Press "Enter" to skip to content

Bihar News in Hindi: The BiharNews Post - Bihar No.1 News Portal

रेप के आरोपी डीएसपी को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत ।

पटना हाई कोर्ट ने एक नाबालिग से रेप के आरोपी गया के तत्कालीन डीएसपी कमलाकांत प्रसाद को फिलहाल राहत दे दी है।जस्टिस आशुतोष कुमार की एकल पीठ ने अग्रिम जमानत के लिए दायर अपील पर सुनवाई के बाद केस डायरी पेश करने का निर्देश दिया है।

साथ ही अपने अंतरिम आदेश में निचली अदालत को निर्देश दिया कि अगर कमलाकांत प्रसाद आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें जमानत दे दी जाए।

कमला कांत प्रसाद की ओर से वरीय अधिवक्ता योगेश चन्द्र वर्मा ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल को एक साजिश के तहत फंसाया गया है।गत 27 मई को गया के महिला थाना में पीड़ित लड़की के भाई ने एफआईआर दर्ज कर आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में दशहरा पर्व के दौरान उसकी नाबालिग बहन के साथ गया मुख्यालय में तैनात तत्कालीन डीएसपी ने रेप किया था।

पुलिस ने भाई के बयान पर रेप के साथ ही पोक्सो तथा एस सी एस टी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया।वर्मा ने कहा कि कथित घटना के समय लड़की नाबालिग नहीं थी।इसलिए पोक्सो के तहत मामला नहीं बनता है।

मेडिकल जांच में भी डॉक्टर ने रेप की पुष्टि नहीं की है।उन्होंने कोर्ट को बताया कि आवेदक कमलाकांत प्रसाद की पत्नी जो अलग रहती है उसी ने यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया है।केस डायरी आने के बाद फिर सुनवाई होगी।

भारत में अमेरिकी मिशन (U.S. Mission) ने 2021 में रिकॉर्ड संख्या में छात्र वीजा को मंजूरी दी

भारत में यूनाइटेड स्टेट्स मिशन को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि उसके दूतावास और वाणिज्य दूतावासों ने वैश्विक COVID-19 महामारी के बावजूद, 2021 में पहले से कहीं अधिक छात्र वीजा आवेदकों को मंजूरी दी। इन प्रयासों के माध्यम से, ५५,००० से अधिक छात्र और विनिमय आगंतुक संयुक्त राज्य में अध्ययन करने के लिए विमानों में सवार हो रहे हैं, और हर दिन अधिक छात्रों को अनुमोदित किया जा रहा है। यू.एस. मिशन एक और महान छात्र सत्र की प्रतीक्षा कर रहा है क्योंकि यह आने वाले कुछ महीनों में वसंत सेमेस्टर (Spring semester) के छात्रों के लिए अध्ययन की सुविधा प्रदान करता है।

इस उपलब्धि को स्वीकार करते हुए, राजदूत (Ambassador) अतुल केशप (Atul Keshap), नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में चार्ज डी’अफेयर्स ने कहा: “संयुक्त राज्य में अध्ययन भारतीय छात्रों के लिए एक अनूठा और अक्सर जीवन बदलने वाला अनुभव है, जो ताजा, वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करता है और अमूल्य कैरियर के अवसरों के लिए अग्रणी होता है। भारतीय छात्र अमेरिकी समाज को भी समृद्ध करते हैं, उच्च स्तर की शैक्षणिक सफलता प्राप्त करते हैं, और हमारे देशों के बीच दोस्ती के बंधन को गहरा करते हैं। भारत में अमेरिकी मिशन की कई मेहनती महिलाएं और पुरुष अपनी यात्रा और अध्ययन को सुविधाजनक बनाने पर गर्व महसूस कर रहे हैं।”

ऑन लॉक 6 में वैक्सीन लेने वाला व्यक्ति ही बिहार में घूम सकता है।

अनलॉक – 6 में क्या खास है

गृह विभाग के अपर प्रमुख सचिव चैतन्य प्रसाद ने दी जानकारी
26 अगस्त से 25 सितंबर तक अनलॉक – 6 लागू रहेगा

पूर्व के प्रतिबंधों में काफी सहूलियत दी गई।
राज्य के सभी दुकान व प्रतिष्ठान सामान्य समय पर खुलेंगे बंद करने के समय पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
दुकान और प्रतिष्ठान में काम करने वाले सभी मालिक व कर्मचारियों द्वारा टीकाकरण लेना अनिवार्य होगा।

और अपने प्रतिष्ठानों में उसका सर्टिफाइड कॉपी रखना अनिवार्य होगा।

दुकान में प्रतिष्ठानों में मास्क, सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंस का पालन पूर्व की तरह ही करना होगा।

राज्य के सभी शिक्षण संस्थान 100% उपस्थिति के साथ खुलेंगे।

पहली से लेकर 12वीं तक के स्कूलों को भी 100 % उपस्थिति के साथ खुलेंगे।

शिक्षण संस्थानों द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था रखी जाएगी।

राज्य में चलने वाले सभी सरकारी आवासीय स्कूलों को भी खोला जाएगा।

राज्य के सभी बोर्ड व समिति द्वारा परीक्षाएं लेने की इजाजत होगी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को टीकाकरण करने की जिम्मेवारी होगी।

सार्वजनिक स्थल पर किसी भी तरह के आयोजन की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा लेना अनिवार्य होगा।
आयोजन में कितने लोग शामिल होंगे इसकी सीमा जिला प्रशासन क्या करेगा।

शादी समारोह वर्ष श्राद्ध कार्यक्रम में लोगों की तरह संख्या समाप्त कर दी गई है।
लेकिन शादी समारोह में बारात व डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रहेगा।

सभी पर समान रूप से खुलेंगे।

राज्य के सभी धार्मिक स्थलों को भी समान रूप से खोला जायेगा।
मंदिर – मस्जिद व गुरुद्वारों में कोविड-19 इनका पालन कर श्रद्धालु पूजा कर सकेंगे।

राज्य में सभी सामाजिक राजनीतिक और खेलकूद जैसे कार्यक्रम कराने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।

राजगीर के कुंड में वे अब स्नान हो सकेगा। हालांकि इसके लिए आरटी पीसीआर का 72 घंटे पूर्व नेगेटिव जांच रिपोर्ट या फिर रैपिड एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट होना अनिवार्य रहेगा।

50% क्षमता के साथ सिनेमा हॉल और शॉपिंग मॉल सामान्य समय से खुल सकेंगे।

50% क्षमता के साथ रेस्टोरेंट सामान्य समय से खोला जाएगा।

राजगीर क्लब जिम और स्विमिंग पूल 50% क्षमता के साथ वैक्सीनेशन लिए हुए व्यक्तियों के लिए खोला जाएगा।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट 100 % क्षमता के साथ चलेंगे।

उतार-चढ़ाव के बीच बाजार सपाट बंद, तेल और गैस, बिजली शेयरों में तेजी

फार्मा, रियल्टी, बैंक और ऑटो को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स, बिजली और तेल और गैस सूचकांकों में 1 % की तेजी के साथ समाप्त हुए। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5% की तेजी आई।

बीएसई सेंसेक्स 56,198 का ​​एक नया सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, लेकिन मामूली नुकसान के साथ 55,944 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 50 0.06% की बढ़त के साथ 16,634 पर हरे रंग में बंद हुआ।

सेंसेक्स में सबसे ज्यादा टीसीएस 1.42% की बढ़त के साथ इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचयूएल का स्थान रहा। दूसरी ओर, बजाज फिनसर्व सेंसेक्स में 2.29% नीचे था, इसके बाद टाइटन, मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल थे।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

बिहार में लांक डाउन पूरी तरह खत्म सीएम ने की घोषणा

कोविड की स्थिति की समीक्षा की गई। कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार को देखते हुए सभी दुकानें, प्रतिष्ठान, शापिंग माल, पार्क, उद्यान एवं धार्मिक स्थल सामान्य रूप से खुल सकेगें। जिला प्रशासन की अनुमति से सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन अपेक्षित सावधानियों के साथ आयोजित किए जा सकेगें।

सभी विश्वविद्यालय, कॉलेज, तकनीकि शिक्षण संस्थान तथा विद्यालय (पहली से बारहवीं कक्षा तक) के साथ साथ कोंचिग संस्थान भी सामान्य रूप से खुलेगें। राज्य के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, विद्यालयों द्वारा परीक्षा आयोजित की जा सकेंगी। 50% क्षमता के साथ सिनेमा हॉल, क्लब, जिम, स्वीमिंग पूल, रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकान (आंगतुको के साथ) खुल सकेगें।

परन्तु तीसरे लहर की संभावना के मद्देनजर हम सभी बिहारवासियों को कोविड अनुकूल व्यवहार के साथ सावधानी बरतना जरूरी है।

प्रतिबंधित दवाओं के बिक्री पर शीध्र लगाये रोक – हाईकोर्ट

पटना हाई कोर्ट ने राज्य में प्रतिबंधित दवाओं के व्यापार में लिप्त लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने शशि रंजन सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता श्रीप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि बिहार ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 व रूल्स 122 ई का हवाला देते हुए कहा है कि कानून के प्रावधानों के विरुद्ध प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की जा रही है।

इस जनहित याचिका में यह भी आरोप लगाया है कि कथित तौर पर पूरे राज्य में केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री वर्तमान समय के प्रभारी ड्रग्स कंट्रोलर की मिलीभगत से की जा रही है। इस मामले में सहायक औषधि नियंत्रक, मुजफ्फरपुर, ने कुल 111 फर्मों के नामों को 12 जून, 2021 को अपने पत्र के जरिये अभियोजन चलाने को लेकर भेजा था।

परंतु ड्रग्स कंट्रोलर ने अभियोजन चलाने की स्वीकृति नहीं दी। श्री श्रीवास्तव ने आगे ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ इंडिया के विगत 11 फरवरी, 2021, 22 मार्च, 2021 और 26 अप्रैल, 2021 के पत्रों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राज्य के ड्रग्स कंट्रोलर की मिलीभगत से पूरे राज्य में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री जारी है और इनके संरक्षण में ही इन सब कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। प्रतिबंधित चीजों को दवाओं में मिलाकर दवाओं की बिक्री की जा रही है।

राज्य सरकार का पक्ष राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता एस डी यादव ने रखा। इस मामले पर आगे की सुनवाई आगामी 31 अगस्त को की जाएगी।

कहॉ कब होगा पंचायत चुनाव

बिहार पंचायत चुनाव

कुल 11 चरणों मे होगा चुनाव ।

24 सितंबर को पहला चरण ।
10 जिला , 12 प्रखंड ।

29 सितंबर को दिव्तीय चरण।
34 जिला , 48 प्रखंड

8 अक्टूबर को तीसरा चरण ।
35 जिला ,50 प्रखंड

20 अक्टूबर को चौथा चरण ।
36 जिला,53 प्रखंड

24 अक्टूबर को 5वा चरण ।
38 जिला,58 प्रखंड

3 नवंबर को छठा चरण ।
37 जिला,57 प्रखंड

15 नवंबर सातवा चरण ।
37 जिला,63 प्रखंड

24 नवंबर आठवां चरण।
36 जिला,55 प्रखंड

29 नवंबर नवा चरण।
35 जिला,53 प्रखंड

8 दिसंबर 10 वा चरण
34 जिला ,53 प्रखंड

12 दिसंबर 11वा चरण
20 जिलों , 38 प्रखंड

बाढ़ प्रभावित जिले में अंतिम चरण में होगा चुनाव ।

38 जिले
534 प्रखंड
8072 ग्राम पंचायत
9,28,09,194 ग्रामीण जनसंख्या
1,13,891 कुल मतदान केंद्र
6,38,94,737 कुल ग्रामीण मतदाता
3,35,80,487 पुरुष मतदाता
3,03,11,779 महिला मतदाता
2,471 अन्य मतदाता।

6 पद के कुल 2लाख 55 हजार 22 के लिए होना है पंचायत चुनाव।

ग्राम पंचायत मुखिया – 8072
ग्राम पंचायत सदस्य – 113307
पंचायत समिति सदस्य – 11104
जिला परिषद सदस्य – 1160
ग्राम कचहरी सरपंच – 8072
ग्राम कचहरी पंच – 113307

निफ्टी 16,600 के ऊपर, मेटल, फार्मा, बैंकों की अगुवाई में सेंसेक्स 403 अंक चढ़ा

सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू इक्विटी बाजार बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 403 अंक, 0.73% बढ़कर 55,959 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 0.78% बढ़कर 16,625 पर बंद हुआ।

बजाज फिनसर्व सेंसेक्स में 7.9% की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद टाटा स्टील, टेक महिंद्रा और बजाज फाइनेंस का स्थान रहा। नेस्ले इंडिया 1.34% नीचे था, मंगलवार को सेंसेक्स का एकमात्र स्टॉक 1% से अधिक गिर गया।

निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल

पंचायत चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी, पूरे प्रदेश में आर्दश आचार संहिता लागू

राज्य में पंचायतों के छह पदों के लिए चुनाव होगा। इनमें से 4 पदों का चुनाव ईवीएम से और 2 पदों का चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाएगा। जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, ग्राम पंचायत मुखिया और ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे। इसके अलावा सरपंच और पंच के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। पंचायत चुनाव में करीब 6 करोड़ 44 लाख वोटर होंगे और मतदान केन्द्रों की संख्या करीब 1 लाख 14 हजार होगी।

बिहार में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही जिला निर्वाचन पदाधिकारी(पंचायत), अनुमंडल अधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, निर्वाची पदाधिकारी, सहायक निर्वाची पदाधिकारी तथा जिला निर्वाचन पदाधिकारी(पंचायत) द्वारा मनोनीत उप निर्वाचन पदाधिकारी(पंचायत) के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर रोक लग जाएगी। इसके अलावा चुनाव कार्य से जुड़े अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारियों, कर्मचारियों के स्थानांतरण पर भी रोक रहेगी।

अधिवक्ता के पत्र से घमासान

पटना हाई कोर्ट के विख्यात अधिवक्ता दिनेश को पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित एक खुला पत्र में पटना हाई कोर्ट में अनुसूचित जाति- जनजाति वर्ग के अधिवक्ताओं को हाई कोर्ट में जज बनाने की मांग की है। श्री दिनेश ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में अनुसूचित जनजाति वर्ग से जज बनाने की मांग की है।

इस खुले पत्र के जरिये पटना हाई कोर्ट में अनुसूचित जाति- जनजाति वर्ग से जज बनाने को लेकर अनुशंसा करने की मांग की गई है। पत्र में आगे कहा गया है कि पटना हाई कोर्ट 105 वर्ष पुराना है।
विगत वर्षों में विभिन्न जातियों के लोगों को पटना हाई कोर्ट का जज बनाया गया, किन्तु पटना हाई कोर्ट के वर्ष 1916 में की गई स्थापना से अभी तक सिर्फ एक अनुसूचित जाति वर्ग से जज नियुक्त हुए।

लेकिन, पिछले 105 वर्ष में एक भी अनुसूचित जनजाति वर्ग के जज नहीं बनाए गए। उन्होंने अपने खुले पत्र के माध्यम से उम्मीद जताया है कि इन वंचित वर्ग के लोगों को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा।

पटना हाईकोर्ट के राज्य में असिस्टेंट prosecution ऑफिसर की नियुक्ति के लिए बी पी एस सी द्वारा ली गई प्रारंभिक के परिणाम को संशोधित करने का निर्देश के मद्देनजर बी पी एस सी ने कल होने वाली असिस्टेंट prosecution ऑफिसर की होने वाली मुख्य परीक्षा स्थगित कर।जस्टिस सी एस सिंह ने सुदीप कुमार दास की याचिका पर सुनवाई करते हुए बी पी एस सी को यह निर्देश दिया था कि प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट को संशोधित कर रिजल्ट को प्रकाशित करें।
बी पी एस सी ने 553 पदों पर असिस्टेंट prosecution ऑफिसर की नियुक्ति के लिए 6 फरवरी, 2020 को विज्ञापन निकाल कर आवेदन आमंत्रित किया।याचिकाकर्ताओं ने इसके लिए पिछड़ा और आर्थिक पिछडे वर्ग के उम्मीदवार के रूप में आवेदन किया।
7 फरवरी,2021 को प्रारंभिक परीक्षा बी पी एस सी ने आयोजित किया।27 अप्रैल,2021 को इसका परिणाम प्रकाशित किया गया।
इन उम्मीदवारों ने अपनी श्रेणी मे कट ऑफ मार्क्स से अधिक अंक प्राप्त होने के बाद भी असफल घोषित हुए।बी पी एस सी ने प्रारंभिक परीक्षा में न्यूनतम अंक निर्धारित कर दिया,जब की विज्ञापन में मुख्य परीक्षा में शामिल होने उम्मीदवारों की प्रारंभिक परीक्षा में 1:10 के अनुपात में उम्मीदवार लेना था।
कोर्ट ने विज्ञापन मे दिए गए प्रावधान के अनुसार उम्मीदवारों को सफल घोषित करने के लिए प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम संशोधन करने का निर्देश बी पी एस सी को दिया।
गौरतलब है कि प्रारंभिक परीक्षा में न्यूनतम अंक के आधार पर प्रकाशित परिणाम पर कल से मुख्य परीक्षा लेने का कार्यक्रम था।
कोर्ट ने मामलें को प्रारम्भिक परीक्षा के परिणाम में संशोधित करने के बाद मुख्य परीक्षा का कार्यकम घोषित किया जाएगा।कोर्ट ने इसके साथ ही इस मामलें को निष्पादित कर दिया।

जब पेड़ों और जानवरों की गिनती हो सकती है तो जातियों की क्यों नहीं?

जातिगत जनगणना को लेकर बिहार के 10 राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश और राजद लीडर तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। नीतीश ने कहा कि हमने बिहार की जातियों के संबंध में प्रधानमंत्री को जानकारी दी है, उन्होंने हमारी बातों को ध्यान से सुना। प्रधानमंत्री ने जातिगत जनगणना की मांग को नकारा नहीं है। तेजस्वी बोले कि जब पेड़-पौधों की गिनती हो सकती है तो जातियों की क्यों नहीं, ये राष्ट्रहित में है।

पीएम से मुलाकात के बाद क्या बोले सीएम नीतीश
सीएम नीतीश कुमार ने कहा, ‘पीएम मोदी ने बिहार से आए प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों की बातों को सुना है। अब पीएम मोदी को निर्णय लेना है, वह जो भी उचित समझें। जातीय जनगणना पर अभी निर्णय के बारे में कुछ नहीं कह सकता हूं। पीएम ने गंभीरता से सभी को सुना है। इसके लिए उनका आभारी हूं। एक-एक विषय की जानकारी दी गई है। प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों ने जातीय जनगणना के पक्ष में अपनी बातें रखी’। सीएम नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष की ओर से यह प्रस्ताव मिला था कि जातीय जनगणना के मुद्दे पर पीएम से मिलना चाहिए।
क्या बोले तेजस्वी
वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि पेड़-पौधों की गिनती होती है, जानवरों की गिनती होती है तो इंसानों की क्यों नहीं- ‘सरकार के पास स्पष्ट आंकड़ा नहीं है, किस समाज के कितने लोग हैं, इसकी जानकारी नहीं है।

आंकड़ों के आधार पर ही किसी भी काम को किया जाएगा। पहली बार किसी राज्य के सभी पार्टियों ने मिलकर विधानसभा में पारित किया गया जातीय जनगणना कराने के बाद कोई विवाद नहीं होगा। इससे रिजर्वेशन लागू करने में भी मदद मिलेगी। सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी को भी धन्यवाद देता हूं। उन्होंने पूरी बातें सुनी है। अब हम लोगों को निर्णय का इंतजार है’।
CM नीतीश कुमार रविवार देर शाम ही पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहले से ही दिल्ली में हैं। उनके अलावा इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस, HAM, VIP, AIMIM, माले, CPI और CPM के नेता भी मौजूद थे।

इस प्रतिनिधिमंडल में BJP के तरफ से मंत्री जनक राम को भेजा गया था। बैठक में जदयू से शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, कांग्रेस नेता अजीत शर्मा, CPI (माले) नेता महबूब आलम, AIMIM के अख्तरुल इमान, पूर्व मुख्यमंत्री और हम सुप्रीमो जीतन राम मांझी, VIP प्रमुख मुकेश सहनी, CPI नेता सूर्यकांत पासवान और CPM नेता अजय कुमार शामिल हुए हैं।

कोरोना काल में बेहतर काम करने वाले कबीर संस्थान को मिला सौगात।

बिहार के पहले शव फ्लूनरल संयत्र जो बिजली, गैस से संचालित होता है,का सफल ट्रायल दरभंगा में सम्पन्न हुआ। अमेरिकी संस्था फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोशिएशन और उसकी सहयोगी संस्था बिहार झारखंड एसोशिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (बाजना), मैथिल ऑफ नार्थ अमेरिका (मोना) जयपुर फुट यू एस ए द्वारा प्रदत्त शव फ्लूनरल संयत्र का मुक्तिधाम ,भिगो में अधिष्ठापन हुआ है।

मालूम रहे कि अमेरिकी संस्थानों ने कोरोना शव निस्तारण में कठिनाई देख दरभंगा के कबीर सेवा संस्थान को यह संयत्र जनहित में प्रदत किया। इसके बाद जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एस एम की पहल पर निगम ने मुक्तिधाम, भिगो में इसे स्थापित करने हेतु एन ओ सी दिया तथा सिविल वर्क भी करवाया। प्रसासन ने बिजली कनेक्शन की व्यवस्था की, जबकि इसके संचालन हेतु 27 सिलेंडरों का गैस बैंक, संयत्र का हरियाणा से लाने का व्यय, इसका अधिष्ठापन का खर्च कबीर सेवा संस्थान उठा रहा है।

50 से 60 लाख रु की संयुक्त लागत से अधिष्ठापन होने वाला यह शव फ्लूनरल संयत्र उत्तर बिहार का अकेला शवदाह संयत्र है जो बिजली से संचालित होगा तथा इसका हिट गैस से होगा। एक शव संस्कार में अधिकतम 45 मिनट लगेगा और पर्यावरण की भी रक्षा होगी। इस पर प्रति शव डेढ़ हजार रु का गैस पर खर्च का अनुमान है।

इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने भी कंपनी की ओर से एक सौ रु प्रति सिलेंडर छूट दिया है।

अब ट्रायल के बाद यह उदघाटन के लिए तैयार है। हरियाणा से आये संयत्र निर्माता एम डी इंटरप्राइजेज के तकनीकी विशेषज्ञ ने तीसरे राउंड में एक सप्ताह रह कर इसका अधिष्ठापन किया और कर्मी को प्रशिक्षित भी किया। ट्रायल के समय नगर निगम के अभियंता, कर्मी सहित कबीर सेवा संस्थान और मुक्तिधाम समिति के लोगों सहित कई लोग मौजूद थे।

इस संयत्र के अधिष्ठापन से जहां शव संस्कार में समय और पैसे की बचत होगी, जबकि सबसे अहम पर्यावरण की भी रक्षा होगी।

अब जिलाधिकारी, नगर आयुक्त विधिवत इसके निरीक्षण के उपरांत इसके उदघाटन की तिथि तय करेंगे।

इसके अधिष्ठापन में लगातार नदी का बढ़ता पानी और भीषण बारिश के कारण काफी कठिनाई हुई। पूर्ण कार्य में एक कार्य चिमनी का अधिष्ठापन रह गया है, जो नदी का पानी घटने पर क्रेन जाने पर ही संभव है। हालांकि अभी इसके बिना भी शव संस्कार का कार्य हो सकेगा, जिसका धुआं चिमनी के बिना 100 फिट ऊंची की जगह 20 फिट से ही फिलहाल निकलेगा।
संयत्र अधिष्ठापन होते ही नगर आयुक्त मनेश कुमार मीणा ने संयत्र की देखरेख हेतु कर्मचारियों को जिम्मेदारी हेतु आदेश दिया है, वहीं वरीय पुलिस अधीक्षक बाबूराम ने इसकी सुरक्षा हेतु संबंधित थाना, पुलिस को आदेश दिया है। इसके अलावा मुक्तिधाम में सी सी टी वी से भी पुलिस निगरानी रखेगी। इसके अधिष्ठापन का कार्य भी चल रहा है।

बिहार में एक मंदिर ऐसा जहाँ भाई बहन की पूजा होती है ,मुगल सिपाही से बहन की रक्षा करते जान गवा दिया

भारतीय समाज में रक्षाबंधन इतना महत्‍वपूर्ण त्‍योहार है कि इसे हिंदुओं के अलावा कई दूसरे मतों को मानने वाले परिवार भी मनाते हैं। इस पर्व को लेकर तमाम लोक कथाएं हैं किंवदंतियां हैं। यह पर्व भाई और बहन के प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। ऐसे मौके पर आपको बिहार के एक मंदिर की कहानी जानकर हैरानी हो सकती है, जहां भाई और बहन की बकायदा पूजा होती है। यह मंदिर है सिवान जिले के दारौंदा प्रखंड के भीखाबांध गांव में। यहां विशाल मेला लगता रहा है।

भीखाबांध स्थित भैया-बहिनी मंदिर भाई- बहन के अटूट प्रेम एवं विश्वास का प्रतीक है। यह मंदिर प्रखंड मुख्यालय से 12 किलोमीटर उत्तर एवं महाराजगंज अनुमंडल से चार किलोमीटर पूरब सिवान -पैगंबरपुर पथ के किनारे स्थित है।

इस मंदिर के बारे में बताया जाता है कि मुगल शासक काल में एक भाई अपनी बहन को राखी के मौके पर दो दिन पहले ही डोली में बिठाकर भभुआ (कैमूर) से अपने गांव ला रहा था। भीखाबांध गांव के समीप मुगल सिपाहियों ने डोली में बैठी दुल्‍हन को देखा तो उस की सुंदरता देखकर उनके मन में गलत भावना भर गई। सिपाहियों ने डोली को रोक कर बहन के साथ गलत हरकत करने का प्रयास करने लगे। इस पर भाई अपनी बहन की रक्षा के लिए सिपाहियों से उलझ गया। कहा जाता है कि बहन अपने आप को असहाय महसूस करते हुए भगवान को याद की। उसी समय धरती फटी और भाई-बहन दोनों उसी में समा गए। डोली उठा रहे कुम्हारों ने वहां स्थित कुएं में कूद कर जान दे दी।

कहा जाता है कि इस घटना के दिनों बाद यहां एक ही स्थल पर दो वट वृक्ष निकले, जो कई बीघा जमीन पर फैल गए। ये वृक्ष ऐसे दिखाई देते हैं कि मानो लगता है कि एक-दूसरे की सुरक्षा कर रहे हों। यहां पूजा करने वालों की मनोकामनाएं पूरी होती गईं। इसके बाद यहां एक मंदिर का निर्माण हुआ। इसमें भाई-बहन के पेड़ की पूजा होती है। भाई-बहन सोनार जाति के होने के चलते सबसे पहले इन्हीं की जाति के लोगों द्वारा पूजा-अर्चना की जाती है।

हलाकि कोविड संक्रमण की वजह से यह मंदिर बंद है। बिहार में मंदिरों को खोलने की इजाजत अभी सरकार ने नहीं दी है। यहां कम श्रद्धालुओं की पहुंचने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां अतिक्रमण के चलते वट वृक्ष कुछ कट्ठा में सिमट कर रह गया है। इस मंदिर की जीर्णोद्धार के लिए प्रशासनिक स्तर पर आज तक कुछ भी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मंदिर एवं वटवृक्ष की ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की मांग की है।

पूर्व राज्यपाल एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर मुख्यमंत्री ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की ।

पटना : 21 अगस्त 2021, मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने पूर्व राज्यपाल एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि स्वर्गीय कल्याण सिंह एक प्रख्यात राजनेता थे। वे दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के पद को भी सुशोभित किया था। देश की राजनीति में उनका बहुमूल्य योगदान रहा है। स्वर्गीय कल्याण सिंह जी के साथ मेरा आत्मीय संबंध था और उनसे दिल्ली में प्राय: मुलाकात हो जाती थी। उनके निधन से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा उनके परिजनों एवं प्रशंसकों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

कोरोना से मौत मामले में यूरोपीय देशों से भी आगे निकला बिहार सीआरएस रिपोर्ट में हुआ खुलासा

बिहार में कोरोना से कितनी मौते हुई है इसको लेकर शुरु से ही विवाद रहा है स्वास्थय विभाग और पीआईबी बिहार के साइट पर आज भी कोरोना से मौत की बात करे तो 9649 लोगों का नाम दर्ज है वही राज्य सरकार के आकड़ों की बात करे तो 2020 और 2021के बीच मतलब पहली और दूसरी लहर की बात करे तो बिहार में कोरोना से 5,163 लोगों की मौत हुई है जबकि दूसरी लहर में बिहार का ऐसा कोई भी गांव नहीं था जहां से कोरोना फैलने और कोरोना से मौत की खबर नहीं आयी हो लेकिन नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) ने बिहार सरकार के दावे की कलई खोल कर रख दिया है ।

सीआरएस के रिपोर्ट की माने तो बिहार में औसतन मौत का जो आकड़ा रहा है उससे (मार्च 2020 से मई 2021) के बीच 2,51,000 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं। यह संख्या इस अवधि के दौरान राज्य में कोरोना वायरस की वजह से हुई आधिकारिक मौतों से 48.6 गुना है।

हलाकि इस दौरान राष्ट्रीय स्तर पर मौत का आकंड़ा 35 प्रतिशत अधिक रहा है महामारी से पहले की अवधि (जनवरी 2015 से फरवरी 2020) के सीआरएस डेटा को एक ऑल कॉज मोरटैलिटी बेसलाइन बनाने के लिए औसत निकाला गया है और उसकी तुलना मार्च 2020 से मई 2021के बीच में दर्ज मौतों से की गई तो 2,51,000 ‘अतिरिक्त मौतों’ की संख्या सामने आई है।

मई के अंत तक राज्य के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 5,163 थी। इसका मतलब है कि सीआरएस आंकड़ों से पता चलता है कि आधिकारिक कोविड-19 की मौत का आंकड़ा 48.6 गुना कम था। कोविड-19 प्रकोप के दौरान राज्य सरकारों ने ग्राउंड डेटा को इकट्ठा करने के लिए इस सिस्टम को शुरू किया था। यह रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के कार्यालय के तहत सभी जन्म और मृत्यु को रिकॉर्ड करने की राष्ट्रीय प्रणाली है।

सीआरएस के आकड़े सामने आने के बाद मीडिया के सवालों से बचते हुए बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने बस इतना ही कहा कि वे सीआरएस डेटा पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन कोविड-19 से संबंधित सभी मौतें डीएम और सिविल सर्जन की तरफ से सत्यापित हैं।

जीविका दीदी ने कर दी कमाल भाई के हाथों में दीदी की बनी राखी से सजेंगी हाथ

कहते हैं रेशम के धागे की राखी का बड़ा महत्व होता है । पूर्णिया की दर्जनों जीविका दीदीयां इन दिनों मलबरी की खेती कर अपने हाथों से बेकार पड़े खराब कोकून से रेशम का धागा निकालकर आकर्षक राखियां बना रही है । इससे जहां उन्हें रोजगार मिल रहा है वहीं ये दीदीयां लोगों को रेशम की शुद्ध राखियां भी मुहैया करा रही है । पिछले साल 23 फरवरी 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मन की बात में धमदाहा के मलवरी की खेती कर आर्थिक उपार्जन करने वाले आदर्श जीविका समूह की सराहना की थी ।

पूर्णिया के धमदाहा अनुमंडल के अमारी कुकरन में आदर्श जीविका समूह समेत चार अन्य समूह की जीविका दीदीयां इन दिनों रेशम की राखी बना रही है । जीविका दीदी रीना कुमारी ने कहा कि पहले वे लोग खराब हो चुके कोकून को बेकार समझकर फेंक देते थे । लेकिन पिछले साल पटना के सरस मेला में उनलोगों ने देखा कि कुछ लोग किस तरह बेकार पड़े चीजों का इस्तेमाल कर अच्छा हैन्डीक्राफ्ट बना रहे हैं, तो उनलोगों के मन में भी कुछ नया करने की ललक जगी । इसके लिये उनलोगों ने पहले प्रशिक्षण लिया फिर पिछले साल कोरोना के समय अपने परिवार के साथ मिलकर 21 सौ राखियां बनायीं। इस तरह उन्हें कोरोना की मुश्किल घड़ी में तकरीबन 40 हजार रुपये की आमदनी हुई।

इस बार धमदाहा के पांच समूह की 40 जीविका दीदीयों ने बैठक कर राखी बनाने का काम शुरु किया । इस साल उनलोगों का लक्ष्य करीब पचास हजार राखियां बनाने का है और एक राखी की कीमत 15 रु. से 50 रु. तक तय किया गया है। उन्हें भरोसा है कि इससे उन्हें अच्छी आमदनी भी होगी और कुछ सकारात्मक पहल भी।

इस संदर्भ में डीएम राहुल कुमार ने बताया कि पूर्णिया की जीविका दीदीयां अच्छा काम कर रही हैं। धमदाहा की आदर्श मलवरी उत्पादक जीविका समूह की जीविका दीदीयों की प्रशंसा पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी की थी । उन्होंने कहा कि धमदाहा की कई जीविका दीदीयां जहां रेशम की राखी के अलावे साड़ी समेत कई चीजें बना रही हैं वहीं कुछ जीविका दीदीयां मक्का उत्पादन और मक्का से सामग्री बनाकर आर्थिक उपार्जन कर रही है ।

पूर्णिया जीविका समूह की दीदियां लगातार अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए न सिर्फ प्रयास करती हैं बल्कि लगातार प्रशिक्षण ले कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान भी बना रही है ।

सरकारी मानदेय पाने वाले नहीं लड़ सकते है पंचायत चुनाव ,नेपाल की बेटी को नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ

बिहार में पंचायत चुनाव की उलटी गिनती शुरु हो गयी है 24 अगस्त को चुनाव की अधिसूचना जारी होने वाली है। इससे पहले आयोग ने पंचायत चुनाव लड़ने वालो को लेकर एक अर्हता (योग्यता)जारी किया है जिसमें सरकार ने मानदेय पर काम करने वाले कर्मी चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।

साथ ही वैसी लड़किया जिसकी शादी भारत में हुई है और वो नेपाल की रहने वाली है ऐसी लड़कियों को नेपााल के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर आरंक्षण का लाभ नहीं मिलेगा ।राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पत्र के अनुसार विशेष शिक्षा परियोजना, साक्षरता अभियान, शिक्षा केंद्रों पर मानदेय पर कार्यरत अनुदेशक, पंचायत के अधिन मानदेय व अनुबंध पर कार्यरत शिक्षा मित्र, न्याय मित्र, विकास मित्र, टोला सेवक व दलपति केंद्र व राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकार से वित्तीय सहायता पाने वाले शैक्षणिक-गैर शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी, रसोइया व मानदेय पर कार्यरत कर्मी, गृहरक्षक एवं सरकारी वकील भी पंचायत चुनाव नहीं लड सकेंगे और ना ही किसी भी पद के लिए किसी व्यक्ति का प्रस्तावक ही बन सकते हैं।इतना ही नहीं आंगनबाडी केंद्र पर तैनात सेविका व सहायिका भी किसी भी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ सकेगी और ना ही वे चुनाव मैदान में उतरने वाले अभ्यर्थी की प्रस्तावक ही बन सकेगी।

कौन कौन प्रस्तावक बन सकता है —-

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में किसी पद के प्रस्तावक होने के लिए संबंधित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी है। वहीं, 21 वर्ष से कम आयु वर्ग वाले किसी का प्रस्तावक नहीं बन सकेंगे। प्रस्तावक बनने के लिए भारत का नागरीक होना जरूरी है। केंद्र व राज्य सरकार सहित किसी स्थानीय प्राधिकार की सेवा में रहने वाले व्यक्ति भी प्रस्तावक नहीं बनेंगे। सक्ष्म न्यायालय द्वारा विकृतचित घोषित व्यक्ति एवं कोर्ट से राजनीतिक अपराध से अलग किसी भी अपराध के लिए छह महिने के कारावास की सजा पाने वाले व्यक्ति किसी का प्रस्तावक नहीं होंगे। वहीं, एक सक्षम व्यक्ति एक ही अभ्यर्थी का प्रस्तावक बन सकेंगे।

चुनाव में ये उतर सकते हैं —-
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से तय की गई अर्हता के मुताबिक सेवा निवृत सरकारी कर्मी, जनवितरण प्रणाली के लाइसेंसी विक्रेता, कमीशन के आधार पर काम करने वाले अभिकर्ता एवं अकार्यरत गृहरक्षक पंचायत चुनाव के मैदान उतर सकते हैं।

वही मधुवनी के डीएम के पत्र के आलोक में राज्यनिर्वाचन आयोग ने कहा है कि नेपाल की जो भी लड़किया भारत में बिहायी गयी है उसको आरक्षंण का लाभ नहीं मिलेगा

चिराग को बुझाने वाले मेरे पिता जी को भी बुझाना चाहते थे,नीतीश जी राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार और लूट को रोकिए ना जनता खुद सर आँखों पर बिठा लेगा।

चिराग बुझेगा या जलेगा, ये आरसीपी सिंह या फिर नीतीश कुमार के हाथों में नहीं है। उनका वश चलता तो वो मुझे और मेरे पिताजी को कबका बुझा दिए होते ।ये कहना है लोजपा सांसद चिराग पासवान का हाल ही केन्द्रीयमंत्री बनने के बाद आरसीपी सिंह जब जमुई पहुंचे थे तो पत्रकार ने उनके चिराग पासवान को लेकर सवाल किया था तो उस सवाल के जबाव में आरसीपी ने कहा कि जो बुझ चुका है, उसपर क्या बोलना?

हलाकि आरसीपी के बयान पर चिराग इतना पर ही चुप नहीं हुआ आरसीपी और नीतीश कुमार पर चुटकी लेते हुए कहा कि आप मंत्री बन कर आये थे, यह पैसा बाढ़ पीड़ितों पर लगा देते, विकास में लगा देते। जगह-जगह पर होडिंग-पोस्टर लगवाए थे, इतनी ही मेहनत बिहार के विकास में करते तो बेहतर रहता।बिना घूस लिये कोई काम नहीं होता है यही करवाता देते जनता गदगद हो जाती है।

उन्होंने कहा कि सड़क की गुणवत्ता में कमी और कमीशनखोरी जैसी समस्या जमुई ही नहीं पूरे प्रदेश की है। इसलिए इसकी मिसाल हम जमुई से कायम करना चाहते हैं। किसी भी सड़क के निर्माण में कोई समझौता किए बिना गुणवत्तापूर्ण निर्माण हो इसके लिए पदाधिकारियों को भी इमानदारी पूर्वक निष्ठा के साथ कार्य करने के लिए कहा गया है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए फायदा हो।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण सड़क का निर्माण नहीं होने की वजह से गुणवत्ता में समझौता करने की वजह से आज जो सड़क बनी उसके पहले का हिस्सा टूटने लगता है। पहली बरसात में ही सड़क की हालत जर्जर हो जाती है। बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट के माध्यम से भी मैंने इस समस्या को बिहार सरकार के संज्ञान में देने का काम किया।बिहार की सबसे बड़ी समस्या है कि बिना घूस दिए कोई कार्य नहीं होता इन तमाम चीजों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनकी राज्य सरकार और जिला प्रशासन क्यों खामोश है ये मेरे समझ से परे है।

नाम का डबल इंजन की सरकार है

बहरहाल अपने समझ से जितना होता है मैं जिला प्रशासन व मुख्यमंत्री के संज्ञान में देने का कार्य करता हूँ। मैंने सभी अधिकारियों से आग्रह किया है कि हमलोग पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करें। डबल इंजन की सरकार हैं तो आपकी पास पूरी ताकत है न केंद्र का पूरा सहयोग है। कौन सी ऐसी योजना है जिसमें दोनों का सहयोग नहीं है।उसके बाद भी इंफ्रास्ट्रक्चर की ऐसी स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन राज्य सरकार से हमारी यह शिकायत रही है कि केंद्र सरकार की योजनाएं प्रदेश में पूर्णतः धरातल पर नहीं उतर पाई है। डबल इंजन की सरकार होने का मतलब यही है न की दोनों का तालमेल इतना खूबसूरत हो कि राज्य सरकार की कोई योजना केंद्र में लंबित न हो और केंद्र सरकार की कोई योजना राज्य में लंबित न हो। उसके बाद भी कहीं न कहीं अड़चन आती है तो डबल इंजन की सरकार पर प्रश्नचिन्ह जरूर लगता है।

कोविड टीकाकरण में पटना राप्ट्रीय स्तर पर 10 स्थान बरकरार

कोविड-19 टीकाकरण में पटना जिला ने न केवल बिहार प्रदेश में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर नया रिकॉर्ड कायम किया है। जिसका चरणबद्ध विवरण निम्नवत है-

1/ पूरे देश के 754 जिलों में पटना जिला का सर्वाधिक टीकाकरण में दसवां स्थान बरकरार है।
1/ मुंबई 8628757
2/बृहद मंगलूर 8326267
3/पुणे7111246
4/कोलकाता5288244
5/चेन्नई 4501791
6/अहमदाबाद4418468
7/थाणे 4176939
8/24 परगना3619551
9/हैदराबाद3538561
10/पटना3509731

2/ बिहार राज्य में टीकाकरण की सर्वाधिक प्रतिशतता (पहला एवं दूसरा दोनों डोज में) पटना नंबर वन जिला

पहला डोज
पटना 59.7%, भागलपुर 43.7%, पूर्णियां 40.9% शिवहर 40.2% नालंदा 39.5%

दूसरा डोज में भी सर्वाधिक प्रतिशतता
पटना 21%
शिवहर9.1%
नालंदा 8.8%
पूर्णिया 8.5%
भागलपुर 8.5%

टीकाकरण के पहला एवं दूसरा डोज की प्रतिशतता में पटना जिला की प्रतिशतता राज्य की प्रतिशतता से भी आगे।
पहला डोज
राज्य का 37.2%
पटना जिला का 59.7%
दूसरा डोज
राज्य का 7.3%
पटना जिला का 21%

3/ * 45 प्लस के टीकाकरण के पहले एवं दूसरे डोज में पटना जिला का राज्य स्तर पर पहला स्थान*

पहला डोज
पटना 66%
शिवहर 58.1%
नालंदा 53.6%
भागलपुर 17.3%
पूर्णिया 17.3%

45 प्लस के टीकाकरण के दूसरे डोज मे भी पटना जिला का पहला स्थान
पटना 32.2%
शिवहर 20.5%
नालंदा 17.8%
भागलपुर 17.3%
पूर्णिया17.3%

45 प्लस के टीकाकरण के पहला एवं दूसरा डोज मैं पटना जिला की प्रतिशतता राज्य से भी अधिक।
पहला डोज
राज्य का 46%
पटना जिला का 66%
45 प्लस का दूसरा डोज में
राज्य का 14%
पटना जिला का 32.2%

4/ 18 से 45 आयु वर्ग के व्यक्तियों के टीकाकरण के पहला एवं दूसरा दोनों ही डोज में राज्य स्तर पर पटना जिला का पहला स्थान

पहला डोज
पटना 51.2%
भागलपुर 36.73
सारण 32.2
पूर्णियां 31.06
पूर्वी चंपारण 30.88
18 से 45 आयु वर्ग के दूसरे डोज में पटना जिला का पहला स्थान
पटना 11.10%
पूर्वी चंपारण2.87%
पूर्णिया 2.61%
सारण2.57%
भागलपुर2.51%
18 से 45 आयु वर्ग के टीकाकरण के पहले एवं दूसरे डोज में पटना जिला की प्रतिशतता राज्य की प्रतिशतता से भी अधिक
पहला डोज
राज्य का 30.22%
पटना जिला का51.20%
द्वितीय डोज में
राज्य का 2.11%
पटना जिला का11.10%

5/ पटना शहर में शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त किया गया है। इसके तहत कूलर 1440613 व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया जो लक्ष्य का 100.23% है।

जिला की महत्वपूर्ण एवं उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए जिला अधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कर्मियों तथा जिला वासियों को बधाई दी है तथा दोगुने उत्साह से कार्य कर जिला को टीकाकरण से शत प्रतिशत आच्छादित करने को कहा है।

उक्त तमाम उपलब्धियों को प्राप्त करने हेतु जिलाधिकारी द्वारा लोगों की जरूरत एवं सुविधा को ध्यान में रखकर दूरदर्शी पहल करते हुए विशेष टीकाकरण केंद्र, 24×7 केंद्र की स्थापना, टीका एक्सप्रेस आदि शुरू किए गए तथा जिला वासियों एवं कर्मियों के समन्वित प्रयास से पटना जिला ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अद्वितीय एवं अविस्मरणीय कीर्तिमान स्थापित किया है।

6/ विशेष टीकाकरण केंद्र
केंद्र की संख्या 17
टीकाकृत व्यक्ति 1004049
पहला डोज 729955
दूसरा डोज274094

7/24×7 केंद्र की स्थापना
ऐसे तीन केंद्र की स्थापना 6 जून को किया गया जिसका पटना वासी ने भरपूर फायदा उठाया तथा जिला प्रशासन की सुविधा एवं व्यवस्था की सराहना की।
24×7 के रूप में कार्यरत तीनों केंद्रों पर कुल 446700 व्यक्तियों को टीकाकृत किया गया जिसने फर्स्ट डोज 295 110 तथा सेकंड डोज 151590 है।
पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कंपलेक्स 187233
पाटलिपुत्रा अशोक 154324
पॉलिटेक्निक कॉलेज पाटलिपुत्रा 105143 है।

रेशम नगरी भागलपुर पुराने गौरव को प्राप्त करेगा, बनेगा आत्मनिर्भर…उपमुख्यमंत्री

भागलपुर का अतीत और वर्तमान गौरवशाली रहा है। रेशम नगरी भागलपुर अपने पुराने गौरव को प्राप्त करेगा और आत्मनिर्भर बनेगा। बिहार सरकार अपनी योजनाओं के माध्यम से यहां के लोगों की अपेक्षाओं पर खड़ा उतरेगी। उक्त बातें भागलपुर के लाजपत पार्क में आयोजित “आत्मनिर्भर बिहार- भागलपुर की बात” कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने कहे।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय पार्ट-2 के अंतर्गत बिहार सरकार द्वारा कई महत्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिसके तहत काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना की वैश्विक चुनौती के बीच बिहार ही नहीं समूचे देश में आर्थिक प्रवाह बाधित हुआ है, परंतु इन चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार और बिहार सरकार ने मानव जीवन की रक्षा हेतु यथासंभव बेहतर प्रबंध किए। केंद्र सरकार ने लोगों के लिए नि:शुल्क कोरोना टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की, वहीं बिहार सरकार छ: माह में छ: करोड़ लोगों को टीकाकरण करने लक्ष्य के तहत काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कोराना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए बिहार सरकार तैयार है।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि भागलपुर जिले को हवाई अड्डे की सुविधा एवं भोलानाथ पुल के निर्माण हेतु केंद्र सरकार से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि भागलपुर में स्मार्ट सिटी के विभिन्न अवयवों के क्रियान्वयन की तकनीकी बाधाओं को दूर किया गया है। सैंडिस कंपाउंड में स्मार्ट सिटी के सभी कंपोनेंट पर काम हो रहा है। स्मार्ट रोड नेटवर्किंग के तहत कुल 34 सड़कों का पुनर्विकास एवं पुन:संयोजन किया जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 30 किलोमीटर है। सड़क जाम से मुक्ति हेतु घंटाघर चौक से आदमपुर चौक, बड़ी खंजरपुर, मायागंज अस्पताल पथ को बाईपास के लिए चयनित किया गया है। भागलपुर शहर में चार वाहन पार्किंग बनाने की कार्रवाई चल रही है। उन्होंने कहा कि विगत 15 वर्षों में सरकार ने बिहार के चतुर्दिक विकास के लिए बेहतर काम किए हैं, जिसके परिणाम धरातल पर दिख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। गांवों की समृद्धि एवं स्वालंबन के लिए केंद्र सरकार एवं बिहार सरकार ने महत्वपूर्ण योजनाओं को संचालित किया है। उज्जवला योजना, जलापूर्ति योजना, गली-नाली पक्की सड़क योजना सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से गांवों की खुशहाली और समृद्धि के लिए सकारात्मक कदम उठाए गए हैं।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रेशम नगरी भागलपुर उद्योग और कृषि उत्पादों के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। भागलपुर के प्राचीन गौरव को पुर्नस्थापित करते हुए आत्मनिर्भर बिहार के संकल्पों को हम सबके सहयोग से पूरा करेंगे।