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पटना में मांस-मछली दुकानों के लिए नए नियम: लाइसेंस और QR कोड अनिवार्य, स्वच्छता पर जोर

पटना नगर निगम ने शहर में मांस-मछली की बिक्री को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब पटना के हर मीट-मछली दुकानदार को अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेना होगा और उनकी दुकानों पर एक यूनिक क्यूआर कोड भी लगाना होगा। यह क्यूआर कोड दुकान की पूरी जानकारी देगा, जिससे ग्राहक और प्रशासन एक क्लिक पर दुकान की जानकारी देख सकेंगे।
पटना नगर निगम के इस फैसले से शहर में मांस-मछली की अवैध बिक्री पर रोक लगेगी और स्वच्छता मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। नगर आयुक्त यशपाल मीणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। लाइसेंस मिलने के बाद दुकानों को यूनिक QR कोड जारी किया जाएगा, जिसमें दुकान और दुकानदार की पूरी जानकारी दर्ज रहेगी।
पटना नगर निगम ने शहर में बड़ी संख्या में बिना लाइसेंस के मांस-मछली की दुकानें संचालित होती मिली हैं। कई अंचलों में लाइसेंस प्रणाली वर्षों से ठप थी और खुले में बिक्री आम बात बन चुकी थी। हालिया जांच में 1400 से अधिक अवैध दुकानों की पहचान की गई है, जिन्हें नोटिस देकर लाइसेंस के लिए आवेदन करने को कहा गया है।
निगम प्रशासन का कहना है कि तय समयसीमा में आवेदन नहीं करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और दुकानें बंद भी कराई जा सकती हैं। पटना नगर निगम जल्द ही एक विशेष उड़नदस्ता टीम गठित करेगी, जो शहर में स्वच्छता मानकों को लागू कराने के लिए समय-समय पर राजधानी पटना के विभिन्न इलाकों में औचक निरीक्षण करेगी।
डिजिटल पहचान, नियमित लाइसेंसिंग और उड़नदस्ता निरीक्षण से अव्यवस्थित मांस-मछली बाजार पर नियंत्रण लगेगा और कारोबार अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और दुकान बंद कराने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। पटना नगर निगम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी मंदिर, मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थलों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों के पास मांस-मछली बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

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