दरभंगा । कमतौल के बिजली विभाग के जेई सूरज कुमार के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हुआ है। जिसमे देखा जा सकता है की 10 से 12 लोग किस तरह जेई साहब की बर्बरता पूर्वक कुर्सी से हाथ से जो मिला उसी से पीटे जा रहे है।
बताया जाता है की बिजली का बिल बकाया होने पर कमतौल बाजार में एक उपभोक्ता के घर और दुकान से बिजली काट दिया गया। जिसके बाद नराज हो कर एक साथ सभी लोगो ने जेई के साथ मारपीट कर दिया।
कमतौल बाजार के धर्मेंद्र प्रसाद, शिवनाथ प्रसाद, हरिओम कुमार उर्फ गोलू, धीरज कुमार, दीपक कुमार, अमित कुमार प्रसाद, अमर प्रसाद, बबलू कुमार एवं मुकेश कुमार प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कमतौल थाना में किया गया ।
जहानाबाद जिले में जय गुरुदेव संस्था के लिए हजारों लोग काम कर रहे हैं। जगह-जगह पर परिचर्चा और प्रवचन का आयोजन भी होते रहा है। शुक्रवार को किनारी पंचायत के गणेश बिगहा गांव में एक दिवसीय सत्संग का आयोजन किया गया।
जय गुरुदेव की राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चंद्र जी मथुरा से गणेश बिगहा गांव पहुंचे थे। इन्होंने सत्संग में जन्म और मरण के रहस्यों का चर्चा करते हुए उपदेश दिया। साथ ही लोगों से गलत कार्यों से बचने की नसीहत दी। आचार्य ने खासकर नशा मुक्ति को लेकर युवाओं से अपील की और कहा कि नशा से समाज का नाश होता है।
गणेश बिगहा गांव में कार्यक्रम का प्रबंधन जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार ने किया। इस मौके पर गांव के साथ ही आस-पास के गांव से सैकड़ों महिलाएं और पुरुष सत्संग सुनने पहुंचे।
सत्संग सुनने आए लोगों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया था।
21 अक्टूबर 2022 । पटना हाईकोर्ट ने बिहार नगरपालिका एक्ट, 2007 में मार्च, 2021 में राज्य सरकार को द्वारा किए गए संशोधनों को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया। इसकी वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर कोर्ट ने 13अक्टूबर,2022 सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा लिया था।
चीफ जस्टिस संजय करोल की डिवीजन बेंच ने डा आशीष कुमार सिन्हा व अन्य की याचिकाओं पर महत्वपूर्ण फैसला देते हुए स्पष्ट किया कि निगम के सी और डी श्रेणी की नियुक्ति का अधिकार पूर्ववत निगम के अधिकार क्षेत्र में होगा।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शक्ति प्राप्त स्टैंडिंग कमिटी एक स्वतन्त्र निर्वाचित संस्था है।उसे राज्य सरकार या कोई अन्य संस्था उनका निरीक्षण नहीं कर सकती हैं।कोर्ट ने ये भी कहा कि 74वें संवैधानिक संशोधन के बाद नगर निकाय सांविधानिक हैसियत रखती हैं।उनकी शक्ति को कम करना या। खत्म करना असंवैधानिक होगा।
यह मामला नगरपालिका में संवर्ग की स्वायत्तता से जुड़ा हुआ है। सुनवाई के दौरान कोर्ट को याचिकाकर्ताओं की अधिवक्ता मयूरी ने बताया कि इस संशोधन के तहत नियुक्ति और तबादला को सशक्त स्थाई समिति में निहित अधिकार को ले लिया गया है। यह अधिकार अब राज्य सरकार में निहित हो गया है।
अधिवक्ता मयूरी ने कोर्ट को बताया था कि अन्य सभी राज्यों में नगर निगम के कर्मियों की नियुक्ति नियमानुसार निगम द्वारा ही की जाती है। उनका कहना था कि नगर निगम एक स्वायत्त निकाय है, इसलिए इसे दैनिक क्रियाकलापों में स्वयं काम करने देना चाहिए।
#PatnaHighCourt
कोर्ट को आगे यह भी बताया गया था कि चेप्टर 5 में दिए गए प्रावधान के मुताबिक निगम में ए और बी केटेगरी में नियुक्ति का अधिकार राज्य सरकार को है। जबकि सी और डी केटेगरी में नियुक्ति के मामले में निगम को बहुत थोड़ा सा नियंत्रण दिया गया है।
31 मार्च को किये गए संशोधन से सी और डी केटेगरी के मामले में भी निगम के ये सीमित अधिकार को भी मनमाने ढंग से ले लिये गए है।
कोर्ट ने इस संशोधन को रद्द करते हुए सी और डी श्रेणी के कर्माचारियों की नियुक्ति का अधिकार नगर निगमों को पहले की भांति दे दिया हैं।
जहानाबाद । त्योहारों का सीजन आते हैं शराब माफिया भी काफी सक्रिय हो गया है और पुलिस भी उतने ही सक्रियता से शराब माफियाओं पर भारी पड़ती दिख रही है ।
ताजा मामला जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र के चुहरमल चौक के पास का है जहां पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर हुलासगंज थाना की पुलिस ने चुहरमल चौक के पास रांची से पटना आ रही कृष्णा बस की तलाशी ली तो उसमें 475 बोतल अंग्रेजी शराब पुलिस ने बरामद किया है ।
इस मामले में हुलासगंज थाना प्रभारी चंद्रशेखर प्रसाद ने बताया कि त्योहारों के सीजन में पुलिस भी काफी सक्रिय है और झारखंड से आने वाले बसों पर कड़ी नजर हम लोग बनाए हुए हैं । आज सुबह-सुबह चुहरमल चौक के पास कृष्णा बरसे 475 बोतल अंग्रेजी शराब बस में छिपाकर ले जाया जा रहा था ।
बस के ड्राइवर और खलासी जैसे ही पुलिस गाड़ी देखी वैसे ही बस रोक कर वह फरार हो गया इस मामले में बस के यात्रियों को दूसरे वाहन से पटना भेज दिया गया है और बस को जप्त कर थाना लाई गई है ।
इस कारोबार में जो लोग शामिल है उसको बारे में पता की जा रही है ।
दिवाली,दावात पूजा एवं छठ पर्व के अवसर पर पटना हाइकोर्ट में 24 अक्टूबर, 2022 से 31 अक्टूबर, 2022 अवकाश रहेगा। 1 नवंबर, 2022 को हाईकोर्ट खुलेगा और उसके बाद सामान्य अदालती कामकाज प्रारम्भ हो जाएगा।
नवादा पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है पुलिस ने 11 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इसको लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड,राजस्थान, मध्यप्रदेश, बंगाल, उत्तर प्रदेश, झारखंड सहित अन्य राज्यों की पुलिस स्थानीय पुलिस के सहयोग से विभिन्न गांवों से आए दिन छापेमारी कर साइबर क्राइम में लिप्त ठग को गिरफ्तार कर चुकी है।
स्थानीय पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दो अलग-अलग गांव से 11 ठग को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। वहीं ठग के पास से नगदी सहित अन्य सामान पुलिस ने बरामद की है।
बताया जाता है कि पुलिस को जानकारी मिली कि थाना क्षेत्र के अपसढ़ गांव के बधार में ठगी का धंधा चल रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में गांव में छापेमारी की गई. वहां से पांच ठग को गिरफ्तार किया गया. जिनके पास से 15 मोबाइल व अन्य सामान भी जब्त किया गया।
गिरफ्तार ठग की पहचान नई दिल्ली सेक्टर-05 के विजय बाजार थाना क्षेत्र स्थित रोहिणी निवासी रविकांत के पुत्र रजत कुमार, जमुई जिले के सिकंदरा थाना स्थित अकौनी गांव निवासी सतेन्द्र सिंह के पुत्र संतोष कुमार, नालंदा जिले के कतरडीह निवासी क्रमश अवधेश सिंह के पुत्र संजय कुमार व गेनौरी सिंह के पुत्र संजीव कुमार, स्थानीय थाना क्षेत्र के अपसढ़ गांव निवासी सुरेश राउत के पुत्र सुशील कुमार के रूप में की गई।
वहीं बाद में गिरफ्तार इन ठगों के निशानदेही पर थाना क्षेत्र के चकवाय पंचायत स्थित गोसपुर गांव में छापेमारी कर छह ठग को पुनः गिरफ्तार किया गया. इसमें गोसपुर गांव निवासी अनिल सिंह के पुत्र विकास कुमार, संजय सिंह के पुत्र मुरारी कुमार व त्रिपुरारी कुमार, बाल्मीकि सिंह के पुत्र रंजन कुमार, मनोज सिंह के पुत्र रविरंजन कुमार और भाषो सिंह के पुत्र संजीत कुमार शामिल है।
इन लोगों की गिरफ्तारी पुलिस ने त्रिपुरारी कुमार के बंगले से की है.इसके साथ ही पुलिस ने इनके पास से एक लाख 22 हजार 200 रुपये नगदी, 13 कीमती मोबाइल, एक लैपटॉप, तीन पासबुक, चेकबुक,एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, साइबर क्राइम से जुड़े कागजात आदि मौके से जब्त किया. बताया गया कि गोसपुर गांव निवासी त्रिपुरारी कुमार ठग गिरोह का सरगना है. उसकी देखरेख में ठगी का बड़े पैमाने पर धंधा चलाया जाता है।
इस मामले पर थानाध्यक्ष आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार ठग से पूछताछ कर अनुसंधान चल रहा है. कई सुराग भी हाथ लगे हैं. गिरफ्तार ठग को बाद के दिनों में रिमांड पर लेकर फिर पूछताछ की जा सकती है।
छपरा में चर्चित चांदी लूट कांड का खुलासा हो गया है। 7 आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिनके पास से 38 किलो चांदी बरामद किया गया है।
घटना सारण जिला के दरियापुर थाना क्षेत्र के मटिहान इलाके का है। जहां महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिला से जेवरात खरीद कर पटना के दानापुर पहुंचे व्यवसायी बंधु मोहन और जितेंद्र जायसवाल एक तयशुदा ऑटो से छपरा के साहेबगंज सोनारपट्टी इलाके के लिए निकले।
इसी बीच मानपुर-गड़खा मुख्यमार्ग पर मटिहान के समीप सुनसान जगह पर दूसरे टेम्पू में सवार अपराधियो ने मोहन जायसवाल, जितेंद्र जायसवाल और जितेंद्र की पत्नी गीता के आंखों पर मिर्ची पाउडर फेंक दिया और उनके ऑटो को ओवरटेक करके रोक लिया।
उसके बाद जेवर की लूट कर ले लेकिन 1 दिन के अंदर ही पुलिस ने मामले का खुलासा कर लिया।
किसानों के लिए एक सुखद खबर बेगूसराय से निकल कर सामने आ रही है। वर्ष 1999 से बंद पड़े बरौनी खाद कारखाना से अब खाद का उत्पादन लगभग शुरू होने की कगार पर आ चुका है ।
इसके लिए उत्पादन के लिए ट्रायल भी किया गया एवं यूरिया का उत्पादन भी किया गया। विभागीय केंद्रीय मंत्री ने ट्विटर के जरिए इस बात की जानकारी भी दी ।
हालांकि अभी तक सिर्फ इसका ट्रायल किया गया है और आधे क्षमता से इसका उत्पादन शुरू किया गया है । उम्मीद की जा रही है कि इस वर्ष नवंबर दिसंबर माह में अन्यथा वर्ष 2023 के शुरुआती महीने में प्रधानमंत्री के द्वारा इसका लोकार्पण किया जाएगा।
लेकिन खबर मिलने के साथ ही किसानों एवं स्थानीय लोगों में इसको लेकर काफी खुशी देखी जा रही है ।
देश भर के मेडिकल संस्थानों मे दाखिले हेतु , इस वर्ष आयोजित हुई राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट ) मे बिहार की एक अभ्यर्थी के ओ एम आर एनसर शीट मे प्रथम द्राष्ट्या गड़बड़ी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए, पटना हाई कोर्ट ने उक्त छात्रा की ओएमआर एनसर शीट पेश करने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा की एकलपीठ ने श्रेया प्रसाद की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए परीक्षा लेने वाली एजेंसि एन टी ए को निर्देश दिया कि 16 नवम्बर को मांगी गयी ओएमआर उत्तर फलक को कोर्ट मे पेश करे।
केंद्र सरकार की तरफ से पटना हाई कोर्ट में एडीशनल सोलिसिटर जेनरल को भी इस मामले की नोटिस लेने को कहा गया ताकि उनके जरिये परीक्षा लेने वाली एजेंसि को जल्दी सूचना दी जा सके।
याचिकाकर्ता के वकील अभिनव श्रीवास्तव ने कोर्ट को दर्शाया कि श्रेया की ओएमआर एनसर शीट, जो नीट की वेबसाइट पर प्रकाशित हुई उसमे क्रम संख्या एक से लेकर 101 तक के उत्तर दिखाई ही नही दे रहे, जिसके परिणाम मे उनके मुवक्किल् को पहले 100 प्रश्नो मे शून्य अंक मिले हैं . जबकि आगे के प्रश्नो को श्रेया ने सफलता पूर्वक हल किया है. एक साथ 100 से भी अधिक प्रश्नो के उत्तर ओ एम आर शीट मे नहीं दिखना, परीक्षा व्यवस्था मे गंभीर गड़बड़ी की और इंगित करता है और साथ ही याचिका कर्ता की दक्षता और पात्रता को चोट पहुंचाता है।
अभिनव ने देश के अन्य हाई कोर्ट से पारित आदेशों के हवाले से, न्यायमूर्ति शर्मा की एकलपीठ को दर्शाया कि बिल्कुल इसी प्रकार गड़बड़ियों को अन्य हाई कोर्ट मे उजागर किया जा चुका है।
हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से दी गयी दलील को स्वीकार करते हुए श्रेया की ओएमआर शीट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
पटना हाईकोर्ट ने 11 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के मामले में फाँसी की सजा पाए सजायफ़्ता को राहत देते हुए उसकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। साथ ही इसी मामले एक अन्य अभियुक्त को रिहा कर दिया।
जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह एवं जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने अरविंद कुमार एवं अभिषेक कुमार की अपील याचिका पर सुनवाई करते स्वीकृति दे दी ।
19.09.2018 को इन दोनों अभियुक्तों के खिलाफ पीड़िता की माँ ने आईपीसी की धारा 376, 376b, 120(B), 504, 506, 354(D) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4,6 ऐवं 12 के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाई थी ।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि फुलवारीशरीफ़ स्थित न्यू सेंट्रल पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल ने कक्षा पाँच में पढ़ने वाली छात्रा के साथ यौन शोषण किया।साथ ही उसका वीडियो वायरल करने के नाम पर ब्लैकमेल किया करते थे ।
इस कांड में स्कूल के एक अन्य शिक्षक ने भी उसका साथ दिया । जब लड़की की माँ को शक हुआ तो उसने स्कूल के प्रिंसिपल एवं शिक्षक के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज कराई । इस पर संज्ञान लेते हुए निचली अदालत ने स्कूल के प्रिंसिपल को फाँसी की सजा सुनाई और शिक्षक को उम्रक़ैद की सजा सुनाई।
#PatnaHighCourt
इस निचली अदालत के आदेश को अपीलकर्ताओं ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी । अपीलकर्ताओं का पक्ष वरीय अधिवक्ता बख्शी एस आरपी सिन्हा ने रखा।
मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह पाया कि अभियोजन पक्ष पीड़ित बच्ची की उम्र 12 वर्ष के कम साबित करने में विफल रहे और संदेह का लाभ देते हुए अभियुक्त अरविंद कुमार की फाँसी की सजा को उम्रकैद की सजा में तबदील कर दिया। अभियुक्त अभिषेक कुमार को उम्रक़ैद की सजा से बरी कर दिया ।
हाजीपुर । गैस लीक हो जाने से हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। बदबूदार गैस लीक होने से फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मी दौड़ कर इधर-उधर भागने लगे। हालांकि समय रहते लिक हुए पाइप का मरम्मत कर उसे दुरुस्त कर लिया गया। जिससे एक बड़ी घटना घटने से बच गई।
बताया गया कि हाजीपुर आधोगिक क्षेत्र के एक फूड मैनुफेक्चरिंग कंपनी का गैस पाइप काम करने के दौरान ही क्षतिग्रस्त हो गया। सूत्रों की माने तो क्षतिग्रस्त पाइप से अमोनिया गैस बेहद तेजी से रिसने लगा। गैस की तेज बदबू से फैक्ट्री में काम कर रहे दर्जनों महिला व पुरुष कर्मी आनन फानन में फैक्ट्री से भागने लगे।
स्थानीय लोगो द्वारा तत्काल ही औधोगिक थाना और दमकल विभाग को फोन से मामले की सूचना दी गई.सूचना के चंद मिनटों बाद ही पुलिस और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंच गई थी। हालांकि संयोग बढ़िया था और फैक्ट्री में एक एक्सपर्ट कर्मी मौजूद थे। जिन्होंने कुछ देर के मसक्कत के पाइप का मरम्मत कर दिया.और एक बड़ा हादसा टल गया।
इस विषय मे पाइप रिपेयर करने वाले कर्मी दिप सिंह ने बताता की पाइप लाइन में जो गैस था वह तो थोड़ा बहुत निकलेगा ही।अभी स्थिति को कंट्रोल किया गया है।
राज्य में नगर निकाय के चुनाव का रास्ता साफ, अति पिछडे के आरक्षण के साथ साफ कर दिया। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज्य सरकार व अन्य की पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई की।
राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि अति पिछडे वर्ग के राजनीतिक पिछडेपन के लिए एक विशेष कमीशन का गठन किया गया है।
ये कमीशन राज्य में अतिपिछडे वर्ग में राजनीतिक पिछडेपन पर अध्ययन कर राज्य सरकार को रिपोर्ट सौपेंगी।
इसके बाद राज्य सरकार के रिपोर्ट के आधार पर राज्य चुनाव आयोग राज्य में नगर निकायों का चुनाव कराएगा। कोर्ट ने इसके साथ ही राज्य सरकार व अन्य द्वारा दायर पुनर्विचार याचिकाओं को निष्पादित कर दिया।
भूकंप को लेकर नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने जो ताजा जानकारी साझा की है। उसके मुताबिक भूकंप का केंद्र नेपाल काठमांडू से 66 किलोमीटर पूर्व में पाया गया है। दोपहर 2 बजकर 52 मिनट और 44 सेकंड पर भूकंप का झटका आया है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.4 पाई गई है।
गोपालगंज -भूकंप के झटके महसूस किये गए. 2. बजकर 58 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता कम होने से नहीं पड़ा जानमाल पर असर।
पटना । बिजली विभाग के एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर 2 लाख रुपया रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया । इन्हें निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने पकड़ा है। पकड़े गए इंजीनियर का नाम राकेश कुमार है।
आयकर गोलंबर के पास स्थित विद्युत भवन से बुधवार को निगरानी ने उन्हें गिरफ्तार किया है।
गोपालगंज। मोतिहारी के विधायक प्रमोद कुमार की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त। टेलर ट्रक ने मारी विधायक की स्कॉर्पियो और कार में टक्कर। हादसे में बाल-बाल बचे विधायक प्रमोद कुमार। कार और स्कॉर्पियो हुआ क्षतिग्रस्त। मांझागढ़ थाने के कोइनी गांव के पास एनएच-27 पर हुआ हादसा।
हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस. आरोपी ड्राइवर को किया गया गिरफ्तार. पुलिस ने ट्रक और दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी को किया जब्त।
हादसे की सूचना पर नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने विधायक से की बात, ली हादसे की जानकारी।
बेतिया । प्रशांत किशोर ने की प्रेस वार्ता,नरकटियागंज के टीपी वर्मा कॉलेज परिसर में की पीसी। नीतीश कुमार पर जमकर बोला हमला, कहा-बिहार के स्कूलों में खिचड़ी बंट रही है और कॉलेजों में डिग्री, बिहार में शिक्षा की भयावह स्थिति ।
नीतीश कुमार के 17 साल के कार्यकाल का यह काला अध्याय है,पीएम आवास योजना में भी कमीशनखोरी हावी,लाभार्थियों के खातों की जांच कराने की मांग,बीडीओ स्तर से की जा रही है अनियमितता।
पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बन कर आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार को दोष मुक्त करने का जो मामला सामने आया है यह मामला पूरी तौर पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था कैसे ध्वस्त हो गयी है इसके अध्ययन के लिए सबसे फिट केस है।
सरकार और सरकार का तंत्र कैसे काम कर रहा है ये तो आप पूर्व की स्टोरी में पढ़ ही चुके हैं आज हम आपको इतनी बड़ी घटना को लेकर विपक्ष क्या कर रहा है जरा ये दिखाते हैं। सुशील मोदी के इस ट्वीट के सहारे ही आज मैं तीन दिनों से चल रहे स्टोरी बिहार पुलिस का अपराधीकरण को आगे बढ़ाते हैं।
इतनी बड़ी बात हो गयी पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के फर्जी फोन काल के सहारे एक अपराधी आईपीएस अधिकारी को डीजीपी बचा ले गये लेकिन इतने गंभीर विषय पर नेता प्रतिपक्ष जो विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में अक्सर अफसरशाही पर बड़ी बड़ी बातें करते थे वही सुशील मोदी ,बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और सम्राट चौधरी जैसे नेता जो नीतीश सरकार पर हमला करने से चुकते नहीं है वो सारे के सारे खोमाश है जैसे लगता है कि राज्य में कुछ हुआ ही नहीं है ।
1.विपक्ष के खामोशी का राज क्या है सुशील मोदी ट्वीट 17.10.2022नीतीश कुमार में हिम्मत हो तो पूर्व मंत्री सुधाकर को राजद से बाहर कराएं सुशील कुमार मोदी . जब भाजपा सरकार में थी, तब अपनी सीमा में रहते थे सीएम सुधाकर के बयान पर जदयू नेतृत्व की जुबान बंद क्यों ?
सुशील मोदी – ट्वीट18.10.2022माफी मांगने पर बची तेजस्वी की जमानत, हिम्मत हो तो फिर धमकाएँ सुशील कुमार मोदी नीतीश कुमार ने जिससे घोटाले पर जवाब मांग कर गठबंधन तोड़ा था, उसके अभियुक्त बनने पर फिर हाथ क्यों मिलाया ?
ललन सिंह ने सीबीआई को दिये थे आइआरसीटीसी घोटाले के कागजात इस मामले में गिरफ्तार अभिषेक अग्रवाल के पेज थ्री पार्टी में राज्य के कई पुलिस अधिकारी शामिल होते रहे हैं लेकिन मामले के खुलासे के बावजूद भी विपक्ष खामोश है आखिर इस खामोशी की वजह क्या है बिहार पूछता है क्यों कि आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार (एस के) सिंघल को जब बिहार का डीजीपी नियुक्त किया गया था उस समय ये चर्चा जोड़ पर था कि जो व्यक्ति शहाबुद्दीन के खिलाफ गवाही देने का साहस नहीं जुटा पाया उसको नीतीश कुमार डीजीपी कैसे बना दिए खैर सिंघल जिसके भी कोटे से डीजीपी बने हो लेकिन विपक्ष की खामोशी पर सवाल तो बनता है इतने गंभीर मसले पर चुप्पी क्यों जबकि भ्रष्टाचार और बेलगाम अफसरशाही का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है ।यही राजनीति है और इसी राजनीति को समझने कि जरूरत है।
2. डीजीपी कब गिरफ्तार होंगे एक और बात जो बेहद गंभीर है गया के पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार के साथ शुरू से ही डीजीपी का साथ रहा है जब गया आईजी ने एसएसपी के शराब मामले अभियुक्त के खिलाफ हमदर्दी जताने पर सवाल खड़ा किया तो डीजीपी पूरी तौर पर एसएसपी के साथ खड़े हो गये थे इसलिए डीजीपी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के फोन कॉल की बात कही बहाना तो नहीं है ।
वैसे अभिषेक अग्रवाल (फर्जी मुख्य न्यायाधीश पटना हाईकोर्ट)और डीजीपी के बीच जो वाट्सएप संदेश है उसमें डीजीपी आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार से जुड़े मुकदमे में क्या क्या कार्यवाही हो रही है उस फाइल को फोटो खींचकर भेजते रहे हैं । मतलब दोष मुक्त करने का आधार फर्जी फोन कॉल था ऐसे में डीजीपी आईपीसी की धारा 212 का अभियुक्त है।
अब देखना यह है कि सरकार उनके रिटायर होने का इन्तजार करती है या फिर पहले ही कार्रवाई करने का आदेश देते हैं।
बिहार के पूर्व कानून मंत्री व विधान पार्षद कार्तिकेय कुमार ऊर्फ कार्तिक सिंह की अग्रिम जमानत की याचिका पटना हाइकोर्ट में सुनवाई टल गई। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।इस अग्रिम जमानत की याचिका पर जस्टिस सुनील कुमार पंवार ने सुनवाई की।
ये मामला बिहटा के राजीव रंजन सिंह ऊर्फ राजू सिंह के अपहरण से सम्बंधित मामला है।14नवम्बर,2014 को बिहटा पुलिस स्टेशन में थाना कांड संख्या 859/2014 रजिस्टर किया गया।
ये मामला दानापुर के जुड़ीशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास, अजय कुमार के समक्ष सुनवाई हेतु लंबित हैं। इस मामलें में सूचक सचिन कुमार ने बिहटा थाना में 14 नवंबर,2014 को सूचना दी कि उन्हें टेलिफोन पर ये पता चला है कि उनके चाचा राजीव रंजन सिंह ऊर्फ राजू सिंह का अपहरण हो गया है।
अपहर्ता 18 की संख्या में थे,जो पाँच scorpio गाड़ी से आये थे।उन्होंने राजू को बलपूर्वक ले गए।ये आरोप लगाया गया कि मोकामा के विधायक अनंत सिंह,बंटू सिंह व अन्य सोलह व्यक्तियों ने इसे अंजाम दिया।इससे पहले भी दस करोड़ रुपए की फिरौती मांगे जाने का आरोप लगाया गया था,जिसकी सूचना कृष्णापुरी थाने को दी गई थी।
याचिकाकर्ता ने अपनी अग्रिम जमानत की याचिका में कोर्ट को बताया है कि उनके विरुद्ध जो अन्य आपराधिक मामलें है,उनमें वे जमानत पर है।पटना हाईकोर्ट में 2017 में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी,लेकिन उसे 16 फरवरी,2017 को कोर्ट ने नामंजूर कर दिया।
#PatnaHighCourt
उसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत की कोई याचिका पटना हाइकोर्ट में नहीं दायर की।उन्होंने अपनी अग्रिम जमानत की याचिका में ये बताया है कि प्राथमिकी में उनका नाम नहीं था।साथ ही पीड़ित और सूचक ने उनका नाम इस घटना के सम्बन्ध में नहीं लिया था।
उन्होंने बताया कि घटना के दिन 14 नवंबर,2014 को वे सरकारी स्कूल में अपनी ड्यूटी में थे।उनके हस्ताक्षर भी उपस्थिति रजिस्टर में अंकित है।
इस अग्रिम जमानत की याचिका पर दिवाली अवकाश के सुनवाई की जाएगी।
18 अक्टूबर 2022 । पटना हाईकोर्ट ने नेत्र सहायक(ऑप्थलमिक असिस्टेंट) के पद पर बहाली प्रक्रिया में गणित से आईएससी पास अभ्यर्थियों को भी शामिल होने की अनुमति देते हुए राहत दी। चीफ जस्टिस संजय करोल व जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने रणधीर कुमार सिंह व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश को पारित किया।
बिहार पारा मेडिकल/पारा डेंटल शिक्षा संस्थान रुल 2005 के अनुसार नेत्र सहायक के पद के लिए फिजिक्स,केमिस्ट्री,जीव विज्ञान,अंग्रेजी के साथ गणित इंटर पास उम्मीदवार योग्यता रखते थे।
2011 में ये स्पष्ट किया गया कि 2012 से नेत्र सहायक के पद के लिए इंटर में गणित को हटा दिया गया।फिजिक्स, केमिस्ट्री,बायोलॉजी और अंग्रेजी विषय में इंटर उत्तीर्ण उमीदवार ही नेत्र सहायक के पद के योग्य माना गया।
कोर्ट ने ये आदेश बिहार तकनीकी सेवा आयोग, पटना के उप सचिव के हस्ताक्षर से निकाले गए विज्ञापन संख्या 01/ 2021 के मामले में दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता निवेदिता निर्विकार ने कोर्ट को बताया कि बिहार पारा मेडिकल/ पारा डेंटल शिक्षा संस्थानों की स्थापना की अनुमति) रूल, 2005 व इस रूल के रूल 26 का हवाला दिया गया है।
#PatnaHighCourt
इसके तहत इन पदों पर नियुक्ति की योग्यता साइंस में इंटर पास या फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी या मैथ और अंग्रेजी विषयों में इंटर पास बताया गया है।
18 अक्टूबर 2022 । पटना हाइकोर्ट ने राज्य की जनता के स्वास्थ्य,जीवन खतरे में डाल कर राज्य मशीनरी द्वारा बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद कानून ,2016 को सही ढंग से नहीं लागू करने पर नाराजगी जाहिर की। जस्टिस पूर्णेन्दु सिंह ने एक जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए टिप्प्णी की।
कोर्ट ने इसे बड़ा जनहित याचिका मानते हुए इस पर संज्ञान लेने हेतु पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के समक्ष भेजा हैं। उन्होंने कहा कि इस कानून के कारण इससे जुड़े कई अपराधों में बढोतरी हुई हैं।उ न्होंने कहा कि जहरीली शराब को नष्ट करने का तरीके का भूमि की उर्वरता पर घातक प्रभाव डालता हैं।
शराब में मिले हुए रासायनिक पदार्थ micro organism पर असर डालता है,जिससे भूमि की उपजाऊ होने पर बुरा असर पड़ता है।इसका बुरा असर पेय जल पर भी पड़ता है,जिससे कैंसर और अन्य घातक बीमारियां हो जाती हैं।
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इसके घातक प्रभाव को देखते हुए शराब की बोतलों और प्लास्टिक से चूडियां बनायीं जाने लगी हैं।कोर्ट ने राज्य सरकार को सलाह दी कि पर्यावरण को देखते हुए नीति बनायीं जाए,जिससे इसके दुष्प्रभाव को रोका जा सके।
इसे मद्यनिषेध को सही और प्रभावी ढंग से लागू नहीं करने के कारण शराब की तस्करी होने लगी।इसमें नेपाल और अन्य देशों तक शराब की तस्करी होने लगी हैं। इसमें विधि व्यवस्था सम्भालने में पुलिस बल को इन अपराधियों से जूझना पड़ता है।
साथ ही इससे कानून व्यवस्था पर भी असर पड़ता हैं। साथ ही शराब की तस्करी के लिए अवैध वाहनों का इस्तेमाल किया जाने लगा,जिसका रेजिस्ट्रेशन नंबर,इंजन नंबर आदि फर्जी होने लगे। साथ ही पुलिस जब इन वाहनों को पकड़ लेती है,तो फिर अदालत में ही आना होता है।
शराब के अवैध कारोबार में छोटे उम्र के किशोरों को शामिल कर लिया जाता हैं।इससे अपराध और अपराधियों की संख्या और गम्भीरता बढ़ते जा रही हैं।
साथ ही जांच करने वाली एजेन्सी भी अपने कर्तव्य को सही ढंग से नहीं निभाती है।पुलिस शराब स्मग्लरों और गैंग ऑपरेट करने वालोंं के खिलाफ चार्ज शीट दायर नहीं करती।
वह ड्राइवर,क्लीनर,खलासी जैसे लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर देती है, जिनका इसमें कोई सीधी भागीदारी नहीं होती हैं। जो इस मामले में दोषी अधिकारी है,उनके विरुद्ध सरकार सख्त कार्रवाई नहीं करती है।
पुलिस,ट्रांसपोर्ट,उत्पाद और अन्य सम्बंधित विभागों के दोषी और जिम्मेदार अधिकारियो के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिये।
जहरीली शराब से भी बड़े पैमाने पर लोगों की मौत होती है।इस पर भी सरकार को सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।जो भी लोग इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार और दोषी हो,उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने की आवश्यकता है।
मद्यनिषेध और उत्पाद कानून से सम्बंधित मामलें बड़े पैमाने पर राज्य की अदालतों सुनवाई हेतु लंबित है।इससे अदालतों के सामान्य कामकाज को भी प्रभावित करता है।
जहानाबाद । जिले से एक बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है कि निगरानी विभाग की टीम ने पुलिस भवन निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अब्दुल करीम को ₹50000 घूस लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार ।
गौरतलब है कि जहानाबाद शहर के पुराने थाना परिसर में महिला थाना का नया भवन जो कि बिहार पुलिस भवन निर्माण विभाग की तरफ से बनाए जा रहा था । उसी भवन निर्माण में ढलाई का बिल पास करने के लिए सहायक अभियंता अब्दुल करीम के द्वारा ₹50000 की मांग ठेकेदार से की जा रही थी ।
जिसकी सूचना निगरानी विभाग को दी गई तो निगरानी विभाग की टीम ने अब्दुल करीम को ₹50000 घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर अपने साथ पटना ले गई है ।
18 अक्टूबर 2022 । राज्य के पूर्व एवं वर्तमान सांसदों, विधायकों के विरुद्ध लंबित आपराधिक मुकदमों से सम्बंधित मामलों पर पटना हाइकोर्ट में सुनवाई कल तक टली।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ द्वारा इस मामलें पर सुनवाई की जा रही है।
पिछली सुनवाई में महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि अप्रैल,2022 में इन मामलों के निष्पादन का दर शून्य था।लेकिन जब से कोर्ट ने इन मामलों की सुनवाई और निगरानी प्रारम्भ किया,जुलाई,2022 तक ऐसे 164 मामलों को निष्पादित किया जा चुका है।ये प्रगति काफी सकारात्मक है।
पूर्व की सुनवाई में महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया था कि वर्तमान और पूर्व एमपी व एमएलए के विरुद्ध 78 आपराधिक मामलों में 12 मामलों पर आरोप पत्र और 4 मामलों पर अंतिम प्रपत्र दायर किया जा चुका है।
उन्होंने कोर्ट को ये भी बताया था कि 280 मामलों में कुल 481 गवाहों का परिक्षण किया जा चुका है | पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर ने बताया था कि वर्तमान व पूर्व एमपी और एमएलए के विरुद्ध कुल 598 आपराधिक मुकदमें लंबित है, जिसमें अधिकतर केस में अनुसंधान पूरा हो गया है।
लगभग 78 आपराधिक मुकदमों में अनुसंधान लंबित है। इस मामले पर अगली सुनवाई 19अक्टूबर,2022, को होने की संभावना है।
दिल्ली । IRCTC घोटाले में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की जमानत कोर्ट ने बरकरार रखी है। कोर्ट ने कहा कि बेल कैंसिल नहीं कर रहे हैं। इसका कोई आधार नहीं है।
साथ ही तेजस्वी को नसीहत देते हुए कहा कि आप आगे से ऐसा कोई बयान नहीं देंगे।
बक्सर जिले के मुरार थाना क्षेत्र से है जहां बीती रात महादलित बस्ती के लोगों ने थाने पर जमकर बवाल काटा । ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने उनकी बस्ती से 5 लोगों को शराब के धंधे में शामिल होने का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया है।
जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने थाने पर पहुंचकर बवाल काटा,जिसमें थाने की पुलिस जीप के शीशे को फोड़ दिया गया। लेकिन वही इस मामले में मुरार थाना के थाना प्रभारी का कहना है कि बस्ती के पांच लोगों को उत्पाद विभाग की टीम उठाकर ले गई है जिसकी सूचना थाने को भी नहीं थी।
रविकांत, थानाध्यक्ष, मुरार
सोमवार की देर रात स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बगैर चौगाई महादलित बस्ती में छापेमारी कर उत्पाद विभाग की टीम ने बस्ती से शराब के साथ 5 शराबी को शराब के साथ हिरासत मे ले लिया,पांचो को टीम ने गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ले गई।
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव IRCTC घोटाला में मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होंगे। अभी तेजस्वी यादव जमानत पर चल रहे हैं।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मांगा इस्तीफा। सीएम नीतीश कुमार से डिप्टी सीएम का मांगा इस्तीफा। कहा-नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचारियों से कुर्सी के लिए किया समझौता।
लोजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद दिल्ली में चिराग पासवान ने मीडिया से कहा कि लोजपा मोकामा और गोपालगंज का उप-चुनाव नहीं लड़ेगी।
समर्थन के सवाल पर चिराग ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि लोजपा का समर्थन किसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि वो शुरू से नीतीश कुमार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं इसलिए जिस गठबंधन में नीतीश कुमार की जेडीयू होगी, उस गठबंधन को लोजपा का समर्थन नहीं मिलेगा।
चिराग ने इसी मौके पर गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया।
सीवान में बंद पड़े एक मकान में अचानक भीषण आग लग गई। जिससे अफरा-तफरी का माहौल हो गया। फ्रिज फटने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
आग बुझाने पहुंची दमकल की गाड़ी पानी नहीं निकलने की वजह से फेल हो गई। हालांकि स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। महादेवा ओपी थाना क्षेत्र के नई बस्ती की घटना है।
बताया जा रहा है कि किराएदार अपना कमरा बंद कर ड्यूटी पर गया था। इसी दौरान शार्ट सर्किट की वजह से फ्रिज फट गई और मकान में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय लोगों ने जब मकान से धुआं निकलते देखा तो इसकी सूचना दमकल विभाग और थाने को दी। जिसके बाद मौके पर ओपी थाना की पुलिस और दमकल की गाड़ी पहुंची लेकिन दमकल की गाड़ी पानी नहीं निकलने की वजह से फेल हो गई।
स्थानीय लोगों के घंटो मस्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। लेकिन कमरे में रखा कीमती सामान जलकर राख हो गया।हालांकि कितनी की छती हुई है यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
पटना हाईकोर्ट में राज्य सरकार नगर निकाय में आरक्षण मामले में एक पुनर्विचार याचिका दायर की है। इस पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई की तिथि 19 अक्टूबर,2022 को की जाएगी। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनील कुमार व अन्य की याचिकाओं पर 29 सितम्बर,2022 को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे कोर्ट ने 4 अक्टूबर,2022 फैसला सुनाया था।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद नगर निकायों के चुनाव स्थगित करना पड़ा था। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि प्रावधानों के अनुसार ओबीसी/इबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति नहीं दी जा सकती, जब तक राज्य सरकार 2010 मे सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित तीन जांच की अहर्ताएं पूरी नहीं कर लेती है।
गौरतलब है कि स्थानीय निकायों के चुनाव 10अक्टूबर,2022 से शुरू होने वाले थे,लेकिन पटना हाइकोर्ट के निर्णय के आलोक में इस चुनाव को फिलहाल स्थगित करना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट ने तीन जांच के प्रावधानों के तहत ओबीसी/इबीसी के पिछड़ापन पर आंकड़े जुटाने के लिए एक विशेष आयोग गठित करने और आयोग के सिफारिश के मद्देनजर प्रत्येक स्थानीय निकायों में आरक्षण का अनुपात तय करने की जरूरत हैं। साथ ही ये भी सुनिश्चित करने की जरूरत है कि आरक्षण की सीमा कुल उपलब्ध सीट के पचास फीसदी की सीमा को पार नहीं करें।
राज्य सरकार ने पटना हाइकोर्ट में ये पुनर्विचार याचिका दायर करते कोर्ट से अनुरोध किया है कि इस मामलें में कई बिंदुओं पर तथ्य रखने के लिए पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई की जाए।