लाखों छात्र उतरा सड़क पर गोपालगंज, छपरा और कैमूर में ट्रेन में लगायी आग।
नवादा में बीजेपी कार्यालय में लगाया आग , नवादा में ही BJP विधायक पर हुआ जानलेवा हमला।











यह भी पढ़ें….
post about खबर बिहार की
लाखों छात्र उतरा सड़क पर गोपालगंज, छपरा और कैमूर में ट्रेन में लगायी आग।
नवादा में बीजेपी कार्यालय में लगाया आग , नवादा में ही BJP विधायक पर हुआ जानलेवा हमला।











यह भी पढ़ें….
नवादा में आंदोलनकारी छात्रों के प्रदर्शन का शिकार वारसलीगंज विधायक हो गई।वारसलीगंज की विधायक अरुणा देवी की गाड़ी पर आंदोलन कर रहे छात्रों ने उस वक्त हमला बोल दिया जब छात्र नवादा शहर के तीन नंबर स्टैंड के समीप अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
जैसे ही रेलवे ट्रैक के समीप वारसलीगंज विधायक अरुणा देवी पहुंची उसी दौरान छात्रों ने उनके गाड़ी पर हमला बोल दिया जिसमें विधायक के बॉडीगार्ड, ड्राइवर और उनके साथ रहे क्षेत्र के एक कार्यकर्ता को चोट लग गई।

इस दौरान छात्रों ने उनके गाड़ी को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया।यही नहीं छात्रों ने उनके गाड़ी में लगे बीजेपी के झंडे को भी उखाड़ फेंक दिया। किसी तरह बॉडी गार्ड और ड्राइवर ने उन्हें उस भीड़ से निकालकर नवादा सर्किट हाउस लाया। जहां उन्होंने पहुंचकर मीडिया को आपबीती बताई।

इस दौरान उन्होंने नवादा एसपी को भी फोन कर मदद मांगी। मगर उन्हें तत्काल कोई राहत नहीं मिल सकी। मौके पर पुलिस जरूर थे मगर उनके तरफ से उन्हें कोई लाभ नहीं मिल सका।फिलहाल वारसलीगंज विधायक अरुणा देवी सर्किट हाउस में रुकी है।आपको बताते चले विधायक अपने निजी कार्य से आज नवादा पहुंची थी।
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध पूरे देश में जारी है। जहानाबाद में अभी हाल है सुबह छात्र पटना गया के बीच स्थित जहानाबाद रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। अप एंड डाउन ट्रैक को बाधित कर दिया, साथ ही काको मोड़ पर आगजनी कर सड़क जाम कर दिया।
लगभग ढाई घंटे तक गया से पटना और पटना से गया की ओर जाने वाली ट्रेनें स्टेशन पर खड़ी रही। आंदोलनकारियों को ट्रैक से हटाने के लिए पुलिस तभी रणनीति बना ही रही थी कि उनके बीच से कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी।
पत्थरबाजी की घटना शुरू होते ही स्टेशन पर भागदौड़ की स्थिति बन गई लोग इधर-उधर छुपते दिखे। अफरातफरी के बीच कई लोगों को चोटें लगी कुछ पुलिसकर्मी हल्के रूप से घायल भी हुए। पत्थरबाजी शुरू होने के बाद पुलिस ने आंदोलनकारी छात्रों पर बल प्रयोग करना शुरू कर दिया। और कुछ ही देर में स्टेशन को खाली करा लिया गया।

ढाई घंटे बाद जहानाबाद से रेलों का परिचालन शुरू हो पाया। इस दौरान एएसपी, एसडीओ, डीएसपी, टाउन थाना, एससी–एसटी थाना, महिला थाना, कड़ौना थाना, आरपीएफ पोस्ट की टीमें मौजूद रही।
अग्निपथ को लेकर आज सुबह से ही बिहार में संग्राम जारी है आक्रोशित छात्रों ने भभुआ स्टेशन पर खड़ी इन्टरसिटी एक्सप्रेस में आग लगा दिया है वही आरा स्टेशन में छात्रों ने जमकर तोड़ फोड़ किया है। वही जहानाबाद ,बक्सर ,आरा ,नावादा ,सिवान ,छपरा सहित बिहार के कई हिस्सों से खबर आ रही है कि आक्रोशित छात्र एनएच और रेलवे ट्रेक को जाम कर दिया है इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प होने कि भी खबर आ रही है। छात्रों के उग्र प्रदर्शन के कारण मध्य बिहार के अधिकांश इलाकों में सड़क और रेल मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है ।
इस बीच पटना प्रशासन ने बिहार के अलग अलग हिस्सों से तोड़फोड़ की खबर आने के बाद पूरे शहर में अर्लट घोषित कर दिया है कोचिंग और विश्वविधायल वाले इलाके में अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजा जा रहा है।
1–सीवान– अग्निपथ योजना के खिलाफ सड़क पर उतरे छात्र रेल सेवा को भी किया प्रभावित
छात्रों ने जेपी चौक,स्टेशन मोड़ और सिवान स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है ।
हाथ में बांस का बल्ला लेकर और जगह जगह आगजनी कर प्रदर्शन कर रहे हैं छात्रों के आक्रोश को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया जा रहा है ।
2–बक्सर – सेना बहाली नियमों के बदलाव को लेकर भड़के छात्र बक्सर में आज दूसरे दिन भी आंदोलन जारी , बक्सर स्टेशन पर रेलवे ट्रैक जाम कर युवा कर रहे है नारेबाजी , ट्रेन रूट को ही आंदोलन स्थल बना विरोध कर रहें है छात्र, बड़ी संख्या में आरपीएफ और जीआरपी के जवान समेत स्थानीय थाने की पुलिस टीम पहुँची आक्रोशित छात्रों के सामने प्रशासन ने खड़े किये हाथ पटना मुगलसराय रेल खंड पर रेल सेवा हुआ प्रभावित .बक्सर , चौसा , डुमरांव , रघुनाथपुर स्टेशनों के समीप रेलवे ट्रैक जाम , अप और डाउन लाइन पर दर्जनों ट्रेने है खड़ी
3–छपरा—छात्रों ने कानून को लिया अपने हाथ और आगजनी के कारण पूरे शहर में अफरातफरी दुकान बंद करके भाग रहे हैं दुकानदार सड़क पर छात्र ही छात्र नजर आ रहे हैं ।
4–कैमूर – आक्रोशित छात्रों ने भभुआ रोड स्टेशन पर रेलवे ट्रैक को किया जाम प्रशासन छात्रों का गुस्सा देख रेलवे परिसर से बाहर निकले ।
5—आरा —रेलवे स्टेशन पर ट्रैक जाम कर रहे छात्र हुए उग्र रेलवे स्टेशन पर किया जमकर तोड़फोड़ छात्रों का आक्रोश देख स्टेशन से बाहर निकले पुलिस जवान
6—नवादा —छात्रों का बबाल, सेना में बहाली के नए नियम के खिलाफ सड़को पर उतरे छात्र
7—जहानाबाद—रेलवे ट्रेक को छात्रों ने किया जाम स्टेशन परिसर मेंं हंगामा जारी
8—भभुआ रोड स्टेशन पर ट्रेनों में तोड़फोड़ जारी इंटरसिटी एक्सप्रेस में छात्रों ने लगायी आग
9–मुंगेर —सेनाओं में युवाओं की अनुबंध आधारित भर्ती को लेकर केंद्र सरकार की ओर से लांच की गई ‘अग्निपथ योजना’ का विरोध होना शुरू हो गया है। मुंगेर , बांका और सफियाबाद में युवाओं ने एनएच 80 को जाम कर दिया है ।

लालू प्रसाद यादव हाजीपुर कोर्ट में हुए पेश, 2015 चुनाव में दिए गए बयान पर हुआ था आदर्श आचारसंहिता के उलंघन का मामला दर्ज। आचार संहिता के मामले में हुए पेश, बयान दर्ज।
राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के तेरसिया में 27 सितंबर 2015 को चुनावी सभा को संबोधित करते हुए लालू प्रसाद यादव ने बैकवर्ड फॉरवर्ड की लड़ाई की बात कही थी…
तब तत्कालीन सदर सर्किल इंस्पेक्टर ने 29 सितंबर को वीडियो एविडेन्स के आधार पर आचार संहिता का मामला गंगा ब्रिज थाना में दर्ज कराया था..

हाजीपुर व्यवहार न्यायालय में मामला चलने के बाद 23 अप्रैल को अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी के बाद जमानत दी थी..
जहानाबाद में बुधवार की सुबह छात्रों का आक्रोश सड़कों पर दिखा तो वहीं कई छात्र रेल ट्रैक पर जमे रहे। दरअसल केंद्र सरकार की ओर मंगलवार को घोषित अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं में आक्रोश देखने को मिल रहा है.
देश में कई जगहों पर युवाओं ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया. इसी सिलसिले में जहानाबाद में भी सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती के लिए सरकार द्वारा घोषित ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में प्रदर्शन हुआ.
सबसे पहले आक्रोशित युवाओं ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया और 1PG ट्रेन को रोक दिया। साथ ही युवाओं ने काको मोड़ के पास एनएच83 हाईवे को जाम कर दिया. इस व्यस्त राजमार्ग को जाम किए जाने से पटना और नालंदा दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी है.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को भारतीय युवाओं के लिए सशस्त्र बलों में सेवा देने के लिए अग्निपथ भर्ती योजना को मंजूरी दी थी. योजना के तहत भर्ती किए गए सैनिकों को सशस्त्र बलों में ‘अग्निवीर’ के रूप में शामिल किया जाएगा. ‘अग्निपथ’ मॉडल के तहत चार साल के लिए सेना, वायुसेना और नौसेना में अधिकारी रैंक से नीचे के कर्मियों की भर्ती की जाएगी. भर्ती के बाद रंगरूटों को छह महीने तक प्रशिक्षण दिया जाएगा. युवाओं को सिर्फ चार के लिए भर्ती किए जाने पर आपत्ति है.

जनता के दरबार में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम 20 जून को आयोजित किया जाएगा।
20 जून को तृतीय सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता के दरबार में उपस्थित होंगे और लोगों की शिकायत सुनेंगे और उनका ऑन स्पोट निपटारा करेंगे।

इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय ने अधिसूचना जारी करते हुए सभी जिला अधिकारी को निर्देश जारी किया है कि जिन लोगों को भी जनता के दरबार में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में उपस्थित किया जाना है उनका संक्रमण टेस्ट कराने के बाद ही उपस्थित किया जाए, कार्यक्रम के दौरान पूरी तरह से कोविड प्रोटोकॉल का पालन होगा।
जहानाबाद एसपी आवास से लगभग 5 सौमीटर दूर कनौदी में दिनदहाड़े चोरी की घटना से हड़कंप मच गया। कनौद में आर्मी के एक अधिकारी ने कुछ साल पहले ही घर बनाया है। फिलहाल घर में कोई नहीं था उनके रिश्तेदार देखरेख कर रहे थे।
आज दोपहर तक सब ठीक था लेकिन दोपहर बाद जब उनके रिश्तेदार घर पहुंचे तो आवाक रह गए। देखा कि घर का ताला टूटा हुआ है और सारे सामान अस्त-व्यस्त है। पीड़ित के रिश्तेदार ने बताया के घर से पैसे कुछ सामान और साथ ही वैसे चेक बुक भी चोरी हुई है जिस पर हस्ताक्षर करके घर में रखा हुआ था।
जानकारी मिलने के बाद खड़ा होना ओपी की पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है।

बिहार में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के खत्म होने की खबरों को लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है की बिहार में TET की परीक्षा नहीं होगी, ऐसा नहीं है. बिहार में होने वाले सातवें चरण की शिक्षक बहाली को जल्द पूरा करने के लिए सरकार द्वारा कुछ नया और अस्थायी फैसला लिया गया है।
सातवें चरण की नियुक्ति तक नहीं होगी TET परीक्षा
शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया की फिलहाल बिहार में शिक्षकों के सातवें चरण की नियुक्ति तक कोई TET परीक्षा नहीं होगी. सातवें चरण की बहाली होने के बाद ही अब बिहार में फिर से TET की परीक्षा ली जाएगी. वर्तमान में शिक्षक नियुक्ति के लिए CTET या BTET दोनों में से किसी परीक्षा में उतीर्ण होने पर अभ्यर्थी पात्र हो जाते हैं और नियुक्ति हेतु आवेदन दे सकते हैं.

गया में भीषण गर्मी को देखते हुए डीईओ ने 18 जून तक स्कूलों को बंद कर दिया है। सासाराम के सभी स्कूलों को 19 जून तक बंद करने के आदेश दिये गए है। कई अन्य जिलों में भी हीट वेब को देखते हुए स्कूल बंद रखने को कहा गया है।
बेगूसराय में ग्रीष्मावकाश के बाद माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुधवार से खुल गए। पहले दिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बहुत कम दिखी। हालांकि शिक्षक ड्यूटी पर मौजूद रहे।

फिलहाल विद्यालय का संचालन अभी मॉर्निंग ही रहेगा। जो विद्यालय मीडिल स्कूल से अपग्रेड होकर हाई स्कूल में बदले है वहां 29 जून से स्कूल खुलेंगे।
राज्य में पड़ने वाले नेशनल हाईवे के किनारे पेड़ लगाने को लेकर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एस ओ पी ) अपनाने हेतु निर्देश देने के लिए एक जनहित याचिका पटना हाई कोर्ट में दायर की गई है। ये जनहित याचिका आज दायर की गई दो।
याचिकाकर्ता राजीव रंजन सिंह द्वारा दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है ग्रीन हाइवेज (प्लांटेशन, ट्रांसप्लांटेशन, बीयूटीफिकेशन व मेंटेनेन्स) पॉलिसी- 2015 को लागू करने से इस नीति को व्यवस्थित किया जा सकेगा।

इससे वातावरण के अनुकूल नेशनल हाईवे का निर्माण किया जा सकेगा और नेशनल हाईवे से होकर गुजरने वाले लोगों को प्राकृतिक छाया और प्रदूषण रहित वातावरण मिलेगा।
इस मामले में याचिकाकर्ता ने सड़क, परिवहन व हाईवे मंत्रालय के सचिव व राज्य के मुख्य सचिव समेत अन्य आला अधिकारियों को अभ्यावेदन भी भेजा है, लेकिन अभी तक संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया है।
मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज में एक पूर्व सैनिक की पुत्री के अपहरण, रेप और हत्या के मामले में बिहार मानवाधिकार आयोग ने SSP मुजफ्फरपुर को नोटिस जारी किया है। आयोग ने SSP मुजफ्फरपुर को 15 सितंबर तक आयोग में जवाब प्रेषित करने का आदेश दिया है।
मामला यह है कि 19 दिसंबर 2021 की सुबह लगभग 5 बजे साहेबगंज से एक नाबालिग का अपहरण कर लिया गया था। इसकी सूचना नाबालिग के पिता द्वारा साहेबगंज थाना को तत्काल दिया गया लेकिन थाना स्तर से तत्काल कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण आरोपितों ने उनकी पुत्री के साथ रेप किया और उसकी नृसंश हत्या करके लाश को फेंक दिया।

लाश बरामद होने के बाद 21 दिसंबर 2021 को अभियुक्तों के विरुद्ध साहेबगंज थाना कांड संख्या – 565/21 दर्ज किया गया। पीड़ित का कहना है कि अगर पुलिस सही समय पर जांच करती तो शायद मेरी बेटी आज जिंदा होती।
गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल कॉलेज खुलने वाले हैं वही शादी का मौसम भी लगभग खत्म होने को है, ऐसे में घर आए लोग अब अपने काम पर लौटना चाहते हैं। ऐसे में इन दिनों बिहार से बाहर जाने वाली ट्रेनों में कन्फर्म टिकट की मारामारी है। इसके लिए लोग रात में ही लाइन में लग जाते हैं। लेकिन इसके बाद भी उन्हें रिजर्वेशन नहीं मिल पाता है। मजबूरन उन्हें वेटिंग या पेनल्टी भरकर ट्रेन में मुश्किल भरा सफर करना पड़ता है।
जहानाबाद जिले के हज़ारों लोग हैं जिन्हें वापस लौटना है। इसके लिए ट्रेन सस्ता और सुरक्षित ज़रिया है। लेकिन गिनती की कुछ ट्रेन हैं। ट्रेन में टिकट के लिए मारामारी है, रात से ही लग जाते हैं । ट्रेन में रिजर्वेशन के लिए खिड़की आठ बजे सुबह खुलती है। लेकिन सीजन के दिनों में कुछ मिनट में ही ट्रेनें फुल हो रही है। लोग रात आठ या दस बजे से ही खिड़की की लाइन में लग जाते हैं जिससे दूसरे दिन उनका नंबर आगे रहे। आठ से दस घंटे तक लाइन में लगने के बाद भी लोगों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता है।
कुछ लोगों ने बताया कि चार दिन लगातार रात आठ या नौ बजे से लाइन में लगता रहा। हर बार पहला या दूसरा नंबर मिला लेकिन कन्फर्म टिकट नहीं मिला। यही हाल तत्काल टिकट को लेकर भी है। लेकिन इन सबके बीच जो अलग नजारा दिखा वह शायद जहानाबाद में ही है। यहां खुद से ही लोगों ने चार्ट बनाकर और बुकिंग काउंटर के बगल में साट दिया है। एक नंबर से शुरु है लोग आते जा रहे हैं और अपना नाम नीचे की ओर लिखते जा रहे हैं।
भले ही टिकट 1–2 लोगों को मिलेगी लेकिन उम्मीद सबको है। आखिर जाना है तो टिकट तो चहिए, नहीं तो इस भीषण गर्मी में परेशानियों का कोई अंत नहीं होने वाला।

सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का बिहार में विरोध शुरू हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अग्निवीरों के लिए अग्निपथ योजना की घोषणा करने के अगले ही दिन यानी आज बिहार के कई शहरों से लगातार विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।

अभ्यर्थियों ने बक्सर में रेलवे ट्रैक जाम किया तो मुजफ्फरपुर के माड़ीपुर में टायर जलाकर सड़क जाम कर दी। इसके अलावा आरा में भी जमकर हंगामा किया। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस और GRP ने अभ्यर्थियों को समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन वे फिलहाल अपनी मांगों पर अड़े हैं।
मुजफ्फरपुर में लाठी-डंडा लेकर सड़क पर उतरे अभ्यर्थी
मुजफ्फरपुर में बुधवार को सेना अभ्यर्थियों ने उग्र प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी लाठी-डंडा लेकर सड़क पर उतर गए। हंगामा और प्रदर्शन करने लगे। सबसे पहले अभ्यर्थी ARO (आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस) पर पहुंचे। वहां पर विरोध जताया। कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो अभ्यर्थियों ने माड़ीपुर में आगजनी कर रोड जाम कर दिया। सूचना मिलने पर सदर और काजी मोहम्मदपुर पुलिस मौके पर पहुंची।

अभ्यर्थियों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया है, लेकिन वो अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इस दौरान रोड किनारे लगे बोर्ड और होर्डिंग में तोड़फोड़ का भी प्रयास किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सेना के कोई अधिकारी उन लोगों की समस्या नहीं सुनेंगे। हम लोग सड़क से नहीं हटेंगे। चाहे इसके लिए उन्हें आत्महत्या क्यों न करनी पड़े।
बक्सर में 45 मिनट तक जाम रहा रेलवे ट्रैक
बक्सर में सेना बहाली के नए नियम को लेकर उग्र हुए बहाली के दौड़ लगाने वाले छात्रों ने दिल्ली कोलकाता लाइफलाइन रेलवे ट्रैक बक्सर स्टेशन के मालगोदाम को जाम कर दिया। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही मौके पर रेल सुरक्षा बल, रेल थाना, नगर थाना समेत बक्सर समेत रेल प्रबन्धक पहुंचे। जहां युवाओं को काफ़ी समझाया। इसके बाद ट्रैक पर जाम हटा और परिचालन शुरू हो गया।


अभ्यर्थियों का कहना है, ‘नेता हो या विधायक, सभी को 5 साल का समय मिलता है, हमारा 4 साल में क्या होगा। हमारे पास पेंशन की भी सुविधा नहीं है। 4 साल बाद हम रोड पर आ जाएंगे।’ उनका कहना है कि सेना बहाली में टीओटी हटाया जाए।
बेगूसराय में NH-31 जाम
वहीं, बेगूसराय में हर हर महादेव चौक पर NH-31 को पूरी तरीके से जाम कर दिया है। उनकी मांग है कि अग्निपथ भर्ती प्रक्रिया रद्द हो। पुरानी भर्ती प्रक्रिया वापस हो। उम्र में 2 वर्ष की छूट दी जाए। सी ई ई एग्जाम प्रक्रिया जल्द से जल्द करवाई जाए। एयर फोर्स एयरमैन का रिजल्ट जल्द से जल्द जारी किया जाए।
आरा में आक्रोशित छात्रों ने एन एच को जाम किया इस बीच अग्निपथ योजना के कार्यान्वयन के संबंध में एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, मुख्यालय मध्य वायु कमान एयर मार्शल आर जे डकवर्थ (एबीएसएम, वीएसएम) ने झारखंड बिहार सब एरिया में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि अग्निवीर युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। अग्निपथ योजना से युवाओं को लाभ मिलेगा। कम समय में दो अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
मोदी जी आठ वर्षों के शासन काल में आठ बड़े नीतिगत फैसले लिए हैं हस्र क्या हुआ आप बेहतर समझ सकते हैं
सेना बहाली को लेकर आज के अखबार में भारत सरकार की और से फुल पेज विज्ञापन दिया गया है जिसके शुरुआत में ही लिखा है अग्निपथ योजना इस योजना की विशेषताएं क्या है उसके बगल में लिखा है और अंत में लिखा है मौका जिंदगी जिंदादिली से जीने का आओ बनें हम भारत से अग्निवीर थल सेना ,वायुसेना और नौसेना में। मतलब हमारे देश की सीमा की रक्षा करने वाले जवान अब “स्वयं से पहले सेवा” का शपथ नहीं लेंगे अब वो जिंदादिली से जीने के भाव के साथ दुश्मनों से लड़ेंगे इसी शपथ लेंगे, ठीक उसी तरीके से जैसे हमारे शिक्षक शिक्षा मित्र हो गये डाक्टर चरक संहिता की शपथ लेने के बजाय अस्पताल को कैसे फायदा पहुंचाया जाए इसका शपथ लेने लगे,कॉलेज में पढ़ाने वाले प्रोफेसर की जगह गेस्ट फैकल्टी ले लिया।

वैसे कल जैसे ही इस योजना को भारत सरकार ने लांच किया मानो आईटी सेल पहले से ही तैयार बैठा था और इस योजना के क्या फायदे हैं इस पर एक से एक लेख सोशल मीडिया में आना शुरु हो गया।चंद मिनटों बाद टीवी पर बहस भी शुरू हो गयी लेकिन पूर्व सैन्य अधिकारियों द्वारा विरोध जताने पर रात होते होते इस बहस से सेना के पूर्व अधिकारियों को चैनल वालों ने बहस से बाहर कर दिया।
1–अमेरिका इजरायल जैसे देश में इस तरह की सेना है
इस योजना को लेकर जो सबसे बड़े तर्क दिये जा रहे हैं वो है अमेरिका और इजराइल जैसे देश में भी यही व्यवस्था है बात सही है लेकिन अमेरिका और इजराइल जैसे देश में सेना आमने सामने कभी कभी लड़ता है अधिकांश लड़ाई वो तकनीक से लड़ता है, इन दोनों देशों के पास जो सैन्य तकनीक है उस में भारत कहां खड़ा उतरता है।
वही इन देशों में राष्ट्रपति भी देश की रक्षा के लिए लड़ने जाता है किसान हो ,नेता हो ,अभिनेता है ,दुकानदार हो या फिर उद्योगपति हो हर किसी को सेना में योगदान देना है यह अनिवार्य है लेकिन अग्निवीर योजना में ऐसी तो कोई बात नहीं है नेता और दुकानदार,व्यापारी और उद्योगपति का बेटा भी चार वर्ष देश को देगा ऐसा तो प्रावधान कहीं नहीं है लिखा है ।

मतलब जैसे पहले गांव का किसान और मजदूर का बेटा ही बॉर्डर पर लड़ने जाता था वही अभी भी जायेगा जिसके लिए लड़ाई में भाग लेना मजबूरी है क्यों कि परिवार को पालना है जबकि अमेरिका और इजरायल में शौक और कानूनी प्रावधान की वजह से सेना में जाता है ।
ऐसे में हमारे गांव के बच्चे जो परिवार के परवरिश के लिए सेना के नौकरी में जाता है वो चार वर्ष के लिए किस मानसिकता के साथ युद्ध के मैदान में जायेंगा। फिर हमारी सीमा चीन और पाकिस्तान से लगा है उनकी सैन्य तैयारी क्या है उसमें हमारे छह माह का ट्रेड जवान कहां तक टिकेगा। साथ ही जब से कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट में आतंकवाद पनपा है हमारी सेना बैरक में नहीं लौटी है ऐसे में छह माह के छोटे से प्रशिक्षण प्राप्त अग्निवीर इस युद्ध में कहां तक खड़ा उतर पाएंगे इसको लेकर सेना के अधिकारियों ने अभी से ही चिंता जाहिर करने लगे हैं ।
2—भारत दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना में चौथे स्थान पर है अमेरिका की सेना दुनिया की सबसे ताकतवर है, रूस दूसरे स्थान पर ,चीन तीसरे स्थान पर और भारत चौथे स्थान है अमेरिका को छोड़ दे तो सभी देश मेंं स्थायी सेना है वही दूसरी और सच्चाई यह भी है कि अमेरिका 70 वर्षो में एक भी युद्ध नहीं जीता है हर युद्ध उसे छोड़ कर भागना पड़ा है जबकि अमेरिकन नागरिक के सामने हम भारतीय का नैतिक बल में कही दूर दूर तक खड़े नहीं उतरते हैं अमेरिका का पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने किसी सैन्य ऑपरेशन को लेकर कुछ बयान दिया था जो गलत था तुरंत पेंटागन के राष्ट्रपति के बयान को खारिज कर दिया था अभी जो ट्रंप को लेकर सुनवाई हो रही है उसमें ट्रंप की बेटी ने गवाही दिया है कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं इतना सर्वोच्च नैतिक बल होने के बावजूद अमेरिकन सेना जमीनी युद्ध में जहां गया वहां फसा है जबकि भारत के सेना की पहचान ही दुनिया में थल सेना की वजह से ही है जहां कही भी भारतीय सेना शांति सेना के रूप में गयी है वहां अपनी एक अलग पहचान छोड़ कर आयी है ।

3–भारत लोकतंत्र के बाल्यावस्था से गुजर रहा है भारत आधुनिक लोकतंत्रात्रिक व्यवस्था में 75 वर्ष कोई मायने नहीं रखता है यह लोकतंत्र के लिए बाल्यावस्था ही माना जाता है लोकतंत्र का यह कोई मतलब नहीं है कि चुनी हुई सरकार सुप्रीम है लेकिन आज कल देश में चल कुछ ऐसा ही रहा है जबकि अमेरिका में चुनी हुई सरकार सैन्य ,न्याय व्यवस्था और प्रेस के काम में किसी भी तरह से दखल नहीं दे सकता है सभी की जिम्मेवारी तय है क्षेत्राधिकार तय है लेकिन अपने यहां चुनी हुई सरकार किसी भी हद को पार करने को तैयार है राजा से भी आगे ऐसी स्थिति में भारतीय लोकतंत्र के जो स्तंभ है उसे बनाये रखने की जिम्मेवारी जनता को है क्यों कि मीडिया की तो बात ही खत्म हो गयी है ,न्यायपालिका चुनी हुई सरकार के सामने हाफ रही है ब्यूरोक्रेसी तो रखैल ही बन गया ।
पूर्व सैन्य अधिकारियों का मानना है कि एक सेना ही बची हुई थी जिसके सहारे हमारे देश की सीमाएं सुरक्षित था उसमें भी सेंधमारी शुरु हो गया है यह फैसला देश हित में कभी नहीं हो सकता है इसका बहुत ही दूरगामी प्रभाव पड़ेगा वैसे भी मोदी सरकार ने जो भी निर्णय लिए हैं क्या हुआ नोटबंदी ,जीएसटी जो कहा गया उसके आसपास भी कही खड़े हैं ।
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर ARO गेट के निकट अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, लिखित परीक्षा नहीं लिए जाने को लेकर आर्मी कैंडिडेट का प्रदर्शन।
बटलर चौक के निकट अभ्यर्थियों ने किया टायर जलाकर प्रदर्शन। 2 वर्ष पूर्व फिजिकल निकाल चुके हैं अभ्यर्थी, नहीं ली गई लिखित परीक्षा।
नाराज अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, सेना को लेकर नये फैसले के विरोध में कर रहें नारेबाजी, सरकार के खिलाफ जमकर लगा रहें नारे।

जहानाबाद के कल्पा ओपी क्षेत्र के कल्पा मुसहर टोली में बच्चों की लड़ाई में मंगलवार को दो पक्ष आपस में उलझ गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच में लाठी-डंडे से जमकर मारपीट हुई।
जिसके कारण इस घटना में 4 लोग जख्मी हो गए। जिसमें से 2 लोगों को इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां दोनों का इलाज चल रहा है।
वहीं घायल के द्वारा इस संबंध में कल्पा ओपी में घटना को लेकर लिखित शिकायत की गई है। वहीं घटना को लेकर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
अरवल जिला मुख्यालय में एक शादी समारोह के दौरान टाउन थाने में पदस्थापित दो पुलिसकर्मी बार बालाओं के साथ पूरी रात ठुमके लगाएं जिले में यह वीडियो तेजी से इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है।
अश्लील गाने के धुन पर नर्तकी के साथ स्टेज पर डांस करते दिख रहे हैं। अपनी सरकारी रिवाल्वर के साथ बार बालाओं के ठुमके लगाते पूरी रात बरात के गवाह इसके बने और बाद में अपने सहयोगी पुलिसकर्मी को जब अपने कर्तव्य की याद आ गई तो वह रिवाल्वर देना उचित समझ लिया।
वायरल वीडियो जिला मुख्यालय में एक शादी समारोह के दौरान का कार्यक्रम का बताया जा रहा है। हालांकि हम वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते है। वायरल वीडियो में वीडियो में सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाते दिख रहे हैं।

वीडियो में सरकारी रिवाल्वर लिए युवक टाउन थाना थाना क्षेत्र का बताया गया है। युवक के बारे में बताया जा रहा है दोनों पुलिसकर्मियों को अपराध रोकने को लेकर हर्बल एसपी के निर्देश पर जिला मुख्यालय में तैनात किया गया है
कटिहार में प्रसव के बाद महिला के मौत पर परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुर्सेला में जमकर तोड़फोड़ मचाया। परिजनों का आरोप है की प्रसव के बाद महिला के मौत पर गलती करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को बरीय स्वास्थ्य कर्मी द्वारा भगा दिया गया है।
इसी आरोप पर परिजनों ने डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों को बंधक बनाकर कुर्सेला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जमकर तोड़फोड़ मचाया।

पीड़ित पक्ष कुर्सेला थाना क्षेत्र के बस्ती गांव से ही है वहीं घटना के बाद कुर्सेला थाना पुलिस पहुंचकर किसी तरह मामले को शांत करवाया।
3 साल से एक ही थाने में जमें थानेदारों को जहानाबाद एसपी दीपक रंजन ने कार्रवाई की है। करीब आधा दर्जन थाना प्रभारियों को जिले के अंदर एक थाने से दूसरे थाने में तबादला किया गया है।
हुलासगंज थानाध्यक्ष दीपक कुमार को शकुराबाद थाने का थानाध्यक्ष बनाया गया है। वही शकुराबाद थानाध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद को परसबिगहा थाने की कमान सौंपी गयी है। नगर थाना में पदस्थापित बलबीर सिंह को पाली थाने की कमान दी गई तो वही घोसी थाना में पदस्थापित दारोगा चंद्रहास प्रसाद को ओकरी ओपी की कमान सौंपी गयी है।
ओकरी ओपी में पदस्थापित चंद्रशेखर प्रसाद को हुलासगंज थाने की कमान जहानाबाद एसपी दीपक रंजन ने सौंपी है। एसपी द्वारा कुछ नए लोगों को भी इस बार पहली बार थानाध्यक्ष बनने का मौका दिया गया है। एसपी ने विश्वास जताते हुए कुछ लोगों को पहली बार थानाध्यक्ष का कमान सौंपा है।
बेगूसराय । बेगूसराय में एक वेटनरी डॉक्टर का पकड़ौआ विवाह कराया गया है। सोमवार को वह घर से मवेशियों का इलाज करने निकला था। रास्ते में उसका अपहरण किया गया और मंदिर में शादी करा दी गई।

अब तक वह घर नहीं लौटा है। इसके बाद लड़के वालों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस डॉक्टर सत्यम की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है। मामला तेघरा थाना क्षेत्र के पिढौली गांव का है।
विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर जहानाबाद में मंगलवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. सदर अस्पताल जहानाबाद में आयोजित इस शिविर में दोपहर तक 8 लोगों ने रक्तदान किया. शिविर का आयोजन जेडीसी के रक्त सेवा टीम के द्वारा किया गया।
ग्रुप के सदस्यों ने बताया कि सदर अस्पताल में एक ब्लड बैंक है. यहां गरीब लोगों को नि:शुल्क ब्लड दिया जाता है. वैसे व्यक्ति जो अत्यंत गरीब हैं, जिनके पास पैसा नहीं है और जिन्हे ब्लड की आवश्यकता है. ऐसे लोगों को ब्लड बैंक अपने स्तर से नि:शुल्क रक्त देकर सेवा करती रहती है.
सबसे बड़ी बात कि नियमित रूप से रक्तदान करने वाले 8 लोगों को राज्य स्तर पर आज ही के दिन सम्मानित किया गया।

हाल ही में एक शादी समारोह के दौरान जदयू के कुछ नेताओं से मुलाकात हुई उस दौरान कुछ पत्रकार बंधु भी मौजूद थे स्वभाविक था जब राजनीतिज्ञ और पत्रकार एक साथ हो तो मुद्दा राजनीति ही होगी ।
चर्चा आरसीपी सिंह के घर को खाली कराने को लेकर हो रही थी जदयू और हमारे कुछ पत्रकार बंधु सरकार के इस निर्णय को लेकर तारीफ कर रहे थे लेकिन पता नहीं क्यों अचानक मेरी जुबान से निकल गया कि यह सही नहीं है और मुझे पता नहीं क्यों इस खेल में जो भी शामिल है वो जदयू का शुभचिंतक नहीं लगता है ,आरसीपी सिंह में लाख बुराई हो जनाधार शून्य हो फिर भी मुझे लगता है कि राज्यसभा नहीं भेजने का फैसला पार्टी का सही हो सकता है लेकिन घर खाली कराना सही नहीं है क्यों कि जदयू के निर्माण में आरसीपी सिंह की भी भूमिका रही है वही जदयू और नीतीश कुमार में वो बात नहीं रही तोड़ जोड़ कर सत्ता में बने हुए हैं ऐसे में इस तरह के विवाद से पार्टी को बचना चाहिए एक सप्ताह पहले तक राजद के साथ सरकार बनाने की तैयारी में लगे थे और जैसे ही बात बनी लालू प्रसाद को जन्मदिन तक की बधाई तक नहीं दिए ये भी कोई राजनीति होती है जिस दिन बीजेपी को यह भरोसा हो जाये कि राजद जदयू को साथ नहीं लेगा दूसरे दिन सरकार आपकी नहीं रहेगी ।

आप लोगों को यह समझना चाहिए कि मोदी और शाह राजनीतिक मजबूरी में नीतीश के साथ हैं जैसे ही मौका मिलेगा ऐसा पटकनी देगा जो आप लोग सोच नहीं सकते हैं इसलिए विभीषण पैदा मत करिए । वहां मौजूद जदयू के नेता और पत्रकार बंधु एक साथ बोल पड़े क्या संतोष जी आप भी ना आरसीपी सिंह का खेल खत्म हो चुका है बहुत उड़ रहा था उसकी क्या राजनीतिक हैसियत है आरसीपी सिंह के जाने से पार्टी मजबूत होगा ।
मैंने कहा ये हो सकता है ,मेरा बीट भी कभी जदयू नहीं रहा है इसलिए जदयू के अंदर क्या चल रहा है मुझे पता नहीं है लेकिन इतना जरूर पता है कि नीतीश कुमार के इस एक्शन से जदयू के एक दर्जन से अधिक विधायक नाराज जरुर होंगे जिनसे आरसीपी सिंह प्रकरण के दौरान मेरी लगातार बात हो रही थी लेकिन ये लोग कहां सुनने वाले थे अंत में मैंने यही कहा दिग्विजय सिंह, प्रभुनाथ सिंह, नरेन्द्र सिंह ,जार्ज साहब और शरद यादव जब सबके सब साथ थे उस समय का जदयू और आज का जदयू कहां खड़ा है और एक बात नीतीश कुमार अभी तक जीतने भी राजनीतिक फैसला लिए है उसमें उन्हें पटकनी ही खानी पड़ी है इतिहास पलट कर देख लीजिए इनकी जिद्द पार्टी को हमेशा नुकसान ही पहुंचाया है ।

अभी अभी खबर आ रही है कि जेडीयू ने पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय आलोक ,प्रदेश महासचिव अनिल कुमार, प्रदेश महासचिव विपिन कुमार यादव और भंगी समाज सुधार सेनानी के प्रकोष्ठ अध्यक्ष जितेन्द्र नीरज को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है ये सारे के सारे आरसीपी सिंह के करीबी माने जाते हैं ।
पहले टिकट नहीं दिये फिर आवास खाली करवा दिये और अब उसके समर्थकों को टारगेट लिया जा रहा है मतलब नीतीश चाहते हैं कि आरसीपी सिंह पार्टी छोड़ दे वैसे आरसीपी सिंह के खिलाफ पहली बार नीतीश नहीं हुए इससे पहले भी अजय आलोक सहित कई लोगों पर कार्यवाही हो चुकी है क्यों कि वो लोग आरसीपी सिंह के करीब थे फिर एक दौर आया जब आरसीपी सिंह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाये गये मंत्री भी बने इसलिए ललन सिंह ,संजय झा और आरसीपी सिंह मामले में नीतीश का दिल कब पिघल जाए कहना मुश्किल है वैसे देखना यह है कि इस कार्यवाही के बाद आरसीपी सिंह क्या करते हैं वैसे दोनों के बीच जो रिश्ता रहा है ऐसे में आरसीपी गाण्डीव उठायेंगे कहना मुश्किल है लेकिन इतना तय हो गया है बिहार की राजनीति दिलचस्प मोड़ पर आ खड़ा हुआ है ।
बैठक में हिस्सा लेने के लिए तेजस्वी यादव का आज दोपहर दिल्ली पहुंचेंगे । राष्ट्रपति चुनाव को लेकर ममता बनर्जी द्वारा दिल्ली में बुलाई गई है बैठक।
ममता बनर्जी ने बैठक 15 जून को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में शाम 3 बजे बुलाई है।
ममता बनर्जी ने शनिवार को सोनिया गांधी, तेजस्वी यादव, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल, केरल के सीएम और वाम नेता पिनाराई विजयन, ओडिशा के सीएम और बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत 22 नेताओं को चिट्ठी भी लिखी थी।

बिहार के विपक्षी पार्टी राजद बैठक में हिस्सा लेगी।
तेजस्वी यादव दिल्ली शाम तक पहुंच जाएंगे बैठक में शामिल होने के लिए।
छपरा के मांझी के बभौली भोजन करने से एक ही परिवार के 4 बच्चे बीमार हो गए हैं। बीमार बच्चों को एक माह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बाद छपरा रेफर कर दिया गया है जहां एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है।
परिजनों के अनुसार बच्चों ने चावल दाल खाया था जिसके बाद एक-एक कर सब की तबीयत बिगड़ने लगी। बीमार बच्चों में मुन्ना 3 साल,राजनन्दनी,5 साल, शनि 1 साल और मुन्नी 2 साल का नाम शामिल है।
छपरा में जदयू नेता के भाई की शराब कारोबारियों ने भाला घोंपकर की हत्या कर दी है। घटना बनियापुर थाना क्षेत्र के पिठौरी गांव की है जहां अलखदेव सिंह के 27 वर्षीय पुत्र धर्मेंद्र कुमार सिंह सोमवार की देर शाम हत्या कर दी गई है।
उसके भाई विकास कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह जदयू में समाज सुधार सेनानी के प्रदेश सचिव के पद पर कार्यरत है। इस घटना के संबंध में मृतक के भाई जदयू नेता ने बताया कि समाज सुधार सेनानी जदयू का प्रदेश सचिव उन्हें नियुक्त किया गया है। वह क्षेत्र में सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देते हैं। उनके भाई की हत्या शराब का कारोबार करने वाले अपराधियों के द्वारा घर पर लाठी-डंडे से हमला कर उनके भाई की भाला घोंपकर हत्या की गई है।
सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है। इस दौरान सदर अस्पताल में मृतक के परिवार वालों में कोहराम मचा हुआ है। समाचार प्रेषण तक इस मामले में प्राथमिकी की प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉक्टर हरेंद्र कुमार ने बताया कि ऐसे व्यक्ति को सदर अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था उनके सीने पर किसी धारदार हथियार से ऊपर जाने के निशान है। जिसके कारण उनकी मृत्यु हुई है
देश के इतिहास के पुनर्लेखन की मांग पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने दोटूक लहजे में जवाब दिया है। बिहार के सीएम ने कहा है कि जो मौलिक इतिहास है, उसे आखिरकार कैसे बदला जा सकता है।
यह पूछे जाने पर कि इस समय का जो इतिहास है या बच्चों को जो पढ़ाया जाता है, उसमें मुगल शासकों का वर्चस्व है, भारतीय शासकों को ज्यादा महत्व नहीं दिया गया है, इस पर सीएम ने कहा कि इतिहास बदल लेंगे क्या? जो इतिहास है वह इतिहास है। हमको तो नहीं लगता कि कोई इतिहास बदल सकता है. मौलिक इतिहास को कोई कैसे बदल सकता है?
यह पूछे जाने पर कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि इतिहास में मुगल शासकों को ज्यादा महत्व दिया गया है, सीएम ने कहा कि यह अलग बात है. कोई लेंग्वेज लिखने की बात है वह अलग बात है. मौलिक इतिहास को कोई थोड़ी बदल सकता है।
पटना । बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गृह विभाग ने बायोमैट्रिक सिस्टम से बनने वाली अटेंडेंस पर अगले 2 सप्ताह के लिए लगायी रोक । इस संबंध में विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने जारी किया आदेश ।
कहा है कि संक्रमण बढ़ने की आशंका है इसलिए अगले 2 सप्ताह तक बायोमैट्रिक सिस्टम से कोई भी अटेंडेंस नहीं बनाई जाए। सभी जिलाधिकारी सभी विभागाध्यक्ष को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है और इसका तत्काल पालन करने का निर्देश दिया गया।
लालू का राज जंगल राज, तो मोदी योगी का राज ?
कल काफी दिनों बाद टीवी पर समाचार देख रहे थे सारा चैनल प्रयागराज हिंसा मामले में आरोपी जावेद के घर पर हो रही पुलिसिया कार्यवाही का लाइव चला रहे थे और एंकर से लेकर ग्राउंड में मौजूद रिपोर्टर इस अंदाज में रिपोर्टिंग कर रहे थे मानो ये भी इस न्याय व्यवस्था के साथ खड़ा है और सही ठहरा रहा है ।
टीवी चैनल के स्टूडियो में बहस भी कुछ इसी अन्दाज में चल रहा था कि जो हो रहा है बहुत सही हो रहा है और ऐसे लोगों के खिलाफ इसी तरह की कार्यवाही होनी चाहिए ।
सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की इस कार्यवाही को लेकर कुछ इसी तरह की प्रतिक्रिया आ रही थी मतलब प्रशासन का यह कार्यवाही सही है और आने वाले दिनों में प्रशासन को इसी तरह से कार्यवाही करनी चाहिए।
तभी अचानक मुझे याद आया कि 5 अगस्त 1997 को पटना हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान क्यों कहां था कि बिहार में सरकार नहीं है बिहार में जंगलराज कायम हो गया।ये जानने के लिए कि ऐसा क्या हुआ था कि पटना हाईकोर्ट को ऐसी टिप्पणी करनी पड़ी थी कुछ सीनियर वकील को फोन लगा दिया। याचिकाकर्ता से तो बात नहीं हो पायी लेकिन उस समय पटना हाईकोर्ट में काम कर रहे कई वरिष्ठ वकील से बात हुई और इस पर लम्बी चर्चा हुई हालांकि शुरुआती दौर में वो समझ नहीं पाए कि ऐसा क्या हुआ है जो आज संतोष जी जंगलराज के बारे में बात कर रहे हैं खैर बात खत्म होते होते उनकी समझ में आ गया लेकिन चाह कर के भी कुछ कह नहीं पाये वैसे अधिकांश वकील प्रशासन के बुलडोजर एक्शन को गलत कहॉ।
वैसे याचिकाकर्ता के जिस आवेदन पर हाईकोर्ट ने जंगलराज जैसी तल्ख टिप्पणी की थी उसमें मुख्य तौर पर यही था कि प्रशासन आपराधिक मामलों में जाति आधारित कार्यवाही कर रही है, शहर के बड़े से बड़े कारोबारी की संपत्ति पर जबरन सत्ता संरक्षित एक खास जाति विशेष द्वारा कब्जा किया जा रहा है और प्रशासन मौन है।
जाति आधारित नरसंहार हो रहा है लेकिन कार्यवाही एकपक्षीय हो रहा है पूरी प्रशासनिक व्यवस्था अपराध और अपराधी को जाति के चश्मे से देख रहा है ।कानून जैसी कोई बात प्रदेश में है ही नहीं सरकार जो चाहती है प्रशासन वही करता है, अराजक स्थिति है कही भी कानून सम्मत कार्यवाही नहीं हो रही है कानून की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है।
1– बुलडोजर चलाना और पुलिस एनकाउंटर कौन सा राज है
बुलडोजर चलाना या फिर पकड़ कर बलात्कारी या अपराधियों को मार देना किस तरह का राज कहाँ जायेगा क्यों कि प्राकृतिक न्याय के अनुकूल यह व्यवस्धा तो सही नहीं है ।
अगर कोई व्यक्ति बिना नक्शा स्वीकृत कराये घर बना लेता है तो प्रशासन बिना नोटिस जारी किये हुए हमारे आपके मकान को पुलिस और प्रशासन तोड़ सकता है क्या ।
अगर ऐसा होने लगे तो आज धर्म के नाम पर हो रहा है ,कल किसी ओर के नाम पर होगा और तीसरे दिन किसी और के नाम पर तोड़ा जाएगा ऐसे में इस कार्यवाही को आप कौन सा शासन व्यवस्था कहेंगे । ऐसा नहीं है लालू प्रसाद के राज में भी कानून के विपरीत जो कुछ भी हो रहा था उसके समर्थन में आज की ही तरह सामाजिक न्याय के नाम पर प्रशासन और सरकार के कार्यवाही को सही ठहराने वाली जनता उस समय भी थी और उसी जनता और तथाकथित सामाजिक न्याय के सहारे लालू प्रसाद और उनकी पार्टी 15 वर्षों तक बिहार के सत्ता पर काबिज रहे और उसके बाद 5 वर्षों तक केंद्र की सत्ता पर भी काबिज रहे लेकिन आज वही तथाकथित सामाजिक न्याय के दौरान बिहार में जो कुछ भी हुआ उसका खामियाजा लालू परिवार और उसकी पार्टी भुगत रही है और नीतीश कुमार उसी युग की याद दिला कर बिहार की गद्दी पर 22 वे वर्ष में प्रवेश कर गये ।
क्यों कि भारतीय समाज अराजकता को कभी स्वीकार नहीं करता है ,शांति पसंद है ,मेहनतकश है, जिंदगी में ज्यादा हलचल और उठापटक को पसंद नहीं करता है। वो दौर जाति का था आज धर्म का है जातिवादी राजनीति करने वाले आज अछूत बने हैं कल धर्मवादी राजनीति करने वाले भी अछूत बनेंगे ये तय है।
क्यों कि जाति और धर्म के आड़ में राजनीति करने वालों से सुशासन को लेकर गलती करेंगे ही करेंगे एक दौर ऐसा भी आयेगा कि उन्हें एक पक्षीय होना ही पड़ेगा और उसी दिन से उलटी गिनती शुरू हो जायेंगी ये भी तय है ,भेल ही वक्त जितना लगे ।
एक और बात इस तरह के शासन व्यवस्था में सत्ता के इशारे पर काम करने वाले अधिकारी आज फंसे या कल फंसे फसना तय है लालू राज के कई आईपीएस अधिकारी जो सरकार के इशारे पर सारे नियम कानून को ताक पर रख दिये थे ऐसे अधिकारी एसपी से डीआईजी नहीं बन पाये ,डीएम से आयुक्त नहीं बन पाये दर्जनों अधिकारियों को पेंशन के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ रहा है वही जैसे ही लालू राज गया ऐसे अधिकारी रिटायर हो गये लेकिन फील्ड में पोस्टिंग नहीं मिली एक कुर्सी पर बिना पंखा वाले दफ्तर में पूरी नौकरी गुजारनी पड़ी ।
क्या हुआ हैदराबाद एनकाउंटर का दर्ज हो गया ना हत्या का मुकदमा ,यूपी में पिटाई वाली वीडियो पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के संज्ञान ले लिया है कोई नहीं बचा पाएगा इसलिए पदाधिकारियों को भी जो कानून कहता है उसके साथ खड़ा रहना चाहिए जितने बुलडोजर चले हैं पदाधिकारियों को अपनी पेंशन से भुगतान करना होगा याद रखिएगा ।
वही धर्म के आधार पर जो भावना भड़का रहे हैं उनका हस्र भी समाजिक न्याय के सहारे समाज में विद्वेष फैलाने वाले जैसे नेता और कार्यकर्ता जैसा होगा ये तय है।
याद करिए एक दौर था जब संसद में योगी रो रहे थे पुलिसिया जुल्म को लेकर और आज ऐसे में जनता को हमेशा संविधान और न्याय व्यवस्था के साथ खड़ा रहना चहिए नहीं तो सत्ता पगला जायेगा ।
पटना । कांग्रेस नेताओं का पटना में ईडी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन, पटना के बिस्कोमान भवन स्थित ईडी दफ्तर के बाहर बैठे हैं कांग्रेसी नेता।
नेशनल हेराल्ड पत्रिका मामले में ईडी द्वारा राहुल गांधी से पूछताछ के विरोध में, केंद्र सरकार पर कांग्रेस नेताओं ने लगाया विपक्ष को दबाने की कोशिश ।

देशभर में कांग्रेस नेता प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय के बाहर कर रहे हैं विरोध ।