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बिहार नगरपालिका एक्ट 2007 की वैधता को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर

पटना हाईकोर्ट में बिहार नगरपालिका एक्ट,2007 के Chapter 5 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए टली।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ के समक्ष डा. आशीष कुमार सिन्हा व अन्य द्वारा दायर याचिका पर एडवोकेट जनरल ने हलफनामा दायर करने के लिए दो सप्ताह का समय लिया।

याचिकाकर्ता की अधिवक्ता मयूरी ने बताया कि यह नगरपालिका संगठनात्मक संरचना से सम्बंधित कानून हैं।नगरपालिका के इस कानून में श्रेणी ए और बी पदों पर नियुक्ति का अधिकार राज्य सरकार करती हैं।जबकि श्रेणी सी और डी के पदों पर नियुक्ति पर नगरपालिका का बहुत सीमित अधिकार था।

लेकिन 31 मार्च,2021 को कानून में संशोधन कर श्रेणी सी और डी के पदों पर नियुक्ति के सीमित अधिकार को राज्य सरकार ने नगरपालिका से ले लिया है।


ये याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार द्वारा इस कानून में किये गए संशोधन को पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर किया।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने 31 मार्च,2021 को कानून में संशोधन कर राज्य सरकार द्वारा मनमाने ढंग से नगरपालिका के शक्ति प्राप्त कमिटी के नियुक्ति सम्बन्धी अधिकार को लिए जाने को गम्भीरता से लिया।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मयूरी ने कोर्ट को बताया कि कानून के तहत अन्य राज्यों में नगरपालिका के कर्माचारियों की नियुक्ति नगर निगम करती हैं।

उन्होंने कहा कि नगर निगम स्वायत्तशासी संस्था है।इसके लिए जरूरी है कि नित प्रति दिन के कार्य में सरकारी हस्तक्षेप नहीं हो और ये इकाई स्वायत्तशासी संस्था के रूप में कार्य कर सके।

कोर्ट को बताया गया कि नगर निगम के कर्मचारियों के वेतन और अन्य लाभों पर राज्य सरकार का नियंत्रण है,जबकि ये पैसा निगम के फंड से दिया जाता है ।

निगम के कर्मचारियों के cadre का केंद्रीयकृत होना नगरपालिका संस्थाओ के स्वायतता के मूल भावना के विरूद्ध है।इस मामले पर अगली सुनवाई 2 सप्ताह बाद होगी।

दरोगा बहाली की प्रक्रिया पर उठा सवाल हाईकोर्ट ने बोर्ड से माँगी रिपोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में हो रहे दारोगा भर्ती परीक्षाओं में शारीरिक दक्षता जांच में हुई गड़बड़ी के आरोपों के मामलें पर बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा भर्ती आयोग को दारोगा भर्ती से जुड़े मूल कागजात व रिकॉर्ड कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है । अखिलेश कुमार व अन्य की ओर से दायर रिट याचिका जस्टिस पी बी बजनथ्री ने सुनवाई की।

याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता पी के शाही ने कोर्ट को बताया कि दारोगा भर्ती हेतु पीटी व मेंस परीक्षाओं में ये सभी याचिकाकर्ता सफल हुए । उन्हें बोर्ड ने शारीरिक दक्षता जांच के लिए बुलाया था , जो विगत 22 मार्च से 12 अप्रैल 2021 के बीच अलग जगह अलग समय पर होनी थी ।

चूंकि उस वक्त कोरोना की दूसरी लहर फैलने का खतरा मंडरा रहा था , इसलिए कई अभ्यर्थियों ने (जिनमे याचिकाकर्ता भी थे ) शारीरिक दक्षता जांच की तारीख आगे बढ़ाने के लिए अनुरोध किया।इसे आयोग ने स्वीकार करते हुए नया एडमिट कार्ड भी जारी किया।

शारीरिक दक्षता जांच की नई तारीख और नए एडमिट कार्ड जारी होने के बाद अचानक आयोग ने नया जारी हुआ एडमिट कार्ड को रद्द कर दिया । परिणामस्वरुप सभी याचिकाकर्ता शारीरिक दक्षता जांच के मौके से वंचित कर दिए गए । हाई कोर्ट ने इसे मनमानापन मानते हुए आयोग से भर्ती प्रक्रिया के मूल अभिलेखों को प्रस्तुत करने का आदेश आयोग को दिया।इस मामले की अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होनी है।

वकील और उनकी नौकरानी की हत्या मामले में हाईकोर्ट में आज हुई सुनवाई

पटना हाई कोर्ट ने बिहार स्टेट बार काउंसिल के उपाध्यक्ष व अधिवक्ता कामेश्वर पांडेय और उनकी नौकरानी की हत्या मामलें में अभियुक्त गोपाल भारती की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए केस डायरी तलब किया। जस्टिस प्रभात कुमार सिंह ने मुख्य अभियुक्त गोपाल भारती द्वारा दायर नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई की।

अधिवक्ता कामेश्वर पांडेय के भतीजे अभिजीत कुमार द्वारा 6 मार्च, 2020 को स्थानीय पुलिस को दी गई लिखित सूचना के आधार पर आई पी सी की धारा 302, 380, 120(बी) व 34 के तहत भागलपुर जिले मेंं कोतवाली (तिलकामांझी) प्राथमिकी संख्या 72/ 2020 दर्ज की गई थी।

इस तिथि को अधिवक्ता पाण्डेय के ड्राइवर द्वारा कांड के सूचक को फोन पर सूचना दी गई थी कि वे तुरंत घर आ जाइये। वकील साहब की हत्या हो गई है।हत्या के बाद कामेश्वर पांडेय के घर के मुख्य द्वार के पास कुछ खून के धब्बे पाए गए थे और वे अपने बेडरूम में अस्त व्यस्त हालात में अचेत पड़े हुए थे।

उनके चेहरे पर खून लगा हुआ तकिया रखा हुआ पाया गया था। कमरे में रखा हुआ आलमारी टूटा हुआ था और उसमें रखा हुआ सामान गायब था।

मुख्य द्वार के निकट पोर्टिको में जेनेरेटर के बगल में रखा हुआ ड्राम में नौकरानी का शव पाया गया था। घर से सारे नकदी, कागजात, एक स्मार्ट फोन और कामेश्वर पांडेय के कार को लेकर आरोपी अपने साथियों के साथ भाग गया था।

कोर्ट को बताया गया कि दर्ज प्राथमिकी के अनुसार मृत कामेश्वर पांडेय का किराएदार गोपाल भारती से आये दिन मकान खाली करने को लेकर विवाद होता रहता था।नौकरानी से भी वह उलझा करता था और धमकी भी देता था कि तुमलोगों को देख लेंगे।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि याचिकाकर्ता अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। इस बात की जानकारी मोहल्ले वालों परिवार वाले और कचहरी के कुछ लोगों की भी थी की गोपाल भारती का विचार और व्यवहार अच्छा नहीं था।

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सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर नियुक्ति मामले में अभ्यर्थी पहुंचा हाईकोर्ट विभाग पर बहाली में लगाया धांधली का आरोप

पटना हाई कोर्ट ने सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एस टी एस) के पद पर नियुक्ति सुनवाई करते हुए स्टेट हेल्थ सोसाइटी को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। जस्टिस पी बी बजन्थरी ने सोनु कुमार व अन्य द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल इन पदों पर नियुक्ति पर रोक लगा दी है।

याचिकाकर्ता ने इस पद पर नियुक्ति हेतु सेनेटरी इंस्पेक्टर कोर्स को भी शामिल करने हेतु आदेश देने का आग्रह किया गया है। इसको लेकर राज्य के स्टेट हेल्थ सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक के हस्ताक्षर से विज्ञापन जारी किया गया था।

इस मामले में नेशनल tubercolosis संशोधित प्रोग्राम, स्टेट हेल्थ सोसाइटी व केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस और पूर्व में नियुक्ति के लिए मान्यता प्राप्त सेनेटरी इंस्पेक्टर कोर्स की योग्यता रखने वाले भी एस टी एस के पद पर नियुक्ति के योग्य होंगे।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विजय कुमार सिंह ने बताया कि मान्यता प्राप्त सेनेटरी इंस्पेक्टर कोर्स की योग्यता रखने उम्मीदवारों समेत याचिकाकर्ता को सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर के पद पर नियुक्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन करने के लिए अनुमति देने के लिए कोर्ट से अनुरोध किया।

इन सभी याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के बिहार पैरा मेडिकल / पैरा डेंटल एग्जामिनेशन कमेटी द्वारा संचालित की गई सेनेटरी इंस्पेक्टर कोर्स को पास किया है।
इस मामलें पर आगे भी सुनवाई होगी।

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लालू यादव को सदेह उपस्थिति से मिली छूट

लालू यादव को पटना सीबीआई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है कोर्ट ने लालू यादव के उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें बीमारी को देखते हुए सदेह उपस्थिति से छूट का आग्रह किया गया था।कोर्ट से सुनवाई के बाद उनके संदेह पेशी से छूट दे दिया ।

बांका कोषागार से 46 लाख रुपए की अवैध निकासी मामले में लालू मंगलवार को पटना के CBI की विशेष अदालत MP-MLA कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट से सशरीर पेशी से राहत देने की मांग की। इस पर कोर्ट राजी हो गया।

RJD सुप्रीमो ने कहा, “हुजूर… मैं अक्सर बीमार रहता हूं। ऐसे में मुझे पेश होने से राहत दीजिए। मेरे वकील इस मामले को देखेंगे।’ उनकी इस मांग पर कोर्ट ने कहा, “ठीक है अब से आप अपने वकील को तारीख पर भेज दीजिएगा।’

1996 से चल रहा मामला

बांका उपकोषागार से फर्जी विपत्र के सहारे 46 लाख रुपए की अवैध निकासी का मामला 1996 से चल रहा है। इसमें शुरू में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव के अलावा 44 आरोपी थे। फिलहाल 28 लोगों पर केस चल रहा है। आधा दर्जन आरोपियों की मौत हो चुकी है। इसकी सूचना कोर्ट को दी गई है।

शराबबंदी कानून को लेकर पुलिस का आया अमानवीय चेहारा

शराब की तलाश में अब पुलिस दुलहन को भी नहीं छोड़ रही है मामला राजधानी पटना के रामकृष्णा नगर थाना से जुड़ा है जहाँ थानेदार अपनी टीम के साथ बोधि बिहार कम्यूनिटी हॉल में घुस गए। वहां शादी हो रही थी।

शराब की खोज में दुलहन के घर घुसा पटना पुलिस

जिस वक्त पुलिस पहुंची थी, उस वक्त वहां लड़की पक्ष के लोग थे। सबसे आश्चर्य वाली बात यह है कि पुलिस टीम में एक भी महिला अफसर या सिपाही शामिल नहीं थी। टीम में सभी पुरूष थे। शादी वाली जगह पर हर एक कमरे को खुलवाकर इन लोगों ने देखा, उसे खंगाला। कमरों में मौजूद लोगों के सामानों को चेक किया गया।

हद तो तब हो गई, जब पुलिस टीम दुल्हन के कमरे में घुस गई। वहां दुल्हन के साथ परिवार की कुछ महिलाएं थीं। जो अचानक से पुलिस को कमरे में देख असहज हो गईं। उस वक्त दुल्हन के श्रृंगार का सामान, ज्वेलरी और कपड़े, कमरे के अंदर बिखरे पड़े थे।

इस छापेमारी से जुड़े वीडियो के सामने आने से बिहार में सियासी पारा चढ़ गया है , पुलिस के इस कार्रवाही से मुख्यमंत्री भी सकते हैं ।

शराबबंदी को लेकर नीतीश की नसीहत

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शराबबंदी को लेकर विपक्ष हुआ हमलावर

जगदानंद सिंह ने कहां है कि महागठबंधन के दबाव में नीतीश कुमार ने शराबबंदी का फैसला लिया और शराब जहां से आ रही है

शराबबंदी कानून को लेकर जगतानंद सिंह ने नीतीश पर साधा निशाना

उन राज्यों में पुलिस जाकर छापेमारी क्यों नहीं कर रही है पुलिस छापेमारी शादी समारोह में कर रही है और शराब के नशे से हमारे नौजवान बर्बाद हो रहे हैं

कांग्रेस ने शराबबंदी को लेकर नीतीश पर साधा निशान

पूर्व डीजीपी अभयानंद ने नीतीश कुमार के शराबबंदी कानून पर खड़े किये सवाल

शराबबंदी को लेकर सीएम समीक्षा बैठक करने वाले हैं ये खबर जैसे ही मीडिया आयी उसी दिन से ही  पुलिस शराब कारोबारी के खिलाफ हल्ला बोले हुए है राजधानी पटना में पिछले 48 घंटे में 100 से अधिक शराब पीने वाला और होटल से जुड़े कर्मी गिरफ्तार हो चुके हैं ,बिहार की पूरी पुलिस शराब सूंघने में लग गयी है ऐसे में बिहार पुलिस के पूर्व डीजीपी अभयानंद ने शराबबंदी कानून को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर किया है  पुलिस को शक्ति कहाँ से मिलती है?

**सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थापित था। पिताजी के एक IPS मित्र ने मुझसे एक सवाल पूछ दिया – “यह बताओ कि पुलिस की शक्तियाँ तुम्हें कहाँ से मिलती हैं?”पिछले एक साल में कानून की जितनी पढ़ाई की थी उन सब को बारी-बारी से उनको बता दिया, इस विश्वास के साथ कि किसी एक उत्तर से वे खुश होकर मेरी पीठ थपथपा देंगे।

लेकिन वैसा हुआ नहीं।वे मुस्कराते हुए मेरे उत्तर धैर्य से सुनते रहे। अंत में उन्होंने कहा, “तुम्हारी शक्ति उन लोगों की स्वीकारिता से आती है जिनपर तुम अपना हुक़्म चलाना चाहते हो।”यह सीख मेरे ज़हन में घर कर गई। समझ गया कि कानूनी रूप से जितना भी सही आदेश हो, अगर उसकी आम स्वीकार्यता नहीं हो, तो कानूनी शक्ति कानून की किताबों में बंद रह जाती है।     “तुम्हारी शक्ति उन लोगों की स्वीकारिता से आती है जिनपर तुम अपना हुक़्म चलाना चाहते हो।”यह पंक्ति ही बहुत कुछ कह गया ।

मधुबनी की घटना संवैधानिक संस्थाओं के बीच बढ़ती दूरियों का नतीजा है

मधुबनी के झंझारपुर कोर्ट में जो कुछ भी हुआ उसको लेकर पुलिस अपनी पुलिस के साथ खड़ी है वही जज के साथ न्यायपालिका और वकील खड़ा हैं ।बात पत्रकारिता की करे तो अभी तक तो बस इतना ही है कि हम लोग दोनों का बयान छाप रहे हैं ।वही बात आम लोगों की करे तो स्वाभाविक है हर कोई पुलिस के अमानवीय व्यवहार से त्रस्त है ऐसे में मास जज साहब के साथ खड़ा है।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि पुलिस के जिस गुंडागर्दी से आम लोग परेशान है उसके लिए जिम्मेवार कौन है, पुलिस झुठे मुकदमे में फंसा कर आम लोगों को तबाह कर रहा है इसके लिए जिम्मेदार कौन है,पुलिस,सीबीआई और ईडी जैसी संस्थान सरकार की रखैल बन गयी है इसके लिए जिम्मेदार कौन है।इस पर जब बहस होगी तो चीजें बहुत कुछ स्पष्ट हो जायेंगी क्यों दोनों मिल कर जनता को किस तरह से लूट रहा यह तस्वीर जब तक सामने नहीं आयेगा खेल चलता रहेगा क्यों कि यो जो लड़ाई है ना वो हिस्सेदारी की लड़ाई है और कौन श्रेष्ठ है इसकी लड़ाई है।

भारतीय लोकतंत्र क्या कहता है जिस तीन स्तम्भ की हमारे संविधान में चर्चा है उसकी क्या जिम्मेवारी है कोर्ट का गठन क्यों किया गया था ।आज जज साहब की पिटाई पर हंगामा बरपा हुआ है आम लोग रोज पीटता रहता है कोर्ट स्वत संज्ञान लेती है।

इस गठजोड़ को समझिए अंग्रेज तो चला गया लेकिन सत्ता और सरकार अभी भी अंग्रेज वाली मानसिकता से बाहर नहीं निकल पायी है पुलिस अभी भी उसी मानसिकता में काम कर रही है जिस मानसिकता में अंग्रेज की पुलिस काम कर रही थी, और यही नजरिया कोर्ट का भी कोर्ट में भी कुछ नहीं बदला है जज साहब उपर बैठे रहते हैं और तारीख देने के लिए कर्मचारी जो पैसा लेता है वो भी अंग्रेज के समय से ही चला आ रहा है ।

अभी भी कोर्ट का नजरिया शासक के साथ खड़े रहने वाला ही है और यही वजह है कि कोर्ट का नजरिया आज भी पुलिस को लेकर वैसा ही है जैसे 1947 से पहले था ऐसा नहीं है कि बदलाव नहीं आया है लेकिन तमाम बदलाव के बावजूद चरित्र वही है।

दिल्ली दंगा को लेकर जमानत पर सुनवाई करने के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट की दिल्ली पुलिस को लेकर क्या प्रतिक्रिया थी ,याद है या भुल गये ।कोर्ट टिप्पणी करने के बजाय दिल्ली पुलिस के जिस अफसर ने निर्दोष लोगों को दंगा में जेल भेजा उस पुलिस अफसर को चिन्हित करके कार्रवाई क्यों नहीं किया जिस दिन कोर्ट ये करना शुरू कर दे स्थिति पूरी तरह से बदल जायेंगी ।

जय भीम फिल्म इन दिनों काफी चर्चा में है वकील ने जिस स्वतंत्र विटनेस (गवाह)को कोर्ट में खड़ा करके पूरे मुकदमे का चरित्र बदल दिया वो कभी कभी होता है फिर सूर्या जैसा वकील भी होना चाहिए ।

कोर्ट में न्याय कैसे मिलता है इससे आप परिचित नहीं है अभी भी देश की 95 प्रतिशत आबादी कोर्ट कचहरी से बाहर है जो कोर्ट के चक्कर में पड़ा है जरा उनसे पूछिए न्याय का क्या मतलब है इस देश में सबसे ज्यादा दबाव में पुलिस है उसका इस्तेमाल सरकार भी करती है और कोर्ट भी करता है और पीसती जनता है इसलिए इस घटना को लेकर समग्र तरीके से सोचने कि जरूरत है

क्यों कि जो पुलिस वाले जनता के साथ खड़ी होती है उसके साथ ना तो सरकार खड़ी रहती है और ना ही कोर्ट हजारों ऐसे उदाहरण है फिर व्यवस्था तो ऐसे ही चलेंगी एक बार बिहार के पूर्व डीजीपी डीएन गौतम से बात हो रही थी मैंने उनसे पूछा सर आपके पूरे करियर किस तरह का पैरवी आपको सबसे ज्यादा परेशान किया उन्होंने कहा संतोष जी नेता बदनाम है, नेता पैरवी भी करते हैं तो कहते हैं गलती हो गया है जरा देख लीजिए या फिर गलत फंसाया गया है जरा देख लीजिए ।लेकिन हमारे सीनियर अधिकारी कहते हैं इसको बचाना है या फिर उसको फंसाना है सीधा आदेश ।

नेता की बात नहीं माने चलेगा लेकिन अधिकारी की बात नहीं माने नहीं चलेगा आपका कैरियर उसी दिन से दाऊ पर लगा जायेंगा।बात मधुबनी की करे तो यह तो अभी शुरुआत है बिहार में इस तरह की घटनाओं का प्रचलन नहीं रहा है इससे पहले भागलपुर में इस तरह की घटना घटी थी ।

लेकिन जिस तरीके से संस्थानों के बीच दूरियां बढ़ रही है आने वाले दिनों में इससे भी बड़ी घटनाएं घट जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी क्योंकि जिला में अधिकारियों के बीच आपसी रिश्ते इतने खराब रहते हैं कि आप सोच नहीं सकते हैं ।एसपी की डीएम से रिश्ता सही नहीं रहता है ,जज से प्रशासन ऐसी दूरी बना कर रखता है जैसे अछूत हो ।आज भी जिस जिले में डीएम ,एसपी और जिला जज के बीच बेहतर समन्वय है उस जिले में अपराध के साथ साथ पूरी व्यवस्था नियंत्रण में रहती है।

याद करिए यही पुलिस थी, यही कोर्ट था 6 दिन के अंदर बलात्कार जैसे अपराध में सजा दिया है।ऐसा कैसे हो गया हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से डीजीपी और मुख्य सचिव इसको लेकर मिलते थे बात होती थी बहस होता था फिर एक दिशा तय होती थी जो एसपी डीएम से थाने तक और जिला जज से लेकर लोअर जुडिसियर तक पहुंच जाता था ।

यही बिहार था ना जहां बड़े से बड़े अपराधी आर्म्स लेकर घूमना बंद कर दिया था लेकिन इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है इसलिए सही समय आ गया है बदलाव नहीं हुआ तो फिर अराजकता के लिए तैयार रहिए कुछ दिन पहले सेना से भी इसी तरह की खबरे आयी थी जवान सेना के अधिकारी के घर में घुस कर मारपीट किया है। बाकी देख ही रहे हैं सीबीआई और ईडी के निदेशक का पद पांच वर्ष के लिए हो दिल्ली पुलिस का आयुक्त कि नियुक्ति के लिए क्या क्या किया गया है सीबीआई .ईडी जैसे विभाग किस तरीके से अपना भरोसा खोते जा रहा है ।

नक्सली के भारत बंद का रेलवे सेवा पर पड़ा असर कई ट्रेने रद्द कई का रुट बदला गया ।

भाकपा माओवादियों द्वारा बुलाये गये भारत बंद का झारखंड में असर देखने को मिल रहा है कई इलाकों में नक्सलियों ने रेलवे ट्रेक को नुकसान पहुंचाया है जो खबर आ रही उसके अनुसार देर रात नक्सलियों ने —

चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत लोटा पहाड़ और सोनुआ स्टेशन के बीच माओवादी नक्सलियों ने रेल पटरी उड़ाने की कोशिश की। रेल पटरी नहीं उड़ पाई लेकिन कंक्रीट स्लीपर डैमेज हो गए । मरम्मत कार्य जारी है जिसके कारण मुंबई हावड़ा रूट पर ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया है वही नक्सलियों ने लातेहार और टोरी स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया है बम ब्लास्ट के कारण रेलवे का ट्रॉली क्षतिग्रस्त हो गया है ।

नक्सलियों के भारत बंद का रेलवे सेवा पर पड़ा असर

रेलवे ट्रेक के नुकसान होने से रेलवे सेवा पर प्रभाव पड़ा है और कई ट्रनों का मार्ग बदल दिया गया है या फिर रद्द कर दिया है रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट के कारण कई ट्रेन का रूट डाइवर्ट,18636 सासाराम-रांची और 08310 जम्मू तवी एक्स. डाइवर्ट भाया गया-कोडरमा-मुरी होकर चलेगी वही रेलवे ने 2 ट्रेन के परिचालन को आज के लिए किया रद्द कर दिया है

03364 डिहरी ऑन सोन – बरवाडीह स्पेशल रदद्
03362 बरवाडीह- नेसुबोगोमो स्पेशल ट्रेन भी कैंसिल।

भाकपा माओवादियों ने अपने केन्द्रीय कमेटी के सदस्य प्रशांत बोस और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के विरोध में आज भारत बंद का एलान किया है ।

धनबाद मंडल के टोरी-लातेहार रेलखंड पर रेलवे ट्रैक पर बम विस्फोट, परिचालन बाधित

धनबाद मंडल के टोरी-लातेहार रेलखंड पर रिचुगुटा-डेमू स्टेशनों के बीच किमी 206/25-27 के बीच रात्रि लगभग 12.50 बजे अप एवं डाउन लाइन पर तथाकथित बम विस्फोट के कारण रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया । इस घटना की जाँच की जा रही है।

🔸अप एवं डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बाधित है जिसके कारण यात्री सुरक्षा एवं संरक्षा के दृष्टिकोण से इस रेलखंड से गुजरने वाली कुछ ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है ।

🔸 02 पैसेंजर ट्रेन का परिचालन रद्द किया गया है तथा कुछ ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलायी जा रही हैं ।

🔸बरकाकाना से दुर्घटना राहत यान घटना स्थल पहुंच चुकी है ।

🔸परिचालन की पुनर्बहाली हेतु युद्धस्तर पर कार्य जारी है ।

🔸घटनास्थल पर धनबाद मंडल के उच्चाधिकारी, रेल सुरक्षा बल, स्थानीय पुलिस पहुंच चुकी हैं ।

(राजेश कुमार)
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी

मधुबनी जज हमला मामले में पुलिस ने जज पर लगाया गंभीर आरोप

मधुबनी – झंझारपुर व्यवहार न्यायालय के ADJ अविनाश कुमार पर जानलेवा हमला करने वाले दोनों पुलिसकर्मियों ने दरभंगा पुलिस के सामने अपना फर्द बयान दर्ज कराया है। दोनों ही पुलिसकर्मी दरभंगा DMCH में भर्ती हैं। अपने बयान में घोघरडीहा थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण ने ADJ अविनाश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पहले अभद्र टिप्पणी की थी। कई मामलों में आरोपित व्यक्ति को ‘सर’ कहकर संबोधित करने का निर्देश दिया था। ऐसा नहीं करने पर मुझे जूते से मारा और फिर मौजूद कर्मियों को निर्देश दिया कि मेरे गले में रस्सी लगाकर टांग दिया जाए।

पुलिस एसोसिएशन ने निष्पक्ष जाँच की मांग

गोपाल कृष्ण के बयान के अनुसार, ‘ झंझारपुर व्यवहार न्यायालय के कर्मी अवकाश मिश्रा ने 17 नवंबर को मुझे कॉल कर कहा कि आपके विरुद्ध विधिक सेवा प्राधिकार में दीपक राज नाम के व्यक्ति ने शिकायत की है। इसपर सुनवाई के लिए उपस्थित होना है। मुझे शराब के खिलाफ कार्रवाई में जाना था, इसलिए मैंने अगले दिन का समय मांगा। पूरी कार्रवाई में देर होने की वजह से अगले दिन 18 नवंबर को निर्धारित 11 बजे की बजाय दोपहर दो बजे के करीब न्यायालय पहुंचा। वहां अपने साथ गए SI अभिमन्यु कुमार शर्मा को जज के केबिन के बाहर छोड़कर अंदर गया तो उन्होंने (ADJ अविनाश कुमार) सीधे कहा कि तुमको टांग देंगे।

फिर मुझे वहां मौजूद एक इंजीनियर दीपक राज को ‘सर’ कहकर संबोधित करने को कहा। उनपर कई थानों में कई मामले लंबित हैं। जज ने कहा कि इनसे कई काम करवाना है। तुम बहुत मगरूर हो गए हो। मुझसे डरते क्यों नहीं हो, तुमको जूता से मारेंगे। इसपर मैंने उन्हें कहा कि आप माननीय जज हैं, कृप्या गाली न दें। तब उनके इशारे पर वहां मौजूद दीपक राज, अवकाश मिश्रा आदि लोगों ने मुझे पकड़ लिया और मारने लगे।

मधुबनी जज पिटाई मामला घायल पुलिसकर्मियों को DMCH में भर्ती कराया गया ।

इसी बीच 15-20 वकील और अंदर आ गए। सभी मुझसे मारपीट करने लगे। इतना होने पर बाहर खड़े SI अभिमन्यु कुमार शर्मा जब जज के केबिन में आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई। भीड़ ने अभिमन्यु से उनका सर्विस पिस्टल छीन लिया। मुझे जान से मारने की कोशिश की तो मैंने किसी तरह कमरे में बने टॉयलेट में छिपकर अपनी जान बचाई। बाद में जब स्थानीय पुलिस के लोग पहुंचे तो मुझे सुरक्षा के साथ बाहर निकाला गया। इस दौरान मैंने देखा कि अभिमन्यु कुमार शर्मा घायल हैं और उनके मुंह और सिर से खून निकल रहा है।

जज के चेम्बर एवं न्यायालय परिसर में लगे CCTV कैमरे की बिना छेड़छाड किए जाँच हो।
पीड़ित थाना अध्यक्ष अपने अध्यक्ष से बोले की वे पूरी घटना पर पॉलीग्राफ़ मशीन ( झूठ पकड़ने वाली मशीन ) से जाँच कराने के लिए तैयार है। ताकि इससे भी सत्य सामने आ सकता है।— मृत्युंजय कु सिंह

पीड़ित घायल थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण से प्रदेश अध्यक्ष मृत्युंजय कु सिंह फ़ोन से बात कर सारी जानकारी लिए।बात करते समय पीड़ित दरोग़ा रोने लगा और घटना की जानकारी दिया। एसोसिएशन के महामंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष पीड़ित थानाध्यक्ष से मुलाक़ात किए। न्यायालय आस्था और न्याय का मंदिर है।न्यायालय का सभी पुलिस वाले सम्मान करते है और हर न्यायोचित आदेश का पालन करते है और करते रहेंगे।झंझारपुर में घटित पूरी घटना की निष्पक्ष जाँच की माँग बिहार पुलिस एसोसिएशन करता है–मृत्युंजय कु सिंह

बालू माफिया से सांठगांठ के आरोप में ईओयू ने कोइलवर के तत्कालीन अंचलाधिकारी अनुज कुमार के ठीकाने पर मारा छापा आय से अधिक सम्पत्ति का हुआ खुलासा।

पटना । बालू माफियाओं से सांठगांठ कर अकूत संपत्ति अर्जित करने के मामले में आज निलंबित भोजपुर के कोइलवर के तत्कालीन अंचलाधिकारी अनुज कुमार के पटना स्थित आवास, नवादा स्थित पैतृक आवास और गया स्थित ससुराल में एक साथ छापेमारी की गयी है। ईओयू की टीम इस छापेमारी में सुबह से ही लगी हुई थी । तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है साथ ही अनुज कुमार के द्वारा अर्जित अन्य परिसंपत्तियों की भी जांच की जा रही है। आर्थिक अपराध इकाई को इस बात की भी आशंका है कि आज की छापेमारी में अनुज कुमार के ठिकानों से नगद और अन्य सामान नहीं पाया जाना यह दर्शाता है कि बालू माफियाओं से अवैध परिसंपत्तियों को हटाया गया है और इस पर अनुसंधान चल रहा है। अनुज कुमार के द्वारा अर्जित परिसंपत्तियों इनके वास्तविक आय से लगभग 52% अधिक पाया गया है।

कृषि कानून वापस लेने का फैसला अन्नदाता का दिल जीतने वाला सुशील कुमार मोदी

कृषि कानून वापस लेने का फैसला अन्नदाता का दिल जीतने वाला

  • सुशील कुमार मोदी
  • प्रधानमंत्री के बड़प्पन ने उन्हें स्टेट्समैन बनाया
  • विपक्ष इसे हार-जीत के
    क्षुद्र नजरिये से न देखे
  • दिल्ली में बिना शर्त धरना
    समाप्त कर घर लौटें किसान
  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब,हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों के एक वर्ग की भावना का सम्मान करते हुए संसद से पारित कृषि कानून वापस लेने की घोषणा कर बड़प्पन दिखाया।
    यह गुरु परब पर सद्भाव का प्रकाश फैलाने वाला ऐसा निर्णय है, जो प्रधानमंत्री मोदी को चुनावी राजनीति से ऊपर उठता हुआ कद्दावर स्टेट्समैन सिद्ध करता है।
    इस ऐतिहासिक पहल को किसी की जीत-हार के रूप में लेने की क्षुद्रता नहीं होनी चाहिए।
  2. हालांकि तीनों कृषि कानून किसानों के हित में थे, सरकार किसान प्रतिनिधियों से 11 चक्र में बातचीत कर इसमें और सुधार करने पर सहमत थी और सुप्रीम कोर्ट ने इनके क्रियान्वयन को स्थगित भी कर दिया था, फिर भी इन कानूनों को एक झटके में वापस लेना राजनीतिक नफा-नुकासान, दलगत मान-अपमान और तर्क-वितर्क से ऊपर उठकर अन्नदाता का दिल जीतने वाला निष्कपट कदम है।
    अब आंदोलनकारियों को अपना हठ छोड़कर बिनाशर्त धरना समाप्त कर घर लौटना चाहिए।

कृषि कानून, जातीय जनगणना और शराबबंदी पर खुलकर बोले नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नई दिल्ली प्रवास से वापसी के पश्चात् पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत की। प्रधानमंत्री द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून बनाये थे। यह केंद्र सरकार का निर्णय था ।

आज प्रधानमंत्री जी ने खुद ही अगले सत्र में इसे वापस लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने बहुत ही स्पष्टता के साथ अपनी बातें रख दी हैं। प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि उन्होंने किसानों के हित में ये तीनों कृषि कानून परित किये थे लेकिन लोगों को इस संबंध में समझा नहीं पाए। इसलिए इस

कृषि कानून की वापसी पर नीतीश का तंज

कानून को वापस लिया जा रहा है। इसमें कुछ ख़ास बोलने का कोई औचित्य नहीं है। उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव के मद्देनजर तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बारे में कौन, क्या बोलता है मालूम नहीं। सब अपनी-अपनी बातें बोलते रहते हैं लेकिन आज तीनों कृषि कानूनों के बारे में प्रधानमंत्री जी ने स्वयं अपनी बातें रख दी हैं। सबको अपनी बात कहने का अधिकार है। विपक्ष को भी अपनी बातें रखने का अधिकार है।

दिल्ली में श्री लालू प्रसाद यादव के जातीय जनगणना के वक्तव्य पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने क्या कहा हमें मालूम नहीं है। उनसे अभी हमारी कोई बातचीत नहीं होती है। जातीय जनगणना को लेकर उनकी पार्टी के नेता और उनके पुत्र श्री तेजस्वी यादव समेत अन्य दूसरे लोगों ने हमसे मुलाकात की थी।

प्रधानमंत्री जी से भी हमलोगों ने इस मुद्दे पर मुलाकात की थी। जातीय जनगणना के मुद्दे पर केन्द्र ने निर्णय स्पष्ट कर दिया है। उसके बाद हमलोगों ने भी बहुत साफ साफ कह दिया है कि आपस में हम सब बैठक कर इस पर निर्णय लेंगे। श्री तेजस्वी यादव ने जो चिट्ठी लिखी थी, वह उनकी पार्टी की तरफ से आया हुआ है और वह चिट्ठी रखी हुई है। हम सब एक साथ सर्वसम्मति से इस पर निर्णय लेंगे।

बिहार में पूर्ण शराबबंदी को लेकर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग मेरे इस फैसले के खिलाफ हैं और धंधेबाज चाहते हैं कि शराबबंदी कानून विफल हो जाए। हम तो प्रारंभ से ही कहते रहे हैं कि हर आदमी एक विचार का होगा, यह संभव नही । मनुष्य का जो स्वभाव होता है, यह सभी को मालूम हमलोग यह मानकर चलते हैं कि कुछ लोग मेरे खिलाफ रहेंगे। इसके लिए पूरा का पूरा प्रयास करना चाहिए, सबको समझाना चाहिए।

शराबबंदी कानून के वापसी का सवाल ही पैदा नहीं होता है ।

गड़बड़ी करने वालों पर कानून के मुताबिक एक्शन होना चाहिए। हमलोगों ने सात घंटे तक बैठक कर एक-एक चीजों पर चर्चा की। हमलोगों ने शुरूआती दौर में इसके लिए जो नियम-कानून बनाये हैं इसके अलावा लगातार अभियान भी चलाते रहे हैं। हमलोगों ने अलग-अलग समय पर नौ बार इसकी समीक्षा भी की है और जितनी बातें कही गयीं उन सब चीजों पर चर्चा की गयी। इसके बारे में हमने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूरे तौर पर आप काम करिए। लॉ एंड आर्डर और अपराध के खिलाफ जैसी कार्रवाई होती है उसी तरह इसपर भी पूरी सक्रियता के साथ कार्रवाई करनी है। इसके लिए फिर से व्यापक अभियान चलाएंगे।

मधुमेह की रोकथाम को लेकर सूबे में मरीजो की हो रही स्वास्थ्य जांचः मंगल पांडेय

पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग मधुमेह (डायबटीज) की रोकथाम के लिए सतत प्रयत्नशील है। मधुमेह रोगियों को उचित इलाज की सुविधा प्रदान हो और उन्हें मुफ्त सलाह दी जाए। स्वास्थ्य विभाग 14 नवंबर से सभी सरकारी अस्पतालों (एनसीडी क्लिनिक एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर समेत) में मुफ्त जांच सह चिकित्सा परामर्श शिविर लगा रहा है, जो 21 नवंबर तक चलेगा।

श्री पांडेय ने कहा कि मुफ्त जांच सह चिकित्सा परामर्श शिविर में अपने ड्रेस कोड में उपस्थित चिकित्सा दल के द्वारा मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि की स्क्रीनिंग कराकर आवश्यक औषधियां उपलब्ध करवाई जा रही है। इनसे बचाव के उपायों के साथ ही खान-पान संबंधित उचित सलाह दी जा रही है। शिविर के आयोजन के लिए निर्धारित तिथि के पूर्व से ही प्रभात फेरी, जागरुकता रैली, हैंडबिल वितरण, पोस्टर बैनर, माइकिंग की व्यवस्था की गयी थी।

जिलों के सभी अस्पताल परिसर में जीविका के कार्यालय पर एवं शहर के 10 अन्य उपयुक्त स्थलों पर मधुमेह से संबंधित होर्डिंग की व्यवस्था भी की गयी। इस दौरान मधुमेह होने से पूर्व की रोकथाम के उपाय व उनके कारणों व बचाव को प्रमुखता से बताया जा रहा है।

 श्री पांडेय ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से लोगों में इस बीमारी से सतर्क किया जा रहा है। हर जगह चिकित्सों की टीम लोगों को बीमारी से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा उपाय बता रही है। उन्होंने कहा कि मधुमेह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। सही खान-पान, व्यायाम एवं उचित किकित्सकीय सलाह से इससे बचा सकता है।

कृषि कानूनों पर माफी मांगी जाने पर आंदोलनकारी किसान ने कहा MSP लागू होने तक आन्दोलन जारी रहेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन तीन कृषि कानूनों पर माफी मांगी है, जिन पर सरकार एक साल से अधिक समय तक किसानों को उन्हें स्वीकार करने के लिए “समझाने में विफल” रही।

पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं देश की जनता से सच्चे और नेक दिल से माफी मांगता हूं। हम किसानों को नहीं समझा पाए। हमारे प्रयासों में कुछ कमी रही होगी कि हम कुछ किसानों को मना नहीं पाए।

पीएम मोदी ने कृषि कानून वापस लेने की घोषणा


पीएम मोदी की इस घोषणा के साथ ही सिंघु बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने जश्न मनाया है। किसान नेताओं का कहना है कि वे प्रधानमंत्री के बयान को अपनी जीत के रूप में देख रहे हैं। हालांकि किसान आंदोलन समाप्त करने की घोषणा अभी नहीं की गई है।

किसान आंदोलन की अगुआई कर रहे राकेश टिकैत का कहना है कि एक साल बाद में सरकार की समझ में किसान शब्द आया है, हम इसे अपनी जीत मान रहे हैं। सरकार से बातचीत का रास्ता खुला है। सरकार जब संसद में कानून लेकर जाएगी, वहां क्या होगा, ये मायने रखता है। MSP हमारा मुद्दा है। सरकार MSP गारंटी कानून लेकर आए। जब तक सभी मुद्दों पर समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

वही इसको लेकर बिहार में भी सियासत चरम पर है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तीनों कृषि बिल केंद्र सरकार द्वारा वापस लिए जाने पर कहा कि केंद्र सरकार का निर्णय पहले जो था वह भी केंद्र सरकार का निर्णय था अब उन्होंने जो निर्णय लिया वह भी केंद्र सरकार का निर्णय था इसलिए इस पर बहुत ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता।

कृषि कानून के रद्द होने पर नीतीश ने पीएम मोदी पर फोड़ा ठीकरा

वही लालू प्रसाद ने कहा कि विश्व के सबसे लंबे,शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक किसान सत्याग्रह के सफल होने पर बधाई।पूँजीपरस्त अहंकारी सरकार व उसके मंत्रियों ने किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी, आढ़तिए, मुट्ठीभर लोग, देशद्रोही इत्यादि कहकर देश की एकता और सौहार्द को खंड-खंड कर बहुसंख्यक श्रमशील आबादी में एक अविश्वास पैदा किया।देश संयम, शालीनता और सहिष्णुता के साथ-साथ विवेकपूर्ण, लोकतांत्रिक और समावेशी निर्णयों से चलता है ना कि पहलवानी से बहुमत में अहंकार नहीं बल्कि विनम्रता होनी चाहिए।

राजद सासंद ने कृषि कानून के वापसी पर पीएम मोदी को लिया आड़े हाथ

तेजस्वी यादव ने कहा कि यह किसान की जीत है, देश की जीत है। यह पूँजीपतियों, उनके रखवालों, नीतीश-भाजपा सरकार और उनके अंहकार की हार है।विश्व के सबसे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक किसान आंदोलन ने पूँजीपरस्त सरकार को झुकने पर मजबूर किया।आंदोलनजीवियों ने दिखाया कि एकता में शक्ति है। यह सबों की सामूहिक जीत है। बिहार और देश में व्याप्त बेरोजगारी, महंगाई, निजीकरण के ख़िलाफ हमारी जंग जारी रहेगी।भाजपाई उपचुनाव हारे तो इन्होंने पेट्रोल-डीज़ल पर दिखावटी ही सही लेकिन थोड़ा सा टैक्स कम किया।

कृषि बिल वापस लेने पर कांग्रेस नेता ने भी मोदी को लिया आड़े हाथ

उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड,पंजाब की हार के डर से तीनों काले कृषि क़ानून वापस लेने पड़ रहे है।विगत वर्ष 26 नवंबर से किसान आंदोलनरत थे। बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों के तुरंत पश्चात किसानहित में हम किसानों के समर्थन में सड़कों पर थे।इसी दिन किसान विरोधी नीतीश-भाजपा ने गाँधी मैदान में इन कृषि कानूनों का विरोध एवं किसानों का समर्थन करने पर मुझ सहित हमारे अनेक वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किया।अंततः सत्य और किसानों की जीत हुई।

मधुबनी की घटना दो संवैधानिक संस्थानों के बीच अहंकार का नतीजा है

जब दो संवैधानिक संस्था आपस में आमने सामने हो तो मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है ऐसे में रिपोर्टिंग करने में थोड़ी सावधानी बरतने की जरुरत है ।मधुबनी की घटना कुछ ऐसा ही है दोनों संस्थान अपने अंहकार में संस्थान के मर्यादाओं को तार तार करने में लगे हैं।

जज साहब ने जो लिख कर दिया उसके अनुसार पुलिस पर कार्रवाई हो गयी है दोनों पुलिस वाले जेल चले गये हैं, हाईकोर्ट जिनकी भूमिका अभिभावक की है क्यों कि पुलिस भी न्याय प्रणाली का ही हिस्सा है इसलिए हाईकोर्ट इस मामले में दोनों पक्ष को सूनने के बाद ऐसा निर्णय ले जिससे कि आगे इस तरह की घटनाए ना घटे

क्यों कि जिस जज के कार्यशैली को गलत मानते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें न्यायिक काम काज से अलग कर दिया था, उस जज के आरोप की पहले जांच होनी चाहिए थी क्यों कि जज साहब ने जो लिखित शिकायत किये हैं उसमें विवाद की जो वजह बताया है कि 16.11.21 को मुझे घोघरडीहा थानाध्यक्ष के खिलाफ घोघरडीहा प्रखंड की भोलीराही निवासी उषा देवी ने मुझे बीते मंगलवार को एक आवेदन दिया। जिसमें पीड़ित ने बताया था कि घोघरडीहा के थानाध्यक्ष ने उसके पति, ननद, वृद्ध सास व ससुर को झूठे मुकदमे में फंसा दिया गया है। साथ ही, पति के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत की।

शिकायत मिलने के बाद मैंने सत्यता जानने के लिए 16.11.21 को ही थानाध्यक्ष को पक्ष रखने की सूचना फोन पर दी। लेकिन, थानाध्यक्ष आने से टालमटोल करते रहे। इसके बाद थानाध्यक्ष को गुरुवार को 11 बजे आने का समय दिया गया। थानाध्यक्ष निर्धारित समय पर न आकर दोपहर 2 बजे मेरे चैंबर में पहुंचे। चैंबर में प्रवेश करते ही थानाध्यक्ष ऊंची आवाज में बात करने लगा। जब हमने शांति से बात करने को कहा तो उसने कहा कि हम इसी अंदाज में बात करेंगे। क्योंकि यही मेरा अंदाज है। इसी बीच थानाध्यक्ष ने गाली-गलौज शुरू करते हुए कहा कि तुम मेरे बॉस (एसपी साहब) को नोटिस देकर कोर्ट बुलाते हो।आज तुम्हारी औकात बता देता हूं।

जज साहब को हाईकोर्ट ने उनके अटपटे फैसले की वजह से न्याययिक कार्य से अलग कर दिया है तो जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार मधुबनी जिला जज ने लोकअदालत से जुड़े कार्यों को देखने का उन्हें जिम्मा दिया है ,ऐसे में किसी महिला द्वारा दिये गये आवेदन के आलोक में थाना अध्यक्ष को फोन करके बुलाने का अधिकार इनको किस न्याययिक अधिकार के तहत मिल गया ,इसका जबाव तो देना पड़ेगा ना क्यों कि यह खुद आवेदन में लिख रहे हैं कि बार बार बुलाने के बावजूद थाना प्रभारी उनके कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहे थे ।

किसी भी मामले में कोर्ट को लगता है कि थाना अध्यक्ष को कोर्ट में पेश होना चाहिए तो इसके लिए एक वैधानिक प्रावधान बना हुआ है कोर्ट एसपी को लिखता है अगर एसपी थाना अध्यक्ष को कोर्ट में उपस्थिति होने का निर्देश नहीं देता है तो इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर डीजीपी कार्यालय में गठित सेल को सूचना देना है जिसका काम ही यही है कि अगर कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है तो उनका अनुपालन सुनिश्चित कराये ऐसे में जज सहाब जिस तरीके से अधिकारियों को बार बार कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश जारी कर रहे थे यह अधिकार उनको है क्या ।

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का इसको लेकर स्पष्ट आदेश है फिर जज साहब लगातार उस आदेश को नजरअंदाज क्यों कर रहे थे कई ऐसे सवाल है जो जज साहब के प्राथमिकी से ही स्पष्ट हो रहा है एसपी को क्यों वो बार बार कोर्ट में बुला रहे थे उनको एसपी को कोर्ट में बुलाने का कोई वाजिब वजह था क्या उनको तो अधिकार भी नहीं है ऐसे कई सवाल है जिस पर पूरी जुडिशरी को सोचना चाहिए बस यह कि हम सुप्रीम है इससे दोनों संस्थानों के बीच तनाव बढ़ेगा ।

कोरोना की वजह से इस बार भी सोनपुर मेला का आयोजन नहीं होगा

हरिहरक्षेत्र में कार्तिक पूर्णिमा
आज कार्तिक पूर्णिमा के दिन एक माह तक चलने वाले बिहार के विश्वप्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र मेले या सोनपुर मेले की शुरुआत होती है। हालांकि कोविड के चलते सरकार द्वारा इस साल भी मेले की अनुमति नहीं दी गई है, मगर कोविड प्रोटोकॉल के तहत यहां श्रद्धालुओं को गंगा और गंडक नदियों में स्नान और हरिहरनाथ मंदिर में पूजा करने की अनुमति है। फलतः नदियों के किनारे और हरिहरनाथ मंदिर में जुटी साधु-संतों और आम श्रद्धालुओं की भीड़ ने यहां मेले जैसा दृश्य तो उपस्थित कर ही दिया है।

इस मेले के पीछे की पौराणिक कथा यह है कि प्राचीन काल में यहां गंडक के तट पर गज और ग्राह के बीच लंबी लड़ाई चली थी। गज की फ़रियाद पर विष्णु या हरि और शिव या हर ने बीच-बचाव कर इस लड़ाई का अंत कराया था। कथा प्रतीकात्मक है। प्राचीन भारत वैष्णवों और शैव भक्तों के बीच सदियों तक चलने वाली लड़ाई का साक्षी रहा था। अपने आराध्यों की श्रेष्ठता स्थापित करने के इस संघर्ष ने हजारों लोगों की बलि ली थी। इसकी समाप्ति के लिए गुप्त वंश के शासन काल में कार्तिक पूर्णिमा को वैष्णव और शैव आचार्यों का एक विराट सम्मेलन सोनपुर के गंडक तट पर आयोजित किया गया। यह सम्मेलन दोनों संप्रदायों के बीच समन्वय की विराट कोशिश साबित हुई जिसमें विष्णु और शिव दोनों को ईश्वर के ही दो रूप मानकर विवाद का सदा के लिए अंत कर दिया गया। उसी दिन की स्मृति में यहां पहली बार विष्णु और शिव की संयुक्त मूर्तियों के साथ हरिहर नाथ मंदिर की स्थापना हुई थी। उसी काल में यहां एशिया के सबसे बड़े पशु मेले की भी शुरुआत हुई थी जिसने कालांतर में एक बड़े व्यावसायिक मेले का भी रूप धर लिया।

पिछले लगभग डेढ़ हजार सालों से हरिहरक्षेत्र मेला एक ऐसी जगह रही है जहां ग्रामीण बिहार की सभ्यता और संस्कृति को निकट से देखा, जाना और महसूस किया जा सकता है।

शहाबुद्दीन के दामाद बेटी का रिसेप्शन आज

मोतिहारी —
शहाबुद्दीन के दामाद शादमान के ज्ञानबाबू चौक स्थित घर रानीकोठी में आज वलीमा (रिसेप्शन) है। जिसे लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। समारोह में पटना, सीवान, मुजफ्फरपुर, बेतिया, बगहा सहित विभिन्न जगहों से रिश्तेदारों सहित अन्य मेहमानों के आने का सिलसिला जारी है।

रिसेप्शन समारोह के लिए शादमान के पिता इफ्तेखार अहमद सह साहब के घर रानीकोठी में भव्य पंडाल बनाया गया। जहां पंडालों को कई तरह की आकर्षक डिजाइन देकर सजाया गया। जिससे पंडालों की खूबसूरती देखते बन रही है।

बिहार स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन एंप्लॉय फेडरेशन के द्वारा 9 सूत्री मांगों को लेकर दिया धरना

बिहार स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन एंप्लॉय फेडरेशन के द्वारा अपनी 9 सूत्री मांगों को लेकर बिहार सरकार के परिवहन निगम कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर एक दिवसीय धरना देकर सरकार और प्रशासनिक अधिकारी परिवहन निगम के खिलाफ नाराजगी जाहिर की बिहार स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन इंप्लाइज फेडरेशन के सचिव विश्वजीत कार्यकारी अध्यक्ष गजनबी नवाब महासचिव अजय कुमार समेत बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया इस मौके पर संगठन के महासचिव अजय कुमार ने बताया बिहार राज्य पथ परिवहन निगम राज्य सरकार का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी उपक्रम है केंद्रीय कानून के तहत वर्ष 1959 में संवैधानिक दायित्व के तहत राज्य सरकार ने परिवहन निगम की स्थापना की थी

लेकिन राज सरकार की निगम विरोधी और निजी बस मालिक पक्षी नीति अपनाने के वजह से आज परिवहन निगम के हालात काफी खराब हो चुके हैं समय-समय पर निगम बस बेड़े में नई गाड़ियां जोड़ने और नई नियुक्ति करने के बजाए पीपीपी मोड पर निजी बस परिचालकों को राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निगम परमिट प्राप्त कर निजी बस मालिक पक्षी नीति चला रही है

,,,, निगम के कर्मचारियों पर राज सरकार और निगम प्रबंधन का हमला इसके बाद तेज हो गया है मजदूरों पर दमन उत्पीड़न बेतहाशा बढ़ गया है वेतन मानदेय सेवा शर्तों में कटौती की जा रही है मेहनत मजदूरी करने वालों की हालात बद से बदतर होती जा रही है श्रम कानून में मालिक पक्षीय सुधार के जरिए जहां एक और मालिकों को नौकरी पर रखने एवं उसे बाहर करने की छूट दी जा रही है

वही ट्रेड यूनियन के गतिविधियों पर तरह तरह की पाबंदियां लगाई जा रही है अस्थाई नियुक्ति के स्थान पर ठेका प्रथा बाहर की एजेंसियो से कार्य लीला अस्थाई एवं दैनिक मजदूरी के जरिए मजदूरों का भयंकर शोषण हो रहा है,,,, वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट कौन वर्ष 2017 में पटना उच्च न्यायालय ने कहा है कि राज्य में समान काम का समान वेतन देना होगा भारत सरकार और सरकार द्वारा निर्धारित ₹18000 मासिक मंजूरी होगी उससे कम किसी भी हालात में वेतन देना मंजूर नहीं होगा पद और योग्यता के अनुरूप इससे उनका वेतन निर्धारित की जानी चाहिए,,,

परिवहन निगम के कार्यरत अस्थाई कर्मचारियों का विशेषण और दो हट गया है 31 मार्च 2017 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जवान तलाव का भुगतान भी निगम ने नहीं किया राज्य सरकार से 7 वर्ष पूर्व राशि प्राप्त होने के बावजूद निगम ने उपलब्ध राशि से से वार्तालाप का भुगतान नहीं करना निगम प्रबंधन का सेवानिवृत्त कर्मचारियों विरोधी मानसिकता का परिचायक है केंद्रीय सरकार और राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत मंगाई भर्ती की लंबित दोस्तों को कर्मचारियों के वेतन में जोड़ने का आदेश निर्गत नहीं करना प्रबंधन का कुरुर मानसिकता है

संविदा पर बहाल कर्मचारी पदाधिकारियों से बंधुआ मजदूर की तरह व्यवहार किया जा रहा है पद और योग्यता के अनुरूप वेतन नहीं देकर आल्सो वेतन पर कार्य करने हेतु मजबूर किया जा रहा है अवकाश के दिनों में मनमाने तरीके से बिना किसी क्षतिपूर्ति का बराबर कार्यालय खोलकर कार्य करने को मजबूर किया जा रहा है

इस संदर्भ में पूर्व में भी निगम कर्मचारियों द्वारा अपने ज्वलंत समस्याओं के निराकरण हेतु निगम प्रशासक को पत्रांक संख्या 115 दिनांक 20 अक्टूबर 2021 एवं विकलांग संख्या 105 2 अक्टूबर 2021 के माध्यम से मांग की गई थी और प्रबंधन से द्विपक्षीय वार्ता मांग की पूर्ति हेतु अनुरोध किया गया था लेकिन अब तक प्रबंधन द्वारा इस पर किसी प्रकार का कोई विचार नहीं किया गया है प्रबंधन का यह रवैया निगम विरोधी निगम कर्मी विरोधी मानसिकता का परिचायक है यूनियन के द्वारा सरकार और निगम प्रबंधन के समक्ष उठाई गई मांगे

1 पूर्व के हड़ताल के दौरान संपन्न द्विपक्षीय समझौता की कंडिका तीन लागू की जाए

2 वेतन विसंगति के बकाए राशि का अविलंब भुगतान किया जाए

3 महंगाई भत्ते की किस्त को तत्काल निगम कर्मी के वेतन में जोड़ा जाए

4 समान काम का समान मंजूरी दी जाए

5 आउटसोर्सिंग और ठेका पर बहाली तथा मजदूरों का शोषण और दोहन करने की प्रथा है इसलिए इस पर बहाल सभी कर्मी को सेवा नियमित की जाए

6 संविदा, दैनिक वेतन मजदूरी , पचोर से मजदूर को न्यूनतम ₹21000 मासिक वेतन भुगतान किया जाए

7 निगम के अस्तित्व को बचाने के लिए 500 नई बसें क्रय कर निगम के बेड़े में जोड़ा जाए

8 निगम के बसों के अनुपात में शीघ्र कर्मचारी पदाधिकारियों के स्थाई नियुक्ति की जाए

9 निगम में कार्यरत कर्मचारी पदाधिकारियों को योग्यता एवं पद के अनुरूप वेतन तथा श्रम कानून के तहत सुविधा मुहैया कराई जाए

नीतीश जी मुझसे इतना ही घ्रृणा है तो मुझे गोली मारवा दें नहीं तो जेल के अंदर खाने में जहर मिला दें–आनंद मोहन

सहरसा: — जी.कृष्णैया हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन (Anand Mohan) सहरसा कोर्ट में पेशी के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुझसे इतना घ्रृणा है तो मुझे गोली मार दें या नहीं तो जेल के अंदर खाने में जहर मिला दें.”क्यों सुप्रीम कोर्ट के आदेश का नजर अंदाज कर रहे हैं ।

आजीवन कारावास के 14 साल बीत जाने के साढ़े पांच महीने के बाद भी उन्हें जेल से रिहा नहीं किया जा रहा है वही बदले की भावना से जेल के वार्ड में छापामारी कराकर चार मोबाईल की बरामदगी दिखाकर मुझे बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं.”

नियम-कानून सभी के लिए एक

उन्होंने कहा, ” बीते 23 अक्टूबर की देर शाम जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में मंडल कारा में औचक छापेमारी की गई थी. यह बदले की भावना और राजनीतिक साजिश के तहत की गई थी. इस दौरान मुझे बदनाम करने और मानसिक यातना पहुंचाने का पूरा प्रयास किया गया. लेकिन नियम, कानून और संविधान से सभी बंधे हैं. जेल एक संस्था है, सराय नहीं जहां कोई भी मुंह उठाकर चले जाए. तलाशी के दौरान वरीय पदाधिकारी बाहर मौजूद थे जबकि डीएसपी और एसडीओ ने जेल में छापामारी की थी. “
नीतीश कुमार पर साधा निशाना

पूर्व सांसद ने कहा, ” कायदे से जेल अधीक्षक छुट्टी में थे. लेकिन उनके ही आवेदन पर उन पर मामला दर्ज किया गया है. उनके पास चार मोबाइल दिखाए गए, जो सरासर झूठ है

कोरोना टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को ‘जश्न-ए-टीका पुरस्कार’ः मंगल पांडेय

कोरोना टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने
वालों को ‘जश्न-ए-टीका पुरस्कार’ः मंगल पांडेय

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के डॉक्टर, नर्स समेत इससे जुड़े समाजसेवियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा समारोह आयोजित कर ‘जश्न-ए-टीका पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा रहा है।

टीकाकरण में उत्कृष्ट लोगों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में जहां कोरोना जांच और टीकाकरण तेजी से किया जा रहा है, वहीं टीकाकरण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले भी सम्मानित किया जा रहा है।


श्री पांडेय ने कहा कि इसके तहत पहले चरण में 4 अक्टूबर को विभाग द्वारा जश्न-ए-टीका पुरस्कार समारोह आयोजित कर टीकाकरण में अह्म योगदान देने वाले पदाधिकारियों और टीकाकरण में सहयोग करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। सरकार के संकल्पित लक्ष्य पूरा होने के बाद पुरस्कार समारोह आयोजित कर टीकाकरण कार्य में सहयोग करने वाले सम्मानित किए जाएंगे। वैश्विक महामारी से बचाव को लेकर टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में डॉक्टर, नर्स के साथ साथ बड़ी संख्या में आमलोगों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

ऐसे लोगों के योगदान को उल्लेख करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा जश्न ए पोर्टल का शुभारंभ किया गया। इस पोर्टल पर कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण कार्य को सफल बनाने में व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से उत्कृष्ट योगदान देने वालों के कार्य प्रविष्ट की गई, ताकि दूसरे लोगों उनके कार्य और प्रयास को जान सकें।

श्री पांडेय ने कहा कि विभाग द्वारा कोरोना टीका का प्रथम डोज और दूसरी डोज लगवाने में सामूहिक और व्यक्तिगत तौर पर उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोग सम्मानित किए जा रहे हैं। इस तरह के आयोजन से अन्य लोगों में भी सेवा की भावना जागृत होगी, जिससे कोरोना से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान में तेजी आएगी।

झंझारपुर कोर्ट में जज और पुलिस वाले आपस में भीड़े थाना अध्यक्ष गिरफ्तार

झंझारपुर एडीजे कोर्ट के जज पर हमला ।।
थाना के एसएचओ और दरोगा ने की मारपीट।।
झंझारपुर एडीजे कोर्ट के जज अविनाश कुमार प्रथम पर घोघरडीहा थाना के SHO गोपाल कृष्ण और एक सब इंस्पेक्टर अभिमन्यु शर्मा के द्वारा मारपीट करने कि खबर आ रही है ।

जज पर पुलिस वाला कोर्ट में ही ताना पिस्टल

इस हमले में ADJ अविनाश कुमार प्रथम घायल हो गए ।हमले की जानकारी पाकर कोर्ट के सभी कर्मी ADJ के चेंबर में दौड़े और दोनों को पकड़ लिया । ADJ की ओर से बताया गया कि सब इंस्पेक्टर ने उन पर पिस्टल तान दिया और एसएचओ ने उनके साथ मारपीट की जिसके बाद एसएचओ और एसआई को कोर्ट के कर्मियों ने बंधक बना लिया है एसपी सहित भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद है ।

न्याय व्यवस्था पर हमला है


इस बीच एसएचओ गोपाल कृष्ण और एसआई अभिमन्यु शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है । बताया जाता है कि एडीजे प्रथम अविनाश कुमार लोक अदालत के अध्यक्ष हैं और घोघरडीहा थाना क्षेत्र की किसी महिला के द्वारा लोक अदालत में आवेदन दिया गया था एसएचओ गोपाल कृष्ण और अभिमन्यु शर्मा को कोर्ट में समय पर नहीं पहुंचने पर ADJ ने जब फटकार लगाई तो उसके बाद इस तरह की घटना घटी है।

संपतचक बैरिया कचड़ा प्रबंधन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर

पटना हाई कोर्ट ने पटना के संपतचक बैरिया में स्थापित किये जाने वाले कचड़ा प्रबंधन प्रोजेक्ट (वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट ) को हटाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना नगर निगम को जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। जस्टिस राजन गुप्ता की खंडपीठ ने सुरेश प्रसाद यादव व अन्य द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई की।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता श्रीप्रकाश श्रीवास्तव ने खंडपीठ को बताया कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जवाबी हलफनामा से यह प्रतीत होता है कि बगैर किसी भी प्रक्रिया का पालन करते हुए संपतचक बैरिया की जनता को गंभीर प्रदूषण झेलने के लिए छोड़ दिया गया है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस प्रोजेक्ट को स्थापित करने के लिए बिहार स्टेट पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड की सहमति भी नहीं लिया गया है।
जिसकी वजह से एक ओर वायु प्रदूषण फैल रहा है, तो दूसरी ओर कृषि योग्य भूमि पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

याचिका में यह प्रश्न उठाया गया कि किस कानूनी अधिकार के तहत पंचायत क्षेत्र में पड़ने वाले इस जगह का चयन कचड़ा प्रबंधन प्रोजेक्ट के लिए किया गया है ? यह भी कहा गया कि कृषि भूमि पर स्थापित किये जाने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए बैरिया कर्णपुरा पंचायत राज से किसी भी प्रकार की अनुमति ली गई है ?

नगर विकास व आवास विभाग के कमिश्नर, बिहार स्टेट पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड व पटना नगर निगम से स्पष्टीकरण पूछने सह शो – कॉज करने का आग्रह भी इस याचिका में किया गया है।

प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण किये जाने के पूर्व पंचायत राज बैरिया के ग्राम सभा द्वारा एक बैठक भी 29 दिसंबर, 2006 को बुलाई गई थी, जिसमें इस प्रोजेक्ट को लेकर विरोध किया गया था।
इस मामले पर आगे भी सुनवाई होगी।

पत्रकार अविनाश हत्याकांड मामले में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने लिया स्वत संज्ञान

पत्रकार अविनाश झा हत्या मामले में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने स्वत संज्ञान लेते हुए राज्य के डीजीपी और मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब किया है इस संबंध में राज्य के डीजीपी मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब किया है।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने पत्रकार अविनाश हत्याकांड मामले में लिया संज्ञान

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जस्टिस चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने स्वत संज्ञान लेते हुए राज्य के डीजीपी और मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि मधुबनी के पत्रकार अविनाश झा की संदिग्ध स्थिति में मौत की खबर आ रहा है यह बहुत ही दुखद घटना है ।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के स्वत संज्ञान लेने की खबर के बाद पुलिस मुख्यालय ने इस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों से एसपी मधुबनी को अवगत कराने का निर्देश दिया है साथ ही आईजी दरभंगा को पूरे मामले की जांच का आदेश डीजीपी द्वारा जारी किया गया है ।

पंचायत चुनाव में बैंककर्मियों के उपयोग पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

पटना हाईकोर्ट ने राज्य के पंचायती राज संस्थानों में कराए जा रहे पंचायत आम निर्वाचन 2021 के चुनाव कार्य मे बैंककर्मियों के साथ साथ केंद्रीय बोर्ड व निगम सहित पब्लिक सेक्टर में कार्यरत कर्मी को चुनाव ड्यूटी पर तैनात किए जाने के मामलें पर सुनवाई की।

चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने इस रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग के साथ साथ राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार से जबाब तलब किया है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा बैंक कर्मियों को चुनाव कार्य मे लगाए जाने संबंधी चुनाव आयोग के अधिसूचना की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।

याचिकाकर्ता ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत)- सह- जिला पदाधिकारी पटना के द्वारा दिनांक 12 अगस्त 2021 को चीफ मैनेजर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मुख्य कार्यालय पटना को लिखे उस पत्र को चुनौती दी है।

इसके माध्यम से पटना में कार्यरत सभी पदाधिकारियों एवम कर्मियों को चुनाव कार्य मे लगाए जाने के लिये नाम पद एवं उनका मोबाइल नंबर माँगा था, ताकि चुनाव कार्य के लिये उनका डाटा बेस तैयार किया जा सके।

कोर्ट को याचिकाकर्ता द्वारा बताया गया कि इससे बैंक का कार्य प्रभावित होता है।
एसबीआई पटना सर्किल ( बिहार व झारखंड क्षेत्र ) के अफसरों के संघ के महासचिव व अन्य अधिकारियों की तरफ से दायर इस याचिका में बिहार पंचायती राज कानून की संशोधित धारा 125 की संवैधानिकता को चुनौती दी गयी है।

इस धारा के तहत चुनाव ड्यूटी पर तैनात करने हेतु बैंक कर्मियों को भी राज्य सरकार के कर्मियों के समतुल्य माना गया है।
इस मामले पर फिर अगली सुनवाई 22 दिसम्बर को फिर होगी।

मुख्यमंत्री ने पटना म्युजियम और बिहार म्युजियम का किया भ्रमण

मुख्यमंत्री ने पटना म्युजियम और बिहार म्युजियम का किया भ्रमण, नये प्रस्तावित बस अड्डा के निर्माण को लेकर विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण

पटना, 17 नवम्बर 2021 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज पटना म्युजियम का भ्रमण कर वहां चलाए जा रहे अपग्रेडेशन एवं एक्सटेंशन कार्यों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पटना म्युजियम के ग्राउंड प्लान, पटना म्यूजियम सब-वे लेबल प्लान तथा पटना म्यूजियम एवं बिहार म्युजियम की अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी को लेकर प्रस्तावित सब–वे की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने पटना म्युजियम एवं बिहार म्युजियम को जोड़ने वाले अंडरग्राउंड टनल (पाथ) बनाने की योजना की विस्तृत जानकारी ली और निर्माण कार्य को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा बड़ी संख्या में लोग पटना म्युजियम एवं बिहार म्युजियम आते हैं और आगे भी आयेंगे। इसे ध्यान में रखते हुये यहां पार्किंग की समुचित व्यवस्था करें ताकि यहां आने वाले लोगों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो।

पटना म्युजियम का सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पाटलिपुत्र एक ऐतिहासिक स्थल है। पुरातात्विक दृष्टिकोण से पटना म्युजियम का यह स्थल काफी महत्वपूर्ण है। इस दृष्टिकोण से पटना म्युजियम के एक हिस्से में खुदाई कराना आवश्यक है। ताकि पुरातात्विक अवशेषों की प्राप्ति से यहां के इतिहास के बारे में और विशेष जानकारी मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने पटना म्युजियम भ्रमण के उपरांत बिहार म्युजियम का भी निरीक्षण किया और पटना म्युजियम एवं बिहार म्युजियम को जोड़ने वाले अंडरग्राउंड पाथ के निर्माण कार्य को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने पटना म्युजियम एवं बिहार म्युजियम के भ्रमण के पश्चात् नये प्रस्तावित बस अड्डे के निर्माण हेतु फुलवारीशरीफ के मुरादपुर, बिहटा के नेउरा तथा कन्हौली में स्थल निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के परामर्शी श्री अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव पथ निर्माण श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री आनंद किशोर, प्रमंडलीय आयुक्त श्री संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, कला-संस्कृति एवं युवा विभाग की सचिव श्रीमती बंदना प्रेयसी, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, अपर सचिव कला संस्कृति एवं युवा विभाग श्री दीपक आनंद, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री उपेंद्र शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।

फुलवारीशरीफ कब्रिस्तान को अतिक्रमण से मुक्त कराने का निर्देश

पटना हाईकोर्ट ने फुलवारीशरीफ के टमटम पड़ाव स्थित वक्फ बोर्ड की भूमि पर बने मजार और कब्रिस्तान पर हुए अतिक्रमण की जांच कर उसे अतिक्रमण से मुक्त कराने का निर्देश डी एम, पटना को दिया। मंसूर आलम द्वारा दायर किये गए जनहित याचिका जस्टिस राजन गुप्ता की डिवीजन बेंच ने पर सुनवाई की।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि फुलवारीशरीफ में टमटम पड़ाव के पास 3.5 एकड़ में सुन्नी वक्फ का काफी समय से कब्रिस्तान है।यह मिनहाज रहमातुल्लाह अल्लाएह मजार और बाबा मखदूम साहेब मजार के नाम से जाना जाता है।

इस भूमि को सुल्तान मियां नामक व्यक्ति द्वारा अतिक्रमित कर लिया गया है।अतिक्रमणकारी द्वारा इस कब्रिस्तान के भूमि पर अवैध रूप से दुकान का निर्माण भी किये जाने लगा है।

कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता द्वारा अतिक्रमण करने वाले जमीन माफिया के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर राज्य के मुख्य मंत्री को एक आवेदन भी 25 सितंबर, 2020 को दिया गया।

साथ ही याचिकाकर्ता ने संयुक्त आवेदन पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी, सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, फुलवारीशरीफ के डी एस पी व एस एच ओ को भी दिया, जिसकी प्रति राज्य के डी जी पी, फुलवारीशरीफ के सी ओ व राज्य के गृह सचिव को भी भेजा गया, लेकिन अबतक अतिक्रमण हटाने के लिए को प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नही की गई। कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर उक्त आदेश देने के बाद मामले को निष्पादित कर दिया।

पटना हाईकोर्ट ने सेकेंड्री स्कूल हेडमास्टर के नियुक्ति के लिए बनी नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका को किया स्वीकार

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में सीनियर सेकेंड्री स्कूल हेडमास्टर के नियुक्ति के लिए बनी नियमावली की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है । टेट/एस टेट उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ की रिट याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार को चार हफ्ते में जवाब देने का आदेश दिया

हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में इस नियमावली के तहत हो रही नियुक्तियां इस याचिका में पारित फैसले पर निर्भर करेगा ।

याचिकाकर्ता के वकील कुमार शानू ने कोर्ट को बताया कि 18 अगस्त 2021 को अधिसूचित हुई बिहार राज्य उच्चतर माध्यमिक स्कूल हेडमास्टर नियमावली में हेडमास्टर की नियुक्ति की शर्ते परस्पर विरोधी हैं । एक ओर 2012 नियमावली के तहत टी ई टी परीक्षा पास करना अनिवार्य है ,वही दूसरी ओर शैक्षणिक कार्य अनुभव को न्यूनतम 10 साल रखा गया है ।

इसमें मुश्किल ये हैं कि 2012 की नियमावली के तहत टीईटी परीक्षा को पास कर अधिकांश अभ्यर्थी 2014 में शिक्षक बने । इसलिए टीईटी पास शिक्षकों का न्यूनतम कार्य अनुभव 10 साल तक का नही हो पाया ।
इस कारण हेडमास्टर बहाली में मनमानी हो रही है।

हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के आरोपों पर सरकार को जवाब देने के लिए चार सप्ताह की मोहलत दिया है।इस मामले पर
अगली सुनवाई 8 हफ्ते बाद होगी ।

शिक्षा माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई मगध विश्वविधालय के कुलपति के ठीकाने पर चल रहा रेड

बिहार में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने बुधवार को बोध गया स्थित मगध यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के ठिकानों पर छापेमारी की। कुलपति के ऑफिस के साथ-साथ घर को खंगाला जा रहा है। इस बात की पुष्टि स्पेशल विजिलेंस यूनिट ADG नैयर हसनैन खान ने की है।

कुलपति के कार्यालय में चल रहा है छापामारी

कुलपति पर रुपए की हेराफेरी का आरोप है। इसमें कुलपति अकेले नहीं हैं। कुलपति के PA सुबोध कुमार, आरा स्थित वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी के फाइनेंशियल ऑफिसर ओम प्रकाश, पटना स्थित पाटलिपुत्रा यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार जितेंद्र कुमार और लखनऊ के मेसर्स पूर्वा ग्राफिक्स एंड ऑफसेट व मेसर्स एक्सलिकट सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के मालिक शामिल हैं।

ADG के मुताबिक, इन सभी के खिलाफ 16 नवंबर को SVU ने IPC की धारा 120B, 420, R/W की धारा 12 के सेक्शन 13(2) & 13(B) और PC एक्ट 1988 के तहत FIR दर्ज की गई। फिर स्पेशल विजिलेंस कोर्ट से कुलपति के ठिकानों पर छापेमारी करने और वहां की जांच करने के लिए सर्च वारंट मांगा। इसे कोर्ट ने जारी कर दिया। इसके बाद बुधवार सुबह छापेमारी की गई।

मधुबनी पत्रकार हत्याकांड ने खड़े किये कई सवाल

पत्रकार अविनाश झा हत्याकांड मामले में पुलिस प्रशासन क्या कर रही है इस पर मेरी भी नजर है और अविनाश को न्याय कैसे मिले इसको लेकर राज्य के सीनियर अधिकारियों से भी लगातार संपर्क में है आईजी दरभंगा को देखने का निर्देश पुलिस मुख्यालय की और से दिया गया है।

जो जानकारी मिल रही है अविनाश मधुबनी जिले में चल रहे अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ अभियान चला रखा था और उसी वजह से उसकी हत्या हुई है ऐसा परिवार के लोगों का कहना है ।

वजह जो भी रहा हो लेकिन इस तरह के सार्वजनिक हितों से जुड़े मामले में झूठे मुकदमे में फंसाने से लेकर हत्या तक की घटनाए आम होती जा रही है वही इस तरह के व्हिसल ब्लोअर के संरक्षण के लिए जो कानून बनाये गये वो अब निष्प्रभावी होते जा रहा है। वजह भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लड़ने वालों को सरकार ,न्यायपालिका और मीडिया से जो पहले संरक्षण मिलता था वो अब नहीं मिल रहा है मीडिया का हाल क्या कहना है शहाबुद्दीन की बेटी की शादी में व्यस्त है, रहे भी क्यों नहीं सबसे अधिक इसी तरह के खबर को लोग पढ़ते हैं ।

वही पुलिस और प्रशासन का हाल यह है कि सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है तो आवाज उठाने वालो पर ही पुलिस कार्रवाई करनी शुरु कर देती है, पहले ये सब थाना स्तर पर होता था लेकिन अब यह सब डीएम और एसपी के स्तर पर होने लगा है ऐसे में आप किससे न्याय की उम्मीद करते हैं ।

कोर्ट का हाल आप देख ही रहे हैं याद है या भुल गये पटना हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में रिपोर्ट करने पर रोक लगा दिया था ।ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस भ्रष्ट व्यवस्था से कैसे लड़ा जाये ,मैं अपने अनुभव के आधार पर कुछ बाते कहना चाहता हूं भारत में लोकतंत्र के अंदर जो व्यवस्था है आप उन्ही के सहारे लड़ाई लड़ सकते हैं ।

1970 के दशक में हमारे कुछ उत्साही नौजवान बंदूक के सहारे व्यवस्था बदलने की सोच को लेकर नक्सल आंदोलन की शुरुआत किये भले ही आज यह आंदोलन एक अपराधी गैंग के हाथों सिमट कर रह गया है लेकिन इस आंदोलन ने सिस्टम को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने के लिए जरुर मजबूर किया लेकिन हिंसा आधारित आन्दोलन का जो हश्र होता है वही हश्र नक्सल आंदोलन का भी हुआ ।

दूसरा विकल्प गांधीवाद है उसके लिए आपके अंदर नैतिक बल होना चाहिए साथ ही जेल जाने के डर से बाहर निकलना पड़ेगा आज ना तो इसके लिए समाज तैयार है ना ही हमारी युवा पीढ़ी ।सोशल मीडिया के आने से थोड़ी उम्मीद जगी थी लेकिन भाई साहब लोग इसको भी गर्त में पहुंचा दिये आज हर गांव में एक सोशल मीडिया से जुड़े लोग मिल जायेंगे जो सुबह से शाम तक मिड डे मील की जांच करने स्कूल स्कूल में घूमता रहता है , बात नहीं बनी तो फिर जनवितरण प्रणाली के दुकान पर चला जाता है, इससे भी बात नहीं बनी तो अस्पताल पहुंच जाता है और दिन भर में सौ दो सौ करते करते एक हजार रुपया तक उगाही कर लेता है ।

यही चल रहा है बिहार में हाल ही छपरा से एक सीनियर पुलिस अधिकारी का फोन आया संतोष जी सामने एक लड़का बैठा है कह रहा है कि मैं पटना के एक पोर्टल का संपादक हूं देखिए कैसे ये जनाब एक गरीब का फसा दिया है। हुआ ऐसा कि संपादक महोदय कुछ दिन पहले छपरा गये थे और एक चप्पल बनाने वाले कारोबारी को ऑर्डर दिया कि इस नाम से एक हजार हवाई चप्पल बना दो और इसके लिए एडभान्स के रूप में 5 हजार रुपया भी दे दिया, जिस दिन चप्पल लेने के लिए वो कारोबारी फोन किया उस दिन संपादक महोदय उस कंपनी के बिहार हेड को लेकर छपरा पहुंचे और थाने में बड़े ब्रांड का नकली समान बनाने का आरोप लगाते हुए केस करवा दिया ।

पुलिस उस कारोबारी के घर छापा मारा तो ब्रांडेड कंपनी का नकली चप्पल उसके घर से बरामद हुआ पुलिस वहां काम करने वाला जो भी कारीगर था सबको पकड़ कर थाने ले आया पुलिस के लिए ये बड़ी उपलब्धि थी इसलिए पूछताछ के लिए सीनियर अधिकारी भी थाने पहुंच गये इस बीच संपादक महोदय पुलिस की कार्रवाई का लाइव रिपोर्टिंग करते रहे।

सीनियर अधिकारी जब थाना पहुंचा तो पूछताछ में पता चला कि चप्पल कारोबारी कानपुर के चप्पल बनाने वाली कंपनी में काम करता था लॉकडाउन में कंपनी बंद हो गया तो छपरा लौट आये और यहां आकर चप्पल बनाना जानते थे ही ,यही घर पर छोटा सा फैक्ट्री बैठा कर चप्पल बनाते हैं और गांव गांव घूम कर बेचते हैं ये मेरा भतीजा है जो साथ कानपुर में काम करता था।

ये जो मोबाइल चला रहे हैं वहीं आये हुए थे एक माह पहले मुझे एक नाम दिये और पांच हजार एडभान्स दिये और बोले जो एक हजार पीस चप्पल इस नाम से बना दो मैंने बना करके फोन कर दिये फिर ये घटना घटी है ।

पुलिस जब कंपनी वाले से पूछा तो पता चला ब्रांडेड कंपनी इस तरह जो नकली सामान बेचता है उसको पकड़ने पर कंपनी पकड़वाने वाले व्यक्ति को अच्छा खासा पैसा देता है, संपादक महोदय मीडिया के आर में यही धंधा चला रहा है ।

कभी सूने हैं पत्रकार को भी जिला बदर किया जाता है नहीं ना सूने हैं तो सुन लीजिए यह घटना दरभंगा का है जहां एक राष्ट्रीय चैनल के पत्रकार को डीएम जिला बदर कर दिया इसलिए कि वो रोज एफसीआई गोदाम पहुंच कर उगाही करना चाह रहे थे।

यही हाल सूचना का अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले अधिकांश आरटीआई कार्यकर्ता का हर पंचायत में आपको दो चार मिल जाएगा जिसका दिन भर काम यही है सूचना मांगना और पैसा लेना और यही वजह है कि यह कानून ही निष्प्रभावी हो गया ।ऐसे में समाज भी तय नहीं पा रही है कि असली कौन है और नकली कौन है और इसी का फायदा सिस्टम उठा रहा है ।

ऐसे में भ्रष्टाचार और जुल्म के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए संगठित होने कि जरूरत है आज हो क्या रहा है भ्रष्टाचार और गलत काम करने वालो को बचाने के लिए सारा चोर एक साथ खड़ा हो जा रहा है लेकिन सही के लिए लड़ाई लड़ने वाले अक्सर अकेले पड़ जाता है ।

हाईकोर्ट ने पूर्वी चम्पारण के केसरिया ज़िला परिषद के चुनाव में उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि के समक्ष मतगणना नहीं होने के मामले पर की सुनवाई

पटना हाईकोर्ट ने पूर्व चम्पारण के केसरिया ज़िला परिषद के चुनाव में उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि के समक्ष मतगणना नहीं होने के मामले पर सुनवाई की।हेमंत कुमार की जनहित याचिका पर जस्टिस राजन गुप्ता की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को मतगणना के समय वीडिओ और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
इस जनहित याचिका में यह आरोप लगाया गया कि चुनाव के बाद हुए मतगणना के दौरान न तो उम्मीदवार उपस्थित थे और न ही उनके प्रतिनिधि।मतगणना उनके अनुपस्थिति में हुआ और बाद में एक चार्ट में मतगणना का परिणाम दे दिया गया।

राज्य निर्वाचन आयोग के वरीय अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया गया कि चुनाव के बाद मतगणना नियमानुकूल हुई।इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई।साथ ही सारी मतगणना प्रक्रिया का वीडिओ और सीसीटीवी फुटेज मौजूद है।

इस पर कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि मतगणना से सम्बंधित वीडिओ और सीसी टीवी फुटेज की जांच व् परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करें।इसके साथ ही कोर्ट ने मामले को निष्पादित कर दिया।

अपराधिक घटनाओं से जुड़े मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर हाईकोर्ट सख्त

पटना हाईकोर्ट में राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों से जारी की जाने वाली मेडिकल,इंजुरी व पोस्टमार्टम रिपोर्ट को computerised (डिजिटल) करने के जनहित याचिका दायर किया गया है।ये जनहित याचिका अधिवक्ता ओम प्रकाश ने दायर किया है।

उन्होंने इस जनहित याचिका में यह आरोप लगाया कि अधिकतर सरकारी और निजी अस्पतालों से निर्गत मेडिकल,इंजुरी व पोस्टमॉर्टम हस्तलिखित होता हैं।इससे न सिर्फ पढ़ने में कठिनाई होती है, बल्कि सही अर्थ भी नहीं निकल पाता है।
रिपोर्ट की लिखावट स्पष्ट नहीं होने के कारण पढ़ने में बहुत मुश्किलें होती है।यहीं रिपोर्ट पुलिस थाना से होते हुए कोर्ट में आता है।यहाँ इस तरह के रिपोर्ट पढ़ने में मुश्किल होने के कारण न्यायिक प्रक्रिया मे बाधा उत्पन्न होता हैं।

इससे पूर्व 16 दिसंबर,2020 को याचिकाकर्ता ने इस सम्बन्ध में जनहित याचिका दायर किया था।हाईकोर्ट ने इस मामले पर सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिकाकर्ता को राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को इस सम्बन्ध में अभ्यावेदन दायर करने का आदेश दिया था।साथ ही सम्बंधित अधिकारी को यह निर्देश दिया था कि इस मामले में विचार कर दो माह में निर्णय लें।लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट के निर्देश के अनुसार इस सम्बन्ध में याचिककर्ता दुबारा हाईकोर्ट के समक्ष ये मामला विचार के लिए रखा।

पत्रकार हत्याकांड के खिलाफ परिजन उतरे सड़क पर कहां पुलिस दोषी को बचाने में लगी है

पत्रकार अविनाश कुमार उर्फ बुद्धिनाथ झा की हत्या को लेकर आज भी पूरे बिहार में हंगामा जारी रहा वहीं अविनाश के परिजन मधुबनी पुलिस के कार्यशैली को लेकर सड़क पर उतर आये और थाने के सामने सड़क पर बैठकर परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया।

अविनाश सोशल मीडिया पर खबरों का चैनल चलाते थे। साथ ही वे नवजातों की थेरेपी का क्लीनिक भी चलाते थे। परिजनों का आरोप है कि अविनाश बेनीपटट्टी के कई फर्जी नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई के लिए कागजी प्रक्रिया कर रहे थे, इसलिए उनकी हत्या की गई है।

पुलिस ने इस मामले में नर्स समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। बेनीपट्टी एसडीपीओ अरुण कुमार सिंह ने जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने का दावा भी किया है। उन्होंने बताया कि अविनाश झा हत्याकांड में अरेर थाना क्षेत्र के अतरौली की पूर्णकला देवी, बेनीपट्टी के रोशन कुमार साह, बिट्टू कुमार पंडित, दीपक कुमार पंडित, पवन कुमार पंडित व मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया है। सभी से सघन पूछताछ की जा रही है। हत्या मामले में पुलिस प्रेम प्रसंग और नर्सिंग होम संचालकों की संलिप्तता दोनों बिन्दुओं पर जांच कर रही है।

बिहार के विकास का सच आया सामने

विधानसभा के आम चुनाव में देरी है। सो, तारापुर-कुशेश्वरस्थान के उप चुनाव को मिनी आम चुनाव तो नहीं, रिहर्सल कह सकते हैं। उप चुनाव के अनुभव से आम चुनाव के लिए सटीक पात्र तय होंगे। विषय वस्तु का निर्धारण होगा। दर्शकों की रुचि की विविधता को देखते हुए कुछ रोचक पटकथा लिखी जाएगी। तारापुर में जदयू और राजद-दोनों ने कठोर श्रम किया।

हाल के दिनों का यह पहला उप चुनाव था, जिसमें हर घर नेता पहुंचे। कड़ी मेहनत किसे कहते हैं, इसका अहसास सभी दलों को हुआ।जदयू के नए बने राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह इसी क्षेत्र में बंधे रहे। भवन निर्माण मंत्री डा. अशोक चौधरी प्रभारी बनाए गए थे।

चुनाव के दौरान वह एक दिन के लिए भी पटना नहीं आए। मतदान के दिन भी वे जमुई जिले में बैठे थे। राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने रोड शो किया। केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने कई गांवों में गए। पार्टी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा इस क्षेत्र के गांवों में गए।

विधानसभा के पिछले चुनाव में रालोसपा उम्मीदवार को पांच हजार से अधिक वोट मिले थे। कुशवाहा ने इन वोटरों को जदयू में हस्तांतरित कराने की पूरी कोशिश की। सरकार का शायद ही कोई मंत्री और जदयू का सांसद या विधायक हो, जिन्होंने उप चुनाव में वोट नहीं मांगा।

जाति बनाम विकास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नारा न्याय के साथ विकास है। चुनाव जीतने के लिए यह काफी नहीं होता है। इसलिए जिस जाति का गांव था, उसी जाति के नेता की ड्यूटी लगाई गई। प्रचार के दौरान यह भी पता चला कि अंदरूनी हिस्से में विकास की रफ्तार ठीक नहीं है।

प्रचार के दौरान जदयू प्रवक्ता संजय सिंह को ग्रामीणों ने खराब सड़क की शिकायत की। ललन सिंह को कई जगहों पर कहना पड़ा कि प्राथमिकता के आधार पर अंदरूनी सड़कों की मरम्मत करा देंगे। इसके अलावा अफसरों की काम टालू प्रवृति और रिश्वखोरी की शिकायतें भी इफरात में मिली। सवाल उठता है कि किसी एक क्षेत्र में इतनी मेहनत आम चुनाव में भी संभव है क्या?

तेजस्वी को शुद्ध लाभ
कड़ी मेहनत के बावजूद राजद चुनाव हार गया। जदयू की तरह उसके भी विधायक-पूर्व विधायक पंचायतों में भर चुनाव मौजूद रहे। तेजस्वी यादव ने अकेले चुनाव लड़ने और अपने समीकरण से बाहर का उम्मीदवार देकर नया प्रयोग किया था। इन प्रयोगों पर उन्हें अफसोस करने की जरूरत नहीं है। तेजस्वी को शुद्ध लाभ यह हुआ कि परिवार ने भी उनके नेतृत्व को स्वीकार कर लिया।

विश्लेषण का एक पक्ष यह भी है कि राजद अपने संस्थापक लालू प्रसाद के दौर से निकल गया है। उनकी पुरानी शैली राजद के बदले प्रतिद्वंद्वी को लाभ पहुंचाती है। हां, लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को भी उप चुनाव से संदेश मिला-अकेले चलते रहे तो घाटे में ही रहेंगे।

लेखक –अरुण अशेष

रोड एक्सीडेंट मामले में बिहार देश में बना अव्वल

स्पीड का कहर जी है बिहार में इन दिनों अपराधिक घटनाओं से कही अधिक मौते स्पीड के कहर से हो रहा है आज सुबह से ही बिहार के अलग अलग हिस्सों से अभी तक एक दर्जन से अधिक लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत की खबर आ चुकी है वही कई लोग जिंदगी और मौत से जुझ रहे हैं ।

सुशांत सिंह राजपूत के रिश्तेदारों की सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत


सुबह सुबह आज लखीसराय जिले में हुए एक हादसे में (Lakhisarai Road Accident) जमुई जिले के खैरा थाना इलाके के भंडरा गांव के एक परिवार के छह लोगों की मौत हो गई. हादसे का शिकार हुए छह लोगों में से चार लोग सुशांत सिंह राजपूत के जीजा के रिश्तेदार थे. जीजा जी हरियाणा कैडर के डीजी रैक के अधिकारी ओमप्रकाश सिंह के चार रिश्तेदार इस दुर्घटना में मारे गए हैं.

ओमप्रकाश सिंह की बहन का अंतिम संस्कार कर उनकी बहन के पति अपने दो बेटे और एक बेटी समेत कुल 10 लोगों के साथ सुमो विक्टा में सवार थे जो अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद पटना से अपने घर लौट रहे थे. लखीसराय के पास उनकी गाड़ी सड़क हादसे का शिकार हो गई जिसमें 6 लोगों की मौत मौके पर ही हो गई जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों में दो लोगों को जमुई जबकि दो लोगों को पटना रेफर किया गया है.
दूसरी खबर बगहा से है जहां बगहा नगर थाना के सिकटिया मच्छरगावा गांव के समीप तेज गति से आ रहे बाइक व बैल गाड़ी के आमने सामने हुई भिड़ंत में एक की मौत हो गई। वही दो लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज स्थानीय स्तर पर चल रहा है। मृतक चिउटांहा थाना क्षेत्र के रतनपुरवा के निवासी मृतक अतुल कुमार है जो अपने मां बाप के एकलौता संतान था।
तीसरी खबर कटिहार के पोठिया प्रखंड से कुरसेला से आ रही है अनियंत्रित मारुति कार पेड़ से टकराई,जिसमे कार में सवार एक दिव्यांग महिला की मौत इलाज के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हो गयी ,जबकि चालक गंभीर रूप से घायल है,मृतक फारबिसगंज के बताए जा रहे है और अपने घर से महेशखूंट जा रहे थे,घटना कुर्सेला के महेशपुर के समीप की है
चौथी खबर गोपालगंज से आ रही है जहां मीरगंज थाना के नरैनिया एसबीआई बैक के पास एक जिला प्रशासन लिखी तेज़ रफ़्तार अनियंत्रित गाडी ने एक बाइक को कुचल दिया। घटना स्थल पर ही बाइक सवार की मौत हो गयी। वहीं दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया। मृतक की पहचान मीरगंज थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव निवासी कपिल देव पंडित के पुत्र हरि किशुन पंडित के तौर पर हुई है। घायल युवक नगर थाना के गोसाई टोला निवासी घोघी पण्डित के पुत्र मुंद्रिका पण्डित है।

बिहार में शराबबंदी को लेकर पत्रकार का पत्र सीएम के नाम

राज्य के मुख्यमंत्री के नाम एक पत्रकार का पत्र

नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री , बिहार

आज के सभी अखबारों में शराबबंदी को लेकर आपका एक संदेश छपा है जिसमें शराबबंदी को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव है ।साथ ही आज आप शराबबंदी कानून को और प्रभावी ढंग से कैसे लागू किया जाये इस पर बैठक करने वाले हैं ।
शायद आपको याद नहीं होगा लेकिन मुझे पूरी तौर पर याद है जब आपकी सरकार ने बिहार के गांव गांव में शराब बिक्री केन्द्र खोलने का निर्णय लिया था उस निर्णय के एक वर्ष पूरे होने पर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग द्वारा अभियंता भवन में बड़े स्तर पर मध निषेध दिवस का आयोजन किया गया था ।
कार्यक्रम के समापन के बाद चलते चलते मैंने आपसे एक सवाल किया था एक तरफ आप शराब से होने वाले नुकसान को लेकर आज पूरे बिहार में मध निषेध दिवस मना रहे हैं दूसरी और गांव गांव में आप शराब बिक्री केन्द्र खोल रहे हैं जिस वजह से गांव स्तर पर शराब पीने वाले एक नये वर्ग का उदय हुआ, घरेलू हिंसा और अन्य अपराध में काफी वृद्धि हुई है और गांव की शांति समाप्त हो गयी है ।
आप हंसते हुए उस समय के उत्पाद एवं मद्य निषेध विजेंद्र यादव की ओर देखते हुए कहा था विजेंद्र बाबू संतोष जी के सवाल का जबाव दीजिए, ऐसा लगा मंत्री जी इस सवाल के जबाव को लेकर पूरी तैयारी के साथ कार्यक्रम में भाग लेने आये थे ।
मंत्री जी बोलने लगे महाराष्ट्र ,हरियाणा ,पंजाब और उत्तर प्रदेश में आबादी के हिसाब से जितनी दुकाने हैं उससे आज भी बिहार में आधे से कम शराब की दुकाने हैं अभी भी बिहार में और शराब की दुकाने खोलने पर सरकार विचार कर रही है और बात घरेलू हिंसा कि है तो इसलिए तो आज पूरे बिहार में स्कूल स्तर पर भी मध निषेध दिवस मनाया जा रहा है ताकी लोगों में जागरुकता आ सके कि शराब पीना से सेहत और परिवार का कितना नुकसान होता है ।
खैर अब इन सवालों का कोई मतलब नहीं रह गया है बात अब हम शराबबंदी कानून को लेकर करते हैं पहली बात आपके जानकारी के लिए पत्रकार होने के बावजूद शराब के एक बूंद का सेवन मैंने अभी तक नहीं किया हूं ।
मैं ही नहीं मेरे पूरे परिवार में चाहे वो बहन का पक्ष हो ,ससुराल का पक्ष हो, ननिहाल का पक्ष हो स्थिति यह है कोई लेता भी होगा तो पता किसी को नहीं है शराब को लेकर यह धरना आज भी है इसलिए शराबबंदी कानून के पक्षकार में भी हूं लोग इस कानून की जीतनी भी आलोचना कर ले आज भी कितने भी रसुख वाले लोग क्यों ना हो शराब पीकर चौक चौहारे पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता है पीये हुए हैं तो साइज में है यह स्थिति अभी भी है।
वहीं दूसरी ओर सच्चाई यह भी सच्चाई है कि शराब बिहार के हर गांव में उपलब्ध है और जब चाहे आपको आपके घर पहुंचा दिया जायेगा और यह सब पुलिस और उत्पाद विभाग से जुड़े कर्मियों के सहयोग से ही चल रहा है और इसको रोकना आपके बस में नहीं है क्यों कि इस धंधे ने पूरे बिहार में एक ऐसा नेटवर्क खड़ा कर दिया है जिसको तोड़ना सम्भव नहीं है कुछ दिन पहले तक इस खेल में पुलिस मुख्यालय के आलाधिकारी भी शामिल थे लेकिन फिलहाल वैसी स्थिति नहीं है लेकिन अवैध शराब से जो कमाई हो रही है उसका हिस्सा गांव के चौकीदार से लेकर पटना तक पहुंचता है ।
आज बिहार का हर थाना धनबाद के किसी भी थाने से कम नहीं है बिहार के अधिकांश जिलों का हाल यह है कि इन दिनों धनबाद भी फेल है थाने की बोली लाखो में लगती है और फिर महिना अलग से आपको जानकारी में हो या नहीं हो सीनियर अधिकारी से लेकर थाने स्तर पर पोस्टिंग के लिए पटना में एक लाँबी काम कर रही है हलांकि इसको आप तोड़ सकते हैं ।
लेकिन शराब के अवैध कारोबार की वजह से गांव गांव में शराब कारोबारी पैदा हो गया जो लाखो में खेल रहा है और अब स्थिति यह है कि हर गांव में एक अलग तरह का अर्थतंत्र पैदा ले लिया है जो गांव की पूरी व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है।
मुख्यमंत्री जी आपके जानकारी के लिए इस बार के पंचायत चुनाव में 500 करोड़ से अधिक की राशी मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए उम्मीदवारों की और से खर्च किया गया है और इसमें शराब कारोबारी सबसे आगे हैं कैमूर से शुरु करिए और किशनगंज पहुंच जाइए बगहा से शुरु करिए वैशाली पहुंच जाइए कई शराब माफिया तो जेल में रहते हुए चुनाव जीता है ।
हलात यह है कि पंचायत में दो तरह के माफिया पैसा लूटा रहा है एक तरफ शराब माफिया पैसा बहा रहा है तो दूसरी और हर घर नल जल योजना को लूटने वाला मुखिया है एक एक पंचायत में मुखिया उम्मीदवार 40 से 50 लाख रुपया खर्च किया है,बड़ी संख्या में शराब कारोबारी चुनाव जीत कर आया है हाल ही छठ के दौरान बिहार के कई अधिकारियों से मिलने के मौका मिला जब इस विषय पर चर्चा हुई तो उन्होंने कहा कि संतोष जी जिस शराब माफिया को पकड़ने के लिए खगड़िया ,बेगूसराय और समस्तीपुर की पुलिस परेशान था दो माह पूर्व वो पकड़ा गया अभी जेल में बंद है और कल वो जेल में रहते मुखिया का चुनाव जीत गया है ।
हर पंचायत का यही हाल है हर पद पर शराब कोराबारी चुनाव लड़ रहा है ऐसे में पुलिस और प्रशासन क्या करेंगा कल वो प्रखंड प्रमुख बनेगा ,जिला परिषद का अध्यक्ष बनेगा ,मुखिया बन ही गया है ऐसे में इन लोगों पर कार्रवाई करना और मुश्किल हो जायेंगा अवैध पैसा का इस्तमाल इस स्तर पर होने लगा है ।
पुलिस के आलाधिकारी का कहना है कि शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई करना बहुत मुश्किल होता जा रहा है जो थानेदार हाथ डालता है उसके क्षेत्र में अलग तरह का क्राइम बढ़ जाता है कोई भी घटना घटती है ऐसे तत्व पुलिस पर हमला कराने में जुट जाता है बहुत मुश्किल होता जा रहा है फिल्ड में काम करना।
छठ के दौरान बेगूसराय के बखरी में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गयी और इस घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने बखरी के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (डीएसपी) के सरकारी आवास पर हमला बोल दिया उस वक्त उनकी पत्नी और बच्चा घर में मौजूद था वो चिखती और चिल्लाती रही और भीड़ आवास में तोड़फोड़ करता रहा तत्तकालिक कारण जो भी रहा लेकिन उस हंगामे में शराब माफिया की बड़ी भूमिका थी ।
आये दिन पुलिस को लोग पीट रहे है कही पैर में बांध कर तो कही बिजली के खम्भे में बांध कर पिटाई करते वीडियो वाइरल हो रहा है यू कहे तो सरकार का इकबाल खतरे में है ऐसे में ये अब आपके जिद्द से राज्य को नुकसान हो रहा है कानून का राज खतरे में है ,पूरी व्यवस्था भ्रष्ट होने के कगार पर है ऐसे में शराबबंदी कानून पर नये सिरे से सोचने कि जरुरत है ।

3270 स्थाई आयुष चिकित्सकों नियुक्ति शीघ्रः मंगल पाण्डेय

3270 स्थाई आयुष चिकित्सकों नियुक्ति शीघ्रः मंगल पाण्डेय
प्रदेश के लोगों में देसी चिकित्सा के प्रति बढ़ रहा विश्वास

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में देसी चिकित्सा पद्धति को विकसित करने का लगातार प्रयास कर रही है। साथ ही आयुष अस्पतालों की स्थिति को सुधारने के लिए भी कवायद चल रही है। इसके तहत देसी चिकित्सा कॉलेज और अस्पतालों को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके लिए आधारभूत संरचनाओं को मजबूत और चिकित्सको के रिक्त पदों पर नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि अगले साल जनवरी तक 3270 आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी।
श्री पांडेय ने कहा कि आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथिक चिकित्सकों की 3270 पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना बिहार तकनीकी सेवा आयोग को भेजी गयी थी। इसके आलोक में आयोग द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। कुल 3270 पदों में से 50 फीसदी यानि 1635 पर आयुर्वेद, 30 फीसदी यानि 981 पर होमियोपैथी और 20 फीसदी यानि 654 पदों पर यूनानी चिकित्सक नियुक्त किये जाएंगे। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में आयुष चिकित्सा के प्रति भी लोगों का आकर्षण बढ़ा है। राज्य आयुष समिति की रिपोर्ट भी इस बात की तस्दीक करती है कि प्रदेश के लोग एलोपैथी के साथ-साथ आयुष चिकित्सा को एक बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
श्री पाण्डेय ने कहा कि आयुष चिकित्सा के विकास-विस्तार एवं इसकी सुविधा जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। राज्य के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 1384 आयुष चिकित्सकों का चयन कर नियोजन किया गया है। आयुर्वेदिक के 704, होमियोपैथी के 428 व यूनानी के 252 चिकित्सक हैं। 3270 नियमित आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति होने से राज्य के लोग और बेहतर तरीके से अपना देसी चिकित्सा पद्धति से उपचार करा सकेंगे। इन चिकित्सकों की नियुक्ति आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक और यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के साथ-साथ अन्य अस्पतालों में की जाएगी।

छिटपुट घटनाओं को छोड़ पंचायत चुनाव का सातवा चरण का मतदान सम्पन्न

बिहार पंचायत चुनाव में सातवें चरण की सीटों पर मतदान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया है । आज 37 जिलों के 63 प्रखंडों के 903 पंचायतों में वोटिंग हुई है आज के वोटिंग में भी महिलाए बढ़ चढ़ कर हिस्सा ली है । आज के मतदान का मतगणना17 और 18 नवंबर को होगी। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार सातवें चरण के मतदान में भी मतदाताओं ने जमकर उत्साह दिखाया 65 से 70 प्रतिशत मतदान की खबर है और अभी भी कई मतदान केन्द्रों पर अभी भी वोटिंग चल रही है ।आयोग के अनुसार आज के वोटिंग में 7 जगह ईवीएम खराब हुए हैं,मतदान केंद्र पर मारपीट हंगामा की तीन घटनाएं घटी है, बोगस वोटिंग के दो मामले हुए हैं बूथ कैपचरिंग के तीन मामले हुए हैं ।

ईवीएम अंधेरे में होने के 1 मामले सामने आए हैं,मतदान केंद्र पर विधुत व्यवस्था नहीं होने के 1 मामले सामने आए हैं वही कुछ नेपाली उपद्रवियों द्वारा मतदान केंद्र पर हंगामा बूथ कैपचरिंग का एक मामला सामने आया है।इन सभी मामलों को लेकर आयोग गंभीर है अभी तक प्राप्त शिकायत के आधार पर3 बूथो पर पुनर्मतदान का निर्णय आयोग ने लिया है ।

आज के मतदान में क्या खास रहा

1– सीतामढ़ी के सुरसंड प्रखंड बूथ संख्या 199 पर EVM खराब हो गया था इस वजह से प्रत्याशियों ने जमकर हंगामा किया ।

2–छपरा की नगरा पंचायत की सरपंच चंदू देवी के पति वोटिंग के दौरान शराब की बोतल के साथ गिरफ्तार। नशे में धुत सरपंच पति पर शराब और पैसे बांटने का आरोप

3–अररिया के रामपुर उत्तर बूथ संख्या 91 पर ईवीएम खराब होने के चलते दो घंटे तक मतदान बाधित रहा।

4—अररिया के फ़ारबिसगंज प्रखंड के रामपुर दक्षिण बूथ नंबर 104 पर बायोमेट्रिक नहीं होने पर लोगों ने हंगामा किया।

5—पूर्वी चंपारण के छौड़ादानो प्रखंड क्षेत्र के जुआफर गांव में मतदान के दौरान पुलिस व पब्लिक के बीच झड़प के बाद पहुंचे पुलिस अधीक्षक नवीन चंद्र झा ने दबंग निवर्तमान मुखिया व मुखिया प्रत्याशी सोनू कुमार उर्फ सोनू मुखिया सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मतदान के दौरान पुलिस से झड़प के दौरान पुलिस टीम पर पथराव भी हुआ था। इस झड़प में कुछ पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे और कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।

6———-सीतामढ़ी जिले के सुरसंड के दिवारी मतौना टोला प्राथमिक विद्यालय बूथ नंबर 189 क पर फर्जी मतदाता द्वारा मतदान करने को लेकर दो प्रत्याशियों के पोलिंग एजेंट आपस में भिड़े । पुलिस ने एक पोलिंग एजेंट मनजीत राय को हिरासत में लिया। दूसरा फरार हो गया। पुलिस कर रही तलाश।

7———भागलपुर में बड़ी कार्रवाई! एसएसपी निताशा गुड़िया ने मतदान प्रभावित होने से रोकने के लिए चार लोगों को हिरासत में लिया है। उन्हें मतदान खत्म होने के बाद छोड़ा जाएगा। एसएसपी के आदेश पर बूथ संख्या 78 के पास से हिरासत में लिए गए पप्पू सिंह।

8—-लखीसराय के सूर्यगढ़ा प्रखंड की चंदनपुरा पंचायत के मानो गाव में मुखिया प्रत्‍याशियों के दो गुटों के बीच झड़प हो गई है। इसमें कई लोग इसमें जख्मी हो गए हैं। पुलिस ने उपद्रवी तत्‍वों को बूथ के पास से खदेड़कर भगा दिया है।

9—दरभंगा के केवती में पंचायत चुनाव की वोटिंग के दौरान दो गांव के लोगों को बीच भिड़ंत हो गई. बोगस वोटिंग के आरोपों के बाद समैला के उसराहि मदरसे के पास समेला गांव और लालगंज गांव के लोगों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें 6 लोग घायल हो गए. कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई ।

10—हाजीपुर के भगवानपुर में पंचायत चुनाव की वोटिंग के दौरान बिठौली में बूथ नंबर 122 पर दो पक्षों में भिड़ंत हो गई. बूथ पर भारी हंगामा हुआ. पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है ।

11—मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड के पिपरौन पंचायत में सोमवार को सातवें चरण में 6 पदों के लिए मतदान हुआ. पिपरौन पंचायत बूथ नंबर 134, 135, 136 पर हंगामे की खबर के बाद स्थानीय लोगों ने मिलकर मामले को शांत किया. वहीं प्रत्याशियों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया है ।

जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में 121 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज 4 देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए। ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 121 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

आज जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, पथ निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, परिवहन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग योजना एवं विकास विभाग, पर्यटन विभाग, भवन निर्माण विभाग, वाणिज्य कर विभाग, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग, गन्ना (उद्योग) विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी।

‘जनता दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में गोपालगंज से आए एक युवक ने बताया कि वर्ष 2013 में उसने बिजली का कनेक्शन लिया था। वह बिजली बिल का नियमित भुगतान करता है। बावजूद इसके उसे एक माह का बहुत अधिक बिल भेज दिया गया और संबंधित विभाग के oo द्वारा तंग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इसकी जांच कर समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। रोहतास जिले से आयीं एक वार्ड सदस्या ने मुख्यमंत्री को बताया कि नल-जल योजना की सारी राशि मुखिया द्वारा निकासी कर ली गई है। योजना के तहत सही तरीके से काम भी नहीं कराया गया है। वहीं समस्तीपुर से आए एक शख्स ने बताया कि 35-40 वर्ष पूर्व उनके गांव की सड़क बनाई गई थी। अब यह सड़क पूरी तरह बदहाल हो गई है।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

छपरा से आये एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि परिवहन विभाग ने निजी फिटनेस केंद्र को कार्यपालक के आदेश से बंद दिया है। फिटनेस सेंटर बंद होने से बिना फिटनेस के ही सड़कों पर गाड़ियां दौड़ रही हैं। फिटनेस सेंटर के बंद होने से बहुत सारे लोग बेरोजगार हो गये हैं। 

मुख्यमंत्री ने फरियादी की शिकायत सुनने के उपरांत  संबंधित विभाग को मामले की जांच कर न्यायोचित कदम उठाने का निर्देश दिया। कटिहार के एक युवक द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने के संबंध में शिकायत की तो वहीं गोपालगंज के एक व्यक्ति ने ऊर्जा विभाग से अवकाश प्राप्त करने के बाद उन्हें पेंशन, जी०पी०एफ० एवं ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बांका के एक व्यक्ति जन वितरण प्रणाली द्वारा अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्यान्न का वितरण नहीं किए जाने की शिकायत की तो वहीं शिवहर की एक महिला ने शौचालय निर्माण कराने के दो वर्ष बाद भी राशि नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

पूर्णिया के एक व्यक्ति ने गुलाबबाग में वर्षों से बंद पड़े जलमीनार को चालू करने के संबंध में शिकायत की और कहा कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने में दिक्कत हो रही है। वहीं पूर्वी चंपारण के एक शिकायतकर्ता ने शिकायत करते हुए कहा कि लाइसेंस प्राप्त उनके आरा मशीन को अनुचित तरीके से बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

पटना सदर के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि उद्योग विभाग द्वारा बिहार राज्य हस्तकरघा बुनकर सहयोग समिति संघ लिमिटेड के खाता पर रोक लगा दी है, जिससे सतरंगी चादर का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है और बुनकरों के काम में दिक्कत हो रही है। वहीं किशनगंज के एक व्यक्ति ने महानंदा नदी पर ठाकुरगंज प्रखंड खरखरी एवं भेरभेरी के बीच पुल निर्माण को लेकर आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।

 प्रदेश के बलिया जिले से आए एक बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वे बिहार में सरकारी कर्मी थे और इसी साल सेवानिवृत्त हुये हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि कुछ दिनों से उनको मिलने वाली पेंशन में कटौती कर दी गई है। मुख्यममंत्री ने संबंधित विभाग को पूरे मामले की जांचकर समस्या समाधान करने का निर्देश दिया।

शराबबंदी को लेकर नीतीश कुमार कल करेंगे समीक्षा बैठक कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराब बंदी की समीक्षा करने जा रहे हैं इसको लेकर आज मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने दो टुक कह दिया कि मेरे रहते शराबबंदी कानून के वापस होने का सवाल ही पैदा नहीं होगा है इतना ही नहीं नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शराबबंदी कानून में कोताही बरतने वाले पदाधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शराबबंदी को लेकर एक्शन में नीतीश कुमार

साथ ही शराब का सेवन लोग नहीं करें इसको लेकर जागरूकता अभियान चलेगा।बैठक में सभी मंत्री, पदाधिकारी और डीएम-एसपी बैठक में मौजूद रहेंगे।

मेरे रहते शराबबंदी कानून को वापस लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता


वही समीक्षा बैठक पर तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि यह समीक्षा नहीं भिक्षा बैठक है जहां आरसीपी टैक्स की वसूली होगी ,अभी तक जितनी भी समीक्षा बैठक हुई है उसका क्या रिजल्ट निकला है देख लीजिए बिहार का सारा शराब माफिया और पदाधिकारी सीधे सीएम आवास से जुड़ा है ।

देश में बिहार नजीर पेश करता रहा है शराबबंदी भी सफल होगा
शराबबंदी फेल होने को लेकर नीतीश जिम्मेवार

कंगना का बयान बस खबर में बने रहने के लिए है ।

कंगना रनौत के ‘भीख में आज़ादी’ वाले बयान

कंगना का बयान चलाने वाले मीडिया को नीतीश ने दी सलाह


पर जमकर बरसे नीतीश कुमार कुमार कहां मीडिया इसको दिखाया कैसी कैसे खबर चलाया ऐसे लोग खबर आने के लिए कुछ भी कर सकती है ।

बिहार पंचायत चुनाव में सातवें चरण की सीटों पर मतदान जारी 37 जिलों के 63 प्रखंडों के 903 पंचायतों में हो रही है वोटिंग

बिहार पंचायत चुनाव में सातवें चरण की सीटों पर मतदान जारी है।सुबह से ही अधिकांश मतदान केन्द्रों पर लम्बी कतारे देखी जा रही है ,आज 37 जिलों के 63 प्रखंडों के 903 पंचायतों में वोटिंग हो रही है। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक सातवें चरण के 3389 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो गया है। इस बार 1 लाख 8 हजार 61 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में कुल 72 लाख 85 हजार 589 मतदाता मतदान कर रहे हैं। इसमें 34 लाख 50 हजार 436 महिला मतदाता जबकि 38 लाख 34 हजार 881 पुरूष मतदाता हैं। 8232 भवनों में कुल 12,822 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

सातवें चरण में कुल पदों की संख्या 27,730 है। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य पद की संख्या 12,272 है, ग्राम पंचायत मुखिया के 904 पद, पंचायत समिति सदस्य के लिए 1245, जिला परिषद सदस्य के 135 पद, ग्राम कचहरी सरपंच के 904 पद और ग्राम कचहरी पंच के 12,272 पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं।

11 बजे तक 20 प्रतिशत के करीब मतदान होने की खबर है

3389 पदों पर निर्विरोध हो चुका है निर्वाचन
सातवें चरण की सीटों पर 3389 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य के 134, पंचायत समिति सदस्य के 5, ग्राम कचहरी सरपंच के एक और ग्राम कचहरी पंच के 3249 पद शामिल हैं। इसके साथ कुल 217 पद ऐसे हैं, जहां किसी ने नामांकन नहीं किया है। लिहाजा ये पद रिक्त रह गए हैं। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य के 10 पद हैं और ग्राम कचहरी पंच के 207 पद हैं। वोटिंग सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक होगी।

1—आज जहां मतदान हो रहा है
पटना के फुलवारीशरीफ, दनियावां और पटना सदर प्रखंड की 28 पंचायतों में मतदान
बक्सर के चक्की और चौगाई प्रखंड की 9 पंचायतों में मतदान
रोहतास के शिवसागर और चेनारी प्रखंड की 26 पंचायतों में मतदान
नालंदा के चण्डी और नूरसराय प्रखंड की 30 पंचायतों में मतदान
कैमूर के भगवानपुर और रामपुर प्रखंड की 18 पंचायतों में मतदान
भोजपुर (आरा) के अगिऑव और संदेश प्रखंड की 26 पंचायतों में मतदान
गया के बोधगया, टनकुप्पा और डोभी प्रखंड की 36 पंचायतों में मतदान
नवादा के वारिसलीगंज और काशीचक प्रखंड की 23 पंचायतों में मतदान
औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड की 19 पंचायतों में मतदान
जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड की 22 पंचायतों में मतदान
सारण के रिविलगंज, जलालपुर और नगरा प्रखंड की 34 पंचायतों में मतदान
सिवान के गोरेयाकोठी और बसंतपुर प्रखंड की 30 पंचायतों में मतदान
गोपालगंज के कुचायकोट प्रखंड की 31 पंचायतों में मतदान
वैशाली के भगवानपुर और गौरोल प्रखंड की 33 पंचायतों में मतदान
मुजफ्फरपुर के कॉटी और मीणापुर प्रखंड की 60 पंचायतों में मतदान
पूर्वी चंपारण ( मोतीहारी ) के छौड़ादानो, संग्रामपुर और मेहसी प्रखंड की 42 पंचायतों में मतदान
बेतिया ( पश्चिम चम्पारण ) के सिकटा और मैनाटॉड़ प्रखंड की 32 पंचायतों में मतदान
सीतामढ़ी के सुरसण्ड, परसौनी और बैरगनिया प्रखंड की 30 पंचायतों में मतदान
शिवहर के शिवहर प्रखंड की 10 पंचायतों में चुनाव
दरभंगा के केवटी और जाले प्रखंड की 47 पंचायतों में मतदान
मधुबनी के हरलाखी और मधवापुर प्रखंड की 30 पंचायतों में मतदान
समस्तीपुर के सरायरंजन और मोरवा प्रखंड की 35 पंचायतों में मतदान
सुपौल के त्रिवेणीगंज प्रखंड की 23 पंचायतों में मतदान
सहरसा के बनमा ईटहरी प्रखंड की 7 पंचायतों में मतदान
मधेपुरा के बिहारीगंज प्रखंड की 10 पंचायतों में मतदान
किशनगंज के बहादुरगंज प्रखंड की 20 पंचायतों में मतदान
पूर्णिया के कसबा एवं जलालगढ़ प्रखंड की 22 पंचायतों में मतदान
कटिहार के अमदाबाद और मनिहारी प्रखंड की 25 पंचायतों में मतदान
अररिया के फारबिसगंज प्रखंड की 31 पंचायतों में मतदान
लखीसराय के सूर्यगढ़ा प्रखंड की 11 पंचायतों में मतदान
शेखपुरा के चेवाडा प्रखंड की 6 पंचायतों में मतदान
बेगूसराय के बेगूसराय प्रखंड की 25 पंचायतों में मतदान
खगड़िया की 12 पंचायतों में मतदान
मुंगेर के जमालपुर प्रखंड की 10 पंचायतों में मतदान
जमुई के झाझा प्रखंड की 20 पंचायतों में मतदान
भागलपुर के गोराडीह प्रखंड की 15 पंचायतों में मतदान
नवगछिया (पुलिस जिला) के रंगराचौक प्रखंड की 10 पंचायतों में मतदान
बांका के शंभूगंज प्रखंड की 19 पंचायतों में मतदान

1—1–समस्तीपुर में पंचायत चुनाव की वोट‍िंंग के दौरान मोरवा प्रखंड में दो बूथों पर हल्की झड़प हुई। स्थानीय लोगों ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर किसी तरह शांत कराया। बताया जा रहा है कि तिसवारा में मतदान केंद्र संख्या 101 पर दो पक्षों में मतदान को लेकर झड़प हुई। इससें कुछ देर के लिए मतदान बाधित हुआ। स्‍थानीय लोगों ने तुरंत बीच-बचाव कर दोनो पक्षों को शांत कराया। इसके बाद मतदान दोबारा शुरू कराया गया। इसी तरह बूथ नम्बर 117 पर भी मतदान को लेकर दो पक्षों में हल्की झड़प हुई लेकिन सुलह-समझौता करा दिया गया।

2—ईवीएम में खराबी की वजह से रतनपुर स्थित गंगेश्वरस्थान बूथ संख्या 309 पर मतदान आधा घंटा विलंब से शुरू हुआ।

3—पूर्वी चंपारण के छौड़ादानो के भतनहिया बूथ संख्‍या 138 पर मुखिया प्रत्‍याशी सर्मथको के बीच झड़प हुई। जिला परिषद सदस्‍य प्रत्‍याशी जीतेंद्र कुमार के पोलिंग एजेंट को मुखिया समर्थकों ने पीट दिया। मौके पर पुलिस पहुंची। अभी शांति है। मतदान बाधित नहीं हुआ है।

4—-पटना की कोरोयवं पंचायत में एक बूथ पर ईवीएम खराब है। कैमूर के रामपुर प्रखंड के सबार मध्य विद्यालय के पूर्वी भाग बूथ 73 पर भी ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के कारण मतदान 25 मिनट विलंब से शुरू हुआ।

5–गोपालगंज – पंचायत चुनाव अपडेट। उपद्रव मचाने के आरोप में अबतक 80 लोग लिए गए हिरासत में। कुचायकोट प्रखंड में हुई कारवाई। सदर एसडीएम उपेंद्र कुमार पाल ने दी जानकारी।

जहरीली शराब से मौत मामले में शुरु हुई कार्रवाई

जहरीली शराब से मौत मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 नवंबर को समीक्षा बैठक बुलाये हैं जिसमें सरकार के सभी सीनियर अधिकारी मौजूद रहेंगे इसको देखते हुए पूरे बिहार में शराब को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है इसी सिलसिले में बिहार सरकार के निबंधन उत्पाद व मधनिषेध मंत्री सुनील कुमार गोपालगंज पहुंचे और पूरे मामले की समीक्षा की सुनील कुमार खुद बिहार के सीनियर पुलिस पदाधिकारी रहे हैं और उनके बिहार पुलिस की बेहतर समझ भी है ।गोपालजंग पहुंचने के बाद डीएम एसपी ,उत्पाद अधीक्षक सहित सभी आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।


बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में जो दुखद घटना हुई हैं उसकी पुनरावृत्ति न हो और उस घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त करवाई की जाए इसको लेकर बैठक में चर्चा हुई है साथ ही आने वाले समय में इसके रोकथाम के लिए कौन से ऐसे कारगर उपाय किये जाये इस पर विचार किया गया है ।

जहानाबाद झोला छाप हत्याकांड मामले का पुलिस ने किया खुलासा

जहानाबाद की चर्चित झोला छाप डां की हत्या मामले में एसपी ने बड़ा खुलासा किया है हलांकि एसपी के खुलासे से परिवार वाले सहमत नहीं है ।
जहानाबाद नगर थाना क्षेत्र के निजामुद्दीन पुर के समीप धनतेरस की रात अपराधियों द्वारा सुनील मस्ताना नामक एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी इस घटना को लेकर इस घटना को लेकर जिले के एसपी दीपक रंजन के द्वारा लगातार हत्या के कारणों को हर बिंदु पर खंगालने में जुटी हुई थी और आज इस पूरे मामले में हत्याकांड में शामिल तीन अपराधियों को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है एसपी की माने तो इस हत्या का तार तंत्र मंत्र से जुड़ा है,जिसको लेकर हत्या की साजिश रची गई थी उन्होंने कहा कि एक अन्य महिला भी ओझा गुनी का कार्य करती थी और उसका यह धंधा सुनील मस्ताना की वजह से नही चल रहा था जिसके वजह से महिला के पुत्र ने हत्या की साजिश रही और घात लगाकर धनतेरस की रात अपनी पत्नी के साथ अपने दुकान जा रहे सुनील मस्ताना और उनकी पत्नी को गोली मार दी थी इस घटना में सुनील मस्ताना की मौत घटना स्थल पर ही हो गई थी जबकि मृतक की पत्नी गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी।

15 से 21 नवम्बर तक मनेगा राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताहः मंगल पांडेय

15 से 21 नवम्बर तक मनेगा राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताहः मंगल पांडेय
नवजात की समुचित देखभाल के लिए राज्य में चलेगा जागरुकता अभियान

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय कहा कि शिशु के पहले 28 दिन उसके अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण होते हैं और यह बच्चे के विकास की नींव रखते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवजात की समुचित देखभाल और उसके बचपन को खुशहाल बनाने के लिए जगरुकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। यह अभियान 15 से 21 नवंबर तक राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह के रूप में चलाया जाएगा।

श्री पांडेय ने कहा कि अभियान के तहत हर वर्ग को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा, जिसके जरिये शिशुओं को ‘आयुष्मान’ बनाया जा सके। एसआरएस 2018 के डाटा के अनुसार एक हजार में से करीब 25 बच्चों की जान जन्म से 28 दिनों के बीच ही चली जाती है। इसलिए नवजात शिशु की देखभाल के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना जरूरी है, ताकि नवजात का बचपन खुशहाल बन सके। इस सप्ताह के दौरान लोगों को नवजात शिशु स्वास्थ्य के साथ बेहतर देखभाल के बारे में जागरूक किया जाएगा। राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह के दौरान स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट का संचालन, न्यूबॉर्न केयर कॉर्नर को सशक्त करने के लिए एक्सपर्ट की टीम जिलों का दौरा करेगी। इसके अलावा समुदाय स्तर पर आशा दीदियों द्वारा संस्थागत प्रसव के प्रथम दिन के बाद से ही गृह भ्रमण कर स्वास्थ्य की नियमित देखभाल की जाती है। कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को भी इसके लिए जागरूक किया जाएगा, जिससे नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

श्री पांडेय ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बिहार में शिशु मृत्यु दर 29 प्रति हजार है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे 2019 की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि बिहार की शिशु मृत्यु दर 32 से 3 अंक घटकर राष्ट्रीय औसत से भी नीचे 29 पर पहुंच गई है। यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। सरकार के प्रयास का ही नतीजा है कि मातृत्व, शिशु और नवजात मृत्यु दर में निरंतर कमी आयी है।

जहरीली शराब से मौत का सिलसिला जारी पुलिस पर अनुसंधान में शिथिलता बरतने का है आरोप

जहरीली शराब से मौत का सिलसिला जारी है आज सुबह समस्तीपुर सरायरंजन थाना क्षेत्र के नरघोघी टोला खैरवन निवासी गांगो दास के पुत्र चंदन कुमार की जहराली शराब पीने से मौत हो गयी है और उसका दोस्त पंकज कुमार का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है जहां इसकी स्थिति गम्भीर बनी हुई है ।

मृतक के पिता गांगो दास ने कहा- ‘छठ पूजा के संध्या अर्घ्य के दिन 10 नवंबर की शाम उसने अपने दोस्त पंकज व गंगा राम के साथ दारू पी थी। इसके बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई।समस्तीपुर में अभी तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है ।

चिराग पासवान पहुंचे गोपालगंज नीतीश पर साधा निशाना


1- जहरीली शराब से मौत मामले की जांच को लेकर पुलिस गंभीर नहीं
कहने को जहरीली शराब से मौत मामले में पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद राज्य के सभी जिले में जहरीली शराब के खिलाफ बड़ी कारवाई चल रही है । पुलिस मुख्यालय की माते तो अभी तक 1313 छापेमारी हो चुकी है 487 मामले दर्ज किए जा चुके हैं 823 लोगों की गिरफ्तारी हुई है जबकि 16230 विदेशी शराब बरामद हुआ है 4510 देसी शराब बरामद हुआ है जबकि महुआ चुराई शराब 529 लीटर बरामद हुआ है महुआ जावा 14504 बरामद हुआ है इसके अलावा 86 वाहन जप्त किए गए हैं 8 लाख से ज्यादा रुपए बरामद किए गए ।

लेकिन इस मामले में अनुसंधान को लेकर पुलिस अभी भी संवेदनशील नहीं है गोपालगंज बेतिया और समस्तीपुर में जहराली शराब पीने से मौत हुई है उसको लेकर अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आयी है इसी तरह मुजफ्फरपुर जिले में शराब से मौत का सिलसिला जारी है और 13 दिन बीत गए, लेकिन सरैया शराब कांड में पुलिस ने अब तक एफएसएल की रिपोर्ट नहीं ले पाई है। एक्सपर्ट का मानना है कि पुलिस और एफएसएल टीम गंभीरता बरते तो मौके से जब्त शराब या शराब के बोतलों की एफएसएल रिपोर्ट 5 से 6 दिन में जारी हो सकती है। पुलिस अधिकारी अबतक केवल आशंकाओं के आधार पर ही मिथेनॉल से मौत की बात बता रहे हैं। घटना में मृत लोगों का एसकेएमसीएच में सभी का विसरा सुरक्षित रखा है। अब तक पुलिस ने विसरा भी प्राप्त नहीं किया है। इसे कोर्ट से अनुमति लेकर जांच के लिए एफएसएल भेजा जाना है। इसकी रिपोर्ट आने में भी महीना भर से अधिक लग सकता है।

शराब के खिलाफ राज्य में शुरु हुआ विशेष अभियान


2- शराब से मौत मामले में सियासत थमलने का नाम नहीं ले रहा है।

सरकार में शामिल बीजेपी जहराली शराब से मौत मामले में नीतीश कुमार को जब भी मौका मिला रहा है घेरने से परहेज नहीं कर रहा है .राजद, कांग्रेस और वामदल तो पहले से ही हमलावर था ।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद चिराग पासवान जहरीली शराब से मौत मामले में नीतीश कुमार पर सीधे सीधे हमला बोला है उन्होंने कहा कि बिहार सरकार शराबबंदी को लेकर सिर्फ नौटंकी कर रही है। शराबबंदी पूरे सूबे में पूरी तरह से फेल है। यह अधिकारियों के कमाई का साधन है और इस भ्रष्टाचार में सरकार भी लिप्त है । वे शुक्रवार की दोपहर बाद जिले के नौतन प्रखंड के तेल्हुआ गांव में जहरीली शराब पीकर मृत 16 लोगों के स्वजनों से मिलने के लिए पहुंचे थे। शराबकांड के मृतकों के स्वजनों से मिलकर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है।

उन्होंने जहरीली शराब से प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 25 लाख रुपये मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। कहा कि अगर सरकार इस मांग को पूरा नहीं करती है कि पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

मतदाता सूची में नाम दर्ज करने को लेकर शुरु हुआ मेगा अभियान

प्रमंडलीय आयुक्त पटना ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण/ विशेष अभियान दिवस के सफल एवं सुचारु आयोजन हेतु प्रमंडल के सभी डीएम, ईआरओ , राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

  • 1 नवंबर 2021 को मतदाता सूची के प्रारूप का हुआ प्रकाशन। -30 नवंबर 2021 तक दर्ज किया जा सकता है दावा एवं आपत्ति।
  • मृत मतदाता, स्थानांतरित मतदाता ,दोहरी प्रविष्टि का नोटिस देकर मतदाता सूची से होगी विलोपन की कार्रवाई।
  • 21 नवंबर को होगा विशेष अभियान दिवस का आयोजन।
  • मतदान केंद्रों पर बीएलओ रहेंगे मौजूद।
  • व्यापक प्रचार प्रसार करने तथा बीएलओ को घर-घर भ्रमण कर 21 नवंबर के बारे में अवगत कराने का दिया निर्देश।

-राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से लिया आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक।

प्रमंडलीय आयुक्त पटना श्री संजय कुमार अग्रवाल ने निर्वाचक सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम / विशेष अभियान दिवस के सफल एवं सुचारु संपादन कराने तथा उसे गति प्रदान करने हेतु प्रमंडल के सभी जिलाधिकारी, सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी /उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की गई तथा आवश्यक निर्देश दिया गया।

“कोई मतदाता नहीं छूटे” के उद्देश्य से मतदाता सूची का विशेष अभियान जारी।

1 नवंबर 2021 को मतदाता सूची का प्रारूप हुआ प्रकाशित।

30 नवंबर 2021 तक दर्ज किया जा सकता है दावा एवं आपत्ति

सभी डीएम/ ईआरओ को कार्य में तेजी लाने का दिया निर्देश।

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत अर्हता तिथि 1 नवंबर 2022 के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने ,शुद्धिकरण करने, आदि का कार्य जारी है। इस क्रम में 1 नवंबर 2021 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन हो चुका है तथा 30 नवंबर तक दावा/ आपत्ति किया जा सकता है ताकि योग्य मतदाता का वोटर लिस्ट में इंट्री किया जा सके। इसके लिए सभी जिलाधिकारी एवं निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया ।

मृत मतदाता/ स्थानांतरित मतदाता /दोहरी प्रविष्टि का विलोपन करने का दिया निर्देश

प्रमंडलीय आयुक्त ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को मृत मतदाताओं को चिन्हित करने तथा नोटिस देकर नियमानुसार विलोपन की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही किसी मतदाता का नाम एक जगह पर ही हो इसके लिए निर्वाचक सूची में मतदाता की दोहरी प्रविष्टि न रहे इसके लिए नोटिस देने तथा चिन्हित कर एक जगह से नाम विलोपित करने का निर्देश दिया।

महिला मतदाता की संख्या बढ़ाने तथा लिंगानुपात पर ध्यान देने का दिया निर्देश।

कॉलेजों में कैंप करने का दिया निर्देश

मतदाताओं की संख्या विशेषकर महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने हेतु कॉलेजों में कैंप आयोजित करने तथा बीएलओ को घर-घर भ्रमण कर महिलाओं का नाम जोड़ने हेतु सूची बनाने का निर्देश दिया। इस अभियान को गति प्रदान करने हेतु आयुक्त ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को अपने स्तर पर बीएलओ के साथ बैठक करने तथा उनका ब्रीफिंग कर प्रभावी गति प्रदान कराने का निर्देश दिया।

21 नवंबर को होगा विशेष अभियान दिवस

मतदान केंद्रों पर बीएलओ रहेंगे मौजूद।

व्यापक प्रचार प्रसार करने तथा बीएलओ को घर-घर भ्रमण कर विशेष अभियान दिवस की जानकारी देने का दिया निर्देश

सभी डीएम को प्रभावी मॉनिटरिंग कर सफल बनाने का दिया निर्देश

21 नवंबर को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान दिवस का आयोजन किया गया है इस दिन प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ उपस्थित रहेंगे तथा विहित प्रपत्र में फॉर्म प्राप्त करेंगे तथा मतदाताओं के पंजीकरण/ विलोपन /शुद्धिकरण की अपेक्षित कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने सभी जिलाधिकारी को
व्यापक प्रचार प्रसार करने तथा बीएलओ को घर-घर भ्रमण कर 21 नवंबर के विशेष अभियान दिवस के बारे में लोगों को जानकारी देने का निर्देश दिया।

राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से लिया गया आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक

आयुक्त ने राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से भी मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 30 नवंबर तक दावा आपत्ति दर्ज कराने तथा 21 नवंबर को विशेष अभियान दिवस के आयोजन के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही प्रतिनिधियों से आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किया गया।

बैठक में रोहतास, कैमूर ,भोजपुर एवं बक्सर के जिला पदाधिकारी, सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सभी उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा राजनीतिक दल के प्रतिनिधि तथा आयुक्त कार्यालय में क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी पटना प्रमंडल सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे

बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए बिहार की नदियों को जोड़ना ही समस्या का समाधान है –संजय झा

बिहार के जल-जीवन-हरियाली अभियान के लक्ष्य वैश्विक सम्मेलन COP26 के एजेंडे के अनुरूप: संजय झा


  • बिहार के जल संसाधन मंत्री ने दिल्ली में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठकों में हिस्सा लिया, बिहार का पक्ष रखा
  • नदियों को आपस में जोड़ने की योजनाओं और जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों पर हुई सार्थक चर्चा

* श्री संजय झा ने राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण के पटना कार्यालय और सुदृढ़ करने का किया अनुरोध

पटना।
विज्ञान भवन, नई दिल्ली में शुक्रवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (NWDA) की 35वीं वार्षिक सामान्य बैठक और नदियों को आपस में जोड़ने के लिए गठित विशेष समिति की 19वीं बैठक में बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने भी हिस्सा लिया। बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और जलशक्ति राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल के अलावा कई राज्यों के मंत्रियों और केंद्र तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

इन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठकों में श्री संजय झा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में उभरते संकट से निपटने के उपाय करने में बिहार अग्रणी प्रदेश रहा है। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में एक व्यापक एवं बहुआयामी अभियान ‘जल-जीवन-हरियाली’ की शुरुआत की गई है, जिसके अंतर्गत पौधारोपण, सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने, वर्षा जल के संचयन, तमाम मृतप्राय जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने आदि के लिए बड़े पैमाने पर काम हो रहे हैं। 2020 के जनवरी में बिहार के लगभग 5 करोड़ लोगों इस अभियान के समर्थन में विश्व के सबसे लंबे मानव श्रृंखला का निर्माण भी किया था। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के जरिये बिहार पूरी दुनिया के लिए नजीर पेश कर रहा है। इस अभियान के लक्ष्य अभी संपन्न हुए वैश्विक सम्मेलन COP26 के एजेंडा के अनुरूप हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी सोच के कारण जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा 24 सितंबर 2020 को आयोजित इंटरनेशनल राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में उन्हें ‘ग्लोबल क्लाइमेट लीडर’ पुकारा गया।
श्री झा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय-2 के अंतर्गत ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक गांव एवं टोलों का सर्वेक्षण कर कुल 29,952 सिंचाई योजनाओं का चयन किया गया है, जिस पर कार्यान्वयन की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बिहार में अब जलवायु के अनुकूल खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

नदियों को आपस में जोड़ने के मुद्दे पर श्री संजय झा ने कहा कि बिहार में बाढ़ और सुखाड़ की समस्या को कम करने के लिए राज्य के अंदर नदियों को जोड़ने की योजना तैयार करने का काम राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (NWDA) को दिया गया है और इसकी अच्छी प्रगति हो रही है। बिहार की कोशी मेची लिंक परियोजना को इन्वेस्टमेंट क्लियरेंस मिल चुका है और इसे राष्ट्रीय योजना में शामिल करने की अनुशंसा कर दी गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि कोशी-मेची लिंक परियोजना के लिए 90:10 के आधार पर केंद्रीय सहायता दी जाए। इस योजना से उत्तर पूर्वी बिहार के चार जिलों को काफी लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा जल संसाधन विभाग को निदेश दिया गया है कि छोटी-छोटी नदियों को जोड़ते हुए जल संरक्षण एवं किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य करें। उत्तर बिहार में बागमती, कमला एवं कोशी बेसिन और दक्षिण बिहार में पुनपुन, किउल-हरोहर बेसिन में छोटी-छोटी़ नदियों को आपस में जोड़ते हुए इन क्षेत्रों की बाढ़ की समस्या को दूर करने के साथ-साथ सिंचाई देने की योजनाओं की असीम संभावनाएं हैं।

श्री संजय झा ने इंट्रा स्टेट रिवर लिंकिंग के तहत बिहार की बागमती गंगा लिंक, बूढ़ी गंडक नून बाया गंगा लिंक और बागमती बूढ़ी गंडक लिंक योजना की संभाव्यता पर पुनर्विचार करने के लिए राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण को धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने अनुरोध किया अभिकरण पटना स्थित अपने अंचलीय कार्यालय को और सुदृढ़ करते हुए वहां पदाधिकारियों की कमी को दूर करे।

राज्य सरकार न्यूनतम 20 हजार और अधिकतम 5 लाख रुपये तक मिलगे सरकारी अनुदान

राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का करा रही इलाजः मंगल पांडेय
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से इलाज हेतु दी जा रही आर्थिक सहायता
इस साल अप्रैल से लेकर सितंबर तक 7342 मरीजों को मिली आर्थिक सहायता
न्यूनतम 20 हजार और अधिकतम 5 लाख रुपये तक मिलते हैं सरकारी अनुदान

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि गंभीर रोगों से पीड़ित गरीब मरीजों के बेहतर इलाज को लेकर राज्य सरकार मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इस कोष से 14 असाध्य बीमारियों के इलाज के लिए राशि दी जाती है। प्रदेश के अलावा प्रदेश के बाहर इलाज कराने पर भी कोष से सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत 20 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इस साल अप्रैल से लेकर सिंतंबर माह तक 7 हजार 342 मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 11 हजार 180 मरीज लाभान्वित हुए।

श्री पांडेय ने कहा कि कहा कि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष कमिटी की अनुशंसा पर सूची में शामिल 14 बीमारियों के अलावे भी अन्य दूसरी बीमारियों के इलाज के लिये सरकार की तरफ से एक लाख रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान है। सालाना ढाई लाख रुपये से कम आय तथा प्रदेश के सरकारी और सीजीएचएस से मान्यता प्राप्त अस्पताल में इलाज कराने वाले रोगी को ही सहायता दी जाती है। इन अस्पतालों से इलाज के लिए दूसरे प्रदेश में रेफर करने वाले रोगी को भी ह्ृदय रोग, कैंसर, कुल्हा रिप्लेसमेंट, घुटना रिप्लेसमेंट, नस रोग, एसिड अटैक से जख्मी, बोन मेरौ ट्रांसप्लान्ट, एड्स, हेपेटाइटिस, कोकिलेर इम्प्लांट, ट्रांस जेंडर सर्जरी, नेत्र रोग समेत चौदह तरह की बीमारियों के इलाज के लिए सरकारी सहायता दी जाती है।

श्री पांडेय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वास्थ्य विभाग में आर्थिक सहायता के लिए 13 हजार 155 आवेदन आये, जिसमें से 11 हजार 180 आवेदन स्वीकृत किये गए। इसके लिए सरकार की तरफ से 93 करोड़ 63 लाख दो हजार 500 रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। इस साल अप्रैल से लेकर सितंबर तक 8 हजार 583 आवेदन आये, जिसमें से स्वीकृत 7 हजार 342 मरीजों के इलाज मद में 65 करोड़ 30 लाख 38 हजार रुपये की मंजूरी प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को इलाज कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसका पूरा ख्याल रखता है।