पटना। राज्य के पूर्व उप-मुख्य मंत्री एवं राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने आज एक बयान में कहा कि कांग्रेस के 24-25 फरवरी से रायपुर में हो रहे खुला महाधिवेशन के दौरान ही बिहार में 25 फरवरी को महागठबन्धन ने पूर्णिया में रैली रख दी ताकि कांग्रेस का कोई वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हो सके।
श्री नीतीश कुमार कांग्रेस से बदला ले रहे हैं। श्री नीतीश कुमार को कांग्रेस ने भाव नहीं दिया और सोनियाजी से जब नीतीश -लालू मिलने गए तो उन्हें 5 मिनट में ही निपटा दिया। इससे नाराज जद-यू को कोई नेता ‘भारत जोड़ों यात्रा में शामिल नहीं हुआ। और अब पूर्णिया रैली को रायपुर अधिवेशन के दौरान रख बदला साधा जा रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि महागठबन्धन की पूर्णिया रैली भाजपा नहीं बल्कि ओवैसी को जवाब देने के लिए बुलाई गई है। विधान सभा चुनाव में ओवैसी के कारण दर्जनो सीटों पर राजद को पराजय देखनी पड़ी और ओवैसी के 5 विधायक पूर्वांचल में जीत गए। कटिहार, पूर्णिया में जदयू की जीत भाजपा के कारण हुई।
उसमें नीतीश कुमार की कोई भूमिका नहीं है। पूर्वांचल की महागठबन्धन की रैली अपने मुस्लिम वोटों को एकजुट रखने की कवायद है।
श्री मोदी ने कहा कि सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के बावजूद 7 दल मिलकर पूर्णिया रैली मे भीड़ नहीं जुटा पाएंगे जितनी भीड़ अकेले भाजपा ने जुटाई थी।
पूर्णिया रैली में लालू प्रसाद डिजिटल शामिल होंगे इसका प्रचार किया जा रहा है। परन्तु लालू जब स्वस्थ थे तब भाजपा को 2014 और 2019 में पराजित नहीं कर पाए तो अब अस्वस्थ लालू भाजपा का क्या बिगाड लेंगे।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार जब जदयू विधायक दल की बैठक में और तीन अन्य अवसरों पर सार्वजनिक रूप से तेजस्वी यादव को उत्तराधिकारी घोषित कर चुके हैं, तब इस मुद्दे पर ललन सिंह या किसी और के गोलमोल बयान का कोई मतलब नहीं।
ललन सिंह का गोलमोल बयान बेमतलब, विद्रोह दबाने की कोशिश
नीतीश पलट सकते हैं, लालू अपना एजेंडा लागू करने के लिए जदयू को तोड़ सकते हैं
श्री मोदी ने कहा कि अगर हिम्मत है तो नीतीश कुमार 2025 में भी स्वयं महागठबंधन का नेतृत्व करते रहने और फिर सीएम बनने की घोषणा करें।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने एक बार भी तेजस्वी यादव को नेतृत्व सौंपने संबंधी अपने बयान का खंडन नहीं किया , लेकिन जब उपेंद्र कुशवाहा ने नई पार्टी का एलान कर दिया , तब विद्रोह पर पानी डालने वाले बयान दिये जा रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार अपने बयान से पलट सकते हैं, लेकिन लालू प्रसाद उन्हें डील से पीछे नहीं हटने देंगे। वे जदयू को तोड़ कर तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनवाने का सपना पूरा कर सकते हैं।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जनाधार विहीन नीतीश कुमार परस्पर-विरोधी ताकतों का कुनबा जोड़ कर देश को कमजोर सरकारों के दौर में लौटाना चाहते हैं, जबकि आज केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही दे सकते हैं चीन-पाकिस्तान को करारा जवाब देने वाली सरकार।
विपक्षी एकता सत्ता के प्यासे छोटे-बड़े दलों की मृग-मरीचिका मात्र
कमजोर कांग्रेस न एकता की धुरी बन सकती है, न राहुल का नेतृत्व सर्वमान्य
1977 के अलावा कभी एक नहीं हुआ विपक्ष, वह भी जेपी की बदौलत
केवल पीएम मोदी ही दे सकते हैं चीन-पाक को जवाब देने वाली सरकार
उन्होंने कहा कि देश अब देवगौड़ा और चंद्रशेखर के उस दौर में नहीं लौटना चाहता, जब रिजर्व बैंक को सोना गिरवी रखना पड़ा था।
श्री मोदी ने कहा कि विपक्षी एकता केवल मृग-मरीचिका है। यह एक झूठे-नकरात्मक लक्ष्य के लिए सत्ता के प्यासे हिरणों की दौड़ के सिवा कुछ नहीं है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष दिल्ली में सरकार चाहता है, जिसे हर छोटी-बड़ी पार्टी ब्लैकमेल कर सके और जो सरकार जीएसटी या सर्जिकल स्ट्राइक जैसे बड़े फैसले न कर सके।
श्री मोदी ने कहा कि 1977 को छोड़ कर कभी पूरा विपक्ष एकजुट नहीं हुआ और वह भी तब सम्भव हुआ, जब उसका नेतृत्व जेपी जैसे महान राजनेता के हाथ में था। आज विपक्ष का हर नेता खुद को पीएम-इन-वेटिंग मानता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीतीश कुमार को पूछती नहीं। वे सीधे राहुल गांधी या खड़गे से बात करने के बजाय सलमान खुर्शीद जैसे व्यक्ति के जरिये संदेश दे रहे हैं, जिसकी कांग्रेस में कोई हैसियत नहीं।
श्री मोदी ने कहा कि महज तीन राज्यों तक सिमटी कांग्रेस काफी कमजोर हो चुकी है। वह न विपक्षी एकता की धुरी बन सकती है, न कोई राहुल गांधी का नेतृव स्वीकार करेगा।
उन्होंने कहा कि केरल में एक-दूसरे के विरुद्ध लड़ने वाली कांग्रेस और माकपा एकसाथ नहीं आ सकते। पंजाब-दिल्ली- हरियाणा में कांग्रेस और केजरीवाल साथ नहीं आ सके। ममता बनर्जी और केसीआर में कोई किसी को नेता नहीं मानता।
श्री मोदी ने कहा कि केवल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा ही ऐसी मजबूत सरकार दे सकती है, जो सबका विकास करते वाली अर्थव्यवथा की तेजी बरकरार रख सके।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सुधाकर सिंह और प्रोसेसर चंद्रशेखर के जरिये नीतीश कुमार पर कुर्सी छोडने का दबाव बनाया जा रहा है, इसलिए इनके आपत्तिजनक बयानों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
बयानबाजी के बावजूद सुधाकर, चंद्रशेखर पर कार्रवाई नहीं
नीतीश अब केयर टेकर सीएम, फैसले लेने की ताकत नहीं रही
श्री मोदी ने कहा कि तीन महीने से सुधाकर सिंह की बयानबाजी जारी है, लेकिन उन्हें सिर्फ नोटिस दिया गया। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए तेजस्वी यादव अधिकृत हैं। इसमें लालू प्रसाद की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को उत्तराधिकारी घोषित करने के बाद नीतीश कुमार सिर्फ केयर टेकर मुख्यमंत्री रह गए हैं। वे राजद की कृपा पर इतने निर्भर हैं कि कोई फैसला नहीं कर सकते।
श्री मोदी ने कहा कि कैबिनेट विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है, लेकिन नीतीश कुमार अब इसे भी तेजस्वी यादव के लिए छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरित मानस की निंदा करने वाले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने न अपना दुराग्रही बयान वापस लिया, न मुख्यमंत्री उनके खिलाफ कोई कार्रवाई कर पाये।
श्री मोदी ने कहा कि सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार की निंदा में जिन शब्दों का प्रयोग किया, वैसे शब्द विपक्ष भी इस्तेमाल नहीं करता।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश पर आपातकाल थोपा, सेंसरशिप लागू किया और सैंकड़ों पत्रकारों को जेल में डाल दिया, उसकी गोद में बैठकर जदयू BBC के बहाने प्रेस की आजादी पर छाती पीट रहा है।
BBC की निष्पक्षता 40 साल पहले जैसी नहीं
आयकर सर्वे से प्रधानमंत्री पर बनी डॉक्युमेंटरी का कोई संबंध नहीं
BBC की कंपनी चीनी एजेंसियों के लिए बनाती प्रोपगंडा कंटेंट
श्री मोदी ने कहा कि आज बीबीसी की निष्पक्षता 40 साल पहले जैसी नहीं रही, जिसकी प्रशंसा जेपी आंदोलन के दौर में अनेक राजनेता कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि यद्यपि इस सदी की शुरुआत से ही बीबीसी भारत-विरोधी रवैया अपना रहा है, फिर भी प्रधानमंत्री मोदी पर उसकी विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री और उसके कार्यालयों पर आयकर टीम के सर्वे के बीच कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को गुजरात दंगों से जुडे सभी मामलों में क्लीनचिट मिलने के बाद भी उनकी छवि खराब करने के लिए फिल्म बनाना कोई निष्पक्षता नहीं।
श्री मोदी ने कहा कि बीबीसी ने जब आयकर के दर्जनों नोटिस का जवाब नहीं दिया, तब अफसरों की टीम सर्वे करने गई। इसे छापा (रेड) या सर्च नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने कहा कि आज बीबीसी अपनी स्टोरी वर्क जैसी एजेंसी के जरिये प्रचार सामग्री तैयार कर चीन सहित कई देशों में लाभ कमा रही है। स्वयं बीबीसी के पत्रकार इसके विरुद्ध आवाज उठा चुके हैं।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जब राजीव गाँधी की हत्या में दोषी पाए गए लोगों को रिहा किया जा सकता है, तब पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई भी संभव है और इसके लिए राज्य सरकार को कानून का पालन करते हुए गंभीरता से पहल करनी चाहिए।
राजीव हत्याकांड के दोषी बरी हो सकते हैं, तो आनंद मोहन क्यों नहीं?
कृष्णैया हत्याकांड में सीधे उनकी कोई भूमिका नहीं थी
श्री मोदी ने कहा कि यद्यपि कृष्णैया हत्याकांड में भीड़ को उकसाने या हत्या के अपराध में आनंद मोहन सीधे तौर पर दोषी नहीं थे, फिर भी उन्हें उम्र कैद की सजा हुई। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखा।
उन्होंने कहा कि आनंद मोहन जब 14 साल से अधिक की सजा काट चुके हैं और बंदी के रूप में उनका आचरण भी अच्छा रहा है, तब उन्हें रियायत देकर रिहा करने के कानूनी विकल्पों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाना चाहिए।
श्री मोदी ने कहा कि आनंद मोहन एनडीए के पुराने साथी रहे। उन्होंने नीतीश कुमार के साथ मिल कर चुनाव लड़ा था।
उन्होंने कहा कि एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना आनंद मोहन जी के जीवन और परिवार पर बहुत भारी पड़ी। उन्हें मुक्ति मिलनी चाहिए ताकि वे सार्वजनिक जीवन में योगदान कर सकें।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि झारखंड में राजद के समर्थन से चलने वाली झामुमो सरकार जब पंचायत-निकाय चुनावों में पिछड़ों को आरक्षण देने और जातीय जनगणना कराने से कतरा रही है, तब तेजस्वी प्रसाद यादव बताएँ कि उनकी पार्टी सरकार के साथ क्यों है?
राजद समर्थित सोरेन सरकार ने क्यों नहीं करायी जातीय जनगणना?
लालू प्रसाद झारखंड के विरोधी रहे, चारा घोटाला कर आदिवासियों को लूटा
श्री मोदी ने कहा कि झारखंड में पिछड़ी जातियों को बिना आरक्षण दिये पंचायत चुनाव कराये गए और इसी तरह नगर निकाय चुनाव कराने की तैयारी है।
श्री मोदी ने कहा कि जब देश के सभी राज्यों ने पिछड़ों को आरक्षण देकर निकाय चुनाव कराये, तब झारखंड के साथ अन्याय क्यों किया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा के समर्थन से जातीय जनगणना कराने का निर्णय हुआ और यह काम शुरू भी हुआ, लेकिन झारखंड में जातीय जनगणना क्यों नहीं करायी जा रही है?
श्री मोदी ने कहा कि जब झामुमो जातीय जनगणना के पक्ष में है और उसके प्रतिनिधि भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से भेंट करने वाले सर्वदलीय शिष्टमंडल में शामिल थे, तब सोरेन सरकार जातीय जनगणना से क्यों भाग रही है?
उन्होंने कहा कि राजद अलग झारखंड राज्य के गठन का प्रबल विरोधी था और लालू प्रसाद ने धमकी दी थी कि बिहार का बंटवारा उनकी लाश पर होगा। आज वे किस मुँह से झारखंड के हितैषी बन रहे हैं?
श्री मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद ने बिहार में झामुमो की मदद से अपनी सरकार बचाने की मजबूरी में अलग झारखंड की मांग का समर्थन किया था।
उन्होंने कहा कि लालू राज में गरीब आदिवासियों को लूटने के लिए चारा घोटाला हुआ था। इसके सभी पांच मामलों में लालू प्रसाद को सजा हुई।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अधिकांश धान की कुटाई उसना चावल मिलों से कराने के तुगलकी फरमान के चलते धान खरीद, कुटाई और किसानों को धान के मूल्य का भुगतान करने की पूरी प्रक्रिया चरमरा गई है। धान खरीद के लिए केवल सात दिन का समय बचा है, जबकि खरीद 45 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबवे केवल 32 लाख मीट्रिक टन (एमटी) हुई।
अधिकांश धान उसना चावल मिलों को देने के तुगलकी फरमान से पैक्स गोदाम में जगह नहीं
अरवा चावल मिलों को भी धान लेने की अनुमति दे सरकार
अगले सीजन में उसना चावल मिलों की संख्या बढायें
श्री मोदी ने कहा कि राज्य में उसना चावल की खपत ज्यादा है, लेकिन उसना चावल बनाने वाली मिलें कम ( मात्र 156) हैं। अरवा चावल की मिलें ज्यादा (2500) हैं।
उन्होंने कहा कि 32 लाख एमटी धान से 30 लाख एमटी चावल तैयार होना था, लेकिन केवल 6लाख एमटी चावल तैयार हुआ।
#PatnaHighCourt
श्री मोदी ने कहा कि सरकार नियमों को और शिथिल कर अरवा चावल मिलों को भी धान कुटवाने की अनुमति देे और अगले खरीद सीजन में उसना चावल मिलों की संख्या दोगुना बढाने के उपाय करे, ताकि किसानों को धान बेचने और भुगतान पाने के लिए लंबा इंतजार न करना पडे।
उन्होंने कहा कि एक चावल मिल से 25-30 पैक्सों को सम्बद्ध करने से एक पैक्स से धान लेने की बारी महीने भर बाद आ रही है। लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पैक्स गोदाम भरे पड़े हैं। उनके आगे ट्रकों की लाइन लगी है।
श्री मोदी ने कहा कि अन्नदाता परेशान हैं। उनके धान खरीदने में समस्याएं आ रही हैं,लेकिन मुख्यमंत्री समाधान यात्रा में इस मुद्दे का संज्ञान तक नहीं ले पाये।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने भले ही तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है, लेकिन उन्हें न उनकी पार्टी स्वीकार करेगी और न बिहार की जनता लालू-राबड़ी के उस डरावने दौर में लौटना चाहेगी।
लालू-राबड़ी राज के दौर में नहीं लौटना चाहता प्रदेश
लालू-नीतीश को दिये गए 15-15 साल, अगला सीएम भाजपा का होगा
श्री मोदी ने कहा कि लोग उस दौर को नहीं भूले हैं, जब हत्या ,बलात्कर, फिरौती के लिए अपहरण और लूटपाट की घटनाएँ आम थीं, लेकिन विकास ठप था। बाजार शाम को ही अपराधियों के डर से बंद हो जाया करते थे।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को देखते ही लोगों को याद आ जाता है वह दौर , जब सड़कें जर्जर थीं, गांव लालटेन युग के अँधेरे में थे और शहरों को बमुश्किल 10 घंटे बिजली मिलती थी।
श्री मोदी ने कहा कि जनता ने लालू-राबड़ी परिवार और नीतीश कुमार को 15-15 साल देकर देख लिया।
उन्होंने कहा कि अब 2025 में या जब भी विधानसभा के चुनाव होंगे, जनता भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार को एक मौका अवश्य देगी। अगला मुख्यमंत्री भाजपा का होगा।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि उद्योगपति गौतम अडाणी के मामले में कांग्रेस दोहरा रवैया अपना रही है और संसद में चर्चा करने के बजाय सदन को बाधित कर रही है।
अडाणी मुद्दे पर कांग्रेस, नीतीश और वामपंथियों का चरित्र दोहरा
बिहार सरकार ने इंवेस्टर्स मीट में अडाणी के प्रतिनिधि को क्यों आमंत्रित किया ? क्या नीतीश कुमार बिहार को बेच रहे थे?
राजस्थान में अशोक गहलोत ने अडाणी से सौर ऊर्जा क्षेत्र में 65000 करोड़ का निवेश कराने के लिए कौड़ियों के भाव जमीन दी।
केरल सरकार आडानी द्वारा बनाए जा रहे विझिजाम अन्तरराष्ट्रीय बंदरगाह के पक्ष में खुटा ठोक कर कड़ी है।
अडाणी मुद्दे पर सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार, इसमें न सरकार की कोई भूमिका, न कोई रियायत दी गई।
श्री मोदी ने कहा कि राहुल गांधी “भारत जोड़ो यात्रा” के दौरान अडाणी समूह पर अनर्गल आरोप लगाते रहे, जबकि कांग्रेस शासित राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अडाणी से सौर ऊर्जा क्षेत्र में 65000 करोड़ का निवेश कराने के लिए इसी अडाणी समूह को कौड़ियों के भाव जमीन देने की घोषणा करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही नहीं, बिहार में नीतीश कुमार और केरल में वाम मोर्चा सरकार भी अपने यहाँ पूंजी निवेश के लिए तो अडाणी की आरती उतारते हैं, लेकिन जब इस समूह को भाजपा शासित राज्य में कोई काम दिया जाता है, तब “देश बेच दिया” का शोर मचाया जाता है।
श्री मोदी ने कहा कि अगर अडाणी समूह में पेशेवर ईमानदारी की कमी है, तो बिहार सरकार ने इंवेस्टर्स मीट में अडाणी के प्रतिनिधि को क्योंआमंत्रित किया था? नीतीश कुमार ने उनसे निवेश की अपील क्यों की थी? तब क्या नीतीश कुमार बिहार को बेच रहे थे ?
उन्होंने कहा कि अडाणी को लेकर विपक्षी पाषंड की पराकाष्ठा यह कि केरल की वाम मोर्चा सरकार विझिजाम में बन रहे अन्तरराष्ट्रीय बंदरगाह के पक्ष में खडी है, जबकि स्थानीय जनता आडानी द्वारा विझिजाम में बन रहे अन्तरराष्ट्रीय बंदरगाह का विरोध कर रही है।
राजस्थान और केरल के अलावा छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, झारखंड और आंध्र प्रदेश में राज्य सरकारों के सहयोग से आडानी समूह खरबों रुपए का निवेश कर रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि अडाणी समूह के मुद्दे पर केंद्र सरकार नियमानुसार चर्चा के लिए तैयार है। राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट पर जो कुल 24 घंटे चर्चा के लिए तय हैं, उसमें विपक्ष कम से कम 6 घंटे अडाणी सहित किसी भी मुद्दे पर अपनी बात रख सकता है। लेकिन विपक्ष की मंशा चर्चा की नहीं, केवल हंगामा कर प्रचार पाने की है।
उन्होंने कहा कि अडाणी मामले में न सरकार की कोई भूमिका है और न इस समूह को कोई रियायत देने या पक्षपात करने का प्रमाण सामने आया है। विपक्ष का अभियान दुराग्रह और दोहरेपन से संचालित है।
श्री मोदी ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक ने साफ कर दिया है कि अडाणी समूह को जो भी कर्ज दिये गए हैं, उसके एवज में आर्थिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने कहा कि जब अडाणी के शेयर संबंधी मामलों की निगरानी सेबी और भारतीय रिजर्व बैंक कर रहे हैं, तब विपक्ष को छाती पीटने की जरूरत नहीं है। देश की अर्थव्यवथा ईमानदार और मजबूत हाथों में है।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 1995 के विधानसभा चुनाव से लेकर 2014 के संसदीय चुनाव तक नीतीश कुमार की पार्टी जब भी अकेले चुनाव लड़ी, उसे अपनी औकात का एहसास होता रहा। हर चुनाव में भाजपा की सफलता दर ( स्ट्राइक रेट) जदयू से ज्यादा रही।
1995 से अब तक भाजपा का स्ट्राइक रेट हमेशा जदयू से ज्यादा रहा
उनका वोट कहाँ था, जब विधानसभा की 7 और लोकसभा की 2 सीटें मिली थीं
जदयू की कम सीटों के बाद भी हमने वर्ष 2000 और 2020 में उन्हें सीएम बनाया
लालू प्रसाद को सजा दिलाने में नीतीश, शिवानंद और ललन सिंह का हाथ
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बार-बार भाजपा की शरण में आते और पलटी मारते रहे, लेकिन अब उनके लिए हमारे दरवाजे बंद हो चुके हैं।
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार जिस अल्पसंखयक वोट को “हमारा वोट” कह रहे हैं, वह कहाँ था, जब उन्हें विधानसभा की मात्र 7 सीट और संसदीय चुनाव में केवल 2 सीटें मिली थीं ?
उन्होंने कहा कि सन् 2000 के चुनाव में भाजपा को 65 सीटें और जदयू को 35 सीटें मिली थीं, फिर भी हमने उन्हेंं मुख्यमंत्री बनाया था।
उन्होंने कहा कि 2015 में जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाने और 9 महीने में उनकी कुर्सी छीनने के बाद हताश नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ आने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें दूर ही रखा।
श्री मोदी ने कहा कि मात्र दो साल में लालू प्रसाद से मोहभंग के बाद जब नीतीश कुमार ने 2017 में अपनी सरकार बचाने के लिए फिर भाजपा के द्वार खटखटाए, तब जंगलराज की वापसी टालने के लिए भाजपा ने उनका बिना शर्त समर्थन किया था।
उन्होंने कहा कि 2020 के चुनाव में नीतीश कुमार की लोकप्रियता इतनी घट गई कि जदयू मात्र 44 सीटों पर सिमट गया। इसके लिए कोई दूसरा जिम्मेदार नहीं। जदयू की कम सीटों के बावजूद भाजपा ने वर्ष 2000 की तरह नीतीश कुमार को फिर मुख्यमंत्री बनाया। अब वे सब-कुछ भुला देना चाहते हैं।
श्री मोदी ने कहा कि आज लालू प्रसाद की जो हालत है, उसके लिए भी नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं। उनके इशारे पर ही चारा घोटाला और बेनामी सम्पत्ति जैसे मामलों में शिवानंद तिवारी और ललन सिंह अदालत या जांच एजेंसियों को सबूत के कागजात उपलब्ध कराते रहे। आज भले ये तीनों लोग लालू प्रसाद के हितैषी बन रहे हों, लेकिन उन्हेंं सजा दिलाने में इन्हीं का हाथ था।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू से अब भविष्य में किसी भी परिस्थिति में कोई समझौता नहीं करने के भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पार्टी में अपने बूते सरकार बनाने का आत्मविश्वास मजबूत होगा।
उनके लौटने का भ्रम फैला रहे थे जद-यू के बड़े नेता
दो-टूक निर्णय से आत्मविश्वास बढा, भाजपा अपने बूते बनायेगी सरकार
श्री मोदी ने कहा कि पिछले साल 9 अगस्त को नीतीश कुमार के राजद के साथ जाने के बाद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व और कार्यकर्ता बिहार में नीतीश-मुक्त राजनीति पर एकमत हो चुके हैं, जबकि जदयू के कुछ बड़े नेता नीतीश कुमार की वापसी को लेकर भ्रम फैला रहे थे।
उन्होंने कहा कि दरभंगा में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति ने नीतीश कुमार को लेकर सारे भ्रम दूर कर दिये।
श्री मोदी ने कहा कि भाजपा और जनादेश को बार-बार धोखा देने वाले नीतीश कुमार बिहार की राजनीति में बोझ बन गये हैं। उनके पास न जनाधार है, न वोट ट्रांसफर कराने की क्षमता। उनकी हैसियत अब विधान सभा की 10-15 सीट जीतने की भी नहीं रह गयी है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से अब इस जिंदगी में कभी कोई समझौता नहीं होगा।
श्री सुशील मोदी ने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी 43 सीट भी इसलिए जीत पायी कि भाजपा ने सारी ताकत झोंक दी थी और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार आकर नीतीश कुमार की पार्टी के लिए प्रचार किया था।
उन्होंने कहा कि यदि पीएम मोदी ने नीतीश कुमार के लिए वोट न मांगे होते, तो अपने बल पर उनकी पार्टी लोकसभा की 15 नहीं, सिर्फ दो सीट जीत पाती।
श्री मोदी ने कहा कि भाजपा आज राजनीतिक बोझ से मुक्त होने का अनुभव कर रही है और खुश है कि वे छोड़ कर चले गये । अब पार्टी अपनी ताकत के बल पर 2025 में बिहार में सरकार बनायेगी।
उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा प्रचंड बहुमत से जीतेगी और नरेंद्र मोदी फिर प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करेंगे। बिहार इस जन आकांक्षा को पूरा करने में शत प्रतिशत योगदान करेगा।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सत्ता में आते ही राजद “भूरा बाल साफ करो” के लालू-मंत्र पर खुल कर काम करने लगा। सरकार के एक मंत्री ने रामचरित मानस की निंदा की और दूसरे मंत्री पूरे सवर्ण समाज को अंग्रेजों का दलाल बता कर समाज को अगड़े-पिछड़े में बाँटने का एजेंडा चला रहे हैं। राजद कभी “माई ” से बाहर आकर “ए-टू-जेड” की पार्टी नहीं बन सकता।
मंदिर, मानस और सवर्णों की निंदा करने वाले लोग “फूट डालो-राज करो” की नीति पर
गरीब सवर्णों को 10 फीसद आरक्षण का विरोधी राजद केवल “माई”की पार्टी
नीतीश कुमार और उनकी पार्टी उन्माद फैलाने वाले मंत्रियों के आगे बेबस
श्री मोदी ने कहा कि स्वाधीनता की लड़ाई में बाबू कुँवर सिंह से लेकर जयप्रकाश नारायण तक सवर्ण समाज की अनेक विभूतियों ने संघर्ष किया, जेल गए और नये भारत के निर्माण में योगदान किया। इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने जब सवर्ण समाज के गरीब लोगों को 10 फीसद आरक्षण दिया, तब राजद ने इसका भी विरोध किया।
श्री मोदी ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” लेकर देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा में आज मंडल और कमंडल पूरी एकजुटता से साथ हैं। हम उन ताकतों से लड़ रहे हैं, जो देश की अखंडता और समाज की एकता पर आघात करते हैं।
उन्होंने कहा कि राजद खुद अंग्रेजों की ” फूट डालो-राज करो” की कुटिल नीति का गुलाम है। इस मंशा को भाजपा कभी सफल नहीं होने देगी।
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार का जदयू जब लालू प्रसाद के गोड़ पर गिर चुका है और उसके विद्वेष फैलाने वाले मंत्रियों के आगे मुख्यमंत्री बेचारे हैं, तब नफरती राजनीति का जवाब सिर्फ भाजपा ही दे सकती है।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जदयू- राजद के नेताओं में जातीय-धार्मिक उन्माद भड़काने वाले बयान देने की होड़ लगी है। पूरे देश को कर्बला की युद्ध भूमि बना देने की जद यू के गुलाम रसूल बलियावी की धमकी इसकी ताजा मिसाल है। नीतीश कुमार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
जदयू-राजद में विद्वेष भड़काने वाले बयान देने की होड़ लगी
बिगड़े बोल वालों पर मुख्यमंत्री का कोई नियंत्रण नहीं
उन्होंने कहा कि राजद कोटे के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर रामचरित मानस की निंदा कर जातीय विद्वेष फैला रहे हैं और सहकारिता मंत्री सुरेंद्र यादव भारतीय सेना के पराक्रम को चुनाव से जोड़ कर उसका अपमान कर रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि दुर्भाग्यवश, ऐसे जहरीले बयान देने वालों पर नीतीश कुमार का न कोई नियंत्रण है , न उन्हें कुछ पता रहता है। वे एक कमजोर-बेचारे मुख्यमंत्री की तरह समय काट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक तरफ बलियावी देश को गृहयुद्ध में झोकने की धमकी दे रहे हैं और दूसरी तरफ उसी समुदाय से आने वाले राजद के अब्दुल बारी सिद्दिकी को भारत में डर लग रहा है। धमकाने वाला समुदाय डरा हुआ कैसे हो सकता है?
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि श्रीरामचरित मानस की निंदा करने वाले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के बयान का बचाव कर राजद ने हिंदू समाज को आहत किया और अब वह इसे अगड़े-पिछड़े की लड़ाई बताने की साजिश में लग गया है।
-चंद्रशेखर के बयान को अगड़े-पिछड़े की लड़ाई बनाना चाहता है राजद
-लालू प्रसाद बिहार को अब 1990 के दौर में नहीं लौटा सकेंगे
-शिक्षा मंत्री के विरुद्ध 30 जिलों मे दायर हुए मुकदमे
श्री मोदी ने कहा कि ‘मानस’ में सभी हिंदुओं की आस्था है और आज मंडल-कमंडल दोनों भाजपा के साथ हैं। अब लालू प्रसाद बिहार को 1990 के दौर में नहीं लौटा सकेंगे। वह जमाना लद चुका है।
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर के विरुद्ध 30 से अधिक जिलों की सीजेएम अदालत में धारा 153-ए, 153-बी, 205-ए और 505 के तहत मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
श्री मोदी ने कहा कि आइपीसी की इन धाराओं के अन्तर्गत बोल कर या लिख कर धार्मिक भावनाएँ आहत करने, समाज में धर्म-जाति के आधार नफरत फैलाने और राष्ट्रीय अखंडता पर चोट करने जैसे अपराध में तीन साल तक के कारावास , जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर के विरुद्ध दायर ये मुकदमें कई संवेदनशील व्यक्तियों एवं सामाजिक संगठनों की ओर से दायर किये गए हैं। पूरे हिंदू समाज में रोष है, लेकिन नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने ऐसे बयान की निंदा तक नहीं की।
श्री मोदी ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की ओर से हर जिले में मानस पाठ कर मानस-विरोधी शिक्षा मंत्री के लिए सद्बुद्धि की कामनाएँ की जा रही हैं।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जब भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की टिप्पणी से एक समुदाय की भावनाएँ आहत हुईं, तब पार्टी ने तुरंत उनके खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन जब शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने श्रीरामचरित मानस की निंदा कर हिंदू समाज की भावनाओं को आहत किया, तब उनके खिलाफ कार्रवाई करने में नीतीश कुमार अपनी बेचारगी जाहिर कर रहे हैं।
नूपुर शर्मा पर भाजपा ने तुरंत की थी कार्रवाई
चंद्रशेखर और सुधाकर सिंह के जरिये राजद ने नीतीश को कृपा पात्र बनाया
सुधाकर सिंह को देर से दिया गया नोटिस सिर्फ दिखावा
श्री मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री इतने कमजोर हो चुके हैं कि चंद्रशेखर को बर्खास्त करना तो दूर, उनसे लिखित स्पष्टीकरण तक नहीं मांगा।
उन्होंने कहा कि अगर चंद्रशेखर ने नीतीश कुमार के “समझाने” पर भी अपना बयान वापस नहीं लिया, बल्कि उस पर अड़े हुए हैं, तो जाहिर है कि मुख्यमंत्री कितने कमजोर हो चुके हैं। वे अब केवल राजद की कृपा से कुर्सी पर बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि नूपुर शर्मा ने किसी सरकारी कार्यक्रम में नहीं, बल्कि एक निजी टीवी चैनल पर बहस के दौरान भगवान शंकर पर अभद्र टिप्पणी करने के जवाब में अपनी बात इस्लामी किताबों के हवाले से कही थी, फिर भी उन्हें दंडित किया गया।
श्री मोदी ने कहा कि राजद कोटे के मंत्री चंद्रशेखर ने तो दीक्षांत समारोह जैसे सरकारी और गरिमामय कार्यक्रम में बिना किसी उकसाने के मानस को “नफरत फैलाने वाला ग्रंथ” बताकर करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर आघात किया, फिर भी उनके विरुद्ध सरकार और उनकी पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह रवैया महागठबंधन के हिंदू-विरोधी दुराग्रह की पराकाष्ठा है।
श्री मोदी ने कहा कि चंद्रशेखर और सुधाकर सिंह के बयान नीतीश कुमार को लगातार कमजोर बना रहे हैं। इन दोनों पर लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव का वरदहस्त है।
उन्होंने कहा कि राजद ने पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह को नोटिस देने में 15 दिन देर की और जवाब देने के लिए भी 15 दिन का लंबा समय दे दिया। नोटिस केवल दिखावा है।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर बिहार के युवाओं को क्या तेजस्वी यादव की तरह नॉन-मैटिक छात्र और माता-पिता की सत्ता का दुरुपयोग कर 22 साल की उम्र में अरबों रुपये की 53 सम्पत्ति का मालिक बनने की नसीहत दे रहे हैं?
क्या नॉन-मैट्रिक और बेनामी सम्पत्ति बनाने वाला ” तेजस्वी” होना चाहिए बिहारी युवा ?
Should the Bihari youth be “Tejasvi” who creates non-matriculation and benami property?
श्री मोदी ने कहा कि श्रीराम का नायकत्व स्थापित करने वाले धर्मग्रंथ मानस की निंदा कर चंद्रशेखर अब अपने ट्वीट से तेजस्वी यादव को समाज का नायक बनाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदू भावनाओं का अपमान करने के कारण जिस मंत्री को पार्टी से निष्कासित और मंत्री-पद से बर्खास्त करना चाहिए था, उसे अपनी प्रशंसा पर मुग्ध तेजस्वी यादव बचाब कर रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि जब नीतीश कुमार मानस-निंदक शिक्षा मंत्री से बयान वापस लेने का आग्रह करने की बात कह रहे हैं और उनके डिप्टी सीएम उसी मंत्री का बचाव कर रहे हैं, तब जाहिर है कि महागठबंधन में दरार अब शिखर तक चौड़ी हो गई है।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि श्रीरामचरित मानस की निंदा करने वाले मंत्री चंद्रशेखर का बचाव करने वाले RJD में यदि हिम्मत है तो वह कुरआन की विवादास्पद आयतों और मुस्लिम समाज में प्रचलित बहु-विवाह, तीन तलाक, निकाह हलाला, हिजाब और 15 साल की रजस्वला नाबालिक बेटियों के विवाह को जायज ठहराने जैसे मुद्दों पर टिप्पणी करे।
BJP ने नूपुर शर्मा के विरुद्ध कार्रवाई की, चंद्रशेखर को पार्टी से निकालें तेजस्वी
राम मंदिर, मानस की निंदा और तीन तलाक का समर्थन क्यों ?
लडकियों के विवाह की समान उम्र, समान नागरिक संहिता का विरोध वोटबैंक की राजनीति
लालू प्रसाद की पार्टी के लिए हिंदू भावनाओं का कोई मोल नहीं
श्री मोदी ने कहा कि RJD बताये कि वह सभी भारतीय नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता के विरुद्ध क्यों है, जबकि बाबा साहब रचित संविधान में इस संहिता को लागू करने का मतव्य दिया गया है?
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सभी धर्मों की लड़कियों के लिए विवाह की वैधानिक आयु समान रखने के पक्ष में है, लेकिन लालू प्रसाद की पार्टी नाबालिग मुस्लिम लड़कियों की शादी के मामले में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की दकियानूसी राय के साथ क्यों खड़ी है?
उन्होंने कहा कि फौरी तीन तलाक को अवैध घोषित करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राजद ने चुप्पी क्यों साध ली?
श्री मोदी ने कहा कि RJD वोट बैंक के लिए तीन तलाक का समर्थन करता है और इसी मंशा से मुस्लिम महिलाओं के लैंगिक समानता के अधिकार का विरोध करता है।
उन्होंने कहा कि RJD मुस्लिम समाज की भावनाओं के आगे घुटने टेक कर उनकी मध्यकालीन कुरीतिओं तक का विरोध नहीं करता,जबकि राम मंदिर और हिंदू धर्मग्रंथ के विरुद्ध जहर उगलने वाले जगदानंद और चंद्रशेखर का बचाव करता है।
श्री मोदी ने कहा कि जब BJP की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की टिप्पणी से एक समुदाय की भावनाएँ आहत हुईं, तब पार्टी ने तुरंत उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। अब तेजस्वी यादव बतायें कि मानस-निंदक चंद्रशेखर के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या राजद के लिए बहुसंखयक हिंदुओं की भावनाओं का कोई मोल नहीं है? यह अहंकार पार्टी पर भारी पड़ेगा।
तेजस्वी सत्ता, संगठन और विचारधारा के बीच इस तरह उलझता जा रहा है कि वो तय नहीं कर पा रहा है कि करना क्या है और इस वजह से उनके पार्टी के अंदर भी और बाहर भी ऐसे लोग जिनको किसी से किसी विषय को लेकर व्यक्तिगत खुंदक रहा है वो साधना शुरु कर दिये हैं। और इसका असर यह हो रहा है कि सरकार अस्थिर होने वाली है ऐसा इमेज लगातार बढ़ता जा रहा है ऐसे में तेजस्वी को पार्टी के तमाम बड़े नेता और विधायक सांसद से मिल बैठ कर बात करनी चाहिए।
यही स्थिति रही तो आने वाले समय में विवाद कम ने के बजाय बढ़ेगा और इसका असर पार्टी के जनाधार पर भी पड़ेगा,क्योंकि सरकार चलाने का जो नीतीश फार्मूला है उससे ना तो राजद के मंत्री संतुष्ट है और ना ही विधायक और ना ही गांव में मौजूद पार्टी का कार्यकर्ता। ऐसे में मिशन 2024 के सहारे लोकसभा चुनाव में बहुत बड़े बदलाव की जो बात महागठबंधन सोच रही है उसकी हवा निकल जाए तो कोई बड़ी बात नहीं होगी क्योंकि गवर्नेंस को लेकर गांव स्तर पर नाराजगी बढ़ती जा रही है जिसमें शराबबंदी कानून एक बड़ी वजह है बिहार के लगभग हर गांव में आठ से दस परिवार इस कानून से किसी ना किसी रूप में प्रभावित है जो वोट में परिणत होगा ये साफ दिख रहा है । वही ब्लांक और थाना स्तर पर जो खेल चल रहा है उससे सबसे अधिक प्रभावित लालू और नीतीश का ही वोटर है।
गठबंधन बदलने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है ऐसे में सरकार गठन के पांच माह ही हुए हैं राजद सहित महागठबंधन के तमाम विधायक ,मंत्री और कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ना शुरु हो गया है मंत्री को सचिव चलने नहीं देता है, विधायक का कोई सुनने वाला नहीं है, पार्टी कार्यकर्ताओं का हाल तो और भी बुरा है विपक्ष में था तो धरना प्रदर्शन भी कर लेता था अब तो कुछ कर भी नहीं पा रहा है।
संकट इतना ही नहीं है तेजस्वी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि जदयू राजद नहीं है और फिर योजनाओं के सहारे सत्ता में बने रहने का थ्योरी पूरे देश में एक समय बाद फेल हुआ है यह भी सत्य है ।
क्यों कि बीजेपी,वामपंथी और कांग्रेस के पास कार्यकर्ताओं को जोड़े रखने का एक अपना तरीका रहा है समय समय पर कार्यक्रमों के सहारे उसको मजबूती देता रहता है लेकिन क्षेत्रीय दलों के साथ यह बड़ी समस्या है ।
आज जदयू का क्या हश्र है पोलिंग एजेंट नहीं मिल रहा है कई गांव ऐसा मिल जाएगा जहां जदयू का कार्यकर्ता बचा ही नहीं है। स्थिति तो यह है कि पार्टी चलाने के लिए प्रखंड अध्यक्ष नहीं मिल रहा है समता पार्टी के समय के जो लोग बचे हुए है काम चलाने के लिए उनको पार्टी की जिम्मेवारी दे दी जा रही है हाल यह है कि कई जिलों में तो जिला अध्यक्ष विधायक या पूर्व सांसद है। यू कहे तो जदयू का पार्टी संगठन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है सरकार में रहने के कारण कही कही टिमटिमा रहा है। वजह नीतीश कुमार कि यह सोच योजनाओं और गवर्नेंस के सहारे पार्टी चला लेंगे । तेजस्वी राजद का जो टीम दिल्ली है उसके झांसे में आ गये हैं कि बस सरकार में बने रहना है और चुनाव के दौरान जो वादा किये थे उसको पूरा करते हुए दिखना है इसी के सहारे चुनाव निकाल लेगे।
आज की राजनीति यही है इस टीम दिल्ली को यह भी देखना चाहिए कि 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान जो जीत हुई है उसमें चिराग की पार्टी का क्या योगदान रहा है क्यों कि लोकसभा चुनाव में शून्य पर आउट होने वाली पार्टी रातो रात कैसे बिहार का नम्बर वन पार्टी बन गया।
संगठन की बात करे तो राजद की स्थिति बिहार में इस वक्त कुल मतदान केन्द्रों में मात्र 40 प्रतिशत मतदान केन्द्र तक ही सीमित है यह सच्चाई है ऐसे मेंं बिना विचार के सहारे मोदी को परास्त करना दिन में सपने देखने जैसा है क्यों कि विचार ही एक ऐसी कड़ी है जो जाति धर्म,मजहब और पार्टी सबके दायरे को तोड़ कर लोग मतदान केन्द्रों पर पहुंचते ही नहीं है लोगों को प्रेरित भी करते हैं, और उसमें सरकार की योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंच गयी तो जीत का राह और आसान हो जाता है।
ऐसे में सिर्फ सत्ता में बने रहने से मोदी को हराना संभव नहीं है राहुल की तरह विचार के साथ सड़क पर उतरना होगा लोगों के बीच जाना होगा तेजस्वी इस दुविधा में फँस गये हैं करे तो करे क्या संगठन का अलग मांग है ,विचारधारा एक अलग तरह का तनाव दे रहा है विधायक और पार्टी के नेता एक अलग समस्या है वैसे राजनीति में जो विवादों का बेहतर समन्वय करता है वही आगे बढ़ता है ।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि श्रीरामचरित मानस पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर पर जगह-जगह मुकदमे दर्ज होने चाहिए और उनका ऐसा विरोध किया जाना चाहिए कि वे किसी कॉलेज में न घुसने पाएँ।
राज्य सरकार के मंत्रियों पर नीतीश कुमार का नियंत्रण नहीं
महागठबंधन में पूरी अराजक स्थिति, मतभेद सार्वजनिक
श्री मोदी ने कहा कि जदयू के एक विधायक ने प्रोसेसर चंद्रशेखर का मानसिक संतुलन ठीक न होने की बात कह कर उन्हें हिंदू धर्म छोड़ने और इस्लाम या ईसाई पंथ में मतान्तरण कर लेने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि राजद से हाथ मिलाने के बाद मंत्रियों पर नीतीश कुमार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है।
उन्होंने कहा कि जिन्हें शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई , वे छात्रों-शिक्षकों की समस्याएँ हल करने के बजाय लोकप्रिय हिंदू धर्म ग्रंथ रामचरित मानस की निंदा कर समाज में कटुता पैदा करने पर उतर आए।
श्री मोदी ने कहा कि सत्तारूढ़ महागठबंधन में पूरी अराजक स्थिति है। मानस-निंदा प्रकरण में जदयू और राजद के बड़े नेता परस्पर-विरोधी बयान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजद में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी और विधायक विजय मंडल शिक्षा मंत्री के बयान को गलत मानते हैं, जबकि प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद मानस-निंदक मंत्री के विचारों के साथ खड़े हैं।
श्री सुशील मोदी ने कहा कि जदयू अध्यक्ष ललन सिंह के मुताबिक उनकी पार्टी मजबूत हुई है, लेकिन संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को संगठन में कमजोरी महसूस हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार और महागठबंधन में तीखे मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं, जबकि नीतीश कुमार, लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव चुप्पी साधकर तमाशा देख रहे हैं।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार के विकास का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं मिले, केवल इसलिए नीतीश कुमार दरभंगा में एम्स की स्थापना और सड़क निर्माण की बड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे विकास कार्यों पर भी राजनीति कर रहे हैं।
दरभंगा एम्स के लिए 200 एकड़ जमीन नहीं दे पायी सरकार
1200 करोड़ से बिहार के लिए दूसरा एम्स प्रस्तावित
दरभंगा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भी असहयोग का रवैया
श्री मोदी ने कहा कि यदि राज्य सरकार ने जमीन उपलब्ध करायी होती , तो 1200 करोड़ की लागत से दरभंगा में एम्स की स्थापना हो गई होती और जम्मू-कश्मीर के बाद बिहार दूसरा राज्य होता, जहाँ दो आयुर्विज्ञान संस्थान होते।
उन्होंने कहा कि दरभंगा और महाराष्ट्र के नागपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बनाने के लिए शिलान्यास एक साथ हुआ था। नागपुर एम्स तैयार हो गया, लेकिन दरभंगा एम्स के लिए 200 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने में राज्य सरकार 6 साल से टालमटोल कर रही है।
श्री मोदी ने कहा कि पटना के बाद राज्य का दूसरा एम्स दरभंगा में होता, जिससे उत्तर बिहार की बड़ी आबादी को बाहर जाने की जहमत नहीं उठानी पड़ती।
उन्होंने कहा कि पहले तो नीतीश सरकार नया एम्स बनाने के बजाय दरभंगा मैडिकल कालेज हॉस्पिटल (डीएमसीएच) को ही एम्स के रूप में अपग्रेड करने की दलील देकर जमीन देने से बचना चाहती थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे नीतिगत आधार पर अमान्य कर दिया।
श्री मोदी ने कहा कि महीनों बाद डीएमसीएच परिसर में ही एम्स के लिए मात्र 50 एकड़ भूमि दी गई। फिर अशोक पेपर मिल के विवादास्पद परिसर में 200 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया गया। अब कहीं और भूमि देने की बात है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जमीन देने का फैसला करने में ही इतनी देर कर दी कि एम्स की स्थापना का काम सालों पिछड़ गया।
श्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार की तत्परता से दरभंगा हवाई अड्डे से विमान सेवाएँ शुरू तो हो गईं, लेकिन इसके विस्तार के लिए जमीन देने में फिर राज्य सरकार हीला-हवाली कर रही है, ताकि इसका श्रेय केंद्र को न मिलने पाए।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वोट दिलाने की क्षमता खोकर अब राजद के लिए बोझ बन चुके हैं। पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह तो मुखर हैं, लेकिन उनकी पार्टी के अधिकतर विधायकों में नाराजगी है। विद्रोह की स्थिति है।
सीएम के विरुद्ध बोलने वालों को चेतावनी देना सिर्फ दिखावा
जो व्यक्ति सहयोगी दल के लिए बोझ, उसे पीएम- प्रत्याशी बता रहे ललन सिंह
श्री मोदी ने कहा कि सुधाकर सिंह सीएम के लिए लगातार ” शिखंडी, नाइट वॉचमैन, तानाशाह ” जैसे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई करने के बजाय उन्हें केवल चेतावनी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि सुधाकर सिंह के विरुद्ध कार्रवाई करने में तेजस्वी यादव सक्षम हैं और यह कोई ऐसा काम भी नहीं कि खरमास बीतने की प्रतीक्षा की जाए।
श्री मोदी ने कहा कि राजद नेतृत्व एकतरफ नीतीश कुमार का अपमान करा रहा है, तो दूसरी तरफ ऐसा करने वालों को सिर्फ दिखावे के लिए कार्रवाई करने की धमकी दे रहा है। सब-कुछ सोची-समझी रणनीति है।
उन्होंने कहा कि सुधाकर सिंह को नोटिस तक नहीं दिया गया, इसलिए अब दूसरे विधायक भी मुख्यमंत्री के विरुद्ध बयान देने लगे।
श्री मोदी ने कहा कि जिस नीतीश कुमार को बिहार में जदयू का प्रमुख सहयोगी दल बोझ मानकर उनसे मुक्ति पाना चाहता है, उसे आत्ममुग्ध जदयू अध्यक्ष ललन सिंह प्रधानमंत्री-पद का दावेदार बता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस नीतीश कुमार के बूते जदयू विधानसभा की 45 सीट जीत नहीं सकता और 2014 में जो दल लोकसभा की केवल 2 सीट जीत सका था, उसे प्रधानमंत्री बनाने का सपना दिखाया जा रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि केजरीवाल, ममता बनर्जी सहित कई मुख्यमंत्री अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र में सीमित राजनीतिक सफलता के मानकों पर प्रधानमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार से ज्यादा बड़े दावेदार हैं, लेकिन ये सभी किसी और को पीएम-प्रत्याशी स्वीकार करने को राजी भी नहीं ।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भाजपा हमेशा जातीय जनगणना के पक्ष में रही और 2 जून 2022 को बिहार में जातीय जनगणना कराने का कैबिनेट का फैसला भी उस सरकार का था, जिसमें दो उपमुख्यमंत्री भाजपा के थे। महागठबंधन को इसका श्रेय लूटने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
तेजस्वी यादव बतायें कि इसे लागू करने में 7 महीने देर क्यों हुई?
बिहार विधानमंडल, संसद और पीएम से मिलने वाले प्रतिनिधित्वमंडल तक में भाजपा ने किया जातीय जनगणना का किया समर्थन
श्री मोदी ने कहा कि भाजपा ने विधान सभा और विधान परिषद में जातीय जनगणना का समर्थन किया। हमारी पार्टी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में भी शामिल थी। ये सारी बातें ऑन रिकार्ड हैं।
उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना कराने का फैसला जिस एनडीए सरकार ने किया, उसमें तेजस्वी प्रसाद यादव डिप्टी सीएम नहीं थे।
श्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2011 में जब सामाजिक, आर्थिक और जातीय आधार पर जनगणना कराने पर संसद में चर्चा हुई, तब भी भाजपा ने इस मांग का समर्थन किया था।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक और तेलंगाना के बाद बिहार तीसरा राज्य है, जहां भाजपा के समर्थन से जातीय जनगणना शुरू हो रही है।
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव बतायें कि जब जातीय जनगणना शुरू कराने देने का फैसला जून 2022 में हुआ था, तब यह काम सात महीने देर से जनवरी 2023 में क्यों शुरू कराया जा रहा है? श्रेय लेने वालों को इसका जवाब देना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में अतिपिछड़ों को आरक्षण देने के लिए गठित विशेष आयोग की रिपोर्ट अब तक सार्वजानिक नहीं की गई। क्या सरकार गारंटी देगी कि जातीय जनगणना की रिपोर्ट सार्वजानिक की जाएगी ?
श्री सुशील मोदी ने कहा कि जातीय जनगणना में लोगों से क्या-क्या सवाल पूछे जाएँगे और गणना की प्रकिया क्या होगी, इसकी जानकारी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को देने के लिए सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सचिवालय सहायक पद के परीक्षार्थियों और शिक्षक अभ्यर्थियों में व्याप्त रोष के डर से नीतीश कुमार की यात्रा के दौरान चम्पारण में सैंकड़ों युवाओं को हाउस-अरेस्ट रखा गया। क्या युवाओं को घरों में नजरबंद करना समस्या का समाधान है?
ललन सिंह का बयान युवाओं के प्रति संवेदनहीनता का सूचक
बार-बार पेपर लीक रोकने के लिए आनलाइन परीक्षाएँ ली जाएं
श्री मोदी ने कहा कि राजधानी में परीक्षार्थियों पर लाठीचार्ज को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह जायज ठहरा रहे हैं और घटना के 48 घंटे बाद मुख्यमंत्री और गृह विभाग के मंत्री नीतीश कुमार कह रहे हैं कि उन्हें लाठीचार्ज की जानकारी ही नहीं।
सचिवालय सहायक परीक्षार्थियों की मांग को प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाये सरकार
सीएम को पटना में लाठीचार्ज की जानकारी न होना चिंता की बात
उन्होंने कहा कि ललन सिंह का ऐसा बयान संवेदनहीनता का सूचक है और मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी न होना चिंता की बात है।
श्री मोदी ने कहा कि लाठीचार्ज पर या तो मुख्यमंत्री अनभिज्ञता का नाटक कर रहे हैं या अफसर उन्हें गुमराह कर रहे हैं। ये दोनों बातें चिंताजनक हैं।
उन्होंने कहा कि पहले बीपीएससी का पर्चा लीक हुआ और आठ साल बाद जब सचिवालय सहायक पद के लिए परीक्षा हुई, तो इसके भी प्रश्नपत्र सार्वजानिक हो गए। इससे 9 लाख परीक्षार्थियों में असंतोष होना स्वाभाविक है। उनकी उम्र बढ़ रही है।
श्री मोदी ने कहा कि बिहार में बार-बार पर्चे क्यों लीक हो रहे हैं? परीक्षार्थी अब यदि पूरी परीक्षा रद करने की मांग कर रहे हैं, तो सरकार इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न क्यों बना रही है?
उन्होंने कहा कि रेलवे की परीक्षा में डेढ़ करोड़ परीक्षार्थी बैठते हैं, लेकिन न कभी पर्चा लीक हुआ, न धांधली की शिकायत मिली।
श्री मोदी ने कहा कि राज्य सरकार को बडे पैमाने पर नौकरी-नियुक्ति की सभी परीक्षाएं कम्पयूट-आधारित या ऑनलाइन करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार फूलप्रूफ परीक्षाओं के लिए केंद्र सरकार की तरह टीसीएस जैसी साफ्टवेयर कंपनियों की सेवाएँ ले सकती है, लेकिन मुख्यमंत्री की रुचि किसी समस्या का समाधान करने में नहीं, “समाधान यात्रा” की राजनीति करने में है।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार काला झंडा दिखाये जाने या जूता-चप्पल फेंक कर विरोध प्रकट किये जाने के डर से अपनी यात्रा के दौरान कोई सभा नहीं करने वाले हैं। वे जनता से दूर रह कर केवल बंद कमरों में अफसरों से बात करेंगे।
काले झंडे, हमलों के डर से सीएम ने यात्रा में सभाओं से किया परहेज
ममता, केजरीवाल, केसीआर किसी ने नहीं मानी बात
विपक्षी एकता के प्रयास में नीतीश कुमार विफल
श्री मोदी ने कहा कि वे विधानसभा के बजट सत्र के बाद देश की यात्रा पर निकलने के लिए 300 करोड़ रुपये के 12-सीटर जेट विमान का इंतजार कर रहे हैं। यह विमान बिहार जैसे गरीब राज्य के पैसे से खरीदा जाना है।
उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार को कोई नेता मान ही नहीं रहा है, कोई राज्य उन्हें बुला नहीं रहा है, तब वे जेट विमान से जाएँगे कहाँ?
श्री मोदी ने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तेलंगाना में केसीआर न नीतीश कुमार को नेता मान रहे हैं , न वे इन क्षेत्रीय दलों के प्रमुखों को एक साथ ला सके।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार इसलिए यात्रा पर निकल रहे हैं कि उन्हें तुरत कुर्सी न छोड़नी पड़े। वे किसी न किसी बहाने 2025 तक तेजस्वी यादव की ताजपोशी टालते रहेंगे।
” शिखंडी” जैसे शब्द-प्रयोग पर सुधाकर के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं ?
जेट विमान खरीदने के फैसले पर पूर्व मंत्री की आपत्ति सही
श्री मोदी ने कहा कि पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह मुख्यमंत्री के प्रति “शिखंडी, नाइट-वॉचमैन, तानाशाह ” जैसे शब्दों का प्रयोग कर पद छोड़ने का दबाव बना रहे हैं। राजद ने अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?
उन्होंने कहा कि सुधाकर सिंह के खिलाफ यदि देर से कोई कार्रवाई हुई भी, तो सिर्फ दिखावा होगी।
श्री मोदी ने कहा कि सुधाकर सिंह की यह बात तर्कसंगत है कि जो राज्य विकसित होने के लिए साधनों की कमी का रोना रोता हो और विशेष राज्य की मांग के लिए केंद्र सरकार के सामने खड़ा हो, उसे अपने मुख्यमंत्री के लिए 300 करोड़ का जेट विमान खरीदने के फैसला नहीं करना चाहिए।
पटना/मुजफ्फरपुर । मंगलवार को मुजफ्फरपुर जिला के पारु में एक जनसभा को संबोधित करते हुए BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (J.P Nadda) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर प्रदेश की जनता के जनादेश का निरादर एवं अपमान करने और उनको धोखा देने का दावा किया कि इस राज्य में ‘‘जंगलराज’’ फिर से लौट आया है और राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।
जनसभा को संबोधित करते हुए नड्डा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (प्रधानमंत्री) द्वारा बिहार में किए गए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि BJP और उसके कार्यकर्ता इस प्रदेश को आगे ले जाना चाहते थे।
नड्डा ने कहा कि हम कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं, बिहार का विकास करने के लिए सत्ता में थे। आज हजारों करोड़ रुपये के पुल बिहार में बन रहे हैं। ये सब काम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुए लेकिन अब एक समस्या है। हम ऊपर से तो लक्ष्मी भेज देंगे लेकिन अगर नीचे जंगलराज हो तो काम नहीं हो पाता। विकास थम जाता है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल-यूनाइटेड (JDU) के BJP से नाता तोड़ राष्ट्रीय जनता दल (JDU) और अन्य सहयोगी दलों के साथ पिछले साल अगस्त में नयी सरकार बना लिए जाने के बाद पहली बार बिहार के दौरे पर पहुंचे नड्डा ने आरोप लगाया कि नीतीश ने प्रदेश की जनता के जनादेश का निरादर एवं अपमान किया और उनको धोखा दिया है।
नड्डा ने कहा कि ‘‘अब यह भी समझ में नहीं आ रहा है कि सुशासन बाबू (नीतीश कुमार) की सरकार में शासन कौन कर रहा है। यही नहीं पता चल रहा है किसका शासन है और कौन सा सुशासन है।
उन्होंने कहा कि बिहार की व्यवस्थाएं चरमरा गयी हैं, प्रशासनिक दृष्टि से व्यवस्थाएं ठप हो गयी हैं और केंद्र सरकार की कोशिश के बावजूद बिहार आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अब समय आ गया है कि भाजपा इस प्रदेश का नेतृत्व करे और हमारी पार्टी अपनी विशुद्ध सरकार बनाकर राज्य को आगे ले जाने का काम करे।
इसके पहले सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर में सुबह दस बजे जेपी नड्डा का पूजा करने का कार्यक्रम था लेकिन फ्लाइट में देरी के कारण उन्हें पहुंचते-पहुंचते मंदिर का पट बंद हो चुका था।
इसके चलते वे दर्शन नहीं कर सके। इसके बाद वे तय कार्यक्रम के तहत सोनपुर से हाजीपुर होते हुए वैशाली की ओर निकल गए।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि साल की शुरुआत के साथ लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के बीच शह-मात का खेल शुरू हो गया। लालू प्रसाद के इशारे पर ही पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह नीतीश कुमार के लिए ‘शिखंडी’ और “नाइट गार्ड” जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।
तेजस्वी को सीएम बनाने का वादा पूरा न होने से शुरू हुआ शह-मात का खेल
नीतीश ने तीन बार लालू को दिया धोखा, दोनों को एक-दूसरे पर भरोसा नहीं
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने तीन बार लालू प्रसाद को धोखा दिया। दोनों एक-दूसरे पर भरोसा नहीं करते।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था। चार महीने तक वादा पूरा नहीं किया और अब कह रहे हैं कि तेजस्वी यादव 2025 के चुनाव का नेतृत्व करेंगे।
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार के इरादे भाँप कर सुधाकर सिंह और जगदनंद को टास्क दे दिया गया है। दोनों नीतीश कुमार के मुखर विरोधी हैं और गठबंधन-धर्म की परवाह नहीं करते।
उन्होंने कहा कि दोनों की पीठ पर लालू प्रसाद का हाथ है, इसलिए जगदानंद को मना कर प्रदेश अध्यक्ष बनाये रखा गया। नीतीश कुमार न जगदानंद को अपदस्थ करा पाये, न सुधाकर सिंह के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई ।
श्री मोदी ने कहा कि जगदानंद ने “कुछ बड़ा हासिल करने के लिए बलिदान करने” की बात कह कर नीतीश कुमार को तेजस्वी यादव के लिए कुर्सी छोड़ने का इशारा ही किया था।
उन्होंने कहा कि कैप्टन लालू प्रसाद के इशारे पर जगदानंद-सुधाकर सिंह की जोड़ी नीतीश कुमार के खिलाफ दोनों छोर से धुआँधार गेंदबाजी कर रही है।
Bihar Nagar Nikay Chunav Results: बिहार में निकाय चुनाव के दूसरे चरण के अधिकांश नतीजे घोषित हो गए हैं। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने दावा किया है कि अधिकांश सीटों पर उनके उम्मीदवार विजयी हुए हैं।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को दावा किया कि बिहार में उसके द्वारा समर्थित ज्यादातर उम्मीदवार नगर निकाय चुनाव जीत गये हैं। शुक्रवार को मतगणना के दौरान चुनाव के नतीजे आने शुरू हुए। ऐसे कई उम्मीदवारों ने भी विभिन्न पदों पर जीत दर्ज की है जिनके बारे में समझा जाता है कि वे सत्तारूढ़ महागठबंधन द्वारा समर्थित हैं।
प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने कहा, ‘नगर निकाय के चुनाव का नतीजा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि लोगों ने बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली महागठबंधन सरकार को नकार दिया है।
पटना, मुजफ्फरपुर, कटिहार, सिवान और सारण समेत कई नगर निगमों में कई भाजपा समर्थित ज्यादातर उम्मीदवार महापौर और उपमहापौर के पद जीत गये हैं।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने कहा कि राज्य में नगर निकाय चुनाव राजनीतिक दल की तर्ज पर नहीं हुए और किसी उम्मीदवार की जीत को किसी राजनीतिक दल की जीत घोषित नहीं किया जा सकता है। वैसे तो कई स्थानों पर मतों की गिनती अभी चल ही रही है लेकिन सीता साहू ने पटना नगर निगम की महापौर के रूप में वापसी की है।
‘भाजपा समर्थित साहू’ ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मजाबी को 18,529 मतों के अंतर से हराया। अन्य उम्मीदवार चंद्रवंशी ने अंजना गांधी को 5,251 मतों से हराकर उपमहापौर का पद जीता। इस बार महापौर और उपमहापौर के पदों के लिए चुनाव सीधे आम जनता के मतों द्वारा किया गया।
पहले इन पदों पर वार्ड पार्षद के मतों से लोग निर्वाचित होते थे। कई नेताओं के करीब रिश्तेदारों ने चुनाव लड़ा जबकि कई ने सत्तारूढ़ या विपक्षी गठबंधन के समर्थन का दावा किया।