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बिहार को बड़ी सौगात: सोनपुर में बनेगा देश का पांचवां सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, 1302 करोड़ की मंजूरी

पटना/सोनपुर: बिहार के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने सोनपुर में एक विशाल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह एयरपोर्ट न केवल पूर्वी भारत का पहला, बल्कि देश का पांचवां सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बताया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 1302 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जबकि लगभग 4228 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

यह परियोजना बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। इसके बनने के बाद राज्य की राजधानी पटना और आसपास के जिलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

सोनपुर में कहां बनेगा एयरपोर्ट?

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण सोनपुर-छपरा फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के उत्तर दिशा में और गंडक नदी के पश्चिम, दरियापुर चंवर क्षेत्र में किया जाएगा। यह स्थान भौगोलिक दृष्टि से उपयुक्त माना जा रहा है, क्योंकि यहां पर्याप्त समतल भूमि उपलब्ध है और पटना से इसकी दूरी भी कम है।

सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना को लेकर जल्द ही राज्य कैबिनेट की बैठक में औपचारिक निर्णय लिया जा सकता है, जिसके बाद भूमि अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई और जेवर में विकसित हो रहे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स के बाद देश का पांचवां प्रमुख ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा। इससे बिहार की हवाई नक्शे पर स्थिति और मजबूत होगी।

4228 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण

इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए करीब 4228 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इतनी बड़ी भूमि की आवश्यकता इसलिए है ताकि भविष्य में विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं बनी रहें। एयरपोर्ट परिसर में रनवे, टर्मिनल भवन, कार्गो टर्मिनल, मेंटेनेंस ज़ोन, पार्किंग एरिया और अन्य सहायक संरचनाएं विकसित की जाएंगी।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि प्रभावित किसानों और भूमि मालिकों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

कितना लंबा होगा रनवे?

प्रस्तावित सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का रनवे लगभग 4200 मीटर लंबा होगा। यह लंबाई अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मानी जाती है। इतनी लंबाई का रनवे होने से बड़े-बड़े वाइड-बॉडी विमान भी यहां आसानी से उतर और उड़ान भर सकेंगे।

इससे यह स्पष्ट है कि एयरपोर्ट को केवल घरेलू उड़ानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए भी विकसित किया जाएगा।

24 घंटे संचालन की सुविधा

सोनपुर में बनने वाला यह एयरपोर्ट अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा। यहां 24 घंटे विमानों के संचालन की सुविधा उपलब्ध होगी। वर्तमान में पटना एयरपोर्ट पर रनवे की लंबाई और शहरी घनी आबादी के कारण कई तरह की सीमाएं हैं। नए एयरपोर्ट के बनने से इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलेगी।

रात के समय भी विमानों की आवाजाही संभव होने से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और एयरलाइंस कंपनियों को भी नए रूट शुरू करने में सुविधा होगी।

पटना से बेहतर कनेक्टिविटी

सोनपुर एयरपोर्ट को पटना से जोड़ने के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सिक्स लेन वाले दो नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है—एक जेपी दीघा सेतु के समानांतर और दूसरा शेरपुर-दिघवारा सेतु। इन पुलों के बनने से पटना और सोनपुर के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

बेहतर सड़क संपर्क के कारण यह एयरपोर्ट केवल सारण या सोनपुर क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पटना महानगर क्षेत्र और उत्तर बिहार के जिलों के लिए उपयोगी साबित होगा।

लाखों यात्रियों को मिलेगा लाभ

एयरपोर्ट के निर्माण से लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या क्षमता से अधिक हो चुकी है। सीमित स्थान और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण विस्तार की संभावनाएं भी सीमित हैं।

सोनपुर में नया एयरपोर्ट बनने से हवाई यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इससे व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

अन्य जिलों में भी एयरपोर्ट की तैयारी

राज्य सरकार केवल सोनपुर तक ही सीमित नहीं है। सहरसा, रक्सौल, मुंगेर, सुपौल, बीरपुर, वाल्मीकिनगर, मोतिहारी, बेगूसराय, छपरा, भागलपुर, मधुबनी और गोपालगंज में भी एयरपोर्ट विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है।

यदि ये परियोजनाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी होती हैं, तो बिहार देश के उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां व्यापक हवाई नेटवर्क उपलब्ध होगा।

आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति देता है। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक क्षेत्र, होटल, लॉजिस्टिक्स हब और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती हैं।

सोनपुर एयरपोर्ट के निर्माण से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। निर्माण चरण में हजारों लोगों को काम मिलेगा, जबकि संचालन के दौरान भी बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

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