2 बजे दिन में एस एच ओ गोपाल कृष्ण और घोघरडीहा के पुलिस सब इंस्पेक्टर अभिमन्यु कुमार शर्मा ने जज अविनाश कुमार के चैम्बर में जबरन घुसकर गाली दिया था।
उनके द्वारा विरोध किये जाने पर दोनों पुलिस अधिकारियों ने दुर्व्यवहार करने और हाथापाई करने का काम किया था। इतना ही नहीं, दोनों पुलिस अधिकारियों ने उनपर हमला किया और मारपीट करने का काम किया था। पुलिस अधिकारियों ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकालकर आक्रमण करना चाहा।
पटना हाई कोर्ट ने 18 नवंबर को कहा था कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि यह प्रकरण न्यायपालिका की स्वतंत्रता को खतरे में डालता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के डी जी पी को अगली।सुनवाई में भी उपस्थित रहने को कहा गया । इस मामले पर आगे की सुनवाई अब 1दिसम्बर,2021 को की जाएगी।
सोमवार को उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स, निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 27.5 अंक ऊपर 17053.95 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स 153.43 अंक ऊपर 57260.58 पर बंद हुआ। आज इंट्राडे में, सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 1,200 अंक से अधिक और निफ्टी 50 इंडेक्स 16,782 के निचले स्तर पर पहुंचकर 17,160 के उच्च स्तर को छू गया।
सेंसेक्स चार्ट (29.11.21) एक नजर में
आईटी को छोड़कर, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स फार्मा, पावर, रियल्टी, ऑयल एंड गैस, पीएसयू बैंक में 1-2 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1-2 फीसदी गिरे।
कोटक महिंद्रा बैंक 2.4% ऊपर, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाइटन, टीसीएस और बजाज फाइनेंस के बाद शीर्ष पर रहा। सन फार्मा, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी शीर्ष पर रहे।
सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 13 शेयर बढ़त के साथ और 17 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स के शेयर एक नजर में
निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2 फीसदी की गिरावट। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.35 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.6 फीसदी गिरा।
निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स
निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.07% गिरा, बैंक निफ्टी व्यापक बाजारों के साथ लाल निशान में बंद हुआ। भारत VIX 20.83 अंक पर बंद हुआ। वोडाफोन आइडिया, टाटा पावर, यस बैंक, पीएनबी और सेल एनएसई पर सबसे अधिक कारोबार वाले शेयरों में से थे।
निफ़्टी के प्रमुनिफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 15 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 35 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।
पटना हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना महामारी से सम्बंधित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए करोना के नए वेरिएंट को काफी गम्भीरता से लिया। शिवानी कौशिक व अन्य की जनहित याचिकाओं पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए करोना के इस नए वेरिएंट से अधिकतम सतर्कता बरतने को सभी से अनुरोध किया।
हाईकोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को राज्य में उपलब्ध मेडिकल सुविधाओं के सम्बन्ध में पूरा ब्यौरा अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह बताने को कहा है कि राज्य में अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की क्या स्थिति है।
कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि ऑक्सीजन उत्पादन व आपूर्ति की क्या स्थिति है।साथ ही ऑक्सीजन के भण्डार करने की क्या व्यवस्था हैं।
कोर्ट ने कहा कि ये करोना का नया वेरिएंट पिछले अन्य करोना वेरिएंट से ज्यादा।खतरनाक है।इसलिए सभी को पूरी सतर्कता और सावधानी बरतने की सख्त जरूरत हैं।
2020 के मार्च माह पूरे देश समेत बिहार में भी करोना महामारी ने दुष्प्रभाव दिखाया था।इसके कारण पूरे देश में बड़ी तादाद में लोगों को अपने जान से हाथ धोना पड़ा।
फिर मार्च अप्रैल 2021 में इस महामारी ने खतरनाक रूप धारण किया।इस दौरान बड़ी संख्या लोगों की जाने गई थी। कोर्ट ने कहा कि इस परिस्थिति के लिए राज्य में चिकित्सा अधारभूत संरचना की कमी भी जिम्मेदार रही। बेड,दवा,एम्बुलेंस,ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
इस परिस्थिति में राज्य सरकार को नए कोरोंना वेरिएंट से निपटने के अभी से युद्ध स्तर पर कार्रवाई आरम्भ कर देनी चाहिए। इस मामले पर अब अगली सुनवाई छह दिसंबर 2021,को फिर की जाएगी।
पंचायत चुनाव के 9वें चरण का मतदान आज सुबह 6बजे से शुरु हो गया है। राज्य के 35 जिलों की 875 पंचायतों में वोटिंग हो रही है। इस चरण में शांतिपूर्ण चुनाव के लिए 42 हजार पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इसमें जिला पुलिस बल, गृह रक्षक बल, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस और सैप बलों की तैनाती की गई है। सोमवार सुबह 6 बजे से ही मतदाता बूथों पर पहुंचने लगे। मतदान केंद्र के अंदर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
वोटिंग अपडेट्स…
भागलपुर में पीरपैंती में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू।
मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड की 34 पंचायतों में मतदान हो रहा है।
खगड़िया के अलौली की 12 पंचायतों में मतदान, सुबह से वोटिंग के लिए कतार में मतदाता लग चुके हैं।
औरंगाबाद के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र हसपुरा प्रखंड में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी।
भोजपुर के कोईलवर प्रखंड में सुबह ही मतदाताओं की भीड़ लगी।
मधुबनी के बेनीपट्टी के रामनगर गांव में बूथ संख्या 403 पर वोट एमएलसी घनश्याम ठाकुर ने वोट डाला। बेनीपट्टी के आहपुर में बूथ संख्या 196 पर एक बूढ़ी महिला कौशल्या देवी ने भी मतदान किया। मधुबनी सहित नवादा, औरंगाबाद, बेगूसराय व पूर्वी चंपारण आदि सभी 35 जिलों में मतदान तेज हो चुका है।
कड़ी सुरक्षा के बीच मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) के अरेराज, पहाड़पुर व हरसिद्धि के 685 बूथों पर मतदान जारी है। मतदान की पूर्व संध्या पर हरसिद्धि की हसुआहां मानिकपुर में मुखिया के भाई ने की मारपीट व बंधक बनाने की कोशिश। हरसिद्धि के बूथ संख्या 240 और 258 पर ईवीएम में खराबी के कारण मतदान में विलंब हो रहा है।
बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है। सत्र शुक्रवार तक चलेगा। पहले दिन सोमवार यानी 29 नवंबर को तारापुर से चुनकर आए राजीव कुमार सिंह और कुशेश्वरस्थान से चुनकर आए अमन हजारी का शपथ ग्रहण होगा , फिर शोक संदेश के साथ विधानसभा की आज की कार्रवाही कल दिन के 11 बजे तक के लिए स्थगित हो जायेगा ।
दूसरे दिन मंगलवार यानी 30 नवंबर और बुधवार 1 दिसंबर को राजकीय विधायक और अन्य राजकीय कार्य पर चर्चा की जाएगी। यह दोनों दिन काफी महत्वपूर्ण माने जाएंगे। गुरुवार यानी 2 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2021-22 के दूसरे अनुपूरक व्यय विवरणी पर वाद-विवाद, मतदान और विनियोग विधेयक पास किए जाएंगे।
वहीं, इस सत्र के अंतिम दिन यानी शुक्रवार 3 दिसंबर को गैर सरकारी सदस्यों के कार्य यानी गैर सरकारी संकल्प पेश किए जाएंगे। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले आदेश तक स्थगित कर दी जाएगी।
भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार का विशेष अभियान आज भी जारी है सासाराम के जिला भूअर्जन पदाधिकारी सह नगर आयुक्त राजेश गुप्ता के घर शनिवार तड़के सुबह से विजिलेंस का छापा चल रहा है अभी तक जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार अभी तक 1500000 कैश बरामद हो चुका है वही सोने की बिस्किट मिले हैं कई अपार्टमेंट फ्लैट के बारे में भी जानकारी मिल रही है यहां छापेमारी की जा रही है निगरानी डीएसपी ने बताया कि रांची में भी संपत्ति के बारे में कागजात मिले हैं ।
वही माइनिंग एवं जियोलॉजी डिपार्टमेंट के मंत्री जनक राम के OSD मृत्युंजय कुमार और उनकी महिला मित्र रत्ना चटर्जी पति-पत्नी के ठिकाने पर छापामारी समाप्त हो चुकी है स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) के अधिकारियों की माने तो मृत्युंजय कुमार, इनके सगे भाई धनंजय कुमार और रत्ना चटर्जी के पटना, अररिया और कटिहार स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। रत्ना चटर्जी के कटिहार स्थित आवास से पोर्न वीडियो का CD भी बरामद हुआ।
इसके अलावा 30 लाख रुपए कैश, सोने की 30 बिस्किट, 44 लाख रुपए की ज्वेलरी, पश्चिम बंगाल के सिल्लीगुड़ी में 33 लाख रुपए में खरीदे गए फ्लैट के पेपर, सिल्लीगुड़ी के ही प्लैनेट मॉल में दुकान, 3 लाख रुपए में कटिहार में जमीन खरीदने का पेपर, पटना में लोयला स्कूल के पास 32 लाख रुपए में खरीदी गई प्रॉपर्टी के पेपर बरामद हुए। इनके अलावा LIC के 3 अलग-अलग स्कीम के पेपर मिले। हर एक स्कीम में 40 हजार रुपए के हिसाब से 1 लाख 20 हजार रुपए महीने का प्रीमियम भरा जा रहा था।
1.73 करोड़ से अधिक की काली कमाई आई सामने SVU ने अपनी पड़ताल के बाद दावा किया है कि OSD मृत्युंजय कुमार ने जमकर काली कमाई की है, जो सरकार की तरफ से मिलने वाली सैलरी से काफी अधिक है। अब तक 1 करोड़ 73 लाख 4 हजार 922 रुपए की चल-अचल संपत्ति का पता चला है। रत्ना चटर्जी और धनंजय कुमार के पास से जो कैश, संपत्ति या जेवर मिला है, वो सब अर्जित करने में मंत्री के OSD मृत्युंजय कुमार का हाथ रहा है। काली कमाई के जरिए अर्जित की गई संपत्ति को इन्होंने अपने नाम पर न खरीद कर भाई धनंजय कुमार और मित्र रत्ना चटर्जी के नाम पर खरीदा। मनी लॉड्रिंग के जरिए मृत्युंजय ने ब्लैक मनी को व्हाइट किया। इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं।
साढ़े छह लाख रुपए के 500 व 1000 के पुराने नोट भी मिले खनन मंत्री के आप्त सचिव मृत्युंजय कुमार और उनकी महिला मित्र रत्ना चटर्जी के पास कालेधन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने नोटबंदी के पहले वाले लाखों के पुराने नोट भी नहीं बदले। रत्ना चटर्जी के कटिहार स्थित ठिकाने से SVU ने लाखों के पुराने नोट भी जब्त किए हैं। सूत्रों के अनुसार, करीब साढ़े छह लाख के रुपए के पुराने नोट मिले हैं। ये नोट 500 और 1 हजार रुपए के हैं। SVU इस मामले में मुकदमा करेगी। मृत्युंजय कुमार खान अवं भूत्तव विभाग में पदस्थापित हैं। हाल के दिनों में यह महकमा बालू के अवैध खनन को लेकर सुर्खियों में रहा है। चूंकि बालू के खनन की जिम्मेवारी भी इसी महकमे के तहत है, लेकिन उसी विभाग के मंत्री के आप्त सचिव के ठिकाने पर छापेमारी के बाद अकूत संपत्ति के खुलासे से SVU भी चौकन्नी हो गई है।
SVU ने भी कहा है कि मत्युंजय कुमार उनके भाई व रेलकर्मी धनंजय कुमार और मत्युंजय की महिला मित्र रत्ना चटर्जी के खाते से मोटी रकम के ट्रांजेक्शन हो रहे थे। आखिर ये पैसे कहां से आ रहे थे? जाहिर तौर पर एसवीयू के पास यह सवाल भी है कि महकमा बालू का है तो स्रोत भी कहीं बालू ही तो नहीं? SVU के सूत्रों के अनुसार आगे की तफ्तीश में इस एंगल से भी जांच होगी।
स्पेशल विजिलेंस टीम ने खनन मंत्री जनक चमार के ओएसडी मृत्यंजय कुमार और उनके दो मित्र के घर आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापामारी चल रही है मृत्यंजय कुमार के अररिया स्थित पैतृक आवास और कटिहार में उनके भाई और महिला मित्र किशनगंज की पूर्व सीडीपीओ के आवास पर छापेमारी की। टीम को अररिया में कुछ हाथ नहीं लगा। जबकि, कटिहार में पूर्व सीडीपीओ के आवास से 30 लाख नगद, 50 से 60 लाख रुपये के जेवरात और बड़ी संख्या में सोने की बिस्किट टीम को हाथ लगी है। इसके अलावा महिला के घर से जमीन के कागजात और चल-अचल संपत्ति भी बरामद की गयी है। मृत्युंजय कुमार के भाई धनंजय कुमार के आवास पर देर शाम छापेमारी जारी थी। धनंजय कुमार रेलकर्मी है।
अररिया स्थित मंत्री के ओएसडी के घर विशेष निगरानी का छापा
विजिलेंस टीम के डीएसपी चन्द्रभूषण ने बताया कि कटिहार में ऑफिसर कॉलोनी में ओएसडी के महिला मित्र रत्ना चटर्जी के आवासीय परिसर से करोड़ों की चल और अचल सम्पत्ति बरामद की गयी है। फिलहाल जांच चल रही है।
कई बेनामी संपत्ति के कागजात भी बरामद किये गये हैं। उन्होंने बताया कि मृत्युंजय कुमार की एक अलमारी भी यहां मिली है। जिसकी जांच पड़ताल की जा रही है। रत्ना चटर्जी के पति ने उन्हें जानकारी दी कि ओएसडी मृत्युंजय कुमार का यहां आना-जाना होता था। डीएसपी चन्द्रभूषण ने बताया कि रत्ना चटर्जी पूर्व में किशनगंज में सीडीपीओ के पद पर तैनात थी। 2011 में विजिलेंस की टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उसके बाद इस मामले में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। यह छापेमारी अभियान दो डीएसपी जफर व चन्द्रभूषण के नेतृत्व में विशेष निगरानी पटना के द्वारा किया गया। अररिया में ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया
कटिहार मंत्री के आप्तसचिव के महिला मित्र के घर हुई छापेमारी
स्पेशल विजिलेंस टीम के एएसपी सुधीर कुमार के नेतृत्व में डीएससी विपिन कुमार व इंस्पेक्टर अजय कुमार के साथ स्थानीय थाना पुलिस ने अररिया के रहिका टोला स्थित मृत्युंजय कुमार के पैतृक आवास पर सघन छापेमारी की। छापेमारी के दौरान आवास पर कोई नहीं था। लिहाजा स्पेशल विजिलेंस यूनिट के अधिकारियों ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और फिर कमरों की तलाशी ली। छापेमारी के बाद एएसपी ने बताया कि मृत्युंजय कुमार के पैतृक आवास से निगरानी टीम को कुछ हाथ नहीं लगी। उन्होंने बताया कि निगरानी विभाग ओएसडी के अररिया आवास सहित कटिहार व पटना के दो ठिकानों पर एक साथ छापेमारी चल रही है। एएसपी ने बताया कि खनन विभाग के ओएसडी मृत्युंजय कुमार उनके भाई धनंजय कुमार व उनके महिला मित्र रत्ना चटर्जी के खिलाफ 25 नवंबर को विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आय से अधिक संपत्ति मामले में एक करोड़ 73 लाख से अधिक की संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित करने का आरोप है। इसके बाद 26 तारीख को कोर्ट से सर्च वारंट लेने के बाद टीम शुक्रवार सुबह से छापेमारी चल रही है और अभी तक करोड़ो रुपये की अवैध सम्पत्ति का खुलासा हो चुका है ।
हलांकि मंत्री के ओएसडी पर छापे को लेकर बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गयी है और यह चर्चा तेज हो गयी है कि नीतीश इस बार बीजेपी से दो दो हाथ के मूड में वैसे अभी तक इस छापे पर बीजेपी के किसी नेता की कोई प्रतिक्रिया नहीं है ।
बिहार में पंचायत चुनाव के अंतर्गत 8वें चरण में मतगणना जारी है आज देर शाम तक जो परिणाम सामने आया है उसमें भी पहले की तरह पूराने जनप्रतिनिधियों को जनता ने नकार दिया है ।वही कई ऐसे प्रतिनिधि भी चुन कर आये हैं जो लगातार चौथी बार चुनाव जीत कर आयी है । भाजपा विधायक मंटू सिंह की पत्नी सविता देवी पंचायत -बनौता प्रखंड -परसा ज़िला – छपरा ,सारण से लगातार चौथी बार चुनाव जीत कर आय़ी है ,2006 -पंचायत समिति जीत कर आयी और प्रमुख बनी ,2011- पंचायत समिति सदस्य बनी और फिर प्रमुख बनी,2016 -पंचायत समिति सदस्य बनी फिर प्रमुख,बनी इस बार 2021में निर्विरोध पंचायत समिति चुनी गयी है क्या खास रहा है आज के मतगणना में
सविता देवी लगातार चौथी बार पंचायत समिति की सदस्य चुनी गयी
सहरसा जिला के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 3 से रेणु देवी (विजेता) 7277 शिवहर जिला के तरियानी प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 6 से मनीष कुमार (विजेता) 9008 मुंगेर जिला के बरियारपुर प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 6 से सरिता कुमारी (विजेता) 4350 भोजपुर जिला के आरा प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 23 से भीम कुमार (विजेता) 5609 भागलपुर जिला के नाथनगर प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 15 से मिथुन कुमार (विजेता) 13994 बांका जिला के कटोरिया प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 22 से अंजना देवी (विजेता) 9448 बेगूसराय जिला के छौड़ाही प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 7 से पुष्पा देवी (विजेता) 5226 बेगूसराय जिला के मटिहानी प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 34 से झुना सिंह (विजेता) 15904 बक्सर जिला के चौसा प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 1 से पुजा देवी (विजेता) 16443 पूर्वी चम्पारण जिला के कोटवा प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 13 से मनोज पासवान (विजेता) 6142 पूर्वी चम्पारण जिला के मोतिहारी प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 26 से मुनी देवी (विजेता) 4376 पटना जिला के बाढ़ प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 40 से विजय कुमार (विजेता) 15453 नालन्दा जिला के सरमेरा प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 25 से नरोतम (विजेता) 8311 दरभंगा जिला के बिरौल प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 27 से सुलेखा देवी (विजेता) 8132 औरंगाबाद जिला के ओबरा प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 14 से सुधा देवी (विजेता) 11327 औरंगाबाद जिला के ओबरा प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 15 से रुपांजली कुमारी (विजेता) 15408 अररिया जिला के पलासी प्रखंड के जिला परिषद् संख्या 25 से शब्बीर अहमद (विजेता) 18460 बिहार पंचायत चुनाव के 8वें चरण की सीटों पर मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हो गई। शुक्रवार को 36 जिलों के 55 प्रखंडों की 822 पंचायतों के प्रतिनिधियों के किस्मत का पिटारा खुलेगा। मतगणना शनिवार को भी जारी रहेगी। यहां 24 नवंबर को वोटिंग हुई थी। इस चरण के 3,356 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। वहीं, 166 पदों पर किसी भी प्रत्याशी के नामांकन नहीं करने की वजह से यह पद खाली रह गए हैं। सीवान के सिवान के रघुनाथपुर से राजद के विधायक हरिशंकर यादव के बेटे और रिश्तेदार मुखिया का पद नहीं बचा सके हैं। विधायक हरिशंकर के बेटे सुरेंद्र यादव कुशहरा पंचायत से मुखिया का चुनाव हार गए हैं। सीतामढ़ी के रीगा के भाजपा विधायक मोतीलाल साह की समधन सुरती देवी मुखिया की चुनाव हारी गई है। सुरती देवी रीगा के गणेशपुर बभनगामा से मुखिया पद से प्रत्याशी थीं। यहां सेआशा सिंह मुखिया बनी हैं। विधायक की समधन तीसरे स्थान पर रहीं। कटिहार आजमनगर प्रखंड की मर्वतपुर पंचायत वार्ड संख्या 01 से वार्ड सदस्य पद के लिए महज 21 साल की खुशबू कुमारी चुनाव जीतीं।
नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, नशा मुक्ति को लेकर दिलायी शपथ पटना, 26 नवम्बर 2021:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज सम्राट अशोक कंवेन्शन केंद्र के ज्ञान भवन में नशा मुक्ति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के शुरुआत के पूर्व सम्राट अशोक कंवेन्शन केंद्र परिसर में मुख्यमंत्री ने मद्य निषेध प्रचार-प्रसार अभियान हेतु मद्य निषेध रथ एवं प्रचार बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने ज्ञान भवन के निचले तल्ले में नशा मुक्ति पर पेंटिंग, कोलॉर्ज एवं टेराकोटा प्रदर्शनी का उद्घाटन तथा अवलोकन किया। अवलोकन के पश्चात मुख्यमंत्री के समक्ष ‘नशा मुक्त परिवार खुशहाल परिवार’ पर आधारित शैडो डांस लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
नशा मुक्ति दिवस पर जमकर गरजे नीतीश
कार्यक्रम की शुरुआत में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के0के0 पाठक ने मुख्यमंत्री का स्वागत पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति को लेकर खुद शपथ लेते हुए वहां उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई कि सत्य निष्ठा के साथ यह शपथ लेता हूं कि मैं आजीवन शराब का सेवन नहीं करुंगा। मैं कर्तव्य पर उपस्थित रहूं या न रहूं, अपने दैनिक जीवन में भी शराब से संबंधित गतिविधियों में किसी प्रकार से शामिल नहीं होऊंगा। शराबबंदी को लागू करने के लिए जो भी विधि सम्मत कार्रवाई अपेक्षित है उसे करुंगा। यदि शराब से संबंधित किसी भी गतिविधि में शामिल पाया जाऊंगा तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई का भागीदार बनूंगा।
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति पर आधारित गीत की प्रस्तुति की गई। साथ ही नशा मुक्ति के प्रचार-प्रसार हेतु जिंगल्स, वीडियो, ऑडियो संदेश का प्रदर्शन तथा जीविका द्वारा नशा मुक्ति पर तैयार की गई लघु फिल्म, जहरीली शराब के नुकसान पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
मुख्यमंत्री ने मोबाइल पर जनता के नाम संदेश का लोकार्पण किया तथा नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर सभी नगर निकाय प्रतिनिधियों को भेजे जानेवाले संदेश का अनावरण किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मद्य निषेध को लेकर उत्कृष्ट कार्य करने वाले किशनगंज के पुलिस अधीक्षक श्री कुमार आशीष सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों, मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर मैं सभी का अभिनंदन और स्वागत करता हूं। पूर्व के वक्ताओं ने सभी बातों की चर्चा विस्तार से कर दी है। 9 जुलाई 2015 को पटना के एक कार्यक्रम में मैं जब संबोधन समाप्त करके वापस गया तो वहां बैठी महिलाओं ने शराबबंदी की मांग की। मैंने उस वक्त ही वापस लौटकर कह दिया था कि अगर लोगों ने मुझे अगली बार फिर से काम करने का मौका दिया तो हम बिहार में शराबबंदी लागू कर देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार आने के बाद 1 अप्रैल 2016 को हमने नगर निगम और नगर परिषद को छोड़कर सभी जगहों पर शराबबंदी लागू कर दी। नगर निगम और नगर परिषद में विदेशी शराब बिक्री करने की अनुमति थी। उस समय शहरों में विदेशी शराब की दुकान को खोलने का लोगों ने भारी विरोध करना शुरू किया तो हमलोगों ने 5 अप्रैल से पूरे बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी। उन्होंने कहा कि बिहार में वर्ष 2011 से हमने 26 नवम्बर को मद्य निषेध दिवस मनाना शुरू किया और शराबबंदी के बाद वर्ष 2017 में इसका नाम नशा मुक्ति दिवस कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी काम कीजियेगा तो चंद लोग गड़बड़ करने वाले हमेशा रहते हैं, शत प्रतिशत लोग किसी भी चीज को स्वीकार नहीं करते हैं। शराबबंदी को लेकर हमने 9 बार समीक्षा बैठक की है। हाल ही में शराबबंदी को लेकर 7 घंटे लगातार समीक्षा बैठक की गयी थी और उसमें एक-एक बिंदुओं पर चर्चा हुयी थी। इस बैठक में सभी चीजों की समीक्षा की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में जहरीली शराब से हुई मौत के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई भी की गई। हाल ही में जहरीली शराब पीने से हुई मौत के दोषियों पर भी कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब पीने से होने वाली हानि को लेकर डब्लू०एच0ओ0 ने वर्ष 2016 में दुनिया भर में एक सर्वे कराया था जिसकी रिपोर्ट वर्ष 2018 में प्रकाशित की गयी। दुनिया भर में होने वाली कुल मौतों में 6.3 प्रतिशत मृत्यु यानि करीब 30 लाख लोगों की मौत शराब पीने से हुई। 20 से 30 आयु वर्ग के युवक/युवतियों में होने वाली मृत्यु का 13.5 प्रतिशत शराब पीने से होती है। 18 प्रतिशत लोग शराब पीने के कारण आत्महत्या करते हैं। आपसी झगड़े का 18 प्रतिशत कारण शराब पीना होता है। विश्व में जितनी सड़क दुर्घटनायें होती है उसमें 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटनायें शराब पीने की वजह से होती है। शराब पीने की वजह से होने वाली गंभीर बीमारियों में से लीवर की गंभीर बीमारी 48 प्रतिशत, मुंह के कैंसर का 26 प्रतिशत, पैनक्रियाज की गंभीर बीमारी 26 प्रतिशत तथा टी0बी0 की गंभीर बीमारी 20 प्रतिशत के आस-पास शराब पीने के कारण होती है। यह रिपोर्ट बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद आयी है। डब्लू0एच0ओ0 की इस रिपोर्ट में शराब के सेवन के दुष्परिणामों को लेकर व्यापक चर्चा की गई है। हमें खुशी है कि जिस कारण से हमलोगों ने राज्य में शराबबंदी लागू किया डब्लू०एच०ओ० की यह रिपोर्ट इसकी पुष्टि करती है। इस रिपोर्ट में शराब से होने वाली हानियों के बारे में लोगों को सचेत करने के लिए पर्याप्त आंकड़ें दिये गये हैं। लोगों को हमेशा सचेत करने के लिए हम इस रिपोर्ट के बारे में बताते रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट का लोगों के बीच में और प्रचार-प्रसार करायें ताकि वे शराब सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरुक रहें। इसका प्रचार प्रसार करना जरूरी है ताकि लोग समझ सकें कि शराब कितनी बुरी चीज है। लोगों के हित में बिहार में शराबबंदी लागू की गयी है। बापू ने भी कहा था कि शराब बुरी चीज है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान सभा और विधान परिषद् में सर्व सम्मति से शराबबंदी का प्रस्ताव पास किया गया। उस समय सरकार में जो थे और जो विपक्ष में थे, सभी ने शराबबंदी का समर्थन किया। शराबबंदी के खिलाफ बोलने वाले कुछ लोग भूल जाते हैं कि शराबबंदी लागू करने के वक्त मद्य निषेध विभाग के मंत्री किस पार्टी के थे। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी का अध्ययन करने कई राज्यों के लोग आये हैं। कई राज्यों ने इसको लेकर मुझे अपने राज्यों में बुलाया भी था। केरल के लोग पिछले 22 साल से शराबबंदी के लिये अभियान चला रहे है। शराबबंदी लागू होने से पर्यटकों की संख्या घट जाती है, यह एक भ्रम है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पर्यटकों की संख्या और बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी कानून को मजबूती से लागू करने के लिये एक बार फिर से शपथ दिलायी जा रही है। शपथ लेने से मन फिर से मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि बाएं-दाएं करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करें। सरकारी तंत्र में भी जो गड़बड़ करने वाले हैं उन पर भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि पटना शहर पर विशेष नजर रखें। पटना के कंट्रोल होने से पूरा बिहार कंट्रोल हो जायेगा। उन्होंने कहा कि शराब की सूचना मिलने पर पुलिस का छापेमारी करने जाना कोई गुनाह नहीं है। शादी समारोह हो या और कोई समारोह जब भी सूचना मिलेगी तो पुलिस जायेगी। नियमानुसार कार्रवाई हो, इसका ख्याल रखना जरूरी है। कुछ लोग ऐसे बयान दे रहे हैं कि बाहर से आने वालों को शराब पीने की छूट देनी चाहिये। ऐसे बयान देने वालों के मन में जरूर कोई गड़बड़ करने वाली बात है। पहले लोग कहते थे कि शराबबंदी लागू होने के बाद बिहार की आमदनी घट गयी है लेकिन ऐसी कोई बात नहीं है। पहले वर्ष 5000 करोड़ रूपये के राजस्व का घाटा हुआ था। उसके अगले वर्ष 1200 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ लेकिन अगले साल से शराबबंदी से कोई राजस्व की हानि नहीं होने लगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी लागू होने के बाद बिहार में फल, सब्जी और दूध की खपत बढ़ गयी है। फल, सब्जी और दूध का उत्पादन भी बढ़ा है और बिक्री भी बढ़ी है। शराबबंदी के बाद शराब का सेवन नहीं करने के कारण बचे पैसे से लोग फल, सब्जी और दूध खरीद रहे हैं। शहरों में वातावरण बेहतर हुआ है। शराबबंदी के बाद एक महिला ने आप बीती सुनाते हुए कहा था कि शराबबंदी के पहले पति शराब पीकर रोज झगड़ा करते थे। घर में बच्चे एवं बच्चियां परेशान रहती थी, खाने के लिए पैसे नहीं रहते थे लेकिन शराबबंदी के बाद अब वे शाम में घर आते हैं तो बाजार से सब्जी लेकर आते हैं, मुस्कुराते हैं और अब देखने में भी अच्छे लगते हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से समाज में बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी को पूरी मजबूती से लागू करना होगा। सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक, उत्पाद अधीक्षक और लोक अभियोजक के साथ 15 दिनों में एक बार शराबबंदी को लेकर जरुर समीक्षा बैठक करें। मुख्यालय स्तर पर वरीय अधिकारी हर दूसरे दिन बैठक कर पूरे राज्य के शराबबंदी की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि शराब की सूचना देने को लेकर केंद्रीय आसूचना केंद्र बनाया गया है। बिजली के खंभों पर नंबर अंकित किया गया है जिससे लोग आसानी से सूचना दे सकें। सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाता है। अधिकारियों ने बताया है कि अब काफी तादाद में लोग शिकायत कर रहे हैं। बीच में लोगों का भरोसा घट गया था, ले रहा था कि शिकायत करने पर भी उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है लेकिन से हो रही है। उन्होंने कहा कि शराब पीना अच्छी बात नहीं है। शराब बुरी चीज शराब पियोगे तो मरोगे, इसे प्रचारित करने की जरूरत है। छात्र जीवन से ही हम खिलाफ रहे हैं। उस समय से ही मेरी इच्छा थी कि जब हमें काम करने का मौका मिलेगा तो शराबबंदी लागू करेंगे। बिहार में स्व० कर्पूरी ठाकुर जी ने शराबबंदी लागू किया था लेकिन बाद में उसे खत्म कर दिया गया। जब महिलाओं ने शराबबंदी की मांग की तो मेरा मन पाराबबंदी को लेकर दृढ़ हुआ और राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की। शराबबंदी के प्रति हम सबों को जागृत रहना है और शराब के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरुक करते रहना है। शराबबंदी लोगों के हित में है। इससे राज्य और देश का भला होगा। बिहार में शराबबंदी के सफल होने से दूसरे राज्य भी इसे लागू करने को लेकर प्रेरित होंगे। वर्ष 2017 में 21 जनवरी को शराबबंदी को लेकर मानव श्रृंखला बनायी गयी थी। इसमें अन्य लोगों के साथ-साथ पत्रकारों ने भी शराबबंदी की शपथ ली थी। शराबबंदी को लेकर सभी लोगों ने अपना सहयोग और समर्थन दिया है। हमें भरोसा है कि आगे भी सभी लोग इस अभियान को अपना समर्थन देंगे। आज सभी लोगों ने शपथ ली है। मुख्य सचिव और डी0जी0पी0 सभी सरकारी तंत्र के लोगों की शपथ लेने की पुष्टि कर लें।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री श्रीमती रेणु देवी, शिक्षा मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री श्री सुनील कुमार, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के0के0 पाठक ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, खाद्य एवं उपभोक्त संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री रामप्रीत पासवान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0 सिंघल, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव गृह श्री चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव/सचिव, वरीय पुलिस अधिकारीगण, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह सहित अन्य अधिकारीगण, जीविका की दीदियां, किलकारी के बच्चे उपस्थित थे जबकि अन्य जगहों से वेबकास्टिंग के माध्यम से अन्य जनप्रतिनिधिगण, पदाधिकारीगण तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति जुड़े हुए थे।
नशा मुक्ति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के बाद पारिवारिक पार्टियों पर उठे सवाल पर पत्रकारों द्वारा पूछे गये प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारिवारिक पार्टियां देश को नुकसान पहुंचा रही हैं ये बिल्कुल सही है। हमलोग तो शुरू ये मानकर चल रहे हैं कि पारिवारिक पार्टियों का कोई मतलब नहीं है। आजकल लोग खुद को, अपने परिवार को, बाल बच्चे को राजनीति में जगह देना चाहते हैं। राजनीति में परिवारवाद का कोई मतलब नहीं होना चहिये लेकिन आजकल कई दल इसी राह पर चल रहे हैं। कुछ दिनों के लिये भले ही परिवारवाद चल जाये लेकिन कुछ समय के बाद उनका सर्वाइवल संभव नहीं होगा।
फ्राइडे को दलाल स्ट्रीट पर तबाही देखने को मिली, दक्षिण अफ्रीका में एक नए और संभवतः वैक्सीन-प्रतिरोधी कोरोनावायरस संस्करण की पहचान के बाद सेंसेक्स 1,688 अंक की गिरावट के साथ 57,107 पर बंद हुआ, जबकि व्यापक निफ्टी 509 अंक की गिरावट के साथ 17,026 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स चार्ट (26.11.21) एक नजर में
भारत अस्थिरता सूचकांक या VIX 24.84 प्रतिशत बढ़कर 20.8025 पर पहुंच गया। सेक्टरों में, फार्मा को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रीय सूचकांकों में 1-6 प्रतिशत की गिरावट आई। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 829 अंक की गिरावट के साथ 24,846 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी बीएसई स्मॉलकैप 751 अंक गिरकर 28,071 पर बंद हुआ।
डॉ रेड्डीज 3.32% ऊपर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, नेस्ले इंडिया ने भी उसका अनुसरण किया, जबकि अन्य सभी स्टॉक लाल रंग में नीचे थे। इंडसइंड बैंक 6.01% की गिरावट के साथ शीर्ष स्थान पर रहा, इसके बाद मारुति सुजुकी इंडिया, टाटा स्टील और बजाज फाइनेंस का स्थान रहा।
सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 4 शेयर बढ़त के साथ और 26 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।