बिहार के मुजफ्फरपुर में चैती छठ महापर्व का समापन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हुआ। यह पर्व 36 घंटे के निर्जल व्रत के बाद सम्पन्न हुआ, जिसमें व्रतियों ने पारण किया और घाटों पर भारी भीड़ के बीच श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
मुजफ्फरपुर में छठ महापर्व के दौरान शहर के विभिन्न घाटों पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। लोगों ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाटों पर जमावड़ा किया और अपनी श्रद्धा और आस्था का प्रकटीकरण किया।
छठ महापर्व के दौरान व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जल व्रत रखा, जो कि इस पर्व की एक मुख्य विशेषता है। इस दौरान व्रतियों ने केवल जल ग्रहण किया और अन्य किसी प्रकार का भोजन या पेय पदार्थ नहीं लिया।
मुजफ्फरपुर में छठ महापर्व के समापन पर व्रतियों और श्रद्धालुओं में खुशी और उत्साह का माहौल देखा गया। लोगों ने अपने परिवार और मित्रों के साथ मिलकर इस पर्व का आनंद लिया और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण किया।
छठ महापर्व के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया था और लोगों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की थी।
मुजफ्फरपुर में छठ महापर्व के समापन पर लोगों में संतुष्टि और शांति का भाव देखा गया। लोगों ने इस पर्व के दौरान अपनी श्रद्धा और आस्था का प्रकटीकरण किया और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण किया।
छठ महापर्व के समापन के साथ ही मुजफ्फरपुर में त्योहारों का मौसम भी सम्पन्न हो गया है। लोगों ने इस पर्व के दौरान अपने परिवार और मित्रों के साथ मिलकर आनंद लिया और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण किया।