केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और नक्सलियों को गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा। शाह ने कहा कि नक्सलवाद की जड़ विकास की कमी, गरीबी या अन्याय नहीं, बल्कि एक विचारधारा है और सरकार इस विचारधारा से प्रेरित हिंसा को जड़ से खत्म करने के लिए सटीक कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि भोले-भाले आदिवासियों को नक्सलियों ने गलत सलाह दी है और उन्हें यह समझाया गया है कि उन्हें न्याय दिलाने और उनके अधिकार की खातिर यह लड़ाई लड़ी जा रही है। लेकिन शाह ने कहा कि अन्याय होने पर हथियार उठा लेना लोकतांत्रिक तरीका नहीं है और मोदी सरकार के दौरान कभी स्वीकार्य नहीं होगा।
शाह ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की कमी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि आजादी के बाद के 75 सालों में से 60 साल तक सत्ता कांग्रेस के हाथों में रही, लेकिन उन्होंने आदिवासी समुदाय को विकास से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि असली विकास तो पीएम नरेंद्र मोदी के आने के बाद ही हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि बातचीत केवल उन्हीं से होगी, जो हथियार डाल देंगे और जो गोलियों का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें गोलियों से जवाब दिया जाएगा। शाह ने नक्सलियों को हथियार डालने और मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान किया और कहा कि सरकार उनके पुनर्वास और पुनर्वासित के लिए तैयार है।