बिहार में ईंधन संकट को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं के बीच राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पेट्रोल, डीजल और पीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने एक высок स्तरीय बैठक में राज्य के सभी जिला अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक की, जिसमें ईंधन की कालाबाजारी और अवैध उपयोग पर रोक लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा, और सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर गैस एजेंसियों और गोदामों की नियमित जांच की जाएगी। अगर कहीं भी निर्धारित दाम से ज्यादा वसूली या अवैध भंडारण पाया गया, तो तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।
बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि सोशल मीडिया पर ईंधन संकट को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस तुरंत एक्शन लेगी। जनता की सुविधा के लिए हर जिले में एक कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा, जहां लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
इंडियन ऑयल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने बताया कि कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण फिलहाल सिलेंडर डिलीवरी के लिए अनिवार्य ओटीपी की व्यवस्था को रोक दिया गया है। यानी अब आपको ओटीपी के चक्कर में डिलीवरी के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
पेट्रोलियम कंपनियों ने भरोसा दिलाया है कि बिहार और झारखंड के लिए गैस, पेट्रोल, डीजल और पीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की पैनिक बुकिंग या जमा न करें। प्रशासन और पुलिस की टीमें कॉर्डिनेशन के साथ काम कर रही हैं ताकि आम आदमी की रसोई तक गैस समय पर पहुंच सके।
बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह ईंधन संकट को लेकर किसी भी तरह की अफवाह औरSpeculation को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करेगी। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे शांति और संयम बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। सरकार ने कहा है कि वह ईंधन संकट को लेकर हर संभव कदम उठा रही है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।