लोहार,कमर (लोहार और कर्मकार), लोहरा और लोहारा जाति को जाति आधारित गणना में अलग से जाति कोड जारी करने के लिए लोहार कल्याण समिति ने पटना हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इस रिट याचिका में इन सभी जातियों को अलग अलग जाति कोड जारी करने की मांग कोर्ट से की गई है।
आवेदक की ओर से अधिवक्ता अजीत कुमार सिंह का कहना है कि बिहार सरकार ने जाति सर्वेक्षण के दूसरे चरण के लिए गत पहली मार्च को अधिसूचना है। जिसके तहत जाति सर्वेक्षण का दूसरा चरण का काम 15 अप्रैल से शुरू कर 15 मई तक पूरा करना है।
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उनका कहना है कि 1941 की जनगणना में लोहार जाति को अलग जाति के रूप में मान्यता दी गई थी। लेकिन इस जातिये जनगणना में इस जाति को अपना कोई जाति कोड नहीं दिया गया।जबकि राज्य में लोहार जाति सबसे कमजोर जातियों में से एक है।
इसी कारण राज्य सरकार ने 25 जनवरी 2017 को लोहार जाति को अनुसूचित जनजाति के रूप में शामिल करने की सिफारिश केंद्र से की थी।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 2016 में शराबबंदी लागू होने के बाद से जहरीली शराब पीने की घटनाओं में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। यह हादसा नहीं, दलितों-गरीबों की हत्या का मामला है और इसकी जिम्मेदारी लेकर नीतीश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए।
चम्पारण में मरने वालों के आश्रितों को भी मिले 4-4 लाख का मुआवजा
जहरीली शराब से मौत हादसा नहीं, दलित नरसंहार
जिन्हें जहरीली शराब से मौत पर हमदर्दी नहीं, वे माफिया की हत्या पर आँसू बहा रहे
श्री मोदी ने कहा कि जहरीली शराब से मरने वालों और उनके आश्रितों के प्रति नीतीश कुमार की कोई सहानुभूति नहीं है।
उन्होंने कहा कि पूर्वी चम्पारण में जहरीली शराब से जिनकी मृत्यु हुई, उनके आश्रितों को भी उत्पाद कानून के अनुसार 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि मिलनी चाहिए। खजूरबन्ना (गोपालगंज) में जहरीली शराब से मरने वाले 30 लोगों को मुआवजा दिया गया गया था।
श्री मोदी ने कहा कि जदयू-राजद सहित जिन सात दलों के राज में दो दिन के भीतर जहरीली शराब से दलित-आदिवासी समुदाय के 30 से ज्यादा लोगों की जान गई, वे यूपी के एक माफिया के गैंगवार में मारे जाने पर आँसू बहा रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि माफिया अतीक और उसके गुर्गों के मारे जाने से उत्तर प्रदेश की जनता खुश है, लेकिन जिन्होंने बिहार में शहाबुद्दीन को माफिया बनाया, वे पड़ोसी राज्य के एक दुर्दांत माफिया का मजहब देख कर उसकी मौत पर छाती पीट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी राज में मंत्री वृजबिहारी प्रसाद को पुलिस सुरक्षा में रहते हुए अस्पताल परिसर में गोलियों से भून दिया गया था। अजित सरकार, अशोक सिंह सहित आधा दर्जन विधायकों की हत्या भी उसी दौर में हुई, लेकिन राजद से मिल कर सत्ता पाने वाले लोग यह सब भूल गए।
श्री मोदी ने कहा कि राजद शासन में दलित-पिछड़े हत्या-नरसंहार का शिकार होते थे, आज चाचा-भतीजा राज में जहरीली शराब के जरिये दलित-आदिवासी नरसंहार हो रहा है।
पटना । बिहार मौसम सेवा केंद्र, पटना के अनुसार अगले तीन-चार दिनों में बिहार में भीषण गर्मी की स्थिति रहने की संभावना है। बिहार में लगातार बढ़ती गर्मी से लोग परेशान हो रहे है । राजधानी पटना समेत कई जिलों में पारा 40 के पार चला गया है । ऐसे में भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है ।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में और अधिक वृद्धि होगी और पारा 44 डिग्री तक पहुंच सकता है। पछुआ हवा के कारण लू चलने की स्थिति बनी रहेगी।
सबसे अधिक औरंगाबाद में दिन का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बिहार के अधिकांश जिलों में 15 अप्रैल को दिन का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।
शनिवार को 42 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक तापमान दर्ज करने वाले जिलों में डेहरी (42.8 डिग्री सेल्सियस), पटना (42.4 डिग्री सेल्सियस), जमुई (42.3 डिग्री सेल्सियस), खगड़िया (42.2 डिग्री सेल्सियस) और शेखपुरा (42.1 डिग्री सेल्सियस) शामिल हैं।
पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने पूर्वानुमान व्यक्त किया है कि अप्रैल महीने में तपती गर्मी का असर मध्य और दक्षिण बिहार के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक होगी। वहीं, आईएमडी के अनुसार, बिहार में सोमवार यानी 17 अप्रैल तक लू की स्थिति रहेगी। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 20 अप्रैल तक राज्य में हीटवेव की स्थिति रह सकती है।
पटना मौसम केंद्र के अनुसार बिहार के 13 जिलों में 16 से 18 अप्रैल तक हिट वेव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को राज्य के पूर्व और दक्षिण-मध्य हिस्सों में लू का अलर्ट जारी किया है. वहीं, सोमवार को राज्य के दक्षिणी हिस्सों में लू की स्थिति को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। बिहार के पटना, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, खगड़िया में 20 अप्रैल तक हीट वेव चलने की आशंका है।
भीषण गर्मी के बीच लोगों को तपती धूप से बचने की सलाह दी गई हैं। इसके अलावा, जिला अधिकारियों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने-अपने जिलों में स्थिति की निगरानी करें।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि छपरा के बाद अब पूर्वी चम्पारण में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की जान गई, दो दर्जन से ज्यादा पीड़ितों का इलाज चल रहा है और कई आँखों की रोशनी खो चुके हैं, लेकिन सरकार आँकड़े छिपाने में लगी है।
मृतकों में दलित और पिछड़े समाज के लोग, कई ने खोयी नेत्र ज्योति
पुलिस के डर से बिना पोस्टमार्टम के जलाये जा रहे शव
मृतक-आश्रितों को मिले 4-4 लाख का मुआवजा, नीति तय करे सरकार
श्री मोदी ने कहा कि सरकार मौत का कारण डायरिया या अज्ञात बीमारी बता रही है। पुलिस के डर से बिना पोस्टमार्टम के भुटन मांझी सहित कई मृतकों के शव जला दिये गए। मृतकों में अधिकतर दलित और पिछड़ी जातियों के थे।
उन्होंने कहा कि जहरीली शराब से मरने वालों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने की स्पष्ट नीति बनाने के लिए मुख्यमंत्री को सर्वदलीय बैठक जल्द बुलानी चाहिए। छपरा में ऐसी घटना के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने की घोषणा की गई थी।
श्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने छपरा की घटना के बाद राज्य सरकार पर आँकड़े छिपाने का आरोप लगाया था। अब पूर्वी चपारण में भी यही हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आयोग नेजहरीली शराब पीने से मरने वालों के आश्रितों को अनुग्रह राशि देने की अनुशंसा की थी, लेकिन अब तक उसका पालन नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि पटना हाई कोर्ट ने जहरीली शराब पीने से बीमार होने वालों की चिकित्सा के लिए मानक प्रक्रिया (SOP) तय करने को कहा था, लेकिन राज्य सरकार यह भी नहीं बना सकी।
श्री मोदी ने कहा कि यदि सरकार ने हाई कोर्ट के निर्देश और आयोग की अनुशंसाओं को गंभीरता से लिया होता,तो पीड़ितों और उनके परिवारों को कठिन समय में बड़ी राहत मिलती।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि संसद और विधान मंडलों में आरक्षण बाबा साहब अम्बेडकर और गांधी जी की देन है। इसे कोई छीन नहीं सकता, बल्कि जरूरत पड़ी तो यह 100 साल तक लागू रहेगा।
भाजपा के सहयोग से बाबा साहब को मिला भारत-रत्न, मोदी सरकार ने बनाये पंचतीर्थ
पीएम ने दलित ऐक्ट को शिथिल होने से बचाया
नीतीश उस कांग्रेस के साथ, जिसने अम्बेडकर का अपमान किया
लालू-राबड़ी राज में हुए दर्जन भर नरसंहार
श्री मोदी ने अम्बेडकर जयंती समारोह में कहा कि जब तक समाज में असमानता रहेगी, तब तक आरक्षण रहेगा। इसकी कोई समय सीमा तय नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने दलित उत्पीड़न निवारण कानून को शिथिल करना चाहा, तब केंद्र की भाजपा सरकार ने उस कानून में 23 नई धाराएँ जोड़ कर इसे और मजबूत बना दिया।
श्री मोदी ने कहा कि बाबा साहेब को जिस कांग्रेस ने लगातार अपमानित किया, उसी की गोद में बैठ कर नीतीश कुमार और लालू प्रसाद देश पर राज करने के सपने देख रहे हैं।
उन्होंने कहा भाजपा के समर्थन से बनी वीपी सिंह की सरकार ने बाबा साहब की मृ्त्यु के 37 साल बाद उन्हें भारत रत्न प्रदान किया, जबकि नेहरू-गांधी परिवार के लोग मृत्यु के कुछ ही महीने बाद भारत रत्न से सम्मानित होते रहे।
श्री मोदी ने कहा जब नरेंद्र भाई मोदी के नेतृत्व में दिल्ली में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी, तब अम्बेडकर के जन्म, शिक्षा, संसदीय जीवन और देहावसान से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थलों पर भव्य स्मारक बना कर उन्हें पंचतीर्थ घोषित किया गया।
उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी राज में बिहार के लक्ष्मणपुर बाधे, मियांपुर, नारायणपुर सहित दर्जन भर स्थानों पर दलितों का सामूहिक संहार हुआ। इनमें 200 से ज्यादा स्री-पुरुष बच्चे लाइन में खड़े कर मारे गये या उनके घरों में ही जिंदा जला दिया गया था।
श्री मोदी ने कहा कि 2001 में राबड़ी सरकार ने पंचायत और निकायों में एकल पदों पर दलितों को आरक्षण दिये बिना चुनाव करा लिये थे।
उन्होंने कहा कि जब भाजपा के सहयोग से एनडीए सरकार बनी, तभी पंचायत और निकायों में दलितों-पिछड़ों और महिलाओं को आरक्षण देकर बिहार में बाबा साहब के सपने को सार्थक किया जा सका।
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार आज उस कांग्रेस के दरवाजे पर हैं, जिसने 1952 के पहले संसदीय चुनाव और 1954 के उपचुनाव में अम्बेडकर को हराने का षड्यंत्र रचा था। कांग्रेस बाबा साहब को संसद में नहीं घुसने देना चाहती थी।
वैशाली/हाजीपुर । भीम आर्मी के जिला संयोजक राकेश पासवान की बदमाशों ने गुरुवार की शाम गोली मारकर हत्या कर दी । इनके मौत के बाद वैशाली में भारी बबाल जारी है। इनके समर्थकों द्वारा जिले में कई जगहों पर भारी बबाल काटा गया है। वहीं, राकेश पासवान की शव यात्रा के दौरान समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया।
राकेश पासवान को यहां दलित का बड़ा नेता माना जाता था। बदमाशों ने सीने में 4 गोली मारी है। दलित नेता राकेश पासवान की शव यात्रा के दौरान समर्थकों ने लालगंज बाजार में तोड़फोड़ की। लालगंज के तीनपुलवा चौक पर दुकान में तोड़फोड़ और जमकर उत्पात करते हुए आक्रोशित लोग गांधी चौक की तरफ बढ़ गए। आक्रोशितों ने हाथ में भीम आर्मी का झंडा थाम रखा है। शव यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल रहे।
समर्थकों ने लालगंज थाना में घुसने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने दर्जनों राउंड हवाई फायरिंग की। आक्रोशित लोगों ने तीनपुलवा के निकट एक गुमटी को भी आग के हवाले कर दिया।
वहीं, नगर परिषद के कार्यालय में तोड़फोड़ की। लालगंज में पूरा माहौल तनावपूर्ण है। लोग अपने-अपने घरों में बंद है। आक्रोशित लोग जमकर तोड़फोड़ और उत्पात मचा रहे हैं।
गुरुवार को दलित नेता राकेश पासवान की बदमाशों ने गोलियों से छलनी कर दिया था। दरअसल, यह घटना हाजीपुर के लालगंज थाना क्षेत्र के पंचदमिया गांव की है। बदमाशों ने घर में घुस कर राकेश पासवान की गोली मारकर हत्या की है। बाइक से चार की संख्या में आए बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया और फरार हो गए। बदमाशों ने दलित नेता पर 20 राउंड से अधिक फायरिंग की, यह बात कही जा रही है।
हालांकि, इस पर अभी पुलिस कुछ कहने से बच रही है। वारदात वाली जगह से दर्जन भर खोखा बरामद किया गया है। वहीं, मौत के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने जमकर बवाल काटा।
गोली लगने के बाद खून से लथपथ हालत में समर्थक जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन देखते ही डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। भीम आर्मी नेता की हत्या की खबर जैसे ही समर्थकों को लगी, जिला अस्पताल में भीड़ लग गई । उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। घटना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। अस्पताल में भी पुलिस बल को तैनात करना पड़ा।
बिहार में मौसम का मिजाज और तल्ख हो गया है। बिहार के कई जिलों में हर दिन तापमान में वृद्धि हो रही है। गुरुवार (13 अप्रैल) को पूरे बिहार के तापमान में वृद्धि देखी गई, लेकिन सबसे अधिक तापमान राजधानी पटना में रहा. यहां का तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया ।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले चार दिनों में गर्मी में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है। 14 अप्रैल से बिहार के सभी जिलों में तापमान में बढ़ोतरी के आसार हैं। साथ ही गर्माहट वाली हवा 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले चार दिनों में गर्मी में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है। शनिवार को जमुई और बांका जिले के एक-दो स्थानों पर लू चलने की संभावना जताई गई है।
hot weather
मौसम विज्ञान केंद्र ने गर्मी में और वृद्धि होने की चेतावनी दी है। रविवार को राजधानी पटना समेत दक्षिण बिहार और मध्य बिहार के कई जिलों में उष्ण गर्मी और लू चलने की संभावना की चेतावनी दी गई है। इससे बचने की सलाह भी दी है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार बिहार में उत्तर पछुआ हवा का प्रवाह सतह से 4.5 किलोमीटर ऊपर बना हुआ है। साथ ही एक चक्रवातीय परिसंचरण का क्षेत्र उत्तरी बांग्लादेश एवं आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर तक बना हुआ है, जिसके प्रभाव से अगले 5 दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा और तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
पटना हाइकोर्ट ने राज्य में पुलिस स्टेशनो की दयनीय अवस्था और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होने के मामलें पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस के वी चन्द्रन की खंडपीठ को बताया गया कि पुलिस विभाग स्टेशन भवनों के निर्माण व सुधार के लिए उपलब्ध फंड के सम्बन्ध में पंद्रह दिनों में डीजीपी, बिहार के समक्ष विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत कर देगा।
पिछली सुनवाई में Patna High Court ने राज्य सरकार को मॉडल पुलिस थाने के निर्माण पर विचार करने के लिए राज्य के विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमिटी गठित करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार की ओर से बिहार व अन्य राज्यों के मॉडल पुलिस थाने के सम्बन्ध में जानकारी दी गई।
कोर्ट ने जानना चाहा कि पुलिस स्टेशनों के निर्माण व सुधार के लिए उपलब्ध फंड के सम्बन्ध में कितने दिनों में जानकारी दी जा सकती है। पुलिस विभाग ने Patna High Court को बताया कि पंद्रह दिनों में इस सम्बन्ध में पूरा ब्यौरा डीजीपी, बिहार के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
Patna High Court द्वारा सहायता करने के लिए नियुक्त एमिकस क्यूरी सोनी श्रीवास्तव ने बताया कि पिछली सुनवाई में कोर्ट ने फंड की उपलब्धता के सम्बन्ध में ब्यौरा देने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक ये ब्यौरा कोर्ट में प्रस्तुत नहीं हुआ।
Patna High Court ने बिहार राज्य पुलिस भवन निर्माण निगम में काफी पद के रिक्त होने को काफी गम्भीरता से लिया।उन्होंने राज्य सरकार को इन रिक्त पदों को शीघ्र भरने को कहा,ताकि पुलिस थाना भवनों का निर्माण कार्य तेजी से हो सके।
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पिछली सुनवाई में पुलिस थाना भवनों के निर्माण के लिए उपलब्ध फंड के उपयोग और वितरण पर भी कोर्ट में चर्चा हुई।कोर्ट ने अगली सुनवाई में इस बारे में जानकारी देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया था।
पूर्व की सुनवाई में Patna High Court ने राज्य सरकार को कॉर्डिनेटर के रूप में कार्य करने के वरीय पुलिस अधिकारी का नाम का सुझाव देने को कहा था। राज्य सरकार ने एडीजी कमल किशोर सिंह का नाम कॉर्डिनेटर के रूप में दिया था।
एमिकस क्यूरी सोनी श्रीवास्तव ने Patna High Court को बताया था कि राज्य में 1263 थाना है,जिनमें 471 पुलिस स्टेशन के अपने भवन नहीं है।इन्हें किराये के भवन में काम करना पड़ता है।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य में पुलिस स्टेशन भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण का कार्य समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
जब तक दूसरे भवन में चल रहे पुलिस स्टेशन के लिए सरकारी भवन नहीं बन जाते,तब तक पुलिस अधिकारी कमल किशोर सिंह कॉर्डिनेटर के रूप में कॉर्डिनेट करेंगे।
इससे पहले भी पुलिस स्टेशन की दयनीय स्थिति और बुनियादी सुविधाओं का मामला Patna High Court में उठाया गया था।राज्य सरकार ने इन्हें सुधार लाने का वादा किया था,लेकिन ठोस परिणाम नहीं दिया था।
Patna High Court में सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी अधिवक्ता सोनी श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि जो थाने सरकारी भवन में चल रहे हैं, उनकी भी हालत अच्छी नहीं है।उनमें भी बुनियादी सुविधाओं की काफी कमी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस स्टेशन में बिजली,पेय जल,शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं है। लगभग आठ सौ थाने ऐसे है, सरकारी भवनों में चल रहे है,लेकिन उनकी भी स्थिति अच्छी नहीं है।
उन्होंने Patna High Court को बताया कि जो थाना सरकारी भवन में है,उनमें भी निर्माण और मरम्मती की आवश्यकता है।उन्होंने बताया कि कई पुलिस स्टेशन के भवन की स्थिति खराब है।
पुलिसकर्मियों को काफी कठिन परिस्थितियों में और कई सुविधाओं के अभाव में कार्य करना पड़ता है।इस मामलें पर अगली सुनवाई एक माह बाद होगी।
Bihar News: चारा घोटाले में फिर बढ़ी लालू की मुश्किलें, CBI ने की लालू यादव की सजा बढ़ाने की मांग । झारखंड हाईकोर्ट में दायर की याचिका।
पटना: दिल्ली से पटना लौटे CM नीतीश कुमार, सीएम नीतीश कुमार बोले – दिल्ली में सबने बैठ कर बातचीत की, एकजुटता की पूरी कोशिश है ।
पटना: सफाईकर्मियों की मौत पर NHRC ने मुख्य सचिव, नगर निगम, SSP को भेजा नोटिस
वैशाली: बदमाशों ने भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश पासवान की गोली मारकर हत्या कर दी ।
बिहार के हाजीपुर में पंजाब नेशनल बैंक में जबरदस्त लूटपाट; PNB से 12 लाख की लूट, बैंक में ड्यूटी पर तैनात गार्ड को भी बदमाशों ने मारी गोली ।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी दिल्ली में अमित शाह से मिलें।
नौकरी के बदले जमीन घोटाले में RJD प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी चंदा यादव ने बयान दर्ज किया है।
पटना कोर्ट में हेट स्पीच ‘मोदी सरनेम’ मामले में राहुल गांधी नहीं हुए पेश , MP-MLA कोर्ट ने 25 अप्रैल को राहुल गांधी को पेश
बिहार में Corona के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, पटना बन रहा है कोरोना का हब।
बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप की याचिका पर SC 21 अप्रैल को सुनवाई करेगा; केंद्र, बिहार और तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी। मनीष कश्यप ने रासुका हटाने और सभी मामलों की सुनवाई एक जगह करने की याचिका दे रखी है।
पटना हाइकोर्ट में सासाराम के ऐतिहासिक महत्व के धरोहर शेरशाह के मकबरे के आसपास बड़े तालाब में स्वच्छ और ताज़ा पानी आने के लिए बनाया गए नाले बंद होने के मामलें पर सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। चीफ जस्टिस के वी चन्द्रन की खंडपीठ ने अधिवक्ता कन्हैया लाल भास्कर की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार के अधिवक्ता को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों से विचार विमर्श करने का निर्देश दिया था।
इससे पूर्व कोर्ट ने रोहतास के डी एम, डीसीएलआर,सासाराम नगर निकाय के अधिकारियो समेत केंद्र सरकार के अधिकारी और एएसआई की बैठक कर विस्तृत कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने प्राची पल्लवी को इस जनहित की सुनवाई में कोर्ट की मदद करने के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था।कोर्ट ने कहा कि ये ऐतिहासिक धरोहर है,जिसकी सुरक्षा और देखभाल करना आवश्यक हैं।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कन्हैया लाल भास्कर ने कोर्ट को बताया था कि सासाराम स्थित शेरशाह का मकबरा राष्ट्रीय धरोहर हैं।इसके तालाब में साफ और ताज़ा के लिए वहां तक नाले का निर्माण किया गया था।
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उन्होंने कोर्ट को बताया था कि 2018 से 2020 तक सिर्फ पचास फी सदी नाले का काम हुआ।इसे बाद में खराब माना गया।इसमें लगभग आठ करोड़ रुपए खर्च हुए थे।
उन्होंने कोर्ट को जानकारी दी थी कि इसमें काफी अनियमितताएं बरती गई, जिसकी जांच स्वतन्त्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।उन्होंने बताया था कि ये नाला कूड़ा से भरा पड़ा है,जिस कारण शेरशाह के मकबरे के तालाब में साफ पानी नहीं पहुँच पाता है।
उन्होंने कोर्ट को बताया था कि वह तालाब गंदा और कचडे से भरा हुआ है।वहां जो पर्यटक आते है,उन्हें ऐसी हालत देख कर निराशा होती है।
पिछले एक मार्च,2023 से लापता एनएमसीएच के डॉक्टर संजय कुमार की बरामदगी को लेकर पटना हाई कोर्ट में एक आपराधिक रिट याचिका दायर की गई हैं। गायब डॉक्टर की पत्नी की ओर से अधिवक्ता हर्ष सिंह ने दायर की है।
दायर याचिका में डॉक्टर की सकुशल बरामदगी की गुहार कोर्ट से लगाई गई हैं।याचिका में ये कहा गया है कि 1 मार्च,2023 से लापता डॉक्टर का मोबाईल फोन 2 मार्च,2023 को इस्तेमाल किया गया है।लेकिन पुलिस इसको नजरअंदाज कर रही हैं।
उनका कहना है कि पुलिस सही तरीके से खोजने का काम नहीं कर रही हैं। लापता होने के बाद सुराग पाने के लिए खोजी कुत्ता को नहीं लगाया गया।यहाँ तक कि गांधी सेतु सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच अब तक नहीं कराई गई हैं।
पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया हैं कि राज्य के सभी स्कूलों में छात्राओं की संख्या के समुचित अनुपात में शौचालय एवं सैनिटरी नैपकिन को नष्ट करने वाली मशीनों की व्यवस्था हेतु एक जरूरी दिशानिर्देश तैयार करें।
चीफ जस्टिस के वी चन्द्रन की खंडपीठ ने इस मामलें पर स्वतः संज्ञान लेते हुए इस जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को यह भी निर्देश दिया इस सम्बन्ध में एक कमिटी गठित करने का निर्देश दिया।
पटना जिले में राजकीय एवं राजकीयकृत बालिका विद्यालयों ( प्राथमिक मध्य एवं उच्च विद्यालय) में शौचालयों की दयनीय अवस्था पर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान ले कर सुनवाई कर रही है।
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पूर्व की सुनवाई में पटना हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का दायरा पटना जिला से बढ़ाकर पूरे राज्य के लिए कर दिया था।साथ ही कोर्ट ने सरकार से सभी स्कूलों के अंदर छात्राओं के लिए समुचित और स्वच्छ शौचालय सहित सैनिटरी नैपकिन को नष्ट करने वाली मशीनों के बारे में जानकारी मांगी थी ।
राज्य सरकार की तरफ से दायर हुए जवाबी हलफनामा पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि पटना हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में एक निश्चित दिशा निर्देश बनाए।और
पटना हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी, जो बैंक के पैसे के संरक्षक हैं, उनसे निवेशकों / जमाकर्ताओं के पैसे से इस तरह की अनियमितता की उम्मीद नहीं की जा सकती है। ये अनियमितताएं कर्तव्य में चूक नहीं , बल्कि जानबूझकर किए गए कार्य हैं, जिनसे बैंक को गंभीर नुकसान हुआ है और अपीलकर्ता को व्यक्तिगत लाभ हुआ है।
जस्टिस आशुतोष कुमार एवं जस्टिस हरीश कुमार की खंडपीठ ने अशोक कुमार सिन्हा की अपील याचिका को खारिज करते हुए उक्त टिप्पणी की । अपीलकर्ता भारतीय स्टेट बैंक की एक शाखा में प्रोबेशनरी अधिकारी के रूप में नियुक्ति की गई थी।
सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420, 409, 467, 468 और 471 और पीसी अधिनियम, 1988 की धारा 13 (2) ,13 (1) (सी) (डी) के तहत आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने निवास पर कई ऋण दस्तावेज रखे थे और कर्ज लेने वालों की व्यक्तिगत ऋणों को मंजूरी देने हेतु उनके वेतन पर्ची में हेरफेर किया था।
उनके खिलाफ अन्य आरोप यह थे कि उन्होंने कई व्यक्तिगत ऋण खाते कम सीमा के साथ खोले गए थे। केवल कुछ महीनों के बाद, उच्च सीमा के लिए ऋण मंजूर किए गए थे ।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर, अपीलकर्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया और उसकी पूरी ग्रेच्युटी राशि बैंक को हुई वास्तविक हानि को ध्यान में रखते हुए साढ़े तीन लाख रुपये जब्त कर लिए गए।
अपीलकर्ता के वकील अरविंद कुमार तिवारी ने एकलपीठ के फैसले को चुनौती देते हुए कहा कि बैंक के नियमों के नियम 68(6) के अनुसार, एक संयुक्त जांच की जानी चाहिए थी,क्योंकि दो अन्य अधिकारियों पर विभागीय कार्यवाही में समान आरोप लगे थे।लेकिन अलग-अलग पूछताछ की गई और उन्हें बिना किसी औचित्य के कम सजा दी गई।
एसबीआई की ओर से वरीय अधिवक्ता चितरंजन सिन्हा ने कोर्ट को बताया कि अपीलकर्ता एक उच्च पद पर था और उसके कब्जे से बरामद ऋण दस्तावेजों के साथ वह वित्तीय कदाचार में फंसा हुआ था।उन्होंने कहा कि अपीलकर्ता को अनुशासनात्मक कार्यवाही में अपना बचाव करने का उचित अवसर दिया गया था।
मामले का अवलोकन कर खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश को यह कहते हुए सही करार दिया कि ये अनियमितताएं केवल कर्तव्य में चूक नहीं हैं, बल्कि जानबूझकर किए गए कार्य हैं ,जिसके परिणामस्वरूप बैंक को भारी नुकसान हुआ है।सार्वजनिक धन का लूट किया गया है।
पटना । बिहार में कोरोना के मामले अब तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना संक्रमितों की संख्या सबसे अधिक फिलहाल पटना में ही है। ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट XBB1.16 वायरस के मामले भी मिले हैं।
पिछले 24 घंटे में बिहार में 52 नए Corona केस मिले। वहीं पटना में 29 नए केस मिले। मरीजों के गले में खरास, खांसी सर्दी, बुखार लक्षण मिल रहे हैं। बिहार स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों से कोविड गाइडलाइन का पालन करने की अपील कर रही है।
बिहार में अब Corona के 214 केस एक्टिव हैं। इधर, राजधानी पटना में पिछले 24 घंटे में 29 नए केस सामने आए हैं। पटना में फिलहाल 114, गया में 21, भागलपुर में 13 और मुंगेर में 10 केस एक्टिव हैं। ऐसे कई केस सामने आए हैं जिनमें टीका के दोनों डोज लेने वाले भी कोविड पॉजिटिव हो गए। डॉक्टर की मानें तो वैक्सीन लेने के बाद कोरोना का खतरा कम हो जाता है लेकिन इससे ऐसा नहीं है कि संक्रमण आपको नहीं हो सकता है। इसलिए अलर्ट रहें।
बिहार सरकार ने बढ़ते Corona को लेकर अलर्ट जारी किया है। बिहार सरकार लोगों से मास्क लगाने की अपील कर रही है। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए भी कहा है। बिहार स्वास्थ्य विभागलगातार कोविड गाइडलाइन का पालन करने की अपील कर रहा है।
Corona में थोड़ी सी भी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। ट्रेवल हिस्ट्री नहीं रहने के बावजूद लोग कोरोना पॉजिटिव हुए। ताजा रिसर्च के अनुसार गर्भ में पल रहे बच्चों के लिए भी Corona खतरनाक है, कोरोना से बच्चे के दिमाग को नुकसान पहुंच सकता है।
मोतिहारी। बिहार में अपराधियों के हौसले बढ़ते ही जा रहे हैं। नया मामला पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से सामने आई है। जहां अपराधियों ने एक बैंक को अपना निशाना बनाया है। दिनदहाड़े अपराधियों ने ICICI बैंक में लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। बैंक से करीब 40 लाख रुपये की लूट हुई है। ICICI बैंक से लाखों की लूट कर अपराधी फरार हो गए है।
ये घटना मोतिहारी के चकिया बाजार इलाके का बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बैंक से 40 लाख रूपये लेकर बाइक सवार 5 अपराधी फरार हो गए। अपरधियों ने हथियार दिखाकर बैंक के कर्मियों और ग्राहकों को डराया और सारे पैसे लेकर फरार हो गए। इस दौरान बैंक में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
बैंक के मैनेजर ने बताया कि ब्रांच में करीब 40 लाख रुपये थे। लूट की ये वारदात चकिया इलाके की है। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस बैंक में लगे CCTV को खंगाल रही है। साथ ही पुलिस बैंक के मैनेजर और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
दिनदहाड़े हुई बैंक लूट की इस बड़ी घटना से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। मोतिहारी एसपी कान्तेश कुमार मिश्रा भी घटना वाली जगह पहुंचे और मामले की जांच करने में जुट गए है। साथ ही पुलिस द्वारा सीसीटीवी भी खंगाला जा रहा है ताकि अपराधियों कि पहचान कि जा सके।
पटना । बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सम्प्रति राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी के द्वारा माननीय श्री आदि देव, विशेष न्यायाधीश, एम.पी.एम.एल.ए. न्यायालय, पटना के समक्ष दायर परिवाद पत्र में न्यायालय के दिनांक 18.03.2023 के आदेश से कांग्रेस पार्टी के नेता श्री राहुल गाँधी को आज दिनांक 12.04.2023 को न्यायालय के समक्ष संदेह उपस्थित होने का आदेश दिया गया था ताकि श्री राहुल गाँधी का धारा 313 द०प्र०सं० के अंतर्गत बयान दर्ज किया जा सके।
परन्तु श्री गाँधी के द्वारा माननीय न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए आज उपस्थित नहीं हुए जबकि वे दिनांक 11.04.2023 को केरल के वाईनाड में एक राजनीतिक रोड शो कर रहे थे और यहाँ न्यायालय में आज उनके अधिवक्ता के द्वारा समयावेदन दिया गया है।
इसका श्री सुशील कुमार मोदी के अधिवक्ता श्री एस.डी. संजय वरीय अधिवक्ता के द्वारा पूर जोर विरोध किया गया तथा श्री राहुल गाँधी द्वारा न्यायालय के आदेश की अवहेलना करके इस मुकदमे को लम्बा खींचने के कारण उनकी जमानत को रद्द करते हुए उनके विरुद्ध गैरजमानतीय अधिपत्र जारी किये जाने का अनुरोध किया गया है।
उनके अधिवक्ता ने न्यायालय को यह बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय देश के एम.पी.एम.एल.ए. के खिलाफ मुकदमों को जल्द से जल्द निपटाने का आदेश अश्विनी उपाध्याय वनाम् भारत सरकार की एक लोकहित याचिका में दिया है, अतः इस मामले को अभियुक्त की उपस्थिति के लिए अधिक लंबित रखना न्यायोचित नहीं होगा।
अतः उनकी जमानत को रद्द करके उन्हें न्यायालय में सदेह उपस्थित कराने को सुनिश्चित करने के लिए उनके विरूद्ध गिरफ्तारी का वारंट निर्गत करने का आदेश जारी किया जाए। इस आशय का आवेदन उनके अधिवक्ता के द्वारा न्यायालय में दिया गया।
विदित हो कि वर्ष 2019 में श्री राहुल गाँधी द्वारा कर्नाटक के कोलार की सभा में यह बयान दिया गया था कि देश में सारे मोदी चीर हैं जिसपर गुजरात के अलावा पटना में भी उनके उपर मानहानी का आपराधिक मुकदमा तत्कालीन मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, पटना के न्यायालय में दर्ज किया गया था। इस मुकदमे में अब परिवादी का बयान पूरा हो चूका है और अभियुक्त के बयान के लिए लंबित है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 3 दिवसीय दौरे पर दिल्ली में हैं । 3 दिवसीय दौरे में कई विपक्षी नेताओं से करेंगे मुलाकात – मल्लिकार्जुन खरगे , सोनिया गांधी, लालू यादव, अरविंद केजरीवाल, सीताराम येचुरी और डी राजा से मिलेंगे नीतीश।
मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार ने दिल्ली में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। इस दौरान सीएम के साथ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और संजय झा भी मौजूद रहे। रिपोर्ट के अनुसार दोनों शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात राज्यसभा सांसद मीसा भारती के आवास पर हुई है। सीएम नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव से उनकी तबीयत का हालचाल जाना है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आज कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात हो सकती है। नीतीश कुमार अपने 3 दिवसीय दिल्ली दौरे पर विपक्ष के नेताओं से मेल-मिलाप बढ़ा रहे हैं। नीतीश कुमार अन्य पार्टियों के नेताओं के साथ भी मुलाकात करेंगे।
विपक्षी नेताओं से सीएम नीतीश कुमार की यह मुलाकात 2024 के आम चुनाव को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है। नीतीश कुमार जिन नेताओं से मुलाकात करने वाले हैं उनमें आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, सीताराम येचुरी और डी राजा का नाम भी शामिल है।
बिहार में भूकम्प के झटके पूर्णिया भागलपुर समेत कई इलाकों में महसूस किए गए हैं। अररिया जिले में भी बुधवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं हैं।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप के झटके सुबह करीब 5 बजकर 35 मिनट पर महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई है।
बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। बुधवार की सुबह सिलीगुड़ी से 140 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई थी।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कहा कि राज्य सरकार ने बजट में धनराशि का प्रावधान किये बिना बीपीएससी के माध्यम से एक नये संवर्ग में स्कूली शिक्षक नियुक्ति की जो घोषणा की है, वह लाखों शिक्षित युवाओं के साथ धोखा है।
नये शिक्षक संवर्ग के लिए चाहिए 5000 करोड़, बजट में प्रावधान नहीं
CTET/STET पास अभ्यर्थियों को पहले नियुक्ति पत्र दे सरकार
श्री मोदी ने कहा कि सबसे पहले सरकार उन को नियुक्ति पत्र दे, जो CTET/STET/TET की परीक्षाएं पास कर चार साल से नौकरी पाने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे कुछ अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई भी, लेकिन शेष को केवल आश्वाशन दिया जाता रहा।
उन्होंने कहा कि ऐसे 1लाख से ज्यादा प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों और 4 लाख नियोजित शिक्षकों को भी अब नये संवर्ग वाला सरकारी शिक्षक बनने के लिए बीपीएससी की परीक्षा देनी पड़ेगी। यह नई नियमावली पात्रता सिद्ध कर चुके युवाओं के मनोबल पर बड़ा बज्रपात है।
श्री मोदी ने कहा कि नियोजित शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए और नये संवर्ग के लिए बजट प्रावधान में कम से कम 5000 करोड़ की वृद्धि करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के बजट में शिक्षकों के वेतन और स्थापना व्यय में मात्र 1200 करोड़ की वृद्धि की गई है। इससे साफ है कि अगले एक साल तक नये संवर्ग में शिक्षक भर्ती नहीं होने जा रही है।
श्री मोदी ने कहा कि यदि सरकार नई नियमावली लागू करती है, तो एक विद्यालय में एक ही पाठ्यक्रम के लिए दो तरह के शिक्षक होंगे- एक बीपीएससी से पास सरकारी टीचर और दूसरे नियोजित शिक्षक।
उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा को विसंगतियों और विफलताओं का ऐसा पिटारा बना दिया गया है कि बिहार से प्रतिभा पलायन तेज होगा ।
पटना । बिहार में एक बार फिर बड़े पैमाने पर अधिकारियों का तबादला किया गया है। 3 IPS अधिकारी सहित 30 डीएसपी तथा 22 अनुमंडल पदाधिकारी बदले गए।
बिहार प्रशासनिक सेवा के 64 अफसरों का तबादला किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। सत्य प्रकाश शर्मा और विनय कुमार बीपीएससी के संयुक्त सचिव बनाए गए। तकनीकी सेवा आयोग के उप सचिव अमित कुमार SC/ST कल्याण विभाग के उप सचिव मनन राम।
तीन IPS अफसरों का भी हआ तबादला, रोहतास के SDPO बने शुभांक मिश्रा, आरा के SDPO बने चंद प्रकाश, मोतिहारी के एसडीपीओ बने राज।
हाल में अधिकारियों का बड़े पैमाने पर यह दूसरा तबादला है। सरकार ने बिहार पुलिस सेवा के 30 अधिकारियों का ट्रांसफर किया है।
चंद्रप्रकाश आरा का डीएसपी बनाए गए हैं।
शुभांक मिश्र को फारबिसगंज अररिया से डेहरी रोहतास का डीएसपी बनाया गया है।
पंकज कुमार को रजौली नवादा का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बनाया गया है।
पहले वे पुलिस उपाधीक्षक, रेल, मुजफ्फरपुर थे।
सत्येंद्र कुमार सिंह को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चकिया मोतिहारी बनाया गया है।
पहले वे बेगूसराय में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।
इसी प्रकार नंद जी प्रसाद पुलिस उपाधीक्षक अपराध अनुसंधान विभाग, पटना में थे।
पटना हाइकोर्ट ने राज्य में अभियोजन के निदेशक और उप निदेशक की नियुक्ति में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया कि इन पदों पर वे ही नियुक्त हो सकते है, जिन्होंने दस या उससे अधिक वर्षों तक कानूनी प्रैक्टिस की हो। सुशील कुमार चौधरी की याचिका पर जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने 2003 के बिहार अभियोजन मेनुएल के रूल 5 में 2016 में लाए गए राज्य सरकार के संशोधन को रद्द कर दिया।
कोर्ट ने संघीय कानून अनुरूप रूल बनाने का निर्देश राज्य सरकार को दिया।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने कानून में संशोधन किया, उसके अनुसार अभियोजन कैडर के अधिकारी अभियोजन के निदेशक और उप निदेशक के पदों पर नियुक्त होंगे।
उन्होंने बताया कि संसद द्वारा पारित कानून सीआरपीसी के 25 ए के तहत अभियोजन निदेशक और उप निदेशक के पदों पर उन्हें ही नियुक्त किया जा सकता है, जिन्होंने 10वर्षों या उससे अधिक वर्षों तक कानूनी प्रैक्टिस की हो।
#PatnaHighCourt
उन्होंने बताया कि बिहार सरकार ने जो 2016 में जो नियमों में संशोधन किया, उसके तहत अभियोजन कैडर के अधिकारी इन पदों पर नियुक्त किये जा सकते है।ये संसद द्वारा पारित कानून के विपरीत है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार और अधिवक्ता रितिका रानी व राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल पी के शाही कोर्ट के समक्ष पक्षों को प्रस्तुत किया।
पटना हाइकोर्ट में राज्य के पश्चिम चम्पारण स्थित हारनाटांड में अनुसूचित जनजाति बालिकाओं के एकमात्र स्कूल की दयनीय हालत पर सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी। चीफ जस्टिस के वी चन्द्रन की खंडपीठ ने बिहार आदिवासी अधिकार फोरम की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य में बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजाति के छात्रों द्वारा स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़ दिए जाने के मामले को गम्भीरता से लिया था।।कोर्ट ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बिहार लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी (बालसा) से रिपोर्ट तलब किया था।
कोर्ट ने बालसा को ये बताने को कहा था कि कितने बच्चों ने स्कूलों की पढ़ाई छोड़ दी है और कितने बच्चों ने दोबारा इन स्कूलों में जाना शुरू किया है ? बिहार आदिवासी अधिकार फोरम की लोकहित याचिका दायर की थी।
कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए चिंता जताते हुए ये जानना चाहा था कि इन बच्चों की पढ़ाई के लिए राज्य सरकार द्वारा क्या कार्रवाई की गई है।
इसके साथ साथ कोर्ट ने बालसा के एक सदस्य को लिए पश्चिम चम्पारण के हारनाटांड में स्थित स्कूल एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के विकास से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। गौरतलब है कि हाईकोर्ट इस मामले में लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है ।
इस मामले में पहले भी हाईकोर्ट ने वकीलों की एक टीम गठित कर निरीक्षण करने का निर्देश दिया था । इस टीम में अधिवक्ता सूर्या नीलांबरी, अधिवक्ता आकांक्षा मालवीय , अधिवक्ता आयुष अभिषेक एवं अन्य अधिवक्ता शामिल थे ।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि बिहार में अनुसूचित जनजाति के बालिकाओं के लिए पश्चिम चम्पारण के हारनाटांड एकमात्र स्कूल है।पहले यहाँ पर कक्षा एक से लेकर कक्षा दस तक की पढ़ाई होती थी।
लेकिन जबसे इस स्कूल का प्रबंधन राज्य सरकार के हाथ में आया तबसे इस स्कूल की स्थिति बदतर होती गई।कक्षा सात और आठ में छात्राओं का एडमिशन बन्द कर दिया गया।
साथ ही कक्षा नौ और दस में छात्राओं का एडमिशन पचास फीसदी ही रह गया।इस स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक भी नहीं है।इस कारण छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
Patna High Court ने राज्य के सरकारी और निजी लॉ कालेजों के स्थिति के सम्बन्ध दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस के वी चन्द्रन की खंडपीठ कुणाल कौशल की जनहित याचिका पर सुनवाई की।
Patna High Court ने राज्य के अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया। राज्य के सरकारी व निजी लॉ कॉलेजों की स्थिति व किये गए सुधार का ब्यौरा देने का निर्देश दिया है।
पूर्व की सुनवाई में चान्सलर कार्यालय के हलफनामा में बताया गया था कि लॉ कालेजों में नेट/ पीएचडी डिग्रीधारी शिक्षक होने चाहिए।
पूर्व की सुनवाई में Patna High Court ने चान्सलर कार्यालय को हलफनामा दायर कर ये बताने को कहा था कि राज्य में लॉ की पढ़ाई के लिए क्या क्या सुधारात्मक कार्रवाई की गई।साथ ही ये भी बताने को कहा गया था कि इन लॉ कालेजों में छात्रों को पढ़ाने के लिए यूजीसी मानक के तहत नेट/पीएचडी डिग्री वाले शिक्षकों की नियुक्ति की जा सकती है या नहीं।
चान्सलर ने राज्य के विश्वविद्यालयों के वाईस चान्सलर की बैठक 3अप्रैल,2023 को तय किया था।इस बैठक में असिस्टेंट प्रोफेसर, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्माचारियों की संख्या, बुनियादी सुविधाएँ, सम्बद्धता दिए जाने के सम्बन्ध विचार विमर्श किया जाना था।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया था कि इन लॉ कालेजों में जो प्रिंसिपल और शिक्षक कार्य कर रहे है, वे यूजीसी के मानदंडों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता नहीं रखते है।
#PatnaHighCourt
उन्होंने बताया कि ये शिक्षक यूजीसी द्वारा नेट की परीक्षा बिना पास किये पद पर बने हुए।इन लॉ कालेजों के प्रिंसिपल भी पीएचडी की डिग्री प्राप्त नहीं किया है।
पिछली सुनवाई में Patna High Court ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को यह बताने को कहा था कि राज्य में स्थित लॉ कॉलेजों में नेट की परीक्षा पास किए शिक्षकों को क्यों नियुक्त नहीं किया जा सकता है।
राज्य में स्थित लॉ कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव के मामलें पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की जा रही है।
Patna High Court ने बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया से ये जानना चाहा था कि राज्य के लॉ कॉलेज में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया क्या है।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लॉ कालेजों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति होना आवश्यक है।
कोर्ट को अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि राज्य के सरकारी और निजी लॉ कालेजों की स्थिति बहुत दयनीय है।वहां बुनियादी सुविधाओं का काफी अभाव है।
बीसीआई के निर्देश और जारी किए गए गाइड लाइन के बाद भी बहुत सुधार नहीं हुआ है।बीसीआई के निरीक्षण के बाद भी बहुत सारे कालेज निर्धारित मानकों को नहीं पूरा कर रहे है।
इससे पूर्व Patna High Court ने बीसीआई के अनुमति/ अनापत्ति प्रमाण मिलने के बाद ही सत्र 2021- 22 के लिए राज्य के 17 लॉ कालेजों को अपने यहां दाखिला लेने के लिए अनुमति दी थी।
सुनवाई के समय याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार एवं रितिका रानी, बीसीआई की ओर से अधिवक्ता विश्वजीत कुमार मिश्रा ने Patna High Court में अपने अपने पक्षों को प्रस्तुत किया।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 25अप्रैल,2023 को की जाएगी।
पटना । सोमवार को बिहार कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में उपमुख्मंत्री तेजस्वी यादव सहित अन्य नेता मौजूद थे। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंड़ों पर मोहर लगी ।
Bihar Cabinet Meeting : आज हुई बैठक में 7वें चरण की शिक्षक नियुक्ति के लिए नयी नियमावली को मंजूरी प्रदान कर दी गयी। नयी नियमावली में कई बदलाव किये गये हैं, अब सभी विषयों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत का आरक्षण का प्रावधान किया गया है। सभी शिक्षकों को महंगाई भत्ता भी मिलेगा। इसके साथ ही, अब शिक्षकोंकी नियुक्ति आयोग के माध्यम से होगी ।
Bihar में इस नियमावली के पास होने के बाद अब करीब 3 लाख पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी। इसके लिए अब जल्द ही विज्ञापन जारी होगा।
नयी नियमावली में तीन परीक्षाओं का प्रावधान किया गया है। तीनों परीक्षा पास करने के बाद शिक्षक पूर्ण रूप से राज्यकर्मी के कैडर में आ जायेंगे।नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। पेंशन भोगियों को 1 जनवरी, 2023 के प्रभाव से 38% के स्थान पर 42% महंगाई भत्ता मिलेगा। इस प्रावधान से नियोजित शिक्षकों के सरकारी शिक्षक बनाने की पुरानी मांग भी पूरी हो गयी है।
JDU ने नीतीश सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि शिक्षकों के लिए इसे बड़ी खुशखबरी नहीं हो सकती। Office of Tejashwi Yadav के ट्विटर हैंडल से…
शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है।
आज कैबिनेट मीटिंग में बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति,स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई) सेवा शर्त नियमावली 2023 को स्वीकृति दी गई है।
नए फैसले के अनुसार अब शिक्षक राज्य कर्मी होंगे। अब आयोग के माध्यम से लाखों शिक्षकों की बहाली होगी।
— Office of Tejashwi Yadav (@TejashwiOffice) April 10, 2023
पटना । बिहार में कोरोना के मामले अब तेजी से बढ़ रहे हैं । गया में एक मौत के बाद अब बिहार के कई जिलों में कोरोना संक्रमण ने पांव पसार लिए हैं। कोरोना संक्रमितों की संख्या सबसे अधिक फिलहाल पटना में ही है। ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट XBB1.16 वायरस के मामले भी मिले हैं।
बिहार में Corona के एक्टिव मरीजों की संख्या 109 हो गयी है। बीते 24घंटे के दौरान कोरोना के 46 नये संक्रमित मिले है। पटना में 27 नये मरीज मिले है, वहीं अन्य जिलों में भी कई मरीज पाए गए। नये संक्रमितों की संख्या में दोगुनी से अधिक वृद्धि दर्ज की गयी है।
बिहार के 10 जिलों में Corona केनये मरीज पाये गये हैं। बिहार के जिन जिलों में कोरोना के नये मरीज पाये गये हैं उनमें सबसेअधिक 27 संक्रमित सिर्फ पटना जिले में पाये गये हैं। इसके अलावा गया जिले में आठ,खगड़िया,सहरसा व मुंगेर जिले में दो-दो और भागलपुर, पूर्वी चंपारण, जहानाबाद,मधुबनी और सीवान जिले में एक-एक नये संक्रमित पाये गये हैं।
Corona में थोड़ी सी भी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। मुंगेर में दो कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद हड़कंप है, ट्रेवल हिस्ट्री नहीं रहने के बावजूद हुए कोरोना पॉजिटिव। फुलवारीशरीफ के एक मरीज को तीसरे डोज लेने के बाद भी कोरोना हो गया है।
ताजा रिसर्च के अनुसार गर्भ में पल रहे बच्चों के लिए भी Corona खतरनाक है, कोरोना से बच्चे के दिमाग को नुकसान पहुंच सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने Corona के बढ़ते मामले को देखते हुए सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वह मरीजों का सैंपल लेकर इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान,पटना को भेजें। आइजीआइएमएस के लैब को भी निर्देश दिया गया है कि सोमवार से जीनोमसिक्वेंसिंग की जांच आरंभ कर दे।
बिहार सरकार ने शनिवार को 15 डीएम और 26 आईपीएस अधिकारियों सहित 37 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया।
गृह विभाग के आदेश के मुताबिक 36 आईएएस अधिकारी और 24 आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। कई अफसरों को नई जिम्मेदारी दी गई है जबकि कई अधिकारियों को दूसरे जिलों का प्रभार सौंपा गया है।
स्थानांतरित किए गए लोगों में एक वरिष्ठ एसपी और नौ एसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। सहरसा एसपी लिपि सिंह को रोहतास जिले के डेहरी में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) -2 इकाई के कमांडेंट के रूप में तैनात किया गया है।
जिन जिलों के डीएम का तबादला किया गया है उनमें पूर्वी चंपारण, खगड़िया, कटिहार, पश्चिमी चंपारण, सारण, कैमूर, सहरसा, सीवान, औरंगाबाद, मधेपुरा, पूर्णिया, बक्सर, शेखपुरा, अरवल और शिवहर शामिल हैं।
पूर्वी चंपारण के डीएम शीर्षत कपिल अशोक को आईजी (जेल) लगाया गया है, जबकि खगड़िया के डीएम आलोक रंजन घोष को निदेशक (कृषि) का प्रभार दिया गया है। कटिहार के डीएम उदयन मिश्रा को निदेशक (विज्ञान और प्रौद्योगिकी) के पद पर स्थानांतरित कर दिया गया है, और पश्चिम चंपारण के डीएम कुंदन कुमार को सुहर्ष भगत की जगह पूर्णिया का डीएम बनाया गया है, जो औरंगाबाद के डीएम का पदभार संभालेंगे। सारण डीएम राजेश मीणा को सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि कैमूर के डीएम नवदीप शुक्ला को पशुपालन विभाग के निदेशक के पद पर स्थानांतरित किया गया है। सहरसा के डीएम आनंद शर्मा को पंचायती राज का निदेशक बनाया गया है और सीवान के डीएम अनिल कुमार पांडेय खगड़िया के डीएम का पदभार संभालेंगे।
पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता संघों में सबसे बड़े अधिवक्ता संघ एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष,उपाध्यक्ष, महासचिव व कोषाध्यक्ष समेत विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों के निर्वाचन के लिए मतदान शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गया।
मतदान पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 5 बजे तक हुआ। पटना हाई कोर्ट परिसर के ही दक्षिणी पार्किंग स्थल में मतदान केंद्र बनाए गए थे।
अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए कई मतदान केंद्र बनाए गए थे। खास बात यह थी कि मतपत्र में उम्मीदवारों के नाम के साथ ही साथ फ़ोटो भी छापे गए थे।
कल मतगणना का कार्य सुबह साढ़े नौ बजे से किया जाएगा। देर रात तक परिणाम प्राप्त होने की संभावना है।
अपने पसंदीदा उम्मीदवार के नाम के सामने क्रॉस का चिन्ह लगाकर मतदाता को अपना मत देने का निर्देश रिटर्निंग अधिकारी द्वारा दिया गया था। मतदान देने के लिए मतदाताओं को एसोसिएशन द्वारा जारी पहचान पत्र के साथ ही साथ अन्य विकल्प के तौर पर लाइब्रेरी कार्ड, बार काउंसिल द्वारा जारी पहचान पत्र, आधार कार्ड/ पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस लाने को कहा गया था।
पटना । बिहार सरकार द्वारा राज्य में जातियों एवं आर्थिक सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर पटना हाइकोर्ट में 18अप्रैल,2023 को सुनवाई की जाएगी। अखिलेश कुमार की याचिका पर चीफ जस्टिस के वी चन्द्रन की खंडपीठ सुनवाई करेगी।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने जातियों और आर्थिक सर्वेक्षण करा रही है।उन्होंने कहा कि ये सर्वेक्षण कराने का अधिकार राज्य सरकार को नही है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जातियों के आधार पर व आर्थिक सर्वेक्षण करा रही है।अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि ये राज्य सरकार के क्षेत्रधिकार में नहीं आता है।
उन्होंने कहा कि प्रावधानों के तहत इस तरह का सर्वेक्षण केंद्र सरकार करा सकती है।ये केंद्र सरकार की शक्ति के अंतर्गत आता है।
उन्होंने बताया कि इस सर्वेक्षण के लिए राज्य सरकार पाँच सौ करोड़ रुपए खर्च कर रही है।राज्य सरकार के एडवोकेट जनरल ने इसकी सुनवाई की योग्यता पर बुनियादी आपत्ति की।उन्होंने कहा कि ये याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।कोर्ट ने इस अमान्य करते हुए कहा कि ये प्रावधानों के उल्लंघन और पाँच सौ करोड़ रुपए से सम्बंधित मामला है।
कोर्ट ने इस मामलें पर 18अप्रैल,2023 को सुनवाई की तिथि निर्धारित की है।इस याचिकाकर्ता की ओर से दीनू कुमार व ऋतु राज और राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल पी के शाही ने कोर्ट के समक्ष पक्षों को प्रस्तुत किया।
आज पटना हाइकोर्ट के सबसे बड़े अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष,उपाध्यक्ष,महासचिव व अन्य पदों पर अधिकारियों के चुनाव के लिए मतदान होगा। मतदान आज सुबह दस बजे से शाम पाँच बजे तक होगा।
इस चुनाव के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई।बड़ी तादाद में मतदान केंद्र बनाए गए,ताकि सभी अधिवक्तागण अपना मतदान का सुविधा से कर सके।
ये अधिवक्ता संघ काफी बड़ा है और इसके सदस्य भी लगभग तीन हज़ार है।इस मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा बल के जवान रहेंगे।
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एक बूथ पर लगभग दो सौ वकीलों के मतदान करने की व्यवस्था की गई है।सभी मतदाताओं को दस दस मतपत्र दिए जाएँगे,जो अलग अलग रंगों के होंगे।
कल 8 अप्रैल ,2023 को मतगणना की जाएगी।मतगणना का कार्य सुबह साढ़े नौ बजे प्रारम्भ होगा।देर रात तक परिणाम प्राप्त होने की संभावना है।
पटना हाइकोर्ट ने भाजपा सांसद के अंगरक्षक,उनके भाई एवं उनकी पत्नी को घर में घुसने नहीं दिये जाने के मामले में सीआरपीएफ के डीजी सहित राज्य के डीजीपी एवं सांसद से जबाब तलब किया है।
कोर्ट ने सभी को एक सप्ताह के भीतर जबाबी हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है।जस्टिस डॉ अंशुमान ने भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी के भाई सेवानिवृत्त एयर कमांडर रणधीर प्रताप की ओर से दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई की।
आवेदक की ओर से कोर्ट को बताया गया कि आवेदक भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त है।इनकी बेहतर सेवा पर केंद्र सरकार ने विशिष्ट सेवा मेडल दिया।
लेकिन उनके माँ का देहांत होने के बाद भाईयो में सम्पति को लेकर विवाद होने लगा।आवेदक ने छपरा सिविल कोर्ट में बटवारा केस भी दायर किया है।
उनका कहना था कि सांसद के इशारे पर उनके सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के जवान उन्हें एवं उनकी पत्नी को पुस्तैनी घर में प्रवेश करने से रोक दिये।यही नहीं जवान उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किये।
इसकी शिकायत सीआरपीएफ के डीजी सहित राज्य के डीजीपी सारण के एसपी से जवाबतलब किया।
लेकिन कही से कोई कार्रवाई नहीं हुई।उनका कहना था कि आपसी विवाद की जानकारी होने के बाद भी सीआरपीएफ के आला अधिकारी कुछ नहीं किये।जबकि घटना की सूचना एवं शिकायत किये जाने के बाद भी कोई कार्रवाई की गई।
उन्होंने अपने पुस्तैनी घर में प्रवेश करने एवं शांतिपूर्ण तरीके से घर में रहने की गुहार कोर्ट से लगाई।कोर्ट ने सभी अधिकारियों सहित सांसद को जबाबी हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया।इस मामलें पर आगे भी सुनवाई की जाएगी।