बिहार के मधुबनी जिले में दरभंगा-फारबिसगंज DEMU ट्रेन को लेकर एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई। लोको पायलट की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ने से बच गई। यह घटना उस समय हुई जब ट्रेन तमुरिया स्टेशन के पास पहुंचने वाली थी और पायलट की नजर अचानक पटरी पर रखे एक लोहे के गेट पर पड़ी।
पटरी पर रखा मिला लोहे का गेट
जानकारी के अनुसार, दरभंगा से फारबिसगंज की ओर जा रही DEMU ट्रेन उसी ट्रैक से गुजरने वाली थी, जहां से करीब एक घंटे पहले एक मालगाड़ी सुरक्षित गुजर चुकी थी। मालगाड़ी के गुजरने के बाद किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा लोहे का भारी गेट रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया। यदि ट्रेन उस गेट से टकरा जाती, तो उसके पटरी से उतरने की आशंका थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
लोको पायलट ने जैसे ही ट्रैक पर गेट देखा, तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। ट्रेन गेट से महज कुछ मीटर पहले रुक गई। इस त्वरित निर्णय ने संभावित दुर्घटना को टाल दिया। ट्रेन में सवार यात्रियों ने राहत की सांस ली और लोको पायलट की सतर्कता की सराहना की।
तोड़फोड़ की आशंका, जांच शुरू
मालगाड़ी के सुरक्षित गुजरने के बाद ट्रैक पर गेट रखा जाना तोड़फोड़ (साबोटाज) की आशंका को जन्म देता है। इस घटना ने रेलवे प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए East Central Railway के समस्तीपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने तत्काल विशेष जांच टीम गठित की है।
इस टीम में रेल खुफिया विभाग और क्राइम ब्रांच के अधिकारी शामिल हैं। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है और स्टेशन मास्टर, गार्ड, लोको पायलट तथा लाइनमैन से पूछताछ की जा रही है।
रेलवे पुलिस में मामला दर्ज
घटना को लेकर दरभंगा रेल थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सहायक सुरक्षा आयुक्त ने भी मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि आखिर इतना भारी लोहे का गेट वहां तक कैसे पहुंचाया गया और इसे रखने के पीछे किसकी मंशा थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि लोको पायलट समय रहते गेट को नहीं देख पाते, तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते थे। रेलवे प्रशासन अब संवेदनशील रूटों पर निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को सख्त करने पर विचार कर रहा है।
यात्रियों ने जताया आभार
ट्रेन के रुकने के बाद रेलवे कर्मियों ने ट्रैक से गेट हटाया और कुछ देर बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया। यात्रियों ने लोको पायलट की सूझबूझ और बहादुरी की प्रशंसा की। कई यात्रियों का कहना था कि अगर पायलट थोड़ी भी देर करते, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल जांच जारी है और रेलवे प्रशासन इस घटना को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की पड़ताल कर रहा है। दोषियों की पहचान होते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि रेलवे सुरक्षा में जरा सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
दरभंगा-फारबिसगंज रेलखंड पर टली यह बड़ी दुर्घटना लोको पायलट की सतर्कता का उदाहरण बन गई है, जिसने अपनी तत्परता से सैकड़ों जिंदगियों को सुरक्षित रखा।