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पटना हाईकोर्ट ने राज्य के एयरपोर्ट के विस्तार और भूमि अधिग्रहण मामले पर सुनवाई की

पटना । हाई कोर्ट ने राज्य के पटना स्थित जय प्रकाश नारायण एयरपोर्ट,पटना समेत राज्य के अन्य एयरपोर्ट के विस्तार और भूमि अधिग्रहण व अन्य मुद्दों के मामले पर सुनवाई की।

PatnaHighCourt
#PatnaHighCourt

चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने गौरव सिंह समेत अन्य की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य के विकास आयुक्त को दो सप्ताह में सभी पक्षों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया हैं।

होली मे बिहार आने वाले यात्रियों को होगी परेशानी

होली मे बिहार आने वाले यात्रियों को होगी परेशानी नान इंटरलाकिंग के कारण एक दर्जन से अधिक ट्रेनों का परिचालन हुआ रद्द।

उत्तर-मध्य रेलवे (North Central Railway) के प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर चल रहे नान-इंटरलाकिंग कार्य के कारण पूर्व मध्य रेल (ECR) से गुजरने वाली एक दर्जन ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया है।

मुख्‍य जनसंपर्क अधिकारी वीरेंद्र कुमार के अनुसार उत्‍तर मध्‍य रेलवे के नैनी और प्रयागराज छिवकी के मध्‍य तीसरी लाइन की कमीशनिंग के लिए नन इंटरलाकिंग कार्य किया जा रहा है। इस कारण पूर्व मध्‍य रेलवे से गुजरने वाली कई ट्रेनों का रूट बदला गया है तो कई पर रोक भी लगा दी गई है।

लालू प्रसाद यादव की तबीयत फिर बिगड़ी

चारा घोटाला में सजा पाकर जेल की सजा काट रहे राष्‍ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबीयत फिर बिगड़ गई है।

LalooYadav ill

उनकी किडनी 80 प्रतिशत से ज्यादा खराब है। इसमें कोई सुधार नहीं है, बल्कि पहले की तुलना में अधिक खराब हो गई है।

ताजा रिपोर्ट आने के बाद दवा की खुराक या दवा बदलने पर विचार किया जा रहा है। वे दो दिनों से सुस्त दिख रहे हैं। हालात ऐसे हीं रहे तो उनकी डायलिसिस करानी पड़ सकती है।

लालू स्वास्थ्य कारणों से वे फिलहाल रिम्स (अस्‍पताल) के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने जारी की मैट्रिक परीक्षा की आंसर-की

पटना । बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने जारी की मैट्रिक परीक्षा की आंसर-की।

बोर्ड की ऑफिशियल साइट से छात्र चेक कर सकते हैं प्रश्नों के उत्तर
आपत्ति के लिए 11 मार्च तक समय

10वीं के छात्र ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाकर आंसर-की चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।

बिहार के शेखपुरा में बच्ची के साथ हुए गैंगरेप ने खड़े किये कई सवाल

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सुबह से ही महिलाओं के बुलंद हौसला से जुड़ी खबरें लगातार आ रही थी इसी दौरान शाम तीन बजे के करीब जिला शेखपुरा से ब्रेकिंग फॉर्मेट में एक खबर आयी…

दो बच्चियों के साथ गांव के ही छह लड़के ने किया सामूहिक बलात्कार, मोबाइल पर ब्लू फिल्म देख कर घटना को दिया अंजाम, आरोपी का उम्र12 से 13 वर्ष और पीड़ित लड़की का उम्र 9 से 10 वर्ष है ।

खेत में साग तोड़ रही थी दोनों लड़की उसी दौरान इन लड़कों ने घटना को दिया अंंजाम, अपराध छुपाने के लिए लड़कों ने पीड़िता को दिया पांच रुपया, एक लड़की की स्थिति बिगड़ने पर मामला आया प्रकाश में ।।

खबर पढ़ने के बाद मन मेंं कई तरह के सवाल उठने लगे, गांव की पृष्ठ भूमि कैसा है ,लड़का का पृष्ठ भूमि क्या है, जाति क्या .आरोपी का परिवारिक बैकग्राउंड कैसा है ।लगातार इस तरह का सवाल मुझे परेशान किये जा रहा था ।

शेखपुरा रिपोर्टर से बात करना चाह रहे थे लेकिन जिस तरीके से मैं सोच रहा हूं मेरा रिपोर्टर पता नहीं इस खबर को लेकर क्या सोच रहा है, मन ही मन में यह निर्णय लिया कि पहले पूरी खबर आने दिया जाये फिर इस पर अपने रिपोर्टर और शेखपुरा पुलिस से बात किया जायेंगा क्यों कि मुझे पता था कि पुलिस का नजरिया अपराध के बाद अपराधी के गिरफ्तारी से ज्यादा रहता नहीं है।

खैर कल साहस नहीं जुटा पाये कि इस खबर को कैसे लिया जाये आज सुबह से इसको लेकर अपने रिपोर्टर ,शेखपुर जिले के पुलिस पदाधिकारी और कुछ ऐसे लोगों से बात किये जो इस तरह के कृत्य करने वाले के मनोदशा पर प्रकाश डाल सके ।
लड़की और लड़का दोनों का पृष्ठ भूमि मजदूर का परिवार के लोग रोज कमाता है रोज खाता है ,घटना को अंजाम देने वाले लड़कों में एक लड़के का पिता बाहर काम करता है और अपनी पत्नी और परिवार वालों से बात करने के लिए एक एनरोइड मोबाइल पत्नी को दिये हुए है ।

पत्नी अक्सर रात को अपने पति से लाइव चेट करती रहती है उस दौरान दोनों के बीच मोबाइल पर ही सेक्सुअल एक्टिविटी भी चलता रहता है जिसको पास में ही सोया बेटा देखता रहता था। फिर मोबाइल में ही ब्लू फिल्म कैसे चलता है पापा मां को क्या बोलने के लिए कहते हैं जिसके बाद ब्लू फिल्म आ जाता है वह सब पूरी रात मां के पास सोये सोये देखता रहता था।बाद में वो लड़का मोबाइल से अपने साथ खेलने वाले मित्रों को दिखाना शुरु किया और धीरे धीरे छह लड़को की एक टोली बन गयी, इस घटना से पहले भी लड़कों का यह टोली साथ स्कूल जाने और साथ बकरी चराने जाने वाली लड़कियो के साथ अक्सर इस तरह का काम करता रहता है और लड़की विरोध ना करे इसके लिए पांच से दस रुपया दे दिया करता था।

पुलिस दो बच्चों को गिरफ्तार किया है उनसे पुछताछ के दौरान ये सारी बाते सामने आयी है मोबाइल पुलिस ने जप्त कर लिया है मोबाइल के मेमोरी कार्ड में ब्लू फिल्म का कई क्लिप मिला है फिर गुगल पर ब्लू फिल्म का आईकोन मिला है।
पुलिस इस घटना से जुड़ी जो भी साक्ष्य है वो संग्रह कर लिया है लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि यह प्रवृति जो बच्चों में पैदा हो रहा है उसका असर समाज पर क्या पड़ेगा ।

क्यों कि आये दिन बिहार में या देश के अन्य हिस्सों से बलात्कार की जो खबरें आती है उस पर गौर करेंगे तो अधिकांश बलात्कारी का पृष्ठ भूमि प्रवासी मजदूर का ही रहता है, निर्भया कांड को ही देख ले इस घटना को अंजाम देने वालों में अधिकांश ऐसे युवक थे जो अपने परिवार और पत्नी से दूर दिल्ली में नौकरी कर रहा था इतना ही नहीं देश में आये दिन बलात्कार के दौरान जो हिंसक घटना घटती है उसमें कही ना कही एक दो आरोपी नबालिक रहता है और लड़कियों के साथ जानवर की तरह व्यवहार करने में सबसे आगे वही रहता है।

शेखपुरा की घटना रोजगार के लिए पलायन और मां के साथ गांव ने रह रहे बच्चों के मनोदशा पर क्या प्रभाव पड़ रहा है वो समझने के लिए काफी है ।ऐसा नहीं है कि मोबाइल आने से पहले इस तरह की घटनाए नहीं घटती थी तब भी जिस महिला का पति बाहर काम करता था उसके साथ उसके देवर या फिर ससुर द्वारा जबरन रिश्ता बनाने की घटना घटती रही है ।

लेकिन ये भी सही है कि मोबाइल फोन के गांव गांव तक पहुंचने के बाद इस तरह की घटनाओं में काफी तेजी आयी है ,ऐसे में पलायन और उसके कुप्रभाव के साथ साथ मोबाइल क्रांति का समाज पर क्या प्रभाव पड़ रहा है इस पर विमर्श की जरुरत है ।
कोरोना काल के बाद जिस तरीके से आंन लाइन पढ़ाई को लेकर क्रेज बढ़ा है उसका बच्चों पर क्या असर पड़ा है ये भी समझने कि जरुरत है ऐसे इस विषय को लेकर कई लोगोंं से जो हमारी बात हुई है उनका मानना है कि आंन लाइन पढ़ाई की वजह से बच्चों का इस तरह के फिल्म तक पहुंचना आसान हो गया है और अभिभावक भी पढ़ाई के चक्कर मेंं ध्यान नहीं दे पा रहे हैं ।
ऐसे में वक्त आ गया है कि इस ओर गंभीरता से सोचा जाये क्यों कि इस तरह के प्रवृति के बढ़ने से लड़कियों के स्वछंदता पर बूरा प्रभाव पड़ सकता है और एक अलग तरह के अभिसाप के डर से लड़कियों का स्वभाविक विकास रूक सकता है ।

लालू यादव के किडनी फंक्शन में लगातार हो रही गिरावट

रॉची । लालू यादव के किडनी फंक्शन में लगातार हो रही गिरावट

पूर्व में लालू यादव का क्रिएटनीन लेवल था 3.5
आज जांच में लालू का क्रिएटनीन लेवल पाया गया 4.1
बढ़ती जा रही लालू की सेहत संबंधित परेशानियां
ऐसे ही किडनी फंक्शन में आता रहा गिरावट तो

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लालू यादव को डायलिसिस की जल्द पड़ सकती है जरूरत
चारा घोटाला मामले में जेल की सजा काट रहे रिम्स के पेइंग वार्ड में है लालू

नीतीश कैबिनेट की बैठक में 14 एजेंडो पर लगी मोहर

पटना । नीतीश कैबिनेट की बैठक में 14 एजेंडो पर लगी मोहर।

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शराबबंदी कानून को लेकर और सशक्त बनाने को लेकर फैसला हुआ है
यूक्रेन में फंसे स्टूडेंट को लाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को नोडल विभाग का पदार्थ बनाया गया है,
मसूर और चना की अधिप्राप्ति बिहार सरकार करेगी,
चना ₹52 30 पैसे मसूर ₹55 प्रति किलो की दर से खरीदारी होगी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर ट्रेन के परिचालन से संबंधित सभी तरह के कार्यों का जिम्मा महिलाओं के हाथों में

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर समस्तीपुर रेल मंडल ने अपने महिला कर्मियों के हौसले को बढ़ाने के लिए ट्रेन के परिचालन से संबंधित सभी तरह के कार्यों का जिम्मा महिलाओं के हाथों में सौंपा है ।

बिहार विधानसभा में महिलाओ को लेकर संघ प्रमुख के बयान को लेकर हुआ हंगामा

पटना — विधान सभा सदस्या ने कहा संघ महिलाओं को घर मे रखना चाहता है । बिहार विधानसभा में महिलाओ को लेकर संघ प्रमुख के बयान को लेकर हुआ हंगामा।

मोबाइल देखकर दो नाबालिग लड़कियों संग छह बच्‍चों ने किया सामूहिक दुष्‍कर्म

शेखपुरा – नौ वर्ष की दो बच्चियों के साथ छह बच्‍चों ने सामूहिक दुष्‍कर्म किया।
आरोपित लड़कों की उम्र नौ से 12 वर्ष के बीच है।
घटना बरबीघा थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।

#Crime

इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने दो आरोपितों को पकड़ा है।
पकड़े गए बच्‍चों ने बताया कि मोबाइल में देखकर उनलोगों ने इस तरह का काम किया है।

पटना-बिहार विधान परिषद सीट को लेकर कल दिल्ली मे बीजेपी राष्ट्रीकार्यकारणी की होगी बैठक

बैठक के बाद उम्मीदवारों की होगी घोषणा कुछ सीटों पर अभी भी नामों को लेकर नही बन पायी है सहमित

जातीय राजनीति अभी भी भारतीय राजनीति का सच है

ओपिनियन पोल हो या फिर Exit Poll हो मेरा मानना है कि जिन्हें प्रदेश के जातिगत समीकरण के साथ साथ समाजिक समीकरण और सरकार की योजनाओं की समझ है उन्हें मतदाताओं का नब्ज पकड़ने में कोई खास परेशानी नहीं होती है, सब कुछ स्पस्ट दिखता है ।

यूपी को लेकर जो Exit Poll सामने आ रहे हैं वो दिखता है कि बीजेपी बड़े बहुमत के साथ सरकार में वापसी कर रहा है ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि बेरोजगारी ,मंहगाई ,किसान आन्दोलन,कोरोना के दौरान लोगों की परेशानी सब बेमानी था ऐसा नहीं हुआ होगा उसका भी असर जरुर पड़ा होगा लेकिन इसी आधार पर चुनावी नतीजे सामने आये ये जरुरी नहीं है ।
हालांकि मेरा मानना है कि 4 वर्ष 11 माह सरकार के कामकाज को लेकर वोटर जो सोचता है उसमें एक माह का प्रचार अभियान, पार्टियों द्वारा उम्मीदवारों का चयण और जातिगत समीकरण आज भी मंहगाई ,बेरोजगारी,बेहतर शिक्षा ,बेहतर अस्पताल, विकास और लाभुक योजना जैसे सारे ऐसे मुद्दे जिसको लेकर जनता 4 वर्ष 11 माह सोचती रहती है वो निष्प्रभावी हो जाता है।

याद करिए 1977 में सारा देश कांग्रेस के आपातकाल के खिलाफ था वही दक्षिण भारत पूरी तौर पर कांग्रेस के साथ खड़ा रहा ।1989 का चुनाव परिणाम को ही देख लीजिए पूरे उत्तर भारत से कांग्रेस साफ हो गया और इस बार फिर दक्षिण भारत कांग्रेस के साथ खड़ा रहा ।

2019 के लोकसभा चुनाव को ही देखे हिन्दू मुसलमान और पुलवामा की घटना के बावजूद पश्चिम बंगाल, ओडिशा ,पंजाब सहित दक्षिण के कई राज्यों में बीजेपी का प्रभाव उस तरीके से नहीं रहा जैसे हिन्दी पट्टी में देखने को मिला था इसलिए चुनाव परिणाम के पीछे बहुत सारे कारण होते हैं जिसमें तात्कालिक कारण भी कम महत्वपूर्ण नहीं होता है ।

1–बीजेपी चुनाव लड़ने में हमेशा मजबूत रही है
ऐसा नहीं है कि मोदी और शाह के आने से बीजेपी के चुनाव लड़ने के तरीके में बड़ा बदलाव आ गया है और इस वजह से विपक्ष बीजेपी की रणनीति के सामने टिक नहीं पा रही है।बात 1991 के लोकसभा चुनाव का है रोसड़ा लोकसभा क्षेत्र से रामविलास पासवान जनता दल से और बीजेपी से कामेश्वर चौपाल चुनाव लड़ रहे थे इस चुनाव में बीजेपी का वार रुम मेरे यहां ही था मुझे पैसा से भरा ब्रीफकेस पहली बार देखने को मिला था ।
उस चुनाव में गुजरात ,राजस्थान,दिल्ली ,मध्यप्रदेश,यूपी ,महाराष्ट्र के अलावे हिन्दू धर्म से जुड़े जीतने भी पीठ और मठ हैं उनके महंथ इस चुनाव के दौरान आये हुए थे कोई खाली हाथ नहीं आ रहा था साथ ही हर किसी के साथ पांच से दस कार्यकर्ता आया था जो चुनाव तक गांव गांव में घूमता रहा।

पैसे का आना इस कदर था कि संघ के दर्जनो अधिकारी ब्रीफकेस संभालने और पैसे के वितरण में ही 24 घंटे लगे रहते थे चुनाव आते आते रुम का रुम ब्रीफकेस से भर गया था और उतना ही कार्यकर्ता,रोसड़ा लोकसभा क्षेत्र का कौन सा ऐसा गांव नहीं था जहां बीजेपी के बाहरी कार्यकर्ता प्रचार में नहीं लगे हुए थे उस दौर में बीजेपी सर्वे करवा रही थी।

बीजेपी का कौन ऐसा नेता नहीं था जो प्रचार में नहीं आया वजह यह भी था कि कामेश्वर चौपाल रामजन्मभूमि का शिलान्यास किये थे और सामने रामविलास पासवान चुनाव लड़े रहे थे,चुनाव प्रचार देख कर लग ही नहीं रहा था कि रामविलास पासवान चुनाव जीत भी पायेंगे और जब रिजल्ट आया तो कामेश्वर चौपाल का जमानत जप्त हो गया इसलिए ये कहना कि भाजपा चुनाव मोदी और शाह युग में हाईटेक और पैसे वाला हो गया है ऐसा नहीं है इस मामले में बीजेपी शुरुआती दिनो से ही नम्बर वन रही है ।

प्रबंधन और पैसा से ही चुनाव जीता जाता तो 1991 में कामेश्वर चौपाल का जमानत जप्त नहीं होता फिर 2015 का बिहार विधानसभा चुनाव बीजेपी बूरी तरह से नही हारती या फिर पश्चिम बंगाल का चुनाव वो नहीं हारती बीजेपी अजय नहीं है मोदी और शाह की जोड़ी लगातार कमजोर हो रही है ये भी साफ दिख रहा है और इसकी वजह बेरोजगारी भी है, मंहगाई भी है और किसान आन्दोलन भी है ।

2—महिला वोटर और लाभकारी योजनाओं के सहारे जीत के दावे में कितना है दम

प्रधानमत्री आवास योजना ,अनाज योजना और किसान सम्मान योजना के साथ साथ पेशन योजना जिसका सीधा लाभ वोटर को मिल रहा है इसको लेकर कहां ये जा रहा है कि बीजेपी का यह तुरुप का इक्का है और यूपी में बड़े जीत के पीछे यही वजह रहेगी ।

अगर ऐसा होता तो 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को करारी हार का सामना नहीं करना पड़ता ,आज पीएम जिस योजना के सहारे जनता के दिल पर राज करने कि बात कर रहे हैं वो सारी योजनाएं पहले से बिहार में चली आ रही है सरकारी योजनाओं का व्यक्तिगत लाभ की बात करे तो नीतीश जैसा देश में कोई दूसरा शासक नहीं होगा ।लेकिन 2020 के चुनाव में वो तीसरे नम्बर पर पहुंच गये वजह एनडीए से लोजपा का अलग होना रहा वही महिला वोटर के आगे आने से नीतीश जीत जाते हैं ये सारे तर्क भी बेमानी साबित हो गया 2020 के चुनाव में ।

चुनाव अभी भी जातीय समीकरण के आस पास ही घूम रहा है जो पार्टी जितने बेहतर तरीके से जातीय राजनीति को साधता है वो चुनाव जीत रहा है यही चुनावी केमिस्ट्री है और इसको गोलबंद करने के लिए जैसे बिहार में अंतिम चरण का चुनाव आते आते जगंल राज का मुद्दा भुनाने में नीतीश और मोदी कामयाब हो गये औऱ बिहार हारते हारते जीत गये क्यों कि यहां ना हिन्दू मुसलमान चला ना भारत पाकिस्तान चला अंत में जगलराज पर दाव लगाये और उसमें वो कामयाब हो गये क्यों कि जगलराज के प्रभावित वोटर मतदान केन्द्र पर जाते जाते सुरक्षा के सामने सभी परेशानी को भुल गये ।यूपी में भी चार फेज के बाद मोदी और योगी इसी लाइन पर आ गये थे यही देखना है कि इसका कितना असर पड़ा है रिजल्ट पर पड़ेगा क्यों कि बीजेपी का सारा दाव फेल कर चुका है अब यही मुद्दा है जिसके सहारे बीजेपी लड़ाई में दिख रहा है ।

3–यूपी का चुनाव परिणाम मोदी शाह के लिए वॉटरलू साबित होगा

वैसे यूपी का चुनाव परिणाम कुछ भी हो मोदी और शाह के लिए यूपी का चुनाव वॉटरलू साबित होगा यह तय है योगी आये तो मोदी और शाह की विदाई तय है योगी नहीं आये फिर भी मोदी और शाह की विदाई तय है क्यों कि यूपी चुनाव में बीजेपी के अंदर जो घमासान मचा था उसका असर यूपी के साथ साथ राजस्थान,बिहार,मध्यप्रदेश ,जैसे हिन्दी पट्टी पर पड़ेगा यह साफ दिख रहा है विरोध का स्वर उठेगा और इन दोनो के एकाधिकार पर पार्टी के अंदर से ही आवाज उठेगी यह भी तय है ।

बिहार प्रशासनिक सेवा के 17 पदाधिकारीयों का तबादला।

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी की अधिसूचना

  • कुंदन कुमार बनाए गए बाढ़ के एसडीओ।
  • प्रियंका कुमारी बनी एसडीओ दलसिंहसराय।
  • प्रदीप कुमार बने गोपालगंज नए एसडीओ ।
  • अमिताभ कुमार बने किशनगंज के एसडीओ।
  • आदित्य कुमार झा बने हवेली खड़गपुर मुंगेर के नए अनुमंडल पदाधिकारी होंगे।
  • अमित अनुराग बने खगड़िया सदर के एसडीओ ।
  • कुमारी तोशी बनी बाईसी पूर्णिया की एसडीओ।
  • सुमित कुमार बने उप सचिव समाज कल्याण विभाग।
सामान्य प्रशासन विभाग
  • उपेंद्र कुमार पाल बने अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ,राजगीर।
  • अमरेंद्र कुमार बने अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, तेघड़ा बेगूसराय।
  • शहनवाज अहमद बने अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी उदाकिशुनगंज।
  • धर्मेंद्र कुमार बने अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी औरंगाबाद सदर।
  • ज्ञानेंद्र कुमार को बनाया गया उप सचिव भवन निर्माण विभाग ।
  • उपेंद्र प्रसाद सिंह बने शिक्षा विभाग के उप निदेशक ।
  • सुमन प्रसाद सिंह को पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के उप सचिव की मिली कमान ।
  • निरंजन कुमार को बनाया गया निबंधन उत्पादन एवं मद्य निषेध विभाग का उप सचिव।
  • धर्मेंद्र कुमार सिंह बनी जिला पंचायत राज पदाधिकारी शेखपुरा।

बिहार के डीजीपी एसके सिंघल की बढ़ी मुश्किले, नियुक्ति पर खड़ा किया सवाल

दिल्ली — बिहार के डीजीपी एसके सिंघल की मुश्किलें सकती है । सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियुक्ति को लेकर दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए बिहार सरकार को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने बिहार सरकार से ये पूछा है कि आख़िरकार क्यों नहीं डीजीपी की नियुक्ति करने को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना माना जाये।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में बिहार के डीजीपी एसके सिंघल की नियुक्ति को लेकर एक याचिका दायर की गयी है. याचिका में कहा गया है कि बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर बिहार में डीजीपी की नियुक्ति कर दी है. कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई. याचिकाकर्ता की ओर से बहस करते हुए वरीय अधिवक्ता जय साल्वा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कई बार राज्यों के डीजीपी की नियुक्ति में अपने आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा है, लेकिन बिहार में कोर्ट के आदेश को ताक पर रख कर डीजीपी की नियुक्ति कर दी गयी।

मामले की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने पूछा कि हाईकोर्ट में इस मामले को क्यों नहीं ले ज़ाया गया. याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि हाईकोर्ट में दो मामले लंबित हैं और उस पर सुनवाई नहीं हो रही है. याचिकाकर्ता के वकील जय साल्वा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस पर सुनवाई करनी चाहिये. ऐसे ही मामले में कोर्ट झारखंड सरकार को अवमानना का नोटिस जारी कर चुकी है. इसके बाद कोर्ट ने बिहार सरकार को नोटिस जारी करने का आदेश दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दे रखा है कि वह किसी भी पुलिस अधिकारी को कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर नियुक्त नहीं करे. राज्य सरकार डीजीपी या पुलिस कमिश्नर के पद पर नियुक्ति के लिए जिन पुलिस अधिकारियों के नाम पर विचार कर रही होगी, उनके नाम यूपीएससी को भेजे जाएंगे. यूपीएससी उसे शॉर्टलिस्ट कर तीन सबसे उपयुक्त अधिकारियों की सूची राज्य को भेजेगा. उन्हीं तीन में से किसी एक को राज्य सरकार पुलिस प्रमुख नियुक्त कर सकेगी.

कोर्ट ने ये भी कहा था कि मौजूदा पुलिस प्रमुख के रिटायरमेंट से तीन महीने पहले यह सिफारिश यूपीएससी को भेजी जाये. सरकार को ये कोशिश करनी चाहिए कि कि डीजीपी बनने वाले अधिकारी का पर्याप्त सेवाकाल बचा हो. सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ये कहा गया है कि बिहार सरकार ने कोर्ट के इस आदेश को ताक पर रख कर डीजीपी के पद पर एसके सिंघल की नियुक्ति कर दी है.

बेटी के जन्मदिन पर बिहार की डाँक्टर दंपति ने चांद पर जमीन खरीद कर गिफ्ट दिया

मधुबनी । अब बेटी बोझ नहीं अभिमान है जी हां बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाली एक डांक्टर दंपति ने अपनी बेटी के जन्मदिन पर चाँद पर जमीन खरीद कर दिया है । बेटी आस्था भारद्वाज के 10वें जन्मदिन पर यह नायाब तोहफा देते हुए डॉक्टर सुरविन्दु झा और डॉक्टर सुधा झा ने कहा कि चांद पर एक एकड़ जमीन की रजिस्ट्री (Land On Moon) कराई है जो आज बेटी के जन्मदिन पर उपहार स्वरुप दिये हैं ।

झंझारपुर में निजी नर्सिंग होम (Private Nursing Home) चलाने वाले डॉक्टर सुरविन्दु झा का कहना है कि आस्था भारद्वाज उनके खानदान की पहली बेटी है. सुरविन्दु ने कहा कि बेटियां किसी भी खानदान की मान और सम्मान होती हैं, लेकिन उनके खानदान में करीब सात पीढ़ियों से बेटियों की किलकारी और हंसी नहीं गूंजी थी, इसलिए जब उनके घर में आस्था का जन्म हुआ तो परिवार काफी खुश है. इसलिए इस खुशी को खास बनाने के लिए हमने अपनी बेटी को चांद पर जमीन खरीदकर गिफ्ट किया है.डॉक्टर सुरविन्दु झा के मुताबिक बेटी के लिए चांद पर जमीन खरीदने की प्रक्रिया पूरी होने में करीब डेढ़ वर्ष का वक्त लगा. सबसे पहले उन्होंने अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित लूना सोसायटी की वेबसाइट पर आवेदन किया, फिर तमाम तरह की कागजी प्रक्रिया पूरी करने और जमीन की कीमत और रजिस्ट्री शुल्क की राशि पेपाल एप (Paypal) से भुगतान करवाने के बाद 27 जनवरी, 2022 को स्पीड पोस्ट से उन्हें चांद पर जमीन रजिस्टर्ड कराने का पेपर मिला.।

बेटी आस्था  पांचवीं कक्षा में पढ़ रही और ये भी बड़ी होकर डाँक्टर ही बनेगी।

मीडिया का साम्प्रदायिकरण

कल एक राष्ट्रवादी चैनल के सीनियर पत्रकार का दिल्ली से फोन आया संतोष जी ये जो भागलपुर में जो घटना घटी है क्या उस इलाके में मुसलमान भी मंडल लिखता है क्या, मैंने कहा नहीं जिसके यहां धमाका हुआ है उसके यहां 1999, 2002 और 2007 में भी धमाका हुआ चुका है,भागलपुर में  गंगौता एक जाति है जो इस तरह के काम में वर्षो से लगा हुआ है।आंफिस पहुंचते पहुंचते मरने वालो की संख्या बढ़कर 14 हो गयी थी विधानसभा पहुंचे तो देखते हैं रिजनल और राष्ट्रीय चैनल का ओबी वैन और बैकपैक यही है बात हुई तो पता चला कि जाने को लेकर आंफिस से अभी तक कोई आदेश नहीं आया है विधानसभा में भी इस घटना को लेकर कोई हलचल नहीं था ।                  

मैं हैरान था इतनी बड़ी घटना हो गयी है और चारों और खामोशी छाई हुई है शाम चार बजे डीजीपी इस घटना को लेकर पीसी किये वहां भी मौजूद पत्रकारों में कोई हलचल नहीं था डीजीपी भी रुटीन घटना की तरह आये और मीडिया को संबोधित करके चले गये कोई उस तरह का सवाल नहीं इतनी बड़ी घटना और डीजीपी के पास कहने के लिए इतना ही था कि थाना अध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है एफएसएल की टीम को भागलपुर भेजा गया और जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है ।

इसी दौरान खबर आयी की मोदी जी इस घटना को लेकर नीतीश जी से बात किये हैं हालांकि उससे पहले पीएम का इस घटना को लेकर ट्वीट भी आ गया था। देर शाम फिर दिल्ली से फोन आया संतोष जी ये तो समझ में आया कि पटाखा बनाने वाला हिन्दू था लेकिन जो इलाका है वो इलाका तो पूरी तौर पर मुसलमानों का इलाका है  उस इलाके में एक मात्र यही हिन्दू परिवार वहां  रहता था और जिस मकान में किराया पर रहता था वो भी मुसलमान का ही है मैंने कहा आपकी जानकारी सही है लेकिन यह परिवार पुराना पटाखा कारोबारी है लेकिन एक बड़ा सवाल है आप लोग दिल्ली में है उठाना चाहिए था इतना बड़ा विस्फोट हुआ है एनआईए अभी तक नहीं पहुंचा है जबकि भागलपुर में आये दिन इस तरह की घटनाएं घटती रहती है पहले भी यहां हिन्दू मुसलमान के बीच बड़ा दंगा हो चुका है।    

पटाखा बनाने में बारूद का इस्तेमाल होता है लेकिन विस्फोट बता रहा है कि बारूद के साथ कोई ना कोई ऐसा शक्तिशाली पदार्थ मिलाया गया जिसके कारण इतना बड़ा नुकसान हुआ है ठीक है संतोष फिर बात करते हैं और उसके बाद वो फोन रख दिये सुबह अखबार में भी ऐसा नहीं लग रहा है कि बिहार में 14 लोगों की मौत हो गयी है ।सोशल मीडिया का भी यही हाल था लग ही नहीं रहा था कि बिहार में 14 लोगों की मौत हुई है।जबकि भागलपुर में इससे पहले टिफिन बम बरामद हो चुका है ,केमिकल बम बरामद हो चुका है आये दिन अलग अलग तरह का बम बरामद होता रहता है जिससे बड़ा नुकसान हो सकता है ।           

मतलब घटना के पीछे अगर हिन्दू मुसलमान का एंगल है तो खबर है नहीं है तो खबर नहीं है चाहे कितनी भी बड़ी घटना क्यों नहीं घट जाये ।यह मानसिकता 2014 के बाद मीडिया में काफी तेजी से पनपा है वजह जो भी हो लेकिन यह साफ है कि मीडिया के इस मानसिकता का नुकसान आम लोगों को ही उठाना पड़ेगा।

देश के पहले राष्ट्रपति डाँ राजेन्द्र प्रसाद और लोकनायक जय प्रकाश नारायण भू माफिया थे

बिहार सरकार की नजर में देश के प्रथम राष्ट्रपति डाँ राजेन्द्र प्रसाद और लोकनायक जयप्रकाश नारायण भू माफिया थे वे लोगों का जमीन जबरन कब्जा करते थे, बिहार विधापीठ की जमीन पर देश के प्रथम राष्ट्रपति डां राजेन्द्र प्रसाद और लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने जो भी निर्माण का काम कराया था वो सारा का सारा अवैध है।

जी हां हाईकोर्ट में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद के स्मारकों की दयनीय स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की और से हाईकोर्ट में जो शपथ दायर किया गया है उसमें सरकार ने लिखा है कि बिहार विधापीठ को जमीन कैसे पाप्त हुआ इसकी कोई मुझे जानकारी नहीं है और बिहार विधापीठ को सरकार जमीन अधिग्रहण करके नहीं दिया है इतना ही नहीं पाटलिपुत्रा कॉपरेटिव सोसाइटी जैसी कोई संस्था सरकार द्वारा गठित नहीं कि गयी थी यह सब फर्जी है ।

जबकि डाँ राजेन्द्र प्रसाद पाटलिपुत्रा कॉपरेटिव सोसाइटी से 1954-55 में एक लाख 88 हजार रुपया भुगतान करने के बाद सरकार ने बिहार विधापीठ को जमीन दिया था।

पटना हाईकोर्ट में बिहार विधापीठ की और से मुकदमा लड़ रही शमा सिन्हा का कहना है कि पाटलिपुत्रा कॉपरेटिव सोसाइटी के माध्यम से सरकार सिर्फ बिहार विधापीठ को ही नहीं कुर्जी अस्पताल को भी जमीन दिया है और ये सारी बाते जमीन रजिस्ट्री के कागजात में दर्ज है ऐसी स्थिति में सरकार कैसे कह रही है कि पाटलिपुत्रा कॉपरेटिव सोसाइटी की जानकारी नहीं है ये समझ से पड़े हैं ।

बिहार विधापीठ की ओर से मुकदमा लड़ रही शमा सिन्हा क्या कह रही है जरा आप भी सूनिए

अब जरा मामले के पीछे के खेल को समझ लीजिए बिहार विधापीठ इस वक्त जहां है आज की तारीख में उस जमीन की कीमत हीरा से भी ज्यादा है और यही वजह है कि इस जमीन पर सरकार और सरकार संरक्षित भूमाफिया की नजर है जो बिहार विधापीठ को बेदखल करना चाह रही है।यह बात तब प्रकाश में आयी है जब पटना हाईकोर्ट में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद के स्मारकों की दयनीय हालत को लेकर अधिवक्ता विकास कुमार द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई चल रही थी।

फिलहाल आज हाईकोर्ट ने चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए सरकार के हलफनामा को खारिज करते हुए आदेश दिया है कि बिहार विद्यापीठ के चारदीवारी के भीतर की भूमि राष्ट्र की धरोहर है, न कि किसी की निजी संपत्ति है।

कोर्ट ने डी एम, पटना को बिहार विद्यापीठ की भूमि का विस्तृत ब्यौरा देने का निर्देश दिया है।साथ ही यह भी बताने को कहा कि बिहार विद्यापीठ की भूमि पर कितना अतिक्रमण है ।

बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी किया

पटना । पूर्व मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण को राज्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्त किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दिया है ।

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सेवानिवृत्त न्यायाधीश फूलचंद चौधरी को राज्य सूचना आयुक्त के पद पर पदस्थापित किया है, इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दिया है ।

कानों की उचित देखभाल के लिए विश्व श्रवण दिवस पर किया जाएगा जागरूक

कानों की उचित देखभाल के लिए विश्व श्रवण दिवस पर किया जाएगा जागरूकः मंगल पांडेय
आज राज्य के 12 जिलों में चलेगा जागरूकता कार्यक्रम

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि बहरापन को रोकने के लिए खुद को जागरूक रखना बेहद आवश्यक है। कान हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग होता है। इसके प्रति लोगों को सचेत रहने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तीन मार्च को विश्व श्रवण दिवस के अवसर पर जागरुकता कार्यक्रम रखा है, जो राज्य के 12 जिलों में संचालित होगा।

श्री पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय बहरापन नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम (एनपीपीसीडी) के तहत पूर्व की तरह इस साल भी तीन मार्च को विश्व श्रवण दिवस के अवसर पर कई जिलों में बचाव एवं देखभाल के लिए आमजन को जागरूक किया जाएगा।

पोस्टर, बैनर व माइकिंग कर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में आकर ऐसे मरीज से जांच करवाने की अपील की जाएगी। इस संदर्भ में बताया जाएगा कि हमें तेज ध्वनि से कैसे कानों को सुरक्षित रखा जाए। अगर आपके कान में दर्द या संक्रमण के कोई लक्षण है तो जांच करायें। यह भी बताया जाएगा कि जो दवाइयां आप ले रहे हैं, कहीं वह आपके सुनने की क्षमता को प्रभावित तो नहीं कर रहा है। इस संदर्भ में अपने डॉक्टर से सलाह लें। अपने कान की जांच नियमित करायें। सुनने के लिए किन-किन उपकरणों का प्रयोग करें इसकी जानकारी भी दी जायेगी।

श्री पांडेय ने कहा कि श्रवण दिवस पर बहरापन के मुख्य कारणों के प्रति भी जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा, उनमें कान का मैल और निरंतर मवाद का बहाव, कान के अंदुरुनी भाग में सूखा घाव, अनुवांशिक बहरापन, कान के नजदीक अचानक तेज ध्वनि जैसे लक्षण हो सकते हैं। लोगों को जागरूक कर सलाह दी जाएगी कि वो अपने नजदीकी अस्पताल में आकर इस संदर्भ में जानकारी लें।

जिन जिलों में विभिन्न प्रचार माध्यमों से लोगों को जागरूक करने की योजना है, उनमें बांका, बक्सर, गया, गोपालगंज, जमुई, कैमूर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, रोहतास, पश्चिमी चंपारण एवं वैशाली जिले हैं।

मोतिहारी कोर्ट के पीपी को हटाने के मामले में हाईकोर्ट ने सीएम के प्रधान सचिव को जारी किया नोटिस

पटना हाई कोर्ट ने गैरकानूनी तरीके से हटाए गए मोतिहारी के लोक अभियोजक ( पीपी ) जय प्रकाश मिश्र को अदालत के आदेश के बाद भी अभी तक पद पर बहाल नहीं किये जाने के मामलें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को नोटिस जारी किया है। जस्टिस पी बी बजन्थरी ने मोतिहारी के लोक अभियोजक जयप्रकाश मिश्रा द्वारा दायर अवमानना के मामलें पर सुनवाई की।

कोर्ट ने कहा कि विधि विभाग के संयुक्त सचिव उमेश कुमार शर्मा को खुद ही पहल कर अदालती आदेश का पालन कराना चाहिए था।

कोर्ट का कहना था कि विधि विभाग के संयुक्त सचिव को नोटिस जारी करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। कोर्ट ने उनसे यह पूछा था कि अदालती आदेश की अवहेलना के मामले में क्यों नहीं उन्हें जिम्मेवार माना जाय।

कोर्ट ने सरकारी वकील को स्पष्ट रूप से कहा था कि अवमानना का यह मामला दोषी पदाधिकारी के विरुद्ध दायर किया गया है, इसलिये इस मामले को लेकर जिम्मेदार व्यक्ति को स्वयं अदालत में अपना जवाब देना होगा कि उसने अदालती आदेश का पालन निर्धारित अवधि में क्यों नही किया।

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पूर्व में कोर्ट को सरकार की ओर से बताया गया कि इस मुकदमे से संबंधित संचिका मुख्य मंत्री के यहां लंबित है, इसलिए इसमें अदालती आदेश का पालन नही हो सका है।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए विधि विभाग के संयुक्त सचिव को 21 दिसंबर, 2021 को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता की बर्खास्तगी के आदेश को एक सप्ताह में वापस लेते हुए तत्काल प्रभाव से इनकी नियुक्ति मोतिहारी के पीपी के पद पर करने का पत्र जारी कर दें। अदालती आदेश में दिए गए निर्धारित अवधि के बीत जाने के बाद भी जब याचिकाकर्ता की नियुक्ति नहीं की गई ,तो अदालती आदेश की अवमानना का यह मामला दायर किया गया था।

इस मामले पर आगे की सुनवाई अब दस दिनों में की जाएगी।

सत्ता और सरकार से सवाल करने से देश मजबूत होता है

बात कोई 15 वर्ष पुरानी है मेरा भगिना अमेरिका से आया हुआ था बच्चों का जो टीकाकरण होता है उसका समय हो गया था लेकिन अमेरिका में बच्चों को जो टीका दिया जाता था वो यहां उपलब्ध नहीं था, भगिना मेरा अमेरिकन नागरिक था जहां तक मुझे याद है भारत में अमेरिका का जो दूतावास है वो भगिना के हर गतिविधि की जानकारी रखता था ।            

टीकाकरण की बात हुई तो जानकारी दी गयी कि पटना के एग्जीबिशन रोड में बच्चों के टीकाकरण से जुड़ा कोई डॉक्टर है जिनके यहां वो टीका उपलब्ध है ये सारी जानकारी दूतावास के माध्यम से मिल रहा था डॉक्टर के पास पहुंचे तो उसको पहले से जानकारी था टीकाकरण के बाद बच्चों को कोई परेशानी तो नहीं हुई इस स्तर तक दूतावास खबर रखता था अपने नागरिक का वैसे यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव है।                            

वैसे अमेरिका अपने नागरिक के प्रति कितना सजग है ये मीडिया रिपोर्ट से समझा जा सकता है वहीं एक अमेरिकन सेना या नागरिक के मौत होने पर वहां की जनता किस स्तर पर सवाल करती है वो भी कई मौके पर देखने को मिला है लेकिन आज यूक्रेन क्राइसिस के दौरान भारतीय छात्रों के साथ दूतावास का क्या व्यवहार है वो छात्रों के जुबानी समझा जा सकता है ।

भारत सरकार के मंत्री  प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) कहते हैं कि  विदेश में पढ़ने वाले 90% मेडिकल स्टूडेंट नीट एग्जाम पास नहीं कर पाते हैं इस बयान का यूक्रेन में फंसे छात्रों से क्या सम्बन्ध है क्या वो इस देश का नागरिक नहीं है यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने जाना देशद्रोही है क्या । 

लेकिन दूतावास का गैर जिम्मेदाराना रवैया और मंत्री का बेतुका बयान इसलिए आ रहा है कि इस देश की जनता सवाल करना भुल गया है  उलटे जो सवाल कर रहा है  उनसे पूछा जा रहा है कि झारखंड में छात्र पांडेय को मुसलमान मार दिया उस वक्त कहां थे ,कर्नाटक में हिन्दू छात्र को मुसलमान मार दिया उस वक्त चुप क्यों थे ऐसा सवाल करने लोगों  को ट्रोल कर रहे हैं।

इस संकट की घड़ी में भी जहां हजारों बच्चे जिंदगी और मौत से जूझ रहा है  इस समय भी सरकार पर दबाव बनाने के बजाय पूरी ट्रोल सेना  मामले को भटकाने में  लगा है। हालांकि अब पहले जैसी बात नहीं रही घर में विद्रोह शुरू हो गया है ।ऐसे लोग अब अपना प्रोफाइल लॉक करके रखता है फेक आईडी से अब यह खेल हो रहा है  लेकिन सवाल यह है कि यह कब तक चलेगा वैसे  यूक्रेन में जो छात्र फंसे हुए हैं उनमें से 95 प्रतिशत दास(भक्त) परिवार से ही आते हैं और उन्हें मोदी में अपार श्रद्धा है और इन्ही के जानने वाले मोदी का ट्रोल आर्मी भी है ये जानते हुए भी सवाल करने वाले सवाल कर रहे हैं।

आप तटस्थ है सही है मेरा देश शांति के साथ हमेशा खड़ा रहा है लेकिन इस तटस्थता का क्या मतलब है जब हमारे नागरिक की जिंदगी दाव पर है कही कोई खबर तो नहीं आयी है कि रूस से भारत की बात हुई हो कि हमारे नागरिक को सुरक्षित बाहर निकालने का रास्ता दिया जाये ।रुस हमारा मित्र देश हैं संकट के खड़ी में तटस्थ रह कर साथ ही दिये हैं ऐसे में रुस से सहयोग की अपील करनी चाहिए कि नहीं  अभी एक छात्र की मौत हुई है और  ये हाल है कि पीएम को खुद बात करनी पड़ रही है।

वैसे इन बच्चों को लाने  में जो खर्च हो रहा है वो पैसा बच्चा देश छोड़ने से पहले ही सरकार के खाते में जमा कर दिया है उस खाते में अभी भी 400 करोड़ रुपया देश के ऐसे नागरिक का जमा है जिसका इस्तेमाल ऐसे में समय में सरकार कर सकती है ,इसलिए सरकार इन बच्चों को लाकर कोई एहसान नहीं कर रहा है।          

वैसे यूक्रेन में फसे बच्चों के परिजनों से डीएम का मिलना अच्छी पहल है और यही होना चाहिए ऐसी घड़ी में परेशान परिवार को हमेशा यह लगना चाहिए कि पूरा सिस्टम और देश उनके साथ खड़ा है तभी तो देश के प्रति सम्मान का भाव रहेगा क्यों कि इसका असर हर नागरिक  पर पड़ता है ।

तेजस्वी प्रसाद यादव ने आज वरिष्ठ नेता श्री शरद यादव जी से शिष्टाचार मुलाकात की

नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधानसभा श्री तेजस्वी प्रसाद यादव जी ने आज दिल्ली में वरिष्ठ समाजवादी नेता श्री शरद यादव जी से उनके दिल्ली स्थित आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर विचार विमर्श किया।

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तेजस्वी प्रसाद यादव की शरद यादव जी से शिष्टाचार मुलाकात

नवोदित कलाकार अक्षत उत्कर्ष की मौत मामले की जांच में मुंबई पुलिस पहुंची मुजफ्फरपुर

मुंबई पुलिस की टीम अक्षत के सिकंदरपुर स्थित आवास पर पहुंचकर उनके माता-पिता और परिजनों से पूछताछ कर रही है।


27 सितंबर 2020 में मुंबई के अंधेरी वेस्ट में अक्षत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

आपदा को अवसर में बदलने का वक्त नहीं है मिल कर यूक्रेन में फंसे भारतीय को निकालने पर सोचे

आत्ममुग्धता और अपने पूर्वजों के सर ठीकरा फोड़ने की प्रवृति कमजोरी की निशानी है, इस समय भारत इसी दौर से गुजर रहा है। जो भी गड़बड़ हुआ उसके लिए गांधी और नेहरू जिम्मेदार है और जो अच्छा हो रहा है उसके लिए मैं और सिर्फ मैं ही हूं।

कल से अचानक यूक्रेन में फंसे छात्रों का परेशानी भरा मैसेज और फोन कॉल आना तेज हो गया इधर अभिभावक का हाल और बूरा हो गया है और जब से रूसी सेना द्वारा भारतीय लड़की को अगवा करने की खबर आयी है लोग और परेशान हो गये हैं ।

यूक्रेन में 15 हजार से अधिक भारतीय छात्र और छात्राएं फंसी हुई है पिछले दो दिनों के दौरान दो सौ तीन सौ करके चार पाच फ्लाइट भारत पहुंचा है एयरपोर्ट पर आत्ममुग्धता की यह स्थिति दिख रही थी जैसे जंग जीत करके आ रहे हैं मंत्री से लेकर संतरी तक पहुंचे हुए थे लेकिन रात से खबर आ रही है कि रूसी सेना भारतीय लड़की को अगवा कर लिया है मीडिया से लेकर मंत्री संतरी तक चुप्पी साध लिए हैं सरकार हेल्पलाइन नम्बर जारी कर दी है एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए रेड कारपेट और गुलाब छात्र छात्राओं के आने का इन्तजार कर रहा है वही यूक्रेन में जो छात्र फंसे हुए हैं वो कह रहे हैं कि दूतावास फोन नहीं उठा रहा है ,देश स्तर पर जो हेल्पलाइन जारी किया गया है वो कोई रिस्पांस नहीं ले रहा है ।

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बिहार की बात करे तो अभी तक 51 लौटे है जबकि बिहार के 1200 सौ अधिक छात्र वहाँ मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है ।
पटना डीएम से बात हुई इन्होंने कहा कि बिहार के कितने छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं इसकी कोई सूची नहीं है बस जो दिल्ली और मुंबई पहुंच रहा है उसके घर तक पहुंचाने कि जिम्मेदारी सरकार ने दी है वही हो रहा है ।

बिहार सरकार के श्रम मंत्रालय के अधिकारी और मंत्री का भी यही हाल है बिहार के कितने बच्चे यूक्रेन में पढ़ रहे हैं कोई जानकारी नहीं है हां एक खगड़िया के डीएम है जो सूची जारी किया है कि उनके जिले के 11 बच्चे यूक्रेन में फंसा हुआ है अभी थोड़ी देर पहले खगड़िया डीएम का एक मैसेज आया है कि एक छात्र थोड़ी देर में मुंबई पहुंचने वाला है।

कल देर शाम बिहार के मुख्यसचिव बिहार के सभी डीएम से सूची उपलब्ध कराने को कहाँ है वैसे देश स्तर पर सूची जारी होनी चाहिए थी कि कितने छात्र और नागरिक यूक्रेन में फसा हुआ है ।

मंत्री जी भेजे गये हैं तो क्या हो रहा है छात्र उनसे कैसे सम्पर्क करे कहां से निकाला जा रहा है क्यों कि इस समय मीडिया ही एक ताकत है जो भारतीय नागरिक तक सूचना पहुंचा सकता है यूक्रेन के दूतावास को मजबूत बनाने कि जरूरत है और इस सब के लिए रूस क्या मदद कर सकता है इस पर बात होनी चाहिए सीधे वोट में शामिल नहीं होंगे इसका कोई मतलब नहीं है हर सहयोग के लिए रूस से सौदा होना चाहिए की हमारे नागरिक को सुरक्षित निकालने का मौका दीजिए ।

क्यों कि युद्ध विनाशकारी होगा ऐसा दिखने लगा है रूस यूक्रेन पर कब्जा करने को लेकर किसी भी हद तक जाने का मन बना लिया है वही यूक्रेन भी झुकने को तैयार नहीं है ऐसे में अब जो युद्ध होगा वो बेहद भयानक होगा और इस दौरान मानवता के सारे रिश्ते खत्म हो जाएंगे ऐसे में भारत सरकार को पहले लड़कियों को वहां से बाहर निकाले क्यों कि जो सोशल मीडिया का जमाना है और जो खबरें आ रही है वो परेशान करने वाली है ।

आपदा में अवसर की तलाश छोड़ के इस समय सब मिल के काम करने की जरूरत है ।

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के बाद बदल गया है अमेरिका

11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के बाद अमेरिका में बहुत कुछ बदल गया है उससे पहले अमेरिकन नागरिक को दुनिया में क्या हो रहा है और दुनिया के साथ अमेरिका क्या कर रहा है उससे अमेरिकन नागरिक को कोई मतलब नहीं रहता था लेकिन इस हमले के बाद अमेरिकन यूथ में अमेरिका की विदेश नीति और अमेरिका की राजनीति के प्रति जिज्ञासा बढ़ी और अब अमेरिकन सरकार पहले जैसे व्यापारी के हित साधने के लिए बहुत कुछ भी नहीं कर सकता है अब देश के अंदर विमर्श शुरू हो जाता है देश के अंदर विरोध के स्वर उठने लगता हैं ।

मेरी बहन और उसका परिवार अमेरिकन नागरिक है मेरा एक भगिना तो अमेरिका का राष्ट्रपति बनने का दावा अभी से ही ठोके हुए हैं रोजाना अमेरिका की नीति पर बहस होता रहता है।

वैसे ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका की राजनीति को लेकर मेरी भी दिलचस्पी बढ़ी और अक्सर मेरा सवाल रहता था कि ट्रंप जैसा व्यक्ति अमेरिका का राष्ट्रपति कैसे बन गया, फिर ट्रंप हटा तो कैसे हटा, क्यों कि ट्रंप मोदी की तरह पूरे अमेरिका को राष्ट्रवाद के नाम पर ऐसा माहौल बना दिया था कि बहुत मुश्किल था उसको हटाना अभी भी वहां के लोग सशंकित रहते हैं कि फिर कही वो लौट ना आय़े ।


वैसे ट्रंप का चुनाव हारना अमेरिका के लिए ऐतिहासिक घटना था क्यों कि ट्रंप जिस तरीके से अमेरिकन के दिल में गैर अमेरिकन के प्रति घृणा पैदा करने में कामयाब रहा है ऐसे में बहुत मुश्किल था ट्रंप को हराना और अभी भी ट्रंप कमजोर नहीं हुआ है उसका विचारधारा अभी भी अमेरिका को अशांत किए हुए हैं।

ऐसी स्थिति में अफगानिस्तान और यूक्रेन मामले में अमेरिकन राष्ट्रपति को पहले जैसे निर्णय लेना बहुत ही मुश्किल है देश के अंदर एक बड़ा वर्ग मौजूद है जो सवाल खड़ा कर सकता है ।

अफगानिस्तान से अमेरिकन फौज के वापस होने पर जो हुआ उससे पूरे विश्व बिरादरी में अमेरिका की जगहंसाई हुई थी इस मामले में जब बात हुई तो अमेरिकन नागरिक की सोच पूरी तौर पर स्पष्ट था दुनिया में लोकतंत्र रहे इसका ठेका अमेरिका का ही थोड़े ही है। अफगान में अमेरिका लोकतंत्र बहाल हो इसके लिए क्या क्या नहीं किया पूरी व्यवस्था खड़ा किया लेकिन आप वही शरियत के चक्कर में रहेंगे तो फिर अमेरिका क्या कर सकता है ।

अफगानिस्तान के पास इतनी बड़ी फौज और साजो सामान छोड़ कर अमेरिका आया और एक मामूली सा लड़ाका के सामने पूरी अफगानिस्तानी सेना आत्मसमर्पण कर दिया अब अमेरिका आपकी लड़ाई लड़ने नहीं जा रही है आपको खुद लड़ना होगा और अमेरिका आपको पीछे से सहयोग करेगा मुझे बादशाहत का तमगा नहीं चाहिए ।ये आज के अमेरिकन यूथ का सोच है ।

यूक्रेन को लेकर भी अमेरिकन का यही सोच है उन्हें अपने देश के लिए खड़ा होना होगा फिर पूरा अमेरिकन उसके साथ खड़ा रहेगा ।अमेरिकन के इस बदले हुए सोच का असर दिख रहा है लाख आलोचना हुई लेकिन अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए यूक्रेन के साथ खड़ा नहीं हुआ आज पूरी दुनिया से यूक्रेन को आम लोग पैसा भेज रहा है यूक्रेन ने अपने देश की रक्षा के लिए जो जज्बा दिखाया है उसी का असर है कि आज रुस परमाणु युद्ध का धमकी दे रहा है।

पूरे दुनिया के लोग यूक्रेन के साथ खड़ा है और उसके राष्ट्रभक्ति को सम्मान कर रहा है । इसलिए कहा जाता है ना दिमाग के साथ दिल जुड़ जाये तो सामने वाला कितना भी बलशाली क्यों ना हो हराना बहुत मुश्किल हो जाता है ।
उम्मीद है यूक्रेन के सहारे ही सही एक विश्व में एक नयी उम्मीद की किरण जगी है जिसका प्रभाव पूरी दुनिया पर दिखेगा और पिछले कुछ वर्षो से जो दुनिया के स्तर पर धुंध छा गया था वो अब हटेगा ये साफ दिखने लगा है ।

पटना हाईकोर्ट में गाय घाट महिला रिमांड होम मामले की सुनवाई हुई

पटना हाईकोर्ट में गाय घाट महिला रिमांड होम मामले की सुनवाई हुई। इसमें पीड़िता की वकील ने पीड़िता का नाम सार्वजनिक करने का विरोध किया। वकील मीनू कुमारी ने बताया कि उन्होंने पीड़िता का नाम सार्वजनिक करने की शिकायत की।

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उन्होंने कहा कि नाम को सार्वजनिक करने से उनकी निजी जिंदगी प्रभावित हो सकती है। बाध्य किया जाए कि कोई उनका नाम न लें। वहीं अब इस मामले की फिजिकल सुनवाई होगी। इसकी अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी।

शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट में आज फिर शराबबंदी कानून को लेकर सुनवाई हुई है इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में शराबबंदी कानून लागू किये जाने के बाद बढ़ते हुए मुकदमों की संख्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया है।

अदालत ने बिहार सरकार से इस मामले में सवाल भी किया और पूछा कि क्या इस कानून को लागू करने के पहले अदालती ढांचा के बारे में विचार किया गया था या नहीं।

न्यायालय में जमानत याचिका की जो स्थिति है उसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की.
आरोपित सुधीर कुमार यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस किशन कौल ने सुनवाई के दौरान अदालत में कहा कि बिहार की निचली अदालतों में शराबबंदी कानून से जुड़े मुकदमे काफी अधिक है अधिकांश जज इसी सुनवाई में लगे हैं वही पटना हाईकोर्ट के 26 में 16 जज शराब से जुड़े मामलों को देखने में ही व्यस्त हैं।

आरोपितों को जमानत नहीं दी गयी तो जेलों में कैदियों की संख्या बढ़ती जाएगी. अदालत ने सवाल किये कि क्या बिहार में मद्य निषेध और उत्पाद कानून लागू करते समय सरकार ने इसपर अध्ययन किया था? क्या यह देखा गया था कि इसके लिए न्यायिक ढांचा तैयार है या नहीं?र एम एम सुंदरेश की बेंच में हुई

बेंच ने कहा कि बिहार से इस तरह के कई मामले लगातार सर्वोच्च न्यायालय आ रहे हैं. इसका एक बड़ा कारण पटना हाईकोर्ट में जजों के ऊपर मुकदमों के बढ़े लोड को समझा गया।

अदालत ने सरकार से यह सवाल किया कि इतना बड़ा फैसला लेते समय अदालती ढांचे का ख्याल रखा गया था या नहीं? इस कानून में बिहार सरकार प्ली बारगेनिंग प्रावधान जोड़ेगी या नहीं, इसके बारे में भी पूछा गया. बता दें कि अगर किसी अपराध का आरोपित केस की सुनवाई के दौरान जज के सामने अपने ऊपर लगे आरोप को स्वीकार कर लेता है तो कोर्ट सजा में कुछ नरमी बरत देती है. अब इस मामले की सुनवाई 8 मार्च को होगी. बिहार सरकार को सभी बिंदुओं पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.

सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में एनडीए की बैठक

सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में एनडीए की बैठक। उप मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद रेणु देवी के अलावा एनडीए के सभी मंत्री विधायक और विधान परिषद सदस्य है मौजूद।

विधान सभा में सुर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर को दी श्रद्धांजलि ।शोक प्रकाश में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए विधान सभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने स्वर्गीय लता मंगेशकर और प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस जनरल विपिन रावत को भी दी श्रद्धांजलि।