Press "Enter" to skip to content

बिहार राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों की भूमिका पर टिकी निगाहें, तेजस्वी यादव ने कहा अफवाह

राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी बिहार में चरम पर है, जहां पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहा है. इस बार के चुनाव में राजनीतिक रोमांच इसलिए है क्योंकि छह उम्मीदवार मैदान में हैं और हर विधायक का वोट महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कांग्रेस विधायकों की भूमिका पर सबसे ज्यादा चर्चा है, क्योंकि उनके वोट महागठबंधन के उम्मीदवार के लिए बहुत जरूरी हैं.
कांग्रेस विधायकों की गैरमौजूदगी की खबरें सियासी अटकलों को बढ़ावा दे रही हैं. हालांकि तेजस्वी यादव ने इन खबरों को सिरे से खारिज किया है और कहा है कि यह अफवाह है और भाजपा की ओर से भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है. महागठबंधन के उम्मीदवार के लिए कांग्रेस विधायकों का समर्थन बहुत जरूरी माना जा रहा है, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी ने सियासी गलियारों में नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं.
कांग्रेस के छह विधायक निर्णायक भूमिका में हैं और उनके वोट महागठबंधन के उम्मीदवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि कुछ विधायकों के अलग-अलग दलों से पुराने रिश्ते रहे हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि मतदान के समय सभी विधायक पार्टी लाइन पर रहेंगे या नहीं. खबर लिखे जाने तक कुछ कांग्रेस विधायक वोट कर चुके हैं, लेकिन कुछ अभी तक नहीं पहुंचे हैं.
कांग्रेस ने अभी तक अपने विधायक दल का नेता और सचेतक घोषित नहीं किया है, जिससे पार्टी के विधायक बिना औपचारिक नेतृत्व के ही इस महत्वपूर्ण मतदान में हिस्सा ले रहे हैं. यही वजह है कि कांग्रेस के हर विधायक पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है. हालांकि तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि महागठबंधन के सभी विधायक एकजुट हैं और उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे.
राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए 41 वोट की जरूरत है और बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं. संख्या बल के आधार पर एनडीए के पास चार सीटें लगभग सुरक्षित मानी जा रही हैं, लेकिन पांचवीं सीट के लिए अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ सकती है. यही वजह है कि इस सीट के लिए दोनों खेमों में राजनीतिक रणनीति और जोड़-तोड़ अपने चरम पर है.

BiharNewsPost
The BiharNews Post

बिहार न्यूज़ पोस्ट - बिहार का नं. 1 न्यूज़ पोर्टल !

More from खबर बिहार कीMore posts in खबर बिहार की »