बिहार राज्य की सीमा के इलेक्ट्रिक ट्रैक के जिले में चोरी से पहले, यह इलेक्ट्रिक ट्रैक काफी पुराना था। यह इलेक्ट्रिक ट्रैक मुंबई के इलेक्ट्रिक ट्रैक की तुलना में लगभग आठ-आठ साल पुराना था।
सूत्रों के मुताबिक, बिहार के सीमेंट मिशन जिले में, इलेक्ट्रिक ट्रैक के एक बड़े भाग को चोरी करने का किया गया था। इस चोरी के बाद इलेक्ट्रिक ट्रैक के काफी बड़े भाग बंद हो गए हैं। इसकी वजह से ट्रेन सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं।
बीजेपी के वरिष्ठ चुनाव प्रचारक, कुमार तिवारी, ने कहा, यह एक बड़ी घटना है और इसे गंभीरता से लिया जाए। लेकिन भारतीय रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, ट्रेन सेवाएं जल्द ही फिर से शुरू होंगी।
चोरी के बाद, इलेक्ट्रिक ट्रैक में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस भी चोरों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
शुक्रवार देर रात बिहार के सीमेंट मिशन जिले के इलेक्ट्रिक ट्रैक के चोरी होने की एक वीडियो तस्वीरें वायरल हुई हैं। इन तस्वीरों को देखकर साफ है कि इलेक्ट्रिक ट्रैक का जो भाग चोरी हुआ था उसमें से क्या कुछ निकाल लिया गया है और क्या कुछ नहीं निकाल लिया है।
बिहार के मुख्यमंत्री, नितीश कुमार, ने कहा, हम इस मामले की गहराई से जांच करेंगे। चोरी के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए हम काम करेंगे।
इसके अलावा, रेल मंत्री, अश्विनी वैष्णव, ने कहा, हम स्टाफ और पुलिस को चोरी के आरोपियों को पकड़ने के लिए कहा है।
चोरी के बाद, इलेक्ट्रिक ट्रैक का जो भाग चोरी हुआ था, उसे फिर से पुराना करने के लिए टीमें नियुक्त किए गए हैं। इस प्रक्रिया के बाद ट्रेन सेवाएं पूरी तरह से शुरू होने की उम्मीद है।
शुक्रवार की शाम को स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक ट्रैक के आसपास के इलाकों में जांच शुरू की। पुलिस ने चोरी के आरोपी पुलिसकर्मियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया है।
बिहार में इस चोरी के बाद कई बातें सामने आईँ हैं। सूत्रों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक ट्रैक पर चोरी का जो भाग चोरी हुआ था, उसमें से कांच के 100 लोगों का पारा निकाल लिया गया था।
बिहार में रेलवे के इलेक्ट्रिक ट्रैक से जुड़ी चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसमें 25,000 वोल्ट की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन के एक हिस्से की चोरी कर ली गई। इस घटना के कारण संबंधित रेलखंड पर ट्रेन सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। पुलिस और रेलवे अधिकारी मामले की गहन जांच में जुटे हैं और चोरी में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। रेलवे प्रशासन ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए जल्द से जल्द रेल परिचालन बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
यह घटना राज्य की सुरक्षा और संचालन प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करती है। इलेक्ट्रिक ट्रैक चोरी से प्रभावित होने से ट्रेन सेवाएं बंद हुईं, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।
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