किशनगंज पुलिस थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम को बस ड्राइवर के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश दिया था जब उन्होंने पुलिस को हेरोइन के बारे में सूचित किया। पुलिस ने बस की तलाशी ली और लगभग 1 किलोग्राम की हेरोइन बरामद की।
जानकारी के अनुसार, 47 लाख के बरामदगी रकम 1000 से 500 तक छोटे-छोटे लॉट में रखा गया था। नोट्स के साथ-साथ, पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हेरोइन को पैकिंग का काम एक महिला के पास सौंपा गया था, जो अपने पति के साथ स्थानीय सियासत में शामिल हैं।
जिस बस में हेरोइन बरामद हुई, वह सीतामढ़ी से किशनगंज के लिए आ रही थी। बस ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उसकी बस को लखनऊ से किशनगंज बाहर भेजा गया था, जहां एक शख्स को हेरोइन से भरने को कहा गया था, जो उसके जानते हुए भी उसने स्वीकार किया था।
किशनगंज में इस बड़े मामले पर नेताओं ने कुछ वादे किए हैं। स्थानीय बीजेपी विधायक श्री बी पी प्रसाद ने कहा, किशनगंज में जितना भी काम है वह जारी है, और हम पुलिस को हर सहायता प्रदान करेंगे। तो बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, यह साबित करता है कि बीजेपी ने पूर्व में अपने शासनकाल में देश-द्रोही गिरोह को फूटी हुई घड़ियाल की तरह चलाने की कोशिश की।
किशनगंज पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हेरोइन स्मगलिंग के इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित कर दिया गया है, जिसमें स्थानीय पुलिस अधिकारी, एनआईए और सीबीआई के अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा वे जांच करते हुए हेरोइन में मिलाना किसी बड़े समूह के पीछे है। उन्होंने कहा, हमने पुलिस को आदेश दिया है ताकि किसी भी संभावित तस्करी रैकेट का पता लगाया जा सके।
किशनगंज में हेरोइन बरामदगी के इस मामले ने राज्य के अपराध व्यवस्था प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, उन्हें अब पूरे क्षेत्र में जांच करनी है, जहां उन्हें इस समूह के सदस्यों को पहचानना है और उन पर कार्रवाई करनी है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई बड़ा विवरण देने से इनकार कर दिया है कि क्या यह हेरोइन नेपाल या अन्य देशों से सीमाओं से स्मगल की गई थी। इसकी भी पुष्टि नहीं हो पाई है कि क्या इसमें अन्य या किसी बड़े गिरोह का हाथ था।
यह मामला जांच के लिए एक विशेष दल गठित किया गया है। पुलिस हेरोइन स्मगलिंग के मामले की जांच कर रही है।
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