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पटना मेट्रो का काउंटडाउन शुरू: मार्च के दूसरे सप्ताह से मलाही पकड़ी तक दौड़ेगी ट्रेन, अंतिम सुरक्षा जांच 25 फरवरी को

पटना: राजधानी के लाखों लोगों के लिए बहुप्रतीक्षित खुशखबरी सामने आई है। शहर की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने जा रही Patna Metro Rail Corporation (PMRC) अब अपने प्रायोरिटी कॉरिडोर के विस्तार को अंतिम चरण में ले आई है। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो मार्च के दूसरे सप्ताह से भूतनाथ स्टेशन से मलाही पकड़ी तक मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है।

यह विस्तार न केवल दूरी बढ़ाएगा, बल्कि पटना में आधुनिक, सुरक्षित और तेज सार्वजनिक परिवहन की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। फिलहाल अंतिम सुरक्षा मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद उद्घाटन की तारीख घोषित की जाएगी।

प्रायोरिटी कॉरिडोर पर तैयारियां तेज

राजधानी में मेट्रो विस्तार को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक के सेक्शन में निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। स्टेशन संरचना, ट्रैक बिछाने, सिग्नलिंग और विद्युत आपूर्ति से जुड़े अधिकांश तकनीकी कार्य पूरे कर लिए गए हैं।

PMRC के अधिकारियों के अनुसार, अब मुख्य रूप से सुरक्षा और निरीक्षण संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। मार्च के दूसरे सप्ताह को संभावित शुरुआत की समयसीमा के रूप में देखा जा रहा है।

इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जनरल की जांच पूरी

हाल ही में भारत सरकार के इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जनरल (EIG) आनंद कुमार ने मलाही पकड़ी से भूतनाथ स्टेशन के बीच ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE), ट्रैक्शन सिस्टम और बिजली आपूर्ति व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कैटेनेरी मेंटेनेंस व्हीकल के माध्यम से ओवरहेड वायरिंग और विद्युत ढांचे की बारीकी से जांच की गई। प्रारंभिक रिपोर्ट में सिस्टम को सुरक्षित और परिचालन योग्य पाया गया। हालांकि, कुछ छोटे तकनीकी सुधारों के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें तुरंत पूरा किया जा रहा है।

PMRC ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह निरीक्षण परिचालन तैयारी की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।

25 फरवरी को अंतिम सुरक्षा परीक्षण

मेट्रो सेवा शुरू करने से पहले सबसे महत्वपूर्ण चरण कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) की स्वीकृति है। 25 फरवरी के आसपास उनकी टीम पटना पहुंचकर विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण करेगी।

इस दौरान ट्रैक की स्थिरता, सिग्नलिंग सिस्टम, ब्रेकिंग सिस्टम, स्टेशन सुरक्षा मानक, इमरजेंसी रिस्पॉन्स मैकेनिज्म और विद्युत आपूर्ति का परीक्षण किया जाएगा। CMRS की अंतिम मंजूरी के बाद ही उद्घाटन की तारीख तय की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि सभी तकनीकी परीक्षण तेजी से पूरे किए जा रहे हैं ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर सेवा शुरू की जा सके।

मलाही पकड़ी स्टेशन लगभग तैयार

मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन अब उद्घाटन के बेहद करीब है। स्टेशन परिसर में फिनिशिंग कार्य, टिकटिंग सिस्टम इंस्टॉलेशन, एस्केलेटर और लिफ्ट परीक्षण तथा यात्रियों के लिए दिशासूचक संकेतों की स्थापना अंतिम चरण में है।

PMRC ने हाल ही में स्टेशन की प्रगति का वीडियो भी साझा किया, जिसमें निर्माण कार्य को लगभग पूर्ण बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित अनुभव प्रदान करेगा।

खेमनीचक स्टेशन पर फिलहाल इंतजार

हालांकि मलाही पकड़ी तक मेट्रो पहुंचने वाली है, लेकिन बीच में स्थित खेमनीचक स्टेशन पर अभी ट्रेनें नहीं रुकेंगी। जमीन अधिग्रहण और तकनीकी कारणों से इस स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।

अधिकारियों के अनुसार, खेमनीचक स्टेशन को पूरी तरह कार्यात्मक बनने में अभी तीन से चार महीने और लग सकते हैं। तब तक ट्रेनें इस स्टेशन से बिना रुके गुजरेंगी।

तकनीकी रूप से उन्नत सिस्टम

भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक का सेक्शन आधुनिक सिग्नलिंग, स्वचालित ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम और उच्च गुणवत्ता वाले ट्रैक्शन नेटवर्क से लैस है। ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) प्रणाली को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बिजली आपूर्ति निर्बाध रहे।

सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर में सीसीटीवी निगरानी, अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास मार्ग भी तैयार किए गए हैं।

बिहार को बड़ी सौगात: सोनपुर में बनेगा देश का पांचवां सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, 1302 करोड़ की मंजूरी

पटना/सोनपुर: बिहार के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने सोनपुर में एक विशाल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह एयरपोर्ट न केवल पूर्वी भारत का पहला, बल्कि देश का पांचवां सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बताया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 1302 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जबकि लगभग 4228 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

यह परियोजना बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। इसके बनने के बाद राज्य की राजधानी पटना और आसपास के जिलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

सोनपुर में कहां बनेगा एयरपोर्ट?

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण सोनपुर-छपरा फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के उत्तर दिशा में और गंडक नदी के पश्चिम, दरियापुर चंवर क्षेत्र में किया जाएगा। यह स्थान भौगोलिक दृष्टि से उपयुक्त माना जा रहा है, क्योंकि यहां पर्याप्त समतल भूमि उपलब्ध है और पटना से इसकी दूरी भी कम है।

सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना को लेकर जल्द ही राज्य कैबिनेट की बैठक में औपचारिक निर्णय लिया जा सकता है, जिसके बाद भूमि अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई और जेवर में विकसित हो रहे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स के बाद देश का पांचवां प्रमुख ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा। इससे बिहार की हवाई नक्शे पर स्थिति और मजबूत होगी।

4228 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण

इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए करीब 4228 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इतनी बड़ी भूमि की आवश्यकता इसलिए है ताकि भविष्य में विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं बनी रहें। एयरपोर्ट परिसर में रनवे, टर्मिनल भवन, कार्गो टर्मिनल, मेंटेनेंस ज़ोन, पार्किंग एरिया और अन्य सहायक संरचनाएं विकसित की जाएंगी।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि प्रभावित किसानों और भूमि मालिकों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

कितना लंबा होगा रनवे?

प्रस्तावित सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का रनवे लगभग 4200 मीटर लंबा होगा। यह लंबाई अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मानी जाती है। इतनी लंबाई का रनवे होने से बड़े-बड़े वाइड-बॉडी विमान भी यहां आसानी से उतर और उड़ान भर सकेंगे।

इससे यह स्पष्ट है कि एयरपोर्ट को केवल घरेलू उड़ानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए भी विकसित किया जाएगा।

24 घंटे संचालन की सुविधा

सोनपुर में बनने वाला यह एयरपोर्ट अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा। यहां 24 घंटे विमानों के संचालन की सुविधा उपलब्ध होगी। वर्तमान में पटना एयरपोर्ट पर रनवे की लंबाई और शहरी घनी आबादी के कारण कई तरह की सीमाएं हैं। नए एयरपोर्ट के बनने से इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलेगी।

रात के समय भी विमानों की आवाजाही संभव होने से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और एयरलाइंस कंपनियों को भी नए रूट शुरू करने में सुविधा होगी।

पटना से बेहतर कनेक्टिविटी

सोनपुर एयरपोर्ट को पटना से जोड़ने के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सिक्स लेन वाले दो नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है—एक जेपी दीघा सेतु के समानांतर और दूसरा शेरपुर-दिघवारा सेतु। इन पुलों के बनने से पटना और सोनपुर के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

बेहतर सड़क संपर्क के कारण यह एयरपोर्ट केवल सारण या सोनपुर क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पटना महानगर क्षेत्र और उत्तर बिहार के जिलों के लिए उपयोगी साबित होगा।

लाखों यात्रियों को मिलेगा लाभ

एयरपोर्ट के निर्माण से लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या क्षमता से अधिक हो चुकी है। सीमित स्थान और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण विस्तार की संभावनाएं भी सीमित हैं।

सोनपुर में नया एयरपोर्ट बनने से हवाई यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इससे व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

अन्य जिलों में भी एयरपोर्ट की तैयारी

राज्य सरकार केवल सोनपुर तक ही सीमित नहीं है। सहरसा, रक्सौल, मुंगेर, सुपौल, बीरपुर, वाल्मीकिनगर, मोतिहारी, बेगूसराय, छपरा, भागलपुर, मधुबनी और गोपालगंज में भी एयरपोर्ट विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है।

यदि ये परियोजनाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी होती हैं, तो बिहार देश के उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां व्यापक हवाई नेटवर्क उपलब्ध होगा।

आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति देता है। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक क्षेत्र, होटल, लॉजिस्टिक्स हब और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती हैं।

सोनपुर एयरपोर्ट के निर्माण से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। निर्माण चरण में हजारों लोगों को काम मिलेगा, जबकि संचालन के दौरान भी बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

पटना में अवैध होर्डिंग और पार्किंग पर सख्ती, विजय सिन्हा का 24 घंटे में कार्रवाई का आदेश

पटना: पटना में अवैध होर्डिंग्स और गैरकानूनी पार्किंग के खिलाफ नगर विकास विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हाईकोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर सभी अवैध होर्डिंग्स को 24 घंटे के अंदर हटाया जाए और अवैध पार्किंग को तुरंत प्रभाव से बंद कराया जाए।

अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

शहर की सुंदरता को प्रभावित करने वाले अवैध होर्डिंग्स और यातायात व्यवस्था को बाधित करने वाली गैरकानूनी पार्किंग के खिलाफ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो मामले न्यायालय में विचाराधीन नहीं हैं, उन सभी अवैध होर्डिंग्स को अगले 24 घंटे के भीतर हटाया जाए।

डिप्टी सीएम के इस फैसले को राजधानी में लंबे समय से जारी अव्यवस्था के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध होर्डिंग्स और पार्किंग के कारण सरकार को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जिसे अब और सहन नहीं किया जाएगा।

राजस्व हानि पर जताई नाराजगी

विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि पिछले 15 दिनों में केवल 18 होर्डिंग्स हटाए गए हैं। इस पर उन्होंने असंतोष जताते हुए कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि इसे प्रभावी ढंग से अंजाम तक पहुंचाया जाए।

विजय सिन्हा ने अधिकारियों को प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। सरकार का मानना है कि इन अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या समूह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में सरकारी राजस्व की हानि न हो।

हाईकोर्ट में लंबित मामलों पर भी पहल

जानकारी के अनुसार, लगभग 20 मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं, जिनकी वजह से कई स्थानों पर कार्रवाई बाधित हो रही है। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि महाधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय से शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया जाए, ताकि इन मामलों का जल्द समाधान हो सके।

सरकार का उद्देश्य है कि कानूनी अड़चनों को दूर कर विवादित स्थलों से भी अवैध कब्जा हटाया जाए। इसके जरिए शहरी व्यवस्था को बेहतर बनाना और पटना को एक सुव्यवस्थित एवं स्मार्ट शहर के रूप में विकसित करना प्राथमिकता है।

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब सड़कों पर अतिक्रमण और अवैध वसूली को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है और आने वाले दिनों में इस अभियान का व्यापक असर देखने को मिल सकता है।

पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, 5 दिनों में तीसरी घटना से मचा हड़कंप

Patna Court Bomb Threat: राजधानी पटना में न्यायिक व्यवस्था एक बार फिर सतर्क हो गई है। गुरुवार को पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की एक और धमकी मिली है। यह पिछले पांच दिनों के भीतर तीसरी बार ऐसी घटना सामने आई है।

9 और 11 फरवरी के बाद 12 फरवरी को प्राप्त हुए एक और ईमेल ने पुलिस और प्रशासन को अलर्ट कर दिया। सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर को तुरंत खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।

लगातार मिल रही धमकियों से बढ़ी चिंता

पिछले पांच दिनों के दौरान यह तीसरी बार है जब पटना सिविल कोर्ट को निशाना बनाते हुए बम की धमकी दी गई है। वर्ष 2026 में अब तक सात से आठ बार इस तरह के ईमेल प्राप्त हो चुके हैं। बार-बार मिल रही धमकियों के कारण जजों, वकीलों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। साथ ही न्यायिक कार्यवाही भी प्रभावित हो रही है।

धमकी की जानकारी मिलते ही पीरबहोर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे कोर्ट परिसर को घेर लिया गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की मदद से व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एहतियातन कोर्ट परिसर में प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और आने-जाने वाले सभी रास्तों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

पूरी इमारत को उड़ाने का दावा

11 फरवरी को भेजे गए एक ईमेल में यह दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में पांच बम लगाए गए हैं और पूरी इमारत को विस्फोट से उड़ा दिया जाएगा। उस दिन भी एहतियात के तौर पर परिसर खाली कर तलाशी ली गई थी, हालांकि कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। इसके बावजूद लगातार मिल रही धमकियों से प्रशासन की चिंता बनी हुई है।

टाउन डीएसपी राजेश रंजन ने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, सामान्य कामकाज शुरू करना उचित नहीं होगा। सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि न्यायिक कार्य जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लौटे, लेकिन फिलहाल सुरक्षा सर्वोपरि है।

लगातार आ रही इन धमकियों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि इन ईमेल के पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या है। पुलिस साइबर एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। राजधानी की प्रमुख न्यायिक इमारत को बार-बार निशाना बनाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

बिहार में शिक्षा विभाग का 2024 छुट्टी कैलेंडर जारी; इस बार कई बदलाव किये गये हैं

सोमवार को बिहार के शिक्षा विभाग ने 2024 वर्ष के लिए स्कूलों की छुट्टी तालिका जारी कर दी । 2024 छुट्टी कैलेंडर में इस बार कई बदलाव किये गये हैं। BJP नेताओं ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार पर हिंदू त्योहारों के लिए छुट्टियां कम करने और मुस्लिम त्योहारों के लिए छुट्टियां बढ़ाने का आरोप लगाया।

बिहार शिक्षा विभाग ने सोमवार को 2024 के लिए अवकाश कैलेंडर जारी किया और कहा कि शिक्षा के अधिकार के तहत कम से कम 220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करने के लिए चार्ट बनाया गया है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने नीतीश कुमार को “तुष्टिकरण का मुखिया” बताते हुए दावा किया कि महागठबंधन का “हिंदू विरोधी चेहरा” फिर से सामने आ गया है, उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार “वोट बैंक के लिए सनातन से नफरत करती है।”

उन्होंने X पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा “एक बार फिर चाचा-भतीजा सरकार का हिंदू विरोधी चेहरा सामने आया। एक तरफ, स्कूलों में मुस्लिम त्योहारों की छुट्टियां बढ़ाई जा रही हैं, जबकि हिंदू त्योहारों की छुट्टियां खत्म की जा रही हैं, ।

छुट्टी कैलेंडर में रक्षाबंधन की छुट्टी को खत्म कर दिया गया है। वहीं, गर्मी की छुट्टी 15 अप्रैल से 15 मई तक केवल छात्र-छात्राओं के लिए रहेगी। शिक्षक और कर्मी अन्य शैक्षणिक, प्रशासनिक कार्य करेंगे।

दिवाली में एक दिन और छठ में तीन दिनों की छुट्टी रहेगी। तीज और जिउतिया की छुट्टी खत्म कर दी गई है। ईद व बकरीद के मौके पर तीन-तीन दिनों की छुट्टी रहेगी। होली पर दो व दुर्गापूजा में 3 दिनों की छुट्टी रहेगी।

विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि किसी जिले में विशेष अवसर पर यदि जिला पदाधिकारी किसी प्रकार का अवकाश घोषित करना चाहें तो उन्हें मुख्यालय से अनुमति लेनी होगी। किसी भी स्कूल में प्रधानाध्यापक अपने स्तर से स्कूल में अवकाश की घोषणा नहीं करेंगे, अन्यता उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। सभी स्कूलों में वार्षिकोत्सव, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती तथा अन्य महापुरुषों की जयंती मनाई जाएगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हिंदू त्योहारों के दौरान राज्य के स्कूलों में छुट्टियों की संख्या कथित तौर पर कम करने और मुस्लिम त्योहारों के लिए इसे बढ़ाने के लिए नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार के खिलाफ एक और आक्रामक हमला किया।

Bihar News Live Updates: पटना : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 26 वीं बैठक

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बिहार कैबिनेट की बैठक में 35 एजेंडे पर मुहर; फ्री बिजली कनेक्शन पेंशनरों का DA 4% बढ़ा

शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल की बैठक में 35 प्रस्तावों पर स्वीकृति दी गई। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के विदेश दौरे से लौटने के बाद यह बैठक हुई । कैबिनेट की बैठक में 35 एजेंडे पर मुहर, किसानों की योजना के लिए दो हजार करोड़ रुपए से ज्यादा स्वीकृत। दिवाली से पहले पेंशनरों के लिए खुशखबरी, उनका डीए 4% प्रतिशत बढ़ा दिया गया है ।

मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना के दूसरे चरण में इच्छुक किसानों के लिए योजना हर खेत को जल के तहत निशुल्क कृषि विद्युत कनेक्शन प्रदान करने के साथ-साथ आवश्यक विद्युत संरचना के निर्माण के लिए 2190 करोड रुपए की नई योजना की स्वीकृति प्रदान की गई। यह जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एस. सिद्धार्थ ने मीडिया से बात करते हुए दी।

मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के लिए 1063 करोड़ 46 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। इस राशि से जलापूर्ति संबंधित पूरी व्यवस्था का निर्माण होगा तथा 5 वर्षों तक इसके परिचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी।

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डायल 112 योजना का विस्तारीकरण – अब 112 नंबर पर कॉल करके राज्य के ग्रामीण इलाके के लोग भी आकस्मिक सेवा का लाभ उठा सकेंगे। इसके जरिये पुलिस, एंबुलेंस और आगलगी की घटना की जानकारी इस नंबर पर देकर सरकारी सहयोग पाया जा सकता है। इस नंबर से इंट्रीगेटेड सर्विस मिलेगी। इस योजना पर द्वितीय चरण के लिए 766 करोड़ 71 लाख 35 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

बिहार कैबिनेट ने चालक भर्ती नियमावली में भी बदलाव किया है। राज्य में हर विभाग में वाहन चालक की बहाली अब तकनीकी चयन आयोग करेगा।

जल संसाधन विभाग के 9 एजेंडों पर कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में ऊर्जा विभाग के तहत न्यू पुनाईचक स्थित आवासीय क्षेत्र में खेल परिसर का निर्माण होगा, जिसके लिए कैबिनेट ने 42.10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए।

BPSC 67th final results 2023: पटना के अमन आनंद ने परीक्षा में किया टॉप, जहानाबाद की निकिता को दूसरा रैंक

बिहार लोक सेवा आयोग ने बीपीएससी 67वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई) के अंतिम परिणाम 2023 घोषित कर दिए हैं। बीपीएससी 67वीं मुख्य परीक्षा 2023 में उत्तीर्ण होने वाले 2,104 उम्मीदवारों में से कुल 2,090 उम्मीदवार व्यक्तिगत साक्षात्कार में उपस्थित हुए। फाइनल दौर के उम्मीदवार बीपीएससी 67वीं के परिणाम आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in से देख सकते हैं।

BPSC 67वीं मेन्स कट-ऑफ: कुल 802 रिक्तियों के विरुद्ध 799 उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

आयोग ने कहा कि साक्षात्कार में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संयुक्त मेरिट सूची बीपीएससी 67वीं मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त कुल अंकों को जोड़कर तैयार की गई थी।

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आयोग द्वारा अधिसूचित कुल 802 रिक्तियों के विरुद्ध 799 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। बीपीएससी 67वीं टॉपर्स सूची के अनुसार, छह महिला उम्मीदवारों ने शीर्ष 10 में स्थान हासिल किया है।

BPSC 67th final results 2023 Topper list : बीपीएससी 67वीं टॉपर्स सूची

1 अमन आनंद
2 निकिता कुमारी
3 अंकिता चौधरी
4 अपेक्षा मोदी
5 सोनल सिंह
6 मुकेश कुमार यादव
7 उज्जवल कुमार
8 शालू कुमारी
9 रूपेश कुमार
10 सोनाली

सुपौल में हाइड्रा क्रेन पलटने से हुई मौत, दुर्घटना में एक की हुई मौत

PRL कम्पनी के प्लांट में हाइड्रा से मशीन हटाने के क्रम में हाइड्रा पलट गया और उसके अंदर दबने से एक सुपरवाइजर की मौत हो गयी

राघोपुर थाना क्षेत्र के फिंगलास पंचायत के नरहा वार्ड नम्बर 05 की घटना

HYIDRA-CRANE

Bihar BPSC TRE Result 2023 : बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी; हिंदी में 3221 पद के लिए सिर्फ 525 उम्मीदवार सफल हुए

BPSC TRE Result 2023 । बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी हो गया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अभी 11वीं 12वीं उच्चतर माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा के परिणाम की घोषणा की है। BPSC ने उच्च माध्यमिक के लिए हिंदी विषय के शिक्षकों का रिजल्ट जारी किया गया है । हिंदी में 3221 पद के लिए सिर्फ 525 उम्मीदवार सफल हुए हैं।

BPSC ने अभी हिंदी विषय का परिणाम अपने ऑफिशियल वेबसाइट पर अपलोड किया है। हिंदी विषय में शशिकांत पाण्डेय टॉपर बने हैं। रविशंकर दूसरे और राकेश कुमार पाण्डेय को तीसरा स्थान मिला है। चौथे स्थान पर ऋषिकेश तिवारी हैं और पांचवें परआभास कुमार हैं।

बिहार  शिक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट bpsc.bih.nic.in पर चेक किया जा सकता है। बिहार लोक प्रशासनिक सेवा ने अगस्त में 1.70 लाख सीट पर शिक्षकों की भर्ती परीक्षा की परीक्षा ली थी जिसके बाद से ही राज्य में परीक्षा के रिजल्ट को लेकर इंतजार था। 

BPSC
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बिहार में उच्च माध्यमिक शिक्षक के पदों की कुल संख्या 57,616 है जिसके लिए 39 हज़ार उमीदवारों ने फॉर्म भरा था। हिंदी में 3221 पद के लिए सिर्फ 525 उम्मीदवार सफल हुए हैं।

BPSC बिहार टीचर भर्ती परीक्षा में पास होने के लिए जनरल कैंडिडेट्स को कम से कम 40 फीसदी मार्क्स, ओबीसी को 36.5 फीसदी, एससी व एसटी को 34 फीसदी और दिव्यांग कैंडिडेट्स को 32 फीसदी मार्क्स लाने जरूरी हैं।

BPSC बिहार टीचर भर्ती 2023 की लिखित परीक्षा पास करने के बाद अब काउंसलिंग होगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आयोग ने कहा है कि काउंसलिंग के समय बीपीएससी के वाटरमार्क के बिना कोई प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। काउंसलिंग और डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन की प्रकिया के बाद कैंडिडेट्स का मेडिकल टेस्ट होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने जाति जनगणना को लेकर बिहार सरकार को भेजा नोटिस, आंकड़ों पर रोक लगाने से किया इनकार

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह बिहार सरकार को जाति जनगणना का विवरण प्रकाशित करने से नहीं रोकेगा, यह कहते हुए कि वह राज्य के नीति निर्धारण निर्णय में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।

बिहार में जाति जनगणना को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की पीठ ने पटना उच्च न्यायालय के 1 अगस्त के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर एक औपचारिक नोटिस जारी किया, जिसमें बिहार में जाति सर्वेक्षण को मंजूरी दी गई थी। इसने मामले को जनवरी 2024 में सूचीबद्ध किया।

याचिकाकर्ताओं के वकील के अनुसार, जाति जनगणना के आंकड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार एकत्र नहीं किए गए थे और सर्वेक्षण के लिए विवरण एकत्र करने का कोई वैध उद्देश्य नहीं था।

SC ने याचिकाकर्ताओं की उन आपत्तियों को खारिज कर दिया, जिसमें मांग की गई थी कि राज्य सरकार आगे और आंकड़े जारी न करे। पीठ ने कहा, ‘हम इस समय कुछ भी नहीं रोक रहे हैं। हम राज्य सरकार या किसी भी सरकार को नीतिगत निर्णय लेने से नहीं रोक सकते। यह गलत होगा।’

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याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि मामले में गोपनीयता का उल्लंघन है और हाईकोर्ट का आदेश गलत है। इस पर पीठ ने कहा कि चूंकि किसी भी व्यक्ति का नाम और अन्य पहचान प्रकाशित नहीं की गई है, इसलिए यह तर्क कि गोपनीयता का उल्लंघन हुआ है, सही नहीं हो सकता है।

2 अक्टूबर को, बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने 2024 के लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले अपनी जाति जनगणना के निष्कर्ष जारी किए। आंकड़ों से पता चला कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) राज्य की कुल आबादी का 63 प्रतिशत हिस्सा हैं।

बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन की जल्द रिहाई को चुनौती देने वाली याचिका पर SC ने सुनवाई नवंबर तक स्थगित कर दी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई नवंबर तक स्थगित कर दी । पूर्व IAS अधिकारी जी. कृष्णैया की पत्नी की याचिका पर SC ने सुनवाई 3 नवंबर तक के लिए टाल दी ।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ समय की कमी के कारण मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई नहीं कर सकी क्योंकि यह बोर्ड में शीर्ष पर सूचीबद्ध नहीं था और अब इस पर 3 नवंबर को सुनवाई करेगी।

यह याचिका गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी.कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया की ओर से दायर की गई है। उमा कृष्णैया की याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिहार सरकार ने 10 अप्रैल 2023 के संशोधन के जरिए पूर्व व्यापी प्रभाव से बिहार जेल नियमावली 2012 में संशोधन किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोषी आनंद मोहन को छूट का लाभ दिया जाए।

AnandMohan in SC

इससे पहले अगस्त में सुनवाई के दौरान SC ने बिहार सरकार से पूर्व सांसद की रिहाई पर जवाब मांगा था। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि जेल मैनुअल में संशोधन के बाद सजा पाने वाले कितने दोषियों को पूर्व सांसद आनंद मोहन के साथ इस साल अप्रैल में रिहा किया गया, इस पर जवाब देते हुए बिहार सरकार ने कोर्ट को बताया कि आनंद मोहन सहित 97 दोषियों को सजा में छूट देकर जेल से रिहा किया गया था। 11 अगस्त को शीर्ष अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी थी और इसे सितंबर के आखिरी सप्ताह में पोस्ट किया था।

1994 में, गोपालगंज के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट कृष्णैया को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था, जब उनके वाहन ने गैंगस्टर छोटन शुक्ला के अंतिम संस्कार के जुलूस को आगे बढ़ाने की कोशिश की थी। भीड़ को आनंद मोहन सिंह ने उकसाया था। इस मामले मे आनंद मोहन को उम्रकैद की सजा मिली थी।

Land For Job Scam: दिल्ली कोर्ट ने लालू, राबड़ी, तेजस्वी समेत 14 अन्य आरोपियों को समन जारी किया; 4 अक्तूबर को हाेंगे पेश

नई दिल्ली । शुक्रवार को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और 14 अन्य आरोपियों को नौकरी के लिए भूमि घोटाला ( Land For Job Scam ) मामले में नए आरोप पत्र के संबंध में समन जारी किया। सभी राउज एवेन्यू कोर्ट में 4 अक्तूबर को पेश हाेंगे ।

इस मामले में लालू यादव के बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की 21 सितंबर को दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन सुनवाई टल गई और अब यह सुनवाई आज यानी की 22 सितंबर हुई है । इससे पहले इस मामले की सुनवाई 8 अगस्त को होनी थी, जो टल गई थी, इसके बाद सुनवाई को बढ़ाकर 12 सितंबर तक किया गया था, जिसे कोर्ट 21 सितंबर तक टाल दिया था ।

CBI ने 3 जुलाई को कथित भूमि-नौकरी घोटाले में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और 14 अन्य को नामित करते हुए आरोप पत्र दायर किया था। एजेंसी ने अदालत को सूचित किया था कि लालू और 3 रेलवे अधिकारियों – महीप कपूर, मनोज पांडे और पीएल बनकर के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी की आवश्यकता होगी।

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गुरुवार को, CBI ने अदालत को सूचित किया कि उन्हें इस सप्ताह की शुरुआत में कपूर, पांडे और बनकर के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल गई है। एजेंसी ने पहले अदालत को सूचित किया था कि लालू के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी भी इस महीने की शुरुआत में गृह मंत्रालय से मिल गई थी।

विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने 3 जुलाई को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर एक नए आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को समन जारी करते हुए 4 अक्टूबर को उसके सामने पेश होने के लिए कहा है।

Land For Job Scam उस समय का है जब RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव साल 2004 से 2009 के बीच UPA सरकार में रेल मंत्री थे। CBI ने आरोप लगाया है कि 2004 से 2009 के बीच भारतीय रेलवे के विभिन्न जोन में ग्रुप D के पदों पर कई लोगों की नियुक्ति की गई, जिन्होंने अपनी जमीन तत्कालीन रेल मंत्री के परिवार के सदस्यों के नाम कर दी ।

इस मामले में CBI जांच के बाद लालू प्रसाद यादव और उनकी बेटी मीसा भारती के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अब आरोप है कि जो जमीनें ली गईं थी, वो लालू यादव ने पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के नाम पर ली थी।

Live Latest Bihar News: 17 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सफाई कर्मी, आम लोगों को हो रही दिक्कत

Latest News of Bihar – बिहार की इस समय की बड़ी खबरें

  • Bihar News: Land For Job Scam: दिल्ली कोर्ट ने लालू, राबड़ी, तेजस्वी समेत 14 अन्य आरोपियों को समन जारी किया; 4 अक्तूबर को हाेंगे पेश ।
  • सामान्य प्रशासन निभाग की तरफ से तबादले की अधिसूचना जारी कर दी। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 8, भारतीय रेल सेवा (IRSS ) के 1 व बिहार प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों को स्थानांतरित कर दिया गया है।
  • बिहार के सीवान में दिन-दहाड़े BJP नेता की हत्‍या, पुलिस ने दर्ज किया मामला ।
  • SC ने बिहार जाति सर्वेक्षण मामले की सुनवाई अक्टूबर तक के लिए स्थगित की ।
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बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 9 आईएएस अधिकारियों समेत 6 एसडीओ का भी तबादला किया

पटना । बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार को दो अलग-अलग अधिसूचना जारी कर राज्य के 9 आईएएस अधिकारियों समेत 6 एसडीओ का भी तबादला कर दिया है। सामान्य प्रशासन निभाग की तरफ से तबादले की अधिसूचना जारी कर दी। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 8, भारतीय रेल सेवा (IRSS ) के 1 व बिहार प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों को स्थानांतरित कर दिया गया है।

  • भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2006 बैच के आईएएस अधिकारी दयानिधान पांडेय को भागलपुर आयुक्त के पद से स्थानांनतरित करते हुए चकबंदी, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का निदेशक बनाया है
  • मुंगेर आयुक्त के पद पर तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2007 बैच के अधिकारी संजय कुमार सिंह को भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
  • कला संस्कृति विभाग के अपर सचिव दीपक आनंद को उपभोक्ता संरक्षण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में निदेशक
  • कृषि विभाग के संयुक्त सचिव अनिल कुमार झा को राजस्व पर्षद, पटना के सचिव,
  • सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार को ग्रामीण विकास विभाग में मनरेगा आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गयी है 
  • वाणिज्य-कर विभाग की संयुक्त सचिव रूबी को सांस्कृतिक कार्य  निदेशालय के निदेशक एवं संयुक्त सचिव का अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगी
  • जबकि कृषि विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार सिंह को भवन  निर्माण विभाग में संयुक्त सचिव
  • सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव अभय झा को बिहार राज्य  पथ  परिवहन निगम, पटना के प्रशासक की जिम्मेदारी सौँपी गयी है
  • जबकि परिवहन निगम के प्रशासक के अतिरिक्त प्रभार से लघु जल संसाधन विभाग की विशेष सचिव आशिमा जैन को मुक्त कर दिया गया है
  • सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय रेल सेवा (IRSS) के सन्नी सिन्हा परिवहन विभाग के विशेष सचिव के पद से स्थानांतरित करते हुए बिहार राज्य पाठय-पुस्तक प्रकाशन निगम लिमिटेड, पटना का निदेशक पद पर पदस्थापित किया है
Bihar police IAS IPS transfer

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने I.N.D.I.A के पत्रकार बहिष्कार की जानकारी से किया इनकार

पटना । 16 सितंबर को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें इस बहिष्कार की जानकारी नहीं थी। उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसा लगता है कि केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी ने कुछ पत्रकारों का समर्थन प्राप्त कर लिया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने I.N.D.I.A के पत्रकार बहिष्कार की जानकारी से इनकार किया। उन्होंने कहा :- ‘

“हम नहीं जानते हैं कौन पत्रकार का सूची निकाला है , ई सब गलत बात है।” “हमको कुछ नहीं पता है , हम सब पत्रकार को सपोर्ट करते हैं।”

I.N.D.I.A गठबंधन ने 14 टीवी एंकरों की एक सूची प्रकाशित की है, जिन्हें आने वाले दिनों में बहिष्कार का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 14 सितंबर को एक मंच पर इस फैसले की घोषणा की और कहा, “यह निर्णय आज पहले आयोजित एक आभासी बैठक के दौरान भारत मीडिया समिति द्वारा किया गया था।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विशिष्ट पत्रकार शो का बहिष्कार करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (I.N.D.I.A) की आलोचना की और उनके दृष्टिकोण को “अत्यधिक दमनकारी, तानाशाही और प्रतिकूल” बताया।

‘लालू जी एक्टिव हो गए हैं, नीतीश जी इनएक्टिव, अब आप समझ जाओ बिहार कैसा चलेगा’ बिहार में हर तरफ जंगल राज’ हैं : अमित शाह बिहार के झंझारपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए I.N.D.I.A गठबंधन पर बरसे और कहा बिहार में मोदी जी के समर्थन में 2019 के चुनावों का 39 सीट का रिकार्ड टूटेगा, NDA 2024 के आम चुनाव में बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटें जीतेगा।

इससे पहले मधुबनी के झंझारपुर में बिहार BJP के अध्यक्ष स्मार्ट चौधरी बोले “इस देश में जो घमंडी गठबंधन के लोग और बिहार में जो लठबंधन के साथी बने हैं इसको उखाड़ कर फेंकने का काम इस झंझारपुर से करेंगे” ।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- ‘बिहार के अंदर गोलीबारी, लूट, अपहरण, पत्रकारों की हत्या और दलितों की हत्या के किस्से बढ़ते जा रहे हैं’। उन्होंने कहा, “बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति हर दिन खराब होती जा रही है और महागठबंधन की मौजूदगी से आने वाले दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाएगी।”

केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने कहा ‘कुछ दिन पहले लालू-नीतीश ने फतवा जारी किया कि बिहार में रक्षाबंधन और जन्माष्टमी की छुट्टी नहीं होगी लेकिन इसके बाद जनता ने जो आक्रोश दिखाया मैं उसका सम्मान करता हूं’। ‘बिहार सरकार ने हिंदू त्योहारों की छुट्टियां घटाईं, ये लोग अब सनातन पर हमला कर रहे हैं’ ।

अमित शाह ने कहा- ‘लालू जी एक्टिव हो गए हैं, नीतीश जी इनएक्टिव, अब आप समझ जाओ बिहार कैसा चलेगा’ बिहार में हर तरफ जंगल राज’ हैं । नीतीश-लालू गठबंधन तेल और पानी के मिश्रण की तरह है और “वे लंबे समय तक बरकरार नहीं रह सकते।” उन्होंने दावा किया कि गठबंधन ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था और इसके निर्माण को रोकने की पूरी कोशिश की थी ।

गृह मंत्री Amit Shah ने कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद और बिहार के मुख्यमंत्री एवं जदयू प्रमुख नीतीश कुमार कभी नहीं चाहते थे कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया जाये ।

उन्होंने कहा, “लालू अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं और नीतीश कुमार पीएम बनना चाहते हैं। लेकिन उनकी इच्छाएं कभी पूरी नहीं होंगी। मोदीजी 2024 में पीएम बनेंगे। अगर मोदीजी दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बने तो पूरा सीमांचल क्षेत्र घुसपैठियों से भर जाएगा। यह वोट बैंक की राजनीति करने के लिए लालू कुछ भी करने के लिए तैयार हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने कहा लालू जी गरीबों की बात करते हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उन्होंने गरीबों के लिए क्या किया है? मोदी जी ने 86 लाख किसानों को हर साल 6,000 रुपये दिये और बिहार के किसानों के खाते में सीधे 19,800 करोड़ रुपये ट्रांसफर किये। मिथिला के मखाने को जीआइ टैग देने का काम मोदीजी ने किया। किसानों को इससे फायदा होगा। सवा चार सौ करोड़ की लागत से कई स्टेशनों का पुन: विकास करने का काम हमारी सरकार कर रही है। मैं लालू जी से पूछ रहा हूं। 10 साल आप केंद्र में मंत्री थे, बिहार को क्या दिया।

दरभंगा AIIMS पर गृह मंत्री अमित शाह का नीतीश कुमार को जवाब, ‘नीतीश जी जरा गड्ढे वाली जमीन में झुककर देखिए और बताइए इसमें AIIMS कहां बनेगा’ ।

Amit Shah ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण ही अफ्रीकी संघ को G-20 में शामिल किया गया। शाह ने कहा कि चंद्रयान जब लैंड किया तो मन आनंद से भर गया। यह भारत के आर्थिक विकास का नक्शा खींचने वाला है। कई देश भारत के साथ व्यापार करने को लालायित हैं। उन्हें भारत पर विश्वास है। मोदी जी ने G-20 के माध्यम से भारत को विश्व में स्थापित किया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बिहार दौरा : लालू के गढ़ से Lok Sabha Election 2024 का भरेंगे हुंकार; पिछले एक साल में बिहार का छठा दौरा होगा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज 16 सितंबर को बिहार दौरे पर रहेंगे । आगामी Lok Sabha Election 2024 को लेकर BJP पार्टी के कद्दावर नेता बिहार का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज अमित शाह बिहार का दौरा करेंगे। गृह मंत्री का पिछले एक साल में बिहार का छठा दौरा होगा।

गृहमंत्री के आगमन को लेकर सीमा पर तैनात सशस्त्र सुरक्षा बलों के द्वारा सीमा पर ज्वाइंट पेट्रोलिंग कराई जा रही है। सीमावर्ती इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भारत-नेपाल के जोगबनी स्थित इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट पर जाने का कार्यक्रम है। अमित शाह यहां पर SSB जवानों के लिए आवासीय भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही SSB 56 बटालियन स्थित भवन का भी ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे।

Amit Shah

गृहमंत्री अमित साह एक बजकर दस मिनट पर दरभंगा एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर से चलेंगे और एक बजकर 25 मिनट पर झंझारपुर स्टेडियम पहुंचेंगे। एक बजकर तीस मिनट पर वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। झंझारपुर के ललित कर्पूरी स्टेडियम में दोपहर 2 बजे एक रैली को करेंगे संबोधित।

यह इलाका लालू यादव का गढ़ है। यादव और मुस्लिम, आरजेडी का MY समीकरण माना जाता है। झंझारपुर की जनसभा से अमित शाह एक साथ दो इलाकों को साधेंगे। मिथिलांचल में अमित शाह जहां पर अपनी यह सभा करेंगे यह इलाका ( दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, समस्तीपुर सुपौल, मधेपुरा, सहरसा ) सबसे अधिक यादव और मुस्लिम समुदाय बहुल क्षेत्र है। अमित शाह अपनी इस रैली से लालू के परंपरागता वोटरों में सेंघमारी करने का प्रयास करेंगे।

बिहार दौरा के क्रम में अमित शाह आज BJP कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी करेंगे। जोगबनी में लगभग एक हजार बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक होनी है जिसमें वे उन्हें 2024 चुनाव को लेकर गुरुमंत्र देंगे । माना जा रहा है कि अमित शाह बिहार दौरे पर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के लिए उनके साथ बैठक भी करेंगे।

BPSC 67th Mains Result 2023: बीपीएससी 67वीं मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी

कुल 2104 अभ्यर्थी हुए सफल

मुख्य परीक्षा 30, 31 दिसंबर 2022 और 7 जनवरी 2023 को पटना में आयोजित की गई थी

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बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं

अभ्यर्थी BPSC 67th Mains Result 2023 ऐसे करें चेक

  • BPSC ऑफिसियल वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जाएँ। 
  • आपकी स्क्रीन पर वेबसाइट का होमपेज खुल जायेगा। 
  • अब आप होमपेज पर “इनफार्मेशन काउंटर” के सेक्शन पर जाएँ।
  • यहाँ आपको BPSC 67th Main Result 2023 पर क्लिक करना है। 
  • आपके सामने BPSC 67th Main Result 2023 Pdf खुल जायेगा। 
  • अब अपने रोल नंबर से अपना रिजल्ट चेक करें। 

BPSC 67th मुख्य परीक्षा में हुए सभी सफल कैंडिडेट्स का 120 अंको का इंटरव्यू होगा, जिसके बाद ही फाइनल मेरिट लिस्ट घोषित की जाएगी। मुख्य परीक्षा रिजल्ट के 15 दिन बाद कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा, इंटरव्यू के एडमिट कार्ड इंटरव्यू तिथि के 1 सप्ताह पहले आधिकारिक वेबसाइट पर bpsc.bih.nic.in उपलब्ध कराये जाएंगे।  

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्र शेखर ने हिंदू धार्मिक ग्रंथ ‘रामचरितमानस’ की तुलना पोटेशियम साइनाइड से की

गुरुवार को हिंदी दिवस पर बिहार हिंदी ग्रंथ आकादमी में आयोजित कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने यह बयान दिया। उन्होंने हिंदू धार्मिक ग्रंथ रामचरितमानस की तुलना पोटेशियम साइनाइड से की। यह पहली बार नहीं है जब बिहार के मंत्री ने रामचरितमानस पर अपनी टिप्पणी से विवाद खड़ा किया है।

शिक्षा मंत्री चंद्र शेखर ने कहा, “यदि आप पचपन प्रकार के व्यंजन परोसें और उसमें पोटेशियम साइनाइड मिलाएं, तो क्या आप इसे खाएंगे? हिंदू धर्म के ग्रंथों का भी यही हाल है।” उन्होंने कहा कि बाबा नागार्जुन और लोहिया समेत कई लेखकों ने भी इसकी आलोचना की है।

“रामचरितमानस पर मेरी आपत्ति दृढ़ है, और यह जीवन भर बनी रहेगी। यहां तक ​​कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी इस पर टिप्पणी की है, ”बिहार के मंत्री ने कहा।

उन्होंने कहा, “जब तक गटर में कदम रखने वालों की जातियां नहीं बदली जाएंगी, इस देश में आरक्षण और जाति जनगणना की जरूरत रहेगी।”

शिक्षा मंत्री चंद्र शेखर के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा। BJP प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, ”मंत्री चंद्र शेखर लगातार रामचरितमानस पर विवादित बयान दे रहे हैं। क्या नीतीश कुमार को यह बात सुनाई नहीं दे रही है? नीतीश कुमार लगातार सनातन का अपमान कर रहे हैं।”

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि चन्द्रशेखर को इससे कोई दिक्कत है तो उन्हें अपना धर्म बदल लेना चाहिए।

यह पहली बार नहीं है जब चंद्र शेखर ने रामचरितमानस पर अपनी टिप्पणी से विवाद खड़ा किया है। जनवरी में RJD मंत्री ने कहा था कि रामचरितमानस ‘समाज में नफरत फैलाता है’।

बिहार के मुजफ्फरपुर में 32 स्कूली बच्चों से सवार नाव नदी में डूबी; 10 से ज्यादा लापता

मुजफ्फरपुर । मुजफ्फरपुर से एक दुखद घटना सामने आई है। मुजफ्फरपुर जिले के बेनीबाद सहायक थाना क्षेत्र में गुरुवार को बागमती नदी में एक नाव पलट गई। बताया जा रहा है कि नाव में 30-35 बच्चे सवार थे, जिनमे महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इस घटना में एक दर्जन से अधिक बच्चे लापता बताए जा रहे हैं। बताया जाता है कि बच्चे नाव पर सवार होकर स्कूल जा रहे थे।

यह हादसा सुबह साढ़े 9 बजे गायघाट थाना क्षेत्र के बेनीबाद OP में हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही गायघाट और बेनीबाद पुलिस के साथ SDRF-NDRF की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया और अब तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। कुछ लोगों ने तैर कर अपनी जान बचाई।

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जानकारी के अनुसार अब तक 20 बच्चों को नदी से बाहर निकाल लिया गया है और बाकी एक दर्जन से अधिक बच्चे लापता हैं। बताया जा रहा है कि बच्चों के स्कूल नदी के उस पार है और हर रोज की तरह आज भी वे सब नाव से स्कूल जा रहे थे। अचानक से नदी का बहाव तेज होने के कारण नाव पलट गई और यह हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना के इलाके में ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है।

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वो नदी पर पुल की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी बात को नहीं सुना गया। हादसा प्रशासन और सरकार की उदसीनता का नतीजा है। नाव पर बच्चों के साथ कुछ महिलाओं के भी सवार होने की भी बात कही जा रही है।

बिहार में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पटना की दीवारों पर BJP-RJD की लड़ाई

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर BJP-RJD के नारों से भरी राजधानी पटना की दिवार। जिससे चुनावी माहौल अभी से बनना तैयार हो गया है।

राजधानी पटना की सड़क के किनारे की दीवार पर तरह-तरह के नारे लिखे गए है। BJP द्वारा लिखवाए गए नारे के जवाब में RJD द्वारा भी नारे लिखवाए गए हैं।

पटना में आर ब्लॉक ब्रिज की दीवारों पर एक-दूसरे के बगल में ही भाजपा और राजद के नारे लिखे हुए हैं।

BJP-RJD poster

RJD के नारे

“मोदी सरकार से चाहिए छुटकारा, किसानों का है स्पष्ट इशारा”,

“मोदी सरकार से चाहिए छुटकारा, नौजवानों का है स्पष्ट इशारा”

“गरीबों का उपहास किया, मोदी सरकार ने जनता को निरासग किया”,

” बहुत हो चुकी महंगाई की मार, अबकी बार बदलेगी मोदी सरकार”

BJP के नारे

“घमंडीया गठबंधन, ना नीति, ना नियत, ना नेता”,

परिवारवाद से बनाना दूरी है, फिर एक बार मोदी जरुरी है”,

“दिया ना शिक्षा, ना दिया रोजगार,

पलटू कुमार को कबतक सहेगा बिहार”,

“हर मोर्चे पर असफल,

राष्ट्रीय जनता दल” ,

“कभी आपका तो कभी हमारा यार है,

असली बेवफा तो नीतीश कुमार है”

Land for Job Scam: गृह मंत्रालय ने CBI को लालू यादव के खिलाफ केस चलाने की दी अनुमति

नई दिल्ली। मंगलवार को लैंड फॉर जॉब घोटाला (Land for Job Scam) मामले में गृह मंत्रालय ने लालू यादव के खिलाफ CBI को केस चलाने की अनुमति दे दी है। इसकी जानकारी सीबीआई ने इस बात की जानकार एवेन्यू कोर्ट को दी गई। दलीलों पर गौर करते हुए अदालत ने मामले को 21 सितंबर को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

विशेष लोक अभियोजक अधिवक्ता डीपी सिंह के माध्यम से सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल को सूचित किया कि लालू प्रसाद के खिलाफ मंजूरी गृह मंत्रालय से मिल गई है, लेकिन रेलवे के तीन पूर्व अधिकारियों के खिलाफ मंजूरी अभी तक नहीं मिली है। सीबीआई ने आगे कहा कि शेष मंजूरी एक सप्ताह के भीतर प्राप्त होने की उम्मीद है।

लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहे थे। माना जा रहा है कि लालू के ऊपर रेलवे में नौकरी के बदले जमीन रजिस्ट्री कराने का मालला दर्ज था। इस मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद की मुश्किलें बढ़ने वाली है।

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इसके साथ ही इस मामले में डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के खिलाफ सीबीआई की तरफ से दायर चार्जशीट पर सुनवाई एक बार फिर से टल गई है। दिल्ली का राउज एवेन्यू कोर्ट में अब 21 सितंबर को मामले की सुनवाई होगी।

हाल ही में CBI ने लैंड फॉर जॉब कथित घोटाला मामले में लालू प्रसाद समेत बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है।

CBI के अनुसार, तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री, उनकी पत्नी, बेटे, पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) के तत्कालीन जीएम, डब्ल्यूसीआर के दो सीपीओ, निजी व्यक्तियों सहित 17 आरोपियों के खिलाफ नामित अदालत में यह दूसरा आरोपपत्र है। नौकरी के बदले जमीन घोटाले से संबंधित एक मामले में कंपनी भी शामिल है।

सनातन विवाद में कूदे RJD के बिहार अध्यक्ष जगदानंद सिंह कहा ‘टीका लगाकर घूमने वालों ने भारत को गुलाम बनाया’

सनातन धर्म को लेकर लालू प्रसाद यादव की पार्टी RJD के बिहार अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बयान पर विवाद हो गया है। जगदानंद सिंह ने कहा कि टीका लगाकर घूमने वालों ने भारत को गुलाम बनाया है। भारत जब गुलाम हुआ तो न कर्पूरी ठाकुर थे, न लालू प्रसाद थे, न राम मनोहर लोहिया थे। सिर टीका लगाकर घूमने वालों के कारण भारत गुलाम बना।

हालाँकि JDU ने जगदानंद सिंह के बयान से किनारा किया है । JDU नेता और बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बने जमा खान ने कहा कि जदयू और जदयू के नेता नीतीश कुमार सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि जगदानंद सिंह को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। देश में आपसी प्रेम और भाईचारा बना रहे यह हर किसी की जिम्मेवारी है।

जगदानंद सिंह ने RSS एवं BJP पर भी हमला बोला और कहा कि ये सिर्फ हिंदू मुसलमान करने में जुटे हैं, हिंदू- मुसलमान में भारत को बांटने से काम नहीं चलेगा। बना लो मंदिर और तोड़ तो मस्जिद, इससे भारत नहीं चलेगा। उन्होंने सनातन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिसमें भेदभाव हो, लोगों को जाति के नाम पर बांटा जाए, वो धर्म नहीं होता है।

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इस बयान ने बिहार में सियासी घमासान मच गया। BJP इसका विरोध कर रही है। जगदानंद सिंह के बयान पर पटलवार करते हुए BJP प्रवक्ता अरविंद सिंह ने बताया कि भारत को वैसे टीकाधारी लोगों ने गुलाम बनाया था जो कुर्सी के लिए सत्ता के लिए, पद के लिए और राज के लिए अपना जमीर, जागीर और धर्म तक बेच दिया। उसी तरह से आज भी सावन में जानवरों का मांस पकाया और खाया जाता है सत्ता के लिए।

कुछ लोग मुख्यमंत्री बनने के लिए नकली बाइबिल और कुछ लोग प्रधानमंत्री बनने के लिए नकली जनेऊ धारण कर रहे हैं। ऐसे लोगों से देश को सावधान रहना होगा। पुत्र के लिए और सत्ता के लिए जो अपने धर्म का नहीं हो सका वह इस देश का क्या होगा। वह सबको बेच सकता है। और जो परवचन दे रहे हैं वह सबकुछ बेच चुके हैं।

‘बिहार में दुर्गा पूजा, छठ और दिवाली की छुट्टियां रद कर शरिया लागू किया जा सकता है’ – केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह

बिहार की नीतीश सरकार पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बड़ा आरोप ‘कल संभव है कि बिहार में शरिया लागू कर दी जाये और हिंदू त्योहार मनाने पर रोक लग जाये’।

गिरिराज सिंह ने ये X किया है

दरअसल, बिहार सरकार के माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से मंगलवार को पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिक विद्यालयों  में कम-से-कम 200 दिन और मध्य विद्यालयों  में कम से कम 220 दिन क्लास चलना चाहिये। लेकिन चुनाव, परीक्षा, विधि-व्यवस्था, त्योहार, अनुष्ठान संबंधी आयोजन, बाढ़, प्राकृतिक आपदाओं, विभिन्न प्रकार के आयोग की परीक्षाओं /भर्ती परीक्षाओं के कारण स्कूलों में पढाई प्रभावित हो जाती है। इसके अलावा त्योहारों और अनुष्ठानों के मौके पर स्कूलों बंद होने की प्रक्रिया में एकरूपता नहीं है।

ऐसे में शिक्षा  विभाग ने ये निर्णय लिया है कि सभी राजकीय / राजकीयकृत / प्रारंभिक और माध्यमिक/ उच्च माध्यमिक विद्यालयों में साल 2023 के बचे हुए दिनों के लिए एक समान अवकाश होगा।

शिक्षा विभाग के नये आदेश ने बिहार के सरकारी स्कूलों में इस साल की 15 दिनों की छुट्टियां रद्द की है। पहले से घोषित छुट्टी के मुताबिक 30 अगस्त से 31 दिसंबर तक सरकारी स्कूलों में 25 दिन की छुट्टी होनी थी। लेकिन शिक्षा विभाग ने इसमें से 15 दिनों की छुट्टी रद्द कर दी है।

रद्द छुट्टियां ये हैं…

  • रक्षाबंधन- 30 अगस्त
  • चेहल्लूम-6 सितंबर
  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी-07 सितंबर
  • हरितालिका तीज-18-19 सितंबर
  • अनंत चतुर्दशी/हजरत मो. साहब की जयंती-28 सितंबर
  • महात्मा गांधी जयंती-02 अक्टूबर
  • जीवित पुत्रिका व्रत(जीउतिया)-06 अक्टूबर
  • दुर्गा पूजा/श्री कृष्ण सिंह जयंती-19 से 24 अक्टूबर
  • दीपावली, चित्रगुप्त पूजा, भैया दूज, छठ पूजा-13 से 21 नवंबर
  • गुरूनानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा-27 नवंबर
  • क्रिसमस डे-25 दिसंबर

अहम बात ये है कि जन्माष्टमी जैसे पर्व पर केंद्र सरकार ने एनआई एक्ट के तहत छुट्टी घोषित कर रखी है। यानि सारे सरकारी दफ्तर से लेकर बैंक तक उस दिन बंद रहेंगे लेकिन बिहार के सरकारी स्कूलों को खोलने का आदेश दिया गया है। बिहार सरकार ने 21 अक्टूबर को दुर्गा पूजा के महासप्तमी की छुट्टी घोषित कर रखी है। लेकिन शिक्षा विभाग ने महासप्तमी को स्कूल खोलने का आदेश जारी कर दिया है। 

Bihar Transfer-Posting : बिहार में SDM सहित कई अधिकारियों का हुआ तबादला; 21 अनुमंडलों में नए SDO और 48 अधिकारियों तबादला, जानें कहां-कहां हुई ट्रांसफर-पोस्टिंग

पटना । रविवार को बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने व्यापक पैमाने पर ट्रांसफर-पोस्टिंग की । बिहार प्रशासनिक सेवा के चार दर्जन अफसरों के साथ IAS अफसर का भी स्थानांतरण आदेश जारी किया। तबादले किये अधिकारीयों में कई अनुमंडल पदाधिकारी और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के साथ ही परिवहन एवं अन्य विभागों के अधिकारी शामिल है। इसमें कई अधिकारियों को नई जिम्मेवारी दी गई है तो कई कई अधिकारियों को साइडलाइन किया गया है।

बिहार सरकार ने 21 अनुमंडल में नए SDO की पोस्टिंग की है। बिहार प्रशासनिक सेवा के मूल कोटि और उप सचिव स्तर के अफसरों का ट्रांसफर किया गया है। कुल 48 अधिकारी इधर से उधर हुए हैं। 48 में से कुल 22 अधिकारियों को अनुमंडल पदाधिकारी के पद पर तैनाती की गई है। अनीता सिंह को अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी जहानाबाद बनाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी अधिसूचना रविवार को जारी की है।

Bihar Transfer-Posting : जानें कहां-कहां हुई ट्रांसफर-पोस्टिंग

  • समाज कल्याण विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी इंद्रवीर कुमार को सुपौल सदर का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • पटना निवासी पश्चिमी चंपारण के जिला भू अर्जन पदाधिकारी नीरज कुमार को सुपौल में वीरपुर का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।  
  • बक्सर निवासी सारण में मढ़ौरा के अपर अनुमंडल पदाधिकारी नलिन प्रताप राणा को पूर्वी चंपारण के पकड़ी दयाल का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष कार्य पदाधिकारी कुमार ओमकेश्वर को नालंदा में राजगीर का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • भागलपुर निवासी बक्सर के जिला पंचायत राज पदाधिकारी उमेश कुमार भारती को दरभंगा में बिरौल का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • जहानाबाद निवासी नालंदा के वरीय उप समाहर्ता आशुतोष रंजन को रोहतास में सासाराम सदर का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • मधेपुरा निवासी बेगूसराय के वरीय उप समाहर्ता संजीत कुमार को भोजपुर के जगदीशपुर का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • औरंगाबाद निवासी जहानाबाद की अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्रेया कश्यप को भोजपुर जिला के पीरो का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
Police transfer
  • मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष कार्य पदाधिकारी किसलय श्रीवास्तव को गया सदर का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • पटना निवासी कैमूर के अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सुजीत कुमार को गया में टेकारी का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • रोहतास निवासी जमुई के अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनुग्रह नारायण सिंह को गया में शेरघाटी का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • रोहतास निवासी हाजीपुर की अपर अनुमंडल पदाधिकारी डॉक्टर प्रेरणा सिंह को सारण मढ़ौरा का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • भागलपुर निवासी सोनपुर के अनुमंडल पदाधिकारी सुनील कुमार को सीवान में सीवान सदर का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • गया निवासी शेखपुरा के वरीय उपसमाहर्ता अमित कुमार को मुजफ्फरपुर के मुजफ्फरपुर पूर्वी का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष कार्य पदाधिकारी सूर्य प्रकाश गुप्ता को पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • मुजफ्फरपुर निवासी सिवान सदर के अनुमंडल पदाधिकारी रामबाबू बैठा को वैशाली में हाजीपुर सदर का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • पूर्णिया निवासी कटिहार की जिला पंचायत राज पदाधिकारी रोजी कुमारी को अररिया में फारबिसगंज का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • सीवान निवासी सीतामढ़ी के पुपरी अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अरुण कुमार को पूर्वी चंपारण में अरेराज का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  •  नवादा निवासी भोजपुर के जगदीशपुर की अनुमंडल पदाधिकारी सीमा कुमारी को शिवहर का जिला पंचायत राज पदाधिकारी बनाया गया है।
  • बक्सर निवासी भोजपुर में पीरो के अनुमंडल पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार को पश्चिम चंपारण का जिला भू अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है।
  • समस्तीपुर निवासी अररिया के वरीय उपसमाहर्ता विजय कुमार को कैमूर में भभुआ अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में नियुक्ति मिली है।
  • आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी अविनाश कुमार को जहानाबाद सदर का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • कटिहार निवासी शिवहर के वरीय उपसमाहर्ता अशोक कुमार मंडल को भागलपुर में कहलगांव का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • पटना निवासी नालंदा के राजगढ़ की अनुमंडल पदाधिकारी अनिता सिन्हा को जहानाबाद का अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बनाया गया है।
  • पटना निवासी सासाराम के अनुमंडल पदाधिकारी मनोज कुमार को अररिया का जिला परिवहन पदाधिकारी बनाया गया है।
  • पटना निवासी भभुआ अनुमंडल पदाधिकारी साकेत कुमार को सीतामढ़ी में पुपरी का अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बनाया गया है।
  • भागलपुर निवासी सारण के जिला भू अर्जन पदाधिकारी नवनील कुमार को अररिया सदर का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है।
  • पश्चिमी चंपारण निवासी मुजफ्फरपुर पूर्वी के अनुमंडल पदाधिकारी ज्ञान प्रकाश को जिला पंचायत राज पदाधिकारी बक्सर के रूप में नियुक्ति मिली है।
  • सीवान निवासी पश्चिमी चंपारण के नरकटियागंज अनुमंडल पदाधिकारी धनंजय कुमार को अररिया का जिला पंचायत राज पदाधिकारी बनाया गया है।
  • नालंदा निवासी पूर्वी चंपारण के अरेराज अनुमंडल पदाधिकारी संजीव कुमार को सहरसा का जिला पंचायत राज पदाधिकारी बनाया गया है।
  • रोहतास निवासी गया सदर के अनुमंडल पदाधिकारी राजेश कुमार को सारण का जिला भू अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है।
  • पटना निवासी गया के टेकारी की अनुमंडल पदाधिकारी करिश्मा को कैमूर का अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बनाया गया है।
  • मधुबनी निवासी गया के शेरघाटी अनुमंडल पदाधिकारी अनिल कुमार रमण को जमुई का अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बनाया गया है।
  • अरवल निवासी जहानाबाद सदर के अनुमंडल पदाधिकारी मनोज कुमार को किशनगंज का अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बनाया गया है।
  • बक्सर निवासी सारण मढ़ौरा के अनुमंडल पदाधिकारी योगेंद्र कुमार को कटिहार जिला पंचायत राज पदाधिकारी बनाया गया है।
  • रोहतास निवासी पूर्वी चंपारण के पकड़ी दयाल अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रविंद्र को पश्चिम चंपारण का जिला आपूर्ति पदाधिकारी बनाया गया है।
  • सहरसा निवासी वैशाली के हाजीपुर अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार को किशनगंज का जिला परिवहन पदाधिकारी बनाया गया है।
  • सीतामढ़ी निवासी दरभंगा के बिरौल अनुमंडल पदाधिकारी संजीव कुमार कापर को समस्तीपुर का जिला भू अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है।

तेजस्वी यादव ने बिहार में एक्सप्रेसवे की मांग को लेकर की नितिन गडकरी से मुलाकात; बिहार में एक्सप्रेसवे की मांग की

नई दिल्ली । बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से बिहार के कई परियोजनाओं को लेकर मुलाकात की। तेजस्वी यादव ने कहा कि नितिन गडकरी से बहुत सकरात्मक बातचीत हुई है। नितिन गडकरी एक सकरात्मक व्यक्ति है और वो विकास को लेकर बहुत सकरात्मक रहते हैं।

दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। बातचीत के दौरन डिप्टी सीएम तेजस्वी ने केंद्रीय मंत्री से बिहार में एक्सप्रेसवे नहीं होने पर बात की। मुलाकात के दौरान तेजस्वी ने बिहार में परिवहन के विकास से जुड़ी कई मांगें रखीं।

बैठक में बक्सर से भागलपुर तक एक्सप्रेसवे, गंगा पर जेपी सेतु के समानांतर पुल, पटना से कोइलवर और अनीसाबाद से दीदारगंज के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की मांग की गई. इसके अलावा केंद्र की लंबे अरसे से लंबित परियोजनाओं जैसे पटना-गया, हाजीपुर-छपरा, महेशखूंट-सहरसा-पूर्णिया एनएच, मुजफ्फरपुर बाईपास को शीघ्र पूर्ण कराने पर भी विमर्श हुआ।

मुलाकात के बाद तेजस्वी ने कहा कि नितिन गडकरी ने अपनी विशेष गाड़ी ‘हाइड्रोजन कार’ आजमाने के लिए कहा और इससे वो अपने आवास चल रहे हैं। यह कार इसलिए भी अहम है क्योंकि इस कार की अभी देश में टेस्टिंग चल रही है। यह कार सिर्फ नितिन गडकरी के पास है जो इस कार में सफर करते हैं।

Bihar Teacher Exam 2023 : बिहार में आज से सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन; 1.70 लाख पदों के लिए 8.10 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जाने परीक्षा के नियम और निर्देश

Bihar Teacher Exam 2023 : बिहार में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा सबसे बड़ी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 24 से 26 अगस्त तक दो पालियों में आयोजित की जा रही है। 1.70 लाख पदों के लिए 8.10 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया है। पटना में 40 सेंटर तो सूबे में 876 सेंटर पर इस परीक्षा का आयोजन हो रहा है।

बिहार के जिला और पुलिस प्रशासन को परीक्षा को कदाचार मुक्त कराने का निर्देश दिया है। सभी केन्द्रों पर धारा 144 लागू रहेगा। हर केन्द्र पर पर्यवेक्षक रहेंगे। परीक्षा केन्द्र के 100 गज के अंदर किसी को रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी। परीक्षा को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर विशेष नजर रखी जाएगी। खासकर फर्जी प्रश्न पत्र वायरल करने वाले गैंग पर प्रशासन की विशेष नजर होगी।

कोई भी बिना अनुमति के परीक्षा केन्द्र से बाहर नहीं निकल सकते । परीक्षा में प्रश्न पत्र सीधे परीक्षा हॉल में भेजा जाएगा और अभ्यर्थियों के समक्ष खोला जाएगा। परीक्षा समाप्ति के बाद OMR सीट सील होगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। इसबार आयोग ने OMR बॉक्स को सील करने के लिए एक जैकेट तैयार किया है।

Bihar Teacher Exam 2023 : जाने परीक्षा के नियम और निर्देश

  • अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्रों पर प्रथम पाली 0730 बजे पूर्वाह्न एवं द्वितीय पाली 0100 बजे अपराह्न से प्रवेश दिया जायेगा। परीक्षा केन्द्र पर ढाई घंटे पहले अभ्यर्थियों को पहुंचना होगा। जांच-पड़ताल के बाद एक घंटे पहले परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा। पेपर शुरू होने से एक घंटा पहले गेट बंद कर दिए जाएंगे।
  • परीक्षा में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज होगी। आंख की पुतली का मिलान करने के साथ एडमिड कार्ड का भी मिलान किया जाएगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर ढाई घंटे पहले पहुंचना होगा। एक घंटे पहले परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा।
  • सभी अभ्यर्थियों के लिए हर शिफ्ट में ई एडमिट कार्ड की एक एक्स्ट्रा कॉपी अपने साथ परीक्षा केंद्र ले जाना अनिवार्य होगा। परीक्षा के दौरान वीक्षक के सामने हस्ताक्षर कर उन्हें देना होगा।
  • परीक्षा केन्द्र पर छात्रों को सिर्फ ब्लैक, ब्लू बॉल पेन और व्हाइट बॉल पेन के साथ प्रवेश मिलेगा। हर तरह के इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट पर रोक होगी।
  • परीक्षार्थी अपने ऑनलाईन आवेदन में भरे गये मूल फोटो पहचान पत्र साथ में रखना सुनिश्चित करेंगे।
  • इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकृति होगी। परीक्षार्थियों को मार्कर परीक्षा कक्ष में ले जाना वर्जित है।
  • परीक्षा समाप्ति के बाद भी अभ्यर्थी बिना वीक्षक की अनुमति के बाहर नहीं निकल सकते।

Bihar Teacher Exam 2023

परीक्षा केंद्र सभी 38 जिलों में बनाए गए हैं। तीन दिन तक चलने वाली परीक्षा को देखते हुए सभी जिला मुख्यालयों के होटल और लॉज की बुकिंग अभ्यर्थियों ने पहले ही करा ली है। होटल में कमरे फुल हो चुके हैं। अभ्यर्थी सगे- संबंधियों और जाननेवालों के यहां भी पहुंच रहे हैं।

पटना हाईकोर्ट ने बिहार में जाति सर्वेक्षण के दौरान ट्रांसजेंडरओं को जाति की सूची में रखने के खिलाफ दायर हुई जनहित याचिका को निष्पादित करते हुए यह कहा है कि ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को भूल वश ही जाति की सूची में दर्ज किया गया है

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में जाति सर्वेक्षण के दौरान ट्रांसजेंडरओं को जाति की सूची में रखने के खिलाफ दायर हुई जनहित याचिका को निष्पादित करते हुए यह कहा है कि ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को भूल वश ही जाति की सूची में दर्ज किया गया है। उन्हे इस सर्वेक्षण में एक जाति विशेष ना मानते हुए एक अलग ग्रुप माना जाए जिनकी अपनी एक निश्चित पहचान है।

चीफ जस्टिस के वी चंद्रन की खंडपीठ ने रेशमा प्रसाद की जनहित याचिका पर सुनवाई की।इन्ही ग्रुप के सदस्यों की सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक हालात से जुड़े जो आंकड़े जुटाए गए, वही तय करेंगे कि ट्रांस जेंडर के सामाजिक उत्थान के लिए उन्हे कल्याणकारी योजनाओं की कितनी ज़रूरत है ।

याचिकाकर्ता जो स्वयं एक ट्रांसजेंडर समुदाय से है, उसने हाई कोर्ट से अनुरोध किया कि जाति सर्वेक्षण के आंकड़े जुटाना में एन्यूमैरेटरों को जो फार्म दिया गया है, उस फॉर्म में ट्रांसजेंडर को जाति की सूची में उल्लेखित किया गया है।

Patnahighcourt

ये ट्रांसजेंडरों के अलग अस्तित्व एवं पहचान होने के मौलिक अधिकार का हनन है।राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि 24 अप्रैल,2023 को ही सभी जिला अधिकारियों को यह सूचित किया गया कि वह ट्रांसजेंडररो का जेंडर तय करने के लिए महिला पुरुष के साथ एक तीसरा विकल्प (बॉक्स )भी रखे,जो “अन्य” के नाम से जाना जाएगा ।

ट्रांसजेंडर इसी तीसरे विकल्प को भरेंगे।साथ ही वे जिस जाति से होंगे, वो जाति का उल्लेख करेंगे।

हाई कोर्ट ने कहा कि चूंकि जाति सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, इसलिए जनहित याचिकाकर्ता को या उसके ट्रांसजेंडर समुदाय के किसी भी सदस्यों को यह छूट दिया कोर्ट ने कि वह अपने जेंडर को तीसरे विकल्प में और अपनी जाति, जिसमें वह आते हैं।उसे जाति का विकल्प चुनने के लिए राज्य सरकार को अलग से अर्ज़ी दे सकते है।