जम्मू कश्मीर के पूंछ जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारतीय सेना की रोमियो फोर्स और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) पूंछ ने मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें पूंछ जिले के गनी गांव में एक गुफा से आतंकियों का हथियार और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया गया है। इस बरामदगी को क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, भारतीय सेना और एसओजी पूंछ सीमा से सटे इस जिले में लगातार आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं। इसका मकसद आतंकी खतरों को निष्क्रिय किया जा सके और घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करना है। नियंत्रण रेखा के पास स्थित पूंछ जिला लंबे समय से संवेदनशील रहा है, जहां सुरक्षा बल उच्च सतर्कता बनाए रखते हैं।
हाल ही में, 22 फरवरी को भारतीय सेना ने बताया था कि जम्मू क्षेत्र में पिछले 20 दिनों के दौरान विभिन्न आतंकवाद विरोधी अभियानों में सात आतंकियों को मार गिराया गया, जिससे जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे को बड़ा झटका लगा है। इस दौरान जैश कमांडर सैफुल्लाह भी मारा गया। किश्तवाड़ में चले इस अभियान के बाद आर्मी ने कहा कि 326 दिनों तक चले इस ऑपरेशन में सफलता मिली। अब यह क्षेत्र आतंक के नेटवर्क से मुक्त है।
इसके अलावा, 4 फरवरी को बसंतगढ़ के जोफर जंगल क्षेत्र में ऑपरेशन ‘किया’ के तहत एक मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर किए गए। उसी दिन किश्तवाड़ के डिच्छर इलाके में ऑपरेशन ‘त्राशी-I’ के तहत एक अन्य आतंकी को भी निष्क्रिय किया गया। इसके बाद किश्तवाड़ में चलाए गए घेराबंदी और तलाशी अभियानों के दौरान तीन और आतंकियों को मार गिराया गया।
सुरक्षा बलों ने सुंदरबनी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की एक कोशिश को भी नाकाम किया। इन सभी अभियानों के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। जनवरी में शुरू किया गया ऑपरेशन ‘त्राशी-I’ किश्तवाड़ के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों चत्रू, सोनार, डोलगाम और डिच्छर पर केंद्रित रहा है।