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शराबबंदी को लेकर नीतीश कुमार का हठ परेशानी का सबब बन सकता है

बात कोई आठ वर्ष पूरानी है सरकार ने पटना एसएसपी के पद पर अमृत राज को पोस्ट किया था ,अमृत राज ने पदभार संभालते ही पटना जिले के ऐसे थानेदार जिसका रिश्ता भूमाफिया और अपराधियों से था आते आते उनको निशाने पर लेना शुरु कर दिये ।

शराब विधानसभा परिसर में कैसे पहुंचा इसकी जॉच करने पहुंचे डीजीपी और मुख्यसचिव

पटना के लोगो को अमृत राज के बारे में ज्यादा पता नहीं था लेकिन अपराधियों के सिडिंकेट को पता था कि अमृत राज किस तरीके से अपराधियों से निपटते हैं ।पदभार संभालते ही अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन की शुरुआत करने ही वाले थे कि पटना सिटी के इलाके में लड़कियों और महिलाओं को ब्लेड मारने की घटना अचानक शुरु हो गयी ।

विधानसभा परिसर में शराब मिलने की सूचना पर बिफरे नीतीश दिया जॉच का आदेश

पूरा महकमा हिल गया लाख कोशिश के बावजूद एक माह तक एसएसपी से लेकर थानेदार तक परेशान रहा लेकिन शाम होते होते ब्लैड मारने की दो तीन घटनाये हो ही जाती है लेकिन एक अचानक बंद हो बंद कैसे हुआ उसकी एक कहानी है कभी मौका मिलेगा तो चर्चा करेगे ।

इस घटना की चर्चा क्यों किये शायद आपको समझ में आने लगा होगा शराबबंदी को लेकर जिस तरीके से नीतीश कुमार व्यवहार कर रहे हैं उससे आने वाले समय में सरकार के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है ।

विधानसभा परिसर में शराब की बोतल मिलने की सूचना पर जिस तरीके से मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया आयी है और डीजीपी और मुख्यसचिव घटना स्थल पर पहुंच कर जिस अंदाज में मामले की जांच कर रहे हैं बेहद हस्यापद है क्यों कि समाज में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो प्रशासन को बेवजह तंग करने के लिए आये दिन इस तरह का हरकत ना करे ।

छिटपुट हिंसा को छोड़ 9 वे चरण का पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण ढ़ग से सम्पन्न

छिटपुट हिंसा को छोड़कर 9 वे चरण का चुनाव सम्पन्न।बिहार में पंचायत चुनाव के 9वें चरण के लिए 35 जिलों की 875 पंचायतों में वोटिंग हुई। सोमवार सुबह 6 बजे से ही मतदाता बूथों पर पहुंचने लगे।

मतदान केंद्र के अंदर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुबह 7 बजे से 5 बजे तक 61.15% मतदान हुआ। 64.38% महिलाओं और 57.91% पुरुषों ने वोटिंग की। वोटिंग के लिए 12341 बूथ बनाए गए थे।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया मतदान शांतिपूर्ण रहा। कुल 37 शिकायत प्राप्त हुए थे। कुल 609 EVM को बदला गया। कुल 18729 बोगस वोटर्स को चिह्नित किया गया। सभी पर उचित करवाई की जाएगी।

मधुबनी में बोगस वोटिंग को लेकर पुलिस के साथ लोगों की झड़प हो गई। वहीं, मधुबनी के बेनीपट्‌टी प्रखंड में मुखिया प्रत्याशी पति को गोली मार दी गई।

गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। वहीं, सीवान में भी मुखिया प्रत्याशी के रिश्तेदार को जांघ में बूथ पर गोली मार दी। सीतामढ़ी में पंचायत चुनाव के दौरान भीड़ को हटाने गई पुलिस पर लोगों ने हमला कर दिया। पुलिस पर लोगों ने पथराव किया ।

पंचायत चुनाव के 9वे चरण का मतदान शुरु सुबह 6 बजे से जारी है मतदान

पंचायत चुनाव के 9वें चरण का मतदान आज सुबह 6बजे से शुरु हो गया है। राज्‍य के 35 जिलों की 875 पंचायतों में वोटिंग हो रही है। इस चरण में शांतिपूर्ण चुनाव के लिए 42 हजार पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इसमें जिला पुलिस बल, गृह रक्षक बल, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस और सैप बलों की तैनाती की गई है। सोमवार सुबह 6 बजे से ही मतदाता बूथों पर पहुंचने लगे। मतदान केंद्र के अंदर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

वोटिंग अपडेट्स…

  • भागलपुर में पीरपैंती में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू।
  • मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड की 34 पंचायतों में मतदान हो रहा है।
  • खगड़िया के अलौली की 12 पंचायतों में मतदान, सुबह से वोटिंग के लिए कतार में मतदाता लग चुके हैं।
  • औरंगाबाद के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र हसपुरा प्रखंड में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी।
  • भोजपुर के कोईलवर प्रखंड में सुबह ही मतदाताओं की भीड़ लगी।
  • मधुबनी के बेनीपट्टी के रामनगर गांव में बूथ संख्या 403 पर वोट एमएलसी घनश्याम ठाकुर ने वोट डाला। बेनीपट्टी के आहपुर में बूथ संख्या 196 पर एक बूढ़ी महिला कौशल्या देवी ने भी मतदान किया। मधुबनी सहित नवादा, औरंगाबाद, बेगूसराय व पूर्वी चंपारण आदि सभी 35 जिलों में मतदान तेज हो चुका है।
  • कड़ी सुरक्षा के बीच मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) के अरेराज, पहाड़पुर व हरसिद्धि के 685 बूथों पर मतदान जारी है। मतदान की पूर्व संध्या पर हरसिद्धि की हसुआहां मानिकपुर में मुखिया के भाई ने की मारपीट व बंधक बनाने की कोशिश। हरसिद्धि के बूथ संख्या 240 और 258 पर ईवीएम में खराबी के कारण मतदान में विलंब हो रहा है।

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बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुक्रवार तक चलेगा सत्र

बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है। सत्र शुक्रवार तक चलेगा। पहले दिन सोमवार यानी 29 नवंबर को तारापुर से चुनकर आए राजीव कुमार सिंह और कुशेश्वरस्थान से चुनकर आए अमन हजारी का शपथ ग्रहण होगा , फिर शोक संदेश के साथ विधानसभा की आज की कार्रवाही कल दिन के 11 बजे तक के लिए स्थगित हो जायेगा ।

दूसरे दिन मंगलवार यानी 30 नवंबर और बुधवार 1 दिसंबर को राजकीय विधायक और अन्य राजकीय कार्य पर चर्चा की जाएगी। यह दोनों दिन काफी महत्वपूर्ण माने जाएंगे। गुरुवार यानी 2 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2021-22 के दूसरे अनुपूरक व्यय विवरणी पर वाद-विवाद, मतदान और विनियोग विधेयक पास किए जाएंगे।

वहीं, इस सत्र के अंतिम दिन यानी शुक्रवार 3 दिसंबर को गैर सरकारी सदस्यों के कार्य यानी गैर सरकारी संकल्प पेश किए जाएंगे। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले आदेश तक स्थगित कर दी जाएगी।

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पंचायत चुनाव का आठवां चरण की वोटिंग समाप्त

बिहार पंचायत चुनाव का आठवां चरण का मतदान संम्पन ।

आठवें चरण में 36 जिलो के 55 प्रखंडों के 834 पंचायतों में हुआ मतदान ।

वोटिंग के लिये 7398 भवनों में 11527 बूथ बनाये थे ।

614 बूथ नक्सली प्रभावित थे ।

66 लाख 55 हजार 233 वोटर थे वोटर ।

वोटिंग के लिये तकरीबन 40 हजार पुलिस अधिकारी व जवानों की गई थी तैनाती ।

कुल मतदान 61.95 प्रतिशत

महिला 65.24
पुरुष 58.65।

शांतिपूर्ण रहा मतदान ।

रघुनाथ पुर में हवाई फायरिग की घटना हुई लेकिन बूथ के आसपास नही हुआ।

कुल 705 evm बदले गए ।

आज के चुनाव में क्या खास रहा

जमुई में नक्सली बंद बेअसर, मतदाताओं ने जमकर डाले वोट, जमुई के खैरा में हुई 70% वोटिंग, हर बूथ पर महिलाओं की भीड़, 8 किमी पैदल चल कर वोट देने पहुंची महिलाएं। पहली बार कई लड़कियों ने किया मतदान।

बिहार पंचायत, मुखिया चुनाव: बांका में एक लाख रुपये के साथ मुखिया प्रत्‍याशी गिरफ्तार, सिवान व बक्‍सर में फायरिंग

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बिहार पंचायत चुनाव का 8 चरण छिटपुट हिंसा को छोड़कर शातिपूर्वक चल रहा है चुनाव

बिहार पंचायत चुनाव में 8वें चरण की सीटों पर मतदान जारी है दोपहर एक बजे तक 35 से 40 प्रतिशत मतदान की खबर है हलांकि नक्सली के बंद की वजह से नक्सल प्रभावित जिलों में मतदानकर्मी थोड़े दहशत में जरुर है लेकिन मतदाताओं के उत्साह में कोई कमी नहीं है ।
8वें चरण में 36 जिलों के 55 प्रखंडों की 822 पंचायतों में चुनाव हो रहा है। इस चरण के 3356 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है।
92 हजार 376 उम्मीदवार मैदान में
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक कुल 92 हजार 376 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में कुल 66 लाख 55 हजार 233 मतदाता मतदान करेंगे। इनमें 31 लाख 52 हजार 763 महिला मतदाता जबकि 35 लाख 2 हजार 260 पुरुष मतदाता हैं। इस चरण में वोटरों के लिए कुल 11 हजार 527 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
आठवें चरण में कुल पदों की संख्या 25 हजार 561 है। इनमें ग्राम पंचायत सदस्य पद की संख्या 11 हजार 173 है। ग्राम पंचायत मुखिया के 1135 पद, पंचायत समिति सदस्य के लिए 821, जिला परिषद सदस्य के 124 पद, ग्राम कचहरी सरपंच के 1135 पद और ग्राम कचहरी पंच के 11 हजार 173 पदों के लिए चुनाव होंगे। वहीं, 92 हजार 376 उम्मीदवारों में से 42 हजार 803 पुरुष और 49 हजार 573 महिला उम्मीदवार शामिल हैं।

3356 पदों पर निर्विरोध हो चुका है निर्वाचन
8वें चरण की सीटों पर 3356 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। इनमें ग्राम पंचायत सदस्य के 148, पंचायत समिति सदस्य के 3, ग्राम कचहरी सरपंच के 2, मुखिया के 1 और ग्राम कचहरी पंच के 3202 पद शामिल हैं। इस चरण के 166 पद खाली रह गए हैं। इसकी वजह ये है कि इन 166 पदों पर किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया है। इनमें 4 ग्राम पंचायत सदस्य के, 1 पंचायत समिति सदस्य और 161 ग्राम कचहरी सदस्य के पद शामिल हैं।

आज के चुनाव में क्या खास है
1—सीवान के रघुनाथपुर प्रखंड मुख्यालय के मुस्लिम टोला में मस्जिद के समीप दो राउंड फायरिंग हुई है। पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, एक समुदाय विशेष ने वोट को लेकर फायरिंग की है।
2—नालंदा के हरनौत के दैली में चुनाव से पहले युवक को मारी गोली। हरनौत थाना क्षेत्र के दैली गांव में पंचायत चुनाव की रंजिश में 32 वर्षीय मुन्ना कुमार को गोली मार दी गई। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात गांव में घूम कर कुछ लोग कह रहे थे कि गांव के ही मुखिया उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करना है। इसी दौरान मुन्ना कुमार ने कहा कि वह किसी के दबाव में मतदान नहीं करेगा। आरोप है घटना के पीछे यही विवाद है।
3–नालंदा में चुनाव ड्यूटी में तैनात ईवीएम के मास्टर ट्रेनर की मौत। ईवीएम की गड़बड़ी दूर करने के लिए हरनौत के चौरिया पंचायत सेक्टर में तैनात मास्टर ट्रेनर 55 वर्षीय रविचंद्र किरण की मौत हो गई। वे नूरसराय प्रखंड के नीरपुर के निवासी थे तथा नूरसराय के उत्क्रमित मध्य विद्यालय पपरनौसा में सहायक शिक्षक के तौर पर पदस्थापित थे। निर्वाची पदाधिकारी रवि कुमार ने बताया कि ड्यूटी पर आने के दौरान वे बाइक से गिर गए और उनकी मौत हो गई।
4–गया के अतिनक्सल प्रभावित इमामगंज विधानसभा क्षेत्र के इमाम गर्लफ्रे आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय में मतदान जारी है। नक्सली बंदी के बावजूद लोग वोट करने के लिए आ रहे हैं। लोगों में वोट के प्रति उत्साह, अपने नेता को चुनने के प्रति उनका जोश बना हुआ है। स्कूल में दो बूथ हैं। एक बूथ पर 320 और दूसरे बूथ पर 600 से अधिक मतदाता हैं। यहां 3:00 बजे तक मतदान होगा। यहां बायोमेट्रिक के उपकरण तो हैं पर वह काम नहीं कर रहे। वोटिंग प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही मशीन काम करना बंद कर दिया।
5–सीतामढ़ी के रीगा प्रखंड अंतर्गत बूथ संख्या 5 पर EVM में आई गड़बड़ी, तकरीबन एक घंटे से बाधित है मतदान, कई मतदाता बिना वोटिंग किए लौटे घर।
6—मुजफ्फरपुर के गायघाट की 23 पंचायतों के 329 बूथों पर मतदान जारी है। बूथ संख्या 142,143, और 144 पर भारी संख्या में मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लेकिन, वोटिंग की गति काफी धीमी थी। इस कारण सभी मतदाता जमीन पर ही बैठ गए। काफी देर बाद भी जब उनकी बारी नहीं आयी तो सभी ऊब गए और हंगामा करने लगे।

छठे चरण की मतगणना शुरु हो गयी है, छठे चरण में 3 नवंबर को 37 जिलों के 57 प्रखंडों में वोटिंग हुई थी।

बिहार पंचायत चुनाव के छठे चरण की मतगणना शुरु हो गयी है , छठे चरण में 3 नवंबर को 37 जिलों के 57 प्रखंडों में वोटिंग 3 हुई थी। सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई। मतगणना केंद्र के बाहर सुबह 7 बजे से ही प्रत्याशी और उनके समर्थकों की भीड़ लगने लगी। केंद्र के बाहर और अंदर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। बिना पास के किसी को भी सेंटर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है , दो दिनों तक मतगणना चलेगा ।

छठे चरण की सीटों पर नतीजे
छठे चरण में पदों की कुल संख्या 26 हजार 200 है, जिसमें ग्राम पंचायत के सदस्य के 11,592 पद हैं। मुखिया के 848 पद हैं, पंचायत समिति सदस्य के 1186, जिला परिषद सदस्य के 134, ग्राम कचहरी पंच के 11592 और सरपंच के 848 पद हैं। इस चरण में चुनाव लड़ने वाले कुल उम्मीदवारों की संख्या 94188 है। पुरूष उम्मीदवारों की संख्या 43 हजार 840 है तो महिला उम्मीदवारों की संख्या 50348 है।

पद वार उम्मीदवारों की संख्या की बात करें तो ग्राम पंचायत सदस्य पद पर 53 हजार 192 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा मुखिया पद पर 6976 उम्मीदवार मैदान में हैं। पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 7844 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिला परिषद सदस्य पद पर 1378 उम्मीदवार, ग्राम कचहरी पंच पद पर 19 हजार 633 उम्मीदवार मैदान में है। ग्राम कचहरी सरपंच के पद पर 5 हजार 165 उम्मीदवार मैदान में हैं।

इस चरण में चुनाव लड़ने वालों की कुल संख्या 94,188 है। इसमें 43,840 पुरुष और 50,348 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। पद वार महिला पुरुष उम्मीदवार कि संख्या की बात करे तो पंचायत सदस्य के लिए 53,192 उम्मीदवार (25,218 पुरुष व 27,974 महिला) चुनाव मैदान में हैं। वहीं, मुखिया के लिए 6,976 (3,392 पुरुष व 3,584 महिला), पंचायत समिति सदस्य के लिए 7844 (3,712 पुरुष व 4,132 महिला), जिला परिषद सदस्य के लिए 1,378 (606 पुरुष व 772 महिला), पंच हेतु 19,633 (8,222 पुरुष एवं 11,411 महिला) और सरपंच हेतु 5,165 (2,690 पुरुष एवं 2,475 महिला) उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा।

3540 पदों पर निर्विरोध हो चुका है निर्वाचन
छठे चरण की सीटों पर 3540 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। ग्राम पंचायत सदस्य पद पर 135 उम्मीदवार, ग्राम कचहरी पंच पद पर 3403 , ग्राम कचहरी सरपंच पद पर 1 और पंचायत समिति सदस्य के 1 सीट पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है।

इस चरण में पंच के 144 पदों के लिए कोई नामांकन नहीं हुआ था। ऐसे में ये पद रिक्त रह गए हैं।

पंचायत चुनाव के छठे चरण का मतदान शुरु

बिहार पंचायत चुनाव के छठे चरण का मतदान शुरु हो गया है आज 37 जिलों के 57 प्रखंडों में वोट डाले जा रहे हैं। 850 पंचायतों में हो रहे इस चुनाव में 11 हजार 959 बूथ बनाए गए हैं। मतदाताओं की कुल संख्या 67 लाख 577 है। पुरूष मतदाता 35 लाख 24 हजार 285 है तो महिला मतदाता 31 लाख 76 हजार 80 है। बूथ पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम हैं। मतदाता गुलाबी ठंड में अपने मतदान करने पहुंच गए हैं।छठे चरण में पदों की कुल संख्या 26 हजार 200 है, जिसमें ग्राम पंचायत के सदस्य के 11,592 पद हैं। मुखिया के 848 पद हैं, पंचायत समिति सदस्य के 1186, जिला परिषद् सदस्य के 134, और सरपंच के 848 पद हैं।

सुबह से ही मतदान केन्द्रों पर लम्बी कतारे देखी जा रही है

उप चुनाव नीतीश ,तेजस्वी ,चिराग और कन्हैया के लिए अग्नि परीक्षा है

हालांकि बिहार विधानसभा का उपचुनाव मात्र दो सीटों पर है लेकिन उपचुनाव के परिणाम का प्रभाव बिहार की राजनीति में दूरगामी पड़ेगा यह तय है। नीतीश का साख दाव पर है, वहीं तेजस्वी के तेज का भी परीक्षा है, चिराग बुझेगा या जलेगा यह भी तय हो जायेगा, वही कन्हैया कांग्रेस के लिए तुरुप का एक्का साबित होगा कि नहीं यह भी तय होगा। उप चुनाव में जिस तरीके से धनबल का इस्तेमाल शुरू हुआ है ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह उप चुनाव बिहार के चुनावी इतिहास में सबसे महंगा लड़े जाने वाला चुनाव होगा ।

1उप चुनाव नीतीश ,तेजस्वी ,चिराग और कन्हैया के लिए अग्नि परीक्षा है 
  चुनाव तो मात्र दो सीटों के लिए हैं लेकिन इन दो सीटों के परिणाम का बिहार की राजनीति पर बड़ा असर पड़ेगा  नीतीश कुमार के लिए दोनों सीट जीतना बाढ़ के लोकसभा चुनाव जीतने से कम महत्वपूर्ण नहीं है. इसी तरह राजद अगर ये दोनों सीट जाता है तो बिहार में तख्तापलट की गुंजाइश बढ़ सकती है .वही चिराग दोनों सीटों पर जदयू को हराने में कामयाब हो गया तो फिर आने वाले समय में चिराग बिहार की राजनीति में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभर कर सामने आ सकता है ।

यही स्थिति कन्हैया की भी है बिहार में कांग्रेस और राजद के बीच जो तल्खी देखी जा रही है उसकी वजह कही ना कही कन्हैया है ऐसे में कन्हैया के सामने चुनौती है कि वह राजद के एम समीकरण में सेंध लगाने में कामयाब रहा तो आने वाले समय में कांग्रेस राजद के साथ आमने सामने बैठ कर बात कर सकती है।

2–बिहार का सबसे महंगा चुनाव लड़ा जा रहा है 
 बिहार के चुनावी इतिहास में यह सबसे महंगा चुनाव है जैसे जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है खर्च की सीमाएँ टूटती जा रही है ।   राज्य सरकार का पूरा मंत्रिमंडल तारापुर और कुशेश्वर स्थान में कैप किये हुए हैं ,सारा विधायक ,पूर्व विधायक और पार्टी के पदाधिकारी मोर्चा में डटे हुए हैं. दोनों क्षेत्रों में उत्सव जैसा माहौल है। तारापुर तो आँनरोड है और पास में रहने की बेहतर व्यवस्था भी उपलब्ध है,लेकिन कुशेश्वर स्थान जहां आज भी रहने खाने का बेहतर व्यवस्था उपलब्ध नहीं है और बाजार 500 मीटर में सिमटा हुआ है वहां का नजारा देखने वाला है शाम के समय बाजार में सोमवारी पर्व जैसा माहौल दिखता है जिधर देखिए पजामा कुर्ता वाले ही दिखायी देगें 

 हर ब्रांड उपलब्ध है और ब्रांड बेचने वालो की तो चांदी है समस्तीपुर ,दरभंगा ,खगड़िया ,सहरसा और मधुबनी से जुड़े बड़े कारोबारी कुशेश्वरस्थान में ही कैप कर रहा है ,माल पहुंच गया है पार्टी के झंडा के आर में बहुत खेला हुआ है ,अब माल को गांव गांव में पहुंचाया जा रहा है। हालांकि ये इलाका पहले से ही इस मिजाज का रहा है हां ये सही है कि देशी वाला भी आज कल विदेशी ब्रांड से कम पड़ बैठने को तैयार नहीं है।   बाढ़ के फिर से लौट आने के कारण मछली की कोई कमी नहीं है हर घर में व्यवस्था पूरा टाइट है।  

 कल कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास से मिलने कांग्रेस के एक विधायक कुशेश्वर स्थान चले आए थे उनकी ड्यूटी तिलकेश्वर थाना क्षेत्र के एक पंचायत में लगाया गया था जैसे ही प्रभारी का ध्यान उस विधायक पर पड़ा गरज पड़े अरे आप पंचायत छोड़ कर यहां क्या कर रहे हैं ,सर नाव के अलावे वहां कोई और साधन उपलब्ध नहीं है दो दो घंटा नाव पर ही आना जाना होता है अब छोड़ दिया जाये सर, ठीक है तो आप विधायकी से रिजाइन दीजिए।ये स्थिति कांग्रेस का है हर पंचायत में कांग्रेस के विधायक ,पूर्व विधायक और पार्टी के सांसद ,पूर्व सांसद और पार्टी पदाधिकारी कैंप कर रहे हैं ।

 कांग्रेस की ये स्थिति है तो आप अंदाजा कर लीजिए जदयू और राजद के कैंप में क्या स्थिति होगी जदयू और राजद का कुशेश्वर स्थान में दो सौ से अधिक विधायक ,पूर्व विधायक ,विधान पार्षद और पूर्व विधान पार्षद के साथ साथ पार्टी के पदाधिकारी मौजूद है। इस चुनाव में सबसे कमजोर उम्मीदवार वाली पार्टी भी अपने उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के लिए 50 लाख रुपया दिया है।तारापुर में राजद प्रत्याशी के लिए पूरे बिहार से वैश्य समाज का चंदा पहुंचना शुरू हो गया है ,इस बार जदयू भी किसी मौर्चे पर  पीछे नहीं है दोनों जगह एक एक मंत्री को विशेष तौर पर प्रभार दिया गया है ।  

 अभी जो चर्चा है इस बार एक बूथ पर दस हजार रुपया चुनाव के दिन खर्च के लिए दिया जायेगा तीनों दलों में कम्पीटीसन शुरू है कुशेश्वर स्थान विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी में एक प्रत्याशी  आर्थिक रूप से बहुत कमजोर है लेकिन पैसे की कोई कमी ना हो इसके लिए  पार्टी ने दो बड़े कारोबारी को कुशेश्वर स्थान में चुनाव तक बिठा दिया है कल से वो भी बोरा खोलना शुरु कर दिये हैं।  इतने बड़े स्तर पर विधानसभा चुनाव में वोट खरीद की तैयारी पहले कभी देखने को नहीं मिला है सबका फोकस कुशेश्वर स्थान ही है जहां तैयारी यह चल रही है कि इतना जाम छलके की लोग वोट देना ही भूल जाये ।

 3क्यों सभी राजनीतिक दल अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया है 
 इसकी बड़ी वजह यह है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जिस तरह का मैन डेड जनता ने दिया है उस वजह से एक एक विधायक महत्वपूर्ण हो गया है दोनों सीट पर जदयू चुनाव लड़ रहा है और दोनों सीट पर पहले जदयू का कब्जा भी था जदयू इस बार तीसरे नम्बर पर चली गयी है ऐसे में ये दोनों सीट उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है हार हुई तो सरकार गिरे ना गिरे नीतीश और कमजोर होगा इसलिए पार्टी अपना सब कुछ दाव पर लगा दी है ।

 यही स्थिति राजद का है राजद अगर दोनों सीट जीत जाती है तो राजद नीतीश पर और हमलावर हो जाएगा और इस स्थिति में सरकार अस्थिर भी सकती है इसलिए राजद अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया है यहां तक कि बीमार चल रहे लालू प्रसाद भी 27 को चुनाव प्रचार में तारापुर और कुशेश्वर स्थान जा रहे हैं ।

कांग्रेस राजद से अलग चुनाव लड़ने का फैसला लिया है और इस फैसले को मजबूती कैसे मिले इसके लिए 1989 के बाद पहली बार कांग्रेस अपने पूरे संसाधन को झोंक दिया है हालांकि बिहार प्रदेश कांग्रेस के अधिकांश नेता कांग्रेस आलाकमान के इस फैसले में पलीता लगाने की पूरी कोशिश में लगा है लेकिन तारापुर और कुशेश्वर स्थान में कांग्रेस के जो प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं उसमें खास करके अशोक राम का पूरा राजनीतिक करियर दाव पर लगा हुआ है सम्मान जनक वोट नहीं आया तो फिर 1980 से जो उनकी राजनीति चली आ रही है उस पर विराम लग जाएगा इसलिए वो भी पूरे संसाधनों के साथ मैदान में डटे हुए हैं ।

 तारापुर से जो कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहा है वो भी अपने काम के बल पर 2020 के विधानसभा चुनाव में 12 हजार से अधिक वोट निर्दलीय ले आया था इस बार कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे हैं संसाधन की कोई कमी नहीं है और पार्टी भी मदद में खड़ी है झारखंड के एक मंत्री को विशेष तौर पर जिम्मेवारी दी गयी है ।

चिराग  बिहार की राजनीति में बने रहे इसके लिए ये दोनों चुनाव बहुत महत्व रखता है तारापुर में उसके उम्मीदवार राजपूत और पासवान वोटर के सहारे मजबूती जताने कि कोशिश में लगा है पिछले चुनाव में भी सात हजार से ज्यादा वोट लोजपा को आया था उस बार वोट बढ़ सकता है इस सम्भावना को देखते हुए यहां लोजपा सब कुछ झोक दिया है कुशेश्वर स्थान तो रामविलास पासवान का ननिहाल ही है लेकिन जदयू से जो खड़ा है वो भी रामविलास पासवान का रिश्तेदार ही है ऐसे में चिराग के सामने बड़ी चुनौती यह है कि यहां ज्यादा से ज्यादा पासवान वोट में डीभीजन करा दे 2020 के चुनाव में भी लोजपा प्रत्य़ाशी को 12 हजार से ज्यादा वोट आया था इसलिए यहां चिराग लगातार कैंप कर रहे हैं ।  मतलब यह उप चुनाव बिहार की राजनीति किस करवट लेगी उसका भविष्य तय कर सकता है कन्हैया की भी प्रतिष्ठा दाव पर है इसलिए हर पार्टी अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया है।

कांग्रेस के साथ मेरा रिश्ता अटूट है कांग्रेस के बगैर विपक्षी एकता संभव नहीं

पटना आने के बाद पहली बार मीडिया से बात करते हुए लालू यादव ने नीतीश कुमार,केन्द्र की मोदी सरकार और कांग्रेस के साथ उनके रिश्ते को लेकर खुल कर बात किया । लालू यादव ने अपने इंटरव्यू में तेजस्वी यादव की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव संगठन और पार्टी को बेहतर तरीके से चला रहे हैं, वह एक कुशल नेतृत्वकर्ता है। लेकिन परिवार में चल रहे विवाद को लेकर लालू यादव ने कोई टिप्पणी नहीं कि है ।

कांग्रेस से मेरा रिश्ता अटूट है
हाल के दिनों में बिहार विधानसभा उप चुनाव को लेकर कांग्रेस और राजद के बीच गठबंधन टूटने कि बात पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का वजूद है। कांग्रेस के लिए हमने जितना किया है, उतना किसने किया? कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को यह बात पता है, लेकिन कांग्रेस की नौकरी करने वाले छुटभैये नेता इस बात को नहीं समझते। लालू ने यह भी कहा कि आज भी देश में विपक्षी एकजुटता का नेतृत्व कांग्रेस ही कर सकती है
उपचुनाव में पार्टी की जीत का दावा किया

लालू यादव ने मौजूदा विधानसभा उपचुनाव में अपनी पार्टी की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि RJD के उम्मीदवार दोनों सीटों पर चुनाव जीतेंगा। कहा कि तेजस्वी यादव ने पहले ही विरोधियों की हवा निकाल दी है और जो थोड़ा बहुत बचा है, उसका विसर्जन करने मैं खुद आ गया हूं। लालू यादव ने कहा कि वे 27 अक्टूबर को दोनों विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार करेंगे।

नीतीश कुमार अहंकारी है
लालू यादव ने कहा कि राजनीति में नीतीश कुमार जैसा अहंकारी दूसरा कोई नहीं है नीतीश खुद को प्रधानमंत्री के तौर पर देख रहे थे। हर तरफ से उन्हें PM मैटेरियल बताया जा रहा था। नीतीश कुमार जैसा अहंकारी व्यक्ति कोई नहीं हो सकता। नीतीश जब PM बनने में असफल रहे तब वह BJP की गोद में बैठ गए। BJP और PM नरेंद्र मोदी को भी भली-भांति पता है कि नीतीश कुमार क्या चीज है। वे जुगाड़ के सहारे बिहार में सत्ता पर बने हुए हैं।

केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया
लालू ने BJP और केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया। कहा कि देश में महंगाई अब कमरतोड़ स्थिति से भी ऊपर जा पहुंची है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। आम लोगों के लिए जीना मुश्किल हो गया है। BJP जब विपक्ष में थी तो महंगाई को मुद्दा बनाती थी, लेकिन आज देश में महंगाई की चर्चा तक नहीं होने दी जा रही है। आम आदमी परेशान है और सरकार को इसकी परवाह नहीं।

राजनीति में अक्सर दो दुना चार नहीं होता है

राजनीति में अक्सर दो दुना चार नहीं होता है ,वही कागज पर जो गणित दिखता है वही जमीन पर भी दिखाई दे ये कोई जरूरी नहीं है बिहार विधानसभा के उपचुनाव में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है जिस कुशेश्वर स्थान विधानसभा क्षेत्र को लेकर कांग्रेस और राजद में विवाद हुआ उस विधानसभा को लेकर राजद का मानना है कि वहां सबसे अधिक वोटर मुसहर जाति का है उसके साथ यादव और मुसलमान आ जाएगा तो फिर राजद प्रत्याशी को जीत से कोई रोक नहीं सकता है ये राजनीतिक गणित सौ फीसदी सही भी है ये तीनों एक साथ आ जाये तो फिर बहुत मुश्किल है नहीं है राजद का चुनाव जीतना ।

1—यादव और मुसहर के बीच दो दशक से हिंसक संघर्ष चल रहा है कुशेश्वर स्थान में
कुशेश्वर स्थान बिहार का सबसे पिछड़ा प्रखंड है जहां अभी भी अधिकांश गांव में सड़क नहीं पहुंचा है वजह बाढ़ है , दरभंगा से कुशेश्वर स्थान पहुंचने के बाद आज भी अधिकांश गांव में जाने के लिए बस नाव ही एक सहारा है। कुशेश्वर स्थान विधानसभा क्षेत्र समस्तीपुर ,खगड़िया और सहरसा बॉर्डर से जुड़ा हुआ यह स्थान कोसी,कमला और अधवारा समूह के नदियों का कीड़ा स्थल है और यह इलाका कभी अपराधियों का गढ़ माना जाता था एक दौर था जब कारी पासवान और अशोक यादव गैंग के बीच वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष चलता था कारी पासवान के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद यह पूरा दियरा इलाका अशोक यादव और रामानंद यादव के कब्जे में आ गया लेकिन 2005 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सरकार बनी तो मुहसर जाति के लोग यादव के आतंक के खिलाफ गोलबंद होने लगे और इसी दौरान 2008 में गई जोड़ी गांव में दो मुसहर की हत्या कर दी गयी और इस घटना में कई मुसहर घायल हो गये थे इस घटना के बाद इस इलाके में यादव के खिलाफ नक्सली संगठन तैयार होने लगा और उसके बाद हत्या को सिलसिला दोनों और से शुरू हुआ वो अभी तक जारी है दो दर्जन से अधिक हत्याएं इन इलाकों में हो चुकी है और एक वर्ष पहले ही कुख्यात रामानंद यादव की हत्या मुसहर जाति के लोगों ने कर दिया था।

कुशेश्वर स्थान विधानसभा क्षेत्र में तिलकेश्वर थाना क्षेत्र स्थित गईजोड़ी ,रक्डी ,झाझा सहित एक दर्जन से अधिक गांव है जहां हर वर्ष कास की खेती पर कब्जा करने को लेकर यादव और मुसहर के बीच हथियार निकलता है जानकार बताते हैं कि 2005 के बाद से मुसहर पिछले विधानसभा चुनाव तक एनडीए के साथ यानी यादव जिसके साथ रहता था उसके खिलाफ वोट करता था जीतनराम मांझी के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद मांझी का पार्टी के द्वारा माहौल बनाने की कोशिश हुई लेकिन मुसहर जदयू के साथ रहा और 2015 के चुनाव में जदयू ने एलजेपी के प्रत्याशी को 18 हजार वोट से चुनाव हार दिया।

यहां मुसहर जाति का वोट 35 हजार के करीब वोट है 2008 से जब से नये परिसीमन में इस विधानसभा सीट का गठन हुआ है तब से लेकर 2020 के विधानसभा चुनाव तक हुए वोटिंग ट्रेंड पर गौर करेंगे तो सबसे कम वोटिंग प्रतिशत मुसहर जाति का ही रहा है हालांकि पहली बार किसी दल ने मुसहर को टिकट दिया है और उसको लेकर मुसहर जाति में उत्साह भी है लेकिन दो बड़ी समस्या है जो राजद के गणित को प्रभावित कर रहा है ।

पहला है जिस गांव में मुसहर और यादव की आबादी है वहां मुसहर यादव के साथ वोट नहीं कर रहा है ऐसा साफ दिख रहा है उसकी वजह आये दिन फसल पर कब्जा करने को लेकर चला आ रहा है विवाद है हालांकि जिस गांव में मुसहर यादव के साथ नहीं रह रहा है वहां के मुसहर का वोट शत प्रतिशत राजद उम्मीदवार के साथ है वैसे 27 को जीतन राम मांझी तिलकेश्वर में आ रहे हैं उनकी सभा में मुसहर की उप स्थिति कैसी रहती है उस पर साफ हो जाएगा क्यों कि यहां अभी भी ट्रेंड है जिसको वोट करेगा उसी के सभा में जायेंगा सभा में मौजूद भीड के उत्साह से समझ में आ जाता है ।

दूसरी सबसे बड़ी समस्या पंचायत चुनाव है यहां 12 दिसंबर को वोट पड़ना है इस वजह से मुसहर और यादव दोनों खुलकर राजनीति करने से परहेज कर रहे हैं क्यों कि कई पंचायच ऐसा है जहां यादव को अतिपिछड़ा के वोट का जरुरत है इसी तरह कई आरक्षित सीट ऐसा है जहां मुसहर उम्मीदवार को कुर्मी वोटर के मदद की जरूरत है इस विधानसभा में 20 से 25 हजार कुर्मी (धानुक) का भी वोट है इसलिए इस विधानसभा में कई ऐसे फेक्टर है जो कागज पर खींची लकीर से मेल नहीं खा रहा है ।

बिहार विधानसभा उपचुनाव के प्रचार अभियान में आयी तेजी एनडीए के सभी बड़े नेता जुटे एक मंच पर

आगामी 30 अक्टूबर को तारापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए उप चुनाव होना है। संग्रामपुर के रानी प्रभावती उच्च विद्यालय के मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि परिवारवाद की पोषक पार्टियां सत्ता की छटपटाहट में है। इन्हें बिहार के विकास से कुछ भी लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि इन लोगों ने अब तक सिर्फ अपने परिवार का ही विकास किया है। अब तो इन पार्टियों के अंदर वर्चस्व की लड़ाई भी चल रही है, ऐसे लोग बिहार का क्या भला करेंगे।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एक मजबूत सरकार काम कर रही है, वहीं बिहार में लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय के तहत बिहार को विकसित राज्य बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि 2005 के पहले का बिहार जर्जर बिहार था। आज समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उन योजनाओं को धरातल पर उतारा है।

उपमुख्यमंत्री चुनावी सभा को संबोधित करते हुए

आधारभूत संरचना निर्माण से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, वंचित वर्गों के कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवा शक्ति के विकास के साथ-साथ रोजगार और उद्यमिता को बढ़ाने के संस्थागत प्रयास किए गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों के घर तक बिजली, शुद्ध पेयजल, गैस कनेक्शन, गरीबों को अनाज और उनके लिए घर की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रधानमंत्री जी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के माध्यम से देश को समृद्ध किया है। शहरों में नगरीय सुविधाओं के विकास, कोरोना की वैश्विक महामारी के दौरान देश के लोगों की जान की रक्षा के साथ-साथ दुनिया के कई देशों को कोरोना के टीके उपलब्ध कराकर मानवता की रक्षा की है। बिहार सरकार ने छह माह में छह करोड़ टीकाकरण के लक्ष्य को समय सीमा के पहले पूरा कर अपनी प्रतिबद्धताओं को साबित किया है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रतिबद्धताओं और विकास के प्रति दृढ़ संकल्पित सरकार है। हमारी प्रतिबद्धताएं जनता के साथ हैं। उन्होंने तारापुर विधानसभा क्षेत्र की जनता का आह्वान करते हुए कहा कि 30 अक्टूबर को होने वाले उप चुनाव में परिवारवाद की समर्थक पार्टियों के झांसे में न आएं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार को भारी मतों से विजयी बनावें।

रानी प्रभावती उच्च विद्यालय संग्रामपुर के प्रांगण में आयोजित जनसभा को पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतन राम मांझी, केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री श्री मुकेश साहनी, सांसद एवं पूर्व मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर, विधायक श्री प्रणव कुमार यादव, विधायक श्री प्रफुल्ल मांझी, मंजीत कुमार सिंह, जिला अध्यक्ष संतोष साहनी, अरुण मांझी सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के वरिष्ठ नेतागण, कार्यकर्तागण एवं भारी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

पांचवे चरण का पंचायत चुनाव सम्पन्न 61 प्रतिशत के करीब हुई है वोटिंग

पांचवे चरण का पंचायत चुनाव छिटपुट घटनाओं को छोड़ दे तो शांतिपूर्ण संपन्‍न हो गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद के अनुसार अभी तक 61 प्रतिशत वोटिंग हुई है औरअभी भी कई जगहों पर वोटिंग चल ही रही है चुनाव के दौरान गड़बड़ी के 36 मामले आये हैं और उस पर आयोग कार्यवाही कर रही है ।

आज वैशाली में एक प्रत्‍याशी को चाकू मार दिया गया। अरवल, वैशाली व शेखपुरा सहित कई जगह हंगामा हुआ। शेखपुरा में एक बूथ पर सरपंच व पंच के चुनाव को रद करने की सिफारिश चुनाव आयोग से की गई। उधर, सीतामढ़ी में एक फर्जी महिला वोटर पकड़ी गई। मुंगेर को दो मुखिया के समर्थक आपस में लड़ गये पुलिस के साथ भी धक्का मुक्की की गयी
आज जिला परिषद सदस्‍य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्‍य, वार्ड सदस्‍य, सरपंच व पंच के 26091 पदों के लिए 6746545 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।पांचवें चरण के मतों की गिनती 26 और 27 अक्टूबर को होगी।

दोपहर बाद क्या खास रहा पंचायत चुनाव के दौरान

1—वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड में मतदान के दौरान मतदान केंद्र संख्या 234 पर ईवीएम का बटन टूट जाने के कारण मतदान प्रभावित हुआ है। कुछ देर के लिए जिला परिषद का मतदान प्रभावित हुआ।

2–अरवल के करपी स्थित बसन बिगहा के बूथ 138 पर दो गुटों में झड़प हुई है। घटना के बाद डीएम व एसपी मौके पर पहुंचे हैं।

3—मुई में नक्सलियों के लिए सेफ जोन माना जाने वाले बरहट प्रखंड के जंगल में अवस्थित गुरमाहा, चोरमारा के मतदाताओं ने जमकर मतदान किया। गांव की सरकार चुनने को लेकर पांच पहाड़ पार कर लगभग 35 किलोमीटर पहाड़ी रास्ता पैदल तय कर बूथों तक पहुंच रहे हैं।

4—सीतामढ़ी में पंचायत चुनाव के दौरान फर्जी महिला वोटर पकड़ी गई। मुजफ्फरपुर के कुढ़नी प्रखंड के सोनबरसा साह में प्रत्याशी के समर्थक आपस मे भिड़ गए। एक युवक बूथ के बाहर बैठकर वोटरों को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए रिझा रहा था। एक कागज पर अपने पक्ष के प्रत्याशी का चुनाव चिह्न लिखकर वोटरों को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए कह रहा था। इसी बात को लेकर जमकर हंगामा होने लगा। वहीं, मुंगेर में दो मुखिया प्रत्याशी आपस में भिड़ गए।

पटना–पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने दी चुनाव की जानकारी…..अभी भी कई जगहों पर वोटिंग हो रही है ।

पांचवे चरण में अभी तक 61% मतदाता ने अपने मतदान का प्रयोग किया
वोटिंग को। लेकर कुल 36जगहों से चुनाव को लेकर मामले आये

कन्हैया के आने के साथ ही बिहार की राजनीति गरमाई

कन्हैया के कांग्रेस में शामिल होने का कितना फायदा कांग्रेस को मिलेगा ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन जिस तरीके से बिहार की राजनीति 30 वर्षों से एक खास मुहाने पर रुक सा गया था उसमें हलचल तो दिखाई देने लगा है।

जरा इन ट्वीट और बयानों पर गौर करिए

तेज प्रताप — ट्वीट कर कहा है- “जब से आए हो, अक्कड़-बक्कड़, कुच्छो बोलते जा रहे हो…! गैंग वाले थे, अब नेता बनने का शौक पाले हो का…? याद रखो कि अगर लालू यादव जी ना होते तो शायद तुम भी ना होते…

डाॅ रोहिणी—-लालू प्रसाद की पुत्री डॉ. रोहिणी जो इन दिनों अपने ट्विटर हैंडल के सहारे बिहार की राजनीति में फिरकी लेती रही है उन्होंने कन्हैया को लेकर एक ट्वीट किया है “बड़ी-बड़ी बातें जो बोलता है, एसी भी उखाड़ कर जो बेचता है..’। रोहिणी ने यह भी कहा है- “सिद्धांत का जो धनी नहीं, वो नेता तो क्या इंसान बनने के लायक नहीं।

सुशील मोदी —कांग्रेस और राजद के जूदा जूदा होने पर सुशील मोदी का बयान आया है ,एनडीए के वोट बैंक में सेंधमारी करने के लिए अलग अलग चुनाव लड़ रहा है ,राजद की पालकी को ढोने का काम कांग्रेस कर रही है और आगे भी करेगी,चुनाव बाद दोनों दल एक बार फिर एक हो जाएगा,जनता को भ्रम में रखने के लिए राजद कांग्रेस की रणनीति है ।

मनोज झा–(राजद प्रवक्ता )—-कन्हैया के बयान पर मनोज झा की बहुत ही सधी हुई प्रतिक्रिया आयी है मैं उनको शुभकामना देता हूं और मैं क्या हूं मैं क्या नहीं हूं इसका मूल्यांकन बिहार और देश के लोग करेंगे मैं राजनीति में भाषा की गरिमा का बहुत ध्यान रखता हूं हां उन्हें बहुत बहुत शुभकामना देता हूं और तरक्की करे और उच्चे जाये ।

सुशील मोदी और मनोज झा का यह बयान और लालू प्रसाद के परिवार का ट्वीट अपने आप में बहुत कुछ बया कर रही है, देखिए आगे आगे होता है क्या।

वैसे बिहार विधानसभा उपचुनाव का परिणाम जिसके भी पक्ष में हो बिहार की सियासत पर दूरगामी प्रभाव छोड़ेगा यह तय दिख रहा है ।

चुनाव ठेकेदारी है क्या –अभयानंद

चुनाव ठेकेदारी है क्या? **
विद्यार्थी जीवन में कानून से पाला नहीं पड़ा। विज्ञान एवं गणित से पड़ा था। नौकरी में फौजदारी कानून से वास्ता पड़ा, पुलिस की नौकरी जो कर ली थी।

वर्ष 2001 – 2003 के बीच IG (Provision) के रूप में टेंडर, कॉन्ट्रैक्ट, एग्रीमेंट, आदि शब्दों से रू-ब-रू हुआ। आदत के अनुसार हर चीज़ का कानूनी पहलू समझने के लिए “लॉ ऑफ़ कॉन्ट्रैक्ट” का अध्यययन भी यथासंभव कर लिया।

सहसा ध्यान आया कि चुनाव में भी तो राजनीतिक पार्टियाँ अपने मैनिफेस्टो के माध्यम से चुनाव आयोग के द्वारा निकाली गई अधिसूचना, जो टेंडर के समतुल्य मानी जा सकती है, अपना-अपना “कोटेशन” आम आदमी के सामने रखती हैं।

टेंडर नेगोशिएशन परचेज़ समिति के सामने होती है, जिसमें आजकल टेक्निकल और कमर्शियल बिड अलग-अलग फाइल की जाती है। उसी प्रकार चुनाव प्रचार और मीडिया के द्वारा स्थापित मंच पर बहस होती है, जो “टेंडर नेगोशिएशन” के सपेक्ष है।

अंततः जिस पार्टी का “बिड” आम आदमी अर्थात वोटर को सबसे अच्छा लगता है, उस पार्टी को “वर्क आर्डर” मिल जाता है। चुनाव आयोग उस विजयी पार्टी के उम्मीदवार को औपचारिक रूप से प्रमाण पत्र देकर पार्टी और आम आदमी के बीच “कॉन्ट्रैक्ट” साइन होने का एलान कर देता है।

चुनाव और उसमें अपनाई गई प्रक्रिया से अधिक मौलिक, संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया शायद ही कोई हो। ऐसी परिस्थिति में चुनावी वादों को कानून के माध्यम से “एनफोर्स” कराने की व्यवस्था होनी ही चाहिए।
मुझे तो दीवानी तथा फौजदारी, दोनों आयाम दिख रहे हैं। समाज (सरकार नहीं) में कानूनविद इस विचार पर सोच कर देखना चाहेंगे?

बिहार विधानसभा उपचुनाव में पप्पू यादव ने कांग्रेस को समर्थन देने का किया एलान

उप चुनाव के बहाने ही सही कांग्रेस बिहार में राजद से दूरी बनाना शुरु कर दिया है और इसके लिए पार्टी उप चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दिया है और खबर आ रही है कि पप्पू यादव कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश तारापुर और कुशेश्वरस्थान में साथ मंच शेयर करेंगे वैसे कांग्रेस पहले ही पूर्व सांसद रंजीत रंजन को कुशेश्वरस्थान स्थान का पर्यवेक्षकों नियुक्त कर संकेत दे दिया था कि पप्पू और रंजीता वर्षो बाद एक साथ दिखेगी

1—कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगे पप्पू यादवपप्पू यादव की छवि को देखते हुए टीम राहुल फिलहाल पप्पू यादव को पार्टी में शामिल करने से परहेज कर रही है लेकिन पप्पू यादव बिहार में कांग्रेस के लिए काम करे इसके लिए दिल्ली के निर्देश पर ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने पप्पू यादव से उप चुनाव में समर्थन मांगा था ।

पप्पू यादव कांग्रेस के लिए प्रचार करेगा ।

पप्पू यादव ने आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा के आग्रह को स्वीकार करते हुए दोनों सीटों पर कांग्रेस का समर्थन की घोषणा करते हुए कांग्रेस के लिए प्रचार करने की घोषणा की है।पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पप्पू यादव ने कहा कि बिहार और देश की जो वर्तमान स्थिति है, उससे कांग्रेस बेहतर तरीके से लड़ाई लड़ रही है। UP और बॉर्डर इलाके में भी कांग्रेस काफी मेहनत कर रही है, इसलिए देश हित और बिहार की स्थिति को देखते हुए, कांग्रेस का 100 प्रतिशत सहयोग करेंगे।

हमारी पार्टी के कार्यकर्ता कुशेश्वरस्थान में लगेंगे। मैं खुद कैम्प करूंगा। हमारी पार्टी ने निर्णय लिया है कि हर परिस्थिति में हम बिहार में कांग्रेस के साथ हैं।

2–तेजस्वी पर साधा निशानापप्पू ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतना कमजोर विपक्ष और बहुरूपिया हमने कहीं नहीं देखा है।

विपक्ष को मछली मारने और धान के खेत में जाने से फुर्सत नहीं है। वहीं, पूर्व सांसद ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार आड़े हाथों लिया और कहा कि कश्मीर मामले में केंद्र और बिहार सरकार चुप है।

पप्पू यादव ने बिहारियों को सुरक्षित बिहार लाने को लेकर सरकार को कोसा

3—पप्पू यादव ,कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश कई सभा साथ करेंगे कांग्रेस उप चुनाव को दिलचस्प बनाने के लिए अपनी पूरी युवा बिग्रेड को मैदान में उतार दिया है कल से कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश के साथ साथ पप्पू यादव भी कांग्रेस के लिए वोट मांगेंगे।

इस युवा बिग्रेड का तारापुर पर कितना प्रभाव पड़ेगा कहना मुश्किल है लेकिन इस टीम के मैदान में उतरने से कुशेश्वरस्थान में राजद की मुश्किलें बढ़ सकती है । हालांकि कांग्रेस की पूरी कोशिश चल रही है कि पप्पू यादव के सहारे यादव वोटर में और कन्हैया के सहारे मुस्लिम वोटर में इतना बड़ा डिभिजन करा दे कि राजद को कांग्रेस की शर्तों पर गठबंधन करने पर मजबूर होना पड़े ।

चौथे चरण के पंचायत चुनाव के दौरान गड़बड़ी की शिकायत पर आयोग ने छह मतदान केन्दों पर फिर से चुनाव कराने का दिया आदेश

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के चौथे चरण के दौरान हुई गड़बड़ी को देखते हुए 6 मतदान केन्द्रों पर फिर से मतदान कराने का आदेश दिया है ।इसमें पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-1 हरदी नदवा पंचायत के वार्ड संख्या 8 की बूथ संख्या 227 है।

यहां पंच पद के मतपत्र गलत छप जाने के कारण पुनर्मतदान होगा। पूर्वी चंपारण, ढाका के भगवानपुर में ग्राम पंचायत सदस्य के लिए वार्ड संख्या 3 के बूथ संख्या 179 पर ईवीएम कमीशनिंग में गलत मतपत्र लग जाने के कारण पुनर्मतदान होगा।

समस्तीपुर के विभुतिपुर में देशरी कर्रख पंचायत के वार्ड संख्या 21 की बूथ संख्या 226 पर पंचायत समिति सदस्य के लिए हुई वोटिंग में ईवीएम के त्रुटिपूर्ण कमीशनिंग के कारण पुनर्मतदान होगा।

वहीं, सारण जिले के पानापुर प्रखंड की धेनुकी पंचायत में पंचायत समिति सदस्य, वार्ड संख्या 8 की बूथ संख्या 63 ईवीएम में प्रा.नि.क्षे.सं. 7 का सदस्य मतपत्र लग जाने के कारण पुर्नमतदान होगा।

वही अररिया के नरपतगंज प्रखंड की फरही में बूथ संख्या 344- 345 पर असामाजिक तत्वों द्वारा बोगस मतदान करने एवं मतदान को प्रभावित किए जाने के कारण फिर से मतदान कराने का निर्देश आयोग द्वारा जारी किया है ।


जमीन पर ईवीएम रखने के मामले में दोषी पर आयोग ने कार्रवाई का दिया निर्देश
कटिहार के फलका प्रखंड की सालेहपुर पंचायत की बूथ संख्या 135 पर जमीन पर ईवीएम रखने मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने दोषियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया।

आयोग के मुताबिक भवन की कुर्सियां और टेबल एक कमरे में बंद कर रख दी गई थीं। जिसकी वजह से ये परेशानी सामने आई थी। ईवीएम जमीन पर होने के कारण वोटर भी यहां मजबूरी में जमीन पर बैठ कर वोट डालते दिखे थे।

बिहार पंचायत चुनाव के चौथे चरण की मतगणना शुरु, मतगणना से पूर्व ही 3220 प्रत्याशी निर्विरोध हो चुके हैं निर्वाचित

बिहार पंचायत चुनाव के चौथे चरण की मतगणना शुरु हो गयी है हालांकि मतगणना से पहले ही 3,220 निर्विरोध निर्वाचित हो चुका है इनमें 3,104 पंच; 1 मुखिया और 115 पंचायत सदस्य भी शामिल है राज्य निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के अनुसार सबसे अधिक 3,104 पंच निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। चौथे चरण में कुल 24 हजार 586 पदों के लिए चुनाव हुआ है ।

चौथे चरण के 147 पदों पर किसी ने नहीं किया नामांकन ।

चौथे चरण में जिन सीटों पर वोटिंग हुई है, उनमें से 147 पदों पर किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। कोई भी नामांकन दाखिल नहीं होने के कारण ये सीटें खाली रह गई हैं। इसमें सबसे अधिक 140 पद ग्राम कचहरी के पंच का है। इसके साथ ही 7 पद ग्राम पंचायत सदस्य का है।

चौथे चरण का चुनाव सम्पन्न

पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के बावजूद मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला है आज चौथे चरण पंचायत चुनाव में 58.65 प्रतिशत वोटिंग हुई है महिला ने 63,05 प्रतिशत और पुरूष ने 54,26 प्रतिशत मतदान किया है।

हलाकि रोहतास .वैशाली ,सहित कई जिलों से छुटपुट हिस्सा की भी खबर आयी लेकिन समान्य तौर पर मतदान पूरी तरह शांतिपूर्वक रहा ।

1–वैशाली में लालगंज के घटारो में बूथ पर झड़प के बाद बर्चस्व को लेकर दो पक्षों में चली गोली। एक युवक घायल, हाजीपुर-लालगंज मुख्य मार्ग को भी किया गया जाम, बूथ नम्बर 196,197 पर चली गोली से पंकज कुमार नामक युवक घायल हुआ है।

2–गोपालगंज में पंचायत चुनाव के दौरान पंचदेवरी व कटेया प्रखंडों के विभिन्न मतदान केंद्रों से मारपीट करने व मतदाताओं को धमकाने के आरोप में पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। यहां दोपहर एक बजे तक करीब 29 फीसदी मतदान हुआ है।

3–रोहतास में शिवपुर के मुखिया प्रत्याशी श्वेता सिंह और उनके समर्थकों पर हमला हुआ है। मुखिया प्रत्याशी की गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया गया है। हमला का आरोप दूसरे पक्ष पर लगा है।

4— बक्सर के बड़का गांव में मतदान के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लाठियां भांजने का आरोप लगाया है।

5—सीतामढ़ी के मिर्जापुर पंचायत में EVM के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। यहां EVM से प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह ही गायब हो गया है। पंचायत समिति के सदस्य के चुनाव चिन्ह में उलट-फेर किया गया है।

6—बिहटा प्रखंड के मूसेपुर पंचायत से पुलिस ने भारी मात्रा में वोटर आईडी कार्ड एवं दो डैमो ईवीएम को एक घर से किया बरामद. बोगस वोटिंग के लिए पंचायत में नहीं रहनेवाले लोगों का पहचान पत्र किया जा रहा था इस्तेमाल. दो लोग गिरफ्तार ।

पंचायत चुनाव का चौथा चरण बारिश के बावजूद मतदाताओं में देखा जा रहा है खासा उत्साह

बिहार पंचायत चुनाव के चौथे चरण चरण की वोटिंग चल रही है हलाकि बारिश की वजह से वोटिंग प्रभावित हुई फिर लोगों में इतना जोश है कि बारिश में भी महिलाए भींग कर रही है ।आज 36 जिलों के 53 प्रखंडों में वोट डाले जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार, सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान को लेकर आयोग ने पूरी तैयारी की हुई है। इस चरण में 11,318 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 62 लाख 80 हजार 960 मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। इनमें 32 लाख 96 हजार 329 पुरुष व 29 लाख 84 हजार 415 महिला मतदाता और अन्य 216 मतदाता शामिल हैं

ये तस्वीर बिहार के पंचायत चुनाव की है जहां बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएँ घर से निकली हैें।

इस चरण में ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 41,120, ग्राम पंचायत मुखिया पद के लिए 5835, पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 5979, ग्राम कचहरी पंच पद के लिए 17553, ग्राम कचहरी सरपंच पद के लिए 4190 और जिला परिषद सदस्य पद के लिए 1131 उम्मीदवार मैदान में हैं।

चौथे चरण में 799 ग्राम पंचायतों के मुखिया और सरपंच के लिए चुनाव होंगे। 10888 वार्डों में ग्राम पंचायत सदस्य और ग्राम कचहरी के पंच पर चुनाव हो रहा है। जिला परिषद की 119 सीटों पर, जबकि पंचायत समिति की 1093 पदों पर चुनाव के लिए चुनाव कराया जा रहा है।

——–आज के पंचायत चुनाव में क्या खास है——–
दोपहल के एक बजे तक बिहार में 30 से 35 प्रतिशत मतदान की खबर है वैसे इस बार बारिश की वजह से मतदाता और मतदानकर्मियों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है

मोतिहारी के ढाका के बूथ संख्या 179 पर पंचायत सदस्य के मतपत्र का त्रुटिपूर्ण प्रकाशन। इसे लेकर इस पद के लिए मतदान नहीं हो रहा है। शेष पदों पर मतदान चल रहा है। इस बूथ पर वार्ड सदस्य के लिए पुनर्मतदान के लिए चुनाव आयोग को अनुशंसा की जा रही है।

जमुई के कवाली गांव में बूथ नंबर 69 पर प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच झड़प।
पुलिस ने मामला शांत कराया। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से फिर से शुरू।
गया जिले के गुरुआ के बूथ नंबर 111 में बोगस वोटिंग का आरोप।

सलमा खातून का वोट किसी दूसरे ने दिया, बायोमेट्रिक सिस्टम नहीं कर रहा काम।
मोतिहारी के ढाका प्रखंड के बूथ संख्या 179 पर वार्ड सदस्य पद का चुनाव स्थगित।
चुनाव लड़ रहे थे 11 लोग। EVM बैलेट में सिर्फ 7 प्रत्याशियों का नाम।

पटना के दुल्हिनबाजार के 17 मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक काम नहीं कर रहा।
पटना के बिहटा के 27 मतदान केंद्रों पर भी बायोमेट्रिक सिस्टम फेल।

नालंदा-इस्लामपुर प्रखंड के बड़ाय गांव में मतदान केंद्र के पास भौरा का हमला। कई मतदाता जख्मी।
बक्सर के बसुधर पंचायत के बूथ नं 1,2,3 पर सभी पोलिंग पार्टियों को बदला गया।

मुजफ्फरपुर में बूथ संख्या 101 पर मुखिया प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच विवाद।
कटिहार जिले के तीन प्रखंडों में बारिश के बावजूद मतदाताओं की दिख रही भीड़।

नवादा में एक बूथ पर दिव्यांग बहन को वोट दिलाने पहुंचा भाई। भाई ने कहा- बहन को नहीं दिखता है, इसलिए वोट दिलाने के लिए लाया हूं।

समस्तीपुर के विभूतिपुर पतैलिया में बूथ संख्या 3, 5, 15 में ईवीएम मशीन खराब।
मुजफ्फरपुर के रघुनाथपुर खुर्द पंचायत में बिना भवन वाला बूथ। यहां टेंट से बूथ बनाया गया है।

मधुबनी के राजनगर प्रखंड के रघुनी देहट पंचायत के बूथ नम्बर 2 पर बारिश के कारण मतदान बाधित रहा।
मुजफ्फरपुर– सरैया रामपुर विश्वनाथ पंचायत के पंचायत समिति सदस्य उम्मीदवार राजन चौधरी को निशाना बनाते हुए फायङ्क्षरग।

पटना– बिहटा प्रखंड में देकुली मतदान केंद्र पर शराब पीकर मतदान करने पहुंचे एक मतदाता को बिहटा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

छपरा— मशरख प्रखंड के दुगौली गांव के दुमदुमा के बूथ पर रोशनी की व्‍यवस्‍था नहीं है। इस कारण वहां टार्च क रोशनी में मतदान कराया जा रहा है। सिवान के मैरवा प्रखंड में मतदान की गति धीरे-धीरे बढ़ रही है।

नालंदा के डुमरी गांव के बूथ संख्‍या दो पर 35 मिनट विलंब से मतदान शुरू हुआ। मुंगेर के असरगंज प्रखंड में तेज बारिश के बीच मतदाता छाता लेकर मतदान केंद्र पहुंचे हैं।

चौथे चरण के पंचायत चुनाव की तैयारी अंतिम चरण में 20 अक्टूबर को होगा मतदान

पंचायत चुनाव के चौथे चरण के लिए 20 अक्टूबर बुधवार को होने वाले मतदान को लेकर सभी प्रशासनिक स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है। चौथे चरण के मतदान को लेकर राज्य में 11,318 मतदान केंद्रों का गठन किया गया है। इन मतदान केंद्रों को 7729 मतदान भवनों में बनाया गया है। इस चरण में 36 जिलों के 53 प्रखंडों में चुनाव निर्धारित हैं।

1- 799 पंचायतों में उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला
चौथे चरण के चुनाव के दौरान 799 पंचायतों में विभिन्न पदों के उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चौथे चरण में सभी छह पदों के लिए कुल 75,808 नामांकन पत्र दाखिल किए गए है। इनमें 35525 पुरुष एवं 40283 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। आयोग के अनुसार ग्राम कचहरी पंच के कुल 10888 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर 17,553 उम्मीदवार मैदान में हैं। जबकि सरपंच के 799 सीटों के विरुद्ध 4190, मुखिया के 799 सीटों के विरुद्ध 5835, पंचायत सदस्य के 10,888 सीटों के विरुद्ध 41,120, जिला परिषद सदस्य के 119 सीटों के विरुद्ध 1131 और पंचायत समिति सदस्य के 1093 सीटों के विरुद्ध 5979 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया है।

2- चुनाव आयोग ने की कार्यवाही
जमुई जिले के सोनो प्रखंड विकास पदाधिकारी को चुनाव कार्य से हटा दिया गया है निर्वाचन कार्य प्रबंधन में विफल सोनो प्रखंड विकास पदाधिकारी को चुनाव कार्य से हटा दिया गया है। उनकी जगह निर्वाचन पदाधिकारी की कमान वहां के अंचलाधिकारी राजेश कुमार को दी गई है। यह आदेश जिला पदाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने जारी कर दिया है।

वही राज्य में छठे चरण के प्राथमिक शिक्षक नियोजन में 90 हजार 762 पदों पर, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक नियोजन में 32 हजार से ज्यादा पदों पर शिक्षक बहाली की प्रक्रिया चल रही है। निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव संपन्न होने तक शिक्षक नियोजन को जारी रखने की अनुमति देने से मना कर दिया है।

क्या बीजेपी असदुद्दीन ओवैसी को देश का दूसरा जिन्ना बनाने में लगा है?

क्या संघ और बीजेपी हिंदू महासभा की तरह असदुद्दीन ओवैसी को दूसरा जिन्ना बनाने में मदद कर रही है । सवाल उठना लाजमी है क्यों कि मीडिया में कवरेज को लेकर एक रिपोर्ट आयी है जिसमें पीएम मोदी के बाद सबसे अधिक किसी नेता को कवरेज मिल रहा है तो वो असदुद्दीन ओवैसी है । मीडिया ओवैसी को इस तरह से पेश कर रहा है जैसे देश के 25 करोड़ मुसलमान का वही एक आवाज है जैसे कभी ब्रिटिश सरकार उस दौर में जिन्ना को दिखाने की कोशिश कर रहा था।

1- क्या हैसियत है असदुद्दीन ओवैसी की 

देश के 545 लोकसभा सीट में असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM पार्टी का मात्र दो सांसद है एक खुद असदुद्दीन ओवैसी  है दूसरा महाराष्ट्र से गठबंधन में जीत करके आया है ।इसी तरह देश के 4126 विधानसभा सीटों में AIMIM के विधायकों की संख्या मात्र 14 है। तेलंगाना विधानसभा में विधायकों की संख्या सात है वो भी गठबंधन में, पांच बिहार में है और दो महाराष्ट्र में है।यही इसकी राजनीतिक हैसियत है ।  बात अगर वोट प्रतिशत की करे तो तेलंगाना विधानसभा चुनाव में  2.7 फीसदी वोट मिले थे AIMIM को ।बिहार में AIMIM को 1.24 फीसद वोट मिला है और इसी तरह महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में AIMIM 1.34 प्रतिशत वोट मिला था ।और इस बार के बंगाल विधानसभा की बात करे तो AIMIM को 0.01%  वोट मिला था । मतलब पूरे देश में इसकी जमा पूंजी मात्र 4.66 प्रतिशत वोट का है और टीवी पर इसकी सभा और मुस्लिम विषय से जुड़े मामले में कुल समय की बात करे तो 99 प्रतिशत हिस्सा ओवैसी को मिलता है यह आंकड़ा हिंदी चैनल से जुड़ा है जहां इसकी जमा पूंजी 5 विधायक और 1.24 प्रतिशत वोटों का है ।

2- असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति को स्थापित करने की कोशिश क्यों चल रही है

ये सवाल लाजमी है और इसको समझने की भी जरूरत है क्यों कि एक ऐसा नेता जिसकी राष्ट्रीय फलक पर कोई हैसियत नहीं है उसको इतनी तब्बजों क्यों दी जा रही है ।चलिए आजादी के आंदोलन के दौर में चलते हैं जिन्ना जो सूअर का मांस खाता था ,शराब पीता था मतलब वो दूर दूर तक मुसलमान नहीं था ब्रिटिश सरकार ने उसको मुस्लिम नेता के रूप में आगे बढ़ाया जबकि उस समय खान गफ्फार खान मौलाना आजाद जैसे बड़े नेता देश में मौजूद थे लेकिन सारे नेता टू नेशन थ्योरी के खिलाफ थे। अंग्रेज भारत को कमजोर करना चाहते थे जिन्ना उसके लिए जरुरी था इसलिए जिन्ना को स्थापित करने के लिए उस समय की मीडिया और अन्य संसाधनों का पूरा उपयोग किया । यही राजनीति ओवैसी के सहारे  बीजेपी कर रही है ताकि हिन्दी पट्टी में मुस्लिम वोट का बटवारा हो और बीजेपी सरकार को सरकार बनाने में परेशानी नहीं हो।

3- ओवैसी की राजनीति देश को तालिबान की तरफ धकेल रहा है  

दुनिया में भारत दूसरे नम्बर का देश है जहां सबसे ज्यादा मुसलमान रहता है फिर भी हालात अधिकांश मुस्लिम राष्ट्र से बेहतर भारत का है इसकी वजह भारतीय मुसलमान धार्मिक रूप से उतने कट्टर नहीं है जितने अन्य देशों में है। ओवैसी कर किया रहा है या फिर ओवैसी के परिवार की राजनीति हैदराबाद में क्या रही है कहने की जरूरत नहीं है। इसलिए सत्ता के लिए राजनीतिक दल किसी भी स्तर तक जाकर खेल खेलता है।

आज ओवैसी के सहारे बीजेपी भले ही सत्ता पा ले जैसे बिहार में मिल गया लेकिन इसका दुरगामी प्रभाव जिन्ना के टू नेशन थ्योरी जैसा हो जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी । यही सियासत है आजादी के आंदोलन के दौरान हिन्दू महासभा मुस्लिम लिंग के साथ सरकार चला रही थी और 1942 के आंदोलनकारियों पर गोली चलाने का हुक्म दे रहा था और आज उसके सहारे सत्ता में बने रहने के लिए ओवैसी जैसे नेता को मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर रहा है ।

मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा की

मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा की

मुख्य बिन्दु

• सभी जिलों में अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय खोलें।

• अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावासों, जननायक कर्पूरी ठाकुर कल्याण छात्रावासों, प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों, अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालयों, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति छात्रावासों के साथ-साथ सभी अल्पसंख्यक छात्रावासों में प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी हेतु ऑन लाइन क्लास / कोचिंग की सुविधा प्रारंभ की जायेगी।

• जिन जिलों में जननायक कर्पूरी ठाकुर कल्याण छात्रावास निर्माणाधीन हैं, उनका निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण करें।
• अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना एवं मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेघावृत्ति योजनाओं के अंतर्गत छात्र/छात्राओं के बकाये छात्रवृत्ति / प्रोत्साहन राशि का भुगतान शीघ्र करें।

पटना, 09 अक्टूबर 2021 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा की। बैठक में पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की अद्यतन जानकारी दी।

उन्होंने मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधा वृत्ति योजना, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधा वृत्ति योजना, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना, अन्य पिछड़ा वर्ग प्री मैट्रिक छात्र योजना, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग प्रेवेशिकोत्तर योजना, अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय, जननायक कर्पूरी ठाकुर कल्याण छात्रावास योजना, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास योजना, प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र योजना, मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग सिविल

सेवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना तथा छात्रावासों में खाद्यान आपूर्ति योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी जिलों में अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय खोलें। जिन जिलों में जननायक कर्पूरी ठाकुर कल्याण छात्रावास निर्माणाधीन हैं, उनका निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण करें।

उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना एवं मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजनाओं के अंतर्गत छात्र / छात्राओं के बकाये

छात्रवृत्ति / प्रोत्साहन राशि का भुगतान शीघ्र करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावासों, जननायक कर्पूरी ठाकुर कल्याण छात्रावासों, प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों, अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू

उच्च विद्यालयों, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति छात्रावासों के साथ-साथ सभी अल्पसंख्यक छात्रावासों में प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी हेतु ऑन लाइन क्लास / कोचिंग की सुविधा प्रारंभ की जायेगी इस हेतू सभी व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जानकारी दी गई है कि मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना से छात्र / छात्राएं काफी लाभान्वित हो रहे हैं, यह खुशी की बात है।

राज्य के सभी जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं, कई मेडिकल कॉलेज भी खोले जा रहे हैं ताकि यहां के छात्र/छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत हो ।

बैठक में उप मुख्यमंत्री-सह-पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री श्रीमती रेणु देवी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव शिक्षा श्री संजय कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री वीरेन्द्र प्रसाद यादव एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह उपस्थित थे।

रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के बहाने खुब हुई सियासत

लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्‍थापक रामविलास पासवान की पहली पुण्‍यतिथि के मौके पर चाचा-भतीजे ने अलग-अलग कार्यक्रम का आयोजन किया। चाचा पशुपति पारस पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में, तो भतीजे चिराग पासवान ने दिल्ली स्थित 12, जनपथ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया था ।

पटना में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ,राज्यपाल ,नेता प्रतिपंक्ष तेजस्वी यादव ,पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी केन्द्रीयमंत्री गिरिराज सिंह सहित कई नेता शामिल हुए।

वही दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बीजेपी पहली बार चिराग से दूरी बनाते हुए दिखे दिल्ली में रहने के बावजूद पीएम मोदी ,गृहमंत्री अमित शाह,बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड़्डा श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। बीजेपी के वैसे ही नेता शामिल हुए जिनसे रामविलास पासवान का व्यक्तिगत रिश्ता रहा था रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे थे हलाकि इस मौके पर राहुल गांधी, लालू प्रसाद सहित विपक्ष के कई नेता जरुर पहुंचे थे।

जिस गर्म जोशी से राहुल ,चिराग और लालू प्रसाद के बीच 15 मिनट से अधिक समय तक अकेले में बात हुई आने वाले भविष्य में एक अलग तरह की राजनीति के संकेत साफ दिख रहे थे हलाकि बीजेपी के सीनियर नेताओं के दूरी बनाये रखने के सवाल पर चिराग ने कहां ऐसी कोई बात नहीं है सभी लोगों का फोन आया था ।

छिटपुट घटनाओं को छोड़ कर तीसरे चरण का चुनाव शांतिपूर्ण सम्पन्न लगभग 60 प्रतिशत हुई है वोटिंग

छिटपुट घटनाओं को छोड़ दे तो बिहार पंचायत चुनाव का तीसरा चरण शांतिपूर्ण ढ़ग से सम्पन्न हो गया ।हालांकि कई जिलों में मतगणना केंद्रों पर अभी वोटिंग चल रही है। लाइन में लगे सभी मतदाता वोटिंग कर रहे हैं। दो जगह पुनर्मतदान होगा और 200 सौ से अधिक उपद्रवियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है

हलाकि तीसरे चरण की वोटिंग के दौरान कई जिलों में हल्की झड़प हुई। भोजपुर के जंगल महाल पंचायत के बूथ नंबर 112 पर दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। विवाद के बाद हुई मारपीट में 2 लोगों का सिर फटा गया। इसके बाद बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया था। वहीं, नालंदा के नगरनौसा प्रखंड के खजुरा पंचायत के बूथ नंबर 19 पर थानाध्यक्ष नारद मुनी की गाड़ी पर ही लोगों ने पथराव कर दिया। इस मामले में पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया।दरभंगा जिले के बहेड़ी प्रखंड की हावीडीह उत्तरी पंचायत के बसकट्टी गांव में बूथ संख्या 233 पर गड़बड़ी फैलाने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

पंचायत चुनाव बिमार काका जी वोट देने पहुंचे हैं आक्सीजन सिलेंडर

इस बीच मीडिया से बात करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि समस्तीपुर के उजियारपुर के वार्ड नंबर 8 में फिर से वोटिंग होगी आज 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया इस बार भी महिलाओं ने पुरुष से ज्यादा वोट डालें कुछ स्थानों पर अभी भी मतदान चल रहा है ।बायोमेट्रिक की व्यवस्था सफल हुई मुजफ्फरपुर के मुरौल में वार्ड नंबर 4 में दोबारा मतदान होगा और राज्य निर्वाचन आयुक्त ने मतदान केंद्रों पर कोविड-प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने मामले में कहा कि इस मामले को मैं खुद अपने स्तर से देख लूंगा और आगे इसको लेकर के व्यवस्था की जाएगी इस चरण में बोगस मतदान नहीं हुए हैं।

नाव पर चढ़कर लोग वोट देने पहुंचे

अभी तक जो जानकारी मिल रही उसके अनुसार लगभग 60 प्रतिशत वोटिंग होने की खबर है ।

क्या खास रहा तीसरे चरण के चुनाव में–
1—58.9 प्रतिशत वोटिंग हुई है

2–कुल 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है

3–दरभंगा जिले के बहेड़ी प्रखंड की हावीडीह उत्तरी पंचायत के बसकट्टी गांव में बूथ संख्या 233 पर गड़बड़ी फैलाने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

4—समस्तीपुर के उजियारपुर के वार्ड नंबर 8 में फिर से वोटिंग होगी

5– मुजफ्फरपुर के मुरौल में वार्ड नंबर 4 में दोबारा मतदान होगा

6–भोजपुर के जंगल महाल पंचायत के बूथ नंबर 112 पर दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। विवाद के बाद हुई मारपीट में 2 लोगों का सिर फटा गया।

7—समस्तीपुर –बूथ संख्या 244 पर हंगामा ,मतदाता और पुलिस कर्मी के बीच झड़प ,उजियारपुर प्रखंड के रामचन्द्रर पुर अन्हेल की घटना ।

इस बार भी महिलाए पुरुष से ज्यादा वोट दी है

8–हाजीपुर–जनदाहा प्रखंड के कजरी बुजुर्ग गाँव स्थित मतदान केन्द्र
संख्या 200 पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा अपनी पत्नी के साथ अपने मताधिकार का किया प्रयोग ।

9–मुजफ्फरपुर-मुरौल के हरसिंहपुर लौतन बूथ संख्या-82 पर वैलेट पेपर में मिसप्रिंट के कारण तीन घंटे बाद शुरू हुआ मतदान ।

10–गोपालगंज जिले के भोरे के हुस्सेपुर पंचायत में मतदान के दौरान बवाल हुआ। यहां मतदान करने आए वोटरों ने BDO पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया है। नाराज लोगों ने बूथ से BDO को खदेड़ दिया।

11—नवादा –वोट का किया बहिष्कार
रजौली में सिरोडाबर पंचायत की बूथ संख्या-162 पर वोट देने के लिए वोटर नहीं पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दो मुखिया प्रत्याशी के समर्थकों ने वोटिंग से पहले मारपीट की है। इसके विरोध में मतदान बहिष्कार कर दिया है।

12–बेतिया के सेमरी पंचायात के बूथ संख्या 305 पर बवाल। सेक्टर मजिस्ट्रेट की गाड़ी का लोगों ने तोड़ा शीशा।

13–भोजपुर के जगदीशपुर में गश्ती पार्टी की ओर से धनगाई थाने के समीप बसौना पंचायत की बूथ संख्या 49 के पास निवास करने वाले लोगों को घर में घुसकर पीटने के आरोप में लोगों ने तत्काल वोट डालना बंद कर दिया। आरा-बक्सर हाइवे पर धनगाई थाने के समीप सड़क जाम कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

14–मुंगेर– जिले के संग्रामपुर प्रखंड के बूथ नंबर 35 एवं 43 पर EVM खराब होने की वजह से मतदान बाधित।
बक्सर के लखन डिहरा पंचायत के बूथ नंबर 2, 7, 8, 10 पर EVM पिछले 2 घंटे से खराब है।

15–बक्सर–
डुमरांव के मतदान केद्रों पर इस बार कोरोना की वैक्सीन भी देने की व्यवस्था कराई गई है।
दरभंगा–बहेड़ी के ग्राम पंचायत राज इनाई के बूथ संख्या 280 एवं 283 पर दो घंटे तक ईवीएम खराब रहने के कारण सुबह नौ बजे बजे के बाद शुरू हुई वोटिंग।

16—सुपौल–रानीगंज प्रखंड के छतियोना में पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय छतियोना बूथ संख्या 312 में जिला परिषद सदस्य पद का ईवीएम मशीन में गड़बड़ी होने के कारण 7 बजे से ही मतदान बंद है।

पंचायत चुनाव का तीसरा चरण छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शातिपूर्ण ढ़ग से चल रहा है

बिहार पंचायत चुनाव के तीसरे चरण की वोटिंग चल रही है छिटपुट घटना को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है सुबह 6 बजे से ही महिला और पुरूष मतदान केंद्र पर पहुंचने लगे थे हलाकि जैसे जैसे घूप तेज होती गयी मतदान का प्रतिशत कम होता चला गया दोपहर 2 दो बजे तक 30 से 40 प्रतिशत वोटिंग की खबर है हलाकि इस बार पहले के तुलना में ईभीएम के खराब होने खबर कम आयी फिर भी दो दर्जन मतदान केन्दों पर मतदान जरुर प्रभावित हुआ ।

मतदान केंद्र पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। इस चरण में 35 जिलों के 50 प्रखंडो में चुनाव होना है। सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 5 तक चलेगा। तीसरे चरण के कुल 23 हजार 128 पदों के लिए 81 हजार 616 उम्मीदवार मैदान में हैं।

गोपालगंज के भोरे इलाके की हुस्सेपुर पंचायत में मतदान के दौरान बवाल हो गया। यहां मतदान करने आए वोटरों ने BDO पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया। इसके बाद नाराज लोगों ने बूथ से BDO को खदेड़ दिया। इधर, दरभंगा में चुनाव के दौरान गश्ती पर निकले SSP के काफिले पर पथराव हो गया है। एक गाड़ी का शीशा फूट गया है। मतदान केंद्र पर से भीड़ हटाए जाने के बाद आक्रोशित हो गए थे ग्रामीण।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष पत्नी संग वोट देने पहुंचे

वही रोहतास-पंचायत चुनाव के मतदान के दौरान ग्रामीणों का हंगामा।पुलिस प्रशासन पर गाली गलौज तथा एक तरफा कार्रवाई का आरोप।पुलिस पर एक मुखिया उम्मीदवार के पक्ष में काम करने का आरोप।कछवा ओपी के दनवार में लोगों ने सड़क किया जाम।एसपी आशीष भारती पहुंचे मौके पर दनवार पंचायत का है मामला।

पंचायत चुनाव अपडेट

1—2 बजे तक 30 से 40 प्रतिशत वोटिंग हुई है

2—कैमूर के चैनपुर प्रखंड के जगरिया पंचायत में बूथ पर बायोमैट्रिक सिस्टम में गड़बड़ी आ गई है। इस कारण मतदान विलम्भ से शुरु हुआ । जगदीशपुर प्रखंड में कौंरा पंचायत में बूथ संख्या 9,10 का EVM खराब होने कि वजह से मतदान विलम्भ से शुरु हुआ ।

3–मोतिहारी–घोड़ासहन के बूथ संख्या 192 पर EVM में आई खराबी के कारण मतदान विलम्भ से शुरु हुआ

4–भोजपुर के जगदीशपुर के तेंदूनी मध्य विद्यालय की मतदान संख्या 77 पर 60 मिनट से ईवीएम मशीन खराब रहने कि वजह से मतदान विलम्भ से शुरु हुआ ।

5—भोजपुर के कौंरा पंचायत के कौंरा गांव में बूथ संख्या 9,10 के ईवीएम भी आयी खराबी के कारण मतदान विलम्भ से शुरु हुआ

6– औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड की गोठौली पंचायत के बूथ संख्या 42 पर इवीएम मशीन में खराबी के कारण विलम्भ से शुरु हुआ मतदान

7—समस्तीपुर –बूथ संख्या 244 पर हंगामा ,मतदाता और पुलिस कर्मी के बीच झड़प ,उजियारपुर प्रखंड के रामचन्द्रर पुर अन्हेल की घटना ।

8–हाजीपुर–जनदाहा प्रखंड के कजरी बुजुर्ग गाँव स्थित मतदान केन्द्र
संख्या 200 पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा अपनी पत्नी के साथ अपने मताधिकार का किया प्रयोग ।

9–मुजफ्फरपुर-मुरौल के हरसिंहपुर लौतन बूथ संख्या-82 पर वैलेट पेपर में मिसप्रिंट के कारण तीन घंटे बाद शुरू हुआ मतदान ।

10–गोपालगंज जिले के भोरे के हुस्सेपुर पंचायत में मतदान के दौरान बवाल हुआ। यहां मतदान करने आए वोटरों ने BDO पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया है। नाराज लोगों ने बूथ से BDO को खदेड़ दिया।

11—नवादा –वोट का किया बहिष्कार
रजौली में सिरोडाबर पंचायत की बूथ संख्या-162 पर वोट देने के लिए वोटर नहीं पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दो मुखिया प्रत्याशी के समर्थकों ने वोटिंग से पहले मारपीट की है। इसके विरोध में मतदान बहिष्कार कर दिया है।

12–बेतिया के सेमरी पंचायात के बूथ संख्या 305 पर बवाल। सेक्टर मजिस्ट्रेट की गाड़ी का लोगों ने तोड़ा शीशा।

13–भोजपुर के जगदीशपुर में गश्ती पार्टी की ओर से धनगाई थाने के समीप बसौना पंचायत की बूथ संख्या 49 के पास निवास करने वाले लोगों को घर में घुसकर पीटने के आरोप में लोगों ने तत्काल वोट डालना बंद कर दिया। आरा-बक्सर हाइवे पर धनगाई थाने के समीप सड़क जाम कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

14–मुंगेर– जिले के संग्रामपुर प्रखंड के बूथ नंबर 35 एवं 43 पर EVM खराब होने की वजह से मतदान बाधित।
बक्सर के लखन डिहरा पंचायत के बूथ नंबर 2, 7, 8, 10 पर EVM पिछले 2 घंटे से खराब है।

15–बक्सर–
डुमरांव के मतदान केद्रों पर इस बार कोरोना की वैक्सीन भी देने की व्यवस्था कराई गई है।
दरभंगा–बहेड़ी के ग्राम पंचायत राज इनाई के बूथ संख्या 280 एवं 283 पर दो घंटे तक ईवीएम खराब रहने के कारण सुबह नौ बजे बजे के बाद शुरू हुई वोटिंग।

16—सुपौल–रानीगंज प्रखंड के छतियोना में पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय छतियोना बूथ संख्या 312 में जिला परिषद सदस्य पद का ईवीएम मशीन में गड़बड़ी होने के कारण 7 बजे से ही मतदान बंद है।

रामविलास पासवान का पहली बरसी आज

रामविलास पासवान का पहली बरसी आज,पटना में पार्टी कार्यालय में आयोजित है श्रद्धांजलि
मंत्री पशुपति कुमार पारस के निर्देशन में चल रहा है कार्यक्रम,श्रद्धांजलि के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा किआज ही के दिन रामविलास पासवान जी का निधन हुआ था उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हम सब इकट्ठा हुए हैं।

रामविलास पासवान ने जो काम किया है उसको सदैव लोग जानते रहेंगे।हमारा संबंध रामविलास पासवान से बहुत पहले का है जब से जेपी मूवमेंट शुरू हुआ था तब से हमारा संबंध है।उनके जाने की अभी उम्र नहीं थी ,राम विलास पासवान की स्मृति को लोगों तक पहुँचाने के लिए काम किया जाएगा।

बीजेपी जातीय कुबना की राजनीति से बाहर निकल नहीं पायी चेहरा बदला है सोच वहीं पूरानी है

भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति में बिहार को जो भागीदारी मिली है उससे यह संकेत साफ है कि बिहार बीजेपी में सुशील मोदी ,नंद किशोर यादव,प्रेम कुमार,अश्वनी चौबे और सीपी ठाकुर युग का अब अंत हो गया है और अब पार्टी बिहार में संजय जयसवाल,गिरिराज सिंह ,नित्यानंद राय और मंगल पांडेय के सहारे आगे बढ़ेंगी ।

1—30 वर्षों बाद भी बीजेपी जातीय कुनबा वाली राजनीति से बाहर नहीं निकल पाया
बिहार में बीजेपी का दूसरा एरा लालू प्रसाद के सत्ता में आने के साथ ही 1990 से शुरू हुआ और उस दौर में सुशील मोदी पार्टी के युवा चेहरा हुआ करते थे झारखंड अलग होने के बाद उन्होंने कैलाशपति मिश्र के एरा को खत्म कर बीजेपी को सवर्ण और बनिया की पार्टी से बाहर निकालने की कोशिश शुरू किया।

हालांकि सुशील मोदी को भी इसमें खास सफलता हासिल नहीं हुई और यही वजह रहा कि सत्ता में बने रहने के लिए बीजेपी को आज भी नीतीश कुमार जैसे नेताओं की जरूरत है।

इस बार भी राष्ट्रीय कार्यसमिति में बिहार को जो भागीदारी मिली है उसको देखने से यही लगता है कि बीजेपी सिर्फ चेहरा बदला है सोच वही पुरानी है ।सुशील मोदी की जगह संजय जयसवाल ,सीपी ठाकुर की जगह गिरिराज सिंह ,नंद किशोर यादव की जगह नित्यानंद राय,अश्विनी कुमार चौबे की जगह मंगल पांडेय ,कीर्ति झा आजाद की जगह गोपाल जी ठाकुर और अति पिछड़ा प्रेम कुमार की जगह रेणु देवी को जगह दिया गया ,राजपूत नेता में टीम मोदी को राजीव प्रताप रूडी पसंद नहीं है ऐसे में इनके पास राधा मोहन सिंह को छोड़कर कोई दूसरा नेता है नहीं ।

2—- इन नये चेहरों से बिहार बीजेपी क्या साधना चाहती है
इन चेहरे के पीछे पार्टी की सोच को अगर देखे तो बीजेपी बिहार में गिरिराज सिंह के सहारे भूमिहार को साधना चाहती है, इनकी वैसी पहचान है क्या जो कैलाशपति मिश्र और सीपी ठाकुर का जगह ले सके । इसी तरह संजय जयसवाल कभी सुशील मोदी का जगह ले सकते हैं , मंगल पांडेय और गोपाल जी ठाकुर कभी भी बिहार बीजेपी के पुराने ब्राह्मण नेता की जगह ले सकते हैं।हलाकि नित्यानंद राय नंद किशोर यादव से यादव मतदाताओं के बीच ज्यादा प्रभावी हैं लेकिन नित्यानंद राय जब तक लालू प्रसाद का परिवार है यादव में उनका प्रवेश बहुत मुश्किल है।

फिर अति पिछड़े की बात करे तो रेणु देवा पर दाव लगाना उसी तरह है जैसे प्रेम कुमार 20 वर्षो से अधिक समय से विधायक और मंत्री रहे।
मतलब जिन नये चेहरे पर बीजेपी का केन्द्रीय नेतृत्व भरोसा जताया है उसमें फिलहाल वो क्षमता नहीं है जिसके सहारे बिहार में बीजेपी कुछ खास कर पाए ।

3—बीजेपी प्रभारी में बदलाव का क्या प्रभाव पड़ेगा बिहार की राजनीति पर
नरेन्द्र मोदी बिहार को लेकर काफी सावधान रहे हैं क्यों कि बिहार ऐसा पहला राज्य था जहां उनके पीएम रहने के बावजूद कुछ करिश्मा नहीं कर पाये, 2015 के विधानसभा चुनाव में पूरी कमान मोदी और शाह उठा रखे थे लेकिन पार्टी औंधे मुंह गिर गयी थी।

पीएम मोदी अभी भी सुशील मोदी को माफ करने को तैयार नहीं है ऐसे में टीम मोदी शुरु से ही सुशील मोदी के विकल्प में लगा हुआ है इस बार बिहार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने के पीछे भी वजह यह रही है ।

हालांकि भूपेन्द्र यादव को जिस उद्देश्य बिहार का प्रभारी बनाया गया था उस उद्देश्य में बीजेपी कामयाब नहीं हो पाया पहली बार 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी यादव को सबसे ज्यादा टिकट दिया लेकिन अधिकांश उम्मीदवार उनके हार गये।

नित्यानंद राय को गृह राज्यमंत्री बनाया गया फिर भी यादव वोटर को खीच नहीं पाये उलटे मध्य बिहार के इलाके में बीजेपी का जो परंपरागत वोट रहा है वो साथ छोड़ दिया हालांकि अंतिम समय में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बिहार भेज करके नाराज सवर्ण वोटर को बनाने की कोशिश कि गयी थी लेकिन वो सफल नहीं हुआ तो अंत में चिराग को मैदान में उतरना पड़ा ।

ऐसे में हरीश द्विवेदी को बिहार का प्रभारी बनाये जाने से कोई बड़ा बदलाव होता नहीं दिख रहा क्यों कि बिहार में बीजेपी का जो कोर वोटर है सवर्ण और बनिया वही बीजेपी से खफा है और इसका लाभ राजद 2020 के विधानसभा चुनाव में बनिया को टिकट देकर उठा चुका है।

वही हरीश द्विवेदी के आने से यूपी में जदयू का बीजेपी के साथ गठबंधन होने में सहजता होगी ऐसा भी नहीं दिख रहा तो फिर हरीश द्विवेदी को बिहार का प्रभारी बनाये जाने के पीछे बीजेपी की सोच क्या है आगे आगे देखिए होता है क्या लेकिन इतना तो तय दिख रहा है कि इस टीम से बीजेपी की निर्भरता नीतीश पर हमेशा बनी रहेगी ।

बीजेपी ने बिहार में जनसंख्या नियंत्रण पर उठाया सवाल कहां जनसंख्या पर नियंत्रण नहीं हुआ तो विकास के पैमाने पर कभी भी बिहार खड़ा नहीं उतर सकता है ।

बिहार में नीति आयोग और जातीय जनगणना को लेकर जारी सियासत के बीच बीजेपी ने जनसंख्या नियंत्रण के सहारे बड़ा राजनैतिक दाव खेला है ।BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा है कि नीति आयोग के पैमाने पर सवाल उठाने का कोई मतलब नहीं है बिहार में सबसे बड़ी चुनौती जनसंख्या नियंत्रण है और उस पर गंभीरता से विचार करेने की जरुरत है।
बिहार को बचाना है तो बांग्लादेश जैसा काम करना होगा। बांग्लादेश में नमाज के बाद नमाजियों को छोटा परिवार रखने की सलाह दी जाती है। 2 ही बच्चे रखने को कहा जाता है।

जायसवाल ने कहा – नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था का जो हाल दिखाया गया है, वो बढ़ती जनसंख्या का नतीजा है। रिपोर्ट पर सवाल उठाना गलत है। आयोग सभी राज्यों को एक पैमाने पर मानते हुए रिपोर्ट बनाता है। आज से 4 साल पहले बिहार और उत्तर प्रदेश लगभग बराबर थे। आज उत्तर प्रदेश की जनसंख्या वृद्धि दर 3.6 से घटकर 2.5 हो गई है। बिहार में 3.5 से घटकर 3.2 पर है। दक्षिण के राज्यों ने भी जनसंख्या नियंत्रित किया है, जिसका फायदा उन्हें आगे बढ़ने में मिल रहा है। बिहार में ऐसा नहीं हो सका है। बिहार को जनसंख्या नियंत्रण पर काम करना होगा। नहीं तो विकास की गांड़ी कभी भी पटरी पर नहीं आएगी ।

कांग्रेस से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला तेजस्वी के लिए आत्मधाती हो सकता है

बिहार विधानसभा के दो सीटों पर होने वाली उप चुनाव को लेकर बिहार में सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है ।जदयू के लिए इन दोनों  सीटों पर चुनाव जीतना पार्टी के जीवन और मरण से जुड़ा हुआ है। वही राजद इस चुनाव के सहारे यह तय करना चाह रही है कि आने वाले समय में महागठबंधन का स्वरूप क्या होगा।

जदयू उप चुनाव में दोनों सीट पर जीत हासिल करे इसके लिए अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया है और पार्टी में चल रहे अंतर्विरोध पर विराम लगाते हुए नीतीश कुमार ने कुशेश्वर स्थान विधानसभा उप चुनाव का कमान आरसीपी सिंह को दिया है और तारापुर का कमान ललन सिंह को दिया है।

वही ऐसा लगा रहा है जैसे राजद 2024 के लोकसभा और 2025 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के अंदर कांग्रेस की क्या हैसियत रहेंगी इसको लेकर लड़ाई लड़ रहा है।बिहार की राजनीति पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि अभी तेजस्वी के सामने प्राथमिकता मिल कर चुनाव लड़ने की होनी चाहिए थी क्यों कि उपचुनाव में जदयू दोनों सीट हार जाती है तो तेजस्वी और मजबूत होंगे।

लेकिन 2020 के विधानसभा चुनाव में जिस तरीके से तेजस्वी के साथ बिहार के युवा जुड़े उससे तेजस्वी का विश्वास चरम पर है ऐसे में तेजस्वी बिहार विधानसभा के इस उप चुनाव के सहारे कांग्रेस के कन्हैया फैक्टर और चाचा नीतीश से एक साथ दो दो हाथ करने की तैयारी कर ली हालांकि जानकार कहते हैं तेजस्वी का यह फैसला आत्मघाती भी साबित हो सकता है और इस बात को लालू प्रसाद बखूबी समझ भी रहे हैं और यही वजह है कि लालू प्रसाद पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में बीमार रहने के बावजूद प्रचार करने का फैसला लिया है।

1–नीतीश कुमार का राह आसान हो गया  
2020 के विधानसभा चुनाव का जो परिणाम सामने आया था उससे नीतीश को काफी धक्का लगा भले ही नीतीश के उस हार का सेहरा चिराग के सिर बंधा था लेकिन सच्चाई ये भी था कि बिहार की जनता नीतीश से उब चुकी थी और कुछ नया करना चाह रही थी अभी भी नीतीश कुमार को लेकर जमीन पर अभी भी नजरिया नहीं बदला है लेकिन जिस तरीके से तेजस्वी कांग्रेस को अलग करके महागठबंधन को तोड़ा है उससे नीतीश कुमार की राह आसान हो गयी ।

क्यों कि कांग्रेस से अलग होने की स्थिति में इन दोनों विधानसभा क्षेत्र में चिराग फैक्टर कमजोर पड़ जायेगा क्यों कि नीतीश विरोधी वोट उस तरह के आक्रमक नहीं हो पाएगा जैसा 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान देखने को मिला था ।ऐसा इसलिए होगा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग के साथ पासवान छोड़कर जो भी वोटर जुड़े थे उनकी एक ही मंशा था नीतीश को हराना है लेकिन इस उप चुनाव में कांग्रेस के अलग होने से नीतीश से नाराज वोटर चिराग के साथ पूरी तौर चला जायेगा ऐसा होता दिख नहीं रहा है क्यों कि नाराज वोटर के चिराग के साथ जाने के बावजूद नीतीश कुमार हारते हुए नहीं दिख रहे हैं ऐसे में बिहार को कोई वोटर अपना वोट बर्वाद नहीं करना चाहेगा क्यों कि बिहार के वोटरों का लक्ष्य स्पष्ट रहता है ।

 वैसे महागठबंधन साथ चुनाव लड़ता तो कुशेश्वर स्थान जहां कांग्रेस के प्रत्याशी अशोक राम का अपना व्यक्तिगत संबंध 1980 से है जब उनके पिता बालेश्वर राम रोसड़ा से लोकसभा चुनाव लड़े थे और वो संबंध पीढ़ी दर पीढ़ी से चला आ रहा है ।इसलिए राजद पूरी ताकत भी झौक देगी तब भी यादव और मुस्लिम वोट में 20से 30 प्रतिशत डिवीजन कराने में कामयाब हो जायेंगे इसके अलावा दलित में राम जाति का भी वोट वहां है।

वही बात चिराग की करे तो 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उनका उम्मीदवार 13 हजार से अधिक वोट लाया था फिर भी जदयू सात हजार से अधिक वोट से जीत गया था इस बार अगर महागठबंधन साथ रहता तो चिराग यहां करिश्मा कर सकता था क्यों कि रामविलास पासवान का ननिहाल कुशेश्वर स्थान ही है और रामविलास पासवान और रामचंद्र पासवान रोसड़ा लोकसभा से जब चुनाव लड़ते थे उस समय कुशेश्वर स्थान विधानसभा क्षेत्र रोसड़ा लोकसभा क्षेत्र में ही पड़ता था इसलिए रामविलास पासवान का भी इस इलाके से घरेलू रिश्ता रहा है और इस इलाके के ब्राह्मण और राजपूत वोटर से इनका व्यक्तिगत रिश्ता रहा है लेकिन महागठबंधन टूटने से चिराग खास करके सवर्ण वोटर जो जदयू प्रत्याशी शशी हजारी से खासा नाराज है ऐसे में चाह करके भी वोट नहीं दे पाएंगा क्यों कि इस स्थिति में राजद उम्मीदवार चुनाव जीत सकता है अगर कांग्रेस रहता तो यहां को सवर्ण वोटर यह दांव खेल सकता था।

ऐसी ही स्थिति तारापुर विधानसभा में भी उत्पन्न हो सकती है चिराग के प्रत्याशी को  2020 के चुनाव में यहां सात हजार के करीब वोट आया था इस बार सात हजार वोट भी आ जाये तो बड़ी बात होगी क्योंकि यहां भी गठबंधन टूटने का असर दिखेगा अगर पप्पू यादव कांग्रेस से लड़ गया तो फिर राजद का हार निश्चित है ।

 2– अब उपचुनाव में तेजस्वी का साख दाव पर लग गया है 
हालांकि महागठबंधन साथ साथ चुनाव लड़ता और जदयू चुनाव जीत भी जाती तो राजद के सेहत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन अब अगर राजद दोनों सीट हार जाती है और कांग्रेस मुस्लिम वोट में डिवीजन कराने में कामयाब हो जाती है तो फिर 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव में चुनाव में राजद उस हैसियत में चुनाव नहीं लड़ पायेंगी जिस हैसियत राजद 2019 का लोकसभा और 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ा था वही दूसरी और जिस तरीके से कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा सहित कई विधायक राजद से दो दो हाथ करने की बात रह रहे हैं ऐसे में कांग्रेस आलाकमान थोड़ा कमजोर पड़े तो उप चुनाव बाद कांग्रेस के विधायकों में बड़ी टूट हो जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी ।

 इसलिए तेजस्वी का यह दाव आत्मघाती साबित हो जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस के अलग होने से नीतीश कुमार एक बार फिर मजबूत हो सकते हैं और ऐसे में नीतीश कुमार बीजेपी से और अधिक से अधिक मोलजोल करने की स्थिति में आ जायेंगे ।