Press "Enter" to skip to content

Posts published in “खबर बिहार की”

post about खबर बिहार की

बिहार की 5 सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया समाप्त हो गई, सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए

बिहार की 5 सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। इस 5 सीटों के चुनाव के लिए पांच उम्मीदवार अलग-अलग पार्टियों से उतारे गए थे। सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए ।

राज्यसभा के 5 सीटों के लिए भाजपा ने 2 उम्मीदवार उतारे थे, जदयू ने एक उम्मीदवार उतारा था और आरजेडी ने 2 उम्मीदवार उतारे थे।

भाजपा ने अपने पुराने राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र दुबे को मैदान में उतारा था। इसके साथ ही एक नए चेहरे शंभू शरण पटेल को उम्मीदवार बनाया था। दोनों का निर्वाचन निर्विरोध हो गया है। वहीं, जेडीयू के तरफ से झारखंड के जदयू प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो को उम्मीदवार बनाया गया था, उनका भी निर्वाचन निर्विरोध कर लिया गया है।

आरजेडी के तरफ से लालू यादव की बेटी मीसा भारती एक बार फिर से मैदान में उतारा गया, इसके अलावा एक उम्मीदवार अल्पसंख्यक चेहरे के तौर पर फैयाज अहमद को उम्मीदवार बनाया गया था। दोनों आरजेडी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित कर लिए गए हैं।

सभी उम्मीदवारों को निर्वाचन का सर्टिफिकेट दे दिया गया है।

तीनों सर्वेक्षण का पूरा अध्ययन किया जाए ताकि वो गलतियां बिहार में नहीं दोहराई जाए – सुशील कुमार मोदी

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री संप्रति राज्यसभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने अपील की उपरोक्त तीनों सर्वेक्षण का पूरा अध्ययन किया जाए ताकि वो गलतियां बिहार में नहीं दोहराई जाए।

• टीम भेजकर कर्नाटक और तेलंगाना की जातिय सर्वेक्षण का अध्ययन कराएं।
• सामाजिक, आर्थिक, जातिय गणना 2011 क्यों विफल हुई का भी अध्ययन हो।
• उपरोक्त तीनों सर्वेक्षण की त्रुटियों से सबक लेकर जातिय गणना कराएं।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री संप्रति राज्यसभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने जातीय जनगणना कराने हेतु कैबिनेट की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद देते हुए कहा कि बिहार सरकार को कर्नाटक और तेलंगाना टीम भेजकर अध्ययन कराना चाहिए कि इन दोनों राज्यों ने किस प्रकार जातीय गणना कराई थी। साथ ही इस बात का भी अध्ययन कराना चाहिए कि 2011 की सामाजिक, आर्थिक, जातीय गणना में क्या त्रुटियां थी कि केंद्र सरकार जाति के आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं करा पाई ।

श्री मोदी ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने जातीय गणना तो कराई परंतु 7 वर्ष हो गए आज तक आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं कर पाई। कुछ जातियों की संख्या काफी कम पाई गयी और उनके विरोध के डर से कोई भी सरकार जातीय आंकड़े प्रकाशित नहीं कर सकी ।

तेलंगाना ने 2014 में ‘समग्र कुटुंब सर्वे’ के नाम से जातिय गणना करायी जिसमें एक ही दिन में पूरे सरकारी तंत्र ने सर्वे का काम पूरा किया । इस सर्वे में 75 सामाजिक, आर्थिक मुद्दों पर सर्वेक्षण किया गया था।

केंद्र सरकार ने 5500 करोड़ रुपए व्यय कर 2011 में बिना तैयारी के जल्दबाजी में SECC, 2011 कराया जिसमें 46 लाख जातियां दर्ज हो गई और 1 करोड़ 18 लाख से ज्यादा त्रुटियां पाई गई।

श्री मोदी ने अपील की उपरोक्त तीनों सर्वेक्षण का पूरा अध्ययन किया जाए ताकि वो गलतियां बिहार में नहीं दोहराई जाए।

आज जार्ज का जन्मदिन है

3 जून 1930 को ज़ार्ज़ फ़र्नांडिस का जन्म दिन है।
हम दोनो के बीच वह आख़िरी झगड़ा था ,उस समय हमे यह अनुमान नही था कि यह “ आख़िरी “ बन जायगा , लेकिन वक्त ने कुछ और तय कर रखा था – आख़िरी मुलाक़ात भी वही बनी ।

इसके बाद उनकी बीमारी अल्ज़ाइमर में चले जाना , मिलना , न मिलना दोनो बराबर था । उनकी बीमारी का सुन कर उनसे मिलने जब उनके आवास पर पहुँचा तो – बहुत दर्दनाक मंजर था – ज़ार्ज़ कोमा में हैं , मोटी सी चादर में ढके हुए , सामने लैला जी ( लैला कबीर फ़र्नांडिस – ज़ार्ज़ की पत्नी ) खड़ी हैं , एक कुर्सी पर दलाई लामा जी बैठे हैं , उनका हाथ ज़ार्ज़ के घुटने पर है । लामा की आँख से आंसू झर रहा है – “ अब हमारी लड़ाई कौन लड़ेगा ज़ार्ज़ ? “ हमने दूर से ही प्रणाम किया और वापस मुड़ गया । अपने से पूछा – “इस” ज़ार्ज़ से क्यों मिले ?

इस ज़ार्ज़ से क्यों मिले ? यह पोस्ट इसी सवाल का जवाब बनाने की कोशिश कर रहा हूँ ।
ज़ार्ज़ से हम पहली दफ़ा 1972 , में मिले । और मिलते ही उदास हो गया । यही ज़ार्ज़ है ? “जाइंट किलर “ ? बांबे का मज़दूर नेता , जिसके एक इशारे पर बांबे ठप ? पुलिस परिषद का नेता ? रेलवे मेंस फ़ेडरेशन का नेता ? ज़ार्ज़ की शक्सियत सवाल में आ गयी । खादी का कुर्ता , पजामा , गांधी आश्रम का चप्पल एक छोटा सा बैग लिए ज़ार्ज़ खड़े हैं । इस तरह का नेता हम पहली बार देख रहे थे । हमारे पास नेता की दूसरी ही तस्वीर रही , बिल्कुल कांग्रेसी नेता की । थुल-थुल काया , निकला हुआ पेट । चौचक कुर्ता धोती । लेकिन वह तस्वीर टूट गयी और मन उदास हो गया । अवसर था – बिल्थरा रोड बलिया में समाजवादी युवजन सभा ने “ पूर्वांचल विद्रोह सम्मेलन “ आयोजित किया था जिसका उद्घाटन करने ज़ार्ज़ आए थे ।

देबू दा ( देवब्रत मजूमदार ) ने हमारा परिचय कराया –
– ज़ार्ज़ ! ये चंचल है
– हलों ! और एक हाथ बढ़ आया । निहायत गर्म जोशी से हाथ मिला । यहाँ से एक नयी यात्रा शुरू हुई ।

एक दिन ज़ार्ज़ की चिट्ठी मिली । मज़मून था – “उत्तर प्रदेश में पुलिस परिषद की मान्यता को लेकर सरकार और पुलिस में तनाव है । तुम लोग पुलिस की मदद करो । “ किया गया और बनारस केंद्र बन गया । इसकी वजह रामनगर पी ये सी कैम्प पर सेना का आक्रमण । नुक़सान दोनो तरफ़ हुआ । पुलिस शक के घेरे में आ गयी और पंडित कमलापति त्रिपाठी की सरकार गिर गयी । उत्तर प्रदेश इतिहास लिख रहा था पुलिस के साथ समाजवादी युवजन सभा का सुदृढ़ रिश्ता । नतीजा यह रहा क़ि विश्वविद्यालय में होनेवाले सालाना उपद्रव को रोकने के लिए पी ये सी की जगह दक्षिण की रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स लगने लगी । यहाँ भी पीं ये सी को दोहरा फ़ायदा हुआ । पुलिस परिषद के तत्कालीन नेता गिरी के अनुसार – लड़कों (छात्रों ) से लात खाना बंद हुआ और टी ये डी ये तो बढ़ा ।

तकनीकी पेंच समझिए – राजस्व भूमि रजिस्टर में काशी विश विद्यालय गाँव दर्ज है । डेढ़ कदम लांघ जाइए बनारस शहर है । पुलिस नियमावली बहुत कमाल की है । पुलिस फ़ोर्स को मिलने वाला दैनिक भत्ता शहर में ज़्यादा है गाँव में कम । गिरी इसी तरफ़ इशारा कर रहे थे ।

इस ज़ार्ज़ को देखा है ।
74 में रेल हड़ताल हुई । हमे दो काम मिला – एक – रेल कर्मचारियों के परिवार की मदद । और आम जन को आवश्यक वस्तुओं की सम्भावित कमी दूर करने का प्रयास । इस प्रयास में दुकानदारों द्वारा सामानों को रोकना और फिर महँगे दाम पर बेचना । ग़ज़ब का ख़ौफ़नाक मंजर बनाया आढ़तियों ने । नमक और माचिस जैसी चीज़ों की क़ीमत आसमान पर चली गयी माचिस दस दस रुपए तक बिकने लगी । हमारी ड्यूटी जौनपुर में लगी थी । अनगिनत दुकानो के गोदाम खोलवाए । वाजिब दाम पर चीनी , डालडा , माचिस , नमक सब बँटा । रेल किस तरह देश को जोड़ती है , उसकी कितनी उपयोगिता है , यह उस रेल हड़ताल से मालूम हुआ । इस रेल हड़ताल ने श्रीमती ईंदिरा गांधी को ज़ार्ज़ का स्थायी दुश्मन बना दिया । रही सही कसर माओत्से तुंग के उस ख़त ने आग में घी का काम किया जिसे माओ ने ज़ार्ज़ की बहादुरी पर लिखा था ।

हमने इस ज़ार्ज़ को देखा था
75में आपातकाल लगा । इसे इमरजेंसी कहते हैं । हर ग़ैर कांग्रेसी नेता धड़ल्ले से झूठ बोलता है की हम इमरजेंसी से लड़े हैं ।25/26 जून को इमरजेंसी लगी । सारे लोग गिरफ़्तार हो गये , कुछ ने माफ़ीनाम लिख दिए , बाक़ी फ़रार रहे , तो कब और किससे लड़े ? इस इमरजेंसी के ख़िलाफ़ केवल दो थे जो लड़ रहे थे । एक अकाली दल , वह प्रति दिन जत्था बना कर निकलता और गिरफ़्तारी देता दूसरे थे ज़ार्ज़ और उनके मित्र लोग । ज़ार्ज़ पर डाइनामाइट केस चला । हम इस ज़ार्ज़ को जानते थे ।
ज़ार्ज़ का यह हिस्सा कभी नही मरेगा ।

हम उस उस ज़ार्ज़ की चर्चा फ़िलहाल यहाँ नही करेंगे जिस पर हम झगड़े थे ।

लेखक –Chanchal Bhu

बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक मामला बड़ी मछली पर हाथ डालने से घबरा रही है पुलिस

बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक मामला बड़ी मछली पुलिस के पकड़ से अभी भी है बाहर।
आर्थिक अपराध इकाई बीमारी की वजह को पकड़ने के बजाय बीमार व्यक्ति को पकड़ने में लगा है।
आईएस अधिकारी रंजीत कुमार सिंह की भूमिका की जांच में तेजी क्यों नहीं लायी जा रही है ।

बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद के कार्यकाल के दौरान मैं ईटीवी की ओर से पुलिस मुख्यालय के लिए रिपोर्टिंग करता था ।हालांकिअभयानंद के पूरे कार्यकाल के दौरान मेरा इनसे हमेशा खबरों को लेकर 36 का आंकड़ा रहा और एक समय ऐसा आया जब मुझे पुलिस मुख्यालय बीट से बाहर कर दिया गया और इससे भी बात नहीं बनी तो मुझे ईटीवी छोड़ना पड़ा।

लेकिन इस तल्खी के बावजूद व्यक्तिगत रिश्ते हमेशा मधुर रहे उसकी एक बड़ी वजह ये रही कि दोनों एक दूसरे के ईमानदारी पर शक नहीं था हां अभयानंद की पुलिसिंग और मेरी पत्रकारिता की शैली की वजह से टकराव जरूर होता था लेकिन एक पुलिस अधिकारी के रुप में दम तो था ।

कल उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर एक पोस्ट लिखे हैं जिसका अंतिम पैराग्राफ यह है कि मैंने जो पुलिस की 37 वर्षों की जिंदगी में समझा, वह यह कि पैसे का वितरण जब तक स्वाभाविक तौर पर समाज में होता रहता है, तब तक “हाय-तौबा” नहीं मचती। छोटे-मोटे अपराध होते हैं। लेकिन अगर “बवाल” मच जाए तो समझना चाहिए कि काले धन का वितरण “स्वाभाविक” तौर पर नहीं हुआ है। कई बार इस आधार पर अनुसंधान करने से सफलता मिली है।

हालांकि अभयानंद के इस सुक्षाव पर आर्थिक अपराध इकाई अमल करने कि स्थिति में है या नहीं कहना मुश्किल है लेकिन अभयानंद के इस सूत्र के सहारे पूरे मामले के जड़ तक जरूर पहुंचा जा सकता है। क्यों कि बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक मामले का एक माह होने वाला है अभी तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है मीडिया रिपोर्ट की ही माने तो अभी तक आर्थिक अपराध इकाई किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पायी है प्रश्न पत्र कहां से लीक हुआ और लीक करने में कौन कौन शामिल है इसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है ।

वही आर्थिक अपराध इकाई बीमारी की वजह को पकड़ने के बजाय बीमार व्यक्ति को पकड़ने में लगा है ।अभी तक के अनुंसधान में जो बाते सामने आयी है उसके अनुसार सॉल्वर गैंग का सरगना पिंटू यादव भी 2011-12 में इंजीनियरिंग की परीक्षा में सेटिंग कर एनआईटी पटना में दाखिला लिया था,यह खुलासा पिंटू यादव के सहयोगी संजय ने किया है संजय ने आर्थिक अपराध इकाई के जांच अधिकारी को बताया है कि वर्ष 2011-12 बैच में, मैं और पिंटू इंजीनियरिंग में एडमिशन सेटिंग करके एनआईटी पटना में लिया था,पिंटू जैसे-तैसे पढ़कर पास कर गया लेकिन मैं लगातार फेल होता रहा और फिर मुझे नॉट फिट फॉर टेक्निकल एजुकेशन करार कर बाहर कर दिया गया।

इसी तरह 64वीं बीपीएससी परीक्षा पास करके राजस्व पदाधिकारी बने राहुल कुमार का भी कहना है कि मैं सेटिंग से ही अधिकारी बना हूं मैं डीएसपी बनना चाहता था इसलिए इस बार फिर परीक्षा में बैठा था और परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले प्रश्न पत्र हल किया गया सीट मुझे परीक्षा भवन में जाने से पहले मिल गया था।

मतलब इस बार मामला प्रकाश में आ गया लेकिन बिहार में सेटिंग का खेल बहुत पहले से चल रहा है और बड़े स्तर पर चल रहा है ऐसे में आर्थिक अपराध इकाई को अब 64 वीं बीपीएससी परीक्षा की भी जांच करनी चाहिए, 2011-12 में इंजीनियरिंग की परीक्षा जो आयोजित किया था उसकी भी जांच करनी चाहिए ये सब यही दर्शाता है कि पुलिस मामले की लीपापोती करना चाह रही है। क्यों इस पूरे मामले की बड़ी बात यह है कि प्रश्न पत्र सॉल्वर गैंग को पहुंचाता कौन है इस खेल के खुलासे के बगैर इस मामले में कुछ नहीं होना है।

ये उसी तरह का आई वास है जैसे सरकार की निगरानी विभाग घूस लेते किसी सरकारी अधिकारी को पकड़ता है और जेल भेज कर सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करती है। सवाल यह है कि वो अधिकारी घूस क्यों लेता है और घूस की राशि कहां कहां पहुंचता है जब तक इस विन्दू पर जांच नहीं होगी और उस खेल में शामिल मंत्री से लेकर ब्यूरोक्रेट तक पर कार्यवाही नहीं होती है तो फिर इस तरह घूस लेते कर्मी के पकड़ने का मतलब क्या है इसलिए जांच का दायरा पहले बीपीएससी का दफ्तर होना चाहिए क्यों खेल वही से शुरु होता है ।

2–आईएस अधिकारी रंजीत कुमार सिंंह से पूछताछ क्यों नहीं हो रही है
बीएसएससी प्रश्नपत्र लीक मामले में आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार सिंह की भूमिका क्या है यह तो पुलिस के जांच का विषय है लेकिन इसका पूरा आचरण संदिग्ध है जो जानकारी मिल रही है रंजीत कुमार सिंह जिस मोबाइल नम्बर का इस्तेमाल करते हैं वो उसके नाम से नहीं है, बीपीएससी के सचिव को जिस वाट्सएप नम्बर से प्रश्न पत्र की कॉपी भेजा है वह नंबर भी रंजीत कुमार सिंह के नाम से नहीं है।इस तथ्य की पुष्टि के लिए मै रंजीत कुमार सिंह से बात करने कि कोशिश की लेकिन वो बार बार फोन काट दे रहे थे।

वो अपना फेसबुक पेज क्यों डिलीट कर दिया जिसमें हाल के वर्षो में इसके द्वारा जो कोचिंग संस्थान चलाया जा रहा है उसके बारे में विस्तृत जानकारी दर्ज था। इनके कोचिंग में पढ़ने वाले कितने बच्चे पास किए हैं इसकी जानकारी दर्ज था। ऐसे में इन्हें पुलिस को सहयोग करना चाहिए था तो ये साक्ष्य मिटा रहे हैं इसके अलावे कई ऐसे तथ्य है जो कही ना कही रंजीत कुमार सिंह के आचरण को संदिग्ध कर रहा है ।

वही अभी तक बीपीएसपी के कर्मी और अधिकारियों से पूछताछ नहीं हुई उनकी भूमिका लगातार संदिग्ध रही है अंत में इतना कहना ही काफी है कि अगर “बवाल” हुआ है तो समझना चाहिए कि काले धन का वितरण “स्वाभाविक” तौर पर नहीं हुआ है और अब जब मामला सामने आ गया तो काले धन के स्वाभाविक वितरण पर काम शुरु हो गया है ,फिर भी ना उम्मीद मत होइए इस मामले की जांच ऐसे अधिकारी के जिम्मे है जिस पर भरोसा किया जा सकता है ।

जहानाबाद में ट्रैक्टर पलटने से दो मजदूर की मौत, दो जख्मी, घोसी थाना क्षेत्र के दहड़पुर गांव की घटना

जहानाबाद जिले के घोसी धमापुर सड़क गोडसरअस्पताल के समीप ईट से लगा एक ट्रैक्टर पलटने से दो व्यक्ति की मौत हो गई ।और 2 लोग घायल हो गया बताया जाता है कि गोडसर गांव से ईटी लेकर ट्रैक्टर ईट भट्ठा पर जा रहा था।

जैसे ही अस्पताल के समीप पहुंचा कि अचानक ट्रैक्टर का चक्का टूट कर अलग हो गया। जिसके कारण ड्राइवर ने संतुलन खो दिया। और ट्रैक्टर सड़क के किनारे गढ़ा मैं गिरा । जिससे 2 मजदूर की मौत घटनास्थल पर ही हो गई और दो लोग घायल हो गए।

अहियासा गांव निवासी गुंजन कुमार उम्र 20 वर्ष एवं खिरौटी गांव निवासी रामबाबू उम्र 32 वर्ष घटनास्थल पर ही मौत हो गई दो व्यक्ति घायल बताया जाता है जिसमें चालक वैना बाल्मीकि दास उम्र 50 वर्ष एवं अटल बरनाला उम्र 55 वर्ष जो रांची का निवासी है ।दोनों घायलों को ग्रामीणों के सहयोग से इलाज हेतु सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां डॉक्टर द्वारा इलाज किया जा रहा है।

मौत के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया परिवारजनों के रोते-रोते बुरा हाल है ।ग्रामीणों द्वारा मुआवजे की मांग को लेकर धामापुर सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों द्वारा जाम कर दिया है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी हुई है ग्रामीणों द्वारा वरीय पदाधिकारी को घटनास्थल पर बुलाने की मांग लोग कर रहे हैं।

घोसी के थाना अध्यक्ष ने बताया कि वरीय पदाधिकारी को सूचना दी गई है जल्दी पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर मुआवजे की घोषणा कर जाम को हटाया जाएगा। लेकिन इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है लोगों का कहना है कि यह व्यक्ति मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था ।इसके मौत के बाद परिवार पर संकट की घड़ी आ गई है ।

tractor

जमीन के टुकड़े को लेकर भिड़े लोग, 4 महिलाएं जख्मी

नवादा जिले के कादिरगंज ओपी के विजयनगर में गुरुवार को 8 कट्ठा जमीन को लेकर परिवार के लोगों आपस में भीड़ गए ,जिसमे कुल 4 महिलाएं जख्मी हो गए है।

मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हिंसक मारपीट में 4 महिला गंभीर रूप से जख्मी हो गए जहां सभी को घायल अवस्था मे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद के घर पर तीन व्यक्ति लाठी डंडा लेकर पहुंच जाते हैं। और देखते ही देखते घर मे मौजूद सभी के साथ मारपीट करना शुरू कर देते हैं।

मौके पर मौजूद रहे परिवार के सदस्यों ने मारपीट का वीडियो बना लिया और वायरल कर दिया।पीड़ित परिवार ने बताया है कि पत्नी भासो देवी, बेटी नीतू कुमारी, खुशबू कुमारी, ममता कुमारी के साथ जमकर मारपीट की गई है। उन्होंने बताया कि 8 कट्ठा जमीन को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। और इसी को गुरुवार को हमारे भाई और भतीजा ने मिलकर हमारी पत्नी और बेटी के साथ मारपीट किया है। हम लोग घर में नहीं थे। उसी दौरान अचानक घर पर आकर विपिन कुमार, शिवनाथ महतों व किशन महतों ने घर पर आकर हमारे परिवार के साथ जमकर मारपीट करना शुरू कर दिया।

जिसके बाद थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।फिलहाल सभी घायलों का सदर अस्पताल में इलाज़ जारी है।

CM नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जातीय जनगणना कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी

इसके साथ ही राज्य में जाति गणना करना का रास्ता साफ हो गया। इसके अलावा बैठक में कुल 11 एजेंडों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2022–23 के लिए राज्य योजना से जुड़े बीज वितरण और बीज उत्पादन योजना पर 150 करोड़ 98 लाख 78 हजार से ज्यादा की राशि को मंजूरी दी।

कैबिनेट की बैठक का ब्रीफिंग करते चीफ सेक्रेटरी अमीर सुबाहानी ने बताया, ‘राज्य में जातीय जनगणना का सारा खर्च सरकार देगी। इसके लिए आकस्मिक निधि से 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। फरवरी 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में जातीय जनगणना के साथ आर्थिक गणना भी किया जाएगा।’जाति आधारित गणना कराने की जिम्मेदारी सामान्य प्रशासन विभाग की होगी।

वहीं, जिला स्तर पर जिलाधिकारी इसके नोडल पदाधिकारी होंगे। जिले में गणना कराने का संपूर्ण प्रभार जिलाधिकारी पर ही होगा। सामान्य प्रशासन विभाग एवं जिलाधिकारी ग्राम, पंचायत एवं उच्चतर स्तरों पर विभिन्न विभागों के अधीनस्थ कार्य करने वाले कर्मियों की सेवाएं जाति आधारित गणना का कार्य कराने के लिए ले सकेंगे।आर्थिक स्थिति का भी सर्वेक्षण होगा
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि जाति आधारित गणना के दौरान लोगों की आर्थिक स्थिति का सर्वेक्षण भी होगा।

जाति आधारित गणना की प्रगति से समय-समय पर विधानसभा के विभिन्न दलों के नेताओं को ‌अवगत कराया जाएगा। कैबिनेट के निर्णय की जानकारी आज (गुरुवार) दी जा रही है। समय-समय पर मीडिया को इस संबंध में पूरी बात बताया जाएगी। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि जाति आधारित गणना कराने से राज्य की विभिन्न जातियों की स्थिति का ठीक-ठीक आंकड़ा उपलब्ध हो सकेगा। इससे विभिन्न जातियों की समुचित विकास के लिए योजनाएं तैयार कर उसके क्रियान्वयन में सुविधा होगी।

कैमूर के कम्हारी में जमीनी विवाद को ले दो पक्षों में जमकर मारपीट, चली गोली

कम्हारी में जमीनी विवाद को ले दो पक्षों में लाठी-डंडे व गोली चली जिसमें एक पक्ष के दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए जानकारी के मुताबिक बताया गया कि कुढ़नी थाना क्षेत्र के कम्हारी गांव निवासी लालधर पांडे के पुत्र रामामुनी पांडे गोली से घायल हो गए जबकि उनका दूसरा पुत्र शिवमुनि पांडे लाठी डंडे से घायल हैं।

घायल रामामुनी पांडे ने बताया कि आज खेत में धान का बीज डालने गया था तभी बब्बन पांडे के पुत्र उमेश पांडे पंकज पांडे अवधेश पांडे मुन्ना पांडे से बकझक हो गया। जहां उमेश पांडे ने राइफल से गोली चला दिया जबकि बाकी के लोग लाठी डंडे से मारपीट कर घायल कर दिया है।

दोनों सगे भाइयों का सदर अस्पताल में भर्ती कर चिकित्सक द्वारा इलाज किया जा रहा है।

राजद जातीय जनगणना का विरोधी रहा है – सुशील मोदी

राजद का इतिहास रहा कि पंचायत नगर निकाय में पिछड़ों को बिना आरक्षण दिए चुनाव कराया
• राजद अनावश्यक श्रेय न ले
• राजद के शासनकाल में विधान मंडल में प्रस्ताव पारित क्यों नहीं हुआ

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री संप्रति राज्यसभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने एक बयान में कहा कि भाजपा कभी भी जातीय जनगणना के विरोध में नहीं रही । बिहार विधानसभा और विधान परिषद में दो-दो बार सर्वसम्मत प्रस्ताव भाजपा की सहमति एवं भाजपा जदयू की सरकार के कार्यकाल में ही पारित हुआ ।

राजद – कांग्रेस के कार्यकाल में कभी प्रस्ताव क्यों नहीं आया ?
महाराष्ट्र और उड़ीसा विधानसभा से भी सर्व सम्मत प्रस्ताव पारित हुआ जहां भाजपा महत्वपूर्ण दल था । यदि भाजपा विरोध में होती तो भाजपा कभी अपने वरिष्ठ मंत्री श्री जनक राम एवं झारखंड में प्रदेश अध्यक्ष श्री दीपक प्रकाश को प्रधानमंत्री से मिलने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं कराती ।

राजद तो 2004 से 2014 तक केंद्र सरकार में शामिल थी तो उसने 2011 की जनगणना में जाति का एक कॉलम क्यों नहीं जुड़वाया ? भाजपा यदि विरोध में होती तो 2011 की सामाजिक आर्थिक जातिय जनगणना केंद्र के लिए कराना असंभव हो जाता ।

राजद अनावश्यक श्रेय लेने का प्रयास ना करें । इसका इतिहास तो रहा है कि पंचायत और नगर निकाय चुनाव में पिछड़ों को बिना आरक्षण दिए चुनाव करा दिया था ।

दिनदहाड़े लूट से दहशत में लोग, आभूषण दुकान पर हाथ किया साफ!

हाजीपुर में बेखौफ अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए सरेआम एक आभूषण दुकान से करोड़ो की ज्वेलरी लूट कर फरार हो गया।

घटना महुआ थाना क्षेत्र के महुआ बाजार की है। जहाँ महुआ पातेपुर रोड में स्थित कृष्णा ज्वेलर्स पर दस की संख्या में पहुंचे हथियारबन्द अपराधियों ने दुकान मालिक और स्टाफ को बंधक बना कर दुकान की सारी ज्वेलरी लूट ली और फरार हो गए।इतना ही नही लुटेरे अपने साथ दुकान में लगे सीसीटीवी की डीवीआर भी लेते गए है।

घटना की जानकारी मिलते ही वैशाली एसपी मनीष मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की।एसपी ने दावा किया है कि अपराधियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा तो वही दुकान के मालिक ने बताया कि उनके जिंदगी भर की कमाई अपराधियों ने लूट ली है।

अनुमान लगाया जा रहा है कि लगभग डेढ़ करोड़ की लूट हुई है।बहरहाल दिनदहाड़े हुई इतनी बड़ी लूट से व्यवसाईयो में दहशत का माहौल है।

मेधावी छात्रों की हकमारी आज के समय का सबसे बड़ा अपराध है -अभयानंद

बिहार में पहले वोट लूटा जाता था अब मेधावी छात्रों का प्रतिभा लूटा जाता है ।वोट लूटने वाले भी संगठित गिरोह चलाते थे और आज प्रतिभा लूटने वाले भी गिरोह चला रहे हैं बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद का मानना है कि आज आवाज इसलिए उठ रही है कि काले धन का वितरण “स्वाभाविक” तौर पर नहीं हो रहा है।

नौकरी के शुरुआती दौर में जब SP के रूप में, चुनाव संपन्न कराने का दायित्व मिलता था तो रिगिंग की शिकायतें आती थीं। कोई भी संवेदनशील पदाधिकारी इन शिकायतों को सुनकर परेशान हो जाता। मैंने पाया कि अगर तुरंत कार्यवाही नहीं की जाती तो चुनाव संपन्न होने से पहले बैलेट बॉक्स में स्याही डाल दी जाती थी जिससे कि उस बूथ का चुनाव रद्द कर दिया जाए और पुनः उस बूथ पर पूरी तैयारी के साथ चुनाव हो। स्याही डालने वाला पक्ष स्वाभाविक रूप से वह होता था जो उस बूथ पर कब्ज़ा नहीं कर पाया हो।

समय के साथ इस प्रकार की एक और बीमारी ने समाज में जन्म लिया। सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र लीक। साधारण तौर पर प्रश्न-पत्र लीक की शिकायतें यदा-कदा सुनने को मिलती थीं। हमलोग जिले के स्तर पर अनुसंधान कर, गिरोह को पकड़ कर आरोप पत्र दाखिल कर देते थे। समस्या कभी राज्य व्यापी और विकराल नहीं बन पाती थी।

अचानक स्कौलर गैंग, सॉल्वर गैंग जैसे शब्दों का प्रचलन हुआ। अलग-अलग अपराधियों के नाम से गैंग बनने लगे। चुनाव में जैसे प्रतिस्पर्धा होती है, वैसा ही दंगल परीक्षाओं की सेटिंग-गेटिंग में भी हो गया। अगर सेटिंग-गेटिंग के पैसे का वितरण न्यायपूर्ण हो गया तो हल्ला-हंगामा नहीं होगा, अन्यथा “बैलेट बॉक्स में स्याही” का विकल्प अर्थात पेपर के व्यापक लीक का रास्ता तो हमेशा है।

परीक्षा रद्द कर दी जाएगी। अगली परीक्षा में जो गिरोह सर्वाधिक ताकतवर होगा, उसके नियंत्रण में पेपर लीक होगा और पैसे में केवल एक ही गिरोह का भाग होगा।

मैंने जो पुलिस की 37 वर्षों की जिंदगी में समझा, वह यह कि पैसे का वितरण जब तक स्वाभाविक तौर पर समाज में होता रहता है, तब तक “हाय-तौबा” नहीं मचती। छोटे-मोटे अपराध होते हैं। लेकिन अगर “बवाल” मच जाए तो समझना चाहिए कि काले धन का वितरण “स्वाभाविक” तौर पर नहीं हुआ है। कई बार इस आधार पर अनुसंधान करने से सफलता मिली है।

लेखक –बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद

मौसम विभाग ने बारिश और आंधी को लेकर जारी किया अलर्ट

पटना । मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, प्रदेश भर में अगले 24 घंटों के दौरान मेघ गर्जन, बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। राजधानी में पांच दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसार हैं।

वहीं, 14 जिलों पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिलों के एक दो स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ आंधी-पानी की स्थिति रविवार तक बने रहने के आसार हैं। इन जगहों पर हवा की गति 30-40 किमी प्रतिघंटा रहने के आसार है। इसको देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से यलो अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार के पुनरुत्थान का रास्ता क्या हो सकता है?

देश जिस सांस्कृतिक और धार्मिक पुनरुत्थान के दौर से गुजर रहा है उसमें हमारे बिहार में ना तो अयोध्या है,ना तो कासी है,ना तो मथुरा है और ना ही ज्ञानवापी है ऐसे में बिहार के पुनरुत्थान का रास्ता क्या हो सकता है। प्राचीन काल से लेकर आजादी के दौर में भी बिहार हर क्षेत्र देश का नम्बर वन राज्य था शिक्षा का तो जवाब ही नहीं था।

लेकिन हाल के दिनों में सिविल सर्विसेज ,इंजीनियरिंग ,मेडिकल और सर्विस सेक्टर में बिहार का प्रतिनिधित्व देश स्तर पर पांच प्रतिशत से भी कम हो गया है। उस 5 प्रतिशत में भी 90 प्रतिशत छात्र ऐसे हैं जिनका दादा दादी बिहार में रह रहे हैं उसका बिहार से कोई वास्ता नहीं है कभी कभार छठ या फिर किसी शादी में दो तीन बार बिहार आया है ये सारे यू कहे तो अप्रवासी बिहारी है जबकि एक दौर था जब बिहार का प्रतिनिधित्व 20 से 25 प्रतिशत हो गया था ।

कुछ ऐसा ही हाल बिहार के किसानों का भी है दो दशक पहले तक बिहार के किसान अपनी पैदावार के बल पर बच्चों को अच्छी शिक्षा और अपनी बेटी की शादी बड़े घर में करते थे और आज बच्चों को बेहतर शिक्षा और शादी करनी है तो जमीन बेचने के अलावे उनके पास दूसरा कोई साधन नहीं है।

रोजगार का भी कुछ ऐसा ही हाल है छोटे छोटे कस्बे में शॉपिंग मॉल खुलने से पीढ़ी दर पीढ़ी से दुकान चला रहे बनिया का हाल लगातार खराब होता जा रहा है छोटी दुकान बंदी के कगार पर है हाल के दिनों में मछली और अंडा उत्पादन के क्षेत्र में बिहार काफी तेजी के आगे बढ़ा था लेकिन सरकार के असहयोग के कारण दोनों फील्ड से जुड़े बड़े किसानों और व्यापारियों का हाल लगातार खराब होता जा रहा है और पिछले एक माह के दौरान मछली के फीड के दाम में अप्रत्याशित वृद्धि होने के कारण लागत मूल्य इतना बढ़ गया है कि किसान मछली पालन बंद करने लगा है ।

BiharNewsPost

वही अंडा पैदा करने में लगे हैदराबाद हरियाणा और यूपी के बड़े खिलाड़ी अंडा उत्पादन में बिहार के बढ़ते कदम को देखते हुए अंडा का कीमत पांच रुपये से घटाकर 2 रुपया 80 पैसा कर दिया था पिछले माह की बात करे तो 3,66 पैसा एक अंडा दाम एनइसीसी (राष्ट्रीय अंडा कोर्डिनेशन कमेटी)तय किया था जबकि एक अंडा को पैदा करने में लगभग पांच रुपये का खर्च आता है।

बड़े खिलाड़ियों के इस खेल का प्रभाव यह हुआ कि बिहार में मुर्गी का अंडा पैदा करने के काम में लगे 60 प्रतिशत से अधिक कारोबारी काम बंद कर दिया है पटना के बिहटा सहित बिहार के गांव गांव में अंडा उत्पादन का केंद्र कैसे उजर रहा है इसे आप जाकर देख सकते हैं। वही बीपीएससी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले में जो तथ्य उभर कर सामने आ रहा है वह यह दिखाने के लिए काफी है कि बिहार में जो भी परीक्षा हुई है सब में परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक हुआ था और पैसा देकर बच्चे अधिकारी ,डाँ ,इंजीनियर,प्रोफेसर और सरकारी कर्मचारी बन रहे थे ।

ये बिहार की हकीकत है जबकि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में बजट का सबसे अधिक 17 प्रतिशत यानी 38035.93 करोड़ रुपये शिक्षा क्षेत्र पर खर्च हो रहा है ।लेकिन बड़ा सवाल यह है कि हम बिहारी के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य,कृषि और रोजगार मुद्दा है भी कि नहीं क्यों कि इन मुद्दों को लेकर हाल के दिनों में कभी हलचल होते नहीं देखा है आज कल मैं यह सवाल राज्य के सभी राजनीतिक दल के नेता और बुद्धिजीवी के साथ साथ छात्र छात्राओं से भी कर रहा हूं। बिहार का एक बार फिर से पुनर्जागरण हो पायेगा या फिर यू ही भारत पाकिस्तान,हिन्दू मुसलमान, मथुरा ,काशी ,वापी और कुतुबमीनार में उलझते रहेंगे ।

कभी ख्याल नहीं आता है कि बिहार के पढ़ाई का एक एक सेंटर खत्म होते जा रहा है और पूरा बिहार मौन है ।किसानी खत्म होता जा रहा है बिहार मौन है ,रोजगार के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं बिहारी मौन है क्या हम सब ने मौन रहने का जिद्द पाल रखा है क्या ।

जहानाबाद के स्थानान्तरित 11 न्यायिक पदाधिकारियों का जिला जज की अध्यक्षता में विदाई

जहानाबाद के जिला पदाधिकारी तथा आरक्षी अधीक्षक भी शामिल हुये विदाई समारोह में

जहानाबाद व्यवहार न्यायालय परिसर के विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय में जहानाबाद व्यवहार न्यायालय से स्थानान्तरित 11 न्यायिक पदाधिकारियों की विदाई कि अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा राकेश कुमार सिहं ने किया ।कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय आरक्षी अधीक्षक दीपक रंजन , प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शिल्पीसोनी राज , ADJ अजय कुमार सीजीएम राकेश कुमार रजक , SDJM शिम्मी कुजुर , प्र न्यायिक पदाधिकारी आलोक कुमार चतुर्वेदी,रिचा कश्यप ,वैभव कुमार उपस्थित थे ।

कार्यक्रम का संचालन सतत् लोक अदालत के सदस्य संतोष श्रीवास्तव ने किया।इस अवसर सभी न्यायिक पदाधिकारी को संतोष श्रीवास्तव द्वारा काव्य विदाई पत्र समर्पित किया । वही शिक्षाविद तथा राष्ट्रपति पदक से सम्मानित डा एस के सुनील ने सभी लोगों को अंग वस्त्र दिया ।

बिदाई के अवसर पर जिला जज ,डीएम तथा एस पी ने सभी स्थानान्तरित पदाधिकारी को बुके ,माला तथा गुलाब के फुल देकर लोगों के मंगल जीवन की कामना किया। इस अवसर अपर लोक अभियोजक बिन्दु भूषण सिन्हा ,विजय मिश्र सरकारी अधिवक्ता रामबिन्दु सिन्हा , सतत् लोक अदालत के सदस्य संजय कुमार सिन्हा उपस्थित थे।

प्राधिकार के कर्मी मनोज दास ,मिथलेश कुमार ,दीना जी सुजीत कुमार संतोष सिन्हा ,शशी भुषण कुमार ,अमीत कुमार ,नीतु कुमारी।पीएलवी कौशलेन्द कुमार ,विमल उर्फ सुधीर , शशिभुषण सिन्हा ,अरुण कुमार सिह ,संजय कुमार प्रतिमा कुमारी ,संतोष कुमार ,बाबु साहव कुमार ,जय प्रकाश कुमार ,नवल किशोर पाण्डेय , निलम संजीव रेडी ,मनोरँजन कुमार सीता कुमारी तथा सुरेन्द्र ठाकुर संजय पंडीत ने विदाई समारोह में भाग लिया।

विदाई समारोह में जिला कला सांस्कृतिक मंच के कलाकार अविनाश कुमार ,सुजीत यादव महेश कुमार मधुकर तथा चितरंजन चैनपुरा ने अपने गीत तथा कविता के माध्यम से लोगों को गमगीन कर दिया। जहानाबाद जिले से एक साथ 11 न्यायिक पदाधिकारी का स्थानान्तरित पदाधिकारी में शामिल हैं।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयासवाल ने जातीय जनजनणा को लेकर राज्य सरकार को चेताया

आज पटना में बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री Nitish Kumar जी की अध्यक्षता में जातीय गणना को लेकर आयोजित सर्वदलीय बैठक में शामिल हुआ। इस बात की सहमति वय्क्त की गई कि जातीय एवं जाति में भी उपजातिय आधारित सभी धर्मों की गणना या सर्वेक्षण होगा।

भारत सरकार अपने जनगणना के आधार पर गरीबों के लिए योजनाएं बनाती हैं। अभी माननीय नरेंद्र मोदी जी की 60 से ज्यादा योजनाएं गरीब कल्याण के लिए ही हैं। हम कभी उसमें जाति आधारित विभेद नहीं करते।

मैंने अपनी बातों को रखते हुए मुख्यमंत्री जी के सामने तीन आशंकाएं प्रकट की जिनका निदान गणना करने वाले कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से बताना होगा।

पहला जातीय एवं उप जातीय गणना के कारण कोई रोहिंग्या और बांग्लादेशी का नाम नहीं जुड़ जाए और बाद में वह इसी के आधार पर नागरिकता को आधार नहीं बनाए।

sanjay jaswal

दूसरा सीमांचल में मुस्लिम समाज में यह बहुतायत देखा जाता है कि अगड़े शेख समाज के लोग शेखोरा अथवा कुलहरिया बन कर पिछड़ों की हकमारी करने का काम करते हैं। यह भी गणना करने वालों को देखना होगा कि मुस्लिम में जो अगड़े हैं वह इस गणना के आड़ में पिछड़े अथवा अति पिछड़े नहीं बन जाएं।

ऐसे हजारों उदाहरण सीमांचल में मौजूद हैं जिनके कारण बिहार के सभी पिछड़ों की हकमारी होती है ।

तीसरा भारत में सरकारी तौर पर 3747 जातियां है और केंद्र सरकार ने स्वयं सुप्रीम कोर्ट के हलफनामे में बताया कि उनके 2011 के सर्वे में 4:30 लाख जातियों का विवरण जनता ने दिया है । यह बिहार में भी नहीं हो इसके लिए सभी सावधानियां बरतने की आवश्यकता है।

पटना हाईकोर्ट में न्यायिक सेवा कोटे से 7 जजों की नियुक्ति के सम्बन्ध में केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है

बिहार न्यायिक सेवा कोटा से श्री शैलेन्द्र सिंह, श्री अरुण कुमार झा, श्री जितेंद्र कुमार,श्री आलोक कुमार पाण्डेय,श्री सुनील दत्ता,श्री चंद्र प्रकाश सिंह और श्री चंद्र शेखर झा को पटना हाईकोर्ट के जज बनाए गए हैं।

ये अधिसूचना केंद्रीय कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने जारी किया है।4 मई, 2022को सुप्रीम कोर्ट कालेजीयम ने न्यायिक सेवा कोटा के सात अधिकारियों का पटना हाईकोर्ट मे जज के रूप में नियुक्ति की अनुशंसा की थी।

PatnaHighCourt
#PatnaHighCourt

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के जज जस्टिस अहसानउद्दीन अमानउल्लाह का स्थानांतरण पटना हाईकोर्ट में हो गया है।इस सम्बन्ध में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर दिया गया है।

अभी पटना हाईकोर्ट में जजों की कुल संख्या 27 हैं, जबकि इन जजों के योगदान देने के बाद ये संख्या 35 हो जाएगी।पटना हाईकोर्ट में जजों की स्वीकृत पद 53 हैं।इस तरह अभी भी 18 जजों के पद रिक्त रहेंगे।

बिहार में जाति आधारित गणना पर हुयी सर्वदलीय बैठक में शामिल हुये मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार

क्या खास रहा जातीय जनगणना लेकर आयोजित सर्वदलीय बैठक में…

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में जाति आधारित गणना पर हुयी सर्वदलीय बैठक में शामिल हुये। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता हम विधायक दल श्री जीतन राम मॉझी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय जायसवाल, राजद सांसद मनोज कुमार झा, कांग्रेस विधायक दल के नेता श्री अजीत शर्मा, ऊर्जा मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी,
ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, ए०आई०एम०आई०एम० के विधायक दल के नेता श्री अख्तरूल ईमान, भाकपा माले के विधायक दल के नेता महबूब आलम, सी०पी०आई० (एम०) के राज्य सचिव श्री ललन चौधरी, सी०पी०आई० (एम०) नेता विधायक श्री अजय कुमार, सी०पी०आई० राज्य मंत्री श्री राम नरेश पाण्डेय, सी०पी०आई० विधायक दल के नेता श्री राम
रतन सिंह मौजूद रहे।

बैठक में सभी दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से जाति आधारित गणना कराये जाने के पक्ष में अपनी अपनी राय एवं सुझाव दिये। सभी दलों के नेताओं जाति आधारित गणना कराये जाने को लेकर अपनी सहमति जतायी।

सर्वदलीय बैठक के पश्चात् सभी दलों के नेताओं की उपस्थिति में मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी जाति आधारित गणना पर विचार-विमर्श करने के लिए सर्वदलीय बैठक हुई है। आज सर्वसम्मति से यह निर्णय हुआ है कि बिहार में जाति आधारित गणना की जाएगी। हर लोगों के बारे में पूरी जानकारी ली जाएगी और इसके लिए बड़े पैमाने पर और तेजी से काम किया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से इसमें मदद दी जाएगी।

गणना कार्य में लगाए जानेवाले लोगों की ट्रेनिंग करा दी जाएगी। आज जो बातचीत हुई है इसी के आधार पर बहुत जल्दी कैबिनेट का निर्णय होगा। इसके लिए राशि का प्रबंध किया जायेगा। कैबिनेट के जरिए ये सब काम बहुत जल्दी कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति आधारित गणना की जाएगी उसके बारे में विज्ञापन भी प्रकाशित किया जाएगा ताकि एक – एक चीज को लोग जान सकें। विधानसभा के सभी दलों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से इस पर आज निर्णय हुआ है। काम शुरू होगा तो लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी ताकि सब लोगों को ये मालूम रहे कि एक – एक काम किया जा रहा है। समाचार पत्रों एवं मीडिया में भी इस बात को प्रचारित किया जाएगा ताकि सभी लोग इसके बारे में जान सकें। कैबिनेट के माध्यम से यह भी हमलोग तय कर देंगे कि यह पूरा का पूरा काम एक तय समय सीमा के अंदर हो।

उन्होंने कहा कि जब यह कहा गया कि जाति आधारित गणना राष्ट्रीय स्तर पर नहीं होगी, इसे राज्य स्तर पर ही करना होगा तो
हमलोगों ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस पर विचार करने का निर्णय लिया । उपचुनाव, स्थानीय निकाय का चुनाव वगैरह आ जाने से सर्वदलीय बैठक करने में थोड़ा वक्त लग गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सब दलों की सहमति थी कि आज एक जून को बैठक बुलाई जाए तो आज बुलाई गई। आपस में बातचीत हो गई है लेकिन जल्द ही इसे कैबिनेट से पारित कर सब कुछ प्रकाशित कर दिया जाएगा। इसमें समय सीमा का भी पता चल जाएगा।

सबलोगों का, चाहे वे किसी भी जाति या धर्म के हों, पूरा का पूरा इसका आंकलन किया जाएगा। हमलोगों का मकसद है लोगों को आगे बढ़ाने का, जो पीछे है, उपेक्षित है, उसकी उपेक्षा न हो। सब आगे बढ़ें। इन सब चीजों को ही ध्यान में रखकर हमलोगों ने तय किया और इसका नामकरण जाति आधारित गणना किया गया है। सारे दलों को भी एक – एक काम की जानकारी दी जाएगी। आप तो जानते हैं कि अलग-अलग जाति में अनेक उपजातियां हैं।

जाति और उपजाति सभी की गणना की जाएगी। हमलोगों का मकसद है सभी का विकास करना, उन्हें आगे बढ़ाना । कोई पीछे न रहे इसलिये इसे ठीक ढंग से कराया जायेगा। एक बात जान लीजिए, सबलोगों की गिनती हो जाएगी। जो कुछ भी किया जाएगा उसके बारे में विज्ञापन भी दिया जाएगा। सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचारित किया जाएगा। एक–एक चीज लोगों की जानकारी में रहेगी। ये कहा गया कि राष्ट्रीय स्तर पर जातीय जनगणना नहीं होगी लेकिन राज्य सरकार कर सकती है। आज सभी राज्य इस पर विचार कर रहे हैं। अगर सभी राज्यों में यह हो जाएगा तो राष्ट्रीय स्तर पर ऑटोमेटिक हो जाएगा। हमलोग जातीय गणना को बिहार में बहुत अच्छे ढंग से करना चाहते हैं।

समस्तीपुर के टीचर वैद्यनाथ रजक गर्मी की छुट्‌टी को लेकर गाना बनाए हैं जो बच्चों को आसानी से समझ में आ जाए, ज़रा आप भी सुनिए

समस्तीपुर के हसनपुर प्रखंड के कन्या प्राथमिक विद्यालय मालदह के टीचर वैद्यनाथ रजक पहले भी गानों को लेकर काफी चर्चा में रहे हैं।

पहले भी चर्चा में रहे हैं वैद्यनाथ।
गाना से ही वह बच्चों को बड़ी से बड़ी बात आसानी से समझा देते हैं। वैद्यनाथ का यह अंदाज बच्चों को खूब भाता है। गर्मी से बचाव का गाना हो या फिर क्लास में पढ़ाई को गाना से समझाना, उनका कोई जवाब नहीं है।

वैद्यनाथ रजक का कहना है कि गर्मी की छुट्‌टी को लेकर भी वह गाना इसलिए ही बनाए हैं कि बच्चों को आसानी से समझ में आ जाए और वह बिना बोर हुए समय के उपयोग को समझ जाएं। टीचर का कहना है कि गर्मी की छुट्‌टी के पूर्व बच्चों के साथ होमवर्क सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की और इस दौरान ही गाने से बच्चों को एक संदेश दिया जो बच्चों को काफी पसंद आया और क्लास में गाना पर खूब तालियां भी बजाई।

मुंगेर में बिहार पुलिस के एक जवान ने ससुर और साले को मारी गोली

ससुर की इलाज के दौरान मौत हो गई। साले का इलाज चल रहा है। पुलिस जवान अपनी पत्नी को विदा कराने आया था, लेकिन ससुराल वालों ने मना कर दिया। इससे नाराज होकर सर्विस रिवॉल्वर से गोली चला दी। हत्या के बाद सोनू ने थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।

मोबाइल पर बात करते हुए पत्नी आंचल एवं आंचल की मां पूनम देवी
मोबाइल पर बात करते हुए पत्नी आंचल एवं आंचल की मां पूनम देवी

वारदात बुधवार दोपहर कासिम बाजार थाना क्षेत्र के घोसी टोला इलाके की है। पुलिस जवान सोनू कुमार नालंदा का रहने वाला है। उसकी तैनाती जमुई जिला पुलिस बल में है। सोनू की शादी मुंगेर के गिरधर साह की बेटी आंचल से 10 महीने पहले हुई थी।आंचल ने कहा कि सोनू शादी के बाद टॉर्चर करता रहता था। इसलिए हम यहां से नहीं जा रहे थे।

अतिक्रमण के खिलाफ़ चला प्रशासन का डंडा, हटाए गए अवैध दुकान

सड़क पर अतिक्रमण कर व्यवसाय करने वालों के विरुद्ध जहानाबाद जिला प्रशासन का बुलडोजर चला। शहर के काको मोड़ से लेकर हॉस्पिटल मोड़ तक एनएच-83 किनारे अस्थाई रूप से अतिक्रमण कर दुकान लगाने वालों को जेसीबी से हटाया गया।

इसके अलावा सब्जी मंडी में अनाधिकृत रूप से कब्जा कर खाली जगहों पर दुकान लगाने वालों को भी प्रशासन द्वारा हटाया गया। सदर अंचल पदाधिकारी संजय कुमार अम्बष्ट के नेतृत्व में अभियान की शुरुआत काको मोड़ से की गई।

जिसमें नगर थाना की पुलिस के अलावा नगर परिषद के पदाधिकारी भी शामिल रहे। अंचलाधिकारी ने बताया कि डीएम के निर्देश के आलोक में यह अभियान शुरू किया गया है। सड़क पर अवैध अतिक्रमण के कारण आवागमन में उत्पन्न हो रही बाधा तथा जाम लगने की समस्या से निपटने के लिए अतिक्रमणकारियों को हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हटाए जाने के बाद पुन: अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी तथा उनके सामानों को भी जब्त किया जायेगा।

प्रशासन द्वारा करीब 60 से अधिक फुटपाथ की दुकानों को उजाड़ा गया। प्रशासन के इस अभियान से अतिक्रमणकारियों में खलबली मची रही। वही सड़क किनारे मुख्य रोड पर दुकान लगाने वालों को खुद अपना दुकान हटा लेने की चेतावनी दी गई।

पांडव सेना के आपसी गैंगवार में अबतक 9 लोगों की हत्या

35 दिनों में पूर्व विधायक के चार परिजनों की हो चुकी है हत्या

जहानाबाद । बिहार की राजधानी पटना में भाजपा के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के भाई शम्भू शर्मा और गौतम शर्मा को ए के 47 से गोलियों से छलनी कर दिए जाने के बाद महज 35 दिनों के अंदर पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के चार परिजनों को मौत के घाट उतार दिया गया है।विगत 26 अप्रैल के चितरंजन शर्मा के चाचा अभिराम शर्मा की जहानाबाद और भतीजे दिनेश शर्मा को मसौढ़ी में मौत के घाट उतार दिया गया था। इधर दो दिन पहले संजय शर्मा के रिश्तेदार सुधीर शर्मा को नीम गांव की रेल पटरी पर शव मिला था और संजय सिंह ग्रुप ने इसे हत्या बताते हुए चितरंजन शर्मा ग्रुप पर हत्या का आरोप लगाया था ।अबतक नीमा गांव में गैंगवार में 9 लोगों की जान जा चुकी है। और आज की घटना को सुधीर की मौत का बदला माना जा रहा है। पांडव सेना से जुड़े लोगों के आपसी गैंगवार में अभी और लाशें गिरने के प्रबल आसार है।

अब तक पूर्व विधायक के चार परिजनों की हो चुकी है हत्या
बिहार का जहानाबाद और पटना जिले का मसौढ़ी 26 अप्रैल मंगलवार की सुबह दोहरे हत्या से दहल उठा था ।शहर के नामचीन स्वीट्स कारोबारी अभिराम शर्मा और उनके भतीजे दिनेश शर्मा का अपराधियों ने गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया।मृतकों में अभिराम शर्मा चाचा और दिनेश शर्मा भतीजा थे अभिराम शर्मा को अपराधियों ने जहानाबाद में उनके गोली आवास पर गोली मारी जबकि भतीजे को मसौढ़ी गांधी मैदान गेट के समीप गोलियों से छलनी कर दिया था

स्वीट्स एवं ज़मीन धंधे से जुड़े थे अभिराम

जहानाबाद में अभिराम शर्मा की हत्यारो की तस्वीरे सीसीटीवी कमरे में कैद हो गई थी।सबसे हैरान करने वाली बात है कि जहानाबाद में जिस जगह पर स्वीट्स एवं जमीन कारोबारी को गोली मारी थी उससे चंद कदम के फासले पर जिले के डीएम और एसपी का आवास है।इधर शहर के चर्चित स्वीट्स कारोबारी की सुबह सुबह हुई हत्या से शहर में सनसनी फैल गई ।

शादी का कार्ड देने के बहाने घर मे घुसे अपराधी

हत्यारों ने घटना को बड़े सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया था । घर की प्रत्यक्षदर्शी महिला सदस्य ने बताया दो अपराधी शादी का कार्ड देने के बहाने कमरे आये और सिर में गोली मारकर चलते बने।अपराधियों की तस्वीरें घर मे लगे कैमरे में कैद हो गई थी

नीमा गांव के 5 लोगों ने बनाई थी पांडव सेना
दरअसल में 1995 के आसपास पटना जिले के धनरूआ थाना के नीमा गांव के 5 युवकों चितरंजन ,बब्लू, संजय सिंह, अशोक और विपिन ने पांडव सेना बनाई और ताबड़तोड़ हत्या की घटना को अंजाम दिया ।रंगदारी ,हत्या और अपहरण सहित कई संगीन वारदातों से जहानाबाद ,पटना सहित कई जिलों को थर्रा दिया था।जहानाबाद में लगभग एक दर्जन हत्याओ को अंजाम दिया था।बाद में गिरोह में फुट पड़ गयी और चितरंजन और संजय अलग हो गए । चितरंजन ने राजनीति में कदम रखा और अरवल से 2015 में विधायक बन गए।संजय ने भी लोजपा से पाली गंज से चुनाव लड़ा पर सफलता हाथ नही लगी।

पांडव सेना के बबलू और अशोक सिंह हत्या गढ़वा में कर दी गई थी। 26 अप्रैल 2020 को नदवा स्टेशन पर संजय सिंह को तीन गोली मारी गई थी परंतु संजय सिंह बच गया। हमले का आरोप चितरंजन शर्मा पर लगा और इसके प्रतिशोध में 26 अप्रैल 2022 को चितरंजन के चाचा अभिराम और भतीजे दिनेश की हत्या कर दी गई थी और आज दो भाई को छलनी कर दिया गया। पांडव सेना के आपसी गैंगवार में अभी अभी और कई लाशें गिर सकती है।

शराब बंदी के बावजूद धड़ल्ले से जारी है तस्करी, जहानाबाद स्टेशन से एक तस्कर गिरफ्तार।

जहानाबाद। जहानाबाद की जीआरपी थाना पुलिस ने स्थानीय स्टेशन पर जांच के दौरान 36 बोतल शराब के साथ एक कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार शराब कारोबारी से पूछताछ के बाद जीआरपी ने उसे जेल भेज दिया। जीआरपी थानाध्यक्ष मोनू राजा ने बताया कि बुधवार की सुबह स्टेशन पर जांच के दौरान प्लेटफार्म एक पर खड़े एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर पकड़ा गया।

मोनू राजा, जीआरपी प्रभारी, जहानाबाद

पकड़े गए व्यक्ति की तलाशी लेने पर उसके पास स्थित बैग से 36 बोतल शराब जो कि 18लीटर है बरामद की गई। जीआरपी ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार शराब कारोबारी रंजन कुमार जिले के मंगल बिगहा के रहने वाला है।

जहानाबाद में दुर्घटना में एक युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम

जहानाबाद । हुलासगंज सड़क पर सुकियावा पुल के समीप पीएनबी कैश वैन की गाड़ी ने मोटरसाइकिल सवार एक युवक को रौंदा दिया। घटनास्थल पर ही युवक की मौत हो गई।

बताया जाता है कि केयाला गांव निवासी नवल शर्मा मोटरसाइकिल सवार होकर मंगलवार को करीब शाम 4 बजे डोगरा गांव गए थे । लेकिन जैसे ही डोंगरा गांव से लौट रहे थे की सुकियावा पुल के समीप वैन से जबरदस्त टक्कर हो गई। दुर्घटना के बाद वाहन भागने में सफल रहा ।

इस घटना की सूचना आसपास के लोगों ने स्थानीय थाने के पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जहानाबाद भेज दिया । जैसे ही इस घटना की सूचना उनके परिवार जनों को लगा परिवार में कोहराम मच गया।

दुर्घटना में एक युवक की मौत

बिहार के गोपालगंज में ई-रिक्शा पर महिला ने जन्मा बच्चा

गोपालगंज। गर्भवती महिला को नहीं मिली एंबुलेंस. ई-रिक्शा पर महिला ने जन्मा बच्चा।

मांझा प्रखंड के मिश्रवलिया से पहुंची थी गर्भवती. जच्चा-बच्चा दोनों हैं सुरक्षित.

कटिहार में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति बैठक के दौरान लिये गये राजनीतिक प्रस्ताव

स्वाधीनता के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हम सभी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं| 75 वर्षों के इस कालखंड में भारत ने एक राष्ट्र के रूप में उल्लेखनीय उपलब्धियों को हासिल किया है और आज जब देश कर्मशील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है तो हम यह कह सकते हैं कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के मानचित्र पर अपनी वह छाप छोड़ेगा जिसकी कल्पना आजादी के लड़ाई में भाग लेने वाले सभी क्रांतिकारियों ने की थी |

राष्ट्र जीवन की दिशा नामक पुस्तक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने राष्ट्र को किसी कालखंड की गणनात्मक इकाई की जगह एक शाश्वत इकाई माना है। वास्तविकता भी यही है। राष्ट्र की संकल्पना विशेषकर इस धरा भारत के संदर्भ में अनादि काल से विद्यमान रहा है । इसकी झलक सांस्कृतिक रूप से देश के जन-जन में हमेशा से विद्यमान रही है और यह राजनीतिक रूप से हमारे राजा महाराजाओं में चक्रवर्ती सम्राट बनने की लालसा में दृष्टिगोचर होती है। यूरोपीय नूतन राष्ट्रवाद से इसकी तुलना बिल्कुल बेतुकी है। भारत में कांग्रेस तथा उसके वित्त पोषित वामपंथ के द्वारा वर्तमान में राष्ट्र एवं राष्ट्रवाद के संदर्भ में जिस विरोधाभास को प्रतिस्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है , वह वास्तव में नेहरूवियन आइडिया ऑफ इंडिया के विफल होने का ही प्रमाण है।

राम मंदिर तथा काशी विश्वनाथ का निर्माण हमारे पूर्वजों के संघर्ष तथा बलिदान की क्षतिपूर्ति मात्र के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। वास्तव में इन्हें देश के ऐतिहासिक कालखंड में एक ऐसे मोड़ के रूप में देखा जा सकता है जहां से भारत अपनी सांस्कृतिक एवं आत्मिक आइडिया ऑफ भारत को अंगीकार करने की दिशा में बढ़ चला है। इस दृष्टि से पीढ़ियों को जोड़ने तथा माननीय नरेंद्र मोदी जी जैसे विराट नेतृत्व में अपने सभी पुरोधाओं को नमन करते हुए राष्ट्र को विकसित व पल्लवित करने में तन मन धन से खुद को समर्पित करने का वक्त आ गया है।

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी ,प्रभावी एवं साहसी नेतृत्व एवं देश भर के कार्यकर्ताओं के अटूट मेहनत का नतीजा है कि आज भाजपा एक सबल भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर है | विश्व के मानचित्र पर भारत का नाम अब गौरव से लिया जाता है क्योंकि नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर के महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दों पर जिस प्रकार अपना प्रामाणिक हस्तक्षेप किया है वह अभिनंदनीय है | विगत एक महीने में सम्पन्न हुए संयुक्त राष्ट्र, क्वाड, जी-23 सहित दुनिया के तेल उत्पादक देशों के संघ के बीच भारत ने अपनी स्थिति को मजबूत किया है तथा चीन एवं पाकिस्तान द्वारा भारत की सीमाओं पर लगातार किए जा रहे कुत्सित प्रयासों से दुनिया को अवगत कराकर उन्हे अलग-थलग करने में उल्लेखनीय सफलता पायी है |

आजादी के बाद 70 वर्षों तक कॉंग्रेस, वामपंथ तथा समाजवाद के नाम पर गैर-यथार्थवादी, सांप्रदायिक, परिवार केंद्रित नेतृत्व ने विकास की संभावनाओं को कुंद करने में कोई कसर नहीं छोड़ा | लोकतंत्र की हत्या करके इमरजेंसी लगाई गई । कांग्रेस ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई राज्य सरकारों को लगभग 90 बार बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया । कॉंग्रेस ने जहां देश में निर्भर अर्थव्यवस्था को खड़ा किया, वामपंथियों ने भारत के मौलिक चिंतन धारा को कुंद करने का कुत्सित प्रयास किया वहीं तथाकथित समाजवादियों ने जातिवाद, भ्रष्टाचार तथा परिवारवाद को पोषित किया है | लोकतंत्र की हत्या करके इमरजेंसी लगाई गई । कांग्रेस ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई राज्य सरकारों को लगभग 90 बार बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन क्या यह सच्चाई नहीं है इन्हीं दलों ने जयप्रकाश नारायण, लोहिया, कर्पूरी ठाकुर जैसे नेताओं के विचारों को तिलांजलि देकर अपने परिवार को मजबूत किया है और भ्रष्टाचार के प्रतिमान गढ़े ।जबकि भाजपा की आधारशिला लोकतंत्र , सांस्कृतिक राष्ट्रवाद , लोक कल्याण , सामाजिक समरसता तथा अंत्योदय के लक्ष्यों में निहित है । श्री नरेंद्र मोदी ने इन्हीं उद्देश्यों को अंगीकार करते हुए सबका साथ , सबका विकास , सबका विश्वास और सब का प्रयास को अपने शासन का मूल मंत्र बनाया ।

कटिहार में भारतीय जनता पार्टी1

हमे विश्वास है कि धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर भी राज्य और केंद्र सरकार गंभीरता से विचार करेगी ।
देश ने केंद्र में कॉंग्रेस नीत यूपीए सरकार तथा बिहार में राजद के शासनकाल को देखा है और उसके दंश को झेला है | यूपीए 1 एवं 2 में राजद कॉंग्रेस पार्टी का साझीदार था | इस सरकार के भ्रष्टाचार के कारनामों ने दुनियाभर में भारत को शर्मसार किया था | राजद के पंद्रह साल के कालखंड में अलकतरा घोटाला,चारा घोटाला , पैसों का गबन, नौकरियों के बदले जमीन या मकान लिखवाना साथ-साथ अपराध का वह सिलसिला जिसमें हत्या, लूट, नक्सलवादी आंदोलन, जातीय हिंसा जैसे कारनामें रोजमर्रा की बातें हो गई थी | शाम ढलते ही सड़कों के सुनसान होने की बात आज भी लोगों के रोंगटे खड़ा कर देता है।

आज श्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार हो या बिहार में एनडीए की सरकार भ्रष्टाचार का कहीं नाम नहीं है | प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए कहा है कि हमने 8 वर्षों के गरीब कल्याण, सेवा और सुशासन को समर्पित कार्यकाल में एक भी ऐसा काम नहीं किया है जिससे हमारा देश या देशवासियों का सर झुके | यह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है कि इस अवधि मे इस सरकार पर भ्रष्टाचार का कोई आरोपनहीं लगा |माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जो विषय 8 वर्ष पहले कहा था कि ना खाऊँगा ना खाने दूंगा आज उसको चरितार्थ कर दिया है | आज जब विरोधियों पर भ्रष्टाचार सम्बन्धी कोई कार्यवाई होती है तो वे अपने काले कारनामों पर से लोगों का ध्यान हटाने के लिए स्वयं को सताये जाने का आरोप लगते हैं ।

रामधारी सिंह दिनकर ने परशुराम की प्रतीक्षा में इनके जैसे हीं नेताओं के काले कारनामों को देखकर लिखा था –
घातक है जो देवता-सदृश दिखता है
लेकिन, कमरे में गलत हुक्म लिखता है।
जिस पापी को गुण नहीं गोत्र प्यारा है
समझो उसने ही हमें मारा है।

हलांकि ये पंक्तियाँ उन्होंने कॉंग्रेस के कार्यशैली पर लिखी थी जो आज भी काँग्रेस और राजद जैसी दलों पर सटीक बैठती है ।

समाज के सभी वर्गों, जातियों के लिए भाजपा तथा एनडीए की सरकार ने श्रेष्ठ प्रयास किए हैं | पिछड़े वर्ग को संवैधानिक दर्जा देना एक ऐसा कदम है जिसे राजद ने वर्षों तक यूपीए सरकार के वक्त दबाकर रखा था ।बाबा साहब अंबेडकर के जन्म स्थली , शिक्षा स्थान सहित पांच स्थानों को पंच तीर्थ स्थल के रूप में विकसित कर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें यथोचित सम्मान दिया । उनके व्यक्तित्व को पूर्ववर्ती सरकारों ने मान्यता नहीं दी थी । माननीय प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटा कर वहां के कमजोर वर्ग विशेषकर बाल्मीकि और बक्करवाल समाज को आरक्षण उपलब्ध करा कर सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर दी है।नीट में ओबीसी को 27% एवं सामान्य वर्ग के गरीबों को 10% आरक्षण का प्रावधान इसी दिशा मे उठाए गए कदमहैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने “प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना” के माध्यम से निषाद समुदाय के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं | इस योजना के अंतर्गत 20,050 करोड़ रुपए निषाद समुदाय की आर्थिक उन्नति के लिए दिए गए हैं बिहार मीठे पानी में मछली उत्पादन में देश में अव्वल राज्य बन चुका है | आज बिहार में 2005की तुलना मे मछली का उत्पादन लगभग 3 गुना बढ़ चुका है |

कटिहार-में-भारतीय-जनता-पार्टी2

स्वास्थ्य, सड़कें-हाइवे, बिजली, पानी, उद्योग, कृषि, शिक्षा, शुद्ध पेयजल सहित अन्य सभी महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं के क्षेत्र में हमने तेजी से काम संपादित किए है | राज्य में प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2005 के 8000 रुपए के मुकाबले आज 48000 रुपए तक पहुँच गयी है और जीडीपी की दर जो 2005 के पूर्व 3% के आसपास थी वह आज 11% पार कर चुकी है | आज हमें इस बात की खुशी है की विगत वर्षों में राज्य में मँझले कद के उद्योगों का संजाल विकसित हो रहा है

आज देश अपने सांस्कृतिक विरासतों तथा उसके वैभव को पुनः स्थापित कर रहा है | नेहरू के छद्म-सेक्युलरवाद का दर्शन जिसे हम वामपंथ का भी साझा दर्शन कह सकते हैं उसने हिंदुओं के सांस्कृतक अधिष्ठानों, उसके प्रामाणिक जीवनशैली तथा उसके परम्पराओं के संदर्भ में लगातार दुष्प्रचार किए हैं | क्या यह सच्चाई नहीं है कि भारत का समाज हिंदुओं की बहुलता की वजह से सहिष्णु है और हमने भारत के साझी विरासत में सभी को स्थान दिया है ? आज आतंकवाद केवल कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों मे सिमट के रह गया है ।कॉंग्रेस तथा राजद के युवराज पाकिस्तान समर्थक तथाकथित सेमिनारों में भारत-विरोध की भाषा बोल रहे हैं | कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के जिस प्रांगण में वो भारत विरोधी “आइडिया ऑफ इंडिया” सेमीनार का हिस्सा बनने गए थे उससे उन्हें वामपंथीयों की मान्यता तो जरूर मिल सकती है परंतु देश की जनता उन्हे कभी माफ नहीं करेगी |

भारत प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इतिहास से सबक लेकर एक सबल-सक्षम तथा क्रियाशील राष्ट्र के रूप में समावेशी सांस्कृतिक अधिष्ठान वाली पहचान को पुनर्जीवित कर रहा है | काशी का ज्ञानवापी हो या कश्मीर घाटी में फैले सूर्य मंदिर के अवशेष सभी राम मंदिर और काशी विश्वनाथ की तरह वापस जीवंत हो उठने को तत्पर हैं । राजनीति की तमाम चुनौतियों के बीच भाजपा ने देश की जनता के बीच नई आशा और विश्वास का संचार किया हैऔर भारत श्री नरेंद्र मोदी के साहसी और कुशल नेतृत्व में विश्व गुरु बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

वेतन के लिए शिक्षक पिता अनशन पर , बेटी ने विद्यालय जांच के दौरान डीपीओ को दिखाया चप्पल, लापरवाही और गङबङी के कारण 65 महीने से बंद है वेतन

सुपौल में व्हाट्स एप के विभिन्न ग्रुपों में सुबह से ही एक वायरल वीडियों ने सबको चौंका दिया है .जिसमें एक लङकी स्कूल में जांच कर रहे शिक्षा विभाग के डीपीओ को चप्पल दिखाते हुए पहले वेतन देने फिर विद्यालय की जांच करने को कह रही है .

मामला छातापुर ते प्राथमिक विद्यालय कटही शर्मा टोला से जुङा है .जहां शिक्षा विभाग के डीपीओ राहुल चंद्र चौधरी विद्यालय में शिक्षक रमेश कुमार रमण के वेतन भुगतान करने को लेकर विभिन्न अभिलेख की जांच करने पहुँचे थे .इसी बीच एक लङकी विद्यालय में घुस कर वीडियो बनाते हुए उन्हे चप्पल दिखा कर पहले शिक्षक रमेश कुमार रमण को वेतन देने की मांग करने लगी .इस दौरान डीपीओ ने संयम का परिचय देते हुए किसी तरह वहां से निकले .

दरअसल जिस लङकी का वीडियो वायरल हो रहा है वो शिक्षक रमेश कुमार रमण की पुत्री बतायी जाती है .इधर शिक्षक रमेश कुमार रमण 65 माह से वेतन नही मिलने के कारण सुपौल बिजली विभाग कार्यालय के पास 4 दिनों से आमरण अनशन पर है . जिसमें उनके साथ नगर प्रारंभिक शिक्षक संध के अन्य शिक्षक भी 16 माह से वेतन नही मिलने के कारण उनके ही साथ अनशन पर बैठे है.

इधर आमरण अनशन से दवाब में आये शिक्षा विभाग ने वेतन प्रक्रिया के दौरान जब विद्यालय में अभिलेख की जांच करने पहुँचे तो डीपीओ स्थापना के साथ ये वाकया सामने आया है .इधर शिक्षा विभाग का कहना है कि 2017 में शिक्षक रमेश कुमार रमण कटही शर्मा टोला विद्यालय के प्रभारी एचएम थे .उस वक्त उनके द्वारा पोशाक एवं छात्रवृति राशि का वितरण नही करने पर ग्रामीणों ने सङक जाम कर प्रदर्शन किया था .जिसके बाद शिक्षा विभाग ने उनका डिप्टेशन दुसरे विद्यालय में कर दिया गया .

इस बीच जब 65 माह से वेतन नही मिलने पर शिक्षक अपने अन्य साथियों के साथ आमऱण अनशन पर बैठे तो शिक्षा विभाग ने 3 सदस्यीय टीम गठित कर मामलें की जांच शुरु की तो साल 2017-2018 का शिक्षक का उपस्थिति पंजी विभाग को मिला ही नही . इतना ही विद्यालय में अनशनकारी शिक्षक रमेश कुमार रमण के कार्यकाल के दौरान का रोकङ पंजी भी उपलब्ध नही था .

वही जिस जगह पर प्रतिनियोजन किया गया वहां भी उनकी उपस्थिति के कोई साक्ष्य शिक्षा विभाग की जांच टीम को नही मिला . इधर लङकी द्वारा चप्पल दिखाने के मामलें ने शिक्षक के वेतन भुगतान प्रक्रिया को और पेचिंदा बना दिया है .

UPSC 2021 का परिणाम हुआ जारी बिहार के छात्रों ने एक बार फिर लहराया परचम

संघ लोक सेवा आयोग #UPSC2021 का रिजल्ट जारी होने के साथ ही बिहार के अलग अलग हिस्सों से छात्रों के सफल होने की खबर भी आनी शुरु हो गयी है गया।

सबसे बेहतर परिणाम मोतिहारी के पताही प्रखंड स्थित नारायणपुर गांव निवासी शुभंकर प्रत्यूष पाठक का रहा है जिसका रैंक 11 है। उनके पिता आरके पाठक भारत सरकार में तकनीकी विकास बोर्ड में सचिव हैं। उन्‍होंने IIT धनबाद से बीटेक किया है। वहीं, मुंगेर की अंशु प्रिया यादव को 16वीं रैंक मिला है। उनके पिता शैलेंद्र कुमार यादव सरकारी शिक्षक हैं।

अंशु प्रिया यादव को 16वीं रैंक मिला

पहले ही प्रयास में आशीष ने हासिल किया 23वां रैंक पटना के बिस्कोमान कॉलोनी के रहने वाले आशीष ने 23वां स्थान हासिल किया है। उनका यह पहला अटेम्प्ट था। वह सिटी कॉर्पोरेशन की नौकरी छोड़ तैयारी में जुटे थे। उनके पिता हरेंद्र सिंह शेखपुरा के बरबीघा में ITI कॉलेज का संचालन करते हैं। उन्होंने बताया, ‘बेटा बचपन से ही मेधावी था। 10वीं और 12वीं बोर्ड में 99% से ज्यादा अंक प्राप्त मिले थे। 12वीं तक की पढ़ाई उसने सरस्वती विद्या मंदिर मरचा-मरची, पटना से की है। स्कूलिंग पूरा करने के बाद उसने IIT की तैयारी की और वो इसमें भी कामयाब रहा। IIT BHU से उसने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।’

आशीष ने परीक्षा में 23वां स्थान प्राप्त किया

वहीं, कटिहार के अमन को 88वां मिला है। उनके पिता दुर्गा लाल अग्रवाल कटिहार के राज हाता के रहने वाले हैं। नवादा के आलोक रंजन को 346वां स्थान मिला है। वे रोह प्रखंड के गोरिहारी गांव के रहने वाले हैं।

रोहतास के लड़के ने भी मारी बाजी
वहीं, रोहतास के अमन आकाश ने 360वां रैंक प्राप्त किया है। अमन बिक्रमगंज शहर के शांति नगर मुहल्ला के निवासी हैं। इनकी प्रारंभिक शिक्षा बिक्रमगंज के गांधी इंटर स्कूल से हुई है। इसके बाद इंटरमीडिएट सैनिक स्कूल से किया। अमन ने MP में SBI के मैनेजर पद पर कार्यरत रहते हुए यह रैंक हासिल किया है।

मजदूर के बेटे को भी मिली सफलता
मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड के मुकसुदपुर के रहने वाले विशाल कुमार को 484वां रैंक मिला है। विशाल के मजदूर पिता बिकाऊ प्रसाद की मौत के बाद परिवार कर्ज में डूब गया था। मैट्रिक की परीक्षा में जिला टापर रहे, फिर पूर्व DGP अभयानंद के मार्गदर्शन में पढ़ाई की और IIT कानपुर में केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद तैयारी कर रहे थे।

वहीं मुजफ्फरपुर के ही मीनापुर के टेंगराहां के अभिनव कुमार को 146 रैंक मिला है।

146 रैंक लाने वाले अभिनव कुमार

गोपालगंज के दिव्यांश शुक्ला उर्फ गौरव शुक्ला को 153 वा रैंक.मिला है थावे के मौजे वृंदावन के रहने वाले है दिव्यांश शुक्ला।

दिव्यांश शुक्ला उर्फ गौरव शुक्ला को मिला 153 वा रैंक

सिवान में बेखौफ अपराधियों का तांडव, दिनदहाड़े बैंक में की लूट

सिवान । सिवान में बेखौफ अपराधियों ने इंडियन बैंक में बड़ी लूट की घटना का अंजाम दिया है। हथियार से लैस करीब 6 की संख्या में नकाबपोश अपराधी बैंक में घुस करीब 20 लाख रुपए कि लूट की है।

घटना नगर थाना क्षेत्र के सीवान-छपरा मुख्य रोड स्थित राजेंद्र पथ की है जहां हथियार से लैस नकाबपोश अपराधी इंडियन बैंक में घूस कर्मियों को बंधक बना रुपए लूट फरार हो गए।सीवान में अपराधी कितना बेखौफ है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दिनदहाड़े अपराधियों द्वारा लूट की घटना का अंजाम दें आसानी से अपराधी फरार हो गए।घटना के बाद बैंक में SP और SDPO सहित कई थाने के पुलिस बैंक में पहुच सीसी फुटेज खंगालने में जुटी हुई है।

इस तरह दिनदहाड़े बैंक में बड़ी लूट की घटना पुलिस के लिए एक चुनौती है।सीवान एसपी ने बताया कि पांच की संख्या में अपराधी आए और कैशियर को बंधक बनाकर काउंटर पर रखे पैसा की लूट कर ली फिलहाल कितना रुपए है पता किया जा रहा है लेकिन करीब 20 लख रुपए बताई जा रही है। मामले की जानकारी ली जा रही है।

इस लूट के बाद बैंक की बड़ी लापरवाही सामने आई है उस बैंक में इतनी बड़ी रकम होने के बाद न गार्ड है और जो सीसीटीवी लगा हुआ है वह खराब पड़ा है।तो इस तरह बैंक में बड़ी लापरवाही सामने आई है।अब जब इस बैंक की सीसी टी खराब है तो अब जांच में और अपराधियों की गिरफ्तारी करने में या चिन्हित करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करना पड़ेगा।

इस लूट के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर गार्ड क्यों बैंक में तैनात था और सीसी क्यों नहीं काम कर रहा है।

पटना को जोड़ने वाली लाइफ लाइन गांधी सेतू का पूर्वी लेन शीघ्र होगा चालू

पटना । उत्तर बिहार के लोगों के लिए राहत की खबर पटना को जोड़ने वाली लाइफ लाइन गांधी सेतू का पूर्वी लेन शीघ्र होगा चालू।

गांधी सेतु का पूर्वी लेन बनकर तैयार हो चुका है. सात जून को इसके उद्घाटन की तैयारी चल रही है। 20 महीना में पूर्वी लेन का निर्माण पूरा हुआ है और इस पर लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

एक अक्तूबर 2020 को इसका निर्माण शुरू हुआ जो पिचिंग और पेंटिंग पूरा होने के साथ ही शनिवार को सौ फीसदी पूरा हो गया और रविवार से उद्घाटन की तैयारी भी शुरू हो गयी है।

आरसीपी सिंह ने इशारों इशारों में नीतीश को दे डाली नसीहत

क्या खास रहा आरसीपी सिंह के पीसी में

नीतीश को पीएम बनाने की सोच पर साधा निशाना
पार्टी संगठन में छेड़छाड़ पर उठाया सवाल
बीजेपी का साथ नहीं छोड़ने को दिया नसीहत
मंत्री पद से नहीं देगे इस्तीफा

आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश बाबू के साथ मेरा 25वां साल है। उन्‍होंने कहा कि नीतीश बाबू ने हमेशा मेरे हित में ही फैसला लिया है। इस बार भी उन्‍होंने मेरे और पार्टी के हित में ही फैसला लिया होगा। उन्‍होंने कहा कि दल के लिए उन्‍होंने काफी काम किया है। उन्‍होंने बताया कि वे संसदीय राजनी‍ति में 12 साल से काम कर रहे हैं।

आरसीपी सिंह

इससे अधिक वक्‍त उन्‍होंने पार्टी के संगठन के लिए दिया है। आगे भी वे संगठन के लिए काम करते रहेंगे। उन्‍होंने कहा कि आज तक किसी को नाराज करने वाला काम मैंने नहीं किया है। अगर किसी के नाराज होने की बात सामने आती है, तो उससे मिलकर नाराजगी दूर करता हूं। नीतीश कुमार की मेरे प्रत‍ि नाराजगी की खबरों का कोई आधार नहीं है।

नीतीश कुमार का हर फैसला उन्हें मंजूर है। हमारे नेता ने जो किया, वह पार्टी और उनकी भलाई के लिए ही किया होगा। मंत्री पद से इस्तीफे के सवाल पर कहा कि अभी छह जुलाई तक हूं। दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री से मिलूंगा। जो कहा जाएगा, करूंगा। मैं पहले भी संगठन के लिए काम करता था।

आगे भी करूंगा। नीतीश से उनका 25 वर्ष का रिश्ता है। जदयू का अहसान भी जताया। कहा कि उन्होंने पार्टी को बूथ स्तर तक कार्यकर्ता दिए। पार्टी ने उन्हें महासचिव बनाया, सदन में दल का नेता बनाया, राष्ट्रीय अध्यक्ष् बनाया और अभी नेतृत्व की सहमति से ही केंद्रीय मंत्री हूं। जो जिम्मेदारी दी गई, उसे निष्ठा से निभाया।