बिहार के सीवान जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच एक बड़ा एनकाउंटर हुआ, जिसमें दो शातिर अपराधियों के पैर में गोली लग गई। यह मुठभेड़ बुधवार को सीवान-पटना मलमलिया मुख्य मार्ग पर बसंतपुर थाना इलाके के लहेजी गांव के पास हुई। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर वाहन चेकिंग के दौरान दो अपराधियों को पकड़ा, जो बाइक पर सवार होकर भागने की कोशिश कर रहे थे।
जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें लगभग चार राउंड गोलियां चलाई गईं। लेकिन पुलिस ने बिना देर किए जवाबी फायरिंग की और दोनों अपराधियों को भागने का कोई मौका नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि दोनों के पैर में गोली लग गई।
पुलिस ने घायल अपराधियों को तत्काल हिरासत में लेकर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया। पुलिस अभिरक्षा में एम्बुलेंस से उन्हें भेजा गया। घायल अपराधियों की पहचान बड़हरिया थाना इलाके के सदरपुर निवासी 25 साल के रोहित कुमार शर्मा और चौकी हसन गांव निवासी 19 साल के रोहित कुमार कुशवाहा उर्फ रिशु के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में अपराधियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रोहित कुमार शर्मा ने कबूल किया है कि वह बसंतपुर के खोड़ीपाकड़ ज्वेलरी दुकान लूटकांड के साथ-साथ हाल ही में हुए अरुण ज्वेलर्स लूटकांड में भी शामिल रहा है। वह इंटर स्टेट स्तर पर एक्टिव रहा है और बगोरा, हैदराबाद सहित कई इलाकों में लूट की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
रोहित कुमार शर्मा के साथी रोहित उर्फ रिशु भी अरुण ज्वेलर्स लूटकांड में शामिल रहा है। यह एनकाउंटर न केवल दो अपराधियों की गिरफ्तारी की कहानी है, बल्कि एक बड़े आपराधिक नेटवर्क की परतें खोलती है। डॉक्टर आलोक कुमार सिन्हा के अनुसार, रोहित शर्मा को दोनों पैरों में गोली लगी है, जबकि रिशु के बाएं पैर में घुटने के नीचे गोली आर-पार हो गई है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया है।
पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और अपराधियों के साथियों की तलाश में जुटी है। यह एनकाउंटर बिहार पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि है, जिसमें उन्होंने अपनी तत्परता और साहस का परिचय दिया है।