मुजफ्फरपुर। शराबबंदी वाले बिहार में मुखिया जी शराब के नशे में गिरफ्तार हुए हैं । पुलिस ने उन्हें शराब के नशे में गिरफ्तार किया गया है। इसकी पुष्टि डीएसपी पश्चिमी अभिषेक आनंद ने की है।
दरअसल शाहपुर मरीचा के मुखिया अमरजीत पासवान को नशे की हालत में उनके घर से धर दबोचा गया है। हालांकि इस दौरान जब पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची तो विरोध का सामना भी करना पड़ा लेकिन भारी सुरक्षा बलों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद जांच में शराब पीने की पुष्टि हुई है। वहीं जब उन्हें कोर्ट में लाया गया था तो कोर्ट में मुखिया के समर्थकों की भीड़ जमी थी।
हालांकि पूरे मामले को लेकर डीएसपी पश्चिमी अभिषेक आनंद ने बताया कि सूचना मिली थी इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की और वहां के मुखिया को गिरफ्तार किया गया जांच में शराब पीने की पुष्टि हुई है।
जहानाबाद शहर के कोर्ट होल्ट के समीप सत्यम शिवम रेस्ट हाउस में बड़ा सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली की इस रेस्ट हाउस में गलत तरीके से कागजात लेकर सेक्स रैकेट चलाया जा रहा है।
इसी सूचना के आधार पर सोमवार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में इस रेस्ट हाउस में छापामारी किया गया । जहां से 12 लड़कियां 11 लड़के को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया इस बाबत पूछे जाने पर कुछ युवक ने बताया कि एक व्यक्ति से 1000 रुपया होटल संचालक द्वारा लिया जाता था।
लोग इस होटल में अपने हवस को मिटाने के लिए पहुंचे थे पुलिस को सूचना मिली थी कि इस होटल में बहुत बड़ा सेक्स रैकेट चल रहा है। इसी के आधार पर पुलिस द्वारा छापामारी किया गया है जैसे ही बड़ी संख्या में युवक युवतियों एक रेस्ट हाउस से गिरफ्तार हुए सभी लोग देखकर अचंभित हो गए बड़ी संख्या में आसपास के लोग इकट्ठे हो गए पूरे शहर में इस घटना से सनसनी फैल गई।
पुलिस को भी इतने बड़े पैमाने पर सेक्स रैकेट चलने की अनुमान नही था कुछ लोगों का कहना है कि बहुत दिनों से इस होटल में धंधा चल रहा था। पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस पता लगा रही है धंधे में तय कौन-कौन लोग शामिल हैं अगर सही ढंग से इसकी जांच की गई तो बड़े पर्दाफाश हो सकता हैं।
पुलिस द्वारा रेस्ट हाउस से 12 लड़कियां 11 लड़कों को पकड़ कर आगे की कार्रवाई करने में जुट गई है पकड़े गए सभी लोगों को पता लगाया जा रहा है की लड़का लड़कियां कहां के रहने वाली है पुलिस द्वारा कई बिंदुओं पर जांच प्रारंभ कर दिए हैं वह इस पूरे मामले पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अशोक कुमार पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि काफी दिनों से पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी किस होटल में गलत और अनैतिक कार्य चल रहा है जिसके उपरांत छापेमारी करते हुए संदिग्ध अवस्था में युवक युवतियों के साथ आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए हैं।
मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र के मुरौल में दो ट्रकों में भिड़ंत हो गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगो ने रोड को जाम कर दिया, और जमकर बवाल काटा.इस दौरान पुलिस के लेट से पहुंचने का आरोप लगाते हुए लोगों पुलिस को खदेड दिया। लोग का गुस्सा देख पुलिस अपनी गाड़ी लेकर भाग गई। हालांकि मौके पर पहुंचे प्रशिक्षु डीएसपी अबू सैफी मूर्तजा ने उग्र भीड़ को समझा बुझाकार शांत कराया।
आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र के मुरौल स्वास्थ्य केंद्र के निकट दो ट्रकों में भिड़ंत हो गई। इस घटना में उदय राय की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल है। इस घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर रोड जाम कर दिया।
पटना, 10 सितम्बर 2022 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में विधि व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए ।
मुख्यमंत्री के निर्देश:-
• विधि व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार की कोताही न हो।
• गंभीर आपराधिक घटनाओं पर की गई कार्रवाई के संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय प्रेस को प्रतिदिन अवगत कराएं। सोशल मीडिया पर भी इसके संबंध में जानकारी दें।
• राष्ट्रीय मानक के अनुरूप प्रति एक लाख की आबादी पर पुलिसकर्मियों की स्वीकृत पदों की संख्या में बढ़ोतरी करने के लिए तेजी से काम करें।
• सभी थानों में लैंडलाइन फोन फंक्शनल रहे, इसके लिए मुख्यालय स्तर से निरंतर अनुश्रवण करते रहें।
• अपराध अनुसंधान कार्य में तेजी लाएं और इसे ससमयपूर्ण करें ताकि दोषियों पर जल्द कार्रवाई हो सके।
• गश्ती व्यवस्था को और सुदृढ़ करें, इसकी निरंतर निगरानी करते रहें।
• जमीन से संबंधित आपसी विवाद को खत्म करने के लिए महीने में एक बार जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, 15 दिनों में एक बार एस०डी०ओ० और एस०डी०पी०ओ० तथा सप्ताह में एक दिन अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष की नियमित रूप से होनेवाली बैठकों में समस्याओं का त्वरित निष्पादन करें।
• लैंड सर्वे एंड सेटलमेंट का काम तेजी से हो ताकि भूमि विवाद को लेकर होनेवाले अपराध में कमी आये।
• स्पीडी ट्रायल में तेजी लाएं। अपराध अनुसंधान कार्य को ससमय पूर्ण करें।
बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री एस०के०सिंघल ने मुख्यमंत्री को अपराध नियंत्रण को लेकर किए जा रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ लगातार काम कर रही है। अपराध अनुसंधान के कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं ताकि दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके।
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय श्री जे०एस० गंगवार, अपर पुलिस महानिदेशक सी०आई०डी० श्री जितेन्द्र कुमार एवं अपर पुलिस महानिदेशक विधि व्यवस्था श्री संजय सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से गश्ती वाहन, पैदल गश्ती, स्पीडी ट्रायल में तेजी, भूमि विवाद निपटारा, कब्रिस्तान की घेराबंदी और सभी थानों में लैंडलाइन फोन का फंक्शनल होने और साइबर अपराध की रोकथाम हेतु की जा रही कार्रवाई आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय श्री जे०एस० गंगवार ने बताया कि पुलिस बल में महिलाओं को आरक्षण दिए जाने के बाद राज्य में महिला पुलिस और महिला दारोगा की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनकी पदस्थापना पुलिस थानों में की जा रही है। इसकी सराहना राज्य के बाहर भी हो रही है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों की स्वीकृत पदों की संख्या में बढ़ोतरी के बाद प्रति लाख की आबादी पर पुलिसकर्मियों की संख्या 192 के की हो जाएगी जबकि राष्ट्रीय मानक 193.95 है।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि विधि व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार की कोताही न बरतें। गंभीर आपराधिक घटनाओं पर की गई कार्रवाई के संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय प्रेस को प्रतिदिन अवगत कराएं। सोशल मीडिया पर भी इसके संबंध में जानकारी दें। घटना की पूरी जानकारी, उस पर की जा रही कार्रवाई, घटना के विभिन्न पहलुओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दें ताकि लोगों को सही जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी थानों में लैंडलाइन फोन फंक्शनल रहे, इसके लिए मुख्यालय स्तर से निरंतर अनुश्रवण करते रहें। अपराध अनुसंधान कार्य में तेजी लाएं और इसे ससमय पूर्ण करें ताकि दोषियों पर जल्दकार्रवाई हो सके। गश्ती व्यवस्था को और सुदृढ़ करें। इसकी निरंतर निगरानी भी करते रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन से संबंधित आपसी विवाद को खत्म करने के लिए महीने में एक बार जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, 15 दिनों में एक बार एस०डी०ओ० और एस०डी०पी०ओ० तथा सप्ताह में एक दिन अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष की नियमित रूप से होनेवाली बैठकों में समस्याओं का त्वरित निष्पादन करें। उन्होंने कहा कि 60 प्रतिशत से अधिक हत्याएं भूमि विवाद के कारण होती हैं। लैंड सर्वे एंड सेटलमेंट का काम तेजी से हो ताकि भूमि विवाद को लेकर होनेवाले अपराध में कमी आए ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय मानक के अनुरूप प्रति एक लाख की आबादी पर पुलिसकर्मियों की स्वीकृत पदों की संख्या में बढ़ोतरी करने के लिए तेजी से काम करें। उन्होंने कहा कि स्पीडी ट्रायल में तेजी लाएं। अपराध अनुसंधान कार्य को ससमय पूर्ण करें।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0 सिंघल, अपर मुख्य सचिव गृह श्री चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सह अपर मुख्य सचिव वित्त डॉ० एस० सिद्धार्थ, सचिव गृह श्री जितेंद्र श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय श्री जे०एस० गंगवार, अपर पुलिस महानिदेशक विशेष शाखा श्री सुनील कुमार अपर पुलिस महानिदेशक सी०आई०डी० श्री जितेंद्र कुमार और अपर पुलिस महानिदेशक विधि व्यवस्था श्री संजय सिंह उपस्थित थे।
पटना । तख्त श्री हरमंदिर के प्रधान अवतार सिंह हित का निधन, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अवतार सिंह हित का नई दिल्ली में निधन।
नई दिल्ली के हरिनगर स्थित आवास पर अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले जाने के क्रम में जीपीसी के अध्यक्ष की हुई मौत, 80 वर्षीय अवतार सिंह हित पंजाब के सुलतानपुर लोदीपुर के थे निवासी।
दरभंगा । बिहार के सबसे बड़े सोना लूट कांड के पीड़ित परिवार को फिर मिला धमकी । सोने चांदी के सबसे बड़े शो रूम दगरु सेठ ज्वेलर्स के मालिक संतोष लठ से मांगी रंगदारी ।
रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी । पे फोन नंबर देकर अपराधी ने रुपये भेजने का की कही बात ।
परिवार डर के मारे दहशत में बच्चो को स्कूल भेजना किया बंद । खुद भी बाहर निकलने से किया परहेज ।
मैसेज में खुद को दरभंगा जेल में होने की कही बात । पीड़ित दुकानदार के साथ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के लोगो ने देर शाम की SSP से मुलाकात ।
बिहार की राजनीति बवंडर कभी भी बिहार विधानसभा को किया जा सकता है भंग जदयू और राजद का आपस में हो सकता है विलय।
विपक्षी एकता को लेकर नीतीश का मिशन 2024 की शुरुआत जिस तरीके से हुई है उससे नीतीश काफी उत्साहित है और कहा ये जा रहा है कि नीतीश हाल के दिनों में बेहद चौकाने वाले निर्णय ले सकते हैं और इसको लेकर नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के बीच लगभग सहमति बन गयी है ।
जो खबर आ रही है उसके अनुसार नीतीश बिहार विधानसभा को भंग कर चुनाव में जाना चाह रहे हैं और उससे पहले नीतीश राजद और जदयू के विलय की घोषणा कर देश स्तर पर ये संदेश देना चाहते हैं कि देश को बचाने के लिए हमने अपनी पार्टी तक को दांव पर लगा दिये।
क्यों कि दिल्ली यात्रा के दौरान विपक्षी दल के नेताओं में नीतीश कुमार को लेकर जो उत्साह देखने को मिल रहा है उससे ये साफ हो गया है कि नीतीश कुमार देश के सारे विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाने में कामयाब हो सकते हैं। क्यों कि नीतीश कुमार दिल्ली से गया के रास्ते में ही थे कि ममता बनर्जी ने नीतीश के अभियान में साथ आने की घोषणा कर नीतीश के अभियान को और बल दिया है ।
1– राजद जदयू का विलय ऐसा कहा जा रहा है कि बिहार से बाहर निकलने से पहले नीतीश बिहार की राजनीति में ऐसी किलाबंदी चाह रहे हैं ताकि बीजेपी की सम्भावना बिहार की राजनीति में पूरी तरह से खत्म हो जाये और इसके लिए 2015 के परिणाम से सीख लेते हुए नीतीश और लालू इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के आपसी रिश्तों में जो खाई है उसको पाटने का वक्त नहीं है और इस बार बड़े भाई छोटे भाई के लिए भी कोई जगह ना रहे इसके लिए दोनों पार्टी के आपस में ही विलय कर दिया जाए।
फिलहाल जिस फॉर्मूला पर बातचीत चल रही है उसके अनुसार नीतीश कुमार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ साथ 2024 के लोकसभा चुनाव तक बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे और उसके बाद तेजस्वी को पार्टी और सरकार सौंप देंगे वैसे इस फॉर्मूला पर बीजेपी से गठबंधन तोड़ने से पहले नीतीश की तेजस्वी और लालू प्रसाद से कई दौर की बातचीत हो चुकी है। देश स्तर पर विपक्षी एकता का स्वरुप जैसे जैसे शक्ल लेता जाएगा नीतीश बिहार में इस अभियान को आगे बढ़ाते जाएंगे क्यों कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव की बात करे तो एनडीए में भाजपा 121 और जदयू 122 सीटों में चुनाव लड़ी थी और उसमें से सात सीट जदयू ने हम को दिए थे इसी तरह महागठबंधन में 144 सीटों पर RJD, 70 सीटों पर कांग्रेस और 29 पर लेफ्ट पार्टियां चुनाव लड़ी थी।2020 के चुनाव में भाजपा 19.46%, जदयू 15.39%,राजद 23.11% वोट मिला था वही कांग्रेस को 09.48% ,भाकपा माले को लगभग 4 प्रतिशत सीबीआई 0.83% 02,माकपा 0.65%रालोसपा 01.77% मतलब सबके सब साथ आ जाये तो लगभग 55 प्रतिशत वोट का शेयर हो जायेंगा वही 2020 के चुनाव में जो ओवैसी फैक्टर राजद गठबंधन को जो नुकसान पहुंचाया उसे कम किया जा सकता है।वहीं जदयू और राजद के बीच सीट बंटवारे को लेकर कोई समस्या नहीं रहेगा जब पार्टी का एक दूसरे में विलय कर दिया जाएगा ।
विलय को लेकर नीतीश गंभीर इसलिए हैं कि इसके सहारे दो संदेश देना चाह रहे हैं एक नीतीश पलटूराम के इमेज से बाहर निकल जाएंगे और बिहार की राजनीति जो अति पिछड़ा ,महादलित और पसमांदा में बट गया था वो एक बार फिर से साथ आ जाएंगे वही देश स्तर पर पार्टी के विलय के सहारे संदेश देने कि कोशिश होगी कि मोदी को लेकर बिहार किस स्तर पर सोच रहा है।
2— जल्द ही होगा बिहार में मध्यावधि चुनाव बिहार में मध्यावधि चुनाव होगा यह तय हो गया है बस इस बात को लेकर मंथन चल रहा है कि गुजरात के साथ दिसंबर में चुनाव में जाया जाये या फिर 2023 में होने वाले राजस्थान,मध्य प्रदेश के चुनाव के साथ जाया जाए, क्यों कि एक राय ये भी बन रही है कि गुजरात विधानसभा चुनाव में विपक्षी एकता के सहारे मोदी को पहले गुजरात में ही घेरा जाए और इसके लिए नीतीश कुमार सहित विपक्ष के तमाम बड़े चेहरा गुजरात चुनाव में कैम्प करे ,वही दूसरा धरा का यह मानना है कि बिहार से ही बीजेपी मुक्त भारत की शुरुआत कि जाए और इसके लिए गुजरात के साथ बिहार का भी चुनाव करना बेहतर होगा।देखिए आगे आगे होता है क्या लेकिन इतना तो तय हो गया कि अब खेला होबे ।
भागलपुर । प्रशांत किशोर ने भागलपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नीतीश कुमार द्वारा उनपर किए गए टिप्पणी का जवाब दिया है। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार जी यहां के बुजुर्ग नेता हैं, वो कुछ बोलना चाहते हैं तो उनको बोलने दीजिए।
व्यक्तिगत टीका टिप्पणी करना ठीक नहीं है। अगर उन्होंने कुछ कहा है तो वो उनकी सोच है। कौन बीजेपी के साथ काम कर रहा है, जहां तक मैं और आपलोग जानते हैं अभी 1 महीना पहले तक नीतीश जी बीजेपी के साथ ही थे। नीतीश कुमार अगर किसी को इस तरह का सर्टिफिकेट दे रहे हैं तो ये हास्यास्पद ही है।”
नीतीश कुमार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, “17 साल मुख्यमंत्री रहने के बाद आपको याद आया कि 10 लाख नौकरी दी जा सकती है, पहले ही दे देना चाहिए था। लेकिन चलिए अब नीतीश कुमार इतने बड़े नेता हैं, उनको A से Z तक पता है। दूसरे को ABC नहीं आता है।
उन्होंने कहा है कि 10 लाख नौकरी देंगे, अगर दे देंगे तो हम जैसे लोगों को अभियान चलाने की क्या जरूरत है। अगर 10 लाख नौकरी दे देते हैं तो उनको नेता मानकर जैसे 2015 में उनका काम कर रहे थे, फिर से उनका काम करेंगे। उनका झंडा लेकर घूमेंगे। 10 लाख लोगों को नौकरी दे कर दिखाइए साल भर में। 12 महीना में 1 महीना हो गया है। 12 महीना के बाद उनसे पूछेंगे कि किसको ABC का ज्ञान है और किसको XYZ का ज्ञान है।
अगर 10 लाख नौकरी दे दिए तो मान लेंगे कि सर्वव्यापी और सर्वज्ञानी आप ही है। एक भगवान ऊपर हैं और एक नीचे आप हैं।”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव गया जी डैम और पितृपक्ष मेला का उद्घाटन करने के बाद विष्णुपद मंदिर पहुंचे जहां गर्भग्रह में सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने पूजा अर्चना किया। गया पाल पंडा के द्वारा विधिवत रूप से पूजा-अर्चना कराई गई।
साथ ही विष्णुपद मंदिर के परिसर में 15 दिनों तक चलने वाले पितृपक्ष मेला 2022 का भी दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया ।गया पाल पंडा के द्वारा सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम को विष्णु का चरण चिन्ह देकर स्वागत किया।
हसनगंज रामनगर बंसी मुज़्ज़फर टोला और बरारी के कटौतियां में चल रहा है छापेमारी । अब तक छापेमारी कोई बड़ा खुलासा नहीं हुआ है ।
बताया जा रहा है हाल के दिनों में पटना फुलवारी शरीफ में देश विरोधी गतिविधियों में पीएफआई का जो एंगेल सामने आया था उसी को लेकर कई लोगों का कनेक्शन कटिहार से ही है।
और एनआई के टीम स्थनीय थाना पुलिस के साथ उन्हीं के ठिकाने पर छापेमारी कर रही है।
दरभंगा । सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव तथा लहेरियासराय थाना क्षेत्र के उर्दू में पहुंची एनआईए की टीम, सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव में मोहम्मद मुस्तकीम के घर पर चल रही छापेमारी।
देश विरोधी गतिविधियों में फुलवारी शरीफ में इनके खिलाफ हुई थी एफआईआर। एफआईआर में इस गांव के मो सनाउल्लाह और मो मुस्तकीम है नामजद।
पिछले माह एनआईए की टीम ने इन दोनों जगहों पर की थी छापेमारी। छापेमारी दल के लोग मुस्तकीम के मां, पिता जी एवं भाई से कर रहे हैं पूछताछ। मुस्तकीम घर पर नहीं है मौजूद, पीएफआई से कनेक्शन को लेकर चल रही है करवाई।
सिंहवाड़ा थाना प्रभारी उपेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने की है गांव की नाकेबंदी।
भोजपुरी का शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर के साथी या यों कहें कि उनके नाटक मण्डली के सदस्य रहे और ‘लौंडा नाच’ को जीवित रखने वाले आखरी लोक कलाकार रामचन्द्र माझी का बीमारी के बाद निधन हो गया।
रामचंद्र माझी के निधन से सारण जिला समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। सांसद राजीव प्रताप रूडी और सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल और कला संस्कृति मंत्री जितेंद्र राय समेत तमाम हस्तियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। रामचंद्र मांझी भिखारी ठाकुर के मण्डली के आखिरी व्यक्ति बचे थे, जो बीती रात IGIMS में आखिरी सांस लिए।
पिछले कई दिनों से वे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे।रामचंद्र मांझी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान सिर्फ 84 वर्षीय रामचन्द्र माझी जी का ही नहीं था, बल्कि पूरे सारण जिला का है या ये कहें कि पूरे भोजपुरिया समाज था। इससे सबने खुद को गौरवान्वित महसूस किया था।
‘लौंडा नाच’ भोजपुरिया समाज में बहुत प्रसिद्ध रहा है। इस सम्मान को दिलाने में ‘लौंडा नाच’ पर काम करने वाले अध्येता व व्याख्याता जैनेंद्र दोस्त का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने दस्तावेजीकरण के साथ सार्थक पहल किया, तब कहीं जाकर अपने बुजुर्ग अभिभावक को यह सम्मान मिला।
सारण के तुझारपुर गाँव में जन्में रामचंद्र माझी ने लगभग 10 वर्ष के उम्र से ही अदाकारी शुरू कर दिया। शीघ्र ही ये प्रसिद्ध लोक कलाकार भिखारी ठाकुर के सम्पर्क में आ गए। भिखारी ठाकुर के जाने के बाद भी उनकी परम्परा को जीवित रखने का श्रेय रामचंद्र माझी जी को जाता है। 2017 में इन्हें संगीत नाट्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। ये उम्र के आखिरी पड़ाव पर भी ‘बिदेशिया’ और ‘बेटी-बेचवा’ के प्रसंग से दर्शकों को भावविभोर कर देते थे।
पटना सिटी के बाईपास थाना क्षेत्र के लोहा गोदाम छोटी पहाड़ी रोड में बीते देर रात दो युवकों की हुईं हत्या मामले में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने आज एनएमसीएच के पोस्टमार्टम पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की।
इस मौके पर विजय कुमार सिन्हा ने मृतक के परिजनों को जहां सांत्वना दी, वही पुलिस अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किया। बाद में नेता प्रतिपक्ष ने आलमगंज के दादर मंडी स्थित मृतक चंदन कुमार के परिजनों से भी मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए उसे अपराधियों और भ्रष्टाचारियों का संरक्षक करार दिया। विजय कुमार सिन्हा का कहना था कि जब से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा से अलग होकर राजद के साथ सरकार बनाई है तब से सूबे में अपराधियों और भ्रष्टाचारियों का मनोबल काफी बढ़ गया है। उनका कहना था कि सूबे में अपराधी बेलगाम और बेखौफ हो गए हैं, और उनमें शासन और प्रशासन का भय पूरी तरह समाप्त हो गया है।
विजय कुमार सिन्हा का कहना था कि लगातार हत्याएं हो रही है, बावजूद इसके सरकार का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह फेल है। नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा की भाजपा ने राजद के जंगल राज सरकार को उखाड़ फेंका था, अब वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी सत्ता से बेदखल कर दम लेगी। नेता प्रतिपक्ष का कहना था कि भाजपा प्रदेश में जंगलराज को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी, और इसे लेकर वह सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करेगी।
नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा के इस दौरे पर लोगों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ भी नारेबाजी की। गौरतलब है कि बीते देर रात अज्ञात अपराधियों ने स्कूटी सवार आलमगंज के दादर मंडी निवासी चंदन कुमार और अगमकुआं के छोटी पहाड़ी निवासी सौरभ अभिनंदन उर्फ गोलू को गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
मनेर के शेरपुर में हुए नाव हादसे के शिकार लोगों के दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने अपनी पत्नी और किसी ने अपनी बेटी।
नाव हादसे में लगभग 10 लोग गायब हुए थे जिसमें से 2 लोगों का शव एनडीआरएफ की टीम ने बरामद किया लेकिन अभी भी 8 लोगों की तलाश जारी है। नाव हादसे में 10 लोग लापता हुए थे, 10 लोगों के नाम भी प्रशासन ने जारी किए थे। जिसमें से 2 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं विनोद राय और कंपन देवी के शव बरामद किए गए हैं नाव हादसे वाले दिन काफी भयावह स्थिति थी हादसे के शिकार कंपन देवी के पति भोला प्रसाद भी सवार थे।
उनके अनुसार सारे लोग डूब रहे थे कोई घास तो कोई तैर कर पार होने की कोशिश कर रहा था वह भी पार कर रहे थे और तीन बार डूबे और फिर उभरे और जब उन्हें बांस का सहारा मिला तो बाहर निकल गए लेकिन उनकी पत्नी नदी में बहती हुई कहां चली गई उनको पता नहीं चला।
2 दिन के बाद शव बरामद किया गया और उन्हें सौंपा गया उनका दर्द आज भी झलक रहा है मौत के मुंह से निकले मृतक कंपन देवी के पति भोला प्रसाद का कहना है कि काफी मुश्किल भरा समय था । हम लोग रोज नाव से उस पार अपने मवेशियों का चारा लाने के लिए जाते थे और उस दिन भी गए थे और लौटते वक्त बीच धारा में उल्टा पड़ने की वजह से नाव पलट गई ।
और सभी नाव पर सवार 55 लोगों गंगा में डूब गए लेकिन किसी को नाव पर रखे घास का सहारा मिला तो किसी का उधर से नाव जा रही उसके बांस का, लोगों की जानें बची लेकिन अभी 10 में से 8 लोग के शव की बरामद नहीं किया गया उनकी तलाश एनडीआरएफ कर रही है प्रशासन भी लगी हुई है।
बक्सर की सड़क पर स्वास्थ्य विभाग की लचार व्यवस्था देखने को सामने आ रही है कि किस तरह से एक मरीज के परिजन अपने मरीज को टैंपू पर खटिया लगा करके उस पर लाद कर के तकरीबन 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं। वह भी जब की मरीज के जांघ के कूल्हे की हड्डी टूटी हुई है ।
परिजन ने बताया कि वे लोग बक्सर जिले के ईटहरी थाना के हकीमपुर गांव के रहने वाले हैं और इन इनके पिता जयराम की जाँघ की हड्डी टूट गई है जिसके बाद यह लोग सरकारी अस्पताल की लचर व्यवस्था को देखते हुए वहां ना जाकर निजी अस्पताल ले जा रहे थे।
छपरा में मसरख के देवरिया में सड़क हादसे का एक लाइव वीडियो सामने आया है। मशरक मलमलिया सिवान शीतलपुर एस एच 73 पर मशरक थाना क्षेत्र के देवरिया नहर पर दो बाइक की टक्कर में दो शख्स घायल हो गए।घायल दोनों हाजीपुर में स्वास्थय कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं वे हाजीपुर से बाइक पर सवार होकर गोपालगंज जिले के फुलवरिया अपने गांव जा रहें थें।
घायल दोनों को इलाज के लिए निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया जहां उसकी पहचान गोपालगंज जिले के फुलवरिया गांव निवासी अविनाश कुमार पिता ललन साह और गुड्डू कुमार पिता रामाकांत गुप्ता के रूप में हुई। बाइक दुर्घटना की घटना बगल के निजी नर्सिंग होम में लगें सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
घटना में दिख रहा है कि दोनों घायल बाइक पर सवार होकर गोपालगंज की तरफ जा रहें हैं उसी वक्त आगे जा रहा बाइक सवार एकाएक बहरौली गांव में जाने के लिए बाइक मोड़ दिया जिससे दोनों की टक्कर हो गई जिसमें दोनों घायल हो गए वही सड़क किनारे खड़ा वृद्ध भी गिर पड़ा।घायल को इलाज के लिए निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया।
किशनगंज को कैराना बनाने की तैयारी है क्या? क्यों कि बिहार में सत्ता से जैसे ही बीजेपी बाहर हुई है अचानक उसका फोकस सीमांचल के जिलों में बढ़ गया है खुद अमित शाह इस अभियान की शुरुआत करने वाले हैं जेपी नड्डा भी आ रहे हैं और जो जानकारी मिल रही है इस माह के अंत में किशनगंज में बीजेपी नेताओं का बड़ा जमावड़ा लगने वाला है, तो फिर यह माना जाए कि किशनगंज के सहारे बीजेपी बिहार साधने की तैयारी शुरु कर रही है।
वैसे बात किशनगंज कि करे तो देश और दुनिया का यह पहला इलाका है जहां समतल भूमि पर हजारों एकड़ में चाय की खेती हो रही है वो भी बढ़िया क्वालिटी की ,इतना ही नहीं बड़े स्तर पर अनानास की खेती होती है कई किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती करके इन इलाकों में एक अलग तरह की अर्थतंत्र स्थापित किया है ।
इसी तरह हल्दी सहित कई मशाले और सब्जी की खेती बड़े स्तर हो रहा है जिसके पीछे मुस्लिम मजदूरों की बड़ी भूमिका है ।मेरा जो अनुभव रहा है बिहार में खेती की बात करे तो किशनगंज के टक्कर में बिहार का कोई जिला दूर दूर तक नहीं है नालंदा और समस्तीपुर सब्जी के मामले में बेहतर उत्पादक जिला जरुर है लेकिन इन दोनों जिला के पास बाजार नहीं है । लेकिन किशनगंज के साथ बड़ा लाभ यह है कि उसके खेत की सब्जी कोलकाता ,दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी सुबह सुबह पहुंच जाता है ,और इस वजह से बढ़िया दाम भी मिल जाता है । इतना खुशहाल किसान बिहार के दूसरे जिले में नहीं है अनानास की खेती करने वाले किसानों का पैदावार खेत में ही लगा रहता है कि पंजाब के बड़े से बड़े कारोबारी पहले ही खरीद लेते हैं और यहां पहली बार मैंने देखा कि व्यापारी नहीं किसान अपने उपज का कीमत खुद तय करता है क्यों कि खरीददार की कोई कमी नहीं है इस वजह से दूर से भले ही हिन्दू मुसलमान और किशनगंज जिले के डेमोग्राफी बदलने की नैरेटिव बनाया जा रहा है लेकिन एक बड़ी सच्चाई यह भी है कि बांग्लादेशी मुसलमानों की वजह से इन इलाकों में हुनरमंद और शारीरिक रूप से मजबूत मजदूर की कोई कमी नहीं है।
बात लॉ इन ऑर्डर की करे तो उससे बुरी स्थिति सिवान और दूसरे मुस्लिम इलाके का है बॉर्डर होने के कारण काम का अवसर काफी ज्यादा है फिर यहां आपको अफगान,ईरान सहित कई मुस्लिम देश के लोग आपको मिल जायेंगे जो घोड़ा का कारोबार करने किशनगंज आता था। वही मुसलमान भी कई भागों में बंटा हुआ और वो भी बांग्लादेशी मुसलमानों से दूरी रखते हैं और कभी तनाव बढ़ता है तो बांग्लादेशी मुसलमानों के खिलाफ हिन्दू के साथ यहां के स्थायी मुसलमान भी खड़े हो जाते हैं यहां उस तरह की स्थिति नहीं है जैसा कटिहार के कुछ इलाको में है हालांकि संघ का इस इलाके में अच्छी पकड़ रही है और हिन्दू एकता को लेकर एक फोर्स जरुर तैयार कर दिया है लेकिन जब से तस्लीमुद्दीन के परिवार का वर्चस्व कमा है चीजे काफी बदल गयी है ।
वही पैसा हिन्दू के पास संपत्ति हिन्दू के पास है इसलिए इन इलाके हिन्दू उस तरह से अपने आपको असुरक्षित महसूस नहीं करते हैं पटना के बाद होटल इंडस्ट्रीज भी किशनगंज में काफी बड़ा है। इसलिए बीजेपी के लिए किशनगंज के सहारे हिन्दू मुस्लिम नैरेटिव को साधना बहुत बड़ा टास्क होगा क्यों कि संघ भी अब पहले जैसे मजबूत स्थिति में इन इलाकों में नहीं रहा व्यापार और वाणिज्य के फैलाव के कारण पहले से स्थिति काफी बदल गयी है और लॉ इन ऑर्डर की स्थिति भी पहले से काफी बेहतर है हां ये बात हो सकती है कि किशनगंज मॉडल के सहारे बिहार के अन्य जिलों में मुसलमानों के खिलाफ एक माहौल बनाया जा सकता देखिए आगे आगे होता है क्या यह बिहार है बहुत मुश्किल है इस तरह से सियासी दाव को साधना
04 सितंबर 2022। आज नेशनल काउंसिल की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संबोधित करते हुए इस बात को स्वीकार किया कि 2017 में भारतीय जनता पार्टी के साथ जाना गलती थी।
हमारे भारतीय जनता पार्टी के साथ जाने से कई हमारे लोग थे वो अलग हो गए अब हम फिर वापस आ गए हैं तो सभी लोगों ने हमारे फैसले को सराहा है।
पटना सिटी के मालसलामी थाना क्षेत्र के दमरही घाट पर उस वक्त अफरा तफरी मच गई, जब गंगा में नहाने के दौरान तीन नवयुवक गंगा में डूब गए। घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए एक नवयुवक को सकुशल गंगा से बाहर निकाल लिया। वही दो नवयुवक नदी की तेज धार में बह गए।
स्थानीय लोगों द्वारा घटना की जानकारी पुलिस और एसडीआरएफ को दिए जाने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर गंगा में डूबे दोनो नवयुवकों के शव की तलाश में जुट गई है। हालांकि अब तक दोनो शवो की बरामदगी नहीं हो सकी है। गंगा में डूबे दोनों नवयुवक मालसलामी थाना क्षेत्र के छोटी मंदिर मोहल्ला निवासी बताए जाते हैं। हालांकि दोनों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है।
बताया जाता है कि तीन नव युवक जिसमें एक पिकअप वैन का ड्राइवर बताया जाता है, दम राही घाट पर पिकअप वैन को धोने के बाद गंगा में नहाने लगे। नहाने के दौरान नदी की गहराई का अंदाज नहीं मिलने पर तीनों डूबने लगे। घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों की इस ओर निगाह पड़ते हैं स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए एक नव युवक को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया, वही दो नवयुवक गंगा में डूब गए।
घाट पर मौजूद मालसलामी थाने के पुलिस अधिकारी प्रकाश राय ने घटना की पुष्टि करते हुए दोनो शवो की बरामदगी को लेकर पुलिस और एसडीआरएफ द्वारा गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाए जाने की बात कही।
फिलहाल पुलिस गंगा में डूबे दोनों नव युवकों की पहचान करने में जुटी है। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी का माहौल कायम है।
गोपालगंज में पशुओं से भरी ट्रक को तस्करों ने फिल्मी स्टाइल में पुलिस की बैरियर को तोड़ते हुए भागने का लाइव वीडियो सामने आया है।
हैरान करनेवाला ये वीडियो विजयीपुर थाना क्षेत्र के पगरा चेक पोस्ट की है । जहां पर उत्तर प्रदेश से तेज रफ्तार में आ रही पशुओं से भरी ट्रक को पुलिस ने रोकने की कोशिश की । जिसके बाद पशु तस्करों ने ट्रक को रोकने के बजाय पुलिस बैरियर को तोड़ते हुए भागनी शुरू कर दी ।
पुलिस ने भी भाग रहे ट्रक का पीछा शुरू किया, जिसके बाद ट्रक अनियंत्रित होकर भोरे थाने के कोरेया में जाकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी।
पुलिस ने इस मामले में ट्रक में सवार चार मवेशी तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है । वहीं इस घटना के बाद अफरा-तफरी मच गयी।
घटना की सूचना मिलने पर आसपास के सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गयी। बताया जाता है कि मवेशियों को उत्तर प्रदेश से तस्करी कर ले जाया जा रहा था। वहीं पुलिस गिरफ्तार मवेशी तस्करों से पूछताछ करने में जुटी हुई है।
मुजफ्फरपुर जिले के सिवाईपटटी थाना क्षेत्र के रंघई पुल के समीप बाइक सवार अपराधियों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली की आवाज सुनने के बाद स्थानीय लोग दौड़े। तब तक अपराधी भाग निकले।
पुलिस के अनुसार युवक की पहचान बिटटू कुमार (18) के रूप में हुई है। वह डीजे में काम करता था। गोली लगने के बाद वह गम्भीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए मेडिकल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी। घटना के बाद परिजन चीत्कार करने लगे। बताया गया कि युवक कांटी से घर लौट रहा था। उसके साथ उसका दोस्त अनिल भी था। इसी क्रम में बाइक सवार तीन अपराधियों ने रघई पूल के समीप उसे घेर लिया।
अपराधी और बिट्टू के बीच कुछ वाद-विवाद होने की बात भी सामने आई है। इसी दौरान एक अपराधी ने उसे गोली मार दिया। अनिल वहां से किसी तरह जान बचाकर भागा और परिजन को जानकारी दी। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जुटने लगे। यह देखकर अपराधी हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले। बिट्टू को मेडिकल में भर्ती कराया गया था।
पूरे मामले में मृतक युवक के परिजन वशिष्ठ सहनी ने बताया कि रात को बिट्टू की प्रेमिका ने उसे कॉल कर मिलने के लिए बुलाया था। वह और अनिल साथ गए थे। अहले सुबह करीब तीन बजे उससे मिलकर बिट्टू घर लौट रहा था। इसी दौरान अपराधियों ने उसे घेरकर गोली मार दी।पुलिस की प्रारंभिक जांच में भी पता चला कि एक युवती से बिटटू का प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसी के कारण उसे गोली मारी गई है।
थानाध्यक्ष सिवाईपटटी शमीम अख्तर ने बताया कि एक युवक को गोली मारी गई है। परिजन के बयान के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो सकेगा। वैसे पुलिस ग्रामीणों से संपर्क कर जांच में जुटी है।
मुजफ्फरपुर शहर में एक बार फिर हैंड फुट माउथ का 3 मरीज मिलने से स्वास्थ विभाग में हड़कंप मच गया है। इससे पहले भी 4 मरीज मिले थे, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग लगातार अलर्ट मोड पर है। हालांकि जिले के सिविल सर्जन ने बताया कि अबतक 4-5 मामले सामने आये हैं, वो भी निजी अस्पताल में ही आये हैं. ऐसे में लगातार जांच चल रही हैं।
आपको बता दें कि शिशु रोग विशेषज्ञ एक निजी डॉक्टर के क्लिनिक में एक बच्चे में जांच के ही दौरान इस बीमारी का पता चला था, बच्चे की उम्र 4 वर्ष है और वह बच्चा जिले के सदर थाना क्षेत्र के मझौलिया का रहने वाला है जबकि अन्य भी आसपास के एक ही परिवार से जुड़े हुए बताया गया। इस बीमारी में सबसे ज्यादा मुँह के अंदर लाल लाल छाले पर जाते है और यह 5 साल से छोटे उम्र के बच्चों में यह बीमारी ज्यादा पाई जाती है और यह माइल्ड वायरल डिजीज है इससे ज्यादा खतरा नहीं होता है।
इस मामले में निजी चिकित्सक डॉ अरुण शाह ने कहा की यह केस भी आम तौर पर महाराष्ट्र दिल्ली पटना में लगातार मिलते रहे हैं और अब दो दिनो में पांच केस मिले है इससे अभी कोई खतरा नहीं है हां यह बीमारी भी जरूर स्प्रेड करती है और दूसरे बच्चे को संक्रमित करती है लेकिन जरूरी एहतिहात बरतने से यह ठीक हो जाता है।अभी इसको लेकर किसी भी प्रकार की पैनिक होने की नहीं है जरूरत।
मामले में सिविल सर्जन डॉ उमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि एक निजी किसी चिकित्सक के यहां पर इस तरह की केस की जानकारी मिली है ज़िले के सभी पीएचसी को अलर्ट कर दिया गया है और अगर किसी भी पीएचसी और सीएचसी में ऐसी लक्षण वाले मरीज आते है तो यथाशीघ्र इसको सूचना देना है जाँच उपरांत ही मामला स्पष्ट हो पाएगा।
2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में कोई पांच माह झारखंड में रहने का मौका मिला था जिस दौरान झारखंड की सामाजिक ,राजनीतिक और आर्थिक मिजाज को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपनी पूरी ताकत झोंक दिया था, पैसा की बात छोड़िए हर बूथ पर देश के अलग अलग हिस्सों से आदिवासी ,पिछड़ा ,सवर्ण और बनिया जाति के लोगों को उतार दिया था।
इतना ही नहीं बाबूलाल मरांडी के सहारे बीजेपी हर विधानसभा क्षेत्र में महागठबंधन के सामाजिक समीकरण में सेंधमारी के लिए बहुत ही सोच समझ कर प्रत्याशी खड़ा किये थे और बीजेपी पैसा से लेकर सभी तरह का संसाधन मुहैया करा रहा था । इसी दौरान चुनावी मिजाज को समझने के लिए सारंडा जंगल में स्थित आदिवासियों के गांव में गये, पुरुष से बात करना मुश्किल हो रहा था पहले हड़िया पीने के लिए पैसा दीजिए फिर बात करेंगे पत्रकार हैं तो क्या हुआ।
जहां तक मुझे याद है बहस चल ही रहा था कि एक महिला दौड़े दौड़े आयी और बोली छोड़ी छोड़ी इधर आइए । फिर हम लोग उस महिला के साथ चल दिये वो अपने घर के पीछे ले गयी जहां दोपहर के समय काम करके लौटी हर उम्र की महिलाएं पेड़ की नीचे बैठकर आराम कर रही थी एक घंटे तक बात हुई उसी दौरान बाबूलाल मरांडी के उम्मीदवार का क्या होगा वो भी तो आदिवासी है, तपाक से एक महिला बोलती है यह रघुवर के लिए काम कर रहा है । मैं तो हैरान रह गया जहां ना अखबार पहुंचता है ना टीवी है ना सोशल मीडिया है वहां ये बात कैसे पहुंच गई कि बाबू लाल बीजेपी के लिए काम कर रहा है। इस आदिवासी महिला के इस संवाद के साथ ही मुझे लग गया कि बीजेपी के लिए इस बार कोई गुंजाइश नहीं है। वैसे इस बात की चर्चा मैंने इसलिए किया कि बिहार की तरह ही झारखंड के हर व्यक्ति में राजनीतिक समझ है।
अब विषय वस्तु पर आते हैं पिछले छह माह से बीजेपी झारखंड की सरकार को अस्थिर करने में लगी हुई है और इस खेल में मीडिया,कोर्ट,राज्यपाल,चुनाव आयोग ईडी और सीबीआई पूरी ईमानदारी के साथ खड़ी है फिर भी हेमंत पकड़ में नहीं आ रहा है।वैसे बीजेपी इस खेल को अंजाम तक पहुंचाने के लिए क्या क्या बिसात बिछा रखी है इस बार के रांची प्रवास के दौरान एक बार फिर से देखने को मिला।
1– बीजेपी का क्या है मिशन झारखंड भाजपा ने ऑफिस ऑफ प्रॉफिट और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9a का हवाला देते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग निर्वाचन आयोग से की थी इस पर आयोग निर्णय लेकर राज्यपाल को एक सप्ताह पहले ही फैसले की कॉपी भेज चुकी है लेकिन राज्यपाल अभी तक उस फैसले पर अमल रोक रखा है । जानकार बता रहे हैं कि शुरुआत में इसी फैसले के आधार पर बीजेपी हेमंत से 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ी डील करना चाहता था लेकिन पूरी कोशिश के बावजूद हेमंत तैयार नहीं हुआ फिर यह तय हुआ कि हेमंत की सदस्यता समाप्त कर दी जाये और चुनाव लड़ने से रोका नहीं जाए और इस बीच 15 विधायक को किसी भी स्थिति में तोड़ा जाये ताकि दोबारा शपथ लेने के बाद जब विधानसभा में हेमंत को बहुमत साबित करने को कहां जाये तो सरकार अल्पमत में आ जाए और ऐसी स्थिति में झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाएगा लेकिन त्रिपाठी जी 50 करोड़ तक पहुंच गये फिर भी पांच से ज्यादा अभी तक नहीं जुटा पाए हैं फिर भरोसा नहीं है कि पैसा लेने का बाद भी विधायकी से त्यागपत्र देगा कि नहीं देगा ।
2–कांग्रेस को तोड़ने में आरपीएन सिंह का इस्तमाल कर रही है बीजेपी अभी वर्तमान में जो बीजेपी है वह जब किसी मिशन पर काम करना शुरु करती है तो तोड़फोड़ अगर गोवा में हो रहा है तो निशाने पर महाराष्ट्र रहता है। इसी तरह यूपी चुनाव से ठीक पहले झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह को बीजेपी कांग्रेस में सिर्फ यूपी के लिए नहीं शामिल कराया था उसका लक्ष्य झारखंड था। हालांकि इस खेल को कांग्रेस समझ गयी और जिसके सहारे आरपीएन सिंह कांग्रेस को तोड़ रहे थे उसका ऑपरेशन खेला शुरु होने से पहले ही कांग्रेस ,ममता और हेमंत ने मिलकर कर दिया जिस वजह से यह खेल लम्बा खीच रहा है।
3–हेमंत झारखंड स्वाभिमान जगाने में कामयाब रहे बीजेपी के मिशन झारखंड में हेमंत को घेरने के लिए बीजेपी चारो और हमला कर रही है इस हमले में दुमका की बेटी अंकिता सिंह की हत्या का भी सहारा लिया गया ताकि प्रदेश में हिंदू मुसलमान का विवाद गहराये और कानून व्यवस्था बिगड़े ।लेकिन इन सारे व्यवधानों के बीच सोरेन अपने विधायकों को यह समझाने में कामयाब हो गये कि यह मत समझे यह हमला सिर्फ मेरे उपर है यह हमला झारखंड के आदिवासी और मूल निवासी पर है और इस बार कमजोर पड़े तो फिर उठने में कितना वर्ष लग जाएगा कहना मुश्किल है, यह बात झारखंड के विधायकों में इस तरह बैठ गया है कि अब किसी भी स्थिति में हेमंत का साथ छोड़ने को तैयार नहीं है । हमारी तीन चार विधायक से बात हुई सबका यही कहना था संतोष जी झारखंड में जमीन के पांच फीट अंदर पैसा ही पैसा है हम लोग सीधा ठहरे कौन कब कहां कानून में फसा दे पता ही नहीं चलता है ऐसे में कब तक डरते रहेंगे जो होगा देखा जायेगा लेकिन इस बार झुकेंगे नहीं पैसा हम लोगों के लिए कोई मायने नहीं रखता है देखते ही ना हम लोगों का खर्चा ही क्या है दो चार हजार रुपया रोज का काफी है इसलिए पैसा से कोई खरीद नहीं सकता। यही ताकत हेमंत को मोदी और शाह से सीधी लड़ाई में भी अंतिम क्षण तक खड़ा कर रखा है वैसे विधानसभा का सत्र बुला कर हेमंत ने बीजेपी को सीधी चुनौती दी है।
4–रघुवर की कमजोरी भी मिशन झारखंड में बड़ा बाधक है इन सबके बावजूद मोदी और शाह का जो रघुवर प्रेम है वो मिशन झारखंड के लिए एक बड़ी बाधक है क्यों कि बाबू लाल ,अर्जुन मुंडा सहित बीजेपी के अधिकांश नेता इस खेल में रघुवर की सक्रियता के कारण दिल से लगा हुआ नहीं है साथ ही बीजेपी का कोई भी विधायक चुनाव में जाने को तैयार नहीं है इस वजह से भी बीजेपी को निर्णय लेने में परेशानी हो रही है । वैसे झारखंड के राजनीतिक संकट का परिणाम जो हो लेकिन यह बात तो आ ही गयी कि मजबूत इच्छाशक्ति हो तो मोदी और शाह जैसे योद्धा से भी मजबूती के साथ लड़ा जा सकता है ।
औरंगाबाद। केन्द्रीय जांच एजेंसी NIA की छापेमारी औरंगाबाद में जारी है।उपहारा थाना क्षेत्र के महेश परासी गांव स्थित उनके आवास पर आज तड़के 5 बजे ही एनआईए की टीम पहुंची और उनके घर की तलाशी ले रही है।
शोभा कुमारी नक्सली नेता विजय कुमार आर्य की बेटी हैं और विजय कुमार आर्य एनआईए के राडार पर हैं। इसी वजह से इनके आवास पर भी छापामारी की जा रही है।हालांकि,अब तक की कार्रवाई में टीम को क्या कुछ मिला है,इस बात का खुलासा अभी तक नहीं हो सका है।
वहीं दूसरी छापेमारी रफीगंज थाना के चंदौल गांव में अनिल यादव के यहाँ की जा रही है। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार अनिल यादव नक्सलियों के लिये संदेशवाहक का काम करता था। NIA की टीम द्वारा दोनों के घरों में अभी भी छापेमारी की जा रही है।
जस्टिस संदीप कुमार ने राज्य सरकार को कहा कि उन्हें हर हाल में 8 सितंबर,2022 को अदालत में पेश किया जाए।
ये मामला किसी भी अभियुक्त को गिरफ्तार करने के पूर्व और बाद में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा निर्देश को नजरअंदाज किये जाने का है।कोर्ट ने मेघु दास एवं अन्य की और से अदालती आदेश की अवमानना को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट और हाई द्वारा जारी किये गए दिशा निर्देश का उल्लंघन कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजने को काफी गम्भीरता से लिया।
कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कटिहार के तत्कालीन एसपी सिद्धार्थ मोहन जैन समेत डीएसपी और नगर थाना के एसएचओ को 1 सितंबर को कोर्ट में तलब किया था।
अदालती आदेश के बाद कटिहार के तत्कालीन एसपी सिद्धार्थ मोहन जैन को छोड़ कर डीएसपी और नगर थाना कटिहार के एसएचओ कोर्ट में उपस्थित थे।
#PatnaHighCourt
कोर्ट को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कटिहार के तत्कालीन एसपी सिद्धार्थ मोहन जैन की प्रतिनियुक्ति केन्द्रीय गृह मंत्रालय में कर दी गई है।उन्हें 30 अगस्त को ही हाई कोर्ट के आदेश की जानकारी दे दी गई है।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि पुलिस सुप्रीम कोर्ट के नियमों की अनदेखी हर मामले में कर रही है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है।
सुपौल में राघोपुर थाना की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए 6 अपराधियों को पिस्टल, देशी कट्टा, कारतूस ओर चोरी की बाइक, मोबाइल सहित अन्य लूटे गए सामानों के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
एसपी डी अमरकेश ने पुलिस को मिली सफलता पर राघोपुर थाना परिसर में खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली कि राघोपुर थाना क्षेत्र के कोरियापट्टी गांव में कुछ अपराधी लूट की मोटरसाइकिल और हथियार के साथ घूम रहे हैं। जिसके बाद सूचना के आलोक में एक टीम गठित कर पुलिस जब कोरियापट्टी पहुंची तो दो मोटरसाइकिल पर सवार चार अपराधी पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे। लेकिन पुलिस ने चारों अपराधियों को धर दबोचा। जिसकी पहचान थाना क्षेत्र के सातनपट्टी वार्ड नंबर 7 निवासी मनीष कुमार राम, सिंटू कुमार साह, श्रीकांत कुमार राम एवं प्रतापगंज थाना क्षेत्र के सूखानागर वार्ड नंबर 2 निवासी रौशन राज के रूप में किया गया।
अपराधी मनीष कुमार से जब बरामद पल्सर मोटरसाइकिल के बारे में पूछताछ किया गया तो बताया कि गत 29 अगस्त को पिपरा थाना क्षेत्र के दुबियाही गांव के समीप उनलोगों ने एक राहगीर से हथियार के बल पर उक्त मोटरसाइकिल के अलावा एटीएम, मोबाइल सहित अन्य कागजात छीन लिया था। इस दौरान घटना में उपयोग किए गए दो अन्य मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने बरामद कर लिया। एसपी ने बताया कि उक्त घटना को अंजाम देने वाले दो अन्य अपराधी हुलास वार्ड नंबर 2 निवासी राजन ठाकुर और सातनपट्टी वार्ड नंबर 7 निवासी रौशन पासवान को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक देशी पिस्टल, 2 लोडेड मैगजीन, एक देशी कट्टा, 13 जिंदा कारतूस, 4 मोटरसाइकिल, 7 मोबाइल, कुछ नकद सहित लूटी गई कागजातों को बरामद किया गया।